Market cues : बाजार के दायरे में ट्रेड करने की उम्मीद, मुनाफे के सौदे पकड़ने के लिए इन अहम स्तरों पर रहे नजर

Trade setup for today : 19 अक्टूबर को निफ्टी में लगातार दो दिनों की तेजी का सिलसिला टूट गया और इसमें 1.1 प्रतिशत की गिरावट आई। पिछले दो सत्रों में 20-डे EMA के ऊपर बंद होने के बावजूद, इंडेक्स इस स्तर के ऊपर टिके रहने में नाकाम रहा। तेल की कीमतें 110 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं और बड़ा टेक्निकल ढांचा भी कमजोर बना हुआ है। इंडेक्स अपने मिड और लॉन्ग टर्म के मूविंग एवरेज के नीचे कारोबार कर रहा है,जिससे बाजार पर मंदी हावी है।

मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर निफ्टी 20-डे EMA (जो अभी 22,900 के आसपास है) के नीचे बना रहता है तो इसमें 22,800 तक की गिरावट आ सकती है, जिसके बाद 22,500 पर बड़ा सपोर्ट होगा। ऊपर की तरफ, 23,000–23,200 की रेंज रेजिस्टेंस जोन का काम कर सकती है। अगर निफ्टी इस रेंज के ऊपर मजबूती दिखाता है तो और बढ़त देखने को मिल सकती है। वहीं,अगर यह इसे पार नहीं कर पाता है तो बाजार कंसोलिडेशन (एक दायरे में रहने) के दौर में बना रह सकता है।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

निफ्टी 50 (22,889) के लिए महत्वपूर्ण स्तर

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 23,096, 23,174 और 23,300

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 22,844, 22,766 और 22,640

निफ्टी स्पेशल फॉर्मेशन

निफ्टी 50 ने डेली चार्ट पर एक लंबी लाल कैंडल बनाई और 20-डे एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) से थोड़ा नीचे बंद हुआ। ये बाजार में कमजोरी का संकेत है। निफ्टी अपने 50-दिन, 100-दिन और 200-दिन के EMA से भी नीचे रहा,जो एक कमजोर ट्रेंड का संकेत है। रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) गिरकर 47.72 पर आ गया, लेकिन यह अपनी सिग्नल लाइन से काफी ऊपर बना रहा। इस बीच,मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डाइवर्जेंस (MACD) सिग्नल लाइन के ऊपर बना रहा और ज़ीरो लाइन की ओर ऊपर की तरफ बढ़ता रहा। लगातार चौथे सत्र में हरे रंग का हिस्टोग्राम बार भी बड़ा हुआ। ये संकेत बताते हैं कि ब्रॉडर ट्रेंड अभी भी कमज़ोर है, हालांकि MACD मोमेंटम में सुधार निकट भविष्य में संभावित रिकवरी का संकेत देता है।

बैंक निफ्टी (55,488) के लिए महत्वपूर्ण स्तर

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 55,779, 55,909 और 56,120

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 55,357, 55,226 और 55,015

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 56,238, 56,819

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 55,049, 54,053

बैंक निफ्टी स्पेशल फॉर्मेशन

बैंक निफ्टी ने छोटी ऊपरी और निचली विक्स (wicks) वाली एक बेयरिश कैंडल बनाई है। पिछले दो सत्रों में 55,500 के स्तर के ऊपर रहने के बाद, यह 20-डे EMA के थोड़ा नीचे बंद हुआ है। यह बिकवाली के नए दबाव का संकेत है। हाल की रिकवरी के दौरान भी इंडेक्स 50-डे EMA को वापस हासिल नहीं कर पाया और अपने मिड और लॉन्ग टर्म मूविंग एवरेज के नीचे ही ट्रेड करता रहा जो बैंकिंग इंडेक्स में व्यापक कमजोरी का संकेत है।

RSI गिरकर 48.25 पर आ गया, लेकिन यह अपनी सिग्नल लाइन के ऊपर बना रहा। वहीं, MACD ऊपर की ओर बढ़ता रहा और रेफरेंस लाइन के ऊपर टिका रहा। हालांकि, लगातार पांच सेशन तक बढ़ने के बाद हिस्टोग्राम में गिरावट आई। ये इंडिकेटर बताते हैं कि MACD मोमेंटम में सुधार के बावजूद ओवरऑल ट्रेंड अभी भी कमजोर है। हिस्टोग्राम में आई हालिया गिरावट यह भी संकेत देती है कि बुलिश मोमेंटम में कुछ कमी आ सकती है।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो (करोड़ रुपए में)

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इंडिया VIX

बाजार के डर का पैमाना माने जाने वाला ‘इंडिया VIX’ 5.33 प्रतिशत बढ़कर 14.77 पर पहुंच गया है। इसका ऊंचे स्तर पर बने रहना यह संकेत देता है कि तेजी की तेजड़ियों के बीच सतर्कता बढ़ गई है। अगर यह मजबूती से 15 के स्तर के ऊपर जाता है तो तेजी वाले सौदों के लिए जोखिम बढ़ सकता है। वहीं,अगर इसमें गिरावट आती है और यह लगातार 13 के स्तर के नीचे बना रहता है तो इससे तेजी की उम्मीद रखने वाले निवेशकों को कुछ राहत मिल सकती है।

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 19 अक्टूबर को गिरकर 0.93 पर आ गया, जबकि पिछले सत्र में यह 1.21 था। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

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F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: अंबुजा सीमेंट्स, केन्स टेक्नोलॉजी इंडिया, सेल (SAIL)

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: कोई नहीं

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

 

Silver Prices: चांदी में रिकॉर्ड हाई से 46% की गिरावट, जेपी मॉर्गन ने कीमतों के लिए अनुमान घटाया

Silver Prices: चांदी में निवेश करने वालों को पिछले कुछ महीनों में बड़ा झटका लगा है। 29 जनवरी को चांदी की कीमत ₹3,84,632 प्रति किलो के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थी। लेकिन 19 अक्टूबर तक यह गिरकर ₹2,08,380 प्रति किलो रह गई। यानी रिकॉर्ड हाई से करीब 45.8% की गिरावट आई है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी चांदी दबाव में है। मंगलवार को इसकी कीमत करीब 56.50 डॉलर प्रति औंस पर आ गई। जनवरी के 121 डॉलर के रिकॉर्ड स्तर से यह करीब 54% नीचे है।

चांदी की कीमतों पर दबाव क्यों?

कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने महंगाई की चिंता बढ़ा दी है। वहीं, अमेरिकी डॉलर मजबूत हुआ है और बॉन्ड यील्ड भी ऊंची बनी हुई है। इससे बाजार को लग रहा है कि केंद्रीय बैंक ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची रख सकते हैं। चांदी पर इसका दबाव पड़ रहा है, क्योंकि इससे नियमित ब्याज आय नहीं होती।

चांदी का भाव कितना गिर सकता है?

J.P. Morgan Global Research को उम्मीद है कि 2026 की चौथी तिमाही में चांदी करीब 63 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर सकती है। बैंक ने 2026 के लिए औसत भाव का अनुमान 84 डॉलर से घटाकर 70 डॉलर प्रति औंस कर दिया है। 2027 के लिए उसका अनुमान 63 डॉलर प्रति औंस है।

Bloomberg Intelligence के कमोडिटी रणनीतिकार माइक मैकग्लोन ने भी गिरावट की आशंका जताई है। Kitco के मुताबिक, उनके अनुसार चांदी निकट भविष्य में 50 डॉलर प्रति औंस तक गिर सकती है। लंबे समय तक इसका भाव 50 से 84 डॉलर के दायरे में रह सकता है।

तेल, डॉलर और अमेरिकी ब्याज दरों पर नजर

मंगलवार को ब्रेंट क्रूड 110 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया। मध्य पूर्व और पूर्वी यूरोप में बढ़ते तनाव ने तेल की कीमतों को सहारा दिया। महंगा तेल महंगाई बढ़ा सकता है। इससे अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दरें ऊंची रखने या बढ़ाने की आशंका बढ़ती है।

बाजार को उम्मीद है कि फेड 27-28 अक्टूबर की बैठक में दरें नहीं बदलेगा। हालांकि, दिसंबर में ब्याज दर बढ़ने की आशंका भी बढ़ी है। आने वाले अमेरिकी CPI और PPI आंकड़े इस दिशा में अहम होंगे। महंगाई के आंकड़े उम्मीद से ज्यादा रहे, तो चांदी पर दबाव बढ़ सकता है।

भारतीय निवेशकों को क्या करना चाहिए?

मई में इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ने से घरेलू चांदी की कीमतों को कुछ सहारा मिला है। लेकिन इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार की गिरावट पूरी तरह नहीं रुक सकती।

चांदी में आगे भी उतार-चढ़ाव रह सकता है। निवेशकों को कच्चे तेल, अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों, डॉलर और बॉन्ड यील्ड पर नजर रखनी चाहिए। एक्सपर्ट्स का कहना है कि सिर्फ कीमत गिरने को सस्ता खरीदने का संकेत न मानें। एक साथ पूरी रकम लगाने के बजाय चरणों में खरीदारी करने से समय चुनने का जोखिम कुछ कम हो सकता है।

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Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stocks to Watch: 21 अक्टूबर को इन 10 शेयरों पर रहेगी नजर, हिंदुस्तान जिंक से IREDA तक शामिल

Stocks to Watch: बुधवार, 21 अक्टूबर को शेयर बाजार में कई कंपनियों के शेयर खबरों के दम पर फोकस में रहेंगे। कुछ कंपनियों ने सितंबर तिमाही में शानदार नतीजे पेश किए हैं, तो कुछ के मुनाफे में गिरावट आई है। वहीं, कुछ कंपनियां अपने कारोबार और मैनेजमेंट से जुड़े बदलावों को लेकर चर्चा में हैं। ऐसे में निवेशकों की नजर इन 10 शेयरों पर रहेगी।

Bajaj Finance

नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनी Bajaj Finance का सितंबर तिमाही में कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 28.8% बढ़कर ₹6,367 करोड़ हो गया। नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) 23.6% बढ़कर ₹13,335 करोड़ रही। कंपनी की नेट टोटल इनकम 23% बढ़कर ₹15,974 करोड़ पहुंच गई। तिमाही के दौरान कंपनी ने 1.345 करोड़ नए लोन भी दिए।

Hindustan Zinc

वेदांता ग्रुप की मेटल कंपनी Hindustan Zinc का सितंबर तिमाही में नेट प्रॉफिट 142% उछलकर ₹6,412 करोड़ पहुंच गया। कंपनी का रेवेन्यू 76.5% बढ़कर रिकॉर्ड ₹15,093 करोड़ हो गया। EBITDA भी दोगुने से ज्यादा बढ़कर ₹9,248 करोड़ रहा।

IREDA

सरकारी रिन्यूएबल एनर्जी फाइनेंस कंपनी IREDA का सितंबर तिमाही में नेट प्रॉफिट मामूली 0.5% बढ़कर ₹552 करोड़ रहा। हालांकि, ऑपरेटिंग प्रॉफिट 16.5% बढ़कर ₹904 करोड़ पहुंच गया। कंपनी की ग्रॉस NPA घटकर 3.57% और नेट NPA 1.08% रह गई। इससे पिछले साल के मुकाबले खराब कर्ज के स्तर में सुधार दिखा।

Piramal Finance

पिरामल ग्रुप की फाइनेंस कंपनी Piramal Finance का सितंबर तिमाही में नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 67% बढ़कर ₹545 करोड़ हो गया। नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) भी 35% बढ़कर ₹1,530 करोड़ पहुंच गई। इसके अलावा, SBI के पूर्व चेयरमैन दिनेश खारा को 19 अक्टूबर 2026 से पांच साल के लिए कंपनी का स्वतंत्र निदेशक नियुक्त किया गया है।

L&T Technology Services

टेक्नोलॉजी सर्विसेज कंपनी L&T Technology Services (LTTS) का सितंबर तिमाही में कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट तिमाही आधार पर 53.7% बढ़कर ₹548.2 करोड़ हो गया। रेवेन्यू 3.4% बढ़कर ₹3,040 करोड़ रहा। यह ₹3,022.5 करोड़ के अनुमान से ज्यादा है।

Waaree Renewable Technologies

वारी ग्रुप की सोलर EPC कंपनी Waaree Renewable Technologies का सितंबर तिमाही में नेट प्रॉफिट 30% गिरकर ₹82 करोड़ रह गया। हालांकि, रेवेन्यू 36.53% बढ़कर ₹1,057.84 करोड़ पहुंच गया। कंपनी की अधूरी ऑर्डर बुक ₹5,500 करोड़ से ज्यादा है। इसके अलावा, सोलर, बैटरी स्टोरेज और ट्रांसमिशन-डिस्ट्रिब्यूशन प्रोजेक्ट्स में भी बड़े मौके मौजूद हैं।

Just Dial

हाइपरलोकल सर्च प्लेटफॉर्म Just Dial का सितंबर तिमाही में रेवेन्यू सालाना आधार पर 13.2% बढ़कर ₹343 करोड़ हो गया। पिछले साल इसी अवधि में यह ₹303.1 करोड़ था। EBITDA भी 4.5% बढ़कर ₹91 करोड़ पहुंच गया। हालांकि, EBITDA मार्जिन घटकर 26.4% रह गया। एक साल पहले यह 28.7% था।

Nelco

टाटा ग्रुप की सैटेलाइट कम्युनिकेशन सर्विसेज कंपनी Nelco का सितंबर तिमाही में नेट प्रॉफिट 6.79% बढ़कर ₹1.73 करोड़ हो गया। रेवेन्यू 5.1% बढ़कर ₹78.14 करोड़ रहा। EBITDA में 22% की बढ़ोतरी हुई और यह ₹9.1 करोड़ पहुंच गया। कंपनी का EBITDA मार्जिन भी एक साल पहले के 10% से बढ़कर 11.7% हो गया।

SML Mahindra

कमर्शियल गाड़ियों की कंपनी SML Mahindra का सितंबर तिमाही में नेट प्रॉफिट 42.9% गिरकर ₹12 करोड़ रह गया। हालांकि, रेवेन्यू 20.7% बढ़कर ₹670 करोड़ पहुंच गया। EBITDA 31% गिरकर ₹29 करोड़ रहा। कंपनी का EBITDA मार्जिन भी 7.6% से घटकर 4.3% रह गया।

Trent

टाटा ग्रुप की रिटेल कंपनी Trent के नॉन-एग्जीक्यूटिव और नॉन-इंडिपेंडेंट डायरेक्टर हरीश भट्ट ने इस्तीफा दे दिया है। वह 12 साल से ज्यादा समय से कंपनी के बोर्ड में थे। उन्होंने बढ़ती पेशेवर और निजी जिम्मेदारियों का हवाला दिया। उनका इस्तीफा 17 अक्टूबर से प्रभावी हुआ। कंपनी के सितंबर तिमाही के नतीजे 29 अक्टूबर को आने वाले हैं।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

दिग्गज निवेशक आशीष कचोलिया ने एक्सप्रो इंडिया में लगभग 1% हिस्सेदारी बेची, ऋषि कजारिया ने स्वराज सूटिंग में बढ़ाई हिस्सेदार

जाने-माने निवेशक आशीष कचोलिया ने सोमवार को ओपन-मार्केट ट्रांजैक्शन के जरिए, बिड़ला समूह से जुड़ी पॉलीमर प्रोसेसिंग और मैन्युफैक्चरिंग कंपनी ‘एक्सप्रो इंडिया’ में अपनी लगभग 1 प्रतिशत हिस्सेदारी बेच दी। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) द्वारा 19 अक्टूबर को जारी बल्क डील डेटा के मुताबिक आशीष कचोलिया ने 21.53 करोड़ रुपये मूल्य के 2.22 लाख इक्विटी शेयर बेचे हैं जो कंपनी की पेड-अप इक्विटी कैपिटल का 0.94 प्रतिशत है। ये शेयर 970.11 रुपये प्रति शेयर के औसत भाव पर बेचे गए हैं।

सितंबर 2026 तक,एक्सप्रो इंडिया  में कचोलिया की 2.01 प्रतिशत हिस्सेदारी थी, जो 4.71 लाख शेयरों के बराबर है। हिस्सेदारी बेचे जाने के बावजूद, सोमवार को एक्सप्रो इंडिया के शेयरों में 1.79 प्रतिशत की तेजी आई और ये 995 रुपये पर बंद हुए। इसके साथ ही इसमें लगातार पांच दिनों से जारी गिरावट का सिलसिला भी थम गया।

हालांकि,बीच-बीच में आने वाली खरीदारी के बावजूद, सितंबर के अपने स्विंग हाई पर पहुंचने के बाद से ही यह स्टॉक दबाव में बना हुआ है। यह स्टॉक सितंबर 2026 में बने 1,408.70 रुपये के हाई से लगभग 31 प्रतिशत गिर चुका है।

ऋषि कजारिया ने स्वराज सूटिग में खरीदी 0.73% अतिरिक्त हिस्सेदारी

इस बीच एक दूसरे दिग्गज निवेशक ऋषि कजारिया ने स्वराज सूटिग में 0.73% अतिरिक्त हिस्सेदारी खरीदी है। हाई-नेट-वर्थ इंडिविजुअल (HNI) निवेशक ऋषि कजारिया ने स्वराज सूटिग में 1.94 लाख और इक्विटी शेयर खरीदे हैं, जो कंपनी की पेड-अप इक्विटी कैपिटल का 0.73 प्रतिशत है। ये शेयर 6.29 करोड़ रुपये में खरीदे गए हैं, जिनकी औसत कीमत 323.38 रुपये प्रति शेयर रही। सितंबर 2026 तक, स्वराज सूटिग में कजारिया की 1.24 प्रतिशत हिस्सेदारी थी,जो 3.26 लाख शेयरों के बराबर है। बता दें कि स्वराज सूटिंग सूती और सिंथेटिक कपड़े बनाती है।

FIIs ने की बिकवाली, DIIs से मिला सपोर्ट

उधर विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने सोमवार को भारतीय बाजारों में 1,148.64 करोड़ रुपये की बिकवाली की। यह इस महीने की उनकी सबसे कम नेट सेलिंग रही थी। यह 15 अक्टूबर को हुई 5,285.37 करोड़ रुपये की बिक्री से कम है। एक्सचेंज के प्रोविजनल आंकड़ों के मुताबिक घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने 3,201.19 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

कल के सेशन में FIIs ने 11,240.64 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे और 12,389.28 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। DIIs ने 14,781.31 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे और 11,580.12 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वहीं, शुक्रवार, 16 अक्टूबर को FIIs नेट बॉयर रहे थे और उन्होंने 1,165.92 करोड़ रुपये की खरीदारी की थी। यह इस महीने उनका एकमात्र ऐसा सत्र था जिसमें उन्होंने नेट बाइंग की। हालांकि, शुक्रवार DIIs ने 3,661.28 करोड़ रुपये की नेट सेलिंग की थी।

बाजार पर एक नजर

सोमवार को भारतीय बाजारों में गिरावट आई। निफ्टी257.20 अंक या 1.11% गिरकर 22,888.95 पर बंद हुआ। वहीं, सेंसेक्स 876.37 अंक या 1.17% की गिरावट के साथ 73,852.90 पर बंद हुआ। इस गिरावट में प्राइवेट बैंकों की अहम भूमिका रही। निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स में 1.85% की गिरावट आई। FMCG में 1.44% और IT में 1.28% की गिरावट दर्ज की गई। वहीं, निफ्टी PSU बैंक इंडेक्स में लगभग 2.4% की तेजी आई।

निफ्टी मिडकैप 100 और स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 1.09% और 1.01% की गिरावट आई। सोमवार को FIIs ने अपनी बिकवाली काफी कम कर दी,लेकिन फिर भी बेंचमार्क सूचकांकों में 1% से ज़्यादा की गिरावट आई।

 

 

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Jio Platforms IPO: एंकर निवेशकों से जुटाए ₹8110 करोड़, 30 गुना से ज्यादा सब्सक्रिप्शन; कैपिटल ग्रुप और LIC रहे टॉप इनवेस्टर

जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड का 30,213 करोड़ रुपये का IPO 21 अक्टूबर को खुलने वाला है। इससे पहले एंकर बुक में कंपनी ने 212 एंकर निवेशकों से 8,109.85 करोड़ रुपये जुटाए। इस ऑफर के लिए संस्थागत निवेशकों की मांग 2.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक रही, जो एंकर बुक में उपलब्ध शेयरों की कुल कीमत से 30 गुना से भी ज्यादा है। कंपनी ने एंकर निवेशकों को प्राइस बैंड के ऊपरी स्तर पर 7.24 करोड़ इक्विटी शेयर अलॉट किए। कैपिटल ग्रुप को 725 करोड़ रुपये के शेयर अलॉट हुए। दूसरे नंबर पर लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (LIC) रही, जिसे 499.98 करोड़ रुपये के शेयर अलॉट हुए।

एंकर बुक में ब्लैकरॉक, कैपिटल ग्रुप, फिडेलिटी इनवेस्टमेंट्स, टी. रो प्राइस, श्रोडर्स, जेपी मॉर्गन एसेट मैनेजमेंट, फ्रैंकलिन टेंपलटन, इनवेस्को और प्रूडेंशियल जैसी कई बड़ी वैश्विक कंपनियों ने भी हिस्सा लिया। दुनिया के कुछ प्रमुख सॉवरेन वेल्थ फंडों ने भी इस इश्यू में दिलचस्पी दिखाई। इनमें सिंगापुर का GIC, नॉर्वे का नॉर्जेस बैंक इनवेस्टमेंट मैनेजमेंट, अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी (ADIA), कतर इनवेस्टमेंट अथॉरिटी (QIA), PSP इनवेस्टमेंट्स, कैलिफोर्निया स्टेट टीचर्स रिटायरमेंट और फ्लोरिडा रिटायरमेंट सिस्टम शामिल हैं। एंकर बुक में ड्रैगनियर इनवेस्टमेंट ग्रुप, जानूस हेंडरसन और नाइंटी वन जैसे ग्लोबल टेक स्पेशलिस्ट्स ने भी हिस्सा लिया।

भारत से म्यूचुअल फंड कंपनियां, जीवन बीमा कंपनियां और पेंशन फंड बने हिस्सा

भारत की टॉप 10 म्यूचुअल फंड कंपनियों ने भी इस ऑफरिंग में दिलचस्पी दिखाई है। इनमें SBI म्यूचुअल फंड, ICICI प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड, HDFC म्यूचुअल फंड, आदित्य बिड़ला सन लाइफ म्यूचुअल फंड, निप्पॉन इंडिया म्यूचुअल फंड, कोटक महिंद्रा म्यूचुअल फंड शामिल हैं। घरेलू म्यूचुअल फंडों को 25 फंड हाउसेज की 95 स्कीमों के जरिए 2,784.96 करोड़ रुपये के 2.489 करोड़ शेयर मिले। देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनियां और पेंशन फंड भी निवेशकों के इस समूह का हिस्सा हैं। इनमें LIC, HDFC लाइफ, SBI लाइफ, SBI पेंशन (NPS ट्रस्ट), HDFC पेंशन, ICICI प्रूडेंशियल और UTI पेंशन जैसी संस्थाएं शामिल हैं।

जीवन बीमा कंपनियों और पेंशन फंडों को 1,089.95 करोड़ रुपये के 97.4 लाख शेयर अलॉट हुए। इसके अलावा, भारत के प्रमुख फैमिली ऑफिसेज- जैसे कि इनाम फैमिली ऑफिस, प्रेमजी इनवेस्ट, जेरोधा फैमिली ऑफिस और HCL फैमिली ऑफिस ने भी जियो प्लेटफॉर्म्स में दिलचस्पी दिखाई है।

Jio Platforms IPO के लिए कितना है प्राइस बैंड

जियो IPO 23 अक्टूबर को बंद होगा। लगभग दो दशकों यानि कि 20 साल बाद रिलायंस इंडस्ट्रीज ग्रुप की किसी कंपनी का IPO आ रहा है। यह साइज के मामले में देश का अब तक का सबसे बड़ा पब्लिक इश्यू है। प्राइस बैंड ₹1065-₹1119 प्रति शेयर है। लॉट साइज 12 शेयर है। IPO में 27 करोड़ नए शेयर जारी होंगे। अलॉटमेंट 26 अक्टूबर को फाइनल हो सकता है। कंपनी की लिस्टिंग NSE और BSE पर 28 अक्टूबर को हो सकती है। एंकर निवेशक IPO में 19 अक्टूबर को बोली लगा सकते हैं।

इस पब्लिक इश्यू में Jio Platforms के कर्मचारियों के लिए 500 करोड़ रुपये के शेयर और इसकी पेरेंट कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के पात्र शेयरधारकों के लिए 2,500 करोड़ रुपये के शेयर रिजर्व रखे गए हैं। कंपनी पात्र कर्मचारियों को फाइनल ऑफर प्राइस पर 54 रुपये प्रति शेयर की छूट (डिस्काउंट) के साथ शेयर ऑफर कर रही है। बचे हुए नेट इश्यू में 50 प्रतिशत हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIBs) के लिए, 15 प्रतिशत हिस्सा नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NIIs) के लिए और 35 प्रतिशत हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व रहेगा।

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IPO के पैसे कैसे होंगे इस्तेमाल

जियो प्लेटफॉर्म्स के मुताबिक, IPO में नए शेयरों को जारी कर हासिल होने वाले पैसों का इस्तेमाल मुख्य रूप से कंपनी की टेलिकॉम यूनिट रिलायंस जियो इंफोकॉम के कर्ज को कुछ हद तक या पूरी तरह चुकाने के लिए और सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा। जियो प्लेटफॉर्म्स के कारोबार में टेलिकॉम, डिजिटल सर्विसेज, उद्यम समाधान और उभरते टेक्नोलॉजी इनीशिएटिव शामिल हैं। इसकी टेलिकॉम यूनिट रिलायंस जियो इंफोकॉम लिमिटेड देश में सबसे बड़ी टेलिकॉम कंपनियों में से एक है।

Disclaimer:मनीकंट्रोल, नेटवर्क18 ग्रुप का हिस्सा है। नेटवर्क18 का नियंत्रण इंडिपेंडेट मीडिया ट्रस्ट करता है, जिसकी एकमात्र लाभार्थी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।

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Dussehra 2026: आज या कल कब होगा रावण दहन? जानें सही तारीख, विजय मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व

Dussehra 2026: धर्म पर धर्म, असत्य पर सत्य और बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक महापर्व विजयादशमी (दशहरा) इस वर्ष देश भर में भव्य रूप से मनाया जा रहा है। दशहरे के पावन अवसर पर मां अपराजिता की पूजा, शस्त्र पूजन (आयुध पूजा), शमी वृक्ष के पत्तों के आदान-प्रदान और शाम को रावण, कुंभकर्ण व मेघनाद के पुतलों के दहन की परंपरा निभाई जाती है। हालांकि, तिथियों की गणना और क्षेत्रीय परंपराओं की वजह से लोगों के मन में इस बात को लेकर भ्रम की स्थिति बनी है कि रावण दहन 20 अक्टूबर को होगा या 21 अक्टूबर को। पंचांग और शास्त्रीय मान्यताओं के आधार पर आइए समझते हैं कि रावण दहन की सही तारीख, शुभ मुहूर्त और पूजन विधि क्या है।

20 या 21 अक्टूबर: कब मनाया जाएगा दशहरा और रावण दहन?

हिंदू पंचांग के अनुसार, आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को विजयादशमी का पर्व मनाया जाता है।

दशमी तिथि का प्रारंभ: 20 अक्टूबर को दोपहर 12 बजकर 50 मिनट से।

दशमी तिथि का समापन: 21 अक्टूबर को दोपहर 2 बजकर 11 मिनट तक।

श्रवण नक्षत्र: 19 अक्टूबर की दोपहर 3 बजकर 38 मिनट से शुरू होकर 20 अक्टूबर की शाम 6 बजकर 2 मिनट तक।

उत्तर, मध्य और पश्चिम भारत में 20 अक्टूबर को दशहरा

उत्तर भारत, राजस्थान, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में विजयादशमी का निर्धारण अपराह्न काल (दोपहर के समय) में दशमी तिथि की उपस्थिति के आधार पर किया जाता है। 20 अक्टूबर को दोपहर 12:50 बजे के बाद दशमी तिथि लग रही है, इसलिए उत्तर भारत में मुख्य दशहरा पर्व और रावण दहन 20 अक्टूबर मंगलवार को ही संपन्न होगा। हालांकि मंगलवार के दिन माता की मूर्ति का विसर्जन नहीं किया जाता, इसलिए देवी दुर्गा की विदाई 21 अक्टूबर बुधवार को होगी।

पूर्वी भारत में 21 अक्टूबर को विजयादशमी

पश्चिम बंगाल, ओडिशा, असम और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में दुर्गा पूजा का निर्धारण सूर्योदय कालीन तिथि (उदयातिथि) के आधार पर होता है। 20 अक्टूबर को सूर्योदय के समय नवमी तिथि रहेगी (जो दोपहर 12:50 तक चलेगी), जबकि 21 अक्टूबर को सूर्योदय के समय दशमी तिथि मौजूद रहेगी। इसलिए बंगाल और पूर्वी भारत में 21 अक्टूबर को विजयादशमी मनाई जाएगी।

रावण दहन का सही समय और प्रदोष काल मुहूर्त

दशहरे पर रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के विशाल पुतलों का दहन हमेशा सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल के दौरान किया जाता है। शास्त्रानुसार 20 अक्टूबर को रावण दहन के लिए सबसे उत्तम समय इस तरह रहेगा:

प्रदोष काल का समय: 20 अक्टूबर को शाम 5 बजकर 47 मिनट से रात 8 बजकर 17 मिनट (कुछ गणनाओं में 8:21 बजे) तक।

रावण दहन का सर्वोत्तम मुहूर्त: 20 अक्टूबर की शाम 5 बजकर 47 मिनट से 6 बजकर 12 मिनट के बीच का समय रावण दहन के लिए सबसे शुभ और फलदायी माना गया है।

पूजा के शुभ मुहूर्त: अपराजिता पूजन और आयुध पूजा

विजयादशमी के दिन मां अपराजिता और अस्त्र-शस्त्रों की पूजा का विशेष विधान है। इस दिन अगर आप नया वाहन, इलेक्ट्रॉनिक सामान या प्रॉपर्टी खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो इन विजय और शुभ मुहूर्तों का ध्यान रखें:

मां अपराजिता पूजा मुहूर्त: 20 अक्टूबर को दोपहर 1 बजकर 14 मिनट से दोपहर 3 बजकर 30 मिनट तक।

आयुध/शस्त्र पूजा मुहूर्त: 20 अक्टूबर को दोपहर 1 बजकर 59 मिनट से दोपहर 2 बजकर 45 मिनट तक।

विजयादशमी पर क्या करें और क्या है धार्मिक महत्व?

विजयादशमी का पर्व केवल उत्सव का दिन नहीं है, बल्कि यह जीवन में धर्म और मर्यादा को स्थापित करने का संदेश देता है। इस दिन मां अपराजिता का ध्यान कर जीवन में हर क्षेत्र में विजय की कामना की जाती है। इसके साथ ही शमी के वृक्ष की पूजा की जाती है और शमी के पत्तों को ‘सोना’ मानकर अपनों में बांटकर आशीर्वाद लिया जाता है। विजयादशमी को अभूज मुहूर्त माना जाता है। इस दिन अपने काम में आने वाले उपकरणों, अस्त्र-शस्त्रों, गाड़ियों और व्यापारिक बही-खातों की पूजा करना अत्यंत शुभ माना जाता है।

बुराइयों के दहन का संकल्प

रावण दहन का प्रतीक हमें यह याद दिलाता है कि व्यक्ति चाहे कितना भी शक्तिशाली या विद्वान क्यों न हो, अहंकार, क्रोध और असत्य का अंत विनाशकारी ही होता है। इस दिन अपने अंदर की बुराइयों को त्याग कर सत्य और अच्छाई के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया जाता है।

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Happy Dussehra 2026 Wishes: विजयादशमी पर अपनों को भेजें ये 15 बेस्ट बधाई संदेश, कोट्स और WhatsApp स्टेटस

Happy Dussehra 2026 Wishes: असत्य पर सत्य और अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक महापर्व विजयादशमी (दशहरा) इस साल देश भर में पूरे उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। हिंदू पंचांग के मुताबिक साल 2026 में उत्तर, पश्चिम और मध्य भारत के अधिकांश हिस्सों में मुख्य दशहरा पर्व 20 अक्टूबर मंगलवार को मनाया जा रहा है, जबकि पश्चिम बंगाल, ओडिशा और पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में दुर्गा पूजा की स्थानीय परंपराओं और उदयातिथि के आधार पर 21 अक्टूबर बुधवार को विजयादशमी मनाई जाएगी। त्योहारों के इस पावन अवसर पर लोग एक-दूसरे को शुभकामनाएं भेजकर सुख, समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य की कामना करते हैं। अगर आप भी अपने परिवार, दोस्तों और प्रियजनों को व्हाट्सएप, फेसबुक या इंस्टाग्राम के जरिए बेहतरीन बधाई संदेश भेजना चाहते हैं तो यहां आपके लिए चुनिंदा शुभकामनाएं, कोट्स और स्टेटस दिए गए हैं।

विजयादशमी 2026: शुभ मुहूर्त और तिथियां

पंचांग के मुताबिक आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि 20 अक्टूबर को दोपहर 12 बजकर 50 मिनट से शुरू होकर 21 अक्टूबर को दोपहर 2 बजकर 11 मिनट तक रहेगी। श्रवण नक्षत्र का समय 19 अक्टूबर की दोपहर 3 बजकर 38 मिनट से शुरू होकर 20 अक्टूबर की शाम 6 बजकर 2 मिनट तक रहा। उत्तर भारत में 20 अक्टूबर को अपराह्न काल में दशमी तिथि रहने के कारण मुख्य रूप से इसी दिन दशहरा मनाया जा रहा है, जबकि माता की विदाई परंपरा के अनुसार 21 अक्टूबर को होगी।

अपनों को भेजने के लिए 15 बेस्ट बधाई संदेश और शुभकामनाएं

1 – शुभ विजयादशमी! भगवान राम की कृपा से आपके जीवन में हमेशा अच्छाई की जीत हो और हर चुनौती में आपको सफलता मिले। आपको और आपके परिवार को दशहरा की हार्दिक शुभकामनाएं!

2- Happy Dussehra! असत्य पर सत्य की विजय का यह पर्व आपके जीवन में नई रोशनी, सकारात्मकता और अपार खुशियां लेकर आए।

3- मां दुर्गा और भगवान श्री राम के आशीर्वाद से आपके घर में सुख, शांति और समृद्धि का वास हो। आप सभी को विजयादशमी की बहुत-बहुत बधाई!

4 – आइए इस दशहरे पर अपने अंदर के अहंकार, क्रोध और बुराइयों का दहन करें और नेकी के मार्ग पर चलने का संकल्प लें। हैप्पी दशहरा 2026!

5- सफलता और समृद्धि की कामना: आपकी मेहनत रंग लाए और आपके जीवन में हर कार्य में सफलता व आर्थिक स्थिरता बनी रहे। आपको और आपके अपनों को दशहरा की शुभकामनाएं।

6- परिवार के लिए संदेश: मां दुर्गा और भगवान राम के आशीर्वाद से हमारा परिवार हमेशा एकजुट, खुशहाल और स्वस्थ रहे। आप सभी को विजयादशमी की मंगलकामनाएं!

7- धैर्य, सत्य और साहस ही मनुष्य की सबसे बड़ी ताकत हैं। विजयादशमी का यह पवित्र पर्व आपके जीवन में नई शुरुआत लेकर आए।

8 – नया सवेरा, नई शुरुआत: पुरानी चिंताओं को पीछे छोड़कर विश्वास और आत्मविश्वास के साथ जीवन में आगे बढ़ें। आपको दशहरा की ढेरों बधाइयां!

9 – हर चुनौती एक नया अवसर लेकर आती है। भगवान राम आपको हर बाधा से लड़ने का साहस दें। Happy Dussehra 2026!

10 – आपके जीवन का हर अंधकार दूर हो और आपका भविष्य उम्मीदों और उजालों से जगमगा उठे। विजयादशमी की हार्दिक शुभकामनाएं!

WhatsApp Status के लिए

1 – अधर्म का नाश हो, धर्म की रक्षा हो, हर दिल में श्रीराम का वास हो। आप सभी को दशहरा की शुभकामनाएं!

2 – आपके और आपके परिवार के लिए यह पावन पर्व उत्तम स्वास्थ्य, सौभाग्य और ढेरों खुशियां लेकर आए। शुभ दशहरा!

3- रिश्तों में प्यार बढ़े, आपसी सौहार्द बना रहे और हर तरफ खुशहाली हो। विजयादशमी के इस पावन दिन पर यही कामना है।

4- हर बुराई को हराकार अच्छाई को अपनाने का दिन है दशहरा। आइए मिलकर इस पर्व को धूमधाम से मनाएं। Happy Vijayadashami!

5 – भगवान श्रीराम आपको बुद्धि, बल और पराक्रम प्रदान करें ताकि आप जीवन की हर कठिनाई पर विजय प्राप्त कर सकें। दशहरा की शुभकामनाएं!

प्रेरणादायक कोट्स (Inspirational Quotes for Dussehra)

  • सत्य को अपना मार्ग बनाएं और दयालुता को अपनी ताकत बनाएं।
  • भय जब आपका नियंत्रण छोड़ देता है, तभी वास्तविक साहस की शुरुआत होती है।
  • अहंकार और बुराई पर विजय पाना ही जीवन की सबसे बड़ी जीत है।
  • हर चुनौती इंसान को अंदर से मजबूत और बेहतर बनने का अवसर देती है।
  • आप इन संदेशों और कोट्स को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म या मैसेजिंग ऐप्स के जरिए शेयर करके अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ इस पावन पर्व की खुशियां बांट सकते हैं।

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Q2 Results: सोलर कंपनी का मुनाफा 30% फिसला, मार्जिन में भी गिरावट; फोकस में रहेगा स्टॉक

Waaree Renewable Q2 Results: सोलर कंपनी Waaree Renewable Technologies के रेवेन्यू में सितंबर तिमाही के दौरान अच्छी बढ़त हुई। लेकिन कंपनी का मुनाफा घट गया। वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट 30% गिरकर ₹82 करोड़ रह गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹116 करोड़ था।

दूसरी ओर, कंपनी का रेवेन्यू 36.53% बढ़कर ₹1,057.84 करोड़ पहुंच गया। एक साल पहले यह ₹775 करोड़ था। हालांकि, EBITDA सिर्फ 1.3% बढ़कर ₹160 करोड़ हुआ। इसका असर EBITDA मार्जिन पर भी पड़ा। यह 20% से घटकर 15% रह गया।

पहली छमाही में कैसा रहा प्रदर्शन?

अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच वारी रिन्यूएबल का रेवेन्यू 43.84% बढ़कर ₹1,982.09 करोड़ हो गया। पिछले साल इसी अवधि में यह ₹1,377.97 करोड़ था। EBITDA भी 21.04% बढ़कर ₹333.46 करोड़ पहुंच गया।

हालांकि, नेट प्रॉफिट में बढ़त नहीं हुई। यह पिछले साल के ₹202.75 करोड़ से घटकर ₹200.44 करोड़ रह गया। कंपनी के मुताबिक, अधिग्रहण से जुड़े खर्च और नए कारोबार के अलग-अलग प्रॉफिट मार्जिन का असर मुनाफे पर पड़ा है।

महाराष्ट्र में लगाएगी सोलर प्लांट

वारी रिन्यूएबल के बोर्ड ने महाराष्ट्र के वर्धा में 35 मेगावाट पीक क्षमता वाला सोलर प्लांट लगाने को मंजूरी दी है। इसकी AC क्षमता 25 मेगावाट होगी। कंपनी इस प्लांट से बिजली बनाएगी और बेचेगी।

कंपनी की अधूरी ऑर्डर बुक ₹5,500 करोड़ से ज्यादा है। यानी इतने मूल्य के प्रोजेक्ट अभी पूरे होने बाकी हैं। इसके अलावा, 34.6 GWp से ज्यादा के सोलर प्रोजेक्ट्स की बोली पाइपलाइन भी है। बैटरी स्टोरेज और बिजली ट्रांसमिशन कारोबार में भी कंपनी को अवसर दिख रहे हैं।

नए कारोबार पर भी नजर

Waaree Renewable अपने EPC और बिजली ट्रांसमिशन कारोबार को बढ़ाना चाहती है। कंपनी सोलर प्रोजेक्ट्स के रखरखाव से जुड़ी सेवाओं का भी विस्तार करेगी।

इसके लिए ड्रोन से सोलर पैनल की जांच, डेटा के जरिए खराबी का पहले पता लगाने और भूमिगत बिजली केबल में गड़बड़ी पहचानने जैसी तकनीकों पर काम किया जा रहा है।

नतीजों से पहले सोमवार, 19 अक्टूबर को NSE पर Waaree Renewable का शेयर 0.44% गिरकर ₹833.40 पर बंद हुआ।

IREDA Q2 Results: सरकारी कंपनी को ₹552 करोड़ मुनाफा, NPA में सुधार; शेयरों पर रहेगी नजर

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Bajaj Finance Q2 Results: बजाज की कंपनी को ₹6367 करोड़ का मुनाफा, NII में 23% का उछाल

Bajaj Finance Q2 Results: दिग्गज नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनी (NBFC) बजाज फाइनेंस ने 19 अक्टूबर को सितंबर तिमाही के नतीजे जारी किए। नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 28.8% बढ़कर ₹6,367 करोड़ हो गया। ब्याज से होने वाली कमाई और लोन के कारोबार में बढ़ोतरी से नतीजों को मजबूती मिली।

ब्याज से होने वाली कमाई बढ़ी

बजाज फाइनेंस की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) दूसरी तिमाही में 23.6% बढ़कर ₹13,335 करोड़ हो गई। एक साल पहले यह ₹10,785 करोड़ थी। वहीं, कंपनी की कुल नेट इनकम भी 23% बढ़कर ₹15,974 करोड़ हो गई।

AUM बढ़कर ₹5.85 लाख करोड़ हुआ

30 सितंबर 2026 तक कंपनी का एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) 26% बढ़कर ₹5.85 लाख करोड़ हो गया। AUM का मतलब है कि कंपनी ने कुल कितने पैसे का लोन दे रखा है या मैनेज कर रही है। सितंबर तिमाही में इसमें ₹37,680 करोड़ जुड़े।

इस दौरान कंपनी ने 1.345 करोड़ नए लोन बांटे। यह एक साल पहले के मुकाबले 11% ज्यादा है। तिमाही में 44.2 लाख नए ग्राहक भी जुड़े। इसके साथ ही कंपनी के कुल ग्राहकों की संख्या बढ़कर 12.885 करोड़ हो गई। इसमें सालाना आधार पर 16% की बढ़ोतरी हुई।

लोन की वसूली कैसी रही?

सितंबर के अंत में बजाज फाइनेंस का ग्रॉस NPA 1.06% रहा। जून तिमाही में यह 0.96% था। वहीं, नेट NPA 0.39% से बढ़कर 0.42% हो गया। यानी पिछली तिमाही के मुकाबले खराब लोन का अनुपात थोड़ा बढ़ा। हालांकि, पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले स्थिति बेहतर रही। तब ग्रॉस NPA 1.24% और नेट NPA 0.60% था।

लोन के नुकसान की भरपाई के लिए कंपनी ने ₹2,166 करोड़ का प्रोविजन किया। यह पिछले साल से 4% ज्यादा है। इसमें आर्थिक जोखिमों को देखते हुए ₹337 करोड़ का अतिरिक्त प्रावधान भी शामिल है। इसे हटा दें तो लोन लॉस और प्रोविजन 12% घटकर ₹1,829 करोड़ रह जाते हैं।

आगे कंपनी की क्या योजना है?

Bajaj Finance को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2026-27 में वह 6 करोड़ से 6.2 करोड़ नए लोन बांटेगी। कंपनी 1.8 करोड़ से 2 करोड़ नए ग्राहक जोड़ने की भी योजना बना रही है। इसके अलावा, वित्त वर्ष के दौरान 150 से 175 नई लोकेशन खोलने का लक्ष्य है।

दूसरी तिमाही में कंपनी के लिए फंड जुटाना भी सस्ता हुआ। फंड की लागत 9 बेसिस पॉइंट घटकर 7.31% रह गई। कंपनी को उम्मीद है कि वित्त वर्ष के दौरान कुल नेट इनकम के मुकाबले ऑपरेटिंग खर्च का अनुपात 25 से 40 बेसिस पॉइंट तक सुधर सकता है।

नतीजों से पहले शेयर गिरा

सोमवार को नतीजे आने से पहले Bajaj Finance का शेयर 2.5% गिरकर ₹957.35 पर बंद हुआ। इस साल अब तक शेयर 1.6% नीचे है। वहीं, पिछले 12 महीनों में इसमें 11% से ज्यादा की गिरावट आई है।

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Sugar Stocks: शुगर स्टॉक्स में भारी गिरावट, गन्ने-चीनी से एथेनॉल बनाने पर सरकारी रोक का दिखा असर

Sugar Stocks: चीनी कंपनियों के शेयरों में 19 अक्टूबर को भारी बिकवाली दिखी। कई शेयर 7% तक टूट गए। इसकी वजह एथेनॉल की खरीद से जुड़ा सरकार का फैसला है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार ने नए टेंडर से चीनी से बनने वाले एथेनॉल की खरीद को बाहर कर दिया है। इससे चीनी कंपनियों की कमाई पर असर पड़ सकता है।

इन शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट

Bajaj Hindusthan Sugar का शेयर 5.59% गिरकर ₹20.08 पर आ गया। Shree Renuka Sugars में 7% की गिरावट रही। वहीं, Balrampur Chini Mills का शेयर 3.33% और EID Parry का शेयर 3.22% टूट गया। Triveni Engineering and Industries में 1.54% की गिरावट रही। Dhampur Sugar का शेयर भी 4% से ज्यादा गिरा।

सरकार ने क्या फैसला लिया?

सरकारी तेल कंपनियों ने नवंबर 2026 से अक्टूबर 2027 तक के लिए एथेनॉल खरीद का नया टेंडर जारी किया है। BPCL ने 16 अक्टूबर को यह टेंडर निकाला था। इसमें गन्ने के रस, चीनी के सिरप और बी-हैवी मोलासेस से बने एथेनॉल की खरीद शामिल नहीं है।

इसके अलावा, मक्का से बनने वाले एथेनॉल की खरीद कीमत भी घटा दी गई है। इसे ₹71.86 से कम करके ₹68.86 प्रति लीटर कर दिया गया है। टेंडर में करीब 1,100 करोड़ लीटर एथेनॉल खरीदने के लिए बोलियां मांगी गई हैं।

चीनी कंपनियों को क्यों होगा नुकसान?

चीनी कंपनियां गन्ने से चीनी के साथ एथेनॉल भी बनाती हैं। इससे उन्हें कमाई का एक और रास्ता मिलता है। कई कंपनियों ने एथेनॉल बनाने की क्षमता बढ़ाने में पैसा भी लगाया है।

अब चीनी से बनने वाले एथेनॉल की सरकारी खरीद टेंडर में शामिल नहीं होने से कंपनियों की मुश्किल बढ़ सकती है। उनकी उत्पादन क्षमता का पूरा इस्तेमाल करना चुनौती बन सकता है। इससे मुनाफे पर भी दबाव पड़ने की आशंका है।

सरकार ने यह फैसला क्यों लिया?

सरकार चाहती है कि घरेलू बाजार में चीनी की कमी न हो और कीमतें काबू में रहें। त्योहारी सीजन में चीनी की कीमतें 10% से ज्यादा बढ़ चुकी हैं। वहीं, प्रमुख चीनी उत्पादक राज्यों में कमजोर बारिश से उत्पादन घटने की आशंका है।

भारत पेट्रोल में 20% एथेनॉल मिलाने का लक्ष्य रखता है। अब इस जरूरत को पूरा करने के लिए मक्का और दूसरे अनाज से बनने वाले एथेनॉल की भूमिका बढ़ सकती है।

एथेनॉल ब्लेंडिंग पर क्या असर होगा?

ऑल इंडिया शुगर ट्रेड एसोसिएशन (AISTA) के चेयरमैन प्रफुल्ल विठलानी का कहना है कि सरकार ने पेट्रोल में 20% एथेनॉल मिलाने का लक्ष्य रखा है। लेकिन इस सीजन इसे पूरा करना मुश्किल हो सकता है। चीनी से बनने वाले एथेनॉल का उत्पादन घटने के साथ मक्के की कमी भी इसकी बड़ी वजह है।

प्रफुल्ल विठलानी के मुताबिक, पिछले सीजन में एथेनॉल सप्लाई में चीनी की हिस्सेदारी 25% थी। अब यह घटकर सिर्फ 2% के आसपास रह सकती है।

क्या चीनी की कीमतें बढ़ेंगी?

उत्पादन को लेकर चिंता के बावजूद फिलहाल चीनी की कीमतों में बड़ी हलचल की उम्मीद नहीं है। विठलानी के मुताबिक, सरकार ने कोटा जारी करके बाजार में सप्लाई को संभाला है। त्योहारों की मांग पूरी करने के लिए भी पर्याप्त स्टॉक मौजूद है।

ज्यादातर चीनी मिलों में नवंबर की शुरुआत तक पेराई शुरू होने की उम्मीद है। सरकार के सप्लाई प्रबंधन से अगले दो महीने तक कीमतें स्थिर रह सकती हैं। इसके बाद बाजार की चाल इस बात पर निर्भर करेगी कि चीनी का असल उत्पादन कितना रहता है और फसल की स्थिति कैसी रहती है।

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