खत्म हुआ इंतजार, जैक्सन होल की बैठक में फेड ने महंगाई को लेकर जताई यह चिंता

अमेरिकी फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वार्श का कहना है कि अमेरिका का लेबर मार्केट अब भी मजबूत बना हुआ है और बेरोजगारी की मौजूदा रफ्तार लगभग फुल एंप्लॉयमेंट की स्थिति के हिसाब से है। उनका कहना है कि रोजगार के मोर्चे पर दोनों तरफ से अमेरिकी अर्थव्यवस्था अच्छा परफॉर्म कर रही है। अमेरिका में बेरोजगारी दर अभी 4.1% है जोकि फुल एंप्लॉयमेंट से जुड़ी परिस्थितियों के मुताबिक ही है। हालांकि उन्होंने चेतावनी दी है कि महंगाई अभी भी पॉलिसीमेकर्स के लिए चिंता की बात बनी हुई है। उन्होंने ये बातें शुक्रवार को फेडरल रिजर्व बैंक ऑफ कैनसस सिटी के एनुअल जैक्सन होल सिम्पोजियम में कही।

महंगाई को लेकर क्या है आशंका

अमेरिकी फेडरल रिजर्व के प्रमुख ने रोजगार के मोर्चे पर इकॉनमी की सेहत को बेहतर तो बताया है लेकिन महंगाई को लेकर सतर्क भी किया है। उन्होंने कहा कि कीमतों का दबाव अभी भी ऊंचे लेवल पर बना हुआ है। उन्होंने महंगाई के आंकड़ों को और अधिक चिंताजनक बताया और कहा कि मौजूदा वित्तीय परिस्थितियां काफी हद तक सख्त है या नहीं, इस पर कु कहना उनके लिए मुश्किल होगा। ऐसे में इस बात के आसार बढ़ गए हैं कि लेबर मार्केट में स्थिरता के संकेतों के बावजूद फेडरल रिजर्व की महंगाई की रफ्तार पर कड़ी नजर बनी रहेगी।

अर्थव्यवस्था पर AI को बढ़ते असर पर भी जोर

केविन वार्श ने अर्थव्यवस्था पर AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के बढ़ते असर पर भी जोर दिया। उन्होंने अभी के समय को इतिहास का एक महत्वपूर्ण मोड़ बताया। केविन के मुताबिक एआई आने वाले वर्षों में प्रोडक्टिविटी, आर्थिक विकास और काम की प्रकृति को बड़े स्तर पर बदल सकती है। बता दें कि इस साल की शुरुआत में केविन वार्श के प्रमुख बनने के बाद से फेड ने अर्थव्यवस्था पर एआई के आर्थिक असर की स्टडी तेज कर दी है। इसके लिए एक खास टास्क फोर्स बनाई गई है, जो यह जांच रही है कि यह प्रोडक्टिविटी में बढ़ोतरी, रोजगार के रुझानों और व्यापक आर्थिक गतिविधियों पर किस तरह असर डाल सकता है।

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Gold-silver Price : कमोडिटी में मजबूत रैली कायम रहने की उम्मीद, सोने-चांदी में अभी भी 10% तेजी की गुंजाइश

Gold-silver Price : 360 ONE के प्रेसिडेंट और हेड-ब्रोकरेज,विरल शाह का कहना है कि अगर US बॉन्ड यील्ड में नरमी आती है तो अगले 6 से 8 महीनों में सोना और चांदी में मौजूदा स्तरों से 10% तक की तेजी आ सकती है। उनका मानना ​​है कि जियोपॉलिटिकल घटनाओं और हाई बॉन्ड यील्ड को लेकर US का रुख कीमती धातुओं को सपोर्ट करता रहेगा।

कमजोर डॉलर,US में कमजोर जॉब आंकड़ों और US ट्रेजरी विभाग की बॉन्ड-खरीद की घोषणा की वजह से सोने और चांदी की कीमतों में पहले ही जबरदस्त तेजी आ चुकी है। हालांकि,विरल शाह को लगता है कि सोने में 4,700–4,800 डॉलर और चांदी में 70–72 डॉलर के आस-पास कुछ टेक्निकल सेलिंग देखने को मिल सकती है। उन्हें उम्मीद है कि जैक्सन होल में फेडरल रिजर्व का बयान निकट भविष्य में के लिए एक अहम ट्रिगर साबित होगा।

डॉलर में कमजोरी से कमोडिटी को मिलेगा सपोर्ट

उन्होंने आगे कहा कि अगर डॉलर और कमजोर होता है तो कमोडिटीज को और फायदा मिल सकता है। डॉलर इंडेक्स के लिए 100-101 के आस-पास रेजिस्टेंस दिख रहा है। उनका मानना ​​है कि डॉलर इंडेक्स के 97 की तरफ जाने से सोने,चांदी और बेस मेटल्स को सपोर्ट मिल सकता है।

कॉपर के फंडामेंटल्स मजबूत

प्रेशियस मेटल के अलावा,विरल शाह कॉपर और जिंक को लेकर भी पॉज़िटिव हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा सेंटर्स और ग्लोबल इलेक्ट्रिफिकेशन की वजह से कॉपर में लगभग एक साल से स्ट्रक्चरल बुल ट्रेंड बना हुआ है। उन्हें कॉपर के फंडामेंटल्स मजबूत दिख रहे हैं। हालांकि उनका मानना ​​है कि कॉपर में अब तक की जोरदार बढ़त के बाद आगे और बढ़त का अनुमान लगाना मुश्किल हो जाता है।

जिंक और कॉपर को सप्लाई में तंगी से मिल रहा फायदा

जिंक पर अपनी राय जाहिर करते हुए विरल शाह ने कहा कि सप्लाई से जुड़ी चिंताओं,खासकर चीन में बाढ़ के कारण कम उत्पादन होने से जिंक को सपोर्ट मिल रहा है। इसके चलते लंदन मेटल एक्सचेंज पर इन्वेंट्री कम हो रही है और सप्लाई तंग है,जबकि इसकी मांग मज़बूत बनी हुई है। शाह को उम्मीद है कि जब तक सप्लाई मांग के बराबर नहीं हो जाती,तब तक कॉपर और जिंक दोनों को सपोर्ट मिलता रहेगा।

क्रूड की कीमतों में 7-8% की और गिरावट मुमकिन

कच्चे तेल पर अपनी राय जाहिर करते हुए विरल शाह ने कहा कि अगर होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से होने वाली तेल की सप्लाई बेहतर होती है और भू-राजनीतिक तनाव कम होता है,तो क्रूड की कीमतों में 7-8% की और गिरावट आ सकती है। हालांकि,उन्हें नहीं लगता कि यह लंबे समय तक बनी रहने वाली गिरावट होगी,क्योंकि तमाम देशों को आखिरकार अपने रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार को फिर से भरना ही होगा।

 

 

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डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

IT Stocks : Nvidia में आई रैली ने IT शेयरों में भरा जोश, निफ्टी के टॉप गेनरों में आईटी शेयरों का दबदबा

IT Stocks : शुक्रवार को इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IT) शेयरों में तेजी आई है। TCS, Infosys, HCL Tech और दूसरी कंपनियों के शेयरों में 2-4% की बढ़त देखने को मिल रही है। Nvidia के अच्छे नतीजों और आगे के लिए अच्छे गाइडेंस के बाद इस शेयर में उछाल आया है। इससे ग्लोबल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सेक्टर को लेकर उम्मीदें फिर से बढ़ गईं हैं। फिलहाल निफ्टी IT इंडेक्स 2.92 फीसदी बढ़कर 31,103.45 पर पहुंच गया है। आज यह सबसे ज्यादा बढ़त वाले सेक्टोरल इंडेक्सों में शामिल है। इसने ब्रॉडर मार्केट से कहीं बेहतर प्रदर्शन किया है। IT इंडेक्स में शामिल सभी 10 शेयरों में बढ़त देखने को मिल रही है। निफ्टी के सबसे ज्यादा बढ़त वाले शेयरों की लिस्ट में भी IT शेयरों का दबदबा दिख रहा है।

आईटी शेयरों की चाल पर एक नजर

TCS सबसे ज्यादा बढ़त दिख रही है। यह शेयर 3.5 प्रतिशत बढ़कर 2,327 रुपये पर दिख रहा है। इसके बाद Tech Mahindra के शेयरों में 3 प्रतिशत की बढ़त हुई है और यह 1,632 रुपये के आसपास कारोबार कर रहा है। जबकि HCL Technologies के शेयरों में 2.75 प्रतिशत की बढ़त नजर आ रही है। यह शेयर 1,317 रुपये के आसपास दिख रहा है। Infosys के शेयर 2.63 प्रतिशत बढ़कर 1,140 रुपये पर और Wipro के शेयर 1.89 प्रतिशत बढ़कर 179.74 रुपये पर पहुच गए है। सुबह के कारोबार में Nifty 50 पर ये 5 IT स्टॉक्स आज के टॉप गेनर रहे।

Nvidia की तेजी ने भरा जोश

यह तेजी Nvidia के शेयरों में आई तेजी के बाद आई है। US की इस चिप बनाने वाली कंपनी के शानदार नतीजे और इसके द्वारा मजबूत गाइडेंस जारी करने के बाद कंपनी के शेयरों में लगभग 9 प्रतिशत की तेजी आई। इससे ग्लोबल AI बूम के लंबे समय तक चलने को लेकर निवेशकों का भरोसा और मज़बूत हुआ है। HDFC सिक्योरिटीज में प्राइम रिसर्च के हेड,देवर्ष वकील का कहना है कि Nvidia के नतीजों ने ग्लोबल AI बूम के लंबे समय तक चलने को लेकर निवेशकों को भरोसा बढ़ाया है जिससे टेक्नोलॉजी शेयरों में तेजी आई है।

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आईटी पर एक्सपर्ट्स की राय

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर ने भारतीय IT शेयरों के मजबूत प्रदर्शन का श्रेय ग्लोबल टेक्नोलॉजी रैली और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर नई उम्मीदों को दिया है। उनका कहना IT सेक्टर ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है। ग्लोबल टेक्नोलॉजी के सपोर्टिव माहौल और Nvidia के अच्छे नतीजों व आउटलुक के बाद AI थीम को लेकर नई उम्मीदों की वजह से इसमें लगभग 3% की बढ़त आई है। दुनिया भर में आईटी को लेकर बना अच्छा माहौल भारतीय IT शेयरों को सहारा दे रहा है और पूरे सेक्टर में उत्साह देखने को मिल रहा है।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वी के विजयकुमार ने कहा कि एनवीडिया (Nvidia) के शानदार नतीजों और गाइडेंस के बाद AI ट्रेड में तेजी जारी है। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड भारतीय बाजार के लिए चुनौतियां बनी रहीं हैं। उन्होंने आगे कहा कि बाजार में लगातार तेजी बनाए रखने के लिए निफ्टी की बड़ी कंपनियों,खासकर IT सेक्टर की दिग्गज कंपनियों की भागीदारी अहम होगी।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Bill Gates AI Warning: AI की रफ्तार देख सन्न रह गए बिल गेट्स! नौकरियों को लेकर दे दी ये बड़ी चेतावनी

Bill Gates AI Warning: माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर अब तक की सबसे बड़ी चेतावनी दी है। एक इंटरव्यू में गेट्स ने कहा कि AI की तरक्की जिस तेज रफ्तार से हो रही है, वह उनकी उम्मीदों से कहीं ज्यादा आगे निकल चुकी है। उन्होंने आगाह किया कि अगर सरकारों और टेक कंपनियों ने समय रहते कड़े कदम नहीं उठाए, तो दुनिया को बड़े पैमाने पर नौकरियों के नुकसान का सामना करना पड़ सकता है।

‘मैं खुद हैरान हूं’: कोडिंग में AI ने दी मात

‘द न्यू यॉर्क टाइम्स’ को दिए इंटरव्यू में कोडिंग और सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट के क्षेत्र में दशकों का अनुभव रखने वाले बिल गेट्स ने स्वीकार किया कि Anthropic के Claude जैसे AI टूल्स की क्षमताओं ने उन्हें पूरी तरह चौंका दिया है।

गेट्स ने कहा, ‘यह विचार कि अब ये AI टूल्स कई मामलों में मुझसे भी बेहतर काम कर रहे हैं, यह मेरे लिए हैरान कर देने वाला है।’

गेट्स के मुताबिक, AI क्रांति पुरानी औद्योगिक या डिजिटल क्रांतियों से बिल्कुल अलग है। पहले की तकनीकों ने पुरानी नौकरियां खत्म करके नए रोजगार पैदा किए थे, लेकिन AI जिस पैमाने पर इंसानों को रिप्लेस कर रहा है, उससे दूसरे क्षेत्रों में नई नौकरियां बच पाना मुश्किल होगा।

टेक कंपनियां क्यों छुपा रही हैं AI का असली खतरा?

गेट्स ने टेक इंडस्ट्री के दिग्गजों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कंपनियां भारी फंड जुटाने के चक्कर में इसके खतरों को सार्वजनिक रूप से स्वीकार नहीं कर रही हैं। उन्होंने कहा, ‘प्राइवेट में AI समझने वाले लोग बेहद डरे हुए हैं। लेकिन कोई खुलकर नहीं बोल रहा क्योंकि इससे अगली ट्रिलियन डॉलर की फंडिंग रुकने का डर है।’

कंपनियां बिना किसी सुरक्षा मानकों के सिर्फ इस उम्मीद में आगे बढ़ रही हैं कि AI का अच्छा पहलू इसके बुरे असर को ढक लेगा।

गेट्स ने क्या सुझाया AI का समाधान?

AI के बढ़ते खतरे से आम जनता और नौकरियों को बचाने के लिए बिल गेट्स ने दो प्रमुख प्रस्ताव रखे हैं:

AI Tax: कंपनियों द्वारा इंसानों की जगह AI का इस्तेमाल करने पर टैक्स लगाया जाना चाहिए। इस टैक्स से मिलने वाले राजस्व का इस्तेमाल नौकरियां गंवाने वाले लोगों की मदद के लिए किया जाए।

‘Human Reserved’ जॉब्स: कुछ संवेदनशील पेशों (जैसे- केयरगिविंग, नर्सिंग और व्यक्तिगत देखभाल) को पूरी तरह ‘ह्यूमन रिजर्व्ड’ घोषित किया जाए, ताकि इन क्षेत्रों में AI के प्रवेश पर बैन रहे और इंसानी नौकरियां सुरक्षित रहें।

जैविक हथियारों का बड़ा खतरा

नौकरियों के अलावा, बिल गेट्स ने एडवांस AI से उत्पन्न होने वाले अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा खतरों पर भी चिंता जताई। गेट्स ने चेतावनी दी कि अगर AI का इस्तेमाल नए मॉलिक्यूल्स या खतरनाक बायोलॉजिकल हथियार बनाने में किया गया, तो यह तबाही ला सकता है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सख्त समझौते और मैंडेटरी रिव्यू की मांग की है, ताकि AI का दुरुपयोग बायो-टेररिज्म के लिए न हो सके।

बिल गेट्स का मानना है कि AI सुरक्षा का मुद्दा अब वैश्विक स्वास्थ्य जितना ही गंभीर हो चुका है और वे इसे दुनिया भर के नेताओं के सामने उठाएंगे। उन्होंने साफ कहा कि इनोवेशन हमेशा सही हो ऐसा जरूरी नहीं, और फिलहाल AI जिस दिशा में जा रहा है, वह एक बड़ी चेतावनी है।

Asian Market Today: एशिया बाजारों में मिला-जुला कारोबार, बॉन्ड यील्ड में नरमी, निक्केई, कोस्पी में बढ़त

Asian Market Today: बुधवार को एशियाई बाज़ारों में मिला-जुला कारोबार देखने को मिल रहा है।  वॉल स्ट्रीट पर रात भर हुई बढ़त के बाद, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और बॉन्ड यील्ड में कमी से बाज़ारों को सहारा मिला।  Nvidia Corp. की अर्निंग्स रिपोर्ट से पहले निवेशकों ने सावधानी बरती, जिससे US इक्विटी-इंडेक्स फ्यूचर्स में थोड़ी गिरावट आई। इस रिपोर्ट से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेक्टर में भरोसे का पता चलने की उम्मीद है।

वहीं, निक्केई करीब 0.56 फीसदी की बढ़त के  साथ 66,228.00 के आसपास दिख रहा है। वहीं, स्ट्रेट टाइम्स में 0.27 फीसदी की  कमजोरी दिखा रहा है।  ताइवान का बाजार 0.31 फीसदी  चढ़कर 45,308.25 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। जबकि हैंगसेंग 0.99 फीसदी की बढ़त के साथ 25,764.00 के स्तर पर नजर आ रहा है। वहीं, कोस्पी में 0.87 फीसदी की बढ़त के साथ कारोबार हो रहा है। वहीं शंघाई कम्पोजिट 0.50 फीसदी की बढ़त के साथ 3,909.04 के स्तर पर दिख रहा है।

एशियाई बाज़ारों का रुख निवेशकों की मिली-जुली सोच को दिखाता है। जहां कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में गिरावट ने बाज़ारों को सहारा दिया, वहीं अमेरिका-ईरान शांति समझौते को लेकर बनी अनिश्चितता का असर निवेशकों के मूड पर अब भी बना हुआ है।

वॉल स्ट्रीट पर रात भर अमेरिकी शेयर बाज़ार बढ़त के साथ बंद हुआ। AI की दिग्गज कंपनी एनवीडिया (Nvidia) के नतीजों से पहले टेक्नोलॉजी शेयरों में आई तेजी ने बाजार को ऊपर उठाने में मदद की।

US ट्रेजरी यील्ड में गिरावट

US ट्रेजरी यील्ड में गिरावट आई। US के 10-साल और 30-साल के बॉन्ड की यील्ड लगातार दूसरे दिन गिरी, क्योंकि ट्रेडर्स US ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट के पिछले हफ़्ते ट्रेजरी बायबैक बढ़ाने के फ़ैसले के असर पर विचार कर रहे थे।

डॉलर इंडेक्स, जो येन और यूरो जैसी कई करेंसी के मुकाबले डॉलर की वैल्यू मापता है, 0.1% गिरकर 98.87 पर आ गया, जबकि यूरो 0.13% बढ़कर $1.1677 पर पहुंच गया। जापानी येन के मुकाबले डॉलर 0.03% मजबूत होकर 159.13 पर पहुंच गया।

क्रूड में नरमी

इस बीच, ईरान के खिलाफ US के नए प्रतिबंधों की परवाह न करते हुए ट्रेडर्स के रुख के कारण कच्चे तेल की कीमतें एक हफ़्ते के निचले स्तर पर आ गई। ब्रेंट क्रूड फ़्यूचर्स 2.14% गिरकर $86.68 प्रति बैरल पर आ गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड फ़्यूचर्स 1.91% गिरकर $80.79 पर आ गया।

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा पॉजिटिव शुरुआत के संकेत, क्रूड में नरमी

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

IT Stock: ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म यूबीएस ने इन भारतीय IT कंपनियों की बढ़ाई रेटिंग, क्या आप करेंगे इनमें निवेश

IT Stock:  UBS ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) भारतीय IT कंपनियों के लिए ग्रोथ के नए मौके बना रहा है, लेकिन AI से होने वाली कमाई अभी इतनी कम है कि यह तय नहीं किया जा सकता कि क्या यह पारंपरिक IT सर्विस पर पड़ने वाले कीमतों में गिरावट के दबाव (deflationary pressure) की भरपाई कर पाएगी या नहीं। ब्रोकरेज कंपनी अभी भी सोच-समझकर निवेश करने की सलाह दे रही है और बड़ी Tier-1 कंपनियों के मुकाबले Tier-2 कंपनियों को ज़्यादा पसंद कर रही है।

यह ताज़ा आकलन उन ब्रोकरेज रिपोर्टों की कड़ी में एक और रिपोर्ट है जो भारत के IT सर्विस सेक्टर पर AI के असर को समझने की कोशिश कर रही हैं। हाल ही में CLSA और कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज़ ने भी इस सेक्टर में सोच-समझकर निवेश करने की सलाह दी थी। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया था कि भले ही AI नई कमाई के मौके बना रहा है, लेकिन इससे पारंपरिक सर्विस की कीमतों में गिरावट का जोखिम भी पैदा हो रहा है।

बड़ी IT कंपनियों में, UBS ने टेक महिंद्रा की रेटिंग ‘न्यूट्रल’ से बढ़ाकर ‘Buy’  कर दी और इसका टारगेट प्राइस ₹1,460 से काफी बढ़ाकर ₹1,865 कर दिया। इसके उलट, HCLTech के शेयर में हालिया तेज़ी के बाद उसने इसकी ‘Buy’ रेटिंग को बदलकर ‘न्यूट्रल’ कर दिया, हालांकि इसका टारगेट प्राइस ₹1,390 से बढ़ाकर ₹1,415 कर दिया। UBS ने पर्सिस्टेंट सिस्टम्स की रेटिंग भी ‘Buy’ से घटाकर ‘न्यूट्रल’ कर दी, जिसकी मुख्य वजह वैल्यूएशन थी, जबकि इसका टारगेट प्राइस ₹5,995 से बढ़ाकर ₹6,250 कर दिया।

इसने कोफोर्ज (Coforge) की रेटिंग ‘न्यूट्रल’ से बढ़ाकर ‘Buy’ कर दी और इसका टारगेट प्राइस ₹1,505 से काफी बढ़ाकर ₹2,400 कर दिया। Mphasis की रेटिंग भी ‘न्यूट्रल’ से बढ़ाकर ‘Buy’ कर दी गई और इसका टारगेट ₹2,440 से बढ़ाकर ₹2,980 कर दिया गया।

Tier-1 कंपनियों में, UBS का सबसे बड़ा रेटिंग बदलाव टेक महिंद्रा के लिए था। ब्रोकरेज ने शेयर की रेटिंग ‘न्यूट्रल’ से बढ़ाकर ‘Buy’ कर दी और इसका टारगेट ₹1,460 से बढ़ाकर ₹1,865 कर दिया।

UBS ने इन्फोसिस पर ‘बाय’ रेटिंग बनाए रखी और इसका टारगेट प्राइस ₹1,425 से बढ़ाकर ₹1,445 कर दिया। TCS पर ‘न्यूट्रल’ रेटिंग बनी रही और इसका टारगेट ₹2,545 से थोड़ा बढ़ाकर ₹2,565 कर दिया गया, जबकि विप्रो पर भी ‘न्यूट्रल’ रेटिंग बनी रही और इसका टारगेट ₹200 तय किया गया। LTM लिमिटेड (LTIMindtree) की रेटिंग भी ‘न्यूट्रल’ बनी रही, हालांकि UBS ने इसका टारगेट प्राइस ₹4,080 से काफी बढ़ाकर ₹4,995 कर दिया।

AI के मौके बनाम पुराने बिज़नेस में गिरावट

UBS का कहना है कि इन्वेस्टर्स अब IT सर्विस सेक्टर को लेकर मंदी वाले कुछ बुनियादी तर्कों पर सवाल उठाने लगे हैं। उनका कहना है कि भारतीय IT सेक्टर पर तेज़ी का रुख अपनाने के लिए अभी भी पर्याप्त सबूत नहीं हैं। पूरे सेक्टर की कमाई में AI से होने वाली कमाई का हिस्सा अभी भी बहुत कम है।

इससे एक अहम सवाल अनसुलझा रह जाता है। क्या AI से मिलने वाले मौके इतने बड़े होंगे कि वे पुरानी सर्विस (लेगेसी सर्विस) में होने वाली गिरावट की भरपाई कर सकें? ब्रोकरेज उन कंपनियों को प्राथमिकता देती है जो उनके फ्रेमवर्क पर अच्छा स्कोर करती हैं और काम को तेज़ी से आगे बढ़ा रही हैं।

भारतीय IT सेक्टर को लेकर ब्रोकरेज अभी भी चुनिंदा रुख अपना रही हैं

UBS का यह आकलन CLSA और कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज़ द्वारा भारतीय IT सेक्टर पर सावधानी भरा या चुनिंदा रुख अपनाने के कुछ दिनों बाद आया है। इन सभी ने AI के असर और मौजूदा कंपनियों व नई कंपनियों की संभावनाओं पर बार-बार चर्चा की है।

CLSA ने TCS, इंफोसिस और टेक महिंद्रा की रेटिंग को ‘होल्ड’ (बनाए रखें) और विप्रो व एमफेसिस की रेटिंग को ‘अंडरपरफॉर्म’ (कमज़ोर प्रदर्शन) कर दिया है, जबकि कोफोर्ज और पर्सिस्टेंट सिस्टम्स जैसी मिड-टियर कंपनियों को प्राथमिकता दी है। उनका कहना है कि बड़ी IT कंपनियों को पुरानी मैनेज्ड सर्विस में AI के कारण गिरावट और मैक्रो-इकोनॉमिक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, हालांकि AI का वॉल्यूम अंततः FY30 तक इस गिरावट के असर की भरपाई कर सकता है। इसके बाद कोटक ने कहा कि IT शेयरों में हालिया निचले स्तर से 15-35 प्रतिशत की तेज़ी के बाद इस सेक्टर का रिस्क-रिवॉर्ड (जोखिम-लाभ) आकर्षक से बदलकर संतुलित हो गया है।

UPL Share Price: $5 बिलियन के मार्केट कैप वाली इस केमिकल कंपनी के शेयर में 25% का उछाल संभव, जेफरीज बुलिश

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TCS Share Price: पोर्शे के साथ बड़ी डील के बाद भी क्यों गिरा TCS का शेयर? सिटी और HSBC ने जताई ये बड़ी चिंता

TCS MHP Deal Porsche: टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के शेयर में मंगलवार सुबह शुरुआती बढ़त के बाद गिरावट देखने को मिली। पोर्शे की कंसल्टिंग सहायक कंपनी MHP के 320 मिलियन यूरो यानी करीब ₹3573 करोड़ के अधिग्रहण के बाद वैश्विक ब्रोकरेज फर्मों ने सतर्क रुख अपनाया है।

एनालिस्ट का मानना है कि इस डील से यूरोप के ऑटोमोटिव सेक्टर में TCS की पकड़ मजबूत होगी, लेकिन MHP के घटते रेवेन्यू और इंटीग्रेशन की चुनौतियों को लेकर ब्रोकरेज हाउस काफी चिंतित हैं।

आज 25 अगस्त, मंगलवार को मार्केट खुलने के साथ ही  TCS के शेयरों में गिरावट देखने को मिली। शेयर NSE पर 0.7% गिरकर ₹2,268 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। साल 2026 में अब तक TCS का शेयर करीब 29.2% टूट चुका है।

डील में क्या-क्या है शामिल?

TCS ने जर्मन लग्जरी कार निर्माता पोर्शे की कंपनी MHP Management- und IT-Beratung GmbH की 100% हिस्सेदारी करीब ₹3573 करोड़ में खरीदी है। इस अधिग्रहण के साथ ही पोर्शे ने MHP और TCS के साथ 5 साल के लिए करीब ₹14000 करोड़ का रणनीतिक समझौता भी किया है।

ब्रोकरेज हाउसेस का क्या है कहना?

अधिग्रहण की खबर के बाद प्रमुख वैश्विक ब्रोकरेज फर्मों ने TCS के शेयर पर अपनी रेटिंग और टारगेट प्राइस जारी किए हैं:

सिटी ने TCS के शेयरों को बेचना की सलाह बरकरार रखी है, जो इसके करेंट भाव से करीब 20% की गिरावट का संकेत देता है। ब्रोकरेज का कहना है कि MHP का रेवेन्यू साल 2024 के 830 मिलियन यूरो से घटकर 2025 में 742 मिलियन यूरो रह गया है। गिरता रेवेन्यू TCS के लिए जोखिम बन सकता है। Citi का टारगेट प्राइस ₹1825 का है।

वहीं HSBC ने निवेशकों को TCS के शेयर होल्ड करने की सलाह दी है। ब्रोकरेज का कहना है कि इस डील से TCS की यूरोप के ऑटोमोटिव सेक्टर में मौजूदगी तो बढ़ेगी, लेकिन कंपनी के प्रति शेयर आय पर तुरंत कोई बड़ा असर नहीं दिखेगा। साथ ही दोनों कंपनियों का विलय चुनौतीपूर्ण हो सकता है। HSBC का टारगेट प्राइस ₹2350 का है।

क्या करती है MHP कंपनी?

MHP एक ऑटोमोटिव और इंडस्ट्रियल कंसल्टिंग कंपनी है, जिसके पास 4,500 से अधिक कर्मचारी हैं। यह कंपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), सॉफ्टवेयर-डिफाइंड मोबिलिटी, SAP और मैन्युफैक्चरिंग डिजिटलाइजेशन के क्षेत्र में काम करती है।

आईटी सेक्टर के लिए क्या हैं चुनौतियां?

यह डील ऐसे समय में हुई है जब पूरी भारतीय आईटी इंडस्ट्री टेक खर्च में सुस्ती और जेनेरिक एआई के कारण आ रहे बदलावों से जूझ रही है। MHP के कम वैल्युएशन पर मिलने की मुख्य वजह भी इसके घटते रेवेन्यू का रिस्क ही है।

एक्सपर्ट्स का मानना है कि भले ही पोर्शे के साथ लंबी अवधि के सौदे से TCS को भविष्य में रेवेन्यू का सपोर्ट मिलेगा, लेकिन MHP के गिरते बिजनेस को वापस पटरी पर लाना और इसका TCS के साथ तालमेल बिठाना कंपनी प्रबंधन के लिए एक बड़ी परीक्षा होगी।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Asian Market Today: टेक शेयरों में बिकवाली बढ़ने से एशिया में गिरावट, Nvidia के नतीजों से पहले KOSPI 3% से ज़्यादा लुढ़का

Asian Market Today:  आज एशिया मार्केट में गिरावट देखने को मिल रही है। निवेशकों ने टेक शेयरों में अपनी हिस्सेदारी कम की, क्योंकि आने वाली कमाई की रिपोर्ट से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) रैली को लेकर चिंताएं बढ़ सकती हैं। MSCI एशिया पैसिफिक इंडेक्स 0.4% गिर गया। शुरुआती एशियाई कारोबार में जापान और दक्षिण कोरिया के बेंचमार्क इंडेक्स में सबसे ज़्यादा गिरावट देखी गई। Kospi 3.37% और Nikkei 225 0.93% गिरे, जबकि Topix में मामूली 0.015% की बढ़त हुई। इसके उलट, Hang Seng फ्यूचर्स में 0.6% की बढ़त हुई।

यह क्षेत्रीय गिरावट चिप बनाने वाली कंपनियों में भारी बिकवाली के बाद आई, जिससे सोमवार को Nasdaq 100 लगभग 1% गिर गया था। Nvidia Corp के शेयरों में लगातार सातवें सेशन में गिरावट आई, जो 2022 के बाद से इस स्टॉक की सबसे लंबी गिरावट का दौर है।

चिप बनाने वाली कंपनी के शेयरों में और 2.9% की गिरावट आई, जब उसने ग्राहकों को बताया कि वह अगले साल की शुरुआत में शिप होने वाले AI सिस्टम की कीमतें बढ़ाएगी। शुरुआती एशियाई कारोबार में US इक्विटी-इंडेक्स फ्यूचर्स में भी मामूली गिरावट देखी गई।

निवेशकों का कहना है कि यह बिकवाली इस बढ़ती चिंता को दिखाती है कि क्या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर भारी खर्च से उतना ही मुनाफ़ा होगा। बुधवार को आने वाली Nvidia की कमाई की रिपोर्ट को इस भरोसे के लिए एक अहम परीक्षा माना जा रहा है। ट्रेडर्स इस बात पर नज़र रखे हुए हैं कि क्या चिप शेयरों में हालिया गिरावट जारी रहेगी।

मंगलवार को ब्रेंट क्रूड की कीमतों में कोई खास बदलाव नहीं हुआ और यह $92 प्रति बैरल के आसपास बना रहा। US ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने ईरान के साथ व्यापार करने वाले किसी भी देश के खिलाफ़ आर्थिक दंड की चेतावनी दी थी।

सोमवार को बेंचमार्क में 2% से ज़्यादा की गिरावट आई थी, जिससे छह दिनों की लगातार बढ़त का सिलसिला टूट गया। वहीं, वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) 0.3% बढ़कर $85.23 प्रति बैरल हो गया।

ऊर्जा की कीमतों में गिरावट से सोमवार को US ट्रेजरी बॉन्ड को सहारा मिला और 10-साल की यील्ड चार बेसिस पॉइंट गिरकर 4.70% हो गई।

ट्रेडर्स ने बढ़ते जियोपॉलिटिकल रिस्क और इस हफ़्ते आने वाले ढेर सारे इकोनॉमिक डेटा और कॉर्पोरेट नतीजों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की। व्यापक मार्केट सेंटीमेंट के लिए टेक्नोलॉजी सेक्टर की चाल को अहम माना जा रहा है। लगातार महंगाई और फिस्कल डेफिसिट (राजकोषीय घाटे) की चिंताओं के कारण यील्ड ऊंचे बने रहे, और बाजार फेड चेयर केविन वॉर्श से इस साल के बाकी समय के लिए फेडरल रिजर्व की संभावित राह के बारे में स्पष्ट गाइडेंस का इंतजार कर रहे थे।

CNBC की एक रिपोर्ट के अनुसार, ट्रेजरी को भी सपोर्ट मिला। रिपोर्ट में कहा गया है कि US ट्रेजरी डिपार्टमेंट उधार लेने की लागत को कम करने में मदद के लिए पुराने, अधिक यील्ड वाले सिक्योरिटीज़ को वापस खरीदने (बायबैक) के लिए अपने कैश रिजर्व का इस्तेमाल कर सकता है।

हालांकि, ब्लूमबर्ग के अनुसार, बेसेंट ने सोमवार को एक भाषण के दौरान कर्ज प्रबंधन रणनीति में किसी भी बदलाव की पुष्टि करने से इनकार कर दिया। बायबैक बढ़ाने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकारों से कहा कि विभाग ने “अभी तक एक भी बॉन्ड नहीं खरीदा है”।

दूसरी ओर, जापानी येन 159.11 प्रति डॉलर पर स्थिर रहा, जबकि ऑफशोर युआन 6.7201 प्रति डॉलर पर लगभग अपरिवर्तित रहा।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

FIIs की बिकवाली से इन शेयरों में बड़ा मौका! Nippon MF के शैलेश राज भान ने बताया किन सेक्टर्स में आएगी बंपर तेजी

Nippon India Mutual Fund: शेयर बाजार में जारी उतार-चढ़ाव के बीच दिग्गज म्यूचुअल फंड हाउस निप्पॉन इंडिया ने भारतीय बाजारों को लेकर एक बेहद पॉजिटिव रिपोर्ट दी है। निप्पॉन इंडिया MF के चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर शैलेश राज भान का मानना है कि आने वाले कुछ सालों में बेहतर कॉरपोरेट अर्निंग्स और वाजिब वैल्यूएशन बाजार की चाल को रफ्तार देंगे।

शैलेश राज भान के मुताबिक, अगर कोई बड़ा वैश्विक संकट नहीं आता है, तो अगले 3 सालों में भारतीय कंपनियों की कमाई सालाना 12 से 15 फीसदी की दर से बढ़ सकती है। आइए जानते हैं उन्होंने किन सेक्टर्स पर दांव लगाने की सलाह दी है और कहां कमाई का मौका दिख रहा है।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली से बड़े शेयरों में बना मौका

शैलेश राज भान ने बताया कि पिछले कुछ समय में फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स(FIIs) की ओर से हुई भारी बिकवाली ने लार्जकैप शेयरों के वैल्यूएशन को काफी आकर्षक बना दिया है। FIIs की बिकवाली मुख्य रूप से लार्जकैप और फाइनेंशियल स्टॉक्स में केंद्रित थी। इसके चलते कई मजबूत और क्वालिटी कंपनियों के शेयर अब वाजिब और सही दामों पर उपलब्ध हैं।

जब वैल्यूएशन आपके पक्ष में हो और कंपनियों की कमाई बढ़ रही हो, तो अगले 3 से 4 सालों में बेहतर रिटर्न मिलने की संभावना काफी बढ़ जाती है।

प्राइवेट बैंक बने हुए है सबसे पसंदीदा सेक्टर

शैलेश राज भान ने दिग्गज निजी क्षेत्र के बैंकों को निवेश के लिए सबसे आकर्षक अवसर बताया है। उन्होंने कहा कि कई क्वालिटी प्राइवेट बैंक इस समय ऐसे वैल्यूएशन मल्टीपल्स पर ट्रेड कर रहे हैं, जो बीते कुछ सालों में दुर्लभ ही देखने को मिला है। कुछ बड़े प्राइवेट बैंकों के वैल्यूएशन तो अब पीएसयू बैंकों के आसपास आ पहुंचे हैं, जिससे इनमें री-रेटिंग की बड़ी गुंजाइश है।

कंज्यूमर और आईटी सेक्टर में वापसी के संकेत

लंबे समय तक सुस्ती झेलने के बाद अब कंज्यूमर और आईटी सेक्टर में भी वैल्यूएशन के लिहाज से खरीदारी के मौके दिख रहे हैं। ग्रामीण मांग में सुधार, टैक्स में राहत और कंपनियों की पहलों के चलते कंज्यूमबल्स, ड्यूरेबल्स, होटल्स और सर्विस सेक्टर में वॉल्यूम ग्रोथ लौट रही है।

बाजार आईटी सेक्टर के ग्रोथ आउटलुक को लेकर जरूरत से ज्यादा निगेटिव हो गया है। जो आईटी कंपनियां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को अपनाकर नए बिजनेस मॉडल में ढलेंगी, उन्हें आने वाले समय में बड़ा फायदा होगा।

कैपिटल गुड्स पर सतर्क रहें, पावर यूटिलिटीज पसंद

औद्योगिक और पावर सेक्टर पर लंबी अवधि के लिए सकारात्मक रहने के बावजूद, फंड मैनेजर ने कैपिटल गुड्स और ट्रांसमिशन कंपनियों को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी है। इन कंपनियों के शेयरों की कीमतें पहले ही बहुत बढ़ चुकी हैं। इसके बजाय, बढ़ती बिजली मांग को देखते हुए उन्होंने वाजिब वैल्यूएशन वाली पावर यूटिलिटी कंपनियों पर दांव लगाने की सलाह दी है।

पोर्टफोलियो में गोल्ड और सिल्वर का रोल अहम

सोना और चांदी कीमती धातुओं पर बात करते हुए शैलेश राज भान ने कहा कि भले ही हाल के दिनों में इनकी तेजी थोड़ी सुस्त पड़ी हो, लेकिन ग्लोबल अनिश्चितता और बाजार की उठापटक से बचने के लिए पोर्टफोलियो में सोना और चांदी होना बेहद जरूरी है।

अगर आप अगले 3 से 5 साल के नजरिए से भारतीय शेयर बाजार में निवेश करने की सोच रहे हैं, तो केवल तेजी में भागने के बजाय उन सेक्टर्स पर ध्यान दें जहां वैल्यूएशन वाजिब हैं और कंपनियों की कमाई में टिकाऊ सुधार दिख रहा है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Govinda: गोविंदा ने सुनीता आहूजा के साथ तलाक और दूसरी शादी की अफवाहें फैलाने वालों को दी चेतावनी, 100 करोड़ करेंगे मानहानि का केस

Govinda: बॉलीवुड एक्टर और पूर्व सांसद गोविंदा ने अपनी पर्सनल और फैमिली लाइफ के बारे में झूठे, मानहानि करने वाले और बिना पुष्टि किए गए दावों को फैलाने के खिलाफ कानूनी चेतावनी जारी की है। यह चेतावनी उनकी पत्नी सुनीता आहूजा के साथ उनके रिश्ते और हाल ही में एक्टर कोमल रानी स्वर्णकार के साथ उनके संबंधों को लेकर चल रही अटकलों के बीच आई है। उनके कानूनी नोटिस में कहा गया है कि ऐसा कंटेंट फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है और उनसे ₹100 करोड़ तक का हर्जाना मांगा जा सकता है।

जारी किए गए नोटिस के बारे में जानकारी

गोविंदा की तरफ से जारी नोटिस में मीडिया संगठनों, डिजिटल प्लेटफॉर्म, सोशल मीडिया यूजर्स और कंटेंट क्रिएटर्स को ऐसे कंटेंट बनाने, पब्लिश करने, अपलोड करने, ब्रॉडकास्ट करने या शेयर करने से आगाह किया गया है, जो झूठी, मानहानि करने वाली, दुर्भावनापूर्ण, मनगढ़ंत या बिना पुष्टि की गई हो। इसमें तस्वीरों, वीडियो, ऑडियो रिकॉर्डिंग, मॉर्फ्ड इमेज, डीपफेक और AI से बने या हेरफेर किए गए अन्य कंटेंट के प्रसार पर भी विशेष रूप से चिंता जताई गई है।

नोटिस के अनुसार, गोविंदा ने किसी को भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस या अन्य डिजिटल तकनीकों के जरिए उनकी आवाज, तस्वीरों, पहचान, शक्ल-सूरत या उनकी निजी और पारिवारिक जीवन से जुड़ी सामग्री को बनाने, बदलने या व्यावसायिक रूप से उपयोग करने के लिए अधिकृत नहीं किया है।

यह कानूनी चेतावनी कोमल रानी स्वर्णकार के साथ गोविंदा की कोर्ट मैरिज के बारे में सोशल मीडिया पर हाल ही में किए गए दावों के बीच आई है। इससे पहले गोविंदा और सुनीता के बीच तलाक की खबरों ने भी सुर्खियां बटोरी थीं, जिन्हें बाद में गलत बताया गया था। खबरों के मुताबिक, नोटिस में कहा गया है कि गोविंदा का मानना ​​है कि कुछ अफवाहें उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने और उन्हें मानसिक और सामाजिक परेशानी में डालने की जानबूझकर की गई कोशिश का हिस्सा हो सकती हैं।

गोविंदा की टीम द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, एक्टर मानहानि, निजता के उल्लंघन, पहचान के दुरुपयोग और साइबर अपराध से संबंधित कानूनों के तहत दीवानी और आपराधिक उपाय अपना सकते हैं। नोटिस में भारतीय न्याय संहिता, 2023 और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 के प्रावधानों का ज़िक्र किया गया है। इसमें यह भी चेतावनी दी गई है कि आगे की कानूनी कार्यवाही में दोषी पाए जाने वालों की संपत्ति और वित्तीय खातों के संबंध में अदालती आदेशों की मांग के साथ-साथ कानून के तहत उपलब्ध अन्य उपाय भी शामिल हो सकते हैं।

गोविंदा की पर्सनल लाइफ में हालिया घटनाक्रम

हाल के हफ़्तों में गोविंदा की पर्सनल लाइफ़ लोगों की नज़र में रही है। एक्टर को हाल ही में एयरपोर्ट पर अपनी कथित गर्लफ्रेंड कोमल रानी स्वर्णकार के साथ देखा गया था। उन्हें साथ देखे जाने के बाद, सुनीता ने गोविंदा को कोमल का “शुगर डैडी” कहा और उनके सार्वजनिक रूप से साथ दिखने पर सवाल उठाए। बाद में गोविंदा ने एक वीडियो शेयर किया जिसमें उन्होंने सुनीता से ऐसे बयान न देने को कहा, जिनसे उनके मुताबिक फ़िल्म इंडस्ट्री में उनकी प्रतिष्ठा, करियर और रुतबे को नुकसान पहुंच सकता था।

19 अगस्त को सुनीता को उनके बेटे यशवर्धन आहूजा के साथ बांद्रा फैमिली कोर्ट से निकलते हुए देखा गया। इसके बाद गोविंदा के मैनेजर शशि सिन्हा ने पुष्टि की कि सुनीता ने अपनी तलाक की अर्जी वापस ले ली है, जो लगभग दो साल से लंबित थी।

बाद में राखी सावंत के साथ फोन पर बातचीत के दौरान सुनीता ने दावा किया कि उन्होंने अर्जी इसलिए वापस ली क्योंकि गोविंदा कोमल से शादी करने की योजना बना रहे थे। तब से गोविंदा के मैनेजर ने इस दावे को खारिज कर दिया है और कहा है कि दूसरी शादी की कोई योजना नहीं थी।