IT Stocks: दो दिन में आईटी इंडेक्स 6% चढ़ा, क्या TCS, इंफोसिस जैसी कंपनियों का बुरा दौर खत्म? जानिए एक्सपर्ट्स से

IT Stocks: मंगलवार, 28 जुलाई को एशियाई टेक शेयरों में भारी बिकवाली के बीच निफ्टी IT इंडेक्स करीब 3% चढ़ गया। ग्लोबल मार्केट में AI पर होने वाले भारी निवेश और उससे मिलने वाले रिटर्न को लेकर चिंता बढ़ी है। इसका असर दक्षिण कोरिया, ताइवान और जापान की टेक कंपनियों पर दिखा। हालांकि, भारतीय IT कंपनियां इस दबाव से काफी हद तक बची रहीं, क्योंकि यहां AI पर फोकस करने वाली कंपनियां बहुत कम हैं।

पिछले दो कारोबारी सत्रों में निफ्टी IT इंडेक्स करीब 6% चढ़ चुका है। इसकी एक बड़ी वजह Jefferies की रिपोर्ट रही, जिसमें ब्रोकरेज ने सेक्टर की रेटिंग ‘Underweight’ से बढ़ाकर ‘Neutral’ कर दी। यह तेजी अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक से पहले आई है। बाजार को उम्मीद है कि फेड इस बार ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा।

भारतीय IT सेक्टर कैसे बचा?

Nexedge Capital के चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर गौरव कुलश्रेष्ठ का कहना है कि दुनियाभर में AI को लेकर जो उत्साह ठंडा पड़ा है, उससे भारतीय IT सेक्टर को संभलने का मौका मिला है। हालांकि, उनका मानना है कि बड़ी IT कंपनियों के लिए चुनौतियां अभी खत्म नहीं हुई हैं। जब तक वैश्विक स्तर पर टेक्नोलॉजी पर खर्च नहीं बढ़ता, तब तक सेक्टर में लंबी तेजी आना मुश्किल है।

Share.Market by PhonePe के मार्केट एनालिस्ट मयंक जैन के मुताबिक, भारतीय IT कंपनियों का बिजनेस मॉडल एसेट-लाइट है। इन्हें AI डेटा सेंटर या चिप बनाने वाली कंपनियों की तरह अरबों डॉलर का पूंजीगत निवेश नहीं करना पड़ता। यही वजह है कि AI निवेश को लेकर बढ़ी चिंताओं का असर भारतीय IT कंपनियों पर कम पड़ा।

उनका कहना है कि पिछले कई महीनों की गिरावट के बाद IT शेयर आकर्षक वैल्यूएशन पर पहुंच गए थे। ऐसे में घरेलू और विदेशी संस्थागत निवेशकों ने एशियाई हार्डवेयर कंपनियों से पैसा निकालकर भारतीय IT शेयरों में लगाया।

निफ्टी IT इंडेक्स का टेक्निकल आउटलुक

मयंक जैन के मुताबिक, निफ्टी IT इंडेक्स हालिया कारोबारी सत्र में 3.5% से ज्यादा चढ़कर 30,500 के करीब बंद हुआ। कई महीनों की गिरावट के बाद इसमें मजबूत रिकवरी देखने को मिली। इस तेजी के दौरान ट्रेडिंग वॉल्यूम भी बढ़ा। इससे पता चलता है कि निचले स्तरों पर अच्छी खरीदारी और शॉर्ट कवरिंग हुई।

टेक्निकल चार्ट पर इंडेक्स ने अपने 20-डे और 50-डे EMA के ऊपर वापसी कर ली है। 28,600-28,700 का स्तर अब मजबूत सपोर्ट माना जा रहा है। हालांकि, इंडेक्स अभी भी 200-डे EMA यानी करीब 31,800 के नीचे कारोबार कर रहा है। मयंक जैन का कहना है कि 31,800-32,000 का दायरा सबसे बड़ा रेजिस्टेंस है। इस स्तर के ऊपर टिकने पर ही लंबी अवधि की तेजी की पुष्टि होगी। फिलहाल रिकवरी के संकेत मजबूत हैं, लेकिन उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।

TCS

जैन के मुताबिक, TCS का शेयर फिलहाल अपने 20 DMA और 50 DMA के ऊपर कारोबार कर रहा है। इससे शॉर्ट टर्म में मजबूती के संकेत मिलते हैं। हालांकि, शेयर अभी भी 200 DMA से नीचे है। उनका कहना है कि लंबी अवधि के निवेशकों के लिए मजबूत डिविडेंड और बेहतर वैल्यूएशन इसे आकर्षक बनाते हैं। वहीं, ट्रेडर्स को 200 DMA के ऊपर मजबूत ब्रेकआउट का इंतजार करना चाहिए।

Infosys

मयंक जैन का कहना है कि Infosys का शेयर 20 DMA के ऊपर लौट आया है, लेकिन अभी भी 50 DMA और 200 DMA से नीचे है। कंपनी की मजबूत कैश फ्लो, 4.3% डिविडेंड यील्ड और आकर्षक वैल्यूएशन इसे डिफेंसिव स्टॉक बनाते हैं। हालांकि, शेयर में बड़ी तेजी तभी आ सकती है, जब कंपनी की ग्रोथ गाइडेंस और बिजनेस आउटलुक बेहतर हो।

HCL Technologies

जैन के हिसाब से बड़े IT शेयरों में HCL Technologies का टेक्निकल सेटअप सबसे मजबूत दिख रहा है। शेयर 20 DMA और 50 DMA के ऊपर बना हुआ है और अब 200 DMA के पास अहम रेजिस्टेंस का सामना कर रहा है। अगर शेयर अच्छे वॉल्यूम के साथ इस स्तर को पार कर लेता है, तो इसमें और तेजी देखने को मिल सकती है।

Tech Mahindra

मयंक जैन के मुताबिक, Tech Mahindra भी 20 DMA और 50 DMA के ऊपर कारोबार कर रहा है। इससे शेयर में रिकवरी के संकेत मिल रहे हैं। हालांकि, 1,700 रुपये के आसपास मौजूद 200 DMA अभी बड़ा रेजिस्टेंस बना हुआ है। उनका मानना है कि इस स्तर तक आने वाली छोटी गिरावटें, लंबी अवधि के निवेशकों के लिए अच्छा खरीदारी का मौका हो सकती हैं।

आगे किन बातों पर रहेगी नजर?

मयंक जैन का कहना है कि आने वाले समय में भारतीय IT सेक्टर की चाल काफी हद तक अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों पर निर्भर करेगी। अगर अमेरिका में ब्याज दरें कम होती हैं, तो बैंकिंग और फाइनेंशियल सेक्टर की कंपनियां टेक्नोलॉजी पर खर्च बढ़ा सकती हैं। इससे भारतीय IT कंपनियों को नए ऑर्डर मिलने की संभावना बढ़ेगी।

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Nifty Outlook: लगातार 5 दिनों की गिरावट के बाद तेजी लौटेगी? जानिए एक्सपर्ट्स से

Nifty Outlook: पिछले हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन यानी शुक्रवार को शेयर बाजार में कमजोरी बनी रही। निफ्टी लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में गिरावट के साथ बंद हुआ। हालांकि, दिन के निचले स्तर से इंडेक्स ने 200 अंकों से ज्यादा की रिकवरी की।

आखिर में निफ्टी 102 अंक टूटकर 23,767 पर बंद हुआ। यह 12 जून 2026 के बाद का सबसे निचला स्तर है। निफ्टी पिछले हफ्ते 2.3% टूट गया। खास बात यह रही कि हफ्ते के पांचों कारोबारी दिन बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ।

आइए एक्सपर्ट्स से जानते हैं कि सोमवार, 27 जुलाई को निफ्टी की चाल कैसी रहेगी। लेकिन, उससे पहले समझ लेते हैं कि शुक्रवार के कारोबारी सत्र में क्या खास हुआ था।

किन शेयरों में रही सबसे ज्यादा हलचल?

HCLTech, Cipla और Wipro सबसे ज्यादा चढ़ने वाले शेयर रहे। वहीं Eternal, Mahindra & Mahindra और Bajaj Finance में सबसे ज्यादा गिरावट आई।

आईटी, मीडिया और PSU बैंक सेक्टर में खरीदारी रही। दूसरी ओर ऑटो, मेटल और रियल्टी सेक्टर सबसे ज्यादा दबाव में रहे।

मिडकैप और स्मॉलकैप भी दबाव में

शुरुआती गिरावट के बाद इन शेयरों में भी रिकवरी आई। लेकिन आखिर में दोनों इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए। निफ्टी मिडकैप 100 में 0.10% और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 0.32% की गिरावट रही।

बाजार पर दबाव क्यों है?

एनालिस्टों का कहना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव बाजार की सबसे बड़ी चिंता है। इसकी वजह से ब्रेंट क्रूड महंगा बना हुआ है। ऊंचे कच्चे तेल के दाम, कमजोर रुपया और विदेशी निवेशकों (FII) की बिकवाली भी बाजार पर दबाव बना रहे हैं।

अगले हफ्ते किन बातों पर रहेगी नजर?

जून तिमाही के नतीजों का सीजन जारी है। इसलिए कई शेयरों में हलचल बनी रह सकती है। निवेशकों की नजर IDFC First Bank, Zen Technologies, Birla Corporation और AU Small Finance Bank के नतीजों पर रहेगी।

23,600 का स्तर सबसे अहम

HDFC Securities के नागराज शेट्टी का कहना है कि 23,600 निफ्टी के लिए मजबूत सपोर्ट है। अगर यह स्तर बचा रहता है, तो अगले हफ्ते इंडेक्स 24,200 तक उछल सकता है।

Centrum Finverse के नीलेश जैन का भी मानना है कि 23,600 के ऊपर रहने पर निफ्टी पहले 24,000 और फिर 24,200 तक जा सकता है। हालांकि, 23,850 के आसपास बड़ी रुकावट मिल सकती है।

सपोर्ट टूटा तो बढ़ सकती है गिरावट

HDFC Securities के नंदीश शाह का कहना है कि अगर निफ्टी 23,606 के नीचे निकलता है, तो गिरावट बढ़कर 23,500 और फिर 23,070 तक जा सकती है। वहीं, 24,000 का स्तर फिलहाल सबसे बड़ा रेजिस्टेंस बना हुआ है।

LKP Securities के रुपक डे के मुताबिक, निफ्टी अब 50 दिन की EMA के नीचे आ चुका है। यह शॉर्ट टर्म कमजोरी का संकेत है। अगर 23,600 का स्तर टूटता है, तो बिकवाली और बढ़ सकती है। वहीं, तेजी की वापसी के लिए निफ्टी का 24,000 के ऊपर निकलना जरूरी होगा।

Stocks to Watch: सोमवार 27 जुलाई को फोकस में रहेंगे 27 स्टॉक्स, मिल सकता है तगड़ी कमाई का मौका

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Stocks to Watch: 22 जुलाई को फोकस में रहेंगे ये 16 स्टॉक्स, दिख सकती है बड़ी हलचल

Stocks to Watch: बुधवार 22 जुलाई को शेयर बाजार में 15 कंपनियों के शेयर फोकस में रह सकते हैं। कुछ कंपनियों ने जून तिमाही के नतीजे जारी किए हैं, जबकि कुछ ने कारोबार से जुड़े बड़े ऐलान किए हैं। वहीं, कई दिग्गज कंपनियां आज अपने Q1 नतीजे पेश करेंगी। ऐसे में इन शेयरों में पूरे कारोबारी सत्र के दौरान अच्छी-खासी हलचल देखने को मिल सकती है।

Aurobindo Pharma

फार्मा कंपनी Aurobindo Pharma की सहयोगी कंपनी CuraTeQ को हैदराबाद स्थित बायोसिमिलर्स मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी के लिए ब्राजील की हेल्थ रेगुलेटर ANVISA से मंजूरी मिल गई है। इस मंजूरी से कंपनी को ब्राजील के बाजार में कारोबार बढ़ाने में मदद मिलेगी।

JSW Infrastructure

पोर्ट और लॉजिस्टिक्स सेक्टर की कंपनी JSW Infrastructure का जून तिमाही में शुद्ध मुनाफा 8.2% घटकर ₹357.6 करोड़ रह गया। हालांकि, रेवेन्यू 18.1% बढ़कर ₹1,444.8 करोड़ हो गया। EBITDA 15.9% बढ़कर ₹673.7 करोड़ रहा। वहीं, EBITDA मार्जिन 47.5% से घटकर 46.6% पर आ गया।

Aditya Birla Capital

फाइनेंशियल सर्विसेज कंपनी Aditya Birla Capital ने अपनी सहयोगी कंपनी Aditya Birla Health Insurance में राइट्स इश्यू के जरिए ₹123.89 करोड़ का निवेश किया है। कंपनी ने यह निवेश कारोबार बढ़ाने और पूंजी आधार मजबूत करने के लिए किया है।

Trident Ltd

टेक्सटाइल और पेपर सेक्टर की कंपनी Trident Ltd का जून तिमाही में कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 12.9% बढ़कर ₹158 करोड़ रहा। इस दौरान ऑपरेशंस से रेवेन्यू 4.7% बढ़कर ₹1,786.8 करोड़ और EBITDA 2.7% बढ़कर ₹299.6 करोड़ हो गया। हालांकि, EBITDA मार्जिन पिछले साल की तरह 17% पर स्थिर रहा।

Bandhan Bank

प्राइवेट सेक्टर के Bandhan Bank का जून तिमाही में शुद्ध मुनाफा 34.8% बढ़कर ₹501.6 करोड़ हो गया। नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) 6% बढ़ी। बैंक की एसेट क्वालिटी में भी सुधार हुआ। ग्रॉस NPA 3.15% और नेट NPA 0.93% पर आ गया। तिमाही के दौरान बैंक ने ₹682.5 करोड़ का प्रावधान किया।

IndiaMART InterMESH

ऑनलाइन B2B ई-कॉमर्स कंपनी IndiaMART InterMESH ने जून तिमाही में अच्छे नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा 12.18% बढ़कर ₹172.20 करोड़ हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹153.50 करोड़ था। तिमाही आधार पर कंपनी का मुनाफा 243.03% उछला है।

TVS Holdings

ऑटो सेक्टर की कंपनी TVS Holdings का जून तिमाही में शुद्ध मुनाफा 73.8% बढ़कर ₹1,173.5 करोड़ हो गया। रेवेन्यू 34% बढ़कर ₹17,076.1 करोड़ रहा। EBITDA 38.6% बढ़ा। वहीं, EBITDA मार्जिन बढ़कर 16.3% हो गया।

Welspun Specialty

मेटल सेक्टर की कंपनी Welspun Specialty जून तिमाही में घाटे से मुनाफे में लौट आई। कंपनी ने ₹5.16 करोड़ का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया। पिछले साल इसी अवधि में ₹0.75 करोड़ का घाटा हुआ था। हालांकि, रेवेन्यू 3.8% घटकर ₹194 करोड़ रहा। EBITDA बढ़कर ₹10.54 करोड़ और मार्जिन 5.4% पर पहुंच गया।

Cyient DLM

इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग कंपनी Cyient DLM का जून तिमाही में शुद्ध मुनाफा बढ़कर ₹16.2 करोड़ हो गया। पिछले साल यह ₹7.4 करोड़ था। रेवेन्यू 34.3% बढ़कर ₹373.8 करोड़ रहा। EBITDA 56.4% बढ़कर ₹39 करोड़ हो गया। वहीं, EBITDA मार्जिन 10.5% पर पहुंच गया।

Indian Hotels

टाटा ग्रुप की हॉस्पिटैलिटी सेक्टर की कंपनी Indian Hotels का जून तिमाही में शुद्ध मुनाफा 20.8% बढ़कर ₹358 करोड़ हो गया। रेवेन्यू 14.6% बढ़कर ₹2,339 करोड़ रहा। EBITDA 16.8% बढ़कर ₹672 करोड़ पहुंच गया। वहीं, EBITDA मार्जिन 28.8% रहा।

MedPlus Health Services

फार्मेसी रिटेल चेन MedPlus Health Services का जून तिमाही में शुद्ध मुनाफा 21.8% घटकर ₹33 करोड़ रह गया। हालांकि, कंपनी का रेवेन्यू 21.8% बढ़कर ₹1,879.6 करोड़ हो गया, जो पिछले साल की समान तिमाही में ₹1,542.6 करोड़ था।

Aavas Financiers

हाउसिंग फाइनेंस कंपनी Aavas Financiers की जून तिमाही में नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) 16.6% बढ़कर ₹324 करोड़ हो गई। शुद्ध मुनाफा 23% बढ़कर ₹171 करोड़ रहा। पिछले साल इसी अवधि में यह ₹139 करोड़ था।

Sagility India

हेल्थकेयर BPO कंपनी Sagility India का जून तिमाही में शुद्ध मुनाफा 46% बढ़कर ₹217 करोड़ हो गया। रेवेन्यू 27.6% बढ़कर ₹1,963 करोड़ रहा। EBITDA 26.6% बढ़कर ₹438 करोड़ पहुंच गया। हालांकि, EBITDA मार्जिन 23% से घटकर 22.3% रह गया।

Mastek

आईटी सेक्टर की कंपनी Mastek का जून तिमाही में शुद्ध मुनाफा 15% बढ़कर ₹106 करोड़ हो गया। वहीं, कंपनी का रेवेन्यू 7.7% बढ़कर ₹985.3 करोड़ रहा, जो पिछले साल की समान तिमाही में ₹914.7 करोड़ था।

Sunteck Realty

रियल एस्टेट सेक्टर की कंपनी Sunteck Realty का जून तिमाही में शुद्ध मुनाफा 26.4% बढ़कर ₹42.3 करोड़ हो गया। वहीं, कंपनी का रेवेन्यू 1.7% बढ़कर ₹191.6 करोड़ रहा, जो पिछले साल की समान तिमाही में ₹181.3 करोड़ था।

Hatsun Agro

डेयरी कंपनी Hatsun Agro का जून तिमाही में शुद्ध मुनाफा 1.1% घटकर ₹133.6 करोड़ रह गया। हालांकि, रेवेन्यू 19.3% बढ़कर ₹3,090 करोड़ हो गया। EBITDA 5.1% घटकर ₹350.5 करोड़ रहा। वहीं, EBITDA मार्जिन घटकर 11.3% पर आ गया।

22 जुलाई को आने वाले तिमाही नतीजे

बुधवार को जून तिमाही के नतीजों पर बाजार की नजर रहेगी। कई बड़ी कंपनियां अपने Q1 रिजल्ट जारी करेंगी। इनमें Adani Green Energy, Adani Power, Aye Finance, Dr. Reddy’s Laboratories, Bharat Petroleum Corporation (BPCL) और CSB Bank जैसी कंपनियां शामिल हैं। इनके नतीजों के बाद इन शेयरों में हलचल देखने को मिल सकती है।

SBI Funds Management Shares: ₹750 तक जा सकता है स्टॉक, Emkay ने खरीदने की सलाह दी

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

AI Data Centre Theme: AI डेटा सेंटर बूम से 45% तक चढ़े वाटर स्टॉक्स, कौन-कौन हैं इस थीम के बड़े खिलाड़ी?

AI Data Centre Theme: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की तेज रफ्तार के बीच अब सिर्फ पावर कंपनियां ही नहीं, बल्कि वॉटर सेक्टर की कंपनियां भी निवेशकों के रडार पर आ गई हैं। इसकी वजह है AI डेटा सेंटर, जिन्हें बिजली के साथ-साथ बड़ी मात्रा में पानी की भी जरूरत होती है। पानी का इस्तेमाल सर्वर को ठंडा रखने और दूसरे ऑपरेशनल कामों में किया जाता है।

कुछ वॉटर स्टॉक्स एक महीने में 45% तक चढ़े 

AI थीम और सरकारी योजनाओं की वजह से पिछले एक महीने में कुछ वॉटर स्टॉक्स में 45% तक की तेजी देखने को मिली है। हालांकि, बुधवार के कारोबार में इन शेयरों का प्रदर्शन मिला-जुला रहा।

VA Tech Wabag का शेयर 0.64% गिरा। वहीं Enviro Infra Engineers 0.69%, Indian Hume Pipe Company 0.37% और Denta Water and Infra Solutions 0.25% चढ़े।

Felix Industries 2.67% की बढ़त के साथ सबसे ज्यादा चढ़ने वाला शेयर रहा। वहीं Polysil Irrigation Systems में मामूली तेजी और Welspun Corp में हल्की गिरावट दर्ज की गई।

वॉटर स्टॉक्स में दिलचस्पी क्यों बढ़ रही है?

Master Capital Services के चीफ रिसर्च ऑफिसर रवि सिंह के मुताबिक, इस तेजी की दो बड़ी वजह हैं। पहली, सरकार का पानी से जुड़ी परियोजनाओं पर बढ़ता खर्च। दूसरी, AI डेटा सेंटर की बढ़ती मांग।

उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन जैसी योजनाओं से VA Tech Wabag, Shakti Pumps, Enviro Infra Engineers और Jash Engineering जैसी कंपनियों को ऑर्डर मिलने की अच्छी संभावना बनी हुई है। वहीं AI डेटा सेंटर की थीम ने इस तेजी को और रफ्तार दी है।

सिर्फ AI नहीं, सरकार भी दे रही बड़ा सपोर्ट

Bajaj Finance के मुताबिक, साफ पानी की बढ़ती मांग, शहरीकरण, औद्योगिक इस्तेमाल और सरकारी निवेश की वजह से वॉटर सेक्टर की कंपनियों के लिए लंबी अवधि में अच्छी संभावनाएं हैं। यही वजह है कि कई निवेशक इस सेक्टर को स्थिर ग्रोथ वाला विकल्प मान रहे हैं।

भारत में वॉटर स्टॉक्स में कितना बड़ा मौका है ?

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, भारत का वॉटर और वेस्टवॉटर सेक्टर हर साल ₹25,000 करोड़ से ₹30,000 करोड़ का बाजार बन चुका है। इसमें करीब 40% हिस्सा पानी और 60% हिस्सा वेस्टवॉटर मैनेजमेंट का है।

SBI Cap Securities के मुताबिक, अगले 3-4 साल तक सरकार पानी से जुड़ी परियोजनाओं पर लगातार फोकस रख सकती है। वहीं, Niveshaay के फाउंडर अरविंद कोठारी का कहना है कि देश में अभी सिर्फ करीब 40% सीवेज का ही ट्रीटमेंट होता है। कई शहरों में आज भी सीवर नेटवर्क और जल आपूर्ति की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। ऐसे में इस सेक्टर में आगे भी बड़े निवेश की जरूरत बनी रहेगी।

Semiconductor Mission 2.0: ₹1.27 लाख करोड़ के मिशन को मंजूरी, भारत को चिप हब बनाने की तैयारी

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Kalyan Jewellers Share Price: लगातार तीसरे दिन कल्याण ज्वेलर्स के शेयरों को लगे पंख, सिर्फ तीन दिन में 35% उछला

कल्याण ज्वेलर्स के शेयरों में लगातार तीसरे दिन बड़ी तेजी दिखी। बाजार खुलते ही कंपनी के शेयर रॉकेट बन गए। एक समय शेयर 7 फीसदी तक चढ़ गया था। बीते तीन सत्रों में यह शेयर करीब 35 फीसदी चढ़ चुका है। खास बात यह है कि शेयरों में उछाल के साथ ट्रेडिंग वॉल्यूम भी बढ़ा है।

दोपहर तक शेयरों में ट्रेडिंग वॉल्यूम करीब 4 करोड़ शेयरों तक पहुंच गया। 20 दिनों का इसका का एवरेज ट्रेडिंग वॉल्यूम 22 लाख शेयरों का है। करीब 13 फीसदी ट्रेडेड शेयर डिलीवरी वाले हैं। 9 जुलाई को यह शेयर अपने 100-दिन और 200-दिन मूविंग एवरेजेज के ऊपर बंद हुआ। यह गुरुवार को निफ्टी 500 का सबसे ज्यादा ट्रेडिंग वाला स्टॉक बन गया।

कल्याण ज्वेलर्स के शेयरों में तेजी की वजह जून तिमाही का इसका बिजनेस अपडेट है। इसके अलावा विदेशी ब्रोकरेज फर्म सिटी ने फिर से इस शेयर को ‘बाय’ रेटिंग दी है। उसने शेयर के लिए 750 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। इसकी वजह कंपनी का शानदार प्रदर्शन है। जून तिमाही में कल्याण के इंडिया बिजनेस की रेवेन्यू ग्रोथ साल दर साल आधार पर 38 फीसदी रही। इसमें सेम-सेल्स में 28 फीसदी ग्रोथ का बड़ा हाथ रहा।

कल्याण ने जून तिमाही में नए 12 कल्याण स्टोर्स ओपन किए। सिटी ने कहा है कि कंपनी के मैनेजमेंट ने प्रमुख बाजारों में डिमांड स्ट्रॉन्ग रहने की जानकारी दी है। अधिक मास के बावजूद कंपनी की सेल्स अच्छी रही। जून में कुल सेल्स में पुराने ज्वेलरी एक एक्सचेंज सेल की हिस्सेदारी बढ़कर 55 फीसदी से ज्यादा हो गई। कपनी के इंटरनेशनल बिजनेस का प्रदर्शन भी अच्छा रहा।

सिटी ने कल्याण ज्वेलर्स के शेयरों को लेकर कुछ रिस्क भी बताए हैं। उसने कहा है कि इंडिया में कल्याण के ज्वेलरी बिजनेस का प्रदर्शन टाइटन के मुकाबले कमजोर रहा। बीती 13 तिमाहियों में पहली बार ऐसा हुआ है। इसके अलावा कंपनी के प्रमोटर ने काफी ज्यादा शेयर गिरवी रखे हैं। अगर आगे कंज्यूमर डिमांड में सुस्ती आती है तो इसका असर कंपनी के बिजनेस पर पड़ सकता है।

10 जुलाई को कल्याण ज्वेलर्स का शेयर 11:30 बजे 6.90 फीसदी चढ़कर 473.75 रुपये पर चल रहा था। उधर, शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों में भी तेजी थी। निफ्टी 0.85 फीसदी यानी 204 अंक चढ़कर 24,168 पर चल रहा था। सेंसेक्स भी 0.90 फीसदी यानी 682 अंक के उछाल के साथ 77,429 पर था। बैंक निफ्टी 1 फीसदी से ज्यादा ऊपर था। मिडकैप शेयरों में भी अच्छी तेजी थी।

Stcoks to Watch: शुक्रवार 10 जुलाई को फोकस में रहेंगे ये 13 स्टॉक्स, दिख सकता है तगड़ा एक्शन

Stocks to Watch: शुक्रवार, 10 जुलाई के कारोबार में कई शेयरों पर निवेशकों की नजर रहेगी। तिमाही नतीजे, जून सेल्स, नए प्रोजेक्ट, बड़ी साझेदारियां और अहम कॉरपोरेट अपडेट के चलते इनमें तेज हलचल देखने को मिल सकती है। आइए जानते हैं आज किन 13 शेयरों पर बाजार की खास नजर रहेगी।

Tata Consultancy Services

टाटा ग्रुप की आईटी कंपनी Tata Consultancy Services (TCS) ने अप्रैल-जून तिमाही के नतीजे जारी किए। कंपनी का प्रदर्शन बाजार के अनुमान के मुताबिक रहा। तिमाही में रेवेन्यू 2.2% बढ़कर 72,275 करोड़ रुपये रहा। मार्च तिमाही में यह 70,698 करोड़ रुपये था।

Mahindra & Mahindra

ऑटो कंपनी Mahindra & Mahindra की कुल बिक्री जून 2026 में सालाना आधार पर 32.5% बढ़कर 1.04 लाख यूनिट रही। पिछले साल जून में कंपनी ने 78,142 यूनिट बेची थीं।

Anand Rathi Wealth

वेल्थ मैनेजमेंट कंपनी Anand Rathi Wealth का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट जून तिमाही में 73.6% बढ़कर 163 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू 17.5% बढ़कर 322 करोड़ रुपये रहा। हालांकि, EBITDA 15% घटकर 109 करोड़ रुपये रह गया। EBITDA मार्जिन भी 46.6% से घटकर 33.7% पर आ गया।

Torrent Pharmaceuticals

फार्मा कंपनी Torrent Pharmaceuticals ने Semalix Injection Disposable Pen के कुछ बैच स्वेच्छा से वापस मंगाने का फैसला किया है। यह कदम Dr. Reddy’s Laboratories की रिकॉल नोटिस के बाद उठाया गया है। कंपनी प्रोडक्ट की तकनीकी जांच कराएगी।

Power Grid Corporation

सरकारी पावर ट्रांसमिशन कंपनी Power Grid Corporation को Bhadla-III, Ramgarh PS और Kanpur (PG) इंटरस्टेट ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट मिला है। कंपनी इसे BOOT मॉडल के तहत विकसित करेगी। यह प्रोजेक्ट टैरिफ बेस्ड कॉम्पिटिटिव बिडिंग (TBCB) के जरिए मिला है।

Havells India

कंज्यूमर इलेक्ट्रिकल कंपनी Havells India ने बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) कारोबार में एंट्री की है। कंपनी ने नॉर्वे की एनर्जी स्टोरेज कंपनी Pixii AS के साथ रणनीतिक साझेदारी की है।

Pace Digitek

इलेक्ट्रिकल और पावर सॉल्यूशंस कंपनी Pace Digitek की सब्सिडियरी Lineage Power ने Onward Solar Power और Kalpa Power के साथ MoU किया है। इसके तहत कंपनी बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम्स (BESS) की सप्लाई करेगी।

Great Eastern Shipping

शिपिंग कंपनी Great Eastern Shipping ने 2015 में बने LR2 टैंकर ‘Jag Laxman’ की डिलीवरी ले ली है। इसकी क्षमता करीब 1,09,990 डेडवेट टन (DWT) है। इस खरीद का पूरा भुगतान कंपनी ने अपनी आंतरिक नकदी से किया है।

Muthoot Microfin

माइक्रोफाइनेंस कंपनी Muthoot Microfin का एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) जून तिमाही में सालाना आधार पर 18% बढ़ा। कंपनी ने इसका श्रेय मजबूत लोन वितरण और बेहतर कलेक्शन एफिशिएंसी को दिया है।

CONCOR & GAIL

सरकारी लॉजिस्टिक्स कंपनी Container Corporation of India (CONCOR) और सरकारी गैस कंपनी GAIL (India) ने 15 साल का समझौता किया है। दोनों अहमदाबाद के Khodiyar Inland Container Depot (ICD) में LNG डिस्पेंसिंग स्टेशन स्थापित करेंगे।

Vikram Solar

सोलर कंपनी Vikram Solar ने Evervolt Solar Tech के साथ 130 मेगावाट क्षमता के सोलर सेल की सप्लाई का समझौता किया है। इस डील से कंपनी की ऑर्डर बुक और सोलर कारोबार को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

AWL Agri Business

FMCG कंपनी AWL Agri Business ने अपने Regenerative Mustard Programme का विस्तार करने का ऐलान किया है। कंपनी के मुताबिक, इस कार्यक्रम के तहत सरसों की उपज में 30% तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

Vijaya Diagnostic

डायग्नोस्टिक सर्विसेज कंपनी Vijaya Diagnostic ने Narasimha Raju K.A. को नया मुख्य वित्तीय अधिकारी (CFO) नियुक्त किया है। उनकी नियुक्ति 9 जुलाई 2026 से प्रभावी हो गई है।

Nifty के 24200-24300 पार करने पर दिखेगी शॉर्ट-कवरिंग, जानिए 10 जुलाई को कैसी रहेगी बाजार की चाल

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Kalyan Jewellers share: कल्याण ज्वेलर्स का शेयर बना रॉकेट, यहां से 74% चढ़ सकता है

Kalyan Jewellers share: कल्याण ज्वेलर्स का शेयर 9 जुलाई को बाजार खुलते ही रॉकेट बन गया। 11:10 बजे यह शेयर 15 फीसदी के उछाल के साथ 430.25 रुपये पर चल रहा था। 8 जुलाई को भी इस शेयर में बड़ी तेजी आई थी। कंपनी ने जून तिमाही का बिजनेस अपडेट रिलीज किया। इसके बाद इसके शेयरों में तेजी दिखी। एक हफ्ते में यह शेयर करीब 12 फीसदी चढ़ चुका है।

ब्रोकरेज फर्म सिटी ने इस शेयर पर ‘बाय’ की अपनी राय बनाए रखी है। उसने Kalyan Jewellers के शेयरों के लिए 750 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। इसका मतलब है कि यह शेयर 74 फीसदी चढ़ सकता है। सिटी ने कहा है कि कल्याण के इंडिया बिजनेस की रेवेन्यू ग्रोथ जून तिमाही में साल दर साल आधार पर 38 फीसदी रही है। हालांकि, यह उसके 43 फीसदी रेवेन्यू ग्रोथ के अनुमान से थोड़ा कम है।

जून तिमाही में कल्याण ज्वेलर्स के बेहतर प्रदर्शन में सेम-स्टोर सेल्स ग्रोथ (SSGG) का बड़ा हाथ है। जून तमाही में यह 28 फीसदी रही। जून तिमाही में कंपनी ने 12 नए कल्याण स्टोर्स भी ओपन किए। इससे भी रेवेन्यू को सपोर्ट मिला। सिटी के मुताबिक, कल्याण के मैनेजमेंट ने अधिक मास के बावजूद प्रमुख बाजारों में डिमांड स्ट्रॉन्ग रहने के संकेत दिए हैं। कंपनी की कुल सेल्स में पुराने गोल्ड एक्सचेंज की हिस्सेदारी जून तिमाही में 55 फीसदी से ज्यादा रही।

कल्याण ज्वेलर्स के इंटरनेशनल बिजनेस का प्रदर्शन भी अच्छा रहा। जून तिमाही में इस बिजनेस की रेवेन्यू ग्रोथ 35 फीसदी रही। मिडिल ईस्ट ऑपरेशंस में साल दर साल आधार पर 30 फीसदी इजाफा देखने को मिला। हालांकि, मैनेजमेंट ने यह कहा है कि मध्यपूर्व में उसके स्टोर्स में आने वाले ग्राहकों की संख्या पर अप्रैल में जियोपॉलिटिकल टेंशन का असर पड़ा। कंपनी का ज्वेलरी ब्रांड Candere का प्रदर्शन लगातार अच्छा बना हुआ है। साल दर साल आधार पर इस ब्रांड का रेवेन्यू दोगुना से ज्यादा हो गया है।

जून तिमाही में कल्याण ज्वेलर्स ने 12 कल्याण स्टोर्स और 5 Candere स्टोर्स ओपन किए। इससे कंपनी का टोटल रिटेल नेटवर्क बढ़कर 524 आउटलेट्स तक पहुंच गया है। इसमें भारत में 354 कल्याण स्टोर्स, मिडिल ईस्ट में 38, अमेरिका में 2, यूनाइटेड किंग्डम में 1 और 129 Candere के आउटलेट्स हैं। कल्याण ज्वेलर्स को कवर करने वाले सभी 8 ब्रोकरेज फर्मों ने इसे खरीदने की सलाह दी है। इन ब्रोकरेज फर्मों की आम राय के मुताबिक यह शेयर मौजूदा प्राइस से करीब 85 फीसदी चढ़ सकता है।

FII DII Data: क्या रिटेल निवेशकों ने घबराकर बेच दिए शेयर? FII और DII ने मार्केट क्रैश में की ₹2753 करोड़ की खरीदारी

FII DII Data: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव की वजह से बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट दिखी। इसके बावजूद विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने भारतीय बाजार में लगातार चौथे कारोबारी सत्र में खरीदारी जारी रखी। एक्सचेंज के शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, 9 जुलाई को FIIs ने 1,962.80 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशक (DII) भी खरीदारी के मूड में रहे और उन्होंने 790.16 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। यानी दोनों ने मिलकर 2,753 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। ऐसे में बाजार की तेज गिरावट यह संकेत देती है कि अन्य निवेशक वर्गों, खासकर रिटेल निवेशकों की ओर से घबराहट में बिकवाली हुई होगी।

FII-DII ने कितना खरीदा, कितना बेचा

बुधवार के कारोबारी सत्र में FIIs ने कुल 17,463.95 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे और 15,501.15 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वहीं, DIIs ने 19,165.13 करोड़ रुपये की खरीदारी और 18,374.97 करोड़ रुपये की बिकवाली की।

एक दिन पहले यानी 8 जुलाई को भी FIIs ने 393.19 करोड़ रुपये की खरीदारी की थी। हालांकि, उस दिन DIIs 383.43 करोड़ रुपये के शेयर बेचकर नेट सेलर रहे थे।

इस हफ्ते कैसा रहा FII-DII का रुख?

इस सप्ताह अब तक FIIs लगातार चारों कारोबारी सत्र में खरीदार रहे हैं। वहीं, DIIs ने भी चार में से तीन सत्रों में खरीदारी की है। इससे साफ है कि बाजार में भारी उतार-चढ़ाव के बावजूद संस्थागत निवेशकों का भरोसा अभी बना हुआ है।

तारीखFII नेट फ्लोDII नेट फ्लो
9 जुलाई 2026₹1,962.80 करोड़₹790.16 करोड़
8 जुलाई 2026₹393.19 करोड़-₹383.43 करोड़
7 जुलाई 2026₹243.03 करोड़₹3,791.42 करोड़
6 जुलाई 2026₹1,355.33 करोड़-₹1,953.89 करोड़

भारी गिरावट के बावजूद जारी रही खरीदारी

विदेशी और घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी के बावजूद बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में जोरदार बिकवाली देखने को मिली। इसकी वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का वह बयान रहा, जिसमें उन्होंने कहा कि ईरान के साथ हुआ शांति समझौता अब खत्म हो चुका है। इससे वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव फिर बढ़ गया।

शेयर बाजार कितना गिरा

BSE Sensex 1,677 अंक टूटकर 76,504 पर बंद हुआ। वहीं, Nifty 50 517 अंक गिरकर 23,882 पर आ गया। इसके साथ ही निफ्टी 23,900 के अहम स्तर से नीचे फिसल गया।

बाजार में लगभग हर सेक्टर में बिकवाली रही। Nifty 50 के 50 में से 46 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए। Nifty PSU Bank और Nifty Chemicals सबसे ज्यादा टूटने वाले सेक्टर रहे। वहीं, Nifty Bank 1,458 अंक गिरकर 56,743 और Nifty Midcap 963 अंक टूटकर 61,323 पर बंद हुआ।

रुपये पर भी बढ़ा दबाव

कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और डॉलर की मजबूती का असर रुपये पर भी दिखा। भारतीय रुपया 59 पैसे कमजोर होकर डॉलर के मुकाबले 95.55 पर बंद हुआ। अमेरिका के ईरान पर नए हमलों और Hormuz Strait में बढ़े तनाव के बाद कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया, जिससे रुपये पर दबाव बढ़ा।

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