500 रुपये से शुरू किया मशरूम बिजनेस, आज 3 लाख रुपये महीने का टर्नओवर, जानें युवक की सफलता की कहानी

बहुत से लोग अपना बिजनेस शुरू करना चाहते हैं, लेकिन पैसों की कमी की वजह से ऐसा नहीं कर पाते। आमतौर पर बिजनेस शुरू करने के लिए ज्यादा निवेश की जरूरत होती है। लेकिन कुछ ऐसे कारोबार भी होते हैं जिन्हें बहुत कम निवेश से शुरू किया जा सकता है। आपको जानकर हैरानी होगी की एक शख्स ने 500 रुपये से भी कम खर्च में कारोबार शुरू किया और आज अच्छी कमाई कर रहा है। ये कहानी कर्नाटक के रहने वाले महेश हनुमंत कोलूर की है। महेश ने बेहद कम निवेश के साथ मशरूम की खेती शुरू कर एक सफल कारोबार खड़ा कर दिया।

कृषि में डिप्लोमा करने के बाद उन्होंने 2021 में अपने घर के एक छोटे से कमरे से इस काम की शुरुआत की। शुरुआत में ये सिर्फ एक छोटा प्रयास था, लेकिन लगातार सीखने और मेहनत के दम पर उन्होंने इसे बड़े बिजनेस में बदल दिया। आज उनका मशरूम कारोबार हर महीने करीब 3 लाख रुपये का टर्नओवर करता है।

कैसे शुरू की खेती

महेश ने अपने घर के 10×10 फीट के एक छोटे कमरे से मशरूम की खेती शुरू की। उन्होंने 65 रुपये में एक किलो ऑयस्टर मशरूम स्पॉन खरीदा और उससे 30 मशरूम बैग तैयार किए। महेश ने बताया, “गेहूं का भूसा, स्पॉन और पॉलीबैग मिलाकर मेरा कुल खर्च 500 रुपये से भी कम था। शुरुआत में अनुभव की कमी के कारण 10 बैग खराब हो गए, लेकिन बाकी बैगों से करीब 500 से 600 ग्राम मशरूम प्रति बैग मिला। इस तरह मुझे कुल लगभग 10 किलो मशरूम की पैदावार हुई।” महेश की पहली फसल स्थानीय बाजार में 180 से 220 रुपये प्रति किलो के भाव से बिकी, जिससे करीब दो महीने में उन्हें लगभग 2,000 रुपये की कमाई हुई।

300 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बेचा मशरूम

उन्होंने कहा, “इस पहली कमाई ने मेरा आत्मविश्वास बढ़ाया और आगे काम करने की हिम्मत दी।” इसके बाद उन्होंने मुनाफे की रकम खर्च करने के बजाय कारोबार में दोबारा निवेश किया। अगले चरण में उन्होंने 200 मशरूम बैग तैयार किए और साफ-सफाई, नमी और तापमान को बेहतर तरीके से नियंत्रित करने पर ध्यान दिया। महेश ने बताया, “करीब तीन महीने बाद मैंने लगभग 250 किलो मशरूम की पैदावार ली, जिसे स्थानीय बाजार में औसतन 300 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बेचा। मशरूम की खेती मैंने ज्यादातर ट्रायल एंड एरर के जरिए सीखी।”

शुरुआत में आई परेशानियों से महेश ने हार नहीं मानी, बल्कि हर गलती से सीख लेकर अपनी खेती के तरीके बेहतर किए। हर नई फसल के साथ उनका अनुभव बढ़ता गया और इसी भरोसे के दम पर उन्होंने अपने कारोबार का विस्तार किया। साल 2022 में उन्होंने ऑयस्टर मशरूम के साथ मिल्की मशरूम की खेती भी शुरू की। उन्होंने ऐसी किस्मों को चुना जो स्थानीय मौसम के अनुकूल थीं और जिन्हें कम लागत में आसानी से उगाया जा सकता था। महेश के मुताबिक, बटन मशरूम की तुलना में ऑयस्टर और मिल्की मशरूम की बाजार में अच्छी मांग रहती है, इसलिए इनसे बेहतर कीमत मिलने की संभावना भी अधिक होती है।

बनाए मशरूम कुकीज

ताजे मशरूम जल्दी खराब होने से महेश को नुकसान का डर रहता था। इसका समाधान निकालते हुए उन्होंने मशरूम से लंबे समय तक सुरक्षित रहने वाले वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स बनाना शुरू किया। सबसे पहले उन्होंने ऑर्गेनिक ऑयस्टर मशरूम, रागी और गुड़ से बनी मशरूम कुकीज तैयार कीं। महेश ने बताया, “शुरुआत में मैंने ये मशरूम कुकीज अपने दोस्तों और परिवार के लोगों को चखने के लिए दी थीं। सभी को उनका स्वाद काफी पसंद आया। इसके बाद मैंने इन्हें लैब में टेस्ट कराया। रिपोर्ट में पता चला कि इनका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम है, जिससे ये हेल्थ का ध्यान रखने वाले लोगों और डायबिटीज़ के मरीजों के लिए भी अच्छा विकल्प बन सकती हैं।”

बढ़ाई मशरूम की खेती

मशरूम कुकीज को अच्छा रिस्पॉन्स मिलने के बाद महेश ने अपने उत्पाद दूसरे शहरों में भी बेचना शुरू किया। वह हर सप्ताहांत बेंगलुरु के ऑर्गेनिक किसान बाजारों में जाते थे, जहां ग्राहकों से मिले फीडबैक के आधार पर उन्होंने अपने प्रोडक्ट्स को और बेहतर बनाया। जैसे-जैसे महेश के कारोबार का विस्तार हुआ, उनके घर का छोटा सेटअप पर्याप्त नहीं रहा। बढ़ती मांग को देखते हुए उन्होंने 2023 में 30×20 फीट की एक नई मशरूम उत्पादन यूनिट शुरू की। इस यूनिट में एक समय में अलग-अलग चरणों में करीब 1,000 मशरूम बैग तैयार किए जा सकते हैं। आज उनकी यह यूनिट रोजाना लगभग 50 किलो ऑयस्टर और मिल्की मशरूम का उत्पादन कर रही है।

महेश ने कहा, “ताजे मशरूम ज्यादा दिनों तक सुरक्षित नहीं रहते और उनकी बाजार कीमत भी सीमित होती है। इसलिए हम रोज़ाना करीब 45 किलो मशरूम से वैल्यू-एडेड उत्पाद तैयार करते हैं। हमारा लक्ष्य सिर्फ मशरूम बेचना नहीं, बल्कि लोगों तक हेल्दी और ऑर्गेनिक फूड प्रोडक्ट्स पहुंचाने वाला एक मजबूत ब्रांड बनाना है।”

मशरूम पाउडर बनाया

महेश ने बताया कि उनकी यूनिट में हर दिन करीब 45 किलो मशरूम से कुकीज, चकली, अचार, मशरूम पाउडर और सूखे मशरूम जैसे उत्पाद तैयार किए जाते हैं। उन्होंने कहा, “सूखे मशरूम की बिरयानी और सूप बनाने में अच्छी मांग है, जबकि हेल्थ का ध्यान रखने वाले ग्राहकों के बीच मशरूम पाउडर तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।” उन्होंने बताया कि ताजे मशरूम करीब 400 रुपये प्रति किलो बिकते हैं, जबकि प्रोसेस्ड प्रोडक्ट्स से अधिक कमाई होती है। 200 ग्राम मशरूम अचार की कीमत 150 रुपये और 200 ग्राम मशरूम पाउडर की कीमत 500 रुपये रखी गई है।

महेश के अनुसार, मशरूम की प्रोसेसिंग शुरू करने के बाद उनके कारोबार में बड़ा बदलाव आया। उन्होंने कहा, “इससे सबसे बड़ा फायदा यह हुआ कि अगर ताजे मशरूम तुरंत नहीं बिकते, तो वे खराब नहीं होते। दूसरी बात, कई लोग सीधे मशरूम खाना पसंद नहीं करते, लेकिन मशरूम से बनी कुकीज, सूप और स्नैक्स आसानी से खा लेते हैं। वहीं प्रोसेस्ड प्रोडक्ट्स की कीमत भी ताजे मशरूम के मुकाबले कई गुना अधिक मिलती है।”

महेश ने अब अपने मशरूम कारोबार को सिर्फ थोक खरीदारों तक सीमित नहीं रखा है। वह अपने उत्पाद किसान बाजारों, स्थानीय किराना दुकानों, चाय की दुकानों और होटलों तक भी पहुंचा रहे हैं। फिलहाल वह हुबली की एक लैब से मशरूम स्पॉन मंगवाते हैं और आने वाले समय में उत्पादन बढ़ाने की तैयारी कर रहे हैं। इसके साथ ही वह मशरूम की खेती शुरू करने के इच्छुक लोगों को प्रशिक्षण भी देते हैं और अपने अनुभव के आधार पर कारोबार से जुड़ी जरूरी और व्यावहारिक जानकारी साझा करते हैं।

Samsung Galaxy Watch Ultra 2 और Watch 9 लॉन्च, मिलेंगे AI हेल्थ फीचर्स और 800mAh बैटरी

Samsung ने अपने Galaxy Unpacked 2026 इवेंट में सिर्फ फोल्डेबल फोन (Galaxy Z Fold 8, Galaxy Z Fold 8 Ultra और Galaxy Z Flip 8) ही लॉन्च नहीं किए, बल्कि इस दक्षिण कोरियाई कंपनी ने दो नई स्मार्टवॉच – Galaxy Watch Ultra 2 और Galaxy Watch 9 को भी पेश किया है। जहां एक तरफ Galaxy Watch Ultra 2 को उन यूजर्स की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया गया है, जो ज्यादा ब्राइट डिस्प्ले, बड़ी बैटरी और मजबूत बनावट वाली स्मार्टवॉच चाहते हैं, वहीं दूसरी तरफ Galaxy Watch 9 नए AI-पावर्ड वेलनेस टूल्स के साथ रोजाना की हेल्थ ट्रैकिंग पर फोकस करती है।

Samsung Galaxy Watch 9 के स्पेसिफिकेशन्स और फीचर्स

Galaxy Watch 9 को 40mm और 44mm साइज में पेश किया गया है। दोनों ही मॉडल्स में AMOLED ‘ऑलवेज-ऑन’ डिस्प्ले है, जिसकी ब्राइटनेस 3,000 निट्स तक जाती है और यह सफायर क्रिस्टल ग्लास से सुरक्षित है। Samsung ने इस स्मार्टवॉच में Qualcomm का नया Snapdragon Wear Elite प्रोसेसर दिया है, साथ ही इसमें 2GB RAM और 32GB स्टोरेज भी है। यह वॉच Wear OS 7 पर चलता है, जिसमें ऊपर One UI 9 Watch का इंटरफेस दिया गया है।

इस स्मार्टवॉच में Samsung का लेटेस्ट बायोएक्टिव सेंसर है, जो हार्ट रेट मॉनिटरिंग, ECG और बॉडी कंपोजिशन एनालिसिस को एक ही सिस्टम में मिलाता है। इसमें हार्ट हेल्थ स्कोर, फिटनेस इंडेक्स, डेली कार्डियो लोड, वाइटल्स, हियरिंग और अपडेटेड स्लीप एपनिया जैसे नए AI-पावर्ड फीचर्स भी शामिल हैं।

बैटरी कैपेसिटी मॉडल के हिसाब से अलग-अलग है; 44mm वाले वर्जन में 445mAh की बैटरी है, जबकि 40mm वाले वेरिएंट में 390mAh की बैटरी है। इसके अलावा, इसमें वायरलेस चार्जिंग, LTE, ब्लूटूथ 6.0, वाई-फाई, NFC और डुअल-फ़्रीक्वेंसी GPS जैसे सभी फीचर्स का सपोर्ट मिलता है।

Samsung Galaxy Watch Ultra 2 के स्पेसिफिकेशन्स और फीचर्स

Samsung Galaxy Watch Ultra 2 में 1.52-इंच का AMOLED डिस्प्ले है, जिसकी पीक ब्राइटनेस 5,000 निट्स है। इसमें Qualcomm का पेंटा-कोर Snapdragon Wear Elite चिपसेट लगा है, साथ ही 2GB RAM और 64GB की ऑनबोर्ड स्टोरेज भी दी गई है। यह वियरेबल Wear OS 7 पर आधारित One UI 9 Watch के साथ आता है और Android 13 या उससे नए वर्जन वाले स्मार्टफोन के साथ काम करता है।

Samsung ने इस Watch की मजबूती को भी बेहतर बनाया है और इसके लिए IP69K, 10ATM, EN13319 और MIL-STD-810H सर्टिफिकेशन होने का दावा किया है। इसमें हेल्थ ट्रैकिंग के लिए अपग्रेडेड Bio Active सेंसर दिया गया है, जो ECG, ब्लड ऑक्सीजन मॉनिटरिंग, स्किन टेम्परेचर ट्रैकिंग, स्लीप एनालिसिस और नए स्लीप एपनिया फीचर को सपोर्ट करता है। यह वॉच यूजर्स को आस-पास के तेज शोर-शराबे के लेवल के बारे में भी नोटिफाई कर सकती है।

पावर के लिए इस वॉच में 800mAh की बैटरी दी गई है, जो WPC वायरलेस चार्जिंग को सपोर्ट करती है। कनेक्टिविटी के लिए इसमें LTE, Bluetooth 6.0, डुअल-बैंड Wi-Fi, NFC और डुअल-फ्रीक्वेंसी GPS जैसे फीचर्स दिए गए हैं।

Samsung Galaxy Watch Ultra 2 और Samsung Galaxy Watch 9 की उपलब्धता और कीमत

Samsung ने कन्फर्म किया है कि चुनिंदा ग्लोबल मार्केट में आज से प्री-ऑर्डर शुरू हो रहे हैं, जबकि बिक्री इस महीने के आखिर में कंपनी के ऑनलाइन स्टोर के जरिए शुरू होगी। Galaxy Watch 9 को चुने गए साइज के आधार पर ग्रेफाइट, क्रीम और सिल्वर कलर ऑप्शन में पेश किया जाएगा।

हालांकि, Samsung ने अभी तक दोनों स्मार्टवॉच की भारत में कीमत का ऐलान नहीं किया है। जैसे ही Samsung भारतीय बाजार के लिए आधिकारिक कीमत और उपलब्धता की जानकारी देगा, हम इस स्टोरी को अपडेट कर देंगे।

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Devshayani Ekadashi Vrat Ke Niyam: 25 जुलाई को योगनिद्रा में चले जाएंगे भगवान विष्णु, जानें हरिशयनी व्रत के ये अहम नियम

Devshayani Ekadashi Vrat Ke Niyam: हिंदू धर्म में देवशयनी एकादशी व्रत का विशेष स्थान है। आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को देवशयनी एकादशी का व्रत किया जाता है। इस साल यह व्रत 25 जुलाई को किया जाएगा। इस दिन से भगवान विष्णु चार माह के लिए पाताल लोक में निवास करते हैं और योगनिद्रा में चले जाते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन से चतुर्मास लग जाते हैं और इस अवधि में शुभ और मांगलिक कार्यों पर रोक लग जाती है। शास्त्रों और पद्मपुराण के अनुसार, इस दिन व्रत में कुछ नियमों का ध्यान अवश्य रखना चाहिए अन्यथा व्रत का फल अधूरा रह सकता है।

देवशयनी एकादशी व्रत के नियम

देवशयनी एकादशी व्रत में क्या करना चाहिए?

  • देवशयनी एकादशी के दिन व्रती को सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करना चाहिए। शास्त्रों में ब्रह्ममुहूर्त में स्नान का खास महत्व बताया गया है। इसके पश्चात मन में भगवान विष्णु का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प लें।
  • भगवान विष्णु को एकादशी के दिन पीले, पुष्प, तुलसी दल, पंचामृत और नैवेद्य अवश्य अर्पित करना चाहिए। साथ ही, भगवान विष्णु के साथ-साथ देवी लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजा करें। ज्योतिष एक्सपर्ट पिनाकी मिश्रा बताते हैं कि तुलसी दल के बिना पूजा अधूरी मानी जाती है।
  • व्रती को श्रीहरि की पूजा के दौरान ‘ओम नमो भगवते वासुदेवाय’ द्वादशाक्षरी मंत्र का जप भी अवश्य करना चाहिए। वैष्णव परंपरा में इसे भगवान विष्णु के प्रमुख उपासना मंत्रों में से एक माना गया है।
  • ज्योतिष एक्सपर्ट बताते हैं कि यदि निर्जला या निराहार व्रत करना संभव न हो, तो ऐसी स्थिति में क्षमता और स्वास्थ्य अनुसार फलाहार करना चाहिए। क्योंकि, व्रत का उद्देश्य केवल भोजन त्याग नहीं, बल्कि मन और इंद्रियों का संयम भी है।
  • जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र या अपनी क्षमता अनुसार अनुसार दान करें। साथ ही, इस व्रत में सेवा और दया का भी विशेष महत्व बताया गया है।

देवशयनी एकादशी व्रत में क्या नहीं करना चाहिए?

  • भूलकर भी देवशयनी एकादशी के दिन तामसिक भोजन का सेवन नहीं करना चाहिए। ऐसा करने से प्रतिकूल प्रभाव का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में एकादशी तिथि पर मांस, मदिरा और अन्य तामसिक चीजों से दूरी बनाए रखें।
  • एकादशी के व्रत का पारण द्वादशी तिथि को करने का विधान होता है। इस दिन नियमानुसार पारण करने से व्रत का पूर्ण फल प्राप्त होता है।
  • एकादशी व्रत में चावल सहित धान्य का सेवन करना वर्जित माना गया है। इस नियम का परिवार के सदस्यों को भी ख्याल रखना चाहिए।
  • भूलकर भी किसी असहाय या अन्य व्यक्ति का अपमान नहीं करना चाहिए। साथ ही, एकादशी के दिन अहिंसा जैसे कार्यों से भी बचना चाहिए।
  • कभी भी एकादशी के दिन कटु वचन का प्रयोग नहीं करना चाहिए। क्रोध और असत्य से भी बचना चाहिए क्योंकि, यह व्रत केवल आहार का नहीं, बल्कि विचार और व्यवहार की शुद्धि का भी पर्व है।

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दिल्ली में सोना 2 हफ्ते की ऊंचाई पर पहुंचा, चांदी एक दिन में 8500 रुपये उछली

दिल्ली सर्राफा बाजार में 22 जुलाई को सोने और चांदी में तेजी देखने को मिली। सोने का भाव 1,900 रुपये के उछाल के साथ दो हफ्ते की ऊंचाई यानी 1,49,600 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। ग्लोबल मार्केट से पॉजिटिव संकेतों और स्ट्रॉन्ग डिमांड की वजह से कीमतों को सपोर्ट मिला। चांदी में भी जबर्दस्त तेजी दिखी।

चांदी एक दिन में 8500 रुपये चढ़ी

दिल्ली सर्राफा बाजार में 22 जुलाई को चांदी 8,500 रुपये की तेजी के साथ 2,30,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। चांदी में यह तेजी का लगातार छठा सत्र था। ट्रेडर्स ने कहा कि सोने में भी यह तेजी का लगातार तीसरा सत्र था। उनका मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार के पॉजिटिव संकेतों के साथ ही स्ट्रॉन्ग लोकल डिमांड और पिछले हफ्ते कीमतों में गिरावट के बाद अच्छी खरीदारी का असर कीमतों पर पड़ा।

फिजिकल सोने की डिमांड में रिकवरी

एचडीएफसी सिक्योरिटीज में सीनियर कमोडिटीज एनालिस्ट सौमिल गांधी ने कहा, “बुधवार को सोने में तेजी रही। इससे कीमतें दो हफ्ते की ऊंचाई पर पहुंच गई। इसमें फिजिकल सोने की डिमांड में रिकवरी का भी हाथ है।” उन्होंने कहा कि गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF) में भी निवेश बढ़ा है। इससे यह संकेत मिलता है कि हालिया गिरावट के बाद सोने को लेकर सेंटिमेंट बदल रहा है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने में तेजी

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने में तेजी दिखी। स्पॉट गोल्ड 1.16 फीसदी यानी 47 डॉलर के उछाल के साथ 4,125 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। चांदी में भी करीब 1 फीसदी की तेजी रही, जिससे यह 59.32 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। बीते कुछ हफ्तों में सोने और चांदी पर काफी दबाव देखने को मिला था।

क्रूड ऑयल 5 हफ्ते की ऊंचाई पर पहुंचा

कोटक सिक्योरिटीज में कमोडिटी रिसर्च के एवीपी कायनात चेनवाला ने कहा कि पश्चिम एशिया में टेंशन और क्रूड ऑयल की कीमतें पांच हफ्ते की ऊंचाई पर पहुंच जाने के बावजूद सोने और चांदी में तेजी है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कूटनीति से मामले के समाधान के संकेत दिए हैं। उन्होंने बताया कि अमेरिका बातचीत शुरू करना चाहता है लेकिन चीन इसके लिए तैयार नहीं है। इससे इनवेस्टर्स ‘इंतजार करो और देखो’ की पॉलिसी अपना रहे हैं।

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क्रूड में तेजी जारी रहने पर बढ़ेगी महंगाई

22 जुलाई को ब्रेंट क्रूड की कीमतें 94 डॉलर प्रति बैरल को पार गई। अगर क्रूड में तेजी जारी रहती है या लंबे समय तक कीमतें इस लेवल पर बनी रहती हैं तो दुनियाभर में महंगाई बढ़ने का खतरा होगा। अमेरिका में फेडरल रिजर्व उम्मीद से पहले इंटरेस्ट रेट बढ़ा सकता है। इसका निगेटिव असर सोने की कीमतों पर पड़ेगा। इंटरेस्ट रेट बढ़ने पर सोने की चमक घट जाती है।

Sawan 2026 Grahan: सावन में 15 दिन में लगेंगे दो ग्रहण, क्या महादेव की आराधना, व्रत और त्योहार पर होगा कोई असर? जानिए यहां

Sawan 2026 Grahan: हिंदू धर्म में सावन का महीना विशेष स्थान रखता है। इस महीने की दो विशेषताएं हैं, एक चारों ओर हरियाली का मंजर रहता है और हर तरफ भगवान शिव के जयकारों की गूंज सुनाई देती है। माना जाता है कि सावन का महीना भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है। इसलिए इस माह में भगवान शिव की विभिन्न रूपों में पूजा और उपवास किया जाता है। देश ही नहीं दुनिया में भी शिवभक्त सावन के महीने का इंतजार करते हैं। इसी महीने में अमरनाथ यात्रा होती है और कांवड़िये कांवड़ भरकर महादेव का अभिषेक करते हैं।

साल 2026 में भोलेनाथ का प्रिय महीना बहुत खास माना जा रहा है। इस माह में कई ग्रहों का गोचर होगा, कई शुभ योग बनेंगे और 15 दिनों के अंतराल पर दो-दो ग्रहण भी लगेंगे। जी हां, इस साल का अंतिम सूर्य और चंद्र ग्रहण सावन के महीने में ही लगेगा। सूर्य ग्रहण हरियाली अमावस्या के दिन लगेगा, जबकि चंद्र ग्रहण श्रावणी पूर्णिमा को रक्षा बंधन के दिन होगा। ऐसे में यह सवाल उठना लाजिमी है कि क्या दो ग्रहण की वजह से महा देव की पूजा पर असर होगा, या व्रत और त्योहारों पर इसका क्या प्रभाव होगा?

पंडित जी से जानें इस दुविधा का समाधान

हिंदू पंचांग के अनुसार, 12 अगस्त 2026 को अमावस्या तिथि पर सूर्य ग्रहण लगेगा, जबकि दूसरा 28 अगस्त 2026 को चंद्र ग्रहण होगा। अयोध्या के ज्योतिष पंडित कल्कि राम ने न्यूज 18 को बताया कि इस वर्ष लगने वाले दोनों ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देंगे। शास्त्रों के अनुसार, जिस ग्रहण का दृश्य भारत में नहीं होता, उसका सूतक काल मान्य नहीं होता। लेकिन ग्रहण के दौरान सावधानी रखनी चाहिए। दूसरी तरफ इन ग्रहणों का भारत में होने वाले धार्मिक अनुष्ठानों, मंदिरों की पूजा व्यवस्था, जलाभिषेक, रुद्राभिषेक या सावन सोमवार के व्रत पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।

नहीं रुकेंगे पूजा-पाठ और खुले रहेंगे मंदिर

सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण भारत में दृश्य नहीं होगा। ऐसे में श्रद्धालु बिना किसी संशय के भगवान शिव की नियमित पूजा, अभिषेक और व्रत कर सकते हैं। मंदिरों के कपाट भी सामान्य दिनों की तरह खुले रहेंगे और पूजा-पाठ की सभी धार्मिक गतिविधियां पूर्ववत जारी रहेंगी।

धार्मिक ग्रंथों में ग्रहण काल के दौरान विशेष नियमों का पालन करने का उल्लेख मिलता है, लेकिन यह नियम मुख्य रूप से उन क्षेत्रों पर लागू होते हैं, जहां ग्रहण दिखाई देता है। भारत में ग्रहण अदृश्य रहने के कारण सूतक नहीं लगेगा और किसी भी प्रकार का धार्मिक प्रतिबंध लागू नहीं होगा।

शिव आराधना अत्यंत शुभ

पंडित कल्कि राम का कहना है कि सावन का पूरा महीना भगवान शिव की आराधना के लिए अत्यंत शुभ रहेगा। श्रद्धालु श्रद्धा और विश्वास के साथ सोमवार का व्रत रखें, शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र और धतूरा अर्पित करें और ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करें। इससे भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सुख, शांति एवं समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है।

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4 Android अपडेट और 50MP कैमरा के साथ आएगा Redmi Note 17, लॉन्च से पहले सभी स्पेसिफिकेशन्स और कीमत लीक

Redmi Note 17 को चीन में लॉन्च हुए अभी ज्यादा समय नहीं हुआ है, लेकिन अब इसकी भारत में लॉन्चिंग को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। पिछले कुछ दिनों में सामने आए कई लीक्स में इसकी संभावित लॉन्च डेट से लेकर सॉफ्टवेयर सपोर्ट तक की जानकारी सामने आई है। अब, एक और जानकारी से इसकी कीमत का भी पता चला है, जिससे यह अंदाजा लगाना आसान हो गया है कि Xiaomi का अगला Redmi फ़ोन भारतीय मार्केट में किस रेंज में आ सकता है।

हालांकि, Xiaomi के सब-ब्रांड ने अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन ताजा लीक से संकेत मिलता है कि इसके लिए ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। अब चलिए जानते हैं अपकमिंग Redmi Note 17 से जुड़ी अब तक सामने आई सभी अहम जानकारियां।

Redmi Note 17 की कीमत और स्पेसिफिकेशन्स (लीक जानकारी)

टिपस्टर योगेश बरार के अनुसार, Redmi Note 17 में Snapdragon 4 Gen 4 चिपसेट और Android 16 पर आधारित HyperOS 3 होने की संभावना है। इसके अलावा, कहा जा रहा है कि चीनी स्मार्टफोन कंपनी लंबे समय तक सॉफ्टवेयर सपोर्ट देने की योजना बना रही है, जिसमें चार बड़े Android अपडेट और पांच साल तक सिक्योरिटी पैच शामिल होंगे। कैमरे की बात करें तो, इस डिवाइस में 50MP का रियर कैमरा और सेल्फी के लिए 8MP का फ्रंट कैमरा होने की पूरी उम्मीद है।

लीक हुई दूसरी जानकारियों में LPDDR4X मेमोरी और UFS 2.2 स्टोरेज का जिक्र है। हालांकि, Xiaomi ने अभी तक इनमें से किसी भी स्पेसिफिकेशन की पुष्टि नहीं की है, इसलिए इन्हें हार्डवेयर की पक्की जानकारी के बजाय शुरुआती लीक के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।

Redmi Note 17 की कीमत और लॉन्च डेट (लीक)

टिपस्टर योगेश बरार ने X पर नई जानकारी शेयर की है, जिससे पता चलता है कि भारत में Redmi Note 17 की शुरुआती कीमत 30,000 रुपये से ज्यादा हो सकती है। अगर यह जानकारी सही है, तो उम्मीद है कि इसके एंट्री-लेवल मॉडल में 6GB RAM और 128GB स्टोरेज मिलेगी। एक और लीक, जो टिपस्टर अभिषेक यादव की तरफ से आया है, बताता है कि इसे भारत में 6 अगस्त को लॉन्च किया जा सकता है। टिपस्टर अभिषेक के मुताबिक, यह स्मार्टफोन 11 अगस्त से बिक्री के लिए उपलब्ध हो सकता है।

बता दें कि पहले आई रिपोर्ट्स से पता चला था कि भारतीय खरीदारों को इस फोन का कोई अलग वर्जन नहीं मिलेगा। इसके बजाय, उम्मीद है कि Redmi Note 17 में वही हार्डवेयर और फीचर्स होंगे जो हाल ही में चीन में लॉन्च किए गए थे।

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650 करोड़ की एलिवेटेड रोड से बदलेगा NCR का सफर! लाल कुआं-दादरी का 1 घंटे का रास्ता सिर्फ 20 मिनट में

गाजियाबाद के लाल कुआं और दादरी के बीच जीटी रोड पर रोजाना सफर करने वालों को लंबे समय से भारी ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ रहा है, खासकर हफ्ते के दिनों में पीक आवर्स के दौरान। ऐसे में चौधरी मोड़, न्यू बस स्टैंड और रेलवे क्रॉसिंग वाले हिस्से पर अक्सर जाम लगने की वजह से यात्रियों, कमर्शियल गाड़ियों और स्थानीय निवासियों को लंबे समय तक फंसे रहना पड़ता है।

News18 के अनुसार, अब लाल कुआं और दादरी के बीच कनेक्टिविटी बेहतर करने का लंबे समय से लंबित प्रस्ताव एक कदम और आगे बढ़ गया है; अधिकारियों ने इस रूट पर 12 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड रोड कॉरिडोर का प्रस्ताव रखा है, जिससे जाम कम होने और यात्रा का समय काफी कम होने की उम्मीद है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रस्तावित एलिवेटेड रोड GT रोड के उस बड़े रीडेवलपमेंट प्लान का हिस्सा है जिसका मकसद गाजियाबाद और ग्रेटर नोएडा के बीच कनेक्टिविटी को बेहतर बनाना है। सेतु निगम ने इस कॉरिडोर के लिए डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) और सर्वे का काम पूरा कर लिया है।

करोड़ों की नई परियोजनाओं को मिलेगी मंजूरी

लगभग 650 करोड़ रुपये की लागत वाले इस प्रस्ताव को गाजियाबाद के सांसद अतुल गर्ग ने आगे बढ़ाया था और अब इसे मंजूरी के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के पास भेजा गया है। मंजूरी मिलने के बाद, यह एलिवेटेड कॉरिडोर दादरी की ओर जाने वाले वाहनों को कई व्यस्त चौराहों और लोकल ट्रैफिक पॉइंट्स से बचाकर निकलने में मदद करेगा, जिसकी वजह से जाम की समस्या कम होने की उम्मीद है।

फिलहाल अभी, GT रोड पर भारी ट्रैफिक के कारण लाल कुआं और दादरी के बीच सफर में 45 मिनट से लेकर एक घंटे तक का समय लग सकता है। जबकि चौधरी मोड़, न्यू बस स्टैंड और रेलवे क्रॉसिंग के पास जाम की वजह से लोगों को लंबे समय तक रुकना पड़ता है।

ट्रैफिक होगा कम

अधिकारियों का मानना ​​है कि एलिवेटेड रोड से गुजरने वाले ट्रैफिक के लिए एक अलग रास्ता मिलने से सफर का समय घटकर लगभग 15 से 20 मिनट हो सकता है। News18 की रिपोर्ट के मुताबिक, रोजाना सफर करने वालों का कहना है कि यह प्रोजेक्ट दोनों तरफ सफर का समय कम करके उनके रोजाना लगभग एक घंटे बचा सकता है।

प्रस्तावित कॉरिडोर सीधे लाल कुआं से दादरी तक जाएगा और रास्ते में पड़ने वाले बड़े चौराहों से होकर नहीं गुजरेगा। दूर जाने वाला ट्रैफिक एलिवेटेड हिस्से से गुजरेगा, जबकि लोकल गाड़ियां नीचे वाली सड़क का इस्तेमाल करती रहेंगी।

अधिकारियों को उम्मीद है कि लोकल और लंबी दूरी के ट्रैफिक के अलग-अलग होने से आवागमन बेहतर होगा, चार प्रमुख सिग्नलों पर लगने वाला जाम कम होगा और इस रास्ते की सबसे बड़ी समस्या भी दूर होगी। दरअसल, अभी एक ही सड़क पर भारी कमर्शियल वाहन, औद्योगिक क्षेत्र का ट्रैफिक और स्थानीय यात्रियों की आवाजाही होती है, जिससे अक्सर जाम की स्थिति बनती है।

बता दें कि GT रोड उन सबसे व्यस्त सड़क कॉरिडोर में से एक है जो दिल्ली को गाजियाबाद और आस-पास के इलाकों से जोड़ता है। दिल्ली, सीलमपुर, साहिबाबाद, मोहन नगर और घंटा घर से आने वाला ट्रैफिक लाल कुआं की तरफ आता है, जिससे मौजूदा सड़क नेटवर्क पर काफी दबाव पड़ता है।

गौरतलब है कि लाल कुआं पर दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से आने वाली गाड़ियां, अलीगढ़ की ओर जाने वाली गाड़ियां और दादरी व सूरजपुर की ओर जाने वाले भारी इंडस्ट्रियल ट्रैफिक की वजह से जाम की समस्या बढ़ जाती है। News18 की रिपोर्ट के मुताबिक, यहां पहले से मौजूद फ्लाईओवर ने कुछ हद तक राहत जरूर दी है, लेकिन नीचे वाली सड़क पर अभी भी भारी ट्रैफिक रहता है, खासकर दादरी NTPC, कोट और आस-पास के इंडस्ट्रियल इलाकों में जाने वाले ट्रकों की वजह से।

उम्मीद है कि एलिवेटेड रोड से गाजियाबाद, क्रॉसिंग्स रिपब्लिक, ग्रेटर नोएडा वेस्ट और दादरी रोड के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी। साथ ही, इससे सूरजपुर, कोट और दादरी के इंडस्ट्रियल हब को भी फायदा होगा, क्योंकि माल की ढुलाई आसान हो जाएगी।

अधिकारियों को यह भी उम्मीद है कि यह प्रोजेक्ट गाजियाबाद और ग्रेटर नोएडा के बीच सफर करने वाले लोगों के लिए एक वैकल्पिक रास्ता उपलब्ध कराएगा, जिससे दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे की सर्विस लेन पर ट्रैफिक का दबाव होगा।

इस प्रोजेक्ट का असर रियल एस्टेट सेक्टर पर भी पड़ने की उम्मीद है। NCR में पहले भी देखा गया है कि जब किसी इलाके में कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर बेहतर होता है, तो वहां घरों की मांग बढ़ने लगती है। माना जा रहा है कि प्रस्तावित एलिवेटेड रोड का भी ऐसा ही असर देखने को मिल सकता है।

लाल कुआं, जिसे पहले मुख्य रूप से एक ट्रांजिट पॉइंट माना जाता था, धीरे-धीरे एक रिहायशी इलाके के तौर पर उभरा है क्योंकि यह वेव सिटी, क्रॉसिंग्स रिपब्लिक और राज नगर एक्सटेंशन से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है।

वहीं, नोएडा में प्रॉपर्टी की कीमतें लगातार बढ़ने के कारण, कई घर खरीदार गाजियाबाद और आस-पास के इलाकों में तुलनात्मक रूप से सस्ते घरों के विकल्प तलाशने लगे हैं।

एलिवेटेड रोड बनने के बाद दादरी, कोट गांव और रोजा-याकूबपुर क्षेत्र जैसे इलाकों की लोकप्रियता बढ़ सकती है, क्योंकि यहां से गाजियाबाद पहुंचना आसान हो जाएगा।

रिपोर्टों से पता चलता है कि इस इलाके में अभी दादरी की तरफ 45 लाख रुपये से कम कीमत वाले 2BHK घरों की मांग है, जबकि लाल कुआं और क्रॉसिंग्स रिपब्लिक में खरीदार 65 लाख रुपये से कम कीमत वाले 2BHK और 3BHK अपार्टमेंट देख रहे हैं।

फिलहाल यह प्रस्ताव उत्तर प्रदेश सरकार की मंजूरी का इंतजार कर रहा है। जैसे ही इसे हरी झंडी मिलेगी, अधिकारी जमीन से जुड़े काम, अतिक्रमण हटाने और बिजली-पानी जैसी सार्वजनिक सुविधाओं (यूटिलिटी) को शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू करेंगे। आमतौर पर इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में यही चरण सबसे ज्यादा समय लेते हैं।

News18 की रिपोर्ट के मुताबिक, लाल कुआं से न्यू बस स्टैंड तक के एलिवेटेड सेक्शन की लागत लगभग 650 करोड़ रुपये आंकी गई है, जबकि दादरी की ओर जाने वाले पूरे 12 किलोमीटर के कॉरिडोर को चरणों में विकसित किए जाने की उम्मीद है। अगर मंजूरी और शुरुआती काम योजना के अनुसार आगे बढ़ते हैं, तो अगले साल तक निर्माण कार्य शुरू हो सकता है, जिससे NCR के सबसे व्यस्त कॉरिडोर में से एक पर यात्रा करने वाले लोगों को लंबे समय से जाम की समस्या से राहत मिलेगी।

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Gold Silver Price Today: एक ही दिन में चांदी ₹8500 महंगी हुई, सोना ₹1.49 लाख के पार

Gold Silver Price Today: सोने और चांदी की कीमतों में बुधवार को जोरदार तेजी देखने को मिली। मजबूत वैश्विक संकेतों और घरेलू बाजार में बढ़ी खरीदारी की वजह से सोना ₹1,900 चढ़कर ₹1,49,600 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। यह करीब दो हफ्ते का सबसे ऊंचा स्तर है।

ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के मुताबिक, मंगलवार को सोना ₹1,47,700 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। इससे पहले 7 जुलाई को इसकी कीमत ₹1,49,250 प्रति 10 ग्राम थी।

चांदी ने भी लगाई लंबी छलांग

चांदी ने लगातार छह दिन की गिरावट पर ब्रेक लगा दिया। इसकी कीमत ₹8,500 बढ़कर ₹2,30,000 प्रति किलो हो गई। एक दिन पहले यह ₹2,21,500 प्रति किलो पर बंद हुई थी।

सोना-चांदी में तेजी क्यों आई?

बाजार के जानकारों का कहना है कि सोने में लगातार तीसरे दिन तेजी आई है। इसकी वजह सिर्फ एक नहीं है। विदेशी बाजार में मजबूती रही। घरेलू बाजार में खरीदारी बढ़ी। हाल की गिरावट के बाद निवेशकों ने भी खरीदारी का मौका देखा।

HDFC Securities के सीनियर कमोडिटी एनालिस्ट सौमिल गांधी ने कहा कि वैश्विक बाजार से मिले मजबूत संकेत और फिजिकल डिमांड बढ़ने से सोना दो हफ्ते के ऊंचे स्तर पर पहुंच गया। उन्होंने कहा कि गोल्ड ETF में दोबारा निवेश बढ़ने से भी बाजार को सहारा मिला है।

ग्लोबल मार्केट में क्या हो रहा है?

अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड 1.16% बढ़कर 4,125.24 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था। वहीं, स्पॉट सिल्वर करीब 1% चढ़कर 59.32 डॉलर प्रति औंस पहुंच गई।

Kotak Securities की AVP कमोडिटी रिसर्च कायनात चैनवाला ने बताया कि कारोबार के दौरान स्पॉट गोल्ड 4,140 डॉलर प्रति औंस के दो हफ्ते के उच्च स्तर तक पहुंच गया। वहीं, चांदी भी 60 डॉलर प्रति औंस के करीब पहुंच गई। पश्चिम एशिया में तनाव और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के बावजूद दोनों कीमती धातुओं में मजबूती बनी हुई है।

आगे किन बातों पर रहेगी नजर?

कायनात चैनवाला के मुताबिक, अमेरिका-ईरान बातचीत को लेकर अभी तस्वीर साफ नहीं है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि बातचीत की गुंजाइश तो है, लेकिन फिलहाल ईरान गंभीर नहीं दिख रहा। इसलिए निवेशक इंतजार की रणनीति अपना रहे हैं।

वहीं, Mirae Asset ShareKhan के हेड ऑफ कमोडिटीज प्रवीण सिंह का कहना है कि सोने को तीन चीजों से सहारा मिल रहा है। पहली, अमेरिका-ईरान के बीच बातचीत दोबारा शुरू होने की उम्मीद। दूसरी, ट्रंप प्रशासन की ओर से फिर टैरिफ लगाने की शुरुआत। तीसरी, सोने का 4,000 डॉलर प्रति औंस के ऊपर टिके रहना।

अब बाजार की नजर अगले हफ्ते होने वाली अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक पर रहेगी। ब्याज दरों को लेकर जो संकेत मिलेंगे, वही आगे सोना और चांदी की चाल तय करेंगे।

*एजेंसी इनपुट के साथ

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Samsung ‘इंडिया इनोवेशन कॉन्टेस्ट’ की टॉप चार टीमों को 2 करोड़ रुपये देगी, जानिए कॉन्टेस्ट की जरूरी बातें

सैमसंग अपनी इनोवेशन और एजुकेशन प्रतियोगिता के अगले चरण में भारत में 100 टीमों का चुनाव करेगी। इस प्रतियोगिता का नाम ‘सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो’ है। इस प्रतियोगिता की टॉप 4 टीमों को 2 करोड़ रुपये का इनक्यूबेशन ग्रांट मिलेगा। यह प्रतियोगिता पूरे देश में आयोजित होगी। सैमसंग दक्षिण कोरिया की इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी है।

सैमसंग ने 184 डिजाइन थिंकिंग वर्कशॉप आयोजित किए

Samsung ने इस साल 184 डिजाइन थिंकिंग वर्कशॉप आयोजित किए। इसमें जम्मू-कश्मीर से लेकर तमिलनाडु और गुजरात से लेकर त्रिपुरा के स्कूल, कॉलेज और यूनिवर्सिटीज के हजारों स्टूडेंट्स ने हिस्सा लिए। सैमसंग ने बताया कि डिजाइन थिंकिंग वर्कशॉप्स देश के 135 शहरों में आयोजित किए गए। इससे यह देश के सबसे बड़े ग्रॉसरूट इनोवेशन प्लेटफॉर्म्स में से एक बन गया है।

सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो में 100 टॉप टीमें चुनी जाएंगी

डिजाइन थिंकिंग वर्कशॉप्स अब पूरा हो चुका है। सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो अगले चरण में प्रवेश कर गया है। इसमें पार्टिसिपेंट्स की तरफ से सब्मिट किए गए आइडिया के आधार पर टॉप 100 टीमें चुनी जाएंगी। उसके बाद टीमों को मेन्टॉरशिप, एक्सपर्ट गाइडेंस जैसी सहायता दी जाएगी। यह जानकारी कंपनी ने दी है। टॉप चार टीमों को 2 करोड़ रुपये की इनक्यूबेशन ग्रांट दी जाएगी।

टॉप 4 टीमों को मेन्टॉरशिप और प्रोटोटाइप डेवलपमेंट सपोर्ट भी मिलेगा

इनक्यूबेशन ग्रांट के अलावा टॉप 4 टीमों को मेन्टॉरशिप और प्रोटोटाइप डेवलपमेंट सपोर्ट मिलेगा। यह सपोर्ट FITT-IIT देगा। सैमसंग के साऊथवेस्ट एशिया के कॉर्पोरेट वाइस प्रसिडेंट एस पी चुन ने कहा कि हम सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो के जरिए देशभर के युवाओं के माइंडसेट डेवलप करने में मदद कर रहे हैं।

देश के हर कोने से इनोवेटिव आइडिया के लिए युवाओं को प्रोत्साहन

उन्होंने कहा कि युवाओं के माइंडसेट डेवलप करने के लिए टेक्नोलॉजी के साथ थिंकिंग को प्रोत्साहित किया जाता है। इसके लिए उन्हें अपनी कम्युनिटी से जुड़ी चुनौतियों को हल करना होता है। उन्होंने कहा कि यह इस प्रोग्राम का पांचवां साल है। इसके जरिए देश के हर कोने से इनोवेटिव आइडिया के लिए युवाओं को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसमें 14 से 22 साल की उम्र के युवा हिस्सा लेते हैं।