Gold Silver Price: सोने -चांदी में तेजी कायम, जानिए आखिर क्यों अहम हैं ग्लोबल संकेत?

Gold Silver Price:  हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोने और चांदी की कीमतों में बढ़ोतरी हुई। निवेशक ब्याज दरों की उम्मीदों, बॉन्ड यील्ड, डॉलर और चल रहे जियोपॉलिटिकल जोखिमों पर नजर रखे हुए थे। COMEX पर सोना $4,451.30 प्रति औंस पर ट्रेड कर रहा था, जो पिछले बंद भाव $4,440 प्रति औंस से $14 या 0.32% ज़्यादा था। इस मेटल ने दिन के दौरान $4,473.20 प्रति औंस का उच्चतम और $4,422.30 प्रति औंस का निचला स्तर छुआ।

चांदी में ज़्यादा तेजी देखी गई। COMEX पर चांदी $65.845 प्रति औंस पर थी, जो पिछले बंद भाव $65.060 प्रति औंस से $0.737 या 1.13% ज़्यादा थी। सेशन के दौरान इसकी कीमत $64.850 और $66.395 प्रति औंस के बीच रही।

क्यों हो रहा है सोने की कीमतों में बदलाव ?

हाल के हफ़्तों में कमजोर अमेरिकी आर्थिक डेटा और कम बॉन्ड यील्ड से सोने को सहारा मिला है। बाजार अमेरिकी मॉनेटरी पॉलिसी की उम्मीदों, डॉलर में उतार-चढ़ाव और जियोपॉलिटिकल घटनाक्रमों पर भी नज़र रखे हुए है।

ईरान संघर्ष और होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से तेल की सप्लाई में रुकावट के कारण महंगाई का जोखिम बना हुआ है। तेल की ऊंची कीमतें महंगाई का दबाव बढ़ाकर सेंट्रल बैंकों के लिए हालात मुश्किल बना सकती हैं।मार्केट अपडेट के अनुसार, पिछले हफ़्ते सोने में 0.8% की बढ़त भी हुई थी।

टाटा म्यूचुअल फंड ने सोने पर अपने अगस्त 2026 के ‘हाउस व्यू’ में कहा कि ब्याज दरों, डॉलर और बॉन्ड यील्ड का आकलन करने के कारण निकट भविष्य में कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। फंड ने सोने पर मध्यम से लंबी अवधि का सकारात्मक नज़रिया बनाए रखा और सेंट्रल बैंक की खरीदारी, निवेश की मांग और पोर्टफोलियो डाइवर्सिफिकेशन को इसके लिए संरचनात्मक आधार बताया।

चांदी की कीमतों में तेज़ी की वजह क्या?

कीमती धातुओं में आई आम तेजी से चांदी को भी फ़ायदा हुआ है, लेकिन औद्योगिक इस्तेमाल के कारण इसकी मांग का पैटर्न सोने से अलग है।

टाटा म्यूचुअल फंड ने कहा कि चांदी के लिए निकट भविष्य का नजरिया वैश्विक आर्थिक स्थितियों और औद्योगिक मांग पर निर्भर करेगा। फंड ने कहा कि सोलर इंस्टॉलेशन में कमी और सप्लाई की तंगी में ढील से कीमतों में ठहराव और ज़्यादा उतार-चढ़ाव का दौर आ सकता है। साथ ही, फंड हाउस को उम्मीद है कि इलेक्ट्रॉनिक्स, AI-संबंधित हार्डवेयर, रिन्यूएबल एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर और सोलर पावर में इस्तेमाल से लंबी अवधि की मांग को फ़ायदा होगा। निवेशकों को किन बातों पर ध्यान देना चाहिए?

सोने के लिए, मुख्य बातें हैं – US में ब्याज दरों को लेकर उम्मीदें, बॉन्ड यील्ड, डॉलर और जियोपॉलिटिकल जोखिम। डॉलर का कमजोर होना और यील्ड का कम होना आम तौर पर सोने के लिए अच्छा होता है क्योंकि इससे यह मेटल निवेशकों के लिए ज़्यादा आकर्षक बन जाता है।

चांदी की कीमतों में ज़्यादा उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है क्योंकि इसकी कीमत तय करने में इंडस्ट्रियल डिमांड की बड़ी भूमिका होती है।

टाटा म्यूचुअल फंड ने मध्यम से लंबी अवधि के लिए निवेश करने वाले निवेशकों को धीरे-धीरे निवेश करने (स्टैगर्ड इन्वेस्टमेंट) का तरीका अपनाने का सुझाव दिया है। अलग-अलग कीमती मेटल्स में निवेश के लिए, यह सोने में ज़्यादा निवेश करने को प्राथमिकता देता है क्योंकि इसमें सुरक्षात्मक गुण होते हैं, साथ ही चांदी में लंबी अवधि में ग्रोथ की संभावना भी होती है।

फंड हाउस ने 70:30 के गोल्ड-टू-सिल्वर एलोकेशन को एक बड़े रणनीतिक ढांचे के तौर पर बताया है, न कि शॉर्ट-टर्म ट्रेडिंग कॉल के तौर पर। निवेशकों को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि कीमती मेटल्स की ग्लोबल कीमतें घरेलू कीमतों से अलग हो सकती हैं क्योंकि भारतीय कीमतें करेंसी में उतार-चढ़ाव, इंपोर्ट से जुड़ी लागत, टैक्स और स्थानीय बाज़ार की स्थितियों से प्रभावित होती हैं।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

ट्रम्प ने PAK-सऊदी-तुर्किये के रक्षा समझौते पर खुशी जताई:बोले- तीनों देश मजबूती से अपनी रक्षा कर सकेंगे; एक पर हमला हुआ तो मिलकर जवाब देंगे

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किये के बीच हुए मक्का संयुक्त रक्षा समझौते का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि इस डील से तीनों देश मिलकर अपनी रक्षा ज्यादा मजबूती से कर सकेंगे। ट्रम्प ने रविवार को ट्रुथ सोशल पर लिखा, “मुझे बहुत खुशी है कि पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किये ने आखिरकार मक्का संयुक्त रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर कर दिए। इससे पता चलता है कि मिडिल-ईस्ट एकजुट हो रहा है और देश अब ज्यादा मजबूती से अपनी रक्षा कर सकेंगे।” ट्रम्प ने तीनों देशों के नेताओं को बधाई देते हुए डील को “बड़ा, साहसी और अहम पहला कदम” बताया। 7 अगस्त को मक्का समझौते पर साइन हुए इस समझौते पर 7 अगस्त को मक्का में हस्ताक्षर हुए थे। समझौते पर सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान, तुर्किये के राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोगन और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने हस्ताक्षर किए। एर्दोगन ने कहा है कि आगे दूसरे देश भी इस रक्षा व्यवस्था का हिस्सा बन सकते हैं। उन्होंने खास तौर पर मिस्र के जुड़ने की संभावना बताई है। डील का मकसद तीनों देशों के बीच सैन्य और सुरक्षा सहयोग बढ़ाना है। यानी किसी एक देश पर हमला होने पर बाकी दोनों देश उसके साथ खड़े होंगे। एक पर हमला हुआ तो बाकी दो देश साथ देंगे इस समझौते की सबसे बड़ी बात यह है कि पाकिस्तान, सऊदी अरब या तुर्किये में से किसी एक देश पर हमला हुआ तो इसे तीनों देशों पर हमला माना जाएगा। यानी जिस देश पर हमला होगा, उसे बाकी दोनों देशों का साथ मिलेगा। कैसे मदद करेंगे तीनों देश? भारत की भी इस डील पर नजर भारत ने कहा है कि वह इस समझौते के असर की समीक्षा कर रहा है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा था कि भारत इसे अपनी सुरक्षा और क्षेत्रीय शांति के नजरिए से देख रहा है। उन्होंने कहा कि भारत अपने हितों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाएगा। ———————- ये खबर भी पढ़ें… दक्षिण कोरिया के साथ सैन्य अभ्यास घटाएगा अमेरिका:ट्रम्प बोले- इससे नॉर्थ कोरिया को गलत मैसेज जाता है, किम जोंग उन से मेरे अच्छे रिश्ते अमेरिका ने दक्षिण कोरिया के साथ होने वाले सैन्य अभ्यासों को कम करने का ऐलान किया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ को अभ्यासों में कटौती करने का आदेश दिया है। पूरी खबर यहां पढ़ें…

Delhi Weather Today: दिल्ली में आज होगी हल्की बारिश! IMD ने जारी किया अगले कुछ दिनों का पूरा शेड्यूल

Delhi Weather Today: दिल्ली में सोमवार (17 अगस्त) को हल्की बारिश होने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, दिनभर आसमान में बादल छाए रह सकते हैं और कुछ इलाकों में बारिश के दौर देखने को मिल सकते हैं। ऐसे में लोगों को मौसम को देखते हुए अपने दिन की योजना बनाने की सलाह दी गई है।

सोमवार के लिए जारी IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, “आमतौर पर आसमान में बादल छाए रहेंगे। सुबह से दोपहर के बीच एक-दो बार बहुत हल्की बारिश हो सकती है। शाम से रात के समय भी बहुत हल्की से हल्की बारिश होने की संभावना है।” इस दौरान अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की उम्मीद है, जबकि न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है।

दिल्ली के मौसम का साप्ताहिक पूर्वानुमान

IMD ने अगले कुछ दिनों में हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान लगाया है और उसी के अनुसार दिन-वार पूर्वानुमान जारी किया है।

18 अगस्त के लिए IMD के पूर्वानुमान में कहा गया है, “आसमान में आमतौर पर बादल छाए रहेंगे; सुबह से दोपहर के बीच बहुत हल्की से हल्की बारिश की एक या दो बार बौछारें पड़ सकती हैं। शाम से रात के बीच भी बहुत हल्की से हल्की बारिश हो सकती है।” इस दौरान अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की उम्मीद है, जबकि न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस से 25 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है।

19 अगस्त को IMD ने फिर से हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान लगाया है। अनुमान के मुताबिक, “आसमान में आमतौर पर बादल छाए रहेंगे। सुबह से दोपहर के बीच कई जगहों पर हल्की बारिश और कुछ जगहों पर मध्यम बारिश हो सकती है। शाम से रात के समय बहुत हल्की से हल्की बारिश का एक और दौर हो सकता है।” इस समय अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस से 34 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है, जबकि न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस से 25 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की उम्मीद है।

20 अगस्त के लिए भी IMD ने 19 अगस्त जैसा ही अनुमान जारी किया है, जिसमें अधिकतम और न्यूनतम तापमान के उसी रेंज में रहने की उम्मीद है।

IMD ने 21 और 22 अगस्त को बहुत हल्की से हल्की बारिश की संभावना जताई है। अनुमान के मुताबिक, “आसमान में आमतौर पर बादल छाए रहेंगे। सुबह से दोपहर के बीच बहुत हल्की से हल्की बारिश की एक या दो बार बौछारें पड़ सकती हैं। शाम से रात के बीच भी बहुत हल्की से हल्की बारिश हो सकती है।”

वहीं, दोनों ही दिनों में अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है, जबकि न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस से 24 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की उम्मीद है।

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Top News 17 August: नाग पंचमी पर मंदिरों में उमड़ी भीड़, दिल्ली कूच की तैयारी में किसान; UGC-NET री-एग्जाम की तारीख घोषित

Top News 17 August: नाग पंचमी पर मंदिरों में उमड़ी भीड़, दिल्ली कूच की तैयारी में किसान; UGC-NET री-एग्जाम की तारीख घोषित

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Top News 17 August : नाग पंचमी और श्रावण के तीसरे सोमवार को मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, दिल्ली मार्च के तैयारी में जुटे किसान। NTA ने यूजीसी नेट की रिएक्जाम का कार्यक्रम जारी किया। AI बॉस ने मांगा लेट आने वाले कर्मचारी का इस्तीफा। CJP के अभियान से जुड़े युवा के पिता की मौत हो गई। 17 अगस्त की बड़ी खबरें: 

 

नाग पंचमी और श्रावण का तीसरा सोमवार

श्रावण के तीसरे सोमवार के अवसर पर देश भर के शिव मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं का तांता। नाग पंचमी पर उज्जैन के महाकालेश्वर में स्थित नागचंद्रेश्वर मंदिर भी रात 12 बजे से श्रद्धालुओं के लिए खुला। साल भर में केवल एक दिन ही यह मंदिर श्रद्धालुओं के लिए खुलता है। ALSO READ: नाग पंचमी पर असली नाग नहीं बल्कि इस तरह नाग बनाकर करते हैं पूजा, जानिए संपूर्ण विधि

 

दिल्ली मार्च की तैयारी में किसान

किसानों ने खनौरी बॉर्डर पर बिताई रात। भारतीय किसान यूनियन एकता सिद्धूपुर के प्रमुख जगजीत सिंह डल्लेवाल ने रविवार रात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और हरियाणा सरकार से अपील की कि वे भारत-अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौते के विरोध में प्रदर्शन कर रहे किसानों को दिल्ली की ओर बढ़ने दें।

 

UGC-NET: NTA फिर लेगा 3 विषयों की परीक्षा

राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने यूजीसी नेट जून 2026 के अंग्रेजी, कॉमर्स और समाजशास्त्र विषयों की परीक्षा दोबारा कराने का फैसला किया है। अंग्रेजी और कॉमर्स की परीक्षा 9 सितंबर और समाजशास्त्र की 10 सितंबर को होगी। इन तीनों विषयों के प्रश्नपत्रों में कई तरह की गंभीर खामियां सामने आई थीं। ALSO READ: NTA का बड़ा फैसला, UGC-NET परीक्षा हुई रद्द, इन 3 विषयों की दोबारा होगी Exam, जानिए क्या है कारण?

 

AI बॉस ने मांगा इस्तीफा

सैन फ्रांसिस्को में एआई से चलने वाली प्रयोगात्मक दुकान एंडॉन मार्केट में AI प्रबंधक ‘लूना’ ने एक मानव कर्मचारी को नौकरी से निकालने की सिफारिश की। कर्मचारी 23 शिफ्ट में 17 बार देर से काम पर पहुंचा था। हालांकि अंतिम फैसला AI ने अकेले नहीं लिया।

 

CJP के अभियान से जुड़े युवा के पिता की मौत

पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा जिले में कॉकरोच जनता पार्टी के अभियान से जुड़े एक कार्यकर्ता के पिता की मौत हो गई। सीजेपी ने स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा मारपीट का आरोप लगाया है। सीएम शुभेंदु अधिकरी ने कहा है कि तीन आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। पुलिस दो अन्य की तलाश कर रही है। उन्होंने मामले में पूरा इंसाफ होने का भरोसा भी दिलाया।

Petrol Diesel Price Today: दिल्ली-नोएडा समेत इन शहरों में पेट्रोल-डीजल के नए रेट जारी

Petrol Diesel Price Today: हर दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की किरणों से नहीं होती, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों से भी होती है, जो आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालती हैं। सुबह 6 बजे देश की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) ताजा दरें जारी करती हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपए की विनिमय दर में आए बदलावों पर आधारित होती हैं। ये बदलाव रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करते हैं, चाहे वो ऑफिस जाने वाला व्यक्ति हो या फल-सब्जी बेचने वाला व्यापारी।

ऐसे में हर दिन की कीमतों की जानकारी रखना सिर्फ जरूरी ही नहीं, बल्कि समझदारी भी है। सरकार की यह प्रणाली पारदर्शिता सुनिश्चित करती है ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की भ्रमित जानकारी न मिले।

आपके शहर में आज का पेट्रोल-डीजल का भाव

ये रहे 17 आगस्त 2026 के प्रमुख शहरों के पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट

नई दिल्ली: पेट्रोल ₹102.12 प्रति लीटर और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर।

मुंबई: पेट्रोल ₹111.18 और डीजल ₹97.83 प्रति लीटर।

कोलकाता: पेट्रोल ₹113.47 जबकि डीजल ₹99.82 प्रति लीटर।

चेन्नई: पेट्रोल ₹107.77 और डीजल ₹99.55 प्रति लीटर।

गुरुग्राम: पेट्रोल ₹102.77 तथा डीजल ₹95.44 प्रति लीटर।

नोएडा: पेट्रोल ₹102.12 और डीजल ₹95.56 प्रति लीटर।

बेंगलुरु: पेट्रोल ₹110.93 जबकि डीजल ₹98.80 प्रति लीटर।

भुवनेश्वर: पेट्रोल ₹109.92 और डीजल ₹100.92 प्रति लीटर।

चंडीगढ़: पेट्रोल ₹98.10 तथा डीजल ₹86.09 प्रति लीटर।

हैदराबाद: पेट्रोल ₹115.69 और डीजल ₹103.82 प्रति लीटर।

जयपुर: पेट्रोल ₹112.66 जबकि डीजल ₹97.78 प्रति लीटर।

लखनऊ: पेट्रोल ₹102.05 और डीजल ₹95.55 प्रति लीटर।

पटना: पेट्रोल ₹113.35 तथा डीजल ₹99.36 प्रति लीटर।

तिरुवनंतपुरम: पेट्रोल ₹115.49 और डीजल ₹104.40 प्रति लीटर।

पिछले दो साल से स्थिर क्यों हैं कीमतें?

मई 2022 के बाद से केंद्र और कई राज्यों द्वारा टैक्स में कटौती की गई, जिसके बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव होता रहता है, फिर भी भारतीय उपभोक्ताओं के लिए कीमतें तुलनात्मक रूप से स्थिर बनी हुई हैं।

किन कारणों से तय होती हैं ईंधन की कीमतें?

  1. कच्चे तेल की कीमतें:

पेट्रोल और डीजल का उत्पादन मुख्य रूप से कच्चे तेल से होता है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ता है।

  1. डॉलर के मुकाबले रुपया:

भारत अधिकतर कच्चा तेल आयात करता है, और यह डॉलर में खरीदा जाता है। यदि रुपया कमजोर होता है, तो ईंधन महंगा हो जाता है।

  1. सरकारी टैक्स और शुल्क:

केंद्र और राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स लगाती हैं, जो खुदरा मूल्य का बड़ा हिस्सा होते हैं। यही कारण है कि राज्यों में कीमतों में अंतर होता है।

  1. रिफाइनिंग की लागत:

कच्चे तेल को इस्तेमाल लायक बनाने की प्रक्रिया (रिफाइनिंग) में भी खर्च होता है। ये लागत कच्चे तेल की गुणवत्ता और रिफाइनरी की क्षमता पर निर्भर करती है।

  1. मांग और आपूर्ति का संतुलन:

बाजार में ईंधन की मांग अगर बढ़ जाती है, तो कीमतें भी ऊपर जाने लगती हैं। खासकर त्योहारों, गर्मी या सर्दी के मौसम में ईंधन की खपत ज्यादा होती है।

कैसे करें अपने शहर की कीमतें SMS से चेक?

अगर आप मोबाइल से ईंधन की कीमत जानना चाहते हैं, तो ये प्रक्रिया आसान है:

Indian Oil ग्राहक: अपने शहर का कोड टाइप करें और उसे “RSP” के साथ 9224992249 पर भेजें।

BPCL ग्राहक: “RSP” लिखकर 9223112222 पर भेजें।

HPCL ग्राहक: “HP Price” लिखकर 9222201122 पर भेजें।

Gold Rate Today: सावन के तीसरे सोमवार को सोना आया और नीचे, मुंबई में ₹142190 में बिक रहा 22 कैरेट

सोमवार, 17 अगस्त को देश में सोने की कीमत और कम हो गई है। राजधानी दिल्ली में सुबह के वक्त 24 कैरेट गोल्ड की कीमत घटकर 155270 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गई। मुंबई में भाव 155120 रुपये प्रति 10 ग्राम है। अन्य शहरों में भी ​सोना फिसला है। पिछले सप्ताह अलग-अलग शहरों में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 3490 रुपये तक ​बढ़ी। वहीं 22 कैरेट गोल्ड 3200 रुपये तक महंगा हुआ। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना 4,379.9 डॉलर प्रति औंस पर है। बीते सप्ताह सोने की वैश्विक कीमत लगभग 0.9 प्रतिशत बढ़ी।

देश के कुछ बड़े शहरों में गोल्ड रेट

दिल्ली में सोने की कीमतदिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत 155270 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 142340 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

मुंबई और कोलकाता: मुंबई और कोलकाता में 22 कैरेट सोने की कीमत 142190 रुपये प्रति 10 ग्राम, जबकि 24 कैरेट सोने की कीमत 155120 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

चेन्नई में सोने की कीमत: 24 कैरेट सोने की कीमत 155120 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 142190 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

पुणे और बेंगलुरु में कीमत: इन दोनों शहरों में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 155120 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट गोल्ड की कीमत 142190 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

शहर22 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)24 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)
दिल्ली142340155270
मुंबई142190155120
अहमदाबाद142240155170
चेन्नई142190155120
कोलकाता142190155120
हैदराबाद142190155120
जयपुर142340155270
भोपाल142240155170
लखनऊ142340155270
चंडीगढ़142340155270

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चांदी की कीमत

दूसरी कीमती धातु चांदी की कीमत में भी गिरावट का रुख है। 17 अगस्त की सुबह कीमत गिरकर 249900 रुपये प्रति किलोग्राम रह गई। पिछले सप्ताह भाव 5000 रुपये ​बढ़ा। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर चांदी यानि कि स्पॉट सिल्वर की कीमत 64.88 डॉलर प्रति औंस पर है।

जुलाई में सोने का आयात मामूली बढ़ा, चांदी का घटा

कीमती धातुओं पर सीमा शुल्क में वृद्धि के बाद जुलाई में भारत के सोने और चांदी के आयात में नरमी आई। वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, जुलाई में सोने का आयात केवल 4.77 प्रतिशत बढ़ा और 4.16 अरब डॉलर रहा। चांदी का आयात 66.1 प्रतिशत घटकर 17.16 करोड़ डॉलर रह गया। सरकार ने 13 मई से कीमती धातुओं पर आयात शुल्क को 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया था।

यूपी में सड़क सुरक्षा व शून्य मृत्युदर की दिशा में परिवहन विभाग ने उठाए कड़े कदम

यूपी में सड़क सुरक्षा व शून्य मृत्युदर की दिशा में परिवहन विभाग ने उठाए कड़े कदम

Transport Department in UP has taken stringent measures towards road safety and achieving a zero-fatality rate

– मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सड़क दुर्घटनाओं में शून्य मृत्युदर का लक्ष्य पाने का दे चुके हैं निर्देश

– ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों से पिछले वित्तीय वर्ष में वसूला 474 करोड़ का प्रशमन शुल्क

– चालू वित्तीय वर्ष के 4 महीने में 5 लाख चालान किए और 172 करोड़ रुपए लगाया जुर्माना

– परिवहन विभाग की कार्रवाई का उद्देश्य यातायात नियमों के प्रति अनुशासन बढ़ाना

Uttar Pradesh News : उत्तर प्रदेश में लगातार बढ़ती वाहन संख्या के बीच सड़क सुरक्षा को लेकर योगी सरकार का फोकस लगातार बढ़ा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और शून्य मृत्यु दर की दिशा में विभिन्न अवसरों पर विभागों को जरूरी निर्देश देते रहे हैं। इसका असर सड़क सुरक्षा से जुड़े नियमों के पालन को लेकर परिवहन विभाग की प्रवर्तन कार्रवाई में भी दिखाई दे रहा है। बीते वित्तीय वर्ष में 474 करोड़ रुपए और चालू वित्तीय वर्ष में 172 करोड़ रुपएप्रशमन शुल्क (जुर्माना) वसूला गया है। इस अवधि में 20 लाख से ज्यादा चालान भी किए गए हैं।

 

अपर परिवहन आयुक्त (प्रवर्तन) केडी सिंह गौर ने कहा कि सड़क पर सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने और यातायात नियमों का पालन कराना परिवहन विभाग की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। इसी क्रम में विभाग के प्रवर्तन दल ने नियमों की अनदेखी करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ प्रदेशभर में अभियान चलाया। कार्रवाई का उद्देश्य महज जुर्माना वसूलना नहीं, बल्कि वाहन चालकों को यातायात नियमों के प्रति जिम्मेदार बनाना और सड़क सुरक्षा को मजबूत करना है।

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15 लाख चालान के जरिए 474 करोड़ का जुर्माना

वित्तीय वर्ष 2025-26 में परिवहन विभाग के प्रवर्तन दल ने प्रदेशभर में करीब 15 लाख चालान किए। इन कार्रवाई के माध्यम से 474 करोड़ रुपये का प्रशमन शुल्क वसूला गया। यह बड़े पैमाने पर की गई प्रवर्तन कार्रवाई को दर्शाता है, जिसके जरिए सड़क पर नियमों का पालन सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया।

 

इस वर्ष 5 लाख चालान काटे गए

वहीं, चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के शुरुआती चार महीनों में ही करीब 5 लाख चालान किए जा चुके हैं। इन कार्रवाई से 172 करोड़ रुपए का प्रशमन शुल्क प्राप्त हुआ है। इससे साफ है कि सड़क सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग की निगरानी और प्रवर्तन कार्रवाई लगातार जारी है।

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चालान से सड़क सुरक्षा पर असर

परिवहन विभाग के मुताबिक इस सख्ती का व्यापक उद्देश्य वाहन चालकों में यातायात नियमों के प्रति अनुशासन बढ़ाना है। नियमों का पालन होने से सड़क पर ओवरस्पीडिंग, बिना जरूरी दस्तावेज वाहन चलाने, क्षमता से अधिक सवारी या माल ढोने और अन्य यातायात नियमों के उल्लंघन जैसी स्थितियों पर प्रभावी नियंत्रण में मदद मिलती है।

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सुरक्षित यातायात के लिए वाहन चालकों और आम नागरिकों की भी बराबर भागीदारी जरूरी है। परिवहन विभाग की प्रवर्तन कार्रवाई इसी जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने का काम कर रही है। यही प्रयास प्रदेश को शून्य मृत्युदर के लक्ष्य की ओर ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

Small Cap Stocks: क्या अब स्मॉलकैप स्टॉक्स में निवेश का सही मौका है? Ambit ने बताए अच्छे रिटर्न के 5 बड़े संकेत

Small Cap Stocks: साल 2025 की शुरुआत से आई गिरावट के बाद अब स्मॉलकैप शेयरों में जोखिम और रिटर्न का संतुलन पहले से बेहतर दिख रहा है। Ambit Asset Management का कहना है कि अब कमाई, वैल्यूएशन, कैपेक्स, घरेलू निवेश और ग्लोबल माहौल जैसे कई बड़े फैक्टर स्मॉलकैप शेयरों के पक्ष में नजर आ रहे हैं।

कंपनी का मानना है कि इस बार की गिरावट पहले जैसी नहीं थी। यह ज्यादातर वैल्यूएशन करेक्शन था, न कि क्रेडिट संकट या अर्थव्यवस्था में बड़ी कमजोरी की वजह से। आइए जानते हैं कि Ambit किन 5 कारणों से स्मॉल कैप स्टॉक्स पर दांव लगाने का सुझाव दे रहा है।

1. कमाई में फिर आई तेजी

Ambit के मुताबिक, जून 2026 तक Nifty Smallcap 250 कंपनियों का PAT सालाना आधार पर करीब 27% बढ़ा है। यह ग्रोथ लार्जकैप कंपनियों से भी बेहतर रही।

पिछली दो तिमाहियों में रेवेन्यू और EBITDA दोनों में सुधार आया है। साथ ही FY27 के लिए कमाई के अनुमान भी बढ़ाए गए हैं।

2. वैल्यूएशन पहले से ज्यादा आकर्षक

स्मॉलकैप शेयरों में सबसे बड़ा वैल्यूएशन रीसेट देखने को मिला है। जुलाई 2026 तक करीब 47% स्मॉलकैप शेयर अपने 10 साल के औसत वैल्यूएशन से नीचे ट्रेड कर रहे थे।

तुलना करें तो मिडकैप में यह आंकड़ा 31% और लार्जकैप में 27% था। 18 में से 12 स्मॉलकैप सेक्टर अब अपने लंबे समय के औसत वैल्यूएशन से नीचे आ चुके हैं।

3. कैपेक्स मजबूत बना हुआ है

FY26 में लिस्टेड कंपनियों का कुल कैपिटल एक्सपेंडिचर 9% बढ़कर ₹11.5 लाख करोड़ पहुंच गया। इसमें मिडकैप कंपनियों का कैपेक्स 16% और स्मॉलकैप कंपनियों का 13% बढ़ा।

Ambit का अनुमान है कि अगले चार साल में पावर, डेटा सेंटर और सेमीकंडक्टर जैसे सेक्टरों में ₹20-25 लाख करोड़ का अतिरिक्त निवेश हो सकता है।

4. घरेलू निवेशकों का बढ़ा भरोसा

स्मॉलकैप म्यूचुअल फंड में निवेश तेजी से बढ़ा है। FY22 में जहां नेट इनफ्लो ₹10,145 करोड़ था, वहीं FY26 में यह बढ़कर ₹51,872 करोड़ पहुंच गया।

साथ ही Nifty Smallcap 250 में ट्रेडिंग एक्टिविटी भी फरवरी 2025 के मुकाबले जून 2026 तक काफी बढ़ गई है, जिससे बाजार में लिक्विडिटी बेहतर हुई है।

5. ट्रेड डील से मिल सकता है फायदा

Ambit का कहना है कि भारत के नए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट का सबसे ज्यादा फायदा स्मॉलकैप कंपनियों को मिल सकता है। खासकर कैपिटल गुड्स, ऑटो कंपोनेंट, केमिकल, टेक्सटाइल, पावर और मेटल सेक्टर की कंपनियां इससे लाभ उठा सकती हैं।

इसके अलावा अमेरिका-ईरान संघर्ष के बाद बने सीजफायर माहौल और भारत-अमेरिका ट्रेड वार्ता में प्रगति से भी निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ है।

निवेशकों के लिए क्या मतलब है?

Ambit Asset Management का मानना है कि स्मॉलकैप शेयरों में फिर से तेजी के लिए जरूरी कई हालात बनते दिख रहे हैं। हालांकि, हर स्मॉलकैप शेयर एक जैसा नहीं होता। इसलिए मजबूत बैलेंस शीट, बेहतर कमाई और उचित वैल्यूएशन वाली कंपनियों का चयन करना ज्यादा अहम रहेगा।

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IND vs PAK: ‘भारतीय टीम हमसे बेहतर..’ हॉकी वर्ल्ड कप के मुकाबले से पहले PAK कप्तान ने मानी हार? जानें क्या कहा

FIH वर्ल्ड कप में भारत और पाकिस्तान की टीमों का मुकाबला 19 अगस्त को होगा। भारत ने वेल्स को 3-1 से हराकर शानदार अंदाज में टूर्नामेंट की शुरुआत की है। वहीं, पाकिस्तान को अपने पहले मैच में इंग्लैंड के हाथों 1-4 से हार का सामना करना पड़ा। अब दोनों टीमें अगले मुकाबले में बेहतर प्रदर्शन के साथ मैदान पर उतरेंगी। भारत और पाकिस्तान को दोनों टीमों को एक ही ग्रुप में रखा गया है। वहीं मुकाबले से पहले पाकिस्तान हॉकी टीम के कप्तान अबू बकर महमूद ने बड़ा बयान दिया है। अबू बकर महमूद को उम्मीद है कि उनकी टीम वर्ल्ड कप में भारत के खिलाफ हार का सिलसिला खत्म करेगी।

भारत की रैंकिंग काफी अच्छा

इस बड़े मुकाबले से पहले पाकिस्तान के कप्तान अबू बकर महमूद ने PTI से कहा कि, “मुझे यह मानने में कोई झिझक नहीं है कि भारतीय टीम रैंकिंग में हमसे बहुत बेहतर है, लेकिन भारत-पाकिस्तान मैच में रैंकिंग मायने नहीं रखती। उस दिन का प्रदर्शन जरूरी है। ये मैच के दिन ही तय होगा कि कौन सी टीम अच्छा खेल रही है और जीतेगी।” पाकिस्तान ने आखिरी बार जून 2016 में लंदन में चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान भारत को 4-3 से हराया था। इसके बाद भारत ने हाल ही में FIH प्रो लीग के लंदन लेग में पाकिस्तान को 4-3 और 7-1 से मात दी थी। पाकिस्तान की हॉकी टीम आठ साल बाद वर्ल्ड कप में वापसी कर रही है।

भारत ने जीते लगातार 2 मेडल

महमूद ने कहा, “भारत इकलौती एशियाई टीम है, जिसने लगातार दो ओलंपिक में मेडल जीते हैं। यह एशियाई हॉकी के लिए अच्छी बात है और हम उन्हें वर्ल्ड कप के लिए शुभकामनाएं देते हैं। हालांकि, इस बार हम पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतरे हैं।” महमूद को प्रो लीग में टीम के खराब प्रदर्शन के बाद कप्तानी की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

कप्तान ने क्या कहा

वर्ल्ड कप के लिए टीम के रवाना होने से पहले पाकिस्तान के डच हेड कोच हरमन क्रुइस अपने घर लौट गए। इसके बाद गोलकीपिंग कोच बॉब-जोहान वेल्डहोफ ने टीम की जिम्मेदारी संभाली। कप्तान अबू बकर महमूद ने कहा कि, “कोच अदनान जाकिर, बॉब और सपोर्ट स्टाफ ने पिछले एक महीने में टीम के साथ काफी मेहनत की है, जिसका अच्छा असर खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर भी दिख रहा है। उन्होंने कहा कि टीम को हर मैच में बेहतर खेल दिखाना होगा। पाकिस्तान का मुख्य लक्ष्य एशियन गेम्स है, लेकिन वर्ल्ड कप में टीम की कोशिश अंतिम आठ में जगह बनाने की होगी।”

अब रैंकिंग में 12वें स्थान पर हैं हम

28 साल के महमूद ने कहा कि वर्ल्ड कप और ओलंपिक हॉकी के सबसे बड़े टूर्नामेंट हैं। अगर कोई टीम इन दोनों में नहीं खेलती है, तो वह विश्व हॉकी का हिस्सा नहीं मानी जाती। उन्होंने कहा, “यह हमारी किस्मत है या फिर हमारी कड़ी मेहनत का नतीजा कि हम आठ साल बाद एक बार फिर वर्ल्ड कप में खेलने जा रहे हैं।” कैप्टन ने कहा, “प्रो लीग शुरू होने से पहले हम दुनिया में 14वें नंबर पर थे, लेकिन अब 12वें स्थान पर पहुंच गए हैं। हमने प्रो लीग में दुनिया की टॉप टीमों के खिलाफ खेला, जिससे हमें काफी कुछ सीखने का मौका मिला। प्रो लीग के पहले दो चरणों के बाद हमने वर्ल्ड कप क्वालिफायर में हिस्सा लिया और फाइनल तक पहुंचकर वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई किया।”

उन्होंने आगे कहा, “हमने प्रो लीग के आखिरी दो चरणों में कुछ नई चीजों को आजमाया। हम प्रो लीग में खिताब जीतने के इरादे से नहीं, बल्कि सीखने के लिए गए थे, क्योंकि हमने काफी समय से दुनिया की बड़ी टीमों के खिलाफ अच्छे मुकाबले नहीं खेले थे। अब वर्ल्ड कप में हमारा प्रदर्शन बताएगा कि हमने वहां से कितना सीखा है।”

दिव्यांगजनों को डिजिटल सशक्त बना रही योगी सरकार, स्मार्टफोन-टैबलेट से बढ़ी पहुंच

दिव्यांगजनों को डिजिटल सशक्त बना रही योगी सरकार, स्मार्टफोन-टैबलेट से बढ़ी पहुंच

Yogi government is Divyangjan empowering persons with Divyangjan

– कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण योजना बनी दिव्यांगजनों का मजबूत संबल

– ब्रेल किट और स्मार्ट केन से आसान हुआ दिव्यांगजनों का दैनिक जीवन

– जरूरत के मुताबिक ट्राईसाइकिल, व्हीलचेयर और अन्य उपकरण उपलब्ध

– 40 प्रतिशत या अधिक दिव्यांगता वाले पात्र लाभार्थियों को मिल रहा लाभ

Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर, सम्मानजनक और सुविधाजनक जीवन उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रभावी कदम उठा रही है। दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग द्वारा संचालित कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण योजना के माध्यम से पात्र दिव्यांगजनों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप कृत्रिम अंग एवं विभिन्न सहायक उपकरण निःशुल्क उपलब्ध कराए जा रहे हैं। बदलते समय की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए योजना को आधुनिक तकनीक से भी जोड़ा गया है, जिसके तहत पात्र लाभार्थियों को स्मार्टफोन, टैबलेट और डेजी प्लेयर जैसे डिजिटल उपकरण भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

 

स्मार्टफोन और टैबलेट से बढ़ी डिजिटल पहुंच

डिजिटल युग में शिक्षा, संचार, सूचना और सरकारी सेवाओं तक पहुंच को आसान बनाने के उद्देश्य से योजना के अंतर्गत पात्र दिव्यांगजनों को स्मार्टफोन एवं टैबलेट जैसे डिजिटल उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इससे विशेष रूप से दिव्यांग छात्र-छात्राओं और युवाओं को ऑनलाइन शिक्षा, डिजिटल संचार, अध्ययन सामग्री तथा विभिन्न ऑनलाइन सरकारी सेवाओं एवं सूचनाओं तक पहुंच बनाने में मदद मिल रही है।

 

वित्तीय वर्ष 2025-26 में 34,420 पात्र दिव्यांगजनों को विभिन्न कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण वितरित किए गए हैं। डिजिटल उपकरणों को योजना से जोड़ने से दिव्यांगजनों के सशक्तीकरण को तकनीक का नया आयाम मिला है।

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जरूरत के अनुसार मिल रहे अनेक सहायक उपकरण

कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण योजना के अंतर्गत दिव्यांगजनों को उनकी शारीरिक आवश्यकता एवं चिकित्सकीय संस्तुति के आधार पर विभिन्न प्रकार के उपकरण उपलब्ध कराए जाते हैं। इनमें ट्राईसाइकिल, व्हीलचेयर, बैसाखी, श्रवण यंत्र, एमआर किट, ब्रेल किट, एडीएल किट, वॉकर, रोटेटर और स्मार्ट केन सहित अनेक सहायक उपकरण शामिल हैं।

 

दृष्टिबाधित दिव्यांगजनों के लिए ब्रेल किट एवं स्मार्ट केन जैसे उपकरण दैनिक जीवन को अधिक सुगम बनाने में सहायक हैं, जबकि गतिबाधित दिव्यांगजनों के लिए ट्राईसाइकिल, व्हीलचेयर एवं अन्य मोबिलिटी उपकरण आवागमन और स्वतंत्र गतिशीलता को बढ़ावा देते हैं। चिकित्सकीय आवश्यकता के अनुसार विभिन्न प्रकार के कृत्रिम अंग भी उपलब्ध कराए जाते हैं। वर्तमान व्यवस्था के अंतर्गत पात्र दिव्यांगजनों को 15 हजार रुपये तक की लागत वाले निर्धारित कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण निःशुल्क उपलब्ध कराए जाते हैं।

 

योजना का लाभ लेने के लिए निर्धारित है पात्रता

कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण योजना का संचालन विभागीय पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन किया जा रहा है। योजना का लाभ सामान्यतः 40 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता प्रमाणित होने पर निर्धारित पात्रता के अनुसार दिया जाता है। संबंधित उपकरण की आवश्यकता के संबंध में चिकित्साधिकारी की संस्तुति भी आवश्यक होती है।

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पात्रता के लिए आवेदक को निर्धारित आय सीमा एवं अन्य शर्तों को पूरा करना होता है। सामान्यतः ग्रामीण क्षेत्रों के लिए वार्षिक पारिवारिक आय सीमा 46,080 रुपये तथा शहरी क्षेत्रों के लिए 56,460 रुपये निर्धारित है। आवेदक को पिछले तीन वर्षों में उसी उद्देश्य के लिए समान उपकरण का लाभ नहीं मिला होना चाहिए।

नियमित शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए निर्धारित अवधि एक वर्ष है। आवेदन के लिए दिव्यांगता प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, फोटो तथा संबंधित उपकरण के लिए चिकित्सकीय संस्तुति सहित आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत करने होते हैं।

 

ऑनलाइन प्रक्रिया से पारदर्शिता और सुगमता

योजना को ऑनलाइन किए जाने से पात्र दिव्यांगजनों के लिए आवेदन एवं योजना तक पहुंच अधिक सुगम हुई है। विभाग का प्रयास है कि पात्र लाभार्थियों का चिन्हांकन, सत्यापन एवं उपकरण वितरण की प्रक्रिया पारदर्शी, समयबद्ध और सुगम तरीके से पूरी की जाए।

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दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराना प्राथमिकता

दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के उपनिदेशक डॉ. अमित कुमार राय ने बताया कि विभाग का उद्देश्य केवल दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि उन्हें शिक्षा, रोजगार, डिजिटल सेवाओं और समाज की मुख्यधारा से जोड़ते हुए आत्मनिर्भर बनाना है।

उन्होंने कहा कि स्मार्टफोन, टैबलेट और डेजी प्लेयर जैसे डिजिटल उपकरणों के साथ-साथ मोबिलिटी एवं अन्य सहायक उपकरण दिव्यांगजनों की वास्तविक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए उनके जीवन को अधिक सुगम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।