अमेरिका के मियामी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर रविवार को बोइंग 767 कार्गो विमान लैंडिंग के बाद रनवे से बाहर निकल गया। फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) के मुताबिक, यह घटना दोपहर 2 बजे हुई। हादसे के कारण 250 फ्लाइट्स प्रभावित हुईं। कार्गो प्लेन की टक्कर कई गाड़ियों से हो गई। मियामी-डेड फायर रेस्क्यू की 60 टीमों ने प्लेन में लगी आग बुझाई। हालांकि प्लेन से उठ रहा धुआं दूर तक दिखाई दे रहा था। फायर रेस्क्यू टीमों के मुताबिक इस हादसे में 5 लोगों की मौत हो गई, जबकि 5 लोग घायल हुए हैं। यह प्लेन अमेजन के कार्गो बेड़े का हिस्सा था। इस पर प्राइम एयर लिखा हुआ है। FAA ने एक बयान में बताया कि बोइंग 767-300 कार्गाे प्लेन ने प्यूर्टो रिको के लुइस मुनोज मारिन इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ान भरी थी। एयर ट्रैफिक कंट्रोल के रिकॉर्ड किए गए ऑडियो में एक ग्राउंड व्हीकल से टावर को सूचना देते सुना गया, “लगता है कि विमान 30 नंबर रनवे से आगे निकल गया है।” यह ऑडियो ATC.com ने कैप्चर किया। विमान हादसे की तस्वीरें… 32 साल पुराना था कार्गो विमान यह विमान 32 साल पुराना बोइंग 767 था। FAA के डेटा के मुताबिक यह रनवे 30 पर उतरा था, जो 9000 फीट से ज्यादा लंबा है। 21 एयर एक कार्गो कैरियर है जिसका ऑपरेशन सेंटर मियामी में है, जो बोइंग 767 विमानों का इस्तेमाल करता है। अमेजन की प्रवक्ता केली नेंटेल ने X पर एक बयान जारी किया, “हम पुष्टि कर सकते हैं कि 21 Air द्वारा संचालित अमेजन एयर का एक विमान आज मियामी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लैंडिंग की कोशिश के दौरान एक घटना का शिकार हो गया। हम अभी भी जानकारी जुटा रहे हैं और यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि असल में क्या हुआ।” मियामी एयरपोर्ट पर ग्राउंड स्टॉप लागू इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के डेटा के मुताबिक दुनिया भर में विमानों से जुड़ी घटनाओं में रनवे एक्सकर्शन सबसे आम हैं। कई बड़े एयरपोर्ट्स की तरह, मियामी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भी रनवे के आगे खास सुरक्षा क्षेत्र बनाए गए हैं। इनका मकसद यह है कि अगर कोई विमान रनवे से बाहर निकल जाए, तो ये क्षेत्र एक बफर (सुरक्षा घेरा) का काम कर सकें। FAA के मुताबिक, रनवे पर प्लेन अभी भी मौजूद है। इस कारण मियामी एयरपोर्ट पर ग्राउंड स्टॉप लागू है। इसका मतलब है कि एयरपोर्ट पर सभी विमानों की आवाजाही रोक दी गई है। —————- प्लेन हादसे से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… ग्रीस एयर शो में करतब दिखा रहा जेट क्रैश: दोनों पायलटों की मौत ग्रीस की वायुसेना का दो सीटों वाला F-4 फैंटम फाइटर जेट शनिवार को एयर शो के दौरान क्रैश हो गया। इसमें दोनों पायलटों की मौत हो गई। यह हादसा तानाग्रा एयर फोर्स बेस पर आयोजित ‘एथेंस फ्लाइंग वीक’ के दौरान हुआ। इसे देखने के लिए कई हजार लोग मौजूद थे। पढ़ें पूरी खबर…
Stocks to Watch: शेयर बाजार में 4 सितंबर को कई कंपनियों के बड़े अपडेट निवेशकों के लिए अहम रहेंगे। कहीं नए प्रोजेक्ट मिले हैं, तो कहीं बड़े निवेश और ब्लॉक डील की खबर आई है। ऐसे में शुक्रवार को इन 15 शेयरों में हलचल देखने को मिल सकती है। आइए जानते हैं किन कंपनियों पर रहेगी नजर।
Power Grid
सरकारी बिजली ट्रांसमिशन कंपनी Power Grid ने गुजरात में एक इंटर-स्टेट ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट की बोली जीती है। इस प्रोजेक्ट का सालाना चार्ज करीब ₹1,152 करोड़ है। यह प्रोजेक्ट कंपनी के ट्रांसमिशन पोर्टफोलियो को और मजबूत कर सकता है।
Gland Pharma
हैदराबाद की फार्मा कंपनी Gland Pharma में गुरुवार को ₹2,279.50 करोड़ का बड़ा ब्लॉक डील हुआ। सूत्रों के मुताबिक, कंपनी की प्रमोटर Fosun Pharma इस डील में विक्रेता रही।
Solex Energy
सोलर एनर्जी कंपनी Solex Energy को BSE मेनबोर्ड पर लिस्टिंग के प्रस्ताव के लिए बोर्ड की मंजूरी मिल गई है। इससे कंपनी कैपिटल मार्केट में अपनी मौजूदगी बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ेगी।
RBL Bank
प्राइवेट सेक्टर के बैंक RBL Bank को करीब ₹164 करोड़ के GST डिमांड से जुड़ा शो-कॉज नोटिस मिला है। टैक्स अथॉरिटी ने कंपनी से इस मामले में जवाब मांगा है।
UltraTech Cement
सीमेंट कंपनी UltraTech Cement ने ₹1,800 करोड़ के निवेश के साथ वायर और केबल मार्केट में एंट्री की है। कंपनी ने यह कारोबार Ultravolt ब्रांड के तहत शुरू किया है।
IEX
बिजली ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म IEX के अगस्त के आंकड़े मजबूत रहे हैं। कंपनी का इलेक्ट्रिसिटी ट्रेडेड वॉल्यूम सालाना आधार पर 20.2% बढ़कर 13.94 बिलियन यूनिट रहा। रियल टाइम मार्केट और डे-अहेड मार्केट के वॉल्यूम में भी बढ़त दर्ज की गई।
Hindustan Zinc
मेटल और माइनिंग कंपनी Hindustan Zinc को कर्नाटक सरकार से गुंडलपेट ब्लॉक की करीब 314.21 एकड़ जमीन की माइनिंग लीज के लिए LoI मिला है। यह कंपनी के माइनिंग कारोबार के विस्तार के लिहाज से अहम अपडेट है।
Sterlite Technologies
ऑप्टिकल फाइबर और कनेक्टिविटी कंपनी Sterlite Technologies ने अपनी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाने के लिए ₹3,000 करोड़ के कैपेक्स प्लान को मंजूरी दी है। कंपनी की उत्पादन क्षमता करीब 50% बढ़ने की उम्मीद है। यह क्षमता FY29 के अंत तक जुड़ सकती है।
Bharat Forge
डिफेंस और इंजीनियरिंग कंपनी Bharat Forge की सब्सिडियरी ने फ्रांस की कंपनी FN Herstal के साथ समझौता किया है। इसके तहत भारत में छोटे हथियार और एंटी-ड्रोन सिस्टम तैयार करने पर काम होगा। यह डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग के लिहाज से अहम अपडेट है।
CreditAccess Grameen
माइक्रोफाइनेंस कंपनी CreditAccess Grameen ने ₹300 करोड़ जुटाए हैं। कंपनी ने नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स जारी कर यह रकम जुटाई है। पूरा इश्यू सब्सक्राइब हुआ और इसे Barclays Bank PLC को निजी प्लेसमेंट के जरिए जारी किया गया।
Great Eastern Shipping
शिपिंग कंपनी Great Eastern Shipping ने अपने शेयर बायबैक की शुरुआत की तारीख तय कर दी है। कंपनी का बायबैक 4 सितंबर 2026 से शुरू होगा। यह बायबैक ओपन मार्केट रूट के जरिए किया जाएगा।
Max Healthcare
हेल्थकेयर कंपनी Max Healthcare के बोर्ड ने Kalinga Hospital में करीब ₹87.87 करोड़ के अतिरिक्त निवेश को मंजूरी दी है। यह निवेश राइट्स इश्यू के जरिए किया जाएगा।
RVNL
सरकारी रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी RVNL ईस्ट कोस्ट रेलवे के करीब ₹404 करोड़ के प्रोजेक्ट में L-1 बिडर बनी है। यानी कंपनी ने सबसे कम बोली लगाई है। अंतिम कॉन्ट्रैक्ट मिलने के बाद ही इस प्रोजेक्ट की तस्वीर साफ होगी।
HDFC Bank
देश के सबसे बड़े प्राइवेट सेक्टर बैंक HDFC Bank ने RBI की खास स्वैप सुविधा के तहत FCNR-B डिपॉजिट के जरिए करीब $11.5-$12 बिलियन जुटाए हैं। CNBC-TV18 की रिपोर्ट के मुताबिक, बैंक ने concessional swap window के तहत यह रकम जुटाई है।
Ramco Systems
एविएशन सॉफ्टवेयर कंपनी Ramco Systems ने Safran Helicopter Engines के साथ MoU किया है। इसके तहत हेलिकॉप्टर इंजन से जुड़ी जानकारी को कंपनी के एविएशन मेंटेनेंस सॉफ्टवेयर में अपने आप अपडेट करने पर काम होगा। इससे मैनुअल काम कम करने में मदद मिल सकती है।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।
Abhinandan Varthaman: पाकिस्तानी जेट गिराने वाले इंडियन एयर फोर्स (IAF) के फाइटर पायलट और पूर्व ग्रुप कैप्टन अभिनंदन वर्धमान ने भारतीय वायुसेना से समय से पहले ही रिटायरमेंट ले लिया है। अब वह गोवा के एक प्राइवेट एयरलाइन में कमर्शियल पायलट के तौर पर अपना नया एविएशन करियर शुरू कर रहे हैं। वर्धमान को फरवरी 2019 में पाकिस्तान एयरफोर्स के फाइटर जेट के साथ हवाई लड़ाई में अपना विमान गिराए जाने के बाद पाकिस्तान में तीन दिनों तक बंधक बनाकर रखा गया था।
करीब दो दशक इंडियन एयरफोर्स में सेवा देने के बाद यह अभिनंदन के करियर की नई पारी है। अभिनंदन 27 फरवरी 2019 को पाकिस्तानी फाइटर जेट F-16 गिराने के बाद भारत समेत दुनियाभर में सुर्खियों में आए थे। न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, अभिनंदन अब पायलट के तौर पर रीजनल एयरलाइन FLY91 से जुड़ गए हैं।
कॉमर्शियल यात्री विमान के पायलट होंगे
सूत्रों ने बताया कि यहां वे कॉमर्शियल यात्री विमान के पायलट होंगे। सूत्रों ने बताया कि ‘वीर चक्र’ से सम्मानित वर्तमान अगस्त में गोवा की एयरलाइन FLY91 में पायलट के तौर पर शामिल हुए। 2019 में पाकिस्तान के साथ हवाई संघर्ष के बाद वर्धमान चर्चा में आए थे। उस हवाई लड़ाई के दौरान उन्होंने पाकिस्तान के एक फाइटर जेट को मार गिराया था। इसके बाद उन्हें तीन दिनों तक पाकिस्तान में हिरासत में रखा गया था।
STORY | Former Indian Air Force Group Captain Abhinandan Varthaman joins regional airline FLY91 as pilot
Former Indian Air Force Group Captain and Vir Chakra awardee Abhinandan Varthaman has joined Goa-based regional airline FLY91 as a pilot, according to sources.
READ:… pic.twitter.com/GVgRnzEpj7
— Press Trust of India (@PTI_News) September 3, 2026
‘वीर चक्र’ से सम्मानित
उन्हें 2021 में ‘वीर चक्र’ से सम्मानित किया गया था, जो युद्ध के समय वीरता के लिए भारत का तीसरा सबसे बड़ा सम्मान है। इस सम्मान के लिए जारी प्रशस्ति पत्र में हवाई संघर्ष के दौरान उनके “कर्तव्य के प्रति असाधारण समर्पण” को सराहा गया था। FLY91 के प्रवक्ता ने इस मामले पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
उन्होंने पीटीआई से कहा कि किसी कर्मचारी की निजी जानकारी एक निजी मामला है। एयरलाइन में वर्तमान की भूमिका के बारे में और जानकारी तुरंत उपलब्ध नहीं हो सकी। गोवा स्थित FLY91 ने मार्च 2024 में अपना कामकाज शुरू किया था। इसके बेड़े में अभी छह ATR 72-600 विमान हैं। यह दो बेस गोवा और हैदराबाद से अपनी सेवाएं देती है।
Delhi: Wing Commander (now Group Captain) Abhinandan Varthaman being accorded the Vir Chakra by President Ram Nath Kovind, for shooting down a Pakistani F-16 fighter aircraft during aerial combat on February 27, 2019. pic.twitter.com/vvbpAYuaJX
— ANI (@ANI) November 22, 2021
अभिनंदन वर्धमान के बारे में बड़ी बातें
- फरवरी 2019 में पुलवामा में आत्मघाती बम धमाके में सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (CRPF) के 40 जवानों की मौत के बाद भारतीय सेना ने पाकिस्तानी इलाके में आतंकवादियों के खिलाफ एयर स्ट्राइक की थी। नई दिल्ली ने कहा कि स्ट्राइक में बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद (JeM) ग्रुप के ट्रेनिंग कैंप को निशाना बनाया गया था।
- अगले दिन पाकिस्तान एयरफोर्स की जवाबी कार्रवाई से दोनों परमाणु बम से लैस दो पड़ोसियों के बीच युद्ध का डर पैदा हो गया था। इस टकराव का सबसे चर्चित चेहरा विंग कमांडर वर्धमान थे। उनके MiG-21 फाइटर जेट को गिराए जाने के बाद पाकिस्तान द्वारा उन्हें पकड़ लिए जाने से दशकों में दोनों पड़ोसियों के बीच सबसे गंभीर सैन्य संकट पैदा हो गया था।
- 27 फरवरी 2019 को अपना जेट हिट होने से पहले वर्धमान ने पाकिस्तान के F-16 फ़ाइटर जेट को मार गिराया था। उस समय विंग कमांडर रहे वर्धमान को तीन दिनों तक बंधक बनाकर रखा गया था। 1 मार्च की रात को पाकिस्तान ने उन्हें रिहा कर दिया था।
- हवाई लड़ाई के दौरान अपने मिग-21 बाइसन से बाहर निकलते समय वर्धमान को चोटें आई थीं। बाद में उसी साल डॉगफाइट के दौरान “असाधारण कर्तव्य-निष्ठा” दिखाने के लिए उन्हें भारत के युद्ध-समय के तीसरे सबसे बड़े वीरता पुरस्कार ‘वीर चक्र’ से सम्मानित किया गया। अभी यह साफ नहीं हो पाया है कि वर्धमान ने समय से पहले रिटायरमेंट क्यों लिया।
पीएम मोदी और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन की मुलाकात के बाद अमेरिका ने भारत-ईरान व्यापार संबंधों को लेकर अपनी स्थिति साफ की है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा है कि उन्हें नहीं लगता कि भारत और ईरान के बीच फिलहाल किसी ट्रेड डील पर बातचीत चल रही है। हालांकि, उन्होंने साथ ही चेतावनी दी कि अगर कोई देश ईरान को अमेरिकी प्रतिबंधों से बचने में मदद करता है तो उस देश पर भी अमेरिका प्रतिबंध लगा सकता है। रुबियो ने एक इंटरव्यू के दौरान ये बात कही। SCO में मोदी और ईरानी राष्ट्रपति की मुलाकात अमेरिकी विदेश मंत्री का बयान पीएम मोदी और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन की SCO शिखर सम्मेलन के दौरान हुई मुलाकात के बाद आया है। दोनों नेताओं ने भारत-ईरान संबंध, व्यापार और पश्चिम एशिया के हालात पर चर्चा की। मोदी ने कहा था कि भारत ईरान के साथ अपने पुराने संबंधों को और मजबूत करना चाहता है। दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ाने और नए क्षेत्रों को इसमें शामिल करने पर भी जोर दिया गया था। मोदी ने कहा था कि भारत BRICS और SCO जैसे मंचों पर ईरान के साथ सहयोग जारी रखेगा। उन्होंने पेजेश्कियन को 12-13 सितंबर को नई दिल्ली में होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन में शामिल होने का न्योता भी दिया। पश्चिम एशिया के तनाव पर बातचीत अमेरिका का ईरान की कमाई के 5 रास्तों पर बैन दरअसल, अमेरिका ने ईरान की अर्थव्यवस्था के 5 अहम क्षेत्रों पर नए प्रतिबंध लगाए हैं। जिनका इस्तेमाल ईरान दूसरे देशों में अपनी आर्थिक गतिविधियों के लिए करता है। इनमें डिजिटल एसेट्स (जैसे क्रिप्टोकरेंसी), टेक्नोलॉजी, सोना, एविएशन और शिपिंग सेक्टर शामिल हैं। अमेरिका इन क्षेत्रों के जरिए ईरान की कमाई और अंतरराष्ट्रीय कारोबार को रोकना चाहता है। यानी अगर कोई देश इन क्षेत्रों में ईरान के साथ ऐसा कारोबार करता है जिससे उसे पैसा या आर्थिक फायदा मिलता है। तो अमेरिका उस देश पर भी प्रतिबंध लगा सकता है या उसे अमेरिकी डॉलर की वित्तीय व्यवस्था से बाहर कर सकता है। अमेरिका बोला- अब ईरान के पास सिर्फ दो रास्ते बचे अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने कहा था कि हमने ‘ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट’ शुरू किया है। यह ईरान और उसके सहयोगी देशों के खिलाफ एक अभियान है। ईरान के सामने अब सिर्फ दो रास्ते हैं। पहला- पूरी तरह से दुनिया से अलग-थलग पड़ना और गुजारे लायक अर्थव्यवस्था। दूसरा- फिर से सामान्य स्थिति की ओर बढ़ना और वैश्विक अर्थव्यवस्था में फिर से शामिल होने का मौका पाना। भारत की 4 कंपनियों पर भी प्रतिबंध अमेरिका ने ईरान से तेल और पेट्रोकेमिकल कारोबार के आरोप में भारत की 4 कंपनियों पर भी प्रतिबंध लगाए हैं। अमेरिकी विदेश विभाग के मुताबिक, इन कंपनियों ने ईरान से पेट्रोलियम और पेट्रोकेमिकल उत्पाद खरीदने या भारत लाने में भूमिका निभाई। इनमें पोर्टीज पार्टनर्स, सदाशिवा ओवरसीज, पीपी सॉफ्टटेक और प्रकृति इंफ्रा इम्पेक्स इंडिया शामिल हैं। अमेरिका का कहना है कि यह कार्रवाई ईरान की तेल से होने वाली कमाई रोकने और उसके कारोबार से जुड़े नेटवर्क पर दबाव बढ़ाने के लिए की गई है। भारत पर क्या असर पड़ सकता है, 5 पॉइंट में समझें… तेल: भारत ईरान से कच्चा तेल खरीदता है तो अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण भुगतान और खरीद मुश्किल हो सकती है। चाबहार पोर्ट: ईरान के चाबहार बंदरगाह में भारत की रणनीतिक और कारोबारी रुचि है। अमेरिकी प्रतिबंधों का असर इस परियोजना पर पड़ सकता है। डॉलर में भुगतान: अगर ईरान से जुड़े भारतीय कारोबार पर अमेरिकी वित्तीय प्रतिबंध लगते हैं, तो डॉलर में लेन-देन करना मुश्किल हो सकता है। व्यापार: ईरान के साथ कारोबार करने वाली भारतीय कंपनियों को अमेरिकी नियमों का पालन करना पड़ सकता है। कूटनीतिक दबाव: अमेरिका भारत से भी ईरान के साथ आर्थिक संबंध सीमित करने को कह सकता है। हालांकि, भारत अपने राष्ट्रीय हित और ऊर्जा जरूरतों के आधार पर फैसला करेगा। —————————- ये खबर भी पढ़ें… 2 दिन बाद अमेरिका का ईरान पर फिर मिसाइल हमला, 19 की मौत, 68 घायल अमेरिका ने 2 दिन बाद फिर ईरान पर हमला किया है। अमेरिकी सेना ने मंगलवार रात सिरिक, खुजस्तान, केश्म द्वीप और बंदर अब्बास में मिसाइल और ड्रोन स्ट्राइक की। ईरान के अनुसार इन हमलों में 19 लोगों की मौत हुई है, जबकि 68 लोग घायल हुए हैं। पूरी खबर पढ़ें…

नेपाल में आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन के बीच जब चारों तरफ तबाही का मंजर था, तब एक महिला पायलट आसमान से जिंदगी बचाने की जंग लड़ रही थी। नाम है प्रिया अधिकारी, नेपाल की पहली महिला हेलिकॉप्टर कैप्टन। प्रिया ने महज छह दिनों में करीब 100 रेस्क्यू मिशन पूरे कर बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने में अहम भूमिका निभाई।
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41 वर्षीय प्रिया अधिकारी इन दिनों नेपाल-तिब्बत सीमा से लगे हिमालयी क्षेत्र में राहत और बचाव अभियान में जुटी हैं। बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित रसुवा जिले के तिमुरे इलाके में भी उन्होंने कई रेस्क्यू उड़ानें भरीं। प्रिया की कहानी सिर्फ एक महिला पायलट की सफलता की कहानी नहीं है। यह उस हिम्मत की कहानी है, जिसमें आसमान से नीचे दिख रही तबाही के बावजूद किसी अनजान इंसान की जिंदगी बचाने का जज्बा कायम रहता है। जहां जमीन पर रास्ते खत्म हो गए, वहां प्रिया ने आसमान को रास्ता बनाया और जिंदगी की तलाश जारी रखी।
6 दिन में करीब 100 रेस्क्यू मिशन
तिमुरे में हालात बेहद चुनौतीपूर्ण हैं। करीब 20 हेलिकॉप्टर लगातार राहत और बचाव अभियान में लगे हुए हैं। बड़ी संख्या में लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। प्रिया के मुताबिक, कई बार एक ही स्थान पर पांच या छह हेलिकॉप्टरों को एक साथ उतरकर लोगों को निकालना पड़ता है। ऐसे में पायलटों को रेडियो के जरिए लगातार एक-दूसरे से समन्वय करना पड़ता है।
लेकिन चुनौती केवल हेलिकॉप्टर उतारने तक सीमित नहीं है। कई इलाकों में इतनी मोटी कीचड़ जमा है कि हेलिकॉप्टर को सुरक्षित तरीके से जमीन पर उतारकर इंजन बंद करना संभव नहीं है। ऐसे में पायलटों को रेस्क्यू के दौरान लगातार पावर बनाए रखनी पड़ती है।
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नीचे तबाही का मंजर, फिर भी बचाने की उम्मीद
प्रिया ने तिमुरे के ऊपर से उड़ान के दौरान जो दृश्य देखे, उन्हें शब्दों में बयां करना आसान नहीं है। बाढ़ के बाद कई जगह शव बिखरे हुए दिखाई दे रहे थे। इसके बावजूद राहत अभियान लगातार जारी रहा। पहले दो दिनों में ही इलाके से 200 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकाला गया। इस अभियान में सेना के Augusta हेलिकॉप्टरों समेत पांच-छह हेलिकॉप्टर लगातार जुटे रहे। प्रिया कहती हैं कि उन्होंने ऊपर से पूरी बर्बादी देखी—हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट तबाह हो गए, घर और बुनियादी ढांचा बह गया और कई लोगों की जान चली गई।
‘आप बच गए हैं…’ यही प्रिया की सबसे बड़ी खुशी
तबाही के बीच भी प्रिया को मुस्कुराने की एक वजह मिलती है—जिंदा बचे लोग। रेस्क्यू के दौरान जब वह किसी जगह हेलिकॉप्टर उतारती हैं और लोगों को हाथ हिलाते हुए देखती हैं, तो उनके लिए वह पल बेहद भावुक होता है। वह उनसे कहती हैं—“आप बच गए हैं।” प्रिया के लिए ये लोग उनके रिश्तेदार नहीं हैं। वे उनके लिए अजनबी हैं, लेकिन किसी की जिंदगी बचाने के बाद मिलने वाली भावनात्मक खुशी उनके लिए किसी रिश्ते से कम नहीं।
उन्होंने बताया कि इस बाढ़ की भयावहता इतनी ज्यादा है कि उन्हें यह नेपाल में आई 2015 की विनाशकारी भूकंप त्रासदी से भी बड़ी लगती है।
कैसे बनीं नेपाल की पहली महिला हेलिकॉप्टर कैप्टन?
प्रिया अधिकारी का एविएशन तक पहुंचने का सफर भी बेहद प्रेरणादायक है। हेलिकॉप्टर उड़ाना लंबे समय तक पुरुषों का दबदबा वाला क्षेत्र माना जाता रहा है, लेकिन प्रिया ने इस सोच को चुनौती दी। उन्होंने Environmental Science की पढ़ाई की और इसके बाद Cabin Crew के तौर पर काम किया। एक हेलिकॉप्टर जॉय राइड ने उनके जीवन की दिशा बदल दी।
इसके बाद उन्होंने हेलिकॉप्टर उड़ाने की ट्रेनिंग लेने के लिए फिलीपींस का रुख किया। आवश्यक फ्लाइंग आवर्स पूरे करने के बाद उन्होंने पायलट के रूप में अपना करियर आगे बढ़ाया और आखिरकार 2017 में फुल-टाइम हेलिकॉप्टर पायलट बन गईं। आज वही प्रिया अधिकारी नेपाल की पहली महिला हेलिकॉप्टर कैप्टन हैं और प्राकृतिक आपदा के बीच अपनी हिम्मत, हुनर और अनुभव के दम पर लोगों की जिंदगी बचाने में जुटी हैं।
सरकार ने पेट्रोल के एक्सपोर्ट्स पर प्रति लीटर 1.5 रुपये का विंडफॉल टैक्स लगाया है। यह 1 सितंबर से लागू हो गया है। सरकार ने डीजल एक्सपोर्ट्स पर लेवी बढ़ाया है, जबकि एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ) पर ड्यूटी में कमी की है।
डीजल पर एक्सपोर्ट लेवी बढ़ाकर प्रति लीटर 25 रुपये किया गया
डीजल पर एक्सपोर्ट लेवी प्रति लीटर 24 रुपये से बढ़ाकर 25 रुपये कर दिया गई है। एटीएफ एक्सपोर्ट्स पर ड्यूटी 19.5 रुपये प्रति लीटर से घटाकर 19 रुपये कर दी गई है। पेट्रोल एक्सपोर्ट्स पर प्रति लीटर 1.5 रुपये की लेवी पूरी तरह से स्पेशन एडिशनल एक्साइज ड्यूटी (SAED) के रूप में चार्ज की जाएगी।
डीजल पर लेवी में से एक रुपया रोड एंड इंफ्रा सेस होगा
डीजल पर प्रति लीटर 24 रुपये की SAED लगेगी। बाकी 1 रुपये रोड एंड इंफ्रास्ट्रक्चर सेस के रूप में लिया जाएगा। एटीएफ एक्सपोर्ट्स पर प्रति लीटर 19 रुपये की लेवी पूरी तरह से SAED के रूप में वसूली जाएगी।
सरकार हर पखवाड़ें एक्सपोर्ट लेवीज में रिवीजन करती है
ऐसा पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स के एक्सपोर्ट लेवीज में हर पखवाड़े होने वाले रिवीजन के तहत किया गया है। इसकी शुरुआत 27 मार्च, 2026 को हुई थी। इसका मकसद मध्यपूर्व में जारी संकट के बीच घरेलू बाजार में ईंधन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करना है। अंतिम बार 15 अगस्त को लेवीज में रिवीजन हुआ था।
15 अगस्त के रिवीजन में पेट्रोल पर एक्सपोर्ट ड्यूटी निल की गई थी
15 अगस्त के रिवीजन में सरकार ने पेट्रोल पर एक्सपोर्ट ड्यूटी घाटकर निल कर दिया था। डीजल पर प्रति लीटर 24 रुपये का लेवी लगाया था। एटीएफ पर प्रति लीटर 19.5 लीटर की लेवी तय किया था। सरकार अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रू़ड ऑयल, पेट्रोल, डीजल और एटीएफ की औसत कीमतों के आधार पर रेट्स में रिवीजन करती है।
एटीएफ की एक्सपोर्ट लेवी में प्रति लीटर 50 पैसे की राहत
नए रिवीजन में पेट्रोल एक्सपोर्ट्स को पिछले रिवीजन में दी गई राहत को रिवर्स कर दिया गया है। डीजल एक्सपोर्ट्स पर लेवी प्रति लीटर 1 रुपये बढ़ा दिया गया है। एटीएफ एक्सपोर्ट्स पर लेवी में प्रति लीटर 50 पैसे की राहत दी गई है। सरकार ने कहा है कि घरेलू इस्तेमाल वाले पेट्रोल और डीजल की मौजूदा एक्साइज ड्यूटी में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
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घरेलू बाजार में नहीं बढ़ेंगी पेट्रोल और डीजल की कीमतें
सरकार ने रेट्स में जो बदलाव किए हैं, वह सिर्फ एक्सपोर्ट्स पर लागू होगा। इसका घरेलू बाजार में बेचे जाने वाले पेट्रोल और डीजल के सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी पर किसी तरह का असर नहीं पड़ेगा। इसका मतलब है कि पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में किसी तरह का बदलाव नहीं होगा।
Crude Oil Price: क्रूट ऑयल की कीमतें फिर से चढ़ने लगी हैं। इसकी वजह मध्यपूर्व में बढ़ता तनाव है। करीब एक महीने बाद अमेरिका के हमले और ईरान के जवाबी हमले की खबर है। ब्रिटिश मेरिटाइम एजेंसी यूनाइटेड किंग्डम मेरिटाइम ट्रेड ऑपरेशंस ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में एक ट्रैंकर पर हमले की खबर दी है। इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर जोरदार हमले की धमकी दी है। इससे ब्रेंट क्रूड का प्राइस 1 सितंबर को 92 डॉलर के पार चला गया।
शेयरों पर दिखा क्रूड में उछाल का असर
क्रूड में उछाल का असर शेयर बाजारों पर दिखा। क्रूड ऑयल का इस्तेमाल करने वाली कई कंपनियों के शेयरों में बड़ी गिरावट आई। इनमें पेंट बनाने वाली कंपनियां, एयरलाइंस कंपनियां और टायर कंपनियां शामिल थी। कच्चे तेल की कीमतों के लगातार ऊंचे लेवल पर बने रहने से इन कंपनियों की प्रोडक्शन कॉस्ट बढ़ जाती है। इसका असर उनके मार्जिन पर पड़ता है।
एशियन पेंट्स का शेयर 3.42 फीसदी गिरा
Asian Paints के शेयरों में 1 सितंबर को बड़ी गिरावट दिखी। यह शेयर 3.42 फीसदी गिरकर 2,562 पर बंद हुआ। बर्जर पेंट्स का शेयर भी 1.28 फीसदी गिरकर 491.40 रुपये पर बंद हुआ। JSW Dulux का शेयर 0.46 फीसदी गिरा। Shalimar Paints का शेयर 1.05 फीसदी फिसला।
इंडिगो के शेयर में आई 3.77 फीसदी गिरावट
इंटरग्लोब एविएशन का शेयर 3.77 फीसदी गिरकर 5,036 रुपये पर बंद हुआ। स्पाइसजेट का शेयर 3.20 फीसदी की कमजोरी के साथ 9.99 रुपये पर क्लोज हुआ। एयरलाइंस कंपनियों की कुल ऑपरेशन कॉस्ट में एटीएफ की बड़ी हिस्सेदारी होती है। क्रूड ऑयल महंगा होने पर एटीएफ की कीमतें भी बढ़ जाती है। इससे एयरलाइंस कंपनियों का कुल खर्च बढ़ता है।
टायर बनाने वाली कंपनियों के शेयरों पर भी दबाव
टायर बनाने वाली कंपनियों में जेके टायर, गुडईयर इंडिया, सीएट के शेयरों में गिरावट आई। गुडईयर का शेयर 0.65 फीसदी गिरकर 738 रुपये पर बंद हुआ। Ceat का शेयर 0.058 फीसदी गिरकर 3,417 पर बंद हुआ। जेके टायर का शेयर 1.41 फीसदी गिरकर 373 रुपये पर बंद हुआ। टायर बनाने में क्रूड ऑयल का इस्तेमाल होता है।
IOCL, HPCL, BPCL के शेयर भी फिसले
ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के शेयरों में भी 1 सितंबर को बड़ी गिरावट आई। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) का शेयर 1.89 फीसदी गिरकर 136.50 रुपये पर बंद हुआ। बीपीसीएल का शेयर 2.38 फीसदी फिसला। HPCL का शेयर भी 0.93 फीसदी की गिरावट के साथ 362.35 रुपये पर क्लोज हुआ। कच्चा तेल महंगा होने से इन कंपनियों की कॉस्ट बढ़ जाती है।
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ONGC, Oil India के शेयरों में उछाल
तेल का उत्पादन करने वाली ओएनजीसी और ऑयल इंडिया जैसी अपस्ट्रीम कंपनियों के शेयरों में तेजी दिखी। ONGC का शेयर 2.02 फीसदी चढ़कर 236.49 रुपये पर बंद हुआ। Oil India का शेयर 1.31 फीसदी चढ़कर 489.50 रुपये पर पहुंच गया। क्रूड महंगा होने से अपस्ट्रीम कंपनियों को फायदा होता है।
Kanpur Plane Crash: गुरुवार सुबह कानपुर में नत्था खेड़ा गंगा बैराज के पास एक दो इंजन वाले चार सीटर प्राइवेट ट्रेनिंग विमान के क्रैश होने से बड़ा हादसा हो गया। इस हादसे में विमान में सवार इंस्ट्रक्टर पायलट और ट्रेनी पायलट की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, हादसे के बाद कानपुर नगर से आग बुझाने वाली और इमरजेंसी रेस्क्यू टीमें नत्था खेड़ा गंगा बैराज के पास दुर्घटना स्थल पर भेजी गईं, जहां चीफ फायर ऑफिसर (CFO) की देखरेख में राहत और बचाव कार्य चल रहा है।
बता दें कि हादसे में मारे गए ट्रेनी पायलट की पहचान अभिषेक पुजारी के तौर पर हुई, जबकि ट्रेनर पायलट सचिन भाटिया थे।
जानकारी के मुताबिक, यह विमान ‘गर्ग एविएशन’ का था, जो एक लोकल फ्लाइट ट्रेनिंग स्कूल के तौर पर काम करता है।
पुलिस ने दी जानकारी
पुलिस ने बताया कि पायलट के पास 3,000 घंटे से ज्यादा की फ्लाइंग का अनुभव था और वह गुजरात का रहने वाला था, जबकि को-पायलट कर्नाटक का रहने वाला था।
फिलहाल, पुलिस ने दुर्घटना वाली जगह को सुरक्षित कर लिया है और वहां घेराबंदी कर दी है। साथ ही, इस घटना के बारे में डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) को भी जानकारी दे दी गई है। उम्मीद है कि DGCA की एक टीम दुर्घटना की जांच के तहत घटनास्थल का मुआयना करेगी। हालांकि, अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि दुर्घटना किन हालात में हुई।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने जताया दुख
वहीं, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना पर दुख जताया और पीड़ितों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की और शोक संतप्त परिवारों को इस दुख को सहने की हिम्मत देने की कामना की।
ACI Infocom: ACI इन्फोकॉम लिमिटेड अपने बिजनेस का फोकस बदलने की तैयारी कर रही है। BSE-लिस्टेड कंपनी अब एविएशन और एयरोस्पेस सेक्टर में बड़े मौके तलाशना चाहती है। इसके लिए कंपनी ने अपने ऑब्जेक्ट्स क्लॉज में बड़े बदलाव का प्रस्ताव रखा है।
यह बदलाव प्रस्तावित ओपन ऑफर, नए प्रमोटर ग्रुप के आने और प्रेफरेंशियल इश्यू के साथ जुड़ा है। हालांकि, पूरा प्लान शेयरहोल्डर्स की मंजूरी और जरूरी रेगुलेटरी अप्रूवल पर निर्भर करेगा।
SEBI के नियमों के तहत ओपन ऑफर
प्रस्तावित खरीदार संजय नटवरलाल मांडविया और रूपल संजय मांडविया ने SEBI के नियमों के तहत कंपनी के लिए ओपन ऑफर पेश किया है।
इसके तहत कंपनी के कुल वोटिंग शेयर कैपिटल के 26% यानी 3,70,47,634 इक्विटी शेयर खरीदने का प्रस्ताव है। ऑफर प्राइस ₹1.53 प्रति शेयर रखा गया है। ओपन ऑफर और दूसरी जरूरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रस्तावित खरीदार कंपनी का कंट्रोल और मैनेजमेंट अपने हाथ में लेने की योजना बना रहे हैं।
एविएशन बिजनेस में बड़ा विस्तार
कंपनी अपने बिजनेस ऑब्जेक्ट्स में बदलाव करके एविएशन और एयरलाइन सर्विसेज में उतरना चाहती है। प्रस्तावित दायरे में यात्रियों और कार्गो के लिए शेड्यूल्ड और नॉन-शेड्यूल्ड एयर ट्रांसपोर्ट शामिल है।
कंपनी फ्रेट, लॉजिस्टिक्स और इससे जुड़ी दूसरी सर्विसेज में भी काम कर सकती है। यानी कंपनी का नया बिजनेस सिर्फ एयरलाइन चलाने तक सीमित नहीं रहेगा।
एयरपोर्ट और एविएशन इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस
ACI Infocom एयरपोर्ट और दूसरे एविएशन इंफ्रास्ट्रक्चर में भी मौके तलाशना चाहती है। इसके प्रस्तावित बिजनेस में एयरपोर्ट, एयरोड्रोम, हेलीपोर्ट, हैंगर, MRO फैसिलिटी, कार्गो टर्मिनल और एविएशन पार्क शामिल हैं।
कंपनी एयरक्राफ्ट की मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल से जुड़े कारोबार में भी उतर सकती है।
ड्रोन और एयर टैक्सी में एंट्री की तैयारी
कंपनी ने नई एविएशन टेक्नोलॉजी को भी अपने प्रस्तावित बिजनेस में शामिल किया है।
इसमें ड्रोन, UAV, रिमोटली पायलटेड एयरक्राफ्ट सिस्टम, इलेक्ट्रिक वर्टिकल टेक-ऑफ एंड लैंडिंग एयरक्राफ्ट, एयर टैक्सी और एडवांस्ड एयर मोबिलिटी शामिल हैं। यह कंपनी के प्रस्तावित नए बिजनेस प्लान का अहम हिस्सा है।
एयरोस्पेस टेक्नोलॉजी पर भी दांव
ACI Infocom एयरोस्पेस टेक्नोलॉजी में भी काम करने की योजना बना रही है। इसमें रिसर्च, डिजाइन, डेवलपमेंट, मैन्युफैक्चरिंग, असेंबली, इंटीग्रेशन और कमर्शियलाइजेशन शामिल हैं।
इसके अलावा एविएशन ट्रेनिंग, स्किल डेवलपमेंट, सिमुलेटर, फ्लीट मैनेजमेंट, एयरक्राफ्ट मैनेजमेंट और एयरोस्पेस इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों में भी उतरने का प्रस्ताव है।
प्रेफरेंशियल इश्यू से जुटाए जाएंगे करीब ₹50 करोड़
नए बिजनेस प्लान के लिए कंपनी ने प्रेफरेंशियल इश्यू का प्रस्ताव भी रखा है। इसके तहत प्रस्तावित प्रमोटर ग्रुप को ₹4.90 करोड़ तक के 3.20 करोड़ इक्विटी शेयर जारी करने की योजना है।
इसके अलावा ₹45.10 करोड़ तक के 29.48 करोड़ पूरी तरह कन्वर्टिबल वारंट जारी करने का प्रस्ताव है। दोनों प्रस्ताव जरूरी मंजूरियों और इश्यू की शर्तों के अधीन हैं। कुल मिलाकर प्रस्तावित इक्विटी और वारंट इश्यू की वैल्यू करीब ₹50 करोड़ बैठती है।
शेयरहोल्डर्स की मंजूरी के बाद बदलेगा बिजनेस
ACI Infocom के लिए यह एक बड़ा बिजनेस बदलाव है। कंपनी एविएशन, एयरोस्पेस, ड्रोन, एयर मोबिलिटी और एविएशन इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में उतरने की तैयारी कर रही है।
हालांकि, अभी यह पूरा बदलाव नहीं हुआ है। ओपन ऑफर, प्रेफरेंशियल इश्यू, शेयरहोल्डर्स की मंजूरी और दूसरी रेगुलेटरी प्रक्रियाएं पूरी होना बाकी हैं।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।
US Sanctions on Iran: अमेरिका ने ईरान के खिलाफ ‘आर्थिक सर्जिकल स्ट्राइक’ करते हुए नए और कड़े प्रतिबंधों का ऐलान किया है। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने ईरान की आर्थिक कमर तोड़ने के लिए इसे ‘इकोनॉमिक डी-डे’ करार दिया है।
वैसे तो भारत सीधे तौर पर ईरान से कच्चा तेल आयात नहीं करता है, लेकिन ग्लोबल ऑयल मार्केट के जरिए भारत पर इसका बड़ा असर पड़ने की आशंका है। चीन के विकल्प ढूंढने से लेकर भारत के क्रूड बिल, फ्रेट चार्ज और रुपए पर पड़ने वाले असर की पूरी डिटेल जानिए।
सीधे नहीं, ‘चीन फैक्टर’ से बढ़ेगी भारत की सिरदर्दी
एनर्जी इंटेलिजेंस फर्म Kpler के अनुसार, भारत ईरान से सीधे क्रूड नहीं खरीदता, इसलिए भारत पर प्रत्यक्ष प्रभाव नगण्य रहेगा। असली खतरा चीन के रुख से है। चीन हर महीने ईरान से औसतन 5 से 8 लाख बैरल प्रति दिन तेल खरीदता है। अगर अमेरिकी प्रतिबंधों के दबाव में चीन को ईरान के अलावा दूसरे देशों का रुख करना पड़ा, तो वह उन मार्केट बैरल्स पर कब्जा करने की कोशिश करेगा जिन पर भारत निर्भर है।
चीन के अचानक ग्लोबल मार्केट में आने से कच्चे तेल की मांग और प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, जिससे बेंचमार्क क्रूड प्राइस उछलेगा और भारत का कुल आयात बिल बढ़ जाएगा।
क्या रूस से मिलेगा सहारा?
भारत अपनी जरूरत का लगभग 50% कच्चा तेल (25 से 28 लाख बैरल प्रति दिन) रूस से खरीद रहा है। विशेषज्ञों के मुताबिक, रूस पहले से ही अपनी क्षमता के मुताबिक भारत को अधिकतम तेल सप्लाई कर रहा है। मार्केट में सप्लाई तंग होने से रूसी क्रूड पर मिलने वाली छूट कम हो रही है और प्रीमियम बढ़ रहा है, जिसका सीधा नुकसान भारतीय रिफाइनरीज को होगा।
महंगा मालभाड़ा और इंश्योरेंस का झटका
मिडिल ईस्ट में भू-राजनीतिक तनाव के कारण सिर्फ कच्चे तेल की कीमत ही नहीं, बल्कि लॉजिस्टिक्स लागत भी आसमान छू रही है। होर्मुज बंद होने के साथ ही फिलहाल लाल सागर से गुजरने वाले जहाजों की संख्या घट गई है। मुख्य सप्लाई रूट्स पर फ्रेट दरें 137% से 411% तक बढ़ चुकी हैं।
होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों के लिए सिंगल ट्रिप का ‘वॉर-रिस्क इंश्योरेंस’ 7.5 से 10 मिलियन डॉलर तक पहुंच गया है। दूर-दराज से तेल मंगाने पर जहाजों का फ्रेट और वर्किंग कैपिटल कॉस्ट बढ़ जाएगी।
महंगाई, रुपए और अर्थव्यवस्था पर कैसे होगा असर?
भारत अपनी जरूरत का 90% कच्चा तेल आयात करता है। अगर ब्रेंट क्रूड के दाम में तेजी बनी रहती है, तो क्रूड का आयात बिल बढ़ने से देश का चालू खाता घाटा (CAD) बढ़ेगा और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया कमजोर होगा। जुलाई 2026 में भारत का मर्चेंडाइज डेफिसिट $32 अरब तक पहुंच गया था।
ट्रांसपोर्टेशन और शिपिंग महंगी होने से पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस (LPG) के साथ-साथ एविएशन, मैन्युफैक्चरिंग और रोजमर्रा के सामान महंगे हो सकते हैं।
भारत-ईरान द्विपक्षीय व्यापार पर सीमित प्रभाव
भारत-ईरान प्रत्यक्ष व्यापार पर इसका खास प्रभाव नहीं पड़ेगा क्योंकि 2018 में अमेरिकी प्रतिबंधों के बाद भारत ने मई 2019 से ईरान से तेल खरीदना बंद कर दिया था।
भारत ईरान को बासमती चावल का बड़ा निर्यात करता है (अप्रैल-जून 2026 में $103 मिलियन का निर्यात)। यूएई के जरिए होने वाले पेमेंट और फ्रेट रूट में रुकावट से भारतीय बासमती एक्सपोर्टर्स को लॉजिस्टिक्स में थोड़ी दिक्कत आ सकती है।
ईरान ने हाल के सालों में अपनी घरेलू फार्मा मैन्युफैक्चरिंग बढ़ा ली है, इसलिए भारतीय दवा निर्यातकों पर इसका बड़ा असर नहीं होगा।
कुल मिलाकर ईरान पर कसा गया अमेरिकी शिकंजा सीधे तौर पर भारत की तेल आपूर्ति को ठप नहीं करेगा, बल्कि यह ‘सेकंड-ऑर्डर इफेक्ट’ के रूप में सामने आएगा। चीन द्वारा वैकल्पिक तेल बाज़ारों पर निर्भरता बढ़ाने से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्रूड ऑयल, शिपिंग भाड़ा और इंश्योरेंस महंगा होगा, जिससे आखिरकार भारत का इंपोर्ट बिल और घरेलू महंगाई प्रभावित हो सकती है।


