Trading plan : कच्चे तेल में तेजी और IT शेयरों में बिकवाली ने बाजार पर बढ़ाया दबाव, जानिए कल के लिए क्या हो ट्रेडिंग रणनीति

Trading plan : कच्चे तेल में तेजी और IT शेयरों में बिकवाली ने बाजार पर दबाव बढ़ा दिया है। निफ्टी 175 अंक से ज्यादा फिसलकर 24300 के नीचे आ गया है। बैंक निफ्टी की तेजी भी कम हुई है। मिडकैप और स्मॉलकैप में भी नरमी देखने को मिल रही है। बाजार में गिरावट के बावजूद वौलैटिलिटी इंडेक्स INDIA VIX में तेजी देखने को नहीं मिल रही है। टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रा ने अपने पद से इस्तीफा देते हुए कहा है कि वे फरवरी 2027 तक का कार्यकाल पूरा करेंगे। लेकिन फिर से नियुक्ति की मांग नहीं करेंगे। कंपनी के बोर्ड को उत्तराधिकारी पर फैसला लेना चाहिए। एन चंद्रा के इस्तीफे से TCS 5 फीसदी फिसलकर निफ्टी का टॉप लूजर बना है। टाटा ग्रुप के दूसरे शेयरों पर भी दबाव देखने को मिल रहा है।

IT शेयरों में आज सबसे ज्यादा बिकवाली देखने को मिली है। आईटी इंडेक्स दो फीसदी से ज्यादा फिसला है। TCS के साथ LTM, परसिस्टेंट और इंफोसिस में भी दबाव देखने को मिल रहा है। साथ ही कंज्यूमर ड्यूरेबल, रियल्टी और FMCG इंडेक्स करीब एक फीसदी फिसले हैं। वहीं दूसरी ओर आज सरकारी बैंकों में सबसे ज्यादा तेजी है। पीएसयू बैंक इंडेक्स करीब 1.5 फीसदी से ज्यादा चढ़ा है।

हॉस्पिटल शेयरों में लगातार दूसरे दिन कमजोरी देखने को मिल रही है। मैक्स हेल्थ और अपोलो हॉस्पिटल 3-4 फीसदी टूटकर निफ्टी के टॉप लूजर्स में शामिल हैं। उधर फोर्टिस भी करीब 6 फीसदी टूटा। हॉस्पिटल चार्जेज पर कैप लगाने की सिफारिश से दूसरे दिन भी इन शेयरों पर दबाव देखने को मिल रहा है।

नतीजों के लिहाज से कल बड़ा दिन है। कल निफ्टी की दो कंपनियों टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल (TMPV) और मैक्स हेल्थ के रिजल्ट आएंगे। TMPV का रेवेन्यू तिमाही आधार पर 46% बढ़ सकता है। लेकिन कच्चे माल के दाम बढ़ने से मुनाफे और मार्जिन पर दबाव संभव है। साथ ही जुबिलेंट फूड, अंबर समेत वायदा की 5 कंपनियां भी रिजल्ट पेश करेंगी।

बाजार: खराब दिन

बाजार पर अपनी राय देते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि बाजार के लिए आज एक खराब दिन रहा। सुबह-सुबह CNBC-आवाज़ पर इसी की चर्चा थी। कल ही बाजार ने चेतावनी के संकेत दिए थे। निफ्टी अब 24,350 के नीचे काम कर रहा है। हालांकि बैंक निफ्टी अभी भी अहम स्तरों के ऊपर है। लेकिन निफ्टी IT और बाकी बड़े शेयरों में गिरावट है। एन चंद्रा की टाटा संस वाली खबर से भी सेंटीमेंट खराब हुआ है। चंद्रा दोबारा चेयरमैन नहीं बनेंगे। अदाणी ग्रुप के शेयरों में भी बड़ी मुनाफावसूली देखने को मिली। हॉस्पिटल शेयरों में आज भी बड़ी गिरावट आई।

बाजार: अब क्या?

बाजार में ब्रेकआउट फेल होने के पूरे संकेत हैं और ऐसे में वापस रेंज के लो टेस्ट हो सकते हैं। अगर निफ्टी 24,300 के नीचे बंद हुआ तो बड़ा नेगेटिव होगा। कच्चा तेल नीचे आने को तैयार नहीं है और मामला सिर्फ तेल का नहीं, सप्लाई का है। होर्मुज से सप्लाई वापस ठप हो चुकी है। ऐसे में बाजार में वापस बड़े करेक्शन का रिस्क है। स्टॉक स्पेसिफिक मौके भी अब काफी कम हो रहे हैं और परसों अर्निंग सीजन भी खत्म हो रहा है। ऐसे में बाजार में थोड़ा सतर्क रहना बेहतर रहेगा। लेकिन अगर अच्छा ट्रेड मिले तो जरूर लें, जैसे कि आज नाल्को और PI इंडस्ट्रीज में मिली।

निफ्टी-बैंक निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी के लिए 24,150-24,250 पर सपोर्ट और 24,400-24,450 पर रेजिस्टेंस है। वहीं, बैंक निफ्टी के लिए 57,000-57,200 पर सपोर्ट और 57,800-58,000 पर रेजिस्टेंस है।

प्री-CAS रणनीति

शॉर्ट पोजिशन्स लेकर ना जाएं। शॉर्ट का नजरिया सिर्फ इंट्राडे का था।

 

HDFC Bank Share Price : स्टॉक ने हिट किया 52 हफ्तों का नया लो, जानिए कब तक कायम रहेगा यह दबाव

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

HDFC Bank Share Price : स्टॉक ने हिट किया 52 हफ्तों का नया लो, जानिए कब तक कायम रहेगा यह दबाव

HDFC Bank Share Price : एचडीएफसी बैंक के शेयरों में आज भी गिरावट देखने को मिल रही है। आज के कारोबारी सत्र में इसने 52 वीक का नया लो बनाया है। फिलहाल 12.45 बजे के आसपास एनएसई पर यह शेयर 6.15 रुपए यानी 0.84 फीसदी की कमजोरी के साथ 722 रुपए के आसपास कारोबार कर रहा था। आज का इसका दिन का लो 722 रुपए है। आज यह शेयर 729 रुपए पर खुला था। वहीं, कल की इसकी क्लोजिंग भी 729 रुपए ही थी। टेक्निकल नजरिए से देंखें तो इस स्टॉक में नेगेटिव प्राइस ब्रेकआउट देखने को मिला है। यह अभी अपने दूसरे सपोर्ट लेवल (S2) से नीचे ट्रेड कर रहा है। इसका दूसरा सपोर्ट लेवल ₹733.10 पर है।

एक्सचेंज पर उपलब्ध आंकड़ो से पता चलता है कि HDFC बैंक के शेयर अपने पिछले निचले स्तर ₹726.75 से भी नीचे गिर गए हैं, जो इसने 2 अप्रैल, 2026 को छुआ था। यह स्टॉक मई 2024 के बाद से अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है। इसने 23 अक्टूबर, 2025 को ₹1,020.35 का 52-हफ़्ते का हाई छुआ था।

कैलेंडर वर्ष 2026 में अब तक, BSE सेंसेक्स में 8.2 फीसदी की गिरावट आई है। वहीं, इसी अवधि में HDFC बैंक में 27 फीसदी की गिरावट आई है। ऐसे में इसका प्रदर्शन बाजार के मुकाबले कमजोर रहा है।

FPIs ने लगातार पांचवीं तिमाही में HDFC बैंक में अपनी हिस्सेदारी घटाई

एचडीएफसी बैंक के शेयरहोल्डिंग पैटर्न के आंकड़ों से पता चलता है कि विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) ने लगातार पांचवीं तिमाही में HDFC बैंक में अपनी हिस्सेदारी कम की है। ताजे आंकड़ों से पता चलता है कि जून 2026 तिमाही के आखिर में HDFC बैंक में FPI की हिस्सेदारी घटकर 41.83 फीसदी हो गई, जो मार्च 2026 तिमाही के आखिर में 44.05 फीसदी थी। दिसंबर 2025 तिमाही में इस प्राइवेट सेक्टर के बैंक में FPI की हिस्सेदारी 47.67 फीसदी थी और सितंबर 2025 तिमाही के आखिर में यह 48.39 फीसदी थी।

घरेलू संस्थागत निवेशकों ने बढ़ाई हिस्सेदारी

हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने जून तिमाही में HDFC बैंक में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर 41.9 फीसदी कर दी। ताजे आंकड़ों से पता चलता है कि सितंबर 2025 तिमाही के अंत में उनकी हिस्सेदारी 36.3 फीसदी थी। इंडिविजुअल पब्लिक शेयरहोल्डरों ने भी HDFC बैंक में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है। इनकी हिस्सेदारी पिछली तिमाही के 15.6 फीसदी और दिसंबर 2025 तिमाही के अंत के 15.1 फीसदी से बढ़कर 16.3 फीसदी हो गई है।

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स्टॉक में क्यों आ रही गिरावट?

बैंक के मार्जिन पर शॉर्ट-टर्म दबाव और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली की वजह से इस शेयर पर दबाव बना है। इस साल अब तक यह स्टॉक में 27 फीसदी से ज्यादा टूट चुका है। बाजार जानकारों का कहना है कि बैंक के NIM (नेट इंटरेस्ट मार्जिन) में रिकवरी और फंड की लागत कम होने पर ही इसमें फिर से तेजी आ सकती है। DII की हिस्सेदारी में लगातार बढ़ोतरी से FPI की बिकवाली को कुछ हद तक संतुलित करने में सहायता मिली है। लेकिन स्टॉक में हो रही गिरावट को रोकने के लिए सिर्फ इतना ही काफी नहीं है। अगर बैंक के मार्जिन पर दबाव बना रहता है और फंड की लागत कम नहीं होती तो आगे भी स्टॉक पर दबाव बना रहेगा।

शेयर की चाल पर एक नजर

इस स्टॉक में लॉन्ग टर्म और शॉर्ट टर्म दोनों ही नजरिए से बाजार को निराश किया है। पिछले 1 हफ्ते में इसमें 1.57 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है। वहीं, 1 महीने में यह शेयर 12.30 फीसदी टूटा है। 3 महीने में इसमें 3.6 फीसदी की कमजोरी देखने को मिली है। वहीं, इस साल अब तक इसमें 27 फीसदी की गिरावट आई है। 1 साल में यह शेयर 26.53 फीसदी टूटा है। वहीं, 3 साल में इसमें 10.62 फीसदी की कमजोरी देखने को मिली है।

Tata Sons Chairman N Chandrasekaran: आखिर कार्यकाल खत्म होने के 6 महीने पहले एन चंद्रशेखरन ने क्यों दे दिया इस्तीफा?

टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन के अचानक इस्तीफे ने चौंका दिया। 12 अगस्त की सुबह उन्होंने अपने इ्स्तीफे का ऐलान किया। इसका असर टाटा समूह की कंपनियों के शेयरों पर पड़ा। टाटा समूह देश का सबसे बड़ा कारोबारी समूह है। इसकी तीन दर्जन से ज्यादा कंपनियां शेयर बाजार में सूचीबद्ध हैं। इनमें टीसीएस, टाइटन, टाटा कंज्यूमर, टाटा मोटर्स जैसी दिग्गज कंपनियां हैं, जिनकी पहचान देश के घर-घर में है। चंद्रशेखरन का कार्यकाल 20 फरवरी, 2027 को खत्म हो रहा है। सवाल है कि चंद्रशेखरन ने अचानक क्यों इस्तीफा दे दिया?

टाटा समूह से 40 साल पुराना रिश्ता खत्म हो जाएगा

पहले एन चंद्रशेखरन के बारे में थोड़ा जान लेना जरूरी है। वह 1987 में टाटा समूह का हिस्सा बने थे। 2009 में उन्हें टाटा समूह की सबसे बड़ी कंपनी TCS का सीईओ नियुक्त किया गया। यह देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी भी है। फिर, 2017 में उन्हें टाटा संस का चेयरमैन नियुक्त किया गया। यह टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी है। टाटा संस का चेयरमैन एक तरह से पूरे ग्रुप का बॉस होता है। इसलिए टाटा संस के चेयरमैन के पद को समूह में सबसे अहम माना जाता है।

फरवरी में तीसरी बार नियुक्ति के प्रस्ताव पर टल गया था फैसला

इस साल फरवरी में चंद्रशेखरन को तीसरी बार टाटा संस का चेयरमैन नियुक्त करने के प्रस्ताव पर फैसला होना था। लेकिन, इस फैसले को तब टाल दिया गया। इसकी वजह नोएल टाटा का विरोध था। वह इस प्रस्ताव के खिलाफ थे। नोएल टाटा समूह की चैरिटी का काम देखने वाले टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन हैं। नोएल रतन टाटा के सौतेले भाई हैं। रतन टाटा के निधन के बाद वह टाटा समूह में सबसे पावरफुल हैं। रतन टाटा के निधन के बाद उन्हें टाटा ट्रस्ट्स का चेयरमैन नियुक्त किया गया था। टाटा ट्रस्ट्स की टाटा संस में नियंत्रण योग्य यानी आधा से ज्यादा हिस्सेदारी है। इसलिए टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन को सबसे ज्यादा पावरफुल माना जाता है।

टाटा समूह की नई लीडरशिप को लेकर अनिश्चितता थी

तीसरी बार नियुक्ति के प्रस्ताव पर फैसला टलने के छह महीने बाद भी यह मसला लंबित था। इसका मतलब है कि टाटा संस के नए लीडर को लेकर अनिश्चितता की स्थिति थी। चंद्रशेखरन का मानना है कि टाटा ग्रुप के भविष्य के लिए ऐसी अनिश्चितता ठीक नहीं है। इस समूह में करीब तीन दर्जन ऐसी कंपनियां हैं, जो शेयर बाजार में लिस्टेड है। इन कंपनियों के शेयरों में लाखों निवेशकों का पैसा लगा है। टाटा का ब्रांड न सिर्फ भारत में बल्कि विदेश में भी काफी प्रतिष्ठित है। देश के करोड़ों लोग इस ब्रांड पर भरोसा करते हैं।

18 अगस्त को होने वाली है टाटा संस के बोर्ड की मीटिंग

चंद्रशेखरन ने काफी विचार करने के बाद अपने पद से इस्तीफा देने का फैसला लिया। इकोनॉमिक टाइम्स की 12 अगस्त की एक खबर में बताया गया कि चंद्रशेखरन 18 अगस्त से पहले इस्तीफा देना चाहते थे। इस बारे में उन्होंने अपने करीब लोगों से चर्चा की थी। दरअसल, 18 अगस्त को टाटा संस की एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) होनी है। इस मीटिंग में शेयरहोल्डर को चंद्रशेखरन की तीसरी बार चेयरमैन पद पर नियुक्ति के प्रस्ताव पर वोटिंग करनी थी।

बोर्ड का एक सदस्य तीसरी बार नियुक्ति के प्रस्ताव के खिलाफ

चंद्रशेखरन ने इस्तीफे के बाद जो बयान दिया है, उससे यह संकेत मिलता है कि उन्हें तीसरी बार कार्यकाल बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी मिलने का भरोसा नहीं था। उन्होंने बयान में कहा है, “तीसरी बार मेरी नियुक्ति के प्रस्ताव पर फैसला नहीं हो सका, क्योंकि बोर्ड का एक सदस्य का समर्थन प्रस्ताव को हासिल नहीं था।”

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टाटा समूह के हित में पद से इस्तीफा देने का लिया फैसला

उन्होंने कहा कि प्रस्ताव पर फैसला टलने के 6 महीने बाद भी इस मसले का समाधान नहीं हो सका है। उन्हें टाटा समूह जैसे कारोबारी समूह की लीडरशिप को लेकर ऐसी अनिश्चितता पसंद नहीं थी। उनका मानना था कि यह टाटा समूह के भविष्य के लिए ठीक नहीं है। इसलिए उन्होंने एजीएम से पहले इस्तीफा देने का फैसला किया।

‘शॉर्टकट आपको नुकसान पहुंचा सकता है’; Insta reels पसंद करने वाली Gen Z को PM मोदी का संदेश

PM Modi message to reel-loving Gen Z: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं से आत्मकथाएं पढ़ने और दूसरों के संघर्षों से सीखने की अपील। एक कार्यक्रम के दौरान अपने संबोधन में पीएम मोदी ने बुधवार (12 अगस्त) को अपील करते हुए कहा कि रील के युग में रह रहे युवाओं को याद रखना चाहिए कि शॉर्टकट आपको नुकसान पहुंचा सकता है।

PM मोदी ने पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की आत्मकथा ‘ट्रायम्फ ऑफ द इंडियन रिपब्लिक: माय लाइफ, माय स्ट्रगल्स’ के विमोचन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि कोविंद का जीवन दिखाता है कि दृढ़ संकल्प किसी व्यक्ति को मुश्किलों से उबरने और सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंचने में कैसे मदद कर सकता है।

प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति पद छोड़ने के बाद भी कोविंद के लगातार सार्वजनिक जीवन में सक्रिय रहने का जिक्र करते हुए कहा कि पद छोड़ने के बाद भी उन्होंने आराम नहीं किया। बल्कि ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ पहल पर काम कर रहे हैं, जो भारतीय लोकतंत्र में एक नया अध्याय खोल सकती है। पीएम मोदी ने कहा कि इस मुद्दे पर पूर्व राष्ट्रपति के प्रयास भारतीय लोकतंत्र को मजबूत करने में उनके निरंतर योगदान का हिस्सा हैं।

युवाओं से आत्मकथाएं पढ़ने की अपील

प्रधानमंत्री ने युवाओं से आत्मकथाएं पढ़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि इनसे किसी खास दौर को उस व्यक्ति के जीवन के जरिए समझने का मौका मिलता है जिसने उसे खुद अनुभव किया हो। उन्होंने कहा, “आज रील का जमाना है, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर आपको कहीं न कहीं खींच ले जाते हैं लेकिन इस दौर में भी, रेलवे स्टेशन पर लिखी बात याद रखें, ‘शॉर्टकट’ आपको नुकसान पहुंचा सकता है।”

PM मोदी की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब सरकार और सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने सोशल मीडिया पर ‘जेन जी’ से जुड़ने की कोशिशें तेज कर दी हैं। नीट का पेपर लीक होने के खिलाफ पिछले महीने हुए विरोध-प्रदर्शनों के बाद पीएम मोदी ने अपने मंत्रियों से कहा था कि वे युवाओं से जुड़ने के लिए इंस्टाग्राम का सक्रिय रूप से इस्तेमाल करें और रील पोस्ट करें।

पीएम मोदी भी शेयर कर रहे हैं रील्स

हाल के हफ्तों में पीएम मोदी ने स्वयं युवाओं को संबोधित करते हुए कई बार रील शेयर की हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि कोविंद की आत्मकथा भारतीय लोकतंत्र की धरोहर बनेगी। साथ ही नई पीढ़ी को इससे बहुत कुछ सीखने को मिलेगा।

पीएम मोदी ने कहा, “हमें भविष्य में और ऐसे कई युवाओं की जरूरत है जो कोविंद की हों। ऐसे लोग जो हालात से हार न मानें, बल्कि हर चुनौती से पार पाने का पुख्ता इरादा रखें। वे आत्मनिर्भर भारत का रास्ता बनाएंगे और यह आत्मकथा युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।”

उन्होंने कहा कि आत्मकथा का शीर्षक बिल्कुल सही है क्योंकि कोविंद का जीवन और संघर्ष भले ही व्यक्तिगत थे। लेकिन उन संघर्षों की जीत भारतीय लोकतंत्र की है। पीएम मोदी ने याद किया कि बचपन में घर का सामान बचाने की कोशिश के दौरान लगी आग में कोविंद ने अपनी मां को खो दिया था। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह दुखद घटना कोविंद को तोड़ सकती थी। लेकिन इसके बजाय इसने उन्हें और मजबूत बनाया।

अच्छे संस्कार का किया जिक्र

पीएम मोदी ने कहा कि कोविंद में अच्छे संस्कार डालने में उनके पिता की अहम भूमिका रही। प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति भवन में कोविंद के साथ अपनी मुलाकातों को याद करते हुए कहा कि पूर्व राष्ट्रपति उनसे ऐसी बातें करते थे जिनकी प्रोटोकॉल के तहत आम तौर पर अनुमति नहीं होती थी। PM मोदी के मना करने के बावजूद वे उन्हें खुद कार तक छोड़ने आते थे। कोविंद ने इस अवसर पर अपने बचपन की मुश्किलों और अपने आस-पास के माहौल से मिली सीख को याद किया।

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उन्होंने याद किया कि कैसे उनके घर की छत से बारिश का पानी टपकता था। उनका परिवार बारिश रुकने का इंतजार करता था। कोविंद ने कहा कि सरकारी आवास योजनाओं के तहत करोड़ों गरीब परिवारों को सिर पर छत मिली है और उन्हें सम्मान के साथ जीने का मौका मिला है। कोविंद ने कहा कि वह BJP से इसलिए जुड़े क्योंकि उनकी नजर में यह पार्टी परिवार या समुदाय के हितों से ऊपर देश को रखती है।

Trading Ideas : बाजार में रिकवरी की कोशिशें हो रही नाकाम, शॉर्ट टर्म में अच्छी कमाई के लिए इस ऑटो शेयर पर रहे नजर

Trading Ideas : बाजार में रिकवरी की कोशिशें नाकाम हो रही हैं। निफ्टी 110 अंक से ज्यादा फिसलकर 24400 के नीचे आ गया है। हालांकि बैंक निफ्टी में रिकवरी कायम है। यह इंडेक्स दिन के निचले स्तर से करीब 500 अंक से ज्यादा क उछला है। मिडकैप और स्मॉलकैप में फ्लैट कारोबार कर रहे हैं। INDIA VIX 12 के नीचे दिख रहा है। आज सरकारी बैंकों में सबसे ज्यादा तेजी है। पीएसयू बैंक इंडेक्स करीब 2 फीसदी मजबूती के साथ कारोबार कर रहा है। 5 फीसदी की उछाल के साथ PNB वायदा के टॉप गेनर्स में शुमार है। साथ ही मेटल शेयरों में भी चमक देखने को मिल रही है। हिंडाल्को निफ्टी का टॉप गेनर बना है। लेकिन IT, FMCG, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और रियल्टी में बिकवाली नजर आ रही है।

पहली तिमाही में कमजोर नतीजों के बाद SENCO की चमक फीकी पड़ी है। यह शेयर 9 फीसदी से ज्यादा टूटा है। साथ ही TBZ में भी करीब 8 फीसदी की तेज गिरावट नजर आ रही है। लेकिन रिजल्ट के बाद बाटा 4 फीसदी दौड़ा है। हॉस्पिटल शेयरों में लगातार दूसरे दिन कमजोरी देखने को मिल रही है। मैक्स हेल्थ और अपोलो हॉस्पिटल 2-3 फीसदी टूटकर निफ्टी के टॉप लूजर्स में शामिल हैं। उधर फोर्टिस भी करीब 4 फीसदी टूटा है। हॉस्पिटल चार्जेज पर कैप लगाने की सिफारिश की खबरों ने इन शेयरों पर दबाव बनाया है।

आगे के लिए क्या हो रणनीति?

मार्केट ट्रेंड पर बात करते हुए www.sethamit.com के अमित सेठ ने कहा कि निफ्टी पिछले 4-5 कारोबारी सत्रों से थोड़ा सा साइडवेज चल रहा है। इसको हम एक पुलबैक मोड कह सकते हैं। लेकिन अभी भी ये अपने अहम मूविंग एवरेजेज के ऊपर ट्रेड कर रहा है। यह एक अच्छी बात है। इस समय निफ्टी के लिए 24350-24400 पर सपोर्ट दिख रहा है। जब तक यह सपोर्ट कायम तब तक गिरावट पर खरीदारी की रणनीति काम करेगी। 24600 के ऊपर निकलने पर ही निफ्टी में नई तेजी आएगी। लेकिन अभी निफ्टी में खरीदारी करने के लिए 24350-24400 एक अच्छा सपोर्ट जोन है।

बैंक निफ्टी व्यू

अगर निफ्टी बैंक की बात करें तो यहां पर भी स्ट्रक्चर साइडवेज ही है। यह निफ्टी से थोड़ा कम मोमेंटम है। लेकिन निफ्टी बैंक ने भी कल 50 डेमा से एक रिवर्सल दिखाया है। इसके लिए सपोर्ट लगभग 57,000 के आसपास आता है। जब तक 57,000 का लेवल कायम है तब तक अगर कोई पोजीशन है तो उसमें बने रहना है।

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अमित सेठ की टॉप पिक

स्टॉक स्पेसिफिक स्ट्रेटेजी पर बात करते हुए अमित सेठ ने कहा कि ऑटो सेक्टर में अच्छा खासा स्ट्रेंथ दिख रहा है। इसमें भी अशोक लीलैंड काफी अच्छा लग रहा है। इस शेयर ने एक बेस बनाने के बाद अभी 4-5 दिन पहले लगभग 167-168 रुपए के लेवल से एक ब्रेकआउट दिया। यह डिलीवरी बेस्ड ब्रेकआउट काफी अच्छे वॉल्यूम के साथ आया था। उसके बाद इस स्टॉक में हमें थोड़ा सा साइडवेज मूव देखने को मिला। कल के सत्र में इसने 10 डेमा से एक रिवर्सल दिखाया है और काफी अच्छा कैंडलस्टिक और प्राइस एक्शन पैटर्न बना है। जब तक यह स्टॉक 173 रुपए के ऊपर बना रहेगा, इसमें 182 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह होगी।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Godrej Consumer Share Price: गोदरेज कज्यूमर का शेयर क्रैश, क्या यह निवेशकों के लिए खरीदारी का बड़ा मौका है?

Godrej Consumer Share Price: गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स का शेयर 12 अगस्त को बाजार खुलते ही क्रैश कर गया। इसकी वजह कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर एवं सीईओ सुधीर सीतापति का अचानक इस्तीफा है। एक समय शेयर 10 फीसदी गिरकर 922.5 रुपये पर आ गया था। लेकिन, बाद में थोड़ा संभला। 10:45 बजे यह 9.52 फीसदी गिरकर 928.10 रुपये पर चल रहा था। इस साल यह शेयर अब तक 25 फीसदी से ज्यादा गिर चुका है। इस दौरान निफ्टी 50 में 6.4 फीसदी गिरावट आई है।

जेफरीज और सिटी की शेयरों में निवेश की सलाह

सीतापति का इस्तीफा तुरंत प्रभाव से लागू हो गया। आसिफ मलबरी को उनकी जगह नियुक्त कर दिया गया है। अचानक कंपनी की लीडरशिप में आए इस बदलाव पर ब्रोकरेज फर्मों ने अलग-अलग तरह से प्रतिक्रिया दी है। जेफरीज और सिटी ने शेयर को खरीदने (buy) की अपनी सलाह बनाए रखी है। एचएसबीसी ने शेयर पर अपनी रेटिंग घटाकर ‘होल्ड’ कर दी है। सीएलएसए ने शेयर पर ‘अंडरपर्फॉर्म’ की रेटिंग दी है। हालांकि, ब्रोकरेज फर्मों का मानना है कि नई लीडरशिप की वजह से कंपनी की स्ट्रेटेजी में बदलाव नहीं होगा।

जेफरीज ने दिया 1400 रुपये का टारगेट प्राइस

जेफरीज ने गोदरेज कंज्यूमर के शेयर के लिए 1,400 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। इसका मतलब है कि 11 अगस्त के क्लोजिंग प्राइस से यह शेयर करीब 36 फीसदी चढ़ सकता है। ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि नए सीईओ को एग्जिक्यूशन को मजबूत बनाने के साथ ही फैसले लेने की प्रक्रिया को तेज करना होगा। नए बिजनेस पर फोकस करने के साथ ही कंपनी को अपने पुराने इनसेक्टिसाइड्स और सोप बिजनेस पर ध्यान देना होगा।

सिटी ने भी दी शेयर में निवेश की सलाह

Citi ने भी शेयर को खरीदने की सलाह दी है। उसने शेयर के लिए 1,350 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। हालांकि, उसने कहा है कि लीडरशिप में बदलाव का असर स्टॉक पर शॉर्ट टर्म में पड़ सकता है। हालांकि, मलबरी की नियुक्ति से कंपनी की स्ट्रेटेजी की दिशा अपरिवर्तित रहेगी। कंपनी के FY27 के गाइडेंस और स्ट्रेटेजिक डायरेक्शन अपरिवर्तित रहेंगे।

एचएसबीसी ने रेटिंग घटाकर होल्ड किया

HSBC ने शेयर को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी है। उसने शेयर पर रेटिंग घटाकर होल्ड कर दी है। शेयर के लिए 1,120 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। उसने कहा है कि अचानक सीतापति के इस्तीफे से एग्जिक्यूशन को लेकर अनिश्चितता बनी है। ब्रोकरेज फर्म ने स्टॉक का वैल्यूएशन मल्टीपल भी घटाया है। टारगेट प्राइस-टू-अर्निंग्स मल्टीपल को 45 गुना से घटाकर 40 गुना कर दिया है।

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सीएलएसए के मुताबिक शेयर 25% गिर सकता है

CLSA का रुख इस शेयर को लेकर और सावधानी भरा है। उसने शेयर पर ‘अंडरपरफॉर्म’ की रेटिंग बनाए रखी है। उसने शेयर के लिए 772 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। इसका मतलब है कि यह शेयर 11 अगस्त के क्लोजिंग प्राइस से करीब 25 फीसदी गिर सकता है। ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि पर्सनल वॉश और होम इनसेक्टिसाइड्स में कंपनी के लिए चुनौतियां बनी हुई हैं।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

Share Market Crash: 370 प्वाइंट्स टूटा Sensex, सरकारी बैंकों की चमक नहीं थाम पाई गिरावट, 24400 के नीचे आया Nifty

Share Market Crash: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव गहराने पर मार्केट में कोहराम मच गया। सेंसेक्सन 370 प्वाइंट्स से अधिक टूट गया तो निफ्टी भी फिसलकर 24350 के करीब आ गया। ब्रोडर लेवल पर भी दबाव दिख रहा है। निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप लाल है। अब घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 10:30 AM पर सेंसेक्स (Sensex) 314.12 प्वाइंट्स यानी 0.40% की गिरावट के साथ 77,840.13 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 96.75 प्वाइंट्स यानी 0.40% की फिसलन के साथ 24,374.95 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 370.21 प्वाइंट्स टूटकर 77,784.04 और निफ्टी 114.20 प्वाइंट्स गिरकर 24,357.50 तक आ गया था।

Share Market Crash: ये है वजह

अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ता तनाव

होर्मुज जलडमरूमध्य पर स्थिति सामान्य होने को लेकर अनिश्चितता ने मार्केट पर दबाव बनाया है। एक तरफ ट्रंप दावा कर रहे हैं कि होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिका का पूरा नियंत्रण है लेकिन ईरान का इससे इनकार है। इसके अलावा एक-दूसरे की मुआवजे की मांग ने दोनों देशों के बीच सुलह का रास्ता और मुश्किल कर दिया है। यमन के हूती विद्रोहियों के कमर्शियल जहाज पर हमले ने तनाव बढ़ा दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस हमले में चार क्रू सदस्यों की जान चली गई और इसे अमेरिका-ईरान के बीच युद्ध शुरू होने के बाद समुद्री जहाजों पर हूती हमले में पहली बड़ी जानलेवा घटना बताई जा रही है।

कच्चे तेल में उबाल

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव फिर गहराने पर कच्चे तेल में और उबाल आया जिसकी आंच स्टॉक मार्केट में भी महसूस हुई।। ग्लोबल ऑयल बेंचमार्क ब्रेंट क्रू़ड उछलकर प्रति बैरल $90 के करीब पहुंच चुका है।

आईटी-एफएमसीजी सेक्टर का दबाव

दिग्गज सरकारी बैंकों के शेयरों में आज खरीदारी का अच्छा रुझान दिख रहा और इसका निफ्टी इंडेक्ल 2% से अधिक ऊपर चढ़ा है। हालांकि मेटल को छोड़ इसे बाकी अहम सेक्टर्स से अच्छा सपोर्ट नहीं मिल पा रहा। आईटी और एफएमसीजी सेक्टर अधिक दबाव डाल रहे हैं जिनके निफ्टी इंडेक्स में करीब 1-1% की गिरावट है। निफ्टी मेटल में करीब 1% की बढ़त है तो निफ्टी रियल्टी आधे फीसदी से अधिक कमजोर है और निफ्टी प्राइवेट बैंक भी लाल है।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Adobe ने कम CGPA के चलते किया रिजेक्ट, Microsoft ने ₹90 लाख के पैकेज पर दी नौकरी; JIIT ग्रेजुएट की कहानी वायरल

इंजीनियरिंग कॉलेज में अच्छा CGPA अक्सर नौकरी की पहली सीढ़ी माना जाता है। कई कंपनियां कैंपस प्लेसमेंट के दौरान छात्रों के लिए न्यूनतम अंक की शर्त रखती हैं, ऐसे में कम CGPA वाले छात्रों के लिए शुरुआत में मौके सीमित हो जाते हैं। लेकिन नमन बंसल की कहानी इस सोच को थोड़ा अलग नजरिए से देखने पर मजबूर करती है। JIIT नोएडा से B.Tech करने वाले नमन का CGPA करीब 6 बताया जाता है और इसी वजह से वह कॉलेज में किसी कैंपस प्लेसमेंट में शामिल नहीं हो सके। इसके बावजूद उन्होंने अपनी Programming Skills को मजबूत किया और Competitive Programming में भी पहचान बनाई।

शुरुआत में उन्हें कई जगहों से रिजेक्शन मिला, लेकिन एक-एक अवसर उनके करियर को आगे बढ़ाता गया। MakeMyTrip और DE Shaw के बाद उन्होंने Adobe में काम किया और फिर Microsoft तक पहुंचे। सोशल मीडिया पोस्ट में उनकी मौजूदा सालाना Compensation करीब ₹90 लाख बताई गई है।

कॉलेज में एक भी प्लेसमेंट का मौका नहीं मिला

X पर Vikas Alwys की शेयर की गई पोस्ट के मुताबिक, नमन ने JIIT नोएडा से B.Tech किया और उनका CGPA करीब 6 रहा। कम स्कोर के चलते वह कॉलेज के दौरान किसी भी कैंपस प्लेसमेंट में शामिल नहीं हो सके। इसके बाद उन्होंने नौकरी के लिए अपनी तकनीकी क्षमताओं को मजबूत करने पर ध्यान दिया। खास तौर पर उनकी Programming Skills और Competitive Programming में उपलब्धियां चर्चा में रहीं। उन्होंने Codeforces पर Candidate Master रैंक भी हासिल की थी।

Adobe से मिला रिजेक्शन, फिर MakeMyTrip में मिली एंट्री

नौकरी की शुरुआत में नमन को कई जगहों से निराशा मिली। उन्होंने Adobe में इंटर्नशिप के लिए आवेदन किया था। बताया गया कि उन्होंने शुरुआती Technical Rounds अच्छे से पूरे किए, लेकिन कम CGPA की वजह से HR राउंड में उनका चयन नहीं हुआ। इसके बाद एक Referral के जरिए उन्हें MakeMyTrip में इंटर्नशिप मिली। यह अनुभव आगे उनके करियर में काफी काम आया।

MakeMyTrip के बाद DE Shaw और फिर Adobe

MakeMyTrip का अनुभव रिज्यूमे में जुड़ने के बाद नमन को DE Shaw में Full-Time Opportunity मिली। इसके बाद उनकी प्रोफाइल और मजबूत हुई। दिलचस्प बात यह रही कि जिस Adobe ने कभी कम CGPA के कारण उन्हें इंटर्नशिप नहीं दी थी, उसी कंपनी ने बाद में उन्हें Member of Technical Staff के पद पर नियुक्त किया।

अब Microsoft में SDE-2

Adobe में करीब दो साल काम करने के बाद नमन के Microsoft पहुंचने का दावा किया गया है। पोस्ट के अनुसार, वह फिलहाल Microsoft में SDE-2 के तौर पर काम कर रहे हैं और उनकी सालाना Compensation करीब ₹90 लाख है। हालांकि, यह सैलरी आंकड़ा सोशल मीडिया पोस्ट में किया गया दावा है।

सोशल मीडिया पर लोगों ने बताई बड़ी सीख

नमन की कहानी वायरल होने के बाद कई यूजर्स ने इसे लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी। लोगों का कहना है कि कम CGPA करियर की शुरुआत में कुछ अवसरों को रोक सकता है, लेकिन इससे किसी व्यक्ति की पूरी क्षमता तय नहीं होती। कई यूजर्स ने उनकी Coding Skills और लगातार मेहनत की तारीफ की। एक कमेंट में कहा गया कि CGPA उनकी कमजोरी थी, लेकिन Coding उनकी ताकत बन गई। उनकी कहानी से यही सीख मिलती है कि कमजोर अकादमिक रिकॉर्ड के बावजूद मजबूत Skills, Practical Experience और लगातार प्रयास करियर में बड़े मौके दिला सकते हैं।

IRCTC ने सावन के महीने में दिया भक्तो को नया तोहफा, सिरडी के साई बाबा के दर्शन करे इस सस्ते पैकेज से!

IRCTC ने श्रद्धालुओं के लिए एक खास टूर पैकेज पेश किया है। इस पैकेज के जरिए ट्रैवलर को महाराष्ट्र के तीन प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन कराए जाएंगे। यह पैकेज आपके लिए सुविधाजनक है, क्योंकि इसमें यात्रा के दौरान टिकट, होटल और आने-जाने की व्यवस्था को लेकर आपको अलग से ज्यादा भागदौड़ नहीं करनी होगी। मतलब एक ही पैकेज में यात्रा और दर्शन से जुड़ी कई सुविधाएं मिलेंगी।

 

 

ट्रैवल शेड्यूल

Shirdi Images – Browse 512 Stock Photos, Vectors, and Video | Adobe Stock

यह टूर कुल 5 दिन और 4 रातों का है। जर्नी हर गुरुवार को शुरू होगी और सोमवार को वापस लौटेंगे। सफर पुष्पक एक्सप्रेस (12533/12534) से होगा। पैसेंजर कानपुर सेंट्रल, उन्नाव, ऐशबाग, बादशाह नगर या गोमती नगर से ट्रेन पकड़ सकते हैं। गुरुवार शाम ट्रेन से निकलने के बाद रातभर सफर रहेगा और शुक्रवार दोपहर करीब 4:15 बजे मनमाड स्टेशन पहुंचेंगे।

 

 

दर्शनीय तीर्थ स्थल

Sanskar

मनमाड स्टेशन पहुंचने के बाद IRCTC की एसी गाड़ी पैसेंजर को शिरडी के होटल तक लेकर जाएगी। होटल में आराम करने के बाद शाम को साईं बाबा के दर्शन के लिए समय मिलेगा। शनिवार सुबह नाश्ते के बाद त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग और शनि शिंगणापुर मंदिर के दर्शन कराए जाएंगे। दर्शन के बाद वापस शिरडी के होटल में लौटकर आराम किया जा सकेगा। लेकिन दोपहर के खाने का खर्च पैसेंजर को खुद उठाना होगा।

 

 

 

पैकेज फैसिलिटीज

पैकेज में 2AC या थर्ड इकोनॉमी में आने-जाने का कन्फर्म ट्रेन टिकट शामिल है। शिरडी में दो रात होटल में ठहरने के साथ दोनों दिन सुबह का नाश्ता भी मिलेगा। स्टेशन से होटल और मंदिरों तक आने-जाने के लिए शेयरिंग बेस पर एसी गाड़ी की सुविधा रहेगी। पैसेंजर की सुरक्षा के लिए ट्रैवल इंश्योरेंस भी पैकेज में शामिल है। पैकेज की शुरुआती कीमत करीब ₹14,145 से ₹14,910 के बीच है।

 

 

कैंसिलेशन पॉलिसी

यात्रा से 15 दिन पहले टिकट कैंसिल करने पर सिर्फ ₹250 काटे जाएंगे। 8 से 14 दिन पहले कैंसिल करने पर कुल राशि का 25 प्रतिशत और 4 से 7 दिन पहले कैंसिल करने पर 50 प्रतिशत राशि काटी जाएगी। यदि ट्रिप में 4 दिन से कम समय बचा है, तो कैंसिलेशन पर कोई रिफंड नहीं मिलेगा। बुकिंग के लिए IRCTC Tourism की ऑफिशल वेबसाइट irctctourism.com पर जाकर सीट बुक की जा सकती है।

 

शिरडी, त्र्यंबकेश्वर और शनि शिंगणापुर जैसे पवित्र स्थलों के दर्शन करने के लिए यह टूर पैकेज परफेक्ट है। ट्रेन यात्रा, होटल, नाश्ता और घूमने की सुविधा एक ही पैकेज में मिलने से यात्रा की प्लानिंग आसान हो जाती है।