Daily Voice : अमेरिकी मध्यावधि चुनाव बाजार के लिए कर सकते हैं ट्रिगर का काम, चुनिंदा आईटी शेयरों पर रहे नजर

Daily Voice : IT शेयरों में हालिया तेजी भले ही अभी किसी टिकाऊ रिकवरी का संकेत न हो,लेकिन हर उछाल पर आईटी शेयरों में बिकवाली की एकतरफा रणनीति अपनाना भी जल्दबाजी हो सकती है। अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के नतीजे बाजारों के लिए एक ट्रिगर का काम कर सकते हैं,लेकिन इस बात की संभावना कम है कि केवल इसी वजह से बाजार में कोई बड़ी तेजी या कच्चे तेल में भारी गिरावट आएगी। ये बातें अल्फएक्यूरेट एडवाइजर्स के प्रबंध निदेशक और संस्थापक राजेश कोठारी ने मनीकंट्रोल से हुई एक बातचीत में कही हैं।

उन्होंने आगे कहा कि आईटी शेयरों में आई हालिया तेजी पॉजिटिव संकेत है लेकिन निवेशकों को अभी यह नहीं मान लेना चाहिए कि इस सेक्टर में टिकाऊ तेजी की शुरुआत हो गई है। पोर्टफोलियो में कोई बदलाव करने से पहले तेल सप्लाई की स्थिति,डॉलर,बॉन्ड यील्ड और कॉर्पोरेट अर्निंग पर नजर रखने की जरूरत है।

आईटी में तीन बातों पर नजर रखने की जरूरत

राजेश कोठारी के मुताबिक IT शेयरों में हालिया तेजी उत्साहजनक है,लेकिन इसे एक टिकाऊ तेजी मान लेने में सावधानी बरतने की जरूरत है। बड़ा सवाल यह है कि क्या यह तेजी इंडस्ट्री की अर्निंग आउटलुक से मेल खाती है या यह सिर्फ ‘ओवरसोल्ड’लेवल्स से आई खरीदारी है? हमें आईटी में तीन बातों पर नजर रखने की जरूरत है:

मांग की स्थिति: विशेष रूप से अमेरिका और यूरोप में टाले जा सकने वाला टेक्नोलॉजी खर्च (discretionary technology spending)अहम बना हुआ है। बेहतर सौदे हासिल करने का नतीजा रेवेन्यू ग्रोथ के रूप में दिखना चाहिए।

AI से बदलाव और अवसर: AI कमाई के नए स्रोत पैदा कर सकता है, लेकिन यह पारंपरिक बिलिंग मॉडल को भी बदल सकता है और कीमतों पर दबाव डाल सकता है।

वैल्यूएशन और अर्निंग आउटलुक: भारी तेजी के बाद, जिन शेयरों की कीमत उनकी कमाई की संभावनाओं से आगे निकल गई है, उनमें मुनाफावसूली (प्रॉफिट-टेकिंग) देखने को मिल सकती है।

राजेश कोठारी का मानना ​​है कि आईटी सेक्टर में तेजी आने पर हर शेयर बेच देने की रणनीति जल्दबाजी हो सकती है, लेकिन इस तेजी के पीछे भागना भी कोई समझदारी नहीं है। आईटी में उन कंपनियों को ही प्राथमिकता देनी चाहिए जिनकी ग्रोथ की संभावनाएं बेहतर हो रही हैं, जिनके ग्राहकों के साथ मजबूत संबंध हैं और जिनके पास AI से कमाई करने के ठोस मौके हैं। ऐसी कंपनियों से दूर रहने की जरूरत है जो अभी भी कमजोर मांग से जूझ रही हैं।

क्या आप कंजम्पशन सेक्टर को लेकर सतर्क हैं? कंजम्पशन डिमांड और इससे जुड़े शेयरों पर आपकी क्या राय है?

राजेश कोठारी ने कहा कि कंजम्पशन सेक्टर को लेकर पूरी तरह सतर्क रहने के बजाय,चुनिंदा रुख अपनाना पसंद करेंगे। जरूरी चीजों पर होने वाले खर्च और गैर-जरूरी (वैकल्पिक) चीजों पर होने वाले खर्च के बीच का अंतर समझना जरूरी है। कई ‘फास्ट फ्रीक्वेंसी’ डेटा इंडिकेटर कंजम्पशन ट्रेंड में सुधार दिखा रहे हैं (जैसे रिटेल क्रेडिट ग्रोथ, टू-व्हीलर की बिक्री में बढ़ोतरी, आदि)।

इस सेक्टर में ऐसी कंपनियों पर नजर रखनी चाहिए जिनके पास मजबूत ब्रांड, अच्छा डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क, कीमतों को तय करने की ताकत, अच्छी बैलेंस शीट और सही वैल्यूएशन हों। वैकल्पिक उपभोग (discretionary consumption) के सेक्टर में केवल कीमतों में बढ़ोतरी पर निर्भर रहने के बजाय, बिक्री की मात्रा (volume) में बढ़त के संकेतों पर भी नजर रखने की जरूरत है।

क्या आप आने वाले समय में ‘अल नीनो’ (El Niño) को बड़ा जोखिम मानते हैं? इसका महंगाई, ग्रामीण मांग और भारत के विकास पर क्या असर पड़ सकता है?

इसके जवाब उन्होंने कहा कि ‘अल नीनो’ एक जोखिम तो है,लेकिन इसे देखकर यह मान लेना सही नहीं होगा कि भारत के विकास का पूरा आउटलुक ही खराब हो जाएगा। कोई निष्कर्ष निकालने से पहले फसल उत्पादन, जलाशयों के जल-स्तर, खाने-पीने की चीजों की कीमतों के रुझान और ग्रामीण मांग के इंडीकेटरों पर नजर रखने की जरूरत है।

Q2FY27 में बैंकों के नतीजे कैसे रह सकते है? क्या इनके मौजूदा वैल्यूएशन अच्छे लग रहे है या इन स्तरों से आगे बढ़ने की गुंजाइश सीमित है?

इसके जवाब में राजेश कोठारी ने कहा कि बैंक शेयरों का प्रदर्शन उत्साहजनक है। ज़्यादातर बैंकों ने लोन वितरण (डिस्बर्समेंट) में अच्छी बढ़ोतरी और मज़बूत एसेट क्वालिटी की जानकारी दी है। अच्छे बैंकों में मध्यम अवधि के नजरिए निवेश के अच्छे मौके दिख रहे हैं लेकिन वैल्यूएशन के नजरिए से चुनिंदा शेयरों पर ही दांव लगाने की सलाह होगी।

ऐसे बैंकों पर फोकस करने की सलाह होगी जिनकी अर्निंग ग्रोथ को टिकाऊ कोर इनकम,अच्छी एसेट क्वालिटी और मजबूत फंडिंग फ्रेंचाइजी का सपोर्ट हासिल हो। अगले दो से तीन तिमाहियों में मार्जिन में सुधार की स्थिति कैसी रहती है, इस पर भी नजर रहनी चाहिए।

 

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डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Trading Strategy : IT, FMCG और बैंकिंग के ट्रिपल पावर के दम पर निफ्टी 24500 के पार, जानिए सोमवार के लिए क्या हो ट्रेडिंग रणनीति

Trading Strategy : लगातार आठ हफ्ते की बिकवाली के बाद इस हफ्ते निफ्टी की पॉजिटिव क्लोजिंग की उम्मीद बढ़ी है। IT, FMCG और बैंकिंग के ट्रिपल पावर के दम पर निफ्टी 24500 के पार निकल गया है। बैंक निफ्टी में भी 800 प्वाइंट का उछाल देखने को मिला है। मिडकैप शेयरों में भी जबरदस्त जोश है। INDIA VIX भी करीब 5 फीसदी की गिरावट के साथ ठंडा पड़ा है। TCS के नतीजों ने पूरे IT सेक्टर में जोश बढ़ा दिया है। आईटी इंडेक्स 2.5 फीसदी उछला है। 4 फीसदी उछाल के साथ TCS निफ्टी का टॉप गेनर बना है। वहीं एम्फैसिस, LTM, विप्रो, कोफोर्ज और पर्सिस्टेंट में भी जोरदार तेजी देखने को मिल रही है।

GST के तहत इनपुट टैक्स क्रेडिट का दायरा बढ़ने से FMCG शेयरों में रौनक है। यह इंडेक्स दो फीसदी से ज्यादा चढ़ा है। ITC और कोलगेट करीब पांच फीसदी उछाल के साथ वायदा के टॉप गेनर्स में शामिल हैं। वहीं ऑटो, प्राइवेट बैंक, NBFCs में भी अच्छी तेजी देखने को मिल रही है। हॉस्पिटल शेयरों में भी तेज रफ्तार देखने को मिल रही है। मैक्स हेल्थ और अपोलो हॉस्पिटल करीब 4 फीसदी चढ़कर निफ्टी के टॉप गेनर्स में शुमार हैं। उधर फोर्टिस और KIMS में भी फुल जोश है। सिर्फ NON-SCHEDULED कैंसर दवाओं के मार्जिन पर सख्ती के संकेत से इनमें जोश है।

कल वायदा में शामिल कंपनी डीमार्ट के नतीजे आएंगे। इसके मुनाफे में 16.5% का उछाल दिख सकता है। लेकिन मार्जिन कमजोर रहने का अनुमान है। इधर सोमवार को HCL टेक के नतीजे आएंगे। इसकी CC रेवेन्यू ग्रोथ 2.5% रहनी संभव है। मार्जिन में भी सुधार दिख सकता है।

बाजार: शानदार रैली

बाजार के आगे के ट्रेंड पर अपनी राय साझा करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि निफ्टी ने कल की बड़ी गिरावट के बाद आज शानदार रिकवरी दी। निफ्टी ने अब तक 22,200 को निर्णायक रूप से नहीं तोड़ा है। कल क्लोजिंग में हमने शॉर्ट कवर करने का नजरिया रखा था। आज निफ्टी IT और निफ्टी बैंक दोनों से शानदार सपोर्ट मिला और निफ्टी ने 22,421 का बड़ा रजिस्टेंस क्रॉस किया। मिड और स्मॉल कैप शेयरों में भी तेजी लौटी। एंटी AI ट्रेड पूरी तरह से आज प्ले हुई है। IT ऊपर और पावर इक्विपमेंट शेयर नीचे आए। बड़ा सवाल ये है कि क्या ये रैली टिकेगी या फिर से फेल होगी?

बाजार: अब क्या?

बाजार में एक टेम्पलेट चल रही है। हर बड़ी गिरावट के बाद एक शार्प रिकवरी। हर बार ये रिकवरी 10 DEMA पर फेल होती है। एक अच्छी बात यह है कि बैंक निफ्टी अब 20 DEMA के ऊपर आने की कोशिश कर रहा है। ऐसे में अगर बैंक निफ्टी 55,500 के ऊपर आया तो बड़ा पॉजिटिव होगा। निफ्टी का बड़ा ट्रेंड 23,200 के ऊपर ही बदलेगा। तब तक रैली ट्रेड करने लायक रहेगी, लेकिन फेल होने का रिस्क रहेगा। रुपये में अभी तक बड़ी रिकवरी के संकेत नहीं हैं। ऐसे में इस रैली के फिर फेल हो इसका रिस्क रहेगा।

निफ्टी-बैंक निफ्टी पर स्ट्रैटेजी

अनुज सिंघल का कहना है कि निफ्टी के लिए 22,400-22,450 पर पहला सपोर्ट और 22,300-22,350 पर बड़ा सपोर्ट है। इसके लिए 22,550-22,600 पर रेजिस्टेंस है। वहीं, बैंक निफ्टी के लिए 54,800-55,000 पर सपोर्ट और 55,500-55,800 पर रेजिस्टेंस है।

 

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डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

इस प्राइवेट बैंक के शेयर में आ सकती है तूफानी तेजी, एनालिस्ट ने बताया टॉप पिक

एलारा सिक्योरिटीज ने आईसीआआईसीआई बैंक को अपनी टॉप पिक बताया है। यह देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंकों में से एक है। आईसीआईसीआई बैंक का शेयर 1 अक्तूबर को 2 बजे 0.64 फीसदी गिरकर 1,313.30 रुपये पर चल रहा था। बैंक निफ्टी पर भी दबाव दिखा। यह 0.64 फीसदी नीचे था।

करेक्शन के बाद वैल्यूएशन अट्रैक्टिव लेवल पर

Elara Securities का मानना है कि हालिया गिरावट के बाद ICICI Bank की वैल्यूएशन अट्रैक्टिव लेवल पर आ गई है। ब्रोकरेज फर्म के हेड ऑफ रिसर्च बिनो पतिपरामपिल ने कहा कि बैंकिंग सेक्टर में अभी कम रिस्क के साथ स्ट्रॉन्ग ग्रोथ की संभावना दिख रही है। उन्होंने कहा कि अगर अभी निवेश के लिए किसी सेक्टर का चुनाव करना हो तो बैंक सेक्टर को चुना जा सकता है।

प्राइवेट बैंकों के शेयरों में आ सकती है बड़ी तेजी

उन्होंने कहा, “आईसीआईसीआई बैंक टॉप चॉइस बना हुआ है।” अच्छी क्रेडिट ग्रोथ, क्रेडिट की स्ट्रॉन्ग डिमांड और बेहतर एसेट क्वालिटी के बावजूद बीते एक साल में प्राइवेट बैंकों के शेयरों का प्रदर्शन सरकारी बैंकों के मुकाबले कमजोर रहा है। बीते एक साल में निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स 4.72 फीसदी चढ़ा है, जबकि निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स 0.98 फीसदी चढ़ा है।

पीएसयू बैंकों के मुकाबले प्राइवेट बैंक शेयरों का प्रदर्शन कमजोर

मार्केट में रिकवरी शुरू होने पर प्राइवेट बैंकों के शेयरों में अच्छी तेजी दिख सकती है। आईसीआईसीआई बैंक सहित कई बड़े प्राइवेट बैंकों के शेयरों का प्रदर्शन बीते एक साल में कमजोर रहा है। इस दौरान आईसीआईसीआई बैंक का शेयर 4.34 फीसदी गिरा है। एचडीएफसी बैंक का शेयर बीते एक साल में करीब 26 फीसदी टूटा है।

जून तिमाही में ICICI Bank का अच्छा प्रदर्शन 

जून तिमाही में आईसीआईसीआई बैंक का प्रदर्शन अच्छा रहा। इस दौरान बैंक का नेट प्रॉफिट 14800 करोड़ रुपये रहा। यह एनालिस्ट्स की उम्मीद से ज्यादा था। बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) 12.7 फीसदी गिरकर 24300 करोड़ रुपये रही। घरेलू लोन की ग्रोथ 19 फीसदी से ज्यादा रही। नेट इंटरेस्ट मार्जिन भी बढ़कर 4.36 फीसदी रहा। बैड लोन के लिए बैंक की प्रोविजनिंग में काफी कमी देखने को मिली।

बाजार में 1 अक्टूबर को भी बड़ी गिरावट 

1 अक्तूबर को शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों पर दबाव दिखा। निफ्टी 1.71 फीसदी यानी 385 अंक गिरकर 22,232 पर चल रहा था। सेंसेक्स 1.58 फीसदी यानी 1137 अंक गिरकर 71,334 पर चल रहा था। बैंक शेयरों पर भी दबाव दिखा। भारतीय शेयर बाजार का सेंटिमेंट काफी कमजोर है। बाजार के प्रमुख सूचकांक अहम सपोर्ट लेवल को तोड़ चुके हैं।

कंडोम बनाने वाली इस कंपनी का शेयर बना रॉकेट, एक साल में पैसा 7 गुना किया

कंडोम बनाने वाली कंपनी क्यूपिड के शेयर में 30 सितंबर को जबर्दस्त तेजी दिखी। यह शेयर 1:45 बजे 8.07 फीसदी चढ़कर 311.45 रुपये पर चल रहा था। 29 सितंबर को भी इस शेयर में तूफानी तेजी आई थी। सिर्फ दो दिन में यह शेयर करीब 17 फीसदी चढ़ा है। इससे 30 सितंबर को इसका प्राइस रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया।

शेयर ने निवेशकों को किया मालामाल

Cupid के शेयर ने एक साल में निवेशकों का पैसा 7 गुना से ज्यादा किया है। 30 सितंबर, 2025 को इस शेयर का प्राइस 42 रुपये था। अभी प्राइस 311 रुपये चल रहा है। कंपनी के शेयरों में तेजी की कई वजहें हैं। कंपनी की ऑर्डर बुक स्ट्रॉन्ग है। इसका वित्तीय प्रदर्शन शानदार रहा है।

जून तिमाही में शानदार प्रदर्शन 

इस वित्त वर्ष की जून तिमाही में कंपनी का प्रॉफिट साल दर साल आधार पर 194 फीसदी बढ़कर 44.15 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में यह 15.01 करोड़ रुपये था। कंपनी की कुल इनकम भी साल दर साल आधार पर 142 फीसदी बढ़कर 156.98 करोड़ रुपये रही। EBITDA साल दर साल आधार पर 265 फीसदी बढ़कर 60 करोड़ रुपये रहा। कंपनी का EBITDA मार्जिन भी बढ़कर 39 फीसदी रहा।

प्रमोटर ने कंपनी में बढ़ाई हिस्सेदारी 

हाल में क्यूपिड के चेयरमैन एवं मैनेजिंड डायरेक्टर आदित्य कुमार हलवसिया ने कंपनी में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है। उन्होंने ओपन मार्केट से कंपनी के 5,90,304 शेयर खरीदे। इससे कंपनी में उनकी हिस्सेदारी बढ़कर 34.71 फीसदी पहुंच गई है। कंपनी में प्रमोटर और प्रमोटर ग्रुप की हिस्सेदारी बढ़कर 47.66 फीसदी हो गई। प्रमोटर के अपनी कंपनी में हिस्सेदारी बढ़ाने को पॉजिटिव माना जाता है।

कंपनी 100 से ज्यादा देशों में एक्सपोर्ट करती है

यह कंपनी पुरुषों के लिए कंडोम, महिलाओं के लिए कंडोम, ल्यूब्रिकेंट्स और डायग्नॉस्टिक किट्स सहित कई तरह के प्रोडक्ट्स बनाती है। यह महाराष्ट्र की कंपनी है। यह 100 से ज्यादा देशों में अपने प्रोडक्ट्स का निर्यात करती है। कंपनी की ऑर्डर बुक काफी स्ट्रॉन्ग है। इस वजह से कंपनी ने FY27 के रेवेन्यू गाइडेंस को बढ़ाकर 750 करोड़ और प्रॉफिट गाइडेंस को बढ़ाकर 225 करोड़ किया है।

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शेयर बाजारों के प्रमुख सूचकांकों में रिकवरी

30 सितंबर को शेयर बाजारों में रिकवरी दिखी। निफ्टी 0.05 फीसदी यानी 11 अंक चढ़कर 22,726 पर चल रहा था। सेंसेक्स में 257 अंक का उछाल दिखा। इससे यह 72,799 पर पहुंच गया। बैंक शेयरों में अच्छी तेजी दिखी। इससे बैंक निफ्टी करीब 1.40 फीसदी ऊपर चल रहा था।

हाई क्वालिटी बैंक स्टॉक्स में निवेश से होगी अच्छी कमाई, अल्फा कैपिटल के मुकेश जिंदल की सलाह

शेयर बाजारों पर पिछले कुछ महीनों से लगातार दबाव बना हुआ है। सवाल है कि इस दबाव के बीच कहां निवेश करने पर होगी कमाई? इस सवाल का जवाब अल्फा कैपिटल के सीनियर पार्टनर मुकेश जिंदल ने दिया। उनका कहना है कि अभी हाई क्वालिटी बैंक शेयरों में निवेश का बड़ा मौका है। उन्होंने इसके पीछ की वजह भी बताई।

बैंकों की सेहत लंबे समय बाद इतनी अच्छी

जिंदल ने कहा कि क्रेडिट ग्रोथ स्ट्रॉन्ग है। एसेट क्वालिटी लंबे समय बात इतनी अच्छी है। बैंक निफ्टी अभी काफी सही लेवल पर है। उन्होंने कहा कि इनवेस्टर्स को अपना पैसा उन बैंकों के शेयरों में लगाना चाहिए, जिनका डिपॉजिट लेवल अच्छा है और बुक क्लीन है। पूरे बैंकिंग सेक्टर की सेहत काफी अच्छी दिख रही है। हालांकि, बीते एक साल में प्राइवेट बैंकों के शेयरों में पीएसयू बैंकों के मुकाबले कम तेजी दिखी है।

 टेलीकॉम सहित ये सेक्टर्स भी अट्रैक्टिव

उन्होंने टेलीकॉम को निवेश के लिए दूसरा अट्रैक्टिव सेक्टर बताया। उन्होंने कहा कि अब फोकस सब्सक्राइबर्स बढ़ाने की जगह मौजूदा सब्सक्राइबर्स से कमाई बढ़ाने पर है। इसके अलावा डिफेंस और इंफ्रास्ट्रक्चर में भी निवेश के मौके दिख रहे हैं। इन सेक्टर्स में पूंजीगत खर्च बढ़ रहा है। शेयर बाजारों में आई गिरावट के बाद यह पोर्टफोलियो की क्वालिटी बढ़ाने का सही मौका है।

जीएसटी में राहत के बाद बढ़ेगी इंश्योरेंस में दिलचस्पी

क्या बैंकिंग और इंश्योरेंस सेक्टर में निवेश का मौका है? इस सवाल के जवाब में जिंदल ने कहा कि उनका दोनों सेक्टर पर पॉजिटिव नजरिया है, लेकिन उन्हें बैंक ज्यादा अट्रैक्टिव लग रहे हैं। बैंकों के शेयर सस्ते लग रहे हैं। हालांकि, इंश्योरेंस एक लंबी स्टोरी है। इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स की पहुंच अभी आबादी के सीमित हिस्से तक है। जीएसटी से राहत मिलने के बाद इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स में दिलचस्पी बढ़ेगी।

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क्रूड 100 डॉलर से ऊपर रहने पर बढ़ सकती है मुश्किल

क्या इनफ्लेशन मुश्किल बढ़ा सकता है? इसके जवाब में उन्होंने कहा कि क्रूड ऑयल में उछाल से इनफ्लेशन बढ़ रहा है। क्रूड के 100 डॉलर प्रति बैरल के पार बने रहने पर अगर पेट्रोल, डीजल की कीमतें बढ़ाई जाती हैं और फ्रेट महंगा होता है तो रिटेल इनफ्लेशन 5 फीसदी या इससे ऊपर जा सकता है। हालांकि, क्रूड के फिर से 100 डॉलर के पार जाने के बाद भी पेट्रोल और डीजल की कीमतें नहीं बढ़ी हैं।

Market This Week : इस हफ्ते 2% टूटे सेंसेक्स-निफ्टी,जानिए अगले हफ्ते कैसी रह सकती है इनकी चाल

Market This Week : 11 सितंबर को मेटल,रियल्टी और PSU बैंक शेयरों में बिकवाली के बीच,उतार-चढ़ाव भरे सेशन में भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स दिन के निचले स्तर से तेजी से सुधरे और मामूली गिरावट के साथ बंद हुए। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के चलते ब्रेंट क्रूड का भाव बढ़कर लगभग $109 प्रति बैरल पर आ गया, जिससे मार्केट गैप-डाउन खुला और ज्यादातर समय नेगेटिव जोन में रहा। निफ्टी ने 23,231.40 का इंट्राडे लो बनाया,जबकि सेंसेक्स 740 अंक तक गिर गया। हालांकि, बाद में क्रूड ऑयल की कीमतों में नरमी से बिकवाली का दबाव कम हुआ,जिससे इंडेक्स दिन के निचले स्तर से रिकवर हुए और मामूली नुकसान के साथ बंद हुए।

कारोबार के अंत में सेंसेक्स 120.83 अंक या 0.16 प्रतिशत गिरकर 74,781.76 पर और निफ्टी 79.70 अंक या 0.34 प्रतिशत गिरकर 23,398.10 पर बंद हुआ। वीकली बेसिस पर देखें तो इस हफ्ते BSE सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में 2% की गिरावट आई।

बाजार की वीकली चाल पर एक नजर

कोटक सिक्योरिटीज में VP टेक्निकल रिसर्च, अमोल अठावले का कहना है कि आज खत्म हुए हफ्ते में बेंचमार्क इंडेक्स में तेज गिरावट आई। निफ़्टी लगभग 2 प्रतिशत नीचे बंद हुआ,जबकि सेंसेक्स 1,700 अंक गिर गया। सेक्टरों की बात करें तो लगभग सभी अहम सेक्टर इंडेक्स में ऊपरी स्तरों पर प्रॉफिट बुकिंग रही। लेकिन रियल्टी और IT इंडेक्स को सबसे अधिक नुकसान हुआ। रियल्टी 6.50 प्रतिशत और IT 5.75 प्रतिशत नीचे गिर कर बंद हुए।

इस हफ्ते मार्केट ने 23,800/76,000 के अहम सपोर्ट जोन को तोड़ा और इसके बाद बिकवाली का दबाव बढ़ गया। टेक्निकल तौर पर डेली और इंट्राडे चार्ट पर मार्केट लोअर हाई और लोअर लो का पैटर्न दिखा रहा है और वीकली चार्ट पर एक लंबी बेयरिश कैंडल बनी है,जो काफी हद तक नेगेटिव संकेत है।

अगले हफ्ते कैसा रह सकता है बाजार?

अमोल अठावले का मानना ​​है कि शॉर्ट-टर्म के लिए मार्केट का ट्रेंड कमजोर है,लेकिन ओवरसोल्ड लेवल से संकेत मिलता है कि मौजूदा लेवल से एक पुलबैक रैली की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है। ट्रेडर्स के लिए,तत्काल सपोर्ट जोन 23,200/74,200 के आसपास है। अगर मार्केट इस लेवल से ऊपर ट्रेड करने में कामयाब रहता है,तो 23,500/75,000 तक उछाल जारी रह सकता है। इसके बाद और तेजी आ सकती है,जिससे इंडेक्स 23,700–23,750/75,500–75,800 के आसपास पहुंच सकता है। इसके विपरीत अगर मार्केट 23,200/74,200 से नीचे गिरता है तो बिकवाली का दबाव बढ़ने की संभावना है। इस लेवल से नीचे जाने पर मार्केट 23,000–22,900/73,700–73,500 के लेवल को फिर से टेस्ट कर सकता है।

बैंक निफ्टी के लिए सबसे नजदीकी सपोर्ट 56,000 पर है। इस लेवल के ऊपर जाने पर यह 57,000–57,500 की ओर बढ़ सकता है। नीचे की तरफ, अगर यह 56,000 से नीचे गिरता है तो इसके 55,500–55,200 तक गिरने की संभावना बढ़ जाती है।

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज़ में हेड ऑफ़ रिसर्च,वेल्थ मैनेजमेंट सिद्धार्थ खेमका का कहना है कि भारतीय इक्विटी बाजार पर दबाव बने रहने की संभावना है। ब्रेंट क्रूड की कीमत US$100 प्रति बैरल के स्तर को पार कर US$110 प्रति बैरल की ओर बढ़ गई है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण सप्लाई में रुकावट की चिंताएं बढ़ गई हैं।

कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में बढ़त हुई है, जिससे US 10-ईयर ट्रेजरी यील्ड 5% के करीब पहुंच गई है। इससे इक्विटी वैल्यूएशन पर दबाव बढ़ रहा है और फेड के ज्यादा सख्त रुख अपनाने की उम्मीदें भी बढ़ रही हैं। रुपया गिरकर ₹95.6/US$ पर आ गया है। जबकि FII की लगातार बिकवाली ने दबाव को और बढ़ा दिया है।

अगले हफ्ते निवेशक भारत के अगस्त के CPI और WPI महंगाई के आंकड़ों, US फ़ेड की पॉलिसी से जुड़े फैसले,US में रिटेल बिक्री और इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन पर नजर रखेंगे। साथ ही कच्चे तेल की कीमतें,रुपये की चाल और ग्लोबल यील्ड भी बाजार के लिए अहम होंगे।

बोनान्जा में रिसर्च एनालिस्ट अभिनव तिवारी का कहना है कि निकट भविष्य में बाजार की दिशा तय करने में कच्चे तेल की कीमतें और पश्चिम एशिया में हो रही घटनाओं की बड़ी भूमिका होगी। हालांकि,घरेलू संस्थागत निवेशकों का मजबूत निवेश बाजार को सहारा दे रहा है। कच्चे तेल की कीमतों में कोई भी बड़ी गिरावट भारतीय इक्विटी बाजार को राहत दे सकती है। इसलिए, चुनिंदा और स्टॉक-स्पेसिफिक रणनीति अपना सही रहेगा। ऐसी कंपनियों पर फोकस करें जिनकी अर्निंग की संभावना मजबूत है और जिनका वैल्यूएशन सही है।

 

Market Outlook : गिरावट के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 15 सितंबर को कैसी रह सकती है इसकी चाल

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

प्राइवेट बैंक शेयरों के आने वाले हैं अच्छे दिन, तो क्या यह निवेश का सही वक्त है?

प्राइवेट बैंक शेयरों के अच्छे दिन आने वाले हैं। इस साल प्राइवेट बैंक शेयरों का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा है। लेकिन, अब स्थिति बदलने वाली है। यह अनुमान यूबीएस में इंडिया फाइनेंशियल एनालिस्ट आलोक श्रीवास्तव ने जताया है। निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स बीते एक साल में सिर्फ 2.83 फीसदी चढ़ा है, जबकि निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स में इस दौरान 21.69 फीसदी उछाल आया है।

प्राइवेट बैंक शेयरों को लेकर बदल रहा सेंटीमेंट

UBS India Conference 2026 से इतर श्रीवास्तव ने बताया कि अब प्राइवेट बैंक के शेयरों को लेकर सेंटीमेंट बदलता दिख रहा है। काफी समय तक कमजोर प्रदर्शन की वजह से इनवेस्टर्स ने प्राइवेट बैंकों के शेयरों से दूरी बना ली थी। उन्होंने कहा, “प्राइवेट बैंकों के बारे में हमारी सोच काफी पॉजिटिव है। हमें इन शेयरों में दिलचस्पी लौटती दिख रही है।”

नई शाखाएं ओपन करने में प्राइवेट बैंक काफी आगे

उन्होंने यूबीएस थिमैटिक रिपोर्ट का जिक्र करते हुए बताया कि इसमें यह बताया गया है कि बीते तीन से पांच सालों में नई शाखाएं ओपन करने के मामले में कई बड़े प्राइवेट बैंक प्रतिद्वंद्बी बैंकों से काफी आगे चल रहे हैं। इनमें से कई ब्रांच इतने पुराने हो चुके हैं कि उनसे अच्छा रेवेन्यू आने लगा है। इसका असर प्राइवेट बैंकों की कुल डिपॉजिट के साथ ही करेंट अकाउंट सेविंग अकाउंट (CASA) ग्रोथ पर दिखेगा।

कुछ बैंकों में लीडरशिप को लेकर अनिश्चितता कायम

उन्होंने हालांकि यह कहा कि कुछ प्राइवेट बैंकों को लीडरशिप के मामले में अनिश्चितता का सामना करना पड़ रहा है। इनवेस्टर्स नए निवेश से पहले इस क्राइसिस के खत्म होने का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अभी प्राइवेट बैंक शेयरों की वैल्यूएशन सही लग रही है। साथ ही FCNR से जुटाए गए डिपॉजिट से ग्रोथ को सपोर्ट मिलेगा।

एचडीएफसी बैंक का शेयर बीते एक साल में 28% गिरा

देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक HDFC Bank का शेयर बीते एक साल में 28.50 फीसदी गिरा है। ICICI Bank का शेयर बीते एक साल में 1.91 फीसदी कमजोर हुआ है। कोटक महिंद्रा बैंक का शेयर इस दौरान सिर्फ 4.96 फीसदी चढ़ा है। हालांकि, एक्सिस बैंक के शेयर में इस दौरान 16 फीसदी से ज्यादा तेजी आई है।

लगातार तीन दिनों की गिरावट के बाद बाजार में रिकवरी

10 सितंबर को लगातार तीन दिनों की गिरावट के बाद शेयर बाजारों में रिकवरी आई। सेंसेक्स 0.19 फीसदी यानी 138 अंक चढ़कर 74,902 पर बंद हुआ। निफ्टी 0.20 फीसदी यानी 46 अंक चढ़कर 23,477 पर बंद हुआ। बैंक निफ्टी में भी 0.31 फीसदी की मजबूती दिखी। हालांकि, निफ्टी मिडकैप इंडेक्स पर दबाव दिखा।

अगले 1 महीने में बैंक निफ्टी में आ सकती है 5000 अंकों की तेजी, अगले 12 महीने में डबल हो सकता है सीएनएक्स आईटी

बाजार पर अपनी राय साझा करते हुए केडियानॉमिक्स के फाउंडर सुशील केडिया ने कहा कि बाजार में इस समय पैसा बनाने का टाइम आ गया है। स्वर्ग जाने का रास्ता नरक जैसा दिखता है और नर्क में जाने का रास्ता स्वर्ग जैसा दिखता है। लोग जब शेयर बाजार में सबसे ज्यादा खुश होते हैं तो नर्क की शुरुआत वहीं होती है। अभी जो लोगों के मन में नर्क जैसे हालात बने हुए यही मार्केट का बॉटम है। अब यहीं से स्वर्ग जाने का रास्ता खुलेगा। एक बात ध्यान में रखें की रुपया-डॉलर और भारतीय बाजार का संबंध बड़ा विचित्र सा है।

लॉन्ग रन में डॉलर के मुकाबले भारत की करेंसी कमजोर होती रही है और शेयर मार्केट बढ़ता रहा है। इस गिरावट में रुपया जब भी मजबूत होता है। बाजार बढ़ जाता है। जब भी रुपए में 10% की गिरावट आई है। मार्केट में -5% से लेके प्लस 5% तक का रिटर्न मिला है। लेकिन जब रुपया 10% मजबूत होता है तो निफ्टी में 20 से 25% तक की तेजी देखने को मिली है। अब डॉलर टूटने को कगार पर है। ऐसे में आगे हमारे बाजारों को रुपए में मजबूती का फायदा मिलेगा।

ग्लोबल मार्केट पर नजर डालें तो अब बाजार में तेजी का माहौल बन गया है। लेकिन अभी बाजार में अभी टुकड़े-टुकड़े में खेलना होगा। पर अब वो हालात बन गए हैं जिसमें अच्छी कमाई हो सकती है।

उन्होंने आगे कहा कि इस समय बैंक निफ्टी की दिशा ज्यादा साफ दिख रही है। अगले कुछ ही दिनों में निफ्टी की स्थिति भी साफ हो सकती है। लेकिन अभी के लिए कहा जा सकता है कि एक से सवा महीनें में बैंक निफ्टी में 5000 अंकों की तेजी आ सकती है।

अदाणी ग्रुप के शेयरों पर बात करते हुए सुशील केडिया ने कहा कि अदाणी एंटरप्राइज और अदाणी पोर्ट पर उनकी शॉर्ट करने की सलाह होगी। वहीं, अदाणी पावर और एनडीटीवी में लॉन्ग बेट है। इनमें बने रहने की सलाह होगी। बजाज ऑटो में भी अब शॉर्ट करने के मौके बन रहे है। बैंक शेयरों पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि एचडीएफसी बैंक, एक्सिस बैंक, एयू बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा आगे धमाका कर सकते हैं। वहीं, एसबीआई और कोटक बैंक नखरे दिखा सकते हैं।

हिंन्दुस्तान यूनीलीवर और टाटा कंज्यूमर यहां से 50-60 फीसदी की तेजी देखने को मिल सकती है। एशियन पेंट्स भी अच्छे करेक्शन के बाद अब भागने को तैयार है। इसमें 30 फीसदी तक की रैली देखने को मिल सकती है।

उन्होंने आगे कहा कि अगर हम पिछले 30 साल का इतिहास देखें तो पता चलता है कि जब भी रूपया-डॉलर मजबूत होता है तो सबसे ज्यादा रिटर्न एफएमसीजी और आईटी ही देते हैं। अगर मार्केट में तेजी आती है तो सबसे पहले इन्ही सेक्टर्स के शेयर भागेंगे। अगर कोई टीसीएस को 3 साल के नजरिए से खरीदे तो इसमें 7000 रुपए का भाव देखने को मिल सकता है। ट्रेंडिंग के नजरिए से भी इसमें 3200-3300 रुपए का भाव मिल सकता है। इस समय सारे ही आईटी शेयर अच्छे लग रहे हैं। अगर कोई सेक्टोरल इंडेक्स है जो अगले 12 महीनों में डबल हो सकता है तो वह है सीएनएक्स आईटी ही है।

 

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HDFC Bank AGM: नए चेयरमैन, डिविडेंड से लेकर फंड जुटाने तक, 5 अगस्त की AGM में कई बड़े फैसले होंगे

HDFC Bank AGM: प्राइवेट सेक्टर के सबसे बड़े लेंडर HDFC Bank की 32वीं सालाना आम बैठक (AGM) बुधवार,5 अगस्त को होगी। इस बार की AGM कई वजहों से खास मानी जा रही है। हाल ही में नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती ने नैतिक कारणों का हवाला देकर इस्तीफा दिया था। वहीं, बैंक को जल्द नया CEO भी चुनना है।

मौजूदा MD और CEO शशिधर जगदीशन का कार्यकाल तीन महीने से भी कम बचा है। RBI के नियम कहते हैं कि नए CEO के नाम की सिफारिश छह महीने पहले भेजनी चाहिए। लेकिन बैंक ने अभी तक इस प्रक्रिया की शुरुआत नहीं की है।

डिविडेंड, फंड जुटाने का प्लान

AGM में सबसे पहले वित्त वर्ष 2025-26 के वित्तीय नतीजों और डिविडेंड पर मंजूरी ली जाएगी।

इसके अलावा बैंक फंड जुटाने की भी तैयारी में है। इसके लिए वह AT-1 बॉन्ड, Tier-II बॉन्ड और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के लिए लॉन्ग-टर्म बॉन्ड जारी करने की मंजूरी मांगेगा। ये सभी बॉन्ड प्राइवेट प्लेसमेंट के जरिए जारी किए जाएंगे।

नए चेयरमैन पर भी लगेगी मुहर

बैंक ने राजीव कुमार को नया नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन बनाने का प्रस्ताव रखा है। AGM में शेयरधारक इस पर वोट करेंगे।

अगर मंजूरी मिलती है, तो उन्हें RBI की अनुमति के अनुसार ₹50 लाख सालाना तय पारिश्रमिक मिलेगा। इसके अलावा बोर्ड और कमेटी की बैठकों में शामिल होने पर सिटिंग फीस भी मिलेगी। बैंक की कार का इस्तेमाल भी आधिकारिक और निजी दोनों कामों के लिए कर सकेंगे।

पहले चेयरमैन को कितना मिला था?

राजीव कुमार से पहले अतनु चक्रवर्ती इस पद पर थे। वित्त वर्ष 2025-26 में उन्हें ₹59 लाख सिटिंग फीस और ₹48.25 लाख तय पारिश्रमिक मिला था। यानी कुल मिलाकर उन्हें ₹1.07 करोड़ का भुगतान हुआ।

उन्होंने 18 मार्च 2026 को इस्तीफा दिया था। इसलिए उन्हें पूरे साल की बजाय जितने समय तक पद पर रहे, उसी हिसाब से भुगतान किया गया।

एक और प्रस्ताव भी आएगा

AGM में वी. श्रीनिवास रंगन को फिर से निदेशक बनाने का प्रस्ताव भी रखा जाएगा। वह रोटेशन के तहत रिटायर हो रहे हैं और बैंक उन्हें दोबारा बोर्ड में शामिल करना चाहता है।

HDFC बैंक के शेयर मंगलवार को 1.86% की गिरावट के साथ 739 रुपये पर बंद हुए। पिछले 1 साल में स्टॉक 25.80% टूट चुका है।

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