इंजीनियरिंग कॉलेज में अच्छा CGPA अक्सर नौकरी की पहली सीढ़ी माना जाता है। कई कंपनियां कैंपस प्लेसमेंट के दौरान छात्रों के लिए न्यूनतम अंक की शर्त रखती हैं, ऐसे में कम CGPA वाले छात्रों के लिए शुरुआत में मौके सीमित हो जाते हैं। लेकिन नमन बंसल की कहानी इस सोच को थोड़ा अलग नजरिए से देखने पर मजबूर करती है। JIIT नोएडा से B.Tech करने वाले नमन का CGPA करीब 6 बताया जाता है और इसी वजह से वह कॉलेज में किसी कैंपस प्लेसमेंट में शामिल नहीं हो सके। इसके बावजूद उन्होंने अपनी Programming Skills को मजबूत किया और Competitive Programming में भी पहचान बनाई।
शुरुआत में उन्हें कई जगहों से रिजेक्शन मिला, लेकिन एक-एक अवसर उनके करियर को आगे बढ़ाता गया। MakeMyTrip और DE Shaw के बाद उन्होंने Adobe में काम किया और फिर Microsoft तक पहुंचे। सोशल मीडिया पोस्ट में उनकी मौजूदा सालाना Compensation करीब ₹90 लाख बताई गई है।
कॉलेज में एक भी प्लेसमेंट का मौका नहीं मिला
X पर Vikas Alwys की शेयर की गई पोस्ट के मुताबिक, नमन ने JIIT नोएडा से B.Tech किया और उनका CGPA करीब 6 रहा। कम स्कोर के चलते वह कॉलेज के दौरान किसी भी कैंपस प्लेसमेंट में शामिल नहीं हो सके। इसके बाद उन्होंने नौकरी के लिए अपनी तकनीकी क्षमताओं को मजबूत करने पर ध्यान दिया। खास तौर पर उनकी Programming Skills और Competitive Programming में उपलब्धियां चर्चा में रहीं। उन्होंने Codeforces पर Candidate Master रैंक भी हासिल की थी।
Adobe से मिला रिजेक्शन, फिर MakeMyTrip में मिली एंट्री
नौकरी की शुरुआत में नमन को कई जगहों से निराशा मिली। उन्होंने Adobe में इंटर्नशिप के लिए आवेदन किया था। बताया गया कि उन्होंने शुरुआती Technical Rounds अच्छे से पूरे किए, लेकिन कम CGPA की वजह से HR राउंड में उनका चयन नहीं हुआ। इसके बाद एक Referral के जरिए उन्हें MakeMyTrip में इंटर्नशिप मिली। यह अनुभव आगे उनके करियर में काफी काम आया।
MakeMyTrip के बाद DE Shaw और फिर Adobe
MakeMyTrip का अनुभव रिज्यूमे में जुड़ने के बाद नमन को DE Shaw में Full-Time Opportunity मिली। इसके बाद उनकी प्रोफाइल और मजबूत हुई। दिलचस्प बात यह रही कि जिस Adobe ने कभी कम CGPA के कारण उन्हें इंटर्नशिप नहीं दी थी, उसी कंपनी ने बाद में उन्हें Member of Technical Staff के पद पर नियुक्त किया।
अब Microsoft में SDE-2
Adobe में करीब दो साल काम करने के बाद नमन के Microsoft पहुंचने का दावा किया गया है। पोस्ट के अनुसार, वह फिलहाल Microsoft में SDE-2 के तौर पर काम कर रहे हैं और उनकी सालाना Compensation करीब ₹90 लाख है। हालांकि, यह सैलरी आंकड़ा सोशल मीडिया पोस्ट में किया गया दावा है।
Meet Naman Bansal, who completed his https://t.co/Ws1j7hoGgc from JIIT Noida. This guy had a very low CGPA of just 6 overall, which made him unable to sit for a single placement in college. Today, he is an SDE-2 at Microsoft, earning ₹90 LPA
He was not even able to mention… pic.twitter.com/jqWr75Bjis
— Vikas Alwys (@VikasAlwys) August 11, 2026
सोशल मीडिया पर लोगों ने बताई बड़ी सीख
नमन की कहानी वायरल होने के बाद कई यूजर्स ने इसे लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी। लोगों का कहना है कि कम CGPA करियर की शुरुआत में कुछ अवसरों को रोक सकता है, लेकिन इससे किसी व्यक्ति की पूरी क्षमता तय नहीं होती। कई यूजर्स ने उनकी Coding Skills और लगातार मेहनत की तारीफ की। एक कमेंट में कहा गया कि CGPA उनकी कमजोरी थी, लेकिन Coding उनकी ताकत बन गई। उनकी कहानी से यही सीख मिलती है कि कमजोर अकादमिक रिकॉर्ड के बावजूद मजबूत Skills, Practical Experience और लगातार प्रयास करियर में बड़े मौके दिला सकते हैं।

