Tata Sons Chairman N Chandrasekaran: आखिर कार्यकाल खत्म होने के 6 महीने पहले एन चंद्रशेखरन ने क्यों दे दिया इस्तीफा?

टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन के अचानक इस्तीफे ने चौंका दिया। 12 अगस्त की सुबह उन्होंने अपने इ्स्तीफे का ऐलान किया। इसका असर टाटा समूह की कंपनियों के शेयरों पर पड़ा। टाटा समूह देश का सबसे बड़ा कारोबारी समूह है। इसकी तीन दर्जन से ज्यादा कंपनियां शेयर बाजार में सूचीबद्ध हैं। इनमें टीसीएस, टाइटन, टाटा कंज्यूमर, टाटा मोटर्स जैसी दिग्गज कंपनियां हैं, जिनकी पहचान देश के घर-घर में है। चंद्रशेखरन का कार्यकाल 20 फरवरी, 2027 को खत्म हो रहा है। सवाल है कि चंद्रशेखरन ने अचानक क्यों इस्तीफा दे दिया?

टाटा समूह से 40 साल पुराना रिश्ता खत्म हो जाएगा

पहले एन चंद्रशेखरन के बारे में थोड़ा जान लेना जरूरी है। वह 1987 में टाटा समूह का हिस्सा बने थे। 2009 में उन्हें टाटा समूह की सबसे बड़ी कंपनी TCS का सीईओ नियुक्त किया गया। यह देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी भी है। फिर, 2017 में उन्हें टाटा संस का चेयरमैन नियुक्त किया गया। यह टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी है। टाटा संस का चेयरमैन एक तरह से पूरे ग्रुप का बॉस होता है। इसलिए टाटा संस के चेयरमैन के पद को समूह में सबसे अहम माना जाता है।

फरवरी में तीसरी बार नियुक्ति के प्रस्ताव पर टल गया था फैसला

इस साल फरवरी में चंद्रशेखरन को तीसरी बार टाटा संस का चेयरमैन नियुक्त करने के प्रस्ताव पर फैसला होना था। लेकिन, इस फैसले को तब टाल दिया गया। इसकी वजह नोएल टाटा का विरोध था। वह इस प्रस्ताव के खिलाफ थे। नोएल टाटा समूह की चैरिटी का काम देखने वाले टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन हैं। नोएल रतन टाटा के सौतेले भाई हैं। रतन टाटा के निधन के बाद वह टाटा समूह में सबसे पावरफुल हैं। रतन टाटा के निधन के बाद उन्हें टाटा ट्रस्ट्स का चेयरमैन नियुक्त किया गया था। टाटा ट्रस्ट्स की टाटा संस में नियंत्रण योग्य यानी आधा से ज्यादा हिस्सेदारी है। इसलिए टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन को सबसे ज्यादा पावरफुल माना जाता है।

टाटा समूह की नई लीडरशिप को लेकर अनिश्चितता थी

तीसरी बार नियुक्ति के प्रस्ताव पर फैसला टलने के छह महीने बाद भी यह मसला लंबित था। इसका मतलब है कि टाटा संस के नए लीडर को लेकर अनिश्चितता की स्थिति थी। चंद्रशेखरन का मानना है कि टाटा ग्रुप के भविष्य के लिए ऐसी अनिश्चितता ठीक नहीं है। इस समूह में करीब तीन दर्जन ऐसी कंपनियां हैं, जो शेयर बाजार में लिस्टेड है। इन कंपनियों के शेयरों में लाखों निवेशकों का पैसा लगा है। टाटा का ब्रांड न सिर्फ भारत में बल्कि विदेश में भी काफी प्रतिष्ठित है। देश के करोड़ों लोग इस ब्रांड पर भरोसा करते हैं।

18 अगस्त को होने वाली है टाटा संस के बोर्ड की मीटिंग

चंद्रशेखरन ने काफी विचार करने के बाद अपने पद से इस्तीफा देने का फैसला लिया। इकोनॉमिक टाइम्स की 12 अगस्त की एक खबर में बताया गया कि चंद्रशेखरन 18 अगस्त से पहले इस्तीफा देना चाहते थे। इस बारे में उन्होंने अपने करीब लोगों से चर्चा की थी। दरअसल, 18 अगस्त को टाटा संस की एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) होनी है। इस मीटिंग में शेयरहोल्डर को चंद्रशेखरन की तीसरी बार चेयरमैन पद पर नियुक्ति के प्रस्ताव पर वोटिंग करनी थी।

बोर्ड का एक सदस्य तीसरी बार नियुक्ति के प्रस्ताव के खिलाफ

चंद्रशेखरन ने इस्तीफे के बाद जो बयान दिया है, उससे यह संकेत मिलता है कि उन्हें तीसरी बार कार्यकाल बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी मिलने का भरोसा नहीं था। उन्होंने बयान में कहा है, “तीसरी बार मेरी नियुक्ति के प्रस्ताव पर फैसला नहीं हो सका, क्योंकि बोर्ड का एक सदस्य का समर्थन प्रस्ताव को हासिल नहीं था।”

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टाटा समूह के हित में पद से इस्तीफा देने का लिया फैसला

उन्होंने कहा कि प्रस्ताव पर फैसला टलने के 6 महीने बाद भी इस मसले का समाधान नहीं हो सका है। उन्हें टाटा समूह जैसे कारोबारी समूह की लीडरशिप को लेकर ऐसी अनिश्चितता पसंद नहीं थी। उनका मानना था कि यह टाटा समूह के भविष्य के लिए ठीक नहीं है। इसलिए उन्होंने एजीएम से पहले इस्तीफा देने का फैसला किया।

Godrej Consumer Share Price: गोदरेज कज्यूमर का शेयर क्रैश, क्या यह निवेशकों के लिए खरीदारी का बड़ा मौका है?

Godrej Consumer Share Price: गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स का शेयर 12 अगस्त को बाजार खुलते ही क्रैश कर गया। इसकी वजह कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर एवं सीईओ सुधीर सीतापति का अचानक इस्तीफा है। एक समय शेयर 10 फीसदी गिरकर 922.5 रुपये पर आ गया था। लेकिन, बाद में थोड़ा संभला। 10:45 बजे यह 9.52 फीसदी गिरकर 928.10 रुपये पर चल रहा था। इस साल यह शेयर अब तक 25 फीसदी से ज्यादा गिर चुका है। इस दौरान निफ्टी 50 में 6.4 फीसदी गिरावट आई है।

जेफरीज और सिटी की शेयरों में निवेश की सलाह

सीतापति का इस्तीफा तुरंत प्रभाव से लागू हो गया। आसिफ मलबरी को उनकी जगह नियुक्त कर दिया गया है। अचानक कंपनी की लीडरशिप में आए इस बदलाव पर ब्रोकरेज फर्मों ने अलग-अलग तरह से प्रतिक्रिया दी है। जेफरीज और सिटी ने शेयर को खरीदने (buy) की अपनी सलाह बनाए रखी है। एचएसबीसी ने शेयर पर अपनी रेटिंग घटाकर ‘होल्ड’ कर दी है। सीएलएसए ने शेयर पर ‘अंडरपर्फॉर्म’ की रेटिंग दी है। हालांकि, ब्रोकरेज फर्मों का मानना है कि नई लीडरशिप की वजह से कंपनी की स्ट्रेटेजी में बदलाव नहीं होगा।

जेफरीज ने दिया 1400 रुपये का टारगेट प्राइस

जेफरीज ने गोदरेज कंज्यूमर के शेयर के लिए 1,400 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। इसका मतलब है कि 11 अगस्त के क्लोजिंग प्राइस से यह शेयर करीब 36 फीसदी चढ़ सकता है। ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि नए सीईओ को एग्जिक्यूशन को मजबूत बनाने के साथ ही फैसले लेने की प्रक्रिया को तेज करना होगा। नए बिजनेस पर फोकस करने के साथ ही कंपनी को अपने पुराने इनसेक्टिसाइड्स और सोप बिजनेस पर ध्यान देना होगा।

सिटी ने भी दी शेयर में निवेश की सलाह

Citi ने भी शेयर को खरीदने की सलाह दी है। उसने शेयर के लिए 1,350 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। हालांकि, उसने कहा है कि लीडरशिप में बदलाव का असर स्टॉक पर शॉर्ट टर्म में पड़ सकता है। हालांकि, मलबरी की नियुक्ति से कंपनी की स्ट्रेटेजी की दिशा अपरिवर्तित रहेगी। कंपनी के FY27 के गाइडेंस और स्ट्रेटेजिक डायरेक्शन अपरिवर्तित रहेंगे।

एचएसबीसी ने रेटिंग घटाकर होल्ड किया

HSBC ने शेयर को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी है। उसने शेयर पर रेटिंग घटाकर होल्ड कर दी है। शेयर के लिए 1,120 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। उसने कहा है कि अचानक सीतापति के इस्तीफे से एग्जिक्यूशन को लेकर अनिश्चितता बनी है। ब्रोकरेज फर्म ने स्टॉक का वैल्यूएशन मल्टीपल भी घटाया है। टारगेट प्राइस-टू-अर्निंग्स मल्टीपल को 45 गुना से घटाकर 40 गुना कर दिया है।

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सीएलएसए के मुताबिक शेयर 25% गिर सकता है

CLSA का रुख इस शेयर को लेकर और सावधानी भरा है। उसने शेयर पर ‘अंडरपरफॉर्म’ की रेटिंग बनाए रखी है। उसने शेयर के लिए 772 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। इसका मतलब है कि यह शेयर 11 अगस्त के क्लोजिंग प्राइस से करीब 25 फीसदी गिर सकता है। ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि पर्सनल वॉश और होम इनसेक्टिसाइड्स में कंपनी के लिए चुनौतियां बनी हुई हैं।

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Share Market Crash: 370 प्वाइंट्स टूटा Sensex, सरकारी बैंकों की चमक नहीं थाम पाई गिरावट, 24400 के नीचे आया Nifty

Share Market Crash: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव गहराने पर मार्केट में कोहराम मच गया। सेंसेक्सन 370 प्वाइंट्स से अधिक टूट गया तो निफ्टी भी फिसलकर 24350 के करीब आ गया। ब्रोडर लेवल पर भी दबाव दिख रहा है। निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप लाल है। अब घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 10:30 AM पर सेंसेक्स (Sensex) 314.12 प्वाइंट्स यानी 0.40% की गिरावट के साथ 77,840.13 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 96.75 प्वाइंट्स यानी 0.40% की फिसलन के साथ 24,374.95 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 370.21 प्वाइंट्स टूटकर 77,784.04 और निफ्टी 114.20 प्वाइंट्स गिरकर 24,357.50 तक आ गया था।

Share Market Crash: ये है वजह

अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ता तनाव

होर्मुज जलडमरूमध्य पर स्थिति सामान्य होने को लेकर अनिश्चितता ने मार्केट पर दबाव बनाया है। एक तरफ ट्रंप दावा कर रहे हैं कि होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिका का पूरा नियंत्रण है लेकिन ईरान का इससे इनकार है। इसके अलावा एक-दूसरे की मुआवजे की मांग ने दोनों देशों के बीच सुलह का रास्ता और मुश्किल कर दिया है। यमन के हूती विद्रोहियों के कमर्शियल जहाज पर हमले ने तनाव बढ़ा दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस हमले में चार क्रू सदस्यों की जान चली गई और इसे अमेरिका-ईरान के बीच युद्ध शुरू होने के बाद समुद्री जहाजों पर हूती हमले में पहली बड़ी जानलेवा घटना बताई जा रही है।

कच्चे तेल में उबाल

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव फिर गहराने पर कच्चे तेल में और उबाल आया जिसकी आंच स्टॉक मार्केट में भी महसूस हुई।। ग्लोबल ऑयल बेंचमार्क ब्रेंट क्रू़ड उछलकर प्रति बैरल $90 के करीब पहुंच चुका है।

आईटी-एफएमसीजी सेक्टर का दबाव

दिग्गज सरकारी बैंकों के शेयरों में आज खरीदारी का अच्छा रुझान दिख रहा और इसका निफ्टी इंडेक्ल 2% से अधिक ऊपर चढ़ा है। हालांकि मेटल को छोड़ इसे बाकी अहम सेक्टर्स से अच्छा सपोर्ट नहीं मिल पा रहा। आईटी और एफएमसीजी सेक्टर अधिक दबाव डाल रहे हैं जिनके निफ्टी इंडेक्स में करीब 1-1% की गिरावट है। निफ्टी मेटल में करीब 1% की बढ़त है तो निफ्टी रियल्टी आधे फीसदी से अधिक कमजोर है और निफ्टी प्राइवेट बैंक भी लाल है।

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खुलने वाला है बड़ा मौका! ब्लैकस्टोन के निवेश वाली कंपनी का ₹2,600 करोड़ का आईपीओ जल्द, जानिए डेट्स और पूरी डिटेल

Horizon Industrial Parks IPO Details: ग्लोबल अल्टरनेटिव एसेट मैनेजमेंट फर्म ब्लैकस्टोन समर्थित भारत की सबसे बड़ी औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स बुनियादी ढांचा ऑपरेटर ‘होराइजन इंडस्ट्रियल पार्क’ ने रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज के पास अपना रेड हेरिंग प्रोस्पेक्टस (RHP) दाखिल कर दिया है। इसके साथ ही कंपनी ने ऐलान किया है कि उसका ₹2,600 करोड़ का आईपीओ आगामी 17 अगस्त को दलाल स्ट्रीट पर उतरेगा।

यह अगले हफ्ते खुलने वाला चौथा मेनबोर्ड का आईपीओ होगा। इससे पहले ललिता ज्वैलरी मार्ट, सनशाइन पिक्चर्स और शंखेश ज्वैलर्स के आईपीओ भी कतार में हैं।

आईपीओ की महत्वपूर्ण तारीखें

  • एंकर बुक: 14 अगस्त 2026
  • आईपीओ ओपनिंग डेट: 17 अगस्त 2026
  • आईपीओ क्लोजिंग डेट: 19 अगस्त 2026
  • शेयर अलॉटमेंट फाइनल होना: 20 अगस्त 2026
  • शेयरों की लिस्टिंग: 24 अगस्त 2026

प्राइस बैंड की घोषणा 12 अगस्त को की जाएगी। इस आईपीओ में कोई भी ऑफर-फॉर-सेल (OFS) कंपोनेंट नहीं है, यानी पूरा इश्यू पूरी तरह से फ्रेश इश्यू है।

इश्यू साइज और रिजर्वेशन

कंपनी ने कर्मचारियों के लिए ₹5 करोड़ तक के शेयर आरक्षित किए हैं। इसके अलावा नेट इश्यू का स्ट्रक्चर इस तरह रहेगा:

  • संस्थागत निवेशक (QIB): अधिकतम 75 प्रतिशत हिस्सा
  • गैर-संस्थागत निवेशक (NII): 15 प्रतिशत हिस्सा
  • रिटेल निवेशक: शेष 10 प्रतिशत हिस्सा

कंपनी का बिजनेस और प्रमोटर होल्डिंग

हॉरिजन इंडस्ट्रियल पार्क देश के प्रमुख कंजम्पशन और इंडस्ट्रियल हब (जैसे- दिल्ली-NCR, मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई, पुणे, हैदराबाद, अहमदाबाद और नागपुर) में 45 संपत्तियों के जरिए 58.58 मिलियन वर्ग फीट में फैला हुआ मजबूत नेटवर्क प्रदान करता है।

इसकी प्रमोटर फर्म ब्लैकस्टोन अपनी तीन सहयोगी संस्थाओं के माध्यम से कंपनी में 88.74% हिस्सेदारी रखती है। इसके अलावा राधाकिसन दमानी, 360 ONE और एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस जैसे पब्लिक शेयरधारकों की इसमें 11.26% हिस्सेदारी है।

फंड का इस्तेमाल कैसे होगा?

कंपनी इस आईपीओ के जरिए जुटाए गए पैसों का मुख्य रूप से कर्ज चुकाने के लिए इस्तेमाल करेगी। नेट इश्यू से मिलने वाले फंड में से ₹2,250 करोड़ का उपयोग कंपनी अपने कंसोलिडेटेड बकाया कर्ज (जो कि कुल ₹6,884.3 करोड़ है) को चुकाने में करेगी। बाकी बची हुई रकम का इस्तेमाल सामान्य कॉरपोरेट कामकाज के लिए किया जाएगा।

फाइनेंशियल परफॉर्मेंस

वित्तीय मोर्चे पर बात करें तो हॉरिजन इंडस्ट्रियल पार्क अभी एक घाटे में चल रही कंपनी है और इसका घाटा बढ़ रहा है। मार्च 2026 को समाप्त हुए वित्त वर्ष में कंपनी का शुद्ध घाटा बढ़कर ₹203.6 करोड़ हो गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह ₹178.7 करोड़ था। हालांकि, इसी अवधि के दौरान कंपनी का रेवेन्यू 77.1% उछलकर ₹691.4 करोड़ पर पहुंच गया, जो पिछले साल ₹390.3 करोड़ था।

इस आईपीओ के प्रबंधन के लिए कंपनी ने जेएम फाइनेंशियल, एक्सिस कैपिटल, आईआईएफएल कैपिटल सर्विसेज, एसबीआई कैपिटल मार्केट्स और 360 ONE WAM को मर्चेंट बैंकर नियुक्त किया है।

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Market cues : मार्केट का ओवरऑल स्ट्रक्चर पॉजिटिव, रिकवरी आने पर 24600-24700 पर दिखेगा रेजिस्टेंस

Trade setup for today : 11 अगस्त को निफ्टी में रेंज-बाउंड ट्रेडिंग के बीच 0.50 फीसदी की गिरावट देखने को मिली। इंट्राडे में यह 4 अगस्त की रेंज के निचले स्तर यानी 24,430 के करीब पहुंच गया था। इसके बावजूद, मार्केट का ओवरऑल स्ट्रक्चर पॉजिटिव बना हुआ है। लेकिन कमजोर मोमेंटम इंडिकेटर्स कंसोलिडेशन जारी रहने के संकेत दे रहे हैं। तेल की बढ़ती कीमतों ने भी मार्केट को थोड़ा सतर्क कर दिया है। मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर निफ्टी मंगलवार की रेंज से नीचे गिरता है और वहीं बना रहता है तो 24,350 (50-डे EMA) और 24,200 (100-डे EMA) के स्तर तक गिरावट की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि,अगर इसमें रिकवरी आती है तो 24,600-24,700 की रेंज में रेजिस्टेंस देखने को मिल सकता है।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल

पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 24,436, 24,401 और 24,345

पिवट प्वांइट पर आधारित रजिस्टेंस : 24,549, 24,584 और 24,640

डेली चार्ट पर निफ्टी ने कल एक बड़ी बेयरिश कैंडल बनाई, जिसमें नीचे की तरफ एक छोटी शैडो देखने को मिली। इससे पता चलता है कि रेंज बाउंड ट्रेडिंग के बीच बिकवाली का दबाव बना रहा। हालिया की तेजी के बाद इंडेक्स 23.6 प्रतिशत फिबोनाची रिट्रेसमेंट लेवल से थोड़ा नीचे आ गया है, लेकिन फिर भी सभी अहम मूविंग एवरेज से काफी ऊपर ट्रेड कर रहा है। RSI गिरकर 56.1 पर आ गया और इसमें ‘बेयरिश क्रॉसओवर’ देखने को मिला। जबकि MACD सिग्नल लाइन की ओर नीचे झुका और लगातार चौथे सेशन में हिस्टोग्राम पर हरा बार फीका पड़ गया। इन सभी बातों से मोमेंटम में सुस्ती और तेजड़ियों की ताकत कमजोर होने का संकेत मिल रहे हैं।

बैंक निफ्टी (57,446) के लिए अहम लेवल

पिवट प्वाइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 57,575, 57,681 और 57,853

पिवट प्वाइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 57,232, 57,126 और 56,955

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 59,247, 61,787

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 57,305, 56,441

डेली टाइमफ्रेम पर बैंक निफ्टी ने लॉन्ग लोअर शैडो वाली एक बेयरिश कैंडल बनाई, जिससे पता चलता है कि निचले स्तरों पर खरीदारी आई है। इंडेक्स ने जुलाई के निचले स्तर से हालिया रैली के 50 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट और 50-डे EMA पर सपोर्ट लिया और उन स्तरों से रिकवर होकर दिन के निचले स्तर के पास 0.42 फीसदी की गिरावट के साथ बंद हुआ। इंडेक्स अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे बंद हुआ,लेकिन मीडियम और लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेज से ऊपर बना रहा। RSI गिरकर 49.95 पर आ गया और इसमें नेगेटिव क्रॉसओवर नजर आया। जबकि MACD में बेयरिश क्रॉसओवर दिखा और पिछले पांच सेशन में पहली बार हिस्टोग्राम लाल हो गया।

ये सभी इंडीकेटर बताते हैं कि नियर टर्म में तेजी की रफ़्तार धीमी पड़ सकती है और बाजार का रुख़ ‘साइडवेज़’ से ‘बेयरिश’ हो सकता है। हालांकि,अहम सपोर्ट लेवल से हुई रिकवरी यह बताती है कि निचले स्तरों से खरीदारी आ रही है।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

11 अगस्त को विदेशी संस्थागत निवेशकों ने लगातार तीसरे सेशन में ₹258 करोड़ के शेयर खरीदे और वे नेट बायर बने रहे,जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने भी भारतीय इक्विटी मार्केट में लगभग ₹25 करोड़ का निवेश किया और वे भी खरीदार बने रहे।

इंडिया VIX

मार्केट में होने वाले उतार-चढ़ाव को मापने वाला वोलैटिलिटी इंडेक्स India VIX कल 3.18% गिरकर 11.85 पर आ गया और 27 जुलाई से अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे बना हुआ है। यह बाजार में बुल्स के लिए सपोर्ट और अनिश्चितता कम होने का संकेत है।

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 11 अगस्त को पिछले सेशन के 0.99 से बढ़कर 1.00 हो गया। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: बंधन बैंक और SAIL

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: कोई नहीं

 

 

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

 

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Stock Market: क्रूड की तेजी क्या बिगाड़ेगी बाजार का खेल, गिफ्ट निफ्टी से लेकर जानें संकेत दे रहे है ग्लोबल बाजार

GIFT Nifty Indicator: भारतीय बाजारों के लिए आज भी सुस्त संकेत मिल रहे है। गिफ्ट निफ्टी फ्लैट कामकाज कर रहा है।  FIIs की कैश में हल्की खरीदारी हुई, लेकिन वायदा में बिकवाली रही।  नेट शॉर्ट कॉन्ट्रैक्ट भी थोड़े बढ़े है।  हालांकि निवेशक US महंगाई के अहम आंकड़ों से पहले सतर्क हैं। मिले-जुले एशियाई बाज़ार, वॉल स्ट्रीट में रात भर की गिरावट और कच्चे तेल की कीमतों में और बढ़ोतरी से बढ़त सीमित रह सकती है।

सुबह 7:50 बजे GIFT Nifty 40 अंक या 0.16 फीसदी बढ़कर 24,555.5 पर ट्रेड कर रहा था, जिससे संकेत मिलता है कि Nifty 50 मंगलवार के 24,471.70 के क्लोजिंग स्तर से ऊपर खुल सकता है। घरेलू बाज़ार पिछले सत्र में गिरावट के बाद रिकवरी की कोशिश करेगा। मंगलवार को कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और भू-राजनीतिक अनिश्चितता के बीच Sensex 388.19 अंक या 0.49 प्रतिशत गिरकर 78,154.25 पर बंद हुआ, जबकि Nifty 112.10 अंक या 0.46 प्रतिशत गिरकर 24,471.70 पर आ गया।

US महंगाई के आंकड़ों पर सबकी नजर

ग्लोबल निवेशक जुलाई के लिए US कंज्यूमर प्राइस इन्फ्लेशन (महंगाई) रिपोर्ट का इंतज़ार कर रहे हैं, जो बुधवार को आएगी। इससे फेडरल रिज़र्व के अगले ब्याज दर कदम के बारे में नए संकेत मिल सकते हैं। इस अनिश्चितता के कारण बुधवार को एशियाई कारोबार में US इक्विटी-इंडेक्स फ्यूचर्स में कोई खास बदलाव नहीं हुआ।

एशियाई बाज़ार मिले-जुले, टेक्नोलॉजी शेयरों में बढ़त

US महंगाई के आंकड़ों से पहले भू-राजनीतिक तनाव और अनिश्चितता के बीच एशियाई बाज़ारों में सतर्कता के साथ कारोबार हुआ, हालांकि टेक्नोलॉजी शेयरों में बढ़त से कुछ सहारा मिला। MSCI का एशिया-पैसिफिक इक्विटी गेज 0.4 प्रतिशत बढ़ा, जबकि दक्षिण कोरिया का टेक्नोलॉजी-हैवी कोस्पी (Kospi) मज़बूत कॉर्पोरेट नतीजों की बदौलत 2.8 प्रतिशत उछला।

अन्य जगहों पर, जापान का Topix 0.4 प्रतिशत बढ़ा, जबकि Nikkei 225 फ्यूचर्स 0.3 प्रतिशत गिर गया। ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 0.5 प्रतिशत गिरा, हांगकांग का Hang Seng 0.8 प्रतिशत गिरा और शंघाई कंपोजिट में कोई खास बदलाव नहीं हुआ। मिडिल ईस्ट में तनाव की चिंताओं के बीच

वॉल स्ट्रीट में गिरावट

मंगलवार को अमेरिकी शेयर बाजार में गिरावट आई क्योंकि निवेशकों को उस समझौते की उम्मीद कम हो गई जिससे मिडिल ईस्ट में तनाव कम हो सकता था और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) फिर से खुल सकता था। ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के नए नियुक्त सेक्रेटरी ने कहा कि जब तक अमेरिका अपना व्यवहार नहीं बदलता और युद्ध खत्म करने के लिए तेहरान की शर्तें नहीं मानता, तब तक यह जलडमरूमध्य बंद रहेगा। इससे समझौते की उम्मीदें और कम हो गई।

S&P 500 में 0.32 प्रतिशत, नैस्डैक कम्पोजिट में 0.6 प्रतिशत और डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज में 0.34 प्रतिशत की गिरावट आई।

ब्रेंट क्रूड $90 के करीब पहुंचा

भारतीय शेयरों के लिए कच्चा तेल (क्रूड ऑयल) एक बड़ा जोखिम बना हुआ है। बुधवार को कीमतों में हालिया तेजी जारी रही, क्योंकि अमेरिका-ईरान शांति समझौते की उम्मीदें कम हो रही हैं और दो जहाजों पर हमलों के बाद सप्लाई में रुकावट की चिंताएं हैं। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 0.81 प्रतिशत बढ़कर $89.63 प्रति बैरल हो गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड 0.85 प्रतिशत बढ़कर $83.91 पर पहुंच गया।

मंगलवार को दोनों बेंचमार्क $1 से अधिक बढ़कर 31 जुलाई के बाद के अपने उच्चतम क्लोजिंग स्तर पर बंद हुए थे। सोमवार को इनमें लगभग 5 प्रतिशत की तेजी आई थी, जिसके बाद यह बढ़त जारी रही।

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, फ्लैट हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stocks to Watch: इंट्रा-डे में आज कहां बनेगा प्रॉफिट? दो लिस्टिंग और L&T, Manappuram समेत इन स्टॉक्स पर फोकस

Stocks to Watch: एशियाई बाजारों से मिले-जुले रुझानों के बीच गिफ्ट निफ्टी से आज घरेलू मार्केट में ग्रीन शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी फिलहाल 45.50 प्वाइंट्स यानी 0.19% की बढ़त के साथ 24,561.00 पर है। एक कारोबारी दिन पहले 11 अगस्त को निफ्टी की वीकली एक्सपायरी के दिन सेंसेक्स (Sensex) 388.19 प्वाइंट्स यानी 0.49% की गिरावट के साथ 78,154.25 और निफ्टी 112.10 प्वाइंट्स यानी 0.46% की फिसलन के साथ 24,471.70 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

आज इन कंपनियों के नतीजे होंगे पेश

टाटा मोटर्स, ग्रासिम इंडस्ट्रीज, अपोलो हॉस्पिटल्स एंटरप्राइज, लेन्सकार्ट सॉल्यूशंस, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL), अरविंद, एस्ट्रल, आदित्य इन्फोटेक, EID पैरी इंडिया, EMS, GMR एयरपोर्ट्स, इंडिक्यूब स्पेस, IRCTC, ज्योति लैब्स, नेशनल फर्टिलाइजर्स, पेट्रोनेट एलएनजी, एसकेएफ इंडिया, सन टीवी नेटवर्क, टीटागढ़ रेल सिस्टम्स, VIP इंडस्ट्रीज, वीके टेक वाबाग और यात्रा ऑनलाइन आज कारोबारी नतीजे पेश करेंगी।

इन कंपनियों के रिजल्ट पेश

Bata India Q1 (Consolidated YoY)

जून तिमाही में सालाना आधार पर बाटा इंडिया का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 23.04% उछलकर ₹63.98 करोड़ और रेवेन्यू 3.9% बढ़कर ₹978.9 करोड़ पर पहुंच गया। साथ ही बोर्ड ने हर शेयर पर ₹25 के अंतरिम डिविडेंड को मंजूरी दी है।

Manappuram Finance Q1 (Consolidated YoY)

जून तिमाही में सालाना आधार पर मणप्पुरम फाइनेंस का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 4 गुना से अधिक बढ़कर ₹138.4 करोड़ से ₹584.6 करोड़ और NII (नेट इंटेरेस्ट इनकम) 28.1% बढ़कर ₹1,723.7 करोड़ पर पहुंच गया। साथ ही फाइनेंशियल इंस्ट्रूमेंट्स पर इमपेयरमेंट 60.6% घटकर ₹225.5 करोड़ पर आ गया।

RHI Magnesita India Q1 (Consolidated YoY)

जून तिमाही में सालाना आधार पर आरएचआई मैग्नेसिटा इंडिया का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 83.2% उछलकर ₹64.6 करोड़ और रेवेन्यू 5.6% बढ़कर ₹1,014 करोड़ पर पहुंच गया।

Tribhovandas Bhimji Zaveri Q1 (Consolidated YoY)

जून तिमाही में सालाना आधार पर त्रिभोवनदास भीमजी जावेरी का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 50.8% उछलकर ₹33.92 करोड़ और रेवेन्यू 34.8% बढ़कर ₹840.97 करोड़ पर पहुंच गया।

PI Industries Q1 (Consolidated YoY)

जून तिमाही में सालाना आधार पर पीआई इंडस्ट्रीज का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 39% घटकर ₹244.2 करोड़ और रेवेन्यू 10.4% फिसलकर ₹1,702.3 करोड़ पर आ गया।

Linde India Q1 (Consolidated YoY)

जून तिमाही में सालाना आधार पर लिंडे इंडिया का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 2.4% घटकर ₹104.6 करोड़ पर आ गया लेकिन इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू 21.6% फिसलकर ₹694.4 करोड़ पर पहुंच गया। साथ ही बोर्ड ने विकास डोकनिया को सीएफओ बनाया है जोकि 15 सितंबर से प्रभावी होगा।

Landmark Cars Q1 (Consolidated YoY)

जून तिमाही में सालाना आधार पर लैंडमार्क कार्स का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 110.5% उछलकर ₹14.5 करोड़ और रेवेन्यू 22.7% बढ़कर ₹1,302.4 करोड़ पर पहुंच गया।

JSW Dulux Q1 (Consolidated YoY)

जून तिमाही में सालाना आधार पर जेएसडब्ल्यू ड्यूलक्स का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 12.4% गिरकर ₹79.7 करोड़ और रेवेन्यू 2.8% फिसलकर ₹965 करोड़ पर आ गया।

Stocks To Watch: इन स्टॉक्स पर भी रहेगी नजर

Tenneco Clean Air India

सीएनबीसी-टीवी18 की सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट के मुताबिक टेनेको क्लीन एयर इंडिया की प्रमोटर एंटिटी टेनेको मॉरीशस ब्लॉक डील्स के जरिए अपनी 8% हिस्सेदारी बेच सकती है जिसमें 2% हिस्सेदारी बेचने का विकल्प भी शामिल है। इसका फ्लोर प्राइस प्रति शेयर ₹515 और बेस ऑफर साइज ₹1663 करोड़ है।

Zydus Lifesciences

जाइडस लाइफसाइंसेज की सब्सिडियरी सेंटिनल थेरेप्यूटिक्स और मेरेओ बायोफार्मा ग्रुप पीएलसी ने AATD-LD के लिए एल्वेलेस्टैट (Alvelestat) के अमेरिकी कमर्शियलाइजेशन और ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग राइट्स के लिए एक ऑप्शन और लाइसेंस एग्रीमेंट किया है। एल्वेलेस्टैट एक न्यूट्रोफिल इलास्टेस इनहिबिटर है, जिसके फेज 3 ट्रायल की तैयारी चल रही है। अगर इसे मंजूरी मिल जाती है, तो यह फेफड़ों की रेयर और तेजी से बढ़ने वाली जेनेटिक बीमारी के लिए पहला ओरल ट्रीटमेंट होगा। इस ऑप्शन और लाइसेंस एग्रीमेंट के तहत सेंटिनल को अमेरिका में AATD-LD के लिए एल्वेलेस्टैट को कमर्शियलाइज करने का एक्सक्लूसिव लाइसेंस राइट्स मिलेगा, जबकि मेरेओ के पास बाकी दुनिया में कमर्शियल राइट्स बने रहेंगे।

BEML

बीईएमएल को हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) से लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर (LCH) के फ्यूजलेज एयरोस्ट्रक्चर के निर्माण और सप्लाई के लिए ₹184.25 करोड़ का ऑर्डर मिला है।

HG Infra Engineering

एचजी इंफ्रा इंजीनियरिंग को राजस्थान सरकार से पीएम सेतु के कंपोनेंट-1 के तहत आईटीआई भिवाड़ी क्लस्टर के O&M (ऑपरेशन एंड मैनेजमेंट) के लिए लेटर ऑफ अवार्ड (LoA) मिला है। ₹241 करोड़ की अनुमानित लागत में इसकी हिस्सेदारी 17.10% है।

Larsen and Toubro (L&T)

एलएंडटी ने अपनी सब्सिडियरी Vyoma.AI के साथ एक बिजनेस ट्रांसफर एग्रीमेंट किया है। इसके तहत यह अपना डेटा सेंटर और क्लाउड सर्विस बिजनेस ₹1,400 करोड़ में व्योमा को गोइंग-कंसर्न बेसिस पर स्लंप सेल के जरिए ट्रांसफर करेगी।

KFin Technologies

केफिन टेक ने वित्तीय संस्थानों की बेहतरीन फर्जीवाड़े को गलत तरीके से सही मान लेना या सही सिग्नेचर को भी गलत तरीके से रिजेक्ट करने जैसी ऑपरेशनल खामियों को दूर करने के लिए एक एजेंटिक एआई सॉल्यूशन Klarity लॉन्च किया है।

Diamond Power Infrastructure

डायमंड पावर इंफ्रा को को राजेश पावर सर्विसेज से कुल ₹195.48 करोड़ के दो ऑर्डर मिले हैं। इसके तहत कंपनी को गुजरात में SDMF (स्टेट डिजास्टर मिटिगेशन फंड) स्कीम और सिस्टम इंप्रूवमेंट (अर्बन अंडरग्राउंड) प्रोग्राम के तहत PGVCL (पश्चिम गुजरात विज कंपनी लिमिटेड) के प्रोजेक्ट्स के लिए 11 kV मीडियम वोल्टेज (MV) अंडरग्राउंड पावर केबल की सप्लाई करना है। इस पर कंपनी को 12 महीनों में काम पूरा करना है।

बल्क और ब्लॉक डील्स

Metropolis Healthcare

प्रमोटर एंटिटी डुरू शाह फैमिली ट्रस्ट और मेट्ज एडवाइजरी ने मेट्रोपोलिस हेल्थकेयर के 10.5-10.5 लाख शेयर कुल ₹118.44 करोड़ में ₹564 के भाव पर बेचे। ये शेयर कुल मिलाकर कंपनी में 1.01% हिस्सेदारी के बराबर थे। इनमें से आदित्य बिड़ला सन लाइफ म्यूचुअल फंड ने ₹59.16 करोड़ में 10.49 लाख शेयर, ICICI प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड और मॉर्गन स्टेनली एशिया सिंगापुर ने कुल ₹59.26 करोड़ में 5.25-5.25 लाख शेयर खरीदे। जून 2026 तक आदित्य बिड़ला सन लाइफ फ्लेक्सी कैप फंड के पास मेट्रोपोलिस हेल्थकेयर में पहले से ही 1.95% हिस्सेदारी थी।

Univastu India

टौरस म्यूचुअल फंड ने हर शेयर ₹130 के भाव पर ₹4.9 करोड़ में यूनिवास्तु इंडिया के 3.77 लाख शेयर (0.99% हिस्सेदारी) खरीदी।

Rolex Rings

जर्मन इन्वेस्टमेंट फर्म बायर्नइन्वेस्ट ने ईआरआई बायर्नइन्वेस्ट फोंड्स एक्टियन एशियन की तरफ से ₹15.33 करोड़ में हर शेयर ₹170.59 के भाव पर ऑटो पार्ट्स बनाने वाली कंपनी रोलेक्स रिंग्स के 8.98 लाख शेयर खरीदे।

RPP Infra Projects

चेन्नई की कंस्ट्रक्शन और इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी दीवा प्रोजेक्ट्स ने आरपीपी इंफ्रा प्रोजेक्ट्स के 8.48 लाख शेयर (1.71% हिस्सेदारी) ₹4.99 करोड़ में ₹58.90 के भाव पर हासिल किए। वहीं प्रमोटर अरुल सुंदरम नित्या ने ₹58.74 के भाव पर 5.13 लाख शेयर ₹3.01 करोड़ में तो पी अरुल सुंदरम ने ₹59.21 के भाव पर 3.59 लाख शेयर ₹2.13 करोड़ में बेचे। प्रमोटर्स ने कुल मिलाकर 1.76% होल्डिंग के बराबर शेयर बेचे।

लिस्टिंग

एर्डी इंडस्ट्रीज के शेयर आज बीएसई और एनएसई पर लिस्ट होंगे तो जीवी इलेक्ट्रिकल्स की आज बीएसई एसएमई पर एंट्री होगी।

एक्स-डेट

CAMS, KPIT टेक्नोलॉजीज, NHPC, ASM टेक्नोलॉजीज, धुनसेरी टी एंड इंडस्ट्रीज, गैब्रिएल इंडिया, गुजरात कंटेनर्स, एचजी इंफ्रा इंजीनियरिंग, इंडस्ट्रियल एंड प्रूडेंशियल इन्वेस्टमेंट कंपनी, KCP, नीलमलाई एग्रो इंडस्ट्रीज, संडूर मैंगनीज एंड आयरन ओर्स, नर्मदा जिलेटिन्स, यूनिपार्ट्स इंडिया, वैभव ग्लोबल और वोइथ पेपर फैब्रिक्स इंडिया के शेयर आज एक्स-डिविडेंड ट्रेड करेंगे तो नेशनल हाईवेज इंफ्रा ट्रस्ट के इनकम डिस्ट्रीब्यूशन की भी आज एक्स-डेट है।

F&O Ban

एसएआईएल और बंधन बैंक में आज एफएंडओ की नई पोजिशन नहीं ले पाएंगे।

स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Asian Market Today: एशिया में मिला-जुला कारोबार, कोस्पी 4% चढ़ा, क्रूड में तेजी जारी

Asian Market Today: एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार देखने को मिल रहा है। निक्केई में हल्की नरमी है। लेकिन कोस्पी 3.94 फीसदी से ज्यादा ऊपर है। वहीं US INDICES में दूसरे दिन भी दबाव दिखा। डाओ जोंस दिन की ऊंचाई से 400 प्वाइंट से ज्यादा फिसला। नैस्डैक में आधे परसेंट से ज्यादा की गिरावट आई।निवेशक दिन में बाद में आने वाले अहम US कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) डेटा और वेस्ट एशिया में चल रही बातचीत पर नजर बनाए हुए थे।

दक्षिण कोरिया का बाज़ार सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला रहा। कोस्पी (Kospi) में इंट्राडे ट्रेडिंग के दौरान 3.94% की बढ़त हुई, जबकि इससे पहले इसमें 1.5% की तेज़ी आई थी। सार्वजनिक छुट्टी के बाद कारोबार शुरू करने वाले जापानी शेयरों में मामूली बढ़त देखी गई। निक्केई 225 (Nikkei 225) 0.43% ऊपर रहा और व्यापक टॉपिक्स (Topix) में 0.34% की बढ़त हुई।वहीं, ऑस्ट्रेलिया का बेंचमार्क S&P/ASX 200 इंडेक्स 0.52% गिर गया।

वॉल स्ट्रीट

मंगलवार, 11 अगस्त को US बेंचमार्क इंडेक्स में लगातार दूसरे दिन गिरावट देखी गई। टेक्नोलॉजी शेयरों में लगातार कमज़ोरी ने बाज़ार के सेंटीमेंट पर असर डाला, जबकि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने बाज़ार पर दबाव और बढ़ा दिया।

डाऊ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज (Dow Jones Industrial Average) अपने इंट्राडे के उच्चतम स्तर से 430 अंक से ज़्यादा नीचे आया और अंत में 180 अंक की गिरावट के साथ बंद हुआ। S&P 500 और नैस्डैक कम्पोजिट (Nasdaq Composite) ने भी अपनी शुरुआती बढ़त गंवा दी और सत्र का समापन क्रमशः 0.3% और 0.6% की गिरावट के साथ किया।

आज के सत्र में बाज़ार के लिए मुख्य ट्रिगर जुलाई के लिए US कंज्यूमर प्राइस इन्फ्लेशन (CPI) डेटा का जारी होना होगा। निवेशक फेडरल रिज़र्व के ब्याज-दर आउटलुक के बारे में संकेत पाने के लिए इस पर बारीकी से नज़र रखेंगे।

कच्चे तेल की कीमतें

बुधवार को तेल की कीमतों में बढ़त हुई। इसकी वजह US-ईरान के बीच संभावित शांति समझौते को लेकर बढ़ती अनिश्चितता और दो जहाजों पर हुए हमले थे, जिनसे मिडिल ईस्ट से तेल की सप्लाई में रुकावट की आशंका पैदा हुई। यह बढ़त तब हुई जब इंडस्ट्री डेटा से US में कच्चे तेल के स्टॉक में बढ़ोतरी का पता चला।

ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 72 सेंट या 0.81% बढ़कर $89.63 प्रति बैरल हो गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 71 सेंट या 0.85% बढ़कर $83.91 प्रति बैरल हो गया।

पिछले सत्र में दोनों बेंचमार्क $1 से ज़्यादा की बढ़त के साथ बंद हुए थे और 31 जुलाई के बाद अपने उच्चतम क्लोजिंग स्तर पर पहुंच गए थे। यह बढ़त सोमवार को लगभग 5% की तेज़ी के बाद आई, क्योंकि US और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते को लेकर उम्मीद कमज़ोर पड़ गई थी

अमेरिका-ईरान युद्ध

मंगलवार को अमेरिका और यमन में ईरान के समर्थक हूथी गुटों ने होर्मुज जलडमरूमध्य और बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य में जहाजों पर अलग-अलग हमलों की जानकारी दी।इस बीच, ईरान के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी मोहसेन रेज़ाई ने कहा कि रणनीतिक रूप से अहम होर्मुज जलडमरूमध्य तब तक बंद रहेगा जब तक वॉशिंगटन युद्ध खत्म करने के लिए तेहरान की शर्तों को नहीं मान लेता। इन मांगों में ईरान की फ्रीज़ की गई संपत्ति को बहाल करना और क्षेत्र में चल रहे अन्य संघर्षों को खत्म करना शामिल है।

आज सोने की कीमत

सोने की कीमतें ज़्यादातर स्थिर रहीं क्योंकि ट्रेडर्स होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के समझौते की संभावना का आकलन कर रहे थे, साथ ही वे फेडरल रिज़र्व के भविष्य के ब्याज-दर फैसलों के संकेत के लिए अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों का भी इंतज़ार कर रहे थे।

मंगलवार को दो महीने के उच्चतम स्तर से नीचे आने (जब यह 0.5% गिरकर बंद हुआ था) के बाद, शुरुआती कारोबार में बुलियन की कीमत लगभग $4,370 प्रति औंस रही।

स्पॉट गोल्ड 0.1% गिरकर $4,367.56 प्रति औंस हो गया, जबकि चांदी 0.1% बढ़कर $64.72 प्रति औंस हो गई।

Crude Oil Price: पश्चिम एशिया में तनाव कायम, छठे दिन भी जारी तेजी, $90 के करीब पहुंचा भाव

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

 

Noida Plot Scheme: नोएडा एयरपोर्ट के पास घर बनाने का सुनहरा मौका! YEIDA ला रहा 2 नई रेजिडेंशियल प्लॉट स्कीम, जानिए सबकुछ

YEIDA Residential Plot Schemes: उत्तर प्रदेश के जेवर में स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के शुरू होने के बाद यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में रेजिडेंशियल प्लॉट की मांग तेजी से बढ़ी है। इसी बढ़ती मांग को देखते हुए यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (YEIDA) नवरात्रि के दौरान दो नई रिहायशी प्लॉट योजनाएं लॉन्च करने की तैयारी कर रहा है। नई योजनाओं में पहली स्कीम कम आय वर्ग के लोगों को ध्यान में रखकर तैयार की जा रही है। इन दोनों योजनाओं की घोषणा अक्टूबर में होने की संभावना है।

आपके बता दें कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर 15 जून को फ्लाइट ऑपरेशन शुरू हुए थे। इसके दो दिन बाद कार्गो टर्मिनल भी खुल गया था। YEIDA के एडिशनल CEO शैलेंद्र भाटिया ने कहा कि अथॉरिटी अभी स्कीम की बारीकियों पर काम कर रही है। जल्द ही प्लॉट की सही संख्या और अन्य जानकारी की घोषणा की जाएगी।

40 वर्गमीटर के प्लॉट वाली होगी LIG स्कीम

हाल ही में YEIDA ने अक्टूबर में नवरात्रि के दौरान दो नई रेजिडेंशियल प्लॉट स्कीम लॉन्च करने की घोषणा की है। टाइम्स ऑफ इंडिया (TOI) के मुताबिक, इनमें से एक स्कीम कम आय वाले ग्रुप के लिए होगी। इसमें 40 वर्ग मीटर के प्लॉट मिलेंगे। दूसरी स्कीम आम जनता के लिए होगी। इसमें प्लॉट का साइज़ 162 से 300 वर्ग मीटर के बीच होगा।

दोनों स्कीम नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NIA) के पास सेक्टर 5-A में शुरू की जाएंगी। यानी अलग-अलग जरूरत और बजट वाले लोग अपनी पसंद के आकार का प्लॉट हासिल करने के लिए आवेदन कर सकेंगे। इससे सीमित बजट वाले लोगों को एयरपोर्ट के आसपास अपना घर बनाने का मौका मिल सकेगा।

पहले प्लॉट मिल चुका है तो नहीं कर पाएंगे अप्लाई

YEIDA ने योजनाओं में पारदर्शिता और ज्यादा से ज्यादा नए लोगों को मौका देने के लिए एक अहम शर्त रखी है। जिन लोगों को पहले नोएडा अथॉरिटी, ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी या YEIDA की किसी पिछली रेजिडेंशियल प्लॉट स्कीम में प्लॉट मिल चुका है, वे इन नई स्कीम के लिए अप्लाई नहीं कर सकेंगे। इसका उद्देश्य उन लोगों को दोबारा लाभ लेने से रोकना है, जिन्हें पहले ही किसी प्राधिकरण की योजना के तहत रिहायशी प्लॉट आवंटित किया जा चुका है।

प्लॉट की कीमत समेत अन्य जानकारी

फिलहाल, यमुना प्राधिकरण के मुताबिक इस एरिया में रेजिडेंशियल प्लॉट का आवंटन रेट 36,260 रुपये प्रति वर्गमीटर है। हालांकि, नई योजनाओं में प्लॉट की अंतिम कीमत और अन्य शुल्क से जुड़ी जानकारी प्राधिकरण की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगी। यह कदम यमुना अथॉरिटी द्वारा जून में एयरपोर्ट के पास ही लकी ड्रॉ के जरिए भारी संख्या में रेजिडेंशियल प्लॉट अलॉट करने के ठीक बाद उठाया गया है। अप्रैल में घोषित उस स्कीम को बहुत अच्छा रिस्पॉन्स मिला था।

जून में 973 प्लॉट के लिए आए थे 1.1 लाख आवेदन

नई योजनाओं की घोषणा ऐसे समय में हो रही है जब YEIDA की पिछली रिहायशी प्लॉट योजना को जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली थी। इतने ही प्लॉट के लिए 1.1 लाख से ज़्यादा वैलिड एप्लीकेशन आए थे। बेहतर एयर कनेक्टिविटी, शानदार लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर और इलाके में बड़े पैमाने पर इंडस्ट्रियल और कमर्शियल ग्रोथ की संभावनाओं ने इस क्षेत्र को घर खरीदारों के लिए एक आकर्षक जगह बना दिया है। यह स्कीम अप्रैल में घोषित की गई थी। इसमें 973 प्लॉट के लिए 1.1 लाख से ज्यादा आवेदन प्राप्त हुए थे। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि नोएडा एयरपोर्ट के आसपास रिहायशी जमीन को लेकर लोगों में कितनी मजबूत दिलचस्पी है।

नोएडा एयरपोर्ट के कारण बढ़ी इलाके की डिमांड

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास के क्षेत्र में पिछले कुछ समय से तेजी से विकास हो रहा है। एयरपोर्ट के शुरू होने के बाद इस इलाके में कनेक्टिविटी एवं निवेश की संभावनाएं और मजबूत हुई हैं। बेहतर हवाई संपर्क के साथ-साथ लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास और बड़े पैमाने पर औद्योगिक एवं व्यावसायिक गतिविधियों की उम्मीद ने यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र को घर खरीदारों और निवेशकों के लिए आकर्षक बना दिया है। यही वजह है कि एयरपोर्ट के आसपास रिहायशी प्लॉट की योजनाओं में बड़ी संख्या में लोग अप्लाई कर रहे हैं। अब नवरात्रि के दौरान प्रस्तावित इन दो नई स्कीमों पर भी हजारों-लाखों लोगों की नजर रहने की उम्मीद है।

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