Rakesh Jhunjhunwala Death Anniversary: राकेश झुनझुनवाला के 10 निवेश मंत्र, इन्हें हर इनवेस्टर को जानना चाहिए

Rakesh Jhunjhunwala Death Anniversary: दिग्गज इनवेस्टर राकेश झुनझुनवाला की आज पुण्यतिथि है। उनका देहांत 14 अगस्त, 2022 को हार्ट अटैक से हुआ था। उन्होंने शेयरों में निवेश से अकूत पैसा कमाया। उनकी खास बात यह थी कि निवेश के अपने अनुभव के बारे में वह हमेशा बताते रहते थे। वह निवेश में हुई गलतियों के बारे में भी बताने से नहीं हिचकते थे। इस वजह से लाखों निवेशक उनकी बातों को बड़े गौर से सुनते थे। आज भी निवेश से जुड़े उनके मंत्र उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने वे कई साल पहले थे। हर निवेशक को निवेश से जुड़े उनके बुनियादी सिद्धातों के बारे में जरूरत जानना चाहिए।

1. निवेश में धैर्य बहुत जरूरी है

वह निवेश से मोटी कमाई के लिए धैर्य को जरूरी मानते थे। उनका मानना था कि शेयरों की कीमतों में उतार-चढ़ाव होता रहता है। इसलिए निवेशकों को रोजाना होने वाले उतार-चढ़ाव की जगह लंबी अवधि के आउटलुक पर फोकस करना चाहिए। उन्होंने खुद अच्छी कंपनियों के शेयरों में निवेश कर लंबी अवधि में काफी पैसा कमाया था।

2. निवेश के लिए बॉटम का इंतजार नहीं करें

झुनझुनवाला का कहना था कि निवेश के लिए हर समय सही होता है। दरअसल कई इनवेस्टर्स निवेश के लिए मार्केट के बॉटम का इंतजार करते हैं। ऐसा करना सही नहीं है। झुनझुनवाला कहते थे कि मार्केट के बॉटम यानी सबसे निचला स्तर और पीक यानी सबसे हाई लेवल के बारे में अनुमान लगाना मुश्किल है।

3. निवेश से पहले वैल्यूएशन को देखें

कई इनवेस्टर्स किसी शेयर में इसलिए निवेश करते हैं, क्योंकि उसकी कीमतें चढ़ रही होती हैं। झुनझुनवाला का कहना था कि किसी शेयर पर हाई वैल्यूएशन पर निवेश करना समझदारी नहीं है। निवेश से पहले इनवेस्टर को खुद से यह पूछना चाहिए कि वह जिस कीमत पर शेयर खरीद रहा है, क्या वह कीमत सही है।

4. रिस्क और निवेश का अटूट रिश्ता है

झुनझुनवाला का मानना था कि शेयरों में निवेश से पैसे कमाने के लिए रिस्क लेना ही पड़ता है। अगर आप शेयर में निवेश कर रहे हैं तो आपको लॉस बर्दाश्त करने के लिए तैयार रहना चाहिए। उनकी सलाह थी कि निवेश से पहले निवेशक को यह पता होना चाहिए कि वह कितना रिस्क लेने जा रहा है। कपैसिटी से ज्यादा रिस्क लेना खतरनाक हो सकता है।

5. अपनी गलतियों से सीखें

निवेश में गलती होना स्वाभाविक है। झुनझुनवाला कहते थे कि ऐसा कोई इनवेस्टर नहीं है, जिससे गलती नहीं हुई है। उनका कहना था कि गलतियों से सीखना चाहिए। आपसे एक गलती दोबारा नहीं होनी चाहिए। गलती होने का अगर आपको डर है तो आप कभी निवेश नहीं कर पाएंगे।

6. निवेश के लिए कभी उधार न लें

कई लोग निवेश से फटाफट मुनाफा कमाने के लिए पैसे उधार तक ले लेते हैं। झुनझुनवाला इसके खिलाफ थे। उनका मानना था कि उधार के पैसे से निवेश करने में बड़ा रिस्क है। अगर निवेश किया गया पैसा डूब गया तो इनवेस्टर्स मुश्किल में फंस जाएगा।

7. फटाफट कमाई के बारे में न सोचें

शेयर मार्केट में निवेश से काफी पैसा बनाया जा सकता है। लेकिन, ऐसा एक दिन में नहीं हो सकता। इसमें समय लगता है। झुनझुनवाला कहते थे कि शेयर बाजार से फटाफट कमाई का लालच आपको मुश्किल में डाल सकता है। कुछ महीने या कुछ साल में पैसा डबल करने के टारगेट के साथ शेयरों में निवेश नहीं किया जा सकता।

8. मार्केट और निवेश की समझ बढ़ाते रहें

शेयरों में निवेश करने के लिए ज्ञान यानी नॉलेज जरूरी है। आपकी नॉलेज जितनी ज्यादा होगी, निवेश के फैसले लेने में आपको उतनी आसानी होगी। फाइनेंशियल स्टेटमेंट, वैल्यूएशन, पीई रेशियो, बुक वैल्यू जैसी चीजों के बारे में हर निवेशक को जानना चाहिए।

9. ‘भाव भगवान है’-कीमत का सम्मान करें

झुनझुनवाला हमेशा कहा करते थे-‘भाव भगवान है।’ इसका मतलब है कि शेयर की कीमत बहुत अहम है। आप जिस भाव पर शेयर खरीद रहे हैं, वह बहुत मायने रखता है। अगर आपने ज्यादा भाव पर शेयर खरीदा है तो आपको मुनाफे के लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।

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10. जब दूसरे बेच रहे हों तो आपको खरीदना चाहिए

आम तौर पर जब शेयर बाजार में तेजी होती है तो शेयर खरीदने में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ जाती है। इसके उलट जब बाजार गिरता है तो निवेशक शेयर बेचने लगते हैं। यह समझदारी नहीं है। बाजार में तेजी आने पर शेयर महंगे हो जाते हैं, ऐसे में निवेश करने से ज्यादा प्रॉफिट कमाने की संभावना कम हो जाती है। झुनझुनवाला का कहना था कि जब सब बेच रहे हों तो आपको खरीदना चाहिए। तब शेयर सस्ते होते हैं।

Anupam Rasayan Q1 Results: अनुपम रसायन का प्रॉफिट 14 फीसदी बढ़कर 39 करोड़, रेवेन्यू 35% बढ़ा

Anupam Rasayan Q1 Results: अनुपम रसायन ने 14 अगस्त को जून तिमाही के नतीजों का ऐलान किया। इस दौरान रेवेन्यू और प्रॉफिट में साल दर साल आधार पर अच्छी ग्रोथ दिखी। नेट प्रॉफिट 14 फीसदी बढ़कर 38.6 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में यह 34 करोड़ रुपये था। कंपनी के शेयर पर नतीजों का पॉजिटिव असर दिखा।

रेवेन्यू 35 फीसदी बढ़कर 655 करोड़ रुपये रहा

जून तिमाही में Anupam Rasayan का रेवेन्यू साल दर साल आधार पर 35 फीसदी बढ़कर 655 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की जून तिमाही में यह 585.8 करोड़ रुपये था। EBITDA 31 फीसदी बढ़कर 162.4 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में यह 124.3 करोड़ रुपये था।

कंपनी के एबिड्टा मार्जिन में हल्की गिरावट 

अनुपम रसायन का EBITDA मार्जिन जून तिमाही में 24.8 फीसदी रहा। यह एक साल पहले की समान अवधि में 25.6 फीसदी के एबिड्टा मार्जिन से कम है। कंपनी ने रवि देसाई को चीफ ऑपरेटिंग अफसर नियुक्त करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। उनका कार्यकाल 14 अगस्त, 2026 से लागू हो गया है।

नतीजों के बाद शेयरों में दिखी तेजी 

14 अगस्त को अनुपम रसायन के शेयरों में तेजी दिखी। 1:15 बजे यह 0.46 फीसदी के उछाल के साथ 1,213.30 रुपये पर चल रहा था। बीते छह महीने में यह शेयर 8 फीसदी से ज्यादा गिरा है। 14 अगस्त को शेयर बाजारों के प्रमुख सूचकांकों पर दबाव दिखा। निफ्टी 0.21 फीसदी नीचे चल रहा था, जबकि सेंसेक्स में 0.30 फीसदी कमजोरी थी।

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बीते एक साल में 4.85 फीसदी चढ़ा शेयर 

Anupam Rasayan लाइफ साइंसेज और दूसरी इंडस्ट्रीज के लिए स्पेशियलिटी केमिकल्स बनाती है। इसका मार्केट कैपिटलाइजेशन 13,737 करोड़ रुपये है। कंपनी ने 2021 में आईपीओ पेश किया था। कंपनी के शेयर बीएसई और एनएसई दोनों पर लिस्टेड हैं। बीते एक साल में शेयर 4.85 फीसदी चढ़ा है।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : बाजार के लिए मिले-जुले संकेत हैं। गिफ्ट निफ्टी में हल्की नरमी देखने को मिल रही है। FIIs की कैश और वायदा मिलाकर 720 करोड़ की बिकवाली देखने को मिली है। FIIs की नेट शॉर्ट पोजिशन भी बढ़ी है। उधर स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज का मुद्दा सुलझाने की डिप्लोमैटिक कोशिशों की बीच कच्चे तेल में करीब दो फीसदी की गिरावट आई है। इसके भाव 87 डॉलर के नीचे आ गए हैं।

यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

13 अगस्त को उतार-चढ़ाव भरे सेशन में निचले स्तरों पर खरीदारी से बेंचमार्क इंडेक्स दिन के निचले स्तरों से उबर कर लगभग सपाट बंद हुए। निफ्टी 24,400 के स्तर के आसपास बंद हुआ। बैंकिंग,मेटल और फार्मा शेयरों में बिकवाली के दबाव की भरपाई FMCG,ITऔर रियल्टी शेयरों में खरीदारी से काफी हद तक हो गई। कारोबारी सेशन के अंत में सेंसेक्स 113.61 अंक या 0.15% बढ़कर 78,079.96 पर बंद हुआ। जबकि निफ्टी 40.10 अंक या 0.16% गिरकर 24,395.85 पर बंद हुआ। ब्रॉडर मार्केट ने बेहतर प्रदर्शन किया और निफ्टी मिडकैप व स्मॉलकैप,दोनों इंडेक्स मामूली बढ़त के साथ बंद हुए।

अमेरिकी बाजारों में अच्छी तेजी, एशिया में भी रौनक

टेक शेयरों में खरीदारी से अमेरिकी बाजारों में कल अच्छी तेजी दिखी। S&P 500 नए शिखर पर पहुंच गया। डाओ जोंस भी इंट्राडे में 54000 के ऊपर निकल गया। मेटा, माइक्रॉन और Netflix जैसे शेयरों में अच्छी खरीदारी से नैस्डैक ने आउटपरफॉर्म किया। उधर सुबह एशियाई बाजारों में भी रौनक देखने को मिली कोस्पी और निक्केई में करीब एक फीसदी की बढ़त के साथ कारोबार हो रहा है।

सोने और चांदी की तेजी पर ब्रेक, US बॉन्ड यील्ड में भी नरमी

फेडरल रिजर्व की ओर से सितंबर में ब्याज बढ़ोतरी की उम्मीदें कम होने से सोने और चांदी की तेजी पर ब्रेक लगा है। कल के शिखर से सोने और चांदी में तीन फीसदी की गिरावट आई है। उधर अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में भी नरमी दिखी है। डॉलर इंडेक्स 100 के करीब आ गया है।

टाटा मोटर्स PV के नतीजे मिलेजुले

टाटा मोटर्स PV के पहली तिमाही के नतीजे मिलेजुले रहे हैं। JLR के कमजोर प्रदर्शन के बावजूद आय 9 फीसदी बढ़ी है। लेकिन ऊंची रॉ मटेरियल कॉस्ट से मार्जिन 230 बेसिस प्वाइंट्स घटकर 6.5% पर रहे हैं। कंपनी को इस अवधि में 150 करोड़ का फॉरेक्स घाटा भी हुआ है। कंपनी के मैनेजमेंट ने कहा है कि EV मांग बढ़ने से कुल घरेलू डिमांड बहुत मजबूत रही है।

मैक्स फाइनेंशियल के Q1 नतीजे अच्छे

पहली तिमाही में मैक्स फाइनेंशियल ने अच्छे नतीजे पेश किए हैं। VNB यानी वैल्यू फॉर न्यू बिजनेस में उम्मीद से ज्यादा 33 फीसदी का उछाल देखने को मिला है। VNB मार्जिन भी अनुमान अधिक 20.1फीसदी से बढ़कर 23 फीसदी के पार निकल गया है। वहीं, इसकी AUM 2 लाख करोड़ रुपए पर पहुंच गई है।

वायदा की 8 कंपनियों के नतीजे आज

अशोक लेलैंड,वोल्टास,NMDC समेत वायदा की 8 कंपनियों के नतीजे आज आएंगे। वोल्टास का मुनाफा 59 फीसदी बढ़ सकता है। मार्जिन में भी सुधार की उम्मीद है।

पीरामल फार्मा में 1750 करोड़ रुपए की ब्लॉक डील संभव

पीरामल फार्मा में आज बड़ी ब्लॉक डील हो सकती है। 6% हिस्सेदारी के लिए 1750 करोड़ का सौदा हो सकता है।

 रेयर अर्थ मैग्नेट मैन्युफैक्चरिंग स्कीम को अच्छा रिस्पॉस

सरकार की 7,280 करोड़ रुपए की रेयर अर्थ मैग्नेट मैन्युफैक्चरिंग स्कीम को अच्छा रिस्पॉन्स मिला है। इसमें L&T और कोल इंडिया समेत 20 कंपनियों ने बोली लगाई है। इस योजना के जरिए हर साल 6,000 मीट्रिक टन इंटीग्रेटेड रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट (Integrated Rare Earth Permanent Magnet) बनाने की क्षमता विकसित करने का लक्ष्य है।

FII और DII फंड फ्लो

FIIs ने लगातार दूसरे सेशन में भी बिकवाली जारी रखी और 510 करोड़ रुपये के शेयर बेचे,जबकि DIIs ने भारतीय इक्विटी मार्केट में खरीदारी का सिलसिला तीसरे दिन भी जारी रखा और 4,353 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

 

IPO News: आशीष कचोलिया और सुनील सिंघानिया के निवेश वाली कंपनी का आईपीओ आज से खुला, जानें सभी डिटेल्स

Credent Connect N Care IPO Details: नई दिल्ली बेस्ड हेल्थकेयर और मेडिकल लॉजिस्टिक्स सेवाएं देने वाली कंपनी क्रेडेंट कनेक्ट एन केयर का आईपीओ आम निवेशकों के लिए खुल चुका है। पब्लिक सब्सक्रिप्शन के लिए खुलने से एक दिन पहले कंपनी ने एंकर निवेशकों से ₹26.53 करोड़ जुटा लिए हैं।

इस आईपीओ में दिग्गज निवेशक सुनील सिंघानिया के अबाकस (Abakkus), मोतीलाल ओसवाल और 360 वन जैसे बड़े संस्थागत निवेशकों ने हिस्सा लिया है। वहीं दिग्गज निवेशक आशीष कचोलिया की भी कंपनी में पहले से हिस्सेदारी है।

एंकर बुक में किन-किन बड़े नामों ने लगाया पैसा?

कंपनी ने एंकर निवेशकों को ₹189 प्रति शेयर के अपर प्राइस बैंड पर 14.04 लाख शेयर अलॉट किए हैं।

अबाकस एसेट मैनेजर: सुनील सिंघानिया के स्वामित्व वाले अबाकस वेंचर अपॉर्चुनिटीज फंड और मिंट फोकस्ड ग्रोथ फंड ने ₹5-₹5 करोड़ लगाकर कुल 5.28 लाख शेयर खरीदे।

मोतीलाल ओसवाल: मोतीलाल ओसवाल फिनवेस्ट के जरिए ₹4 करोड़ (2.11 लाख शेयर) का निवेश किया।

हेम ग्रोथ अपॉर्चुनिटीज फंड: ₹4.48 करोड़ (2.37 लाख शेयर) का अलॉटमेंट मिला।

360 वन: अपने ट्रेजरी सॉल्यूशंस फंड के जरिए ₹1 करोड़ से अधिक (53,400 शेयर) का निवेश किया।

अन्य निवेशक: LRSD सिक्योरिटीज, फिनएवेन्यू कैपिटल ट्रस्ट, मेरु इन्वेस्टमेंट फंड, रेलिगो कमोडिटीज और शाइन स्टार बिल्ड कैप ने भी एंकर बुक में हिस्सा लिया।

RHP दाखिल करने के समय तक अबाकस के पास कंपनी में 1.21% और आशीष कचोलिया के पास 2.02% हिस्सेदारी थी। दोनों ने यह हिस्सेदारी जुलाई 2026 में ₹187 प्रति शेयर के भाव पर खरीदी थी।

IPO साइज, प्राइस बैंड और महत्वपूर्ण तारीखें

  • कुल आईपीओ साइज: ₹93.89 करोड़ (पूरा फ्रेश इश्यू – 49.68 लाख शेयर)
  • प्राइस बैंड: ₹179 से ₹189 प्रति शेयर
  • ओपन और क्लोज डेट: 13 अगस्त से 17 अगस्त 2026
  • लॉट साइज: 600 शेयर (रिटेल निवेशकों के लिए न्यूनतम 2 लॉट यानी 1,200 शेयर – ₹2,26,800 का निवेश)
  • अलॉटमेंट और लिस्टिंग: 18 अगस्त को और लिस्टिंग 20 अगस्त को

कंपनी आईपीओ फंड्स का इस्तेमाल कहां करेगी?

  • आईपीओ से मिलने वाली राशि का उपयोग इन कार्यों के लिए किया जाएगा:
  • ₹26.8 करोड़: पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी ‘क्रेडेंट हेल्थकेयर’ की वर्किंग कैपिटल जरूरतों के लिए।
  • ₹3 करोड़: मशीनरी और कैपिटल एक्सपेंडिचर जरूरतों के लिए।
  • ₹37 करोड़: कंपनी की अपनी कार्यशील पूंजी की आवश्यकताओं के लिए।
  • ₹6 करोड़: मौजूदा कर्ज को चुकाने के लिए।

बाकी बचे हुए पैसों का इस्तेमाल सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।

क्या करती है क्रेडेंट कनेक्ट एन केयर?

यह कंपनी बी2बी (B2B) हेल्थकेयर लॉजिस्टिक्स सेगमेंट में काम करती है। कलेक्शन सेंटर्स से लैब तक और अलग-अलग स्वास्थ्य सुविधाओं के बीच डायग्नोस्टिक सैंपल्स का सुरक्षित ट्रांसपोर्टेशन करती है। इन-विट्रो डायग्नोस्टिक (IVD) कंपनियों के लिए सी एंड एफ (C&F) लोकेशंस से पैथोलॉजी लैब्स तक रीएजेंट्स पहुंचाती है। मुंबई, पुणे, चेन्नई और वाराणसी में कंपनी के 2 वेयरहाउस और 4 ब्रांच ऑफिस मौजूद हैं।

कैसी है वित्तीय सेहत?

वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का प्रदर्शन बेहद दमदार रहा है, जहां कुल रेवेन्यू FY25 के ₹77.9 करोड़ से 175% से अधिक बढ़कर ₹214.2 करोड़ पर पहुंच गया, वहीं शुद्ध मुनाफे (PAT) में 730% से अधिक का ज़बरदस्त उछाल दर्ज किया गया और यह ₹2.2 करोड़ से बढ़कर ₹18.4 करोड़ हो गया; कंपनी के इस तेजी से बढ़ते मुनाफे और दिग्गज निवेशकों की मौजूदगी ने इस आईपीओ को मार्केट में चर्चा का केंद्र बना दिया है।

कितना चल रहा ग्रे मार्केट प्रीमियम?

अनऑफिशियल ग्रे मार्केट में कंपनी के आईपीओ को लेकर काफी मजबूत रुझान देखने को मिल रहा है। बाजार जानकारों के मुताबिक, क्रेडेंट कनेक्ट एन केयर का शेयर अपर प्राइस बैंड से 25% से अधिक के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है, जिससे लिस्टिंग पर अच्छे रिटर्न के संकेत मिल रहे हैं।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Balochistan: 11 अगस्त को आजादी मनाने के बाद अब ‘रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान’ का पासपोर्ट-करेंसी वाला दांव! क्या ये है अगला कदम

Balochistan News: बलूच अलगाववादी आंदोलन एक नए दौर में प्रवेश कर गया है। 11 अगस्त को ‘बलूचिस्तान स्वतंत्रता दिवस’ के रूप में मनाने के बाद बलूच नेतृत्व ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से ‘रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान’ को एक स्वतंत्र देश के रूप में मान्यता देने की मांग तेज कर दी है। बलूच अलगाववादी नेता मीर यार बलूच ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक बयान जारी कर वैश्विक बिरादरी, अंतरराष्ट्रीय संगठनों और देशों से अपील की है कि वे बलूचिस्तान को पाकिस्तान का प्रांत कहना, लिखना और मानना तुरंत बंद करें। इसे एक संप्रभु राष्ट्र का दर्जा दें।

अंतरराष्ट्रीय मान्यता की मांग और वैश्विक मंचों से अपील

मीर यार बलूच ने अपने बयान में कहा कि बलूचिस्तान का स्वतंत्रता आंदोलन अब केवल ऐतिहासिक दिवस मनाने तक सीमित नहीं है बल्कि यह राजनयिक और राजनीतिक मान्यता हासिल करने के एक नए चरण में पहुंच चुका है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र, आसियान, अफ्रीकी संघ, इस्लामिक सहयोग संगठन और यूरोपीय देशों के सदस्य राष्ट्रों से इस मुहिम का समर्थन करने की अपील की है।

बयान में कहा गया है कि बलूच जनता के प्रति नैतिक समर्थन जारी रहना चाहिए ताकि बलूचिस्तान की धरती से पाकिस्तान जैसे संकट को पूरी तरह खत्म किया जा सके। इसके साथ ही बलूच राजनीतिक नेतृत्व के अलग-अलग धड़ों को एकजुट करने के प्रयास भी तेजी से किए जा रहे हैं।

भारतीय मीडिया और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं का आभार

बलूच अलगाववादी नेता ने बलूचिस्तान के मुद्दे को वैश्विक स्तर पर उठाने के लिए अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थानों खासकर भारतीय मीडिया, शोधकर्ताओं और थिंक टैंकों का दिल से आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि भारतीय मीडिया और अंतरराष्ट्रीय अध्ययन संस्थाओं ने बलूचिस्तान की आवाज को दुनिया के कोने-कोने तक पहुंचाने और बलूच जनता का पक्ष उजागर करने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

पासपोर्ट, करेंसी और संप्रभु संस्थानों के गठन का रोडमैप

बलूच नेतृत्व द्वारा साझा की गई योजना के मुताबिक भविष्य का स्वतंत्र बलूचिस्तान एक पूर्ण संप्रभु राष्ट्र के रूप में जाना जाएगा। आने वाले समय में रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान अपना खुद का पासपोर्ट जारी करेगा और अपनी राष्ट्रीय करेंसी लॉन्च करेगा। प्रस्तावित गणराज्य अपने खुद के मीडिया संगठन, व्यापार और वाणिज्य संस्थान और विभिन्न देशों में राजनयिक मिशन स्थापित करेगा। नया बलूच राष्ट्र अपनी विदेश नीति, रक्षा व्यवस्था, अर्थव्यवस्था और संपूर्ण कूटनीति की जिम्मेदारी स्वयं संभालेगा।

11 अगस्त की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और इसके महत्व को भी जानिए

11 अगस्त का दिन बलूच राष्ट्रवादियों के लिए काफी ऐतिहासिक माना जाता है। मीर यार बलूच के मुताबिक ब्रिटिश भारत के विभाजन से ठीक पहले 11 अगस्त 1947 को बलूचिस्तान (कलात रियासत) ने खुद को एक स्वतंत्र और संप्रभु देश घोषित किया था। बलूच अलगाववादी समूह इसी तारीख को अपने मूल स्वतंत्रता दिवस के रूप में मानते आए हैं और अब उनका मुख्य ध्यान इसी आधार पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आधिकारिक मान्यता हासिल करने पर केंद्रित है।

पाकिस्तानी सेना की पाबंदियां और ब्लैकआउट के दावे

बलूच नेता ने आरोप लगाया कि 11 अगस्त के स्वतंत्रता समारोहों को रोकने के लिए पाकिस्तानी अधिकारियों और सैन्य बलों ने कड़े प्रतिबंध लगाए थे। बयान में दावा किया गया कि कलात, क्वेटा और खुजदार सहित राज्य के कई हिस्सों में मोबाइल और इंटरनेट सेवाएं पूरी तरह निलंबित कर दी गईं।

सैन्य छावनियों और पुलिस स्टेशनों के आसपास गहरी खाइयां खोदी गईं और पाकिस्तानी वायुसेना के लड़ाकू विमान, हेलीकॉप्टर व ड्रोन लगातार निगरानी करते रहे। अलगाववादी समूह ने दावा किया कि इन तमाम पाबंदियों और इंटरनेट ब्लैकआउट के बावजूद बलूचिस्तान के विभिन्न हिस्सों में समर्थकों ने स्वतंत्रता दिवस मनाया। हालांकि इंटरनेट सेवा बंद होने की वजह से तस्वीरों, वीडियो और रिपोर्टों के सामने आने में देरी हुई। वैसे बलूच नेता के इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकी है।

आपको बता दें कि बलूच नेतृत्व ने बलूचिस्तान को संसाधनों से समृद्ध क्षेत्र बताते हुए कहा कि प्रस्तावित गणराज्य वैश्विक स्वास्थ्य, शिक्षा और मानवीय पहलों में बड़ा योगदान देने में सक्षम है। उनका कहना है कि स्वतंत्र बलूचिस्तान अंतरराष्ट्रीय निवेश को आकर्षित करेगा और अपने राजनीतिक, आर्थिक व कूटनीतिक संस्थानों का तेजी से विकास करेगा।

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बलूचिस्तान क्षेत्रफल के लिहाज से पाकिस्तान का सबसे बड़ा प्रांत है। यहां दशकों से अलगाववादी आंदोलन चल रहा है। इस क्षेत्र में जबरन गुमशुदगी, मानवाधिकार उल्लंघन और सैन्य कार्रवाई के आरोप लगातार लगते रहे हैं। दूसरी ओर पाकिस्तानी अधिकारी अलगाववादी मांगों को खारिज करते हुए बलूचिस्तान को पाकिस्तान का अभिन्न अंग मानते हैं और वहां सक्रिय सशस्त्र समूहों को सुरक्षा के लिए खतरा करार देते हैं।

8th Pay Commission पर केन्द्रीय मंत्री ने संसद में दिया बड़ा अपडेट! जानें रिपोर्ट और सैलरी हाइक को लेकर पूरी डिटेल

8th Pay Commission News: देश के करीब 70 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 8वें वेतन आयोग को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लोकसभा में एक लिखित सवाल के जवाब में 8वें वेतन आयोग के गठन, इसकी समयसीमा और मौजूदा स्थिति पर संसद में ताजा अपडेट शेयर किया है।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि आयोग को अपनी सिफारिशें सौंपने के लिए गठन की तारीख से 18 महीने का समय दिया गया है। हालांकि, नई सैलरी, भत्ते और लागू होने की तारीख को लेकर सस्पेंस अभी बरकरार है।

कब तक आएगी 8वें वेतन आयोग की रिपोर्ट?

संसद में दिए गए सरकारी बयान के मुताबिक, ‘सरकार ने 3 नवंबर 2025 को एक संकल्प जारी करके 8वें वेतन आयोग का आधिकारिक गठन किया था। आयोग को अपनी रिपोर्ट तैयार करने के लिए 18 महीने दिए गए हैं। इसका मतलब है कि रिपोर्ट सौंपने की अंतिम समयसीमा मई 2027 है।

कब से लागू होंगी सिफारिशें?

वेतन वृद्धि और पेंशन संशोधन किस तारीख से प्रभावी होंगे, इस पर सरकार ने कहा कि जब तक आयोग अपनी अंतिम रिपोर्ट नहीं सौंप देता, तब तक लागू होने की तारीख तय नहीं की जा सकती।

कौन हैं 8वें वेतन आयोग के अध्यक्ष और सदस्य?

सरकार ने इस आयोग की जिम्मेदारी अनुभवी पैनल को सौंपी है। इसकी अध्यक्ष जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई है और अन्य सदस्य प्रोफेसर पुलक घोष, पंकज जैन हैं। यह आयोग केंद्रीय कर्मचारियों के मौजूदा वेतन ढांचे, सेवा शर्तों और भत्तों की विस्तृत समीक्षा करेगा।

किन-किन चीजों में होगा बदलाव?

3 नवंबर 2025 को अधिसूचित ‘टर्म्स ऑफ रेफरेंस’ के तहत आयोग इन महत्वपूर्ण क्षेत्रों की समीक्षा कर अपनी सिफारिशें देगा:

  • वेतन संशोधन: बेसिक सैलरी और पे-मैट्रिक्स का नया ढांचा।
  • महंगाई भत्ता: डीए (DA) और डीआर (DR) का विलय व कैलकुलेशन।
  • अन्य भत्ते: मकान किराया भत्ता (HRA), ट्रेवल अलाउंस (TA) और अन्य भत्तों में संशोधन।
  • पेंशन व पारिवारिक पेंशन: सेवानिवृत्त कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए पेंशन में बढ़ोतरी।
  • सेवा शर्तें: कार्यस्थल के माहौल और सर्विस रूल्स में सुधार।

करीब 70 लाख लोगों को मिलेगा सीधा फायदा

सरकार द्वारा दिए गए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस कदम से एक बड़ी आबादी प्रभावित होगी। 1 मार्च 2026 तक देश में लगभग 35.77 लाख नागरिक केंद्रीय कर्मचारी सेवा में हैं। साथ ही 31 दिसंबर 2025 तक लगभग 33.76 लाख पेंशनभोगी और पारिवारिक पेंशनभोगी हैं। दोनों को मिलाकर करीब 70 लाख कर्मचारियों और पेंशनरों की जेब पर इसका सीधा असर पड़ेगा।

क्या राज्यों में भी लागू होंगी ये सिफारिशें?

संसद में जब पूछा गया कि क्या केंद्र सरकार राज्यों को भी इसे अपनाने का कोई निर्देश या दिशानिर्देश जारी करेगी, तो सरकार ने साफ किया कि अभी राज्यों को ऐसा कोई परामर्श जारी नहीं किया गया है। आयोग की रिपोर्ट आने के बाद ही इस दिशा में आगे विचार किया जाएगा।

फिलहाल सभी की निगाहें 8वें वेतन आयोग की रिपोर्ट पर टिकी हैं। आयोग के समीक्षा पूरी करने और रिपोर्ट सौंपने के बाद ही नई सैलरी, एरियर और पेंशन हाइक की तस्वीर पूरी तरह साफ हो पाएगी।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : गिफ्ट निफ्टी से भारतीय बाजारों के निगेटिव से सपाट खुलने को संकेत मिल रहे हैं। 7.10 बजे सुबह के आसपास गिफ्टी निफ्टी 17.50 अंक यानी 0.07 फीसदी की हल्की कमजोरी के साथ 24,615.50 के आसपास दिख रहा था। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

10 अगस्त को उतार-चढ़ाव भरे कारोबारी सत्र में भारतीय इक्विटी इंडेक्स बिना किसी बड़े बदलाव के सपाट बंद हुए । सेंसेक्स कल 43.27 अंक या 0.06% बढ़कर 78,542.44 पर और निफ्टी 13.15 अंक या 0.05% बढ़कर 24,583.80 पर बंद हुआ। निफ्टी50 में टाइटन कंपनी 3%,टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स 2.4%, बजाज फाइनेंस 2.2%, श्रीराम फाइनेंस 2% और ग्रासिम 1.7% चढ़े थे। गिरने वाले शेयरों में SBI 2.39%,ITC 1.2%, एटरनल 1.5%, डॉ. रेड्डीज़ लैब्स 1.13% और TCS 1% नीचे बंद हुए थे।

सेक्टर के हिसाब से देखें तो निफ्टी रियल्टी में 1.3%, कंज्यूमर ड्यूरेबल इंडेक्स में 0.4% और प्राइवेट बैंक इंडेक्स में 0.5% की बढ़त देखने को मिली थी। जबकि निफ्टी PSU बैंक 1.6%, निफ्टी ऑयल एंड गैस 0.3% और निफ्टी इंफ्रा 0.4% गिरे थे। निफ्टी मिडकैप 100 में 0.6% की बढ़त हुई और स्मॉलकैप इंडेक्स 0.3% नीचे आया था।

निफ्टी की वीकली एक्सपायरी के दिन बाजार के लिए मिले-जुले संकेत

निफ्टी की वीकली एक्सपायरी के दिन बाजार के लिए मिले-जुले संकेत नजर आ रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी में हल्की नरमी है। FIIs की कैश में 1975 करोड़ की खरीदारी देखने को मिली है। हालांकि वायदा में बिकवाली नजर आई है। एशिया में हल्की बढ़त है। वहीं कल US बाजारों में भी हल्की गिरावट दिखी। उधर US बॉन्ड यील्ड फिर 4.7% के पार निकल गया है।

निफ्टी 50 से विप्रो बाहर, BSE की एंट्री

30 सितंबर से NSE इंडेक्स में बड़ा बदलाव होगा। करीब 3 दशक बाद विप्रो का शेयर निफ्टी 50 से बाहर होगा और इसमें BSE की एंट्री होगी। NIFTY NEXT50 और Nifty 500 में भी बदलाव होगा। हिताची,पॉलीकैब,वेदांता एल्युमिनियम और वोडाफोन आइडिया NIFTY NEXT50 में शामिल होंगे।

गौतम अदाणी को US में बड़ी कानूनी राहत

आज अदाणी ग्रुप शेयर फोकस में होंगे। गौतम और सागर अदाणी को अमेरिका में बड़ी कानूनी राहत मिली है। इन पर रिश्वत-धोखाधड़ी का केस खत्म हो गया है। गौतम अदाणी ने कहा है कि US कोर्ट के फैसले का स्वागत है। इसकी सच्चाई,निष्पक्षता और कानून पर हमारा अटूट भरोसा है।

VI को 3700 करोड़ रुपए का घाटा, BOSCH का प्रॉफिट 37% घटा

पहली तिमाही वोडाफोन को 3700 करोड़ रुपए का घाटा हुआ है। 1600 करोड़ रुपये की एकमुश्त आय के बावजूद कंपनी को नुकसान हुआ है। हालांकि घाटे का आंकड़ा अनुमान से कम रहा है। वहीं रेवेन्यू में तीन फीसदी से ज्यादा की बढ़त रही है। एवरेज रेवेन्यू पर यूजर भी 177 से बढ़कर 195 रुपए पर रही है। दूसरी ओर BOSCH INDIA का प्रॉफिट करीब 37% घटा है। लेकिन मार्जिन में सुधार दिखा है।

वायदा की 6 कंपनियों के नतीजे आज

आज वायदा में शामिल सीमेंस,PI इंडस्ट्रीज,मणप्पुरम फाइनेंस और जायडस लाइफ समेत 6 कंपनियों के नतीजे आएंगे। सीमेंस और PI INDUSTRIES के मुनाफे और मार्जिन पर दबाव दिख सकता है। वहीं, मणप्पुरम फाइनेंस की ब्याज से होने वाली कमाई 18 फीसदी बढ़ सकती है।

FII और DII फंड फ्लो

एक्सचेंज के शुरुआती आंकड़ों के अनुसार,10 अगस्त को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs/FPIs) ने ₹1,974.76 करोड़ के शेयर खरीदे और वे भारतीय इक्विटी के नेट बॉयर बन गए,जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने ₹1,290.29 करोड़ के शेयर बेचे और वे नेट सेलर रहे।

 

 

Market View : निफ्टी कंपनियों के लिए अच्छी रहेगी सितंबर तिमाही, बच्चों का कपड़ा बनाने वाली यह कंपनी कर सकती है कमाल

क्या ईरान युद्ध में आएगा बड़ा ट्विस्ट, न्यूक्लियर डील से पीछे हटेंगे ट्रंप? होर्मुज खोलने के लिए अमेरिका की क्या है नई स्ट्रैटेजी

Donald Trump Iran News: अमेरिका-ईरान पर दुनिया की निगाहें टिकी हुई हैं। जब से युद्ध की शुरुआत हुई है, पूरी दुनिया में गैस और ईंधन की सप्लाई पर बुरा असर पड़ा है। तेल की चढ़ती कीमत ने दुनिया भर में महंगाई बढ़ा दी है और इसका सबसे बड़ा कारण है होर्मुज से जहाजों का नियमित रूप से नहीं

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सूर्य ग्रहण को लेकर बड़ी खबर, 12 अगस्त को इन देशों में कुछ देर के लिए सूरज हो जाएगा पूरी तरह गायब

आसमान में जल्द ही एक बेहद खास खगोलीय घटना देखने को मिलने वाली है। 12 अगस्त को सूर्य ग्रहण के दौरान चंद्रमा कुछ समय के लिए सूर्य के सामने आ जाएगा और उसकी रोशनी को ढक देगा। इस नजारे को लेकर दुनिया के कई हिस्सों में लोगों के बीच उत्सुकता है। खास बात यह है कि करीब 1.5 करोड़ लोग उस इलाके में होंगे, जहां सूर्य पूरी तरह चंद्रमा के पीछे छिपा दिखाई देगा। स्पेन, आइसलैंड के साथ ग्रीनलैंड, रूस और पुर्तगाल के कुछ हिस्सों में पूर्ण सूर्य ग्रहण देखा जा सकेगा।

वहीं, यूरोप और उत्तरी अफ्रीका के कई इलाकों में इसका आंशिक प्रभाव नजर आएगा। कुछ शहरों में सूर्य का 90 फीसदी से ज्यादा हिस्सा ढका रहेगा, जिससे आसमान का नजारा काफी अलग दिखाई देगा। हालांकि, ग्रहण देखने के लिए आंखों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखना जरूरी होगा।

स्पेन में मिलेगा सबसे शानदार नजारा

पूर्ण सूर्य ग्रहण देखने के लिए उत्तरी और पूर्वी स्पेन को सबसे बेहतर जगहों में माना जा रहा है। लियोन, वलाडोलिड, जारागोजा, तेरुएल और वेलेंसिया पूर्ण ग्रहण के दायरे में आएंगे। पश्चिमी स्पेन में पूर्ण ग्रहण की शुरुआत करीब 18:27 GMT यानी स्थानीय समयानुसार रात 8:27 बजे होगी। अलग-अलग स्थानों के आधार पर पूर्ण ग्रहण करीब 110 सेकंड तक रह सकता है। हालांकि स्पेन की राजधानी मैड्रिड और बार्सिलोना पूर्ण ग्रहण की पट्टी से थोड़ा बाहर रहेंगे। इसके बावजूद वहां रहने वाले लोग सूर्य का 99 फीसदी से ज्यादा हिस्सा ढका हुआ देख सकेंगे।

यूरोप के कई शहरों में दिखेगा आंशिक ग्रहण

पूर्ण सूर्य ग्रहण का नजारा भले ही सीमित इलाकों में दिखे, लेकिन आंशिक ग्रहण का दायरा काफी बड़ा होगा। यूरोप के ज्यादातर हिस्सों में शाम के समय सूर्य आंशिक रूप से ढका नजर आएगा। पेरिस में करीब 92 फीसदी, लंदन में 91 फीसदी और बर्लिन में लगभग 85 फीसदी सूर्य ढका रहेगा। यूरोप के पूर्वी हिस्सों में समस्या यह होगी कि कई जगह सूर्य ग्रहण के अपने अधिकतम स्तर पर पहुंचने से पहले ही सूरज डूब जाएगा। यानी वहां लोग ग्रहण का सबसे गहरा चरण नहीं देख पाएंगे।

उत्तरी अफ्रीका में भी दिखेगा ग्रहण

उत्तरी अफ्रीका के कुछ हिस्सों में भी आंशिक सूर्य ग्रहण दिखाई देगा। अल्जीयर्स में करीब 98 फीसदी और कैसाब्लांका में लगभग 87 फीसदी सूर्य ढका नजर आएगा। हालांकि इन दोनों शहरों में भी सूर्य के पूरी तरह अस्त होने के कारण ग्रहण का आखिरी हिस्सा दिखाई नहीं देगा।

अमेरिका और कनाडा में कितना दिखेगा?

अटलांटिक के दूसरी तरफ स्थिति कुछ अलग होगी। वहां ग्रहण सुबह और दोपहर के समय दिखाई देगा, लेकिन उत्तरी अमेरिका पूर्ण ग्रहण की मुख्य पट्टी से काफी दूर रहेगा। कनाडा के सेंट जॉन्स में करीब 53 फीसदी, मॉन्ट्रियल में 18 फीसदी और टोरंटो में लगभग 8 फीसदी सूर्य ढका दिखाई देगा। अमेरिका में अलास्का के कुछ हिस्सों में करीब 37 फीसदी तक ग्रहण देखा जा सकेगा। वहीं बाकी इलाकों में इसका असर काफी कम रहेगा। उत्तर-पूर्वी मेन में करीब 28 फीसदी, न्यूयॉर्क में लगभग 10 फीसदी और मिडवेस्ट के कई हिस्सों में लगभग नगण्य ग्रहण दिखाई देगा।

अगला पूर्ण सूर्य ग्रहण कब?

अगर 12 अगस्त का ग्रहण आपके इलाके में दिखाई नहीं देता, तो अगला बड़ा मौका ज्यादा दूर नहीं है। 2 अगस्त 2027 को अगला पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा, जिसकी पट्टी दक्षिणी स्पेन, उत्तरी अफ्रीका और यमन से होकर गुजरेगी। सूर्य ग्रहण के दौरान सीधे सूर्य की ओर देखना आंखों के लिए खतरनाक हो सकता है, इसलिए इसे देखने के लिए उचित प्रमाणित सोलर-व्यूइंग चश्मे या सुरक्षित उपकरण का इस्तेमाल करना जरूरी है।