HDFC Bank में CEO पद को लेकर हलचल बढ़ी, RBI गवर्नर से मिले चेयरमैन राजीव कुमार

HDFC Bank CEO Appointment: देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक HDFC Bank के एमडी और सीईओ शशिधर जगदीशन का मौजूदा कार्यकाल 26 अक्टूबर 2026 को खत्म हो रहा है। अब इसमें दो महीने से थोड़ा ज्यादा समय बचा है। इसी बीच बैंक के चेयरमैन राजीव कुमार ने पिछले हफ्ते RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा से मुलाकात की है।

सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में सबसे अहम बात जगदीशन के अगले कार्यकाल को लेकर हुई। RBI यह समझना चाहता है कि बैंक बोर्ड जगदीशन को दोबारा एमडी और सीईओ बनाने के पक्ष में है या नहीं।

बोर्ड में जगदीशन के नाम पर कितनी सहमति?

RBI यह भी जानना चाहता था कि राजीव कुमार के चेयरमैन बनने के बाद बोर्ड में किसी दूसरे नाम पर भी चर्चा हुई है या नहीं। एक वरिष्ठ सूत्र ने कहा कि अभी तक HDFC Bank बोर्ड ने एमडी और सीईओ की नियुक्ति को लेकर RBI को कोई सिफारिश नहीं भेजी है।

RBI अब जल्द फैसला चाहता है

राजीव कुमार 30 जून 2026 को HDFC Bank के बोर्ड में शामिल हुए थे। इसके बाद से RBI अधिकारियों के साथ उनकी यह चौथी औपचारिक बातचीत बताई जा रही है।

शुरुआत में RBI ने बोर्ड को कुछ समय दिया। इसकी वजह यह थी कि राजीव कुमार ने 15 जुलाई को औपचारिक रूप से चेयरमैन का पद संभाला था। अब उन्हें पद संभाले करीब एक महीना हो चुका है। ऐसे में RBI चाहता है कि बैंक के नेतृत्व को लेकर तस्वीर जल्द साफ हो।

आमतौर पर छह महीने पहले शुरू हो जाती है प्रक्रिया

बैंकों में आम तौर पर एमडी और सीईओ का कार्यकाल खत्म होने से करीब छह महीने पहले दोबारा नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू हो जाती है। बोर्ड अपनी सिफारिश RBI को भेजता है।

अगर नया सीईओ चुनना हो, तो पसंदीदा उम्मीदवारों के नाम आम तौर पर कार्यकाल खत्म होने से कम से कम चार महीने पहले RBI को भेजे जाते हैं।

HDFC Bank का मामला इसलिए अलग दिख रहा है। जगदीशन का कार्यकाल खत्म होने में अब करीब दो महीने बचे हैं। लेकिन बोर्ड ने अभी तक RBI को कोई नाम नहीं भेजा है।

जगदीशन के सामने क्या संभावनाएं?

पहले की रिपोर्टों के मुताबिक, इस पद को लेकर चार संभावनाएं हैं। जगदीशन को फिर से तीन साल का कार्यकाल मिल सकता है। उन्हें इससे छोटा कार्यकाल भी दिया जा सकता है। बैंक बोर्ड किसी दूसरे आंतरिक उम्मीदवार का नाम भी भेज सकता है।

इसके अलावा किसी बाहरी उम्मीदवार के नाम पर भी विचार हो सकता है। यानी फिलहाल यह तय नहीं है कि अक्टूबर के बाद HDFC Bank की कमान किसके हाथ में होगी।

AT-1 बॉन्ड मामले पर भी बात

RBI गवर्नर और राजीव कुमार की बातचीत सिर्फ सीईओ की नियुक्ति तक सीमित नहीं रही। सूत्रों के मुताबिक, AT-1 बॉन्ड की मिस-सेलिंग से जुड़े मामले पर भी चर्चा हुई।

कुछ नाराज बॉन्डधारक इस मामले को लेकर बहरीन में कानूनी कार्रवाई कर रहे हैं। RBI इस मामले को लेकर भी बैंक की स्थिति समझना चाहता है।

कुछ महीनों में बदला बैंक का नेतृत्व

HDFC Bank में पिछले कुछ महीनों में नेतृत्व स्तर पर काफी बदलाव हुए हैं। पूर्व चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती ने मार्च में अचानक बोर्ड छोड़ दिया था।

इसके बाद नॉन-एग्जीक्यूटिव बोर्ड सदस्य केकी मिस्त्री को अंतरिम चेयरमैन बनाया गया। करीब तीन महीने की तलाश के बाद राजीव कुमार को नया नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन चुना गया। उन्हें पहले अतिरिक्त निदेशक बनाया गया था। RBI की मंजूरी के बाद 15 जुलाई को उन्होंने चेयरमैन का पद संभाला।

HDFC Bank का शेयर बुधवार को 0.02% की मामूली गिरावट के साथ 727.35 रुपये पर बंद हुआ। हालांकि, पिछले 1 साल में यह 25.28% टूट चुका है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stock Market Rally: IT Stocks के दम पर Sensex में 585 अंकों का उछाल, 4 वजहों से 7 दिनों की गिरावट से उबरा Nifty

Stock Market Rally: अमेरिकी बॉन्ड मार्केट में नरमी, एशियाई बाजारों में रौनक और निचले स्तर पर खरीदारी के चलते घरेलू स्टॉक मार्केट में भी आज काफी चहल-पहल दिख रही हैं। शुरुआती कारोबार में ही सेंसेक्स 585 प्वाइंट्स उछल पड़ा तो निफ्टी भी 24200 के पार पहुंच गया। ब्रोडर लेवल पर भी अच्छी रौनक है और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में आधे-आधे फीसदी से अधिक की बढ़त है। अब इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सों की बात करें तो फिलहाल 09:40 AM पर सेंसेक्स (Sensex) 554.30 प्वाइंट्स यानी 0.72% की बढ़त के साथ 77,463.98 और निफ्टी 50 (Nifty 50) 127.30 प्वाइंट्स यानी 0.53% के उछाल के साथ 24,205.60 पर है। शुरुआती कारोबार में ही सेंसेक्स 585.11 प्वाइंट्स चढ़कर 77,494.79 और निफ्टी 147.15 प्वाइंट्स बढ़ककर 24,225.45 तक पहुंच गया था।

Stock Market Rally: ये है वजह

अमेरिकी बॉन्ड मार्केट में नरमी

अमेरिका के ट्रेजरी डिपार्टमेंट ने लॉन्ग टर्म बॉन्ड्स का बायबैक बढ़ाने का चौंकाने वाला फैसला किया तो लॉन्ग टर्म वाली ट्रेजरी बॉन्ड्स की यील्ड्स अचानक नीचे आ गई। इससे स्टॉक मार्केट में बहार छा गई। अमेरिकी ट्रेजरी डिपार्टमेंट ने सरकारी डेट बायबैक को कम से कम दोगुना करने का ऐलान किया है। इस ऐलान से 30-साल का ट्रेजरी बॉन्ड की फटाक से गिरकर 5.26% से 5.18% और 10-साल का ट्रेजरी यील्ड 4.68% से 4.63% पर आ गया। इसके नीचे आने से भारत जैसे एमर्जिंग मार्केट में निवेश और आकर्षक हो गया।

आईटी सेक्टर का मजबूत सपोर्ट

सेक्टरवाइज मार्केट को सभी सेक्टर का मजबूत सपोर्ट मिल रहा है और सबसे अधिक आईटी सेक्टर का। सिर्फ निफ्टी आईटी में ही फिलहाल 1% से अधिक बढ़त है मेटल, फार्मा, पीएसयू बैंक और प्राइवेट बैंक के निफ्टी इंडेक्सेज में आधे-आधे फीसदी से अधिक की बढ़त है।

एशियाई बाजारों में रौनक

भारतीय स्टॉक मार्केट को अधिकतर एशियाई बाजारों में रौनक से सपोर्ट मिला है। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 6% से अधिक, इंडोनेशिया का जकार्ता कंपोजिट, जापान का निक्केई 225 और हॉन्ग कॉन्ग का हैंग सैंग 1% से अधिक उछल पड़ा। थाईलैंड के सेट कंपोजिट में आधे फीसदी की बढ़त है। हालांकि सिंगापुर के स्ट्रेट टाइम्स और ताइवान के ताइवान वेटेड में करीब आधे-आधे फीसदी की गिरावट है।

निचले स्तर पर खरीदारी

एक कारोबारी दिन पहले स्टॉक मार्केट की भयंकर मारकाट में आईटीसी, एचडीएफसी बैंक, एचयूएल, डाबर इंडिया, आईआरएफसी, यूपीएल, आईआरबी इंफ्रा, एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट जैसे दिग्गजों समेत 100 से अधिक स्टॉक्स एक साल के रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गए थे। इसका फायदा निवेशकों ने उठाया जिससे भाव मजबूत हुए।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

46 पैसे का बिल चुकाना भूला शख्स, बैंक ने ठोक दिया ₹1200 का जुर्माना! भड़के यूजर ने X पर सुनाई खरी-खोटी

Credit Card Bill Viral News: क्रेडिट कार्ड बिल का पेमेंट करते समय अगर आप एक रुपये से भी कम की चूक करते हैं, तो यह आपको कितना भारी पड़ सकता है? इसका एक ताजा और हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। एक शख्स ने अपने क्रेडिट कार्ड बिल में से महज 46 पैसे कम चुकाए, जिसके बदले बैंक ने उस पर ₹1200 से अधिक का जुर्माना और अन्य फीस लगा दी।

पीड़ित ग्राहक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपना गुस्सा जाहिर करते हुए एचडीएफसी बैंक के कस्टमर केयर अधिकारियों को ‘अज्ञानी और घमंडी’ तक कह दिया। यह पोस्ट देखते ही देखते इंटरनेट पर वायरल हो गई और लोग बैंक के इस रवैये पर अपनी अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देने लगे।

क्या है पूरा मामला?

पीड़ित ग्राहक को बैंक की तरफ से ₹10,649.46 का क्रेडिट कार्ड बिल मिला था। भुगतान करते समय गलती से ग्राहक ने दशमलव के बाद के पैसे छोड़ दिए और सिर्फ ₹10,649 का ही पेमेंट किया। यानी कुल बिल में से महज 46 पैसे बकाया रह गए। इस 46 पैसे के मामूली शॉर्टफॉल की वजह से बैंक ने ग्राहक पर ₹1200 से ज्यादा का लेट पेमेंट चार्ज और पेनल्टी ठोक दी।

इस पर ग्राहक ने X पर HDFC Bank को टैग करते हुए लिखा, ‘प्रिय HDFC बैंक, आपने मुझे ₹10,649.46 का क्रेडिट कार्ड बिल भेजा था। गलती से मैंने ₹10,649.00 का भुगतान किया, 46 पैसे छूट गए और आपने 46 पैसे की इस चूक के लिए मुझ पर ₹1200 से ज्यादा का लेट पेमेंट चार्ज लगा दिया? क्या आप इसे जल्द से जल्द रिवर्स करेंगे?

यूजर बैंक के कस्टमर सपोर्ट पर भी भड़ास निकाली और लिखा कि वहां के प्रतिनिधि जितने अज्ञानी हैं, उतने ही घमंडी भी हैं।

सोशल मीडिया पर भड़के लोग, मिली तरह-तरह की सलाह

यह पोस्ट सामने आते ही यूजर्स बैंक के इस एक्शन की आलोचना करने लगे और अपने पुराने अनुभव शेयर करने लगे। एक यूजर ने लिखा, ‘क्रेडिट कार्ड कैंसल करो, उसके 4 टुकड़े करके कचरे के डिब्बे में फेंक दो। उन्हें कोर्ट में साबित करने दो कि 0.46 रुपये का ब्याज ₹1200 कैसे बन गया।’

एक अन्य यूजर ने सुझाव दिया कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के दिशानिर्देशों के अनुसार, ₹10,649.46 जैसे आंकड़े को राउंड ऑफ करके ₹10,649 किया जाना चाहिए, क्योंकि 50 पैसे से कम की किसी भी भिन्न को नजरअंदाज कर दिया जाता है।

कुछ यूजर्स ने HDFC बैंक के साथ अपने बुरे अनुभवों को याद करते हुए कहा कि उन्होंने भी बैंक के खराब व्यवहार के कारण अपने अकाउंट्स और एफडी बंद करवा दिए थे।

हालांकि, एक वर्ग ऐसा भी था जिसने ग्राहक को ही जिम्मेदार ठहराया। एक यूजर ने लिखा, ‘यह आपकी गलती है, भाई। इसे बैंक पर मत डालो। यह उन लोगों के लिए एक बहुत अच्छा सबक है जो हर चीज को हल्के में लेते हैं।’

क्रेडिट कार्ड पेनल्टी और भारी-भरकम चार्ज से कैसे बचें?

क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते समय थोड़ी सी लापरवाही बड़ा नुकसान करा सकती है। ऐसी स्थितियों से बचने के लिए इन बातों का खास ध्यान रखें:

Auto-Debit ऑन रखें: अपने बैंक अकाउंट से क्रेडिट कार्ड बिल का ‘Total Amount Due’ ऑटो-डेबिट मोड पर सेट करें, ताकि दशमलव के पैसे भी अपने आप सही समय पर कट जाएं।

राउंड ऑफ न करें: जब भी खुद से मैनुअल पेमेंट करें, बिल में लिखी दशमलव वाली सटीक रकम ही ट्रांसफर करें, खुद से कोई आंकड़ा न घटाएं।

गलती होने पर तुरंत नोडल अधिकारी से संपर्क करें: अगर गलती से ऐसा लेट चार्ज लग भी जाए, तो कस्टमर केयर के अलावा बैंक के Grievance Redressal Officer / Nodal Officer को ईमेल करें और चार्जेस रिवर्स करने की रिक्वेस्ट करें।

RBI Ombudsman में शिकायत करें: अगर बैंक आपकी जायज बात नहीं सुनता है और पैसे वापस नहीं करता है, तो आप आरबीआई के बैंकिंग लोकपाल के पास ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

डिजिटल दौर में ऑटोमेटेड बैंकिंग सिस्टम बिल का पूरा भुगतान न होने पर अपने आप लेट फीस और पेनल्टी जनरेट कर देते हैं, फिर चाहे बकाया राशि 1 रुपये से भी कम क्यों न हो। ऐसे में समझदारी इसी में है कि बिल की पाई-पाई का भुगतान करें ताकि बैंकों के इन कड़े पेनल्टी रूल्स से बचा जा सके।

Disclaimer: यह खबर सोशल मीडिया (X) पर वायरल यूजर पोस्ट पर आधारित है। यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। मनीकंट्रोल इसकी पुष्टि नहीं करता है।

HDFC Bank का शेयर कई साल के निचले स्तर पर, लेकिन लोन पर ट्रेडर्स का रिकॉर्ड निवेश

HDFC Bank Share Price: प्राइवेट सेक्टर के सबसे बड़े लेंडर एचडीएफसी बैंक के शेयर कई वर्षों के निचले स्तर पर हैं। जून 2026 तिमाही के कारोबारी नतीजे के बाद इसके शेयरों की हालिया तेजी पूरी गायब हो चुकी है। हालांकि दूसरी तरफ इस शेयर में लेवरेज लेकर किए जा रहे निवेश लगातार बढ़ रहे हैं। 13 अगस्त 2026 एनएसई के मार्जिन ट्रे़डिंग फैसिलिटी (MTF) के आंकड़ों के अनुसार एचडीएफसी बैंक में लेवरेज्ड पोजीशन ₹3,000 करोड़ के पार पहुंच गई थी। एमटीएफ बुक में इतनी बड़ी एक्सपोजर वाला यह एकमात्र शेयर बन गया है।

13 अगस्त को इस पर लेवरेज्ड बेट ₹3,212 करोड़ पर पहुंच गया जबकि 31 जुलाई 2026 को यह ₹2,360 करोड़ पर था यानी कि कुछ ही दिनों में इस पर दांव 36% बढ़ गया। जून के आखिरी में यह आंकड़ा ₹1,790 करोड़ था यानी जून के आखिरी से अगस्त के मध्य तक एचडीएफसी बैंक में लेवरेज्ड पोजीशन लगभग 80% बढ़ गई।

क्या है Margin Trading Facility (MTF)?

मार्जिन ट्रेडिंग फैसिलिटी एक ऐसा तरीका है जिसमें ट्रेडर्स कुल कीमत का एक छोटा हिस्सा देकर शेयरों की डिलीवरी ले सकते हैं। बाकी पैसे ब्रोकर लोन के तौर पर देता है और शेयरों को गिरवी रखकर रोजाना के आधार पर ब्याज वसूलता है। जब स्टॉक की कीमत बढ़ती है, तो कम निवेश लागत के कारण मुनाफा कई गुना बढ़ जाता है, लेकिन स्टॉक की कीमत गिरने पर नुकसान भी कई गुना बढ़ जाता है और ब्याज का खर्च और भी दबाव डालता है। हालांकि अगर स्टॉक की कीमत तेजी से गिरती है और ट्रेडर अतिरिक्त फंड नहीं डाल पाता है, तो ब्रोकर को स्टॉक बेचने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है।

कैसी है एचडीएफसी बैंक के शेयरों की स्थिति

एचडीएफसी बैंक के शेयरों के लिए यह साल 2026 शेयरों की तेजी को लेकर अब तक के सबसे खराब वर्षों में से एक रहा है। इस साल इसमें अब तक 25% की गिरावट आ चुकी है। पिछले कम से कम 10 वर्षों से लगातार इस स्टॉक ने सालाना पॉजिटिव रिटर्न दिया है। अभी इसके शेयरों पर जून तिमाही के कमजोर नतीजों ने दबाव बनाया है। जून तिमाही में बैंक का नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गया, जिससे पिछले साल से चली आ रही लोन और डिपॉजिट में मजबूत बढ़ोतरी का असर खत्म हो गया। हालांकि एसेट क्वालिटी अपनी कैटेगरी में सबसे अच्छी बनी रही।

एचडीएफसी बैंक का परफॉरमेंस इतना खराब रहा है कि मार्केट कैप के मामले में आईसीआईसीआई बैंक ने तेजी से उसकी बराबरी कर ली है। जहां एक तरफ एचडीएफसी बैंक के शेयर कई वर्षों के निचले स्तर पर हैं, तो आईसीआईसीआई बैंक के शेयर रिकॉर्ड ऊंचाई के करीब हैं। मार्केट कैप के मामले में दोनों के बीच का अंतर अब दस साल में सबसे कम है। एचडीएफसी बैंक फिलहाल बीएसई पर 0.28% की गिरावट के साथ ₹725.30 पर है तो आईसीआईसीआई बैंक 0.05% की बढ़त के साथ ₹1418.65 पर। एचडीएफसी बैंक का एक साल का हाई ₹1020.35 और आईसीआईसीआई बैंक का 1,479.90 है।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

टॉप 10 कंपनियों में से 5 का M-Cap ₹100000 करोड़ घटा, TCS को सबसे अधिक नुकसान

स्थानीय शेयर बाजार में बीते सप्ताह गिरावट रही। इस बीच सेंसेक्स की टॉप 10 मोस्ट वैल्यूएबल कंपनियों में से 5 के बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) में कुल मिलाकर करीब 1 लाख करोड़ रुपये की कमी आई। सबसे ज्यादा नुकसान आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने झेला। बीते सप्ताह सेंसेक्स 489.92 अंक या 0.62 प्रतिशत और निफ्टी 204.65 अंक या 0.83 प्रतिशत के नुकसान में रहा।

टॉप 10 कंपनियों में रिलायंस इंडस्ट्रीज, HDFC Bank, ICICI Bank, भारतीय स्टेट बैंक (SBI) और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के मार्केट कैप में गिरावट आई। दूसरी ओर भारती एयरटेल, बजाज फाइनेंस, लार्सन एंड टुब्रो, भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) और हिंदुस्तान यूनिलीवर का मार्केट कैप बढ़ गया। इन कंपनियों की वैल्यूएशन में कुल 55,149.45 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई।

बीते सप्ताह टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज का मार्केट कैप 34,263.28 करोड़ रुपये घटकर 8,53,506.85 करोड़ रुपये रह गया। इसी तरह रिलायंस इंडस्ट्रीज का मार्केट कैप 31,869.13 करोड़ रुपये घटकर 17,70,056.06 करोड़ रुपये, भारतीय स्टेट बैंक का 25,891.88 करोड़ रुपये घटकर 9,85,829.96 करोड़ रुपये, HDFC Bank का 7,165.37 करोड़ रुपये घटकर 11,20,802.10 करोड़ रुपये और ICICI Bank का मार्केट कैप 2,792.65 करोड़ रुपये घटकर 10,17,577.98 करोड़ रुपये पर आ गया।

बाकी 5 कंपनियों को कितना फायदा

इस रुख के उलट भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) का मार्केट कैप 26,438.49 करोड़ रुपये बढ़कर 5,23,330.31 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह भारती एयरटेल का मार्केट कैप 20,592.13 करोड़ रुपये बढ़कर 12,43,016.11 करोड़ रुपये, बजाज फाइनेंस का 3,548.79 करोड़ रुपये बढ़कर 6,77,197.34 करोड़ रुपये, लार्सन एंड टुब्रो का 2,490.66 करोड़ रुपये बढ़कर 5,58,973.11 करोड़ रुपये और हिंदुस्तान यूनिलीवर का मार्केट कैप 2,079.38 करोड़ रुपये बढ़कर 4,90,888.35 करोड़ रुपये हो गया।

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टॉप 10 कंपनियों में रिलायंस इंडस्ट्रीज टॉप पर

मार्केट कैप के लिहाज से रिलायंस इंडस्ट्रीज मोस्ट वैल्यूएबल कंपनी बनी रही। इसके बाद क्रमश: भारती एयरटेल, HDFC Bank, ICICI Bank, भारतीय स्टेट बैंक, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, बजाज फाइनेंस, लार्सन एंड टुब्रो, भारतीय जीवन बीमा निगम और हिंदुस्तान यूनिलीवर का स्थान रहा।

नए सप्ताह में मेनबोर्ड सेगमेंट में 17 अगस्त को NSE और BSE पर धूत ट्रांसमिशन, मोलबायो डायग्नोस्टिक्स की लिस्टिंग होगी। 18 अगस्त को NSE और BSE पर मिल्की मिस्ट डेयरी फूड के शेयर लिस्ट होने वाले हैं। इसके बाद 19 अगस्त को NSE और BSE पर बिहारी लाल इंजीनियरिंग और शिपरॉकेट के शेयर अपनी शुरुआत करेंगे।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

10 लाख रुपये की FD पर कहां होगी सबसे ज्यादा कमाई? जानें कौन-कौन से बैंक दे रहे 8% से ज्यादा ब्याज

Best return on FDs: अपनी गाढ़ी कमाई को सुरक्षित रखते हुए उस पर बेहतर रिटर्न पाने के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) हमेशा से भारतीय निवेशकों की पहली पसंद रहा है। अगस्त 2026 के आंकड़ों के मुताबिक अगर आप 10 लाख रुपये की बड़ी रकम एफडी में निवेश करने की योजना बना रहे हैं तो स्मॉल फाइनेंस बैंक आपको सबसे ज्यादा ब्याज दे रहे हैं। एफडी इंट्रेस्ट रेट में एक छोटा सा अंतर भी लंबे समय में आपकी कुल कमाई को काफी बढ़ा सकता है। खासकर ज्यादा अमाउंट इन्वेस्ट करने वाले सीनियर सिटिजंस के लिए ये काफी फायदेमंद साबित होता है। बिना कोई एक्स्ट्रा जोखिम लिए अपनी इंट्रेस्ट इनकम को मैक्सिमाइज करने के लिए जरूरी है कि आपको अलग अलग बैंकों की ओर से ऑफर किए जा रहे इंट्रेस्ट रेट की पूरी जानकारी हो।

स्मॉल फाइनेंस बैंक दे रहे 8.10% तक का सबसे ज्यादा ब्याज

10 लाख रुपये के निवेश पर सबसे अधिक रिटर्न देने के मामले में स्मॉल फाइनेंस बैंक सबसे आगे हैं। अगस्त 2026 तक स्मॉल फाइनेंस बैंकों में 8.10 फीसदी तक के इंट्रेस्ट रेट ऑफर किए जा रहे हैं। इसकी पूरी लिस्ट यहां नीचे देखी जा सकती है-

सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक (Suryoday Small Finance Bank): 8,10 फीसदी तक की ब्याज दर।

उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक (Utkarsh Small Finance Bank): 8.10 फीसदी तक की ब्याज दर।

शिवालिक स्मॉल फाइनेंस बैंक (Shivalik Small Finance Bank): 8 फीसदी तक की ब्याज दर।

जन स्मॉल फाइनेंस बैंक (Jana Small Finance Bank): 8 फीसदी तक की ब्याज दर।

इक्विटास स्मॉल फाइनेंस बैंक (Equitas Small Finance Bank): 8 फीसदी तक की ब्याज दर।

उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक (Ujjivan Small Finance Bank): 7.80 फीसदी तक की ब्याज दर।

स्लाइस स्मॉल फाइनेंस बैंक (Slice Small Finance Bank): 7.75 फीसदी तक की ब्याज दर।

प्राइवेट बैंक ऑफर कर रहे 7.50% तक इंट्रेस्ट

निजी क्षेत्र के बैंक भी अलग अलग टेन्योर के लिए आकर्षक एफडी इंट्रेस्ट रेट ऑफर कर रहे हैं।

डीसीबी बैंक (DCB Bank): 7.50 फीसदी तक की ब्याज दर।

बंधन बैंक (Bandhan Bank): 7.45 फीसदी तक की ब्याज दर।

आईडीएफसी फर्स्ट बैंक (IDFC FIRST Bank): 7.25 फीसदी तक की ब्याज दर।

कोटक महिंद्रा बैंक (Kotak Mahindra Bank): 6.80 फीसदी तक की ब्याज दर।

एक्सिस बैंक (Axis Bank): 6.50 फीसदी तक की ब्याज दर।

एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank): 6.50 फीसदी तक की ब्याज दर।

आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank): 6.50 फीसदी तक की ब्याज दर।

सरकारी बैंक ऑफर कर रहे स्टेबल और सेफ रिटर्न

सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में पंजाब एंड सिंध बैंक और बैंक ऑफ इंडिया अपने ग्राहकों को एफडी पर सबसे अधिक ब्याज दे रहे हैं:

पंजाब एंड सिंध बैंक (Punjab & Sind Bank): 6.85 फीसदी तक की ब्याज दर।

बैंक ऑफ इंडिया (Bank of India): 6.85 फीसदी तक की ब्याज दर।

सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया (Central Bank of India): 6.75 फीसदी तक की ब्याज दर।

बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda): 6.75 फीसदी तक की ब्याज दर।

इंडियन बैंक (Indian Bank): 6.65 फीसदी तक की ब्याज दर।

पंजाब नेशनल बैंक (Punjab National Bank): 6.60 फीसदी तक की ब्याज दर।

भारतीय स्टेट बैंक (State Bank of India): 6.45 फीसदी तक की ब्याज दर।

विदेशी बैंक कितना इंट्रेस्ट दे रहे?

भारत में काम कर रहे विदेशी बैंकों में डॉयचे बैंक सबसे बेहतर इंट्रेस्ट रेट ऑफर कर रहा है-

डॉयचे बैंक (Deutsche Bank): 7 फीसदी तक की ब्याज दर।

स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक (Standard Chartered Bank): 6.60 फीसदी तक की ब्याज दर।

एचएसबीसी बैंक (HSBC Bank): 5.50 फीसदी तक की ब्याज दर।

एक्सपर्ट्स की सलाह: कैसे करें 10 लाख रुपये का सुरक्षित निवेश?

मार्केट एक्सपर्ट्स का सुझाव है कि अगर आप 10 लाख रुपये का निवेश कर रहे हैं तो पूरी रकम एक ही बैंक में रखने के बजाय इसे कई बैंकों में बांटकर जमा करें। ऐसा करने से आप हर बैंक में मिलने वाले 5 लाख रुपये के जमा बीमा कवर के दायरे में सुरक्षित रहते हैं। हाई रिटर्न पाने के लिए स्मॉल फाइनेंस बैंकों का चयन समझदारी से करें और एफडी की समयावधि का चुनाव अपनी लिक्विडिटी यानी पैसे की जरूरत के हिसाब से करें। जमा बीमा सुरक्षा और स्थिर रिटर्न के चलते रिटायर लोगों के लिए एफडी आज भी एक बेहद भरोसेमंद निवेश माध्यम बनी हुई है।

15 अगस्त सेल में मची लूट! Amazon, Flipkart या Vijay Sales, जानें कहां क्रेडिट कार्ड से खरीदारी पर होगी सबसे ज्यादा बचत

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

HDFC Bank Share Price : स्टॉक ने हिट किया 52 हफ्तों का नया लो, जानिए कब तक कायम रहेगा यह दबाव

HDFC Bank Share Price : एचडीएफसी बैंक के शेयरों में आज भी गिरावट देखने को मिल रही है। आज के कारोबारी सत्र में इसने 52 वीक का नया लो बनाया है। फिलहाल 12.45 बजे के आसपास एनएसई पर यह शेयर 6.15 रुपए यानी 0.84 फीसदी की कमजोरी के साथ 722 रुपए के आसपास कारोबार कर रहा था। आज का इसका दिन का लो 722 रुपए है। आज यह शेयर 729 रुपए पर खुला था। वहीं, कल की इसकी क्लोजिंग भी 729 रुपए ही थी। टेक्निकल नजरिए से देंखें तो इस स्टॉक में नेगेटिव प्राइस ब्रेकआउट देखने को मिला है। यह अभी अपने दूसरे सपोर्ट लेवल (S2) से नीचे ट्रेड कर रहा है। इसका दूसरा सपोर्ट लेवल ₹733.10 पर है।

एक्सचेंज पर उपलब्ध आंकड़ो से पता चलता है कि HDFC बैंक के शेयर अपने पिछले निचले स्तर ₹726.75 से भी नीचे गिर गए हैं, जो इसने 2 अप्रैल, 2026 को छुआ था। यह स्टॉक मई 2024 के बाद से अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है। इसने 23 अक्टूबर, 2025 को ₹1,020.35 का 52-हफ़्ते का हाई छुआ था।

कैलेंडर वर्ष 2026 में अब तक, BSE सेंसेक्स में 8.2 फीसदी की गिरावट आई है। वहीं, इसी अवधि में HDFC बैंक में 27 फीसदी की गिरावट आई है। ऐसे में इसका प्रदर्शन बाजार के मुकाबले कमजोर रहा है।

FPIs ने लगातार पांचवीं तिमाही में HDFC बैंक में अपनी हिस्सेदारी घटाई

एचडीएफसी बैंक के शेयरहोल्डिंग पैटर्न के आंकड़ों से पता चलता है कि विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) ने लगातार पांचवीं तिमाही में HDFC बैंक में अपनी हिस्सेदारी कम की है। ताजे आंकड़ों से पता चलता है कि जून 2026 तिमाही के आखिर में HDFC बैंक में FPI की हिस्सेदारी घटकर 41.83 फीसदी हो गई, जो मार्च 2026 तिमाही के आखिर में 44.05 फीसदी थी। दिसंबर 2025 तिमाही में इस प्राइवेट सेक्टर के बैंक में FPI की हिस्सेदारी 47.67 फीसदी थी और सितंबर 2025 तिमाही के आखिर में यह 48.39 फीसदी थी।

घरेलू संस्थागत निवेशकों ने बढ़ाई हिस्सेदारी

हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने जून तिमाही में HDFC बैंक में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर 41.9 फीसदी कर दी। ताजे आंकड़ों से पता चलता है कि सितंबर 2025 तिमाही के अंत में उनकी हिस्सेदारी 36.3 फीसदी थी। इंडिविजुअल पब्लिक शेयरहोल्डरों ने भी HDFC बैंक में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है। इनकी हिस्सेदारी पिछली तिमाही के 15.6 फीसदी और दिसंबर 2025 तिमाही के अंत के 15.1 फीसदी से बढ़कर 16.3 फीसदी हो गई है।

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स्टॉक में क्यों आ रही गिरावट?

बैंक के मार्जिन पर शॉर्ट-टर्म दबाव और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली की वजह से इस शेयर पर दबाव बना है। इस साल अब तक यह स्टॉक में 27 फीसदी से ज्यादा टूट चुका है। बाजार जानकारों का कहना है कि बैंक के NIM (नेट इंटरेस्ट मार्जिन) में रिकवरी और फंड की लागत कम होने पर ही इसमें फिर से तेजी आ सकती है। DII की हिस्सेदारी में लगातार बढ़ोतरी से FPI की बिकवाली को कुछ हद तक संतुलित करने में सहायता मिली है। लेकिन स्टॉक में हो रही गिरावट को रोकने के लिए सिर्फ इतना ही काफी नहीं है। अगर बैंक के मार्जिन पर दबाव बना रहता है और फंड की लागत कम नहीं होती तो आगे भी स्टॉक पर दबाव बना रहेगा।

शेयर की चाल पर एक नजर

इस स्टॉक में लॉन्ग टर्म और शॉर्ट टर्म दोनों ही नजरिए से बाजार को निराश किया है। पिछले 1 हफ्ते में इसमें 1.57 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है। वहीं, 1 महीने में यह शेयर 12.30 फीसदी टूटा है। 3 महीने में इसमें 3.6 फीसदी की कमजोरी देखने को मिली है। वहीं, इस साल अब तक इसमें 27 फीसदी की गिरावट आई है। 1 साल में यह शेयर 26.53 फीसदी टूटा है। वहीं, 3 साल में इसमें 10.62 फीसदी की कमजोरी देखने को मिली है।

सेंसेक्स की टॉप 10 कंपनियों में से 4 का मार्केट कैप ₹1.43 लाख करोड़ बढ़ा, SBI को सबसे ज्यादा फायदा

सेंसेक्स की टॉप 10 मोस्ट वैल्यूएबल कंपनियों में से 4 के बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) में बीते सप्ताह कुल मिलाकर 1.43 लाख करोड़ रुपये से अधिक की बढ़ोतरी हुई। इस दौरान भारतीय स्टेट बैंक (SBI) को सबसे अधिक फायदा हुआ। बीते सप्ताह सेंसेक्स 404.53 अंक या 0.51 प्रतिशत बढ़ा, जबकि निफ्टी 187.05 अंक या 0.76 प्रतिशत के लाभ में रहा। सेंसेक्स की टॉप 10 कंपनियों में रिलायंस इंडस्ट्रीज, भारतीय स्टेट बैंक, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) और लार्सन एंड टुब्रो के मार्केट कैप में बढ़ोतरी हुई।

वहीं भारती एयरटेल, HDFC Bank, ICICI Bank, बजाज फाइनेंस, भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) और हिंदुस्तान यूनिलीवर के मार्केट कैप में कुल मिलाकर 1.23 लाख करोड़ रुपये की गिरावट आई। सप्ताह के दौरान भारतीय स्टेट बैंक का मार्केट कैप 63,922.03 करोड़ रुपये बढ़कर 10,11,721.84 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।

इसी तरह रिलायंस इंडस्ट्रीज का मार्केट कैप 32,816.4 करोड़ रुपये बढ़कर 18,01,925.19 करोड़ रुपये, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज का 31,875.35 करोड़ रुपये बढ़कर 8,87,770.13 करोड़ रुपये और लार्सन एंड टुब्रो का मार्केट कैप 14,637.76 करोड़ रुपये बढ़कर 5,56,482.45 करोड़ रुपये हो गया।

बाकी 6 कंपनियों को कितना नुकसान

इस रुख के उलट LIC के मार्केट कैप में 40,543.23 करोड़ रुपये की गिरावट आई और यह घटकर 4,96,891.82 करोड़ रुपये पर आ गया। इसी तरह बजाज फाइनेंस का मार्केट कैप 37,168.96 करोड़ रुपये घटकर 6,73,648.55 करोड़ रुपये, HDFC Bank का 24,183.16 करोड़ रुपये घटकर 11,27,967.47 करोड़ रुपये, ICICI Bank का 9,507.67 करोड़ रुपये घटकर 10,20,370.63 करोड़ रुपये, भारती एयरटेल का 7,581.65 करोड़ रुपये घटकर 12,22,423.98 करोड़ रुपये और हिंदुस्तान यूनिलीवर का मार्केट कैप 4,793.16 करोड़ रुपये की गिरावट के साथ 4,88,808.97 करोड़ रुपये पर आ गया।

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टॉप 10 कंपनियों में रिलायंस इंडस्ट्रीज टॉप पर

बाजार पूंजीकरण के लिहाज से सेंसेक्स की टॉप 10 कंपनियों की लिस्ट में रिलायंस इंडस्ट्रीज टॉप पर कायम रही। इसके बाद क्रमश: भारती एयरटेल, HDFC Bank, ICICI Bank, भारतीय स्टेट बैंक, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, बजाज फाइनेंस, लार्सन एंड टुब्रो, भारतीय जीवन बीमा निगम और हिंदुस्तान यूनिलीवर का स्थान रहा।

नए सप्ताह में मेनबोर्ड सेगमेंट में 12 अगस्त को NSE और BSE पर Ardee Industries के शेयर अपनी शुरुआत कर सकते हैं। 14 अगस्त को NSE और BSE पर LEAP India और Technocraft Ventures लिस्ट होने वाली हैं।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

HDFC Bank AGM: आने वाली तिमाहियों में HDFC बैंक के CASA और NIM सुधरेंगे : चेयरमैन राजीव कुमार

HDFC Bank AGM: देश के सबसे बड़े प्राइवेट लेंडर HDFC बैंक के पार्ट-टाइम चेयरमैन राजीव कुमार ने कहा कि बैंक की कॉरपोरेट गवर्नेंस मजबूत है। इसे आगे और सशक्त किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आने वाली कुछ तिमाहियों में CASA (करंट अकाउंट-सेविंग अकाउंट) रेशियो और नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) में सुधार होगा।

मर्जर से बैलेंस शीट का स्ट्रक्चर बदला

राजीव कुमार ने कहा कि HDFC लिमिटेड के मर्जर के बाद बैंक की बैलेंस शीट के स्ट्रक्चर में बदलाव आया है। इसका सबसे ज्यादा असर CASA रेशियो और NIM पर पड़ा।

उन्होंने कहा, ‘हम डिपॉजिट मार्केट में अपनी हिस्सेदारी लगातार बढ़ा रहे हैं। साथ ही कंजम्प्शन आधारित कारोबार पर फोकस बढ़ा रहे हैं। हमें भरोसा है कि अगले 2-3 वर्षों में CASA और NIM दोनों में सुधार होगा।’

पहली बार AGM में किया संबोधन

राजीव कुमार ने 5 अगस्त को बैंक की 32वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) को संबोधित किया। यह उनका चेयरमैन के तौर पर पहला संबोधन था।

उन्होंने कहा कि बैंक की कार्यसंस्कृति मजबूत है। आंतरिक नियंत्रण प्रणाली भी मजबूत बनी हुई है। उन्होंने कहा, ‘हम अपने शेयरधारकों, ग्राहकों और सभी हितधारकों के भरोसे की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। बैंक के कामकाज का तरीका और आंतरिक नियंत्रण प्रणाली मजबूत है। इसे आगे और सशक्त बनाया जाएगा।’

पूर्व चेयरमैन के इस्तीफे के बाद आया बयान

राजीव कुमार का यह बयान अहम माना जा रहा है। मार्च में तत्कालीन पार्ट-टाइम चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती ने इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने नैतिक मूल्यों में मतभेद की बात कही थी। इसके बाद स्वतंत्र कानूनी जांच कराई गई। जून में आई रिपोर्ट में किसी तरह की गवर्नेंस या नैतिक चूक के सबूत नहीं मिले।

CEO के तीसरे कार्यकाल पर चुप्पी

राजीव कुमार ने कहा कि बोर्ड में नई नियुक्तियां सिर्फ मेरिट के आधार पर होंगी। उन्होंने कहा कि योग्यता, ईमानदारी और पेशेवर उत्कृष्टता को ही प्राथमिकता दी जाएगी।

हाल के महीनों में MD और CEO शशिधर जगदीशन के तीसरे कार्यकाल को लेकर चर्चा रही है। हालांकि, राजीव कुमार ने अपने संबोधन में इस मुद्दे का जिक्र नहीं किया।

 

डिपॉजिट ग्रोथ रही मजबूत

राजीव कुमार ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में HDFC बैंक के डिपॉजिट में 14.4% की बढ़ोतरी हुई। यह पूरे बैंकिंग सिस्टम की 11.5% वृद्धि से बेहतर रही। वहीं, इसी अवधि में बैंक के एडवांस (लोन) 12.1% बढ़े।

राजीव कुमार ने कहा कि HDFC बैंक से पहली बार होम लोन लेने वाले 95% से ज्यादा ग्राहक बैंक में सेविंग अकाउंट भी खोल रहे हैं। इससे मर्जर के बाद क्रॉस-सेलिंग के अवसर बढ़े हैं।

HDFC बैंक के शेयरों का हाल

HDFC बैंक के शेयर बुधवार को 0.99% की गिरावट के साथ 734.65 रुपये पर बंद हुए। पिछले 1 महीने में स्टॉक 11.47% गिरा है। वही, 1 साल के दौरान 25.70% टूटा है। पिछले 5 साल का रिटर्न भी 1.56% नेगेटिव हो गया है। बैंक का मार्केट कैप 5.65 लाख करोड़ रुपये है।

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HDFC Bank AGM: नए चेयरमैन, डिविडेंड से लेकर फंड जुटाने तक, 5 अगस्त की AGM में कई बड़े फैसले होंगे

HDFC Bank AGM: प्राइवेट सेक्टर के सबसे बड़े लेंडर HDFC Bank की 32वीं सालाना आम बैठक (AGM) बुधवार,5 अगस्त को होगी। इस बार की AGM कई वजहों से खास मानी जा रही है। हाल ही में नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती ने नैतिक कारणों का हवाला देकर इस्तीफा दिया था। वहीं, बैंक को जल्द नया CEO भी चुनना है।

मौजूदा MD और CEO शशिधर जगदीशन का कार्यकाल तीन महीने से भी कम बचा है। RBI के नियम कहते हैं कि नए CEO के नाम की सिफारिश छह महीने पहले भेजनी चाहिए। लेकिन बैंक ने अभी तक इस प्रक्रिया की शुरुआत नहीं की है।

डिविडेंड, फंड जुटाने का प्लान

AGM में सबसे पहले वित्त वर्ष 2025-26 के वित्तीय नतीजों और डिविडेंड पर मंजूरी ली जाएगी।

इसके अलावा बैंक फंड जुटाने की भी तैयारी में है। इसके लिए वह AT-1 बॉन्ड, Tier-II बॉन्ड और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के लिए लॉन्ग-टर्म बॉन्ड जारी करने की मंजूरी मांगेगा। ये सभी बॉन्ड प्राइवेट प्लेसमेंट के जरिए जारी किए जाएंगे।

नए चेयरमैन पर भी लगेगी मुहर

बैंक ने राजीव कुमार को नया नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन बनाने का प्रस्ताव रखा है। AGM में शेयरधारक इस पर वोट करेंगे।

अगर मंजूरी मिलती है, तो उन्हें RBI की अनुमति के अनुसार ₹50 लाख सालाना तय पारिश्रमिक मिलेगा। इसके अलावा बोर्ड और कमेटी की बैठकों में शामिल होने पर सिटिंग फीस भी मिलेगी। बैंक की कार का इस्तेमाल भी आधिकारिक और निजी दोनों कामों के लिए कर सकेंगे।

पहले चेयरमैन को कितना मिला था?

राजीव कुमार से पहले अतनु चक्रवर्ती इस पद पर थे। वित्त वर्ष 2025-26 में उन्हें ₹59 लाख सिटिंग फीस और ₹48.25 लाख तय पारिश्रमिक मिला था। यानी कुल मिलाकर उन्हें ₹1.07 करोड़ का भुगतान हुआ।

उन्होंने 18 मार्च 2026 को इस्तीफा दिया था। इसलिए उन्हें पूरे साल की बजाय जितने समय तक पद पर रहे, उसी हिसाब से भुगतान किया गया।

एक और प्रस्ताव भी आएगा

AGM में वी. श्रीनिवास रंगन को फिर से निदेशक बनाने का प्रस्ताव भी रखा जाएगा। वह रोटेशन के तहत रिटायर हो रहे हैं और बैंक उन्हें दोबारा बोर्ड में शामिल करना चाहता है।

HDFC बैंक के शेयर मंगलवार को 1.86% की गिरावट के साथ 739 रुपये पर बंद हुए। पिछले 1 साल में स्टॉक 25.80% टूट चुका है।

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