Awarapan 2: ‘इमरान हाशमी को बिना किस करते देखना गैरकानूनी सा लगता है…’, ‘आवारापन 2’ में किसिंग सीन न होने पर फैंस ने दिए मजेदार रिएक्शन

Awarapan 2: इमरान हाशमी इन दिनों बहुत खुश हैं, क्योंकि उनकी 2007 की फ़िल्म ‘आवारापन’ का सीक्वल बॉक्स ऑफ़िस पर हिट साबित हो रहा है। एक्टर की इस नई फिल्म को क्रिटिक्स और दर्शकों, दोनों से ही काफी अच्छे रिव्यूज मिले हैं और कई दर्शक तो ओरिजिनल फ़िल्म से जुड़ी पुरानी यादों को भी पसंद कर रहे हैं। हालांकि, फैन्स ने ‘आवारापन 2’ में एक बात पर ध्यान दिया कि इसमें इमरान का कोई किसिंग सीन नहीं है।

‘सब लोग मर्डर वाले इमरान हाशमी को ढूंढ रहे थे’

अपने करियर के शुरुआती सालों में ‘सीरियल किसर’ के रूप में मशहूर इमरान फिल्मों में इंटीमेट सीन और जोशीले रोमांस के लिए जाने जाते थे। हालांकि, प्रशंसकों ने गौर किया कि इमरान की नई फिल्म में कोई किसिंग सीन नहीं है और इस पर कई लोगों ने मजेदार प्रतिक्रियाएं दीं। कुछ प्रशंसकों ने तो मजाक में यह भी कहा कि वे फिल्म में ‘पुराने’ इमरान हाशमी को ढूंढ रहे हैं।

एक यूजर ने लिखा था, “उम्र हो गई है वो वाला इमरान हाशमी अब नहीं रहा।” एक अन्य दर्शक ने लिखा, “सब यहां इस सीन में मर्डर वाले इमरान हाशमी को ढूंढ रहे हैं।” एक और कमेंट में लिखा था, “इमरान हाशमी को बिना किसिंग सीन के देखना गैरकानूनी सा लगता है।” एक और कमेंट में लिखा था, “इमरान भाई, दिशा को किस कर लो ना, आलिया देख तो नहीं रही है ना। Awarapan2।”

एक और कमेंट में लिखा था, “मैंने अपनी मम्मी से कहा था कि हमें कुछ और देखना चाहिए क्योंकि इमरान हाशमी इस फिल्म में हैं। पता चला कि इसमें एक भी नॉर्मल किस सीन नहीं था, और कहानी तो वाकई बहुत अच्छी थी।”

‘उन्होंने खुद इसे कम किया और इससे दूर हो गए’

हालांकि, हर किसी ने किसिंग सीन न होने को नकारात्मक रूप से नहीं देखा। कुछ फैंस ने इस बात की सराहना की कि इमरान अपने करियर की शुरुआत में बनी अपनी छवि से आगे बढ़ चुके हैं। एक सोशल मीडिया यूज़र ने कमेंट कहा, “वह शादीशुदा हैं। उन्होंने खुद इसे कम किया और कामुक फिल्मों से दूर हो गए। कम से कम इसकी तो सराहना करें।” एक अन्य दर्शक ने बस इतना लिखा, “अच्छा है कि कोई किसिंग सीन नहीं है।”

अपनी इमेज बदलने पर इमरान हाशमी

एक पुरानी बातचीत में, इमरान ने ‘सीरियल किसर’ वाली इमेज से बाहर निकलने और इस बात पर चर्चा की कि कैसे यह आज भी उनके करियर से जुड़ी एक अहम बात बनी हुई है। उन्होंने हिंदुस्तान टाइम्स से कहा, “होता यह है कि जब आपकी इमेज इतनी मज़बूत हो जाती है – खासकर भारत जैसे बहुत रूढ़िवादी समाज में – तो लोग उसे ही पकड़े रहते हैं। जैसे, अगर आप कुछ दिन पहले हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में लोगों को देखें, तो वहां भी किस (kiss) को लेकर सवाल उठ ही गया। लेकिन भारत ऐसा ही है। लोग अभी भी उसी चीज़ में उलझे रहते हैं। आपको बस आगे बढ़कर खेलना होगा और अपनी वर्सटैलिटी (अलग-अलग तरह के रोल करने की काबिलियत) दिखाने के लिए कुछ करना होगा। बस बाहर निकलिए और जो काम आप कर रहे हैं, उसमें हिम्मत दिखाइए।”

पिछले कुछ सालों में, इमरान ने सोच-समझकर अलग-अलग तरह की फ़िल्मों और किरदारों में काम किया है, जिनमें ‘हक़’, ‘ग्राउंड ज़ीरो’, ‘चेहरे’, ‘सेल्फ़ी’ और दूसरी फ़िल्में शामिल हैं। ‘आवारापन 2’, 2007 की फ़िल्म ‘आवारापन’ का सीक्वल है। इसमें इमरान हाशमी, दिशा पाटनी और शबाना आज़मी हैं और इसे नितिन कक्कड़ ने डायरेक्ट किया है। यह फ़िल्म बॉक्स ऑफ़िस पर हिट रही है। अब तक भारत में इसकी कुल नेट कमाई ₹67.46 करोड़ रही है।

दुबई का 36 लाख का टैक्स फ्री पैकेज ठुकराया, क्यों चुनी ऐसी राह? आज बन गई है मिसाल

फिनग्रोथ मीडिया के फाउंडर कानन बहल ने दुबई की 36 लाख की टैक्स-फ्री नौकरी ठुकरा दी। देश और परिवार के लिए लिया गया उनका यह फैसला आज हर भारतीय युवा के लिए एक मिसाल है।

Sunny Deol: ‘मेरा जमीर नहीं मानता…’, पान-मसाला के एड ठुकराने पर बोले सनी देओल

Sunny Deol: सनी देओल ने साफ कर दिया है कि पान मसाला के विज्ञापन करना एक ऐसी कैटेगरी है जिसमें उन्हें कोई दिलचस्पी नहीं है। एक्टर का कहना है कि उन्हें ऐसे ऑफर मिले हैं, लेकिन उन्होंने हमेशा उन्हें ठुकरा दिया है क्योंकि इस तरह के प्रोडक्ट का प्रमोशन करना उनकी अपनी सोच और मान्यताओं के खिलाफ है।

शुभंकर मिश्रा के पॉडकास्ट पर बात करते हुए, सनी ने ब्रांड एंडोर्समेंट को लेकर अपने नजरिए के बारे में बताया और यह भी बताया कि क्यों कुछ बहुत फ़ायदेमंद ऑफ़र भी उन्हें पसंद नहीं आते। सनी देओल का कहना है कि वह कभी भी पान मसाला का विज्ञापन नहीं करेंगे।

जब उनसे खास तौर पर पान मसाला के विज्ञापनों से दूर रहने के बारे में पूछा गया, तो सनी ने कहा कि भविष्य में भी उनके इस रुख में कोई बदलाव नहीं आएगा। उन्होंने कहा, “मैं पान मसाला के विज्ञापन नहीं करता और न ही कभी करूंगा। मैं ऐसी कोई चीज़ नहीं करूंगा। ऑफ़र तो आते हैं, लेकिन मैं नहीं करूंगा। मैं ऐसा कुछ नहीं करना चाहता जिसमें मेरा विश्वास न हो।”

एक्टर ने आगे कहा कि वह पान मसाला को प्रमोट करने लायक चीज़ नहीं मानते, जिससे ऐसे विज्ञापनों को लेकर उनका रुख बिल्कुल साफ़ हो गया है। सनी ने कहा, “मैं इन सब चीज़ों को नहीं मानता। मुझे नहीं लगता कि इसे बढ़ावा देना कोई अच्छी बात है।” एक्टर के मुताबिक, इसी सोच ने उनके कई दूसरे प्रोफेशनल फैसलों पर भी असर डाला है। उन्होंने कहा कि ऐसे कई काम हैं जिन्हें उन्होंने सिर्फ़ इसलिए करने से मना कर दिया क्योंकि उनका ज़मीर उन्हें इसकी इजाजत नहीं देता था।

उन्होंने आगे कहा, “मैं कई काम इसलिए नहीं करता क्योंकि मेरा ज़मीर उन्हें मंज़ूरी नहीं देता, और जो काम करने होते हैं, उन्हें मैं कर लेता हूं।”बातचीत इस बात पर भी हुई कि एडवरटाइज़िंग की दुनिया में सनी कम ही नज़र आते हैं। जहां उनके साथ के कई कलाकार बड़े ब्रांड कैंपेन में लगातार दिखते हैं, वहीं सनी ने माना कि उन्हें खुद नहीं पता कि एडवरटाइज़र्स ने उनसे उतनी बार संपर्क क्यों नहीं किया।

उन्होंने कहा, “अगर मैं भारत का प्रतिनिधित्व करता हूं और बाकी चीज़ों का भी प्रतिनिधित्व करता हूं, तो भी किसी तरह ऐड मेरे पास नहीं आते। वे मेरे पास क्यों नहीं आते? मुझे कोई अंदाज़ा नहीं है।”सनी ने इस स्थिति की तुलना उस दौर से की जब उन्हें फ़िल्मों के ऑफ़र नहीं मिल रहे थे। उन्होंने कहा, “जैसे पहले फ़िल्में नहीं मिल रही थीं, वैसे ही विज्ञापनों के मामले में मुझे कुछ पता नहीं है।”

उनकी यह बात ऐसे समय में आई है जब बॉलीवुड सेलेब्रिटीज़ के पान मसाला से जुड़े ब्रांड्स का प्रचार करने को लेकर फिर से चर्चा हो रही है। महाराष्ट्र फ़ूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने हाल ही में शाहरुख़ ख़ान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ़ को ‘विमल इलायची’ के विज्ञापन में दिखने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

फ़िल्मों की बात करें तो सनी अभी ‘बंटवारा 1947’ में नज़र आ रहे हैं। इसके अलावा, एक्टर नितेश तिवारी की ‘रामायण’ में भी काम करने वाले हैं, जिसमें वे भगवान हनुमान का किरदार निभाएंगे।

VIDEO: ओडिशा के अस्पताल में फ्री इलाज कराकर गदगद हुआ अमेरिकी पर्यटक फिर बताया कि US में कितने होते खर्च

भारत में सस्ता और आसानी से मिलने वाला इलाज एक विदेशी नागरिक को काफी पसंद आया। ओडिशा के एक गांव में बीमार पड़ने पर एक विदेशी को सरकारी अस्पताल में मुफ्त इलाज मिला। इस अनुभव से वह काफी प्रभावित हुआ। उसने बताया कि अमेरिका में इसी इलाज के लिए उसे हजारों डॉलर खर्च करने पड़ सकते थे, जबकि भारत में उसका इलाज बिना किसी फीस के हो गया। इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए एक वीडियो में माइक ने भारत यात्रा के दौरान अपने अनुभव के बारे में बताया। सोशल मीडिया पर ये पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है।

उन्होंने कहा कि, ओडिशा से गुजरते समय ट्रिप के पांचवें दिन उनकी तबीयत अचानक खराब हो गई। वीडियो में उन्होंने बताया कि ज्यादा खाना खाने की वजह से उनकी तबीयत बिगड़ी और उन्हें गांव के एक अस्पताल में इलाज के लिए जाना पड़ा। वीडियो पर लिखा था, “ग्रामीण भारत में अमेरिकन हॉस्पिटलाइज्ड।”

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो

वीडियो की शुरुआत में माइक ने उस गांव के सरकारी अस्पताल के अंदर के दृश्य दिखाए, जहां उन्हें भर्ती कराया गया था। उन्होंने कहा, “हां, मैं एक गांव के सरकारी अस्पताल में भर्ती था, जहां मुझे सुइयां लगाई जा रही थीं और दीवारों पर लिखी भाषा भी मैं समझ नहीं पा रहा था।” उन्होंने आगे कहा, “अब आप सोच रहे होंगे कि मैं आखिर यहां कैसे पहुंच गया?” इसके बाद माइक ने बताया कि अस्पताल ले जाने से पहले करीब 12 घंटे तक उन्हें हर 15 मिनट में उल्टी हो रही थी।

क्यों खराब हुई तबीयत

माइक ने स्थानीय खाने के कुछ वीडियो भी दिखाए और स्पष्ट किया कि उनकी तबीयत फूड पॉइजनिंग की वजह से खराब नहीं हुई थी, बल्कि उन्होंने जरूरत से ज्यादा खाना खा लिया था। उन्होंने कहा, “रुको, रुको, रुको, मैं समझ सकता हूं कि आप क्या सोच रहे हैं। नहीं, यह फूड पॉइजनिंग नहीं थी। खाना इतना स्वादिष्ट था कि मैंने जरूरत से ज्यादा खा लिया और फिर मुझे इसका खामियाजा भुगतना पड़ा।”

अस्पताल ने नहीं लिया कोई पैसा

माइक ने मजाकिया अंदाज में बताया कि इलाज के दौरान उन्हें एक नहीं, बल्कि दो इंजेक्शन तक लगवाने पड़े। उन्होंने कहा कि अब उनकी तबीयत पहले से बेहतर है, लेकिन इलाज के बाद आने वाले मेडिकल बिल को लेकर उन्हें चिंता होने लगी थी। माइक ने कहा, “हालात जितने भी खराब थे, लेकिन मेडिकल बिल के बारे में सोचकर ही मैं डर गया था।” लेकिन उनको हैरानी तब हुई जब अस्पताल ने इलाज के लिए उनसे कोई पैसा नहीं लिया।

अमेरिका हेल्थकेयर से की तुलना

भारत और अमेरिका की स्वास्थ्य व्यवस्था की तुलना करते हुए माइक ने मजाकिया अंदाज में कहा, “अमेरिका में एक IV बैग, उल्टी रोकने की दवा और दो इंजेक्शन का खर्च आसानी से हजारों डॉलर तक पहुंच सकता है। लेकिन यहां मुझे इलाज के लिए एक भी पैसा नहीं देना पड़ा। यह देखकर मैं हैरान रह गया।” माइक के गांव के सरकारी अस्पताल में हुए इलाज के अनुभव की सोशल मीडिया पर काफी सराहना हुई।

सोशल मीडिया पर लोगों ने किया कमेंट

एक यूजर ने कहा, “यहां इलाज मुफ्त है। हां, दवाइयों के लिए थोड़ा खर्च करना पड़ सकता है, लेकिन यह रकम ज्यादा से ज्यादा 2 से 3 डॉलर के आसपास होगी।”एक अन्य यूजर ने मजाकिया अंदाज में कहा, “यह गर्व की बात है कि कोई विदेशी ओडिशा के सरकारी अस्पताल में मुफ्त इलाज की सुविधा की तारीफ कर रहा है। अमेरिका में इसी तरह के इलाज के लिए हजारों डॉलर खर्च करने पड़ सकते हैं और कई बार अपॉइंटमेंट के लिए भी कई दिनों तक इंतजार करना पड़ता है।” एक अन्य यूजर ने कहा, “पहले अपने शरीर को यहां के मसालों और खाने का आदी बनाइए, उसके बाद ही ज्यादा खाना खाइए। उम्मीद है कि आप जल्द ही पूरी तरह ठीक महसूस करेंगे।”

(डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर यूज़र द्वारा शेयर किए गए कंटेंट पर आधारित है। मनीकंट्रोल इन दावों की न तो स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है और न ही इनका समर्थन करता है।)

Stocks to Watch: सोमवार 17 अगस्त को 20 शेयरों पर रहेगी नजर, मिल सकता है तगड़ी कमाई का मौका

Stocks to Watch: सोमवार, 17 अगस्त को बाजार खुलते ही कई शेयरों में तगड़ी हलचल देखने को मिल सकती है। कुछ कंपनियों ने मजबूत तिमाही नतीजे दिए हैं, तो कुछ पर बड़े ऑर्डर, ब्लॉक डील और रेगुलेटरी अपडेट का असर रह सकता है। डिफेंस, बैंकिंग, रियल एस्टेट, FMCG और इंजीनियरिंग समेत कई सेक्टर फोकस में रहेंगे। ऐसे में इन 20 शेयरों पर निवेशकों की खास नजर रहेगी।

Cochin Shipyard

सरकारी शिपबिल्डिंग कंपनी Cochin Shipyard के नतीजे कमजोर रहे। नेट प्रॉफिट 27.7% घटकर ₹135.8 करोड़ रह गया। रेवेन्यू और EBITDA में भी गिरावट दर्ज हुई। कमजोर प्रदर्शन का असर शेयर पर पड़ सकता है।

Reliance Industries

तेल-टेलीकॉम से लेकर मैन्युफैक्चरिंग तक कारोबार करने वाली Reliance Industries ने ब्रिटेन की एयरोस्पेस कंपनी Rolls-Royce के साथ बड़ा समझौता किया है। दोनों कंपनियां भारत के AMCA फाइटर जेट प्रोग्राम के लिए स्वदेशी कॉम्बैट इंजन विकसित करने पर काम करेंगी। इसके लिए भारत में एक एयरोस्पेस गैस टर्बाइन कॉम्प्लेक्स बनाने की भी योजना है, जो पावर और प्रोपल्शन टेक्नोलॉजी का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनेगा।

Voltas

एयर कंडीशनर और होम एप्लायंसेस बनाने वाली टाटा ग्रुप की कंपनी Voltas ने मजबूत तिमाही नतीजे दिए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹140 करोड़ से बढ़कर ₹214 करोड़ हो गया। रेवेन्यू भी 19% बढ़कर ₹4,674 करोड़ पहुंच गया। बेहतर नतीजों से शेयर में हलचल दिख सकती है।

Max Estates

रियल एस्टेट कंपनी Max Estates का पहली तिमाही में नेट प्रॉफिट 30% घटकर ₹8.35 करोड़ रह गया। रेवेन्यू लगभग स्थिर रहा और 0.85% बढ़कर ₹51.91 करोड़ पहुंचा। वहीं, EBITDA 41.6% गिरकर ₹8.12 करोड़ रहा। हालांकि पिछली तिमाही के मुकाबले कंपनी ने घाटे से मुनाफे में वापसी की है।

Texmaco Rail & Engineering

रेलवे और इंजीनियरिंग कंपनी Texmaco Rail & Engineering ने अपनी डिफेंस सब्सिडियरी Texmaco Defence Technologies में ₹200 करोड़ तक के निवेश के लिए समझौता किया है। पहले चरण में ₹100 करोड़ नए इक्विटी शेयर जारी करके लगाए जाएंगे। बाकी ₹100 करोड़ इक्विटी, डेट या अन्य वित्तीय साधनों के जरिए निवेश किए जाएंगे।

BEML

सरकारी इंजीनियरिंग कंपनी BEML को मॉरीशस से 6.65 मिलियन डॉलर (करीब ₹63.5 करोड़) का एक्सपोर्ट ऑर्डर मिला है। इसके तहत कंपनी BE220G हाइड्रोलिक एक्सकेवेटर अफ्रीका के कई देशों में सप्लाई करेगी। ऑर्डर की शुरुआत सिएरा लियोन में पायलट डिप्लॉयमेंट से होगी।

Ather Energy

इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर कंपनी Ather Energy के शेयरधारकों ने ₹1,200 करोड़ के प्रेफरेंशियल इश्यू को मंजूरी दे दी है। इससे पहले कंपनी ₹1,300 करोड़ का QIP भी पूरा कर चुकी है। दोनों को मिलाकर कंपनी ने करीब ₹2,500 करोड़ जुटाए हैं।

NMDC Steel

सरकारी स्टील कंपनी NMDC Steel ने पहली तिमाही में मजबूत ग्रोथ दिखाई। नेट प्रॉफिट 97.6% बढ़कर ₹50.51 करोड़ हो गया। रेवेन्यू भी 8.8% बढ़कर ₹3,661.84 करोड़ पहुंचा। बेहतर नतीजों से निवेशकों की नजर रहेगी।

Embassy Office Parks REIT

रियल एस्टेट इनवेस्टमेंट ट्रस्ट Embassy Office Parks REIT में Bain Capital की इकाई APAC Company XXIII Limited ने ब्लॉक डील लॉन्च की है। बेस ऑफर के तहत 4.42% हिस्सेदारी वाले 4.19 करोड़ यूनिट करीब ₹1,802 करोड़ में बेचे जाएंगे। अपसाइज विकल्प जोड़ने पर डील का आकार करीब ₹2,298 करोड़ तक पहुंच सकता है।

Patanjali

FMCG कंपनी पंतजलि ने शानदार तिमाही प्रदर्शन किया है। कंपनी का मुनाफा ₹180 करोड़ से बढ़कर ₹336 करोड़ हो गया। इसके साथ FY27 के लिए ₹0.80 और FY26 के लिए ₹1.50 प्रति शेयर अंतरिम डिविडेंड का ऐलान भी किया है।

IndusInd Bank

प्राइवेट सेक्टर के बैंक IndusInd Bank पर RBI ने ₹59.20 लाख का जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई नियमों के पालन में कमी के चलते हुई है। बैंक पर ब्याज दर और सिक्योरिटाइजेशन नियमों के उल्लंघन का मामला है।

PhysicsWallah

एडटेक कंपनी PhysicsWallah का घाटा कम हुआ है। नेट लॉस ₹120.5 करोड़ से घटकर ₹77.6 करोड़ रह गया। यानी कंपनी ने घाटे में करीब ₹42.9 करोड़ की कमी दर्ज की है।

PB Fintech

इंश्योरेंस और फिनटेक कंपनी PB Fintech की सब्सिडियरी Policybazaar को IRDAI से शो-कॉज नोटिस मिला है। यह नोटिस पिछले निरीक्षण के दौरान की गई टिप्पणियों से जुड़ा है। कंपनी ने तय समय में जवाब देने की बात कही है।

Dr. Reddy’s Laboratories

फार्मा कंपनी Dr. Reddy’s Laboratories की हैदराबाद स्थित FTO-3 यूनिट का USFDA निरीक्षण पूरा हो गया है। निरीक्षण के बाद अमेरिकी नियामक ने Form 483 जारी किया है। इसमें चार ऑब्जर्वेशन दर्ज किए गए हैं।

BMW Industries

स्टील प्रोसेसिंग कंपनी BMW Industries ने बेहतर तिमाही नतीजे दिए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट 25.8% बढ़कर ₹19.04 करोड़ हो गया। कुल आय भी 15% बढ़कर ₹176.68 करोड़ पहुंच गई।

NMDC

सरकारी माइनिंग कंपनी NMDC का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 2% बढ़कर ₹2,007 करोड़ हो गया। रेवेन्यू भी 2.4% बढ़कर ₹6,795 करोड़ रहा। मजबूत प्रदर्शन से शेयर पर नजर रहेगी।

Jupiter Wagons

रेलवे वैगन बनाने वाली कंपनी Jupiter Wagons का मुनाफा 13.6% घटकर ₹28.3 करोड़ रह गया। हालांकि, रेवेन्यू 46% बढ़कर ₹670.7 करोड़ पहुंचा। EBITDA में भी हल्की बढ़त दर्ज हुई।

Zaggle Prepaid

फिनटेक कंपनी Zaggle Prepaid का नेट प्रॉफिट 33% घटकर ₹17.5 करोड़ रह गया। इसके बावजूद रेवेन्यू 27.5% बढ़कर ₹423 करोड़ हो गया। मिले-जुले नतीजों पर बाजार की नजर रहेगी।

Borosil

ग्लासवेयर और किचनवेयर कंपनी Borosil का नेट प्रॉफिट 26.4% घटकर ₹13 करोड़ रह गया। रेवेन्यू 9% बढ़ा, लेकिन EBITDA में गिरावट दर्ज हुई। इससे शेयर में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

Schneider Electric

इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट कंपनी Schneider Electric के नतीजे कमजोर रहे। नेट प्रॉफिट करीब 70% घटकर ₹12 करोड़ रह गया। हालांकि, रेवेन्यू में हल्की बढ़त रही, लेकिन EBITDA और मार्जिन पर दबाव बना रहा।

Stocks to Buy: 5 शेयरों पर ब्रोकरेज बुलिश, 43% तक रिटर्न मिलने की उम्मीद

Disclaimer: मनीकंट्रोल, नेटवर्क18 ग्रुप का हिस्सा है। नेटवर्क18 का नियंत्रण इंडिपेंडेट मीडिया ट्रस्ट करता है, जिसकी एकमात्र लाभार्थी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

नए हफ्ते में कैसी रहेगी निफ्टी की चाल, कौन से शेयरों में बन सकता है पैसा? एक्सपर्ट सुदीप शाह की ये है राय

भले ही मोमेंटम कमजोर हुआ है, लेकिन जब तक कोई नई नकारात्मक खबर नहीं आती, निफ्टी में 24,200-24,000 के सपोर्ट जोन से नीचे बड़ी गिरावट की संभावना कम है। ऐसा मानना है SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड सुदीप शाह का। उन्होंने नए शुरू हो रहे हफ्ते के लिए निफ्टी और बैंक निफ्टी को लेकर क्या उम्मीद जताई, नए सप्ताह के लिए उनके टॉप स्टॉक आइडियाज क्या हैं, आइए जानते हैं…

क्या आपको लगता है कि धीरे-धीरे आ रही कमजोरी अगले हफ्ते निफ्टी 50 को 24,200–24,000 के जोन से नीचे ले जाएगी?

इस समय, जब तक कोई नई नकारात्मक खबर या ट्रिगर सामने नहीं आता, निफ्टी के 24,200-24,000 के सपोर्ट जोन से नीचे जाने की संभावना कम ही लगती है। हालांकि मोमेंटम धीरे-धीरे कमजोर हो रहा है, लेकिन इस गिरावट में बड़ी गिरावट वाले लक्षण नहीं दिख रहे हैं। अगस्त की शुरुआत से ही निफ्टी 500 पॉइंट की एक सीमित ट्रेडिंग रेंज में फंसा हुआ है और उतार-चढ़ाव में भी काफी कमी आई है। डेली ATR (एवरेज ट्रू रेंज) गिरकर 192 पॉइंट पर आ गया है, जो जनवरी 2026 की शुरुआत के बाद से इसका सबसे निचला स्तर है। इंडेक्स में ज्यादातर सेशंस में एक जैसा पैटर्न देखा जा रहा है- शुरुआती घंटे में कुछ हलचल होती है और उसके बाद लंबे समय तक कंसोलिडेशन होता है। इससे पता चलता है कि किसी एक दिशा में लगातार मोमेंटम नहीं है।

टेक्निकल नजरिए से देखें तो निफ्टी अपने 20-दिन और 200-दिन के EMA (एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज) के आसपास घूम रहा है। लंबे समय तक कंसोलिडेशन के कारण ये दोनों ही फ्लैट हो गए हैं। डेली RSI (रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स) 52 के आसपास है और नीचे की ओर जा रहा है। यह अपसाइड मोमेंटम में कुछ कमी का संकेत देता है। हालांकि, यह अभी भी 50 के अहम स्तर से ऊपर बना हुआ है, जो बताता है कि मंदी का मोमेंटम (बेयरिश मोमेंटम) पूरी तरह हावी नहीं हुआ है।

आगे 24,200-24,150 का जोन एक मजबूत सपोर्ट एरिया के तौर पर काम कर सकता है। जब तक निफ्टी इस जोन के नीचे साफ तौर पर बंद नहीं होता, तब तक निचले स्तरों की ओर तेज गिरावट के बजाय कंसोलिडेशन जारी रहने की संभावना ज्यादा है। ऊपर की ओर 24,550-24,600 का स्तर इमीडिएट रेजिस्टेंस बैंड बना हुआ है।

इसलिए, मोमेंटम निश्चित रूप से कमजोर हुआ है, लेकिन मौजूदा टेक्निकल सेटअप 24,200-24,000 से नीचे बड़ी गिरावट के बजाय एक सीमित दायरे में घूमने वाले बाजार (रेंज-बाउंड मार्केट) का संकेत देता है। 24,150-24,600 की रेंज के किसी भी तरफ एक निर्णायक ब्रेक से निफ्टी की अगली अहम दिशा तय हो सकती है।

अगले हफ्ते के लिए आपके टॉप 2 स्टॉक आइडिया क्या हैं?

Hindustan Aeronautics: स्टॉक ने पिछले हफ्ते वीकली टाइमफ्रेम पर नीचे की ओर झुकी हुई ट्रेंडलाइन से ब्रेकआउट दिया, जिसके बाद इस हफ्ते एक मजबूत चाल देखने को मिली। वीकली RSI ने 4 मई के बाद पहली बार 60 के निशान को पार किया है, जो बुलिश मोमेंटम में अहम सुधार का संकेत है। डेली टाइमफ्रेम पर बढ़ता ADX, ट्रेंड की मजबूती और खरीदारी के बढ़ते भरोसे को दिखाता है। स्टॉक वीकली टाइमफ्रेम पर ऊपरी बोलिंगर बैंड के ऊपर भी बंद हुआ है। ऐसा अक्सर मजबूत ट्रेंड वाले दौर की शुरुआत में देखा जाता है।

कुल मिलाकर टेक्निकल सेटअप मजबूती (बुलिश) वाला बना हुआ है। स्टॉक में आगे और बढ़त का संकेत है। इसलिए ₹4,990-5,045 के जोन में ₹4,840 के स्टॉप-लॉस के साथ शेयर जमा करने (एक्युमुलेशन) की सलाह है। ऊपर की तरफ, इसके शॉर्ट टर्म में ₹5,400 के लेवल तक पहुंचने की संभावना है।

Mazagon Dock Shipbuilders: मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स ने 6 अगस्त को डेली टाइमफ्रेम पर नीचे की ओर झुकी हुई ट्रेंडलाइन से ब्रेकआउट दिया, जिसके बाद स्टॉक कंसोलिडेशन के दौर में चला गया। वीकली ADX पर DI+ ने DI- को पार कर लिया है, जो बताता है कि खरीदार धीरे-धीरे विक्रेताओं पर हावी हो रहे हैं। पिछले 6 ट्रेडिंग सेशंस में कंसोलिडेशन देखने के बावजूद, स्टॉक अहम शॉर्ट और लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेजेज के ऊपर ट्रेड कर रहा है। यह इसकी अंदरूनी मजबूती को दिखाता है।

कंसोलिडेशन रेंज से ब्रेकआउट बुलिश सेटअप को और मजबूत कर सकता है। इसलिए, ₹2,480 के स्टॉप-लॉस के साथ ₹2,560-2,590 के जोन में शेयर जमा करने की सलाह दी जाती है। ऊपर की ओर, यह शॉर्ट टर्म में ₹2,770 के लेवल को टेस्ट कर सकता है।

Bonus Share: हर शेयर पर 1 नया शेयर फ्री, 24 अगस्त से पहले बन जाएं शेयरहोल्डर; 6 महीनों में कीमत 40% मजबूत

क्या बैंक निफ्टी 24 जुलाई से 3 अगस्त तक की अपनी हालिया रैली के 50 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट लेवल को बचा पाएगा?

बैंक निफ्टी पिछले 9 हफ्तों से 58,706-56,023 की बड़ी रेंज में फंसा हुआ है, जिससे किसी साफ दिशा वाले ट्रेंड की कमी का पता चलता है। खास बात यह है कि पिछले तीन हफ्तों में ट्रेडिंग रेंज काफी कम हो गई है और इंडेक्स 1,576-पॉइंट के दायरे में सिमट गया है। कंसोलिडेशन के इस दौर में, इंडेक्स ने दोनों तरफ शैडो वाली छोटी बॉडी की कैंडल्स की एक सीरीज बनाई है। यह खरीदारों और विक्रेताओं के बीच लगातार बरकरार अनिश्चितता को दिखाती है।

लंबे समय तक एक ही रेंज में उतार-चढ़ाव के कारण मुख्य मूविंग एवरेज सपाट हो गए हैं। यह ट्रेंड की मजबूती की कमी का संकेत है। मोमेंटम इंडिकेटर भी सुस्त बने हुए हैं; डेली RSI पिछले 28 ट्रेडिंग सेशन से 60-44 जोन में घूम रहा है। डेली ADX गिरकर 8.99 पर आ गया है। यह मार्च 2019 के बाद से इसकी सबसे निचली रीडिंग है। इतनी कम ADX रीडिंग दिशात्मक मजबूती की भारी कमी की ओर इशारा करती है और बताती है कि इंडेक्स अभी गहरे कंसोलिडेशन के दौर में है।

आगे 58,000-58,100 का जोन बैंक निफ्टी के लिए एक अहम रुकावट का काम कर सकता है। नीचे की तरफ 57,200-57,100 का 50-दिन का EMA क्षेत्र एक अहम सपोर्ट एरिया बना हुआ है। किसी भी तरफ ब्रेकआउट होने से अगले ट्रेंडिंग मूव के लिए रास्ता बन सकता है।

क्या आप Apollo Hospitals पर बुलिश नजरिया बनाए हुए हैं?

अपोलो हॉस्पिटल्स ने डेली चार्ट पर अपने 50-दिन के EMA से जबरदस्त रिकवरी देखी है। RSI 40 से तेजी से ऊपर आया है, जो फिर से बुलिश मोमेंटम का संकेत है। स्टॉक बोलिंगर बैंड की मिडलाइन के ऊपर भी बंद हुआ है, जो शॉर्ट-टर्म बुलिश फेज की ओर शिफ्ट का संकेत देता है। ₹8,650–8,600 का जोन अहम सपोर्ट बना हुआ है।

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भारती एयरटेल ने अपने 50-दिन के EMA से जबरदस्त रिकवरी देखी है। RSI ऊपर की ओर बढ़ा है, जो मजबूत बुलिश मोमेंटम का संकेत है। धीरे-धीरे बढ़ता ADX ट्रेंड की मजबूती में सुधार का संकेत देता है। MACD लाइन भी बुलिश क्रॉसओवर के करीब है। यह पॉजिटिव रुख को और मजबूत करता है। ₹1,940–1,930 का जोन अहम सपोर्ट बना हुआ है।

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Lincoln Pharmaceuticals Q1 Results: फार्मा कंपनी का मुनाफा 31% बढ़ा, तीन साल में ₹1000 करोड़ रेवेन्यू का टारगेट

Lincoln Pharmaceuticals Q1 Results: फार्मा कंपनी Lincoln Pharmaceuticals ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में मजबूत नतीजे दर्ज किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 30.9% बढ़कर ₹36.23 करोड़ हो गया। पिछले साल की इसी तिमाही में यह ₹27.68 करोड़ था।

कंपनी की कुल आय भी 19% बढ़कर ₹201.55 करोड़ पहुंच गई। एक साल पहले यह ₹169.34 करोड़ थी। वहीं, प्रति शेयर आय (EPS) बढ़कर ₹18.09 हो गई।

EBITDA में भी मजबूत बढ़त

Lincoln Pharmaceuticals का EBITDA 32.3% बढ़कर ₹51.70 करोड़ हो गया। पिछले साल की इसी तिमाही में यह ₹39.08 करोड़ था। इससे साफ है कि कंपनी की ऑपरेटिंग परफॉर्मेंस भी पहले से बेहतर रही।

FY26 में डिविडेंड की सिफारिश

कंपनी ने पूरे वित्त वर्ष 2026 में ₹87.89 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया। कुल आय ₹704.48 करोड़ रही और EBITDA ₹131.14 करोड़ पहुंच गया। बोर्ड ने FY26 के लिए 18% डिविडेंड यानी ₹10 फेस वैल्यू वाले हर शेयर पर ₹1.80 डिविडेंड की सिफारिश की है। हालांकि, इसे AGM में शेयरधारकों की मंजूरी मिलनी बाकी है।

तीन साल में ₹1,000 करोड़ रेवेन्यू का लक्ष्य

Lincoln Pharmaceuticals ने अगले तीन साल में ₹1,000 करोड़ रेवेन्यू हासिल करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए वह 15-18% सालाना ग्रोथ बनाए रखने की रणनीति पर काम कर रही है। कंपनी को कार्डियक, डायबिटीज, डर्मेटोलॉजी और ENT सेगमेंट से मजबूत ग्रोथ की उम्मीद है।

90 देशों तक पहुंच बढ़ाने की तैयारी

Lincoln Pharmaceuticals अभी 60 से ज्यादा देशों में अपने प्रोडक्ट एक्सपोर्ट करती है। कंपनी का लक्ष्य अगले 2-3 साल में यह संख्या बढ़ाकर 90 देशों तक पहुंचाने का है।

हाल ही में कंपनी ने कनाडा के बाजार में एंट्री की है। साथ ही उसे ऑस्ट्रेलिया के TGA और यूरोप के EU GMP से मंजूरी भी मिली है। कंपनी का कहना है कि इससे उसके ग्लोबल विस्तार को और रफ्तार मिलेगी।

Lincoln के शेयरों का हाल

कंपनी के शेयर पिछले कारोबारी सत्र में 1.19% की गिरावट के साथ 612.10 रुपये पर बंद हुए। इस साल अब तक स्टॉक 27.57% का रिटर्न दिया है। वहीं बीते 1 साल के दौरान इसमें करीब 12% की तेजी आई है। कंपनी का मार्केट कैप 1.22 हजार करोड़ रुपये है।

Lincoln Pharmaceuticals दवाइयां बनाने और बेचने वाली भारतीय फार्मा कंपनी है। यह कार्डियक, डायबिटीज, एंटीबायोटिक, डर्मेटोलॉजी, ENT और दर्द निवारक जैसी कई कैटेगरी में दवाइयां बनाती है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

चेहरे पर अपना खून लगाना कितना फायदेमंद? जानें Vampire Facial का पूरा प्रोसेस और खर्च

एक्ट्रेस और ट्रैवल होस्ट Shenaz Treasury ने हाल ही में सोशल मीडिया पर अपने एक अनोखे ब्यूटी ट्रीटमेंट की झलक साझा की, जिसे देखकर कई लोगों की दिलचस्पी बढ़ गई। उन्होंने ‘Vampire Facial’ कराया, जिसका नाम सुनकर ही यह किसी डरावनी प्रक्रिया जैसा लगता है। इस ट्रीटमेंट के दौरान पहले व्यक्ति के शरीर से थोड़ा खून लिया जाता है, फिर उसे प्रोसेस करके उसमें से खास प्लाज्मा अलग किया जाता है। इसके बाद चेहरे पर बेहद बारीक सुइयों से माइक्रो-नीडलिंग की जाती है और तैयार प्लाज्मा त्वचा पर लगाया जाता है। खास बात यह है कि इसमें किसी दूसरे व्यक्ति का खून इस्तेमाल नहीं होता, बल्कि उसी व्यक्ति के अपने खून से Platelet-Rich Plasma यानी PRP तैयार किया जाता है।

इसे त्वचा की रंगत, टेक्सचर और उम्र के असर से जुड़ी कुछ समस्याओं के लिए इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि, इसके फायदे और परिणाम हर व्यक्ति में अलग हो सकते हैं और वैज्ञानिक प्रमाण अभी सीमित हैं।

आखिर क्या होता है Vampire Facial?

Vampire Facial आमतौर पर PRP और Microneedling का कॉम्बिनेशन होता है। PRP बनाने के लिए व्यक्ति के शरीर से थोड़ा-सा खून लिया जाता है। इसे एक खास मशीन यानी Centrifuge में घुमाकर उसके अलग-अलग हिस्सों को अलग किया जाता है और प्लेटलेट्स से भरपूर प्लाज्मा निकाला जाता है।  इसके बाद चेहरे पर Microneedling की जाती है और तैयार PRP को त्वचा पर लगाया जाता है। कुछ मामलों में PRP को त्वचा के खास हिस्सों में इंजेक्ट भी किया जा सकता है।

चेहरे पर क्यों कराया जाता है ये ट्रीटमेंट?

इस ट्रीटमेंट को आमतौर पर Fine Lines, झुर्रियां, असमान Skin Texture, dullness और उम्र के असर को कम करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। Microneedling त्वचा में बेहद छोटे-छोटे छेद बनाकर उसकी Repair Process को सक्रिय करने की कोशिश करती है। वहीं PRP में मौजूद Platelets और Growth Factors को त्वचा की मरम्मत और Collagen बनने में मददगार माना जाता है। हालांकि, इसके फायदे को लेकर बहुत ज्यादा उम्मीद रखना सही नहीं है। उपलब्ध वैज्ञानिक सबूत अभी इतने मजबूत नहीं हैं कि इसे जवां या बेदाग त्वचा पाने का पक्का तरीका कहा जा सके।

कैसे होता है पूरा प्रोसेस?

 सबसे पहले हाथ से थोड़ी मात्रा में खून लिया जाता है। फिर उसे Centrifuge मशीन में रखा जाता है, जिससे PRP अलग किया जा सके। इसके बाद चेहरे को अच्छी तरह साफ किया जाता है और जरूरत पड़ने पर सुन्न करने वाली क्रीम लगाई जाती है। फिर Microneedling Device से चेहरे पर छोटे-छोटे चैनल बनाए जाते हैं। अंत में PRP को त्वचा पर लगाया जाता है, ताकि वह इन छोटे चैनलों के जरिए अंदर तक पहुंच सके।

क्या Vampire Facial दर्दनाक होता है? 

दर्द या असहजता हर व्यक्ति में अलग हो सकती है। Microneedling से पहले आमतौर पर Numbing Cream लगाई जाती है, जिससे परेशानी कम हो सके। ट्रीटमेंट के बाद कुछ समय तक चेहरा लाल, संवेदनशील या थोड़ा सूजा हुआ दिखाई दे सकता है। हल्की सूजन, दर्द या नीले निशान भी कुछ दिनों तक रह सकते हैं। इसलिए ट्रीटमेंट के तुरंत बाद दिखने वाली लाल त्वचा को ही अंतिम परिणाम समझना सही नहीं है।

रिजल्ट कब दिखाई देता है?

Vampire Facial से तुरंत चमकदार या जवां त्वचा मिलने की उम्मीद नहीं करनी चाहिए। अगर किसी व्यक्ति पर इसका असर होता है, तो परिणाम सामने आने में कई हफ्ते से लेकर कुछ महीने लग सकते हैं। कुछ लोगों को बेहतर परिणाम के लिए एक से ज्यादा सेशन की जरूरत भी पड़ सकती है। कितने सेशन जरूरी होंगे, यह त्वचा और ट्रीटमेंट के तरीके पर निर्भर करता है।

भारत में कितना खर्च आता है?

Vampire Facial की कीमत हर शहर और क्लिनिक में अलग हो सकती है। उपलब्ध क्लिनिक कीमतों के मुताबिक, Full-Face Vampire Facial की लागत लगभग ₹6,000 से ₹15,000 प्रति सेशन हो सकती है। वहीं, PRP को Microneedling के साथ कराने पर करीब ₹8,000 से ₹18,000 प्रति सेशन तक खर्च आ सकता है। अगर कई सेशन कराने हों, तो कुल खर्च काफी बढ़ सकता है।

क्या इसमें कोई जोखिम भी है?

अपना ही खून इस्तेमाल होने के बावजूद यह प्रक्रिया पूरी तरह Risk-Free नहीं है। ट्रीटमेंट के बाद दर्द, सूजन, लालिमा और Bruising जैसी समस्या हो सकती है। सबसे जरूरी बात है साफ-सफाई और Sterile Equipment। खून निकालने और उसे दोबारा त्वचा पर इस्तेमाल करने की प्रक्रिया में लापरवाही से संक्रमण का खतरा हो सकता है। Microneedling त्वचा की ऊपरी परत को भी प्रभावित करती है, इसलिए Hygiene और बाद की देखभाल बेहद जरूरी है।

Salon Facial नहीं, Medical Procedure समझें

Vampire Facial को सामान्य Beauty Facial की तरह नहीं लेना चाहिए। यह एक Medical Cosmetic Procedure है। इसे कराने से पहले Qualified Dermatologist या प्रशिक्षित मेडिकल प्रोफेशनल से सलाह लेना बेहतर है। खासकर अगर किसी व्यक्ति को पहले से त्वचा से जुड़ी समस्या है, तो बिना विशेषज्ञ की सलाह के यह ट्रीटमेंट करवाने से बचना चाहिए।

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Vande Mataram: ‘सोनिया गांधी को जनता माफ नहीं करेगी’; अमित शाह ने कांग्रेस पर लगाया ‘वंदे मातरम’ का अपमान करने का आरोप, बंकिम चंद्र के वंशज भी नाराज

Vande Mataram Row: कांग्रेस पर राष्ट्र गीत ‘वंदे मातरम’ का अपमान करने का आरोप लगाते हुये केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मांग की है कि विपक्षी दल इसके लिए देश की जनता एवं गीत के रचयिता बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की अमर आत्मा से माफी मांगे। शाह ने रविवार (16 अगस्त) को आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी ने वोट बैंक की लालच में कांग्रेस ने ‘वंदे मातरम’ को भुला दिया। शाह चित्तौड़गढ़ में ‘अटल गौरव स्मृति समारोह’ में एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे।

शनिवार को दिल्ली के लालकिले पर स्वतंत्रता दिवस समारोह का जिक्र करते हुए शाह ने कहा कि इस समारोह में इस साल एक बड़ा बदलाव यह था कि आजादी के 80 साल के बाद लाल किले की प्राचीर पर और देश भर में जहां ध्वज वंदन हुआ वहां पर वंदे मातरम का गायन 80 साल में पहली बार हुआ है।

‘कांग्रेस ने वंदे मातरम को भुला दिया’

अमित शाह ने आरोप लगाते हुए कहा, “कांग्रेस ने वंदे मातरम को भुला दिया है।” उन्होंने कहा, “बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की वह अमर कृति, एक गान के दो शब्द वंदेमातरम… भारत माता की मैं वंदना करता हूं.. यह बोलते-बोलते हजारों लाखों लोग फांसी के फंदे पर चढ़ गए थे, गोलियां खाई थीं, लाठियां खाईं, कई साल जेल में रहे।”

शाह ने आगे कहा, “वोट बैंक की लालच में कांग्रेस ने वंदे मातरम को बुला दिया था।” उन्होंने कहा कि यह 150वां साल है वंदेमातरम के प्राकट्य का… लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री मोदी ने वंदेमातरम् को फिर से एक नया आयुष्य देने का काम किया है।

सोनिया गांधी ने कांग्रेस अध्यक्ष को वंदे मातरम रोकने की बात कही?

न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, “इनकी (कांग्रेस) निर्लज्जता देखिए। कांग्रेस पार्टी के मुख्यालय पर वंदे मातरम का गान हो रहा था। चालू गान में कांग्रेस की नेत्री, सोनिया गांधी ने कांग्रेस अध्यक्ष को गान रोकने की बात कही। हम सब टी.वी. पर देखते रह गए। 80 साल के बाद बंकिम चन्द्र चट्टोपाध्याय का ये अमर गान, जब फिर से सम्मान प्राप्त कर रहा है, वो भी सोनिया गांधी को रास नहीं आता है। सोनिया जी, 140 करोड़ जनता आपको देख रही है।”

शाह ने कहा, “आपके द्वारा किया गया ये पाप इस देश की जनता कभी माफ नहीं करेगी। कोई स्वप्न में भी कैसे सोच सकता है कि वंदे मातरम का गान अधूरा छोड़ दिया जाए? कांग्रेस के लोगों को शर्म आनी चाहिए और थोड़ी भी शर्म बची है तो दोनों हाथ जोड़कर बंकिम बाबू और देश की जनता से उन्हें माफी मांगनी चाहिए।”

बंकिम चंद्र के वंशज नाराज

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता और बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के वंशज सुमित्रो चटर्जी ने सोनिया गांधी से मांग की है कि वह स्वतंत्रता दिवस पर कांग्रेस मुख्यालय में हुई ‘वंदे मातरम’ के गायन से जुड़ी कथित घटना को लेकर बिना शर्त माफी मांगें। चटर्जी ने दावा किया कि कांग्रेस मुख्यालय में वंदे मातरम’ का पूरा संस्करण गाए जाने को लेकर असहजता नजर आई।से रोकने के बार-बार प्रयास किए गए। चटर्जी ने गांधी को लिखे पत्र में कहा कि 15 अगस्त को जब देश अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा था, तब हुई कथित घटना न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि एक ऐतिहासिक भूल का शर्मनाक दोहराव भी है।

नैहाटी से विधायक चटर्जी ने कहा कि वह एक सामान्य नागरिक, देशभक्त और बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के वंशज के रूप में यह पत्र लिख रहे हैं। उन्होंने इस घटना को लेकर गहरा दुख, खालीपन और आक्रोश व्यक्त किया। चटर्जी ने श्री अरविंद के इस कथन का उल्लेख किया कि इस मंत्र ने राष्ट्र को देशभक्ति के धर्म की दीक्षा दी थी। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र भारत की धरती पर ‘वंदे मातरम’ को पूरा गाने में कथित हिचक खुदीराम बोस जैसे शहीदों के बलिदान का अपमान है।

उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में इस गीत की भूमिका का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरला देवी चौधरानी ने 1905 में कांग्रेस के बनारस अधिवेशन में इसे गाया था। बाल गंगाधर तिलक के समर्थकों ने 1909 में उन पर राजद्रोह के मुकदमे के दौरान इसका गायन किया था। हैदराबाद के उस्मानिया विश्वविद्यालय में राष्ट्रवादी छात्रों ने 1938 में निजाम की पाबंदियों के बावजूद इसे अपने आंदोलन का नारा बनाया था।

‘जिन्ना की आपत्तियों के आगे झुक गई थी कांग्रेस’

चटर्जी ने 1896 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कलकत्ता अधिवेशन में रवीन्द्रनाथ टैगोर द्वारा इस गीत की प्रस्तुति का भी उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की कथित दोहरी नीति नई नहीं है। चटर्जी ने कहा कि 1937 में पार्टी मोहम्मद अली जिन्ना की आपत्तियों के आगे झुक गई थी और उसी वर्ष अक्टूबर में गीत को छोटा कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि उस ‘‘समझौते’’ की छाया पार्टी के मौजूदा आचरण में फिर दिखाई दे रही है।

उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में कांग्रेस की अपनी छात्र इकाई छात्र परिषद जब मंत्र मोदेर संजीवन-वंदे मातरम नारे का इस्तेमाल करती है तो फिर पार्टी का शीर्ष नेतृत्व इसी गीत को लेकर असहज क्यों है। उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम’ किसी एक राजनीतिक दल की संपत्ति नहीं, बल्कि देश की सामूहिक स्मृति, बंकिम चंद्र की अमर विरासत और शहीदों के खून एवं बलिदान से प्राप्त पवित्र राष्ट्रीय प्रतीक है।

चटर्जी ने कहा कि इस गीत का सम्मान करना भारत के स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास का सम्मान करने के समान है। उन्होंने चेतावनी दी है कि इतिहास किसी को माफ नहीं करता। जो नेतृत्व स्वतंत्रता के अपने ही मंत्र का सम्मान नहीं करता, उसे इतिहास गुमनामी के अंधकार में धकेल देगा। चटर्जी ने कहा कि इस घटना से पश्चिम बंगाल के लोगों की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची है। उन्होंने गांधी से पश्चिम बंगाल के लोगों से बिना किसी शर्त के माफी मांगने की अपील की है।

क्या है पूरा विवाद?

BJP ने दावा किया है कि कांग्रेस के स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में ‘वंदे मातरम’ का पूरा संस्करण गाए जाने पर सोनिया गांधी समेत पार्टी के कुछ नेताओं ने आपत्ति जताई थी। 15 अगस्त को कांग्रेस के कार्यक्रम का एक वीडियो सामने आया है जिसमें जब ‘वंदे मातरम’ बजाया जा रहा था, तब सोनिया गांधी पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से बात कर रही थीं। इसके बाद गांधी और खड़गे को कथित तौर पर गाना रोकने का इशारा करते हुए देखा जा सकता है।

हालांकि, कांग्रेस ने इस बात से इनकार किया कि ‘वंदे मातरम’ के पूरे संस्करण को गाने से रोकने की कोई कोशिश की गई थी। पार्टी ने कहा कि गांधी सिर्फ़ खड़गे के लिए कुर्सी मांग रही थीं। पिछले महीने संसद ने एक विधेयक पारित किया था जिसमें राष्ट्रगीत के अपमान को दंडनीय अपराध बनाने का प्रावधान किया गया है। कानून में ‘वंदे मातरम’ को राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के समान दर्जा दिया गया है।

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WTC Points Table: ऑस्ट्रेलिया की हार के बाद बदली WTC की तस्वीर, बांग्लादेश को हुआ बड़ा फायदा, जानें भारत का कैसा हाल

WTC 2025-27: डार्विन के मरारा क्रिकेट ग्राउंड में बांग्लादेश ने इतिहास रच दिया। बांग्लादेश पहले टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया को 9 विकेट से हरा दिया। ये ऑस्ट्रेलिया की धरती पर बांग्लादेश की पहली टेस्ट जीत है। वहीं टेस्ट क्रिकेट में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ यह बांग्लादेश की दूसरी जीत है। बांग्लादेश ने पूरे मैच में शानदार खेल दिखाया और ऑस्ट्रेलिया को उसके ही घर में हराकर क्रिकेट जगत को चौंका दिया। डार्विन टेस्ट के बाद वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के प्वाइंट्स टेबल में भी काफी बदलाव हुआ है। आइए जानते हैं ऑस्ट्रेलिया की हार के बाद भारत कौन से नंबर पर है।

बांग्लादेश चौथे स्थान पर

डार्विन टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शानदार जीत का फायदा बांग्लादेश को वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 की अंक तालिका में भी मिला है। इस जीत के बाद बांग्लादेश के कुल अंक 60 हो गए हैं, जबकि उसका पॉइंट्स परसेंटेज बढ़कर 66.67 हो गया है। पहले यह 58.33 प्रतिशत था। लेकिन, बेहतर प्रदर्शन के बावजूद बांग्लादेश की टीम WTC की मौजूदा अंक तालिका में चौथे पायदान पर ही बनी हुई है। डार्विन टेस्ट से पहले बांग्लादेश ने अपने घर में पाकिस्तान के खिलाफ दो टेस्ट मैचों में जीत हासिल की थी और अब ऑस्ट्रेलिया को उसी की धरती पर हराकर अपनी स्थिति और मजबूत कर ली है।

पहले स्थान पर काबिज ऑस्ट्रेलिया

ऑस्ट्रेलिया को बांग्लादेश के खिलाफ हार का नुकसान WTC की अंक तालिका में तो नहीं हुआ और टीम अभी भी पहले नंबर पर बनी हुई है। इस हार के बाद भी ऑस्ट्रेलिया WTC 2025-27 की अंक तालिका में पहले स्थान पर बना हुआ है, लेकिन उसका पॉइंट्स परसेंटेज 87.50 से घटकर 77.77 हो गया है। मौजूदा WTC चक्र में ऑस्ट्रेलिया अब तक 9 में से 2 टेस्ट हार चुका है और खास बात यह है कि दोनों मुकाबलों में उसे अपने ही घर में हार का सामना करना पड़ा है।

5वें नंबर पर भारत

वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 में भारत फिलहाल 48.15 प्रतिशत पॉइंट्स के साथ पांचवें नंबर पर है। अगर श्रीलंका के खिलाफ गॉल में खेले जा रहे पहले टेस्ट को भारतीय टीम जीत जाती है तो भी टीम की रैंकिंग में कोई बदलाव नहीं होगा। इस जीत से भारत का पॉइंट्स परसेंटेज बढ़कर 53.33 हो जाएगा, जिससे WTC अभियान में टीम की स्थिति पहले के मुकाबले बेहतर जरूर हो जाएगी।

श्रीलंका सीरीज होगी अहम

श्रीलंका के लिए भारत के खिलाफ गॉल टेस्ट काफी अहम है, क्योंकि जीत मिलते ही टीम WTC की अंक तालिका में भारत को पीछे छोड़ सकती है। अगर श्रीलंका मुकाबला जीतता है तो उसका पॉइंट्स परसेंटेज 53.33 हो जाएगा और वह पांचवें स्थान पर पहुंच जाएगा, जबकि भारत 43.33 प्रतिशत के साथ छठे नंबर पर खिसक जाएगा। वहीं, मैच के ड्रॉ होने पर श्रीलंका का PCT 40.00 और भारत का 46.66 प्रतिशत रह जाएगा। हालांकि ड्रॉ की स्थिति में दोनों टीमों की रैंकिंग में कोई बदलाव नहीं होगा।