Share Market Rise: शेयर बाजार में तूफानी तेजी: इन 2 वजहों से सेंसेक्स 800 अंक उछला, निफ्टी 23,100 के पार

Share Market Rise: भारतीय शेयर बाजार में आज, बुधवार को सुबह के कारोबार में तूफानी तेजी देखने को मिल रही है। सेंसेक्स 800 से अधिक अंकों की छलांग लगाते हुए 74,650 के पार निकल गया है, वहीं निफ्टी 50 भी 223 अंक चढ़कर 23,112 के स्तर पर पहुंच गया है। बाजार में आई इस जोरदार लिवाली से दलाल स्ट्रीट पर रौनक छा गई है।

कारोबार में इस बढ़त की मुख्य वजह आईटी और बैंकिंग सेक्टर में आई जोरदार खरीदारी है। निफ्टी आईटी इंडेक्स 735 अंक (+2.33%) की बड़ी बढ़त के साथ 32,251 पर ट्रेड कर रहा है, जबकि निफ्टी बैंक भी 355 अंक बढ़कर 55,843 के स्तर पर पहुंच गया है। हालांकि, मिडकैप शेयरों में सुस्ती देखी जा रही है और निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स मामूली 0.02% की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है। लार्जकैप में संस्थागत निवेशकों का भरोसा लौटने से बाजार नए रिकॉर्ड की ओर बढ़ता दिख रहा है।

गिफ्ट निफ्टी ने दिए थे रिकवरी के संकेत

चॉइस ब्रोकिंग के टेक्निकल रिसर्च वीपी सचिन गुप्ता ने बाजार खुलने से पहले संकेत दिए थे कि गिफ्ट निफ्टी 75 अंक ऊपर 23,009 के स्तर पर ट्रेड कर रहा था, जिससे भारतीय बाजारों की सकारात्मक शुरुआत के संकेत मिल रहे थे। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया था कि इस रिकवरी की मजबूती वैश्विक संकेतों, कच्चे तेल की चाल और संस्थागत निवेशकों (FII/DII) के फंड फ्लो पर निर्भर करेगी।

आईटी और बैंकिंग शेयरों में क्यों आ रही है तेजी?

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वी के विजयकुमार का मानना है कि ब्रेंट क्रूड की ऊंची कीमतों और अमेरिका में बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी की वजह से बाजार पर निकट अवधि में दबाव रह सकता है। हालांकि, घरेलू स्तर पर मजबूत लिक्विडिटी, लार्जकैप शेयरों के वाजिब वैल्यूएशन और Q2 नतीजों में सुधार से बाजार को निचले स्तरों पर सहारा मिल रहा है।

वी के विजयकुमार के अनुसार, आईटी और बैंकिंग क्षेत्र ने Q2 के नतीजों में अच्छा प्रदर्शन किया है और इनके वैल्यूएशन आकर्षक स्तर पर हैं। इसलिए इन सेक्टरों में किसी भी गिरावट पर घरेलू संस्थागत निवेशक (DII) जमकर खरीदारी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह समय ‘स्टॉक पिकर्स मार्केट’ है, जहां तिमाही नतीजों के आधार पर चुनिंदा शेयरों में एक्शन देखने को मिलेगा।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Trading Plan: कंसोलिडेशन के बीच निफ्टी में 23000 का लेवल मुमकिन, बैंक निफ्टी भी 56000 की ओर कर सकता है वापसी

Trading Plan : रिकवरी और स्टेबिलिटी के संकेतों को देखते हुए, एक दिन की गिरावट के बाद निफ्टी में फिर से तेजी आ सकती है। यह 23,000 के पहले रेजिस्टेंस लेवल को फिर से हासिल करने की कोशिश कर सकता है,जिसके बाद 23,200 पर बड़ा रेजिस्टेंस जोन है। हालांकि,ऊपर की ओर तेजी सीमित रहने की संभावना है,क्योंकि निफ्टी अभी भी अपने मिड और लॉन्ग टर्म मूविंग एवरेज के नीचे ट्रेड कर रहा है। साथ ही,कच्चे तेल की ऊंची कीमतें भी बाजार के सेंटीमेंट पर दबाव डाल रही हैं। नीचे की तरफ 22,800–22,700 का ज़ोन निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट एरिया का काम कर सकता है।

उधर बैंक निफ्टी को 56,400–56,500 के स्तर तक ऊपर जाने के लिए 56,000–56,100 के ज़ोन को फिर से हासिल करना होगा। बाजार जानकारों का कहना है कि तब तक यह इंडेक्स कंसोलिडेशन (एक दायरे में) में रह सकता है, जिसमें 55,300–55,000 पर तत्काल सपोर्ट है और इसके बाद 54,700–54,400 का ज़ोन बड़े सपोर्ट के रूप में काम करेगा।

निफ्टी आउटलुक और रणनीति

ICICI सिक्योरिटीज में डेरिवेटिव्स एंड क्वांट रिसर्च हेड और वाइस प्रेसिडेंट,जय ठक्कर का कहना है कि हाल ही में आई रिकवरी का 23,000 के स्तर के ऊपर टिक न पाना यह दिखाता है कि ऊपरी स्तरों पर बिकवाली का दबाव अभी भी बना हुआ है। हालांकि पिछले हफ्ते निफ्टी में एक जोरदार उछाल देखने को मिला था। लेकिन सोमवार को आई गिरावट यह चेतावनी देती है कि इस रिकवरी को एक पक्का ‘ट्रेंड रिवर्सल’मान लेना जोखिम भरा हो सकता है।

नीचे की तरफ, 22,700 का स्तर तत्काल सपोर्ट के तौर पर काम कर सकता है। अगर बिकवाली का दबाव बढ़ता है तो इसके बाद 22,500 और 22,200 के स्तर बड़े सपोर्ट का काम करेंगे। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें,ग्लोबल घटनाओं को लेकर बनी अनिश्चितता और बड़े प्राइवेट बैंकिंग शेयरों में कमजोरी,मार्केट सेंटीमेंट बिगाड़ रहे हैं।

आने वाले कारोबारी सत्रों में उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना है,खासकर इसलिए क्योंकि बाजार में छुट्टी होने के कारण यह ट्रेडिंग सप्ताह छोटा हो गया है। इसलिए,जब तक निफ्टी वापस 23,200 के स्तर को हासिल नहीं कर लेता, तब तक निकट अवधि में बाजार के एक दायरे (साइडवेज) में रहने के आसार हैं। जब तक 22,500 का स्तर कायम रहता है,तब तक ‘गिरावट पर खरीदारी’ (बाय-ऑन-डिप्स) की रणनीति अपनाई जा सकती है।

अहम रेजिस्टेंस: 23,000, 23,200

अहम सपोर्ट: 22,700, 22,500

रणनीति: 22,650 के आसपास गिरावट आने पर निफ्टी फ्यूचर्स खरीदें। इसमें 22,500 के नीचे स्टॉप-लॉस रखें और 23,000 तथा 23,200 के टारगेट रखें।

बैंक निफ्टी आउटलुक और रणनीति

जय ठक्कर का कहना है कि ब्रॉडर मार्केट की तुलना में बैंक निफ्टी ने बेहतर प्रदर्शन किया लेकिन प्राइवेट बैंकों में बिकवाली के दबाव से नहीं बच सका। बड़े प्राइवेट बैंकों का कमजोर प्रदर्शन एक बड़ी बात बन गई है जिस पर नजर रखना जरूरी है। खासकर ऐसे समय में जब निवेशक तिमाही नतीजों पर नजरें बनाए हुए हैं और साथ ही यह भी देख रहे हैं कि कच्चे तेल की ऊंची कीमतें महंगाई,नकदी (लिक्विडिटी)और ब्याज दरों के अनुमानों पर क्या असर डाल सकती हैं।

तकनीकी मोर्चे पर,55,000 का स्तर तत्काल सपोर्ट का काम कर रहा है। अगर इंडेक्स इस स्तर के नीचे टिक जाता है तो इसमें 53,000 तक की और बड़ी गिरावट आ सकती है। ऊपर की तरफ, 56,000 का स्तर एक तत्काल रेजिस्टेंस है और इसके बाद 57,000 के स्तर पर बड़ा रेजिस्टेंस है। जब तक इंडेक्स मजबूती से 56,000 के स्तर के ऊपर नहीं निकल जाता,तब तक रिकवरी की कोशिशों के दौरान नई बिकवाली देखने को मिल सकती है।

हालांकि सरकारी बैंकों में मजबूती कुछ सहारा दे सकती है,लेकिन बैंकिंग इंडेक्स में व्यापक तेजी का रुझान बनाने के लिए यह अभी पर्याप्त नहीं है। इसलिए,निकट भविष्य के लिए सतर्क रहने की जरूरत है। ट्रेडर्स के लिए बेहतर यही होगा कि वे कोई बड़ा दांव लगाने से पहले कन्फर्मेशन का इंतजार करें।

अहम रेजिस्टेंस: 56,000, 57,000

अहम सपोर्ट: 55,000, 54,500

रणनीति: 56,000 के ऊपर बैंक निफ्टी फ्यूचर्स खरीदें, 55,000 के नीचे स्टॉप-लॉस रखें और 57,000 तथा 57,500 के टारगेट रखें।

 

Market cues : बाजार के दायरे में ट्रेड करने की उम्मीद, मुनाफे के सौदे पकड़ने के लिए इन अहम स्तरों पर रहे नजर

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stocks to Watch: 21 अक्टूबर को Bajaj Finance, Hindustan Zinc, L&T Tech, PC Jeweller समेत इन शेयरों पर रहेगा फोकस

बुधवार, 21 अक्टूबर को कई शेयर फोकस में रहने वाले हैं। वजह हैं- तिमाही नतीजे, कारोबार से जुड़े डेवलपमेंट्स, नई डील या कॉन्ट्रैक्ट, आदि। लिस्ट में पीसी ज्वेलर, अदाणी ग्रीन एनर्जी, बजाज फाइनेंस, L&T टेक्नोलॉजी सर्विसेज, वारी रिन्यूएबल टेक्नोलॉजीस, हिंदुस्तान जिंक, SML महिंद्रा, IREDA जैसे कई नाम शामिल हैं। इन शेयरों में तेज हलचल देखने को मिल सकती है। इसके अलावा बुधवार को मेनबोर्ड और SME दोनों सेगमेंट में 1-1 लिस्टिंग है। वहीं 3 शेयर एक्स-डिविडेंड ट्रेड करने वाले हैं। आइए डिटेल में जानते हैं किन प्रमुख शेयरों पर रहेगी नजर…

आज इन कंपनियों के तिमाही नतीजे

इटर्नल, आदित्य बिड़ला सन लाइफ AMC, विशाल मेगा मार्ट, अदाणी ग्रीन एनर्जी, इंडियन होटल्स कंपनी, केईआई इंडस्ट्रीज, महिंद्रा एंड महिंद्रा फाइनेंशियल सर्विसेज, इंटरनेशनल जेमोलॉजिकल इंस्टीट्यूट, पीसी ज्वेलर, SRF, इंडोसोलर, वेल्सपन स्पेशिएलिटी सॉल्यूशंस

इन शेयरों पर रहेगी नजर

बजाज फाइनेंस: Q2 (जुलाई-सितंबर 2026 ​तिमाही) में सालाना आधार पर कंसोलिडेटेड मुनाफा 29% बढ़कर 6,367 करोड़ रुपये हो गया। नेट इंटरेस्ट इनकम 24% बढ़कर 13,335 करोड़ रुपये हो गई। ग्रॉस NPA घटकर 1.06% रह गया। नेट NPA घटकर 0.42% रह गया।

L&T टेक्नोलॉजी सर्विसेज: Q2 में सालाना आधार पर कंसोलिडेटेड मुनाफा 66.8% बढ़कर 548.2 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू 12.1% बढ़कर 3,040.4 करोड़ रुपये हो गया। EBIT 29.8% बढ़कर 496.6 करोड़ रुपये हो गया। EBIT मार्जिन 220 bps बढ़कर 16.3% हो गया। कंपनी ने प्रति शेयर 20 रुपये का अंतरिम डिविडेंड घोषित किया है।

वारी रिन्यूएबल टेक्नोलॉजीस: Q2 में सालाना आधार पर कंसोलिडेटेड मुनाफा 30% घटकर 81.5 करोड़ रुपये रह गया। रेवेन्यू 36.5% बढ़कर 1,057.8 करोड़ रुपये हो गया।

शोभा: Q2 में सालाना आधार पर कंसोलिडेटेड मुनाफा 54.6% गिरकर 33 करोड़ रुपये रहा। रेवेन्यू 31.3% घटकर 967.1 करोड़ रुपये पर आ गया।

डेल्टा कॉर्प: Q2 में सालाना आधार पर कंसोलिडेटेड बेसिस पर कंपनी ने 106.4 करोड़ रुपये का घाटा देखा। पिछले साल यह 25.1 करोड़ रुपये के मुनाफे में थी। रेवेन्यू 12.85% घटकर 159.5 करोड़ रुपये रह गया।

हिंदुस्तान जिंक: Q2 में सालाना आधार पर कंसोलिडेटेड मुनाफा 142.1% बढ़कर 6,412 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू 76.5% बढ़कर 15,093 करोड़ रुपये हो गया।

जस्ट डायल: Q2 में सालाना आधार पर मुनाफा 9.7% गिरकर 107.8 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू 13.1% बढ़कर 342.8 करोड़ रुपये हो गया।

गैलेंट इस्पात: Q2 में सालाना आधार पर कंसोलिडेटेड मुनाफा 32% घटकर 60.5 करोड़ रुपये और रेवेन्यू 13.1% बढ़कर 1,145.9 करोड़ रुपये हो गया।

पिरामल फाइनेंस: Q2 में सालाना आधार पर कंसोलिडेटेड मुनाफा 67% उछलकर 545 करोड़ रुपये हो गया। नेट इंटरेस्ट इनकम 35% बढ़कर 1,530 करोड़ रुपये रही।

इंडियन रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी: Q2 में सालाना आधार पर स्टैंडअलोन मुनाफा 0.91% बढ़कर 554 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू 14% बढ़कर 2,344 करोड़ रुपये रहा। ऑपरेटिंग प्रॉफिट 16.5% बढ़कर 904 करोड़ रुपये हो गया। ग्रॉस NPA घटकर 3.57% हो गया। नेट NPA घटकर 1.08% हो गया।

SML महिंद्रा: Q2 में सालाना आधार पर मुनाफा 44.4% गिरकर 11.7 करोड़ रुपये रह गया। रेवेन्यू 20.7% बढ़कर 669.8 करोड़ रुपये हो गया।

धामपुर बायो ऑर्गेनिक्स: कंपनी ने भारत में माइकोप्रोटीन के एक्सक्लूसिव उत्पादन के लिए स्विट्जरलैंड की कंपनी ‘प्लैनेटरी SA’ के साथ एक टेक्नोलॉजी लाइसेंसिंग समझौता किया है।

सीगल इंडिया: कंपनी की सब्सिडियरी, ‘जाम खंभालिया जामनगर पावर ट्रांसमिशन लिमिटेड’ ने ‘सेंट्रल ट्रांसमिशन यूटिलिटी ऑफ इंडिया’ के साथ एक ट्रांसमिशन सर्विस एग्रीमेंट किया है। यह समझौता एक इंटरस्टेट ट्रांसमिशन सिस्टम के विकास और संचालन के लिए है।

Market cues : बाजार के दायरे में ट्रेड करने की उम्मीद, मुनाफे के सौदे पकड़ने के लिए इन अहम स्तरों पर रहे नजर

ट्रांसरेल लाइटिंग: कंपनी के बोर्ड ने ‘NOPL पेस ग्रीन एनर्जी’ में 49% इक्विटी हिस्सेदारी को 20 करोड़ रुपये में खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। NOPL, भारत सरकार की ‘PM-कुसुम’ योजना के कंपोनेंट C के तहत महाराष्ट्र में लगभग 990 MW (AC) कुल क्षमता वाला सोलर पावर पोर्टफोलियो विकसित कर रही है। इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य कृषि फीडरों के सोलराइजेशन (सौर ऊर्जा से जोड़ने) में मदद करना और सिंचाई के लिए दिन के समय बिजली की उपलब्धता में सुधार करना है।

JSW ड्यूलक्स: कर्नाटक GST विभाग ने अप्रैल 2020 से मार्च 2021 की अवधि के लिए टैक्स डिमांड को संशोधित करते हुए 42.04 करोड़ रुपये का आदेश जारी किया है। इस संशोधित डिमांड में 14.07 करोड़ रुपये का टैक्स, 13.9 करोड़ रुपये का ब्याज और 14.07 करोड़ रुपये का जुर्माना शामिल है। कंपनी को 5 अगस्त को कर्नाटक GST विभाग से एक कारण बताओ नोटिस मिला था, जिसमें इनपुट टैक्स क्रेडिट को अमान्य ठहराते हुए 118.33 करोड़ रुपये की टैक्स डिमांड की गई थी। इस डिमांड में 40.09 करोड़ रुपये का टैक्स, 38.17 करोड़ रुपये का ब्याज और 40.07 करोड़ रुपये का जुर्माना शामिल था।

बल्क डील्स

एक्सप्रो इंडिया: आशीष कचोलिया ने कंपनी में 2.22 लाख इक्विटी शेयर 21.53 करोड़ रुपये में बेचे हैं। शेयरों की यह संख्या कंपनी की पेड-अप इक्विटी कैपिटल के 0.94% के बराबर है।

मेनबोर्ड लिस्टिंग

HD फायर प्रोटेक्ट

SME लिस्टिंग

वैभव व्यापार

ये स्टॉक करेंगे एक्स-डिविडेंड ट्रेड

ICICI प्रूडेंशियल एसेट मैनेजमेंट कंपनी

मैंगलोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स

एलेकॉन इंजीनियरिंग कंपनी

Stock Split: एक साल में 190% और 5 साल में 1000% चढ़ी कीमत, अब 10 टुकड़ों में टूटेगा शेयर

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Market cues : बाजार के दायरे में ट्रेड करने की उम्मीद, मुनाफे के सौदे पकड़ने के लिए इन अहम स्तरों पर रहे नजर

Trade setup for today : 19 अक्टूबर को निफ्टी में लगातार दो दिनों की तेजी का सिलसिला टूट गया और इसमें 1.1 प्रतिशत की गिरावट आई। पिछले दो सत्रों में 20-डे EMA के ऊपर बंद होने के बावजूद, इंडेक्स इस स्तर के ऊपर टिके रहने में नाकाम रहा। तेल की कीमतें 110 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं और बड़ा टेक्निकल ढांचा भी कमजोर बना हुआ है। इंडेक्स अपने मिड और लॉन्ग टर्म के मूविंग एवरेज के नीचे कारोबार कर रहा है,जिससे बाजार पर मंदी हावी है।

मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर निफ्टी 20-डे EMA (जो अभी 22,900 के आसपास है) के नीचे बना रहता है तो इसमें 22,800 तक की गिरावट आ सकती है, जिसके बाद 22,500 पर बड़ा सपोर्ट होगा। ऊपर की तरफ, 23,000–23,200 की रेंज रेजिस्टेंस जोन का काम कर सकती है। अगर निफ्टी इस रेंज के ऊपर मजबूती दिखाता है तो और बढ़त देखने को मिल सकती है। वहीं,अगर यह इसे पार नहीं कर पाता है तो बाजार कंसोलिडेशन (एक दायरे में रहने) के दौर में बना रह सकता है।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

निफ्टी 50 (22,889) के लिए महत्वपूर्ण स्तर

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 23,096, 23,174 और 23,300

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 22,844, 22,766 और 22,640

निफ्टी स्पेशल फॉर्मेशन

निफ्टी 50 ने डेली चार्ट पर एक लंबी लाल कैंडल बनाई और 20-डे एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) से थोड़ा नीचे बंद हुआ। ये बाजार में कमजोरी का संकेत है। निफ्टी अपने 50-दिन, 100-दिन और 200-दिन के EMA से भी नीचे रहा,जो एक कमजोर ट्रेंड का संकेत है। रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) गिरकर 47.72 पर आ गया, लेकिन यह अपनी सिग्नल लाइन से काफी ऊपर बना रहा। इस बीच,मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डाइवर्जेंस (MACD) सिग्नल लाइन के ऊपर बना रहा और ज़ीरो लाइन की ओर ऊपर की तरफ बढ़ता रहा। लगातार चौथे सत्र में हरे रंग का हिस्टोग्राम बार भी बड़ा हुआ। ये संकेत बताते हैं कि ब्रॉडर ट्रेंड अभी भी कमज़ोर है, हालांकि MACD मोमेंटम में सुधार निकट भविष्य में संभावित रिकवरी का संकेत देता है।

बैंक निफ्टी (55,488) के लिए महत्वपूर्ण स्तर

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 55,779, 55,909 और 56,120

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 55,357, 55,226 और 55,015

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 56,238, 56,819

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 55,049, 54,053

बैंक निफ्टी स्पेशल फॉर्मेशन

बैंक निफ्टी ने छोटी ऊपरी और निचली विक्स (wicks) वाली एक बेयरिश कैंडल बनाई है। पिछले दो सत्रों में 55,500 के स्तर के ऊपर रहने के बाद, यह 20-डे EMA के थोड़ा नीचे बंद हुआ है। यह बिकवाली के नए दबाव का संकेत है। हाल की रिकवरी के दौरान भी इंडेक्स 50-डे EMA को वापस हासिल नहीं कर पाया और अपने मिड और लॉन्ग टर्म मूविंग एवरेज के नीचे ही ट्रेड करता रहा जो बैंकिंग इंडेक्स में व्यापक कमजोरी का संकेत है।

RSI गिरकर 48.25 पर आ गया, लेकिन यह अपनी सिग्नल लाइन के ऊपर बना रहा। वहीं, MACD ऊपर की ओर बढ़ता रहा और रेफरेंस लाइन के ऊपर टिका रहा। हालांकि, लगातार पांच सेशन तक बढ़ने के बाद हिस्टोग्राम में गिरावट आई। ये इंडिकेटर बताते हैं कि MACD मोमेंटम में सुधार के बावजूद ओवरऑल ट्रेंड अभी भी कमजोर है। हिस्टोग्राम में आई हालिया गिरावट यह भी संकेत देती है कि बुलिश मोमेंटम में कुछ कमी आ सकती है।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो (करोड़ रुपए में)

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इंडिया VIX

बाजार के डर का पैमाना माने जाने वाला ‘इंडिया VIX’ 5.33 प्रतिशत बढ़कर 14.77 पर पहुंच गया है। इसका ऊंचे स्तर पर बने रहना यह संकेत देता है कि तेजी की तेजड़ियों के बीच सतर्कता बढ़ गई है। अगर यह मजबूती से 15 के स्तर के ऊपर जाता है तो तेजी वाले सौदों के लिए जोखिम बढ़ सकता है। वहीं,अगर इसमें गिरावट आती है और यह लगातार 13 के स्तर के नीचे बना रहता है तो इससे तेजी की उम्मीद रखने वाले निवेशकों को कुछ राहत मिल सकती है।

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 19 अक्टूबर को गिरकर 0.93 पर आ गया, जबकि पिछले सत्र में यह 1.21 था। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, मजबूत हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: अंबुजा सीमेंट्स, केन्स टेक्नोलॉजी इंडिया, सेल (SAIL)

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: कोई नहीं

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

 

Gold Price Today: सोने का भाव और नीचे; दिल्ली, लखनऊ, जयपुर में ₹134040 पर आया 22 कैरेट

21 अक्टूबर को देश में सोने की कीमत में गिरावट है। अलग-अलग शहरों में 24 और 22 कैरेट दोनों का भाव लुढ़का है। सुबह के वक्त राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 146220 रुपये प्रति 10 ग्राम है। मुंबई में भाव 146070 रुपये प्रति 10 ग्राम है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना 4,125.90 डॉलर प्रति औंस पर है। निवेशक अगले हफ्ते आने वाले अमेरिकी फेडरल रिजर्व के नीतिगत फैसले का इंतजार कर रहे हैं।

फेडरल रिजर्व की मॉनेटरी पॉलिसी मीटिंग 27-28 अक्टूबर को है। सितंबर में अमेरिकी केंद्रीय बैंक ने अपनी बेंचमार्क ओवरनाइट ब्याज दरों में 25 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी की थी, जिसके बाद ये 3.75%-4.00% की रेंज में आ गईं। सोने की वैश्विक कीमत इस साल जनवरी में 5,594.82 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गई थी।

देश के कुछ बड़े शहरों में गोल्ड रेट

दिल्ली में सोने की कीमत: दिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत 146220 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 134040 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

मुंबई और कोलकाता: मुंबई और कोलकाता में 22 कैरेट सोने की कीमत 133890 रुपये प्रति 10 ग्राम, जबकि 24 कैरेट सोने की कीमत 146070 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

चेन्नई में सोने की कीमत: 24 कैरेट सोने की कीमत 147160 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 134890 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

पुणे और बेंगलुरु में कीमत: इन दोनों शहरों में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 146070 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट गोल्ड की कीमत 133890 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

शहर22 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)24 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)
दिल्ली134040146220
मुंबई133890146070
अहमदाबाद133940146120
चेन्नई134890147160
कोलकाता133890146070
हैदराबाद133890146070
जयपुर134040146220
भोपाल133940146120
लखनऊ134040146220
चंडीगढ़134040146220

Silver Prices: चांदी में रिकॉर्ड हाई से 46% की गिरावट, जेपी मॉर्गन ने कीमतों के लिए अनुमान घटाया

चांदी की कीमत

दूसरी कीमती धातु चांदी में भी गिरावट है। 21 अक्टूबर की सुबह चांदी 229900 रुपये प्रति किलोग्राम पर है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर चांदी यानि कि स्पॉट सिल्वर की कीमत 57.86 डॉलर प्रति औंस है। इस साल जनवरी में देश के अंदर चांदी की कीमत 4 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गई थी। सोने और चांदी की देश के अंदर कीमतें डोमेस्टिक फैक्टर्स के साथ-साथ ग्लोबल फैक्टर्स से भी प्रभावित होती हैं।

Asian Market Today: अमेरिकी AI कंपनियों की शानदार कमाई से एशियाई बाजारों में तेजी,Kospi 3.6% तक उछला

Asian Market Today: एशियाई बाजारों में तेजी देखने को मिली। अमेरिकी इक्विटी-इंडेक्स फ्यूचर्स में आई बढ़त का असर एशियाई बाजारों पर दिखा। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के दौर से सबसे ज्यादा फायदा उठाने वाली कुछ बड़ी कंपनियों की शानदार कमाई ने निवेशकों का टेक्नोलॉजी शेयरों के प्रति उत्साह फिर से जगा दिया है।

MSCI एशिया पैसिफिक इंडेक्स 0.6% ऊपर चढ़ा, जिसमें दक्षिण कोरिया और जापान सबसे आगे रहे। दक्षिण कोरिया का कोस्पी (Kospi) इंडेक्स 3.62% उछल गया। इससे पहले, दक्षिण कोरिया के बाजार में हाल ही में एक IPO की शुरुआत बेहद खराब रही थी, जिससे अब बाजार ने जोरदार वापसी की है। जापान में, निक्केई 225 (Nikkei 225) में 1.76% और व्यापक टॉपिक्स (Topix) इंडेक्स में 1.12% की बढ़त दर्ज की गई। हैंग सेंग फ्यूचर्स भी 0.5% ऊपर रहा।

भारत में, GIFT निफ्टी (जो यह संकेत देता है कि दिन की शुरुआत में शेयर बाजार कैसा रहेगा) ने सूचकांकों के लिए एक सकारात्मक (हरे निशान में) शुरुआत का अनुमान जताया है।

इसके अलावा, बुधवार को जियो प्लेटफॉर्म्स (Jio Platforms) के इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) के लिए सब्सक्रिप्शन भी शुरू होने जा रहा है। बाजार के जानकारों ने इसे ‘सभी IPO की जननी’ (Mother of all IPOs) करार दिया है, क्योंकि उम्मीद है कि यह देश के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा IPO होगा। करेंसी मार्केट में, जापानी येन 158.29 प्रति डॉलर के स्तर पर लगभग स्थिर रहा, जबकि ऑफशोर युआन 6.6746 प्रति डॉलर पर बना रहा।

अमेरिकी स्टॉक फ्यूचर्स में भी तेजी दिखी। नैस्डैक 100 (Nasdaq 100) फ्यूचर्स 0.7% ऊपर चढ़े। वहीं, स्पेसएक्स (SpaceX) के शेयरों में एक्सटेंडेड ट्रेडिंग के दौरान करीब 7% की उछाल आई, क्योंकि कंपनी ने अपने तीसरी तिमाही के नतीजे जारी किए हैं।

सुपर माइक्रो कंप्यूटर (Super Micro Computer) ने भी उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया और पोस्ट-मार्केट ट्रेडिंग में 15% की तेजी दर्ज की, जिससे AI-इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े शेयरों को बढ़ावा मिला। दूसरी ओर, नेटफ्लिक्स (Netflix) के शेयरों में गिरावट आई, क्योंकि कंपनी ने भविष्य के लिए निराशाजनक अनुमान (forecast) जारी किया है।

स्पेसएक्स (SpaceX) की इस तेजी के पीछे एलन मस्क की सैटेलाइट, रॉकेट और AI कंपनी का शानदार प्रदर्शन रहा। सितंबर में समाप्त तिमाही के लिए कंपनी ने 4.4 अरब डॉलर की नेट इनकम दर्ज की, जबकि इसका रेवेन्यू एक साल पहले की तुलना में 161% बढ़ गया है।

इसके अलावा, मस्क ने बताया कि स्पेसएक्स और टेस्ला ने संभावित विलय (merger) की संभावना तलाशने के लिए विशेष कमेटियां बनाई हैं। यह कदम अब तक के सबसे बड़े कॉर्पोरेट गठबंधन की दिशा में एक शुरुआती पहल है।

पिछले हफ्ते AI वैल्यूएशन और फाइनेंसिंग को लेकर चिंताओं के कारण टेक्नोलॉजी शेयरों में काफी उतार-चढ़ाव आया था, लेकिन हालिया नतीजों ने निवेशकों को कुछ राहत दी है। अब निवेशकों की नज़र कंपनियों के आने वाले नतीजों पर है। वे यह देखना चाहेंगे कि क्या विकास के आंकड़े AI इंफ्रास्ट्रक्चर में लगाए जा रहे अरबों डॉलर के निवेश को सही ठहराते हैं।

इस बीच, मंगलवार को उतार-चढ़ाव भरे सत्र के बाद, एशियाई बाज़ार की शुरुआती ट्रेडिंग में तेल की कीमतों में आई तेज़ी बनी रही। मंगलवार को ट्रेडर्स अमेरिका-ईरान युद्ध को खत्म करने की कोशिशों से जुड़ी अलग-अलग खबरों का आकलन कर रहे थे। एशियाई बाज़ार की शुरुआत में ब्रेंट क्रूड 109.52 डॉलर पर कारोबार कर रहा था, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) 0.7% की बढ़त के साथ 98.48 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।

बॉन्ड बाजार में, न्यूयॉर्क सत्र के दौरान लॉन्ग-टर्म US ट्रेज़री का प्रदर्शन बेहतर रहा, जिसका असर डॉलर पर पड़ा। इस साल अब तक US ट्रेज़री यील्ड पर तेल की कीमतों का काफी असर रहा है, लेकिन पिछले हफ्ते बॉन्ड निवेशकों ने कच्चे तेल की कीमतों पर ज़्यादा ध्यान नहीं दिया, क्योंकि AI निवेश से जुड़े शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

BLS Polymers IPO: 27 अक्टूबर से खुलेगा ₹255 करोड़ का इश्यू, GMP दे रहा तगड़े मुनाफे का संकेत

BLS Polymers IPO: बीएलएस पॉलिमर्स का ₹255 करोड़ का IPO 27 अक्टूबर को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा। इसका प्राइस बैंड ₹142 से ₹150 प्रति शेयर तय किया गया है। इस हिसाब से कंपनी की वैल्यू करीब ₹930.5 करोड़ होगी। IPO में 1.7 करोड़ नए शेयर जारी किए जाएंगे। इश्यू 29 अक्टूबर को बंद होगा, जबकि एंकर निवेशक 26 अक्टूबर को बोली लगा सकेंगे।

शेयरों का अलॉटमेंट 30 अक्टूबर तक फाइनल होने की उम्मीद है। वहीं, स्टॉक एक्सचेंजों पर लिस्टिंग 3 नवंबर को हो सकती है। कंपनी को दिसंबर 2025 में SEBI से IPO की मंजूरी मिली थी।

BLS Polymers IPO का GMP

ग्रे मार्केट में BLS पॉलिमर्स के आईपीओ को तगड़ा रिस्पॉन्स मिल रहा है। इसका लेटेस्ट GMP ₹30 है। यह अपर प्राइस बैंड से 20% लिस्टिंग गेन का संकेत दे रहा है। हालांकि, GMP सिर्फ आईपीओ की डिमांड का अंदाजा भर होता है। इसे लिस्टिंग प्राइस की गारंटी नहीं समझना चाहिए।

IPO से जुटाए पैसे कहां खर्च होंगे?

BLS पॉलिमर्स IPO से मिलने वाली रकम में से ₹77.56 करोड़ गोवा स्थित अपनी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के विस्तार पर खर्च करेगी। इसके अलावा, ₹89.5 करोड़ वर्किंग कैपिटल की जरूरतों के लिए रखे जाएंगे। बाकी रकम का इस्तेमाल सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों में होगा।

क्या करती है कंपनी?

नई दिल्ली स्थित BLS Polymers खास तरह के पॉलिमर कंपाउंड बनाती है। इनका इस्तेमाल बिजली, टेलीकॉम, रेलवे, पानी और तेल-गैस से जुड़े उद्योगों में होता है। कंपनी के प्रोडक्ट तारों, केबलों और पाइपलाइनों को सुरक्षा देने में काम आते हैं।

मुनाफा 27.8% बढ़ा

FY26 में कंपनी का नेट प्रॉफिट 27.8% बढ़कर ₹27 करोड़ हो गया, जो FY25 में ₹21.1 करोड़ था। इस दौरान रेवेन्यू भी 6.4% बढ़कर ₹349.4 करोड़ पहुंच गई। जून 2026 तिमाही में कंपनी ने ₹107.02 करोड़ की रेवेन्यू पर ₹10.2 करोड़ का मुनाफा दर्ज किया।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Jio Platforms IPO GMP: आईपीओ खुलने से ठीक एक दिन पहले पहले भागा जियो प्लेटफॉर्म्स का ग्रे मार्केट प्रीमियम

Jio Platforms IPO GMP: जियो प्लेटफॉर्म्स का ग्रे मार्केट प्रीमियम 20 अक्तूबर को प्रति शेयर 257 रुपये चल रहा था। इसका मतलब है कि यह शेयर करीब 23 फीसदी प्रीमियम पर लिस्ट हो सकता है। यह इश्यू 21 अक्तूबर यानी बुधवार को खुलेगा। इसमें 23 अक्तूबर तक बोली लगाई जा सकती है।

जीएमपी 245 से बढ़कर 257 रुपये पहुंचा

जियो प्लेटफॉर्म्स का प्रीमियम एक दिन पहले यानी 19 अक्तूबर के मुकाबले बढ़ा है। 19 अक्तूबर को यह प्रति शेयर 245 रुपये था। 20 अक्तूबर को यह बढ़कर 257 रुपये हो गया। इसका मतलब है कि कंपनी का शेयर 1,376 रुपये पर लिस्ट हो सकता है। यह प्राइस बैंड के 1,119 रुपये के ऊपरी लेवल से करीब 23 फीसदी ज्यादा है। इसका मतलब है कि शेयरों के एक लॉट पर इनवेस्टर को 3,084 रुपये का बेनेफिट हो सकता है।

कम से कम एक लॉट के लिए बोली लगानी होगी

इनवेस्टर्स को कम से कम शेयरों के एक लॉट के लिए अप्लाई करना होगा। एक लॉट 12 शेयरों का है। इनवेस्टर्स को यह ध्यान में रखने की जरूरत है कि जीएमपी से सिर्फ शेयर के संभावित लिस्टिंग प्राइस का संकेत मिलता है। यह लिस्टिंग प्राइस की गारंटी नहीं है। इसलिए इनवेस्टर्स को किसी इश्यू में सिर्फ जीएमपी के आधार पर बोली लगाने का फैसला नहीं करना चाहिए।

यह देश का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ 

जियो प्लेटफॉर्म्स का यह आईपीओ शेयरों के प्राइस बैंड के ऊपरी लेवल पर 30,213 करोड़ रुपये का है। यह देश का सबसे बड़ा आईपीओ है। इससे पहले सबसे बड़ा आईपीओ पेश करने का रिकॉर्ड ह्यूंडई मोटर इंडिया के नाम है। कंपनी ने 2024 में 27,800 करोड़ रुपये का आईपीओ पेश किया था।

10 लाख करोड़ से ज्यादा वैल्यूएशन वाली कंपनी 

प्राइस बैंड के ऊपरी लेवल पर जियो प्लेटफॉर्म्स की वैल्यूएशन 10 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है। इसका मतलब है कि लिस्टिंग के बाद कंपनी 10 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा वैल्यूएशन वाली कंपनियों की लिस्ट में शामिल हो जाएगी। अभी इस लिस्ट में रिलायंस इंडस्ट्रीज, भारती एयरटेल और एचडीएफसी बैंक शामिल हैं।

एंकर इनवेस्टर्स ने दिखाई जबर्दस्त दिलचस्पी

जियो प्लेटफॉर्म्स के इश्यू को एंकर इनवेस्टर्स का जबर्दस्त रिस्पॉन्स मिला है। कंपनी ने 212 एंकर इनवेस्टर्स से 8,110 करोड़ रुपये जुटाए हैं। इसमें देश की सबसे बड़ी इंश्योरेंस कंपनी एलआईसी और कई दिग्गज विदेशी इनवेस्टमेंट फर्मों ने निवेश किया है। अनुमान है कि इश्यू ओपन होने के बाद दूसरी कैटेगरी के निवेशकों की भी अच्छी दिलचस्पी दिखेगी।

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28 अक्टूबर को बीएसई और एनएसई पर लिस्ट होंगे शेयर 

जियो प्लेटफॉर्म्स का शेयर बीएसई और एनएसई पर 28 अक्तूबर को लिस्ट होने की उम्मीद है। ब्रोकरेज फर्मों की इस आईपीओ पर पॉजिटिव राय है। उनका मानना है कि जियो प्लेटफॉर्म्स की ग्रोथ के लिए आगे अच्छी संभावनाएं हैं। रिलायंस जियो इंफोकॉम इसकी सब्सिडियरी है, जो देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी है। शुरुआत के 10 साल के अंदर इसके सब्सक्राइबर्स की संख्या 53 करोड़ पहुंच गई है।

Silver Prices: चांदी में रिकॉर्ड हाई से 46% की गिरावट, जेपी मॉर्गन ने कीमतों के लिए अनुमान घटाया

Silver Prices: चांदी में निवेश करने वालों को पिछले कुछ महीनों में बड़ा झटका लगा है। 29 जनवरी को चांदी की कीमत ₹3,84,632 प्रति किलो के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थी। लेकिन 19 अक्टूबर तक यह गिरकर ₹2,08,380 प्रति किलो रह गई। यानी रिकॉर्ड हाई से करीब 45.8% की गिरावट आई है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी चांदी दबाव में है। मंगलवार को इसकी कीमत करीब 56.50 डॉलर प्रति औंस पर आ गई। जनवरी के 121 डॉलर के रिकॉर्ड स्तर से यह करीब 54% नीचे है।

चांदी की कीमतों पर दबाव क्यों?

कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने महंगाई की चिंता बढ़ा दी है। वहीं, अमेरिकी डॉलर मजबूत हुआ है और बॉन्ड यील्ड भी ऊंची बनी हुई है। इससे बाजार को लग रहा है कि केंद्रीय बैंक ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची रख सकते हैं। चांदी पर इसका दबाव पड़ रहा है, क्योंकि इससे नियमित ब्याज आय नहीं होती।

चांदी का भाव कितना गिर सकता है?

J.P. Morgan Global Research को उम्मीद है कि 2026 की चौथी तिमाही में चांदी करीब 63 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर सकती है। बैंक ने 2026 के लिए औसत भाव का अनुमान 84 डॉलर से घटाकर 70 डॉलर प्रति औंस कर दिया है। 2027 के लिए उसका अनुमान 63 डॉलर प्रति औंस है।

Bloomberg Intelligence के कमोडिटी रणनीतिकार माइक मैकग्लोन ने भी गिरावट की आशंका जताई है। Kitco के मुताबिक, उनके अनुसार चांदी निकट भविष्य में 50 डॉलर प्रति औंस तक गिर सकती है। लंबे समय तक इसका भाव 50 से 84 डॉलर के दायरे में रह सकता है।

तेल, डॉलर और अमेरिकी ब्याज दरों पर नजर

मंगलवार को ब्रेंट क्रूड 110 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया। मध्य पूर्व और पूर्वी यूरोप में बढ़ते तनाव ने तेल की कीमतों को सहारा दिया। महंगा तेल महंगाई बढ़ा सकता है। इससे अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दरें ऊंची रखने या बढ़ाने की आशंका बढ़ती है।

बाजार को उम्मीद है कि फेड 27-28 अक्टूबर की बैठक में दरें नहीं बदलेगा। हालांकि, दिसंबर में ब्याज दर बढ़ने की आशंका भी बढ़ी है। आने वाले अमेरिकी CPI और PPI आंकड़े इस दिशा में अहम होंगे। महंगाई के आंकड़े उम्मीद से ज्यादा रहे, तो चांदी पर दबाव बढ़ सकता है।

भारतीय निवेशकों को क्या करना चाहिए?

मई में इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ने से घरेलू चांदी की कीमतों को कुछ सहारा मिला है। लेकिन इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार की गिरावट पूरी तरह नहीं रुक सकती।

चांदी में आगे भी उतार-चढ़ाव रह सकता है। निवेशकों को कच्चे तेल, अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों, डॉलर और बॉन्ड यील्ड पर नजर रखनी चाहिए। एक्सपर्ट्स का कहना है कि सिर्फ कीमत गिरने को सस्ता खरीदने का संकेत न मानें। एक साथ पूरी रकम लगाने के बजाय चरणों में खरीदारी करने से समय चुनने का जोखिम कुछ कम हो सकता है।

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