Patanjali Foods: 59% रिटर्न दे सकता है ये FMCG स्टॉक, जेफरीज ने खरीदने की सलाह दी

Patanjali Foods: ग्लोबल ब्रोकरेज Jefferies ने FMCG सेक्टर की कंपनी Patanjali Foods (PFL) पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी है। ब्रोकरेज ने शेयर के लिए ₹560 का टारगेट प्राइस दिया है। यह ₹351 के मौजूदा स्तर से ₹560 करीब 60% तक की तेजी का संकेत है।

Patanjali Foods पर क्यों बुलिश है Jefferies?

Jefferies के मुताबिक, Patanjali Foods अगले 12 महीनों की अनुमानित कमाई के मुकाबले करीब 23 गुना वैल्यूएशन पर कारोबार कर रहा है। ब्रोकरेज का अनुमान है कि FY26 से FY29 के बीच कंपनी का PAT 23% CAGR से बढ़ सकता है। साथ ही ROCE में करीब 590 बेसिस पॉइंट का सुधार होकर यह 18% तक पहुंच सकता है।

इन्हीं अनुमानों के आधार पर Jefferies ने Sum-of-the-Parts (SOTP) वैल्यूएशन मॉडल से ₹560 का टारगेट तय किया है।

जून तिमाही में शानदार प्रदर्शन

Patanjali Foods ने FY27 की पहली तिमाही में मजबूत नतीजे पेश किए। कंपनी का रेवेन्यू 29% बढ़कर करीब ₹11,300 करोड़ पहुंच गया, जो Jefferies के अनुमान से करीब 20% ज्यादा रहा। वहीं EBITDA में 69% और PAT में 86% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

एडिबल ऑयल बिजनेस बना सबसे बड़ा सहारा

एडिबल ऑयल सेगमेंट ने अब तक की सबसे मजबूत तिमाही दर्ज की। इस कारोबार का रेवेन्यू 27% बढ़कर ₹8,500 करोड़ पहुंच गया। खासकर सरसों तेल की बिक्री बेहतर रही। पश्चिम एशिया में तनाव और कमोडिटी महंगाई के कारण तेल की कीमतें बढ़ीं, जिसका फायदा कंपनी को मिला। इस सेगमेंट का EBIT सालाना आधार पर लगभग पांच गुना बढ़ गया।

कंपनी के प्लांटेशन बिजनेस में भी 25% की ग्रोथ रही। खेती वाला क्षेत्र बढ़कर 1.16 लाख हेक्टेयर हो गया है। मैनेजमेंट ने FY27 में एडिबल ऑयल बिजनेस में 3-5% वॉल्यूम ग्रोथ का लक्ष्य रखा है।

Foods & FMCG बिजनेस में क्या रहा?

पतंजलि फूड्स के Foods & FMCG सेगमेंट का रेवेन्यू भी 28% बढ़ा। बिस्किट कारोबार ने सबसे मजबूत तिमाही दर्ज करते हुए ₹560 करोड़ का रेवेन्यू हासिल किया और इसका मार्जिन बढ़कर 15.4% पहुंच गया।

हालांकि इस सेगमेंट की प्रॉफिटेबिलिटी पर दबाव बना रहा, क्योंकि कच्चे माल की लागत तेजी से बढ़ी और कंपनी पूरी बढ़ोतरी ग्राहकों तक नहीं पहुंचा सकी। Jefferies का मानना है कि आने वाली तिमाहियों में लागत का दबाव कम होने पर इस सेगमेंट की मार्जिन में सुधार देखने को मिल सकता है।

‘निफ्टी के लिए 27000 टारगेट बरकरार’, JP Morgan को इन सेक्टरों में दिख रहा बड़ा मौका

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Nifty Outlook: बाजार का रुख कमजोर, 24000 तक फिसल सकता है निफ्टी? एक्सपर्ट्स से जानिए

Nifty Outlook: शेयर बाजार में पिछले हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को भी कमजोरी देखने को मिली। निफ्टी लगातार चौथे कारोबारी सत्र में गिरावट के साथ बंद हुआ। पूरे दिन बाजार सीमित दायरे में रहा और आखिर में निफ्टी 29 अंक टूटकर 24,366 पर बंद हुआ। पूरे हफ्ते में इंडेक्स 0.83% गिरा।

अब सोमवार, 17 अगस्त को निफ्टी की चाल कैसी रहेगी, इसे एक्सपर्ट्स से समझेंगे। लेकिन, पहले जान लेते हैं कि शुक्रवार को बाजार में क्या खास हुआ था।

किन शेयरों में सबसे ज्यादा हलचल रही?

निफ्टी 50 में Apollo Hospitals, Bharti Airtel और Adani Enterprises सबसे बड़े गेनर रहे। वहीं Tata Motors Passenger Vehicles, Jio Financial Services और ONGC सबसे ज्यादा टूटने वाले शेयर रहे।

सेक्टोरल इंडेक्स में मीडिया और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स को छोड़कर बाकी सभी सेक्टर लाल निशान में बंद हुए। सबसे ज्यादा कमजोरी फाइनेंशियल सर्विसेज, फार्मा और मेटल शेयरों में रही।

मिडकैप और स्मॉलकैप पर भी दबाव

ब्रॉडर मार्केट भी कमजोर रहा। Nifty Midcap 100 में 0.53% और Nifty Smallcap 100 में 0.69% की गिरावट आई। BSE पर एडवांस-डिक्लाइन रेशियो घटकर 0.84 पर आ गया, जो मुनाफावसूली बढ़ने का संकेत देता है।

डॉलर के मुकाबले रुपया भी दबाव में रहा। USD/INR 95.40-95.45 के दायरे में कारोबार करता रहा और रुपया करीब ₹95.43 प्रति डॉलर पर बंद हुआ।

अगले हफ्ते निफ्टी का आउटलुक

अब पहली तिमाही के नतीजों का सीजन लगभग खत्म हो चुका है। ऐसे में अगले हफ्ते बाजार की नजर ग्लोबल संकेतों और मैक्रो इकोनॉमिक घटनाक्रम पर रहेगी।

Motilal Oswal के सिद्धार्थ खेमका के मुताबिक, आगे बाजार में अहम खबरों के हिसाब से स्टॉक में मूवमेंट ज्यादा देखने को मिल सकती है। निवेशक कंपनियों की कमाई और घरेलू आर्थिक मजबूती का आकलन करेंगे।

पश्चिम एशिया के हालात, कच्चे तेल की कीमतें और वैश्विक जोखिम की धारणा बाजार की दिशा तय कर सकती हैं। अमेरिका-ईरान तनाव के बीच ब्रेंट क्रूड 87 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बना हुआ है।

एक्सपर्ट्स ने बताए अहम स्तर

HDFC Securities के नागराज शेट्टी के मुताबिक, निफ्टी में फिलहाल कंसोलिडेशन जारी रह सकता है। अगर गिरावट बढ़ती है, तो इंडेक्स 24,200-24,000 तक जा सकता है। वहीं 24,500 पहला बड़ा रेजिस्टेंस रहेगा।

SBI Securities के सुदीप शाह का मानना है कि 24,500-24,550 का स्तर पार होने पर निफ्टी 24,700 और फिर 24,850 तक जा सकता है। नीचे की ओर 24,230-24,200 का दायरा मजबूत सपोर्ट है।

LKP Securities के रूपक डे के अनुसार, बाजार का ओवरऑल सेंटीमेंट अभी कमजोर है और निफ्टी 24,180 तक फिसल सकता है। उनके मुताबिक 24,400 निकट अवधि का अहम रेजिस्टेंस रहेगा।

HDFC Securities के विनय राजानी ने कहा कि निफ्टी फिलहाल 20-डे DEMA (24,363) और 200-डे DEMA (24,385) के आसपास बंद हुआ है। ऐसे में 24,360-24,385 का जोन अगले कुछ सत्रों के लिए सबसे अहम रहेगा। उनके मुताबिक नीचे की ओर 24,265 और फिर 24,000 सपोर्ट है, जबकि ऊपर 24,630 और 24,750 अगले रेजिस्टेंस स्तर हो सकते हैं।

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Nifty Outlook: 10 अगस्त को निफ्टी की चाल कैसी रहेगी, एक्सपर्ट्स से जानिए

Nifty Outlook: पिछले हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन यानी शुक्रवार को लगातार चौथे कारोबारी सत्र भी शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। निफ्टी 50 शुरुआती गिरावट से उबरने की कोशिश जरूर करता दिखा, लेकिन यह तेजी टिक नहीं सकी। आखिर में इंडेक्स 65 अंक यानी 0.3% गिरकर 24,570 पर बंद हुआ। कमजोर वैश्विक संकेतों और हालिया तेजी के बाद मुनाफावसूली का असर बाजार पर दिखा।

अब सोमवार, 10 अगस्त से शुरू हो रहे हफ्ते में निफ्टी की चाल कैसी रहेगी? कौन से लेवल अहम रहेंगे? इसे एक्सपर्ट्स से समझेंगे। लेकिन, पहले जान लेते हैं कि शुक्रवार को बाजार में क्या खास हुआ था।

किन शेयरों में रही सबसे ज्यादा हलचल?

निफ्टी 50 में Grasim, TCS और Hindalco सबसे ज्यादा चढ़ने वाले शेयर रहे। वहीं Bajaj Finance, Bajaj Finserv और Trent में सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई।

सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो ऑटो, आईटी और PSU बैंक सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले सेक्टर रहे। वहीं फाइनेंशियल सर्विसेज, प्राइवेट बैंक और केमिकल सेक्टर में सबसे ज्यादा कमजोरी देखने को मिली। ब्रॉडर मार्केट का प्रदर्शन मिला-जुला रहा। Nifty Midcap 100 में 0.22% की बढ़त रही। Nifty Smallcap 100 0.05% फिसल गया।

अगले हफ्ते किन ट्रिगर्स पर रहेगी नजर?

Motilal Oswal के रिसर्च प्रमुख सिद्धार्थ खेमका का कहना है कि अगले हफ्ते भारतीय बाजार में सकारात्मक रुख देखने को मिल सकता है। इसकी वजह मजबूत घरेलू आर्थिक संकेत, भू-राजनीतिक तनाव में कमी और तिमाही नतीजों का अंतिम दौर हो सकता है। हालांकि, शेयरों में खबरों के आधार पर शेयरों में हलचल बनी रह सकती है।

 

इन आंकड़ों पर रहेगी बाजार की नजर

अगले हफ्ते निवेशकों की नजर कई अहम घरेलू और वैश्विक आंकड़ों पर रहेगी। इनमें भारत के CPI और WPI महंगाई के आंकड़े, जून तिमाही के नतीजे अहम रहेंगे। साथ ही, अमेरिका के CPI और PPI महंगाई के आंकड़े, OPEC की मासिक ऑयल मार्केट रिपोर्ट और चीन के इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन व रिटेल सेल्स के आंकड़े भी आएंगे।

निफ्टी के लिए अहम सपोर्ट और रेजिस्टेंस

HDFC Securities के नागराज शेट्टी के मुताबिक, निफ्टी का रुझान फिलहाल कमजोर जरूर है। हालांकि, इंडेक्स 24,400-24,300 के अहम सपोर्ट जोन के ऊपर बना हुआ है। यह स्तर पहले रेजिस्टेंस था और अब सपोर्ट की तरह काम कर रहा है। उनके मुताबिक, अगर निफ्टी इस स्तर तक फिसलता है तो यह खरीदारी का मौका हो सकता है। वहीं, ट्रेंड बदलने के लिए 24,700 के ऊपर निकलना जरूरी होगा।

Angel One के हितेश राठी के अनुसार, निफ्टी के लिए पहला सपोर्ट 24,450-24,350 के बीच है। इसके नीचे 24,000 बड़ा सपोर्ट रहेगा। वहीं, ऊपर की ओर 24,650-24,750 पहला रेजिस्टेंस और 24,800-24,850 अगला अहम स्तर होगा।

HDFC Securities के नंदीश शाह का कहना है कि पिछले तीन कारोबारी सत्रों से निफ्टी 24,400-24,700 के दायरे में कारोबार कर रहा है। इंडेक्स अभी भी अपने सभी प्रमुख मूविंग एवरेज के ऊपर है, इसलिए लंबी अवधि का ट्रेंड अब भी सकारात्मक बना हुआ है। उनके मुताबिक, ऊपर की ओर 24,770 और 25,000 रेजिस्टेंस रहेंगे। वहीं, गिरावट पर 24,430-24,380 का दायरा सपोर्ट देगा।

बैंक निफ्टी पर क्या राय है?

 

SBI Securities के सुदीप शाह के मुताबिक, पिछले पांच कारोबारी सत्रों से बैंक निफ्टी 58,248-57,353 के दायरे में कारोबार कर रहा है। इसके बावजूद इंडेक्स अभी भी अपने 20-डे EMA के ऊपर बना हुआ है।

उनके मुताबिक, ऊपर की ओर 58,200-58,300 का दायरा अहम रेजिस्टेंस है। इसके ऊपर निकलने पर बैंक निफ्टी 58,700 और फिर 59,100 तक जा सकता है। वहीं, नीचे की ओर 57,300-57,200 का दायरा मजबूत सपोर्ट माना जा रहा है।

Stocks to Watch: सोमवार 10 अगस्त को फोकस में रहेंगे ये 21 स्टॉक्स, मिल सकता है तगड़ी कमाई का मौका

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BSE के शेयरों में 38% तेजी की उम्मीद, PL Capital ने ₹4850 का टारगेट दिया

BSE Share Price: शेयर बाजार की प्रमुख एक्सचेंज BSE Ltd के नतीजे मजबूत रहे। ब्रोकरेज फर्म PL Capital इस शेयर को लेकर अब भी काफी बुलिश है। ब्रोकरेज ने ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखते हुए ₹4,850 का टारगेट प्राइस दिया है। मौजूदा भाव से यह करीब 38% की संभावित तेजी का संकेत देता है।

क्यों बुलिश है ब्रोकरेज?

PL Capital का मानना है कि BSE का कारोबार लगातार मजबूत हो रहा है। कंपनी को कैश मार्केट, इक्विटी डेरिवेटिव्स और StAR MF प्लेटफॉर्म पर बढ़ती गतिविधियों का फायदा मिल रहा है। इसके अलावा डेटा सर्विसेज, इंडेक्स बिजनेस, कॉरपोरेट बॉन्ड, NPS और इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीट जैसे नए कारोबार भी आने वाले वर्षों में ग्रोथ को सहारा दे सकते हैं।

जून तिमाही में कैसे रहे नतीजे?

जून तिमाही में BSE का प्रदर्शन मजबूत रहा। कंपनी का ऑपरेटिंग रेवेन्यू सालाना आधार पर 63% बढ़कर ₹1,566 करोड़ हो गया। EBITDA 70% बढ़कर ₹1,213 करोड़ रहा। वहीं, शुद्ध मुनाफा 66% बढ़कर ₹873 करोड़ पहुंच गया। EBITDA मार्जिन भी करीब 71% रहा, जो ऑपरेटिंग मजबूती को दिखाता है।

आगे क्या है अनुमान?

ब्रोकरेज ने FY27 के लिए अपने रेवेन्यू अनुमान में मामूली कटौती की है। इसकी वजह सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) में बदलाव और प्रोपराइटरी ट्रेडिंग से जुड़े नियामकीय प्रभाव हैं। इसके बावजूद कंपनी की कमाई को लेकर भरोसा कायम है। PL Capital ने FY27 में ऑपरेटिंग रेवेन्यू में 23%, EBITDA में 27% और शुद्ध मुनाफे में 28% की वृद्धि का अनुमान जताया है।

निवेशकों के लिए क्या है संकेत?

ब्रोकरेज का मानना है कि BSE की ग्रोथ सिर्फ ट्रेडिंग वॉल्यूम पर निर्भर नहीं है। कंपनी लगातार नए कारोबार जोड़ रही है और अपने मार्केट इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत कर रही है। इसी वजह से उसने शेयर पर ‘Buy’ रेटिंग और ₹4,850 का टारगेट प्राइस बरकरार रखा है। हालांकि, निवेशकों को नियामकीय बदलाव और बाजार की गतिविधियों पर भी नजर रखनी चाहिए, क्योंकि इनका असर शेयर के प्रदर्शन पर पड़ सकता है।

BSE के शेयरों का हाल

BSE के शेयर बुधवार को 2.96% की गिरावट के साथ ₹3,511 पर बंद हुए। पिछले 1 महीने में स्टॉक 7.67% टूटा है। हालांकि, बीते 6 महीने के दौरान इसमें 21.40% और 1 साल में 48.32% की तेजी आई है। वहीं, बीते 5 साल में इसने 2,495% का मल्टीबैगर रिटर्न दिया है। कंपनी का मार्केट कैप 1.43 हजार करोड़ रुपये है।

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Stocks to Watch: 4 अगस्त को फोकस में रहेंगे ये 19 स्टॉक्स, मिल सकता है तगड़ी कमाई का मौका

Stocks to Watch: मंगलवार, 4 अगस्त को कई शेयरों पर बाजार की खास नजर रहेगी। कुछ कंपनियों ने जून तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। कुछ में बड़े कॉरपोरेट घटनाक्रम सामने आए हैं। ऐसे में इन शेयरों में कारोबार के दौरान बड़ी हलचल देखने को मिल सकती है। आइए जानते हैं किन 19 स्टॉक्स पर निवेशकों का फोकस रहेगा।

LIC

सरकारी बीमा कंपनी LIC में सरकार 4 अगस्त से OFS के जरिए 6.5% तक हिस्सेदारी बेचेगी। OFS का फ्लोर प्राइस ₹382 प्रति शेयर रखा गया है, जो सोमवार के बंद भाव से करीब 11% कम है। पूरी हिस्सेदारी बिकने पर सरकार को करीब ₹31,000 करोड़ मिल सकते हैं।

Meesho

ई-कॉमर्स कंपनी Meesho में शुरुआती निवेशक Peak XV Partners और Elevation Capital करीब ₹1,900 करोड़ के ब्लॉक डील के जरिए 2.3% हिस्सेदारी बेच सकते हैं। इस डील में करीब 10.5 करोड़ शेयर ₹182.08 प्रति शेयर के फ्लोर प्राइस पर बेचे जाएंगे, जो मौजूदा बाजार भाव से 5% कम है। Morgan Stanley इस ब्लॉक डील का ब्रोकर है।

IREDA

सरकारी नवरत्न कंपनी IREDA का जून तिमाही में शुद्ध मुनाफा 36.8% बढ़कर ₹337.5 करोड़ हो गया। कंपनी की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) भी 24.1% बढ़कर ₹856.8 करोड़ रही। रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स के लिए बढ़ती फाइनेंसिंग की मांग से कंपनी के प्रदर्शन को मजबूती मिली।

Arvind

टेक्सटाइल और रिटेल कंपनी Arvind ने करीब ₹500 करोड़ जुटाने के लिए क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) लॉन्च किया है। कंपनी ने प्रति शेयर ₹505 का सांकेतिक इश्यू प्राइस तय किया है, जो 3 अगस्त के बंद भाव से 4.53% कम है। इससे पहले बोर्ड ने इक्विटी या अन्य सिक्योरिटीज के जरिए ₹600 करोड़ तक जुटाने की मंजूरी दी थी।

SBI Funds Management

देश की सबसे बड़ी म्यूचुअल फंड कंपनी SBI Funds Management का जून तिमाही में शुद्ध मुनाफा 3.3% बढ़कर ₹873 करोड़ हो गया। कंपनी की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) 15.2% बढ़कर ₹1,146 करोड़ और ऑपरेटिंग प्रॉफिट 17% बढ़कर ₹907 करोड़ रहा। वहीं, पिछली तिमाही के मुकाबले शुद्ध मुनाफे में 37% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

DLF

रियल एस्टेट कंपनी DLF ने जून तिमाही में ₹793.9 करोड़ का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा दर्ज किया, जो पिछले साल के मुकाबले 4.1% ज्यादा है। हालांकि, कंपनी का रेवेन्यू 52.9% घटकर ₹1,280.3 करोड़ रह गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹2,716.7 करोड़ था।

Kalpataru

रियल एस्टेट कंपनी Kalpataru की जून तिमाही में शुद्ध घाटा घटकर ₹26.5 करोड़ रह गया, जबकि एक साल पहले यह ₹49.4 करोड़ था। कंपनी का रेवेन्यू 6.5% बढ़कर ₹472.2 करोड़ और प्री-सेल्स 6% बढ़कर ₹1,329 करोड़ पहुंच गई। वहीं, कलेक्शन 17% बढ़कर ₹1,365 करोड़ रहा, हालांकि EBITDA घाटा बढ़कर ₹45.9 करोड़ हो गया।

Torrent Power

पावर सेक्टर की कंपनी Torrent Power ने जून तिमाही में मिले-जुले नतीजे पेश किए। कंपनी का शुद्ध मुनाफा 12.7% घटकर ₹639 करोड़ रह गया, जबकि पिछले साल यह ₹731.4 करोड़ था। LNG सप्लाई में रुकावट और वित्तीय खर्च बढ़ने का असर कंपनी के प्रदर्शन पर दिखा। हालांकि, रेवेन्यू में हल्की बढ़त दर्ज की गई।

One97 Communications (Paytm)

फिनटेक कंपनी One97 Communications (Paytm) में बड़ा ब्लॉक डील हो सकता है। सूत्रों के मुताबिक, मौजूदा निवेशक SAIF Partners कंपनी में अपनी 2.3% हिस्सेदारी बेच सकता है। इस डील का आकार करीब ₹2,002 करोड़ हो सकता है और फ्लोर प्राइस ₹1,339.65 प्रति शेयर रखा गया है, जो पिछले बंद भाव से 5% कम है।

Kansai Nerolac Paints

पेंट कंपनी Kansai Nerolac Paints का जून तिमाही का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर करीब 5% बढ़ा। डेकोरेटिव और इंडस्ट्रियल पेंट कारोबार में मजबूत मांग से कंपनी को फायदा मिला। हालांकि, कच्चे माल की लागत बढ़ने से मार्जिन पर दबाव रहा। कंपनी का रेवेन्यू 9.8% बढ़कर ₹2,374 करोड़ पहुंच गया।

Gulf Oil Lubricants India

लुब्रिकेंट बनाने वाली कंपनी Gulf Oil Lubricants India ने जून तिमाही में मजबूत नतीजे पेश किए। कंपनी का शुद्ध मुनाफा 28.6% बढ़कर ₹123.1 करोड़ हो गया। वहीं, रेवेन्यू 30.6% बढ़कर ₹1,327 करोड़ रहा। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹1,016.4 करोड़ था।

The Great Eastern Shipping Company

शिपिंग और ऑफशोर सर्विसेज कंपनी The Great Eastern Shipping Company का शुद्ध मुनाफा जून तिमाही में दो गुने से ज्यादा बढ़कर ₹1,309 करोड़ पहुंच गया। पिछले साल यह ₹505 करोड़ था। मजबूत शिपिंग कारोबार और बेहतर ऑपरेटिंग मार्जिन की वजह से कंपनी का प्रदर्शन बेहतर रहा।

GSK Pharma

फार्मा कंपनी GlaxoSmithKline Pharmaceuticals (GSK Pharma) का जून तिमाही का शुद्ध मुनाफा 15.7% बढ़ा। जनरल मेडिसिन और वैक्सीन कारोबार में मजबूत ग्रोथ से कंपनी को फायदा मिला। बेहतर ऑपरेटिंग मार्जिन ने भी नतीजों को मजबूती दी।

Texmaco Rail & Engineering

रेलवे इक्विपमेंट बनाने वाली कंपनी Texmaco Rail & Engineering ने जून तिमाही में मिले-जुले नतीजे पेश किए। कंपनी का शुद्ध मुनाफा 67% बढ़कर ₹50 करोड़ हो गया। हालांकि, रेवेन्यू में सालाना आधार पर गिरावट दर्ज की गई। बेहतर ऑपरेटिंग एफिशिएंसी से मुनाफे में सुधार हुआ।

Restaurant Brands Asia

क्विक सर्विस रेस्टोरेंट (QSR) कंपनी Restaurant Brands Asia का जून तिमाही में घाटा कम हुआ। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट लॉस ₹28.3 करोड़ रहा, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹41.9 करोड़ था। इससे कंपनी के प्रदर्शन में सुधार के संकेत मिले।

KIMS

हॉस्पिटल चेन KIMS के जून तिमाही नतीजे मिले-जुले रहे। कंपनी का शुद्ध मुनाफा 47.2% घटकर ₹41.5 करोड़ रह गया। हालांकि, रेवेन्यू 35.3% बढ़कर ₹1,179.5 करोड़ हो गया। EBITDA 16% बढ़ा, लेकिन EBITDA मार्जिन 22.1% से घटकर 18.9% रह गया।

UPL

एग्रोकेमिकल कंपनी UPL के CEO माइक फ्रैंक ने इस्तीफा दे दिया है। उनका इस्तीफा 31 अगस्त 2026 से प्रभावी होगा। तब तक वह अपनी जिम्मेदारियां निभाएंगे। कंपनी ने फिलहाल इस्तीफे की वजह नहीं बताई है। अब बाजार की नजर नए CEO की नियुक्ति पर रहेगी।

DOMS Industries

स्टेशनरी और कंज्यूमर प्रोडक्ट्स कंपनी DOMS Industries के जून तिमाही नतीजों में बिक्री बढ़ी, लेकिन मुनाफा घट गया। कंपनी का शुद्ध मुनाफा ₹57.2 करोड़ से घटकर ₹44.4 करोड़ रह गया। वहीं, रेवेन्यू 19.3% बढ़कर ₹670.5 करोड़ पहुंच गया। EBITDA मार्जिन 17.6% से घटकर 12.3% रहा।

Thomas Cook

ट्रैवल सर्विसेज कंपनी Thomas Cook India का शुद्ध मुनाफा जून तिमाही में 5.8% बढ़कर ₹58.7 करोड़ हो गया। कंपनी का रेवेन्यू भी 1.2% बढ़कर ₹828 करोड़ पहुंच गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹818 करोड़ था।

तिमाही नतीजे

शेयर बाजार में मंगलवार को कई कंपनियां जून तिमाही के नतीजे जारी करेंगी। इनमें Bharti Airtel, Bharti Hexacom, BSE, Castrol India, Godrej Properties, Ajmera Realty & Infra India, Dredging Corporation of India और Adroit Infotech जैसी कंपनियां शामिल हैं।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

बजाज हाउसिंग फाइनेंस में 44% तक तेजी की उम्मीद, ICICI सिक्योरिटीज ने ₹125 का टारगेट दिया

Bajaj Housing Finance : बजाज ग्रुप की बजाज हाउसिंग फाइनेंस का शेयर पिछले कुछ महीनों से दबाव में है। गुरुवार को भी यह 1% गिरकर ₹86.69 पर बंद हुआ। लेकिन ब्रोकरेज हाउस ICICI Securities का मानना है कि मौजूदा स्तर से इसमें अच्छी तेजी आ सकती है। ब्रोकरेज ने शेयर पर ‘Buy’ की रेटिंग बरकरार रखी है। साथ ही ₹125 का टारगेट दिया है। यानी मौजूदा भाव से शेयर में करीब 44% की तेजी की गुंजाइश बनती है।

आखिर ब्रोकरेज इतना भरोसा क्यों जता रहा है?

ICICI Securities का कहना है कि जून तिमाही में बजाज हाउसिंग फाइनेंस ने मजबूत प्रदर्शन किया। मुनाफा एक साल पहले के मुकाबले 23% बढ़ा। लोन बुक भी अच्छी रफ्तार से बढ़ी। सबसे बड़ी राहत यह रही कि खराब कर्ज पर होने वाला खर्च काफी कम रहा। यही वजह है कि ब्रोकरेज ने अपने टारगेट में कोई बदलाव नहीं किया।

रिकॉर्ड लोन बांटे, कारोबार तेजी से बढ़ा

जून तिमाही में बजाज हाउसिंग फाइनेंस ने ₹19,500 करोड़ के लोन बांटे। यह अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। इसी की बदौलत कंपनी का AUM बढ़कर करीब ₹1.50 लाख करोड़ पहुंच गया। यह पिछले साल के मुकाबले 24% ज्यादा है। ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी ने पूरे साल की ग्रोथ की अच्छी शुरुआत कर दी है।

लेकिन एक चिंता अभी भी बाकी है

हालांकि, बजाज हाउसिंग फाइनेंस में हर चीज अच्छी नहीं है। होम लोन मार्केट में मुकाबला लगातार बढ़ रहा है। इसका असर कंपनी के NIM पर दिख रहा है। जून तिमाही में मार्जिन 14 बेसिस प्वाइंट घटा। मैनेजमेंट को भी उम्मीद है कि आने वाली तिमाहियों में थोड़ा और दबाव रह सकता है। हालांकि, कंपनी का मानना है कि कम क्रेडिट कॉस्ट और खर्च पर कंट्रोल इस कमी की भरपाई कर देंगे।

एसेट क्वालिटी मजबूत बनी हुई है

ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी की सबसे बड़ी ताकत उसकी मजबूत एसेट क्वालिटी है। जून तिमाही में GNPA सिर्फ 0.29% रहा। वहीं, क्रेडिट कॉस्ट भी घटकर 4-5 बेसिस प्वाइंट पर आ गया। इससे आने वाले समय में मुनाफे को सहारा मिल सकता है।

आगे क्या है उम्मीद?

मैनेजमेंट को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2027 में AUM 21-23% की दर से बढ़ेगा। साथ ही RoA 2.1-2.3% और RoE 12-13% के दायरे में रहने का अनुमान है। ब्रोकरेज का कहना है कि अगर लोन ग्रोथ मजबूत बनी रहती है और क्रेडिट कॉस्ट नियंत्रण में रहती है, तो शेयर में आगे भी अच्छी तेजी देखने को मिल सकती है।

Vedanta Demerger: वेदांता अब रियल एस्टेट कारोबार भी अलग करेगी, शेयरधारकों को मिलेगा नया शेयर

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Vedanta Demerger: वेदांता अब रियल एस्टेट कारोबार भी अलग करेगी, शेयरधारकों को मिलेगा नया शेयर

Vedanta Demerger: अनिल अग्रवाल के मालिकाना हक वाली मेटल और माइनिंग कंपनी वेदांता लिमिटेड ने अपने रियल एस्टेट कारोबार को भी अलग करने का ऐलान किया है। यह फैसला कंपनी के पावर, ऑयल एंड गैस, आयरन एंड स्टील और एल्युमिनियम कारोबार की अलग लिस्टिंग के करीब दो महीने बाद आया है।

कंपनी ने शेयर बाजार को दी जानकारी में कहा कि रियल एस्टेट बिजनेस को एक अलग लिस्टेड कंपनी बनाया जाएगा। यह डिमर्जर गोइंग कंसर्न आधार पर होगा। यानी कारोबार पहले की तरह चलता रहेगा, सिर्फ उसकी अलग कंपनी बन जाएगी।

शेयरधारकों को क्या मिलेगा?

वेदांता के मौजूदा शेयरधारकों को 20 शेयर पर 1 नया शेयर मिलेगा। यानी अगर आपके पास वेदांता के 20 शेयर हैं, तो डिमर्जर के बाद नई रियल एस्टेट कंपनी का 1 शेयर मिलेगा। हालांकि, इसके लिए रिकॉर्ड डेट का ऐलान अभी नहीं किया गया है।

क्या करती है रियल एस्टेट यूनिट?

वेदांता की यह यूनिट रिहायशी, कमर्शियल, रिटेल, इंडस्ट्रियल और हॉस्पिटैलिटी प्रोजेक्ट्स के विकास से जुड़ा काम करती है। इसके अलावा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स, टाउनशिप, लीजिंग, इंडस्ट्रियल एस्टेट और स्पेशल इकोनॉमिक जोन (SEZ) जैसे प्रोजेक्ट्स पर भी काम कर सकती है। 31 मार्च 2026 तक वेदांता के रियल एस्टेट कारोबार का टर्नओवर सिर्फ ₹1.26 करोड़ था। यह कंपनी के कुल स्टैंडअलोन टर्नओवर का महज 0.001% है।

डिमर्जर से क्या होगा फायदा?

वेदांता का कहना है कि अलग कंपनी बनने के बाद रियल एस्टेट कारोबार अपने सेक्टर पर पूरी तरह फोकस कर सकेगा। इससे कारोबार बढ़ाने में आसानी होगी। नई कंपनी अपने हिसाब से निवेशक, रणनीतिक साझेदार और कर्जदाता भी जोड़ सकेगी। इससे विस्तार की रफ्तार तेज होने की उम्मीद है।

वेदांता के शेयरों का हाल

डिमर्जर के ऐलान और जून तिमाही के नतीजों के बाद वेदांता का शेयर 0.8% की बढ़त के साथ ₹266.65 पर बंद हुआ। पिछले एक महीने में स्टॉक 5.02% गिरा है। कंपनी का मार्केट कैप 99.44 हजार करोड़ रुपये है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stocks to Watch: 30 जुलाई को फोकस में रहेंगे ये 16 स्टॉक्स, मिल सकता तगड़ी कमाई का मौका

Stocks to Watch: गुरुवार के कारोबारी सत्र में कई बड़े शेयर फोकस में रह सकते हैं। कुछ कंपनियों ने जून तिमाही के मजबूत नतीजे जारी किए हैं। कुछ के प्रदर्शन ने निवेशकों को निराश किया है। इसके अलावा एक सरकारी कंपनी में बड़ा मैनेजमेंट बदलाव भी हुआ है। आइए जानते हैं 30 जुलाई को किन 16 शेयरों पर बाजार की सबसे ज्यादा नजर रहेगी।

Eicher Motors

दोपहिया और कमर्शियल व्हीकल बनाने वाली कंपनी आयशर मोटर्स का जून तिमाही में कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा 21.4% बढ़कर 1,462 करोड़ रुपये रहा। रेवेन्यू 31.5% बढ़कर 6,632 करोड़ रुपये हो गया। मुनाफा और रेवेन्यू दोनों ही CNBC-TV18 के अनुमान से बेहतर रहे।

Dabur

एफएमसीजी कंपनी डाबर का जून तिमाही में शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 15.3% बढ़कर 586 करोड़ रुपये रहा। रेवेन्यू 10.6% बढ़कर 3,764.3 करोड़ रुपये और EBITDA 11% बढ़कर 741.2 करोड़ रुपये हो गया। EBITDA मार्जिन 19.6% से बढ़कर 19.7% रहा। मुनाफा अनुमान से बेहतर रहा, जबकि बाकी आंकड़े अनुमान के मुताबिक रहे।

MOIL

सरकारी मैंगनीज माइनिंग कंपनी MOIL का जून तिमाही का नेट प्रॉफिट 70.1% बढ़कर 87.6 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल यह 51.5 करोड़ रुपये था। रेवेन्यू 6.6% बढ़कर 370.9 करोड़ रुपये और EBITDA 72.3% बढ़कर 135.8 करोड़ रुपये रहा। EBITDA मार्जिन 22.6% से बढ़कर 36.6% हो गया।

Bajaj Housing Finance

बजाज ग्रुप की कंपनी बजाज हाउसिंग फाइनेंस का जून तिमाही का शुद्ध मुनाफा 22.6% बढ़कर 715 करोड़ रुपये रहा। NII 9% बढ़कर 968 करोड़ रुपये और कुल आय 17.2% बढ़कर 3,063 करोड़ रुपये हो गई। कंपनी की एसेट क्वालिटी में भी सुधार हुआ। ग्रॉस NPA 0.30% से घटकर 0.29% और नेट NPA 0.13% से घटकर 0.12% रहा।

Vedanta Oil & Gas

ऑयल एंड गैस कंपनी वेदांता ऑयल एंड गैस ने जून तिमाही में 945 करोड़ रुपये का प्रॉफिट दर्ज किया। पिछली तिमाही में कंपनी को 476 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। रेवेन्यू 3.1% घटकर 2,507 करोड़ रुपये और EBITDA 7.7% घटकर 814 करोड़ रुपये रहा। EBITDA मार्जिन 34.1% से घटकर 32.5% पर आ गया।

Vedanta Iron & Steel

स्टील कंपनी वेदांता आयरन एंड स्टील ने जून तिमाही में 121 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा कमाया। पिछली तिमाही में कंपनी को 1,939 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। रेवेन्यू 5.2% घटकर 3,662 करोड़ रुपये और EBITDA 8.1% घटकर 508 करोड़ रुपये रहा। EBITDA मार्जिन 14.3% से घटकर 14% रह गया।

Vedanta Power

बिजली कंपनी वेदांता पावर को जून तिमाही में 423 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ। पिछली तिमाही में कंपनी ने 139 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था। 487 करोड़ रुपये के एक्सेप्शनल लॉस का असर नतीजों पर दिखा, जबकि रेवेन्यू 31% बढ़कर 2,607 करोड़ रुपये रहा।

Waaree Energies

रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी वारी एनर्जीज का जून तिमाही का नेट प्रॉफिट 14.1% बढ़कर 850 करोड़ रुपये रहा। रेवेन्यू 79.2% बढ़कर 7,932 करोड़ रुपये और EBITDA 44.4% बढ़कर 1,440 करोड़ रुपये हो गया। हालांकि, EBITDA मार्जिन 22.5% से घटकर 18.2% पर आ गया।

Cochin Shipyard

सरकारी शिपबिल्डिंग कंपनी कोचीन शिपयार्ड के डायरेक्टर (फाइनेंस) जोस वी. जे. अगले सात महीने तक CMD का अतिरिक्त प्रभार संभालते रहेंगे। उनकी नियुक्ति 1 अगस्त 2026 से बढ़ाई गई है। इस विस्तार को कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) ने मंजूरी दी है।

Star Health

हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी स्टार हेल्थ का जून तिमाही का मुनाफा 438 करोड़ रुपये से बढ़कर 550 करोड़ रुपये हो गया। कंपनी की आय भी बढ़कर 4,917 करोड़ रुपये पहुंच गई। पिछले साल की समान तिमाही में यह 4,336 करोड़ रुपये थी।

MTAR Tech

इंजीनियरिंग कंपनी MTAR Tech का जून तिमाही का नेट प्रॉफिट 10.8 करोड़ रुपये से बढ़कर 50.2 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू 157 करोड़ रुपये से बढ़कर 360 करोड़ रुपये और EBITDA 28 करोड़ रुपये से बढ़कर 85 करोड़ रुपये पहुंच गया। EBITDA मार्जिन 18.1% से बढ़कर 23.5% हो गया।

Balkrishna Industries

टायर कंपनी बालकृष्ण इंडस्ट्रीज का जून तिमाही का शुद्ध मुनाफा 287 करोड़ रुपये से बढ़कर 432 करोड़ रुपये हो गया। आय बढ़कर 3,445 करोड़ रुपये और EBITDA 724 करोड़ रुपये रहा। EBITDA मार्जिन 18.2% से बढ़कर 21.01% हो गया। कंपनी ने 4 रुपये प्रति शेयर अंतरिम डिविडेंड का भी ऐलान किया है।

TBO Tek

ट्रैवल टेक कंपनी TBO Tek का जून तिमाही का प्रॉफिट 32.4% बढ़कर 83.3 करोड़ रुपये रहा। रेवेन्यू 81.1% बढ़कर 925.7 करोड़ रुपये और EBITDA 86.6% बढ़कर 138 करोड़ रुपये हो गया। EBITDA मार्जिन 14.4% से बढ़कर 14.9% रहा।

TeamLease

स्टाफिंग और एचआर सर्विसेज कंपनी TeamLease का जून तिमाही का शुद्ध मुनाफा 31.4% बढ़कर 34.9 करोड़ रुपये रहा। रेवेन्यू 5.8% बढ़कर 3,034.7 करोड़ रुपये हो गया। EBITDA 2.7% बढ़कर 31.5 करोड़ रुपये रहा। EBITDA मार्जिन 1% पर स्थिर बना रहा।

Triveni Engineering

इंजीनियरिंग और शुगर सेक्टर की कंपनी त्रिवेणी इंजीनियरिंग का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 2.1 करोड़ रुपये से बढ़कर 3.65 करोड़ रुपये हो गया। कंसोलिडेटेड आय 1,950 करोड़ रुपये और EBITDA 52.9 करोड़ रुपये रहा। EBITDA मार्जिन 1.96% से बढ़कर 2.71% हो गया।

Redington

आईटी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी रेडिंग्टन का जून तिमाही का मुनाफा 76.6% बढ़कर 486 करोड़ रुपये रहा। रेवेन्यू 34.6% बढ़कर 34,922 करोड़ रुपये और EBITDA 76.8% बढ़कर 708 करोड़ रुपये हो गया। EBITDA मार्जिन 1.5% से बढ़कर 2% रहा।

कल ये कंपनियां तिमाही नतीजे जारी करेंगी

गुरुवार को कई बड़ी कंपनियां जून तिमाही (Q1) के नतीजे जारी करेंगी। इनमें आर्कियन केमिकल इंडस्ट्रीज, अजंता फार्मा, अपोलो पाइप्स, AWL एग्री बिजनेस, बजाज फाइनेंस, बेस्ट एग्रोलाइफ, एक्साइड इंडस्ट्रीज, ICRA और इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉरपोरेशन (IRFC) शामिल हैं। इन कंपनियों के नतीजों पर निवेशकों की नजर रहेगी।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।