MP News: ‘न धमकी, न दबाव…’; धर्म परिवर्तन केस में मुस्लिम युवक बरी, पत्नी ने जज से कही ये बात

MP News: मध्य प्रदेश के भोपाल की एक सत्र अदालत ने जबरन धर्म परिवर्तन और दबाव डालकर शादी कराने के आरोपों से जुड़े मामले में 26 वर्षीय मुस्लिम युवक को बरी कर दिया है। अदालत ने माना कि अभियोजन पक्ष आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों को ठोस सबूतों के आधार पर साबित करने में विफल रहा। मामले में सबसे अहम मोड़ तब आया, जब आरोपी से शादी करने वाली हिंदू महिला ने अदालत के समक्ष पुलिस के दावों को खारिज करते हुए कहा कि उस पर न तो धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया गया और न ही उसे किसी तरह की धमकी दी गई।

पत्नी ने नकारे जबरन धर्म परिवर्तन के आरोप

मामला वर्ष 2024 में सामने आया था। स्थानीय पुलिस ने एक शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज की थी। आरोप था कि युवक ने शादी के लिए अपनी पहचान छिपाई और बाद में महिला पर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाया। इसके बाद आरोपी के खिलाफ मध्य प्रदेश के धर्म की स्वतंत्रता से संबंधित कानून के तहत मामला दर्ज किया गया। हालांकि, न्यायिक प्रक्रिया के दौरान शिकायतकर्ता महिला ने पुलिस की ओर से लगाए गए आरोपों की पुष्टि नहीं की। जिरह के दौरान और दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 164 के तहत दर्ज अपने बयान में महिला ने स्पष्ट रूप से कहा कि उसने अपनी इच्छा से शादी की थी।

महिला ने कोर्ट में क्या कहा?

अपनी मर्जी से शादी: महिला ने अदालत को बताया कि उसने आरोपी से अपनी स्वतंत्र इच्छा से शादी की थी और उसे अपने पति की पृष्ठभूमि की जानकारी थी। कोई धमकी या दबाव नहीं। उसने कहा कि आरोपी या उसके परिवार की ओर से उसे किसी तरह की धमकी नहीं दी गई और न ही शारीरिक हिंसा या धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाया गया। महिला ने बताया कि शुरुआती पुलिस रिपोर्ट गलतफहमी और परिवार के दबाव की वजह से सामने आई थी। उसने आरोपी पर किसी आपराधिक कृत्य का आरोप लगाने से इनकार किया।

कमजोर पड़ा अभियोजन का मामला

अदालत के सामने जब शिकायतकर्ता ने ही जबरन धर्म परिवर्तन और दबाव के आरोपों से इनकार कर दिया, तो अभियोजन पक्ष का मामला कमजोर पड़ गया। अभियोजन आरोपी के खिलाफ ऐसे स्वतंत्र गवाह, दस्तावेज या अन्य ठोस सामग्री पेश नहीं कर सका, जिससे कथित धोखाधड़ी या जबरन धर्म परिवर्तन के आरोप साबित हो सकें। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि मध्य प्रदेश के धर्म की स्वतंत्रता से संबंधित कानून के तहत आपराधिक जिम्मेदारी तय करने के लिए गलत पहचान या गलत जानकारी, बल, अनुचित प्रभाव या दबाव जैसे तत्वों का स्पष्ट प्रमाण जरूरी है।

सबूतों के अभाव में आरोपी को मिली राहत

कोर्ट ने पाया कि मामले में मुख्य शिकायतकर्ता की गवाही अभियोजन के आरोपों का समर्थन नहीं करती। इसके अलावा आरोपों की पुष्टि करने वाला पर्याप्त स्वतंत्र या भौतिक साक्ष्य भी अदालत के सामने नहीं रखा गया। इन परिस्थितियों में अदालत ने माना कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे साबित करने में असफल रहा। इसके चलते 26 वर्षीय आरोपी को मामले में पूर्ण रूप से बरी कर दिया गया। यह फैसला ऐसे मामलों में अदालत के समक्ष ठोस साक्ष्य और शिकायतकर्ता के न्यायिक बयान की अहमियत को भी रेखांकित करता है।

ये भी पढ़ें- Croma Sale: iPhone 17 Pro Max की कीमत में भारी गिरावट! सिर्फ ₹74,990 में मिल रहा 256GB मॉडल, जानें- पूरा गणित

MP Jahrili Sharab: मध्य प्रदेश के सागर में जहरीली शराब का कहर! 9 लोगों की दर्दनाक मौत, जिले में मचा हड़कंप

MP Jahrili Sharab: एक अधिकारी ने बताया कि मध्य प्रदेश के सागर जिले की बंडा तहसील के चार गांवों में कथित तौर पर जहरीली शराब पीने से शनिवार (5 सितंबर) रात नौ लोगों की मौत हो गई। सागर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) देवेश पटेरिया ने बंडा में पत्रकारों से कहा कि कथित तौर पर जहरीली शराब पीने से नौ से 10 लोगों की मौत हुई है। उन्होंने बताया कि पांच लोगों की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें सागर जिला अस्पताल भेजा गया है।

हालांकि, ‘दैनिक भास्कर’ की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि जहरीली और अवैध शराब पीने से कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई है। जबकि लगभग 35 लोगों को अस्पताल लाया गया है, जिनमें से 24 का अभी भी इलाज चल रहा है। कुछ मरीजों की हालत गंभीर बताई जा रही है। हालांकि, प्रशासन की तरफ से 11 मौतों की पुष्टि नहीं की गई है।

दूसरी तरफ सागर की जिलाधिकारी प्रतिभा पाल ने पत्रकारों से कहा कि यह जरूरी नहीं है कि मौतें जहरीली शराब के सेवन के कारण ही हुई हों। उन्होंने कहा, “कुछ लोग बीमार पड़े हैं और कुछ मौतें भी हुई हैं। सिविल अस्पताल में उनकी जांच की जा रही है। नौराज और घूघर समेत आसपास के चिह्नित इलाकों में चिकित्सकों और अधिकारियों की जांच दल तैनात किए गए हैं।”

जिलाधिकारी ने ग्रामीणों से अपील की है कि पिछले 24 से 48 घंटे के दौरान किसी भी प्रकार की शराब का सेवन करने वाले व्यक्ति को यदि किसी तरह के लक्षण महसूस हो रहे हैं, तो वह तुरंत डॉक्टर से जांच कराए।

किस इलाके में हुई है मौत?

DM ने पत्रकारों से कहा, “प्रशासन ऐसे सभी मामलों पर नजर रख रहा है। जांच के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।” बंडा के पूर्व विधायक तरवर लोधी ने दावा किया कि नौ लोगों की मौत जहरीली शराब पीने के कारण हुई है।

उन्होंने न्यूज एजेंसी ‘पीटीआई’ से बातचीत में कहा कि बंडा विकासखंड के बराज, घूघर, नौराज और आसपास के गांवों में रहने वाले कई लोगों ने शनिवार रात शराब का सेवन किया था, जिसके बाद अचानक उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। उन्होंने बताया कि परिजन उन्हें इलाज के लिए बंडा के सरकारी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने कई लोगों को मृत घोषित कर दिया।

सीएम ने क्या कहा?

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एमपी के सागर जिले में जहरीली शराब से हुई मौतों पर न्यूज एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा कि ऐसी घटनाओं को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने रविवार को कहा, “मैंने प्रभारी मंत्री को निर्देश दिए हैं और अधिकारियों से कहा है कि वे तुरंत कार्रवाई करें, सबसे सख़्त कदम उठाएं और मामले की पूरी जांच करें। हमारी सरकार ऐसी घटनाओं को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगी।”

पूर्व विधायक ने बताया कि चार-पांच लोग बंडा सिविल अस्पताल में भर्ती हैं। जबकि चार-पांच लोगों को सागर भेजा गया है। लोधी ने लोगों से अपील की है कि जिन लोगों ने पिछले दो-तीन दिनों में बंडा क्षेत्र की किसी दुकान या अवैध रूप से शराब बेचने वालों से शराब खरीदकर पी है। उन्हें स्वास्थ्य संबंधी थोड़ी भी परेशानी महसूस हो रही है। वे तुरंत अस्पताल पहुंचकर डॉक्टरों से जांच कराएं।

ये भी पढ़ें- McDonald’s India पर गंभीर आरोप! इंटर्न का महीनों तक बिना सैलरी काम कराने का दावा, कहा- दो और नौकरियां करनी पड़ीं

मामले की गंभीरता को देखते हुए सागर जिले की जिलाधिकारी (DM) प्रतिभा पाल और पुलिस अधीक्षक (SP) अनुराग सुजानिया के नेतृत्व में जिला प्रशासन और मध्य प्रदेश पुलिस की टीम मौके पर मौजूद है। अधिकारी फिलहाल, मामले की जांच कर रहे हैं।