क्या बाजार मनाएगा आज गुड फ्राइडे का जश्न या मिलेगी निराशा, जानें गिफ्ट निफ्टी क्या दे रहा संकेत

Gift Nifty Indicator: शुक्रवार को भारतीय बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी के बढ़त के साथ खुलने की संभावना है। गुरुवार की जोरदार तेजी के बाद, GIFT निफ्टी एक सकारात्मक शुरुआत का संकेत दे रहा है। हाल ही में टेक्नोलॉजी शेयरों में हुई बिकवाली के बाद एशियाई बाजारों में सुधार, वॉल स्ट्रीट में तेजी और कच्चे तेल की कीमतों में मामूली गिरावट बाजार के सेंटिमेंट को सहारा दे सकती है। हालांकि, ऊर्जा की ऊंची कीमतें, भू-राजनीतिक अनिश्चितता और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की लगातार बिकवाली बाजार में सुधार के लिए मुख्य जोखिम बने हुए हैं।

सुबह करीब 8 बजे GIFT निफ्टी 84 अंक या 0.37 फीसदी की बढ़त के साथ 23,072 पर कारोबार कर रहा था। यह गुरुवार को निफ्टी के 23,000 के स्तर के करीब बंद होने के बाद एक सकारात्मक शुरुआत का संकेत है। पिछले सत्र में भारतीय बाजारों में जोरदार तेजी देखी गई थी। सेंसेक्स 1,533.72 अंक (2.11 प्रतिशत) उछलकर 74,315.61 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 374.65 अंक (1.66 प्रतिशत) की बढ़त के साथ 22,997.35 पर बंद हुआ। विदेशी संस्थागत निवेशकों ने लगभग 5,285 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 3,319 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

शुक्रवार को एशियाई बाजारों में तेजी रही

सप्ताह की शुरुआत में सेमीकंडक्टर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली हुई थी, जिसके बाद निवेशकों ने फिर से खरीदारी की। MSCI एशिया पैसिफिक इंडेक्स में 1.1 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई, जिसमें गिरने वाले शेयरों की तुलना में बढ़ने वाले शेयरों की संख्या लगभग तीन गुना अधिक रही। दक्षिण कोरिया का कोस्पी (Kospi) सूचकांक 2.5 प्रतिशत चढ़ा। इसने गुरुवार की उस गिरावट से उबरने में मदद की, जिसने सूचकांक को अप्रैल के बाद के सबसे निचले स्तर पर पहुंचा दिया था।

जापान का टॉपिक्स (Topix) 1.7 प्रतिशत, हांगकांग का हैंग सेंग 0.9 प्रतिशत और शंघाई कंपोजिट 0.4 ​​प्रतिशत ऊपर रहे। इसके विपरीत, इंडोनेशिया के बाजार में 8 प्रतिशत की भारी गिरावट आई। इसका कारण यह चिंता है कि इंडोनेशिया को वैश्विक स्टॉक सूचकांकों से बाहर किया जा सकता है। अमेरिकी इक्विटी फ्यूचर्स में कोई खास बदलाव नहीं दिखा; S&P 500 फ्यूचर्स लगभग स्थिर स्तर पर कारोबार कर रहे थे।

निवेशकों के AI शेयरों से हटने के बीच वॉल स्ट्रीट में तेजी

गुरुवार को अमेरिकी शेयर बाजार बढ़त के साथ बंद हुए। शुरुआती नुकसान से उबरते हुए, निवेशकों ने अपना ध्यान हेल्थकेयर और कंज्यूमर शेयरों की ओर मोड़ा। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी कंपनियों के वैल्यूएशन और कर्ज के स्तर को लेकर चिंताएं बनी हुई थीं। डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 1.08 प्रतिशत बढ़कर 52,177.69 पर पहुंच गया, जबकि S&P 500 में 0.33 प्रतिशत की तेजी आई और यह 7,744.06 पर बंद हुआ। नैस्डैक कंपोजिट 0.08 प्रतिशत बढ़कर 26,713.03 पर पहुंच गया।

हेल्थकेयर शेयरों (जैसे एली लिली और यूनाइटेडहेल्थ) में खरीदारी देखने को मिली, जबकि कई टेक्नोलॉजी शेयरों पर दबाव बना रहा, क्योंकि निवेशक बढ़ती उधारी लागत (borrowing costs) के बीच अपने निवेश पर पड़ने वाले असर का आकलन कर रहे थे।

ब्रेंट क्रूड की कीमतों में नरमी, लेकिन अभी भी $105 के ऊपर

शुक्रवार को कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमतों में थोड़ी गिरावट आई। निवेशक एक तरफ मध्य पूर्व से होने वाली सप्लाई के जोखिमों पर विचार कर रहे थे, तो दूसरी तरफ इस बात पर भी नजर रखे हुए थे कि क्या अमेरिका वैश्विक ‘शैडो फ्लीट’ (अघोषित टैंकर बेड़े) पर लगी पाबंदियों को कम करने के लिए कोई कदम उठा सकता है। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 0.39 प्रतिशत गिरकर $105.51 प्रति बैरल पर आ गया, जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) 0.55 प्रतिशत की गिरावट के साथ $97.43 प्रति बैरल पर आ गया।

इंडेक्स पर क्या हो रणनीति

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर ने कहा कि भारतीय शेयर बाजारों के लिए निकट भविष्य का नजरिया ‘सावधानी के साथ सकारात्मक’ (cautiously positive) बना हुआ है। हालांकि, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें बाजार में लगातार तेजी की गुंजाइश को सीमित कर सकती हैं। उन्होंने भू-राजनीतिक अनिश्चितता, वैश्विक बॉन्ड यील्ड और विदेशी संस्थागत निवेश (FII) प्रवाह को ऐसे महत्वपूर्ण कारक बताया, जो बाजार की दिशा तय कर सकते हैं।

पोनमुडी के अनुसार, निवेशक विदेशी निवेश प्रवाह पर बारीकी से नजर रखेंगे, ताकि यह पता चल सके कि जोखिम लेने की क्षमता (risk appetite) में कोई टिकाऊ सुधार हो रहा है या नहीं। वहीं, बाजार में आई यह रिकवरी कितनी टिकाऊ होगी, यह काफी हद तक कच्चे तेल की कीमतों, वैश्विक बॉन्ड यील्ड और भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर निर्भर करेगा।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

IIFL Finance Q2 Results: NBFC कंपनी का मुनाफा 103% बढ़ा, फोकस में रहेगा स्टॉक

IIFL Finance Q2 Results: NBFC कंपनी IIFL Finance ने वित्त वर्ष 2027 की सितंबर तिमाही में शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 103.7% बढ़कर 766.4 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी ने 376.3 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था।

कंपनी की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) भी 50.2% बढ़कर 2,161 करोड़ रुपये पहुंच गई। ये वो कमाई है, जो कर्ज पर मिलने वाले ब्याज और उधार पर चुकाए जाने वाले ब्याज के अंतर से होती है। कंपनी का कुल एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) सालाना आधार पर 38% बढ़कर 1.24 लाख करोड़ रुपये हो गया।

गोल्ड लोन कारोबार में 90% की ग्रोथ

IIFL Finance की ग्रोथ में गोल्ड लोन कारोबार की बड़ी भूमिका रही। इस सेगमेंट का AUM सालाना आधार पर 90% बढ़कर 65,729 करोड़ रुपये हो गया। पिछली तिमाही के मुकाबले इसमें 13% की बढ़ोतरी हुई। गोल्ड लोन में ग्रॉस NPA 0.90% रहा।

होम लोन का AUM पिछली तिमाही के मुकाबले 4% बढ़कर 43,070 करोड़ रुपये पहुंच गया। इस सेगमेंट में ग्रॉस NPA घटकर 1.38% रह गया। वहीं, छोटे कारोबारियों को दिए जाने वाले सिक्योर्ड MSME लोन का AUM 11% बढ़कर 11,948 करोड़ रुपये हो गया। कंपनी बिना गारंटी वाले लोन में अपना जोखिम घटा रही है।

बैड लोन की स्थिति में सुधार

सितंबर तिमाही में IIFL Finance का ग्रॉस NPA 1.5% रहा। यह पिछली तिमाही से 0.07 प्रतिशत अंक कम है। हालांकि, नेट NPA 0.05 प्रतिशत अंक बढ़कर 0.9% हो गया। कंपनी का प्रोविजन कवरेज रेशियो 91% रहा। मतलब कंपनी ने खराब कर्ज से होने वाले संभावित नुकसान के लिए पर्याप्त रकम अलग रखी है।

कंपनी की वित्तीय स्थिति भी मजबूत बनी हुई है। इसका कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो 23.5% और लिक्विडिटी 13,805 करोड़ रुपये रही। वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही में कंपनी का रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) 20.1% रहा।

AI के इस्तेमाल पर जोर

IIFL Finance लोन की जांच, कलेक्शन और ग्राहकों से बातचीत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल बढ़ा रही है। कंपनी के मुताबिक, प्रॉपर्टी के बदले छोटे और मझोले कारोबारियों को दिए जाने वाले लोन के 85% से ज्यादा आवेदनों के क्रेडिट असेसमेंट में AI का इस्तेमाल हो रहा है।

कंपनी ने गोल्ड लोन ब्रांचों में भी AI बेस्ड फ्रॉड डिटेक्शन सिस्टम लगाया है। यह सिस्टम अब तक सोने के गहनों की 11 लाख से ज्यादा तस्वीरों का एनालिसिस कर चुका है। कंपनी बैंकिंग पार्टनरशिप बढ़ाकर भी अपना कारोबार मजबूत करना चाहती है।

शेयर में हल्की तेजी

IIFL Finance का शेयर 15 अक्टूबर को NSE पर 0.53% बढ़कर 598 रुपये पर बंद हुआ। आगे कंपनी का फोकस सिक्योर्ड लोन बढ़ाने, खराब कर्ज पर नियंत्रण रखने और बैंकों के साथ साझेदारी मजबूत करने पर रहेगा।

कंपनी इक्विटी के जरिए नया फंड जुटाने की योजना पर भी काम कर रही है। इसके लिए जुलाई 2026 में शेयरधारकों से जरूरी मंजूरी मिल चुकी है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

अगले साल कितनी होगी सैलरी हाइक? Aon सर्वे में आया ये आंकड़ा, जानिए किन सेक्टरों में होगी बंपर बढ़ोतरी

Salary Hike Projection: वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं और ट्रेड रिस्क के बावजूद भारत में कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर सामने आई है। ग्लोबल प्रोफेशनल सर्विसेज फर्म Aon plc के ‘Annual Salary Increase and Turnover Survey for India 2026-27’ के मुताबिक, अगले वित्त वर्ष में देश में औसत सैलरी हाइक 9.1% रहने का अनुमान है, जो कि पिछले साल के 9% से मामूली रूप से ज्यादा है। मजबूत घरेलू खपत और निरंतर निवेश के कारण देश में बिजनेस कॉन्फिडेंस बना हुआ है।

किन सेक्टरों में मिलेगी सबसे ज्यादा सैलरी हाइक?

सर्वे के अनुसार, सभी सेक्टरों में एक जैसी बढ़ोतरी नहीं होगी। कुछ खास सेक्टर्स टैलेंट की मांग और ग्रोथ के चलते सबसे आगे रहने वाले हैं:

NBFC: नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियां 10.1% की सबसे ऊंची सैलरी ग्रोथ के साथ सूची में सबसे आगे रहेंगी।

एनर्जी: ऊर्जा सेक्टर में वेतन वृद्धि औसतन 9.9% तक रहने की उम्मीद है।

रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर: इस क्षेत्र में कर्मचारियों को 9.8% तक की सैलरी हाइक मिल सकती है।

एट्रिशन रेट और टैलेंट की जंग

कंपनियों के बजट स्थिर होने के बावजूद कर्मचारियों के नौकरी छोड़ने का सिलसिला बढ़ा है। ओवरऑल एट्रिशन रेट बढ़कर 2026 में 18% पर पहुंच गया है, जो कि 2025 में 16.2% और 2024 में 17.1% था। इससे यह साफ होता है कि कुशल और अनुभवी टैलेंट को अपने पास रोके रखने के लिए कंपनियों के बीच मुकाबला काफी कड़ा बना हुआ है।

AI स्किल्स और अपस्किलिंग का दौर: मिल रहा है तगड़ा प्रीमियम

डे-टू-डे वर्क में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की गहरी पैठ और तेजी से बदलते ट्रेंड्स का असर सैलरी और रिक्रूटमेंट पर साफ दिख रहा है। रूटीन कामकाज में एआई प्रोडक्टिविटी टूल्स का इस्तेमाल करने वाली कंपनियां 2025 के 46.1% से बढ़कर 56% हो गई हैं। करीब 60% एंप्लॉयर अपने कर्मचारियों के अपस्किलिंग को प्राथमिकता दे रहे हैं। AI, मशीन लर्निंग और डेटा साइंस के प्रोफेशनल्स के लिए कंपनियां सामान्य से लगभग 10% अधिक पे-प्रीमियम दे रही हैं।

वेज कोड और पेरोल कॉस्ट का असर

सर्वे के मुताबिक, 65.4% एंप्लॉयर पूरी तरह से नए वेज कोड का पालन कर रहे हैं, जबकि 20.9% कंपनियां अगले छह महीनों में इसके अनुपालन की उम्मीद कर रही हैं। वैसे लगभग 42.8% कंपनियों को अंदेशा है कि इससे उनकी पेरोल लागत कम से कम 1% तक बढ़ सकती है, जिसके लिए उन्हें अपने रिवॉर्ड स्ट्रक्चर को समझदारी से री-अलाइन करना होगा।

दक्षिण कोरिया के Kospi में लगा सर्किट, चिप शेयरों की बिकवाली पर टूट गया 8%, इस कारण मचा हाहाकार

चिप शेयरों की ताबड़तोड़ बिकवाली ने आज दक्षिण कोरियाई बाजार में ऐसा हाहाकार मचाया कि सर्किट लग गया। दक्षिण कोरिया का कोस्पी (Kospi) इंडेक्स आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सेक्टर में निवेश का एक अहम इंडिकेटर है और चिप शेयरों की बिकवाली में यह 8% टूट गया। चिप बनाने वाली दिग्गज कंपनियों सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स (Samsung Electronics) और एसके हीनिक्स (SK Hynix) के शेयरों में 8% से अधिक की गिरावट आई। सिर्फ दक्षिण कोरियाई बाजार ही नहीं बल्कि अधिकतर एशियाई बाजारों में हाहाकार मचा हुआ है। एशियाई बाजारों में यह कमजोरी वॉल स्ट्रीट यानी अमेरिकी बाजार में आई भारी गिरावट के बाद देखने को मिली।

एशियाई मार्केट में कैसी है हालत

दक्षिण कोरिया के बेंचमार्क इंडेक्स कोस्पी में 8% की गिरावट आई है तो जापान के बेंचमार्क इंडेक्स निक्केई 225 (Nikkei 225) में इंट्रा-डे में 4% और टॉपिक्स (TOPIX) में 2% की फिसलन आई। साथ ही MSCI एशिया पैसेफिक इक्विटी इंडेक्स में 2.2% की गिरावट आई, जिससे इसके जुलाई के बाद के सबसे निचले बंद स्तर की ओर बढ़ने की आशंका बन गई। हालांकि भारतीय मार्केट में बात करें तो आईटी सेक्टर में ताबड़तोड़ खरीदारी के दम पर शानदार रौनक दिखी और घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज सेंसेक्स (Sensex) और निफ्टी 50 (Nifty 50) डेढ़-डेढ़ फीसदी से अधिक उछल पड़े।

इस हाहाकार की क्या है वजह

अमेरिका में सितंबर में महंगाई के अनुमान से अधिक आंकड़ों ने बाजार में इस आशंका को मजबूत कर दिया कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में और बढ़ोतरी कर सकता है। ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ने से अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड में तेजी आई। अमेरिका में पांच महीने में सबसे तेज रफ्तार से महंगाई बढ़ने से इस बात के आसार बढ़ गए हैं कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक ब्याज दरें बढ़ा सकता है। अमेरिका और ईरान के बीच लड़ाई ने तेल की सप्लाई को लेकर अनिश्चितता के चलते कच्चे तेल के भाव ऊंचे बने हुए हैं। तेल की ऊंची कीमतों के कारण अमेरिका में महंगाई का दबाव बना हुआ है।

भारतीय मार्केट में इस कारण छाई रौनक

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

YouTube AI Music Label: अब AI से बने गानों पर लगेगा लेबल, YouTube Music ने शुरू की पहल

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से गाने बनाने का चलन बढ़ रहा है। ऐसे में असली और AI से तैयार किए गए गानों के बीच अंतर पहचानना मुश्किल होता जा रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए YouTube ने अपने प्लेटफॉर्म पर AI से बनाए गए गानों की पहचान के लिए लेबल लगाने का फैसला किया है। कंपनी का कहना है कि इस कदम का मकसद संगीत सुनने वालों के असली संगीत की पहचान करना है।

ANI के मुताबिक, YouTube ने अपने ब्लॉग में कहा कि जनरेटिव AI की मदद से कलाकार अब नए तरीके से गाने बना सकते हैं, नए प्रयोग कर सकते हैं और अपना संगीत लोगों तक पहुंचा सकते हैं। हालांकि, श्रोता यह भी जानना चाहते हैं कि वे जो गाना सुन रहे हैं, वह AI से बनाया गया है या किसी कलाकार ने खुद तैयार किया है।

YouTube Music पर शुरू हुई लेबलिंग

Variety की रिपोर्ट के अनुसार, AI से तैयार गानों पर लेबल लगाने की शुरुआत बुधवार से YouTube Music पर हो गई है। जल्द ही इस सुविधा का विस्तार मुख्य YouTube प्लेटफॉर्म पर भी दिखाई देगा|ये लेबल उन गानों पर लगाए जाएंगे, जिन्हें YouTube अपने डिटेक्शन टूल्स या म्यूजिक पार्टनर्स के जरिए पहचानता है और जो मुख्य रूप से जनरेटिव AI की मदद से बनाए गए हैं।

Apple Music और Spotify भी उठा रहे कदम

AI से तैयार संगीत की पहचान के लिए दूसरे म्यूजिक स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म भी पहल कर रहे हैं।

Apple Music: कंपनी ने अगस्त में घोषणा की थी कि वह इस साल के अंत तक गानों पर ‘Made by AI’ लेबल पेश करेगी।

Spotify: प्लेटफॉर्म AI से तैयार किए गए प्रतीत होने वाले कलाकारों की प्रोफाइल को ‘AI Personas’ के रूप में लेबल करने की योजना पर काम कर रहा है।

Tidal: कंपनी ने AI से बनाए गए गानों की पहचान के लिए लेबल लगाने और ऐसे गानों को रॉयल्टी कमाने से रोकने का संकल्प जताया है।

म्यूजिक इंडस्ट्री भी कर रही लेबलिंग की मांग

संगीतकारों और म्यूजिक इंडस्ट्री से जुड़े कई संगठनों ने भी AI से तैयार संगीत की पहचान के लिए एक समान लेबलिंग व्यवस्था की मांग की है। इनमें RIAA, IFPI, Grammy Awards से जुड़ा संगठन और SAG-AFTRA शामिल हैं। इन संगठनों ने इस साल गर्मियों में एक ऐसे कार्यक्रम की वकालत की, जिसके तहत गानों पर ‘AI-Generated’ या ‘AI-Assisted’ जैसे संकेत लगाए जा सकें। इससे श्रोताओं को यह समझने में मदद मिल सकती है कि किसी गाने को पूरी तरह AI से बनाया गया है या उसे तैयार करने में AI की सहायता ली गई है।

AI से तैयार संगीत की बढ़ती लोकप्रियता के बीच YouTube का यह कदम श्रोताओं को गानों के निर्माण के तरीके के बारे में जानकारी देने की दिशा में अहम पहल है। दूसरे म्यूजिक प्लेटफॉर्म भी ऐसी व्यवस्था पर काम कर रहे हैं, जिससे आने वाले समय में AI से बने संगीत की पहचान करना पहले से आसान हो सकता है।

 

Asian Market Today: चिप शेयरों में बिकवाली से एशियाई बाजारों में गिरावट, KOSPI 8% टूटा, Nikkei 4% नीचे गिरा

Asian Market Today: आज (गुरुवार, 15 अक्टूबर) एशियाई बाजारों के लिए दिन की शुरुआत काफी खराब रही। ग्लोबल स्तर पर चिप (सेमीकंडक्टर) शेयरों में आई भारी बिकवाली के दबाव में सभी प्रमुख सूचकांक (indices) लुढ़क गए।

एशियाई बाजारों में गिरावट

ग्लोबल इक्विटी बाजारों में आई भारी बिकवाली का असर एशिया-पैसिफिक क्षेत्र में भी दिखा। अमेरिका में महंगाई के आंकड़े उम्मीद से कहीं ज्यादा रहे, जिससे बाजार को यह लगने लगा है कि फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में और बढ़ोतरी कर सकता है। इसके चलते सेमीकंडक्टर शेयरों में गिरावट आई। ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार, सुरक्षित निवेश की तलाश में निवेशकों ने ट्रेजरी सिक्योरिटीज (सरकारी बॉन्ड) की खरीदारी की, जिससे उनकी कीमतें बढ़ीं।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सेक्टर में निवेश के लिए एक अहम संकेतक माने जाने वाले दक्षिण कोरिया के ‘कोस्पी’ (KOSPI) इंडेक्स में सबसे बड़ी गिरावट देखी गई। इसमें 8% की कमी आई, क्योंकि प्रमुख चिप निर्माता कंपनियों – सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स और SK हाइनिक्स – के शेयरों में 8% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। जापान का प्रमुख सूचकांक ‘निक्केई 225’ (Nikkei 225) दिन के कारोबार के दौरान 4% से ज्यादा टूट गया, जबकि ‘टोपिक्स’ (TOPIX) में 2% की गिरावट आई।

इस बीच, दलाल स्ट्रीट पर ‘गिफ्ट निफ्टी’ (GIFT Nifty) के संकेत बता रहे हैं कि भारतीय बाजारों में भी आज की शुरुआत नकारात्मक रह सकती है।

MSCI एशिया-पैसिफिक इक्विटी इंडेक्स में 2.2% की गिरावट आई, जो जुलाई के बाद से इसका सबसे निचला स्तर है।

टेक्नोलॉजी सेक्टर को लेकर धारणा कमजोर बनी रही, और नैस्डैक 100 (Nasdaq 100) इंडेक्स फ्यूचर्स में 0.8% की गिरावट आई। एशियाई बाजारों में यह गिरावट वॉल स्ट्रीट पर आई भारी गिरावट के बाद देखने को मिली है। वॉल स्ट्रीट पर इस गिरावट के कारण ‘रसेल 2000’ (Russell 2000) इंडेक्स ‘करेक्शन’ (गिरावट) के दायरे में आ गया। वहीं, अमेरिकी सेमीकंडक्टर शेयरों को ट्रैक करने वाला एक प्रमुख इंडेक्स लगातार कई दिनों तक गिरता रहा, जो मई 2025 के बाद की सबसे लंबी गिरावट है।

अमेरिका में पिछले पांच महीनों में महंगाई का आंकड़ा सबसे ज्यादा रहा। इससे बाजार के निवेशकों को लगने लगा है कि फेडरल रिजर्व अपनी मौद्रिक नीति को और सख्त कर सकता है। भले ही अक्टूबर में नीतिगत दरों को स्थिर रखा जाए, लेकिन आगे चलकर दरों में और बढ़ोतरी की संभावना बढ़ गई है।

महंगाई के आंकड़े आने के बाद शुरुआत में ट्रेजरी सिक्योरिटीज की कीमतों में गिरावट आई थी, लेकिन बाद में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ने से उन्होंने अपना ज्यादातर नुकसान कवर कर लिया, क्योंकि उन्हें बॉन्ड पर कई सालों के उच्चतम स्तर का रिटर्न (yield) मिल रहा था। वहीं, अमेरिकी डॉलर में कमजोरी आई। मध्य पूर्व में संघर्ष शुरू होने के बाद कच्चे तेल की कीमतें लगातार ऊंची बनी हुई हैं, जिससे अमेरिका में महंगाई भी बनी हुई है। इसके चलते अब यह उम्मीद की जा रही है कि फेडरल रिजर्व अपनी मौद्रिक नीति को और अधिक सख्त कर सकता है।

AI का दौर

वहीं दूसरी ओर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में भारी उछाल के बाद अब इक्विटी बाजारों पर दबाव देखने को मिल रहा है। इससे कोविड-19 महामारी के बाद से अमेरिकी बाजार में चल रहा स्थिरता का लंबा दौर अब खत्म हो गया है।

एशिया-प्रशांत क्षेत्र में कारोबार की शुरुआत के साथ ही ट्रेजरी सिक्योरिटीज (सरकारी बॉन्ड) में तेजी आई, क्योंकि इक्विटी बाजार में बिकवाली के कारण सुरक्षित निवेश विकल्पों की मांग बढ़ गई। बेंचमार्क 10-वर्षीय ट्रेजरी नोट पर यील्ड 6 बेसिस पॉइंट घटकर 5.12% रह गई, जबकि 2-वर्षीय ट्रेजरी सिक्योरिटीज पर यील्ड 7 बेसिस पॉइंट गिरकर 4.73% पर आ गई।

लगातार तीन दिनों की गिरावट के बाद सोने की कीमतों में सुधार आया और यह लगभग 4,140 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल के बेंचमार्क ‘ब्रेंट’ की कीमत 1.1% गिरकर 104.94 डॉलर प्रति बैरल हो गई, लेकिन पेट्रोलियम की लगातार ऊंची कीमतों के कारण अमेरिका में सितंबर महीने के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) में बढ़ोतरी दर्ज की गई।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

India exam reforms 2026: देश में बदलेगा प्रवेश परीक्षाओं का पैटर्न, पेपर लीक के बाद कंप्यूटर आधारित परीक्षा ढांचा तैयार करने पर जोर

India exam reforms 2026: केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रलहाद जोशी ने कहा कि भारत प्रौद्योगिकी और बड़े क्वेश्चन बैंक का इस्तेमाल करके अपनी परीक्षा व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव करेगा। सरकार पेपर लीक और नकल के आरोपों से सामने आई कमियों को दूर कर रही है, जिनकी वजह से हाल के समय में बड़े पैमाने पर छात्रों ने प्रदर्शन किया था। बुधवार को नई दिल्ली में ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम के मौके पर अपने विचार व्यक्त किए।

जोशी ने एक इंटरव्यू में जोशी ने कहा, “हम इसे और ज्यादा टेक्नोलॉजी पर आधारित बना रहे हैं, इसे अधिक निष्पक्ष बना रहे हैं, उन सभी कमियों को हम अभी दूर कर रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा कि सरकार जल्द से जल्द कंप्यूटर-बेस्ड एग्जाम सहित “सिस्टम में पूरा बदलाव” चाहती है। जोशी ने कहा कि भारत के सबसे जाने-माने टेक फाउंडर, इंफोसिस लिमिटेड के सह संस्थापक और अध्यक्ष नंदन नीलेकणी की अगुवाई वाला एक पैनल सिस्टम में सुधारों की जांच कर रहा है और उसने सरकार के साथ अपने प्लान पर चर्चा की है।

उन्होंने कहा कि पैनल को अभी अपनी रिपोर्ट देनी है, लेकिन उसकी सिफारिशों पर “बहुत, बहुत सकारात्मक और गंभीरता से” विचार किया जाएगा। हाल के वर्षों में भारत में परीक्षा पेपर लीक और दूसरी गड़बड़ियों की बाढ़ आ गई है, जिसमें मेडिकल स्कूलों के लिए अत्यंत प्रतियोगी प्रवेश परीक्षा से जुड़ी दिक्कतें भी शामिल हैं। इन नाकामियों की वजह से जुलाई में बड़े पैमाने पर छात्रों के प्रदर्शन हुए और दुनिया की कुछ सबसे बड़ी परीक्षाएं कराने वाली व्यवस्था की कमियां सामने आईं। इस अशांति के बीच पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा।

जोशी ने नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020 को कुशल कर्मियों के कौशल और नियोक्ताओं की जरूरत के बीच के अंतर को कम करने के लिए जरूरी बताया। साथ ही कहा कि स्कूल वोकेशनल ट्रेनिंग, इनोवेशन, क्रिटिकल थिंकिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर ज्यादा जोर दे रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि भारत को अपनी बड़ी युवा आबादी को एक स्किल्ड वर्कफोर्स में बदलने की जरूरत है जो उसके मैन्युफैक्चरिंग के लक्ष्यों को पूरा कर सके।

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रोबोट ने कर दिया ऐसा गंदा काम, करना पड़ा गिरफ्तार, जानिए क्या है पूरा मामला?

एक रोबोट ने ऐसा गंदा काम कर दिया है की उसे गिरफ्तार करना पड़ा गया। रोबोट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी तकनीक इंसानों की मदद के लिए बनाई गई हैं। लेकिन अब एक रोबोट को लेकर जो खबर सामने आ रही है वो हैरान करनी वाली तो है ही और आपको ये सोचने पर मजबूर भी कर सकती है कि एक रोबोट आपकी मदद करने के अलावा आपके लिए और आपके परिवार के लिए कितना बड़ा खतरा बन सकता है अगर वो आपके कंट्रोल से बाहर हो गया तो।

ये मामला जर्मनी के कोलोन शहर का है जहां एक रोबोट पर 16 साल की लड़की को गलत तरीके से छूने और आपत्तिजनक हरकतें करने का आरोप लगा गया है। रोबोट की हरकत पर पुलिस ने तुरंत एक्शन लिया और रोबोट को जब्त कर लिया है और उसे नियंत्रित करने वाले दो युवकों की भूमिका की जांच की जा रही है। दोनों युवकों पर फिलहाल कोई आरोप नहीं लगाया गया है, लेकिन उन्हें संदिग्ध माना जा रहा है।

मामले के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर रोबोट की इस हरकतो को लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं है। हालांकि, अभी यह साफ नहीं हो पाया है कि रोबोट को रिमोट से कंट्रोल किया जा रहा था या उसके प्रोग्रामिंग में किसी तरह की छेड़छाड़ की गई थी. इन सब सवालों के जवाब पाने के लिए पुलिस जांच में जुट गई है।

लड़की के पास कैसे पहुंचा रोबोट, फिर क्या हुआ?

पुलिस को दी गई जानकारी के मुताबिक, यह घटना 10 अक्टूबर की देर रात कोलोन में एक फास्ट-फूड रेस्तरां के बाहर हुई। जहां 16 साल की एक लड़की अपनी दो सहेलियों के साथ वहां मौजूद थी। इसी दौरान वहां करीब 120 सेंटीमीटर यानी 1.2 मीटर लंबा लाल और सुनहरे रंग का एक रोबोट उस 16 साल की लड़की के पास पहुंचा। रोबोट ने लड़की के पास जाकर उसके प्राइवेट पार्ट को छुआ और उसके साथ आपत्तिजनक हरकतें कीं इस घटना के दौरान रोबोट को कंट्रोल कर रहे दो युवकों पर वीडियो रिकॉर्ड करने और उसे सोशल मीडिया पर इस पूरी घचना को लाइव दिखाने का भी आरोप लगाया गया है।

रोबोट को कौन कंट्रोल कर रहा था?

इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल ये है कि आखिर रोबोट को कौन कंट्रोल कर रहा था या रोबोट ने ये हरकत खुद कर डाली। पुलिस का भी मुख्य सवाल यही है कि रोबोट की गतिविधियों को कौन नियंत्रित कर रहा था। कोलोन पुलिस के मुताबिक, रोबोट का मालिक 16 साल का है, जबकि उसके साथ मौजूद दूसरा युवक 19 साल का बताया जा रहा है। दोनों युवकों की भूमिका भी जांच के दायरे में है। फिलहाल उनके खिलाफ आरोप तय नहीं किए गए हैं।

पुलिस ने रोबोट को जब्त कर लिया है, लेकिन रोबोट को जब्त करना इस बात का सबूत नहीं है कि उसने खुद फैसले लेकर ये हरकतें कीं। जांच पूरी होने के बाद ही ये साफ होगा कि घटना के दौरान तकनीक का इस्तेमाल किस तरह किया गया था और इसमें किसकी क्या भूमिका थी।

जब सामने आई रोबोट की तस्वीर

रोबोट की तस्वीर को भी पुलिस ने साझा किया जिसमें देखा जा सकता है कि रोबोट सफेद टैंक टॉप, काले ट्रैक पैंट, चश्मा और गले में सोने जैसी चेन पहने हुई है। रोबोट की लांबई करीब 120 सेंटीमीटर बताई जा रही है।

पुलिस ने बताया कि घटना के बाद रोबोट एक कार की डिक्की में मिला था। अधिकारियों ने उसे वहीं से जब्त किया। इसके बाद पुलिस ने दोनों युवकों के मोबाइल फोन भी अपने कब्जे में ले लिए, ताकि घटना से संबंधित वीडियो और अन्य डिजिटल जानकारी की जांच करने में मदद मिल सके।

क्या रोबोट खुद ले सकता है ऐसे फैसले?

इस पूरी घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल ये खड़ा हो गया है कि क्या रोबोट खुद ऐसी हरकत करने के बारे में खुद से फैसला ले सकता है? क्या मशीन अपने आप ऐसी हरकत कर सकती है या इसके पीछे किसी व्यक्ति का कंट्रोल हो सकता है?

आज कई तरह के रोबोट बनाए जा रहे हैं। कुछ रोबोट सेंसर और सॉफ्टवेयर की मदद से अपने आसपास की चीजों को पहचानकर काम कर सकते हैं। वहीं, कुछ को रिमोट से नियंत्रित किया जाता है और कुछ में पहले से तय गतिविधियां प्रोग्राम की जाती हैं। आज जमाना आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक तकनीकों से लैस रोबोट्स के इस्तेमाल की तरफ तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में रोबोट द्वारा ऐसी हरकत ने दुनिया डरा दिया है। हालांकि, किसी रोबोट की क्षमताएं उसके डिजाइन, सॉफ्टवेयर और कंट्रोल सिस्टम पर निर्भर करती हैं। इसलिए बिना जांच के अभी से ये मान लेना ठीक नहीं होगा कि रोबोट ने अपनी मर्जी से ऐसी हरकत को अंजाम दिया।

रोबोट की इस हरकत पर चर्चा के दौरान सवाल तकनीकी खराबी का उठ रहा है। कई बार किसी मशीन या रोबोट में खराबी आने से वो उस तरह से काम नहीं करता है जिस तरह से उसको प्रोग्राम किया गया होता है। इस रोबोट में खराबी थी या नहीं, इसकी पुष्टि अभी नहीं हो पाई है इस पर भी पुलिस जांच कर रही है।

क्या एक रोबोट के खिलाफ अपराध का मामला बन सकता है? पुलिस ने जांच के लिए रोबोट को जब्त ज़रूर किया है, लेकिन उसे आरोपी नहीं बनाया गया है। जांच का मकसद यह पता लगाना है कि घटना कैसे हुई और इसे नियंत्रित करने वाले लोगों की इसमें क्या भूमिका थी।

फिलहाल दोनों युवक जांच के दायरे में हैं और उन पर आरोप साबित नहीं हुए हैं। इसलिए इसे रोबोट द्वारा किया गया अपराध कहना गलत होगा। यह मामला सार्वजनिक स्थानों पर AI और रोबोट्स के सुरक्षित उपयोग और उनकी जवाबदेही तय करने की ज़रूरत को रेखांकित करता है।

रोबोट की इस हरकत की वीडियो इस समय सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है । वायरल वीडियो में एक रोबोट लड़की की तरफ बढ़ता है, एक महिला को धक्का देता और दूसरों को गले लगाता दिख रहा है। फिलहाल मामले की जांच जारी है। पुलिस ने सोशल मीडिया पर इसका मज़ाक उड़ाने और वीडियो शेयर करने वालों को चेतावनी दी है, क्योंकि इससे पीड़ितों पर बुरा असर पड़ सकता है।

सैम अल्टमैन की कंपनी OpenAI में बड़ी सेंधमारी! सऊदी का इंजीनियर अब्दुलरहमान टॉयलेट पेपर में रिकॉर्डिंग डिवाइस छिपा क्या कर रहा था?

OpenAI Saudi Engineer Spy Case: दुनिया की सबसे प्रमुख आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कंपनी OpenAI में एक सनसनीखेज सुरक्षा सेंधमारी का मामला सामने आया है। अमेरिका के न्याय विभाग (DOJ) और FBI ने कंपनी में कार्यरत 35 वर्षीय सऊदी मूल के इंजीनियर अब्दुलरहमान अल्फोजान को गिरफ्तार किया है। अल्फोजान पर आरोप है कि उसने कंपनी के एग्जीक्यूटिव कॉन्फ्रेंस रूम में सीक्रेट रूप से ऑडियो रिकॉर्डिंग डिवाइस लगाया था, ताकि ‘सुपरइंटेलिजेंस’ टेक्नोलॉजी से जुड़ी संवेदनशील मीटिंग्स को रिकॉर्ड किया जा सके।

यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब वैश्विक स्तर पर AI और अत्याधुनिक तकनीक को लेकर टेक कंपनियों और सरकारों के बीच कड़ा मुकाबला चल रहा है।

टॉयलेट पेपर में छिपाया अंगूठे के आकार का जासूसी डिवाइस

FBI की शिकायत के मुताबिक, जासूसी का यह मामला 30 सितंबर को सामने आया, जब सैन फ्रांसिस्को स्थित OpenAI की इमारत के एग्जीक्यूटिव कॉन्फ्रेंस रूम में टीवी के पीछे यूएसबी पोर्ट में लगा एक छोटा रिकॉर्डिंग डिवाइस मिला। यह अंगूठे के आकार का एक कस्टमाइज्ड डिवाइस था, जिसमें माइक्रोफोन लगा हुआ था और जिसे कैमरे से भी जोड़ा जा सकता था।

इस डिवाइस को टॉयलेट पेपर में लपेटकर टीवी के पीछे यूएसबी पोर्ट में छिपाया गया था। जांच के अनुसार, इसे 28 सितंबर के आसपास लगाया गया था। हालांकि, इसमें स्टोर डेटा एन्क्रिप्टेड था। एफबीआई जांच अधिकारियों को बाद में अल्फोजान के व्यक्तिगत बैग से भी इसी तरह का एक और कस्टमाइज्ड जासूसी डिवाइस बरामद हुआ।

OpenAI ने खुद के AI मॉडल से पकड़ा आरोपी

OpenAI ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी दी कि उसने जासूसी करने वाले व्यक्ति की पहचान करने और डिवाइस के स्रोत का पता लगाने के लिए अपने ही इंटरनल AI मॉडल्स का इस्तेमाल किया।

कंपनी ने स्पष्ट किया कि आरोपी कर्मचारी के पास ऑफिस के अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में भी और रिकॉर्डिंग डिवाइस लगाने की योजना के सबूत मिले हैं। वैसे कंपनी ने राहत की बात यह बताई कि आरोपी कर्मचारी सोर्स कोड, मॉडल वेट्स या कस्टमर डेटा तक पहुंचने या उन्हें लीक करने में कामयाब नहीं हो पाया था। OpenAI ने आरोपी इंजीनियर को तुरंत नौकरी से बर्खास्त कर एफबीआई को मामला सौंप दिया।

कौन है आरोपी इंजीनियर अब्दुलरहमान अल्फोजान?

प्रोफेशनल बैकग्राउंड: अब्दुलरहमान अल्फोजान जुलाई 2025 से OpenAI में बतौर इंजीनियर कार्यरत था। उसकी लिंक्डइन प्रोफाइल के अनुसार, उसने प्रसिद्ध संस्थान एमआईटी (MIT) और यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, बर्कले से पढ़ाई की है। इससे पहले वह मेटा और माइक्रोसॉफ्ट जैसी दिग्गज टेक कंपनियों में भी काम कर चुका है।वह सितंबर 2020 से अमेरिका का लीगल परमानेंट रेजिडेंट है।

एफबीआई निदेशक काश पटेल ने बयान जारी कर बताया कि आरोपी ने कमरे के कैलेंडर और मीटिंग डिटेल्स हासिल करने के लिए करीब एक महीने तक AI प्रॉडक्टिविटी एजेंट का भी इस्तेमाल किया था। अगर आरोप सिद्ध होते हैं, तो अल्फोजान को 5 साल तक की जेल, $250,000 (लगभग ₹2.1 करोड़) का जुर्माना और 3 साल की निगरानी की सजा हो सकती है।

ओपनएआई के अंदर बढ़ते सुरक्षा खतरे और विवाद

यह घटना केवल एक जासूसी तक सीमित नहीं है, बल्कि OpenAI में हाल के दिनों में सुरक्षा नियमों को लेकर आंतरिक हलचल भी तेज हुई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, OpenAI ओपन-सोर्स सॉफ्टवेयर में सुरक्षा कमियों को ढूंढने वाली स्टार्टअप कंपनी ‘Trail of Bits’ को खरीदने के लिए शुरुआती बातचीत कर रही है, ताकि अपने सिक्योरिटी इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत कर सके।

हाल ही में OpenAI ने संवेदनशील जानकारी के रख-रखाव से जुड़े नियमों का उल्लंघन करने पर अपने तीन शोधकर्ताओं- जैस्मीन वांग, तोमेक कोरबैक और मिकिता बालेस्नी को बर्खास्त कर दिया। निष्कासित शोधकर्ताओं ने एक खुला पत्र लिखकर कहा है कि इस तरह की अचानक कार्रवाई से सुरक्षा चिंताओं को उठाने वाले कर्मचारियों में डर का माहौल बन सकता है।

Stocks to Watch: फटाफट चेक करें पूरी लिस्ट; Hero Motors, Lemon Tree, BoB और Hyundai समेत 17 स्टॉक्स फोकस में

Stocks to Watch: एशियाई बाजारों में रौनक के बीच गिफ्ट निफ्टी से आज घरेलू स्टॉक मार्केट में लाल शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी फिलहाल 83.00 प्वाइंट्स यानी 0.36% की फिसलन के साथ 22,767.50 पर है। एक कारोबारी दिन पहले 13 अक्टूबर को निफ्टी की वीकली एक्सपायरी के दिन सेंसेक्स 1109.10 प्वाइंट्स यानी 1.54% की बढ़त के साथ 73,073.88 और निफ्टी भी 358.60 प्वाइंट्स यानी 1.60% की मजबूती के साथ 22,721.95 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

Stocks to Watch: आज इन स्टॉक्स पर फोकस

Hero Motors Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर हीरो मोटर्स का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 115.3% बढ़कर ₹10.2 करोड़ और रेवेन्यू 24.9% उछलकर ₹319.3 करोड़ पर पहुंच गया।

Tata Elxsi Q2 (YoY)

सितंबर 2026 तिमाही में सालाना आधार पर टाटा एलेक्सी का प्रॉफिट 10% बढ़कर ₹170.3 करोड़ और रेवेन्यू 15% उछलकर ₹1,055.7 करोड़ पर पहुंच गया।

SS Retail Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर एसएस रिटेल का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 59.4% बढ़कर ₹23.7 करोड़ और रेवेन्यू 58.6% उछलकर ₹789 करोड़ पर पहुंच गया।

Anand Rathi Share and Stock Brokers Q2 (Consolidated YoY)

सितंबर 2026 तिमाही में सालाना आधार पर आनंद राठी शेयर एंड स्टॉक ब्रोकर्स का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 50.3% बढ़कर ₹41.9 करोड़ और रेवेन्यू 20.3% उछलकर ₹273.2 करोड़ पर पहुंच गया।

Transformers and Rectifiers India Q2 (Consolidated YoY)

सितंबर 2026 तिमाही में सालाना आधार पर ट्रांसफॉर्मर्स एंड रेक्टिफायर्स इंडिया का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 135.3% बढ़कर ₹79.8 करोड़ और रेवेन्यू 60.7% उछलकर ₹739.4 करोड़ पर पहुंच गया।

GTPL Hathway Q2 (Consolidated YoY)

सितंबर 2026 तिमाही में सालाना आधार पर जीटीपीएल हाथवे ₹9.2 करोड़ के कंसालिडेटेड प्रॉफिट से ₹90 लाख के घाटे में आ गई तो लेकिन रेवेन्यू 19.2% उछलकर ₹1,143.1 करोड़ पर पहुंच गया।

Den Networks Q2 (Consolidated YoY)

सितंबर 2026 तिमाही में सालाना आधार पर डेन नेटवर्क्स का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 3.7% बढ़कर ₹36.5 करोड़ पर पहुंच गया लेकिन रेवेन्यू 3.7% फिसलकर ₹232.6 करोड़ पर पहुंच गया।

Zydus Lifesciences

अमेरिकी दवा नियामक एफडीए ने जाइडस लाइफसाइंसेज की अहमदाबाद के मोरैया में स्थित मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी की जांच की। 5-13 अक्टूबर तक चली जांच के बाद पांच ऑब्जर्वेशंस जारी हुए हैं।

Hyundai Motor India

हुंडई मोटर ग्रुप ने भारत के लिए एक बड़ी निवेश योजना का ऐलान किया है, जिसके तहत 2026 और 2032 के बीच $1550 करोड़ का निवेश होगा।

Bharat Electronics Ltd (BEL)

भारत इलेक्ट्रॉनिक्स को 17 सितंबर से ₹533 करोड़ के अतिरिक्त ऑर्डर मिले हैं। ये ऑर्डर्स कम्युनिकेशन इक्विपमेंट, एवियोनिक्स, साइबर सिक्योरिटी सॉल्यूशन, ड्रोन, जैमर, सॉफ्टवेयर सॉल्यूशन, अपग्रेड, स्पेयर पार्ट्स और सर्विस से जुड़े हैं।

SBI Funds Management

एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के बोर्ड ने आर एस श्रीनिवास जैन को 13 अक्टूबर से ज्वाइंट सीईओ नियुक्त किया है।

Bank of Baroda

यूएई एक्सचेंज और एनएमसी हेल्थकेयर ग्रुप के फाउंडर बीआर शेट्टी ने बैंक ऑफ बड़ौदा समेत 26 से $1500 करोड़ का हर्जाना मांगा है। उनका आरोप है कि सरकारी बैंक और उसके कुछ अधिकारी ग्रुप की कंपनियों से जुड़े फर्जीवाड़े में शामिल थे और उन गारंटी के आधार पर उनके खिलाफ दावे किए, जिन पर उन्होंने कभी साइन नहीं किए थे। उन्होंने मुकदमा दायर करने की तारीख से लेकर पेमेंट या वसूली की तारीख तक हर्जाने पर सालाना 18% की दर से ब्याज भी मांगा है।

Hindustan Oil Exploration Company

हिंदुस्तान ऑयल एक्सप्लोरेशन कंपनी के बोर्ड ने देबब्रत दास को 16 अक्टूबर से सीएफओ नियुक्त किया है। मौजूदा सीएफओ ने निजी कारणों से 15 अक्टूबर से CFO पद छोड़ने का फैसला किया है, लेकिन वह कंपनी के वित्तीय सलाहकार की भूमिका में कंपनी से जुड़े रहेंगे।

Adani Enterprises

अदाणी एंटरप्राइजेज ने देश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा सेंटर इक्विपमेंट बनाने और एसेंबली को लेकर जैबिल के साथ 50:50 जॉइंट वेंचर बनाएगी, जिसके लिए नॉन-बाइंडिंग एमओयू हुआ है।

Polycab India

NCLAT (नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल), नई दिल्ली ने NCLT (नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल ), अहमदाबाद के 7 अक्टूबर के उस आदेश पर रोक लगा दी है और उसे फिलहाल टाल दिया है, जिसमें एसियर मेटल्स की IBC (इनसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड) के तहत पॉलीकैब इंडिया के खिलाफ दायर याचिका को स्वीकार करने और CIRP (कॉर्पोरेट इनसॉल्वेंसी रिजॉल्यूशन प्रोसेस) शुरू करने का निर्देश दिया गया था। यह मामला ₹2.79 करोड़ के ऑपरेशनल डेट से जुड़ा है।

Ujjivan Small Finance Bank

उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक के बोर्ड की 16 अक्टूबर को बैठक में कारोबारी नतीजे के साथ-साथ इक्विटी शेयरों के प्रेफरेंशियल इश्यू के जरिए फंड जुटाने पर भी विचार करेगा।

Lemon Tree Hotels

लेमनट्री होटल्स ने अपने होटल पोर्टफोलियो को बढ़ाते हुए ‘कीज सेलेक्ट बाय लेमन ट्री होटल्स’ की साइनिंग का ऐलान किया है। यह प्रॉपर्टी फ्रेंचाइजी एग्रीमेंट के तहत ऑपरेट होगी।

Stocks to Watch: इन पर भी रहेगी नजर

आज इन कंपनियों के आएंगे रिजल्ट: आईसीआईसीआई लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस कंपनी, एचडीबी फाइनेंशियल सर्विसेज़, केनरा बैंक, बजाज कंज्यूमर केयर, भेल, आदित्य बिड़ला मनी, सिएट, एलेकॉन इंजीनियरिंग कंपनी, एमवी फोटोवोल्टिक पावर, बिलियनब्रेन्स गैराज वेंचर्स (ग्रो), सोनासेलेक्शन इंडिया, टाटा टेक्नोलॉजीज, लीला पैलेस होटल्स एंड रिसॉर्ट्स

एक्स-डिविडेंड: टीसीएस, वेदांता

एक्स-राइट्स: कॉन्टिनेंटल कंट्रोल्स

एक्स-इनकम डिस्ट्रीब्यूशन: एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर ट्रस्ट

F&O बैन: अंबुजा सीमेंट्स, कीन्स टेक्नोलॉजी इंडिया

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।