Gift Nifty Indicator: क्रूड में नरमी क्या बाजार में भरेगी आज जोश, जानें गिफ्ट निफ्टी से क्या मिल रहे संकेत

Gift Nifty Indicator: मिडिल ईस्ट में जियोपॉलिटिकल तनाव कम होने और कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट से ग्लोबल रिस्क लेने की क्षमता में सुधार हुआ है। निवेशक सेंट्रल बैंक की मीटिंग, कॉर्पोरेट अर्निंग और गल्फ में डेवलपमेंट से भरे इस हफ्ते पर भी नजर रखेंगे। यहीं वजह है कि सोमवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी के ऊपर खुलने की संभावना है, GIFT निफ्टी के साथ एक मजबूत शुरुआत का संकेत है।

गिफ्ट निफ्टी 23,947 के लेवल पर ट्रेड कर रहा था, जो निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले क्लोज से लगभग 140.5 पॉइंट्स का प्रीमियम है। शुक्रवार को, भारतीय शेयर बाज़ार लगातार पांचवें सेशन में गिरावट के साथ बंद हुए थे। बेंचमार्क निफ्टी 50 23,800 के लेवल से नीचे चला गया। सेंसेक्स 331.62 पॉइंट्स या 0.43% गिरकर 76,059.77 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 102.15 पॉइंट्स या 0.43% गिरकर 23,767.45 पर बंद हुआ।

एशियाई बाजारों में बढ़त

US और ईरान के बीच दुश्मनी में ठहराव के बाद सोमवार को एशियाई इक्विटी में तेजी आई, जिससे संघर्ष के डिप्लोमैटिक समाधान की उम्मीदें बढ़ीं, जिससे कच्चे तेल की कीमतें तेजी से नीचे आईं और महंगाई को लेकर चिंताएं कम हुईं। बाजारों ने उन रिपोर्टों का स्वागत किया कि जब तक अमेरिका आगे हमले नहीं करता, ईरान हमले रोक देगा।

जापान के बाहर एशिया-पैसिफिक शेयरों का MSCI का सबसे बड़ा इंडेक्स 0.3 परसेंट बढ़ा, जबकि जापान का निक्केई 0.4 परसेंट और साउथ कोरिया का कोस्पी 0.6 परसेंट बढ़ा। US फ्यूचर्स ने भी मज़बूत शुरुआत की, S&P 500 फ्यूचर्स 0.8 परसेंट और नैस्डैक फ्यूचर्स 1.3 परसेंट बढ़े। यूरोपियन फ्यूचर्स भी ज़्यादा थे।

क्रूड 5% गिरा

लड़ाई में साफ रुकावट के बाद सप्लाई में लंबे समय तक रुकावट की आशंका कम होने के बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से गिरावट आई। ब्रेंट क्रूड 5.2 परसेंट गिरकर $91.73 प्रति बैरल पर आ गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड 5.4 परसेंट गिरकर $84.45 पर आ गया। हाल ही में लड़ाई बढ़ने के दौरान ब्रेंट के कुछ समय के लिए $100 प्रति बैरल से ऊपर जाने के बाद दोनों बेंचमार्क लगभग एक हफ़्ते में अपने सबसे निचले लेवल पर आ गए।

फेड और बिग टेक की कमाई से पहले वॉल स्ट्रीट में मिला-जुला रुख रहा। शुक्रवार को US मार्केट मिले-जुले रुख के साथ बंद हुए, क्योंकि इन्वेस्टर्स इस हफ़्ते की फेडरल रिज़र्व पॉलिसी मीटिंग और बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों की कमाई पर नज़र रखे हुए थे। डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 0.46 परसेंट बढ़ा, जबकि S&P 500 0.05 परसेंट बढ़ा। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े भारी खर्च की चिंताओं के बीच सेमीकंडक्टर स्टॉक दबाव में रहने से नैस्डैक कंपोजिट 0.64 परसेंट गिर गया।

निफ्टी- बैंक निफ्टी के लिए अहम लेवल

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर ने कहा कि तेल की कीमतों में गिरावट से महंगाई की चिंताओं को कम करने और सेंट्रल बैंकों पर मॉनेटरी पॉलिसी को और सख्त करने का दबाव कम करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, मिडिल ईस्ट में हो रहे डेवलपमेंट मार्केट सेंटिमेंट और कमोडिटी की कीमतों के मुख्य ड्राइवर बने रहेंगे।

पोनमुडी ने कहा कि निफ्टी में शॉर्ट-टर्म में मंदी का रुझान बना हुआ है। 23,800-24,000 ज़ोन अभी भी तुरंत रेजिस्टेंस बना हुआ है, और इसके ऊपर लगातार मूव करने से सेंटिमेंट में सुधार होगा और 24,200 की ओर रास्ता खुलेगा। नीचे की तरफ, 23,700-23,600 मुख्य सपोर्ट एरिया है, और 23,600 से नीचे जाने पर गिरावट 23,500-23,300 ज़ोन तक बढ़ सकती है।

HDFC सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट नागराज शेट्टी के अनुसार, निफ्टी 50 इंडेक्स ने निचले लेवल के पास एक मजबूत बुलिश कैंडलस्टिक बनाया, जो निचले लेवल पर खरीदारी की दिलचस्पी बढ़ने का संकेत है। उन्होंने बताया कि निफ्टी 50 अभी 23,600 के आसपास एक ज़रूरी सपोर्ट ज़ोन के पास है, जो 15 जून के अपसाइड गैप और एक बढ़ती हुई ट्रेंडलाइन के साथ मेल खाता है, जिससे शॉर्ट-टर्म पुलबैक की संभावना बढ़ जाती है।

हालांकि शॉर्ट-टर्म ट्रेंड नेगेटिव हो गया है, शेट्टी का मानना ​​है कि मीडियम से लॉन्ग-टर्म अपट्रेंड बना हुआ है। उन्हें उम्मीद है कि मौजूदा कमजोरी के फिर से शुरू होने से पहले, आने वाले हफ्ते में इंडेक्स 24,200 पर तुरंत रेजिस्टेंस की ओर थोड़ा उछाल देखेगा। उन्होंने आगे कहा कि 23,600 का लेवल देखने के लिए मुख्य सपोर्ट बना हुआ है।

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, मजबूत हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

जालौन के पिछड़ेपन के जिम्मेदार अब घड़ियाली आंसू बहाकर युवाओं को गुमराह कर रहे

CM Yogi Adityanath Jalaun

CM Yogi Adityanath Jalaun: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जालौन में विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने बुंदेलखंड के पिछड़ेपन, सूखे और पलायन के लिए पिछली सरकारों को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि लोगों को यह याद रखना चाहिए कि आखिर वे कौन लोग थे, जिन्होंने जालौन और बुंदेलखंड के पिछड़ेपन का आधार तैयार किया। जिन लोगों के काले कारनामों के कारण जालौन दस्यु प्रभावित क्षेत्र घोषित हो गया था, उन्हें भी याद करने की जरूरत है। सीएम योगी ने कहा कि बुंदेलखंड को अभाव और सूखे के कारण पलायन के लिए मजबूर करने वाले भी वे ही लोग थे। आज वही लोग घड़ियाली आंसू बहाकर नौजवानों को गुमराह करने का काम कर रहे हैं। 

 

उन्होंने सवाल किया कि यमुना, बेतवा और पहूज जैसी पावन नदियों की त्रिवेणी वाले क्षेत्र को आखिर क्यों पिछड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा और हर योजना में यह क्षेत्र पीछे क्यों दिखाई देता था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ में शनिवार को जालौन के उरई, माधौगढ़ व कालपी विधानसभा क्षेत्रों में 1275 करोड़ रुपए की 375 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। उरई के स्पोर्ट्स स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में सीएम ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया और विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को किट/चेक/स्वीकृति पत्र भी वितरित किए। 

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज जालौन और पूरा बुंदेलखंड अपनी पुरानी पहचान से बाहर निकलकर विकास के नए प्रतिमान स्थापित कर रहा है। आज बुंदेलखंड में 56 हजार एकड़ से बड़े क्षेत्रफल में भारत का सबसे बड़ा औद्योगिक क्षेत्र बीडा के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसकी कनेक्टिविटी का आधार जालौन बन रहा है। बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे और फोरलेन कनेक्टिविटी ने जालौन की तस्वीर बदलने का काम किया है। अब यह क्षेत्र बीहड़ और दस्यु प्रभावित क्षेत्र के रूप में नहीं, बल्कि विकास और नई संभावनाओं के क्षेत्र के रूप में अपनी पहचान बना रहा है।

कालपी का कागज बना ग्लोबल ब्रांड

सीएम योगी ने कहाकि जालौन के कालपी में तैयार होने वाला हस्तशिल्प कागज अब स्थानीय पहचान से निकलकर वैश्विक ब्रांड बन रहा है। कालपी के इस पारंपरिक कागज को जीआई टैग मिलने के बाद इसकी पहचान और बाजार दोनों का विस्तार हुआ है। आज कालपी का कागज देश की सीमाओं को पार कर ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, अमेरिका, जर्मनी और जापान जैसे देशों तक पहुंच रहा है। कालपी के कागज की खासियत इसकी पारंपरिक निर्माण प्रक्रिया और स्थानीय हस्तशिल्प से जुड़ी पहचान है। जीआई टैग मिलने से इस उत्पाद को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक विशिष्ट पहचान मिली है और इससे स्थानीय कारीगरों एवं उद्यमियों के लिए नए बाजार खुलने की उम्मीद बढ़ी है।

कोंच की रामलीला ने वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया

सीएम योगी ने कहा कि इतिहास हमें इस बात का आगाह करता है। महर्षि वेदव्यास ने यहां जन्म लिया इस पावन धारा में और कहते हैं भगवान कृष्ण के पौत्र सांब ने प्राचीन सूर्य मंदिर का निर्माण भी यहीं पर करवाया था। याद करिए कोंच की रामलीला ने लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया। यानी रामलीला का इतिहास कैसे होना चाहिए। ऐसी उरई, माधवगढ़ और कालपी विधानसभा क्षेत्र से जुड़ी धरा पर आज 1275 करोड़ रुपए की परियोजनाओं के लोकार्पण/शिलान्यास के लिए मुझे आने का अवसर प्राप्त हुआ।

 

सीएम योगी ने आदिशक्ति मां भगवती जालौन माता और बैरागढ़ की शारदा माता के श्रीचरणों में नमन करते हुए महर्षि वेदव्यास की पावन जन्मभूमि और इसी जालौन की तपोभूमि को कोटि-कोटि नमन किया। जालौन और कालपी अपने गौरवशाली इतिहास के लिए जाना जाता है। रानी लक्ष्मीबाई, तात्या टोपे और नाना साहेब पेशवा की समर भूमि के रूप में जो धरती जानी जाती हो, कालपी का हैंडमेड कागज और यहां की विश्व विख्यात मटर इस जनपद को एक नई पहचान दिलाते हैं।

अपराधी के लिए जेल या जहन्नुम के अलावा कोई जगह नहीं

मुख्यमंत्री ने सपा और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज उत्तर प्रदेश का नौजवान देश-दुनिया में सीना चौड़ा कर चल रहा है और उसके सामने पहचान का संकट नहीं है। योगी ने कहा कि सपा शासन में बुंदेलखंड के संसाधनों का माफिया ने जमकर दोहन किया और विकास के नाम पर वसूली होती थी। बुंदेलखंड के विकास के लिए आने वाला पैसा सैफई में फिल्मी कार्यक्रमों पर खर्च किया जाता था। आज यही धन फोरलेन कनेक्टिविटी, युवाओं के रोजगार और किसानों के हित में खर्च हो रहा है।

 

गरीबों को राशन, पेंशन, आयुष्मान भारत और रसोई गैस जैसी योजनाओं का लाभ मिल रहा है कानून-व्यवस्था का जिक्र करते हुए सीएम ने कहा कि अब बेटियां सुरक्षित माहौल में स्कूल जा रहीं हैं। किसी बेटी से छेड़छाड़ या व्यापारी का उत्पीड़न करने वाले अपराधी के लिए जेल या जहन्नुम के अलावा कोई जगह नहीं है। आज व्यापारी निर्भय होकर कारोबार और बेटियां स्वावलंबन की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।

जालौन में सड़क-पेयजल परियोजनाओं को रफ्तार

सीएम योगी ने कहा कि जालौन जिले में सड़क, पेयजल और कनेक्टिविटी से जुड़ी कई परियोजनाओं को तेजी से पूरा किया जा रहा है। गोहन-माधौगढ़ से मध्य प्रदेश सीमा तक जिला मार्ग के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण का कार्य पूरा हो चुका है। वहीं बंगरा-जगम्मनपुर मार्ग पर रामपुरा, निनावली, नारोल, राठौर और अनपुरा होते हुए मध्य प्रदेश सीमा तक टू-लेन सड़क का निर्माण भी पूरा होने की जानकारी दी गई। 

 

एट-बंगरा-बीकेपुर तथा कालपी-मदारीपुर संपर्क मार्ग भी तैयार हो चुके हैं। हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने के लिए करीब 100 करोड़ रुपये की नगरपालिका परिषद उरई, कोटा-मस्तकिल ग्राम पेयजल परियोजना और सलाघाट वाटर सप्लाई ग्रामीण पेयजल योजना पर काम जारी है। सीएम योगी ने कानून-व्यवस्था नीति का जिक्र करते हुए कहा कि संगठित अपराध में शामिल माफिया की 600 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियां जब्त की गई हैं। नकल माफिया के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जा रही। परीक्षा में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। 

जालौन में आएंगे रोजगार के नए अवसर

मुख्यमंत्री ने कहा कि झांसी और चित्रकूट में बन रहे डिफेंस कॉरिडोर का लाभ जालौन को भी मिलेगा। जालौन से होकर कनेक्टिविटी विकसित होने के साथ यहां 56 हजार एकड़ में फ्यूचर रेडी इंडस्ट्रियल टाउनशिप बनाने की योजना है, जिससे लाखों युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। उन्होंने जालौन में डेटा सेंटर क्लस्टर विकसित करने की बात भी कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस समेत आधुनिक तकनीक के विकास के लिए डेटा सेंटर महत्वपूर्ण आधारभूत ढांचा है। चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे का काम तेजी से चल रहा है। बुंदेलखंड के सभी सात जिलों को यूपी एग्रीज योजना में शामिल किया गया है। महिला शक्ति का उल्लेख करते हुए उन्होंने बैलैनी मिल्क प्रोड्यूसर के माध्यम से महिलाओं की क्षमता की सराहना की।

CM Yogi Adityanath Jalaun

सीएम योगी ने लाभार्थियों को प्रमाणपत्र, चेक वितरित किया 

  • गीता, रेनू, शकीला खातून और ममता (उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत 13,14,30000 का चेक)
  • उमेदा (मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत पत्र)
  • आस्था ( कन्या सुमंगला योजना के तहत चेक)
  • शैलेंद्र सिंह सेंगर (कृषि यंत्र)
  • शिवा त्रिपाठी (प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत सोलार रूफ टॉप यंत्र, पत्र) 
  • विनय राजपूत (प्रधानमंत्री स्वनिध योजना के तहत पत्र)
  • रानी देवी (प्रधानमंत्री शहरीय आवास योजना के तहत पत्र)
  • समर सिंह (कुक्कुट योजना के तहत ब्याज मुक्त ऋण पत्र)
  • कुशाग्र गुप्ता (एआईएफ के तहत 4 करोड़ रुपए का चेक)
  • अंबदा रहमान (आयुष्मान भारत के तहत गोल्डन कार्ड)।

ये रहे मौजूद 

इस अवसर पर मंत्री संजय सिंह गंगवार, विधायक विनोद कुमार चतुर्वेदी, विधायक गौरी शंकर वर्मा, विधायक मूलचंद निरंजन, विधान परिषद सदस्य रमा निरंजन, विधान परिषद सदस्य बाबू लाल तिवारी, क्षेत्रीय अध्यक्ष राम किशोर साहू, जिलाध्यक्ष उर्विजा दीक्षित, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ घनश्याम अनुरागी, गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता, पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य बाबा बालक दास, कोऑपरेटिव बैंक के सभापति बृजभूषण सिंह मुन्नू, अपना दल के अध्यक्ष अनिल कोदारी, राष्ट्रीय लोक दल के जिलाध्यक्ष रविंद्र श्रीवास्तव, नगर पालिका परिषद उरई की अध्यक्ष गिरिजा चौधरी, नगर पालिका परिषद कोंच के अध्यक्ष प्रदीप कुमार गुप्ता, नगर पालिका परिषद जालौन के अध्यक्ष नेहा पुनीत आदि मौजूद रहे।

 

मंगलुरु के छात्रों ने बनाई AI-पावर्ड ड्राइवरलेस इलेक्ट्रिक कार, जो खुद पहचानती है रास्ता

जहां टेस्ला जैसी ग्लोबल कंपनियां ऑटोनॉमस व्हीकल टेक्नोलॉजी में भारी निवेश कर रही हैं, वहीं मंगलुरु के मुक्का में स्थित श्रीनिवास यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (SUIET) के मैकेनिकल इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के स्टूडेंट्स और फैकल्टी की एक टीम ने बहुत कम लागत में अपनी AI-पावर्ड सेल्फ-ड्राइविंग इलेक्ट्रिक गाड़ी ‘श्री-वाहन’ बनाई है।

इस गाड़ी को आधिकारिक तौर पर 23 जुलाई, 2026 को पेश किया गया था। यह सिर्फ़ स्टूडेंट्स का एक प्रोजेक्ट नहीं है, बल्कि एक काम करने वाला प्रोटोटाइप है जिसे आगे चलकर असल दुनिया में इस्तेमाल के लिए विकसित किया जा सकता है।

टीम ने इस वाहन को पूरी तरह से नए सिरे से बनाने के बजाय एक मौजूदा कार को मॉडिफाई किया और उसे इलेक्ट्रिक और AI-आधारित ऑटोनॉमस व्हीकल में बदल दिया। इस पूरे प्रोटोटाइप को तैयार करने में टीम को करीब छह महीने लगे और इसकी लागत लगभग 4-5 लाख रुपये आई।

यह सड़क को कैसे “देखता” है

यह वाहन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के साथ-साथ LiDAR, कैमरा-बेस्ड विजन सिस्टम, GPS नेविगेशन, अल्ट्रासोनिक सेंसर, ओडोमेट्री, विजुअल SLAM और सेंसर फ्यूजन टेक्नोलॉजी से चलती है। ये सभी तकनीकें मिलकर गाड़ी को बिना ड्राइवर के पहले से तय रास्ते पर सुरक्षित रूप से चलने में मदद करते हैं।

अगर रास्ते में कोई व्यक्ति या रुकावट आती है, तो सेंसर उसे पहचान लेते हैं और गाड़ी अपने-आप रुक जाती है। ऑपरेटर गाड़ी में लगे कैमरे से उस पर नजर रख सकते हैं और जरूरत पड़ने पर उसे दूर से कंट्रोल भी कर सकते हैं। इसके अलावा, गाड़ी में AI असिस्टेंट सिस्टम भी लगा है।

स्पीड और रेंज

टेस्टिंग के दौरान सुरक्षा के लिए, ऑटोनॉमस मोड में गाड़ी की स्पीड 5 km/h तक सीमित रखी गई है। मैनुअल मोड में यह 20 से 28 किमी/घंटा की रफ्तार से चल सकता है। इसमें 5 किलोवाट की लिथियम-आयन बैटरी लगी है, जो एक बार फुल चार्ज होने पर 15 से 22 किलोमीटर तक की दूरी तय कर सकती है।

यह गाड़ी लगभग 360 kg का भार उठा सकती है, यानी इसमें छह लोग बैठ सकते हैं या इतना ही वजन का सामान ले जाया जा सकता है। इसे इस तरह से डिजाइन किया गया है कि जरूरत पड़ने पर इसे एम्बुलेंस में भी बदला जा सके।

इसका इस्तेमाल कहां-कहां हो सकता है

इस गाड़ी को कई संभावित कामों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है: जैसे कि एजुकेशनल कैंपस में छात्रों को लाना-ले जाना, इंडस्ट्रियल इलाकों में स्टाफ को पहुंचाना, अस्पतालों में मरीजों को एक जगह से दूसरी जगह ले जाना, एम्बुलेंस के तौर पर इस्तेमाल होना, मिलिट्री इलाकों में ज्यादा जोखिम वाले जोन तक जरूरी सामान पहुंचाना और रिमोट-कंट्रोल से होने वाले डिफेंस ऑपरेशन में मदद करना।

आगे क्या होगा?

अभी यह गाड़ी सिर्फ पहले से मैप किए गए रास्तों पर ही चलती है। अगले चरण में, टीम का प्लान है कि इसमें बिना मैप वाले इलाकों में भी खुद चलने की क्षमता जोड़ी जाए और ज्यादा क्षमता वाली बैटरी लगाई जाए, ताकि इसे पूरी तरह काम करने वाली एम्बुलेंस बनाया जा सके।

इसके अलावा, संस्थान का मकसद भारतीय सड़कों के हिसाब से एक ऑटोनॉमस ड्राइविंग सिस्टम बनाना और आगे चलकर इस टेक्नोलॉजी को कमर्शियलाइज करना भी है।

‘श्री-वहन’ यह दिखाता है कि मौजूदा तकनीक का इस्तेमाल करके पुराने वाहनों को कम लागत वाले AI-संचालित ऑटोनॉमस वाहनों में बदला जा सकता है। यह उपलब्धि ऐसे समय में सामने आई है, जब टेस्ला जैसी वैश्विक कंपनियां भी बड़े बजट के साथ इसी तरह की तकनीक विकसित करने पर काम कर रही हैं।

इस प्रोजेटक्ट से छात्रों का क्या है फायदा?

यह प्रोजेक्ट छात्रों की रिसर्च करने की क्षमता को दिखाता है, उन्हें प्रैक्टिकल अनुभव के साथ सीखने का मौका देता है और भारतीय परिस्थितियों के हिसाब से ऑटोनॉमस टेक्नोलॉजी विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

इस प्रोजेक्ट में मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर विश्वास सी. शेट्टी ने मार्गदर्शन किया, जबकि रिसर्च एसोसिएट विशाख मेनन ने रिसर्च और डेवलपमेंट का नेतृत्व किया। श्रेयस, अद्वितीय, उज्ज्वल, अक्षय, मंजूनाथ और प्रख्यात जैसे छात्रों ने इस प्रोजेक्ट में अहम योगदान दिया।

श्रीनिवास यूनिवर्सिटी के चांसलर डॉ. ए. श्रीनिवास राव के अनुसार, इस तरह के रिसर्च छात्रों को भविष्य की तकनीकी चुनौतियों का सामना करने का आत्मविश्वास देते हैं और साथ ही समाज की वास्तविक समस्याओं के समाधान खोजने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

यह भी पढ़ें: ₹7.99 लाख की शुरुआती कीमत पर लॉन्च हुई Kia Syros EV, 526km रेंज और लग्जरी फीचर के साथ

Gift Nifty Indictor: बाजार पर हावी हो सकते है मंदड़िए, गिफ्ट निफ्टी 200 अंक नीचे, जानें आज निफ्टी-बैंक निफ्टी के लिए कौन से लेवल होंगे अहम

Gift Nifty Indictor: भारतीय बाजार आज 24, जुलाई को एक और कमजोर सेशन के लिए तैयार हैं। गिफ्ट निफ्टी पर ग्लोबल इक्विटी में बिकवाली और तेल की कीमतों में तेज गिरावट का असर देखने को मिल रहा है। निफ्टी 50 की परफॉर्मेंस का शुरुआती इंडिकेटर,  गिफ्ट निफ्टी  सुबह 8 बजे 23,656.50 के लेवल के आसपास ट्रेड कर रहा था, जो निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले क्लोज 23,873.60 से 205 पॉइंट्स नीचे है।

बता दें कि गुरुवार को, बेंचमार्क में लगातार चौथे सेशन में गिरावट जारी रही, जो 6 जून के बाद से उनकी सबसे लंबी गिरावट का सिलसिला था, क्योंकि ब्रेंट क्रूड की ऊंची कीमतों ने सेंटिमेंट पर असर डाला। निफ्टी 50 126.65 पॉइंट्स या 0.53% गिरकर 23,869.60 पर आ गया, जबकि सेंसेक्स 363.66 पॉइंट्स या 0.47% गिरकर 76,391.39 पर आ गया।

शुक्रवार को एशियाई मार्केट भी नीचे ट्रेड कर रहे थे, पिछले सेशन से हो रही गिरावट जारी रही क्योंकि तेल की ज़्यादा कीमतों और टेक्नोलॉजी स्टॉक्स में बिकवाली के एक और दौर ने महंगाई और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से चलने वाले इन्वेस्टमेंट के आउटलुक को लेकर चिंता बढ़ा दी। जापान का निक्केई 225 2.46 परसेंट गिरा, साउथ कोरिया का कोस्पी 3.04 परसेंट गिरा, ऑस्ट्रेलिया का ASX 200 0.57 परसेंट गिरा और चीन का शंघाई कंपोजिट 0.01 परसेंट फिसला।

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच तेल की कीमतों में तेज़ी आने से गुरुवार को U.S. इक्विटीज़ तेज़ी से नीचे बंद हुईं, जबकि इन्वेस्टर्स दुनिया की दो सबसे बड़ी कंपनियों की तिमाही कमाई का अंदाज़ा लगा रहे थे। अल्फाबेट के नतीजों ने बढ़ते आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस खर्च को लेकर चिंता बढ़ा दी।

डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 506.93 पॉइंट्स या 0.97 परसेंट गिरकर 51,711.65 पर आ गया। S&P 500 1.21 परसेंट गिरकर 7,408.30 पर आ गया, जबकि नैस्डैक कंपोजिट 2.15 परसेंट गिरकर 25,137.69 पर आ गया। टेक्नोलॉजी-हैवी इंडेक्स पर अल्फाबेट में 7 परसेंट और टेस्ला में 14 परसेंट की गिरावट का असर पड़ा, जो उनकी अर्निंग्स रिपोर्ट के बाद आई।

रेड सी में टैंकरों पर हूथी हमलों के बाद मिडिल ईस्ट संघर्ष में एक नया मोर्चा खुलने के बाद ब्रेंट क्रूड $100 प्रति बैरल से ऊपर ट्रेड कर रहा था, जबकि प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर हमले बढ़ाने की धमकी दी थी। ग्लोबल बेंचमार्क गुरुवार को दो महीने में पहली बार $100 के निशान से ऊपर चढ़ गया और इस हफ्ते इसमें लगभग 14 परसेंट की बढ़ोतरी हुई है। वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट $92 प्रति बैरल के करीब ट्रेड कर रहा था।

ट्रंप ने रेड सी में जहाजों पर और हमले होने पर ईरान और हूथी दोनों के लिए “बड़ी मिलिट्री सज़ा” की चेतावनी दी और एक्सियोस को बताया कि वह ईरान पर “बड़े हमले” पर विचार कर रहे हैं।

तेल बाज़ार रूस के ब्लैक सी कोस्ट पर कैस्पियन पाइपलाइन कंसोर्टियम टर्मिनल पर हुए हमलों से भी जूझ रहा है, जो कज़ाकिस्तान का ज़्यादातर क्रूड एक्सपोर्ट करता है। मिडिल ईस्ट में महीनों से चल रहे संघर्ष के कारण ग्लोबल इन्वेंटरी कम हो गई है, जिससे सप्लाई कम होने और बड़े पैमाने पर आर्थिक झटके का खतरा बढ़ गया है।

इस महीने तेल की कीमतों में तेज़ी आई है क्योंकि फ़ारस की खाड़ी में US और ईरान के बीच दुश्मनी बढ़ गई है, जिससे होर्मुज़ स्ट्रेट से ट्रैफ़िक में रुकावट आई है और क्रूड ऑयल और लिक्विफाइड नेचुरल गैस के फ्लो पर असर पड़ा है। रेड सी में ईरान-समर्थित हूथी मिलिटेंट्स द्वारा सऊदी अरब के टैंकरों पर पहले हमलों ने पूरे इलाके में सप्लाई में बड़े पैमाने पर रुकावटों को लेकर चिंताएं और बढ़ा दी हैं।

निफ्टी- बैंक निफ्टी के लिए क्या होगा आज आउटलुक 

आज बैंक निफ्टी के आउटलुक पर बात करते हुए एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर ने कहा कि  बैंक निफ्टी के नेगेटिव बायस के साथ ट्रेड करने की उम्मीद है, जिससे हाल के सेशन में देखी गई लगातार कमजोरी और बढ़ेगी। इंडेक्स अपने मुख्य रेजिस्टेंस लेवल से नीचे बना हुआ है और अपने 200-दिन के EMA (56,495) से थोड़ा ऊपर बना हुआ है, जिससे पता चलता है कि बेयर्स शॉर्ट-टर्म ट्रेंड पर मजबूती से कंट्रोल में हैं। टेक्निकल नजरिए से, 56,800–56,900 ज़ोन तुरंत रेजिस्टेंस है, इसके बाद 57,200–57,300 ज़ोन और ऊपर है।

नीचे की तरफ, 56,400–56,300 ज़ोन तुरंत सपोर्ट बना हुआ है, जो पिछले सेशन में मजबूत बना हुआ था। इस लेवल से नीचे एक बड़ा ब्रेक सेलिंग प्रेशर बढ़ सकता है और इंडेक्स 56,000–55,800 सपोर्ट ज़ोन की ओर खिंच सकता है। कुल मिलाकर, शॉर्ट-टर्म टेक्निकल आउटलुक बेयरिश बना हुआ है, इंडेक्स के शॉर्ट-टर्म टेक्निकल स्ट्रक्चर में काफ़ी सुधार लाने और मोमेंटम को बुल्स के पक्ष में करने के लिए 57,000 मार्क से ऊपर लगातार मूव जरूरी होगा।

पीएल कैपिटल के हेड एडवाइजरी विक्रम कासट ने कहा, “तेल की कीमतें $100 प्रति बैरल से ऊपर चढ़ने और जियोपॉलिटिकल तनाव बढ़ने के कारण बाज़ार फिर से साफ़ तौर पर रिस्क-ऑफ मोड में आ गए हैं। मज़बूत कॉर्पोरेट फंडामेंटल्स पर सख्त फाइनेंशियल हालात और बढ़ते रिस्क से बचने की प्रवृत्ति का असर पड़ सकता है। निफ्टी के लिए, 23,600 एक मुख्य सपोर्ट लेवल बना हुआ है, जबकि 24,000 तुरंत रेजिस्टेंस है।”

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, कमजोर हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत 

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Meesho Q1 Results: मीशो का घाटा 54% घटा, रेवेन्यू 48% उछला; शेयरों पर रहेगी नजर

Meesho Q1 Results: ई-कॉमर्स कंपनी मीशो ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के नतीजे जारी कर दिए हैं। इस दौरान कंपनी का घाटा पिछले साल के मुकाबले काफी कम हुआ है, जबकि रेवेन्यू में जोरदार बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

घाटा आधे से भी कम हुआ

जून 2026 तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट लॉस 54.1% घटकर ₹132.8 करोड़ रह गया। एक साल पहले की समान तिमाही में यह ₹289.4 करोड़ था।

वहीं, ऑपरेशन से रेवेन्यू 48% बढ़कर ₹3,712.8 करोड़ पहुंच गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹2,503.9 करोड़ था।

EBITDA और कारोबार में सुधार

तिमाही के दौरान मीशो का EBITDA लॉस ₹224.7 करोड़ रहा। पिछले साल यह ₹264.4 करोड़ था। यानी इस मोर्चे पर भी सुधार देखने को मिला।

कंपनी का नेट मर्चेंडाइज वैल्यू (NMV) 34% बढ़कर ₹11,614 करोड़ हो गया। यह प्लेटफॉर्म पर बढ़ते ग्राहकों और ज्यादा खरीदारी का संकेत है।

ऑर्डर और ग्राहकों की संख्या बढ़ी

अप्रैल-जून तिमाही में मीशो पर 72.5 करोड़ ऑर्डर दिए गए। यह पिछले साल के मुकाबले 29% ज्यादा है।

कंपनी के एनुअल ट्रांजैक्टिंग यूजर्स (ATUs) की संख्या भी 29% बढ़कर 27.4 करोड़ हो गई। वहीं, हर ग्राहक ने सालाना औसतन 10.3 ऑर्डर किए। प्रीपेड ऑर्डर की हिस्सेदारी बढ़कर 37% हो गई। इससे ऑर्डर कैंसिलेशन और रिटर्न-टू-ओरिजिन (RTO) में कमी आई।

AI पर लगातार बढ़ा रही निवेश

मीशो ने कहा कि वह अपने प्लेटफॉर्म पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा रही है। कंपनी के मुताबिक, AI की मदद से इंजीनियरों की उत्पादकता दोगुने से ज्यादा बढ़ी है।

AI आधारित कैटलॉगिंग, डिमांड इंटेलिजेंस और मल्टीलिंगुअल वॉयस एजेंट्स की मदद से प्लेटफॉर्म पर सक्रिय सेलर्स की संख्या 81% बढ़कर 10.4 लाख से ज्यादा हो गई। इनमें से करीब 45% सेलर्स टियर-2 और उससे छोटे शहरों से हैं।

Meesho Mall में तेज ग्रोथ

मीशो का Meesho Mall अब 1,200 से ज्यादा ब्रांड्स के साथ काम कर रहा है। इस कारोबार में सालाना आधार पर करीब 93% की ग्रोथ दर्ज की गई।

वहीं, Content Commerce NMV में 141% की बढ़ोतरी हुई। कंपनी का कहना है कि AI से जुड़े क्रिएटर टूल्स की वजह से कंटेंट के जरिए आने वाले ऑर्डर तेजी से बढ़े हैं।

मैनेजमेंट ने क्या कहा?

मीशो के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर धीरज बंसल ने कहा कि पहली तिमाही के नतीजे कंपनी के मजबूत ऑपरेटिंग मॉडल को दिखाते हैं। उनके मुताबिक, AI अब कंपनी के हर हिस्से का अहम हिस्सा बन चुका है। इसी तिमाही में मीशो ने करीब 72.5 करोड़ ऑर्डर प्रोसेस किए, यानी औसतन हर सेकेंड 90 से ज्यादा ऑर्डर प्लेटफॉर्म पर आए।

मीशो के शेयरों का हाल

मीशो का शेयर गुरुवार को 0.71% की गिरावट के साथ ₹188.40 पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में स्टॉक 10.82% चढ़ा है। इसका मार्केट कैप 87.06 हजार करोड़ रुपये है।

Stocks to Watch: 24 जुलाई को फोकस में रहेंगे ये 10 स्टॉक्स, दिख सकती है बड़ी हलचल

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Infosys Q1 Results: इंफोसिस को ₹7769 करोड़ मुनाफा, पर ग्रोथ आउटलुक घटाया; नए CEO का भी ऐलान

Infosys Q1 Results: देश की दूसरी सबसे बड़ी आईटी कंपनी Infosys ने जून 2026 तिमाही (Q1FY27) के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 12% बढ़कर 7,769 करोड़ रुपये रहा। पिछले साल इसी तिमाही में यह 6,921 करोड़ रुपये था।

हालांकि कंपनी बाजार के अनुमान पर खरी नहीं उतर सकी। CNBC-TV18 ने 7,903 करोड़ रुपये के मुनाफे का अनुमान लगाया था।

रेवेन्यू में 14% की बढ़ोतरी

जून तिमाही में Infosys का ऑपरेशन से रेवेन्यू 14% बढ़कर 48,211 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले इसी तिमाही में यह 42,279 करोड़ रुपये था। यानी कंपनी ने अच्छी रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की, लेकिन मुनाफा अनुमान से थोड़ा कम रहा।

ग्रोथ आउटलुक में हल्की कटौती

इंफोसिस ने वित्त वर्ष 2027 के लिए अपने रेवेन्यू ग्रोथ आउटलुक में हल्की कटौती की है। अब कंपनी को उम्मीद है कि पूरे साल कॉस्टेंट करेंसी आधार पर रेवेन्यू 1.5% से 3% के बीच बढ़ेगा। कॉन्सटेंट करेंसी ग्रोथ का मतलब है कि कंपनी की ग्रोथ को विदेशी मुद्रा (Forex) के उतार-चढ़ाव का असर हटाकर मापा जाता है।

इससे पहले कंपनी ने 1.5% से 3.5% ग्रोथ का अनुमान दिया था। बाजार को भी ऊपरी सीमा में 0.5% की कटौती की उम्मीद थी। हालांकि कंपनी ने EBIT मार्जिन का अनुमान 20% से 22% के बीच ही बरकरार रखा है।

जून तिमाही में कैसी रही ग्रोथ?

जून तिमाही में Infosys की कॉन्सटेंट करेंसी रेवेन्यू ग्रोथ तिमाही आधार पर 1% रही। यह Tech Mahindra (2.6%) से कम रही, लेकिन TCS (0.4%), HCLTech (-0.5%) और Wipro (-1.2%) से बेहतर प्रदर्शन रहा। एनालिस्टों ने करीब 1.8% ग्रोथ का अनुमान लगाया था।

कंपनी के CEO सलिल पारेख ने कहा कि एक बड़े क्लाइंट के फैसले का एकमुश्त असर इस ग्रोथ पर पड़ा।

डॉलर और रुपये में रेवेन्यू

जून तिमाही में Infosys का डॉलर रेवेन्यू 5.08 अरब डॉलर रहा। यह पिछले अनुमान के लगभग मुताबिक है। तिमाही आधार पर डॉलर रेवेन्यू में 0.8% की बढ़ोतरी हुई।

वहीं रुपये में कंपनी का रेवेन्यू 48,211 करोड़ रुपये रहा। यह पिछली तिमाही से 3.9% ज्यादा है, हालांकि बाजार के अनुमान 48,431 करोड़ रुपये से थोड़ा कम रहा।

मार्जिन में सुधार

इंफोसिस का EBIT 10,163 करोड़ रुपये रहा, जो पिछली तिमाही के मुकाबले 4.3% ज्यादा है। वहीं EBIT मार्जिन 21.1% रहा। इसमें पिछली तिमाही के मुकाबले 20 बेसिस प्वाइंट का सुधार हुआ। यह बाजार के अनुमान के अनुरूप रहा।

बड़े ऑर्डर और AI का बढ़ता योगदान

जून तिमाही में Infosys को 3.6 अरब डॉलर के बड़े डील मिले। इनमें 61% नए क्लाइंट या नए प्रोजेक्ट से जुड़े थे।

कंपनी ने यह भी बताया कि अब उसकी कुल आय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का योगदान 8.2% तक पहुंच गया है। यह दिखाता है कि AI से जुड़ी सेवाओं की मांग लगातार बढ़ रही है।

नए CEO की जिम्मेदारी

Infosys ने अशीष कुमार दास को CEO-Designate नियुक्त किया है। वह 1 अप्रैल 2027 से मौजूदा CEO सलिल पारेख की जगह लेंगे। दास तीन दशक से ज्यादा समय से Infosys के साथ जुड़े हैं और फिलहाल कई ग्लोबल बिजनेस वर्टिकल्स की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।

कंपनी के चेयरमैन नंदन नीलेकणी ने कहा कि सलिल पारेख ऐसे समय में CEO बने थे, जब कंपनी कुछ चुनौतियों का सामना कर रही थी। उन्होंने संगठन में स्थिरता और स्पष्ट दिशा देने का काम किया। उन्होंने यह भी बताया कि अशीष कुमार दास फिलहाल अमेरिका में काम कर रहे हैं और नई जिम्मेदारी संभालने के लिए भारत लौटेंगे।

इंफोसिस के शेयरों का हाल

नतीजों से पहले Infosys का शेयर 1,052.90 रुपये पर लगभग सपाट बंद हुआ। हालांकि 2026 में अब तक यह शेयर करीब 35% टूट चुका है।

IndiGo Q1 Results: इंडिगो को ₹382 करोड़ का घाटा, ईरान युद्ध से लगा बड़ा झटका

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

IIM admission after 12th: जेईई मेन और एडवांस्ड के स्कोर पर आईआईएम में सीधे प्रवेश, एआई-डाटा साइंस में बीबीए और बीएस करने का मौका

IIM admission after 12th: देश के प्रतिष्ठित प्रबंधन संस्थान में दाखिले का सपना देखने वाले छात्र अब तक ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल करने के बाद ही ऐसा कर सकते थे। लेकिन अब कई आईआईएम अपने कैंपस 12वीं पास छात्रों के लिए खोल रहे हैं। इसके लिए कॉमन एडमिशन टेस्ट (CAT) परीक्षा देने की भी जरूरत नहीं है। जेईई मेन और एडवांस्ड के स्कोर की मदद से छात्र ग्रेजुएट कोर्स भी आईआईएम से कर सकते हैं।

इन पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए वे अपनी प्रवेश परीक्षा भी लेते हैं। 12वीं के बाद जेईई के स्कोर के आधार पर छात्र मैनेजमेंट, डेटा साइंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल बिजनेस के यूजी कोर्स आईआईएम से कर सकते हैं। बैचलर प्रोग्राम चलाने वाले आईआईएम में आईआईएम लखनऊ, आईआईएम बेंगलुरू, आईआईएम मुंबई, आईआईएम कोझिकोड और आईआईएम संबलपुर शामिल हैं।

आईआईएम लखनऊ से करें एआई और बिजनेस एनालिटिक्स में बीएस

यह कोर्स 2026 में लॉन्च हुआ उन छात्रों के लिए है जो टेक और मैनेजमेंट का कॉम्बिनेशन पढ़ना चाहते हैं। ये छात्र आईआईएम के लखनऊ कैंपस से एआई और बिजनेस एनालिटिक्स में बैचलर ऑफ साइंस (BS) कर सकते हैं। यह प्रोग्राम फिलहाल आईआईएम में अकेला ऐसा अंडरग्रेजुएट कोर्स है, जो जेईई एडवांस्ड के जरिए छात्रों को प्रवेश देता है।

आईआईएम बेंगलुरु से डिजिटल बिजनेस और एंटरप्रेन्योरशिप में ऑनलाइन बीबीए

आईआईएम बेंगलुरु डिजिटल बिजनेस और एंटरप्रेन्योरशिप में तीन साल का ऑनलाइन बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (BBA) कोर्स करवा रहा है। इस कोर्स में दाखिला लेने के लिए आप जेईई मेन (JEE Main) या फिर सीयूईटी यूजी (CUET UG) दोनों में से किसी भी माध्यम का इस्तेमाल कर सकते हैं। यह प्रोग्राम खास तौर पर उन नौजवानों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है जिनका दिमाग हमेशा नए बिजनेस आइडियाज, डिजिटल ट्रां सफॉर्मेशन और स्टार्टअप्स की दुनिया में दौड़ता रहता है।

आईआईएम मुंबई करवा रहा डिजिटल साइंस और बिजनेस मैनेजमेंट में बीएस

आईआईएम मुंबई ने अपना पहला अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम लॉन्च कर दिया है। यह चार साल का बैचलर ऑफ साइंस (BS) कोर्स है, जिसे खासतौर पर डिजिटल साइंस और बिजनेस मैनेजमेंट की बारीकियों को सिखाने के लिए डिजाइन किया गया है। इस प्रोग्राम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें एडमिशन पूरी तरह से जेईई मेन (JEE Main) के स्कोर के आधार पर होता है। इसके पहले बैच में सिर्फ 70 सीटें रखी गई हैं, जो इसे आईआईएम में सबसे अधिक कॉम्पिटेटिव यूजी कोर्स बनाती हैं। जेईई मेन में आपके शानदार प्रदर्शन के आधार पर आपको शॉर्टलिस्ट किया जाएगा और फिर पर्सनल इंटरव्यू (PI) के लिए बुलाया जाएगा। ध्यान रहे, फाइनल मेरिट लिस्ट में आपके इंटरव्यू का 30% वेटेज होगा।

आईआईएम कोझिकोड दे रहा बैचलर ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज की डिग्री

आईआईएम कोझिकोड जेईई मेन के जरिए आपको सीधे तौर पर एडमिशन नहीं देता है। इसके बजाय, जेईई मेन में 80 या उससे ज्यादा परसेंटाइल हैं, या सैट (SAT) परीक्षा में 1300 या उससे ज्यादा स्कोर वाले छात्रों को आईआईएम कोझिकोड के एप्टीट्यूड टेस्ट से पूरी तरह छूट मिल जाती है। योग्य छात्रों को प्रवेश प्रक्रिया के बाकी चरणों में हिस्सा लेना ही होगा, जिसमें इंस्टिट्यूट की अपनी चयन प्रक्रिया और इंटरव्यू शामिल है।

आईआईएम संबलपुर से पाएं डेटा साइंस एंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में बीएस

आईआईएम संबलपुर ने डेटा साइंस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में बीएस (BS) प्रोग्राम शुरू किया है। इस कोर्स में भी एंट्री पाने के लिए जेईई मेन का स्कोर जरूरी है। कॉलेज उम्मीदवारों को जेईई मेन स्कोर का इस्तेमाल करके शॉर्टलिस्ट करता है और फिर शॉर्टलिस्टेड कैंडिडेट्स को पर्सनल इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता है। इस कोर्स के लिए अधिकतम 20 साल की उम्र के आवदक अप्लाई कर सकते हैं। सरकारी नियमों के मुताबिक रिजर्व कैटेगरी के छात्र-छात्राओं को उम्र सीमा में जरूरी छूट भी दी जाती है।

ATMA July Result 2026: जुलाई सत्र का रिजल्ट आधिकारिक वेबसाइट पर देखें उम्मीदवार, अगस्त सत्र के लिए शुरू हुआ रजिस्ट्रेशन

मार्केट कर रहा नए बुल रन की तैयारी! दिग्गज निवेशक शंकर शर्मा की बड़ी भविष्यवाणी, जानें कब तक आएगी तेजी

Shankar Sharma Stock Market Outlook: भारतीय शेयर बाजार में पिछले दो दशकों में निवेशकों ने जिस तरह छप्परफाड़ कमाई की है, अब उन्हें अपनी उम्मीदों को थोड़ा कम करने की जरूरत है। ऐसा मानना है दिग्गज निवेशक शंकर शर्मा का। उन्होंने ये भी कहा कि, भारत में अगला बड़ा और मजबूत बुल मार्केट आने में अभी कम से कम एक से दो साल का वक्त लग सकता है। लेकिन सबसे बड़ी बात यह है कि अगला बुल रन पिछले रिकॉर्ड्स के मुकाबले काफी धीमी रफ्तार वाला होगा और इससे मिलने वाला रिटर्न भी काफी कम रहेगा।

मनीकंट्रोल की सीनियर कॉरेस्पोंडेंट जोया स्प्रिंगवाला को दिए एक इंटरव्यू में शंकर शर्मा ने बताया कि देश की अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार का आकार अब इतना बड़ा हो चुका है कि पहले जैसी तूफानी रफ्तार को बरकरार रखना नामुमकिन है। आइए जानते हैं शंकर शर्मा ने मार्केट को लेकर और क्या-क्या कहा।

अब केवल 8-10% रिटर्न की ही उम्मीद रखें निवेशक

शंकर शर्मा ने साफ तौर पर कहा कि आने वाले समय में निवेशकों को अपने रिटर्न के नजरिए को बदलना होगा। उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि अगले एक-दो सालों में हमें बाजार में एक ठोस बुल रैली देखने को मिलेगी। लेकिन लोगों को यह समझना होगा कि लंबी अवधि के रिटर्न का स्तर अब नीचे खिसक चुका है। भारत अब उस तरह का रिटर्न नहीं देगा जो हमारी पीढ़ी ने कमाया है।’

जहां पिछले दो दशकों में भारतीय निवेशकों को औसतन 14-15% का सालाना रिटर्न मिलने की आदत हो चुकी है, वहीं शंकर शर्मा के मुताबिक अब लंबी अवधि में 8-10% का सालाना रिटर्न ही मिलने की उम्मीद करनी चाहिए।

शंकर शर्मा की ‘1.6 बुल मार्केट्स’ थ्योरी क्या है?

शर्मा ने बाजार के इतिहास का विश्लेषण करते हुए अपनी ‘1.6 बुल मार्केट्स’ थ्योरी समझाई। उनके मुताबिक, 1991 के उदारीकरण के बाद भारत ने केवल एक बार पूरी तरह से टिकाऊ और बड़ा बुल मार्केट देखा है, जो 2003 से 2007 के बीच आया था। उन्होंने हर्षद मेहता वाले दौर को मार्केट की एक स्वाभाविक रैली नहीं माना।

साल 2003-2007 के बुल रन में निफ्टी ने करीब 55% का सालाना रिटर्न दिया था। इसके मुकाबले कोरोना महामारी के बाद आए उछाल में निफ्टी ने लगभग 31% का रिटर्न दिया, जो पिछले बार से 40% कम था। उनके अनुसार, अगला बुल मार्केट इससे भी निचले स्तर पर रहेगा।

क्यों धीमी होगी बाजार की रफ्तार?

शंकर शर्मा का मानना है कि इस मंदी या कम रिटर्न का कारण वैश्विक राजनीति, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) या ब्याज दरें नहीं हैं, बल्कि इसका असली कारण भारत की ‘स्केल’ है। भारत अब 4 से 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बन चुका है। इस आकार पर सिर्फ अपनी जगह बने रहने के लिए भी हर साल जीडीपी में सैकड़ों अरब डॉलर जोड़ने पड़ते हैं। जैसे-जैसे अर्थव्यवस्थाएं बड़ी होती हैं, उनकी ग्रोथ स्वाभाविक रूप से धीमी हो जाती है।

उन्होंने एचडीएफसी बैंक और इन्फोसिस जैसी बड़ी कंपनियों का उदाहरण देते हुए कहा, ‘आज कोई भी एचडीएफसी बैंक से 35-40% की रफ्तार से बढ़ने की उम्मीद नहीं करता, क्योंकि यह बहुत बड़ा हो चुका है। देशों की अर्थव्यवस्था भी ठीक इसी तरह काम करती है।’

लार्ज-कैप के मुकाबले स्मॉल-कैप पर बड़ा दांव

शंकर शर्मा का मानना है कि भविष्य में जब भी अगला बुल मार्केट आएगा, उसकी अगुवाई आज के मुख्य सूचकांकों में शामिल दिग्गज लार्ज-कैप (Blue-chip) शेयर नहीं करेंगे। मेन इंडेक्स की मैच्योर हो चुकी कंपनियों के मुकाबले छोटी कंपनियों (Small-caps) में अर्निंग ग्रोथ और वेल्थ क्रिएशन की गुंजाइश कहीं ज्यादा है।

शंकर शर्मा ने कहां लगाया है पैसा?

अपने इसी भरोसे के चलते शंकर शर्मा ने खुद ₹100-200 करोड़ का निवेश स्मॉल-कैप कंपनियों में किया है। उन्होंने विशेष रूप से भारत के टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर और डेटा-सेंटर इकोसिस्टम से जुड़े सेक्टर्स को चुना है, क्योंकि ये सेक्टर्स अभी अपने ग्रोथ साइकिल के शुरुआती चरण में हैं।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल पर विशेषज्ञों द्वारा व्यक्त किए गए विचार और निवेश टिप्स उनके अपने हैं, वेबसाइट या उसके प्रबंधन के नहीं। मनीकंट्रोल यूजर्स को सलाह देता है कि वे कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट्स से जांच कर लें।

Samsung ने अमेरिका में मचाया कहर, इस कारण कई एंप्लॉयीज की कर दी छुट्टी

Samsung Lays Off: सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स ने अमेरिका में अपने एंप्लॉयीज को तगड़ा शॉक दिया है। कंपनी ने अमेरिका मपने डिस्प्ले, मोबाइल फोन और अन्य कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स बिजनेस से कुछ एंप्लॉयीज को बाहर किया है और इसकी मार मुख्य रूप से न्यू जर्सी और टेक्सास में पड़ी है। न्यूज एजेंसी रायटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक यह जानकारी कंपनी के डॉक्यूमेंट्स और मामले से परिचित दो सूत्रों के हवाले से सामने आई है। इसमें कितने एंप्लॉयीज की नौकरी गई है, ये तो नहीं पता चल सका लेकिन डॉक्यूमेंट्स के मुताबिक यूनिट ने 30 जून को कुछ एंप्लॉयीज को पूरी कंपनी में छंटनी के बारे में जानकारी दी थी और कहा था कि इससे बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए हैं।

दक्षिण कोरियाई कंपनी ने रविवार को बताया कि सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स अमेरिका (SEA) के हेडक्वार्टर को टेक्सास ले जाने की योजना से न्यू जर्सी के एंगलवुड क्लिफ्स में 739 एंप्लॉयीज की नौकरी पर असर पड़ा है। इसमें से अधिकतर को नई जगह काम करने का ऑफर दिया गया तो कुछ की छुट्टी कर दी गई है। SEA का फोकस कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स पर है और इसमें चिप्स का बिजनेस शामिल नहीं है। न्यूज एजेंसी रायटर्स को सूत्रों ने बताया कि टेक्सास के प्लानो में एसईए के ऑफिस में करीब 100 वर्कर्स की छुट्टी की गई है जिसमें से कुछ मोबाइल डिविजिन के थे।

Samsung के भीतर बिजनेस की अलग-अलग तस्वीरें

सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स में यह जो छंटनी हुई, वह हेडक्वार्टर शिफ्ट होने के चलते हुई है लेकिन यह कंपनी के अलग-अलग बिजनेस की स्थिति को भी दिखाता है। एक तरफ कंपनी का चिप बिजनेस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बढ़ती मांग के कारण रिकॉर्ड मुनाफा कमा रहा है, वहीं दूसरी तरफ इसके मोबाइल, टीवी और अन्य कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स बिजनेस पर चिप की बढ़ती लागत और कॉम्पटीशन का दबाव बना हुआ है।

सैमसंग पहले ही संकेत दे चुकी है कि एआई से जुड़ी चिप्स की मजबूत मांग के चलते दूसरी तिमाही का मुनाफा 19 गुना तक बढ़ सकता है और पिछले महीने ही कंपनी ने नए चिप प्लांट्स में सैकड़ों अरब डॉलर के निवेश की योजना का भी ऐलान किया था। वहीं दूसरी तरफ कंपनी का मोबाइल बिजनेस पहली बार घाटे में जा सकता है। इसे एपल के साथ-साथ चीन की कंपनियों- टीसीएल और हिसेंसे से टीवी और घरेलू उपकरणों के बाजार में कड़ी चुनौती मिल रही है। इसके अलावा एआई बूम के कारण चिप्स की लागत बढ़ी है जिससे कंपनी के सभी कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स प्रोडक्ट्स की प्रॉफिटेबिलिटी पर असर पड़ा है।

चौंकाने वाला है फैसला

हेडक्वार्टर शिफ्ट करने का सैमसंग का फैसला चौंकाने वाला है क्योंकि न्यू जर्सी में इसके एंप्लॉयीज एक साल से भी कम समय पहले नए ऑफिस में शिफ्ट हुए थे। सितंबर में नए ऑफिस के उद्घाटन के मौके पर अमेरिकी सांसद जॉश गॉटहाइमर भी मौजूद थे और उनकी प्रेस रिलीज के मुताबिक एसईए न्यू जर्सी में करीब 1200 एंप्लॉयीज हैं। रायटर्स ने कुछ लिंक्डइन पोस्ट को रिव्यू कर पाया कि टेक्सास और न्यू जर्सी में सीनियर सेल्स और मार्केटिंग ऑफिशियल्स समेत 30 से अधिक वर्कर्स पिछले दो हफ्ते में या तो कंपनी छोड़ चुके हैं या उनकी छंटनी हुई है। साल 2025 के आखिर तक चिप डिविजन मिलाकर अमेरिका में सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स के 11,770 एंप्लॉयीज थे।

अभी और हो सकती है छंटनी?

टेस्ला, ओरेकल और दूसरी टेक कंपनियों की तरह ही सैमसंग भी अपने हेडक्वार्टर या बड़े ऑपरेशन्स को कम टैक्स और आसान नियमों के लिए मशहूर टेक्सास ले जाने वाली कंपनियां में शामिल हो गई है। हालांकि इसके चलते एंप्लॉयीज की नौकरी पर असर पड़ा है। अब सैमसंग के एंप्लॉयीज आगे भी छंटनी को लेकर परेशान हैं। एसईए के एक एंप्लॉयी के मुताबिक कंपनी चिप पर फोकस बढ़ा रहा है तो एंप्लायंस, होम एंटरटेनमेंट और मोबाइल डिवीजनों को एक साथ ला सकती है जिससे छंटनी हो सकती है।

दक्षिण कोरिया का जलवा, अमेरिका से जापान तक ट्रेडर्स की वॉचलिस्ट में, पहली बार देख रहे Kospi का चार्ट