New Tax Regime: अब 10 में 9 टैक्सपेयर्स चुन रहे हैं न्यू टैक्स रिजीम, जानिए 5 बड़े कारण

New Tax Regime: इस बार इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरने वाले ज्यादातर लोग न्यू टैक्स रिजीम चुन रहे हैं। टैक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस साल उनके पास रिटर्न फाइल करने वाले 80% से 95% तक टैक्सपेयर्स ने नया टैक्स सिस्टम चुना है। पिछले कुछ सालों में यह संख्या लगातार बढ़ी है। आखिर इसके पीछे क्या वजह है? आइए जानते हैं।

  1. टैक्स में ज्यादा राहत मिलने लगी

न्यू टैक्स रिजीम में सरकार ने सेक्शन 87A के तहत मिलने वाली टैक्स छूट बढ़ाई है। टैक्स स्लैब में भी बदलाव किए गए हैं और स्टैंडर्ड डिडक्शन का फायदा बढ़ाया गया है। इसी वजह से पहले के मुकाबले कई सैलरीड लोगों का टैक्स कम हो गया है।

ClearTax का कहना है कि कम टैक्स दरें, ज्यादा टैक्स रिबेट और बढ़ा हुआ स्टैंडर्ड डिडक्शन न्यू टैक्स रिजीम को ज्यादा आकर्षक बना रहे हैं।

2. कागजी झंझट लगभग खत्म

ओल्ड टैक्स रिजीम में HRA, 80C, 80D और दूसरे डिडक्शन के लिए कई तरह के दस्तावेज संभालकर रखने पड़ते हैं। न्यू टैक्स रिजीम में इसकी जरूरत काफी कम हो जाती है। इसलिए ITR भरना भी आसान हो गया है।

SBHS & Associates के पार्टनर हिमांक सिंगला कहते हैं कि लोग अब सिर्फ टैक्स बचाने के लिए निवेश नहीं करना चाहते। आसान प्रक्रिया की वजह से वे तेजी से न्यू टैक्स रिजीम की तरफ बढ़ रहे हैं।

3. कम टैक्स रेट का फायदा

जिन लोगों के पास ज्यादा डिडक्शन नहीं हैं, उनके लिए न्यू टैक्स रिजीम सीधे टैक्स बचाने का मौका दे रही है। यही वजह है कि हर साल इसे चुनने वालों की संख्या बढ़ रही है।

HJ Aggarwal & Co. के पार्टनर सीए हर्षित अग्रवाल के मुताबिक, इस साल उनकी फर्म के करीब 95% क्लाइंट्स ने न्यू टैक्स रिजीम चुनी है। पिछले साल यह आंकड़ा 70% से थोड़ा ज्यादा था, जबकि दो साल पहले सिर्फ 20% लोग इसे चुन रहे थे।

4. ITR फाइल करना पहले से आसान

न्यू टैक्स रिजीम में कम कैलकुलेशन और कम दस्तावेजों की जरूरत पड़ती है। इससे रिटर्न जल्दी फाइल हो जाता है।

TaxSpanner के को-फाउंडर और CEO सुधीर कौशिक कहते हैं कि 12 लाख रुपये तक की आय वाले कई टैक्सपेयर्स सिर्फ इसलिए न्यू टैक्स रिजीम चुन रहे हैं क्योंकि इसमें दस्तावेज कम लगते हैं और पूरी प्रक्रिया आसान है।

5. फिर भी हर किसी के लिए सही नहीं

न्यू टैक्स रिजीम भले ही ज्यादातर लोगों की पहली पसंद बन गई हो, लेकिन हर टैक्सपेयर के लिए यह बेहतर विकल्प नहीं है। NA Shah Associates के पार्टनर गोपाल बोहरा का कहना है कि जिन लोगों को HRA, होम लोन के ब्याज, Chapter VI-A के तहत मिलने वाले डिडक्शन या दूसरे बड़े टैक्स बेनेफिट मिलते हैं, उनके लिए ओल्ड टैक्स रिजीम अब भी ज्यादा फायदे की हो सकती है।

वहीं, S.K. Patodia LLP के एसोसिएट डायरेक्टर मिहिर तन्ना भी सलाह देते हैं कि रिटर्न भरने से पहले दोनों टैक्स रिजीम में अपना टैक्स निकालकर जरूर देखें। अगर आपके पास HRA, होम लोन, NPS, PPF, EPF या दूसरे बड़े डिडक्शन हैं, तो ओल्ड टैक्स रिजीम आज भी बेहतर विकल्प साबित हो सकती है।

EPS Pension Calculation: 10 से 25 साल की नौकरी पर कितनी बनेगी मंथली पेंशन? 

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Rashifal Today: कैसा होगा आपका 23 जुलाई का पूरा दिन, जानें किन बातों का रखना होगा ध्यान

Aaj Ka Rashifal: अंक ज्योतिष के अनुसार, हर इंसान की जन्मतिथि का अपना खास महत्व होता है। ये न सिर्फ उनके स्वभाव और व्यक्तित्व को बताता है, बल्कि उनके भविष्य के बारे में भी संकेत देती है। आज के दिन लंबी अवधि की वित्तीय योजना बनाने के लिए अच्छा समय है। अपने निवेश और बजट की समीक्षा करें और देखें कि आप सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं या नहीं।आइए जानते हैं कैसा होगा मूलांक 1 से 9 तक के लोगों का दिन

मूलांक 1

अगर आपका जन्म 1, 10, 19 या 28 तारीख को हुआ है, तो आज का दिन आर्थिक मामलों में समझदारी से काम लेने का है। भविष्य को ध्यान में रखकर बनाई गई योजनाएं आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकती हैं। बिना सोचे-समझे खर्च करने से बचें और अपने बजट पर नियंत्रण रखें। अगर आप लंबे समय के लिए निवेश या बचत की योजना बना रहे हैं, तो उस पर गंभीरता से काम करें।

मूलांक 2

अगर आपका जन्म 2, 11, 20 या 29 तारीख को हुआ है, तो आज पैसों से जुड़े फैसले सोच-समझकर लें। जल्दबाजी में कोई बड़ा निर्णय लेने से बचें। बचत बढ़ाने और भविष्य के लिए मजबूत आर्थिक योजना बनाने का यह अच्छा समय है। किसी भी निवेश या समझौते से पहले पूरी जानकारी जरूर लें।

मूलांक 3

अगर आपका जन्म 3, 12, 21 या 30 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक स्थिति में सुधार के अवसर मिल सकते हैं। करियर और आय बढ़ाने से जुड़े नए रास्ते खुल सकते हैं। बाजार की गतिविधियों पर नजर रखें और समय के अनुसार अपनी वित्तीय योजना में बदलाव करने से न हिचकें। सही फैसले आपको आगे बढ़ने में मदद करेंगे।

मूलांक 4

अगर आपका जन्म 4, 13, 22 या 31 तारीख को हुआ है, तो आज घर और परिवार से जुड़े खर्च बढ़ सकते हैं। भावनाओं में आकर पैसा खर्च करने के बजाय जरूरत और सुविधा को प्राथमिकता दें। अपने बजट को व्यवस्थित रखें और सिर्फ जरूरी खर्चों पर ध्यान दें। इससे आर्थिक स्थिति मजबूत बनी रहेगी।

मूलांक 5

अगर आपका जन्म 5, 14 या 23 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक मामलों में व्यस्तता रह सकती है। बजट बनाकर चलेंगे तो फायदा होगा। फिजूल खर्च से बचें और हर खर्च को व्यावहारिक नजरिए से देखें। नई कमाई के अवसर भी मिल सकते हैं, इसलिए सतर्क रहें और सही मौके का लाभ उठाएं।

मूलांक 6

अगर आपका जन्म 6, 15 या 24 तारीख को हुआ है, तो आज अपने खर्चों और आय का सही हिसाब रखने की जरूरत है। योजनाबद्ध तरीके से काम करने से भविष्य में लाभ मिलेगा। अनावश्यक खर्चों से दूरी बनाएं और सिर्फ जरूरी चीजों पर पैसा लगाएं। आर्थिक मामलों में आपकी समझदारी आपको आगे बढ़ाएगी।

मूलांक 7

अगर आपका जन्म 7, 16 या 25 तारीख को हुआ है, तो आज का दिन भविष्य की आर्थिक सुरक्षा पर ध्यान देने का है। लग्जरी चीजों पर बेवजह खर्च करने से बचें। अपनी आय और खर्च का संतुलन बनाए रखें। अगर आप अभी से सही योजना बनाएंगे, तो आने वाले समय में आर्थिक मजबूती मिलेगी।

मूलांक 8

अगर आपका जन्म 8, 17 या 26 तारीख को हुआ है, तो आज लंबी अवधि की वित्तीय योजना बनाने के लिए अच्छा समय है। अपने निवेश और बजट की समीक्षा करें और देखें कि आप सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं या नहीं। जल्दबाजी में खर्च करने से बचें और भविष्य को ध्यान में रखकर फैसले लें।

मूलांक 9

अगर आपका जन्म 9, 18 या 27 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक मामलों में संतुलन बनाए रखना जरूरी है। नए अवसर आकर्षक लग सकते हैं, लेकिन बिना पूरी जानकारी के कोई फैसला न लें। बढ़ते खर्चों पर नियंत्रण रखें और अपनी वित्तीय योजनाओं की दोबारा समीक्षा करें। सही समय पर लिया गया समझदारी भरा फैसला भविष्य में बड़ा लाभ दे सकता है।

डिस्क्लेमर: इस लेख की सामग्री पूरी तरह से ज्योतिषीय भविष्यवाणियों पर आधारित है। हम इसकी सत्यता और सटीकता का पूरी तरह दावा नहीं करते। यहां दी गई किसी भी जानकारी के आधार पर कोई वित्तीय, स्वास्थ्य या व्यावसायिक निर्णय लेने से पहले योग्य विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।

बेंगलुरु के इस कैफे में लैपटॉप खोलकर बैठना पड़ेगा महंगा! 99 रुपये प्रति घंटे लगेगा वर्कस्पेस चार्ज

बेंगलुरु के एक कैफे का नोटिस इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। कैफे में लगे नोटिस में लिखा है कि कि अगर कोई कस्टमर्स उस जगह को ऑफिस या वर्कस्पेस की तरह इस्तेमाल करता है, तो उससे 99 रुपये प्रति घंटे का शुल्क लिया जाएगा। इस फैसले को लेकर लिंक्डइन पर लोगों की अलग-अलग राय सामने आई है। कुछ लोग कैफे के फैसले को सही बता रहे हैं, वहीं कई लोगों के मुताबिक इससे असली समस्या का समाधान नहीं होगा। सोशल मीडिया पर ये पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है।

बेंगलुरु के कार्तिक सुरोजू ने इंदिरानगर के एक कैफे में लगे नोटिस की तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर की। नोटिस में लिखा था, “वर्कस्पेस रेंटल चार्ज: 99 रुपये प्रति घंटा।” इस पर प्रतिक्रिया देते हुए सुरोजू ने कहा कि ये नियम उन ग्राहकों को ही दूर कर सकता है, जिनके लिए ऐसी जगहें अक्सर आकर्षण का केंद्र होती हैं।

कैफे ने किया चॉर्ज

अपने पोस्ट में उन्होंने लिखा, “वहां कोई भी बैठकर काम नहीं कर रहा था। एक भी व्यक्ति नहीं था।” उन्होंने आगे कहा, “मुझे लगता है कि यह साइन उस समस्या का समाधान करने की कोशिश कर रहा है, जो असली समस्या ही नहीं है। यह सही है कि कैफे में कोई एक कॉफी लेकर पांच घंटे तक नहीं बैठ सकता, लेकिन इस तरह के चार्ज वाला बोर्ड लगाने से ग्राहक आने के बजाय दूर हो सकते हैं।”

कैफे के रिव्यू है अच्छे

इस पोस्ट के सामने आते ही सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं आने लगीं। कई यूजर्स का मानना था कि कैफे ने ये नियम इसलिए बनाया जिससे कस्टमर लंबे समय तक एक ही टेबल पर बैठकर उसे ऑफिस की तरह इस्तेमाल न करें और दूसरे ग्राहकों के लिए भी जगह उपलब्ध रहे। एक यूजर ने कमेंट किया, “हो सकता है कैफे यही चाहता हो। शायद वे नहीं चाहते कि लोग 150 रुपये की एक कॉफी लेकर घंटों तक टेबल घेरकर बैठे रहें।” इस पर कार्तिक सुरोजू ने जवाब देते हुए कहा, “हो सकता है।” उन्होंने ये भी बताया कि कैफे के रिव्यू अच्छे हैं और वहां का खाना-पीना भी पसंद किया जाता है। साथ ही उन्होंने कहा कि वह दोबारा कैफे जाकर मालिक से इस नियम के पीछे की वजह जानने की कोशिश करेंगे।

2-3 घंटे तक करते हैं काम

वहीं कई लोगों ने कैफे के इस फैसले का खुलकर सपोर्ट भी किया। एक यूजर ने लिखा, “मैं इस कैफे के फैसले के पूरी तरह समर्थन में हूं। मेरे पसंदीदा कैफे में कई बार ऐसा हुआ कि कुछ लोगों ने पूरी टेबल को अपना वर्कस्टेशन बना लिया, जिसकी वजह से खाना खाने आए ग्राहकों के लिए बहुत कम सीटें बचती हैं।” कार्तिक सुरोजू ने कहा कि कैफे में बैठकर काम करने वाले सभी लोग परेशानी नहीं बनते। उन्होंने लिखा, “ज्यादातर लोग 2-3 घंटे तक काम करते हैं और इस दौरान इतना ऑर्डर भी करते हैं कि उनका वहां बैठना उचित लगता है। असली दिक्कत उन लोगों से होती है, जो पूरे दिन सिर्फ एक कॉफी लेकर बैठे रहते हैं।” उनके मुताबिक, कई छोटे कैफे ऐसे ग्राहकों को कुछ कहने से भी बचते हैं, क्योंकि उन्हें खराब रिव्यू या अपनी छवि पर असर पड़ने का डर रहता है।

कुछ यूजर्स के मुताबिक, इस समस्या का समाधान प्रति घंटे शुल्क लेने के बजाय साफ नियम बनाकर किया जा सकता है। एक यूजर ने लिखा, “अगर असली परेशानी यह है कि कुछ लोग कम ऑर्डर देकर घंटों तक टेबल घेरकर बैठे रहते हैं, जिससे नए ग्राहकों को जगह नहीं मिलती, तो नोटिस में सीधे उसी व्यवहार का जिक्र होना चाहिए।”

कल भारत में लॉन्च होगी Mercedes-AMG E 53 Hybrid, 577 bhp पावर और हाइब्रिड टेक्नोलॉजी के साथ

Mercedes-Benz कल भारत में AMG E 53 हाइब्रिड 4MATIC+ लॉन्च करने जा रही है, जिससे उसके पोर्टफोलियो में एक प्लग-इन हाइब्रिड परफॉर्मेंस सेडान शामिल हो जाएगी। यह लॉन्च इसलिए अहम है क्योंकि E 53 में AMG परफॉर्मेंस के साथ इलेक्ट्रिक पावरट्रेन का मेल है, जो भारत में अब तक कुछ ही लग्जरी कारों में देखने को मिला है।

रेगुलर E-Class से ऊपर पोजिशन की जाने वाली यह नई सेडान ज्यादा पावर, बेहतर ड्राइविंग डायनामिक्स और कम दूरी के सफर के लिए इलेक्ट्रिक मोड में चलने की क्षमता के साथ आएगी। इसकी कीमत काफी अहम होगी, क्योंकि AMG E 53 Hybrid 4MATIC+ हाई-परफॉर्मेंस लग्जरी सेडान के एक खास सेगमेंट में एंट्री करेगी, जहां पहले से कई प्रीमियम मॉडल मौजूद हैं।

भारत में अनुमानित कीमत

Mercedes-Benz ने अभी तक कीमतें नहीं बताई हैं, लेकिन AMG E 53 हाइब्रिड की कीमत 1.35 करोड़ रुपये से 1.45 करोड़ रुपये (एक्स-शोरूम) के बीच होने की उम्मीद है। चूंकि यह कार भारत में पूरी तरह से बनी-बनाई यूनिट (CBU) के तौर पर आएगी, इसलिए इसकी कीमत स्टैंडर्ड E-Class के मुकाबले काफी ज्यादा होगी।

बता दें कि यह AMG E 53 उन ग्राहकों को ध्यान में रखकर पेश की जाएगी, जो एक सामान्य लग्जरी सेडान से ज्यादा तेज और ज्यादा रोमांचक ड्राइविंग अनुभव चाहते हैं, लेकिन अभी एक पूरी तरह से स्पोर्ट्स कार खरीदने के लिए तैयार नहीं हैं।

इसमें दी गई प्लग-इन हाइब्रिड टेक्नोलॉजी इसे भारत की उन चुनिंदा परफॉर्मेंस सेडान में शामिल करती है, जो पूरी तरह इलेक्ट्रिक मोड में भी चलने की सुविधा देती हैं।

फिलहाल, आखिरी कीमत से ही यह तय होगा कि यह BMW और Audi की मिलती-जुलती गाड़ियों को कितनी कड़ी टक्कर देती है।

इंजन और परफॉर्मेंस

Mercedes-Benz AMG E 53 Hybrid में 3.0 लीटर, 6-सिलेंडर टर्बो-पेट्रोल इंजन दिया गया है, जिसे एक इलेक्ट्रिक मोटर और बैटरी पैक के साथ जोड़ा गया है। इसकी कुल पावर 577 bhp और टॉर्क 750 Nm है, हालांकि AMG के ‘रेस स्टार्ट’ फ़ंक्शन से पावर को कुछ समय के लिए 604 bhp तक बढ़ाया जा सकता है।

इस सेटअप को मर्सिडीज के 4MATIC+ ऑल-व्हील-ड्राइव सिस्टम और नौ-स्पीड ऑटोमैटिक गियरबॉक्स के साथ जोड़ा गया है। कंपनी के ग्लोबल आंकड़ों के मुताबिक, यह सेडान लगभग 3.8 सेकंड में 0 से 100 km/h की रफ्तार पकड़ सकती है।

आम AMG मॉडल के उलट, E 53 सिर्फ इलेक्ट्रिक पावर का इस्तेमाल करके भी कम दूरी तय कर सकती है, जो शहर के ट्रैफिक में फायदेमंद साबित हो सकता है।

इसमें और क्या-क्या खास है?

E 53 में AMG-खास डिजाइन एलिमेंट्स हैं, जैसे कि अलग तरह का फ्रंट बंपर, बड़े पहिए और चार एग्जॉस्ट आउटलेट। इसके अंदर स्पोर्ट्स सीट्स, डिजिटल डिस्प्ले के लिए AMG ग्राफिक्स और मर्सिडीज का लेटेस्ट इंफोटेनमेंट सिस्टम दिया गया है।

इस सेडान में एडेप्टिव सस्पेंशन, रियर-व्हील स्टीयरिंग और कई ड्राइविंग मोड्स भी हैं, जो सड़क और ड्राइविंग की स्थितियों के हिसाब से कार के व्यवहार को बदलते हैं।

Mercedes-Benz कल AMG E 53 हाइब्रिड की बिक्री शुरू होने पर इसकी आधिकारिक कीमत और भारत-स्पेसिफिक डिटेल्स की घोषणा करेगी।

यह भी पढ़ें: Suzuki SV-7GX ग्लोबली लॉन्च, मिलेगा 645cc V-Twin इंजन और V-Strom 650 वाला भरोसा

‘जहाज पर हमला किया तो पुल या पावर प्लांट उड़ा देंगे’, ईरान को ट्रंप की कड़ी चेतावनी

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को धमकी दी कि अगर ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में किसी जहाज पर हमला करता है, तो अमेरिका हर बार ईरान के किसी पुल या पावर प्लांट को निशाना बनाएगा। इसमें राजधानी तेहरान में मौजूद ठिकाने भी शामिल हो सकते हैं।

ट्रंप ने यह धमकी अपने ‘ट्रुथ सोशल’ पोस्ट के जरिए दी। इससे अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और बढ़ गया है, जो पहले से ही संघर्ष विराम टूटने और हाल ही में तीन अमेरिकी सैनिकों की मौत के बाद बढ़ा हुआ था। बता दें कि ट्रंप को बुधवार को ही इन सैनिकों के शव मिलने वाले थे।

ट्रंप ने अपनी पोस्ट में लिखा था, “अब से, जब भी ईरान ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ में किसी जहाज पर मिसाइल, रॉकेट, ड्रोन या किसी अन्य हथियार से हमला करेगा, तो अमेरिका उसके एक पुल या पावर प्लांट पर बम गिराकर उसे नष्ट कर देगा।”

ट्रंप ने साफ तौर पर कहा कि इन लक्ष्यों में “तेहरान शहर के पास या उसके अंदर मौजूद ठिकाने” भी शामिल हैं।

गौरतलब है कि ट्रंप पहले भी ईरान के बिजली संयंत्रों, पानी की सुविधाओं और दूसरे बुनियादी ढांचों पर हमला करने की धमकी दे चुके हैं। जानकारों ने चेतावनी दी है कि ऐसे हमले अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत युद्ध अपराध की श्रेणी में आ सकते हैं।

इससे पहले बुधवार को, सेक्रेटरी ऑफ स्टेट मार्को रुबियो ने ईरान पर आरोप लगाया कि वह अमेरिका के साथ समझौता करने को लेकर “गंभीर” नहीं है, साथ ही उन्होंने दोहराया कि वॉशिंगटन मध्य पूर्व में “कूटनीति के लिए प्रतिबद्ध” है।

उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने लगातार 11वीं रात ईरानी ठिकानों पर हमले किए हैं। अमेरिका का कहना है कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से सुरक्षित और खुला करने की कोशिश कर रहा है। यह रास्ता वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और युद्ध के दौरान ईरान के लिए दबाव बनाने का एक बड़ा साधन बन गया है।

CENTCOM ने बताया कि उसने मिलिट्री ऑपरेशन सेंटर, ड्रोन स्टोर करने की जगहों और मिलिट्री लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले किए।

फिलीपींस में आसियान (ASEAN) विदेश मंत्रियों की बैठक में बोलते हुए, रुबियो ने कहा कि तेहरान और वॉशिंगटन के बीच एक मुख्य विवाद यह है कि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य में ट्रैफिक को नियंत्रित करने का “अधिकार मांगता है”, जबकि अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत उसे यह अधिकार नहीं है।

रुबियो ने चेतावनी देते हुए कहा, “अगर हम मध्य पूर्व में एक ऐसी मिसाल कायम करते हैं, जहां कोई राष्ट्र किसी अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग पर नियंत्रण करने, शुल्क वसूलने और भुगतान न करने पर आपके जहाजों को उड़ाने का फैसला कर सकता है, तो हमने एक बहुत ही खतरनाक मिसाल कायम कर दी है, जो दुनिया के अन्य हिस्सों में, इस क्षेत्र सहित, दोहराई जाएगी।”

रुबियो ने अप्रत्यक्ष रूप से चीन की ओर इशारा करते हुए कहा कि “दुनिया के सभी क्षेत्रों में से, यह वह क्षेत्र है जहां मुझे अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में नौवहन की स्वतंत्रता के महत्व के बारे में सिखाने की आवश्यकता नहीं है।”

बाद में दिन में दिए गए अलग-अलग बयानों में, रुबियो ने कहा कि वाशिंगटन युद्ध को समाप्त करने के लिए बातचीत करने को तैयार है।

उन्होंने कहा, “अमेरिका कूटनीतिक समझौते तक पहुंचना चाहता है। अगर ईरान के साथ ऐसा कोई समझौता संभव हो, जिसमें वह कहे कि हम अब आतंकवाद को समर्थन नहीं देंगे और परमाणु हथियार या उसे बनाने के लिए जरूरी चीजों को आगे नहीं बढ़ाएंगे, तो अमेरिका इसके लिए तैयार है।”

हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि “फिलहाल वे डील करने को लेकर गंभीर नहीं लगते।” उन्होंने आगे कहा कि तेहरान ने पिछले महीने हुए समझौते (मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग) में कुछ वादे किए थे, “और दो हफ्ते के अंदर ही उन्हें तोड़ दिया।”

अमेरिकी नौसेना ने पहले भी साउथ चाइना सी में विवादित द्वीपों के आस-पास “फ्रीडम ऑफ नेविगेशन” (आजादी से आवाजाही) ऑपरेशन चलाए हैं। इन द्वीपों पर चीन के साथ-साथ कई दक्षिण-पूर्वी एशियाई देशों के भी दावे हैं, जबकि चीन अपनी “नाइन-डैश लाइन” के जरिए लगभग पूरे समुद्र पर अपना अधिकार बताता है।

यह सब ‘परमानेंट कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन’ के 2016 के उस फैसले के बावजूद हो रहा है, जिसमें कहा गया था कि अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत चीन के दावों का कोई आधार नहीं है। हालांकि, चीन ने इस फैसले को मानने से इनकार कर दिया है।

तेल की कीमतों में उछाल

बुधवार सुबह कच्चे तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी देखने को मिली। अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स (सितंबर डिलीवरी) 3.7% बढ़कर 94.33 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। वहीं, अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) फ्यूचर्स (सितंबर डिलीवरी) में 3.5% की तेजी आई और यह 87.28 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।

बता दें कि अमेरिका और ईरान ने 17 जून को एक अंतरिम समझौता ज्ञापन (MOU) पर हस्ताक्षर किए थे, जिसमें सैन्य अभियानों को रोकने, होर्मुज को फिर से खोलने और ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़ी शर्तों सहित एक स्थायी समझौते पर बातचीत के लिए 60 दिन का समय तय करने की बात कही गई थी। लेकिन इस दस्तावेज में होर्मुज के भविष्य के प्रबंधन का मुद्दा अनसुलझा ही रह गया।

ईरान ने इस बात का मतलब यह भी निकाला कि होर्मुज (स्ट्रेट) से गुजरने वाले ट्रैफिक को मैनेज करने में तेहरान की भूमिका है और शुरुआती 60 दिनों के बाद समुद्री सेवाओं के लिए शुल्क भी लिया जा सकता है, लेकिन अमेरिका का कहना था कि यह जलमार्ग बिना किसी अनिवार्य ईरानी शुल्क या प्रतिबंध के खुला रहना चाहिए।

ईरान और ओमान – जिनकी सीमाएं भी होर्मुज जलडमरूमध्य से लगती हैं – ने 23 जून को एक संयुक्त बयान में कहा कि “होर्मुज से जुड़ी सभी व्यवस्थाओं में जलडमरूमध्य के दोनों तटीय देशों की संप्रभुता और संप्रभु अधिकारों का पूरा सम्मान किया जाना चाहिए।”

यह भी पढ़ें: फ्रांस बना पहला EU देश, जहां 15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया बैन, जानें दुनिया में क्या हैं उम्र के नियम

‘टैलेंट में विराट के बराबर हैं राहुल, लेकिन…’ वसीम जाफर ने बताया दोनों के बीच सबसे बड़ा फर्क

भारत के पूर्व बल्लेबाज वसीम जाफर लंबे समय तक आईपीएल में पंजाब किंग्स के साथ जुड़े रहे। टीम के मेंटर रहते हुए उन्होंने केएल राहुल और क्रिस गेल जैसे स्टार खिलाड़ियों के साथ काम किया। इस दौरान उन्हें इन खिलाड़ियों के खेल और उनकी बल्लेबाजी को करीब से देखने का मौका मिला। पूर्व भारतीय बल्लेबाज वसीम जाफर ने हाल ही में एक कार्यक्रम में केएल राहुल के साथ काम करने का अपना अनुभव शेयर किया है। उन्होंने कहा कि राहुल के पास बेहतरीन तकनीक और शानदार बल्लेबाजी क्षमता है। जाफर ने कहा केएल राहुल बेहद प्रतिभाशाली बल्लेबाज हैं और तीनों फॉर्मेट में खुद को साबित कर चुके हैं।

क्या है दोनों के बीच फर्क

जाफर के अनुसार, राहुल अपनी क्षमता के हिसाब से अभी उतने रन नहीं बना पाए हैं, जितने उनसे उम्मीद की जाती है। जाफर ने कहा कि राहुल के पास विराट कोहली जैसी बल्लेबाजी करने की काबिलियत है, लेकिन दोनों के बीच सबसे बड़ा फर्क उनकी सोच और बड़े मौके पर लगातार बेहतर प्रदर्शन करने की मानसिकता का है।

राहुल को लेकर क्या कहा

जाफर ने कहा, “केएल राहुल बेहतरीन खिलाड़ी हैं और तीनों फॉर्मेट में शानदार क्रिकेट खेलते हैं। उनकी तकनीक मजबूत है और वह मैदान पर काफी शांत रहते हैं। हालांकि, मुझे लगता है कि उनकी प्रतिभा को देखते हुए वह अभी तक अपनी पूरी क्षमता के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं। वह भारत और अपनी आईपीएल टीम, दोनों के लिए इससे भी ज्यादा रन बना सकते हैं। मेरे हिसाब से टैलेंट और क्वालिटी के मामले में वह विराट कोहली के बराबर हैं, लेकिन विराट की मजबूत मानसिकता ही दोनों खिलाड़ियों के बीच सबसे बड़ा अंतर पैदा करती है।”

इंग्लैंड सीरीज में राहुल का प्रदर्शन

केएल राहुल ने साल 2014 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मेलबर्न टेस्ट से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा था। इसके बाद उन्होंने भारत के लिए टेस्ट, वनडे और टी20—तीनों फॉर्मेट में अपनी जगह बनाई। राहुल उन चुनिंदा भारतीय खिलाड़ियों में शामिल हैं जिन्होंने तीनों फॉर्मेट में टीम की कप्तानी की है और हर फॉर्मेट में शतक भी लगाया है। फिलहाल केएल राहुल टेस्ट टीम में भारत के प्रमुख ओपनर हैं, जबकि वनडे में विकेटकीपर-बल्लेबाज की भूमिका निभा रहे हैं। इंग्लैंड के खिलाफ हाल ही में खेली गई वनडे सीरीज में उनका प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। उन्होंने पहले और तीसरे मुकाबले में बल्लेबाजी की, लेकिन सिर्फ 1 और 12 रन ही बना सके।

Stocks to Watch : 23 जुलाई को फोकस में रहेंगे ये 13 स्टॉक्स, दिख सकता है तगड़ा एक्शन

Stocks to Watch: शेयर बाजार में 23 जुलाई को कई बड़े स्टॉक्स फोकस में रहेंगे। कुछ कंपनियों ने जून तिमाही के मजबूत नतीजे पेश किए हैं। कुछ के नतीजे उम्मीद से कमजोर रहे। इसके अलावा एक कंपनी ने बड़ा जॉइंट वेंचर भी किया है। ऐसे में इन 13 शेयरों में गुरुवार को अच्छी-खासी हलचल देखने को मिल सकती है।

IndusInd Bank

प्राइवेट सेक्टर के बैंक IndusInd Bank का जून तिमाही में शुद्ध मुनाफा 46.5% बढ़कर ₹1,002 करोड़ रहा। यह CNBC-TV18 के ₹725 करोड़ के अनुमान से बेहतर है। बैंक की NII 1% बढ़कर ₹4,685 करोड़ रही। एसेट क्वालिटी में भी सुधार हुआ। ग्रॉस NPA 3.25% और नेट NPA 0.95% पर आ गया, जबकि प्रोविजन घटकर ₹1,340 करोड़ रह गया।

Dr Reddy’s

दवा बनाने वाली कंपनी Dr Reddy’s का जून तिमाही का शुद्ध मुनाफा 69% घटकर ₹443.5 करोड़ रह गया। कंपनी की आय 6% घटकर ₹8,070.5 करोड़ रही। EBITDA 55% गिरकर ₹1,009 करोड़ पर आ गया और EBITDA मार्जिन 26.7% से घटकर 12.5% रह गया। कंपनी के नतीजे बाजार के अनुमान से भी कमजोर रहे।

United Spirits

शराब बनाने वाली कंपनी United Spirits का जून तिमाही में शुद्ध मुनाफा 51.6% बढ़कर ₹391 करोड़ रहा। यह CNBC-TV18 के ₹316 करोड़ के अनुमान से बेहतर है। वहीं, कंपनी का रेवेन्यू 6% बढ़कर ₹2,703 करोड़ रहा, जो अनुमान से भी ज्यादा है।

HPCL

सरकारी तेल कंपनी HPCL को जून तिमाही में ₹11,526.4 करोड़ का शुद्ध घाटा हुआ। पिछली तिमाही में कंपनी ने ₹4,901.5 करोड़ का मुनाफा कमाया था। कंपनी का EBITDA ₹16,141 करोड़ के घाटे में पहुंच गया। हालांकि, रेवेन्यू 22.3% बढ़कर ₹1.41 लाख करोड़ रहा। कंपनी ने घाटे के लिए कमजोर मार्केटिंग मार्जिन और पश्चिम एशिया संकट को जिम्मेदार बताया।

UCO Bank

सरकारी बैंक UCO Bank का जून तिमाही का शुद्ध मुनाफा 8% बढ़कर ₹656.3 करोड़ हो गया। बैंक की NII 17% बढ़कर ₹2,808 करोड़ रही। एसेट क्वालिटी में सुधार के साथ ग्रॉस NPA 2.08% और नेट NPA 0.25% पर आ गया। वहीं, प्रावधान घटकर ₹234.6 करोड़ रह गए।

Shoppers Stop

रिटेल कंपनी Shoppers Stop की जून तिमाही में आय 11.2% बढ़कर ₹1,291.4 करोड़ रही। कंपनी का शुद्ध घाटा घटकर ₹14.3 करोड़ रह गया, जो पिछले साल ₹15.7 करोड़ था। EBITDA 9.2% बढ़कर ₹187.4 करोड़ हुआ। EBITDA मार्जिन मामूली घटकर 14.5% रह गया।

Nippon Life AMC

एसेट मैनेजमेंट कंपनी Nippon Life AMC का जून तिमाही का शुद्ध मुनाफा 27.2% बढ़कर ₹504 करोड़ रहा। कंपनी की आय 26.4% बढ़कर ₹767 करोड़ हो गई। बेहतर एसेट मैनेजमेंट कारोबार की बदौलत कंपनी ने मजबूत वित्तीय प्रदर्शन दर्ज किया।

Sona BLW

ऑटो कंपोनेंट्स बनाने वाली कंपनी Sona BLW ने DENSO के साथ भारत में इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड पावरट्रेन सिस्टम के लिए दो जॉइंट वेंचर बनाने का ऐलान किया है। चार पहिया वाहन JV में DENSO की 51% हिस्सेदारी होगी। दो और तीन पहिया EV JV में Sona BLW की 51% हिस्सेदारी रहेगी। DENSO इसके लिए ₹1,750 करोड़ का निवेश करेगी।

HEG

ग्रेफाइट इलेक्ट्रोड बनाने वाली कंपनी HEG का जून तिमाही का शुद्ध मुनाफा 16.7% बढ़कर ₹122.3 करोड़ रहा। कंपनी की आय 11.1% बढ़कर ₹680.8 करोड़ और EBITDA 42.5% बढ़कर ₹150.6 करोड़ हो गया। वहीं, EBITDA मार्जिन 17.3% से बढ़कर 22.1% पर पहुंच गया।

Schaeffler India

ऑटो कंपोनेंट्स कंपनी Schaeffler India का जून तिमाही का शुद्ध मुनाफा 13.4% बढ़कर ₹325.7 करोड़ रहा। कंपनी की आय 17.3% बढ़कर ₹2,761 करोड़ हो गई। EBITDA 16% बढ़कर ₹499 करोड़ रहा, हालांकि EBITDA मार्जिन 18.1% पर मामूली नरम पड़ा।

Gandhar Oil

स्पेशलिटी ऑयल बनाने वाली कंपनी Gandhar Oil का जून तिमाही में शानदार प्रदर्शन रहा। कंपनी का मुनाफा ₹44.13 करोड़ से बढ़कर ₹179 करोड़ पहुंच गया। आय 71.2%, EBITDA ₹249.2 करोड़ और मार्जिन 15.7% पर पहुंच गया, जो पिछले साल के मुकाबले काफी बेहतर है।

IIFL Finance

एनबीएफसी कंपनी IIFL Finance का जून तिमाही का शुद्ध मुनाफा 189.3% बढ़कर ₹675.1 करोड़ रहा। कंपनी की NII 54.8% बढ़कर ₹2,003.9 करोड़ हो गई। वहीं, प्रावधान ₹512 करोड़ से घटकर ₹294.2 करोड़ रह गए, जिससे कंपनी के नतीजों में मजबूत सुधार देखने को मिला।

NACL Industries

एग्रोकेमिकल कंपनी NACL Industries का जून तिमाही में शुद्ध मुनाफा 59.8% बढ़कर ₹20.84 करोड़ हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी ने ₹13.04 करोड़ का मुनाफा कमाया था। कंपनी ने बेहतर परिचालन के दम पर मजबूत नतीजे पेश किए। यह कंपनी हाल ही में मुरुगप्पा ग्रुप का हिस्सा बनी है।

आज इन कंपनियों के आएंगे नतीजे

जून तिमाही के नतीजों का सिलसिला गुरुवार को भी जारी रहेगा। 3i Infotech, Banaras Beads, Capital Small Finance Bank, Chennai Petroleum Corporation (CPCL), Cipla, Coromandel International, Indiabulls और Indian Energy Exchange (IEX) अपने अप्रैल-जून तिमाही के नतीजे जारी करेंगे। निवेशकों की नजर इन शेयरों पर रहेगी।

HPCL Q1 Results: सरकारी तेल कंपनी को ₹11526 करोड़ का घाटा, फोकस में रहेगा स्टॉक

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

IND vs ZIM: इंग्लैंड के खिलाफ फ्लॉप होने के बाद वैभव को जिम्बाब्वे के खिलाफ मिलेगा मौका? जानें कैसी होगी प्लेइंग 11

IND vs ZIM: आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के बाद भारतीय टीम अब जिम्बाब्वे दौरे हैं। श्रेयस अय्यर की कप्तानी में भारतीय टी20 टीम की शुरुआत अब तक अच्छी नहीं रही है। उनकी कप्तानी में टीम पहले आयरलैंड के खिलाफ दो मैचों की सीरीज 0-2 से हार गई और फिर इंग्लैंड के दौरे पर चारों मुकाबले गंवा बैठी। टी20 टीम की कमान संभालने के बाद अय्यर अभी तक पहली जीत का इंतजार कर रहे हैं।

टीम इंडिया के हालिया प्रदर्शन को देखते हुए जिम्बाब्वे के खिलाफ होने वाली सीरीज को भी टीम इंडिया हल्के में नहीं लेना चाहेगी। वहीं इंग्लैंड के खिलाफ मैच में खराब प्रदर्शन के बाद वैभव को जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच में मौका मिलेगा। आइए जानते हैं मुकाबले के लिए कैसी होगी टीम इंडिया की प्लेइंग 11 औवर पिच रिपोर्ट

वर्ल्ड कप में किया था बड़ा उलटफेर

इस साल फरवरी में कोलंबो में खेले गए ICC टी20 वर्ल्ड कप में जिम्बाब्वे ने ऑस्ट्रेलिया को 23 रन से हराकर बड़ा उलटफेर किया था। लेकिन टीम नॉकआउट चरण में जगह नहीं बना सकी और ग्रुप स्टेज से ही बाहर हो गई। इसके बावजूद इस साल जिम्बाब्वे ने बांग्लादेश और श्रीलंका जैसी टीमों को भी हराकर अपनी ताकत का एहसास कराया है।

दोनों टीमों की हेड-टू-हेड रिकॉर्ड

भारत और जिम्बाब्वे के बीच अब तक 14 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले गए हैं। इनमें भारतीय टीम का पलड़ा भारी रहा है और उसने 11 मैचों में जीत दर्ज की है। वहीं, जिम्बाब्वे ने तीन मुकाबले अपने नाम किए हैं। दोनों टीमों के बीच अब तक कोई मैच टाई नहीं रहा है और न ही किसी मुकाबले का नतीजा बिना परिणाम के खत्म हुआ है।

कैसी होगी मौसम

हरारे स्पोर्ट्स क्लब की पिच आमतौर पर टी20 मुकाबलों में गेंदबाजों के लिए मददगार मानी जाती है। यहां पहली पारी का औसत स्कोर करीब 150 से 160 रन के बीच रहता है। मैच की शुरुआत में गेंद अच्छी तरह बल्ले पर आती है, लेकिन समय बीतने के साथ पिच धीमी हो जाती है, जिससे बल्लेबाजी आसान नहीं रहती। वहीं, आउटफील्ड भी ज्यादा तेज नहीं होने के कारण बल्लेबाजों को सही टाइमिंग के साथ शॉट खेलने पड़ते हैं। ऐसे में इस मैदान पर अनुशासित गेंदबाजी करने वाली टीमों को अक्सर बढ़त मिलती है।

कैसा होगा हरारे का मौसम

हरारे में भारत और जिम्बाब्वे के बीच पहले टी20 मैच के दौरान मौसम साफ रहने की उम्मीद है। बारिश की संभावना बेहद कम है, इसलिए पूरे मैच के बिना किसी रुकावट के होने की उम्मीद है। मुकाबले के समय तापमान करीब 30 डिग्री सेल्सियस रह सकता है, जबकि हवा में नमी लगभग 18 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जिससे खिलाड़ियों को मौसम काफी अनुकूल मिलेगा।

भारत और जिम्बाब्वे की संभावित प्लेइंग 11

भारत की संभावित प्लेइंग 11: श्रेयस अय्यर (c), वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा (vc), ईशान किशन (wk), शिवम दुबे, रिंकू सिंह, हर्ष दुबे, प्रिंस यादव, अशोक शर्मा, मयंक यादव

जिम्बाब्वे की संभावित प्लेइंग 11: सिकंदर रजा (c), तदिवानाशे मारुमानी (w), ब्रायन बेनेट, मिल्टन शुम्बा, डियोन मायर्स, रयान बर्ल, ब्रैड इवांस, वेलिंगटन मसाकाद्ज़ा, ब्लेसिंग मुज़रबानी, न्यूमैन न्यामहुरी, वेस्ली मधेवेरे

Rohit Sharma: ‘बिना आग के धुआं नहीं उठता’ रोहित शर्मा के रिटायरमेंट की अफवाहों पर पूर्व साथी खिलाड़ी का बड़ा बयान

Q1 Results: NBFC कंपनी का मुनाफा 189% उछला, शेयरों पर रहेगी नजर

IIFL Finance Q1 Results: NBFC कंपनी IIFL Finance ने जून तिमाही में शानदार नतीजे पेश किए हैं। अप्रैल-जून तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 189.3% बढ़कर ₹675.1 करोड़ हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी ने ₹233.4 करोड़ का मुनाफा कमाया था। बेहतर लोन ग्रोथ, बढ़ी ब्याज आय और कम प्रावधान (Provision) की वजह से कंपनी का प्रदर्शन मजबूत रहा।

NII में तगड़ा उछाल दिखा

तिमाही के दौरान IIFL Finance की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) 54.8% बढ़कर ₹2,003.9 करोड़ पहुंच गई, जो पिछले साल ₹1,294.7 करोड़ थी। वहीं, प्रावधान घटकर ₹294.2 करोड़ रह गया, जो एक साल पहले ₹512.5 करोड़ था।

कंपनी की कुल आय 34% बढ़कर ₹2,202.4 करोड़ रही। वहीं, Pre-Provision Operating Profit 50% बढ़कर ₹1,252.4 करोड़ और Profit Before Tax 161% बढ़कर ₹928.6 करोड़ हो गया।

गोल्ड लोन बिजनेस में तेजी

IIFL Finance की कुल Assets Under Management (AUM) 38% बढ़कर ₹1.15 लाख करोड़ हो गई। इसमें सबसे बड़ा योगदान गोल्ड लोन कारोबार का रहा। गोल्ड लोन AUM सालाना आधार पर 114% बढ़कर ₹58,406 करोड़ पहुंच गया। इस पोर्टफोलियो का GNPA सिर्फ 0.61% रहा।

होम फाइनेंस AUM बढ़कर ₹41,540 करोड़ और MSME लोन पोर्टफोलियो ₹10,808 करोड़ हो गया। माइक्रोफाइनेंस पोर्टफोलियो भी बढ़कर ₹9,473 करोड़ पहुंच गया।

एसेट क्वालिटी भी मजबूत

IIFL Finance का GNPA 1.6% और NNPA 0.8% रहा। दोनों में पिछली तिमाही के मुकाबले 9-9 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी हुई है। हालांकि, Provision Coverage Ratio बढ़कर 94% पहुंच गया।

कंपनी का RoA 3.1%, RoE 19.5%, बुक वैल्यू ₹333.9 और CRAR 24.3% रहा। कंपनी के पास ₹7,148 करोड़ की लिक्विडिटी भी मौजूद है।

FY27 के लिए क्या है लक्ष्य?

IIFL Finance ने FY27 में करीब 25% AUM ग्रोथ का लक्ष्य रखा है। कंपनी की योजना सिक्योर्ड लेंडिंग बढ़ाने, बैंकों के साथ को-लेंडिंग साझेदारी मजबूत करने, इक्विटी जुटाने और एसेट क्वालिटी बनाए रखने की है।

IIFL Finance का शेयर बुधवार को 0.97% गिरकर ₹566.55 पर बंद हुआ। इसने एक साल में 7.12% का रिटर्न दिया है।

IndusInd Bank Q1 Results: प्रॉफिट 47% बढ़कर 1003 करोड़ रुपये रहा, एसेट क्वालिटी बेहतर हुई

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Samsung का 8 इंच डिस्प्ले वाला Ultra Foldable फोन लॉन्च, मिलेंगे 200MP कैमरा, 1TB स्टोरेज और AI फीचर्स, जानें कीमत

कई महीनों की अफवाहों और लीक के बाद, Samsung ने आधिकारिक तौर पर अपना पहला Ultra-ब्रांडेड फोल्डेबल, Galaxy Z Fold 8 Ultra लॉन्च कर दिया है। यह नया फोल्डेबल फोन कंपनी के लाइनअप में सबसे प्रीमियम मॉडल है, जिसमें 8-इंच का Dynamic AMOLED 2X डिस्प्ले, 200MP का फ्लैगशिप कैमरा, लेटेस्ट Snapdragon 8 Elite Gen 5 for Galaxy चिपसेट और Galaxy AI फीचर्स की एक लंबी लिस्ट शामिल है। नए Samsung Galaxy Z Fold 8 Ultra के बारे में सब कुछ जानने के लिए आगे पढ़ें।

Samsung Galaxy Z Fold 8 Ultra के स्पेसिफिकेशन्स, फीचर्स और कलर्स

फोन को खोलने पर आपको 8-इंच का QXGA+ Dynamic AMOLED 2X डिस्प्ले मिलता है, जिसमें अडैप्टिव रिफ्रेश रेट है जो जरूरत के हिसाब से 1Hz से 120Hz तक बदलता रहता है। इसे बंद करने पर 6.5-इंच का AMOLED कवर डिस्प्ले मिलता है, जो 120Hz तक के रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करता है। परफॉर्मेंस के लिए Samsung ने इसके अंदर Snapdragon 8 Elite Gen 5 for Galaxy प्रोसेसर दिया है। यह फोल्डेबल फोन 12GB और 16GB RAM के ऑप्शन में आएगा। साथ ही स्टोरेज के लिए इसमें 1TB तक का विकल्प मिलेगा।

कैमरों की बात करें तो, इसके रियर सेटअप में ऑप्टिकल इमेज स्टेबिलाइजेशन वाला 200MP का मेन सेंसर, 50MP का अल्ट्रा-वाइड कैमरा और 3x ऑप्टिकल जूम वाला 10MP का टेलीफोटो लेंस शामिल है। कवर स्क्रीन पर 10MP का सेल्फी कैमरा भी है, जबकि अंदर की डिस्प्ले में एक और 10MP का अंडर-डिस्प्ले कैमरा दिया गया है, ताकि बड़ी स्क्रीन पर कोई रुकावट न आए।

इसके अलावा, यह फोल्डेबल फोन Android 17 पर आधारित One UI 9 के साथ आता है और इसमें Gemini Intelligence, Now Brief, Now Nudge, Gemini Notebook, बेहतर प्राइवेसी अलर्ट और Samsung के लेटेस्ट Knox सिक्योरिटी टूल्स जैसे फीचर्स दिए गए हैं। इसमें Wi-Fi 7, Bluetooth 6.0, 5G, IP48 वॉटर रेजिस्टेंस और Wireless PowerShare का सपोर्ट भी मिलता है।

इसे पावर देने के लिए इसमें 5000mAh की बैटरी दी गई है। Samsung का दावा है कि साथ में मिलने वाले 45W वायर्ड चार्जर से यह फोन लगभग 30 मिनट में 67% तक चार्ज हो सकता है। साथ ही, इसमें 20W वायरलेस चार्जिंग का भी सपोर्ट है। इस फोल्ड होने वाले फोन का वजन 215 ग्राम है और खोलने पर इसकी मोटाई सिर्फ 4.1mm है।

कलर ऑप्शन की बात करें तो यह फोल्डेबल फोन Graphite, Cream और Violet Shadow कलर में उपलब्ध होगा। वहीं, Green Shadow कलर वेरिएंट को सिर्फ Samsung के ऑनलाइन स्टोर से खरीदा जा सकेगा।

भारत में Samsung Galaxy Z Fold 8 Ultra की कीमत और उपलब्धता

Samsung Galaxy Z Fold 8 Ultra के लिए प्री-ऑर्डर 22 जुलाई से चुनिंदा ग्लोबल मार्केट्स में शुरू होंगे। कंपनी ग्राहकों को इसके साथ 6 महीने का Google AI Pro सब्सक्रिप्शन भी दे रही है, जिसमें 5TB क्लाउड स्टोरेज शामिल होगा।

हालांकि, Samsung ने अभी तक Galaxy Z Fold 8 Ultra की भारत में कीमत का खुलासा नहीं किया है। जैसे ही दक्षिण कोरियाई कंपनी भारतीय बाजार के लिए इसकी आधिकारिक कीमत और उपलब्धता की जानकारी जारी करेगी, इसकी पूरी डिटेल अपडेट कर दी जाएगी।

यह भी पढ़ें: Samsung Galaxy Watch Ultra 2 और Watch 9 लॉन्च, मिलेंगे AI हेल्थ फीचर्स और 800mAh बैटरी