पाकिस्तान के पहले सिख एंकर के दफ्तर पर रेड:बोले- पुलिस ने वर्करों को पीटा, सामान चुराया; इमरान खान की खबर चलाने पर लगा था बैन

पाकिस्तान के 79 साल के इतिहास में सिख समुदाय से पहले टेलीविजन एंकर और पत्रकार के तौर पर पहचान बनाने वाले हरमीत सिंह के डिजिटल स्टूडियो पर इस्लामाबाद पुलिस की कार्रवाई ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। हरमीत सिंह ने वीडियो जारी कर बताया, करीब दो दिन पहले पुलिस ने उनके स्टूडियो में रेड कर वहां काम कर रहे कर्मचारियों को हिरासत में लिया और कथित तौर पर उनके साथ मारपीट की। पुलिस वाले सामान चुराकर ले गए। हरमीत सिंह ने पाकिस्तान सरकार, पुलिस और प्रशासनिक तंत्र पर आरोप लगाते हुए कहा- टीवी से बैन और नौकरी जाने के बाद उन्होंने अपनी जमा-पूंजी से डिजिटल स्टूडियो खड़ा किया था, लेकिन अब पत्रकारिता जारी रखने के लिए उनके पास न नौकरी बची है और न जरूरी संसाधन। हालांकि हरमीत सिंह के आरोपों के बाद पुलिस का कोई बयान सामने नहीं आया। हरमीत सिंह सिख परिवार से हैं और 1947 को बंटवारे के समय हरमीत सिंह का परिवार पाकिस्तान में रह गया। इनके कई रिश्तेदार भारतीय पंजाब में रहते हैं। मौजूदा समय में वह पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के चाकेसर (शांगला) शहर के रहने वाले हैं। पाकिस्तान की इस्लामाबाद पुलिस की ओर से की गई बर्बरता को बताते हुए हरमीत सिंह ने क्या कहा, जानिए… टीवी से बैन के बाद डिजिटल प्लेटफॉर्म शुरू किया…6 बड़ी बातें… 1. टीवी स्क्रीन से बैन और नौकरी गई
31 अगस्त को वीडियो जारी कर हरमीत सिंह ने बताया कि वह सिख समुदाय के पहले पत्रकार हैं, जिन्होंने मुख्यधारा के पाकिस्तानी मीडिया में जगह बनाई। उनका कहना है कि उन्होंने हमेशा दुनिया के सामने पाकिस्तान की सकारात्मक तस्वीर पेश करने की कोशिश की। लेकिन संविधान की सर्वोच्चता, लोकतंत्र, कानून के शासन और पीड़ित लोगों की आवाज उठाने के कारण सत्ताधारियों की नाराजगी झेलनी पड़ी। इसके बाद उन्हें टीवी स्क्रीन पर आने से रोक दिया गया और नौकरी भी चली गई। 2. जमा-पूंजी से बनाया डिजिटल स्टूडियो
टीवी में काम के रास्ते बंद होने के बाद हरमीत सिंह ने हार नहीं मानी। उन्होंने अपनी जिंदगी भर की जमा-पूंजी और कुछ फिल्मों से मिले पैसों से दो-तीन दोस्तों के साथ मिलकर छोटा दफ्तर और डिजिटल स्टूडियो शुरू किया। इसका मकसद व्लॉग और पॉडकास्ट के जरिए अपना काम जारी रखना और आजीविका कमाना था। 3. स्टूडियो पर रेड कर सामान जब्त किया
हरमीत सिंह का आरोप है कि पुलिस ने उनके दफ्तर पर 30 अगस्त को रेड की और वहां रखा सामान अपने साथ चुराकर ले गई। इसमें 5 कंप्यूटर सिस्टम, कैमरे, पॉडकास्ट माइक, स्टैंड, प्रॉम्प्टर और बैटरियां शामिल थीं। उनका आरोप है कि स्टूडियो में काम करने वाले मुल्तान निवासी सैफ और सहयोगी रजी ताहिर को हिरासत में लिया गया और उनके साथ कथित तौर पर मारपीट व प्रताड़ना की गई। 4. हरमीत ने कार्रवाई पर उठाए सवाल
हरमीत सिंह ने सवाल उठाया कि अगर उनके सहयोगी रजी ताहिर ने पत्रकार के तौर पर कश्मीर (पीओके) के विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया था, तो इसके लिए पूरे स्टूडियो का सामान और अन्य कर्मियों के कंप्यूटर जब्त करने का क्या औचित्य था। 5. परिवार ने देश छोड़ने की सलाह दी
हरमीत ने बताया कि उनकी सिख बिरादरी और परिवार के लोग उन्हें कोई दूसरा कारोबार करने या देश छोड़ने की सलाह देते हैं। उनका कहना है कि पत्रकारिता के कारण उनकी जान को खतरा है और परिवार की जिंदगी भी मुश्किल हो गई है। इसके बावजूद उन्होंने हमेशा पाकिस्तान में रहकर काम करना पसंद किया। 6. मानवाधिकार संगठनों से मदद की अपील
हरमीत सिंह ने कहा कि अब उनके पास न नौकरी है और न ही काम जारी रखने के लिए जरूरी सामान। उन्होंने सवाल किया कि पुलिस उनके कैमरों और कंप्यूटर सिस्टम का क्या करेगी। उनका आरोप है कि पत्रकारों को आर्थिक रूप से खत्म किया जा रहा है। उन्होंने पाकिस्तान के नागरिक समाज और मानवाधिकार संगठनों से पत्रकारों पर हो रहे कथित अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाने और जब्त सामान वापस दिलाने की अपील की। हरमीत की प्रशासन से तनातनी…2 केस केस-1 केस-2

Priya Adhikari कौन हैं , नेपाल बाढ़ के बीच 6 दिन में किए 100 रेस्क्यू मिशन, सैकड़ों जिंदगियां बचाईं

Priya Adhikari कौन हैं , नेपाल बाढ़ के बीच 6 दिन में किए 100 रेस्क्यू मिशन, सैकड़ों जिंदगियां बचाईं

नेपाल में आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन के बीच जब चारों तरफ तबाही का मंजर था, तब एक महिला पायलट आसमान से जिंदगी बचाने की जंग लड़ रही थी। नाम है प्रिया अधिकारी, नेपाल की पहली महिला हेलिकॉप्टर कैप्टन। प्रिया ने महज छह दिनों में करीब 100 रेस्क्यू मिशन पूरे कर बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने में अहम भूमिका निभाई।

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41 वर्षीय प्रिया अधिकारी इन दिनों नेपाल-तिब्बत सीमा से लगे हिमालयी क्षेत्र में राहत और बचाव अभियान में जुटी हैं। बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित रसुवा जिले के तिमुरे इलाके में भी उन्होंने कई रेस्क्यू उड़ानें भरीं।  प्रिया की कहानी सिर्फ एक महिला पायलट की सफलता की कहानी नहीं है। यह उस हिम्मत की कहानी है, जिसमें आसमान से नीचे दिख रही तबाही के बावजूद किसी अनजान इंसान की जिंदगी बचाने का जज्बा कायम रहता है। जहां जमीन पर रास्ते खत्म हो गए, वहां प्रिया ने आसमान को रास्ता बनाया और जिंदगी की तलाश जारी रखी।

6 दिन में करीब 100 रेस्क्यू मिशन

तिमुरे में हालात बेहद चुनौतीपूर्ण हैं। करीब 20 हेलिकॉप्टर लगातार राहत और बचाव अभियान में लगे हुए हैं। बड़ी संख्या में लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। प्रिया के मुताबिक, कई बार एक ही स्थान पर पांच या छह हेलिकॉप्टरों को एक साथ उतरकर लोगों को निकालना पड़ता है। ऐसे में पायलटों को रेडियो के जरिए लगातार एक-दूसरे से समन्वय करना पड़ता है।

 

लेकिन चुनौती केवल हेलिकॉप्टर उतारने तक सीमित नहीं है। कई इलाकों में इतनी मोटी कीचड़ जमा है कि हेलिकॉप्टर को सुरक्षित तरीके से जमीन पर उतारकर इंजन बंद करना संभव नहीं है। ऐसे में पायलटों को रेस्क्यू के दौरान लगातार पावर बनाए रखनी पड़ती है।

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नीचे तबाही का मंजर, फिर भी बचाने की उम्मीद

प्रिया ने तिमुरे के ऊपर से उड़ान के दौरान जो दृश्य देखे, उन्हें शब्दों में बयां करना आसान नहीं है। बाढ़ के बाद कई जगह शव बिखरे हुए दिखाई दे रहे थे। इसके बावजूद राहत अभियान लगातार जारी रहा। पहले दो दिनों में ही इलाके से 200 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकाला गया। इस अभियान में सेना के Augusta हेलिकॉप्टरों समेत पांच-छह हेलिकॉप्टर लगातार जुटे रहे। प्रिया कहती हैं कि उन्होंने ऊपर से पूरी बर्बादी देखी—हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट तबाह हो गए, घर और बुनियादी ढांचा बह गया और कई लोगों की जान चली गई।

 

‘आप बच गए हैं…’ यही प्रिया की सबसे बड़ी खुशी

 

तबाही के बीच भी प्रिया को मुस्कुराने की एक वजह मिलती है—जिंदा बचे लोग। रेस्क्यू के दौरान जब वह किसी जगह हेलिकॉप्टर उतारती हैं और लोगों को हाथ हिलाते हुए देखती हैं, तो उनके लिए वह पल बेहद भावुक होता है। वह उनसे कहती हैं—“आप बच गए हैं।” प्रिया के लिए ये लोग उनके रिश्तेदार नहीं हैं। वे उनके लिए अजनबी हैं, लेकिन किसी की जिंदगी बचाने के बाद मिलने वाली भावनात्मक खुशी उनके लिए किसी रिश्ते से कम नहीं।

 

उन्होंने बताया कि इस बाढ़ की भयावहता इतनी ज्यादा है कि उन्हें यह नेपाल में आई 2015 की विनाशकारी भूकंप त्रासदी से भी बड़ी लगती है।

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कैसे बनीं नेपाल की पहली महिला हेलिकॉप्टर कैप्टन?

 

प्रिया अधिकारी का एविएशन तक पहुंचने का सफर भी बेहद प्रेरणादायक है। हेलिकॉप्टर उड़ाना लंबे समय तक पुरुषों का दबदबा वाला क्षेत्र माना जाता रहा है, लेकिन प्रिया ने इस सोच को चुनौती दी। उन्होंने Environmental Science की पढ़ाई की और इसके बाद Cabin Crew के तौर पर काम किया। एक हेलिकॉप्टर जॉय राइड ने उनके जीवन की दिशा बदल दी।

 

इसके बाद उन्होंने हेलिकॉप्टर उड़ाने की ट्रेनिंग लेने के लिए फिलीपींस का रुख किया। आवश्यक फ्लाइंग आवर्स पूरे करने के बाद उन्होंने पायलट के रूप में अपना करियर आगे बढ़ाया और आखिरकार 2017 में फुल-टाइम हेलिकॉप्टर पायलट बन गईं। आज वही प्रिया अधिकारी नेपाल की पहली महिला हेलिकॉप्टर कैप्टन हैं और प्राकृतिक आपदा के बीच अपनी हिम्मत, हुनर और अनुभव के दम पर लोगों की जिंदगी बचाने में जुटी हैं।

Stocks to Watch: 2 सितंबर को फोकस में रहेंगे ये 13 स्टॉक्स, दिख सकता है तगड़ा एक्शन

Stocks to Watch: बुधवार 2 सितंबर को कई बड़ी कंपनियों के शेयरों पर नजर रहेगी। अगस्त की सेल्स, नए ऑर्डर और बड़े बिजनेस अपडेट सामने आए हैं। रिन्यूएबल एनर्जी, FMCG, IT और मेटल सेक्टर की कंपनियां फोकस में रहेंगी। यहां 13 ऐसे स्टॉक्स हैं, जिनमें बुधवार को हलचल देखने को मिल सकती है।

Hero MotoCorp

देश की सबसे बड़ी टू-व्हीलर कंपनी Hero MotoCorp की घरेलू बिक्री अगस्त में 4.5% बढ़कर 5.42 लाख यूनिट रही। स्कूटर की बिक्री बढ़ने से मोटरसाइकिल की बिक्री में आई गिरावट का असर कम हुआ। कुल बिक्री और एक्सपोर्ट मिलाकर डिस्पैच 2.6% बढ़कर 5.68 लाख यूनिट रहे।

Coal India

सरकारी कोयला कंपनी Coal India ने अगस्त के ई-ऑक्शन में 210.66 लाख टन कोयला ऑफर किया। इसमें से 82.76 लाख टन की एलोकेशन हुई। यानी करीब 39% कोयला बिका। खास बात यह रही कि औसत कीमत नोटिफाइड प्राइस से 59% ज्यादा रही।

NMDC

सरकारी खनन कंपनी NMDC ने अगस्त में उत्पादन बढ़ने की जानकारी दी है। कंपनी का कुल उत्पादन बढ़कर 40.7 लाख टन हो गया। एक साल पहले अगस्त में यह 33.7 लाख टन था। वहीं, बिक्री 35.8 लाख टन रही, जो पिछले साल 33.9 लाख टन थी।

Ujjivan Small Finance Bank

स्मॉल फाइनेंस बैंक Ujjivan Small Finance Bank ने बताया कि RBI ने कैरल फर्टाडो को अंतरिम CEO बनाने की मंजूरी दे दी है। उनकी नियुक्ति 1 सितंबर 2026 से प्रभावी होगी। वह तीन महीने तक इस पद पर रहेंगी।

Gland Pharma

फार्मा कंपनी Gland Pharma की विशाखापट्टनम स्थित API फैसिलिटी में US FDA ने 24 अगस्त से 1 सितंबर 2026 के बीच GMP इंस्पेक्शन किया। कंपनी के मुताबिक, इस इंस्पेक्शन के बाद फैसलिटी को US FDA से कोई आपत्ति नहीं मिली है। इसे कंपनी के लिए बड़ा पॉजिटिव अपडेट माना जा रहा है।

Adani Green Energy

रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी Adani Green Energy की सब्सिडियरी ने गुजरात के खावड़ा में 139 MW का सोलर प्रोजेक्ट चालू कर दिया है। इसके बाद कंपनी की कुल ऑपरेशनल रिन्यूएबल एनर्जी कैपेसिटी बढ़कर 20,280.8 MW हो गई है।

Reliance Industries

तेल से रिटेल तक कारोबार करने वाली Reliance Industries की सब्सिडियरी RCPL ने आइसक्रीम बाजार में एंट्री कर ली है। कंपनी ने ‘Bombay Creamery’ नाम से नया ब्रांड लॉन्च किया है। इसकी शुरुआती कीमत ₹10 रखी गई है। आइसक्रीम को रियल डेयरी क्रीम से तैयार किया जाएगा।

ARSS Infrastructure Projects

इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी ARSS Infrastructure Projects को ईस्ट कोस्ट रेलवे से करीब ₹104.06 करोड़ का वर्क ऑर्डर मिला है। यह ऑर्डर हावड़ा-विशाखापट्टनम मुख्य रेल लाइन पर दो रोड ओवर ब्रिज बनाने से जुड़ा है।

Ashiana Housing

रियल एस्टेट कंपनी Ashiana Housing ने अगस्त 2026 में 1.67 लाख वर्ग फुट एरिया की बुकिंग की। इसकी वैल्यू ₹165.93 करोड़ रही। अगस्त तक कंपनी की YTD बुकिंग 11.30 लाख वर्ग फुट तक पहुंच गई, जिसकी कुल वैल्यू ₹1,025.34 करोड़ है।

L&T Finance

फाइनेंशियल सर्विसेज कंपनी L&T Finance को IRDAI से कॉरपोरेट एजेंट के तौर पर Perpetual Registration मिल गया है। कंपनी का नया सर्टिफिकेट 31 अगस्त 2026 से लागू हो गया है। इससे कंपनी को इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स के डिस्ट्रीब्यूशन से जुड़े कारोबार को बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

ITC

FMCG कंपनी ITC की सब्सिडियरी ITC Infotech के साथ Blazeclan Technologies और Cloudlytics Technologies के मर्जर को NCLT की कोलकाता और मुंबई बेंच से मंजूरी मिल गई है। यह मंजूरी ITC Infotech के डिजिटल और क्लाउड कारोबार को मजबूत कर सकती है।

Wipro

IT कंपनी Wipro ने ABB के साथ अपने ग्लोबल डिजिटल वर्कप्लेस सर्विसेज एंगेजमेंट को आगे बढ़ाया है। इस समझौते के तहत डिजिटल वर्कप्लेस सर्विसेज को बेहतर बनाने और उन्हें आगे डेवलप करने पर काम होगा।

Defence Stocks: रिलायंस, टाटा से अदाणी तक… विदेशी दिग्गजों के साथ मिलकर हथियार बनाएंगी ये 5 भारतीय कंपनियां

Disclaimer: मनीकंट्रोल, नेटवर्क18 ग्रुप का हिस्सा है। नेटवर्क18 का नियंत्रण इंडिपेंडेट मीडिया ट्रस्ट करता है, जिसकी एकमात्र लाभार्थी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

रिलायंस कंज्यूमर की आइसक्रीम मार्केट में एंट्री; Bombay Creamery ब्रांड लॉन्च, ₹10 शुरुआती दाम

रिलायंस इंडस्ट्रीज की FMCG कंपनी Reliance Consumer Products Limited यानी RCPL ने मंगलवार से देश के आइसक्रीम मार्केट में एंट्री कर ली। कंपनी ने Bombay Creamery नाम से नया आइसक्रीम ब्रांड लॉन्च किया है।

RCPL का कहना है कि वह लंबे समय तक इस बाजार में काम करने के इरादे से उतरी है। कंपनी अपने बड़े डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क, रिटेल नेटवर्क और कंज्यूमर इनसाइट्स के जरिए इस ब्रांड को आगे बढ़ाएगी।

असली डेयरी क्रीम से बनेगी आइसक्रीम

Bombay Creamery को एक ऐसे प्रीमियम डेयरी ब्रांड के तौर पर पेश किया जा रहा है, जो आम लोगों की पहुंच में हो। कंपनी का फोकस असली डेयरी सामग्री और बेहतर क्वालिटी पर रहेगा।

RCPL के मुताबिक, Bombay Creamery की आइसक्रीम असली डेयरी क्रीम से बनाई जाएगी। कंपनी का दावा है कि वह लोगों को किफायती कीमत पर अच्छी क्वालिटी का प्रोडक्ट देना चाहती है।

₹10 से शुरू होगी कीमत

Bombay Creamery की आइसक्रीम कई फॉर्मेट में मिलेगी। इसमें कोन, कप, टब, बार और स्टिक शामिल हैं। कंपनी ने इसकी शुरुआती कीमत ₹10 रखी है।

RCPL के डायरेक्टर टी. कृष्णकुमार ने कहा कि ब्रांड को असली डेयरी सामग्री के इस्तेमाल के विचार के साथ तैयार किया गया है। उनका कहना है कि कंपनी सिर्फ आइसक्रीम कैटेगरी में एंट्री नहीं कर रही, बल्कि लंबे समय तक इस बाजार में बने रहने की तैयारी कर रही है।

पहले पश्चिमी भारत में बिक्री

कंपनी शुरुआत में Bombay Creamery को पश्चिमी भारत के बाजारों में उपलब्ध कराएगी। इसके बाद धीरे-धीरे इसे देश के दूसरे हिस्सों में लॉन्च किया जाएगा। आगे चलकर कंपनी की योजना इसे पूरे भारत में पहुंचाने की है।

Defence Stocks: रिलायंस, टाटा से अदाणी तक… विदेशी दिग्गजों के साथ मिलकर हथियार बनाएंगी ये 5 भारतीय कंपनियां

Disclaimer: मनीकंट्रोल, नेटवर्क18 ग्रुप का हिस्सा है। नेटवर्क18 का नियंत्रण इंडिपेंडेट मीडिया ट्रस्ट करता है, जिसकी एकमात्र लाभार्थी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।

Defence Stocks: रिलायंस, टाटा से अदाणी तक… विदेशी दिग्गजों के साथ मिलकर हथियार बनाएंगी ये 5 भारतीय कंपनियां

Defence Stocks: दुनिया में तनाव बढ़ रहा है। युद्ध और टकराव की वजह से सप्लाई चेन पर भी असर पड़ रहा है। ऐसे में भारत अब अपने डिफेंस प्रोडक्शन को तेजी से बढ़ा रहा है। सरकार की Make in India नीति के तहत विदेशी कंपनियों के साथ साझेदारी पर जोर है। मकसद साफ है। एडवांस टेक्नोलॉजी और हथियारों का उत्पादन भारत में हो।

रक्षा खर्च 8.9% बढ़कर 92.1 अरब डॉलर

SIPRI के मुताबिक, 2025 में भारत का रक्षा खर्च 8.9% बढ़कर 92.1 अरब डॉलर हो गया। भारत अब दुनिया का पांचवां सबसे ज्यादा रक्षा खर्च करने वाला देश है। वहीं, 2025-26 में देश का रक्षा उत्पादन रिकॉर्ड ₹1.78 लाख करोड़ तक पहुंच गया। इसमें निजी कंपनियों की हिस्सेदारी 24% रही।

हाल ही में Tata Advanced Systems ने Javelin Joint Venture के साथ MoU किया है। इसके तहत भारत में Javelin एंटी-टैंक मिसाइलों का उत्पादन करने की संभावना तलाशी जाएगी।

2026 में ऐसी कई बड़ी साझेदारियां हुई हैं। आइए 5 अहम डिफेंस पार्टनरशिप पर नजर डालते हैं।

भारतीय कंपनीग्लोबल पार्टनरकिस टेक्नोलॉजी पर काम
2026 में क्या हुआ?

Reliance Industries

Rolls-Royceफाइटर जेट इंजन
साझेदारी के लिए Statement of Intent

Tata Advanced Systems

Lockheed Martin / RaytheonJavelin एंटी-टैंक मिसाइलMoU साइन
Bharat Electronics

Safran ElectronicsHAMMER स्मार्ट हथियार
50:50 JV समझौता

Adani DefenceLeonardoमिलिट्री हेलीकॉप्टर
इंडस्ट्रियल फ्रेमवर्क एग्रीमेंट

Paras DefenceTandem DefenseGuardian-1 काउंटर-ड्रोन सिस्टम
एक्सक्लूसिव IP लाइसेंस

Reliance Industries और Rolls-Royce: फाइटर जेट इंजन

रिलायंस इंडस्ट्रीज और Rolls-Royce ने अगस्त में एक बड़ी साझेदारी का इरादा जताया था। दोनों कंपनियां भारत के AMCA फाइटर जेट प्रोग्राम के लिए कॉम्बैट इंजन बनाने की संभावनाएं तलाशेंगी।

योजना सिर्फ इंजन बनाने तक सीमित नहीं है। दोनों कंपनियां भारत में Aerospace Gas Turbine Complex बनाने की संभावना भी देख रही हैं।

यहां पावर और प्रोपल्शन टेक्नोलॉजी पर काम हो सकता है। अगर यह साझेदारी आगे बढ़ती है, तो भारत को एयरो-इंजन टेक्नोलॉजी में मदद मिल सकती है।

Tata Advanced Systems और Javelin: एंटी-टैंक मिसाइल

Tata Advanced Systems ने Javelin Joint Venture के साथ MoU साइन किया है। इस जॉइंट वेंचर में Raytheon और Lockheed Martin शामिल हैं। दोनों कंपनियां भारत में Javelin All Up Round यानी AUR का को-प्रोडक्शन करने की संभावना तलाशेंगी।

भारत में मिसाइल की फाइनल असेंबली और इंटीग्रेशन की सुविधा बनाई जा सकती है। कुछ पार्ट्स का उत्पादन भी देश में हो सकता है। भारत ने अमेरिका से Javelin एंटी-टैंक मिसाइल सिस्टम खरीदने पर भी सहमति जताई है।

BEL और Safran: HAMMER स्मार्ट हथियार

Bharat Electronics यानी BEL और Safran Electronics & Defense ने फरवरी में Joint Venture Agreement साइन किया था।

दोनों कंपनियां भारत में HAMMER प्रिसिजन-गाइडेड हथियार बनाने की योजना पर काम कर रही हैं। इसका इस्तेमाल हवा से जमीन पर हमला करने के लिए किया जाता है। दोनों की 50:50 हिस्सेदारी वाली जॉइंट वेंचर कंपनी बनाने की योजना है।

HAMMER का उत्पादन भारत में लाने के लिए मास्टर प्रोडक्शन एग्रीमेंट किया जाएगा। मैन्युफैक्चरिंग, सप्लाई, मेंटेनेंस और रिपेयर के लिए एक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस भी बनाया जा सकता है।

Adani Defence और Leonardo: हेलीकॉप्टर

Adani Defence & Aerospace ने इटली की कंपनी Leonardo के साथ फरवरी में MoU साइन किया था। दोनों कंपनियां भारत में हेलीकॉप्टर बनाने का मजबूत इकोसिस्टम तैयार करना चाहती हैं। शुरुआत में फोकस मिलिट्री हेलीकॉप्टरों पर रहेगा।

आगे चलकर इसका इस्तेमाल सिविल मार्केट के लिए भी हो सकता है। भारत को Leonardo की ग्लोबल सप्लाई चेन से जोड़ने की भी योजना है।

Paras Defence और Tandem Defense: काउंटर-ड्रोन सिस्टम

पारस डिफेंस एंड स्पेस टेक्नोलॉजीज ने Tandem Defense के साथ एक एक्सक्लूसिव IP लाइसेंस एग्रीमेंट किया है। ये अमेरिकी कंपनी Autonomous Power Corporation की सब्सिडियरी है। इस समझौते से Paras Defence को Guardian-1 Interceptor टेक्नोलॉजी के भारत में प्रोडक्शन और कमर्शियल इस्तेमाल का विशेष अधिकार मिलेगा।

Guardian-1 एक हाई-स्पीड काउंटर-ड्रोन सिस्टम है। यह बैटरी से चलता है। इसे छोटे और कम लागत वाले हवाई खतरों को रोकने के लिए डिजाइन किया गया है।

ड्रोन के बढ़ते इस्तेमाल की वजह से काउंटर-ड्रोन सिस्टम की जरूरत तेजी से बढ़ रही है। हालांकि, Guardian-1 को अभी भारतीय सेना ने शामिल करने के लिए नहीं चुना है।

एथर एनर्जी ने टेस्ला और BYD को पीछे छोड़ा, इस साल शेयर 130% उछला; आगे और तेजी की उम्मीद

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

India-Russia Defence Deal : भारत को S-500 और Su-57 की पेशकश, रूस ने बढ़ाया रक्षा सहयोग का हाथ

India-Russia Defence Deal : भारत को S-500 और Su-57 की पेशकश, रूस ने बढ़ाया रक्षा सहयोग का हाथ

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भारत और रूस के बीच रक्षा सहयोग को लेकर एक बार फिर हलचल बढ़ गई है। रूस ने भारत के सामने अपने अत्याधुनिक S-500 Prometheus एयर डिफेंस सिस्टम और Su-57 पांचवीं पीढ़ी के स्टील्थ फाइटर जेट का प्रस्ताव रखा है। खबरों के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की 31 अगस्त को बिश्केक में हुई मुलाकात के बाद रक्षा सहयोग पर चर्चा एक बार फिर केंद्र में है। दोनों नेताओं की नई दिल्ली में भी मुलाकात होने की संभावना है।

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रूस की नई पेशकश ऐसे समय में आई है जब भारत की रक्षा नीति तेजी से बदल रही है। एक तरफ भारत स्वदेशी रक्षा तकनीक और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा दे रहा है, वहीं दूसरी ओर वायुसेना की तत्काल जरूरतें भी हैं। भारत को तय करना होगा कि S-500 जैसी विदेशी एयर डिफेंस प्रणाली की कितनी जरूरत है, जबकि Project Kusha जैसी स्वदेशी प्रणालियां आगे बढ़ रही हैं। 

IAF को यह भी तय करना होगा कि AMCA के आने तक इंतजार करना बेहतर है या Su-57 जैसे विदेशी पांचवीं पीढ़ी के फाइटर को अंतरिम विकल्प के तौर पर शामिल किया जाए। अंतिम फैसला केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की मुलाकात से नहीं होगा, लेकिन दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व से मिलने वाला राजनीतिक समर्थन बड़े रक्षा समझौतों की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

S-400 के बाद S-500 पर रूस का फोकस

रूस भारत के साथ एयर और मिसाइल डिफेंस सहयोग को अगले स्तर पर ले जाने के लिए S-500 Prometheus का प्रस्ताव आगे बढ़ा रहा है। इससे पहले भारत द्वारा तैनात किए गए रूसी S-400 सिस्टम ने भी काफी ध्यान आकर्षित किया है। खबरों के मुताबिक ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने पाकिस्तानी हवाई खतरों से निपटने के लिए S-400 सिस्टम का इस्तेमाल किया था। इसी अनुभव के बाद रूस अब भारत को अतिरिक्त S-400 सिस्टम देने के साथ S-500 पर भी चर्चा आगे बढ़ा रहा है।

 

मोदी-पुतिन मुलाकात से एक दिन पहले रूस की ओर से भारत को S-400 की पांच अतिरिक्त स्क्वाड्रन देने का प्रस्ताव रखे जाने की भी रिपोर्ट सामने आई। अगर यह प्रस्ताव स्वीकार होता है तो भारत के पास पहले से तय स्क्वाड्रन की संख्या में बड़ा इजाफा हो सकता है।

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S-500 खरीदना भारत के लिए कितना जरूरी?

 

भारत के सामने S-500 को लेकर फैसला आसान नहीं होगा। इसकी वजह यह है कि भारत खुद लंबी दूरी की एयर डिफेंस क्षमता विकसित कर रहा है। Project Kusha को S-400 श्रेणी की स्वदेशी एयर डिफेंस प्रणाली के तौर पर विकसित किया जा रहा है। इसके अलावा भारत का बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस कार्यक्रम भी महत्वपूर्ण चरण में है। ऐसे में भारत को यह आकलन करना होगा कि S-500 वास्तव में किसी मौजूदा क्षमता की कमी को पूरा करेगा या फिर यह स्वदेशी प्रणालियों के साथ काफी हद तक समान भूमिका निभाएगा।

 

Su-57 पर भी भारत के सामने बड़ा फैसला

रूस की दूसरी बड़ी पेशकश Su-57 Felon पांचवीं पीढ़ी का स्टील्थ फाइटर विमान है। रूस का यह प्रस्ताव ऐसे समय आया है जब भारतीय वायुसेना लड़ाकू स्क्वाड्रनों की कमी से जूझ रही है और भारत का स्वदेशी Advanced Medium Combat Aircraft (AMCA) अभी ऑपरेशनल होने से कई साल दूर है।

 

रूस ने संकेत दिए हैं कि Su-57 के संभावित सौदे में टेक्नोलॉजी ट्रांसफर, स्थानीय स्तर पर उत्पादन और भारत में मैन्युफैक्चरिंग जैसे विकल्प शामिल हो सकते हैं। Su-57 को AMCA के उपलब्ध होने तक एक संभावित स्टॉपगैप विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, भारत के लिए इसे खरीदने में कीमत, लॉजिस्टिक्स, मेंटेनेंस और रणनीतिक जरूरतों जैसे कई पहलुओं पर विचार करना होगा।

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चीन और पाकिस्तान की पांचवीं पीढ़ी के फाइटर से बढ़ी चुनौती

भारत के सामने चुनौती इसलिए भी बढ़ रही है क्योंकि पड़ोसी देश भी स्टील्थ फाइटर क्षमता तेजी से बढ़ा रहे हैं।

चीन के पास बड़ी संख्या में J-20 स्टील्थ फाइटर होने का अनुमान है, जबकि पाकिस्तान को चीन से J-35 पांचवीं पीढ़ी के फाइटर जेट मिलने की उम्मीद है। ऐसे में भारत के सामने अहम सवाल है कि क्या AMCA के आने तक इंतजार किया जाए या फिर अंतरिम अवधि के लिए किसी विदेशी पांचवीं पीढ़ी के फाइटर को शामिल किया जाए।

 

Su-57 से IAF के लिए बढ़ सकती है लॉजिस्टिक चुनौती

 

Su-57 को भारतीय वायुसेना में शामिल करने से एक और चुनौती सामने आ सकती है। IAF के बेड़े में पहले से ही कई अलग-अलग प्रकार के लड़ाकू विमान शामिल हैं। भारतीय वायुसेना के प्रमुख फाइटर बेड़े में Su-30MKI, MiG-29, Rafale, Mirage 2000, Jaguar और स्वदेशी Tejas शामिल हैं। हर नए फाइटर के लिए अलग पायलट ट्रेनिंग, स्पेयर पार्ट्स, हथियार, मेंटेनेंस, इंफ्रास्ट्रक्चर और लॉजिस्टिक्स की जरूरत होती है। ऐसे में Su-57 को शामिल करने से बेड़े का संचालन और जटिल हो सकता है।

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 S-500 और Su-57 के अलावा भी रूस की कई पेशकश

 

रूस की पेशकश केवल S-500 और Su-57 तक सीमित नहीं है। मॉस्को भारत के लिए Voronezh Strategic Early-Warning Radar पर भी सहयोग की संभावना तलाश रहा है। यह रडार लंबी दूरी से बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च और अन्य खतरों का पता लगाने के लिए बनाया गया है। इसके अलावा रूस, Hindustan Aeronautics Limited (HAL) के साथ भारत के Su-30MKI बेड़े के अपग्रेड और रूसी मूल की Kilo-class submarines के आधुनिकीकरण में भी सहयोग बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।

हनुमान अंश box office collection: नीम करौली बाबा की मूवी की छप्परफाड़ कमाई, बजट से 28 गुना पर पहुंची

Hanuman Ansh Day 26 Collection: फिल्ममेकर विशाल चतुर्वेदी की फिल्म ‘हनुमान अंश’, जो नीम करौली बाबा की जिंदगी पर आधारित है, को थिएटर्स में दूसरे हफ्ते में दर्शकों की संख्या में अचानक बढ़ोतरी देखने को मिली। यह फिल्म ₹2 करोड़ से कम के बजट में बनी है। इसने मंगलवार तक भारत में ₹57.54 करोड़ की कमाई कर ली है, जो इसके बताए गए बजट का 28 गुना से ज़्यादा है।

फिल्ममेकर विशाल चतुर्वेदी की फिल्म ‘हनुमान अंश’, जो नीम करोली बाबा के जीवन पर आधारित है, ने सिनेमाघरों में अपने दूसरे हफ्ते के दौरान अचानक अच्छी कमाई करना शुरू कर दिया। यह फिल्म करीब 2 करोड़ रुपये से कम के बजट में बनी है। वहीं, फिल्म ने मंगलवार तक भारत में 57.54 करोड़ रुपये की कमाई कर ली है। यानी फिल्म अपने बजट से 28 गुना से ज्यादा कमाई कर चुकी है।

हनुमान अंश बॉक्स ऑफिस कलेक्शन डे 26

26वें दिन, यानी मंगलवार को, ‘हनुमान अंश’ ने भारत में 4,638 शोज में ₹3.15 करोड़ का नेट कलेक्शन किया, जिससे इसकी कुल घरेलू कमाई ₹48.78 करोड़ हो गई। हालांकि, ये रियल-टाइम अपडेट्स हैं और इनमें बदलाव हो सकता है। फाइनल आंकड़े नाइट शोज के बाद आएंगे। इस डिवोशनल फिल्म के कलेक्शन में मंगलवार को गिरावट देखी गई, और इसने भारतीय बॉक्स ऑफिस पर ₹57.54 करोड़ की कमाई की।

‘हनुमान अंश’ 2026 की बॉक्स ऑफिस सरप्राइज फिल्म बनी

‘हनुमान अंश’ बॉक्स ऑफिस पर एक सरप्राइज हिट साबित हुई है। इसकी कमाई में तीसरे और चौथे हफ्ते में सबसे ज्यादा तेजी देखी गई। पहले हफ्ते में ₹1.08 करोड़ और दूसरे हफ्ते में ₹0.40 करोड़ की मामूली कमाई के बाद, फिल्म ने तीसरे हफ्ते में जबरदस्त उछाल दिखाया और ₹10.40 करोड़ कमाए। चौथे हफ्ते में कमाई की रफ्तार और बढ़ी। फिल्म ने शुक्रवार को ₹6.25 करोड़, शनिवार को ₹9.25 करोड़ और रविवार को ₹12.75 करोड़ कमाए, जो एक दिन की सबसे ज्यादा कमाई थी। वीकेंड के बाद कमाई में थोड़ी गिरावट के बावजूद, इसने अच्छा बिजनेस किया और सोमवार को ₹5.50 करोड़ कमाए।

फिल्म के बारे में

‘हनुमान अंश’ में शोभिनव सत्या, विहान शेडगे, चंदन के आनंद, पूर्णिमा तिवारी, अनिल रस्तोगी और गुलशन पांडे मुख्य भूमिकाओं में हैं। इसे डायरेक्टर विशाल चतुर्वेदी ने लिखा है। सिनेमैटोग्राफी विशाल बावा ने की है, जबकि एडिटिंग शंख राज्याध्यक्ष ने की है। साधु तिवारी, ऋषि पाठक, श्रेयस धर्माधिकारी, सुनील लोधी, धीरेंद्र मुल्कलवार और विशाल चतुर्वेदी ने फिल्म का संगीत तैयार किया है।

फिल्म की आधिकारिक कहानी इस प्रकार है: “कंबल, आश्रम और दुनिया भर में मिली शोहरत से पहले, अपनी गुजर चुकी मां की तलाश में निकला एक दुखी बच्चा भगवान राम से मिलता है। कुछ कहानियां सिर्फ प्रेरित नहीं करतीं, वे पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शन का काम करती हैं। भारत की संत परंपरा पर आधारित यह फिल्म आस्था, विनम्रता, सेवा और असीम प्रेम की यात्रा को जीवंत करती है।”

डिस्क्लेमर: यहां दी गई सभी जानकारी Sacnilk.com से ली गई है।

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Gold Silver Prices Today: दिल्ली में सोना लगातार 5वें सत्र गिरा, चांदी एक दिन में ₹5000 फिसली

Gold Silver Prices Today: सोने में गिरावट का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। 1 सितंबर को दिल्ली सर्राफा बाजार में लगातार पांचवें सत्र सोने में गिरावट आई। यह 2,700 रुपये गिरकर 1,58,200 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। यह करीब दो हफ्ते में सोने का सबसे कम भाव है। चांदी में भी बड़ी गिरावट आई।

बीते 5 सत्रों में सोना करीब 9000 रुपये सस्ता हुआ

बीते पांच सत्रों में दिल्ली सर्राफा बाजार में सोना 5.3 फीसदी यानी 8,900 रुपये तक सस्ता हो चुका है। 25 अगस्त को सोने का भाव 1,67,100 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया था, जो बीते तीन महीनों में सोने का सबसे हाई लेवल था। लेकिन, उसके बाद से सोने में लगातार गिरावट दिख रही है।

दिल्ली में चांदी एक दिन में 5000 रुपये फिसली

दिल्ली सर्राफा बाजारर में चांदी में भी 1 सितंबर को बड़ी गिरावट आई। यह 5,000 रुपये गिरकर 2,40,500 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई। कमोडिटी एक्सपर्ट्स का कहना है कि सोने और चांदी में लगातार गिरावट की वजह मध्यपूर्व में बढ़ता तनाव है। एक बार फिर से दोनों देशों के बीच हमले और जवाबी हमले की सूरत बनती दिख रही है।

मध्यपूर्व में तनाव बढ़ने का असर बुलियन पर पड़ रहा

अमेरिका-ईरान में टेंशन बढ़ने का असर क्रूड ऑयल की कीमतों पर दिखा है। ब्रेंट क्रूड का प्राइस 1 सितंबर को 92 डॉलर प्रति बैरल पार कर गया। अगर क्रूड की कीमतें इस लेवल पर बनी रहती हैं तो इस महीने अमेरिका में इंटरेस्ट रेट बढ़ सकता है। फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वॉर्श पहले ही कह चुके हैं कि उनकी प्राथमिकता महंगाई को बढ़ने से रोकना है।

क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल से महंगाई बढ़ने का डर

आनंदराठी शेयर एंड स्टॉक ब्रोकर्स में रिसर्च एनालिस्ट (कमोडिटीज एंड करेंसीज) वेदिका नार्वेकर ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर भारत में भी सोने और चांदी की कीमतों पर पड़ रहा है। दरअसल इससे क्रूड ऑयल की कीमतें बढ़ रही है, जो महंगाई बढ़ा सकती हैं।

पीएम मोदी ने सोना नहीं खरीदने की अपील लोगों से की

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के लोगों से तब तक सोना नहीं खरीदने की अपील की है, जब तक ऐसा करना बहुत जरूरी नहीं हो जाता। उन्होंने लोगों से बेवजह विदेश यात्रा नहीं करने की भी अपील की है। देश में लोगों के ज्यादा सोना खरीदने से सरकार को गोल्ड का ज्यादा आयात करना पड़ता है। इससे सरकार का इंपोर्ट बिल बढ़ता है। इसका असर विदेशी मुद्रा भंडार पर भी पड़ता है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी में बड़ी गिरावट 

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी 1 सितंबर को सोने और चांदी में बड़ी गिरावट देखने को मिली। स्पॉट गोल्ड 2.42 फीसदी गिरकर 4,334 डॉलर प्रति औंस चल रहा था। स्पॉट सिल्वर 3.02 फीसदी गिरकर 64.52 डॉलर प्रति औंस पर चल रहा था। एक्सपर्ट्स का कहना है कि शॉर्ट टर्म में सोने और चांदी पर दबाव जारी रह सकता है।