नोएडा एयरपोर्ट के पास एस्कॉर्ट्स कुबोटा बनाएगी ऐसा प्लांट जो बदल देगी ट्रैक्टर इंडस्ट्री का चेहरा! जानिए ₹2000 करोड़ का पूरा प्लान

Noida Airport News: एस्कॉर्ट्स कुबोटा लिमिटेड ने उत्तर प्रदेश के यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) क्षेत्र में अपने नए विशाल मैन्युफैक्चरिंग प्लांट के लिए भूमि पूजन किया है। 19 अगस्त को गौतम बुद्ध नगर जिले के सेक्टर-10 में हुए इस शिलान्यास के साथ ही कंपनी ने 2000 करोड़ रुपये से अधिक के शुरुआती इन्वेस्टमेंट का भी ऐलान किया है।

हमारी सहयोगी वेबसाइट CNBC TV18 की रिपोर्ट के मुताबिक यह नया प्लांट 154 एकड़ में तैयार होगा। यह कंपनी द्वारा अब तक का सबसे बड़ा कैपिटल और इंफ्रास्ट्रक्चर कमिटमेंट है। इस प्रोजेक्ट का मुख्य मकसद घरेलू बाजार की जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ जापानी मूल कंपनी कुबोटा के ग्लोबल एक्सपोर्ट को भी स्पीडअप करना है।

यहां पहले फेज में बनेंगे 60000 ट्रैक्टर

कंपनी इस इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग कैंपस को कई फेज में तैयार करेदी। पहले फेज में सालाना 60000 ट्रैक्टर और 15000 कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट यूनिट्स की कैपिसिटी तैयार होगी। इसके साथ सपोर्टिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और दूसरी फैसिलिटी भी डेवलप की जाएंगी। कंपनी के मुताबिक जब इसके सभी फेज पूरे हो जाएंगे, तो यह दुनिया भर में फैले कुबोटा ग्रुप के सबसे बड़े मैन्युफैक्चरिंग प्लांट्स में से एक बन जाएगा।

इस कैंपस में एक ही छत के नीचे ट्रैक्टर, कृषि उपकरण, कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट और इंजन बनाए जाएंगे। यह प्लांट घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों बाजारों के लिए काम करेगा और इस क्षेत्र में रोजगार के कई नए अवसर पैदा करेगा।

नोएडा एयरपोर्ट के पास होने का क्या है फायदा?

नोएडा और ग्रेटर नोएडा के पास यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे स्थित इस प्लांट को बेहतरीन लोकेशन एडवांटेज मिलेगा। यह साइट जेवर के नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के करीब है। यह इलाका आने वाले समय में एक बड़ा रीजनल कार्गो हब बनने जा रहा है। ऐसे में इस प्लांट को देश भर में सामान भेजने के लिए मजबूत रोड कनेक्टिविटी और एक्सपोर्ट के लिए सीधा एयर कार्गो एक्सेस मिलेगा। इसके अलावा NCR में पहले से मौजूद विशाल इंजीनियरिंग और सप्लायर नेटवर्क का फायदा भी कंपनी को मिलेगा।

भारत पर कुबोटा का बड़ा दांव: 2030 का विजन

यह प्रोजेक्ट कुबोटा कॉरपोरेशन के मिड-टर्म बिजनेस प्लान 2030 का हिस्सा है। इसमें भारत को समूह के प्रमुख ग्रोथ मार्केट्स में शामिल किया गया है। कुबोटा कॉरपोरेशन के सीईओ शिंगो हानाडा के मुताबिक नए प्लांट का यह पैमाना कुबोटा की विकास रणनीति में भारत की महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि भारत अब कुबोटा के लिए सिर्फ एक बड़ा बाजार ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर मैन्युफैक्चरिंग और इंजीनियरिंग हब बन रहा है।

आपको बता दें कि नवंबर 2025 में YEIDA ने उत्तर प्रदेश सरकार के साथ अगस्त 2024 में हुए एक एमओयू के आधार पर एस्कॉर्ट्स कुबोटा को 4500 करोड़ रुपये के कुल ट्रैक्टर निर्माण यूनिट के लिए लगभग 200 एकड़ जमीन आवंटित की थी। इससे 4000 नौकरियां मिलने का अनुमान था। हाल ही में जिस प्रोजेक्ट का शिलान्यास हुआ है, वह उसी बड़े विजन का पहला और संशोधित फेज्ड स्कोप है।

2030-31 तक फार्म मेकेनाइजेशन को नई दिशा देने का लक्ष्य

एस्कॉर्ट्स कुबोटा के सीएमडी निखिल नंदा ने कहा कि कंपनी प्रोडक्ट-लीड ग्रोथ पर ध्यान केंद्रित कर रही है। कंपनी ने इस साल अपने तीन ब्रांड्स के तहत 42 नए उत्पाद और पिछले दो सालों में 50 से अधिक उत्पाद लॉन्च किए हैं, जिससे धान की खेती, फोर-व्हील-ड्राइव और अन्य सेगमेंट्स में खाली जगहों को भरा गया है।

अप्रैल से जुलाई के दौरान कंपनी ने अपने संयुक्त पैन-इंडिया नेटवर्क के दम पर लगातार अपने मार्केट शेयर में बढ़ोतरी की है। निखिल नंदा ने कहा है कि एस्कॉर्ट्स कुबोटा भारत में फार्म मेकेनाइजेशन को स्पीडअप करना चाहती है। कंपनी का लक्ष्य 2030-31 तक एक ऐसा फुल-सॉल्यूशन एग्रीकल्चर प्लेटफॉर्म तैयार करना है जो सिर्फ कम कीमतों पर नहीं, बल्कि वैल्यू पर केंद्रित हो। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटलाइजेशन की बड़ी भूमिका होगी।

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आपको बता दें कि साल 1944 में स्थापित एस्कॉर्ट्स कुबोटा भारत और वैश्विक बाजारों में फार्मट्रैक, पावरट्रैक और कुबोटा ब्रांड्स के तहत बिक्री करती है। वहीं 1890 में ओसाका (जापान) में शुरू हुई कुबोटा कॉरपोरेशन दुनिया के 120 से अधिक देशों में कृषि, कंस्ट्रक्शन और इंजन वर्टिकल्स में काम करती है और एस्कॉर्ट्स कुबोटा में मेजॉरिटी की हिस्सेदारी रखती है।

नोएडा का ये OTT स्टार्टअप हरियाणवी-भोजपुरी कंटेंट के दम पर चमका! 2 साल में 6.3 गुना बढ़ा रेवेन्यू

STAGE OTT Platform: भारत में जब ओटीटी प्लेटफॉर्म्स की बात होती है, तो ज्यादातर लोग नेटफ्लिक्स और अमेजन प्राइम का नाम लेते हैं। लेकिन इस बीच देश के रीजनल ‘बोली आधारित’ ओटीटी प्लेटफॉर्म STAGE ने चुपके से एक ऐसा बड़ा मार्केट कब्जा लिया है, जिसे बड़े-बड़े ब्रॉडकास्टर्स ‘निश’ (Niche) समझकर छोड़ देते थे।

कंपनी द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, FY24 से FY26 के बीच STAGE के रेवेन्यू में 6.3 गुना का जबरदस्त इजाफा हुआ है। इसका सालाना कंपाउंडेड ग्रोथ रेट (CAGR) लगभग 150% रहा है।

FICCI-EY की रिपोर्ट के अनुसार, भारत के डिजिटल वीडियो और ओटीटी मार्केट में बड़े दिग्गजों के बीच STAGE ने अपनी मजबूत जगह बना ली है। भारतीय ओटीटी मार्केट में STAGE की हिस्सेदारी 1.6% पर पहुंच गई है। STAGE ने अपनी शुरुआत हरियाणवी और राजस्थानी बोलियों से की थी, लेकिन अब यह मॉडल 6 भाषा क्षेत्रों में फैल चुका है।

STAGE के सह-संस्थापक और सीईओ विनय सिंघल ने कहा, ‘भारत में 22 आधिकारिक भाषाएं और 1,900 से ज्यादा बोलियां हैं, लेकिन स्ट्रीमिंग इंडस्ट्री ने सिर्फ 5-6 भाषाओं के लिए कंटेंट बनाया। बाकी सबको ‘निश’ कह दिया गया। जबकि देश में ओटीटी पर आधा कंटेंट क्षेत्रीय भाषाओं में देखा जा रहा है। हमने सिर्फ देश की असली संस्कृति को सम्मान देकर प्लेटफॉर्म बनाया है।’

99% कमाई सिर्फ सब्सक्रिप्शन से, विज्ञापन का कोई चक्कर नहीं

जहाँ कई ऐप्स विज्ञापनों पर निर्भर हैं, वहीं STAGE पूरी तरह से ‘सब्सक्रिप्शन-ओनली’ मॉडल पर काम करता है। FY26 में कंपनी की कुल कमाई का 99.2% हिस्सा केवल यूजर सब्सक्रिप्शन से आया है। Q1 FY27 में कुल सब्सक्रिप्शन रेवेन्यू का 80.3% हिस्सा पुराने यूजर्स के रिन्यूअल और रिएक्टिवेशन से आया है। FY24 में यह आंकड़ा सिर्फ 30.4% था, जो दिखाता है कि यूजर्स को इसका कंटेंट बेहद पसंद आ रहा है।

AI के इस्तेमाल से कंटेंट बनाना हुआ सस्ता

STAGE ने अपनी प्रोडक्शन कॉस्ट को घटाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल शुरू किया है। एआई की मदद से ओरिजिनल शोज और मूवीज का प्रोडक्शन टाइम और लागत दोनों काफी कम हो गए हैं। इससे उन भाषाओं/बोलियों में भी कंटेंट बनाना आर्थिक रूप से फायदेमंद हो गया है, जहां पहले पारंपरिक तरीके से काम करना नामुमकिन माना जाता था।

7 महीने में 3 गुना बढ़ा कंपनियों का AI खर्च:रैम्प के एआई इंडेक्स के मुताबिक टॉप फर्म्स प्रति कर्मचारी खर्च कर रहीं 7 लाख

अमेरिका की टॉप 1% कंपनियां अब एआई टूल्स पर हर कर्मचारी के लिए औसतन करीब 7 लाख रुपए खर्च कर रही हैं। रैम्प के एआई इंडेक्स की रिपोर्ट के मुताबिक जनवरी में यही कंपनियां प्रति कर्मचारी करीब 2.47 लाख रुपए खर्च कर रही थीं। यानी 7 महीनों में खर्च लगभग 3 गुना हो गया। टॉप 10% कंपनियां एआई पर करीब 62 हजार रुपए प्रति कर्मचारी खर्च कर रही हैं। औसत खर्च करीब 1140 रुपए प्रति कर्मचारी बताया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक एंथ्रोपिक और ओपनएआई जैसी कंपनियां अब प्रति-टोकन मॉडल पर आ गई हैं। इसमें इस्तेमाल किए गए टोकन के हिसाब से पैसा लिया जाता है। यानी एआई से जितना ज्यादा काम, उतने ज्यादा टोकन और उतना ज्यादा बिल। हाल के महीनों में उबर, अमेजन और वॉलमार्ट ने जरूरत से ज्यादा एआई इस्तेमाल रोकने के लिए लिमिट लगाई है। एआई बॉस ने इंसानी कर्मचारी को नौकरी से निकाला दुनियाभर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर प्रयोग चल रहे हैं। सैन फ्रांसिस्को में एंडोन लैब नाम की फर्म ने लूना नामक एआई को एक रिटेल स्टोर चलाने की जिम्मेदारी सौंपी। हाल ही में लूना ने अपने एक इंसानी कर्मचारी को बर्खास्त करने की सिफारिश की। वह कर्मचारी 23 में से 17 शिफ्टों में देर से आया था। बाद में इंसानी कर्मचारियों ने इस सिफारिश को रिव्यू किया और उस कर्मचारी को बर्खास्त कर दिया। एंडोन मार्केट ने अपने सोशल मीडिया पेज पर लिखा ‘पहली बार (हमारी जानकारी के अनुसार) किसी एआई बॉस ने किसी इंसानी कर्मचारी को नौकरी से निकाल दिया है। सैन फ्रांसिस्को में हमारे स्टोर को चलाने वाली एआई लूना ने बार-बार देर से आने के कारण एक कर्मचारी को बर्खास्त करने का फैसला किया। उस समय लूना क्लाउड ओपस 4.8 पर चल रही थी, लेकिन अधिकांश मॉडल ऐसा ही करते।’ अपनी अटेंडेंस नीति को भूल गया था एआई एंडोन लैब्स के मुताबिक लूना ने महीनों पहले अटेंडेंस संबंधी नीति बनाई थी, लेकिन बाद में वह उसे भूल गई। इसका नतीजा ये हुआ कि देर से आने वाला कर्मचारी कई महीनों तक वही गलती दोहराता रहा। आखिरकार एंडोन लैब्स ने लूना को अपनी मेमोरी में बनाई गई नीतियों को खोजने के लिए कहा और फिर उससे यह आकलन करने को कहा कि क्या कर्मचारी अभी भी कंपनी के लिए उपयुक्त है। इसके बाद लूना ने कर्मचारी को नौकरी से बर्खास्त करने की सिफारिश की।

‘फ्री लग्जरी पोर्न कंपनी…’ Anthropic CEO की पत्नी और जेफरी एपस्टीन के बीच ईमेल्स लीक! AI की दुनिया में मचा हड़कंप

Anthropic CEO Wife Cami Clark Epstein Emails: दुनिया की सबसे बड़ी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कंपनियों में से एक एंथ्रोपिक के सीईओ डारियो अमोदेई (Dario Amodei) की पत्नी कैमी क्लार्क (Cami Clark) को लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है। यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन और कैमी क्लार्क के बीच 2011-2012 की पुरानी ईमेल बातचीत इंटरनेट पर लीक हो गई है।

अमरीकी न्याय विभाग द्वारा जारी दस्तावेजों और ‘द वॉल स्ट्रीट जर्नल’ (WSJ) की रिपोर्ट के मुताबिक, शादी से पहले कैमी क्लार्क ने अपने एक बिजनेस प्रोजेक्ट के लिए जेफरी एपस्टीन से फंडिंग मांगी थी। इस खुलासे के बाद सिलिकॉन वैली और सोशल मीडिया पर जबरदस्त बवाल खड़ा हो गया है।

‘हमारे पास फ्री लग्जरी पोर्न कंपनी है…’ लीक ईमेल्स में क्या-क्या है?

रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह ईमेल बातचीत साल 2011 और 2012 के दौरान की है, जब कैमी क्लार्क अपनी एक बिजनेस पार्टनर मिशेल कैपोसेफालो के साथ महिलाओं पर केंद्रित एडल्ट-कंटेंट वेंचर शुरू करने की योजना बना रही थीं।

एक साहित्यिक एजेंट जॉन ब्रॉकमैन के जरिए कैमी की पहचान एपस्टीन से हुई थी। कैमी ने एपस्टीन को याद दिलाते हुए लिखा, ‘हमारे पास फ्री लग्जरी पोर्न कंपनी है। क्या आपको कुछ याद आया?’ इस पर एपस्टीन ने जवाब दिया, ‘हां, बिल्कुल याद है।’

कैमी ने आगे पूछा कि क्या वे इस बिजनेस में निवेश करने के इच्छुक हैं? हालांकि, एपस्टीन ने आखिरकार यह कहते हुए मना कर दिया, ‘कैंट डू सेक्स टीवी यानी Sex TV नहीं कर सकता।’

ईमेल्स से साफ है कि एपस्टीन ने इस वेंचर में कोई पैसा नहीं लगाया था। लेकिन इसके बाद भी कैमी ने उन्हें हाउसवार्मिंग पार्टी में इनवाइट किया और प्रोफेशनल नेटवर्किंग के जरिए उनसे जुड़ी रहीं।

एपस्टीन के आपराधिक मामलों से कोई संबंध नहीं

लीक हुए दस्तावेजों और रिपोर्ट में इस बात का कोई सबूत नहीं मिला है कि कैमी क्लार्क जेफरी एपस्टीन की किसी भी गैर-कानूनी या आपराधिक गतिविधियों में शामिल थीं। न ही उन्हें एपस्टीन के काले कारनामों की जानकारी होने का कोई जिक्र है। ईमेल्स केवल एक शुरुआती बिजनेस प्रोजेक्ट और फंडिंग मांगने तक ही सीमित थे।

एंथ्रोपिक और सिलिकॉन वैली में कैमी क्लार्क का प्रभाव

भले ही कैमी क्लार्क के पास ‘एंथ्रोपिक’ में कोई आधिकारिक पद नहीं है, लेकिन वे अपने पति डारियो अमोदेई की सबसे करीबी सलाहकार मानी जाती हैं। सिलिकॉन वैली नेटवर्क में उनकी भूमिका काफी अहम रही है:

कैमी ने ही गूगल के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष एरिक श्मिट की मुलाकात अपने पति से कराई थी। इसके बाद एरिक श्मिट ने साल 2021 में एन्थ्रोपिक की 12.4 करोड़ डॉलर फंडिंग राउंड में शुरुआती निवेशक के रूप में पैसा लगाया था।

एथिकल AI का दावा करने वाली कंपनी के लिए संवेदनशील समय

एंथ्रोपिक वही कंपनी है जो गूगल और ओपनएआई (OpenAI) को सीधी टक्कर देने वाला AI मॉडल ‘क्लॉड’ (Claude) बनाती है। कंपनी ने बाजार में अपनी पहचान ‘सुरक्षित, जिम्मेदार और नैतिक AI’ (Ethical AI) विकसित करने वाले ब्रांड के रूप में बनाई है। ऐसे संवेदनशील समय में सीईओ की पत्नी का नाम इस तरह के पुराने विवाद से जुड़ने के कारण सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं।

यह पुरानी ईमेल बातचीत डारियो अमोदेई से शादी और एंथ्रोपिक की स्थापना से सालों पुरानी है, लेकिन जेफरी एपस्टीन का नाम सामने आने के चलते यह खबर वैश्विक टेक जगत में चर्चा का विषय बनी हुई है।

डिस्क्लेमर: यह खबर द वॉल स्ट्रीट जर्नल और अमरीकी न्याय विभाग द्वारा जारी सार्वजनिक दस्तावेजों के आधार पर तैयार की गई है। इसमें संबंधित व्यक्ति द्वारा किए गए पत्राचार की जानकारी दी गई है, इसे किसी प्रकार का आपराधिक आरोप न माना जाए।

PM मोदी के फ्री कोचिंग ऐलान के बाद Physics Wallah के फाउंडर अलख पांडे ने उठाया ये स्टेप और कही अपनी बात

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा की गई मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग की घोषणा का एडटेक प्लेटफॉर्म फिजिक्स वाला के फाउंडर और सीईओ अलख पांडे ने दिल से स्वागत किया है। अलख पांडे ने केंद्र सरकार के इस कदम की तारीफ करते हुए इस पहल को लागू करने के लिए सरकार को अपना बिना शर्त समर्थन देने की पेशकश की है।

लाल किले से पीएम मोदी ने किया था बड़ा ऐलान

इस बार स्वतंत्रता दिवस के मौके पप देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग देने की योजना का ऐलान किया था। इस पहल का प्राथमिक उद्देश्य गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के बच्चों पर कोचिंग के बोझ को कम करना है। सरकार की इस योजना का लक्ष्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के जरिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और कौशल को देश के हर कोने तक पहुंचाना है।

क्वालिटी एजुकेशन पर हर बच्चे का हक- अलख पांडे ने कही ये बात

प्रधानमंत्री के इस ऐलान के तुरंत बाद अलख पांडे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट शेयर करते हुए अपनी प्रतिक्रिया दी। अलख पांडे ने पोस्ट में लिखा कि मैं सभी जरूरतमंद छात्रों के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग के संबंध में माननीय प्रधानमंत्री के वादे की वास्तव में सराहना करता हूं। उन्होंने कहा कि उनका हमेशा से यह मानना रहा है कि ऑनलाइन शिक्षा दूर-दराज के कस्बों और गांवों में रहने वाले छात्रों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की पहुंच बनाने का एक बेहतरीन माध्यम है।

अलख पांडे ने सरकार को अपना बिना शर्त समर्थन देते हुए कहा कि वह बदले में कोई प्रॉफिट नहीं चाहते हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मैं बदले में कोई मुनाफा नहीं चाहता। भारत के हर बच्चे के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा बिल्कुल मुफ्त होनी चाहिए।

जमीन पर सही क्रियान्वयन (Execution) सबसे जरूरी

अलख पांडे ने योजना का स्वागत करने के साथ ही इसके सफल क्रियान्वयनपर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि मैं इसे जमीन पर उतरते हुए देखना चाहता हूं, क्योंकि इसका क्रियान्वयन ही सबसे मुख्य हिस्सा है। उनका मानना है कि इस घोषणा को धरातल पर एक प्रभावी कार्यक्रम में बदलना ही असली चुनौती होगी और इसकी सफलता पूरी तरह से इसके सही एग्जीक्यूशन पर निर्भर करेगी।

AI स्किलिंग प्रोग्राम का भी हुआ ऐलान

लाल किले के भाषण के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिर्फ मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग ही नहीं, बल्कि एक और बड़े डिजिटल पहल का भी ऐलान किया था। सरकार आने वाले साल में एक करोड़ युवा भारतीयों को प्रशिक्षित करने के उद्देश्य से एक राष्ट्रव्यापी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) स्किलिंग प्रोग्राम शुरू करने जा रही है। मुफ्त प्रतियोगी परीक्षा कोचिंग और बड़े पैमाने पर एआई प्रशिक्षण, ये दोनों घोषणाएं डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से शिक्षा, कौशल और रोजगार के अवसरों का विस्तार करने के सरकार के व्यापक प्रयास का हिस्सा हैं।

Mahindra की नई धांसू EV लॉन्च, 79kWh बैटरी और AI फीचर्स से है लैस, जानें कीमत

क्या आप नई इलेक्ट्रिक SUV लेने का प्लान बना रहे हैं? अगर हां, तो इस खबर को आपको जरूर पढ़ना चाहिए। दरअसल, Mahindra & Mahindra ने आज BE 6 Sporteq को भारत में लॉन्च कर दिया है। यह कंपनी की BE 6 इलेक्ट्रिक SUV पर आधारित नई सीरीज है। इसकी शुरुआती कीमत 19.45 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) है और इसमें बैटरी की कीमत भी शामिल है।

कंपनी ने इसे Battery as a Service (BaaS) मॉडल के साथ भी पेश किया है। इस मॉडल में BE 6 Sporteq की शुरुआती कीमत 11.45 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) है। इसके अलावा बैटरी इस्तेमाल करने के लिए 3.75 रुपये प्रति किलोमीटर का चार्ज देना होगा।

BaaS मॉडल में 3.75 रुपये प्रति किलोमीटर का बैटरी चार्ज रोजाना करीब 60 किलोमीटर की ड्राइविंग को ध्यान में रखकर तय किया गया है। बता दें कि BE 6 Sporteq की डिलीवरी 26 अगस्त 2026 से शुरू होगी।

इस नई सीरीज को आप 8 वेरिएंट में खरीद सकते हैं — One, Two, Three, Three+, Four, FE (फ्रीडम एडिशन), FE Four और लॉन्च एडिशन। ग्राहक अपनी जरूरत और वेरिएंट के हिसाब से 59kWh, 70kWh और 79kWh बैटरी पैक में से चुन सकते हैं।

Mahindra BE 6 Sporteq की कीमतें

59 kWh बैटरी वाले BE 6 Sporteq One ​​की कीमत BaaS के तहत ₹11.45 लाख और बैटरी के साथ ₹19.45 लाख है। Two वेरिएंट की कीमत BaaS के तहत ₹12.95 लाख और 59 kWh बैटरी के साथ ₹20.95 लाख है।

Three वेरिएंट की कीमत 59 kWh बैटरी के साथ ₹21.95 लाख और 70 kWh यूनिट के साथ ₹22.95 लाख है। वहीं, Three+ की कीमत 70 kWh बैटरी के साथ ₹23.95 लाख और 79 kWh बैटरी के साथ ₹24.95 लाख है।

इसके अलावा, Four और ‘लॉन्च एडिशन’ (Launch Edition), दोनों ही 79 kWh बैटरी के साथ आते हैं और इनकी कीमत 26.95 लाख रुपये है। FE की कीमत 24.45 लाख रुपये है, जबकि FE फोर की कीमत 26.95 लाख रुपये है। फॉर्मूला E से प्रेरित इन दोनों ही वेरिएंट्स में 79 kWh की बैटरी का इस्तेमाल किया गया है।

ये सभी कीमतें एक्स-शोरूम हैं और इनमें वॉल चार्जर और उसके इंस्टॉलेशन का खर्च शामिल नहीं है।

तीन-स्क्रीन वाला डिजिटल कॉकपिट

Mahindra ने BE 6 Sporteq सीरीज को 12 एक्सटीरियर कलर ऑप्शन में पेश किया है। इनमें चार नए कलर भी शामिल हैं—Rosso Impulso, Ruby Velvet, Graphite Storm और Firestorm Orange Satin।

Two वेरिएंट से आगे के सभी मॉडल में तीन-स्क्रीन वाला कोस्ट-टू-कोस्ट डिजिटल कॉकपिट दिया गया है। हालांकि, Formula E से प्रेरित Freedom Edition खरीदने वाले ग्राहकों को पहले वाला दो-स्क्रीन कॉकपिट और खास ‘हेलो डिजाइन’ मिलेगा।

Sporteq रेंज में छह नए टेक्नोलॉजी सुइट्स भी पेश किए गए हैं — TEQ_Talk, TEQ_Play, TEQ_Drive, TEQ_Me, TEQ_Secure और TEQ_xting। ये सभी MAIA (महिंद्रा का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आर्किटेक्चर) पर आधारित हैं, जो कंपनी की ‘सॉफ्टवेयर-डिफाइंड व्हीकल’ स्ट्रैटेजी का आधार है।

Google Gemini-पावर्ड वॉइस असिस्टेंट

TEQ_Talk को Google Gemini के साथ बनाया गया है और इसमें 17 खास AI एजेंट का इस्तेमाल किया गया है। Mahindra के अनुसार, यह सिस्टम 100 से ज्यादा मुख्य फंक्शन और 48 एप्लीकेशन को सपोर्ट करता है, जिनमें गाड़ी के कंट्रोल, नेविगेशन, म्यूजिक और न्यूज शामिल हैं।

TEQ_Play में एंटरटेनमेंट फीचर जैसे कि कराओके, ‘ब्रिंग-योर-ओन-डिवाइस’ (BYOD) मोड वाला इन-कार गेमिंग सुइट, प्राइवेट ऑडियो, Dolby Vision, Dolby Atmos और GrooveMe Party शामिल हैं। Mahindra का दावा है कि भारत में ऑटोमोटिव बनाने वाली कंपनियों में कराओके फ़ीचर और BYOD मोड में गेमिंग की सुविधा सबसे पहले इसी में दी गई है।

TEQ_Drive में परफॉर्मेंस से जुड़े फंक्शन जैसे कस्टम ड्राइव मोड, ड्रिफ़्ट मोड, ट्राइब ड्राइव, रिवाइव और रिवाइव SOS शामिल हैं। Formula E Freedom Edition में एक अतिरिक्त ‘एक्सेलरेशन बूस्ट’ फंक्शन भी मिलता है।

TEQ_Me में ऑटोमैटिक डिटेक्शन वाले यूजर प्रोफाइल की सुविधा है, जबकि TEQ_xting मालिकों को टेलगेट के लिए पर्सनलाइज्ड मैसेज बनाने की सुविधा देता है।

TEQ_Secure में Secure360 Pro शामिल है, जो ऑडियो रिले और घुसपैठ की चेतावनी (intrusion alert) के साथ लाइव व्यू देता है। इसमें iPhone, Apple Watch, Android और Samsung स्मार्टफोन के साथ-साथ NFC की-कार्ड के ज़रिए NFC और डिजिटल कार-की का सपोर्ट भी मिलता है।

महिंद्रा का दावा है कि वह पहली भारतीय ऑटोमोटिव कंपनी है जो कई डिवाइस इकोसिस्टम में ‘कार कनेक्टिविटी कंसोर्टियम’ (CCC) के नियमों के मुताबिक Digital Car-Key फंक्शनैलिटी देती है। इस सुइट में तीसरी स्क्रीन के लिए पैरेंटल लॉक भी शामिल है।.

मौजूदा महिंद्रा इलेक्ट्रिक SUV में अपडेट्स आएंगे

महिंद्रा ने कहा कि Sporteq सीरीज के साथ पेश की गई सभी नई टेक्नोलॉजी और सॉफ्टवेयर फीचर्स को मौजूदा BE 6, XEV 9e और XEV 9S गाड़ियों में धीरे-धीरे लाया जाएगा, हालांकि उपलब्ध फीचर्स मॉडल और वैरिएंट के हिसाब से अलग-अलग होंगे। यह रोलआउट जनवरी 2027 से चरणों में शुरू होगा।

Mahindra & Mahindra के ऑटोमोटिव बिजनेस के प्रेसिडेंट और महिंद्रा इलेक्ट्रिक ऑटोमोबाइल लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर, आर वेलुसामी ने कहा, “इलेक्ट्रिक मोबिलिटी एक नए दौर में प्रवेश कर रही है। ग्राहक अब EV को सिर्फ उसकी रेंज या तेजी (एक्सेलरेशन) से नहीं आंकते हैं। वे उम्मीद करते हैं कि यह अपनी पूरी लाइफ-साइकिल के दौरान ज्यादा स्मार्ट, ज्यादा पर्सनल और ज्यादा काबिल बने। Sporteq इसी बदलाव को दिखाता है। MAIA से पावर्ड, यह AI, पर्सनलाइजेशन, परफॉर्मेंस और एंटरटेनमेंट को इस तरह से एक साथ लाता है कि हर सफर ज्यादा आसान और बेहतर (इंट्यूटिव) बन जाता है।”

लॉन्च एडिशन और फॉर्मूला E फ्रीडम एडिशन

रेंज के टॉप मॉडल के तौर पर BE 6 Sporteq Launch Edition को खास Graphite Storm एक्सटीरियर फिनिश के साथ पेश किया गया है। इसके केबिन में Racing Tan कलर की पूरी लेदर जैसी फिनिश वाली सीटें और इंटीरियर दिया गया है।

वहीं, Formula E Freedom Edition का डिजाइन Mahindra Racing के Formula E रेसिंग प्रोग्राम से प्रेरित है। इसमें BE 6 के पुराने हेडलैंप डिजाइन को बरकरार रखा गया है। इसके अलावा, कार में तिरंगे वाले एक्सटीरियर एक्सेंट, सैटिन पेंट ऑप्शन और नया Rosso Impulso कलर मिलता है।

इसके केबिन में Black और Firestorm Orange थीम दी गई है। साथ ही इसमें दो-स्क्रीन डिजिटल कॉकपिट और कंपनी का खास Halo डिजाइन मिलता है।

Acceleration Boost फीचर की मदद से Formula E Freedom Edition महज 6.44 सेकंड में 0 से 100 किमी/घंटा की रफ्तार पकड़ सकती है। यह कंपनी द्वारा बताया गया दावा किया गया आंकड़ा है।

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Independence Day: 21 तोपों की सलामी और ‘वंदे मातरम्’ की गूंज… इस बार लाल किले पर दिखेगा नया अंदाज

Independence Day: अब से कुछ ही घंटों बाद देश अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 अगस्त 2026 को दिल्ली के लाल किले से 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह की अगुवाई करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यहां राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे और लगातार 13वीं बार देश को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर संबोधित करेंगे। इस साल स्वतंत्रता दिवस समारोह की थीम ‘विकसित भारत@2047 के लिए युवा शक्ति’ रखी गई है। इसके साथ ही ‘वंदे मातरम’ के 150 साल पूरे होने के मौके पर भी विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

समारोह में भारत में बनी 105 मिमी हल्की फील्ड गन से स्वदेशी 21 तोपों की सलामी दी जाएगी। इसके बाद एमआई-17 हेलीकॉप्टरों से फूलों की बारिश भी की जाएगी। प्रधानमंत्री के भाषण का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से 22 भारतीय भाषाओं में तुरंत अनुवाद भी किया जाएगा। स्वतंत्रता दिवस समारोह का सीधा प्रसारण सुबह 6:30 बजे से शुरू होगा। इसे डीडी नेशनल के साथ कई डिजिटल मंचों पर भी लाइव देखा जा सकेगा।

स्वतंत्रता दिवस 2026: पहली बार होंगी ये खास बातें

  • लाल किले पर पहली बार गूंजेगा ‘वंदे मातरम’: ‘वंदे मातरम’ के 150 साल पूरे होने के मौके पर इस साल स्वतंत्रता दिवस समारोह में इसे पहली बार लाइव गाया जाएगा। आजादी के बाद लाल किले पर होने वाले स्वतंत्रता दिवस समारोहों के इतिहास में यह पहली बार होगा।
  • स्वदेशी तोपों से 21 तोपों की सलामी: इस बार 21 तोपों की सलामी में इस्तेमाल होने वाले सभी प्रमुख उपकरण भारत में बने होंगे। समारोह में स्वदेशी 105 मिमी हल्की फील्ड गन से पारंपरिक 21 तोपों की सलामी दी जाएगी। इसके लिए औपचारिक 1721 फील्ड बैटरी का इस्तेमाल किया जाएगा।
  • प्रधानमंत्री की मदद करेंगी कैप्टन सोनिया सिंह चौहान: ध्वजारोहण के दौरान कैप्टन सोनिया सिंह चौहान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मदद करेंगी। वह लाल किले की प्राचीर पर प्रधानमंत्री के साथ रहेंगी।
  • हेलिकॉप्टर से होगी फूलों की बारिश: तिरंगा फहराने के तुरंत बाद दो एमआई-17 हेलीकॉप्टर लाल किले के ऊपर से फूलों की पंखुड़ियों की बारिश करेंगे।
  • 5,000 विशेष अतिथि होंगे शामिल: स्वतंत्रता दिवस समारोह में करीब 5,000 विशेष अतिथियों के साथ 2,500 राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) कैडेट भी शामिल होंगे।
  • 22 भाषाओं में होगा भाषण का लाइव अनुवाद: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से 22 भारतीय भाषाओं में तुरंत अनुवाद किया जाएगा। इसके लिए ‘डिजिटल इंडिया भाषिणी’ ऐप का इस्तेमाल किया जाएगा। इसका मकसद प्रधानमंत्री का संदेश देश के ज्यादा से ज्यादा लोगों तक उनकी अपनी भाषा में पहुंचाना है।

स्वतंत्रता दिवस 2026: मुख्य विषय

इस साल स्वतंत्रता दिवस समारोह में देश के इतिहास और भविष्य, दोनों पर खास जोर दिया गया है। समारोह के दो मुख्य विषय रखे गए हैं।

  • ‘वंदे मातरम’ के 150 साल: इस साल राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ के 150 साल पूरे होने के मौके पर इसकी विरासत को खास सम्मान दिया जाएगा। पहली बार प्रधानमंत्री के भाषण के तुरंत बाद लाल किले पर राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) के कैडेट और ‘मेरा भारत’ के स्वयंसेवक मिलकर औपचारिक रूप से ‘वंदे मातरम’ का गायन करेंगे।
  • 2047 तक विकसित भारत के लिए युवा शक्ति: इस विषय के तहत 2047 तक भारत को विकसित देश बनाने में युवाओं की भूमिका पर जोर दिया जाएगा। इसमें खास तौर पर जेन-जी युवाओं और युवा उद्यमियों की प्रतिभा, मेहनत और नए विचारों को देश के विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया गया है।

Gift Nifty Indicator: बुल्स या बीयर्स, आज कौन होगा बाजार पर हावी, जानें गिफ्ट निफ्टी क्या दे रहा संकेत

Gift Nifty Indicator: शुक्रवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी के फ्लैट या मामूली गिरावट के साथ खुलने की उम्मीद है। ग्लोबल मार्केट से अच्छे संकेत मिलने के बावजूद GIFT निफ्टी मामूली गिरावट के साथ ट्रेड कर रहा है। सुबह 7:45 बजे GIFT निफ्टी 15 अंक या 0.06 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,444 पर ट्रेड कर रहा था, जो सेंसेक्स और निफ्टी 50 के लिए सुस्त शुरुआत का संकेत है।

अमेरिकी महंगाई के आंकड़े उम्मीद के मुताबिक रहने से यह उम्मीद मजबूत हुई है कि फेडरल रिजर्व अगले महीने ब्याज दरें नहीं बढ़ाएगा, जिससे एशियाई बाजारों में तेजी आई और वॉल स्ट्रीट भी बढ़त के साथ बंद हुआ। हालांकि, सीजफायर बातचीत के रुकने और ईरान की नौसैनिक नाकेबंदी बनाए रखने की अमेरिकी धमकियों के कारण सप्लाई को लेकर चिंता बनी हुई है, जिससे कच्चे तेल की कीमतों में मामूली बढ़ोतरी हुई है।

गुरुवार को उतार-चढ़ाव भरे सत्र में भारतीय बाजार काफी हद तक फ्लैट बंद हुए, क्योंकि निचले स्तरों पर खरीदारी से बेंचमार्क इंडेक्स को अपने इंट्राडे निचले स्तरों से उबरने में मदद मिली। सेंसेक्स 113.61 अंक या 0.15 प्रतिशत बढ़कर 78,079.96 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 40.10 अंक या 0.16 प्रतिशत गिरकर 24,395.85 पर बंद हुआ।

ब्याज दरों को लेकर चिंता कम होने से एशियाई बाजारों में तेजी

शुक्रवार को एशियाई बाजारों में तेजी आई क्योंकि अमेरिकी महंगाई में नरमी के और सबूतों ने इस उम्मीद को मजबूत किया कि फेडरल रिजर्व अपनी सितंबर की बैठक में ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा। MSCI का एशिया-पैसिफिक इक्विटी गेज 0.5 प्रतिशत बढ़ा, जिससे इंडेक्स लगातार चौथे सप्ताह बढ़त की ओर अग्रसर है, जो मई के बाद से इसकी सबसे लंबी बढ़त की अवधि है।

पिछले महीने की भारी बिकवाली के बाद निवेशकों द्वारा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) ट्रेड पर फिर से दांव लगाने से टेक्नोलॉजी शेयरों में तेजी आई। दक्षिण कोरिया के टेक-हैवी कोस्पी में 1 प्रतिशत की बढ़त हुई, जबकि जापान के टॉपिक्स में 0.9 प्रतिशत की तेजी आई। रात भर की रैली के बाद अमेरिकी इक्विटी फ्यूचर्स सुस्त रहे; S&P 500 फ्यूचर्स में बहुत कम बदलाव हुआ, जबकि हैंग सेंग फ्यूचर्स में 0.6 प्रतिशत की गिरावट आई।

वॉल स्ट्रीट में तेजी, S&P 500 रिकॉर्ड ऊंचाई पर बंद

गुरुवार को अमेरिकी शेयरों में तेजी आई क्योंकि प्रोड्यूसर-प्राइस इन्फ्लेशन (उत्पादक-मूल्य मुद्रास्फीति) के आंकड़े कम रहने से कीमतों के दबाव में कमी के सबूत मिले और इस उम्मीद को बल मिला कि फेडरल रिजर्व अगले महीने उधार लेने की लागत (ब्याज दरें) नहीं बढ़ाएगा। प्रोड्यूसर-प्राइस डेटा बुधवार के अपेक्षाकृत कम कंज्यूमर इन्फ्लेशन (उपभोक्ता मुद्रास्फीति) आंकड़ों के बाद आया, जिससे सितंबर में फेड द्वारा दरों को अपरिवर्तित रखने की संभावना मजबूत हुई। S&P 500 में 0.65% की बढ़त हुई और यह 7,798.99 के रिकॉर्ड क्लोजिंग हाई पर पहुंच गया, जबकि नैस्डैक कम्पोजिट में 0.81% और डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज में 0.13% की बढ़ोतरी हुई। इस तेजी में टेक्नोलॉजी शेयरों की अहम भूमिका रही, खासकर मेमोरी-चिप बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में अच्छी बढ़त देखी गई।

क्रूड में तेजी

शुक्रवार को कच्चे तेल की कीमतों में हल्की बढ़त हुई। ऐसा तब हुआ जब अमेरिका ने ईरान पर अपनी नौसैनिक नाकेबंदी (naval blockade) को अनिश्चित काल तक जारी रखने की धमकी दी, जिससे मध्य पूर्व से सप्लाई को लेकर चिंताएं फिर से बढ़ गईं। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 0.1% बढ़कर $87.16 प्रति बैरल हो गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड की कीमत $81.29 पर लगभग स्थिर रही।

गुरुवार को ग्लोबल डिमांड आउटलुक कमजोर रहने के कारण दोनों बेंचमार्क में 2% से ज्यादा की गिरावट आई थी, जिसके बाद यह मामूली बढ़त देखने को मिली। इस गिरावट के बावजूद, ब्रेंट और WTI दोनों ही साप्ताहिक आधार पर लगभग 4% की बढ़त की राह पर बने रहे।

इंडेक्स पर क्या होनी चाहिए रणनीति

आज बैंक निफ्टी के आउटलुक पर, एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर का मानना ​​है कि बैंक निफ्टी के निकट भविष्य में एक दायरे (रेंज) में रहने की उम्मीद है। जब तक इंडेक्स 57,500–57,400 के सपोर्ट लेवल से ऊपर बना रहता है, तब तक इसका व्यापक स्ट्रक्चर काफी हद तक स्थिर रहेगा। 57,800–58,000 का ज़ोन तत्काल रेजिस्टेंस बैंड बना हुआ है। 58,000 के स्तर से ऊपर लगातार बने रहने से खरीदारी का मोमेंटम मज़बूत हो सकता है और 58,300–58,500 के स्तर की ओर बढ़ने का रास्ता खुल सकता है।

नीचे की ओर, 57,500 तत्काल सपोर्ट बना हुआ है, जिसके बाद 57,200–57,000 का ज़ोन आता है। मौजूदा रिकवरी स्ट्रक्चर को बनाए रखने के लिए 57,400 से ऊपर बने रहना महत्वपूर्ण होगा, जबकि 57,200 से नीचे निर्णायक रूप से टूटने पर नई प्रॉफिट बुकिंग शुरू हो सकती है और निकट-अवधि का टेक्निकल सेटअप कमज़ोर हो सकता है। कुल मिलाकर, निकट-अवधि का आउटलुक सतर्क और एक दायरे में रहने वाला है, जिसमें 58,000 मुख्य अपसाइड ट्रिगर के रूप में और 57,400–57,200 महत्वपूर्ण सपोर्ट ज़ोन के रूप में काम कर रहे हैं।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Sahana Systems को डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग का कॉन्ट्रैक्ट मिला, CEL के साथ 10 साल की डील

Sahana Systems Defence Deal: IT और डिफेंस टेक्नोलॉजी कंपनी Sahana Systems Ltd की सब्सिडियरी Sahana Defence Ltd को बड़ा डिफेंस कॉन्ट्रैक्ट मिला है। कंपनी ने भारत सरकार के मिनी रत्न Central Electronics Limited (CEL) के साथ लंबी अवधि का समझौता किया है। यह डील सरकार की ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत हुई है।

समझौते के तहत उत्तर प्रदेश के साहिबाबाद में CEL के परिसर में इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर (EW) इक्विपमेंट और वेपन पेरिफेरी मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी बनाई जाएगी और उसका संचालन भी किया जाएगा।

10 साल की होगी डील

यह कॉन्ट्रैक्ट शुरुआती तौर पर 10 साल के लिए है। अगर सबकुछ ठीक रहा, तो कॉन्ट्रैक्ट 5 साल और बढ़ाया जा सकता है।

Sahana Defence इस फैसिलिटी को बनाने, चलाने, मेंटेनेंस करने, मार्केटिंग करने और यहां बने प्रोडक्ट्स को कमर्शियल स्तर पर बाजार तक पहुंचाने की जिम्मेदारी संभालेगी।

क्या बनेगा इस फैसिलिटी में?

नई यूनिट में इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम और हथियारों से जुड़े पेरिफेरी इक्विपमेंट बनाए जाएंगे। इसका मकसद भारत में ही डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग को मजबूत करना और रणनीतिक तकनीकों में आत्मनिर्भरता बढ़ाना है।

कंपनी का कहना है कि CEL के मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्चर का फायदा उठाकर वह डिफेंस सेक्टर के लिए मजबूत मैन्युफैक्चरिंग प्लेटफॉर्म तैयार करेगी।

कंपनी ने क्या कहा?

Sahana Systems के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर प्रतीक काकड़िया ने कहा कि यह साझेदारी कंपनी के लिए बड़ा मील का पत्थर है। उनके मुताबिक, इससे डिफेंस कारोबार में लंबे समय तक रेवेन्यू की बेहतर दृश्यता मिलेगी और भविष्य की ग्रोथ को मजबूत आधार मिलेगा।

Sahana Systems क्या काम करती है?

साल 2013 में स्थापित Sahana Systems का मुख्यालय अहमदाबाद में है। कंपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मशीन लर्निंग, IoT, ब्लॉकचेन, बिजनेस इंटेलिजेंस और IT आउटसोर्सिंग जैसी तकनीकी सेवाएं देती है।

इसके अलावा कंपनी डिफेंसटेक, फिनटेक, हेल्थटेक और एडुटेक सेक्टर में भी काम करती है। Sahana Systems का दावा है कि वह सरकारी संस्थानों, रक्षा संगठनों और वित्तीय संस्थानों के साथ कई प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

क्या हमारी नौकरियां ले सकता है AI? जानें 5 ऐसी फील्ड जहां इंसानों की काबीलियत का मुकाबला नहीं कर सकेगा एआई

आज के दौर में छोटे-बड़े पदों पर काम कर रहे कामगारों को एक सवाल सबसे ज्यादा परेशान कर रहा है। एआई यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्या हमारी नौकरियां ले सकता है? कहने को यह सिर्फ मशीन है, लेकिन एंट्री लेवल कर्मचारियों से लेकर सीईओ तक इसके खौफ में जी रहे हैं। आए दिन मल्टीनेशनल कंपनियों द्वारा बड़ी संख्या में लोगों की छंटनी की खबरें आ रही हैं। ऐसे में ये सोचना लाजिमी है कि क्या एआई की वजह से इंसानों के काम करने के विकल्प सीमित होंगे या खतरा उतना बड़ा भी नहीं है, जितना इसका खौफ बन गया है? इस विषय पर बीबीसी हिंदी एक रिपोर्ट में विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि एआई सिर्फ नौकरियां खत्म नहीं करेगा, बल्कि नई नौकरियां पैदा भी करेगा। जनवरी 2026 में जारी वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि एआई के कारण लाखों नई नौकरियां बनी हैं। कोई 12वीं छात्र एआई से जुड़े क्षेत्र में करियर बनाना चाहता है, तो इसके लिए सही कोर्स चुनना होगा। आइए जानें 5 ऐसे करियर विकल्प जहां एआई इंसानों का बाल भी बांका नहीं कर सकता है।

क्या होता है एआई?

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मशीन या कंप्यूटर की ऐसी क्षमता, जिससे ऐसा लगे कि वो इंसानों की तरह ही सोचने-समझने के काबिल है।” वह कहते हैं रोजमर्रा के जीवन में इस्तेमाल हो रहे कंप्यूटर-मोबाइल एप्लिकेशन के पीछे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस काम कर रहा है।

एआई के पांच टॉप कोर्स

दिल्ली में टेक पॉलिसी फोकस्ड थिंकटैंक इसिया सेंटर की डायरेक्टर और जानी-मानी एआई एक्सपर्ट मेघना बल कहती हैं, ”एआई उन लोगों के लिए खतरा नहीं है, जो खुद को अपडेट रखते हैं। बल्कि यह उनके लिए मौका है।” मेघना के मुताबिक एआई से संबंधित कुछ बेसिक स्तर के कोर्स सभी को करने चाहिए। सरकार के स्वयं पोर्टल के जरिए कई कोर्स फ्री में किए जा सकते हैं। लेकिन इस फील्ड में करियर बनाने में ये 5 कोर्स आपके काम आएंगे।

एमबीए/पीजी डिप्लोमा इन एआई एंड बिजनेस एनालिटिक्स : आईआईएम, इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस, और अपग्रैड, या ग्रेट लर्निंग जैसी एडुटेक कंपनियों के साथ जुड़कर ये कोर्स किया जा सकता है। इसकी फीस करीब ढाई से सात लाख रुपये तक हो सकती है। कोर्स करने के बाद संभावित सैलरी छह से बीस लाख रुपये के बीच हो सकती है।

एआई सर्टिफिकेट प्रोग्राम (ऑनलाइन): ये ऑनलाइन एडुटेक प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है। इसकी फीस डेढ़ लाख रुपये के आसपास है। ये उनके लिए है, जो एकदम शुरुआती चरण में हैं और एआई की बुनियादी समझ बनाना चाहते हैं। इस कोर्स के बाद सालाना 10 लाख तक सैलरी मिल सकती है।

एमसीए/एम टेक इन एआई एंड मशीन लर्निंग : आईआईटी, एनआईटी, आईआईआईटी और कई दूसरे प्रमुख विश्वविद्यालय से ये कोर्स किया जा सकता है। इसके अलावा आईआईटी में एआई से जुड़े कई क्रैश कोर्स भी उपलब्ध हैं। मास्टर्स की फीस सालाना एक लाख से दस लाख के बीच हो सकती है। इसे करने के बाद अनुमानित सैलरी 22 लाख रुपए हो सकती है।

बीएससी/बीटेक इन एआई एंड डेटा साइंस : दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी, वेल्लोर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, एमिटी यूनिवर्सिटी, सेंट जेवियर्स कॉलेज, एनआईटी जैसे बड़े संस्थानों से ये कोर्स किया जा सकता है। पूरे प्रोग्राम की फीस एक लाख से बीस लाख रुपए के बीच हो सकती है। संभावित सैलरी 6 से 18 लाख रुपये तक जा सकती है।

एआई बूटकैंप और इंडस्ट्री प्रोग्राम : आईआईटी मद्रास, आईआईटी बॉम्बे और कई बड़े निजी संस्थान में ये कोर्स उपलब्ध है। इसकी फीस करीब 1 लाख से साढ़े तीन लाख रुपये हो सकती है। कोर्स के बाद संभावित पैकेज 6 से 18 लाख रुपए या उससे ज्यादा हो सकता है।

हेल्थ, सीए, कानून के पेशे में कम होगा एआई का असर

विशेषज्ञों का कहना है कि एआई का खतरा उन पेशों पर कम होगा, जहां इंसानी कनेक्ट की जरूरत होगी। मेघना बल कहती हैं, “नर्स, हेल्थकेयर प्रोफेशनल, फिजियोथेरेपिस्ट, साइकोलॉजिस्ट, टीचर के काम एआई नहीं कर पाएगा। इन कामों के लिए इंसान ही चाहिए। लोग सिर्फ ऑटोमेटेड जवाबों से संतुष्ट नहीं होंगे।”

इसके अलावा क्रिएटिव डायरेक्टर्स, लेखक या कॉन्टेंट स्ट्रैटेजिस्ट के काम में एआई मददगार हो सकता है, लेकिन इनकी जगह नहीं ले पाएगा। प्रोफेसर आकाश सिन्हा चार्टर्ड अकाउंटेंट, डॉक्टर, नर्स, एआई इंजीनियर, साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट, वकील के करियर को एआई से सुरक्षित मानते हैं। लेकिन इसमें अपनी विशेषज्ञता कायम रखनी होगी। ये करियर विकल्प पूरी तरह सुरक्षित नहीं हैं, लेकिन आप खुद एआई टूल का इस्तेमाल करना सीखें, ताकि काम जल्दी कर सकें।

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