10 लाख रुपये की FD पर कहां होगी सबसे ज्यादा कमाई? जानें कौन-कौन से बैंक दे रहे 8% से ज्यादा ब्याज

Best return on FDs: अपनी गाढ़ी कमाई को सुरक्षित रखते हुए उस पर बेहतर रिटर्न पाने के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) हमेशा से भारतीय निवेशकों की पहली पसंद रहा है। अगस्त 2026 के आंकड़ों के मुताबिक अगर आप 10 लाख रुपये की बड़ी रकम एफडी में निवेश करने की योजना बना रहे हैं तो स्मॉल फाइनेंस बैंक आपको सबसे ज्यादा ब्याज दे रहे हैं। एफडी इंट्रेस्ट रेट में एक छोटा सा अंतर भी लंबे समय में आपकी कुल कमाई को काफी बढ़ा सकता है। खासकर ज्यादा अमाउंट इन्वेस्ट करने वाले सीनियर सिटिजंस के लिए ये काफी फायदेमंद साबित होता है। बिना कोई एक्स्ट्रा जोखिम लिए अपनी इंट्रेस्ट इनकम को मैक्सिमाइज करने के लिए जरूरी है कि आपको अलग अलग बैंकों की ओर से ऑफर किए जा रहे इंट्रेस्ट रेट की पूरी जानकारी हो।

स्मॉल फाइनेंस बैंक दे रहे 8.10% तक का सबसे ज्यादा ब्याज

10 लाख रुपये के निवेश पर सबसे अधिक रिटर्न देने के मामले में स्मॉल फाइनेंस बैंक सबसे आगे हैं। अगस्त 2026 तक स्मॉल फाइनेंस बैंकों में 8.10 फीसदी तक के इंट्रेस्ट रेट ऑफर किए जा रहे हैं। इसकी पूरी लिस्ट यहां नीचे देखी जा सकती है-

सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक (Suryoday Small Finance Bank): 8,10 फीसदी तक की ब्याज दर।

उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक (Utkarsh Small Finance Bank): 8.10 फीसदी तक की ब्याज दर।

शिवालिक स्मॉल फाइनेंस बैंक (Shivalik Small Finance Bank): 8 फीसदी तक की ब्याज दर।

जन स्मॉल फाइनेंस बैंक (Jana Small Finance Bank): 8 फीसदी तक की ब्याज दर।

इक्विटास स्मॉल फाइनेंस बैंक (Equitas Small Finance Bank): 8 फीसदी तक की ब्याज दर।

उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक (Ujjivan Small Finance Bank): 7.80 फीसदी तक की ब्याज दर।

स्लाइस स्मॉल फाइनेंस बैंक (Slice Small Finance Bank): 7.75 फीसदी तक की ब्याज दर।

प्राइवेट बैंक ऑफर कर रहे 7.50% तक इंट्रेस्ट

निजी क्षेत्र के बैंक भी अलग अलग टेन्योर के लिए आकर्षक एफडी इंट्रेस्ट रेट ऑफर कर रहे हैं।

डीसीबी बैंक (DCB Bank): 7.50 फीसदी तक की ब्याज दर।

बंधन बैंक (Bandhan Bank): 7.45 फीसदी तक की ब्याज दर।

आईडीएफसी फर्स्ट बैंक (IDFC FIRST Bank): 7.25 फीसदी तक की ब्याज दर।

कोटक महिंद्रा बैंक (Kotak Mahindra Bank): 6.80 फीसदी तक की ब्याज दर।

एक्सिस बैंक (Axis Bank): 6.50 फीसदी तक की ब्याज दर।

एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank): 6.50 फीसदी तक की ब्याज दर।

आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank): 6.50 फीसदी तक की ब्याज दर।

सरकारी बैंक ऑफर कर रहे स्टेबल और सेफ रिटर्न

सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में पंजाब एंड सिंध बैंक और बैंक ऑफ इंडिया अपने ग्राहकों को एफडी पर सबसे अधिक ब्याज दे रहे हैं:

पंजाब एंड सिंध बैंक (Punjab & Sind Bank): 6.85 फीसदी तक की ब्याज दर।

बैंक ऑफ इंडिया (Bank of India): 6.85 फीसदी तक की ब्याज दर।

सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया (Central Bank of India): 6.75 फीसदी तक की ब्याज दर।

बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda): 6.75 फीसदी तक की ब्याज दर।

इंडियन बैंक (Indian Bank): 6.65 फीसदी तक की ब्याज दर।

पंजाब नेशनल बैंक (Punjab National Bank): 6.60 फीसदी तक की ब्याज दर।

भारतीय स्टेट बैंक (State Bank of India): 6.45 फीसदी तक की ब्याज दर।

विदेशी बैंक कितना इंट्रेस्ट दे रहे?

भारत में काम कर रहे विदेशी बैंकों में डॉयचे बैंक सबसे बेहतर इंट्रेस्ट रेट ऑफर कर रहा है-

डॉयचे बैंक (Deutsche Bank): 7 फीसदी तक की ब्याज दर।

स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक (Standard Chartered Bank): 6.60 फीसदी तक की ब्याज दर।

एचएसबीसी बैंक (HSBC Bank): 5.50 फीसदी तक की ब्याज दर।

एक्सपर्ट्स की सलाह: कैसे करें 10 लाख रुपये का सुरक्षित निवेश?

मार्केट एक्सपर्ट्स का सुझाव है कि अगर आप 10 लाख रुपये का निवेश कर रहे हैं तो पूरी रकम एक ही बैंक में रखने के बजाय इसे कई बैंकों में बांटकर जमा करें। ऐसा करने से आप हर बैंक में मिलने वाले 5 लाख रुपये के जमा बीमा कवर के दायरे में सुरक्षित रहते हैं। हाई रिटर्न पाने के लिए स्मॉल फाइनेंस बैंकों का चयन समझदारी से करें और एफडी की समयावधि का चुनाव अपनी लिक्विडिटी यानी पैसे की जरूरत के हिसाब से करें। जमा बीमा सुरक्षा और स्थिर रिटर्न के चलते रिटायर लोगों के लिए एफडी आज भी एक बेहद भरोसेमंद निवेश माध्यम बनी हुई है।

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डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stocks to Watch: आज 14 अगस्त को Tata Motors PV, Honasa, Piramal Pharma, LG समेत इन शेयरों में दिखने वाली है बड़ी हलचल

शुक्रवार, 14 अगस्त को कई शेयरों में तेज उतारचढ़ाव देखने को मिल सकता है। इनमें टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स, होनासा कंज्यूमर, पिरामल फार्मा, एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया, फिजिक्सवाला, अशोक लीलैंड, जैसे नाम प्रमुख हैं। इनमें से कुछ कंपनियों ने एक दिन पहले बाजार बंद होने के बाद तिमाही नतीजे जारी किए थे। लिहाजा बाजार आज, शुक्रवार को प्रतिक्रिया देगा। वहीं कुछ कंपनियों के नतीजे आज सामने आएंगे। साथ ही कुछ कंपनियां ऐसी भी हैं, जिन्होंने एक दिन पहले नई डील, कॉन्ट्रैक्ट या अन्य तरह के ​डेवलपमेंट्स की जानकारी दी थी।

इसके अलावा शुक्रवार को मेनबोर्ड सेगमेंट में 2 और SME सेगमेंट में एक कंपनी की लिस्टिंग होने वाली है। साथ ही करीब 40 कंपनियों के शेयर एक्स-डिविडेंड ट्रेड करने वाले हैं। आइए डिटेल में जानते हैं किन प्रमुख शेयरों पर रहेगी नजर…

आज इन कंपनियों के तिमाही रिजल्ट

फिजिक्सवाला, अशोक लीलैंड, अल्केम लैबोरेटरीज, भारत डायनामिक्स, 3M इंडिया, डिशमैन कार्बोजन एम्सिस, ईजी ट्रिप प्लानर्स, जिनकुशल इंडस्ट्रीज, नैटको फार्मा, GVK पावर एंड इंफ्रास्ट्रक्चर, क्वालिटी वॉल्स (इंडिया), पुरवांकरा, NMDC, टर्टलमिंट फिनटेक सॉल्यूशंस, पतंजलि फूड्स, एपीजे सुरेंद्र पार्क होटल्स, श्नाइडर इलेक्ट्रिक इंफ्रास्ट्रक्चर, INDO-MIM, सूरज एस्टेट डेवलपर्स, ट्यूब इन्वेस्टमेंट्स ऑफ इंडिया, जी मीडिया कॉर्पोरेशन और स्टेट ट्रेडिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया

इन शेयरों पर रहेगी नजर

Tata Motors Passenger Vehicles: अप्रैल-जून 2026 तिमाही (Q1) में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 80.2% घटकर ₹775 करोड़ रह गया। रेवेन्यू 9.3% बढ़कर ₹95,799 करोड़ हो गया।

Honasa Consumer: Q1 में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 118.4% बढ़कर ₹90.2 करोड़ हो गया। रेवेन्यू 27% बढ़कर ₹755.9 करोड़ हो गया।

KRBL: Q1 में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 73.2% बढ़कर ₹260.7 करोड़ हो गया। रेवेन्यू 5.6% घटकर ₹1,495.9 करोड़ रहा।

Indigo Paints: Q1 में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 61% बढ़कर ₹41.7 करोड़ हो गया। रेवेन्यू 19.7% की बढ़ोतरी के साथ ₹369.7 करोड़ रहा।

Welspun Living: Q1 में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 83.6% बढ़कर ₹160.7 करोड़ हो गया। रेवेन्यू 23.7% बढ़कर ₹2,795.5 करोड़ हो गया।

LG Electronics India: Q1 में मुनाफा सालाना आधार पर 27.2% बढ़कर ₹652.9 करोड़ हो गया। रेवेन्यू 15.5% बढ़कर ₹7,233.4 करोड़ रहा।

Piramal Pharma: CNBC-TV18 की रिपोर्ट के अनुसार, एक मौजूदा शेयरहोल्डर ब्लॉक डील के जरिए कंपनी में 6% हिस्सेदारी बेच सकता है। इस डील का साइज लगभग ₹1,750 करोड़ होने का अनुमान है।

Aditya Birla Real Estate: कंपनी की सब्सिडियरी, बिड़ला एस्टेट्स ने नवी मुंबई मार्केट में एंट्री करने का ऐलान किया है। यह एंट्री वाशी में शिव साई को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी के रीडेवलपमेंट के जरिए होगी। यह रीडेवलपमेंट प्रियंका ग्रुप की एक सहयोगी कंपनी के साथ मिलकर किया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट से लगभग 2,600 करोड़ रुपये का रेवेन्यू मिलने की उम्मीद है।

बल्क और ब्लॉक डील

UltraTech Cement: प्रमोटर कंपनी पिलानी इन्वेस्टमेंट एंड इंडस्ट्रीज कॉरपोरेशन ने 25 लाख शेयर बेचे हैं। यह बिक्री 2,896.25 करोड़ रुपये की रही। दूसरी ओर, कुल 17 घरेलू और ग्लोबल निवेशकों ने पिलानी इन्वेस्टमेंट द्वारा बेचे गए सभी शेयर खरीदे। इन निवेशकों में ICICI प्रूडेंशियल AMC, HDFC AMC, नेशनल पेंशन इंश्योरेंस फंड, कोटक महिंद्रा AMC, एडलवाइस MF, आदित्य बिड़ला सन लाइफ MF, एक्सिस म्यूचुअल फंड, DSP म्यूचुअल फंड, ईस्टस्प्रिंग इन्वेस्टमेंट्स, टाटा म्यूचुअल फंड, टेम्पलटन फंड्स, J.P. मॉर्गन फंड ICVC और व्हाइटओक कैपिटल MF शामिल हैं।

Urban Company: SBI म्यूचुअल फंड ने 3.15 करोड़ इक्विटी शेयर खरीदे हैं। यह सौदा 428.4 करोड़ रुपये का रहा। दूसरी ओर VYC11 ने 96.31 लाख शेयर 130.98 करोड़ रुपये में, VY ​​EM2 ने 18.68 लाख शेयर 25.41 करोड़ रुपये में और Accel India IV (मॉरीशस) ने 2 करोड़ शेयर 272 करोड़ रुपये में बेचे। इसके अलावा, बेसेमर इंडिया कैपिटल होल्डिंग्स II ने अलग से अर्बन कंपनी के 1.21 करोड़ शेयर 170.19 करोड़ रुपये में बेचे।

Renaissance Global: विजय मोहन करनानी ने 11.79 लाख शेयर 12.98 करोड़ रुपये में खरीदे हैं।

RPP Infra Projects: चेन्नई की कंस्ट्रक्शन कंपनी ‘दीवा प्रोजेक्ट्स’ ने प्रमोटरों से लगातार तीन सेशन में 4.99 करोड़ रुपये में 8.48 लाख अतिरिक्त शेयर खरीदे हैं। दूसरी ओर, प्रमोटर ‘यागवी एन ए’ ने 11.66 लाख शेयर 6.88 करोड़ रुपये में बेचे हैं।

Thyrocare Technologies: प्रमोटर Docon Technologies Private Limited ने 1,57,69,696 इक्विटी शेयरों की बिक्री की है। शेयरों की यह संख्या कंपनी की लगभग 9.90 प्रतिशत हिस्सेदारी के बराबर है। दूसरी ओर शेयर खरीदने वालों में HSBC म्यूचुअल फंड, कोटक महिंद्रा लाइफ इंश्योरेंस कंपनी, आदित्य बिड़ला सन लाइफ AMC, ICICI Prudential AMC, HBM हेल्थकेयर इन्वेस्टमेंट्स (Cayman), सिटीग्रुप ग्लोबल मार्केट्स मॉरीशस, व्हाइटओक कैपिटल म्यूचुअल फंड, मॉर्गन स्टेनली एशिया सिंगापुर, DSP म्यूचुअल फंड, ITI म्यूचुअल फंड और कुवैत इनवेस्टमेंट अथॉरिटी शामिल हैं।

Seamec: ‘360 ONE पाइप फंड’ ने 2 लाख शेयर 30.69 करोड़ रुपये में खरीदे हैं।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

मेनबोर्ड लिस्टिंग

LEAP India

टेक्नोक्राफ्ट वेंचर्स

SME लिस्टिंग

Optimystix Entertainment India

ये शेयर करेंगे एक्स-डिविडेंड ट्रेड

अपोलो हॉस्पिटल्स एंटरप्राइज

इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन

हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन

गणेश कंज्यूमर प्रोडक्ट्स

गोदावरी पावर एंड इस्पात

फेडरल बैंक

क्रेस्ट वेंचर्स

हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स

अनूप इंजीनियरिंग

बोंडाडा इंजीनियरिंग

अल्कली मेटल्स

एस्ट्रल

इलेक्ट्रोस्टील कास्टिंग्स

केनरा HSBC लाइफ इंश्योरेंस कंपनी

डायनामैटिक टेक्नोलोजिज

HB पोर्टफोलियो

कल्याणी इन्वेस्टमेंट कंपनी

कोट्यार्क इंडस्ट्रीज

रेन इंडस्ट्रीज

मंगलम सीमेंट

RBL बैंक

मिंडा कॉर्पोरेशन

क्वालिटी पावर इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट्स

लॉयड्स इंजीनियरिंग वर्क्स

ग्लोबल हेल्थ

प्रेमको ग्लोबल

NCC

REC

संघवी मूवर्स

एक्सचेंजिंग सॉल्यूशंस

रिस्पॉन्सिव इंडस्ट्रीज

राशि पेरिफेरल्स

वाइब्रेंट ग्लोबल कैपिटल

संदेश

सोनाटा सॉफ्टवेयर

टूरिज्म फाइनेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया

सारदा एनर्जी एंड मिनरल्स

सूर्यलता स्पिनिंग मिल्स

यथार्थ हॉस्पिटल एंड ट्रॉमा केयर सर्विसेज

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Godrej Consumer Share Price: गोदरेज कज्यूमर का शेयर क्रैश, क्या यह निवेशकों के लिए खरीदारी का बड़ा मौका है?

Godrej Consumer Share Price: गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स का शेयर 12 अगस्त को बाजार खुलते ही क्रैश कर गया। इसकी वजह कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर एवं सीईओ सुधीर सीतापति का अचानक इस्तीफा है। एक समय शेयर 10 फीसदी गिरकर 922.5 रुपये पर आ गया था। लेकिन, बाद में थोड़ा संभला। 10:45 बजे यह 9.52 फीसदी गिरकर 928.10 रुपये पर चल रहा था। इस साल यह शेयर अब तक 25 फीसदी से ज्यादा गिर चुका है। इस दौरान निफ्टी 50 में 6.4 फीसदी गिरावट आई है।

जेफरीज और सिटी की शेयरों में निवेश की सलाह

सीतापति का इस्तीफा तुरंत प्रभाव से लागू हो गया। आसिफ मलबरी को उनकी जगह नियुक्त कर दिया गया है। अचानक कंपनी की लीडरशिप में आए इस बदलाव पर ब्रोकरेज फर्मों ने अलग-अलग तरह से प्रतिक्रिया दी है। जेफरीज और सिटी ने शेयर को खरीदने (buy) की अपनी सलाह बनाए रखी है। एचएसबीसी ने शेयर पर अपनी रेटिंग घटाकर ‘होल्ड’ कर दी है। सीएलएसए ने शेयर पर ‘अंडरपर्फॉर्म’ की रेटिंग दी है। हालांकि, ब्रोकरेज फर्मों का मानना है कि नई लीडरशिप की वजह से कंपनी की स्ट्रेटेजी में बदलाव नहीं होगा।

जेफरीज ने दिया 1400 रुपये का टारगेट प्राइस

जेफरीज ने गोदरेज कंज्यूमर के शेयर के लिए 1,400 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। इसका मतलब है कि 11 अगस्त के क्लोजिंग प्राइस से यह शेयर करीब 36 फीसदी चढ़ सकता है। ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि नए सीईओ को एग्जिक्यूशन को मजबूत बनाने के साथ ही फैसले लेने की प्रक्रिया को तेज करना होगा। नए बिजनेस पर फोकस करने के साथ ही कंपनी को अपने पुराने इनसेक्टिसाइड्स और सोप बिजनेस पर ध्यान देना होगा।

सिटी ने भी दी शेयर में निवेश की सलाह

Citi ने भी शेयर को खरीदने की सलाह दी है। उसने शेयर के लिए 1,350 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। हालांकि, उसने कहा है कि लीडरशिप में बदलाव का असर स्टॉक पर शॉर्ट टर्म में पड़ सकता है। हालांकि, मलबरी की नियुक्ति से कंपनी की स्ट्रेटेजी की दिशा अपरिवर्तित रहेगी। कंपनी के FY27 के गाइडेंस और स्ट्रेटेजिक डायरेक्शन अपरिवर्तित रहेंगे।

एचएसबीसी ने रेटिंग घटाकर होल्ड किया

HSBC ने शेयर को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी है। उसने शेयर पर रेटिंग घटाकर होल्ड कर दी है। शेयर के लिए 1,120 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। उसने कहा है कि अचानक सीतापति के इस्तीफे से एग्जिक्यूशन को लेकर अनिश्चितता बनी है। ब्रोकरेज फर्म ने स्टॉक का वैल्यूएशन मल्टीपल भी घटाया है। टारगेट प्राइस-टू-अर्निंग्स मल्टीपल को 45 गुना से घटाकर 40 गुना कर दिया है।

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सीएलएसए के मुताबिक शेयर 25% गिर सकता है

CLSA का रुख इस शेयर को लेकर और सावधानी भरा है। उसने शेयर पर ‘अंडरपरफॉर्म’ की रेटिंग बनाए रखी है। उसने शेयर के लिए 772 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। इसका मतलब है कि यह शेयर 11 अगस्त के क्लोजिंग प्राइस से करीब 25 फीसदी गिर सकता है। ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि पर्सनल वॉश और होम इनसेक्टिसाइड्स में कंपनी के लिए चुनौतियां बनी हुई हैं।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

Stocks to Buy: ये 5 स्टॉक 40% तक रिटर्न दे सकते हैं, एक्सपर्ट्स ने दांव लगाने की सलाह दी

Stocks to Buy: शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच कई दिग्गज ब्रोकरेज हाउस चुनिंदा शेयरों को लेकर बुलिश हैं। Morgan Stanley, HSBC, Motilal Oswal, Nuvama और JM Financial ने पांच कंपनियों पर खरीदारी की सलाह दी है। इनके मुताबिक, अगले 12 महीनों में ये शेयर करीब 24% से 40% तक का रिटर्न दे सकते हैं। आइए जानते हैं किन शेयरों पर एक्सपर्ट्स सबसे ज्यादा भरोसा जता रहे हैं।

PNB Housing Finance

हाउसिंग फाइनेंस कंपनी PNB Housing Finance पर Morgan Stanley ने ‘Overweight’ रेटिंग बरकरार रखते हुए 1,420 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। मौजूदा भाव 1,143 रुपये के मुकाबले इसमें करीब 24.2% की रिटर्न संभावित तेजी का अनुमान है। ब्रोकरेज के मुताबिक, मजबूत रिटेल लोन डिस्बर्समेंट और बेहतर लोन ग्रोथ कंपनी के लिए सकारात्मक संकेत हैं।

Britannia

FMCG कंपनी Britannia पर Nuvama ने ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखते हुए 7,240 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। मौजूदा भाव 5,508 रुपये के मुकाबले इसमें करीब 31.4% उछाल की उम्मीद है। ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी की ग्रोथ मजबूत बनी हुई है। हालांकि कच्चे तेल की कीमतें और पश्चिम एशिया का तनाव प्रमुख जोखिम हैं।

Hindalco Industries

मेटल कंपनी Hindalco Industries पर HSBC ने ‘Buy’ रेटिंग के साथ 1,430 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। मौजूदा भाव 1,053.50 रुपये के मुकाबले इसमें करीब 35.7% की तेजी का अनुमान है। ब्रोकरेज का कहना है कि एल्यूमिनियम की मजबूत वैश्विक मांग और चीन की उत्पादन सीमा कंपनी के लिए सकारात्मक रहेगी।

Time Technoplast

प्लास्टिक प्रोडक्ट्स बनाने वाली कंपनी Time Technoplast पर Motilal Oswal ने ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखते हुए 280 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। मौजूदा भाव 205.50 रुपये के मुकाबले इसमें करीब 36.3% रिटर्न की संभावना है। ब्रोकरेज का मानना है कि पैकेजिंग और कम्पोजिट सिलेंडर बिजनेस में विस्तार के दम पर लगातार मजबूत रेवेन्यू और मुनाफे की ग्रोथ दर्ज कर सकती है।

Ventive Hospitality

हॉस्पिटैलिटी कंपनी Ventive Hospitality पर JM Financial ने ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखते हुए 840 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। मौजूदा भाव 603.20 रुपये के मुकाबले इसमें करीब 40% की संभावित तेजी बनती है। ब्रोकरेज का मानना है कि हालिया लागत का दबाव अस्थायी है और लंबी अवधि में कंपनी की ग्रोथ मजबूत रह सकती है।

Nifty Outlook: 10 अगस्त को निफ्टी की चाल कैसी रहेगी, एक्सपर्ट्स से जानिए

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Dhoot Transmission IPO: एंकर इनवेस्टर्स से मिले ₹918 करोड़, 10 अगस्त से खुलेगा इश्यू; ग्रे मार्केट में अभी से भागा शेयर

धूत ट्रांसमिशन लिमिटेड का ₹3,066.89 करोड़ का IPO 10 अगस्त को खुलने जा रहा है। इससे पहले एंकर बुक में कंपनी ने ₹918.3 करोड़ जुटाए हैं। BSE की वेबसाइट पर अपलोड किए गए एक सर्कुलर के अनुसार, कंपनी ने 72 एंकर इनवेस्टर्स को ₹871 प्रति शेयर के भाव पर 1.05 करोड़ से ज्यादा इक्विटी शेयर अलॉट किए। घरेलू म्यूचुअल फंड्स का हिस्सा सबसे बड़ा रहा। 12 फंड हाउसेज ने 46 स्कीमों के जरिए निवेश किया। उन्हें 64.59 लाख इक्विटी शेयर अलॉट किए गए।

एंकर बुक में कई घरेलू और ग्लोबल इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स ने हिस्सा लिया। इनमें SBI म्यूचुअल फंड (MF), ICICI प्रूडेंशियल MF, HDFC MF, ICICI प्रूडेंशियल AMC, निप्पॉन इंडिया MF, फ्रैंकलिन टेंप्लेटन, टाटा MF, इनवेस्को MF, HSBC MF, PGIM इंडिया MF, सुंदरम MF, व्हाइटओक, अबू धाबी इनवेस्टमेंट अथॉरिटी, ब्लैकरॉक, एक्सिस MF, मिरे एसेट, अमंडी फंड्स, आलियांज ग्लोबल इनवेस्टर्स, गवर्नमेंट पेंशन फंड, SBI लाइफ इंश्योरेंस, ICICI प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस, बजाज आलियांस लाइफ इंश्योरेंस, HDFC लाइफ इंश्योरेंस और एक्सिस मैक्स लाइफ इंश्योरेंस जैसे नाम शामिल हैं।

धूत ट्रांसमिशन लिमिटेड भारत की प्रमुख इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स (E&E) कंपनियों में से एक है। यह कंपनी ऑटोमोटिव और नॉन-ऑटोमोटिव इस्तेमाल के लिए वायरिंग हार्नेस और इलेक्ट्रिकल डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम की डिजाइन, इंजीनियरिंग, मैन्युफैक्चरिंग और सप्लाई का काम करती है। कंपनी के पास कई तरह के प्रोडक्ट्स हैं, जिनमें वायरिंग हार्नेस, सेंसर और इलेक्ट्रॉनिक कंट्रोलर, ऑटोमोटिव स्विच, बैटरी पैक, टर्मिनल, कनेक्टर, केबल और पावर सप्लाई कॉर्ड शामिल हैं। ये प्रोडक्ट्स इंटरनल कंबशन इंजन (ICE) और इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) दोनों तरह के प्लेटफॉर्म के लिए उपलब्ध हैं। कंपनी के प्रोडक्ट टू-व्हीलर, थ्री-व्हीलर, कमर्शियल व्हीकल, ऑफ-रोड व्हीकल, अर्थ मूवर, खेती के उपकरण, मेडिकल डिवाइस और घरेलू उपकरणों के लिए इस्तेमाल होते हैं।

IPO में ₹1,400 करोड़ के नए शेयर

धूत ट्रांसमिशन के IPO में ₹1,400 करोड़ के 1.61 करोड़ नए शेयर जारी होंगे। साथ ही ₹1,666.89 करोड़ के 1.91 करोड़ शेयरों का ऑफर फॉर सेल (OFS) रहेगा। OFS में प्रमोटर्स- BC एशिया इनवेस्टमेंट्स XV लिमिटेड और मंगलम कैपिटल प्राइवेट लिमिटेड शेयरों को बिक्री के लिए रखेंगे। BC एशिया इनवेस्टमेंट्स XV लिमिटेड, प्राइवेट इक्विटी फर्म बेन कैपिटल की एक एंटिटी है। प्राइस बैंड ₹829-₹871 प्रति शेयर और लॉट साइज 17 शेयर है। IPO के 12 अगस्त को बंद होने के बाद अलॉटमेंट 13 अगस्त को फाइनल होगा। कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 17 अगस्त को लिस्ट होने की उम्मीद है।

IPOs This Week: 10 अगस्त से शुरू हफ्ते में Milky Mist, Shiprocket समेत 8 नए इश्यू, 8 कंपनियां होंगी लिस्ट

IPO के पैसों का कैसे होगा इस्तेमाल

कंपनी अपने IPO में नए शेयर जारी कर जुटाई गई राशि का इस्तेमाल अपना और अपनी सब्सिडियरी कंपनियों का कर्ज चुकाने, हरियाणा के झज्जर और तमिलनाडु के होसुर में वायरिंग हार्नेस मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाने, पहले से न पता अधिग्रहणों और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च करेगी। IPO में 50 प्रतिशत हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए, 35 प्रतिशत हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए और 15 प्रतिशत हिस्सा नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व है। ग्रे मार्केट में धूत ट्रांसमिशन का शेयर अभी से 28.36 प्रतिशत प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। ग्रे मार्केट एक अनऑथराइज्ड मार्केट है, जहां​ किसी कंपनी के शेयर उसकी लिस्टिंग तक ट्रेड करते हैं।

Dhoot Transmission की वित्तीय सेहत

धूत ट्रांसमिशन का वित्त वर्ष 2025-26 में रेवेन्यू 31 प्रतिशत बढ़कर ₹4,563.70 करोड़ हो गया। एक साल पहले रेवेन्यू ₹3,472.24 करोड़ था। शुद्ध मुनाफा 12 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ ₹396.84 करोड़ रहा, जो वित्त वर्ष 2025 में ₹353.89 करोड़ था। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी पर ₹841.39 करोड़ की उधारी थी। इस IPO के​ लिए एक्सिस कैपिटल, जेफरीज इंडिया, कोटक महिंद्रा कैपिटल कंपनी, नोमुरा फाइनेंशियल एडवाइजरी एंड सिक्योरिटीज (इंडिया), SBI कैपिटल मार्केट्स और 360 ONE WAM बुक रनिंग लीड मैनेजर हैं।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Nykaa Share Price: मजबूत तिमाही नतीजो के बाद शेयर 3% से ज्यादा टूटा, ब्रोकरेज फर्म बुलिश

Nykaa Share Price Today: Nykaa की पेरेंट कंपनी FSN E-Commerce Ventures Ltd. के शेयरों में बुधवार, 5 अगस्त को 3% से ज्यादा गिरा। कंपनी ने एक और मजबूत तिमाही परफॉर्मेंस दिखाई थी , जिसमें जबरदस्त रेवेन्यू ग्रोथ, मार्जिन में अच्छी बढ़ोतरी और मुनाफे में तीन गुना से ज़्यादा उछाल शामिल था। जून तिमाही (Q1FY27) के लिए, Nykaa ने रेवेन्यू में साल-दर-साल 29.1% की बढ़ोतरी दर्ज की, जो ₹2,782 करोड़ हो गया। EBITDA 67.8% बढ़कर ₹236 करोड़ हो गया, जबकि EBITDA मार्जिन एक साल पहले के 6.5% से बढ़कर 8.5% हो गया।

नेट प्रॉफिट पिछले साल की इसी तिमाही के ₹24.5 करोड़ से तीन गुना से ज़्यादा बढ़कर ₹80 करोड़ हो गया। कंपनी के 13 अपने कंज्यूमर ब्रांड्स के पोर्टफोलियो ने अच्छा प्रदर्शन जारी रखा और साल-दर-साल 43% की ग्रोथ दर्ज की।

अपने मुख्य ब्यूटी बिज़नेस में, ग्रॉस मर्चेंडाइज़ वैल्यू (GMV) 28% बढ़कर ₹4,105 करोड़ हो गई, जबकि फ़ैशन सेगमेंट ने भी मज़बूत रफ़्तार बनाए रखी। Nykaa ने अपने ऑफलाइन नेटवर्क का भी विस्तार किया, तिमाही के दौरान 11 नए स्टोर खोले, जिससे 100 से ज़्यादा शहरों में कुल स्टोर की संख्या 324 हो गई।

तिमाही के दौरान, Nykaa ने प्रीमियम ब्यूटी और स्किनकेयर ब्रांड Aminu Wellness में ₹32 करोड़ में 51% हिस्सेदारी खरीदी। Aminu ने FY26 में ₹19.4 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया।

नतीजों के बाद क्या है ब्रोकरेज की राय

HSBC ने ₹380 के टारगेट प्राइस के साथ अपनी ‘Buy’ रेटिंग बनाए रखी। इसके पीछे ब्यूटी और फ़ैशन दोनों में मजबूत GMV ग्रोथ, ‘हाउस ऑफ़ ब्रांड्स’ पोर्टफोलियो का लगातार विस्तार और लगातार ऑपरेटिंग लेवरेज जैसे कारण बताए गए।तिमाही नतीजों के उम्मीद से बेहतर रहने के बाद ब्रोकरेज ने FY27 के EBITDA अनुमानों को 3% बढ़ा दिया।

CLSA ने ₹376 के टारगेट प्राइस के साथ अपनी ‘Outperform’ रेटिंग की राय दी है और कहा कि रेवेन्यू ग्रोथ और EBITDA उम्मीद से बेहतर रहे। ब्रोकरेज ने मजबूत ब्रांड पार्टनरशिप की मदद से फैशन ग्रोथ में तेजी को रेखांकित किया, जबकि मार्जिन बढ़ाने वाले अपने ब्रांड्स ने ब्यूटी सेगमेंट में मुनाफा बढ़ाना जारी रखा।

नोमुरा ने नायका के लिए अपनी ‘buy’ रेटिंग बनाए रखी है और कंपनी की लंबी अवधि की ग्रोथ पर भरोसा जताते हुए ₹411 का सबसे ऊंचा टारगेट दिया है। ब्रोकरेज को उम्मीद है कि प्रीमियम बनने की ओर झुकाव, ब्रांड पार्टनरशिप का विस्तार, अपने ब्रांड्स का दायरा बढ़ाना और टियर-2 और टियर-3 शहरों में फिजिकल विस्तार से रेवेन्यू ग्रोथ और मार्जिन बढ़ाने में मदद मिलेगी।

जेफरीज ने भी ₹400 के टारगेट प्राइस के साथ अपनी ‘buy’ रेटिंग दोहराई है और इस तिमाही के नतीजों को अहम पैमानों पर उम्मीद से बेहतर बताया है। ब्रोकरेज ने ब्यूटी सेगमेंट में अच्छी यूजर ग्रोथ, प्रीमियम बनने के ट्रेंड, फैशन में 50% से ज़्यादा की ग्रोथ, नायका के अपने ब्रांड्स (हाउस ऑफ ब्रांड्स) का दायरा बढ़ने और क्विक-कॉमर्स सर्विस की बढ़ती पहुंच पर ज़ोर दिया है।

नायका को ट्रैक करने वाले 26 एनालिस्ट में से 14 ने ‘buy’ रेटिंग दी है, जबकि 6-6 एनालिस्ट ने स्टॉक पर ‘hold’ और ‘Sell’ की सलाह दी है।

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(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Persistent Systems Share Price: Q1 नतीजों के बाद IT कंपनी का शेयर 4% तक फिसला, HSBC को आगे और गिरावट की आशंका

सोमवार, 3 अगस्त को IT कंपनी Persistent Systems Ltd. के शेयरों में दिन में 4 प्रतिशत तक की गिरावट दिखाई दी। बीएसई पर शेयर 5319.75 रुपये के लो तक गया। कंपनी का मुनाफा बढ़ने के बावजूद शेयर में बिकवाली का दबाव है। अप्रैल-जून 2026 तिमाही में कंपनी का शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 13.67 प्रतिशत बढ़कर 483.04 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले मुनाफा 424.93 करोड़ रुपये था।

ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 29 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 4,303.22 करोड़ रुपये हो गया, जो जून 2025 तिमाही में 3,333.58 करोड़ रुपये था। सॉफ्टवेयर, हाई-टेक और उभरते उद्योग क्षेत्र कंपनी के रेवेन्यू में सबसे ज्यादा योगदान देने वाले बने रहे। इसकी हिस्सेदारी 40.7 प्रतिशत रही। बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं और बीमा (BFSI) क्षेत्र की हिस्सेदारी कुल रेवेन्यू में 34 प्रतिशत रही। हेल्थकेयर और लाइफसाइंसेज सेक्टर का योगदान 25.3 प्रतिशत रहा।

पर्सिस्टेंट सिस्टम्स के कर्मचारियों की संख्या 30 जून 2026 तक बढ़कर 28,640 हो गई। खर्च 3750.76 करोड़ रुपये के रहे, जो जून 2025 तिमाही में 2832.84 करोड़ रुपये के थे। जून तिमाही में कंपनी ने अब तक की सबसे ज्यादा तिमाही बुकिंग दर्ज कीं। एक ग्लोबल टेक्नोलॉजी कंपनी के साथ 65 करोड़ डॉलर से ज्यादा की डील के कारण कुल कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू (TCV) लगभग दोगुनी होकर 1.15 अरब डॉलर हो गई। सालाना कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू (ACV) पिछली तिमाही के मुकाबले 20.6 प्रतिशत बढ़कर 53.68 करोड़ डॉलर हो गई।

Persistent Systems पर HSBC ने ‘होल्ड’ रेटिंग रखी बरकरार

जून तिमाही की कमाई सामने आने के बाद ब्रोकरेज फर्म HSBC ने पर्सिस्टेंट सिस्टम्स के शेयर के लिए ₹4,610 के टारगेट प्राइस के साथ ‘होल्ड’ रेटिंग को दोहराया है। यह टारगेट शेयर के पिछले बंद भाव से 17 प्रतिशत कम है। HSBC ने कहा कि कंपनी ने जून 2026 तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया। रेवेन्यू ग्रोथ अनुमान से बेहतर रही और रिकॉर्ड डील हासिल की गईं। मजबूत ऑर्डर इनफ्लो काफी हद तक उम्मीदों के मुताबिक था। लेकिन शुद्ध मुनाफा उम्मीदों से कम रहा। ज्यादा डायरेक्ट कॉस्ट और अधिक सेल्स व मार्केटिंग खर्चों ने मुनाफे पर असर डाला। EBIT मार्जिन गिरकर 16% हो गया, जबकि अनुमान लगभग 16.5% का था।

Sterlite Tech Share Price: ₹960 करोड़ के कॉन्ट्रैक्ट ने भरा जोश, शेयर 5% चढ़ा; लगातार दूसरे दिन अपर सर्किट

मार्जिन के दबाव के बावजूद, ब्रोकरेज ने कहा कि Persistent अपने सेक्टर में सबसे तेजी से बढ़ने वाली IT सर्विसेज कंपनियों में से एक बनी हुई है। इसकी 4.1% की कॉन्स्टेंट करेंसी ग्रोथ TCS, इंफोसिस, टेक महिंद्रा, Mphasis, Zensar, LTTS और हेक्सावेयर जैसी प्रतिस्पर्धी कंपनियों से बेहतर रही।

शेयर एक महीने में 18 प्रतिशत चढ़ा

Persistent Systems का मार्केट कैप 86700 करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर की फेस वैल्यू 5 रुपये है। यह BSE 100 इंडेक्स का हिस्सा है। शेयर एक महीने में 18 प्रतिशत की तेजी देख चुका है। बीएसई पर 52 सपताह का एडजस्टेड हाई 6,597 रुपये और एडजस्टेड लो 4,242.65 रुपये है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 30.29 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Sterlite Tech के शेयर में सोमवार को दिख सकता है दमदार एक्शन, ₹960 करोड़ का कॉन्ट्रैक्ट देगा बूस्ट

ऑप्टिकल कनेक्टिविटी सॉल्यूशंस उपलब्ध कराने वाली स्टरलाइट टेक्नोलोजिज के शेयरों में सोमवार, 3 अगस्त को तेजी देखने को मिल सकती है। ऐसी उम्मीद की वजह है कंपनी को 960 करोड़ रुपये का एक कॉन्ट्रैक्ट मिलना। कंपनी ने शेयर बाजारों को बताया है कि उसे एक घरेलू टेलिकॉम ऑपरेटर से यह कॉन्ट्रैक्ट मिला है। यह ग्राहक की जरूरतों के अनुसार ऑप्टिकल फाइबर केबल की सप्लाई के लिए है।

स्टरलाइट टेक्नोलोजिज का कहना है कि यह एक मल्टी ईयर सप्लाई एग्रीमेंट है। इसकी अवधि 2 साल है लेकिन इसे आपसी सहमति से और 2 साल के लिए बढ़ाया जा सकता है। यह डील रिलेटेड पार्टी ट्रांजेक्शन के तहत नहीं आती है।

स्टरलाइट टेक को ऑप्टिकल कनेक्टिविटी प्रोडक्ट बनाने में 30 साल से ज्यादा का अनुभव है। कंपनी AI रेडी इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने, FTTx, रूरल कनेक्टिविटी, एंटरप्राइज और डेटा सेंटर नेटवर्क्स के लिए एंड-टू-एंड सॉल्यूशंस उपलब्ध कराती है।

Sterlite Tech का शेयर 3 महीनों में 90 प्रतिशत मजबूत

कंपनी के शेयर की कीमत वर्तमान में BSE पर 556.50 रुपये है। शेयर 2 कारोबारी सत्रों में 7 प्रतिशत चढ़ा है। कंपनी का मार्केट कैप 28600 करोड़ रुपये के करीब है। शेयर की फेस वैल्यू 2 रुपये है। यह BSE 1000 इंडेक्स का हिस्सा है। शेयर 3 महीनों में लगभग 90 प्रतिशत चढ़ा है। 6 महीनों में यह 420 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी देख चुका है। शेयर का BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 684.45 रुपये और एडजस्टेड लो 84.65 रुपये है।

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इस साल जून महीने में स्टरलाइट टेक्नोलोजिज क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) लाई थी। इसमें कंपनी ने 2.57 करोड़ शेयर अलॉट किए और करीब 1,500 करोड़ रुपये जुटाए। QIP में मोतीलाल ओसवाल, नोमुरा, HSBC, बैंक ऑफ इंडिया, ऑक्सबो, थिंक इनवेस्टमेंट्स समेत कई घरेलू और वैश्विक निवेशकों ने हिस्सा लिया।QIP वह तरीका है, जिसमें कोई लिस्टेड कंपनी पैसे जुटाने के लिए अपने नए शेयर आम जनता को नहीं, बल्कि सिर्फ बड़े इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स जैसे म्यूचुअल फंड्स, इंश्योरेंस कंपनीज, बैंक और विदेशी संस्थागत निवेशकों को बेचती है।

कंपनी की वित्तीय सेहत

कंपनी का अप्रैल-जून 2026 तिमाही में स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 929 करोड़ रुपये रहा। इस बीच शुद्ध मुनाफा 125 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। पूरे वित्त वर्ष 2026 के लिए स्टरलाइट टेक का स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 2,446 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 2 करोड़ रुपये रहा।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Swiggy Stock Outlook: Q1 नतीजों से कुछ ब्रोकरेज नाखुश, टारगेट प्राइस घटाया; फिर भी 23% तक उछाल की उम्मीद

ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म स्विगी के शेयर के लिए कुछ ब्रोकरेज ने टारगेट प्राइस घटा दिया है। CLSA ने तो रेटिंग भी कम कर दी है। कंपनी के तिमाही नतीजों के बाद ब्रोकरेज का व्यू सामने आया है। अभी भी स्विगी पर नजर रखने वाले 30 एनालिस्ट्स में से 70 प्रतिशत यानि कि 21 एनालिस्ट्स की ओर से रेटिंग “बाय” है। 6 ने “होल्ड” और 3 ने “सेल” की सलाह दी है। कंपनी इंस्टामार्ट के जरिए क्विक कॉमर्स सेक्टर में भी है। अब नए टारगेट प्राइस के आधार पर स्विगी के शेयरों में आगे 23 प्रतिशत तक उछाल की उम्मीद है।

स्विगी का अप्रैल-जून 2026 तिमाही में कंसोलिडेटेड बेसिस पर शुद्ध घाटा सालाना आधार पर 34 प्रतिशत घटकर 791 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले घाटा 1,197 करोड़ रुपये था। ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 37 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 6,812 करोड़ रुपये हो गया। जून 2025 तिमाही में रेवेन्यू 4,961 करोड़ रुपये था। खर्च बढ़कर 7,813 करोड़ रुपये के हो गए, जो जून 2025 तिमाही में 6,244 करोड़ रुपये के थे। फूड डिलीवरी बिजनेस की ग्रॉस ऑर्डर वैल्यू पिछले साल के मुकाबले 17.4 प्रतिशत बढ़ी। इंस्टामार्ट की नेट ऑर्डर वैल्यू साल-दर-साल 38.9 प्रतिशत बढ़ी।

स्विगी के शेयर की कीमत वर्तमान में BSE पर 284.95 रुपये है। कंपनी का मार्केट कैप 78600 करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर की फेस वैल्यू 1 रुपये है। यह BSE 200 इंडेक्स का हिस्सा है। शेयर एक महीने में 19 प्रतिशत चढ़ा है। वहीं एक साल में करीब 30 प्रतिशत गिरा है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 94.92 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।

Swiggy पर CLSA ने घटाई रेटिंग

ब्रोकरेज CLSA ने स्विगी के स्टॉक के लिए रेटिंग को “एक्युमुलेट” से घटाकर “होल्ड” कर दिया है। टारगेट प्राइस 357 रुपये से घटाकर 318 रुपये प्रति शेयर कर दिया है। ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी के फूड डिलीवरी बिजनेस की ग्रॉस ऑर्डर वैल्यू (GOV) ग्रोथ उम्मीद से कम रही। यह जोमैटो से पीछे है। एडजस्टेड EBITDA मार्जिन भी अनुमान से कम रहा। JM फाइनेंशियल ने भी स्विगी की रेटिंग को “रिड्यूस” से घटाकर “सेल” कर दिया है। प्राइस टारगेट 250 रुपये रखा है।

CNBC-TV18 की रिपोर्ट के अनुसार, मैक्वेरी ने शेयर के लिए 230 रुपये के टारगेट प्राइस के साथ “अंडरपरफॉर्म” रेटिंग बरकरार रखी है। कहा है कि डार्क स्टोर थ्रूपुट और मंथली ट्रांजेक्शन करने वाले यूजर्स सहित मुख्य ऑपरेटिंग मेट्रिक्स में तिमाही के दौरान सुधार नहीं हुआ। मोतीलाल ओसवाल ने ‘बाय’ रेटिंग के साथ 350 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। ब्रोकरेज का कहना है कि स्विगी का 68.1 अरब रुपये का नेट रेवेन्यू उसके अनुमान से ज्यादा रहा। फूड डिलीवरी बिजनेस की GOV (ग्रॉस ऑर्डर वैल्यू) सालाना आधार पर 17.4 प्रतिशत बढ़ी।

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HSBC और नोमुरा की राय

HSBC ने स्विगी के शेयर के लिए “होल्ड” रेटिंग और 300 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। ब्रोकरेज का कहना है कि भले ही स्विगी की वैल्यूएशन बहुत ज्यादा नहीं है, फिर भी कंपनी को अभी बहुत कुछ साबित करना है और कामकाज में सुधार कंपनी के लिए सबसे जरूरी है। मॉर्गन स्टेनली ने “इक्वलवेट” रेटिंग दी है। टारगेट 322 रुपये सेट किया है।

नोमुरा ने स्विगी के लिए “बाय” रेटिंग दी है और प्राइस टारगेट 435 रुपये प्रति शेयर है। ब्रोकरेज का अनुमान है कि इंस्टामार्ट में कैश लॉस वित्त वर्ष 2027 में भी जारी रहेगा। एडजस्टेड EBITDA लॉस वित्त वर्ष 2027 में 3,100 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2028 में 2,300 करोड़ रुपये रह सकता है। स्विगी इन नुकसानों की भरपाई 14,300 करोड़ रुपये के कैश बैलेंस और फूड डिलीवरी बिजनेस से होने वाली कमाई से कर सकती है।

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Juniper Green Energy IPO: दिग्गज एंकर निवेशकों ने लगाए ₹539 करोड़! आज से खुला इश्यू, निवेश करें या नहीं? जानें

Juniper Green Energy IPO Opening: रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर की प्रमुख कंपनी जुपिटर ग्रीन एनर्जी का ₹1,800 करोड़ का इश्यू आज, 30 जुलाई को आम निवेशकों के लिए खुल गया है। निवेशक इस इश्यू में 3 अगस्त तक बोली लगा सकते हैं। अगर आप भी रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर के इस आईपीओ में दांव लगाने की सोच रहे हैं, तो कंपनी के प्राइस बैंड, एंकर बुक, वित्तीय स्थिति और ब्रोकरेज रिपोर्ट से जुड़ी हर अहम बातें जान लें।

Juniper Green Energy IPO: मुख्य तारीखें और प्राइस बैंड

आईपीओ खुलने-बंद होने की तारीख: 30 जुलाई-3 अगस्त 2026

प्राइस बैंड: ₹214 से ₹225 प्रति शेयर

कुल इश्यू साइज: ₹1,800 करोड़ (पूरी तरह से फ्रेश इश्यू )

लिस्टिंग की संभावित तारीख: 6 अगस्त 2026 (BSE और NSE पर)

मर्चेंट बैंकर: आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज, एचएसबीसी सिक्योरिटीज, जेएम फाइनेंशियल और कोटक महिंद्रा कैपिटल।

एंकर निवेशकों से जुटाए ₹539.4 करोड़

आईपीओ खुलने से ठीक एक दिन पहले कंपनी ने एंकर निवेशकों से ₹539.4 करोड़ का फंड जुटाया है। बीएसई सर्कुलर के अनुसार, कंपनी ने ₹225 के अपर प्राइस बैंड पर 31 फंड्स को 2.4 करोड़ इक्विटी शेयर आवंटित किए हैं। कुल एंकर पोर्शन का 74.79% (₹403.43 करोड़) हिस्सा देश के 9 बड़े म्यूचुअल फंड हाउस को मिला। इनमें SBI Mutual Fund, ICICI Prudential, WhiteOak Capital, Nippon India, HSBC और Edelweiss शामिल हैं।

दिग्गज ग्लोबल और इंश्योरेंस इन्वेस्टर फर्म अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी ने करीब ₹80 करोड़ का निवेश किया। इसके अलावा HDFC Life, Bajaj Life और Tata AIG जैसी इंश्योरेंस कंपनियों ने भी एंकर बुक में हिस्सा लिया।

आईपीओ से मिले पैसों का क्या करेगी कंपनी?

कंपनी आईपीओ के जरिए जुटाए गए ₹1,800 करोड़ में से बड़ा हिस्सा अपना कर्ज चुकाने में इस्तेमाल करेगी। कंपनी पर कुल ₹13,266 करोड़ का कर्ज है। इसमें से ₹683.24 करोड़ सीधे कंपनी के कर्ज को चुकाने/कम करने में इस्तेमाल होंगे, जबकि ₹728.69 करोड़ इसकी सहायक कंपनियों के बकाए लोन को चुकाने के लिए दिए जाएंगे। बची हुई राशि सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल होगी।

कंपनी का बिजनेस और वित्तीय स्थिति

गुरुग्राम बेस्ड जुपिटर ग्रीन एनर्जी भारत की टॉप 10 सबसे बड़ी रिन्यूएबल इंडिपेंडेंट पावर प्रोड्यूसर्स (IPP) में शामिल है। यह सोलर, विंड, हाइब्रिड और बैटरी एनर्जी स्टोरेज प्रोजेक्ट्स डेवलप और ऑपरेट करती है।

जून 2026 तक कंपनी का कुल प्रोजेक्ट पोर्टफोलियो 7,910.20 MW तक पहुंच गया है। वर्तमान में इसकी चालू क्षमता 1,795 MW है, जबकि 6,115 MW क्षमता के प्रोजेक्ट्स निर्माण के अधीन हैं। वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) में कंपनी का शुद्ध लाभ 10.9% बढ़कर ₹40.5 करोड़ रहा, जो FY25 में ₹36.5 करोड़ था। इसी अवधि में कंपनी की आय 41.3% उछलकर ₹718.9 करोड़ पर पहुंच गई, जो पिछले वित्त वर्ष में ₹508.7 करोड़ थी।

ब्रोकरेज की क्या है सलाह?

एसबीआई सिक्योरिटीज ने लंबी अवधि के नजरिए से इस आईपीओ को ‘Subscribe’ करने की सलाह दी है। ब्रोकरेज का कहना है कि कंपनी की विंड-सोलर हाइब्रिड( WSH) और FDRE एसेट्स में मजबूत पकड़ है। इसके अलावा, कंपनी की चालू क्षमता 1,795 MW है और 6,115 MW के प्रोजेक्ट्स निर्माणाधीन हैं, जो आने वाले समय में प्रोजेक्ट्स के चालू होने पर कंपनी को लंबे समय तक मजबूत ग्रोथ विजिबिलिटी प्रदान करेंगे।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।