एथर एनर्जी ने टेस्ला और BYD को पीछे छोड़ा, इस साल शेयर 130% उछला; आगे और तेजी की उम्मीद

Ather Energy Share Price: इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर कंपनी Ather Energy ने इस साल शेयर बाजार में Tesla, BYD और Xiaomi जैसी दिग्गज कंपनियों को भी पीछे छोड़ दिया है। कंपनी के शेयर 2026 में अब तक करीब 130% चढ़ चुके हैं। विश्लेषकों को बढ़ते मार्केट शेयर की वजह से स्टॉक में आगे भी तेजी की उम्मीद है।

Ather के शेयर में तेजी ने ग्लोबल निवेशकों का भी ध्यान खींचा है। सोमवार को BlackRock Global Funds ने ओपन मार्केट से कंपनी में 1% से कम हिस्सेदारी खरीदी है।

इसके उलट EV कंपनियों से जुड़े 104 शेयरों को ट्रैक करने वाला ब्लूमबर्ग इंडेक्स इस साल करीब 1% गिरा है। Tesla, BYD और Xiaomi जैसी बड़ी कंपनियों के कमजोर प्रदर्शन का असर इस इंडेक्स पर पड़ा है।

पिछले महीने शेयर 36% से ज्यादा चढ़ा

Hero MotoCorp की हिस्सेदारी वाली Ather Energy इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर की डिजाइनिंग, मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसिंग करती है। कंपनी का अपना चार्जिंग नेटवर्क भी है। भारत में EV की बढ़ती मांग का कंपनी को फायदा मिल रहा है।

बेंगलुरु की कंपनी का शेयर पिछले महीने 36% से ज्यादा चढ़ा। मई 2025 में लिस्टिंग के बाद यह किसी एक महीने में कंपनी की सबसे बड़ी तेजी है। बाजार में कंपनी की ग्रोथ को लेकर भरोसा बढ़ा है।

FY28 तक 26% मार्केट शेयर का अनुमान

Emkay Global Financial Services का अनुमान है कि FY28 तक Ather Energy का मार्केट शेयर बढ़कर 26% हो सकता है। मार्च के अंत में कंपनी का मार्केट शेयर करीब 17% था।

ब्रोकरेज का मानना है कि नए प्रोडक्ट लॉन्च और कंपनी की इन-हाउस टेक्नोलॉजी से Ather को फायदा मिल सकता है। इससे कंपनी घरेलू प्रतिद्वंद्वी Ola Electric को कड़ी टक्कर दे सकती है। पिछले हफ्ते Ather ने Konarc इलेक्ट्रिक स्कूटर लॉन्च किया था। इसे कंपनी की अपनी EV आर्किटेक्चर पर बनाया गया है। यह मास मार्केट सेगमेंट के लिए तैयार किया गया है।

Konarc से दोगुना हो सकता है बाजार

Nomura Holdings के एनालिस्ट्स का कहना है कि Konarc की वजह से Ather का एड्रेसेबल मार्केट दोगुना हो सकता है। यानी कंपनी के पास पहले के मुकाबले ज्यादा ग्राहकों तक पहुंचने का मौका होगा।

एनालिस्ट्स का कहना है कि भारत में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर का बाजार अब अहम मोड़ पर पहुंच रहा है। इस सेगमेंट में लंबी अवधि के लिए Ather को सबसे मजबूत विकल्पों में शामिल माना जा रहा है।

लिस्टिंग के बाद 440% चढ़ा शेयर

लिस्टिंग के बाद से Ather Energy का शेयर करीब 440% चढ़ चुका है। पिछले पांच साल में ₹2,500 करोड़ या उससे ज्यादा का IPO लाने वाली भारतीय कंपनियों में Ather Energy का प्रदर्शन सबसे बेहतर रहा है।

तेजी के बावजूद एनालिस्ट्स अभी भी स्टॉक को लेकर बुलिश हैं। ब्लूमबर्ग के मुताबिक, कंपनी को कवर करने वाले सभी 14 एनालिस्ट्स शेयर पर खरीदारी की सलाह दे रहे हैं।

Axis Capital ने Ather Energy का टारगेट प्राइस ₹2,100 रखा है। सोमवार के क्लोजिंग प्राइस के मुकाबले इसमें करीब 22% की तेजी की संभावना बताई गई है।

अगले 3-4 साल में शेयर दोगुना हो सकता है

Emkay के एनालिस्ट चिराग जैन का मानना है कि अगले तीन से चार साल में मौजूदा स्तर से भी Ather Energy का शेयर दोगुना हो सकता है।

उनका कहना है कि Ather सिर्फ फीचर्स हटाकर कीमत कम करने के पक्ष में नहीं है। कंपनी लागत कम करके कीमत घटाने की रणनीति पर काम कर रही है, ताकि ब्रांड और प्रोडक्ट क्वालिटी पर असर न पड़े।

एथर एनर्जी का शेयर मंगलवार को 1.07% की तेजी के साथ 1,736 रुपये पर बंद हुआ।

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नवी एएमसी ने लॉन्च किया नया इंडेक्स फंड, REITs और रियल्टी शेयरों में करेगा इनवेस्ट

नवी एसेट मैनेजमेंट कंपनी (नवी एएमसी) ने एक नया इंडेक्स फंड लॉन्च किया है। इसका नाम नवी निफ्टी रीट्स एंड रियल्टी इंडेक्स फंड है। यह एक ओपन-एंडेड स्टॉक्स है, जो निफ्टी रीट्स एंड रियल्टी टोटल रिटर्न इंडेक्स को ट्रैक करेगा। यह फंड निवेश के लिए 1 सितंबर को खुल गया है।

कम से कम 100 रुपये से निवेश किया जा सकता है

Navi Nifty REITs & Realty Index Fund में कम से कम 100 रुपये से निवेश किया जा सकता है। यह फंड उन सिक्योरिटीज में निवेश करेगा, जो Nifty REITs & Realty Index में शामिल हैं। जो इनवेस्टर्स लिस्टेड रियल एस्टेट इनवेस्टमेंट ट्रस्ट्स (REITs) और रियल एस्टेट कंपनियों के शेयरों में निवेश करना चाहते हैं, वे इस फंड में निवेश कर सकते हैं।

Nifty REITs & Realty Index में 15 तक सिक्योरिटीज शामिल

Nifty REITs & Realty Index एक फ्री-फ्लोच मार्केट-कैपिटलाइजेशन वेटेड इंडेक्स है, जिसमें 15 तक सिक्योरिटीज शामिल हैं। इस इंडेक्स में REITs का कम से कम 60 फीसदी वेट होना जरूरी है, जबकि एक इंडिविजुअल सिक्योरिटी का वेट 15 फीसदी से ज्यादा नहीं होना चाहिए। NSE Indices की तरफ से हर तिमाही इस इंडेक्स का रिव्यू किया जाता है।

रियल एस्टेट्स में निवेश से कमाई करने का मौका 

नवी एएमसी के मुताबिक, इस फंड का मकसद निफ्टी रीट्स एंड रियल्टी इंडेक्स के जितना रिटर्न जेनरेट करना है। इस फंड के पोर्टफोलियो में लिस्टेड रीट्स होंगे। इससे इनवेस्टर्स को इनकम देने वाले रियल एस्टेट्स में निवेश करने का मौका मिलेगा। साथ ही पोर्टफोलियो में रियल एस्टेट कंपनियों के शेयर भी शामिल होंगे।

क्या होता है रियल एस्टेट इनवेस्टमेंट ट्रस्ट?

REITs का मतलब रियल एस्टेट इनवेस्टमेंट ट्रस्ट है। यह ट्रस्ट इनकम के लिए रियल एस्टेट खरीदता है और ऑपरेट करता है। इसमें हाई-वैल्यू रियल एस्टेट प्रॉपर्टीज और मॉर्टगेजेज शामिल होते हैं। यह प्रॉपर्टीज लीज पर देते हैं और उससे किराया लेते हैं। इस तरह वसूला गया पूरा रेंट पहले इकट्ठा किया जाता है। फिर उसे शेयरहोल्डर्स के बीच बतौर इनकम या डिविडेंड बांट दिया जाता है।

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आर्थिक गतिविधियां बढ़ने से रियल एस्टेट में बढ़ रहा किराया

नवी एएमसी का यह नया इंडेक्स फंड उन इनवेस्टर्स के लिए अच्छा है, जो रीट्स में निवेश करना चाहते हैं और रियल एस्टेट्स के तेजी से बढ़ते किराए का फायदा उठाना चाहते हैं। भारत जैसे देश में रीट्स के अच्छे रिटर्न कमाने की काफी गुंजाइश है, क्योंकि इकोनॉमी में आर्थिक गतिविधियां तेजी से बढ़ रही हैं। हालांकि, इनवेस्टर्स को किसी फंड में निवेश करने से पहले अपने फाइनेंशियल एडवाइजर की सलाह लेनी चाहिए।

नेपाल के त्रिभुवन त्रिशूली स्कूल की इमारत तो बह गई पर प्रिंसिपल ने 1600 बच्चों को बचा लिया! अब भारत इस स्कूल को फिर बनवाएगा

Nepal Flood: नेपाल के नुवाकोट जिले में स्थित त्रिभुवन त्रिशूली सेकेंडरी स्कूल के प्रिंसिपल राजेंद्र दवाड़ी को हीरो माना जा रहा है। ऐसा इसलिए क्योंकि उन्होंने 26 अगस्त को त्रिशूली घाटी में आई भयानक बाढ़ के दौरान स्कूल के सभी 1,643 छात्रों की जान बचाने में मदद की थी। हालांकि, स्कूल की इमारत अब नष्ट हो चुकी है, इसलिए दवाड़ी ने भारत सरकार से अपील की है कि वे स्कूल को फिर से बनाने और बच्चों को उनकी पढ़ाई जारी रखने के लिए सुरक्षित जगह उपलब्ध कराने में मदद करें।

स्कूल से जल्दी निकलो

मीडिया से बात करते हुए दवाड़ी ने बताया कि कैसे स्कूल की एक आम सुबह समय के साथ एक मुश्किल दौड़ में बदल गई। उन्होंने बताया कि सुबह करीब 9:20 बजे, मुझे एक दोस्त का जरूरी फोन आया, जिसमें उन्हें चेतावनी दी गई थी कि पास के एक गांव में नदी का पानी भर गया है। वहां, से जल्दी निकलो। इसके कुछ ही देर बाद, एक घबराए हुए पैरेंट स्कूल पहुंचे और बताया कि नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है।

बिना देरी किए स्कूल की बेल बजाने का दिया आदेश

उस समय सैकड़ों छात्र स्कूल की तीन मंजिला इमारत के अंदर या आस-पास थे, जो नदी से लगभग 60 मीटर की ऊंचाई पर स्थित थी। हालात तेजी से बिगड़ते देख, दवाड़ी ने बिना देरी के स्कूल की घंटी बजाने का आदेश दिया और शिक्षकों को निर्देश दिया कि वे क्लासरूम खाली कराएं और बच्चों को ऊंची जगह पर ले जाएं।

प्रींसिपल ने बस ड्राइवरों से भी किया संपर्क

उन्होंने स्कूल बस ड्राइवरों से भी संपर्क किया और उन्हें वापस लौटने को कहा। हालांकि, एक बस से संपर्क नहीं हो पा रहा था। राजेंद्र दावाड़ी ने बाहर आकर देखा तो वही बस लोहे के पुल को पार कर स्कूल की तरफ बढ़ रही थी और नीचे नदी का विकराल पानी स्कूल परिसर की तरफ तेजी से आ रहा था। प्रिंसिपल साहब ने पूरी ताकत से चिल्लाकर और हाथ हिलाकर ड्राइवर को इशारा किया। ड्राइवर ने पलक झपकते ही बस को रिवर्स किया और सुरक्षित दूरी पर ले गया। बस के हटते ही वो पुल ताश के पत्तों की तरह ढह गया और नदी में समा गया।

जान बचाकर पहाड़ी पर भागे बच्चे

जैसे-जैसे खतरा बढ़ा, छात्र पहाड़ी की ओर जाने लगे। खबर है कि एक लड़की को पैनिक अटैक आया और उसे मोटरसाइकिल से सुरक्षित जगह ले जाना पड़ा, जबकि बाकी बच्चे पैदल ही भाग निकले। जब छात्र नदी से दूर जा रहे थे, तो दवाड़ी उनके साथ ही रहे।

बाद में बाढ़ का पानी उस इलाके में फैल गया, जिससे स्कूल बर्बाद हो गया और नदी के किनारे बनी इमारतें बह गईं। जब पानी का तेज बहाव घाटी से गुजर रहा था, तब छात्रों ने एक बोधि वृक्ष के नीचे शरण ली।

प्रिंसिपल दावाड़ी ने 1,643 मासूमों को बचाया

हालांकि, इस आपदा से प्रिंसिपल दावाड़ी ने 1,643 मासूमों को तो सुरक्षित बचा लिया, लेकिन स्कूल ने अपने दो बहादुर साथियों को खो दिया। 32 साल के नए सोशल हिस्ट्री टीचर संतोष परियार क्लास लेने के बाद खाना पकाने अपने कमरे पर गए थे और बाढ़ में बह गए। वहीं, स्कूल के सफाईकर्मी सुल्तान लामा की भी मौत हो गई। बताया जाता है कि वे स्कूल को सुरक्षित करने के लिए वापस लौटे थे।

दुनियाभर की मीडिया में नेशनल हीरो के तौर पर सराहे जाने के बाद भी राजेंद्र दावाड़ी की आंखों में अपनों को खोने का गम है। मलबे के ढेर को देखते हुए वे बेहद विनम्रता से बस एक ही बात कहते हैं, “मैं करता भी तो क्या? उस वक्त मेरे बच्चों की जान से बढ़कर कुछ नहीं था।”

स्कूल बनाने के लिए भारत से मदद की मांग

दावाड़ी के लिए, रेस्क्यू ऑपरेशन एक और चुनौती की शुरुआत भर थी। स्कूल की इमारत के तबाह हो जाने के बाद, अब वे स्कूल को फिर से बनाने के लिए भारत से मदद मांग रहे हैं, ताकि सैकड़ों बच्चे अपनी पढ़ाई फिर से शुरू कर सकें।

भारत ने दी मदद की गारंटी

वहीं, नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने X पर एक पोस्ट में लिखा, मैंने नुवाकोट के बिदुर में स्थित त्रिभुवन त्रिशूली सेकेंडरी स्कूल के प्रिंसिपल राजेंद्र दवाडी से मुलाकात की। रसुवा में अचानक आई बाढ़ (flash flood) में स्कूल के बह जाने से ठीक पहले, उनके समय पर लिए गए फैसले ने 1600 से ज्यादा स्कूली बच्चों की जान बचाई। यह स्कूल 1950 के दशक में बनाया गया था। इसका डिजाइन एक भारतीय इंजीनियर ने तैयार किया था, जो त्रिशूली हाइड्रोपावर प्लांट के निर्माण से जुड़े थे, और इसे भारत की मदद से बनाया गया था। इस स्कूल की नई इमारत भी 2022 में भारत की मदद से HICDP प्रोग्राम के तहत बनाई गई थी। श्रीवास्तव ने दवाड़ी को भरोसा दिलाया कि भविष्य में भारत, नेपाल में भारतीय दूतावास के माध्यम से स्कूल के पुनर्निर्माण में मदद करेगा।

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Gold Price Drop: लगातार 5वें दिन फिसला सोना, ऑल-टाइम हाई से ₹10700 की टूट; जानें गिरावट की ये 4 बड़ी वजहें

Gold Prices Today Fall: भारतीय वायदा बाजार पर सोने की कीमतों में लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। 24 अगस्त को ₹1,63,229 प्रति 10 ग्राम के अपने ऑल-टाइम हाई पर पहुंचने के बाद, MCX पर सोना अब तक ₹10,700 से ज्यादा टूटकर ₹1,52,514 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गया है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार (COMEX) में भी सोना $4,734 प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर से गिरकर लगभग $4,420 प्रति औंस पर पहुंच गया है। महज एक सत्र में MCX पर सोना करीब ₹1,900 और COMEX पर $75 तक फिसल गया।

सोने की कीमतों में गिरावट के 4 मुख्य कारण

1. अमेरिकी फेड रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की आशंका: जैक्सन होल सम्मेलन में अमेरिकी फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वॉर्श के सख्त रुख ने सोने के बाजार को प्रभावित किया है। फेड द्वारा सितंबर में ब्याज दरें बढ़ाने की संभावना से निवेशक अब सोने से पैसा निकालकर अन्य सुरक्षित और ब्याज देने वाले विकल्पों में लगा रहे हैं।

2. मजबूत डॉलर और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में उछाल: ब्याज दरें बढ़ने के संकेतों से अमेरिकी डॉलर (USD) मजबूत हुआ है और ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी हुई है। जब डॉलर मजबूत होता है, तो अन्य मुद्राओं में सोना खरीदना महंगा हो जाता है, जिससे वैश्विक स्तर पर सोने की मांग घट जाती है।

3. कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और महंगाई की चिंता: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तनाव और अमेरिका-ईरान विवाद के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है। महंगाई बढ़ने की आशंका के चलते केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में कटौती करने से बच रहे हैं, जिससे सोने पर दबाव बना हुआ है।

4. घरेलू मांग पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील का असर: आनंद राठी शेयर एंड स्टॉक ब्रोकर्स की कमोडिटी एनालिस्ट वेदिका नार्वेकर के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जरूरत न होने पर सोना न खरीदने की अपील का असर घरेलू सेंटीमेंट पर पड़ा है। इससे भारतीय बाजार में त्योहारी सीजन से पहले ज्वैलरी और रिटेल मांग में थोड़ी सुस्ती की आशंका है।

अगस्त का प्रदर्शन और सितंबर के लिए आउटलुक

ऑगमोंट बुलियन की रिपोर्ट के अनुसार, अगस्त महीने में सोने ने 9.4% और चांदी ने 15% का मजबूत रिटर्न दिया, जो इस साल का सबसे मजबूत मासिक प्रदर्शन था। ऐसे में बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इस हफ्ते जारी होने वाले अमेरिकी लेबर मार्केट डेटा सोने की अगली चाल तय करेंगे। अगर डेटा मजबूत आता है तो डॉलर और मजबूत होगा, जिससे सोने में गिरावट जारी रह सकती है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Bristy Mukherjee Death : ममता बनर्जी की भतीजी बृष्टि मुखर्जी की मौत, घर में फंदे से लटका मिला शव, शिक्षक भर्ती मामले में गई थी नौकरी, जांच शुरू

Bristy Mukherjee Death : ममता बनर्जी की भतीजी बृष्टि मुखर्जी की मौत, घर में फंदे से लटका मिला शव, शिक्षक भर्ती मामले में गई थी नौकरी, जांच शुरू

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की 28 वर्षीय भतीजी बृष्टि मुखर्जी (Bristy Mukherjee) की मंगलवार को बीरभूम जिले के रामपुरहाट में मौत हो गई।   बृष्टि का शव उनके गांव स्थित आवास में फंदे से लटका मिला। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, बृष्टि मुखर्जी का शव रामपुरहाट इलाके के कुसुम्बा स्थित उनके घर की दूसरी मंजिल के एक कमरे से बरामद किया गया। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले की जांच जारी है।

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शिक्षक भर्ती मामले में गई थी नौकरी

 

रिपोर्टों के मुताबिक, बृष्टि मुखर्जी उन करीब 26,000 शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों में शामिल थीं, जिनकी नियुक्तियों को लेकर पश्चिम बंगाल शिक्षक भर्ती मामले में जांच हुई थी। बृष्टि बोलपुर के एक अपर प्राइमरी स्कूल में गैर-शिक्षण कर्मचारी के तौर पर कार्यरत थीं। हाईकोर्ट के आदेश के बाद नौकरी गंवाने वाले उम्मीदवारों की सूची में उनका नाम कथित तौर पर 608वें स्थान पर था। हाईकोर्ट के फैसले को बाद में सुप्रीम कोर्ट ने भी बरकरार रखा था।

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कोर्ट के फैसले के बाद तनाव में होने की बात

 

रिपोर्टों के अनुसार, शिक्षक भर्ती मामले में अदालत के फैसले के बाद बृष्टि मानसिक तनाव में थीं। परिवार की ओर से बताया गया कि उनका इलाज भी चल रहा था। हालांकि, उनकी मौत के वास्तविक कारण और परिस्थितियों को लेकर पुलिस जांच कर रही है। अधिकारी के मुताबिक, पोस्टमॉर्टम और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं के बाद मौत से जुड़ी परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी।

क्या है West Bengal SSC भर्ती मामला?

यह मामला 2016 West Bengal State Level Selection Test (SLST) के जरिए स्कूलों में हुई शिक्षक और गैर-शिक्षक कर्मचारियों की भर्ती से जुड़ा है। आरोप था कि बड़ी संख्या में उम्मीदवारों को कथित तौर पर अनियमित तरीके से नौकरी दी गई। मामले की जांच के दौरान भर्ती प्रक्रिया में कथित भ्रष्टाचार और पैसों के लेनदेन के आरोप सामने आए थे।

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इसी मामले के चलते करीब 26,000 शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की नियुक्तियां रद्द करने का मामला अदालत तक पहुंचा। यह प्रकरण पश्चिम बंगाल में तत्कालीन ममता बनर्जी सरकार के कार्यकाल के दौरान सामने आए प्रमुख भर्ती विवादों में शामिल रहा है। पुलिस फिलहाल बृष्टि मुखर्जी की मौत की परिस्थितियों की जांच कर रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत के कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी।

किसी ने 12वीं के साथ किया नीट, किसी ने नीट और जेईई मैन्स दोनों, प्रतिभा देख प्रभावित हुए सीएम डॉ. मोहन यादव

किसी ने 12वीं के साथ किया नीट, किसी ने नीट और जेईई मैन्स दोनों, प्रतिभा देख प्रभावित हुए सीएम डॉ. मोहन यादव

भोपाल। स्कूली छात्रों के लिए 1 सितंबर का दिन बेहद खास रहा। इन छात्रों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को इतना प्रभावित किया कि वे बच्चों की तारीफ करने से खुद को रोक नहीं सके। इन स्कूली छात्रों की प्रतिभा देख लोग हैरान थे और हर बात पर तालियों से उनका स्वागत कर रहे थे। सीएम डॉ. यादव जिन छात्रों से मिले, उनमें से कुछ बच्चों ने तो 12वीं के साथ-साथ नीट और जेईई मैन्स भी क्लीयर कर लिया था। ये सुनकर प्रदेश के मुखिया ने खुद बच्चों के लिए तालियां बजवाईं।

मौका था भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय सभागार में आयोजित 'प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना' कार्यक्रम का। कार्यक्रम के तहत सीएम डॉ. यादव ने 12वीं में 75% से ज्यादा नंबर लाने वाले विद्यार्थियों को लैपटॉप दिया। उन्होंने 1 लाख 21 हजार से ज्यादा विद्यार्थियों को लैपटॉप खरीदने के लिए 304 करोड़  रुपए से अधिक की राशि उनके खातों में ट्रांसफर की। इस तरह हर विद्यार्थी के खाते में 25-25 हजार रुपये आए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में 10 विद्यार्थियों को मंच पर लैपटॉप प्रदान किए। कार्यक्रम की खास बात यह रही कि सीएम डॉ. यादव ने विद्यार्थियों के साथ रिमोट का बटन क्लिक करवाकर रुपये ट्रांसफर कराए।

 

गौरतलब है कि, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंच पर ही विद्यार्थियों से संवाद किया। उन्होंने छात्रों से पूछा कि वे बड़े होकर क्या बनना चाहते हैं। छात्र वीरेंद्र सिंह बुंदेला ने कहा कि मैं राजनेता बनना चाहता हूं। इस पर सीएम डॉ. यादव ने कहा कि यह भी हमारे लिए जरूरी है। बच्चे राजनेता बनकर देश को दिशा देने में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। एक सवाल के जवाब में बुंदेला ने कहा कि मैंने लोगों की परेशानी देखी है। एक राजनेता उन परेशानियों को दूर कर सकता है। उन्होंने कहा कि जब मैंने देखा कि कोई राजनीति नहीं करना चाहता, तो मैंने फैसला किया कि मैं वो करूंगा जो कोई नहीं करना चाहता। मैं देश का विकास करना चाहता हूं। उसके बाद सीएम डॉ. मोहन ने बच्चों से पूछा कि किस-किस के घर में खेती-किसानी होती है और कौन-कौन किसान बनना चाहता है।

उन्होंने छात्रों की प्रतिक्रिया देखने के बाद कहा कि हमारी जड़ खेती-किसानी है। बच्चे कहते हैं डॉक्टर बनेंगे, वकील बनेंगे, इंजीनियर बनेंगे, लेकिन कोई नहीं कहता कि मैं किसान बनना चाहता हूं। आप बताइए खेती के बिना काम चलेगा क्या। उन्होंने कहा कि किसान अगर मेहनत करके अन्न नहीं उगाएगा, तो क्या होगा। इसी तरह अगर हम राजनीति करने के लिए खड़े नहीं होंगे, तो अच्छे राजनेता कहां से आएंगे। छात्रा हिमांशी पाठक ने कहा कि मैं शुरूआत एयर होस्टेस बनकर करना चाहती हूं, लेकिन मेरा अंतिम उद्देश्य एंटरप्रिन्योर बनना है। आज कॉम्पटीशन ज्यादा है। इसलिए अपना काम करना ही उचित होगा। इस पर सीएम डॉ. मोहन ने कहा कि इसे सरल भाषा में कहा जाता है कि हम नौकरी पाने वाले नहीं, नौकरी देने वाले बनेंगे। इस बीच पूरा हॉल हिमांशी की उस बात पर ठहाकों से गूंज उठा, जब उसने कहा कि मैंने इस दृश्य को सपने में देखा है। मैंने देखा था कि इसी तरह का हॉल है और मैं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ मंच पर हूं। 

 

बच्चे छोटे, लेकिन सपने और प्रयास बड़े हैं-छात्रा मान्यता साहू ने कहा कि मैं इस लैपटॉप से बहुत काम करूंगी। ये लैपटॉप मेरी बहुत मदद करेगा। अरिमा इमरान ने कहा कि मैं नीट का एग्जाम दूंगी और मेरा उद्देश्य डॉक्टर बनना है। मैं गरीबों की सेवा करना चाहती हूं। उसके बाद कीर्ति ने माइक हाथ में थामा। उसके हाथ में लगी मेहंदी देखकर सीएम डॉ. मोहन ने कहा कि मैं भी मेहंदी लगा लेता हूं। अपनी बहन को मैं ही मेहंदी लगाता था। कीर्ति ने कहा कि मैं कॉस्ट एंड मैनेजमेंट में करियर बनाना चाहती हूं।

इसके बाद तन्वी ने माइक थामा। उसके माइक पकड़ते ही सीएम डॉ. मोहन ने सभी को बताया कि तन्वी 12वीं की पढ़ाई करते-करते मेडिकल कॉलेज भी पहुंच गई है। उसने नीट भी क्लीयर कर लिया। पहली बार में ही दोनों एग्जाम क्लीयर कर लिए। तन्वी ने कहा कि वह डॉक्टर बनना चाहती है। याशी ने 75 फीसदी नहीं लाने विद्यार्थियों को प्रोत्साहित किया। उसने बताया कि वह आईएएस बनना चाहती है। उसके बाद ओम चौकसे ने बताया कि मैंने 12वीं के साथ-साथ नीट-जेईई मैन्स-सीयूएलटी भी क्लीयर किया है। इस पर सीएम डॉ. मोहन ने कहा कि आदमी छोटा लेकिन छलांग बड़ी है। ओम ने कहा कि मैं डॉक्टर बनना चाहता हूं। सीएम डॉ. मोहन ने बताया कि ओम के पिता जी बैग बनाकर दुनिया चलाते हैं। उनके पास दुकान भी नहीं है। अभिषेक ने बताया कि वह इसरो का साइंटिस्ट बनना चाहता है। 

 

असफलता को न लगाएं दिल से-कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है विद्यार्थी अपनी मेहनत से सफलता प्राप्त कर परिवार और प्रदेश का मान बढ़ाते हैं। सफलता को कभी स्वयं पर हावी नहीं होने देना है। अगर जीवन में कभी असफलता मिले तो उसे कभी दिल पर नहीं लगाना। हम जहां हैं, वहीं सामान्य बने रहें और हमेशा मन में आगे बढ़ने का जज्बा कायम रखें। हमें अपनी पिछली गलतियों से सबक भी लेना चाहिए, क्योंकि एक अच्छा इंसान कागज पर मिले नंबरों से नहीं बनता, अच्छा इंसान मन के अंदर से बनता है। देश युवाओं को आगे बढ़ते हुए देखना चाहता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश आगे बढ़ रहा है।

मध्यप्रदेश सरकार भी इस विकास यात्रा में कदम से कदम मिलाकर साथ चल रही है। आपकी नॉलेज (ज्ञान) और स्किल (कौशल) ही सफलता के दो मित्र हैं। नॉलेज जीवन का साथी है और स्किल जीवन में दक्षता लाती है। दोनों हमारे जीवन में सदैव मददगार सिद्ध होते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार सभी प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना अंतर्गत पहले वर्ष 473 बच्चों को लैपटॉप दिए थे। पिछले साल लगभग 92 हजार और इस वर्ष स्कूल शिक्षा और जनजातीय कार्य विभाग के लगभग 1 लाख 22 हजार विद्यार्थी लैपटॉप योजना से लाभान्वित हुए हैं। मप्र बोर्ड की परीक्षाओं की मेरिट लिस्ट में 50 प्रतिशत से अधिक विद्यार्थी सरकारी स्कूलों से आते हैं। सीमित संसाधनों के बाद भी स्कूल शिक्षा विभाग ने उत्कृष्ट कार्य कर दिखाया है। इसके लिए सभी अधिकारी और शिक्षक बधाई के पात्र हैं।

 

बेहतर शिक्षा के लिए प्रतिबद्ध सरकार-मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार ने बोर्ड परीक्षाओं में शत प्रतिशत परीक्षा परिणाम दिलाने वाले शासकीय स्कूलों के प्राचार्य, शिक्षकों और विद्वानों को गुरु पूर्णिमा के अवसर पर सम्मानित किया है। इनके कार्यों के स्कूल शिक्षा विभाग और प्रदेश सरकार गौरवान्वित होती है और सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है। हम अपनी समृद्धि और अतीत का गौरवशाली पृष्ठ दोबारा खोलने जा रहे हैं। जीवन में आगे बढ़ने के लिए हमें अपने मन में संकल्प और दृढ़ निश्चय की आवश्यकता है। बड़े लक्ष्य तय करें और उन्हें हासिल करने के लिए परिश्रम करें।

दुनिया में भारत का बढ़ता सम्मान हमें निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरका स्कूल शिक्षा की बेहतरी के लिए प्रतिबद्ध है। बच्चों को नि:शुल्क पाठ्य पुस्तकें, ड्रेस, साइकिलें, लैपटॉप और स्कूटी भी प्रदान की जा रही हैं। लेकिन, प्रदेश के स्कूलों में कभी वह दौर भी था, जब बच्चों को स्कूलों में बैठने तक के इंतजाम नहीं हुआ करते थे। हमारी सरकार ने तेजी से नए मेडिकल कॉलेज खोलने प्रारंभ किए हैं। प्रदेश में आजादी के बाद 55 साल में केवल 5 मेडिकल कॉलेज थे। अब हमारी सरकार में निजी और शासकीय मिलाकर कुल 33 मेडिकल कॉलेज हो चुके हैं। राज्य में अभी साढ़े 6 हजार से अधिक एमबीबीएस की सीटें हैं। दो साल में हमने 5 नए मेडिकल कॉलेज खोले। इनमें यूजी के लिए 2400 सीटें बढ़ गईं। राज्य सरकार ने वर्ष 2028 तक कुल 55 मेडिकल कॉलेज और 10 हजार यूजी सीटों का लक्ष्य तय किया है।

 

सरकारी में शून्य हुआ ड्रॉप आउट-स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश की शिक्षण व्यवस्था बेहतर हो रही है। कक्षा 12वीं में प्रथम प्रयास में 75 प्रतिशत या अधिक अंक पाने वाले मेधावी विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए लैपटॉप राशि दी जा रही है। पिछले साल भी लगभग 92 हजार विद्यार्थी लैपटॉप योजना से लाभान्वित हुए थे। माता-पिता और बच्चों का परिश्रम तथा शिक्षकों का बेहतर प्रबंधन के कारण ही इस वर्ष 1.21 लाख से अधिक विद्यार्थी लैपटॉप प्राप्त करने के लिए पात्र बने हैं। यह लैपटॉप विद्यार्थियों की कॉलेज की पढ़ाई को सरल और डिजिटल करेगा। नई शिक्षा नीति के अंतर्गत डिजिटलीकरण को प्रोत्साहित किया गया है।

उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने पिछले ढाई साल में लगभग पौने 3 लाख विद्यार्थियों को लैपटॉप क्रय करने के लिए राशि वितरित की है। लैपटॉप खरीदने के लिए प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत अब तक कुल साढ़े 6 लाख विद्यार्थियों को 1620 करोड़ रुपए विद्यार्थियों के खातों में भेजे गए हैं। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पिछले 3 साल में प्रवेश दर बढ़ती जा रही है। हमारी सरकार के प्रयासों से स्कूली बच्चों की ड्रॉप आउट दर शून्य हो गई है। स्कूलों में शिक्षकों की कोई कमी नहीं है। हमारे स्कूलों में 70 से 72 हजार अतिथि शिक्षक कार्यरत हैं। राज्य सरकार लगभग 18 हजार रिक्त पदों पर शिक्षकों की भर्ती के लिए प्रतिबद्ध है। बच्चे हमारे देश का भविष्य और प्रदेश की आशा हैं। हमारे बच्चे 2047 में विकसित भारत का नेतृत्व करेंगे।

Weather Update: यूपी, बिहार, झारखंड समेत इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, दिल्ली-मुंबई में भी बरेसेंगे बादल, IMD ने जारी किया अपडेट

Weather Update: मंगलवार, 1 सितंबर को देश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय बना हुआ है। ओडिशा, झारखंड, छत्तीसगढ़, बिहार और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं, मुंबई और कोलकाता में भी बारिश हो सकती है, जबकि दिल्ली में दोपहर और शाम के समय हल्की बारिश के साथ गरज-चमक होने की संभावना है।

मौसम विभाग के मुताबिक, अगस्त महीने में देश में औसत से 16 फीसदी कम बारिश हुई।

दिल्ली, मुंबई और कोलकाता में बारिश का दिन

दिल्ली में आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहने और दोपहर व शाम के समय कई जगहों पर हल्की बारिश के साथ आंधी-तूफान और बिजली कड़कने की संभावना है। रात में तापमान 25°C से 27°C और दिन में 34°C से 36°C के बीच रहने का अनुमान है।

आने वाले दिनों में भी दिल्ली में बारिश जारी रह सकती है। IMD ने 3 से 5 सितंबर के बीच दिल्ली और पड़ोसी राज्यों हरियाणा और पंजाब में व्यापक बारिश का अनुमान लगाया है।

मुंबई में भी बारिश जारी रहने की संभावना है, क्योंकि कोंकण और गोवा क्षेत्र में 6 सितंबर तक व्यापक बारिश का अनुमान है। IMD को उम्मीद है कि मंगलवार को भी इस क्षेत्र में बारिश जारी रहेगी। हालांकि, बुलेटिन में मुंबई के लिए अलग से कोई खास अनुमान नहीं दिया गया है।

वहीं, कोलकाता और गंगा के मैदानी इलाकों वाले पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में मंगलवार को भारी बारिश हो सकती है। IMD ने 31 अगस्त और 1 सितंबर को गंगा के मैदानी इलाकों वाले पश्चिम बंगाल में भारी बारिश और क्षेत्र के कुछ हिस्सों में तेज हवाएं चलने का भी अनुमान लगाया है।

देश के बाकी हिस्सों का मौसम

मंगलवार को भुवनेश्वर और ओडिशा के दूसरे इलाकों में भारी बारिश का सबसे ज्यादा खतरा है। IMD ने ओडिशा में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान लगाया है। बता दें कि जैसे-जैसे मौसम का सिस्टम जमीन की ओर बढ़ेगा, राज्य में कहीं-कहीं बहुत ज्यादा भारी बारिश भी हो सकती है।

हैदराबाद और तेलंगाना के दूसरे हिस्सों में छिटपुट बारिश हो सकती है, साथ ही आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। हवा की रफ्तार 30-40 किमी/घंटा हो सकती है और झोंके 50 किमी/घंटा तक पहुंच सकते हैं।

मंगलवार को बेंगलुरु में छिटपुट बारिश होने की संभावना है, क्योंकि दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में आम तौर पर हल्की लेकिन लगातार बारिश का दौर जारी है।

चेन्नई और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में 2 सितंबर तक छिटपुट बारिश हो सकती है, साथ ही आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। हवा की रफ्तार 40-50 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है और कुछ इलाकों में हवा के झोंके और भी तेज हो सकते हैं।

मध्य और पूर्वी भारत में भारी बारिश का दायरा बढ़ा

मंगलवार को सबसे ज्यादा चिंता ओडिशा, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश को लेकर है। IMD ने इन इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है, जबकि पूर्वी मध्य प्रदेश में 5 सितंबर तक बारिश जारी रहने की संभावना है। वहीं, छत्तीसगढ़ पर खास तौर पर ज्यादा खतरा है, क्योंकि वहां 1 सितंबर को कहीं-कहीं बहुत ज्यादा बारिश होने का अनुमान है।

भारी बारिश के कारण कई जगहों पर जलभराव हो सकता है, निचले इलाकों में बाढ़ आ सकती है और संवेदनशील जगहों पर सड़क व रेल यातायात में रुकावट आ सकती है। IMD ने अगले 24 घंटों में छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखंड और गंगा के मैदानी इलाकों वाले पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में अचानक बाढ़ (flash floods) का कम से मध्यम खतरा भी बताया है।

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कल का मौसम: 2 सितंबर को होगी मूसलाधार बारिश! IMD ने दिल्ली, यूपी, बिहार समेत 15 से ज्यादा राज्यों के लिए जारी किया अलर्ट

Weather update for September 2nd: देश के अलग अलग इलाकों में मानसून के एक्टिव होने की वजह से भारी बारिश का दौर देखने को मिल रहा है। इसी बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 2 सितंबर के लिए मौसम का ताजा पूर्वानुमान जारी किया है। IMD ने देश के 15 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मध्यम से मूसलाधार बारिश का अलर्ट दिया है। कम दबाव के क्षेत्र और सक्रिय मानसूनी प्रणालियों के चलते देश के मैदानी, पहाड़ी और तटीय इलाकों में 2 सितंबर को बारिश, आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली कड़कने का खतरा बना रहेगा।

उत्तराखंड, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में बहुत भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग के मुताबिक 2 सितंबर को उत्तराखंड, छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश का प्रकोप सबसे अधिक रहेगा। IMD ने इन तीनों राज्यों में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की चेतावनी जारी की है। इसके साथ ही इन क्षेत्रों में बिजली कड़कने और गरज-चमक के साथ तेज बौछारें पड़ने की पूरी संभावना है। इसे देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

दिल्ली, यूपी, बिहार और झारखंड समेत मैदानी राज्यों का हाल

दिल्ली समेत उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में भी 2 सितंबर को बारिश की गतिविधियां तेजी पकड़ेंगी। मौसम विभाग ने दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, ओडिशा, विदर्भ और पश्चिमी मध्य प्रदेश में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया है। इसके अलावा बिहार, झारखंड, गांगेय पश्चिम बंगाल और पूर्वी राजस्थान में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं के साथ बिजली गिरने की आशंका व्यक्त की गई है।

पहाड़ी राज्यों और पूर्वोत्तर भारत में कैसा रहेगा मौसम

पहाड़ी क्षेत्रों की बात करें तो उत्तराखंड के अलावा हिमाचल प्रदेश तथा जम्मू-कश्मीर-लद्दाख के इलाकों में भारी बारिश के साथ-साथ 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी दी गई है। वहीं पूर्वोत्तर भारत में भी मानसूनी बारिश का तांडव जारी रहेगा। मौसम विभाग के मुताबिक अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश के साथ गरज-चमक का दौर बना रहेगा।

तटीय क्षेत्रों में तूफानी हवाओं की चेतावनी और समुद्र का हाल

दक्षिण भारत और तटीय इलाकों में भी मौसम का मिजाज बदला रहेगा। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, ओडिशा और रायलसीमा में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने और आकाशीय बिजली कड़कने का अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा तटीय आंध्र प्रदेश, आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं और मजबूत सतही हवाएं चलने का अनुमान है।

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समुद्री गतिविधियों को लेकर IMD ने बताया है कि अरब सागर में सोमालिया व ओमान के तटों के साथ-साथ पश्चिम-मध्य, दक्षिण-पश्चिम और उत्तर व पूर्व-मध्य अरब सागर में 45 से 55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं, जो बढ़कर 65 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं। इसी तरह बंगाल की खाड़ी में दक्षिण तमिलनाडु तट, मन्नार की खाड़ी और दक्षिण श्रीलंका से सटे दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में भी 45 से 55 किमी प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने की संभावना है। मौसम विभाग ने मछुआरों को इन तटीय और समुद्री क्षेत्रों में न जाने की सलाह दी है।

पुतिन, भारत-चीन के साथ मिलकर बनाना चाहते हैं ‘SCO बैंक’, जिस पर नहीं चलेगा अमेरिका का कोई दांव! जानिए ये पूरी प्लानिंग

Putin SCO Development Bank Proposal: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के सदस्य देशों से एक नया ‘SCO डेवलपमेंट बैंक’ बनाने का आह्वान किया है। पुतिन का मानना है कि यह बैंक पश्चिमी देशों और अमेरिका के प्रभुत्व वाले वित्तीय तंत्र से पूरी तरह स्वतंत्र होकर काम करेगा, जिसका इस्तेमाल पश्चिमी देश आर्थिक और भू-राजनीतिक दबाव बनाने के लिए ‘हथियार’ के रूप में करते हैं।

किर्गिस्तान के बिश्केक में आयोजित 2026 के SCO शिखर सम्मेलन में बोलते हुए पुतिन ने कहा कि प्रस्तावित विकास बैंक को उन देशों के वित्तीय ढांचे से जितना संभव हो सके स्वतंत्र रखा जाना चाहिए, जो अंतरराष्ट्रीय मामलों में एकतरफा फायदा उठाने के लिए आर्थिक हथियारों का इस्तेमाल करते हैं।

क्या है ‘SCO डेवलपमेंट बैंक’?

डेवलपमेंट बैंक या विकास बैंक ऐसी वित्तीय संस्थाएं होती हैं, जो सदस्य देशों में ऊर्जा, परिवहन, बुनियादी ढांचे और सीमा पार परियोजनाओं के लिए दीर्घकालिक फंडिंग प्रदान करती हैं। पुतिन के अनुसार, यह बैंक सदस्य देशों के बीच बड़े आर्थिक और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को बिना किसी पश्चिमी रुकावट के फाइनेंस करने का काम करेगा।

यह बैंक SCO बिजनेस काउंसिल और इंटरबैंक एसोसिएशन की तरह सदस्य राष्ट्रों के आपसी व्यापारिक और व्यावसायिक रिश्तों को एक नया आयाम देगा।

डॉलर के दबदबे को खत्म करने और सैंक्शंस से बचने की कोशिश

यूक्रेन युद्ध के बाद से रूस और ईरान जैसे देश भारी पश्चिमी प्रतिबंधों का सामना कर रहे हैं। यही वजह है कि मॉस्को अब अमेरिकी डॉलर और SWIFT जैसे पश्चिमी वित्तीय तंत्र पर अपनी निर्भरता को खत्म करना चाहता है।

98% व्यापार स्थानीय मुद्राओं में: पुतिन ने खुलासा किया कि पिछले साल SCO देशों के साथ रूस का व्यापार $400 अरब से अधिक रहा। सबसे खास बात यह है कि रूस और SCO देशों के बीच 98% से अधिक लेनदेन अब उनकी अपनी राष्ट्रीय मुद्राओं में हो रहा है।

वैकल्पिक भुगतान प्रणाली: प्रस्तावित बैंक SCO के भीतर एक वैकल्पिक पेमेंट और सेटलमेंट सिस्टम तैयार करने की दिशा में बड़ा कदम है, ताकि पश्चिमी पाबंदियों का इन देशों के व्यापार पर कोई असर न पड़े।

SCO का बढ़ता दायरा और ‘मल्टीपोलर वर्ल्ड’

2001 में रूस, चीन, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, तजाकिस्तान और उज्बेकिस्तान द्वारा स्थापित SCO का विस्तार पिछले कुछ वर्षों में काफी तेजी से हुआ है। भारत और पाकिस्तान 2017 में इसमें शामिल हुए, जबकि ईरान 2023 में इसका पूर्ण सदस्य बना।

पुतिन ने SCO को उभरती हुई बहुध्रुवीय दुनिया का एक अत्यंत प्रभावशाली केंद्र बताया और कहा कि इस ब्लॉक का मजबूत होना सभी सदस्य देशों की आर्थिक समृद्धि के लिए जरूरी है।

SCO बैंक को लेकर भारत-चीन की ये है रणनीतिक चुनौतियां

चीन द्वारा समर्थन दिए जाने के बावजूद प्रस्तावित SCO डेवलपमेंट बैंक को जमीन पर उतारना बेहद जटिल है, क्योंकि भारत और चीन जैसे देशों के प्रमुख वित्तीय संस्थान और कॉर्पोरेट्स वैश्विक अर्थव्यवस्था और पश्चिमी बैंकिंग प्रणाली से गहराई से जुड़े हुए हैं। ऐसे में अमेरिकी सेकंडरी सैंक्शंस का खतरा बना रहता है, जिससे बचने के लिए दोनों देशों के बैंक बेहद सतर्क रुख अपनाते हैं।

इसके अलावा, भारत का हमेशा से यह स्पष्ट और संतुलित रुख रहा है कि SCO को किसी भी स्थिति में पश्चिमी-विरोधी मंच के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए, जो इस बैंक को पूरी तरह से पश्चिमी वित्तीय तंत्र से काटने के बजाय केवल एक वैकल्पिक व्यवस्था तक सीमित रखता है।

भारत के लिए यह बैंक पश्चिमी वित्तीय तंत्र को पूरी तरह से नकारने के बजाय आपसी व्यापार और परियोजनाओं को बिना किसी तीसरे देश की दखलअंदाजी के सुचारू रूप से चलाने का एक अतिरिक्त वित्तीय चैनल बन सकता है।