दिल्ली सर्राफा बाजार में 6 अक्तूबर को सोने में गिरावट आई। यह 200 रुपये गिरकर 1,49,600 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। एक्सपर्ट्स का कहना है कि घरेलू बाजार में कमजोर मांग और डॉलर में मजबूती का असर सोने की कीमतों पर पड़ा। दिल्ली सर्राफा बाजार में चांदी की कीमतों में बदलाव नहीं हुआ।
चांदी लगातार दूसरे दिन स्थिर रही। इसकी कीमत 2.27 लाख रुपये प्रति किलोग्राम रही। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने में हल्की तेजी और चांदी में हल्की नरमी देखने को मिली। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के सीनियर कमोडिटीज एनालिस्ट सौमिल गांधी ने कहा कि पितृपक्ष की वजह से घरेलू बाजार में कमजोर डिमांड का असर सोने की कीमतों पर पड़ा। पितृपक्ष के दौरान आम तौर पर लोग सोना, चांदी, ज्वेलरी और प्रॉपर्टी खरीदने से परहेज करते हैं। इस वजह से इस दौरान इनकी बिक्री पर असर पड़ता है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने में हल्की तेजी दिखी, जबकि चांदी की कीमतों पर दबाव दिखा। सोना 0.38 फीसदी चढ़कर 4,154 डॉलर प्रति औंस पर चल रहा था। चांदी 0.11 फीसदी गिरकर 60.90 डॉलर प्रति औंस थी। हालांकि, क्रूड में नरमी देखने को मिली। ब्रेंट क्रूड 2 फीसदी से ज्यादा गिरकर 98.21 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।
सोने और चांदी की कीमतें इस साल की शुरुआत में रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई थीं। उसके बाद दोनों में तेज गिरावट आई। फरवरी के आखिर में अमेरिका और ईरान के बीच शुरू लड़ाई ने बुलियन पर दबाव और बढ़ा दिया। इसकी बड़ी वजह क्रूड की कीमतों में उछाल है। मध्यपूर्व में लड़ाई की वजह से क्रूड में उछाल है। इसका असर इनफ्लेशन पर पड़ रहा है। इनफ्लेशन को कंट्रोल में करने के लिए केंद्रीय बैंक इंटरेस्ट रेट बढ़ा सकते हैं।
इंटरेस्ट रेट बढ़ने पर सोने की चमक घट जाती है। डॉलर में मजबूती का भी निगेटिव असर सोने की कीमतों पर पड़ता है। इसकी वजह यह है कि डॉलर में मजबूती से दूसरी करेंसी में सोना खरीदना महंगा हो जाता है। 7 अक्तूबर को आरबीआई अपनी मौद्रिक पॉलिसी पेश करेगा। इस महीने के अंत में फेडरल रिजर्व अपनी पॉलिसी पेश करेगा। अगर फेड इंटरेस्ट रेट में कोई बदलाव नहीं करता है तो सोने की कीमतों पर दबाव घट सकता है।

