UPI के चार्जेज पर NSE के सीईओ का बड़ा बयान, ब्रोकर और उनके क्लाइंट्स के बीच का मामला

NSE on UPI Charges: देश के सबसे बड़े एक्सचेंज एनएसई के एमडी और सीईओ आशीष चौहान का कहना है कि यूपीआई पेमेंट्स पर नए मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) को लेकर सरकार से कोई बातचीत नहीं हुई है। उनका कहना है कि यह मामला ब्रोकर्स और उनके क्लाइंट्स के बीच का है और इस बात की संभावना है कि वे इसका हल निकाल लेंगे। उन्होंने ये बातें एनएसई की बीएसई पर लिस्टिंग के एक दिन बाद पत्रकारों से बातचीत में कही। एनएसई के ₹1785 के शेयर ₹22,562 करोड़ के आईपीओ को 5 गुना से अधिक सब्सक्रिप्शन मिलने के बाद 24 सितंबर को 1% से कम प्रीमियम पर लिस्ट हुए थे।

UPI MDR पर क्या कहा NSE के सीईओ ने?

एनएसई के सीईओ आशीष चौहान ने कहा कि यूपीआई से जुड़े एमडीआर पर सरकार के साथ कोई चर्चा नहीं हुई है। उन्होंने आगे कहा कि यह NPCI (नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया) का फैसला है और अब हमें इंतजार करना होगा और देखना होगा। उन्होंने आगे कहा कि यह ब्रोकर और क्लाइंट के बीच का मामला लगता है और जो भी दिक्कत होगी, वे उसका कोई न कोई समाधान निकाल लेंगे।

बता दें कि एनपीसीआई ने यूपीआई ट्रांजैक्शन के लिए एक नया एमडीआर फ्रेमवर्क पेश किया है। इसके तहत कैपिटल-मार्केट ट्रांजैक्शन यानी कि स्टॉकब्रोकर, सिक्योरिटीज और म्यूचुअल फंड से जुड़े पेमेंट पर 0.02% का MDR लगेगा, जिसकी अधिकतम सीमा प्रति ट्रांजैक्शन ₹300 तय की गई है। नए चार्ज 15 अक्टूबर से लागू होंगे।

ब्रोडर लेवल पर बात करें तो यूपीआई फ्रेमवर्क में ₹2000 से अधिक के खास P2M (पर्सन-टू-मर्चेंट) ट्रांजैक्शन पर 0.4% एमडीआर का प्रावधान है, जबकि ₹2,000 तक के मर्चेंट यूपीआई पेमेंट और छोटे कारोबारियों के लिए जीरो-एमडीआर फ्रेमवर्क के तहत आने वाले ट्रांजैक्शन पर कोई चार्ज नहीं लगेगा। वित्त मंत्रालय का कहना है कि लगभग 96% P2M ट्राजैक्शन पर कोई असर नहीं पड़ेगा और ग्राहकों से एमडीआर हीं लिया जाएगा।

NSE IPO Listing: कैसा था स्टॉक मार्केट में शेयरों का पहला दिन

एनएसई की लिस्टिंग का लंबे समय से इंतजार हो रहा था और अब जाकर यह 24 सितंबर को लिस्ट हुआ। इसका इश्यू पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल का था और 5 गुना से अधिक भरने के बाद शेयरों ने आईपीओ निवेशकों को 1% से कम लिस्टिंग गेन दिया। हालांकि फिर इसने उड़ना भरने की कोशिश की। इसका ₹1785 का शेयर बीएसई पर ₹1800 के भाव पर लिस्ट होने के बाद ₹1878 की ऊंचाई तक पहुंचे थे यानी कि आईपीओ निवेशक 5% से अधिक मुनाफे तक पहुंचे थे।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Orient Cables IPO का GMP 25%, क्या दांव लगाने से होगी मोटी कमाई?

ओरिएंट केबल्स के आईपीओ को शानदार रिस्पॉन्स मिला है। 25 सितंबर को पहले दिन ही 1 बजे तक इश्यू 87 फीसदी सब्सक्राइब हो चुका था। यह इश्यू 552 करोड़ रुपये का है। कंपनी ने 258-272 रुपये का प्राइस बैंड तय किया है। इस इश्यू में 29 सितंबर तक बोली लगाई जा सकती है।

24 सितंबर को जीएमपी 41 फीसदी था

इनवेस्टरगेन के मुताबिक, इस शेयर पर ग्रे मार्केट प्रीमियम 25 फीसदी चल रहा है। 24 सितंबर को जीएमपी 41 फीसदी से ज्यादा था। अगर शेयर की लिस्टिंग जीएमपी के मुताबिक होती है तो इनवेस्टर्स को अच्छा मुनाफा हो सकता है। हालांकि, जीएमपी से शेयरों की लिस्टिंग का सिर्फ एक संकेत मिलता है। यह शेयर की लिस्टिंग प्राइस की गांरटी नहीं है।

आईपीओ में ऑफर फॉर सेल भी शामिल 

ओरिएंट केबल्स गुरुग्राम की कंपनी है। कंपनी के आईपीओ में ऑफर फॉर सेल (OFS) भी शामिल है। इसका मतलब है कि आईपीओ में नए शेयर एलॉट होने के साथ ही प्रमोटर फैमिली अपने कुछ शेयर बेचेगी। इस आईपीओ में कम से कम शेयरों के एक लाट के लिए बोली लगानी होगी। एक लॉट 55 शेयरों का है। इसका मतलब है कि प्राइस बैंड के ऊपरी लेवल पर बोली लगाने के लिए कम से कम 14,960 रुपये की जरूरत पड़ेगी।

एंकर इनवेस्टर्स से 165 करोड़ जुटा चुकी है कंपनी

कंपनी ने आईपीओ खुलने से पहले एंकर इनवेस्टर्स से 165.6 करोड़ रुपये जुटाए हैं। उसने 272 रुपये प्रति शेयर के भाव पर कुल 60.88 लाख शेयर एलॉट किए हैं। एंकर इनवेस्टर्स में कई बड़े म्यूचुअल फंड हाउस शामिल हैं।

कंपनी आईपीओ के पैसे से नई मशीन खरीदेगी

कंपनी इश्यू से जुटाए गए पैसे में से 91.5 करोड़ रुपये का इस्तेमाल नई मशीन और इक्विपमेंट खरीदने के लिए करेगी। साथ ही अपने मैन्युफैक्चरिंग प्लांट में कुछ सिविल वर्क कराएगी। वह 155.5 करोड़ रुपये का इस्तेमाल कर्ज चुकाने के लिए करेगी। बाकी पैसे का इस्तेमाल सामान्य कारोबारी जरूरतों के लिए होगा।

कंपनी नेटवर्किंग सहित कई तरह के केबल्स बनाती है

ओरिएंट केबल्स नेटवर्किंग केबल्स और पैसिव नेटवर्किंग इक्विपमेंट बनाती है। साथ ही स्पेशियलिटी और ऑप्टिकल फाइबर केबल्स बनाती है। इसके ग्राहकों में ब्रॉडबैंड, टेलीकॉम, डेटा सेंटर्स, रिन्यूएबल एनर्जी और स्मार्ट बिल्डिंग ऑटोमेशन सेंगमेंट शामिल हैं। यह आईपीओ ऐसे वक्त आया है, जब प्राइमरी मार्केट में काफी हलचल है। एनएसई का आईपीओ 24 सितंबर को लिस्ट हुआ। यह देश का दूसरा सबसे बड़ा आईपीओ था। सबसे बड़ा आईपीओ ह्युंडई का था।

Stocks to Watch: 25 सितंबर को Nykaa, PB Fintech, ESDS Software Solution समेत इन शेयरों में बड़े उतार-चढ़ाव के आसार

शुक्रवार, 25 सितंबर को कई शेयरों पर फोकस रहेगा। लिस्ट में नाइका, पीबी फिनटेक, व्हील्स इंडिया, आइनॉक्स ग्रीन एनर्जी, पर्पल स्टाइल लैब्स जैसे कई नाम शामिल हैं। इन शेयरों में बड़ी उठापटक दिख सकती है। वजह हैं- तिमाही नतीजे, कारोबार से जुड़े डेवलपमेंट्स, नई डील या कॉन्ट्रैक्ट, आदि। इसके अलावा शुक्रवार को SME सेगमेंट में एक कंपनी की लिस्टिंग होने वाली है। साथ ही 4 कंपनियों के शेयर एक्स-डिविडेंड और 2 कंपनियों के शेयर एक्स-स्प्लिट ट्रेड करने वाले हैं। आइए डिटेल में जानते हैं किन प्रमुख शेयरों पर रहेगी नजर…

इन शेयरों पर रहेगी नजर

ESDS Software Solution: अप्रैल-जून 2026 तिमाही (Q1) में कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 14% बढ़कर 29.3 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू 7.3% बढ़कर 133.7 करोड़ रुपये हो गया।

Purple Style Labs: Q1 में कंसोलिडेटेड घाटा सालाना आधार पर कम होकर 88.1 करोड़ रह गया। रेवेन्यू 13% बढ़कर 119.4 करोड़ रुपये हो गया।

PB Fintech: Policybazaar प्लेटफॉर्म की पेरेंट कंपनी का शेयर 24 सितंबर को 36 प्रतिशत टूटा था। बंपर बिकवाली की वजह रही इंश्योरेंस रेगुलेटर IRDAI का डिस्ट्रीब्यूशन सुधारों पर नया ड्राफ्ट और उसके बाद बर्नस्टीन का व्यू। बर्नस्टीन का मानना है कि कमीशन को लेकर ड्राफ्ट पेपर में प्रस्तावित कटौती से PB Fintech को सबसे ज्यादा नुकसान होगा, क्योंकि इन टेक-रेट पर कॉल सेंटर की लागत नहीं निकल पाएगी। इस शेयर पर शुक्रवार को भी नजर रहेगी।

Wheels India: कंपनी का क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) 24 सितंबर को खुल गया। फ्लोर प्राइस ₹2,197.10 प्रति शेयर है।

Inox Green Energy Services: कंपनी ने 24 सितंबर को अपना QIP लॉन्च किया। फ्लोर प्राइस ₹174.36 प्रति शेयर तय किया गया है।

FSN E-Commerce Ventures (Nykaa): नाइका और L’Oréal के कॉर्पोरेट वेंचर कैपिटल फंड, BOLD (बिजनेस अपॉर्चुनिटीज फॉर L’Oréal डेवलपमेंट) ने तेजी से बढ़ रहे भारतीय ब्यूटी और पर्सनल केयर ब्रांड्स की अगली पीढ़ी में मिलकर निवेश करने के लिए एक सहयोग की घोषणा की है।

Waaree Energies: कंपनी की सब्सिडियरी, Waaree Clean Energy Solutions ने भारत के स्पेशिएलिटी गैस बिजनेस में उतरने की घोषणा की है। इसका मकसद देश की सेमीकंडक्टर और सोलर सेल बनाने वाली कंपनियों के लिए वन-स्टॉप सप्लायर बनना है।

LCC Projects: कंपनी राजस्थान के गंगधार में छोटी कालीसिंध और चाहुरनी नदियों पर सोलर पावर वाले स्प्रिंकलर सिस्टम पर बेस्ड ‘छोटी कालीसिंध मीडियम इरिगेशन प्रोजेक्ट’ के लिए L-1 बिडर (सबसे कम बोली लगाने वाली कंपनी) के तौर पर उभरी है। इस प्रोजेक्ट की कुल अनुमानित कीमत 653.34 करोड़ रुपये है।

Dr Lal PathLabs: कंपनी के बोर्ड ने SN Genelab में 70 प्रतिशत हिस्सेदारी मौजूदा शेयरधारकों से खरीदने को मंजूरी दे दी है। डील ₹168 करोड़ तक की होगी। इस अधिग्रहण के बाद SN Genelab, डॉ. लाल पैथलैब्स की सब्सिडियरी बन जाएगी। ट्रांजेक्शन के 30 नवंबर, 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है।

JSW Cement: कंपनी को बेलागावी ऑडिट कमिश्नरेट के एडिशनल कमिश्नर (सेंट्रल टैक्स) से एक ‘कारण बताओ नोटिस’ मिला है। यह नोटिस गलत क्लासिफिकेशन के कारण GST के कथित तौर पर कम भुगतान से संबंधित है। इसके चलते, डिपार्टमेंट ने अप्रैल 2022 से मार्च 2024 की अवधि के लिए 229.85 करोड़ रुपये के GST की मांग की है, जिसमें लागू ब्याज और 10 प्रतिशत जुर्माना भी शामिल है।

इस बीच, JSW स्टील और JSW सीमेंट द्वारा प्रमोटेड JSW वन प्लेटफॉर्म्स ने IPO के जरिए 3,054 करोड़ रुपये तक जुटाने के लिए SEBI, BSE और एनएसई के पास ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) दाखिल किया है।

L&T Technology Services: कंपनी ने इंडस्ट्रियल AI में ग्लोबल लीडर, कॉग्नाइट (Cognite) के साथ एक स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप की घोषणा की है। इसका मकसद एसेट-इंटेंसिव इंडस्ट्रीज के लिए जॉइंट इंडस्ट्रियल AI और डेटा सॉल्यूशन विकसित करना और उन्हें उपलब्ध कराना है।

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बल्क और ब्लॉक डील्स

PB Fintech: HDFC म्यूचुअल फंड ने लगभग 320.6 करोड़ रुपये के 25 लाख शेयर खरीदे।

Brainbees Solutions (FirstCry): प्री-IPO निवेशक न्यूक्वेस्ट एशिया इनवेस्टमेंट्स ने लगभग 202 करोड़ रुपये के 1.15 करोड़ शेयर बेचे। वहीं गोल्डमैन सैक्स ने लगभग 119 करोड़ रुपये के 68 लाख शेयर खरीदे।

Sedemac Mechatronics: एक ही ब्लॉक डील में लगभग 1,469 करोड़ रुपये के 48.8 लाख शेयरों का लेन-देन हुआ। A91 एमर्जिंग फंड II और एक्सपोन्शिया कैपिटल से जुड़े फंड्स सहित प्राइवेट इक्विटी निवेशकों ने अपनी हिस्सेदारी का कुछ हिस्सा बेचा। खरीदारों में सिंगापुर सरकार (GIC) और मॉनेटरी अथॉरिटी ऑफ सिंगापुर जैसे सॉवरेन फंड्स के साथ-साथ T रो प्राइस, अमांसा होल्डिंग्स और SBI, ICICI प्रूडेंशियल, एक्सिस, आदित्य बिड़ला सन लाइफ और इनवेस्टको सहित कई घरेलू म्यूचुअल फंड्स शामिल थे।

BlueStone Jewellery and Lifestyle: ब्लूस्टोन ज्वेलरी के लगभग 61.98 लाख शेयरों का लेन-देन 513.01 करोड़ रुपये में हुआ। बजाज लाइफ इंश्योरेंस, कुवैत इनवेस्टमेंट अथॉरिटी FD F238, सिटीग्रुप, गोल्डमैन सैक्स, निप्पॉन इंडिया म्यूचुअल फंड, मिरे एसेट म्यूचुअल फंड, बंधन म्यूचुअल फंड और SBI लाइफ इंश्योरेंस ने Accel और 360 ONE WAM से BlueStone के शेयर खरीदे।

SME लिस्टिंग

Axiom Gas Engineering

ये स्टॉक करेंगे एक्स-डिविडेंड ट्रेड

श्री लोटस डेवलपर्स एंड रियल्टी

LGT ग्लोबल हॉस्पिटैलिटी

A D S डायग्नोस्टिक्स

नोबल पॉलिमर्स

ये शेयर करेंगे एक्स-स्प्लिट ट्रेड

नेच्युराइट एग्रो प्रोडक्ट्स

मिडवेस्ट एनर्जी

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Kheria Autocomp IPO Listing: 3% का लिस्टिंग गेन, कंपनी बनाती है टाटा वेंडर पार्क में ऑटो पार्ट्स

Kheria Autocomp IPO Listing: तेल से चलने वाली और इलेक्ट्रिक गाड़ियों के लिए प्लास्टिक पार्ट्स बनाने वाली खेरिया ऑटोकॉम्प शेयरों की आज NSE SME पर प्रीमियम एंट्री हुई। इसके आईपीओ को ओवरऑल करीब ढाई गुना बोली मिली थी। इसके आईपीओ के तहत ₹101 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज NSE SME पर इसकी ₹104.90 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 3.86% का लिस्टिंग गेन (Kheria Autocomp Listing Gain) मिला। हालांकि आईपीओ निवेशकों की खुशी थोड़ी ही देर में हल्की फीकी हो गई जब शेयर टूट गए। टूटकर यह ₹104.50 (Kheria Autocomp Share Price) पर आ गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 3.47% मुनाफे में हैं।

Kheria Autocomp IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

खेरिया ऑटोकॉम्प का ₹46 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 17-21 सितंबर तक खुला था। यह आईपीओ ओवरऑल 2.48 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 1.05 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 2.97 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 3.08 गुना भरा था।

इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 45,98,400 नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹39.96 करोड़ नई मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी लगाने, ₹1.43 करोड़ आम कॉरपोरेट उद्देश्यों और ₹5.06 करोड़ आईपीओ से जुड़े एक्सपेंसेज पर खर्च होंगे।

Kheria Autocomp के बारे में

खेरिया ऑटोकॉम्प गाड़ियों के पार्ट्स बनाती है। यह प्लास्टिक इंजेक्शन मोल्डिंग तकनीक के जरिए प्लास्टिक को ऑटोमोबाइल पार्ट्स बनाती है। हालांकि यह सीधे पैसेंजर गाड़ियां बनाने वाली कंपनियों को माल नहीं बेचती है यानी कि यह टियर-2 सप्लायर है। इसके प्रोडक्ट्स की बात करें तो यह केबिन ट्रिम, कार के बाहर इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक के पार्ट्स, बोनट के नीचे इंजन कंपार्टमेंट में लगने वाले कंपोनेंट्स, एसी और वेंटिलेशन सिस्टम के लिए प्लास्टिक डक्ट्स बनाती है तो अलग-अलग कंपोनेंट्स जोड़कर एक एसेंबली बनाती है। इसकी मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी गुजरात में टाटा वेंडर पार्क में है। इस फैसिलिटी में 30 इंजेक्शन मोल्डिंग मशीन हैं, जिसकी क्षमता 120-1700 टन है।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना करीब 86% की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹11.42 करोड़ और टोटल इनकम करीब 39% के सीएजीआर से ₹120.30 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹35.03 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹28.27 करोड़ पड़े थे।

NSE IPO Listing: ₹1800 पर लिस्ट एनएसई का ₹1785 का शेयर, 1% से कम लिस्टिंग गेन

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

NSE IPO Listing: ₹1800 पर लिस्ट एनएसई का ₹1140 का शेयर, 1% से कम लिस्टिंग गेन

NSE IPO Listing: देश के सबसे बड़े एक्सचेंज एनएसई के शेयरों की आज BSE पर 1% से कम प्रीमियम पर एंट्री हुई। इसके आईपीओ को ओवरऑल 5 गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹1140 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE पर इसकी ₹1800.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को महज 0.84% का लिस्टिंग गेन (Krystal Integrated Services Listing Gain) मिला। लिस्टिंग के बाद शेयर और ऊपर चढ़े। उछलकर यह ₹1827.95 (NSE Share Price) पर पहुंच गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 2.41% मुनाफे में हैं। एंप्लॉयीज अधिक फायदे में हैं क्योंकि उन्हें हर शेयर ₹108 के डिस्काउंट पर मिला है।

कैसा रिस्पांस मिला था NSE IPO को

एनएसई का ₹22,562 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 17-21 सितंबर तक खुला था। यह आईपीओ ओवरऑल 5.71 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 12.68 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 6.55 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 1.39 गुना और एंप्लॉयीज का हिस्सा 2.40 गुना भरा था।

इस आईपीओ के तहत कोई नया शेयर नहीं जारी हुआ है बल्कि ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत ₹1 की फेस वैल्यू वाले 12,64,36,650 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिके हैं। चूंकि कोई नया शेयर नहीं जारी हुआ है तो कंपनी को आईपीओ का पैसा नहीं मिला है बल्कि शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है।

NSE के बारे में

एनएसई देश का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है और दुनिया के सबसे बड़े मल्टी-एसेट एक्सचेंज प्लेटफॉर्म्स में शुमार है। इसकी शुरुआत साल 1992 में हुई थी। यह इक्विटी, डेरिवेटिव्स, करेंसी डेरिवेटिव्स, कमोडिटीज, डेट सिक्योरिटीज और म्यूचुअल फंड्स जैसे एसेट क्वास में ट्रेडिंग, क्लियरिंग, सेटलमेंट, लिस्टिंग, मार्केट डेटा, इंडेक्स सर्विसेज और रेगुलेटरी ओवरसाइट को लेकर एक इंटीग्रेटेड इकोसिस्टम मुहैया कराती है।

एनएसई ने देश में लगातार कैश मार्केट टर्नओवर, इक्विटी डेरिवेटिव्स ट्रेडिंग और करेंसी डेरिवेटिव्स ट्रेडिंग में अपनी बादशाहत बरकरार रखी है। जून 2026 तक के आंकड़ों के मुताबिक इस पर 26.13 करोड़ से अधिक निवेशक रजिस्टर्ड हैं तो 12.9 करोड़ यूनिक इंवेस्टर्स और 1328 ट्रे़डिंग मेंबर्स हैं। इसके अलावा एनएसई पर 3005 कंपनियां लिस्टेड हैं जिनका जून 2026 तक के आंकड़ों के मुताबिक मार्केट कैप करीब ₹474 लाख करोड़ है। इसके अलावा मार्च 2026 के आखिरी में कैश मार्केट में टर्नओवर के हिसाब से एनएसई की हिस्सेदारी 99.79%, इक्विटी फ्यूचर्स में 74.71%, इक्विटी ऑप्शंस में 99.48% और एक्सचेंज-ट्रेडेड करेंसी ऑप्शंस में 100% हिस्सेदारी है। इसके अलावा एनएसई क्लियरिंग लिमिटेड की भी वित्त वर्ष 2026 में कैश मार्केट में 88.42%, इक्विटी डेरिवेटिव्स में 91.04% और एक्सचेंज-ट्रेडेड डेरिवेटिव्स में 74.09% हिस्सेदारी है।

एक्सचेंज के वित्तीय सेहत की बात करें तो वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना 11% से अधिक की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹10,302.06 करोड़ पर पहुंच गया। हालांकि इस दौरान टोटल इनकम में उठा-पटक दिखी और वित्त वर्ष 2024 में ₹16,352.06 करोड़ और वित्त वर्ष 2025 में ₹19,176.83 करोड़ से यह वित्त वर्ष 2026 में ₹18,713.37 करोड़ पर आ गया। चालू वित्त वर्ष 2027 की बात करें तो जून 2026 तिमाही में इसे ₹3,120.08 करोड़ का शुद्ध मुनाफा और ₹5,252.17 करोड़ का टोटल इनकम हासिल हुआ था। जून 2026 तिमाही के आखिरी में एक्सचेंज के रिजर्व और सरप्लस में ₹34,996.73 करोड़ पड़े थे।

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stocks to Watch: Sensex की एक्सपायरी पर NSE की लिस्टिंग; Meesho, Ola Electric और Exide समेत 24 स्टॉक्स फोकस में

Stocks to Watch: एशियाई बाजारों से मिले-जुले रुझानों के बीच गिफ्ट निफ्टी से आज घरेलू स्टॉक मार्केट में लाल शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी फिलहाल 163.00 प्वाइंट्स यानी 0.70% की गिरावट के साथ 23,282.50 पर है। चूंकि आज सेंसेक्स समेत बीएसई के अन्य इंडेक्स के डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स की मंथली एक्सपायरी है तो मार्केट में तेज हलचल दिख सकती है। एक कारोबारी दिन पहले 23 सितंबर को सेंसेक्स (Sensex) 299.17 प्वाइंट्स यानी 0.40% की बढ़त के साथ 74,828.25 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 117.80 प्वाइंट्स यानी 0.50% की तेजी के साथ 23,446.80 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

Stocks to Watch: आज इन स्टॉक्स पर फोकस

Sedemac Mechatronics

सीएनबीसी-टीवी18 को सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक इंस्टीट्यूशनल इंवेस्टर्स A91 एमर्जिंग फंड, एक्सपोनेंशिया अपॉर्च्यूनिटीज फंड, और एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस सेडमैक मेकेट्रॉनिक्स के 44.3 लाख शेयर (10% हिस्सेदारी) बेचने वाले हैं। ₹1329 करोड़ की इस डील के लिए फ्लोर प्राइस प्रति शेयर ₹3000 फिक्स किया गया है।

Ola Electric Mobility

राइट्स इश्यू के लिए ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी बोर्ड से मंजूरी की तलाश में है।

Pyramid Technoplast

पिरामिड टेक्नोप्लास्ट को गुजरात पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (GPCB) से संशोधित CCA (कंसोलिडेटेड कंसेंट एंड ऑथराइजेशन) मिला है। इससे यह दूसरी कंपनियों से निकलने वाले खतरनाक केमिकल/वेस्ट से दूषित खाली बैरल, कंटेनर और लाइनर जैसे इंडस्ट्रियल पैकेजिंग वेस्ट को लेकर इसे रीसाइकिल कर सकेगी।

Rainbow Children’s Medicare

रेनबो चिल्ड्रन्स मेडिकेयर के बोर्ड ने सुदर्शन पटोदिया को कंपनी का सीएफओ नियुक्त किया है और उन्हें 23 सितंबर से ग्रुप सीएफओ का पद सौंपा है।

Bharat Dynamics

भारत डायनामिक्स ने रक्षा मंत्रालय के साथ भारतीय वायु सेना को सैटेलाइट स्मार्ट एंटी-एयरफील्ड वेपन्स (SAT-SAAW) और उससे जुड़े इक्विपमेंट्स की सप्लाई करने के लिए ₹810.79 करोड़ का कॉन्ट्रैक्ट किया है।

Exide Industries

एक्साइड इंडस्ट्रीज की एक अहम सब्सिडियरी एक्साइड एनर्जी सॉल्यूशंस ने बेंगलुरु के देवनहल्ली में स्थित अपनी 6 GWh की लीथियम-आयन सेल मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी के पहले चरण का काम पूरा कर लिया है।

Avantel

एवांटेल को जेटवर्क मैन्युफैक्चरिंग के बिजनेस से सैटेलाइट कम्युनिकेशन इक्विपमेंट की सप्लाई के लिए ₹177.35 करोड़ का ऑर्डर मिला है।

Max Estates

मैक्स एस्टेट्स गाजियाबाद के इंदिरापुरम में लगभग 9.76 एकड़ ज़मीन के लिए एक जॉइंट डेवलपमेंट एग्रीमेंट करेगी। इस प्रोजेक्ट में लगभग 15 लाख स्केयर फीट का सुपर बिल्ट-अप डेवलपमेंट और ₹2,500-₹3,000 करोड़ के ग्रॉस डेवलपमेंट वैल्यू (GDV) की उम्मीद है।

Concord Biotech

कॉनकॉर्ड बायोटेक के बोर्ड ने हर एक शेयर पर एक बोनस इक्विटी शेयर जारी करने को मंजूरी दे दी है।

Zuari Industries, Texmaco Infrastructure

ज़ुआरी इंडस्ट्रीज ने टेक्समैको इंफ्रास्ट्रक्चर एंड होल्डिंग्स के 1.28 करोड़ इक्विटी शेयर ₹147.96 करोड़ में खरीदे हैं।

Meesho

वेंचर कैपिटल फर्म RPS वेंचर्स की कंपनी RPS WOS II LLC ने प्रति शेयर ₹233 के औसत भाव पर ₹899.7 करोड़ में मीशो के 3.86 करोड़ शेयर (0.83% हिस्सेदारी) बेच दी। जून 2026 तक इससे पास मीशो में 1.18% हिस्सेदारी थी। ये शेयर घिसालो मास्टर फंड, गवर्नमेंट ऑफ सिंगापुर सरकार, BNP पारिबास आर्बिट्रेज, सिटीग्रुप ग्लोबल, गोल्डमैन सैक्स, व्हाइटओक कैपिटल, मॉर्गन स्टेनले, मिरे एसेट MF, बजाज लाइफ इंश्योरेंस, फिडेलिटी एडवाइजर, सोसिएट जेनरेल और एडलवाइस MF समेत 14 निवेशकों ने खरीदे हैं।

Welspun Living

प्रमोटर वेल्सपन ग्रुप मास्टर ट्रस्ट ने ₹525.88 करोड़ में वेल्सपन लिविंग के 2.44 करोड़ इक्विटी शेयर (2.59% हिस्सेदारी) बेच दी है। ये सभी शेयर फिडेलिटी इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट फिडेलिटी इंटरनेशनल स्मॉल कैप फंड और क्वांट म्यूचुअल फंड ने खरीदे हैं। फिडेलिटी ने ₹477.97 करोड़ में 2.22 करोड़ शेयर (2.35% हिस्सेदारी) तो प्रति शेयर औसतन ₹214.9 के भाव पर क्वांट म्यूचुअल फंड ने ₹47.9 करोड़ में 22.29 लाख शेयर (0.23% हिस्सेदारी) खरीदी है

Allied Blenders and Distillers

प्रमोटर बीना किशोर छाबड़िया ने प्रति शेयर ₹650.17 के भाव पर ₹357.59 करोड़ में एलाइड ब्लेंडर्स एंड डिस्टिलर्स के 55 लाख शेयर (1.97% हिस्सेदारी) बेच दिए। वहीं अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी ने ₹97.72 करोड़ में 15.03 लाख शेयर और SBI म्यूचुअल फंड ने प्रति शेयर ₹650 की औसत भाव पर ₹221.04 करोड़ में 34 लाख शेयर खरीदे।

Escorts

एचडीएफसी म्यूचुअल फंड ने एस्कॉर्ट्स के 16.21 लाख शेयर ₹453 करोड़ में बेचे है तो निप्पॉन इंडिया म्यूचुअल फंड ने 12.94 लाख शेयर ₹361.7 करोड़ में खरीदे है। यह खरीद-बिक्री प्रति शेयर औसतन ₹2,794 के भाव पर हुआ।

MKVentures Capital

सुशील बहेती, पद्मा बहेती और अंकित बहेती एंड संस HUF ने मधुसूदन केला की कंपनी एमके वेंचर्स कैपिटल के 1.48 लाख शेयर (3.86% हिस्सेदारी) ₹14.85 करोड़ में खरीदे हैं तो थिंक इंडिया अपॉर्चुनिटीज मास्टर फंड ने अपने सभी 1.63 लाख शेयर (4.26% हिस्सेदारी) ₹16.35 करोड़ में बेच दी। ये सौदे प्रति शेयर ₹1,000 के औसत भाव पर हुए।

Molbio Diagnostics

कोटक महिंद्रा म्यूचुअल फंड ने मोलबायो डायग्नोस्टिक्स के 27.5 लाख शेयर (2.38% हिस्सेदारी) ₹361.62 करोड़ में खरीदे, तो मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज की बिजनेस एक्सीलेंस ट्रस्ट III ने 29.96 लाख शेयर (2.6% हिस्सेदारी) ₹394.07 करोड़ में बेचे। इस सौदे में प्रति शेयर ₹1,315 के भाव पर शेयरों का लेन-देन हुआ।

Optiemus Infracom

बैंक ऑफ इंडिया म्यूचुअल फंड ने ऑप्टिमस इन्फ्राकॉम के 17.69 लाख शेयर ₹144.3 करोड़ प्रति शेयर ₹815.68 के भाव पर खरीदे हैं।

Mazda

क्रॉल रेनॉल्ड्स इंटरनेशनल ने मजदा के 1.33 लाख शेयर (0.66% हिस्सेदारी) ₹3.38 करोड़ में प्रति शेयर ₹254.1 के भाव पर बेच दिए। जून 2026 तक मजदा में क्रॉल रेनॉल्ड्स इंटरनेशनल की हिस्सेदारी 7.23% थी। इसमें से इसने पिछले चार सेशन में 3.18% हिस्सेदारी बेच दी है।

Marine Electrical

एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट ने मरीन इलेक्ट्रिकल के 11.55 लाख शेयर ₹45.61 करोड़ में प्रति शेयर ₹394.79 के औसत भाव पर खरीदे। वहीं KDU एंटरप्राइजेज ने 42 लाख शेयर ₹162.32 करोड़ में औसतन ₹386.48 के भाव पर बेचे हैं।

NSE, Sonaselection India

आज एनएसई और सोनासेलेक्शन इंडिया के शेयर बीएसई और एनएसई पर लिस्ट होंगे।

SpectraA Technology Solutions, Kheria Autocomp

स्पेक्ट्रा टेक सॉल्यूशंस और खेरिया ऑटोकॉम्प के शेयरों की आज एनएसई एसएमई पर एंट्री होगी।

Stocks to Watch: इन पर भी रहेगी नजर

आज इन कंपनियों के आएंगे रिजल्ट: ESDS सॉफ्टवेयर सॉल्यूशन, पर्पल स्टाइल लैब्स, पलक टेक्नोलॉजीज

एक्स-डिविडेंड: इंजीनियर्स इंडिया, एडटेक सिस्टम्स, आरफिन इंडिया, श्री वेंकटेश रिफाइनरीज

F&O बैन: आज कीन्स टेक्नोलॉजी इंडिया, मणप्पुरम फाइनेंस, एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस, SAIL

स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Market cues : नियर टर्म में कंसोलिडेशन जारी रहने की उम्मीद, 23500 की दीवार पार होने पर ही आएगी तेजी

Trade setup for today : एक दिन की गिरावट के बाद कल निफ्टी में 0.50 फीसदी की रिकवरी हुई। बाजार में मंदी का दबाव कुछ कम हुआ। हालांकि,कुल मिलाकर बाजार का ओवरऑल स्ट्रक्चर अभी भी कमजोर बना हुआ है और इंडेक्स सभी अहम मूविंग एवरेज से काफी नीचे ट्रेड कर रहा है। US 10-ईयर बॉन्ड यील्ड बढ़कर 5.1 फीसदी पर पहुंच गया, जो जुलाई 2007 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है। वहीं कच्चे तेल की कीमतें फिर से $100 प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गईं। इसकी वजह से कल बाजार में सावधानी का माहौल देखने को मिला।

जब तक निफ्टी 23,500–23,600 के अहम रेजिस्टेंस जोन के नीचे ट्रेड करता रहेगा,तब तक नियर टर्म में नेगेटिव रुझान के साथ कंसोलिडेशन का दौर बने रहने की संभावना है। बाजार जानकारों का कहना है कि निफ्टी के लिए 23,300 पर तत्काल सपोर्ट दिख रहा है। इसके बाद 23,100–23,000 एक अहम सपोर्ट ज़ोन हो सकता है।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

निफ्टी 50 (23,447) के लिए अहम लेवल

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 23,466, 23,494 और 23,538

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 23,376, 23,349 और 23,304

निफ्टी स्पेशल फॉर्मेशन

डेली टाइमफ्रेम पर,निफ्टी ने पिछले दिन की रेड कैंडल के अंदर ही एक बुलिश कैंडल बनाई। यह सीमित दायरे में हो रही ट्रेडिंग के बीच पॉजिटिव ट्रेंड का संकेत है। हालांकि,इंडेक्स अभी भी अपने 20, 50, 100 और 200-डे EMA से नीचे बना हुआ है,जो इसके कमजोर स्ट्रक्चर का संकेत है। इस बीच, RSI बढ़कर 40.25 हो गया। यह सिग्नल लाइन से ऊपर तो है,लेकिन अभी भी 50 के स्तर से नीचे है। MACD थोड़ा ऊपर चढ़कर अपनी सिग्नल लाइन के करीब पहुंच गया,जबकि लाल हिस्टोग्राम बार लगातार छठे सेशन में नीचे आया। यह एक बड़े कंसोलिडेशन फेज के दौरान मंदी के मोमेंटम में कमी का संकेत है।

बैंक निफ्टी (56,549) के लिए अहम लेवल

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 56,619, 56,717 और 56,875

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 56,303, 56,205 और 56,047

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 57,285, 59,261

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 55,749, 55,050

बैंक निफ्टी स्पेशल फॉर्मेशन

बैंक निफ्टी में भी 0.6 फीसदी की बढ़त देखने को मिली। डेली चार्ट पर पिछले दिन की रेड कैंडल के साथ एक बुलिश कैंडल बनी। यह रेंज बाउंड ट्रेडिंग के बीच पॉजिटिव मूवमेंट का संकेत है। इंडेक्स अपने 10-डे EMA के ऊपर बंद हुआ,लेकिन 20, 50, 100 और 200 डे EMA से नीचे ही रहा। इससे पता चलता है कि बाजार पर अभी भी बेयर्स का कंट्रोल है। हालांकि मोमेंटम इंडिकेटर मंदी के दबाव में कमी आने का संकेत दे रहे हैं। लेकिन इस बदलाव की पुष्टि आज के सेशन में होनी चाहिए। पॉजिटिव क्रॉसओवर के बाद RSI बढ़कर 46.25 हो गया और MACD अपनी सिग्नल लाइन के करीब पहुंच गया,क्योंकि लगातार छठे सेशन में रेड हिस्टोग्राम बार छोटे होते गए।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो (करोड़ रुपए में)

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इंडिया VIX

मार्केट में संभावित उतार-चढ़ाव को मापने वाला इंडिया VIX, कल 5.93 प्रतिशत गिरकर 10.34 पर आ गया। यह 7 जनवरी, 2026 के बाद से इसका सबसे निचला क्लोजिंग लेवल है। वोलैटिलिटी मापने वाला यह इंडेक्स लगातार छठे सेशन में नीचे की ओर गया। यह बुल्स के बीच बढ़ते भरोसे और मार्केट में बेहतर स्थिरता का संकेत है।

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 23 सितंबर को बढ़कर 1.03 हो गया, जबकि पिछले सेशन में यह 0.94 था। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: केन्स टेक्नोलॉजी इंडिया, LIC हाउसिंग फाइनेंस, मणप्पुरम फाइनेंस, SAIL

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: कोई नहीं

 

Market Technicals : मोमेंटम में सुधार आने के संकेत, निफ्टी-बैंक निफ्टी में इन अहम लेवल्स पर रहे नजर

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

 

Hero Motors Share Price: कमजोर लिस्टिंग के बाद रॉकेट बने शेयर, खरीदें, बेचें या होल्ड करें?

 Hero Motors Share Price: हीरो मोटर्स के शेयर 23 सितंबर को कमजोरी के साथ लिस्ट हुए। उसके बाद शेयर में जबर्दस्त तेजी दिखी। 11:45 बजे शेयर का प्राइस एनएसई पर 17.14 फीसदी चढ़कर 98.40 रुपये पर चल रहा था। कंपनी ने आईपीओ में इनवेस्टर्स को प्रति शेयर 84 रुपये की कीमत पर शेयर इश्यू किए थे। लेकिन, शेयर की लिस्टिंग 2.38 फीसदी डिस्काउंट के साथ 82 रुपये पर हुई।

लिस्टिंग जीएमपी के संकेतों के मुताबिक

23 सितंबर को Hero Motors के शेयर की लिस्टिंग जीएमपी के संकेतों के मुताबिक रही। जीएमपी से इस शेयर के इश्यू प्राइस से कम कीमत पर लिस्टिंग के संकेत मिल रहे थे। कंपनी के आईपीओ में इनवेस्टर्स ने अच्छी दिलचस्पी दिखाई थी। कंपनी ने 79-84 रुपये प्राइस बैंड तय किया था। 1000 करोड़ रुपये के आईपीओ में ऑफर फॉर सेल (OFS) भी शामिल था।

शेयर में रॉकेट जैसी तेजी से इनवेस्टर्स दुविधा में

लिस्टिंग के बाद हीरो मोटर्स के शेयरों में आई तेजी ने इनवेस्टर्स को दुविधा में डाल दिया है। सवाल है कि क्या नए निवेशकों को यह शेयर सेकेंडरी मार्केट से खरीदना चाहिए, जिन निवेशकों को शेयर एलॉट हुए हैं, उन्हें इसे रखना चाहिए या प्रॉफिट बुक कर लेना चाहिए?

कंपनी का पावरट्रेन पोर्टफोलियो काफी डायवर्सिफायड

कांतिलाल छगनलाल सिक्योरिटीज के महेश एम ओझा का कहना है कि हीरो मोटर्स का पावरट्रेन पोर्टफोलियो काफी डायवर्सिफायड है। कंपनी टेक्नोलॉजी के मामले में भी स्ट्रॉन्ग है। इस वजह से ऑटोमोटिव सेक्टर में इसकी स्थिति काफी मजबूत है। उन्होंने कहा कि इन-हाउस इंजीनियरिंग कपैसिटी अच्छी है। दुनिया की कई बड़ी कंपनियां इसकी क्लाइंट्स हैं।

ज्यादा वैल्यूएशन चिंता की बड़ी वजह 

उन्होंने कहा कि कंपनी की मौजूदगी सीवीटी हब, ईवी ट्रांसमिशंस, इलेक्ट्रिक मोटर्स जैसे सेगमेंट्स में है। इस वजह से कंपनी की स्थिति काफी स्ट्रॉन्ग है। खासकर प्रीमियम आईसीई और ई-बाइक पावरट्रेन मार्केट्स में यह काफी मजबूत स्थिति में है। लेकिन, वैल्यूएशन चिंता की वजह है। आईपीओ से पहले शेयर की वैल्यूएशन FY26 की अर्निंग्स की करीब 74 गुना थी। इस सेगमेंट की दूसरी कंपनियों का औसत पीई करीब 50.2 गुना है। इससे कंपनी के शेयर में ज्यादा तेजी की उम्मीद नहीं दिखती।

इनवेस्टर्स शेयर में प्रॉफिट बुक सकते हैं

ओझा का मानना है कि क्लाइंट्स के मामले में कंसंट्रेशन रिस्क दिख रहा है। कंपनी की कुल रेवेन्यू में टॉप 10 क्लाइंट्स की करीब 73-78 फीसदी हिस्सेदारी है। उन्होंने कहा कि जिन इनवेस्टर्स को आईपीओ में शेयर इश्यू हुए हैं, वे प्रॉफिट बुक कर सकते हैं। नए निवेशकों को इस शेयर में निवेश करने के लिए प्राइस कसे मामले में सही एंट्री लेवल का इंतजार करना चाहिए।

नए निवेशकों को सही एंट्री प्वाइंट का इंतजार करना चाहिए

स्वस्तिका इनवेस्टमार्ट में हेड ऑफ वेल्थ शिवानी नयाती का भी मानना है कि शेयर की वैल्यूएशन अर्निंग्स की करीब 69-74 गुनी है, जो इस सेक्टर की दूसरी कंपनियों की वैल्यूएशन के मुकाबले काफी ज्यादा है। हालांकि, RoNW बढ़कर 8.53 फीसदी हो गया है लेकिन EBITDA मार्जिन करीब 10.2 फीसदी है, जो प्रतिद्वंद्वी कंपनियों से कम है।

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शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक हरे निशान में 

उन्होंने कहा कि नए इनवेस्टर्स इस शेयर में निवेश के लिए बेहतर प्राइस प्वाइंट का इंतजार कर सकते हैं। जिन निवेशकों को आईपीओ में Hero Motors के शेयर एलॉट हुए हैं, वे 75-77 रुपये पर स्टॉपलॉस के साथ इस शेयर को होल्ड यानी अपने पास बनाए रख सकते हैं। 23 सितंबर को शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों में रिकवरी देखने को मिली। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों हरे निशान में थे।

Stocks to Watch: 3 लिस्टिंग्स; Hero Motors, IRB Infra और Lemon Tree समेत ये 11 स्टॉक्स फोकस में

Stocks to Watch: एशियाई बाजारों से मिले-जुले रुझानों के बीच गिफ्ट निफ्टी से आज घरेलू स्टॉक मार्केट में लाल शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी फिलहाल 47.00 प्वाइंट्स यानी 0.20% की गिरावट के साथ 23,353.00 पर है। एक कारोबारी दिन पहले 22 सितंबर को निफ्टी की वीकली एक्सपायरी के दिन सेंसेक्स (Sensex) 329.91 प्वाइंट्स यानी 0.44% की गिरावट के साथ 74,529.08 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 85.30 प्वाइंट्स यानी 0.36% की फिसलन के साथ 23,329.00 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

Stocks to Watch: आज इन स्टॉक्स पर फोकस

Persistent Systems

पर्सिस्टेंट सिस्टम्स ने एक वॉलंटरी पब्लिक टेकओवर ऑफर के ज़रिए नागरो एसई की कुल शेयर कैपिटल का लगभग 61.15% हिस्सा यानी 75.68 लाख इक्विटी शेयर हासिल कर लिए हैं। कंपनी ने पहले ही Lantano Beteiligungen GmbH के साथ शेयर खरीद समझौते के तहत नागरो (Nagarro) में लगभग 22.10% हिस्सेदारी हासिल कर ली थी। ऐसे में 17 सितंबर तक ट्रेजरी शेयरों को छोड़कर नागरो में पर्सिस्टेंट सिस्टम्स की कुल हिस्सेदारी 83.25% हो गई है। पर्सिस्टेंट सिस्टम्स की योजना नागरो को फ्रैंकफर्ट स्टॉक एक्सचेंज से डीलिस्ट करने की है।

IRB Infrastructure Developers

आईआरबी इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपर्स के बोर्ड ने कंपनी को अपने नॉन-कोर एसेट्स से पैसे कमाने के लिए सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। इसके तहत यह पुणे जिले के ताजे और पिंपलोली गांवों में आर्यन इंफ्रास्ट्रक्चर इंवेस्टमेंट्स के मालिकाना हक वाली कुल 1,100 एकड़ जमीन में से लगभग 350 एकड़ जमीन को चरणबद्ध तरीके से डेवलप करेगी। इसमें मुंबई के चांदीवली में आइडियल रोड बिल्डर्स के मालिकाना हक वाली लगभग 3,500 स्क्वेयर मीटर जमीन के कुछ हिस्सों के रीडेवलपमेंट और रीहैबिलिटेशन का काम भी शामिल है। कंपनी के कॉरपोरेट सीईओ सतिंदर एस राणा का कहना है कि इससे कंपनी को बिना किसी अतिरिक्त लागत के कैश फ्लो में काफी मदद मिलेगी।

360 ONE WAM

360 वन डब्ल्यूएएम के बोर्ड ने 15 फरवरी 2027 से आशीष अग्रवाल को कंपनी का सीईओ बनाने की मंजूरी दे दी है। वहीं करण भगत कंपनी के एमडी बने रहेंगे और 26 जुलाई 2030 तक उनके मौजूदा कार्यकाल में कोई बदलाव नहीं होगा और इसके बाद उनकी नियुक्ति पर फिर से विचार किया जा सकता है। इसके अलावा बोर्ड ने 15 फरवरी, 2027 से करण भगत को वाइस चेयरमैन और एमडी के तौर पर भी नियुक्त किया है।

Lemon Tree Hotels

लेमन ट्री होटल्स ने नासिक में ‘कीज प्राइमा बाय लेमन ट्री होटल्स’ खोलने का ऐलान किया है। नासिक में यह ग्रुप का पहला होटल है। इसका मैनेजमेंट लेमन ट्री होटल्स के पूर्ण मालिकाना हक वाली सब्सिडियरी कार्नेशन होटल्स के पास है।

Pine Labs

अमेरिकी कंपनी मास्टरकार्ड इनकॉर्पोरेटेड की सब्सिडियरी मास्टरकार्ड एशिया/पैसिफिक प्राइवेट लिमिटेड ने पाइन लैब्स में अपनी पूरी 4.31% हिस्सेदारी (4.97 करोड़ शेयर) ₹933.57 करोड़ में बेच दी। 13 घरेलू और ग्लोबल इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स- ICICI प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस कंपनी, सोसिएट जेनरल, सिटीग्रुप ग्लोबल मार्केट्स सिंगापुर, घिसालो मास्टर फंड, BNP परिबास आर्बिट्रेज, NRSGVCC, गोल्डमैन सैक्स बैंक यूरोप, सस्क्वेहाना पैसिफिक, कोटक महिंद्रा AMC, मॉर्गन स्टेनली एशिया सिंगापुर, एडलवाइस MF, RAMS इक्विटीज पोर्टफोलियो फंड और फ्रैंकलिन टेम्पलटन MF ने इसे प्रति शेयर ₹187.75 के भाव पर खरीदा है।

RHI Magnesita India

डालमिया भारत रिफ्रैक्टरीज ने RHI मैग्नेसाइट इंडिया में अपनी 11.1% हिस्सेदारी (2.29 करोड़ इक्विटी शेयर) ₹825.88 करोड़ में बेच दी। जून 2026 तक कंपनी में इसकी 12.54% हिस्सेदारी थी। यह हिस्सेदारी चार इन्वेस्टर्स – SBI म्यूचुअल फंड, बंधन म्यूचुअल फंड, निप्पॉन इंडिया म्यूचुअल फंड और क्लारस कैपिटल 1 ने प्रति शेयर ₹360 प्रति शेयर के भाव पर खरीदी है।

Veegaland Developers

प्रमोटर और फाउंडर चिट्टिलापिल्ली थॉमस कोचुओसेफ ने ₹3.7 करोड़ में प्रति शेयर ₹138.46 के भाव पर वीगालैंड डेवलपर्स के अतिरिक्त 2.69 लाख शेयर (0.55% हिस्सेदारी) खरीद ली है।

Mazda

क्रॉल रेनॉल्ड्स इंटरनेशनल इंक ने मजदा में अपनी 1.21% हिस्सेदारी (2.42 लाख शेयर) ₹5.91 करोड़ में प्रति शेयर ₹243.51 के भाव पर बेच दिए। वहीं शर्मिन नासेर ने प्रति शेयर ₹243.23 के भाव पर ₹3.89 करोड़ में 1.6 लाख शेयर खरीदे हैं। जून 2026 तक मजदा में क्राल रेनॉल्ड्ल इंटरनेशनल की 7.23% हिस्सेदारी थी, जिसमें से इसने पिछले तीन सेशन में 2.52% हिस्सेदारी, यानी 5.05 लाख शेयर बेच दिए हैं।

Hero Motors, SS Retail, Jindal Supreme

आज हीरो मोटर्स, एसएस रिटेल और जिंदल सुप्रीम के शेयर बीएसई और एनएसई पर लिस्ट होंगे।

Stocks to Watch: इन पर भी रहेगी नजर

आज इन कंपनियों के आएंगे रिजल्ट: अन्नू प्रोजेक्ट्स, विनसम यार्न्स

एक्स-डिविडेंड: अपोलो माइक्रो सिस्टम्स, AAA टेक्नोलॉजीज, AGI इंफ्रा, एग्रीबायो स्पिरिट्स, एलाक्रिटी सिक्योरिटीज, अर्चित ऑर्गेनोसिस, असाही सोंगवोन कलर्स, ऑस्टियर सिस्टम्स, बसंत एग्रो टेक इंडिया, कॉन्फिडेंस फ्यूचुरिस्टिक एनर्जेटेक, क्रिएटिव न्यूटेक, कॉन्फिडेंस पेट्रोलियम इंडिया, धनश्री इलेक्ट्रॉनिक्स, देव इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, ढाबरिया पॉलीवुड, एमराल्ड फाइनेंस, गैलेंट इस्पात, गुजरात मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन, गुडलक इंडिया, गुजरात थेमिस बायोसिन, हेलियोस लैब्स, हरिओम पाइप इंडस्ट्रीज, हिम टेक्नोफोर्ज, HLE ग्लासकोट, इनानी मार्बल्स एंड इंडस्ट्रीज, जेजी केमिकल्स, केमिस्टार कॉर्पोरेशन, KMS मेडिसर्गी, KP ग्रीन इंजीनियरिंग, लास्ट माइल एंटरप्राइजेज, मिश्रा धातु निगम, ओडिसी कॉर्पोरेशन, पशुपति कॉटस्पिन, PNC इंफ्राटेक, प्रीमियर एक्सप्लोसिव्स, रिकोड स्टूडियोज, रेम्सन्स इंडस्ट्रीज, रिथविक फैसिलिटी मैनेजमेंट सर्विसेज, आरएम ड्रिप एंड स्प्रिंकलर सिस्टम्स, शालिभद्र फाइनेंस, सतिया इंडस्ट्रीज, सेरा इन्वेस्टमेंट्स एंड फाइनेंस इंडिया, सिग्नेट इंडस्ट्रीज, स्काईवेज एयर सर्विसेज, श्री केपीआर इंडस्ट्रीज, स्टील स्ट्रिप्स व्हील्स, न्यू स्वान मल्टीटेक, सिनकॉम फॉर्मूलेशन इंडिया, टालब्रोस इंजीनियरिंग, तनधन इंडस्ट्रीज, थेमिस मेडिकेयर, टीटागढ़ रेल सिस्टम्स, त्रिशक्ति इंडस्ट्रीज, टाइचे इंडस्ट्रीज,विंटेज कॉफी एंड बेवरेजेज, विपुल ऑर्गेनिक्स, Xtglobal इन्फोटेक,

एक्स-इनकम डिस्ट्रीब्यूशन: डिजिटल फाइबर इंफ्रास्ट्रक्चर ट्रस्ट, इंटेलिजेंट सप्लाई चेन इंफ्रास्ट्रक्चर ट्रस्ट

F&O बैन: आज कीन्स टेक्नोलॉजी इंडिया, मणप्पुरम फाइनेंस, एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस, SAIL

स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Pine Labs Share Price : ब्लॉक विंडो में डील होने के बाद स्टॉक में आई जोरदार खरीदारी, 2% भागा शेयर

 

Pine Labs Share Price : ब्लॉक विंडो में डील होने से पाइन लैब्स में जोरदार खरीदारी आई है। इस शेयर में करीब 900 करोड़ का सौदा हुआ है। इस सौदे में मास्टरकार्ड एशिया के 4% हिस्सा बेचने की खबरें है। इस खबर के चलते आज यह शेयर 2% भागा है। फिलहाल 1.30 बजे के आसपास एनएसई पर यह शेयर 3.24 रुपए यानी 1.67 फीसदी की तेजी के साथ 170 रुपए के आसपास कारोबार कर रहा है। पिछले सेशन में भी इस स्टॉक में 0.86 प्रतिशत की बढ़त हुई थी। आज इंट्राडे में इसने 204.95 रुपए का हाई लगाया। वहीं, इसका 52 वीक हाई 284 रुपए और 52 वीक लो 134.73 रुपए है। शेयर में अच्छे वॉल्यूम के साथ तेजी आई है। इसका ट्रेडिंग वॉल्यूम 63,381,857 शेयर और मार्केट कैप 22,731 करोड़ रुपए के आसपास है।

ब्लॉक डील विंडो के ज़रिए कंपनी के 4.97 करोड़ शेयरों (जो फिनटेक कंपनी की इक्विटी का लगभग 4.3 प्रतिशत है) का लेन-देन हुआ है। यह लेन-देन उन खबरों के बाद बीच हुआ है जिनमें कहा गया है कि मास्टरकार्ड एशिया/पैसिफिक प्राइवेट लिमिटेड लगभग 900 करोड़ रुपये की डील के ज़रिए पाइन लैब्स में अपनी पूरी हिस्सेदारी बेचना चाहती है।

मंगलवार को हुए सौदे में खरीदार और विक्रेता की पहचान तुरंत पता नहीं चल पाई है। हालांकि,सोमवार को सामने आई डील की शर्तों से पता चला था कि मास्टरकार्ड एशिया/पैसिफिक,पाइन लैब्स के 4.97 करोड़ शेयर बेच रहा है,जो कंपनी में उसकी कुल घोषित हिस्सेदारी के लगभग बराबर है। जून 2026 तक पाइन लैब्स में मास्टरकार्ड के पास 4.97 करोड़ शेयर यानी 4.31 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।

इस बिक्री के लिए फ्लोर प्राइस 179.50 रुपये प्रति शेयर तय की गई थी,जो पाइन लैब्स के सोमवार के क्लोजिंग प्राइस से लगभग 7.3 प्रतिशत है। फ्लोर प्राइस के हिसाब से इस सौदे की कीमत लगभग 892 करोड़ रुपये आंकी गई है। सिटीग्रुप ग्लोबल मार्केट्स इंडिया इस ट्रांज़ैक्शन की एकमात्र प्लेसमेंट एजेंट थी।

अगर इस बिक्री की पुष्टि मास्टरकार्ड के ट्रांज़ैक्शन के तौर पर होती है,तो इसका मतबल होगा कि पेमेंट सेक्टर की दिग्गज कंपनी मास्टरकार्ड पाइन लैब्स में अपनी बची हुई हिस्सेदारी बेच कर बाहर निकल गई है। मास्टरकार्ड ने सबसे पहले 2020 में पाइन लैब्स में निवेश किया था और बाद में 2025 में पाइन लैब्स के IPO के ज़रिए अपनी हिस्सेदारी का कुछ हिस्सा बेच भी दिया था।

बड़े सौदे और फ़्लोर प्राइस पर काफ़ी डिस्काउंट होने के बावजूद,मंगलवार को पाइन लैब्स के शेयर बढ़त के साथ ट्रेड कर रहे हैं। 2026 में अब तक पाइन लैब्स के शेयरों में 18.1 प्रतिशत की गिरावट आई है,जबकि इसी दौरान निफ़्टी में 10.5 प्रतिशत की गिरावट देखी गई है।

 

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