NSE IPO: एंकर बुक से ₹6746 करोड़ जुटाए, LIC ने अकेले ₹465 करोड़ के शेयर खरीदे

NSE IPO: देश के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज NSE ने 16 सितंबर को एंकर निवेशकों से ₹6,746.2 करोड़ जुटाए। इसमें देश और विदेश के कई बड़े निवेशकों ने पैसा लगाया। LIC, Government Pension Fund Global, Monetary Authority of Singapore, Fidelity, ADIA, Nippon Life और HDFC Life जैसे नाम इसमें शामिल हैं। LIC सबसे बड़ा खरीदार रहा।

NSE का ₹22,561.57 करोड़ का IPO 17 सितंबर को खुलेगा। निवेशक इसमें 21 सितंबर तक पैसा लगा सकेंगे। यह पूरा IPO ऑफर फॉर सेल यानी OFS है। इसमें मौजूदा शेयरधारक 12.64 करोड़ शेयर बेचेंगे। IPO का प्राइस बैंड ₹1,700 से ₹1,785 प्रति शेयर रखा गया है।

LIC ने खरीदे ₹465 करोड़ के शेयर

LIC के पास NSE में पहले से 10.72% हिस्सेदारी है। अब उसने एंकर बुक में ₹465.3 करोड़ के शेयर खरीदे हैं। इसके साथ LIC NSE के एंकर निवेशकों में सबसे बड़ा खरीदार बन गया है।

SBI Pension Funds, SBI Life, HDFC Life, HDFC Pension Fund, Axis Max Life, UTI Pension Fund और Kotak Mahindra Life जैसे इंश्योरेंस संस्थानों ने भी निवेश किया है। LIC समेत इन सभी इंश्योरेंस निवेशकों ने कुल ₹1,081.8 करोड़ लगाए हैं। यह कुल एंकर बुक का करीब 16% है।

विदेश से भी आया बड़ा निवेश

NSE की एंकर बुक में कई बड़े विदेशी निवेशकों ने पैसा लगाया है। Government Pension Fund Global ने ₹250 करोड़ और Monetary Authority of Singapore ने ₹200 करोड़ का निवेश किया। Abu Dhabi Investment Authority – Monsoon ने भी ₹200 करोड़ के शेयर खरीदे।

इसके अलावा Fidelity, Goldman Sachs, Eastspring Investments India, Integrated Core Strategies (Asia), Carmignac Portfolio और Ashoka WhiteOak जैसे निवेशकों ने भी NSE में दिलचस्पी दिखाई। Societe Generale, BNP Paribas, Morgan Stanley और BofA Securities भी एंकर बुक में शामिल हैं।

म्यूचुअल फंड्स ने भी खरीदे शेयर

NSE ने 29 घरेलू म्यूचुअल फंड्स को 1.39 करोड़ शेयर आवंटित किए हैं। यह कुल एंकर बुक का 36.98% हिस्सा है। इन फंड्स ने 98 अलग-अलग स्कीम के जरिए आवेदन किया था।

इनमें SBI MF, ICICI Prudential AMC, HDFC AMC, Nippon Life India, Kotak Mahindra AMC, Axis MF, Aditya Birla Sun Life AMC, UTI AMC, Mirae Asset और Tata MF शामिल हैं। Invesco, Quant MF, WhiteOak Capital और HSBC MF ने भी हिस्सा लिया है।

NSE को नहीं मिलेगा IPO का पैसा

यह IPO पूरी तरह OFS है। इसलिए IPO से मिलने वाला पैसा NSE के पास नहीं जाएगा। इश्यू से जुड़े खर्च को छोड़कर पूरी रकम मौजूदा शेयर बेचने वाले शेयरधारकों को मिलेगी।

कंपनी ने कर्मचारियों के लिए ₹70 करोड़ के शेयर भी रिजर्व किए हैं। कर्मचारियों को ये शेयर अंतिम इश्यू प्राइस से ₹170 प्रति शेयर की छूट पर मिलेंगे।

NSE का शेयर बाजार में दबदबा

NSE कुल टर्नओवर के लिहाज से भारत का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है। जून 2026 को खत्म हुई तीन महीने की अवधि में कैश मार्केट में इसकी हिस्सेदारी 93.05% थी। इक्विटी फ्यूचर्स में हिस्सेदारी 99.72% रही।

इक्विटी ऑप्शंस में NSE की हिस्सेदारी 68.48% थी। एक्सचेंज-ट्रेडेड करेंसी फ्यूचर्स और करेंसी ऑप्शंस में इसकी हिस्सेदारी 100% रही। ये आंकड़े कुल प्रीमियम टर्नओवर के आधार पर हैं।

22 सितंबर को अलॉटमेंट

NSE IPO के शेयरों का अलॉटमेंट 22 सितंबर को फाइनल होने की उम्मीद है। वहीं शेयरों की BSE पर ट्रेडिंग 24 सितंबर से शुरू हो सकती है।

Stocks to Watch: 17 सितंबर को फोकस में रहेंगे ये 13 शेयर, टाटा ग्रुप के स्टॉक्स पर भी रहेगी नजर

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Lenskart Share Price: मोतीलाल ओसवाल बुलिश, दिख रहा 17% तक उछाल का दम; खरीद की दी सलाह

चश्मे बनाने वाली कंपनी लेंसकार्ट सॉल्यूशंस पर मोतीलाल ओसवाल बुलिश है। ब्रोकरेज ने शेयर के लिए ‘बाय’ रेटिंग दोहराई है। टारगेट प्राइस 800 रुपये प्रति शेयर दिया है। यह BSE पर शेयर की वर्तमान कीमत 681.75 रुपये से 17 प्रतिशत ज्यादा है। लेंसकार्ट ने 10 नवंबर, 2025 को शेयर बाजार में एंट्री की थी। ब्रोकरेज का कहना है कि लिस्टिंग के बाद से शेयर की कीमत में करीब 70 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। यह शानदार परफॉर्मेंस मुख्य रूप से कमाई की अच्छी रफ्तार की वजह से है।

मोतीलाल ओसवाल ने अपने रिसर्च नोट में कहा कि कंपनी का स्टोर इकोनॉमिक्स बेहतरीन है। एक नया स्टोर 10 महीने से भी कम समय में अपनी लागत वसूल कर लेता है, जबकि स्टोर का EBITDA मार्जिन 33 प्रतिशत से ज्यादा है। इस क्षेत्र में संगठित कंपनियों की ओर से प्रतिस्पर्धा अभी सीमित है और चश्मे के बाजार में आगे बढ़ने की काफी गुंजाइश है। कंपनी मजबूत फ्री कैश फ्लो (FCF) भी क्रिएट कर रही है। इन सब चीजों को देखते हुए ब्रोकरेज को उम्मीद है कि लेंसकार्ट स्टोर खोलने की रफ्तार बढ़ाएगी। वित्त वर्ष 2029 तक भारत में इसके स्टोर्स की संख्या 4,500 तक पहुंच जाएगी। लेंसकार्ट सॉल्यूशंस ने जून 2026 तिमाही के दौरान 132 नए स्टोर खोले। इसके बाद इसके एक्टिव स्टोर्स की कुल संख्या बढ़कर 3,459 हो गई है।

ब्रोकरेज ने भारत में ज्यादा स्टोर खोले जाने और भारत व इंटरनेशनल दोनों जगह बेहतर ऑपरेटिंग लेवरेज की वजह से लेंसकार्ट के​ लिए FY27-28E के कंसोलिडेटेड प्री-IND AS EBITDA अनुमान को 4 प्रतिशत/8 प्रतिशत बढ़ा दिया है। FY26-29E के दौरान रेवेन्यू की CAGR (कंपाउंडेड एनुअल ग्रोथ रेट) 27 प्रतिशत, प्री-Ind AS EBITDA CAGR 46 प्रतिशत और एडजस्टेड शुद्ध मुनाफे की CAGR 59 प्रतिशत रहने की उम्मीद है।

Lenskart का शेयर इस साल अब तक 55 प्रतिशत चढ़ा

लेंसकार्ट का मार्केट कैप 1.18 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर साल 2026 में अब तक 55 प्रतिशत चढ़ा है। 3 महीनों में कीमत 35 प्रतिशत उछली है। दूसरे ब्रोकरेज की बात करें तो अगस्त महीने में जेफरीज ने लेंसकार्ट स्टॉक पर ‘बाय’ रेटिंग बरकरार रखी। टारगेट प्राइस बढ़ाकर 680 रुपये प्रति शेयर कर दिया। ICICI Securities ने ‘बाय’ रेटिंग के साथ 750 रुपये का टारगेट दिया है। सिटी ने 650 रुपये प्रति शेयर के टारगेट प्राइस के साथ ‘न्यूट्रल’ रेटिंग बरकरार रखी है। HSBC ने स्टॉक के लिए ‘होल्ड’ रेटिंग बरकरार रखी है। टारगेट प्राइस 575 रुपये प्रति शेयर दिया है।

Dividend Stock: 6 महीनों में 75% रिटर्न, अब हर शेयर पर ₹30 का फाइनल डिविडेंड; रिकॉर्ड डेट 22 सितंबर

जून तिमाही में मुनाफा 269 प्रतिशत बढ़ा

लेंसकार्ट का अप्रैल-जून 2026 तिमाही के दौरान शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 269.24 प्रतिशत की जबरदस्त बढ़ोतरी के बाद 221.84 करोड़ रुपये हो गया। ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 43.3 प्रतिशत बढ़कर 2,714.18 करोड़ रुपये हो गया। भारत से रेवेन्यू 30.7 प्रतिशत बढ़कर 1,531 करोड़ रुपये रहा, जबकि अंतरराष्ट्रीय कारोबार से रेवेन्यू सालाना आधार पर 38 प्रतिशत बढ़कर 1,203 करोड़ रुपये हो गया।

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Stocks to Watch: 11 सितंबर को Vodafone Idea, HDFC Bank, Premier Energies समेत इन शेयरों पर रहेगी नजर, बड़ी उठापटक के आसार

शुक्रवार, 11 सितंबर को कई शेयरों में बड़ा उतारचढ़ाव देखने को मिल सकता है। इनमें वोडाफोन आइडिया, HDFC Bank, प्रीमियर एनर्जीस, संकेश ज्वेलर्स, Canara HSBC Life Insurance Company जैसे नाम प्रमुख हैं। वजह हैं- तिमाही नतीजे, कारोबार से जुड़े डेवलपमेंट्स, नई डील या कॉन्ट्रैक्ट, आदि। इसके अलावा शुक्रवार को SME सेगमेंट में एक लिस्टिंग होने वाली है। साथ ही 100 से ज्यादा कंपनियों के शेयर एक्स-डिविडेंड ट्रेड करने वाले हैं। एक स्टॉक एक्स-बोनस ट्रेड भी करेगा। आइए डिटेल में जानते हैं किन प्रमुख शेयरों पर रहेगी नजर…

आज इन कंपनियों के नतीजे

होराइजन इंडस्ट्रियल पार्क्स, ललिता ज्वेलरी मार्ट, CMI, नोवा आयरन एंड स्टील

इन शेयरों पर रहेगी नजर

Shankesh Jewellers: अप्रैल-जून 2026 तिमाही में स्टैंडअलोन बेसिस पर मुनाफा सालाना आधार पर डबल होकर 43.2 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू 55.1% बढ़कर 423.6 करोड़ रुपये हो गया।

Vodafone Idea: ब्लूमबर्ग की ​एक रिपोर्ट के मुताबिक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की अगुवाई में कर्ज देने वालों का एक ग्रुप वोडाफोन आइडिया लिमिटेड को लगभग 3.5 अरब डॉलर की डेट फाइनेंसिंग देने पर सहमत हो गया है। इस ग्रुप में यूनियन बैंक ऑफ इंडिया लिमिटेड और नेशनल बैंक फॉर फाइनेंसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट जैसे अन्य लेंडर भी शामिल हैं।

Neogen Chemicals: कंपनी ने अपना क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) लॉन्च किया है और फ्लोर प्राइस 2,189.73 रुपये प्रति शेयर तय किया है। यह फ्लोर प्राइस पर 5 प्रतिशत तक की छूट दे सकती है।

Canara HSBC Life Insurance Company: इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (IRDAI) ने केनरा HSBC लाइफ इंश्योरेंस पर 1 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। यह जुर्माना पॉलिसीहोल्डर के हितों से जुड़े कुछ मामलों को लेकर है।

Premier Energies: कंपनी ने जर्मनी के RCT ग्रुप की कंपनी RCT इंडिया के साथ एक बाइंडिंग टर्म शीट पर साइन किया है। इसके तहत तेलंगाना में 12 GWh का बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाने के लिए एक जॉइंट वेंचर (JV) बनाया जाएगा। प्लांट प्रीमियर एनर्जीज की सब्सिडियरी, प्रीमियर बैटरी टेक्नोलॉजीज के जरिए बनाया जाएगा।

Kotak Mahindra Bank: मनीष कोठारी ने ग्रुप प्रेसिडेंट और हेड- कमर्शियल बैंक के साथ-साथ बैंक के सीनियर मैनेजमेंट पर्सनल के पद से इस्तीफा दे दिया है। यह इस्तीफा 30 सितंबर से लागू होगा।

Bharat Forge: कंपनी की स्टेप-डाउन सब्सिडियरी, भारत फोर्ज होल्डिंग GmbH (BFH) का भारत फोर्ज ग्लोबल होल्डिंग GmbH के साथ विलय हो गया है। भारत फोर्ज ग्लोबल होल्डिंग GmbH, भारत फोर्ज की सब्सिडियरी और BFH की इमीडिएट होल्डिंग कंपनी है।

HDFC Bank: बैंक ने कहा कि बहरीन की एक अदालत ने क्रेडिट सुइस एडिशनल टियर 1 (CS AT1) बॉन्ड के इनवेस्टर्स द्वारा बैंक के खिलाफ दायर 2 दावों को खारिज कर दिया है। इस साल जुलाई और अगस्त के बीच, बहरीन की अदालत ने CS AT1 बॉन्ड में निवेश करने वालों के 5 और ऐसे ही मामलों को खारिज कर दिया था, जिससे बैंक के पक्ष में आए फैसलों की कुल संख्या 7 हो गई।

NSE IPO: इंतजार खत्म, प्राइस बैंड ₹1700-₹1785 प्रति शेयर हुआ तय; इश्यू का साइज घटकर ₹22562 करोड़

बल्क और ब्लॉक डील

Sri Lotus Developers and Realty: स्मॉलकैप वर्ल्ड फंड इंक ने 1.94 प्रतिशत हिस्सेदारी वाले 95.05 लाख इक्विटी शेयर 190.01 करोड़ रुपये में खरीदे हैं। प्रमोटर आनंद कमल नयन पंडित ने 97.7 लाख शेयर या 2 प्रतिशत हिस्सेदारी 195.3 करोड़ रुपये में बेची है।

Computer Age Management Services: सोसाइटे जेनरल ODI ने 253.05 करोड़ रुपये में 37.11 लाख शेयर खरीदे हैं। गोल्डमैन सैक्स इनवेस्टमेंट्स मॉरीशस I ने 245.16 करोड़ रुपये में 35.96 लाख शेयर खरीदे हैं। दूसरी ओर, फिडेलिटी रटलैंड स्क्वायर ट्रस्ट II स्ट्रैटेजिक एडवाइजर्स FIDEMG मार्केट्स फंड और FMRC फिडेलिटी इमर्जिंग मार्केट्स फंड ने 456.64 करोड़ रुपये में 66.97 लाख शेयर बेचे हैं।

ESDS Software Solution: मैथन अलॉयज ने 0.54 प्रतिशत हिस्सेदारी वाले 6.34 लाख शेयर 93.98 करोड़ रुपये में खरीदे हैं।

Spectrum Electrical Industries: मोतीलाल ओसवाल म्यूचुअल फंड ने अजय भीकमचंद जैन से 30.48 करोड़ रुपये में 1.15 लाख शेयर खरीदे हैं।

Corona Remedies: प्राइवेट इक्विटी फर्म ChrysCapital की सहयोगी कंपनी सेपिया इनवेस्टमेंट्स ने 4.06 प्रतिशत हिस्सेदारी वाले 24.85 लाख शेयर 509.6 करोड़ रुपये में बेचे हैं। इन शेयरों में से SBI म्यूचुअल फंड ने 2.51 प्रतिशत हिस्सेदारी वाले 15.4 लाख शेयर 315.7 करोड़ रुपये में खरीदे। अमुंडी फंड्स एशिया इक्विटी कंसंट्रेटेड ने 3.12 लाख शेयर 63.96 करोड़ रुपये में खरीदे।

Marble City India: सालसेट विनिमय ने 8.57 प्रतिशत हिस्सेदारी वाले 22 लाख शेयर VPS कंस्ट्रक्शन्स से 25.74 करोड़ रुपये में खरीदे हैं।

SME लिस्टिंग

क्वालियंस इंटरनेशनल

Market cues : मार्केट पर मंदड़ियों का कंट्रोल कायम, 23070 के लेवल तक गिर सकता है निफ्टी

ये स्टॉक्स करेंगे एक्स-डिविडेंड ट्रेड

आरती इंडस्ट्रीज

अबिरामी फाइनेंशियल सर्विसेज इंडिया

अमीन्स एंड प्लास्टिसाइजर्स

अपार इंडस्ट्रीज

असाही इंडिया ग्लास

अद्वैत एनर्जी ट्रांजिशंस

एस्ट्रा माइक्रोवेव प्रोडक्ट्स

अल्फाजियो (इंडिया)

एक्सिस सॉल्यूशंस

अक्सिता कॉटन

अमृतंजन हेल्थ केयर

अरिहंत सुपरस्ट्रक्चर्स

अशिका ग्लोबल सिक्योरिटीज

अतुल ऑटो

बजाज हेल्थकेयर

मिसेज बेक्टर्स फूड स्पेशलिटीज

बामर लॉरी इन्वेस्टमेंट्स

बामर लॉरी एंड कंपनी

बैंको प्रोडक्ट्स (इंडिया)

ब्लू जेट हेल्थकेयर

भारत पैरेंटेरल्स

सीगल इंडिया

शैलेट होटल्स

ब्राइट ब्रदर्स

सीजे फाइनेंस

CMS इन्फो सिस्टम्स

कम्फर्ट इनटेक

कम्फर्ट फिनकैप

CSL फाइनेंस

डेटामैटिक्स ग्लोबल सर्विसेज

DC इन्फोटेक एंड कम्युनिकेशन

कॉम्पिटेंट ऑटोमोबाइल्स कंपनी

DAPS एडवरटाइजिंग

DHP इंडिया

डूट्रॉन पॉलिमर्स

धनलक्ष्मी रोटो स्पिनर्स

डायनामिक इंडस्ट्रीज

एडेलवाइस फाइनेंशियल सर्विसेज

फिनोलेक्स इंडस्ट्रीज

डायनेमिक प्रोडक्ट्स

गुजरात स्टेट फर्टिलाइजर्स एंड केमिकल्स

गुजरात इंडस्ट्रीज पावर कंपनी

गुजरात एनर्जी

GSP क्रॉप साइंस

हरियाणा लेदर केमिकल्स

HBL इंजीनियरिंग

इंडो थाई सिक्योरिटीज

इंडियन रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी

हीडलबर्गसीमेंट इंडिया

जोस्ट्स इंजीनियरिंग कंपनी

JTL इंडस्ट्रीज

IRM एनर्जी

क्रिस्टल इंटीग्रेटेड सर्विसेज

कृष्णवीर फोर्ज

कल्याण ज्वेलर्स इंडिया

लिंकन फार्मास्यूटिकल्स

श्री लोटस डेवलपर्स एंड रियल्टी

मेडी असिस्ट हेल्थकेयर सर्विसेज

मंगल क्रेडिट एंड फिनकॉर्प

मनोरमा इंडस्ट्रीज

मेट्रोग्लोबल

नाथ बायो-जीन्स (इंडिया)

M लखामसी इंडस्ट्रीज

मोल्ड-टेक टेक्नोलॉजीज

नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी

पैसालो डिजिटल

मोल्ड-टेक पैकेजिंग

नेशनल प्लास्टिक टेक्नोलॉजीज

NCL इंडस्ट्रीज

नेशनल फर्टिलाइजर्स

नितिन स्पिनर्स

PPAP ऑटोमोटिव

द फीनिक्स मिल्स

पिट्टी इंजीनियरिंग

RJ शाह एंड कंपनी

रूपा एंड कंपनी

पोद्दार पिगमेंट्स

सनरिया टेक्निकल टेक्सटाइल्स

सवेरा इंडस्ट्रीज

पिरामिड टेक्नोप्लास्ट

Rhi मैग्नेसाइट इंडिया

साल ऑटोमोटिव

संधार टेक्नोलॉजीज

सूरतवाला बिजनेस ग्रुप

शैली इंजीनियरिंग प्लास्टिक्स

वेंचुरा गारंटी

साइनपोस्ट इंडिया

SKM एग प्रोडक्ट्स एक्सपोर्ट (इंडिया)

शंकर लाल रामपाल डाई-केम

सुयोग टेलीमैटिक्स

टैलब्रोस ऑटोमोटिव कंपोनेंट्स

सुब्रोस

सनफ्लैग आयरन एंड स्टील कंपनी

तत्व चिंतन फार्मा केम

टेक्नो इलेक्ट्रिक एंड इंजीनियरिंग कंपनी

टेगा इंडस्ट्रीज

उत्तम शुगर मिल्स

वेंकीज (इंडिया)

टेक्समैको रेल एवं इंजीनियरिंग

ट्रांसरेल लाइटिंग

वारी ऊर्जा

जुआरी इंडस्ट्रीज

ये शेयर करेगा एक्स-बोनस ट्रेड

पर्ल ग्लोबल इंडस्ट्रीज

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stocks to Watch: 9 सितंबर को फोकस में रहेंगे ये 16 स्टॉक्स, मिल सकता है तगड़ी कमाई का मौका

Stocks to Watch: बुधवार यानी 9 सितंबर को शेयर बाजार में कई स्टॉक्स पर नजर रहेगी। Raymond, TCS, Biocon और Bank of Baroda समेत 16 कंपनियों से जुड़े अहम अपडेट सामने आए हैं। इनमें बड़े ऑर्डर, हिस्सेदारी बिक्री, फंड जुटाने और डिविडेंड से जुड़े फैसले शामिल हैं। ऐसे में इन शेयरों में बाजार खुलने के बाद हलचल देखने को मिल सकती है।

Raymond

टेक्सटाइल और गारमेंट कंपनी Raymond ₹214.71 करोड़ तक जुटाएगी। इसके लिए 33,28,686 कन्वर्टिबल वारंट जारी किए जाएंगे। ये वारंट Minerva Ventures Fund को ₹645 प्रति वारंट की कीमत पर मिलेंगे। हर वारंट से ₹645 में एक इक्विटी शेयर लेने का अधिकार होगा।

Tata Consultancy Services

आईटी सर्विसेज कंपनी Tata Consultancy Services को ओडिशा सरकार से ₹122.6 करोड़ का कॉन्ट्रैक्ट मिला है। इसके तहत OSWAS 3.0 लागू किया जाएगा। इसमें वर्कफ्लो ऑटोमेशन, एनालिटिक्स, सिक्योरिटी और AI को एक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाया जाएगा।

Biocon

बायोफार्मा कंपनी Biocon में Active Pine करीब 1.66 करोड़ शेयर बेच सकता है। यह कंपनी में करीब 1% हिस्सेदारी के बराबर है। करीब ₹638.4 करोड़ का ब्लॉक डील होने की संभावना है। शेयर का फ्लोर प्राइस ₹385 रखा गया है, जो मौजूदा बाजार भाव से करीब 1.9% कम है।

Enviro Infra Engineers

वाटर ट्रीटमेंट कंपनी Enviro Infra Engineers की स्टेप-डाउन सब्सिडियरी Suyog Urja को ₹189.99 करोड़ का कॉन्ट्रैक्ट मिला है। यह ऑर्डर Tata Power Renewable Energy ने दिया है। काम महाराष्ट्र के Parli में 180 MW के NTPC विंड पावर प्रोजेक्ट से जुड़ा है।

Laxmi Organic Industries

केमिकल कंपनी Laxmi Organic Industries के MD और CEO Rajan Venkatesh 13 नवंबर 2026 को पद छोड़ेंगे। इसके बाद 14 नवंबर से Harshvardhan Goenka MD और CEO की जिम्मेदारी संभालेंगे। उनका कार्यकाल पांच साल का होगा। कंपनी ने इस बदलाव की जानकारी दी है।

Bank of Baroda

सरकारी बैंक Bank of Baroda NSE में अपनी हिस्सेदारी का 35% हिस्सा बेचने की तैयारी कर रहा है। बैंक OFS के जरिए 76,90,375 तक NSE शेयर बेच सकता है। ये शेयर 8 सितंबर को एस्क्रो अकाउंट में ट्रांसफर कर दिए गए हैं। बिक्री सितंबर के अंत तक पूरी होने की उम्मीद है।

Innovision

सिक्योरिटी और मैनपावर सर्विसेज कंपनी Innovision को NHAI से कुल ₹243.60 करोड़ के दो वर्क ऑर्डर मिले हैं। इनमें मध्य प्रदेश के हाईवे फीस प्लाजा पर टोल कलेक्शन और सुविधाओं के रखरखाव का काम शामिल है।

Great Eastern Shipping Company

शिपिंग कंपनी Great Eastern Shipping Company ने एक सेकंडहैंड Kamsarmax ड्राई बल्क कैरियर खरीदने का करार किया है। इसका वजन उठाने की क्षमता 81,609 DWT है और यह जहाज 2019 में बना था। इसकी डिलीवरी वित्त वर्ष 2026-27 की तीसरी तिमाही में होने की उम्मीद है।

Sanofi India

फार्मा कंपनी Sanofi India ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने एक याचिका खारिज कर दी है। यह याचिका BARC, Mysore को 2012 से 2015 के बीच फार्मास्युटिकल सप्लाई से जुड़े CBI मामले में आपराधिक कार्यवाही को चुनौती देने के लिए थी। कंपनी ने कहा कि 7 सितंबर के आदेश में किसी को दोषी नहीं ठहराया गया है। मामला इस बात से जुड़ा है कि किसी कर्मचारी को आरोपी बनाए बिना कंपनी के खिलाफ मुकदमा जारी रह सकता है या नहीं।

K.P. Energy

रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी K.P. Energy को Emmvee Energy से कर्नाटक में 42 MW का विंड-सोलर हाइब्रिड प्रोजेक्ट लगाने के लिए LOI मिला है। इसमें 21 MW विंड और 21 MWp सोलर क्षमता होगी। यह प्रोजेक्ट Emmvee Energy की कर्नाटक स्थित मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटीज की कैप्टिव पावर जरूरत पूरी करेगा।

PVR INOX

मल्टीप्लेक्स कंपनी PVR INOX ने बेंगलुरु के बेलंदूर स्थित Soul Space Spirit में 3 नए स्क्रीन शुरू किए हैं। इनमें एक 4DX और दो मेनस्ट्रीम स्क्रीन शामिल हैं। नए स्क्रीन जुड़ने के बाद यहां कुल 7 स्क्रीन हो गई हैं।

Ritco Logistics

लॉजिस्टिक्स सेक्टर की कंपनी Ritco Logistics को अगस्त में ₹388 करोड़ का ऑर्डर मिला है। यह कंपनी के लिए बड़ा कॉन्ट्रैक्ट है। इससे कारोबार और आने वाले रेवेन्यू को सपोर्ट मिल सकता है। इ

Bajaj Holdings

इन्वेस्टमेंट कंपनी Bajaj Holdings के बोर्ड की 15 सितंबर को बैठक होगी। इसमें वित्त वर्ष 2026-27 के अंतरिम डिविडेंड पर विचार किया जाएगा। डिविडेंड को लेकर बोर्ड का फैसला निवेशकों के लिए अहम हो सकता है।

Maharashtra Scooters

ऑटोमोबाइल से जुड़ी कंपनी Maharashtra Scooters के बोर्ड की 15 सितंबर को बैठक होगी। इसमें वित्त वर्ष 2026-27 के अंतरिम डिविडेंड पर विचार किया जाएगा। डिविडेंड को लेकर बोर्ड के फैसले पर निवेशकों की नजर रहेगी।

MosChip

सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी MosChip ने Vayavya Labs के 73% अधिग्रहण से जुड़े विवाद पर अपडेट दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने रिस्पॉन्डेंट्स को 15 सितंबर तक अतिरिक्त ₹200 करोड़ की सिक्योरिटी जमा करने को कहा है। कोर्ट ने कंपनी के खिलाफ आदेश में किसी उल्लंघन या दोष पर फैसला नहीं दिया है।

NLC India

सरकारी पावर कंपनी NLC India की सब्सिडियरी को SJVN से 200 MW के विंड पावर प्रोजेक्ट का ऑर्डर मिला है। यह ऑर्डर रिन्यूएबल एनर्जी से जुड़ा है।

Vodafone Idea Share: 47% गिर सकता है शेयर! HSBC ने ‘Reduce’ रेटिंग के साथ ₹8.25 का टारगेट दिया

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

NSE IPO: बैंक ऑफ बड़ौदा की OFS में 35% हिस्सेदारी बेचने की तैयारी, जानिए आईपीओ का पूरा अपडेट

NSE IPO: पब्लिक सेक्टर का बैंक ऑफ बड़ौदा NSE में अपनी हिस्सेदारी का कुछ हिस्सा बेचने जा रहा है। बैंक ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए NSE के IPO में 76,90,375 तक शेयर बेच सकता है। यह बैंक की NSE में कुल हिस्सेदारी का 35% है। बिक्री के लिए जरूरी रेगुलेटरी मंजूरी लेनी होगी।

NSE के शेयर एस्क्रो अकाउंट में पहुंचे

Bank of Baroda ने बताया कि OFS की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके तहत NSE के शेयर 8 सितंबर 2026 को एस्क्रो अकाउंट में ट्रांसफर कर दिए गए हैं। NSE के मुताबिक, यह बिक्री सितंबर 2026 के अंत तक पूरी हो सकती है।

बिक्री के बाद मिलेगी रकम

Bank of Baroda को शेयर बेचने की रकम OFS पूरा होने के बाद मिलेगी। बैंक अपने NSE शेयरों को प्रस्तावित IPO में बेच रहा है। वित्त वर्ष 2025-26 में बैंक को NSE से ₹76.90 करोड़ का डिविडेंड भी मिला था।

₹30,000 करोड़ का हो सकता है NSE IPO

NSE का करीब ₹30,000 करोड़ का IPO 18 सितंबर को खुल सकता है। इसके 25 सितंबर को शेयर बाजार में लिस्ट होने की उम्मीद है। अगर ऐसा होता है, तो यह 2024 के Hyundai Motor India के ₹27,870 करोड़ के IPO को पीछे छोड़ देगा। इस तरह यह भारत का सबसे बड़ा IPO बन सकता है।

15 सितंबर को आ सकता है प्राइस बैंड

NSE IPO का प्राइस बैंड 15 सितंबर को घोषित होने की उम्मीद है। इसके बाद 17 सितंबर को एंकर बुक खुलेगी। पब्लिक इश्यू 18 सितंबर को खुल सकता है। यह 21 और 22 सितंबर को भी खुला रह सकता है।

नए शेयर जारी नहीं होंगे

NSE का IPO पूरी तरह ऑफर फॉर सेल (OFS) होगा। इसमें ₹1 फेस वैल्यू वाले 14.89 करोड़ तक इक्विटी शेयर बेचे जाएंगे। ये NSE की पेड-अप इक्विटी कैपिटल के करीब 6% के बराबर हैं। इसमें कोई नया शेयर जारी नहीं होगा। यानी IPO से NSE को सीधे कोई पैसा नहीं मिलेगा।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Manoj Jewellers Rights Issue: 29 सितंबर को बंद होगा राइट्स इश्यू, ₹17.97 करोड़ जुटाने का लक्ष्य

चेन्नई की ज्वैलरी कंपनी Manoj Jewellers Limited ने राइट्स इश्यू लॉन्च किया है। यह इश्यू 31 अगस्त 2026 को सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। अब 29 सितंबर 2026 को बंद होगा। कंपनी इस इश्यू से अधिकतम ₹17.97 करोड़ जुटाना चाहती है।

कंपनी 20 रुपये प्रति शेयर की कीमत पर 89,85,628 तक पूरी तरह पेड-अप इक्विटी शेयर जारी कर रही है। राइट्स इक्विटी शेयरों को 5 अक्टूबर 2026 को BSE पर लिस्ट करने का प्रस्ताव है।

1:1 का है राइट्स इश्यू

यह राइट्स इश्यू उन शेयरधारकों के लिए है, जिनके पास 21 अगस्त 2026 की रिकॉर्ड डेट पर कंपनी के पूरी तरह पेड-अप शेयर थे। उन्हें हर 1 शेयर के बदले 1 राइट्स इक्विटी शेयर मिलेगा।

शेयर के लिए आवेदन करते समय ही ₹20 प्रति राइट्स इक्विटी शेयर की पूरी रकम देनी होगी। इस इश्यू की रजिस्ट्रार Skyline Financial Services Private Limited है।

₹13.53 करोड़ वर्किंग कैपिटल में लगाएगी कंपनी

Manoj Jewellers इश्यू से मिलने वाली नेट रकम का बड़ा हिस्सा वर्किंग कैपिटल की जरूरतों पर खर्च करेगी। इसके लिए ₹13.53 करोड़ रखे गए हैं।

इसके अलावा ₹4 करोड़ का इस्तेमाल सामान्य कॉरपोरेट कामों के लिए किया जाएगा। कंपनी का कहना है कि इससे वर्किंग कैपिटल की स्थिति मजबूत होगी। साथ ही, मौजूदा कारोबार की जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी।

प्रमोटर ने क्या कहा?

कंपनी के प्रमोटर और मैनेजिंग डायरेक्टर मनोज कुमार ने कहा कि राइट्स इश्यू से वर्किंग कैपिटल की स्थिति मजबूत करने में मदद मिलेगी। इससे होलसेल और रिटेल कारोबार की बढ़ती जरूरतें पूरी की जा सकेंगी।

उन्होंने कहा कि फंड का इस्तेमाल इन्वेंट्री को बेहतर तरीके से मैनेज करने और रोजमर्रा के कारोबार की जरूरतें पूरी करने में किया जाएगा। कंपनी ग्राहकों की बदलती पसंद को देखते हुए नए प्रोडक्ट लाने पर भी काम कर रही है। इसमें हल्का ‘Thanga Kovil Collection’ भी शामिल है।

FY26 में रेवेन्यू 91.5% बढ़ा

Manoj Jewellers Limited ने वित्त वर्ष 2025-26 में मजबूत प्रदर्शन किया। कंपनी का ऑपरेशन से रेवेन्यू वित्त वर्ष 2024-25 के 5,961.81 लाख रुपये से बढ़कर 2025-26 में 11,416.12 लाख रुपये हो गया। यानी इसमें करीब 91.5% की बढ़ोतरी हुई।

इसी दौरान कंपनी का टैक्स के बाद नेट प्रॉफिट 476.49 लाख रुपये से बढ़कर 902.36 लाख रुपये हो गया। यानी यह करीब दोगुना हो गया।

EPS और नेट एसेट वैल्यू भी बढ़ी

Manoj Jewellers की प्रति शेयर कमाई यानी EPS 7.96 रुपये से बढ़कर 10.40 रुपये हो गई। वहीं, प्रति शेयर नेट एसेट वैल्यू 24.28 रुपये से बढ़कर 43.25 रुपये हो गई।

कंपनी सोने, हीरे और चांदी के गहनों के होलसेल और रिटेल कारोबार में है।

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ESDS Software Share: लगातार तीसरे दिन 20% का अपर सर्किट, IPO प्राइस से 201% चढ़ा शेयर; ₹1550 का टारगेट

ESDS Software Solutions के शेयर में मंगलवार को भी जोरदार तेजी रही। शेयर 20% के अपर सर्किट पर पहुंचकर ₹1,289.55 पर आ गया। इसके साथ ही IPO प्राइस के मुकाबले शेयर करीब 200.60% चढ़ चुका है।

AI बेस्ड डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी ने IPO के लिए ₹408 से ₹429 का प्राइस बैंड रखा था। IPO से कंपनी ने ₹720 करोड़ जुटाए थे।

IPO प्राइस से 200% ज्यादा चढ़ा शेयर

ESDS Software की लिस्टिंग पिछले शुक्रवार को हुई थी। NSE पर शेयर ₹757 पर लिस्ट हुआ था। यह IPO प्राइस ₹429 से 76.46% ज्यादा था।

BSE पर शेयर ₹746.30 पर लिस्ट हुआ। यहां लिस्टिंग करीब 73.95% प्रीमियम पर हुई थी। इसके बाद शेयर में तेजी बनी रही। मंगलवार को लगातार तीसरे दिन शेयर 20% के अपर सर्किट पर पहुंच गया।

IPO को 136 गुना सब्सक्रिप्शन

ESDS Software का IPO 28 अगस्त से 1 सितंबर तक खुला था। इसे कुल 135.88 गुना सब्सक्राइब किया गया। IPO को 63.01 लाख से ज्यादा आवेदन मिले थे। इसमें करीब ₹72,000 करोड़ की बोलियां आई थीं।

ब्रोकरेज ने दिया ₹1,550 का टारगेट

Choice Institutional Equities ने ESDS Software पर कवरेज शुरू की है। ब्रोकरेज ने शेयर को ‘BUY’ रेटिंग दी है। इसके साथ 12 महीने का टारगेट प्राइस ₹1,550 रखा है। ब्रोकरेज ने कंपनी की वैल्यूएशन FY28E EV/EBITDA के 18 गुना पर की है।

क्लाउड मार्केट से कंपनी को फायदा

Choice के मुताबिक, भारत का क्लाउड मार्केट FY25 के ₹65,100 करोड़ से बढ़कर FY30 तक करीब ₹1.9 लाख करोड़ हो सकता है। इस दौरान क्लाउड मार्केट के करीब 23.6% CAGR से बढ़ने का अनुमान है। एंटरप्राइज डिजिटाइजेशन, BFSI में बढ़ता इस्तेमाल और सरकारी कामकाज में क्लाउड की बढ़ती जरूरत से इसे सपोर्ट मिलने की उम्मीद है।

ESDS का कारोबार Enterprise, Government और BFSI सेगमेंट में है। कंपनी के कारोबार में इनकी हिस्सेदारी क्रमशः 55.1%, 27.4% और 17.5% है।

AI और GPU मार्केट पर भी नजर

Choice ने भारत के क्लाउड GPU मार्केट को भी ग्रोथ का बड़ा मौका बताया है। इसके FY30 तक करीब 50% CAGR से बढ़ने का अनुमान है। कंपनी की ग्रोथ में कोर बिजनेस, क्षमता बढ़ाने, ग्राहकों से कमाई बढ़ाने और ऑपरेटिंग लीवरेज की भूमिका रह सकती है।

$1.25 अरब का AI कॉन्ट्रैक्ट

Choice ने कंपनी के $1.25 अरब के AI कॉन्ट्रैक्ट को भी अहम ग्रोथ ड्राइवर बताया है। ब्रोकरेज के मुताबिक, अगर कंपनी इस कॉन्ट्रैक्ट को सही तरीके से लागू करती है और इसका रैंप-अप तेज रहता है, तो कमाई और वैल्यूएशन में और बढ़त की गुंजाइश बन सकती है।

इन जोखिमों पर भी नजर

ब्रोकरेज ने कुछ जोखिम भी बताए हैं। इनमें AI कॉन्ट्रैक्ट को लागू करने की चुनौती, कुछ बड़े ग्राहकों पर निर्भरता, ज्यादा कैपेक्स और बढ़ती प्रतिस्पर्धा शामिल हैं।

इन वजहों से कंपनी की कमाई की रफ्तार प्रभावित हो सकती है। साथ ही, क्षमता के इस्तेमाल, मार्जिन और रिटर्न पर भी दबाव आ सकता है।

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Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Coal Gasification Scheme: ₹37500 करोड़ की सरकारी स्कीम! अदाणी, NTPC समेत 7 कंपनियों ने आवेदन दिए

Coal Gasification Scheme: देश में कोयला गैसीफिकेशन को बढ़ावा देने की सरकार की कोशिश तेज हो रही है। कोयला गैसीफिकेशन का मतलब है, कोयले को सीधे जलाने के बजाय उससे गैस बनाना। सरकार की ₹37,500 करोड़ की योजना के पहले राउंड में 7 कंपनियों ने आवेदन किया है।

इनमें Adani Enterprises, NTPC, Talcher Fertilisers, Gallantt Ispat और Shyam Sel & Power शामिल हैं। कंपनियों ने यूरिया, सिंथेटिक नेचुरल गैस, सिंथेसिस गैस और डायरेक्ट रिड्यूस्ड आयरन से जुड़े प्रोजेक्ट के प्रस्ताव दिए हैं।

Adani Enterprises ने 3 आवेदन दिए

Adani Enterprises ने तीन अलग-अलग आवेदन जमा किए हैं। तीनों आवेदन यूरिया प्रोजेक्ट से जुड़े हैं।

Gallantt Ispat ने डायरेक्ट रिड्यूस्ड आयरन और सिंथेसिस गैस बनाने का प्रोजेक्ट रखा है। वहीं, NTPC ने सिंथेटिक नेचुरल गैस प्रोजेक्ट के लिए आवेदन किया है।

Shyam Sel & Power ने सिंथेसिस गैस बनाने का प्रस्ताव दिया है। Talcher Fertilisers ने यूरिया प्रोजेक्ट के लिए आवेदन किया है।

अब आवेदनों की जांच होगी

ये 7 आवेदन योजना के पहले राउंड में मिले हैं। अब सरकार इनकी विस्तार से जांच करेगी। इसके लिए योजना की गाइडलाइंस और RFP को आधार बनाया जाएगा।

कोयला मंत्रालय का कहना है कि आवेदनों से इंडस्ट्री का भरोसा दिखता है। मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि योजना के लिए कोई आवेदन नहीं आने की खबरें जल्दबाजी में कही गई थीं।

दूसरे राउंड के आवेदन शुरू

योजना के दूसरे राउंड के आवेदन 8 सितंबर से शुरू हो गए हैं। इसके बाद हर दो महीने में आवेदन की नई विंडो खुलेगी।

मंत्रालय के मुताबिक, कई कंपनियां अपने प्रोजेक्ट की तैयारी पहले ही शुरू कर चुकी हैं। कुछ प्रोजेक्ट एडवांस स्टेज में हैं। ऐसे में अगले राउंड में और आवेदन आने की उम्मीद है।

पहले राउंड का RFP 7 जुलाई 2026 को जारी हुआ था। कोयला गैसीफिकेशन प्रोजेक्ट बड़े होते हैं। इनमें काफी पूंजी लगती है। इसलिए आवेदन से पहले कंपनियों को कई स्तर पर तैयारी करनी पड़ती है।

इसमें प्री-फिजिबिलिटी स्टडी, टेक्नोलॉजी असेसमेंट, पर्यावरण से जुड़ी जांच और फाइनेंशियल प्लानिंग शामिल है।

₹37,500 करोड़ की योजना का मकसद क्या है?

योजना को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली यूनियन कैबिनेट ने 13 मई 2026 को मंजूरी दी थी। इसका कुल वित्तीय आउटले ₹37,500 करोड़ है।

इसके तहत घरेलू कोयले और लिग्नाइट से ज्यादा वैल्यू वाले प्रोडक्ट बनाने को बढ़ावा दिया जाएगा। इनमें सिंथेसिस गैस, मेथनॉल, अमोनिया, यूरिया और हाइड्रोजन शामिल हैं।

सरकार का लक्ष्य 2030 तक 100 मिलियन टन कोयला गैसीफिकेशन क्षमता तैयार करना है। इसमें 75 मिलियन टन क्षमता मौजूदा योजना के तहत विकसित करने का लक्ष्य है।

आयात पर निर्भरता घटाने की तैयारी

सरकार LNG, यूरिया, अमोनिया और मेथनॉल के आयात पर निर्भरता कम करना चाहती है। कोयला मंत्रालय के मुताबिक, FY25 में इन प्रोडक्ट के आयात पर करीब ₹2.77 लाख करोड़ खर्च हुए थे।

सरकार को उम्मीद है कि योजना से ₹2.5 लाख करोड़ से ₹3 लाख करोड़ का निवेश आ सकता है। इससे वैल्यू चेन में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार भी पैदा होने की उम्मीद है।

पहले से चल रही है ₹8,500 करोड़ की योजना

नई योजना National Coal Gasification Mission और जनवरी 2024 में मंजूर ₹8,500 करोड़ की वित्तीय प्रोत्साहन योजना को आगे बढ़ाती है। मंत्रालय के मुताबिक, पुरानी योजना के तहत 8 गैसीफिकेशन प्रोजेक्ट पहले से लागू किए जा रहे हैं।

सरकार घरेलू कोयले से ज्यादा वैल्यू वाले प्रोडक्ट बनाने पर जोर दे रही है। इनका इस्तेमाल फर्टिलाइजर, इंडस्ट्रियल गैस, ईंधन और दूसरे प्रोडक्ट बनाने में किया जा सकता है।

पहले राउंड में मिले 7 आवेदन इस योजना के लिए इंडस्ट्री की शुरुआती दिलचस्पी दिखाते हैं। आने वाले राउंड में और प्रोजेक्ट सामने आ सकते हैं।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Swiggy में BNP पारिबा और गोल्डमैन सैक्स ने खरीदे ₹1041 करोड़ के शेयर, सोमवार को बड़े उछाल की उम्मीद

ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म स्विगी के शेयरों में सोमवार, 6 सितंबर को बड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। इसकी वजह है बड़ी संख्या में हुई शेयरों की खरीद-फरोख्त। शुक्रवार, 4 सितंबर को BNP पारिबा और गोल्डमैन सैक्स ने स्विगी में 1,041 करोड़ रुपये से ज्यादा के शेयर खरीदे। ट्रांजेक्शन ओपन मार्केट के जरिए हुए। शेयरों को 276.10 रुपये प्रति शेयर के भाव पर खरीदा गया।

BNP पारिबा फाइनेंशियल मार्केट्स ने 491.99 करोड़ रुपये में 1.78 करोड़ शेयर खरीदे, जबकि गोल्डमैन सैक्स इनवेस्टमेंट्स मॉरीशस I ने 549.01 करोड़ रुपये में 1.98 करोड़ शेयर खरीदे। दोनों की ओर से स्विगी में कुल मिलाकर 1.36 प्रतिशत हिस्सेदारी की खरीद की गई। स्विगी के शेयर की कीमत शुक्रवार को BSE पर 276.20 रुपये पर बंद हुई।

कंपनी का मार्केट कैप 76200 करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर की फेस वैल्यू 1 रुपये है। यह BSE 200 इंडेक्स का हिस्सा है। शेयर साल 2026 में अब तक 29 प्रतिशत नीचे आया है। एक साल में कीमत लगभग 35 प्रतिशत गिरी है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक पब्लिक शेयरहोल्डर्स के पास 94.92 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।

Swiggy पर ब्रोकरेज की राय

ब्रोकरेज CLSA ने स्विगी के स्टॉक के लिए रेटिंग को “एक्युमुलेट” से घटाकर “होल्ड” कर दिया है। टारगेट प्राइस 357 रुपये से घटाकर 318 रुपये प्रति शेयर कर दिया है। JM फाइनेंशियल ने भी रेटिंग को “रिड्यूस” से घटाकर “सेल” कर दिया है। प्राइस टारगेट 250 रुपये रखा है। मैक्वेरी ने शेयर के लिए 230 रुपये के टारगेट प्राइस के साथ “अंडरपरफॉर्म” रेटिंग बरकरार रखी है। मोतीलाल ओसवाल ने ‘बाय’ रेटिंग के साथ 350 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है।

HSBC ने स्विगी के शेयर के लिए “होल्ड” रेटिंग और 300 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। मॉर्गन स्टेनली ने “इक्वलवेट” रेटिंग दी है। टारगेट 322 रुपये सेट किया है। नोमुरा ने स्विगी के लिए “बाय” रेटिंग दी है और प्राइस टारगेट 435 रुपये प्रति शेयर है।

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जून तिमाही में घाटे में 34 प्रतिशत की कमी

स्विगी का अप्रैल-जून 2026 तिमाही में कंसोलिडेटेड बेसिस पर शुद्ध घाटा सालाना आधार पर 34 प्रतिशत घटकर 791 करोड़ रुपये रहा। ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 37 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 6,812 करोड़ रुपये हो गया। खर्च बढ़कर 7,813 करोड़ रुपये के हो गए। फूड डिलीवरी बिजनेस की ग्रॉस ऑर्डर वैल्यू पिछले साल के मुकाबले 17.4 प्रतिशत बढ़ी। इंस्टामार्ट की नेट ऑर्डर वैल्यू साल-दर-साल 38.9 प्रतिशत बढ़ी।

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

NSE IPO: SEBI से ग्रीन सिग्नल, सितंबर में ही लिस्टिंग; अब तक और क्या चला है पता

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) को अपना IPO लाने के लिए के लिए कैपिटल मार्केट रेगुलेटर SEBI की मंजूरी मिल गई है। यह देश का अब तक का सबसे बड़ा IPO हो सकता है। इसका लंबे वक्त से इंतजार किया जा रहा है। NSE के बोर्ड ने इस साल फरवरी में IPO लाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। पब्लिक इश्यू का ड्राफ्ट जून 2026 में SEBI के पास जमा किया था। NSE, बाजार हिस्सेदारी के मामले में देश का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है। इसका IPO लगभग 10 सालों से पेंडिंग है।

NSE ने सबसे पहले दिसंबर 2016 में अपना IPO प्रॉस्पेक्टस दाखिल किया था। उस वक्त इरादा OFS के जरिए करीब 10,000 करोड़ रुपये जुटाने का था। लेकिन नियामकीय खामियों और को-लोकेशन मामले से जुड़ी चिंताओं के चलते सेबी ने मंजूरी लंबे समय तक रोक दी थी। लेकिन अब रास्ता साफ है। आइए जानते हैं NSE IPO के बारे में अब तक क्या पता चला है…

साइज और नेचर

NSE IPO करीब 30,000 करोड़ रुपये का है। यह पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) होगा। नए शेयर जारी नहीं होंगे। इसलिए शेयर बिक्री से मिला पैसा, OFS में शेयर बेचने वालों के पास जाएगा। NSE को कुछ नहीं मिलेगा।

OFS में कौन बेचेगा शेयर

एक्सचेंज के मौजूदा शेयरधारक 14.89 करोड़ शेयर यानि लगभग 6% हिस्से को बिक्री के लिए रखेंगे। OFS में टेमासेक होल्डिंग्स पीटीई., LIC, SBI और SBI कैपिटल मार्केट्स लिमिटेड शेयर बेच सकते हैं। SBI अपनी 0.65% हिस्सेदारी बेच सकता है। SBI कैपिटल मार्केट्स अपनी 0.35% हिस्सेदारी बेच सकती है। एमएस स्ट्रैटेजिक (मॉरीशस) लिमिटेड 1.60 करोड़ शेयरों की बिक्री कर सकती है।

शेयर बेचने वाले अन्य प्रमुख शेयरधारकों में कनाडा पेंशन प्लान इनवेस्टमेंट बोर्ड, टेमासेक की सब्सिडियरी अरांदा इनवेस्टमेंट्स (मॉरिशस) प्राइवेट लिमिटेड, बैंक ऑफ बड़ौदा, स्टॉक होल्डिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड, जनरल इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया, द न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी, नेशनल इंश्योरेंस कंपनी और यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी शामिल हैं।

ओपनिंग और लिस्टिंग की संभावित तारीख

इश्यू के 15 सितंबर को खुलने और 24 या 25 सितंबर को शेयर बाजार में लिस्ट होने की संभावना है। शेयर BSE पर लिस्ट होंगे।

नए सप्ताह में तय हो सकता है प्राइस बैंड

कहा जा रहा है कि NSE अगले सप्ताह IPO के लिए प्राइस बैंड, लॉट साइज और अन्य डिटेल्स की घोषणा कर सकता है।

कैसे होगा देश का अब तक का सबसे बड़ा IPO

भारत में अभी तक सबसे बड़ा पब्लिक इश्यू Hyundai Motor India का रहा है। यह अक्टूबर 2024 में आया था और इसका साइज 27,858.75 करोड़ रुपये या 294.97 करोड़ डॉलर रहा था। अब NSE का 30,000 करोड़ रुपये का IPO आ रहा है। हालांकि, सबसे बड़े IPO के तमगे को लेकर इसकी टक्कर जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड से है। जियो लगभग 37,700 करोड़ रुपये का IPO लाने की तैयारी में है। लेकिन इसके आने का समय अभी घोषित नहीं हुआ है।

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IPO के बाद टॉप 10 मोस्ट वैल्यूएबल कंपनियों में हो सकती है NSE की एंट्री

यह IPO NSE को बाजार पूंजीकरण के लिहाज से भारत की टॉप 10 मोस्ट वैल्यूएबल कंपनियों में शामिल कर सकता है। न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, सूत्रों का कहना है कि IPO से NSE का मार्केट कैप 5 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो सकता है।

NSE के प्रमुख शेयरहोल्डर

NSE के शेयरधारकों में घरेलू वित्तीय संस्थान, बीमा कंपनियां, विदेशी निवेशक और व्यक्तिगत निवेशक शामिल हैं। देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) 10.72 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ NSE की सबसे बड़ी शेयरधारक है। जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया और द न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी के पास भी हिस्सेदारी है। भारतीय स्टेट बैंक (SBI) और उसकी सब्सिडियरी SBI कैपिटल मार्केट्स की संयुक्त हिस्सेदारी करीब 7.5 प्रतिशत है। स्टॉक होल्डिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (SHCIL) की एक्सचेंज में 4.44 प्रतिशत हिस्सेदारी है। SHCIL में 50 प्रतिशत से ज्यादा ओनरशिप IFCI के पास है। विदेशी निवेशकों में टेमासेक की सब्सिडियरी अरांदा इन्वेस्टमेंट्स और कनाडा पेंशन प्लान इनवेस्टमेंट बोर्ड (CPPIB) की भी NSE में अच्छी खासी हिस्सेदारी है।

IPO के लिए 20 इनवेस्टमेंट बैंक किए गए थे शॉर्टलिस्ट

NSE ने मार्च 2026 की शुरुआत में IPO पर काम करने के लिए 20 इनवेस्टमेंट बैंकों को शॉर्टलिस्ट किया था। इनमें कोटक महिंद्रा कैपिटल, सिटी, JM फाइनेंशियल, जेपी मॉर्गन, HSBC सिक्योरिटीज, मॉर्गन स्टेनली भी शामिल हैं। इस मेगा इश्यू के लिए करीब 7 से 9 लॉ फर्म्स को भी शॉर्टलिस्ट किया गया, जिनमें सिरिल अमरचंद मंगलदास, Trilegal, और अमेरिका की Latham and Watkins भी शामिल हैं।

NSE की वित्तीय सेहत

NSE के लगभग 1.8 लाख शेयरहोल्डर हैं। अप्रैल-जून 2026 के दौरान एक्सचेंज का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 7 प्रतिशत बढ़कर 3,120 करोड़ रुपये हो गया। कुल आय 9 प्रतिशत बढ़कर 5,252 करोड़ रुपये हो गई। वित्त वर्ष 2025-26 में NSE का शुद्ध मुनाफा 15 प्रतिशत घटकर 10,302 करोड़ रुपये रह गया। कुल आय भी कम होकर 18,713 करोड़ रुपये पर आ गई।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।