Market Outlook : बढ़त के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 28 सितंबर को कैसी रह सकती है इसकी चाल

Market Outlook : भारतीय बाजार आज बढ़त लेकर बंद हुए हैं। CAS के बाद सेंसेक्स 300 से ज़्यादा अंक ऊपर बंद हुआ है। वहीं, निफ्टी 23,150 के करीब क्लोज हुआ है। क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) के बाद सेंसेक्स 315 अंक बढ़कर 73,895.74 पर बंद हुआ है। जबकि निफ्टी 77 अंक चढ़कर 23,140.50 पर सेटल हुआ है। प्री-CAS क्लोजिंग के मुकाबले, सेंसेक्स में लगभग 14 अंकों और निफ्टी में लगभग 12 अंकों की बढ़त देखी गई। निफ्टी ऑटो इंडेक्स में 0.89 प्रतिशत और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में 0.88 प्रतिशत की बढ़त हुई। जबकि रियल्टी में 0.76 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। प्राइवेट बैंक में 0.45 प्रतिशत और मेटल्स में 0.35 प्रतिशत की बढ़त हुई।

निफ्टी मीडिया इंडेक्स 0.23 प्रतिशत गिरा, जबकि ऑयल एंड गैस में 0.18 प्रतिशत और IT में 0.17 प्रतिशत की गिरावट आई। फार्मा भी 0.15 प्रतिशत नीचे बंद हुआ। ब्रॉडर मार्केट का प्रदर्शन बेंचमार्क के मुकाबले कमजोर रहा। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 84 अंक गिरकर 60,906 पर बंद हुआ। निफ्टी और सेंसेक्स के बढ़त के साथ बंद होने के बावजूद, यह इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुआ।

बैंक निफ्टी 142 अंक बढ़कर 55,580 पर पहुंच गया। इसमें कुछ खास फाइनेंशियल शेयरों में खरीदारी देखी गई। एक्सिस बैंक और बजाज फाइनेंस निफ्टी में सबसे ज़्यादा बढ़त वाले शेयरों में शामिल रहे।

SEBI रजिस्टर्ड ऑनलाइन ट्रेडिंग और वेल्थ टेक फर्म, ‘एनरिच मनी’ के CEO पोनमुडी आर ने कहा कि पिछले सेशन में आई भारी गिरावट के बाद निफ्टी में काफी टेक्निकल दबाव बना हुआ है और इसका ओवरऑल स्ट्रक्चर भी काफी कमजोर है। ऊपर की ओर, 23,200–23,300 का लेवल तत्काल रेजिस्टेंस ज़ोन का काम कर सकता है। अगर यह लगातार 23,300 के ऊपर क्लोज होता है तो 23,400–23,500 की तरफ थोड़ी राहत की रैली दिख सकती है, लेकिन जब तक यह जोन मजबूती से वापस हासिल नहीं हो जाता, तब तक किसी भी उछाल पर फिर से बिकवाली देखने को मिल सकती है।

नीचे की तरफ 23,000 का लेवल एक अहम साइकोलॉजिकल सपोर्ट है जिस पर नजर रखनी होगी। ऑप्शन डेटा से भी इसकी पुष्टि होती है, क्योंकि 23,000 के आसपास भारी ‘पुट OI’ जमा है, जो इसे शॉर्ट-टर्म स्ट्रक्चर के लिए एक अहम लेवल बनाता है। अगर यह लेवल निर्णायक रूप से टूटता है, तो बिकवाली तेज़ हो सकती है और 22,900–22,800 के लेवल तक जाने का रास्ता खुल सकता है। कुल मिलाकर, बाजार का शॉर्ट-टर्म सेटअप ‘बेयरिश’ बना हुआ है। हालांकि ओवरसोल्ड पोजीशन से बीच-बीच में थोड़ी राहत वाली तेजी (रिलीफ रैली) आ सकती है, लेकिन लगातार रिकवरी के लिए इंडेक्स को पहले 23,300 और उसके बाद 23,500 के स्तर को फिर से हासिल करना होगा।

PL कैपिटल में एडवाइजरी और डीलिंग के चीफ बिजनेस ऑफिसर विक्रम कसाट ने कहा कि गुरुवार को हुई भारी बिकवाली के बाद आज भारतीय इक्विटी मार्केट में थोड़ी रिकवरी दिखी। दोपहर के कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी 73,600 और 23,050 के लेवल के आसपास ट्रेड कर रहे थे। यह रिकवरी रिस्क लेने की इच्छा में किसी बड़े सुधार के बजाय कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और चुनिंदा शेयरों में वैल्यू बाइंग की वजह से आई है। ब्रेंट क्रूड की कीमत अभी भी $106 प्रति बैरल के आसपास बनी हुई है, US ट्रेजरी यील्ड 5% से ऊपर है और विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी है, इसलिए मैक्रो रिस्क अभी भी एक बड़ी चिंता का विषय बना हुआ है। लार्ज-कैप और कमजोर मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों के बीच का अंतर यह भी बताता है कि निवेशक अभी भी चुनिंदा शेयरों में ही निवेश कर रहे हैं। आगे चलकर, इस रिकवरी के टिके रहने का दारोमदार कच्चे तेल की कीमतों के स्थिर होने, ग्लोबल यील्ड में कमी आने और विदेशी निवेशकों की बिकवाली का दबाव कम होने पर निर्भर करेगा। तब तक, बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना है।

ग्लोब कैपिटल मार्केट लिमिटेड में इक्विटी रिसर्च के AVP, विपिन कुमार ने कहा कि जब तक निफ्टी क्लोजिंग बेसिस पर 23,500-23,600 के स्पॉट ज़ोन के नीचे ट्रेड करता रहेगा, तब तक चार्ट का स्ट्रक्चर नेगेटिव बना रहेगा। निफ्टी के लिए प्राइस सपोर्ट 23,100-23,000 के लेवल के आसपास है। उन्होंने आगे कहा कि इस ज़ोन के नीचे की क्लोजिंग को नेगेटिव माना जाएगा। ऐसा होने पर निफ्टी निकट भविष्य में 22,500-22,400 की ओर जा सकता है।

सावधानी भरा नजरिया बनाए रखते हुए एक्सिस डायरेक्ट में डेरिवेटिव्स और टेक्निकल रिसर्च के सीनियर रिसर्च एनालिस्ट, हेमांग गौर ने कहा कि निफ्टी के लिए सबसे करीबी सपोर्ट 23,000 पर है और अगर यह टूटता है तो यह 22,800-22,850 की ओर गिर सकता है। वहीं, ऊपर की ओर 23,150 के पार जाने पर पुलबैक 23,250-23,300 तक बढ़ सकता है। कच्चे तेल की कीमतों और बॉन्ड यील्ड में लगातार कमी आने से मार्केट को खोई हुई बढ़त वापस पाने में मदद मिल सकती है।

 

 

OFSS Share Price : पैरेंट कंपनी ओरेकल द्वारा ‘फोर्स मेज्योर’ लागू करने से OFSS के शेयर 4% टूटे, जानिए क्या है पूरा मामला

 

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Global Market :एशिया बाजारों में मिला-जुला कारोबार, जापान 1% ऊपर, क्रूड के साथ US बॉन्ड यील्ड की टेंशन कायम

Asian Market Today: ग्लोबल संकेत कमजोर से मिले-जुले रहे। शुरुआती कारोबार में एशियाई बाजार मिले-जुले रहे। निवेशक ट्रंप-शी की बैठक, अमेरिका-ईरान के बीच जारी तनाव, तेल की ऊंची कीमतों और ग्लोबल बॉन्ड की बिकवाली पर करीबी नजर बनाए हुए हैं।

वॉल स्ट्रीट में बॉन्ड की भारी बिकवाली के दबाव के बावजूद, शुरुआती कारोबार में इस क्षेत्र के शेयरों में 0.2% से ज़्यादा की बढ़त हुई। हैंग सेंग फ्यूचर्स 0.3% गिर गया, जबकि जापान का निक्केई 1.05% चढ़ा और टोपिक्स में 1.15% की बढ़त हुई। दक्षिण कोरिया का कोस्पी लगातार दूसरे दिन ‘चूसोक’ (Chuseok) त्योहार के कारण बंद रहा। ताइवान का इंडेक्स और चीनी बाज़ार भी ‘मिड-ऑटम’ त्योहारों के कारण बंद रहे।

जापानी येन डॉलर के मुकाबले 158.78 पर काफी हद तक स्थिर रहा, और ऑफशोर युआन 6.7162 पर सपाट रहा।

इस बीच भारतीय बाजारों में हल्की शुरुआत के संकेत मिले, जिसमें GIFT निफ्टी ने नेगेटिव ज़ोन में शुरुआत का संकेत दिया। यह गुरुवार के खराब सत्र के बाद हुआ, जब निफ्टी 7 अप्रैल, 2026 के बाद अपने सबसे निचले स्तर पर आ गया था।

गुरुवार को भारतीय शेयरों पर ग्लोबल उथल-पुथल का सबसे ज़्यादा असर पड़ा, क्योंकि US बॉन्ड यील्ड में उछाल, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और डॉलर के मजबूत होने से बाज़ार नीचे आ गया। 10-साल का US ट्रेजरी यील्ड बढ़कर 5.13% हो गया, जो जुलाई 2007 के बाद सबसे ऊंचा स्तर है, जबकि US-ईरान संघर्ष को लेकर नई चिंताओं के कारण ब्रेंट क्रूड की कीमत फिर से $106 प्रति बैरल के करीब पहुंच गई।

मजबूत US डॉलर, जो 101 के पार चला गया, ने भारतीय रुपये और मेटल शेयरों पर और दबाव डाला।

IRDAI के ड्राफ्ट डिस्ट्रीब्यूशन नियमों के कारण भारी बिकवाली से बैंकिंग और इंश्योरेंस शेयरों में सबसे ज़्यादा गिरावट आई। PB फिनटेक 32% और टर्टलमिंट 20% गिर गए, जबकि एक्सिस बैंक और इंडसइंड बैंक में से प्रत्येक में लगभग 5% की गिरावट आई। मंथली एक्सपायरी से जुड़ी अस्थिरता और ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली ने गिरावट को और बढ़ा दिया।

क्रूड में दबाव

इस बीच, तेल बाजार के दबाव के पीछे एक मुख्य कारण बना रहा। ब्रेंट क्रूड लगातार दूसरे सत्र में बढ़कर $106.60 प्रति बैरल पर बंद हुआ, जिससे इस साल इसकी बढ़त 75% से ज़्यादा हो गई। हालांकि, शुक्रवार को कुछ राहत मिली क्योंकि ब्रेंट क्रूड की कीमत 0.5% गिर गई। यह गिरावट उन खबरों के बीच आई जिनमें कहा गया था कि अमेरिका और ईरान के बातचीत करने वाले एक ऐसे चरणबद्ध समझौते पर काम कर रहे हैं, जिसके तहत तेहरान ‘स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज’ को फिर से खोल देगा और बदले में वाशिंगटन ईरानी बंदरगाहों पर लगी नाकेबंदी हटा लेगा। वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड की कीमत 0.8% गिरकर $93.87 प्रति बैरल हो गई।

उम्मीद है कि आने वाले समय में बाजार तेल की कीमतों और बॉन्ड यील्ड पर ध्यान केंद्रित रखेंगे, क्योंकि स्वैप्स में अब अगले साल के दौरान US फेड द्वारा तीन बार और ‘क्वार्टर-पॉइंट’ (0.25%) की बढ़ोतरी की पूरी तरह से उम्मीद की जा रही है।

अमेरिका-ईरान संघर्ष शुरू होने के बाद से दो साल की US ट्रेजरी यील्ड में 150 बेसिस पॉइंट से ज़्यादा की बढ़ोतरी हुई है, जबकि इसी अवधि में 30 साल की यील्ड में 80 बेसिस पॉइंट से ज़्यादा की बढ़ोतरी हुई है।

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, फ्लैट हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

शेयर बाजार में 1,248 अंक की भारी गिरावट

नई दिल्ली। गुरुवार को शेयर बाजार में भारी गिरावट हुई। कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के बीच अमेरिका में सरकारी बॉन्ड पर बेहतर रिटर्न की खबरों ने निवेशकों को चिंता में डाला है। गुरुवार, 24 सितंबर को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज यानी बीएसई के 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक 1,248 अंक यानी 1.67 फीसदी गिरकर 73,581 पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 384 अंक यानी 1.64 फीसदी की गिरावट रही। ये 23,063 पर आ गया।

गुरुवार को बैंकिंग, मेटल और ऑटो शेयर्स में सबसे ज्यादा बिकवाली रही। बताया जा रहा है कि कच्चे तेल के दाम सौ डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंचने और ईरान व अमेरिका के बीच तनाव के कारण होर्मुज की खाड़ी बंद होने को लेकर चिंता से तेल की सप्लाई प्रभावित होने का डर है। सो, तेल महंगा होने से हर चीज की महंगाई बढ़ेगी। इस चिंता में शेयर बाजार लगातार टूट रहा है।

इसके अलावा अमेरिका में बॉन्ड यील्ड बढ़ने से भी निवेशकों की चिंता बढ़ा रहा है। पिछले 10 साल में अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड बढ़कर 5.11 फीसदी पर पहुंच गई है जो 2007 के बाद का उच्चतम स्तर है। गौरतलब है कि जब निवेशक बॉन्ड बेचते हैं तो बॉन्ड की कीमत घटती है और यील्ड यानी रिटर्न बढ़ जाती है। यह रिटर्न बढ़ने से डॉलर में निवेश ज्यादा आकर्षक हो जाता है, जिससे विदेशी निवेशक भारत जैसे उभरते बाजारों से पैसा निकालकर अमेरिका में लगाने लगते हैं।

दूसरी ओर बीमा नियामक संस्था आईआरडीएआई के प्रस्तावित बदलावों से बीमा कंपनियों की कमाई घट सकती है। इसका असर बीमा, बैंकिंग और फाइनेंशियल शेयरों पर दिखा। बीमा कंपनी पीबी फिनटेक करीब 10 फीसदी तक गिर गया, जबकि एक्सिस बैंक, बजाज फाइनेंस और बजाज फिनसर्व भी दबाव में रहे। भारतीय शेयर बाजार में आई तेज बिकवाली से निवेशकों की संपत्ति चार लाख करोड़ रुपए घट गई है।

Nifty और Sensex में 8 जुलाई के बाद सबसे बड़ी गिरावट, क्रूड में उछाल से सहमा बाजार

भारतीय शेयर बाजारों में 24 सितंबर को बीते 10 हफ्तों की सबसे बड़ी गिरावट आई। इसमें क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल का बड़ा हाथ है। ब्रेंट क्रूड का प्राइस गुरुवार को उछलकर 105 डॉलर प्रति बैरल के पार हो गया है। इससे दुनियाभर में महंगाई बढ़ने का खतरा बढ़ गया है। इसका असर शेयर बाजारों पर पड़ रहा है।

इंश्योरेंस डिस्ट्रिब्यूशन कंपनियों के शेयर क्रैश

सबसे ज्यादा गिरावट फाइनेंशियल खासकर इंश्योरेंस और इंश्योरेंस डिस्ट्रिब्यूशन कंपनियों के शेयरों में आई। इसकी वजह इंश्योरेंस सेक्टर के रेगुलेटर आईआरडीएआई का एक प्रस्ताव है, जिसके लागू होने पर इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स की बिक्री पर मिलने वाला कमीशन कम हो जाएगा। इसका सीधा असर बीपी फिनटेक जैसी कंपनियों की कमाई पर पड़ेगा। पीबी फिनटेक का शेयर 36 फीसदी क्रैश कर गया।

सेंसेक्स, निफ्टी में 8 जुलाई के बाद सबसे बड़ी गिरावट

निफ्टी 1.64 फीसदी यानी 383 अंक गिरकर 23,063 पर बंद हुआ। सेंसेक्स 1.67 फीसदी यानी 1,247 अंक लुढ़कर 73,580 अंक पर क्लोज हुआ। दोनों ही सूचकांकों में 8 जुलाई के बाद एक दिन की सबसे बड़ी गिरावट आई। ब्रेंट क्रूड 2.4 फीसदी चढ़कर 105 डॉलर के पार जाने की वजह ईरान के राष्ट्रपति पेजेश्कियान का संयुक्त राष्ट्र की आम सभा में दिया गया भाषण है। 23 सितंबर को उन्होंने कहा कि ईरान अमेरिकी दबाव के आगे कभी नहीं झुकेगा।

क्रूड की ऊंची कीमतें बढ़ा सकती हैं महंगाई

ईरान के राष्ट्रपति के भाषण से यह साफ हो गया है कि मध्यपूर्व का संकट जल्द खत्म होने नहीं जा रहा है। हालांकि, अमेरिका और ईरान के बीच समझौते की कोशिशें जारी हैं। अगर मध्यपूर्व की यह क्राइसिस जल्द खत्म नहीं होती है तो क्रूड ऑयल की कीमत लंबे समय तक हाई बनी रह सकती है। इसका सीधा असर दुनियाभर में इनफ्लेशन पर पड़ेगा। इनफ्लेशन को काबू में करने के लिए फेडरल रिजर्व सहित दूसरे केंद्रीय बैंक इंटरेस्ट रेट बढ़ा सकते हैं। इसका असर कंपनियों के पूंजीगत निवेश पर पड़ेगा।

निफ्टी के 23500 से नीचे रहने तक बेयरिश ट्रेंड बना रहेगा

एक्सिस डायरेक्ट में सीनियर रिसर्च एनालिस्ट हेमंग गोर ने कहा, “भारत के लिए क्रूड की कीमतें काफी अहम हैं। कुछ समय तक 100 डॉलर से नीचे जाने के बाद फिर से क्रूड में उछाल दिख रहा है। इससे क्रूड की सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ी है, जिसका असर बाजार की रिकवरी पर पड़ा है।” उन्होंने कहा कि निफ्टी जब तक 23,500 से नीचे बना रहता है, मार्केट का ट्रेंड बेयरिश बना रहेगा।

इन कंपनियों के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट 

24 सितंबर को सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयरों में एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस (6.16 फीसदी), बजाज फिनसर्व (5.87 फीसदी), चोलामंडलम इनवेस्ट (5.20 फीसदी), एक्सिस बैंक (4.56 फीसदी), बजाज फिनसर्व (4.56 फीसदी), टाटा कैपिटल (3.94 फीसदी) और अदाणी एंटरप्राइजेज शामिल रहे।

हाहाकार, ₹4 लाख करोड़ स्वाहा, Sensex 1248 प्वाइंट कमजोर, Nifty 23063 पर बंद

Sensex-Nifty closes deep red: सेंसेक्स और बैंकेक्स की मंथली एक्सपायरी के दिन आज मार्केट में हाहाकार मच गया। अधिकतर एशियाई बाजारों में बिकवाली की आंच आज घरेलू स्टॉक मार्केट में भी महसूस हुई। सेंसेक्स की मंथली एक्सपायरी को आज बिकवाली की ऐसी आंधी चली कि सेंसेक्स 1264 प्वाइंट् टूट गया तो निफ्टी भी फिसलकर 23100 के नीचे आ गया और ये गहरे लाल बंद हुए। ब्रोडर लेवल पर भी मार्केट में काफी दबाव है लेकिन मिडकैप स्पेस में थोड़ी अधिक। निफ्टी मिडकैप 100 आज ढाई फीसदी से अधिक कमजोर हुआ तो निफ्टी स्मॉलकैप 100 डेढ़ फीसदी से अधिक टूटकर बंद हुआ।

सेक्टरवाइज मार्केट को आज बैंकिंग शेयरों ने बुरी तरह तोड़ दिया। प्राइवेट सेक्टर का निफ्टी इंडेक्स आज 2% से अधिक कमजोर हुआ को सरकारी बैंकों का निफ्टी इंडेक्स 1% से अधिक नीचे आया। निफ्टी मेटल करीब 2%, निफ्टी ऑटो डेढ़ फीसदी से अधिक, निफ्टी एफएमसीजी 1% से अधिक, निफ्टी रियल्टी 1% से अधिक और निफ्टी आईटी करीब आधा फीसदी कमजोर हुआ। किसी भी सेक्टर का निफ्टी इंडेक्स ग्रीन नहीं है। इस दबाव में आज BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप ₹4 लाख करोड़ से अधिक घट गई।

अब इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो आज 24 सितंबर के दिन सेंसेक्स की मंथली एक्सपायरी को सेंसेक्स (Sensex) 1,247.71 प्वाइंट्स यानी 1.67% की गिरावट के साथ 73,580.54 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 383.70 प्वाइंट्स यानी 1.64% की फिसलन के साथ 23,063.10 पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 1264.33 प्वाइंट्स टूटकर 73,563.92 और निफ्टी भी 400.65 प्वाइंट्स गिरकर 23,046.15 तक आ गया था।

निवेशकों के ₹4 लाख करोड़ स्वाहा

एक कारोबारी दिन पहले यानी 23 सितंबर 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप ₹4,85,01,353.86 करोड़ था। आज यानी 24 सितंबर 2026 को यह घटकर ₹4,80,99,180.54 करोड़ रह गया। इसका मतलब हुआ कि निवेशकों की पूंजी में आज ₹402,173.32 करोड़ की गिरावट आई है।

Sensex का सिर्फ 1 शेयर ग्रीन

सेंसेक्स पर 30 शेयर लिस्टेड हैं जिसमें आज सिर्फ 1 स्टॉक- एनटीपीसी ही ग्रीन बंद हुआ है। वहीं दूसरी तरफ दिन के आखिरी में आज बजाज फाइनेंस, एक्सिस बैंक और बजाज फिनसर्व में सबसे अधिक गिरावट रही। नीचे सेंसेक्स पर लिस्टेड सभी शेयरों के लेटेस्ट भाव और आज उतार-चढ़ाव की डिटेल्स देख सकते हैं-

 

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पांच वजहों से आज मार्केट में चली बिकवाली की आंधी

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

शुरुआती तेजी के बाद 330 अंक लुढ़का सेंसेक्स

घरेलू शेयर बाजारों में शुरुआती तेजी खोते हुए प्रमुख सूचकांक गिरावट में बंद हुए और बीएसई का सेंसेक्स 330 अंक रहा।

सेंसेक्स 42 अंक ऊपर 74,901.50 अंक पर खुला और ऊपर 75,038.93 अंक तक गया। हालांकि पहले घंटे के कारोबार के बाद बिकवाली शुरू हो गयी। अंत में यह 329.91 अंक (0.44 प्रतिशत) गिरकर 74,529.08 अंक पर रहा।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक भी 85.30 अंक यानी 0.36 प्रतिशत फिसलकर 23,329 अंक पर बंद हुआ। पिछले कारोबारी दिवस पर दोनों प्रमुख सूचकांक ऊपर रहे थे।

वृहत बाजार में भी बिकवाली हावी रही। निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक 0.01 प्रतिशत और स्मॉलकैप-100 सूचकांक 0.23 प्रतिशत फिसल गया।

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सेक्टर आधारित सूचकांकों में मीडिया, रियल्टी, धातु और रसायन समूहों में तेजी रही। वहीं, आईटी, एफएमसीजी, बैंकिंग, वित्त, ऑटो, फार्मा, स्वास्थ्य, टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद और तेल एवं गैस समूहों के सूचकांकों में गिरावट रही।

सेंसेक्स की कंपनियों में बजाज फिनसर्व का शेयर डेढ़ फीसदी से अधिक टूट गया। ट्रेंट, बजाज फाइनेंस, सन फार्मा, टीसीएस और अल्ट्राटेक सीमेंट के शेयर एक से डेढ़ फीसदी टूट गए।

भारतीय स्टेट बैंक, इंफोसिस, एलएंडटी, आईटीसी, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, हिंदुस्तान यूनीलिवर, भारती एयरटेल, एक्सिस बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, टेक महिंद्रा, रिलायंस इंडस्ट्रीज, महिंद्रा एंड महिंद्रा, पावर ग्रिड और आईसीआईसीआई बैंक के शेयर भी लाल निशान में रहे।

इटरनल का शेयर करीब दो प्रतिशत और इंडिगो का डेढ़ फीसदी से ज्यादा चढ़ा। टाइटन और टाटा स्टील में भी तेजी देखी गई।

Pic Credit : UNI

कच्चे तेल में नरमी से 564 अंक चढ़ा सेंसेक्स

Sensex

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल में नरमी से सोमवार को घरेलू शेयर बाजारों में प्रमुख सूचकांक बढ़त में रहे। बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 564.03 अंक (0.6 प्रतिशत) चढ़कर 74,858.99 अंक पर बंद हुआ। बाजार में शुरू से ही तेजी रही। दिन के दौरान यह ऊपर 74,987.40 अंक और नीचे 74,454.18 अंक तक गया।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी-50 सूचकांक का ग्राफ भी लगभग इसी तरह रहा। कारोबार की समाप्ति पर यह 67.90 अंक यानी 0.29 प्रतिशत की तेजी में 23,414.30 अंक पर रहा।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल आज करीब तीन प्रतिशत टूट गया। यह फिलहाल 101 डॉलर प्रति बैरल से नीचे है। इससे घरेलू बाजार में निवेश धारणा को समर्थन मिला।

प्रमुख सूचकांकों के विपरीत वृहत बाजार में ज्यादातर सूचकांक लाल निशान में रहे। निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक 0.02 प्रतिशत और स्मॉलकैप-100 सूचकांक 0.07 प्रतिशत टूट गया।

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सेक्टर आधारित सूचकांकों में एफएमसीजी, फार्मा, रियल्टी, स्वास्थ्य, टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद और तेल एवं गैस समूहों के शेयरों में लिवाली ज्यादा देखी गई। धातु और आईटी समूहों के सूचकांक फिसल गए।

सेंसेक्स की कंपनियों में अल्ट्राटेक सीमेंट का शेयर चार प्रतिशत से अधिक चढ़ा। एचसीएल टेक्नोलॉजीज करीब साढ़े तीन प्रतिशत और इटरनल तथा टाइटन में ढाई प्रतिशत के आसपास तेजी रही।

आईटीसी, टेक महिंद्रा, सन फार्मा, एशियन पेंट्स, एचडीएफसी बैंक, टीसीएस, ट्रेंट, एलएंडटी, बीईएल और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर एक से दो प्रतिशत तक चढ़े। इंडिगो, हिंदुस्तान यूनीलिवर, एनटीपीसी, एक्सिस बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक और आईसीआईसीआई बैंक के शेयर भी ऊपर रहे।

भारती एयरटेल का शेयर करीब दो प्रतिशत और पावरग्रिड का एक प्रतिशत से अधिक टूट गया। इंफोसिस, अडानी पोर्ट्स और टाटा स्टील में भी गिरावट रही।

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Bank Holiday: कल सोमवार को इन जगहों पर बंद रहेंगे बैंक, जानिए RBI ने क्यों दी है छुट्टी

Bank Holiday: अगर आप कल यानी सोमवार, 21 सितंबर को बैंक जाकर कोई जरूरी काम करना है, तो इससे पहले ये खबर जरूर पढ़ लें। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के बैंक हॉलिडे कैलेंडर के मुताबिक, सोमवार को कई राज्यों के बैंक बंद रहने वाले हैं। अगर आप बैंक जाकर अपना काम निपटाने का प्लान कर रहे हैं तो इससे पहले ये जान लीजिए कि आपके राज्य में बैंक खुले हैं या नहीं। आइए जानते हैं कल किन राज्यों में बैंक बंद रहने वाले हैं।

कहां-कहां बंद होंगे बैंक

सोमवार 21 सितंबर को देश के दो राज्यों में बैंक बंद रहने वाले हैं। देश के ये दो राज्य असम और केरल है। 21 सितंबर को असम में श्रीमंत शंकरदेव जन्मोत्सव और केरल में श्री नारायण गुरु समाधि दिवस के कारण बैंक शाखाएं बंद रहेंगी। RBI के मुताबिक असम के गुवाहाटी और केरल के कोच्ची और तिरुवनंतपुरम में बैंक बंद रहेंगे। इन दोनों राज्यों में सरकारी और निजी क्षेत्र के सभी प्रमुख बैंक, जैसे स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, एक्सिस बैंक, एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई जैसे कई बैंक बंद रहेंगे।

इन वजहों से होगी छुट्टी

असम में 21 सितंबर को संत और समाज सुधारक श्रीमंत शंकरदेव की जयंती मनाई जाती है। उन्होंने असम में एकशरण नामधर्म की भक्ति परंपरा को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाई थी। इस मौके पर राज्य में कई धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। वहीं, केरल में 21 सितंबर को समाज सुधारक और आध्यात्मिक गुरु श्री नारायण गुरु की समाधि दिवस मनाया जाता है। उन्होंने सामाजिक भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाई और लोगों को समानता का संदेश दिया। केरल के वर्कला में स्थित शिवगिरी मठ में उनकी समाधि है और इसी की याद में यह दिन मनाया जाता है।

बाकि जगहों पर खुलें रहेंगे बैंक

केरल और असम के इन जगहों को छोड़कर देश के बाकी राज्यों में बैंक नॉर्मल रूप से खुले रहेंगे। सोमवार, 21 सितंबर को दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, कर्नाटक, ओडिशा, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, गुजरात, मध्य प्रदेश और तेलंगाना समेत ज्यादातर राज्यों में बैंक खुले रहेंगे। इन राज्यों में बैंकिंग सेवाएं सामान्य रूप से जारी रहेंगी।

सितंबर में इन दिनों बंद रहेंगे बैंक

सितंबर में आने वाले कई दिनों तक बैंक बंद रहने वाले हैं। 21 सितंबर को श्रीमंत शंकरदेव जन्मोत्सव और श्री नारायण गुरु समाधि दिवस के कारण केरल और असम में बैंक बंद रहेंगे। 22 सितंबर को करमा पूजा के चलते रांची में बैंक बंद रहेंगे। 23 सितंबर को महाराजा हरि सिंह की जयंती के कारण जम्मू और श्रीनगर में बैंक की छुट्टी रहेगी। 25 सितंबर को इंद्रजात्रा के कारण गंगटोक में बैंक बंद रहेंगे। इसके बाद 26 सितंबर को चौथे शनिवार और 27 सितंबर को रविवार होने के कारण देशभर में बैंक शाखाएं बंद रहेंगी।

Stocks to buy: जोरदार रिटर्न के लिए इन 5 दमदार स्टॉक्स पर लगा सकते हैं दांव

शेयर बाजार के कमजोर सेंटीमेंट का खराब असर निवेशकों पर पड़ा है। खासकर नए निवेशक तो अब बाजार में एंट्री करने से घबरा रहे हैं। हालांकि, एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह निवेशक करने का सही समय है, क्योंकि कई दिग्गज शेयरों की कीमतें अट्रैक्टिव लेवल पर आ गई हैं। ब्रोकरेज फर्म सैमको सिक्योरिटीज ने खासकर नए निवेशकों के लिए कुछ खास शेयरों की लिस्ट तैयार की है। इन शेयरों में निवेश से अच्छी कमाई हो सकती है।

अदाणी एंटरप्राइजेज का शेयर लंबी रेस का घोड़ा

इस लिस्ट का पहला स्टॉक अदाणी एंटरप्राइजेज है। यह अदाणी ग्रुप की फ्लैगशिप कंपनी है। इसका मतलब है कि समूह के कई महत्वपूर्ण बिजनेसेज इस कंपनी के तहत आते हैं। यह शेयर 18 सितंबर को 1.94 फीसदी गिरकर 2,980 रुपये पर बंद हुआ। बीते छह महीनों में यह शेयर 48 फीसदी से ज्यादा चढ़ा है।

प्राइवेट बैंकों के शेयरों में तेजी लौटने का मिलेगा फायदा

एक्सिस बैंक इस लिस्ट का दूसरा स्टॉक है। यह शेयर 18 सितंबर को 0.41 फीसदी चढ़कर 1,245 रुपये पर बंद हुआ। यह देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंकों में शामिल है। बीते छह महीनों में इस शेयर ने कोई रिटर्न नहीं दिया है, क्योंकि प्राइवेट बैंकों के मुकाबले निवेशकों ने सरकारी बैंकों के शेयरों में ज्यादा दिलचस्पी दिखाई है।

बजाज ऑटो को मिलेगा फेस्टिव सीजन का फायदा 

दोपहिया और तीन-पहिया बनाने वाली दिग्गज कंपनी बजाज ऑटो इस लिस्ट की तीसरी कंपनी है। 18 सितंबर को यह शेयर 0.12 फीसदी गिरकर 11,486 रुपये पर बंद हुआ। हालांकि, बीते छह महीने में यह शेयर करीब 24 फीसदी चढ़ा है। कंपनी को त्योहारी सीजन का बड़ा फायदा मिल सकता है। देश में धनतेरस और दीवाली के मौके पर टू-व्हीलर्स और फोर-व्हीलर्स खरीदना शुभ माना जाता है।

डिफेंस स्टॉक्स में तेजी का फायदा बीईएल को मिलेगा

डिफेंस कंपनी भारत इलेक्ट्रॉनिक्स इस लिस्ट का चौथा स्टॉक है। भारत इलेक्ट्रॉनिक्स का शेयर 18 सितंबर को 397 रुपये पर बंद हुआ। बीते छह महीनों में यह शेयर 10 फीसदी से ज्यादा गिरा है। कंपनी की ऑर्डरबुक स्ट्रॉन्ग है। इसके अलावा डिफेंस पर सरकार के बढ़ते फोकस का फायदा भी कंपनी को मिलेगा।

टेलीकॉम कंपनी ने बढ़ाया वैल्यू एडेड सर्विसेज पर फोकस

दिग्गज टेलीकॉम कंपनी भारती एयरटेल भी इस लिस्ट में शामिल है। यह देश की दूसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी है। 18 सितंबर को यह शेयर हल्की कमजोरी के साथ बंद हुआ। बीते छह महीने में इस शेयर ने कोई रिटर्न नहीं दिया है। वैल्यू एडेड सर्विसेज पर बढ़ते फोकस का फायदा कंपनी को मिलेगा।

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शेयर बाजारों में लिवाली के बीच बैंकिंग सेक्टर के दबाव से सेंसेक्स 22 अंक टूटा

Share Market

घरेलू शेयर बाजारों में गुरुवार को कुल मिलाकर तेजी रही, हालांकि बैंकिंग सेक्टर में बिकवाली से बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 22 अंक नीचे बंद हुआ।

सेंसेक्स में आज दिन भर उतार-चढ़ाव रहा। यह करीब 154 अंक की गिरावट में 74,182.62 अंक पर खुला और बीच कारोबार में 74,163 अंक से 74,678 अंक के बीच रहा। अंत में गत दिवस की तुलना में 21.86 अंक (0.03 प्रतिशत) नीचे 74,314.59 अंक पर रहा। सेंसेक्स के विपरीत नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी-50 सूचकांक 53 अंक यानी 0.23 प्रतिशत चढ़कर 23,270.60 अंक पर पहुंच गया। वृहत बाजार में तेजी रही। निफ्टी-मिडकैप-50 सूचकांक 0.96 प्रतिशत और स्मॉलकैप-100 सूचकांक 0.76 प्रतिशत की बढ़त में बंद हुआ।

सेक्टर आधारित सूचकांकों में बैंकिंग और तेल एवं गैस को छोड़कर अन्य सभी समूहों में लिवाली का जोर रहा। निजी बैंकों में अधिक गिरावट रही। मीडिया, धातु, फार्मा, रियल्टी और स्वास्थ्य सेक्टरों में तेजी अधिक रही। एनएसई में जिन 3,651 कंपनियों के शेयरों में कारोबार हुआ उनमें से 2,262 कंपनियों के शेयर बढ़त में 1,279 के नुकसान में रहे। अन्य 110 कंपनियों के शेयर अंततः अपरिवर्तित बंद हुए। सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से 21 के शेयर हरे निशान में रहे। टाटा स्टील का शेयर 2.82 प्रतिशत चढ़ा। बीईएल में 2.38 प्रतिशत, इंडिगो में 2.32 और इटरनल में 2.24 प्रतिशत की तेजी रही।

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मारुति सुजुकी का शेयर 1.64 फीसदी, एशियन पेंट्स का 1.45, बजाज फिनसर्व का 1.24 और अल्ट्राटेक सीमेंट का 1.03 प्रतिशत मजबूत हुआ। ट्रेंट, बजाज फाइनेंस, एनटीपीसी, सन फार्मा, आईटीसी, अडानी पोर्ट्स, कोटक महिंद्रा बैंक और एचसीएल टेक्नोलॉजीज के शेयर भी ऊपर बंद हुए। आईसीआईसीआई बैंक का शेयर 1.30 प्रतिशत, टाइटन का 1.14 प्रतिशत और आईसीआईसीआई बैंक का प्रतिशत टूट गया। भारतीय स्टेट बैंक, भारती एयरटेल, एक्सिस बैंक, इंफोसिस और हिंदुस्तान यूनीलिवर में 0.38 प्रतिशत की गिरावट रही। वैश्विक स्तर पर एशिया में जापान का निक्केई 0.33 प्रतिशत मजबूत हुआ।

हांगकांग के हैंग सेंग में 0.44 प्रतिशत और चीन के शंघाई कंपोजिट में 0.41 प्रतिशत की गिरावट रही। यूरोपीय बाजारों में शुरुआती कारोबार में जर्मनी का डैक्स 0.55 फीसदी और ब्रिटेन का एफटीएसई 0.52 प्रतिशत मजबूत बंद हुआ।

Pic Credit : ANI