Market Outlook : बढ़त के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 17 सितंबर को कैसी रह सकती है इसकी चाल

Market Outlook : 16 सितंबर को भारतीय इक्विटी इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए और निफ्टी 23,200 के ऊपर टिके रहने में कामयाब रहा। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 332.63 अंक या 0.45 प्रतिशत बढ़कर 74,336.45 पर और निफ्टी 99.00 अंक या 0.43 प्रतिशत बढ़कर 23,217.60 पर बंद हुआ। आज लगभग 1913 शेयरों में बढ़त हुई, 2241 शेयरों में गिरावट आई और 180 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

निफ्टी में सबसे ज़्यादा बढ़त वाले शेयरों में SBI लाइफ इंश्योरेंस,HDFC लाइफ,ITC,एक्सिस बैंक और SBI शामिल रहे। वहीं TCS,विप्रो,इंफोसिस,टेक महिंद्रा और बजाज फिनसर्व में गिरावट देखी गई।

IT और फार्मा को छोड़कर,बाकी सभी सेक्टर इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए। FMCG और PSU बैंक इंडेक्स में 1% से ज़्यादा की बढ़ोतरी हुई। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स बिना किसी बदलाव के बंद हुआ,जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स में मामूली गिरावट आई।

बोनान्ज़ा में रिसर्च एनालिस्ट अभिनव तिवारी का कहना है कि भारतीय बाजार आज बढ़त के साथ बंद हुआ। पिछले सेशन में आई भारी गिरावट के बाद इसमें रिकवरी हुई। सेंसेक्स लगभग 74,336 पर बंद हुआ और इसमें करीब 333 अंकों की बढ़त हुई,जबकि निफ्टी भी बढ़त के साथ 99 अंक ऊपर बंद हुआ। US में कच्चे तेल का स्टॉक बढ़ने से सप्लाई से जुड़ी कुछ चिंताएं कम हुईं,जिसके बाद ब्रेंट क्रूड की कीमत घटकर लगभग 108 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई।

FMCG शेयरों में सबसे ज़्यादा तेजी रही और चार दिन से जारी इनकी गिरावट का सिलसिला थम गया। आने वाले त्योहारों के मौसम को देखते हुए निवेशकों के रुझान के कारण HUL,ITC,डाबर इंडिया,इमामी,गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स और P&G हाइजीन के शेयरों में 2-4% की बढ़त हुई।

सरकार ने 2,000 रुपये से ज़्यादा के UPI मर्चेंट ट्रांज़ैक्शन पर 0.4% MDR लागू किया है, जिसमें 75,000 रुपये और उससे ज़्यादा के ट्रांज़ैक्शन के लिए अधिकतम शुल्क 300 रुपये तय किया गया है। ये नए शुल्क 15 अक्टूबर से लागू होंगे। इससे 2020 में शुरू किया गया ज़ीरो MDR सिस्टम खत्म हो जाएगा। जिन छोटे व्यापारियों का मासिक UPI QR कलेक्शन 1 लाख रुपये तक है,उन्हें इससे छूट मिलेगी। P2P ट्रांज़ैक्शन पहले की तरह मुफ़्त रहेंगे। इस बदलाव से बैंकों,पेमेंट एग्रीगेटर्स और फिनटेक कंपनियों को अतिरिक्त रेवेन्यू मिल सकता है।

PhonePe के CEO समीर निगम ने कहा है कि नए MDR फ्रेमवर्क से कंपनी के IPO प्लान को मदद मिल सकती है और चालू वित्त वर्ष में इसकी लिस्टिंग हो सकती है। उम्मीद है कि यह IPO पूरी तरह से ‘ऑफर फॉर सेल’ होगा।

SEMICON India 2026 का आयोजन 17-19 सितंबर के बीच नई दिल्ली में किया जाएगा। इसमें 600 से ज्यादा एग्ज़िबिटर्स के शामिल होने की उम्मीद है,जिससे सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स शेयरों पर सबकी नजर रहेगी। सरकार ने 12 सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट्स को मंज़ूरी दी है, जिनमें से तीन में पहले से ही कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू हो चुका है।

NSE का IPO कल खुलने वाला है। बाजार में उतार-चढ़ाव ज्यादा रहने की संभावना है। सेक्टर-स्पेसिफिक डेवलपमेंट,कच्चे तेल की कीमतो और विदेशी निवेश इसके मुख्य कारण होंगे। NSE का यह बड़ा IPO प्राइमरी मार्केट में निवेशकों की दिलचस्पी का भी एक बड़ा टेस्ट होगा।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ रिसर्च,विनोद नायर का कहना है कि क्रूड ऑयल की कीमतों में नरमी और US फेड द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की उम्मीद (जिसका असर बाजार पहले ही पचा चुका है) से निवेशकों का भरोसा बढ़ा,जिससे भारतीय इक्विटी बाजार में भी तेजी आई। बैंक ऑफ जापान के पॉलिसी फैसले से पहले जापानी बॉन्ड यील्ड में नरमी आने से भी पॉजिटिव माहौल को और मजबूती मिली,जिससे पूरे एशिया में जोखिम लेने की इच्छा को सपोर्ट मिला।

घरेलू स्तर बाजार में बैंकिंग,FMCG और ऑटोमोबाइल सेक्टर में तेजी के कारण लार्ज-कैप शेयरों में सबसे ज्यादा बढ़त रही,जबकि IT सेक्टर में हालिया शानदार प्रदर्शन के बाद कुछ चुनिंदा शेयरों में मुनाफा वसूली दिखी।

निवेशक अब भविष्य में ब्याज दरों की चाल के बारे में और जानकारी पाने के लिए फेड चेयरमैन के बयान का इंतजार कर रहे हैं। उम्मीद है कि इस गाइडेंस का असर ग्लोबल लिक्विडिटी की स्थिति,कैपिटल फ़्लो और फ़ाइनेंशियल मार्केट की निकट भविष्य की दिशा पर पड़ेगा।

HST वेल्थ के फाउंडर और CEO हरिसेल्वन राधाकृष्णन का कहना है कि मंगलवार को आई भारी गिरावट के बाद बुधवार को बैंकिंग शेयरों और कुछ बड़े शेयरों में वैल्यू बाइंग के चलते भारतीय इक्विटी मार्केट में थोड़ी रिकवरी देखने को नजर आई।

इस रिकवरी में बैंक निफ्टी सबसे आगे रहा। इसने 56,000 का स्तर फिर से हासिल किया और बेंचमार्क इंडेक्स को सपोर्ट दिया। हालांकि, रिकवरी में बहुत अधिक तेजी नहीं थी क्योंकि ब्रेंट क्रूड की कीमतें $107-$108 प्रति बैरल के ऊंचे स्तर पर बनी रहीं और फेडरल रिजर्व की पॉलिसी घोषणा से पहले अमेरिकी 10-साल के ट्रेजरी यील्ड 5% के आसपास रही।

ग्लोबल मार्केट में निवेशकों का रुख सावधानी के साथ पॉजिटिव रहा। बाजार फेड के फैसले का इंतज़ार कर रहे हैं। इंडिया VIX घटकर 13.15 पर आ गया,जो बताता है कि निकट भविष्य की चिंता में थोड़ी कमी आई है,हालांकि उतार-चढ़ाव हाल के स्तरों से ऊपर बना हुआ है।

तकनीकी स्थिति में मामूली सुधार हुआ है लेकिन यह अभी भी कमजोर है। निफ्टी 23,200 के ऊपर बंद हुआ। लेकिन 23,300-23,500 के दायरे में उसे अभी भी रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ रहा है। इसके लिए तत्काल सपोर्ट 23,000 पर है और उसके बाद 22,800 पर अहम सपोर्ट है।

बैंक निफ्टी को 56,500-56,800 की ओर रिकवरी जारी रखने के लिए 56,000 के स्तर से ऊपर बने रहना होगा। अगर यह फिर से 56,000 के नीचे जाता है तो 55,500 का स्तर फिर से फोकस में आ सकता है।

फेडरल रिजर्व का ब्याज दरों पर फैसला और उसके साथ दी जाने वाली पॉलिसी गाइडेंस ही बाजार की अगली चाल तय करेगी। फेड की संतुलित कमेंट्री से रिकवरी में मदद मिल सकती है,जबकि सख्त रुख (हॉकिश आउटलुक),बॉन्ड यील्ड में फिर से तेजी या ब्रेंट क्रूड का $110 की ओर बढ़ना बिकवाली का दबाव फिर से बढ़ा सकता है और बाजार की रिकवरी को सीमित कर सकता है।

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के हेड ऑफ रिसर्च, वेल्थ मैनेजमेंट,सिद्धार्थ खेमका का कहना है कि कच्चे तेल की ऊंची कीमतों,विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली और US फेडरल रिज़र्व के पॉलिसी फैसले से पहले बनी अनिश्चितता के बीच भारतीय शेयर बाजार में सावधानी का माहौल बने रहने की संभावना है।

PL कैपिटल में एडवाइजरी और डीलिंग के चीफ बिजनेस ऑफिसर विक्रम कसाट ने कहा कि आज भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव वाला दिन रहा। पिछले सेशन में हुई भारी बिकवाली के बाद सेंसेक्स और निफ्टी में रिकवरी देखने को मिली। कच्चे तेल की ऊंची कीमतें,बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी,रुपये में कमजोरी और FII की लगातार बिकवाली निवेशकों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। आगे भी बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना है। ग्लोबल संकेत,कच्चे तेल की कीमतें,करेंसी में उतार-चढ़ाव और US फेड की पॉलिसी को लेकर उम्मीदें बाजार की दिशा तय करेंगी।

 

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शेयर बाजारों में लौटी तेजी, सेंसेक्स 333 अंक चढ़ा

कच्चे तेल में नरमी से घरेलू शेयर बाजारों में बुधवार को तेजी लौट आई और बीएसई का सेंसेक्स 333 अंक की बढ़त में बंद हुआ।

सेंसेक्स 245 अंक चढ़कर 74,249 अंक पर खुला और लगभग पूरे दिन हरे निशान में रहा। अंत में यह 332.63 अंक (0.45 प्रतिशत) चढ़कर 74,336.45 अंक पर पहुंच गया। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक भी 99 अंक यानी 0.43 प्रतिशत ऊपर 23,217.60 अंक पर बंद हुआ।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में आज कच्चे तेल में गिरावट रही। लंदन का ब्रेंट क्रूड वायदा एक प्रतिशत फिसलकर 108 डॉलर प्रति बैरल से नीचे उतर गया। इससे लगभग सभी प्रमुख एशियाई शेयर बाजारों में तेजी देखी गई। यूरोपीय बाजार भी शुरुआती कारोबार में हरे निशान में रहे।

घरेलू बाजारों में एफएमसीजी, बैंकिंग, वित्त, ऑटो, धातु, मीडिया, रियल्टी और तेल एवं गैस समूहों के सूचकांक ऊपर रहे। आईटी, स्वास्थ्य और फार्मा सेक्टरों में गिरावट रही।

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वृहत बाजार में मिलाजुला रुख रहा। निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक 0.02 प्रतिशत ऊपर रहा जबकि स्मॉलकैप-100 सूचकांक 0.18 प्रतिशत टूट गया।

सेंसेक्स की कंपनियों में आईटीसी का शेयर करीब ढाई फीसदी मजबूत हुआ। भारतीय स्टेट बैंक में सवा दो प्रतिशत की तेजी रही। एक्सिस बैंक, ट्रेंट, महिंद्रा एंड महिंद्रा, बीईएल, टाइटन, कोटक महिंद्रा बैंक, हिंदुस्तान यूनीलिवर और सन फार्मा के शेयर एक से दो प्रतिशत तक की बढ़त में रहे।

अडानी पोर्ट्स, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, एशियन पेंट्स, रिलायंस इंडस्ट्रीज, इटरनल और भारती एयरटेल के शेयर भी हरे निशान में रहे।

सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की टीसीएस का शेयर ढाई फीसदी से अधिक लुढ़क गया। अन्य आईटी कंपनियों में इंफोसिस और टेक महिंद्रा के शेयर सवा फीसदी से डेढ़ फीसदी के बीच गिरे। बजाज फिनसर्व, एनटीपीसी, एलएंडटी, इंडिगो, मारुति सुजुकी, एचसीएल टेक्नोलॉजीज और टाटा स्टील के शेयर भी नुकसान में बंद हुए।

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आ गई Flipkart Big Billion Days की डेट, जानें कब से शुरू होगा ये मेगा इवेंट

फ्लिपकार्ट के साल की सबसे बड़ी फेस्टिव सेल का इंतजार कर रहे लोगों के लिए अच्छी खबर है। Flipkart का बिग बिलियन डेज जल्द ही शुरू होने वाला है। कंपनी ने इस खास शॉपिंग इवेंट को लेकर एक टीजर जारी किया है, जिससे सेल की तैयारियों की जानकारी मिली है। Flipkart का बिग बिलियन डेज की शुरुआत 8 अक्टूबर से होगी, लेकिन ये कुछ खास मेंबर्स के लिए होगी। वहीं सभी कस्टमर के लिए इस सेल की शुरुआत 9 अक्टूबर से होगी। कंपनी ने अभी ये नहीं बताया है कि किन सामानों पर कितनी छूट मिलेगी या कौन से खास ऑफर दिए जाएंगे। इन ऑफर्स की पूरी जानकारी सेल शुरू होने के बाद ही सामने आएगी।

बिग बिलियन डेज के दौरान कस्टमर को मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक्स, घरेलू उपकरण और अन्य सामान खरीदने वालों को कीमतों में अच्छी बचत का मौका मिल सकता है। आइए जानते हैं इसके बारे में

कब शुरू होगा सेल

फ्लिपकार्ट की आने वाली सेल में कुछ सदस्यों को आम ग्राहकों से पहले खरीदारी करने का मौका मिलेगा। कंपनी के टीजर के अनुसार, फ्लिपकार्ट प्लस, फ्लिपकार्ट ब्लैक और फ्लिपकार्ट क्रेडिट कार्ड वाले ग्राहक 8 अक्टूबर से सेल का फायदा उठा सकेंगे। अर्ली एक्सेस की वजह से इन ग्राहकों को चुनिंदा ऑफर और डील्स पहले देखने और खरीदने का मौका मिल सकता है। इससे खास तौर पर उन लोगों को फायदा होगा जो सेल में किसी लोकप्रिय प्रोडक्ट को कम कीमत पर खरीदने का इंतजार कर रहे हैं। वहीं सभी कस्टमर के लिए ये सेल 9 अक्टूबर से शुरू होगा।

फ्लिपकार्ट ने जारी किया टीजर

फ्लिपकार्ट ने अपनी आने वाली सेल को लेकर ऐप पर एक नया टीजर जारी किया है। इसमें पर्पल कलर की खास थीम दिखाई गई है और संकेत दिया गया है कि जल्द ही ग्राहकों के लिए बड़ी डील्स की जानकारी सामने आएगी। फिलहाल कंपनी ने किसी खास प्रोडक्ट पर मिलने वाली छूट के बारे में खुलासा नहीं किया है। लेकिन, टीजर में कुछ बैंक और ब्रांड नजर आ रहे हैं, जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि सेल के दौरान ग्राहकों को इनकी ओर से भी खास ऑफर मिल सकते हैं। सेल शुरू होने के साथ ही सभी डील्स और डिस्काउंट की पूरी जानकारी मिलने की उम्मीद है।

कॉर्ड पर मिलेगी छूट

फ्लिपकार्ट की आने वाली सेल में ग्राहकों को बैंक से जुड़े खास ऑफर भी मिल सकते हैं। कंपनी ने इस सेल के लिए एक्सिस बैंक और आईसीआईसीआई बैंक के साथ साझेदारी की है। टीजर के अनुसार, इन बैंकों के पात्र कार्ड या लेनदेन पर ग्राहकों को 10 प्रतिशत तक की तुरंत छूट मिल सकती है। फ्लिपकार्ट की आगामी सेल में मिलने वाली छूट को लेकर अभी सभी जरूरी जानकारी सामने नहीं आई है। कंपनी ने शुरुआती टीजर में यह साफ नहीं किया है कि बैंक ऑफर का लाभ लेने के लिए ग्राहकों को कितनी कीमत की खरीदारी करनी होगी और कौन से कार्ड इस ऑफर में शामिल होंगे। इसके अलावा, अधिकतम कितनी छूट मिलेगी और किन सामानों पर यह फायदा मिलेगा, इसकी जानकारी भी अभी बाकी है। माना जा रहा है कि सेल शुरू होने से पहले फ्लिपकार्ट इन सभी नियमों और शर्तों को स्पष्ट कर सकता है।

इन ब्रांड पर मिलेगा ऑफर

फ्लिपकार्ट की आने वाली सेल में ग्राहकों को अलग-अलग तरह के सामान पर अच्छे ऑफर मिलने की उम्मीद है। टीजर में एसर, हायर, जेबीएल, एरिस्टोक्रेट और टीसीएल जैसे कई जाने-माने ब्रांड के नाम दिखाई दिए हैं। किस प्रोडक्ट पर कितनी छूट मिलेगी, इसकी जानकारी फ्लिपकार्ट ने अभी नहीं दी है। फ्लिपकार्ट ने अपनी आगामी सेल को लेकर अभी सिर्फ शुरुआती जानकारी साझा की है और बड़े ऑफर्स की घोषणा बाद में करने की तैयारी है। माना जा रहा है कि मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, घरेलू सामान और दूसरी जरूरी कैटेगरी के कई प्रोडक्ट्स पर ग्राहकों को आकर्षक कीमतों का फायदा मिल सकता है।

शेयर बाजारों में लगातार दूसरी गिरावट, सेंसेक्स 778 अंक लुढ़का

Stock Market

विदेशों से मिले नकारात्मक संकेतों के बीच घरेलू शेयर बाजारों में मंगलवार को लगातार दूसरे दिन गिरावट रही और बीएसई का सेंसेक्स 778 अंक नीचे बंद हुआ।

सेंसेक्स करीब 588 अंक ऊपर 75,369.63 अंक पर खुला और एक समय 655 अंक चढ़ गया था। हालांकि कुछ ही देर बाद बाजार में बिकवाली शुरू हो गई और सेंसेक्स 73,994 अंक तक टूट गया। इस प्रकार इसमें 1,375 अंकों का उतार-चढ़ाव देखा गया। अंत में सेंसेक्स 777.94 अंक (1.04 प्रतिशत) नीचे 74,003.82 अंक पर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक भी कारोबार की समाप्ति पर 279.50 अंक यानी 1.19 प्रतिशत नीचे 23,118.60 अंक पर रहा।

बाजार में चौतरफा बिकवाली के बीच आईटी सेक्टर में लिवाली रही। निफ्टी आईटी सूचकांक 2.19 प्रतिशत ऊपर रहा। अन्य सभी सेक्टरों में बिकवाली का जोर रहा। रियल्टी समूह का सूचकांक 4.04 प्रतिशत, रसायन समूह का 3.42, धातु का 2.54 टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद का 2.41, मीडिया का 2.17, ऑटो का 2.01, वित्त का 1.83, बैंकिंग का 1.43, फार्मा का 1.30, तेल एवं गैस का 1.29 और स्वास्थ्य समूह का 1.17 प्रतिशत टूट गया। वृहत बाजार में मिडकैप-50 सूचकांक 2.08 फीसदी और स्मॉलकैप-100 सूचकांक 2.43 प्रतिशत नीचे बंद हुआ। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल के दाम बढ़ने और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दर बढ़ाने की आशंका में लगभग सभी प्रमुख एशियाई शेयर बाजार लाल निशान में रहे। यूरोपीय बाजार भी गिरावट में खुले।

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सेंसेक्स की कंपनियों में बीईएल का शेयर सबसे ज्यादा छह प्रतिशत, इंडिगो का चार प्रतिशत और टाइटन, बजाज फिनसर्व तथा अडानी पोर्ट्स के तीन-तीन प्रतिशत लुढ़क गए। महिंद्रा एंड महिंद्रा, भारतीय स्टेट बैंक, ट्रेंट, एशियन पेंट्स, बजाज फाइनेंस, इटरनल, अल्ट्राटेक सीमेंट, एक्सिस बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक और पावरग्रिड के शेयर दो से तीन प्रतिशत नीचे बंद हुए। आईसीआईसीआई बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज, एलएंडटी और मारुति सुजुकी के शेयर एक से दो प्रतिशत तक गिरे। एनटीपीसी, आईटीसी और सन फार्मा के शेयर भी नुकसान में रहे।

सूचना एवं प्रौद्योगिकी कंपनी एचसीएल टेक्नोलॉजीज का शेयर करीब चार प्रतिशत और इंफोसिस का साढ़े तीन प्रतिशत से ज्यादा चढ़ा। टेक महिंद्रा और टीसीएस के शेयर दो प्रतिशत से ज्यादा मजबूत हुए। एचडीएफसी बैंक का शेयर सवा फीसदी मजबूत हुआ। हिंदुस्तान यूनीलिवर और टाटा स्टील के शेयर भी हरे निशान में रहे।

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प्राइवेट बैंक शेयरों के आने वाले हैं अच्छे दिन, तो क्या यह निवेश का सही वक्त है?

प्राइवेट बैंक शेयरों के अच्छे दिन आने वाले हैं। इस साल प्राइवेट बैंक शेयरों का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा है। लेकिन, अब स्थिति बदलने वाली है। यह अनुमान यूबीएस में इंडिया फाइनेंशियल एनालिस्ट आलोक श्रीवास्तव ने जताया है। निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स बीते एक साल में सिर्फ 2.83 फीसदी चढ़ा है, जबकि निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स में इस दौरान 21.69 फीसदी उछाल आया है।

प्राइवेट बैंक शेयरों को लेकर बदल रहा सेंटीमेंट

UBS India Conference 2026 से इतर श्रीवास्तव ने बताया कि अब प्राइवेट बैंक के शेयरों को लेकर सेंटीमेंट बदलता दिख रहा है। काफी समय तक कमजोर प्रदर्शन की वजह से इनवेस्टर्स ने प्राइवेट बैंकों के शेयरों से दूरी बना ली थी। उन्होंने कहा, “प्राइवेट बैंकों के बारे में हमारी सोच काफी पॉजिटिव है। हमें इन शेयरों में दिलचस्पी लौटती दिख रही है।”

नई शाखाएं ओपन करने में प्राइवेट बैंक काफी आगे

उन्होंने यूबीएस थिमैटिक रिपोर्ट का जिक्र करते हुए बताया कि इसमें यह बताया गया है कि बीते तीन से पांच सालों में नई शाखाएं ओपन करने के मामले में कई बड़े प्राइवेट बैंक प्रतिद्वंद्बी बैंकों से काफी आगे चल रहे हैं। इनमें से कई ब्रांच इतने पुराने हो चुके हैं कि उनसे अच्छा रेवेन्यू आने लगा है। इसका असर प्राइवेट बैंकों की कुल डिपॉजिट के साथ ही करेंट अकाउंट सेविंग अकाउंट (CASA) ग्रोथ पर दिखेगा।

कुछ बैंकों में लीडरशिप को लेकर अनिश्चितता कायम

उन्होंने हालांकि यह कहा कि कुछ प्राइवेट बैंकों को लीडरशिप के मामले में अनिश्चितता का सामना करना पड़ रहा है। इनवेस्टर्स नए निवेश से पहले इस क्राइसिस के खत्म होने का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अभी प्राइवेट बैंक शेयरों की वैल्यूएशन सही लग रही है। साथ ही FCNR से जुटाए गए डिपॉजिट से ग्रोथ को सपोर्ट मिलेगा।

एचडीएफसी बैंक का शेयर बीते एक साल में 28% गिरा

देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक HDFC Bank का शेयर बीते एक साल में 28.50 फीसदी गिरा है। ICICI Bank का शेयर बीते एक साल में 1.91 फीसदी कमजोर हुआ है। कोटक महिंद्रा बैंक का शेयर इस दौरान सिर्फ 4.96 फीसदी चढ़ा है। हालांकि, एक्सिस बैंक के शेयर में इस दौरान 16 फीसदी से ज्यादा तेजी आई है।

लगातार तीन दिनों की गिरावट के बाद बाजार में रिकवरी

10 सितंबर को लगातार तीन दिनों की गिरावट के बाद शेयर बाजारों में रिकवरी आई। सेंसेक्स 0.19 फीसदी यानी 138 अंक चढ़कर 74,902 पर बंद हुआ। निफ्टी 0.20 फीसदी यानी 46 अंक चढ़कर 23,477 पर बंद हुआ। बैंक निफ्टी में भी 0.31 फीसदी की मजबूती दिखी। हालांकि, निफ्टी मिडकैप इंडेक्स पर दबाव दिखा।

तीन दिनों की गिरावट से उबरा Sensex, बढ़त के साथ 23478 पर बंद Nifty, लेकिन डूबे ₹1.88 लाख करोड़

Sensex-Nifty closes green: मार्केट में आज दोनों तरफ मूवमेंट दिखा। एक तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के अमेरिका में मिडटर्म इलेक्शन खत्म होने के बाद ईरान से युद्ध होने के दावे से मार्केट को सपोर्ट मिला तो दूसरी तरफ सप्लाई की दिक्कतों ने कच्चे तेल में उबाल लाया जिससे मार्केट पर दबाव पड़ा। इसके अलावा सेक्टरवाइज मिले-जुले रुझान से भी मार्केट न तो अधिक ऊपर जा पाया और न ही नीचे आ पाया। ऐसे में सेंसेक्स और निफ्टी दिन भर लगभग फ्लैट रहे। हालांकि आखिरी समय में एकाएक इनमें उछाल आई और ये बढ़त के साथ बंद हुए। हालांकि ब्रोडर लेवल पर रौनक नहीं लौट पाई और निफ्टी मिडकैप 100 औ निफ्टी स्मॉलकैप 100 लाल बंद हुए।

मेटल और फार्मा सेक्टर ने मार्केट को नीचे खींचने की कोशिश की और इनके निफ्टी इंडेक्स आधे फीसदी से अधिक की गिरावट के साथ बंद हुए। आईटी और ऑटो सेक्टर ने भी मार्केट पर दबाव बनाया। वहीं दूसरी तरफ बैंकिंग शेयरों की तेजी ने मार्केट को ऊपर खींचने की कोशिश की। आज किसी भी सेक्टर के निफ्टी इंडेक्स में 1% से कम ही उठा-पटक रही। इस माहौल में आज BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप डेढ़ लाख करोड़ रुपये से अधिक गिर गया।

अब इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो आज 10 सितंबर को सेंसेक्स (Sensex) 138.36 प्वाइंट्स यानी 0.19% की बढ़त के साथ 74,902.59 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 46.30 प्वाइंट्स यानी 0.20% की मजबूती के साथ 23,477.80 पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 146.73 प्वाइंट्स की बढ़त के साथ 74,910.96 के हाई और 165.76 प्वाइंट्स की फिसलन के साथ 74,598.47 तक गिरा था तो दूसरी तरफ निफ्टी इंट्रा-डे में 63.45 प्वाइंट्स चढ़कर 23,494.95 और 51.40 प्वाइंट्स गिरकर 23,380.10 तक आया था।

डूबे निवेशकों के ₹1.88 लाख करोड़

एक कारोबारी दिन पहले यानी 08 सितंबर 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप ₹4,87,64,321.47 करोड़ था। आज यानी 09 सितंबर 2026 को यह घटकर ₹ 4,83,76,596.12 करोड़ रह गया। इसका मतलब हुआ कि निवेशकों की पूंजी में आज ₹188,242.09 करोड़ की गिरावट आई है।

Sensex के 15 स्टॉक्स ग्रीन

सेंसेक्स पर 30 शेयर लिस्टेड हैं जिसमें 15 आज ग्रीन रहे। दिन के आखिरी में आज पावरग्रिड, एक्सिस बैंक और अल्ट्राटेक सीमेंट सबसे अधिक बढ़त के साथ बंद हुए तो दूसरी तरफ एचसीएलटेक, टाटा स्टील और ट्रेट में सबसे अधिक गिरावट रही। नीचे सेंसेक्स पर लिस्टेड सभी शेयरों के लेटेस्ट भाव और आज उतार-चढ़ाव की डिटेल्स देख सकते हैं-

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इन वजहों से एक तरफ नहीं बढ़ पाया मार्केट

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

₹1.46 लाख करोड़ साफ, ICICI-Axis Bank के दबाव में Sensex आया 555 प्वाइंट्स नीचे, एक्सापयरी को 23635 पर बंद Nifty

Share Market Crash: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने कच्चे तेल में उबाल बढ़ाया तो इसकी आंच में स्टॉक मार्केट झुलस गया। इसकी आंच में सेंसेक्स 579 प्वाइंट्स टूट गया तो निफ्टी भी टूटकर 23650 के नीचे आ गया था और दिन के आखिरी में ये आधे-आधे फीसदी से अधिक की गिरावट के साथ बंद हुए।। हालांकि ब्रोडर लेवल पर रिकवरी दिखी। शुरुआती गिरावट से उबरते हुए निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 बढ़त के साथ बंद हुए।

सेक्टरवाइज फार्मा, एफएमसीजी और ऑटो सेक्टर की रिकवरी ने मार्केट को संभालने की कोशिश की लेकिन हैवीवेट प्राइवेट बैंकों की बिकवाली भारी पड़ गई। निफ्टी फार्मा में आज आधे फीसदी से अधिक बढ़त रही तो एफएमसीजी और ऑटो सेक्टर के निफ्टी इंडेक्स भी ग्रीन बंद हुए। वहीं निफ्टी प्राइवेट बैंक करीब 1% कमजोर हुआ। इस माहौल में आज BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप ₹1 लाख करोड़ से अधिक गिर गया।

अब इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो आज 8 सितंबर को निफ्टी की वीकली एक्सपायरी के दिन सेंसेक्स (Sensex) 555.23 प्वाइंट्स यानी 0.73% की गिरावट के साथ 75,577.58 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 144.05 प्वाइंट्स यानी 0.61% की फिसलन के साथ 23,635.10 पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 579.46 प्वाइंट्स टूटकर 75,553.35 और निफ्टी 156.05 प्वाइंट्स गिरकर 23,623.10 तक आ गया था।

निवेशकों के ₹1.46 लाख करोड़ स्वाहा

एक कारोबारी दिन पहले यानी 07 सितंबर 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप ₹4,87,71,593.02 करोड़ था। आज यानी 08 सितंबर 2026 को यह घटकर ₹4,86,24,696.85 करोड़ रह गया। इसका मतलब हुआ कि निवेशकों की पूंजी में आज ₹146,896.17 करोड़ की गिरावट आई है।

Sensex के सिर्फ 9 स्टॉक्स ग्रीन

सेंसेक्स पर 30 शेयर लिस्टेड हैं जिसमें सिर्फ 9 ही आज ग्रीन रहे। दिन के आखिरी में आज बीईएल, अदाणी पोर्ट्स और एचयूएल सबसे अधिक बढ़त के साथ बंद हुए तो दूसरी तरफ आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक और अल्ट्राटेक सीमेंट में सबसे अधिक गिरावट रही। नीचे सेंसेक्स पर लिस्टेड सभी शेयरों के लेटेस्ट भाव और आज उतार-चढ़ाव की डिटेल्स देख सकते हैं-

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205 शेयर एक साल के हाई पर

बीएसई पर आज 4609 शेयरों की ट्रेडिंग हुई। इसमें 2096 शेयर आज मजबूत हुए तो 2291 में गिरावट रही जबकि 222 में कोई बदलाव नहीं हुआ। इसके अलावा 205 शेयर एक साल के हाई और 110 शेयर एक साल के निचले स्तर पर आ गए। वहीं 10 शेयर अपर सर्किट पर पहुंच गए तो 41 शेयर लोअर सर्किट पर आ गए।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Market This Week :उतार-चढ़ाव के बीच बाजार लगातार चौथे हफ्ते गिरावट के साथ हुआ बंद, रुपये में जारी रही बढ़त

Market This Week : भारतीय शेयर बाजार लगातार चौथे हफ्ते गिरावट के साथ बंद हुए। इस हफ्ते बाजार में काफ़ी उतार-चढ़ाव रहा। पश्चिम एशिया में फिर से बढ़ रहे तनाव,कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और FII की लगातार बिकवाली के चलते बाजार पर दबाव दिखा। हालांकि,रुपये की मजबूती,DII की खरीदारी,अच्छे GST कलेक्शन और अगस्त में ऑटोमोबाइल की अच्छी बिक्री ने बाजार को सपोर्ट दिया। 4 सितंबर को खत्म हुए हफ्ते में BSE सेंसेक्स 749.08 अंक या 0.96% गिरकर 76,515.43 पर बंद हुआ। जबकि निफ़्टी 277.95 अंक या 1.14% की गिरावट के साथ 23,897.70 पर बंद हुआ।

निफ़्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 1.5% की गिरावट

इस हफ्ते निफ़्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 1.5% की गिरावट आई। इस गिरावट में KEI इंडस्ट्रीज, पॉलीकैब इंडिया, हैवेल्स इंडिया, KPIT टेक्नोलॉजीज़, ICICI प्रूडेंशियल एसेट मैनेजमेंट कंपनी, हीरो मोटोकॉर्प, नेशनल एल्युमीनियम कंपनी, 360 ONE WAM, लॉरस लैब्स, हिताची एनर्जी इंडिया और ट्यूब इन्वेस्टमेंट्स ऑफ़ इंडिया जैसी कंपनियों का योगदान रहा। दूसरी ओर, लेन्सकार्ट सॉल्यूशंस, LIC हाउसिंग फाइनेंस, IDFC फर्स्ट बैंक और टाटा कम्युनिकेशंस बढ़त वाली प्रमुख कंपनियों में शामिल रहीं।

निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स सपाट हुआ बंद

निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स ने हफ्ते के दौरान 20,187.80 का नया हाई छुआ, लेकिन आखिर में यह लगभग सपाट बंद हुआ। IFCI, वेल्सपन कॉर्प, कैप्रि ग्लोबल कैपिटल, RBL बैंक, ब्रिगेड एंटरप्राइजेज, अर्बन कंपनी और इंद्रप्रस्थ गैस उन कंपनियों में शामिल थीं जिनमें सबसे ज़्यादा बढ़त देखने को मिली। जबकि आरती इंडस्ट्रीज, केन्स टेक्नोलॉजी इंडिया, अमारा राजा एनर्जी एंड मोबिलिटी, स्वान कॉर्प और दीपक फर्टिलाइजर्स एंड पेट्रोकेमिकल्स कॉर्पोरेशन में सबसे ज़्यादा गिरावट आई।

सेक्टोरल इंडेक्सों पर एक नजर

सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो निफ्टी ऑटो इंडेक्स 4% और निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स इंडेक्स 2.6% नीचे रहा,जबकि निफ्टी मीडिया, निफ्टी हेल्थकेयर और निफ्टी FMCG में से हर एक में 2% की गिरावट आई। हालांकि,निफ्टी ऑयल एंड गैस में 1% की बढ़त हुई।

FIIs की बिकवाली रही जारी

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने लगातार तीसरे हफ़्ते भी बिकवाली जारी रखी, हालांकि इसकी रफ़्तार धीमी रही। उन्होंने इस हफ़्ते 5,611.94 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने बाज़ार को मज़बूत सपोर्ट देना जारी रखा और हफ़्ते के दौरान 23,156.38 करोड़ रुपये का निवेश किया।

मार्केट कैपिटलाइज़ेशन 4.5 लाख करोड़ रुपये घटा

इस हफ़्ते BSE में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइज़ेशन 4.5 लाख करोड़ रुपये घट गया,जिसकी मुख्य वजह बड़ी कंपनियों के शेयरों में आई गिरावट थी। मार्केट वैल्यू में सबसे ज़्यादा कमी स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया की वजह से आई, इसके बाद भारती एयरटेल, मारुति सुज़ुकी इंडिया और महिंद्रा एंड महिंद्रा का नंबर रहा। दूसरी ओर इस हफ़्ते रिलायंस इंडस्ट्रीज, टाटा स्टील और एक्सिस बैंक ने सबसे ज़्यादा वेल्थ क्रिएट की।

अगले 1 महीने में बैंक निफ्टी में आ सकती है 5000 अंकों की तेजी, अगले 12 महीने में डबल हो सकता है सीएनएक्स आईटी

भारतीय रुपया लगातार दूसरे हफ्ते हुआ मजबूत

भारतीय रुपया लगातार दूसरे हफ्ते मजबूत हुआ और इस दौरान दो महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। इस हफ्ते अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 89 पैसे बढ़कर 94.49 रुपये पर बंद हुआ। जबकि, 21 अगस्त को रुपया 95.38 रुपये पर बंद हुआ था। इस हफ़्ते के दौरान,घरेलू मुद्रा 95.48 रुपये से 94.27 रुपये के दायरे में कारोबार करती रही।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल, Network18 ग्रुप का हिस्सा है। Network18 को इंडिपेंडेंट मीडिया ट्रस्ट कंट्रोल करता है, और रिलायंस इंडस्ट्रीज इसकी एकमात्र बेनिफिशियरी है।)

 

Senior Citizen FD: 8.5% ब्याज देने वाले बैंक कौन से हैं? रिटायरमेंट के बाद 20 लाख फिक्स करने पर समझिए इंट्रेस्ट इनकम का पूरा कैलकुलेशन

Senior Citizen FD Calculator: अपनी गाढ़ी कमाई को बिना किसी जोखिम के सुरक्षित रखने और रिटायरमेंट के बाद रेग्युलर इनकम के लिए वरिष्ठ नागरिकों के बीच फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) हमेशा से सबसे भरोसेमंद विकल्प रहा है। इस समय सीनियर सिटीजंस के लिए बैंकों में एफडी पर काफी आकर्षक ब्याज दरें मिल रही हैं। खासकर स्मॉल फाइनेंस बैंक वरिष्ठ नागरिकों को एफडी पर 8.50 फीसदी प्रति वर्ष तक का अधिकतम ब्याज ऑफर कर रहे हैं।

वरिष्ठ नागरिकों के लिए ब्याज दर में जरा सा भी अंतर कुल रिटर्न पर बड़ा असर डालता है। खासकर तब जब आप अपनी रिटायरमेंट की एक बड़ी राशि निवेश कर रहे हों। सही बैंक और सही मैच्योरिटी का चुनाव कर आप बिना बड़ा जोखिम उठाए अपनी इंट्रेस्ट इनकम को मैक्सिमाइज कर सकते हैं। आइए जानते हैं कौन सा बैंक सीनियर सिटिजंस को FD पर कितना इंट्रेस्ट ऑफर कर रहा है।

स्मॉल फाइनेंस बैंक वरिष्ठ नागरिकों को सबसे ज्यादा ब्याज दरें ऑफर कर रहे हैं:

इक्विटास स्मॉल फाइनेंस बैंक: 8.50 प्रतिशत तक ब्याज।

ईएसएएफ स्मॉल फाइनेंस बैंक: 8.50 प्रतिशत तक ब्याज।

सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक: 8.50 प्रतिशत तक ब्याज।

जना स्मॉल फाइनेंस बैंक: 8.30 प्रतिशत तक ब्याज।

उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक: 8.30 प्रतिशत तक ब्याज।

शिवालिक स्मॉल फाइनेंस बैंक: 8.25 प्रतिशत तक ब्याज।

उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक: 8.25 प्रतिशत तक ब्याज।

जानिए प्राइवेट सेक्टर बैंक में क्या हैं दरें?

निजी क्षेत्र के बैंक वरिष्ठ नागरिकों को नीचे दी गईं ब्याज दरें ऑफर कर रहे हैं:

डीसीबी बैंक: 8.00 प्रतिशत तक ब्याज।

बंधन बैंक: 7.95 प्रतिशत तक ब्याज।

एसबीएम बैंक इंडिया: 7.80 प्रतिशत तक ब्याज।

इंडसइंड बैंक: 7.75 प्रतिशत तक ब्याज।

एक्सिस बैंक: 7.25 प्रतिशत तक ब्याज।

एचडीएफसी बैंक: 7.10 प्रतिशत तक ब्याज।

आईसीआईसीआई बैंक: 7.10 प्रतिशत तक ब्याज।

आईडीबीआई बैंक: 7.00 प्रतिशत तक ब्याज।

पब्लिक सेक्टर बैंक: सरकारी बैंकों में कितना ब्याज?

देश के प्रमुख सरकारी बैंकों में वरिष्ठ नागरिकों को मिलने वाली ब्याज दरों की जानकारी यहां नीचे दी गई है-

बैंक ऑफ इंडिया: 7.45 प्रतिशत तक ब्याज।

पंजाब एंड सिंध बैंक: 7.35 प्रतिशत तक ब्याज।

बैंक ऑफ बड़ौदा: 7.25 प्रतिशत तक ब्याज।

सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया: 7.25 प्रतिशत तक ब्याज।

बैंक ऑफ महाराष्ट्र: 7.15 प्रतिशत तक ब्याज।

इंडियन बैंक: 7.15 प्रतिशत तक ब्याज।

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया: 7.05 प्रतिशत तक ब्याज।

यूनियन बैंक ऑफ इंडिया: 7.05 प्रतिशत तक ब्याज।

विदेशी बैंक दे रहे इतना ब्याज

स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक: 7.10 प्रतिशत तक ब्याज।

ड्यूश बैंक: 7.00 प्रतिशत तक ब्याज।

एचएसबीसी बैंक: 6.00 प्रतिशत तक ब्याज।

8.5% ब्याज पर 20 लाख की FD से कितनी होगी कमाई?

अगर कोई वरिष्ठ नागरिक अपने रिटायरमेंट फंड से 20 लाख रुपये की राशि 8.50% इंट्रेस्ट रेट पर FD में फिक्स करता है तो उसकी इंट्रेस्ट इनकम एक साल में 1 लाख 70 हजार रुपये होगी। यानी इसे मंथली देखें तो ये करीब 14 हजार रुपये के आसपास होगी। इसी कैलकुलेशन से 3 साल की कुल ब्याज आय 5 लाख 10 हजार और 5 साल की कुल ब्याज आए 8 लाख 50 हजार बैठती है। (नोट: अगर बैंक में ब्याज का रीइन्वेस्टमेंट या तिमाही आधार पर कम्पाउंडिंग होती है तो इंट्रेस्ट से कुल इनकम इससे भी अधिक हो सकती है।)

एक्सपर्ट्स की सलाह: कैसे बनाएं सही रणनीति?

विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि सीनियर सिटिजंस को अपना पूरा डिपॉजिट एक ही बैंक में रखने के बजाय कई बैंकों में बांटकर रखना चाहिए ताकि 5 लाख रुपये तक के बैंक डिपॉजिट इंश्योरेंस कवर के दायरे में सुरक्षित रहा जा सके। इसके साथ ही, ज्यादा रिटर्न के लिए स्मॉल फाइनेंस बैंकों का इस्तेमाल समझदारी से करना चाहिए और एफडी की अवधि का चुनाव अपनी लिक्विडिटी जरूरतों को ध्यान में रखकर ही करना चाहिए।

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

अगले 1 महीने में बैंक निफ्टी में आ सकती है 5000 अंकों की तेजी, अगले 12 महीने में डबल हो सकता है सीएनएक्स आईटी

बाजार पर अपनी राय साझा करते हुए केडियानॉमिक्स के फाउंडर सुशील केडिया ने कहा कि बाजार में इस समय पैसा बनाने का टाइम आ गया है। स्वर्ग जाने का रास्ता नरक जैसा दिखता है और नर्क में जाने का रास्ता स्वर्ग जैसा दिखता है। लोग जब शेयर बाजार में सबसे ज्यादा खुश होते हैं तो नर्क की शुरुआत वहीं होती है। अभी जो लोगों के मन में नर्क जैसे हालात बने हुए यही मार्केट का बॉटम है। अब यहीं से स्वर्ग जाने का रास्ता खुलेगा। एक बात ध्यान में रखें की रुपया-डॉलर और भारतीय बाजार का संबंध बड़ा विचित्र सा है।

लॉन्ग रन में डॉलर के मुकाबले भारत की करेंसी कमजोर होती रही है और शेयर मार्केट बढ़ता रहा है। इस गिरावट में रुपया जब भी मजबूत होता है। बाजार बढ़ जाता है। जब भी रुपए में 10% की गिरावट आई है। मार्केट में -5% से लेके प्लस 5% तक का रिटर्न मिला है। लेकिन जब रुपया 10% मजबूत होता है तो निफ्टी में 20 से 25% तक की तेजी देखने को मिली है। अब डॉलर टूटने को कगार पर है। ऐसे में आगे हमारे बाजारों को रुपए में मजबूती का फायदा मिलेगा।

ग्लोबल मार्केट पर नजर डालें तो अब बाजार में तेजी का माहौल बन गया है। लेकिन अभी बाजार में अभी टुकड़े-टुकड़े में खेलना होगा। पर अब वो हालात बन गए हैं जिसमें अच्छी कमाई हो सकती है।

उन्होंने आगे कहा कि इस समय बैंक निफ्टी की दिशा ज्यादा साफ दिख रही है। अगले कुछ ही दिनों में निफ्टी की स्थिति भी साफ हो सकती है। लेकिन अभी के लिए कहा जा सकता है कि एक से सवा महीनें में बैंक निफ्टी में 5000 अंकों की तेजी आ सकती है।

अदाणी ग्रुप के शेयरों पर बात करते हुए सुशील केडिया ने कहा कि अदाणी एंटरप्राइज और अदाणी पोर्ट पर उनकी शॉर्ट करने की सलाह होगी। वहीं, अदाणी पावर और एनडीटीवी में लॉन्ग बेट है। इनमें बने रहने की सलाह होगी। बजाज ऑटो में भी अब शॉर्ट करने के मौके बन रहे है। बैंक शेयरों पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि एचडीएफसी बैंक, एक्सिस बैंक, एयू बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा आगे धमाका कर सकते हैं। वहीं, एसबीआई और कोटक बैंक नखरे दिखा सकते हैं।

हिंन्दुस्तान यूनीलीवर और टाटा कंज्यूमर यहां से 50-60 फीसदी की तेजी देखने को मिल सकती है। एशियन पेंट्स भी अच्छे करेक्शन के बाद अब भागने को तैयार है। इसमें 30 फीसदी तक की रैली देखने को मिल सकती है।

उन्होंने आगे कहा कि अगर हम पिछले 30 साल का इतिहास देखें तो पता चलता है कि जब भी रूपया-डॉलर मजबूत होता है तो सबसे ज्यादा रिटर्न एफएमसीजी और आईटी ही देते हैं। अगर मार्केट में तेजी आती है तो सबसे पहले इन्ही सेक्टर्स के शेयर भागेंगे। अगर कोई टीसीएस को 3 साल के नजरिए से खरीदे तो इसमें 7000 रुपए का भाव देखने को मिल सकता है। ट्रेंडिंग के नजरिए से भी इसमें 3200-3300 रुपए का भाव मिल सकता है। इस समय सारे ही आईटी शेयर अच्छे लग रहे हैं। अगर कोई सेक्टोरल इंडेक्स है जो अगले 12 महीनों में डबल हो सकता है तो वह है सीएनएक्स आईटी ही है।

 

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