iPhone Duo vs Galaxy Z Fold 8 : दोनों फोल्डेबल में कौन है ज्यादा दमदार? जानें फीचर्स और कीमत

iPhone Duo vs Galaxy Z Fold 8 : दोनों फोल्डेबल में कौन है ज्यादा दमदार? जानें फीचर्स और कीमत

Apple Samsung Mobile Cover

Apple iPhone Duo vs Samsung Galaxy Z Fold 8 कौनसा फोन खरीदना समझदारी डिस्प्ले में दोनों का मुकाबला बराबरी का iPhone Duo में फोन खोलने पर 7.6 इंच की इनर स्क्रीन मिलती है, जबकि बाहर की तरफ 5.4 इंच का डिस्प्ले दिया गया है। Apple ने दोनों स्क्रीन में ProMotion और Always-On Display का सपोर्ट दिया है। इनकी पीक आउटडोर ब्राइटनेस 3,000 निट्स तक है।

इनर डिस्प्ले पर नैनो-टेक्सचर फिनिश दी गई है, जिससे रोशनी का प्रतिबिंब कम करने में मदद मिलती है। Galaxy Z Fold 8 में भी 7.6 इंच की मेन स्क्रीन है, लेकिन कवर स्क्रीन 5.5 इंच की है। इसमें Dynamic AMOLED 2X पैनल और 120Hz रिफ्रेश रेट मिलता है।

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बड़ी स्क्रीन के मामले में दोनों लगभग बराबर हैं। iPhone Duo का फायदा ProMotion और नैनो-टेक्सचर जैसे फीचर्स में है, जबकि Samsung का 5.5 इंच कवर डिस्प्ले थोड़ा बड़ा है। प्रोसेसर: Apple का A20 Pro बनाम Snapdragon iPhone Duo में Apple का A20 Pro चिपसेट दिया गया है। कंपनी के मुताबिक यह 2nm प्रोसेस पर बना है और इसमें 6-core CPU, 7-core GPU और Neural Engine दिया गया है।

Apple का दावा है कि यह पिछली पीढ़ी के iPhone 17 Pro की तुलना में लगातार परफॉर्मेंस में 35 प्रतिशत तक बेहतर है। दूसरी तरफ Galaxy Z Fold 8 में Snapdragon 8 Elite Gen 5 for Galaxy प्रोसेसर मिलता है। यह खास तौर पर हाई-एंड परफॉर्मेंस और AI फीचर्स के लिए तैयार किया गया है।

दोनों ही फ्लैगशिप लेवल के प्रोसेसर हैं। iPhone Duo उन लोगों को आकर्षित करेगा जो Apple के हार्डवेयर और iOS इकोसिस्टम को पसंद करते हैं, जबकि Samsung का Snapdragon Android और Galaxy AI यूजर्स के लिए मजबूत विकल्प है।

कैमरा : Samsung के मेगापिक्सल ज्यादा, Apple का वीडियो फोकस मजबूत iPhone Duo में 48MP Fusion Main और 48MP Fusion Ultra Wide कैमरा दिए गए हैं। मेन कैमरा ऑप्टिकल-क्वालिटी 2x जूम देता है। फोन से Dolby Vision के साथ 4K वीडियो 120fps तक रिकॉर्ड किया जा सकता है।

Galaxy Z Fold 8 में 50MP वाइड और 50MP अल्ट्रा-वाइड कैमरा मिलता है। इसमें 2x ऑप्टिकल-क्वालिटी जूम और 10x तक डिजिटल जूम दिया गया है। Samsung फोन से 8K वीडियो 30fps तक रिकॉर्ड किया जा सकता है। सिर्फ मेगापिक्सल देखें तो Samsung आगे है, लेकिन वीडियो रिकॉर्डिंग और Dolby Vision जैसे फीचर्स के कारण iPhone Duo कंटेंट क्रिएटर्स के लिए ज्यादा आकर्षक हो सकता है।

बैटरी: iPhone Duo का दावा ज्यादा वीडियो प्लेबैक का Apple ने iPhone Duo में डुअल-बैटरी आर्किटेक्चर दिया है और कंपनी के मुताबिक फोन इनर डिस्प्ले पर 31 घंटे तक वीडियो प्लेबैक दे सकता है। Galaxy Z Fold 8 में 4,800mAh बैटरी है और इसका वीडियो प्लेबैक टाइम 26 घंटे तक बताया गया है। iPhone Duo करीब 20 मिनट में 50 प्रतिशत तक चार्ज हो सकता है और वायरलेस चार्जिंग से लगभग 30 मिनट में 50 प्रतिशत तक चार्ज होने का दावा है।

उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर वीडियो प्लेबैक में iPhone Duo आगे दिखाई देता है। AI और सॉफ्टवेयर में अलग-अलग अनुभव iPhone Duo iOS 27.1 पर चलता है और फोल्डिंग स्क्रीन के लिए Split View, दो Home Screen पेज, साइड नेविगेशन और अपडेटेड StandBy जैसे फीचर्स मिलते हैं। इसमें Apple Intelligence के साथ नया Siri AI भी है। Galaxy Z Fold 8 Android आधारित Samsung सॉफ्टवेयर पर चलता है और इसमें Galaxy AI के फीचर्स दिए गए हैं।

Samsung का फोकस AI आधारित कंटेंट क्रिएशन, एडिटिंग और प्रोडक्टिविटी पर है। नतीजा: अगर आप iPhone, Mac और Apple के दूसरे डिवाइस इस्तेमाल करते हैं तो iPhone Duo ज्यादा सहज लगेगा। वहीं Android और Samsung Galaxy इकोसिस्टम पसंद करने वालों के लिए Fold 8 ज्यादा बेहतर विकल्प हो सकता है।

कीमत में सबसे बड़ा अंतर यही वह जगह है जहां दोनों फोन के बीच सबसे बड़ा फर्क नजर आता है। Apple iPhone Duo vs Samsung Galaxy Z Fold 8: कौन-सा फोल्डेबल फोन है बेहतर? फोल्डेबल स्मार्टफोन बाजार में अब मुकाबला और दिलचस्प हो गया है।

Apple ने पहली बार फोल्डेबल सेगमेंट में iPhone Duo के साथ एंट्री की है, जबकि Samsung पहले से ही अपनी Galaxy Z Fold 8 के साथ इस बाजार में मजबूत स्थिति बनाए हुए है। दोनों फोन किताब की तरह खुलने वाले फोल्डेबल डिजाइन के साथ आते हैं, लेकिन कीमत, कैमरा, प्रोसेसर, सॉफ्टवेयर और बैटरी के मामले में दोनों में काफी अंतर है। सबसे बड़ा अंतर कीमत का है।

Apple-Samsung

भारत में Apple iPhone Duo की शुरुआती कीमत 2,99,900 रुपए  है, जबकि Samsung Galaxy Z Fold 8 की शुरुआती कीमत करीब 1,74,999 रुपए  है। यानी शुरुआती मॉडल के हिसाब से iPhone Duo के लिए करीब 1.25 लाख रुपए  ज्यादा खर्च करने होंगे। फिर कौन-सा फोन खरीदना समझदारी होगी?

अगर बजट सबसे अहम है, तो Galaxy Z Fold 8 साफ तौर पर ज्यादा किफायती विकल्प है। इसकी शुरुआती कीमत iPhone Duo से करीब 1.25 लाख रुपए  कम है और इसके बावजूद आपको 7.6 इंच की फोल्डेबल स्क्रीन, फ्लैगशिप Snapdragon प्रोसेसर और 50MP कैमरे मिलते हैं।

Apple का इकोसिस्टम, iOS, वीडियो रिकॉर्डिंग, लंबी बैटरी प्लेबैक और 2TB तक स्टोरेज आपकी प्राथमिकता है और बजट बड़ी समस्या नहीं है, तो iPhone Duo प्रीमियम विकल्प बन सकता है। एक्सपर्ट्‍स के मुताबिक iPhone Duo तकनीक और Apple के फोल्डेबल सेगमेंट में बड़ी एंट्री जरूर है, लेकिन 2,99,900 रुपए  की शुरुआती कीमत इसे आम भारतीय खरीदार की पहुंच से काफी दूर रखती है।

दूसरी तरफ Galaxy Z Fold 8 कम कीमत में लगभग उसी आकार की फोल्डेबल मेन स्क्रीन और दमदार फ्लैगशिप हार्डवेयर देता है। इसलिए ज्यादातर भारतीय खरीदारों के लिए Galaxy Z Fold 8 ज्यादा प्रैक्टिकल विकल्प नजर आता है, जबकि iPhone Duo मुख्य रूप से प्रीमियम Apple अनुभव चाहने वाले ग्राहकों को आकर्षित करेगा।

iPhone 18 Pro की कीमत ₹1.64 लाख, FD या लंपसम में लगाएं तो कितना बनेगा पैसा? समझिए पूरा कैलकुलेशन

अमेरिकी टेक कंपनी Apple के नए iPhone 18 Pro की भारत में शुरुआती कीमत ₹1,64,900 है। सोशल मीडिया पर मीम चल रहा है कि अगर आप ₹1.64 लाख से आईफोन की जगह एक भैंस खरीदते हैं, तो ज्यादा फायदे में रहेंगे। 5 साल बाद आईफोन खराब होने लगेगा। वहीं भैंस तब तक कई बच्चे और दूध देकर आपका मुनाफा कई गुना बढ़ा चुकी होगी।

खैर, अगर मीम से हटकर बात करें तो इतना पैसा किसी प्रीमियम फोन पर खर्च करने के बजाय निवेश किया जाए, तो आने वाले वर्षों में यह रकम कितनी हो सकती है? इसे FD और एकमुश्त इक्विटी निवेश के जरिए समझते हैं।

इसके लिए ₹1,64,900 की शुरुआती रकम को 5, 10 और 15 साल के लिए निवेश करने का कैलकुलेशन किया गया है। FD के लिए 6.5% सालाना ब्याज और लंपसम निवेश के लिए औसतन 12% सालाना रिटर्न माना गया है।

अवधि6.5% पर FD का रिटर्न12% पर  लंपसम का रिटर्न
5 साल₹2.26 लाख₹2.91 लाख
10 साल₹3.10 लाख₹5.12 लाख
15 साल₹4.24 लाख₹9.03 लाख

नोट : FD का ब्याज बैंक की पॉलिसी और लंपसम का रिटर्न मार्केट की हालत के हिसाब से बदल सकता है।

5 साल बाद कितना पैसा बनेगा?

अगर ₹1,64,900 को 6.5% सालाना ब्याज वाली FD में रखा जाता है, तो 5 साल बाद यह रकम करीब ₹2.26 लाख हो सकती है। यानी करीब ₹61,000 की बढ़ोतरी होगी।

वहीं, इसी रकम को 12% सालाना रिटर्न के अनुमान पर एकमुश्त इक्विटी निवेश में लगाया जाए, तो 5 साल बाद करीब ₹2.91 लाख हो सकते हैं। इसमें शुरुआती रकम करीब ₹1.26 लाख बढ़ जाती है।

10 साल बाद कैसा हाल रहेगा?

समय बढ़ने के साथ कंपाउंडिंग का असर भी बढ़ता है। 6.5% सालाना ब्याज की दर से ₹1,64,900 की FD करीब ₹3.10 लाख हो सकती है।

अगर यही रकम 12% सालाना रिटर्न के अनुमान पर एकमुश्त निवेश की जाए, तो 10 साल बाद करीब ₹5.12 लाख हो सकती है। यानी FD के मुकाबले करीब ₹2 लाख ज्यादा रकम बन सकती है।

15 साल बाद की तस्वीर क्या है?

15 साल की अवधि में दोनों विकल्पों के बीच अंतर और बड़ा हो जाता है। 6.5% सालाना ब्याज के हिसाब से FD की रकम करीब ₹4.24 लाख हो सकती है।

दूसरी तरफ, 12% सालाना रिटर्न के अनुमान पर एकमुश्त निवेश करीब ₹9.03 लाख तक पहुंच सकता है। यानी ₹1.64 लाख की शुरुआती रकम करीब साढ़े पांच गुना हो सकती है।

iPhone खरीदने और निवेश के बीच फर्क

यह कैलकुलेशन दिखाता है कि ₹1.64 लाख की रकम को लंबे समय तक निवेश करने पर कंपाउंडिंग का फायदा कितना बड़ा हो सकता है। फोन खरीदने पर यह रकम एक प्रोडक्ट पर खर्च हो जाती है। वहीं निवेश में पैसा आगे भी कमाई कर सकता है।

हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि फोन खरीदना हमेशा गलत फैसला है। अगर आपकी बचत, इमरजेंसी फंड और दूसरे वित्तीय लक्ष्य पहले से रास्ते पर हैं, तो आप को बेशक अपनी पसंद का फोन खरीद सकता है। लेकिन अगर ₹1.64 लाख उसकी कुल बचत का बड़ा हिस्सा है, तो इस रकम को खर्च करने से पहले निवेश का विकल्प देखना ज्यादा समझदारी भरा हो सकता है।

Smartphone GST Cut: क्या सस्ते होने वाले हैं स्मार्टफोन? इंडस्ट्री की GST 18% से घटाकर 5% करने की मांग

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

Smartphone GST Cut: क्या सस्ते होने वाले हैं स्मार्टफोन? इंडस्ट्री की GST 18% से घटाकर 5% करने की मांग

Smartphone GST Cut: स्मार्टफोन की कीमत लगातार बढ़ रही है, क्योंकि जरूरी पार्ट्स महंगे हो गए हैं। खासकर, AI की वजह से। ऐसे में मोबाइल फोन पर GST कम करने की मांग तेज हो गई है। इंडस्ट्री चाहती है कि GST को मौजूदा 18% से घटाकर 5% किया जाए। उसका कहना है कि इससे फोन सस्ते होंगे और बिक्री बढ़ सकती है।

GST 18% से घटाकर 5% करने की मांग

स्मार्टफोन कंपनियों की इंडस्ट्री बॉडी इंडिया सेल्युलर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन (ICEA) ने यह मांग उठाई है। ICEA ने 2 और 3 सितंबर को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र भेजे हैं।

एसोसिएशन चाहती है कि इस प्रस्ताव को अगली GST काउंसिल की बैठक में रखा जाए। ICEA में Apple, Xiaomi, Oppo, Vivo, Dixon, Bhagwati और Lava जैसी कंपनियां शामिल हैं। इंडस्ट्री का कहना है कि 18% GST से खासकर सस्ते स्मार्टफोन खरीदने वालों पर बोझ बढ़ रहा है। इसलिए टैक्स घटाने की जरूरत है।

फोन पहले ही काफी महंगे हो चुके हैं

ICEA के मुताबिक, पिछले एक साल में स्मार्टफोन की कीमतों में अच्छी-खासी बढ़ोतरी हुई है। इसकी एक वजह मोबाइल मेमोरी चिप की बढ़ती कीमत है।

एसोसिएशन का कहना है कि सितंबर 2025 से DRAM और NAND फ्लैश की कीमतें करीब चार गुना बढ़ चुकी हैं। AI डेटा सेंटर में मेमोरी चिप की मांग बढ़ने से दुनियाभर में इसकी सप्लाई पर दबाव आया है। इसका असर भारत में भी दिखा है। ICEA के मुताबिक, पिछले एक साल में एंट्री-लेवल स्मार्टफोन की कीमतें करीब 35-45% बढ़ी हैं।

₹10,000 से सस्ते फोन की सप्लाई घटी

सबसे ज्यादा दबाव सस्ते फोन के बाजार पर है। ICEA के मुताबिक, ₹10,000 से कम कीमत वाले स्मार्टफोन की सप्लाई अब 5% से भी कम रह गई है। कंपनियों के लिए मेमोरी चिप की बढ़ी पूरी लागत खुद उठाना मुश्किल है। इसलिए उसका कुछ हिस्सा ग्राहकों पर डालना पड़ रहा है। ऊपर से 18% GST भी लग रहा है।

ICEA के मुताबिक, फोन की प्री-टैक्स कीमत में ₹1 की बढ़ोतरी होती है तो 18% GST के हिसाब से टैक्स का बोझ भी 18 पैसे बढ़ जाता है।

पहली बार फोन खरीदने वालों पर ज्यादा असर

ICEA का कहना है कि महंगे फोन का असर सबसे ज्यादा पहली बार स्मार्टफोन खरीदने वालों पर पड़ रहा है। ग्रामीण इलाकों और कम आय वाले परिवारों के लिए भी फोन खरीदना मुश्किल हुआ है।

अगर GST 5% किया जाता है, तो फोन की शुरुआती कीमत कम हो सकती है। इससे लोग पुराने फोन बदलने के लिए भी प्रोत्साहित हो सकते हैं। साथ ही फीचर फोन और 2G यूजर्स के स्मार्टफोन पर आने की रफ्तार बढ़ सकती है।

पहले 12% था मोबाइल पर GST

मोबाइल फोन पर हमेशा से 18% GST नहीं था। जुलाई 2017 में GST लागू हुआ था। उस समय मोबाइल फोन को 12% GST स्लैब में रखा गया था। अप्रैल 2020 में GST बढ़ाकर 18% कर दिया गया। अब ICEA इसे सीधे 5% करने की मांग कर रहा है।

एसोसिएशन का कहना है कि यह दर GST लागू होने से पहले के टैक्स स्ट्रक्चर के ज्यादा करीब होगी। GST से पहले मोबाइल फोन पर 1% बेसिक एक्साइज ड्यूटी लगती थी। ज्यादातर राज्यों में VAT भी 5% या उससे कम था।

GST 18% से 5% घटने पर क्या असर होगा?

अगर GST 18% से घटकर 5% हो जाता है, तो फोन की कीमत में अच्छी खासी कमी आ सकती है। मसलन, ₹10,000 का फोन करीब ₹8,898 का हो सकता है। यानी करीब ₹1,102 की बचत। ₹20,000 का फोन करीब ₹17,797 और ₹30,000 का फोन करीब ₹26,695 का हो सकता है।

वहीं ₹50,000 का फोन करीब ₹44,492 और ₹1 लाख का फोन करीब ₹88,983 में मिल सकता है। यानी जितना महंगा फोन, उतनी ज्यादा बचत। हालांकि यह तभी होगा, जब कंपनियां GST कटौती का पूरा फायदा ग्राहकों को दें।

सरकार का रेवेन्यू भी पूरी तरह नहीं घटेगा?

ICEA ने सरकार के रेवेन्यू को लेकर भी अपना पक्ष रखा है। उसका कहना है कि GST घटने से टैक्स रेवेन्यू में शुरुआती कमी आ सकती है। लेकिन ज्यादा फोन बिकने पर इसकी कुछ भरपाई हो सकती है। इसके अलावा ग्रे मार्केट की खरीदारी का ज्यादा हिस्सा औपचारिक बाजार में आ सकता है। मोबाइल डेटा, सब्सक्रिप्शन और डिजिटल सर्विसेज से मिलने वाला GST भी बढ़ सकता है।

अब ICEA चाहती है कि वित्त मंत्रालय इस प्रस्ताव पर विचार करे और इसे अगली GST काउंसिल की बैठक में रखा जाए। अगर GST में कटौती पर सहमति बनती है, तो इसका सीधा फायदा स्मार्टफोन खरीदारों को मिल सकता है।

iPhone Duo vs Investment: ₹4.49 लाख का फोन खरीदना सही या इसी पैसे को निवेश करना? समझिए पूरा हिसाब

iPhone Duo vs Investment: ₹4.49 लाख का फोन खरीदना सही या इसी पैसे को निवेश करना? समझिए पूरा हिसाब

iPhone Duo vs Investment: अमेरिकी टेक कंपनी Apple का iPhone Duo 2TB भारत में ₹4.49 लाख का है। इतनी कीमत में यह फोन लग्जरी खरीदारी की कैटेगरी में आता है। ऐसे में सवाल सिर्फ ये नहीं कि आप इसे खरीद सकते हैं या नहीं। सवाल ये भी है कि अगर यही ₹4.49 लाख निवेश कर दिए जाएं, तो आगे कितनी रकम बन सकती है।

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, फैसला सिर्फ फोन की कीमत देखकर नहीं करना चाहिए। आपकी आमदनी, बचत, निवेश और दूसरे खर्च भी देखने होंगे। साथ ही ये भी देखना होगा कि इस पैसे को खर्च करने की निवेश करने की सूरत क्या रहेगी।

क्या ₹4.49 लाख का iPhone खरीदना सही है?

₹4.49 लाख का स्मार्टफोन खर्च है। इसे निवेश नहीं माना जा सकता। इसलिए खरीदारी तभी ठीक है, जब यह पैसा आपकी अतिरिक्त आय से आ रहा हो। इससे आपके दूसरे वित्तीय लक्ष्य भी प्रभावित नहीं होने चाहिए।

MidasX के को-फाउंडर और CIS अनिल गुप्ता ने कहा, ‘वेल्थ क्रिएशन के नजरिए से ₹4.49 लाख का प्रीमियम स्मार्टफोन खरीदना कंजम्पशन डिसीजन है, निवेश का फैसला नहीं।’ उनके मुताबिक, सवाल सिर्फ फोन की कीमत का नहीं है। यह भी देखना जरूरी है कि अगर यही ₹4.49 लाख कहीं निवेश किए जाते, तो आगे कितनी रकम बन सकती थी।

गुप्ता का कहना है कि इंडेक्स फंड में लगाया पैसा समय के साथ बढ़ सकता है। वहीं फोन खरीदते ही उसकी वैल्यू कम होने लगती है। अगर आपके पास पहले से इमरजेंसी फंड है। पर्याप्त इंश्योरेंस है। लंबे समय के निवेश भी चल रहे हैं। तब इसे लाइफस्टाइल खर्च माना जा सकता है।

कम कीमत का फोन लेकर बाकी पैसा लगाएं?

Capwise Financial Services के फाउंडर और CEO नरेश बियानी के मुताबिक, फैसला सिर्फ फोन और इंडेक्स फंड के बीच नहीं होना चाहिए। आप कम कीमत का फोन भी खरीद सकते हैं। बची रकम को निवेश किया जा सकता है।

लोन लेकर फोन खरीद रहे हैं तो मामला और अहम हो जाता है। Anand Rathi Wealth के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर मनीष श्रीवास्तव के मुताबिक, ₹4.5 लाख के फोन पर दो साल की EMI करीब ₹18,000-19,000 महीने हो सकती है। अगर ये आपकी इनहैंड सैलरी के 5-10% से ज्यादा है और पहले से दूसरी EMI चल रही है, तो ये बड़ा बोझ बन सकता है।

₹4.49 लाख निवेश करने पर कितनी रकम बन सकती है?

मान लीजिए ₹4.49 लाख को एकमुश्त इंडेक्स फंड में लगाया गया। 11% CAGR मानने पर यह रकम 10 साल में करीब ₹12.7 लाख हो सकती है। 15 साल में करीब ₹21.5 लाख और 20 साल में करीब ₹36.2 लाख हो सकती है।

अगर Diversified Equity Fund में 13% CAGR मानें, तो यही रकम 10 साल में करीब ₹15.25 लाख हो सकती है। 15 साल में करीब ₹28.1 लाख और 20 साल में करीब ₹51.8 लाख हो सकती है।

ब्रोकिंग फर्म आनंद राठी के मुताबिक, Nifty 50 ने लंबे समय में करीब 10-11% रिटर्न दिया है। Diversified Equity Funds एक्टिव मैनेजमेंट के जरिए ज्यादा रिटर्न दे सकते हैं।

खरीदने से पहले इन बातों पर गौर करें

सबसे पहले देखें कि ₹4.49 लाख आपकी सरप्लस रकम है या बचत का हिस्सा। नरेश बियानी ने इसे मासिक खर्च के हिसाब से देखने की भी सलाह दी है। तीन साल में इस खर्च को बांटें तो यह करीब ₹12,500 महीने बैठता है।

मनीष श्रीवास्तव के मुताबिक, बड़ी खरीदारी से पहले 6-8 महीने का इमरजेंसी फंड होना चाहिए। हेल्थ और टर्म इंश्योरेंस भी पर्याप्त होना चाहिए। हाई-इंटरेस्ट कर्ज नहीं होना चाहिए। वित्तीय लक्ष्यों के लिए निवेश भी चलता रहना चाहिए। उनके मुताबिक, आपकी कुल मासिक EMI और फिक्स्ड खर्च आपकी आय के 40-50% से ज्यादा नहीं होने चाहिए।

आईफोन डुओ खरीदें या फिर निवेश करें?

Rupyaapaisa.com के फाउंडर और MD मुकेश पांडे के मुताबिक, अगर फोन खरीदने के बाद भी पर्याप्त खर्च करने लायक रकम बचती है। और इससे जरूरी वित्तीय लक्ष्य प्रभावित नहीं होते, तो खरीदारी की जा सकती है। लेकिन अगर ₹4.49 लाख आपकी बचत का बड़ा हिस्सा है, तो पैसा निवेश करना ज्यादा बेहतर विकल्प हो सकता है।

आखिर में फैसला आपकी जेब और वित्तीय स्थिति पर निर्भर करता है। अगर फोन सरप्लस इनकम से खरीदा जा रहा है, तो यह जरूरी नहीं कि फैसला गलत हो। लेकिन अगर इसके लिए निवेश रोकना पड़ रहा है या इमरजेंसी फंड खत्म हो रहा है, तो ₹4.49 लाख की Opportunity Cost काफी बड़ी हो सकती है।

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Amit Shah UCC: ‘2029 से पहले 21 राज्यों में लागू होगा UCC’: अमित शाह का बड़ा ऐलान, बोले- घुसपैठियों की पहचान कर डिपोर्ट करेंगे

Amit Shah UCC: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने रविवार (13) को कहा कि 21 राज्यों की भारतीय जनता पार्टी (BJP) की अगुवाई वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की सरकारें 2029 से पहले समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करेंगी। शाह ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान केंद्र सरकार की पिछले 12 वर्षों की उपलब्धियों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में BJP की 25 साल की यात्रा का उल्लेख किया।

‘मुस्लिम महिलाओं को समान अधिकार दिए गए’

अमित शाह ने कहा, “तीन तलाक को समाप्त करके मुस्लिम महिलाओं को समान अधिकार दिए गए हैं। हमने कई राज्यों में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू की है। मुझे विश्वास है कि भाजपा-राजग शासित 21 राज्यों में 2029 से पहले यूसीसी लागू कर दिया जाएगा।”आपको बता दें कि अगला लोकसभा चुनाव 2029 में होना है।

उन्होंने कहा कि सरकार ने भारतीय न्याय संहिता के माध्यम से देश की आपराधिक न्याय प्रणाली को मजबूत किया है। साथ ही दावा किया कि कई राज्यों में एक साल में दोषसिद्धि दर में 30 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। उन्होंने यह भी कहा कि तीन साल के भीतर न्याय दिलाने के लिए एक व्यवस्था स्थापित की जा रही है।

राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर शाह ने कहा कि आर्टिकल 370 और 35A को बिना एक बूंद खून बहाए या एक गोली चलाए समाप्त किया गया। गृह मंत्री ने दावा किया कि कश्मीर अब भारत के साथ पूरी तरह खड़ा है। उन्होंने कहा कि सरकार ने पांच दशक से जारी नक्सलवाद को समाप्त किया है और देश के पूर्वोत्तर क्षेत्र में 14 से अधिक शांति समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं।

90000 लोगों ने किया सरेंडर

शाह ने कहा, “नौ हजार से अधिक लोगों ने आत्मसमर्पण किया है। आज हम पूर्वोत्तर को विकास के रास्ते पर लाए हैं।” उन्होंने कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक, हवाई हमले और ऑपरेशन सिंदूर ने आतंकवाद को बिल्कुल बर्दाश्त न करने की नीति स्थापित की है। मणिपुर में राष्ट्रीय नागरिक पंजी (NRC) लागू करने के लिए क्या 1951 को आधार वर्ष माना जाएगा? इस सवाल पर शाह ने कहा कि केंद्र इस मुद्दे पर अपने सहयोगियों और राजनीतिक दलों के साथ चर्चा कर रहा है।

उन्होंने कहा, “हम इन मुद्दों पर अपने सहयोगियों और मणिपुर के राजनीतिक दलों के साथ चर्चा कर रहे हैं। जो भी फैसला होगा, हम आपको बताएंगे।” अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों और मुंबई जैसे शहरों में उनकी पहचान किए जाने के बारे में पूछे जाने पर शाह ने कहा कि सरकार उन्हें चिह्नित करने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले तरीकों का खुलासा नहीं करेगी।

शाह ने चुटकी लेते हुए कहा, “आप गृहमंत्री से कह रहे हैं कि वह तरीकों को सार्वजनिक कर दें और आपको बता दें कि यह कैसे किया जाएगा। फिर हम उन्हें कैसे पकड़ेंगे? उन्हें भी पता चल जाएगा।”

अवैध घुसपैठियों पर एक्शन

शाह ने देश से अवैध घुसपैठियों की पहचान करके उन्हें बाहर निकालने के सरकार के संकल्प को दोहराया। उन्होंने कहा, “मैं अपने संकल्प को दोहराता हूं कि हम इस देश के एक-एक अवैध घुसपैठिये की पहचान करेंगे और एक-एक करके उन्हें देश से बाहर भेजेंगे।”

इस दौरान सरकार के एंटी ड्रग्स अभियान पर शाह ने कहा कि उन्होंने हाल में ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ शुरू किया है।इस अभियान के तहत हर राज्य का दौरा करेंगे। शाह ने कहा कि उन्होंने पिछले दिन एक मुख्यमंत्री से बात की थी। अभियान को जमीनी स्तर तक पहुंचाने के लिए पूरे दिन बैठक की जाएगी।

क्या है UCC?

समान नागरिक संहिता (UCC) का मतलब देश के सभी नागरिकों के लिए विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और गोद लेने जैसे व्यक्तिगत मामलों से जुड़े समान नागरिक कानूनों की व्यवस्था से है। वर्तमान में इन विषयों पर अलग-अलग धार्मिक समुदायों के लिए अलग-अलग व्यक्तिगत कानून लागू होते हैं। UCC का उद्देश्य इन व्यक्तिगत मामलों में एक समान कानूनी ढांचा स्थापित करना है।

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MP News: ‘न धमकी, न दबाव…’; धर्म परिवर्तन केस में मुस्लिम युवक बरी, पत्नी ने जज से कही ये बात

MP News: मध्य प्रदेश के भोपाल की एक सत्र अदालत ने जबरन धर्म परिवर्तन और दबाव डालकर शादी कराने के आरोपों से जुड़े मामले में 26 वर्षीय मुस्लिम युवक को बरी कर दिया है। अदालत ने माना कि अभियोजन पक्ष आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों को ठोस सबूतों के आधार पर साबित करने में विफल रहा। मामले में सबसे अहम मोड़ तब आया, जब आरोपी से शादी करने वाली हिंदू महिला ने अदालत के समक्ष पुलिस के दावों को खारिज करते हुए कहा कि उस पर न तो धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया गया और न ही उसे किसी तरह की धमकी दी गई।

पत्नी ने नकारे जबरन धर्म परिवर्तन के आरोप

मामला वर्ष 2024 में सामने आया था। स्थानीय पुलिस ने एक शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज की थी। आरोप था कि युवक ने शादी के लिए अपनी पहचान छिपाई और बाद में महिला पर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाया। इसके बाद आरोपी के खिलाफ मध्य प्रदेश के धर्म की स्वतंत्रता से संबंधित कानून के तहत मामला दर्ज किया गया। हालांकि, न्यायिक प्रक्रिया के दौरान शिकायतकर्ता महिला ने पुलिस की ओर से लगाए गए आरोपों की पुष्टि नहीं की। जिरह के दौरान और दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 164 के तहत दर्ज अपने बयान में महिला ने स्पष्ट रूप से कहा कि उसने अपनी इच्छा से शादी की थी।

महिला ने कोर्ट में क्या कहा?

अपनी मर्जी से शादी: महिला ने अदालत को बताया कि उसने आरोपी से अपनी स्वतंत्र इच्छा से शादी की थी और उसे अपने पति की पृष्ठभूमि की जानकारी थी। कोई धमकी या दबाव नहीं। उसने कहा कि आरोपी या उसके परिवार की ओर से उसे किसी तरह की धमकी नहीं दी गई और न ही शारीरिक हिंसा या धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाया गया। महिला ने बताया कि शुरुआती पुलिस रिपोर्ट गलतफहमी और परिवार के दबाव की वजह से सामने आई थी। उसने आरोपी पर किसी आपराधिक कृत्य का आरोप लगाने से इनकार किया।

कमजोर पड़ा अभियोजन का मामला

अदालत के सामने जब शिकायतकर्ता ने ही जबरन धर्म परिवर्तन और दबाव के आरोपों से इनकार कर दिया, तो अभियोजन पक्ष का मामला कमजोर पड़ गया। अभियोजन आरोपी के खिलाफ ऐसे स्वतंत्र गवाह, दस्तावेज या अन्य ठोस सामग्री पेश नहीं कर सका, जिससे कथित धोखाधड़ी या जबरन धर्म परिवर्तन के आरोप साबित हो सकें। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि मध्य प्रदेश के धर्म की स्वतंत्रता से संबंधित कानून के तहत आपराधिक जिम्मेदारी तय करने के लिए गलत पहचान या गलत जानकारी, बल, अनुचित प्रभाव या दबाव जैसे तत्वों का स्पष्ट प्रमाण जरूरी है।

सबूतों के अभाव में आरोपी को मिली राहत

कोर्ट ने पाया कि मामले में मुख्य शिकायतकर्ता की गवाही अभियोजन के आरोपों का समर्थन नहीं करती। इसके अलावा आरोपों की पुष्टि करने वाला पर्याप्त स्वतंत्र या भौतिक साक्ष्य भी अदालत के सामने नहीं रखा गया। इन परिस्थितियों में अदालत ने माना कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे साबित करने में असफल रहा। इसके चलते 26 वर्षीय आरोपी को मामले में पूर्ण रूप से बरी कर दिया गया। यह फैसला ऐसे मामलों में अदालत के समक्ष ठोस साक्ष्य और शिकायतकर्ता के न्यायिक बयान की अहमियत को भी रेखांकित करता है।

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Croma Sale: iPhone 17 Pro Max की कीमत में भारी गिरावट! सिर्फ ₹74,990 में मिल रहा 256GB मॉडल, जानें- पूरा गणित

iPhone 17 Pro Max price: Apple के प्रीमियम स्मार्टफोन iPhone 17 Pro Max को खरीदने का प्लान बना रहे ग्राहकों के लिए Croma ने एक बड़ा ऑफर पेश किया है। कंपनी की ओर से चलाए जा रहे नए ऑफर्स के तहत iPhone 17 Pro Max के 256GB मॉडल की इफेक्टिव कीमत ₹74,990 हो गई है। वहीं, 512GB मॉडल को ₹94,990 की कीमत में खरीदा जा सकता है। हालांकि, ये कीमतें फोन की सीधी बिक्री कीमत नहीं हैं। बल्कि एक्सचेंज बोनस (Exchange Bonus), पुराने फोन की एक्सचेंज वैल्यू और बैंक ऑफर को जोड़ने के बाद बनती हैं।

खास बात यह है कि यह ऑफर ऐसे समय में आया है जब Croma ने नए iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max के लिए प्री-बुकिंग भी शुरू कर दी है। ऐसे में ग्राहकों के पास लेटेस्ट iPhone खरीदने या पिछली पीढ़ी के Pro Max मॉडल को काफी कम प्रभावी कीमत पर लेने का विकल्प है।

Croma का ऑफर कैसे काम करता है?

Croma के ऑफर के तहत iPhone 17 Pro Max 256GB की इफेक्टिव कीमत ₹74,990 और 512GB मॉडल की ₹94,990 बताई गई है। लेकिन इन कीमतों का लाभ उठाने के लिए ग्राहक को पात्र एक्सचेंज और अन्य ऑफर्स का इस्तेमाल करना होगा। इस डील का सबसे बड़ा हिस्सा ₹12,000 तक का एक्सचेंज बोनस है। इसके अलावा ग्राहक अपने पुराने iPhone को भी एक्सचेंज कर सकता है।

उदाहरण के तौर पर iPhone 15 Pro Max को एक्सचेंज करने पर मॉडल और फोन की कंडीशन के आधार पर ₹53,000 तक की एक्सचेंज वैल्यू मिल सकती है। इसके ऊपर चुनिंदा क्रेडिट कार्ड से भुगतान करने पर ₹4,000 तक का बैंक कैशबैक भी उपलब्ध है। इसलिए किसी ग्राहक को मिलने वाली अंतिम कीमत उसके पुराने फोन की एक्सचेंज वैल्यू, एक्सचेंज बोनस और बैंक ऑफर के लिए उसकी पात्रता पर निर्भर करेगी।

iPhone 17 Pro Max खरीदने पर मिलेंगे ये एक्स्ट्रा फायदे

Croma सिर्फ कीमत में राहत ही नहीं दे रहा है। बल्कि iPhone 17 Pro सीरीज के साथ कुछ एक्स्ट्रा फायदे भी दिए जा रहे हैं। इन ऑफर्स के कारण उन ग्राहकों के लिए डील और आकर्षक हो जाती है जो एक्सचेंज के साथ-साथ बैंक या EMI ऑफर का भी फायदा उठा सकते हैं। उदाहरण के तौर पर:-

  • ₹3,499 का Hyphen Case Combo मुफ्त मिलेगा।
  • iPhone 17 Pro सीरीज के साथ AppleCare+ पर फ्लैट 10% डिस्काउंट मिलेगा।
  • 6 महीने की No Cost EMI चुनने वाले ग्राहकों को शर्तों के अनुसार ₹4,000 तक का एक्स्ट्रा कैशबैक मिल सकता है।

एक्सचेंज नहीं करना चाहते तो कितनी होगी कीमत?

अगर आप अपना पुराना फोन एक्सचेंज नहीं करना चाहते हैं, तो iPhone 17 Pro Max की कीमत काफी अधिक होगी। Croma.com पर 256GB मॉडल ₹1,39,990 और 512GB मॉडल ₹1,59,990 में लिस्ट किया गया है। ये ऑनलाइन कीमतें ₹4,000 बैंक कैशबैक को शामिल करके बताई गई हैं। Croma के मुताबिक, ये ऑनलाइन कीमतें 15 सितंबर से उपलब्ध होंगी।

iPhone 17 Pro Max या नया iPhone 18 Pro में से क्या खरीदें?

Croma का यह ऑफर इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि कंपनी इसी समय iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max की प्री-बुकिंग भी ले रही है। नए iPhone 18 Pro मॉडल की प्री-बुकिंग 12 सितंबर शाम 5:30 बजे से शुरू हुई। Croma स्टोर्स पर किसी भी iPhone 18 Pro मॉडल की प्री-बुकिंग ₹5,000 देकर की जा सकती है। वहीं, Croma.com, Tata Neu और BigBasket के जरिए ऑनलाइन प्री-बुकिंग के लिए पूरी पेमेंट करनी होगी।

नए Pro मॉडल पर भी ₹12,000 तक का एक्सचेंज बोनस दिया जा रहा है। ऐसे में अगर आपका फोकस सबसे नया iPhone खरीदने पर है, तो iPhone 18 Pro सीरीज बेहतर विकल्प हो सकती है। लेकिन अगर आप लेटेस्ट मॉडल के बजाय Pro Max कैटेगरी का फोन कम प्रभावी कीमत में लेना चाहते हैं, तो iPhone 17 Pro Max का यह ऑफर काफी आकर्षक हो सकता है।

कहां से खरीद सकते हैं iPhone 17 Pro Max?

Croma का यह ऑफर देशभर में मौजूद उसके स्टोर्स पर उपलब्ध है। इसके अलावा ग्राहक Croma.com और Tata Neu के जरिए भी खरीदारी कर सकते हैं। Croma के देशभर में 200 से ज्यादा शहरों में 560 से अधिक स्टोर्स हैं। एक्सचेंज की कीमत पुराने फोन के मॉडल, वेरिएंट और उसकी कंडीशन के हिसाब से बदल सकती है। इसलिए खरीदारी से पहले एक्सचेंज वैल्यू और बैंक ऑफर की शर्तों को जरूर जांच लेना चाहिए।

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एक नजर में डील की बड़ी बातें

मॉडल                                                                                                       Croma की बताई कीमत

  • iPhone 17 Pro Max 256GB                                                                 ₹74,990 तक
  • iPhone 17 Pro Max 512GB                                                                  ₹94,990 तक
  • एक्सचेंज बोनस                                                                                              ₹12,000 तक
  • क्रेडिट कार्ड कैशबैक चुनें                                                                              ₹4,000 तक
  • हाइफन केस कॉम्बिनेशन                                                                              ₹3,499 का मुफ्त
  • AppleCare+                                                                                                10% डिस्काउंट

Android फोन हो गया है स्लो? ऐसे करें Factory Reset, जानें स्टेप-बाय-स्टेप गाइड

स्मार्टफोन में अक्सर कई तरह की सॉफ्टवेयर से जुड़ी दिक्कतें आ सकती हैं। इसके अलावा, लंबे समय तक इस्तेमाल करने से जमा हुआ कैशे (Cache) और दूसरी रुकावटें आपके Android फोन को धीमा कर सकती हैं। अगर ऐसी समस्याएं लगातार बनी रहती हैं और सामान्य तरीके से उन्हें ठीक करना मुश्किल हो जाए, तो Android फोन को फैक्ट्री रीसेट करने की सलाह दी जाती है।

इसके अलावा, अगर आप अपना स्मार्टफोन बेचने वाले हैं, तो उसे फैक्ट्री रीसेट करना जरूरी है। इससे फोन में मौजूद आपका निजी डेटा और दूसरी पहचान से जुड़ी जानकारी डिलीट हो जाती है।

Android यूजर्स अपने फोन को दो तरीकों से आसानी से फैक्ट्री रीसेट कर सकते हैं। पहला तरीका है फोन को Recovery Mode में जाकर रीसेट करना और दूसरा तरीका Settings के जरिए फोन को रीसेट करना है।

अगर आप सोच रहे हैं कि ऊपर बताई गई किसी भी वजह से अपने Android स्मार्टफोन को फैक्ट्री रीसेट कैसे करें, तो हमने आपकी मदद के लिए एक स्टेप-बाय-स्टेप गाइड तैयार की है। हालांकि, आगे बढ़ने से पहले, यह पक्का कर लें कि आपने अपने सभी कॉन्टैक्ट्स और दूसरी लोकल तौर पर सेव की गई जानकारी का बैकअप अपने Google अकाउंट या किसी बाहरी हार्ड ड्राइव में ले लिया है।

Settings से Android फोन को Factory Reset कैसे करें

  1. सबसे पहले अपने Android फोन को अनलॉक करें।
  2. इसके बाद फोन में Settings खोलें।
  3. अब नीचे स्क्रॉल करके System Settings में जाएं।
  4. यहां स्क्रीन के नीचे दिखाई दे रहे Reset options पर टैप करें।
  5. इसके बाद Erase all data (factory reset) के विकल्प पर क्लिक करें।
  6. अब स्क्रीन के नीचे दाईं ओर दिए गए Erase all data बटन पर टैप करें।
  7. फैक्ट्री रीसेट की पुष्टि करने के लिए अपने फोन का PIN दर्ज करें।
  8. कुछ सेकंड बाद आपका Android फोन रीस्टार्ट होना शुरू हो जाएगा और फोन में मौजूद सभी डेटा डिलीट हो जाएगा।

Recovery Mode के जरिए Android फोन को Factory Reset कैसे करें

  1. सबसे पहले अपने Android फोन को बंद करें।
  2. अब Recovery Mode में जाने के लिए Power और Volume Down बटन को करीब 5 सेकंड तक एक साथ दबाकर रखें। ऐसा करने पर Fastboot मेन्यू दिखाई देगा।
  3. अब Volume Up और Volume Down बटन की मदद से Recovery Mode विकल्प पर जाएं।
  4. इसके बाद अपनी पसंद की पुष्टि करने के लिए Power बटन दबाएं।
  5. अब स्क्रीन पर “No command” लिखा दिखाई देगा। यहां Power बटन को दबाकर रखें और तुरंत Volume Up बटन को दबाकर छोड़ दें। इससे Recovery Menu खुल जाएगा।
  6. इसके बाद फिर से Power बटन को दबाकर रखें और उसी समय Volume Up बटन को दबाकर छोड़ दें।
  7. अब Volume बटन की मदद से Wipe data या Factory reset विकल्प पर जाएं और इसे चुनने के लिए Power बटन दबाएं।
  8. कुछ सेकंड इंतजार करें। इसके बाद आपका Android फोन रीस्टार्ट होगा और फैक्ट्री रीसेट की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।

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Croma सेल में iPhone 17 Pro Max पर बंपर छूट, जानिए कीमत और ऑफर्स की पूरी डिटेल

Croma ने भारत में अपने स्टोर्स पर चल रहे नए ऑफर्स के तहत iPhone 17 Pro Max की कीमत में बड़ी कटौती की है। इस छूट के साथ 256GB मॉडल की प्रभावी कीमत 74,990 रुपये और 512GB मॉडल की प्रभावी कीमत 94,990 रुपये हो गई है। इसमें योग्य एक्सचेंज ऑफर और दूसरे फायदे शामिल हैं।

बता दें कि यह ऑफर ऐसे समय में आया है जब Croma नए iPhone 18 Pro लाइनअप के लिए प्री-बुकिंग भी शुरू कर रहा है। इससे खरीदारों को लेटेस्ट मॉडल लेने या पिछली जनरेशन के Pro Max को काफी कम प्रभावी कीमत पर खरीदने का विकल्प मिलता है।

iPhone 17 Pro Max की डील के बारे में जानकारी

Croma स्टोर्स पर iPhone 17 Pro Max का 256GB मॉडल 74,990 रुपये की प्रभावी कीमत पर मिल रहा है, जबकि ऑफर के तहत 512GB मॉडल की कीमत 94,990 रुपये है। ये कीमतें फोन की स्टैंडर्ड सेलिंग प्राइस में सीधी कटौती के बजाय, एक्सचेंज बेनिफिट्स और अन्य लागू डिस्काउंट्स को मिलाकर तय की गई हैं।

इसमें सबसे बड़ा हिस्सा Croma की ओर से दिया जाने वाला 12,000 रुपये तक का एक्सचेंज बोनस है। खरीदार अपना पुराना iPhone भी एक्सचेंज कर सकते हैं। Croma iPhone 15 Pro Max के लिए उसके मॉडल और कंडीशन के आधार पर 53,000 रुपये तक दे रहा है।

इसके अलावा, चुनिंदा क्रेडिट कार्ड से पेमेंट करने पर ग्राहकों को 4,000 रुपये का बैंक कैशबैक भी मिल सकता है। इसका मतलब है कि फाइनल प्रभावी कीमत एक्सचेंज किए जा रहे डिवाइस की वैल्यू और लागू ऑफर्स के लिए ग्राहक की पात्रता पर निर्भर करती है।

iPhone 17 Pro Max पर और भी ऑफर

Croma, iPhone 17 Pro सीरीज के साथ कुछ अतिरिक्त फायदे भी दे रहा है। iPhone 17 Pro Max खरीदने वाले ग्राहक 3,499 रुपये की कीमत वाला Hyphen केस कॉम्बो मुफ्त में पा सकते हैं।

iPhone 17 Pro सीरीज के डिवाइस के साथ AppleCare+ खरीदने पर 10% की सीधी छूट भी मिल रही है। जो ग्राहक छह महीने की ‘नो कॉस्ट EMI’ का विकल्प चुनते हैं, उन्हें शर्तों के अनुसार 4,000 रुपये का अतिरिक्त कैशबैक भी मिल सकता है।

जो खरीदार एक्सचेंज ऑफर का इस्तेमाल नहीं करना चाहते, उनके लिए Croma.com पर iPhone 17 Pro Max की कीमत 256GB के लिए 1,39,990 रुपये और 512GB के लिए 1,59,990 रुपये है (इसमें 4,000 रुपये का बैंक कैशबैक भी शामिल है)। ये ऑनलाइन कीमतें 15 सितंबर से लागू होंगी।

iPhone 17 Pro Max बनाम iPhone 18 Pro

इस ऑफर का समय बहुत अहम है क्योंकि Croma साथ ही iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max की प्री-बुकिंग शुरू करने की तैयारी भी कर रहा है। नए मॉडल्स की प्री-बुकिंग 12 सितंबर को शाम 5:30 बजे शुरू होगी।

Croma स्टोर्स पर, iPhone 18 Pro मॉडल में से किसी को भी ₹5,000 देकर प्री-बुक किया जा सकता है। Croma.com, Tata Neu और BigBasket के ज़रिए ऑनलाइन प्री-बुकिंग के लिए पूरा पेमेंट करना होगा। Croma नए Pro मॉडल्स पर ₹12,000 तक का एक्सचेंज बोनस भी दे रहा है।

इसलिए, iPhone 17 Pro Max की यह डील उन ग्राहकों के लिए है जिन्हें ज़रूरी नहीं कि सबसे नया मॉडल ही चाहिए; वे Apple के पिछले Pro Max मॉडल को काफ़ी कम प्रभावी कीमत पर लेना पसंद करेंगे।

iPhone 17 Pro Max कहां से खरीदें

iPhone 17 Pro Max के ऑफर देश भर के Croma स्टोर पर उपलब्ध हैं, जबकि ऑनलाइन खरीदने के विकल्प Croma.com और Tata Neu इकोसिस्टम के जरिए उपलब्ध हैं। Croma भारत के 200 से ज्यादा शहरों में 560 से ज्यादा स्टोर चलाता है।

विज्ञापन में बताई गई कीमतें और फायदे पात्रता, उपलब्धता और अलग-अलग ऑफर की शर्तों पर निर्भर करते हैं। पुराने फोन के मॉडल और उसकी स्थिति के आधार पर एक्सचेंज वैल्यू भी अलग-अलग हो सकती है।

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क्या आपके पास इंटरनेट या UPI ऐप नहीं है? RBI का नया ‘Tap and Pay’ फीचर बदल देगा आपके पेमेंट का तरीका

UPI Tap and Pay: अब बिना एक्टिव इंटरनेट कनेक्शन के भी UPI से पेमेंट करना आसान हो सकता है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने ‘UPI टैप एंड पे’ (UPI Tap and Pay) सुविधा शुरू की है। इससे यूजर्स NFC-इनेबल्ड पॉइंट-ऑफ-सेल (POS) मशीनों पर पेमेंट कर सकेंगे। इसके लिए बस उन्हें अपने NFC-इनेबल्ड स्मार्टफोन को अनलॉक करके टर्मिनल पर टैप करना होगा।

RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने 10 सितंबर को इस फीचर का ऐलान किया है। यह डिजिटल पेमेंट को आसान बनाने और ग्राहकों को बेहतर सपोर्ट व सुरक्षा देने के लिए शुरू किए गए दो नए फीचर्स में से एक है।

हालांकि, यहां एक जरूरी बात समझना जरूरी है। ‘UPI Tap and Pay’ का मतलब यह नहीं है कि UPI हर जगह बिना इंटरनेट कनेक्शन के काम करेगा। ट्रांजैक्शन के लिए यूजर के फोन में मोबाइल इंटरनेट की जरूरत नहीं होगी, क्योंकि पेमेंट के लिए POS मशीन के इंटरनेट कनेक्शन का इस्तेमाल किया जा सकता है।

UPI ‘Tap and Pay’ कैसे काम करता है?

इस नए फीचर को इस तरह से बनाया गया है कि UPI पेमेंट भी कॉन्टैक्टलेस कार्ड पेमेंट की तरह काम करे।

NFC-इनेबल्ड स्मार्टफोन वाले यूजर्स अपने डिवाइस को अनलॉक करके उसे कम्पैटिबल POS टर्मिनल पर टैप कर सकते हैं। इसके बाद टर्मिनल के इंटरनेट कनेक्शन का इस्तेमाल करके पेमेंट प्रोसेस किया जा सकता है।

यह सुविधा अलग-अलग तरह के UPI-लिंक्ड अकाउंट्स को सपोर्ट करती है, जिसमें UPI से जुड़े RuPay क्रेडिट कार्ड भी शामिल हैं।

छोटे पेमेंट के लिए, यूजर्स UPI PIN डाले बिना ₹5,000 तक का ट्रांजैक्शन कर सकते हैं। ₹5,000 से ज्यादा के ट्रांजैक्शन के लिए, POS टर्मिनल पर UPI PIN डालना होगा।

इससे फिजिकल स्टोर्स पर UPI का इस्तेमाल ज्यादा आसान हो सकता है, खासकर उन यूजर्स के लिए जिनके पास पेमेंट के समय मोबाइल डेटा उपलब्ध नहीं हो सकता है।

MyUPI क्या है?

Tap and Pay के साथ-साथ, RBI ने MyUPI की शुरुआत की है, जो भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) द्वारा विकसित एक AI-संचालित ग्राहक सहायता प्लेटफॉर्म है।

MyUPI, NPCI के FiMI स्मॉल लैंग्वेज मॉडल पर आधारित है और इसका उद्देश्य विभिन्न बैंकों और UPI ऐप्स में यूजर्स के UPI लेनदेन और ऑटोपे की जानकारी को एक ही स्थान पर उपलब्ध कराना है।

इस प्लेटफॉर्म में कई ऐसे फीचर्स भी हैं जो यूजर्स को अपने भुगतानों पर अधिक नियंत्रण प्रदान करते हैं।

इनमें से एक है सेफ्टी स्विच, जो यूजर्स को यह अनुरोध करने की अनुमति देता है कि यदि उन्हें संदेह है कि उनका खाता असुरक्षित हो गया है तो UPI डेबिट लेनदेन अस्वीकार कर दिए जाएं। एक अन्य फीचर, UPI नंबर डिलिंक, यूजर्स को अपने मोबाइल नंबर के माध्यम से UPI भुगतान प्राप्त करना बंद करने की अनुमति देता है।

MyUPI पेमेंट पूरा होने से पहले यूजर्स को बेनिफिशियरी के बारे में अतिरिक्त जानकारी भी देगा। योग्य ट्रांजेक्शन के लिए, यह प्लेटफॉर्म ऑटोमेटेड चार्जबैक प्रोसेसिंग को सपोर्ट करेगा।

एक और फीचर, जिसे ‘ट्रांजेक्शन रीप्ले’ कहा जाता है, यूजर्स को किसी भी UPI ऐप के जरिए पहले किए गए ट्रांजेक्शन को दोबारा करने की सुविधा देगा।

ये बदलाव क्यों जरूरी हैं?

NPCI के अनुसार, UPI भारत के डिजिटल पेमेंट सिस्टम का एक अहम हिस्सा बन गया है और कुल डिजिटल ट्रांजेक्शन में इसकी हिस्सेदारी 89 प्रतिशत है।

नए फीचर्स से पता चलता है कि अब फोकस सिर्फ डिजिटल पेमेंट की सुविधा देने से आगे बढ़ रहा है। इसका मकसद फिजिकल टर्मिनल्स पर पेमेंट को आसान बनाना, कस्टमर सपोर्ट को बेहतर करना और यूजर्स को अपने अकाउंट्स पर ज्यादा कंट्रोल देना भी है।

NPCI ने कहा कि MyUPI का मकसद सिर्फ कस्टमर-सपोर्ट सर्विस के तौर पर नहीं, बल्कि एक भरोसे और कंट्रोल लेयर के तौर पर काम करना है। यह चौबीसों घंटे कई भाषाओं में मदद और सेल्फ-सर्विस के विकल्प देगा।

ये नई लॉन्चिंग UPI ऑथेंटिकेशन को आसान बनाने की NPCI की कोशिशों को भी आगे बढ़ाती हैं। GFF 2025 में UPI के लिए बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन लॉन्च किया गया था और NPCI के अनुसार, 31 अगस्त 2026 तक बायोमेट्रिक-ऑथेंटिकेटेड UPI ट्रांजेक्शन की कुल संख्या 6.29 बिलियन से ज्यादा हो गई थी।

‘Tap and Pay’ और MyUPI मिलकर UPI के लिए एक नए दौर की ओर इशारा करते हैं — एक ऐसा दौर जो न सिर्फ पेमेंट प्रोसेस करने पर, बल्कि उन्हें ज्यादा सुविधाजनक, सुरक्षित और मैनेज करने में आसान बनाने पर भी फोकस करता है।

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