‘भारत में इंटरव्यू अमेरिका से ज्यादा कठिन, लेकिन सैलरी आधी’ टेक प्रोफेशनल का दावा, Reddit पोस्ट वायरल

भारत में टेक सेक्टर की नौकरी हासिल करना कई युवाओं के लिए किसी परीक्षा से कम नहीं होता। खासकर बड़ी टेक कंपनियों के इंटरव्यू में मुश्किल coding questions और कई दौर की technical screening उम्मीदवारों की अच्छी-खासी तैयारी करवा देती है। अब Reddit पर एक टेक प्रोफेशनल की पोस्ट ने इसी मुद्दे पर नई बहस छेड़ दी है।

पोस्ट करने वाले यूजर का कहना है कि भारत में टेक जॉब इंटरव्यू अमेरिका की तुलना में कहीं ज्यादा कठिन होते हैं, जबकि कई मामलों में मिलने वाली सैलरी काफी कम होती है। इस दावे के बाद Reddit पर टेक इंडस्ट्री से जुड़े लोगों ने अपने अनुभव साझा करने शुरू कर दिए।

‘भारत में इंटरव्यू ज्यादा मुश्किल

टेक प्रोफेशनल ने अपनी पोस्ट में लिखा कि भारत में होने वाले इंटरव्यू अमेरिका की तुलना में काफी कठिन हैं और इसके बदले मिलने वाला मुआवजा भी कम है। उसके मुताबिक अमेरिकी कंपनियां उम्मीदवार को परखते समय केवल coding skills पर निर्भर नहीं रहतीं। वहां practical experience, system design और behavioural skills को भी काफी महत्व दिया जाता है। इसके उलट भारत में कई कंपनियों के इंटरव्यू में कठिन algorithm और coding problems पर ज्यादा जोर दिया जाता है।

45 मिनट में दो Hard सवाल?

Reddit यूजर ने दावा किया कि भारत में कई कंपनियों के hiring process में उम्मीदवारों को कई coding rounds से गुजरना पड़ता है। उसने खास तौर पर दावा किया कि कुछ जगहों पर staff-level पदों के उम्मीदवारों से 45 मिनट में दो कठिन coding problems हल करने की उम्मीद की जाती है। यूजर के अनुसार, अमेरिका में senior candidates के लिए professional experience और system-design skills ज्यादा अहम हो सकती हैं, जबकि भारत में coding rounds का दबाव काफी ज्यादा दिखाई देता है।

क्या असली नौकरी और इंटरव्यू की तैयारी अलग-अलग चीजें हैं?

यही सवाल इस पूरी बहस के केंद्र में है। कई Reddit यूजर्स ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि मुश्किल coding problems हल करने में माहिर होना और असल दुनिया में किसी product या system को बनाने की क्षमता दो अलग चीजें हैं। एक यूजर ने दावा किया कि उसने ऐसे भारतीय उम्मीदवारों को देखा है जो coding questions में शानदार प्रदर्शन करते थे, लेकिन अपने वास्तविक काम को समझाने या system design पर चर्चा करने में संघर्ष करते थे। वहीं कुछ विदेशी उम्मीदवार experience-based सवालों में ज्यादा सहज नजर आए।

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‘इंटरव्यू कभी-कभी इंटरव्यूअर का शो बन जाता है’

एक अन्य यूजर ने भारतीय इंटरव्यू प्रक्रिया की आलोचना करते हुए कहा कि कई बार इंटरव्यू उम्मीदवार की क्षमता परखने से ज्यादा इंटरव्यू लेने वाले की अपनी समझ और ‘स्मार्टनेस’ दिखाने का मंच बन जाता है। उसका कहना था कि भारत में कुछ इंटरव्यू जरूरत से ज्यादा कठिन और वास्तविक नौकरी की जिम्मेदारियों से दूर होते हैं। खासकर तब, जब इंटरव्यू में उम्मीदवार को सीमित समय में ऐसे सवाल दिए जाएं जिनका रोजमर्रा के काम से सीधा संबंध न हो।

कुछ लोगों ने कहा- ‘मुश्किल है तो खुद को अपस्किल करो’

हालांकि Reddit पर हर कोई भारतीय इंटरव्यू प्रक्रिया के खिलाफ नहीं था। कुछ यूजर्स ने तर्क दिया कि अगर कंपनियां कठिन सवाल पूछने के बावजूद पर्याप्त उम्मीदवार खोज पा रही हैं, तो इसका मतलब है कि बाजार उस मॉडल को स्वीकार कर रहा है। एक यूजर ने कहा कि उम्मीदवारों को शिकायत करने के बजाय अपनी skills बेहतर करने पर ध्यान देना चाहिए, क्योंकि आने वाले समय में hiring bar कम होने की संभावना नहीं है।

(डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर यूज़र द्वारा शेयर किए गए कंटेंट पर आधारित है। मनीकंट्रोल इन दावों की न तो स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है और न ही इनका समर्थन करता है।)

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Adobe ने कम CGPA के चलते किया रिजेक्ट, Microsoft ने ₹90 लाख के पैकेज पर दी नौकरी; JIIT ग्रेजुएट की कहानी वायरल

इंजीनियरिंग कॉलेज में अच्छा CGPA अक्सर नौकरी की पहली सीढ़ी माना जाता है। कई कंपनियां कैंपस प्लेसमेंट के दौरान छात्रों के लिए न्यूनतम अंक की शर्त रखती हैं, ऐसे में कम CGPA वाले छात्रों के लिए शुरुआत में मौके सीमित हो जाते हैं। लेकिन नमन बंसल की कहानी इस सोच को थोड़ा अलग नजरिए से देखने पर मजबूर करती है। JIIT नोएडा से B.Tech करने वाले नमन का CGPA करीब 6 बताया जाता है और इसी वजह से वह कॉलेज में किसी कैंपस प्लेसमेंट में शामिल नहीं हो सके। इसके बावजूद उन्होंने अपनी Programming Skills को मजबूत किया और Competitive Programming में भी पहचान बनाई।

शुरुआत में उन्हें कई जगहों से रिजेक्शन मिला, लेकिन एक-एक अवसर उनके करियर को आगे बढ़ाता गया। MakeMyTrip और DE Shaw के बाद उन्होंने Adobe में काम किया और फिर Microsoft तक पहुंचे। सोशल मीडिया पोस्ट में उनकी मौजूदा सालाना Compensation करीब ₹90 लाख बताई गई है।

कॉलेज में एक भी प्लेसमेंट का मौका नहीं मिला

X पर Vikas Alwys की शेयर की गई पोस्ट के मुताबिक, नमन ने JIIT नोएडा से B.Tech किया और उनका CGPA करीब 6 रहा। कम स्कोर के चलते वह कॉलेज के दौरान किसी भी कैंपस प्लेसमेंट में शामिल नहीं हो सके। इसके बाद उन्होंने नौकरी के लिए अपनी तकनीकी क्षमताओं को मजबूत करने पर ध्यान दिया। खास तौर पर उनकी Programming Skills और Competitive Programming में उपलब्धियां चर्चा में रहीं। उन्होंने Codeforces पर Candidate Master रैंक भी हासिल की थी।

Adobe से मिला रिजेक्शन, फिर MakeMyTrip में मिली एंट्री

नौकरी की शुरुआत में नमन को कई जगहों से निराशा मिली। उन्होंने Adobe में इंटर्नशिप के लिए आवेदन किया था। बताया गया कि उन्होंने शुरुआती Technical Rounds अच्छे से पूरे किए, लेकिन कम CGPA की वजह से HR राउंड में उनका चयन नहीं हुआ। इसके बाद एक Referral के जरिए उन्हें MakeMyTrip में इंटर्नशिप मिली। यह अनुभव आगे उनके करियर में काफी काम आया।

MakeMyTrip के बाद DE Shaw और फिर Adobe

MakeMyTrip का अनुभव रिज्यूमे में जुड़ने के बाद नमन को DE Shaw में Full-Time Opportunity मिली। इसके बाद उनकी प्रोफाइल और मजबूत हुई। दिलचस्प बात यह रही कि जिस Adobe ने कभी कम CGPA के कारण उन्हें इंटर्नशिप नहीं दी थी, उसी कंपनी ने बाद में उन्हें Member of Technical Staff के पद पर नियुक्त किया।

अब Microsoft में SDE-2

Adobe में करीब दो साल काम करने के बाद नमन के Microsoft पहुंचने का दावा किया गया है। पोस्ट के अनुसार, वह फिलहाल Microsoft में SDE-2 के तौर पर काम कर रहे हैं और उनकी सालाना Compensation करीब ₹90 लाख है। हालांकि, यह सैलरी आंकड़ा सोशल मीडिया पोस्ट में किया गया दावा है।

सोशल मीडिया पर लोगों ने बताई बड़ी सीख

नमन की कहानी वायरल होने के बाद कई यूजर्स ने इसे लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी। लोगों का कहना है कि कम CGPA करियर की शुरुआत में कुछ अवसरों को रोक सकता है, लेकिन इससे किसी व्यक्ति की पूरी क्षमता तय नहीं होती। कई यूजर्स ने उनकी Coding Skills और लगातार मेहनत की तारीफ की। एक कमेंट में कहा गया कि CGPA उनकी कमजोरी थी, लेकिन Coding उनकी ताकत बन गई। उनकी कहानी से यही सीख मिलती है कि कमजोर अकादमिक रिकॉर्ड के बावजूद मजबूत Skills, Practical Experience और लगातार प्रयास करियर में बड़े मौके दिला सकते हैं।