8th Pay Commission: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए बड़ी खबर! सैलरी, DA और पेंशन में बदलाव का पूरा रोडमैप जारी, देखें पूरी लिस्ट

8th Pay Commission ToR Full List Out: केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 8वें पे कमीशन को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। केंद्रीय कैबिनेट द्वारा मंजूर किए गए ‘टर्म्स ऑफ रेफरेंस’ (ToR) से यह साफ हो गया है कि नए वेतन आयोग के दायरे में क्या-क्या चीजें शामिल होंगी और कर्मचारियों की सैलरी, डीए (DA), पेंशन तथा अन्य भत्तों में किस तरह के बदलाव होने जा रहे हैं।

इस 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों का सीधा फायदा देश के 1 करोड़ से अधिक लोगों को मिलेगा। इसमें लगभग 50 लाख सक्रिय केंद्रीय कर्मचारी और करीब 65 लाख पेंशनभोगी शामिल हैं। आइए जानते हैं कि 8th CPC की इस पूरी लिस्ट में आपके लिए क्या खास है।

8th Pay Commission का गठन और समय सीमा

8वां वेतन आयोग एक अस्थायी निकाय होगा। इसमें एक अध्यक्ष, एक पार्ट-टाइम सदस्य और एक सदस्य-सचिव शामिल होंगे। आयोग को अपनी अंतिम रिपोर्ट और सिफारिशें सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। हालांकि, जरूरत पड़ने पर आयोग बीच में अंतरिम रिपोर्ट भी सौंप सकता है।

सैलरी, DA और भत्तों में क्या-क्या बदलेगा?

8th CPC के टर्म्स ऑफ रेफरेंस के मुताबिक, आयोग इन प्रमुख क्षेत्रों में व्यापक बदलावों की जांच करेगा और अपनी सिफारिशें देगा:

पे-मैट्रिक्स और सैलरी स्ट्रक्चर: कर्मचारियों के मूल वेतन और पे-मैट्रिक्स को तर्कसंगत बनाया जाएगा ताकि सरकारी सेवाओं में बेहतरीन टैलेंट को आकर्षित किया जा सके।

भत्ते: इसमें मुख्य रूप से महंगाई भत्ता (DA), पेंशनर्स के लिए महंगाई राहत (DR) और हाउस रेंट अलाउंस (HRA) की समीक्षा और संशोधन शामिल है।

अन्य सुविधाएं और लाभ: कर्मचारियों के सालाना इंक्रीमेंट, प्रमोशन पॉलिसी और समकालीन कामकाजी जरूरतों के आधार पर मिलने वाली अन्य नकद या गैर-नकद सुविधाओं की समीक्षा की जाएगी।

भत्तों का युक्तिकरण: वर्तमान में मिल रहे तमाम तरह के छोटे-बड़े भत्तों की संख्या की समीक्षा होगी ताकि उनकी जटिलता को कम किया जा सके।

परफॉर्मेंस-लिंक्ड इंसेंटिव और बोनस पर नया फोकस

नए वेतन आयोग में काम के कल्चर को अधिक कुशल और जवाबदेह बनाने पर विशेष जोर दिया गया है:

कार्य संस्कृति में सुधार: एक ऐसा इमोल्यूमेंट स्ट्रक्चर तैयार करना जिससे सरकारी कामकाज में दक्षता, जवाबदेही और जिम्मेदारी को बढ़ावा मिले।

उत्पादकता आधारित बोनस: मौजूदा बोनस योजनाओं की समीक्षा की जाएगी ताकि इसे परफॉर्मेंस से जोड़ा जा सके।

इंसेंटिव स्कीम: बेहतर और उत्कृष्ट काम करने वाले कर्मचारियों को पुरस्कृत करने के लिए वित्तीय और प्रदर्शन-आधारित मापदंडों के साथ एक नई इंसेंटिव योजना की सिफारिश की जाएगी।

पेंशनर्स और NPS/UPS के लिए क्या है खास?

वेतन आयोग पेंशनभोगियों के हितों और उनकी वित्तीय सुरक्षा की भी पूरी समीक्षा करेगा:

NPS और UPS के तहत ग्रेच्युटी: राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली और एकीकृत पेंशन योजना के दायरे में आने वाले कर्मचारियों के लिए डेथ-कम-रिटायरमेंट ग्रेच्युटी की समीक्षा कर नई सिफारिशें दी जाएंगी।

ओल्ड पेंशन धारक: जो कर्मचारी NPS या UPS के दायरे में नहीं हैं, उनकी ग्रेच्युटी और मासिक पेंशन की भी विस्तृत समीक्षा की जाएगी। इसके अलावा, बिना अंशदान वाली गैर-अंशदायी पेंशन योजनाओं की बिना फंड वाली लागत का भी आकलन किया जाएगा।

सिफारिशें तय करते समय किन बातों का रखा जाएगा ध्यान?

8th Pay Commission केवल एकतरफा सिफारिशें नहीं देगा, बल्कि उसे देश की आर्थिक स्थिति को भी ध्यान में रखना होगा:

देश की आर्थिक स्थिति और राजकोषीय विवेक: सरकार के खजाने पर बहुत ज्यादा वित्तीय बोझ न पड़े, इसका ध्यान रखा जाएगा।

कल्याणकारी योजनाएं: यह सुनिश्चित किया जाएगा कि वेतन बढ़ाने के बाद भी देश के विकास कार्यों और जन कल्याणकारी योजनाओं के लिए पर्याप्त बजट बचा रहे।

राज्यों पर असर: केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों को आमतौर पर राज्य सरकारें भी कुछ संशोधनों के साथ लागू करती हैं। इसलिए राज्य सरकारों की वित्तीय स्थिति पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव का भी आकलन किया जाएगा।

प्राइवेट सेक्टर से तुलना: पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग्स (CPSUs) और प्राइवेट सेक्टर में कर्मचारियों को मिलने वाली सैलरी, वर्किंग कंडीशन और बेनिफिट्स की तुलना भी की जाएगी।

कौन-से कर्मचारी होंगे इसके पात्र?

8th CPC की सिफारिशें केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों, एजेंसियों और निम्नलिखित श्रेणियों के कर्मचारियों पर लागू होंगी:

  • केंद्रीय कर्मचारी (इंडस्ट्रियल और नॉन-इंडस्ट्रियल दोनों)
  • अखिल भारतीय सेवाओं के अधिकारी
  • सशस्त्र रक्षा बल के कर्मी
  • केंद्र शासित प्रदेशों के कर्मचारी
  • भारतीय लेखापरीक्षा और लेखा विभाग के अधिकारी व कर्मचारी
  • संसद के अधिनियमों के तहत स्थापित नियामक निकायों के सदस्य (आरबीआई को छोड़कर)
  • सुप्रीम कोर्ट के अधिकारी और कर्मचारी
  • केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा वहन किए जाने वाले खर्च वाले हाईकोर्ट के कर्मचारी
  • केंद्र शासित प्रदेशों की अधीनस्थ अदालतों के न्यायिक अधिकारी

Bank Holiday Alert: क्या 17 जुलाई को देश भर में बंद रहेंगे बैंक? घर से निकलने से पहले चेक कर लें RBI की हॉलिडे लिस्ट

Bank Holiday Today on 17 July 2026: अगर आप कल यानी 17 जुलाई को बैंक ब्रांच जाकर पैसे जमा करने, चेक क्लियर कराने या लोन से जुड़ा कोई जरूरी काम निपटाने की सोच रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के हॉलिडे कैलेंडर के मुताबिक, 17 जुलाई को देश के एक खास राज्य में बैंकों की छुट्टी घोषित की गई है।

ऐसे में ग्राहकों को किसी भी तरह की असुविधा से बचने के लिए यह जान लेना जरूरी है कि उनके शहर या राज्य में बैंक खुले हैं या बंद। आइए जानते हैं कि कल कहां बैंक बंद रहेंगे और कहां सामान्य रूप से काम होगा।

17 जुलाई को किस राज्य में बंद रहेंगे बैंक और क्यों?

आरबीआई (RBI) की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, आज 17 जुलाई को मेघालय राज्य में बैंकों के लिए अवकाश घोषित किया गया है.

छुट्टी का कारण: मेघालय में स्वतंत्रता सेनानी ‘यू तिरोत सिंग’ की पुण्यतिथि मनाई जाती है।

कौन-से बैंक रहेंगे बंद: मेघालय में भारतीय स्टेट बैंक (SBI), पंजाब नेशनल बैंक (PNB), एचडीएफसी (HDFC), आईसीआईसीआई (ICICI) और एक्सिस बैंक सहित सभी सरकारी और प्राइवेट सेक्टर के बैंकों की शाखाएं आज बंद रहेंगी।

कौन थे यू तिरोत सिंग?

यू तिरोत सिंग 19वीं सदी की शुरुआत में मेघालय की खासी पहाड़ियों (Khasi Hills) के एक आदिवासी राजा और देश के वीर स्वतंत्रता सेनानी थे, जिन्होंने ब्रिटिश शासन के खिलाफ कड़ा संघर्ष किया था।

क्या आपके शहर में खुले हैं बैंक?

अगर आप मेघालय को छोड़ दें, तो देश के अन्य सभी राज्यों और प्रमुख शहरों जैसे- दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, लखनऊ आदि में आज बैंक पूरी तरह से खुले हैं और वहां सामान्य दिनों की तरह कामकाज हो रहा है। इसलिए बाकी राज्यों के ग्राहकों को परेशान होने की बिल्कुल जरूरत नहीं है।

आज यानी 16 जुलाई, गुरुवार को ओडिशा, उत्तराखंड और मणिपुर जैसे राज्यों में रथ यात्रा और हरेला त्योहार के चलते बैंकों में छुट्टी थी, लेकिन आज वहां भी बैंक खुल चुके हैं।

ब्रांच बंद होने पर भी चालू रहेंगी ये डिजिटल सेवाएं

भले ही मेघालय में आज बैंक शाखाएं बंद हैं, लेकिन ग्राहकों की सहूलियत के लिए सभी वैकल्पिक और डिजिटल बैंकिंग चैनल 24 घंटे काम कर रहे हैं। इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग ऐप्स के जरिए फंड ट्रांसफर हमेशा की तरह चालू रहेगा। आप UPI और ATM का इस्तेमाल कर सकते हैं। चेक क्लीयरेंस, डिमांड ड्राफ्ट (DD) बनवाना, नया खाता खोलना या लॉकर से जुड़े काम जो सिर्फ ब्रांच जाकर होते हैं, वे अगले कार्यदिवस पर ही संभव हो पाएंगे।

RRB NTPC CBT-2 2026: एनटीपीसी सीबीटी 2 की आंसर की पर 22 जुलाई तक आपत्ति दर्ज कराने का मौका, 5,810 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंची

RRB NTPC CBT-2 2026: रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) नॉन टेक्निकल पॉपुलर कैटेगरी (NTPC) स्नातक स्तर की सीबीटी परीक्षा 2026 में शामिल उम्मीदवारों का इंतजार खत्म करते हुए आंसर की जारी कर दी है। बोर्ड ने परीक्षा में शामिल उम्मीदवारों के लिए प्रोविजनल आंसर की के साथ ही प्रश्न पत्र और उम्मीदवारों की रिस्पॉन्स शीट भी जारी कर दी है। उम्मीदवार अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर उत्तर कुंजी देख सकते हैं और उसे डाउनलोड कर सकते हैं। उत्तर कुंजी जारी होने के बाद अभ्यर्थी अपने उत्तरों का मिलान कर परिणाम आने से पहले अपने प्रदर्शन का अंदाजा लगा सकते हैं।

उत्तर कुंजी के किसी प्रश्न पर अगर उन्हें आपत्ति है, तो वे अपने लॉगइन से उस पर आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। बोर्ड ने ऑनलाइन आपत्ति दर्ज कराने के लिए 22 जुलाई 2026 रात 11.55 बजे तक का समय निर्धारित किया है। अभ्यर्थी अपने रजिस्ट्रेशन नंबर और जन्मतिथि की मदद से लॉगिन कर प्रश्न पत्र, रिस्पॉन्स शीट और उत्तर कुंजी देख सकते हैं। अस्थायी उत्तर कुंजी जारी होने के साथ ही 5810 पदों पर भर्ती की यह प्रक्रिया अब अपने अंतिम चरण के करीब पहुंच गई है।

5,810 पदों पर हो रही है भर्ती

यह भर्ती CEN 06/2025 के तहत आयोजित की जा रही है। आरआरबी एनटीपीसी ग्रेजुएट लेवल सीबीटी-2 परीक्षा का आयोजन 10 जुलाई 2026 को किया गया था। इस परीक्षा में देशभर से 87,337 उम्मीदवार शामिल हुए थे। इसके माध्यम से देशभर के विभिन्न रेलवे जोन में ग्रेजुएट लेवल के कुल 5,810 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। इन पदों पर चयन के लिए रेलवे भर्ती बोर्ड चरणबद्ध परीक्षा आयोजित कर रहा है।

इन पदों पर होगी भर्ती

इस भर्ती अभियान के जरिए रेलवे में कई महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। इनमें स्टेशन मास्टर/गुड्स ट्रेन मैनेजर/ट्रैफिक असिस्टेंट/चीफ कमर्शियल कम टिकट सुपरवाइजर (CCTS)/जूनियर अकाउंट असिस्टेंट कम टाइपिस्ट (JAA)/सीनियर क्लर्क कम टाइपिस्ट जैसे पद शामिल हैं।

RBI Grade B Phase 2 Admit Card 2026: 25 और 26 जुलाई की परीक्षा के लिए आरबीआई ने जारी किया एडमिट कार्ड, डाउनलोड करने के लिए यहां बताए जा रहे हैं स्टेप्स

RBI Grade B Phase 2 Admit Card 2026: 25 और 26 जुलाई की परीक्षा के लिए आरबीआई ने जारी किया एडमिट कार्ड, डाउनलोड करने के लिए यहां बताए जा रहे हैं स्टेप्स

RBI Grade B Phase 2 Admit Card 2026: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने आरबीआई ग्रेड B फेज 2 एडमिट कार्ड 2026 जारी कर दिया है। पहले फेज की परीक्षा में सफल घोषित उम्मीदवार फेज 2 की परीक्षा देंगे। केंद्रीय बैंक ने इन उम्मीदवारों का हॉल टिकट आधिकारिक वेबसाइट rbi.org.in पर जारी कर दिया है। उम्मीदवारों को अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड करने के लिए अपना रजिस्ट्रेशन नंबर या रोल नंबर के साथ अपने पासवर्ड या जन्म तिथि का इस्तेमाल करके लॉग इन करना होगा।

आरबीआई ग्रेड बी फेज 2 परीक्षा 25 और 26 जुलाई, 2026 को होनी है। एडमिट कार्ड में कैंडिडेट का नाम, परीक्षा की तारीख, शिफ्ट का समय, परीक्षा केंद्र, रिपोर्टिंग का समय और परीक्षा के दिन के निर्देश जैसी जरूरी जानकारी होगी। केंद्रीय बैंक ने साफ़ किया है कि एडमिट कार्ड सिर्फ ऑनलाइन मिलेंगे। कोई प्रिंटेड कॉपी पोस्ट से नहीं भेजी जाएगी, इसलिए कैंडिडेट को परीक्षा से पहले अपना हॉल टिकट डाउनलोड और प्रिंट करना होगा।

बता दें, परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड एक जरूरी दस्तावेज होता है। उम्मीदवारों के लिए इस अपने साथ परीक्षा केंद्र ले जाना जरूरी होता है। इसके बिना उन्हें परीक्षा में दाखिल होने की इजाजत नहीं दी जाएगी। इसलिए सभी परीक्षार्थियों को समय से अपने हॉल टिकट डाउनलोड कर लेना चाहिए। आखिरी समय में डाउनलोड करने का इंतजार नहीं करना चाहिए।

आरबीआई ग्रेड बी फेज 2 एडमिट कार्ड 2026 कैसे डाउनलोड करें

कैंडिडेट इन स्टेप्स को फ़ॉलो कर सकते हैं:

  • आरबीआई की ऑफिशियल वेबसाइट rbi.org.in पर जाएं।
  • होमपेज पर ‘Opportunities@RBI’ सेक्शन पर क्लिक करें।
  • ‘Current Vacancies’ टैब खोलें।
  • ‘Call Letters’ पर क्लिक करें।
  • ‘Officers in Grade B (DR) – Phase II – PY 2026’ के लिए लिंक चुनें।
  • अपना रजिस्ट्रेशन नंबर या रोल नंबर और पासवर्ड या जन्म तिथि डालें।
  • अपना एडमिट कार्ड देखने के लिए डिटेल्स सबमिट करें।
  • इसे डाउनलोड करें और भविष्य में इस्तेमाल के लिए प्रिंटआउट ले लें।

साथ ले जाने वाले डॉक्यूमेंट्स

परीक्षा के दिन, कैंडिडेट्स को आरबीआई ग्रेड बी फेज 2 एडमिट कार्ड की एक प्रिंटेड कॉपी के साथ एक वैध मूल फोटो पहचान पत्र, जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड, पासपोर्ट, वोटर आईडी या ड्राइविंग लाइसेंस ले जाना होगा। परीक्षार्थियों को यह भी सलाह दी जाती है कि वे एडमिट कार्ड पर दिए गए रिपोर्टिंग टाइम से 30 से 60 मिनट पहले परीक्षा केंद्र पर पहुंचें। उन्हें हॉल टिकट पर प्रिंटेड सभी डिटेल्स को ध्यान से देखना चाहिए और आखिरी समय में किसी भी परेशानी से बचने के लिए आरबीआईI द्वारा जारी किए गए एग्जाम-डे इंस्ट्रक्शन्स को फॉलो करना चाहिए।

Railway NFR Apprentice Recruitment 2026: रेलवे ने शुरू की 6777 अप्रेंटिस पदों पर भर्ती, 10वीं पास और आईटीआई वाले भी कर सकते हैं आवेदन

Bank Holiday: आज 16 जुलाई, गुरुवार को कई राज्यों में बंद हैं बैंक, घर से निकलने से पहले चेक कर लें RBI के छुट्टियों की लिस्ट

Bank Holiday on Thursday 16 July 2026: अगर आज गुरुवार, 16 जुलाई को आप बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम निपटाने के लिए शाखा जाने का मन बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए ही है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के आधिकारिक हॉलिडे कैलेंडर के अनुसार, आज देश के कुछ चुनिंदा राज्यों में रथ यात्रा, कांग (रथयात्रा) और हरेला त्योहार के कारण बैंकों में छुट्टी घोषित की गई है।

हालांकि, राहत की बात यह है कि यह छुट्टी पूरे देश में लागू नहीं है, बल्कि केवल कुछ विशेष राज्यों और शहरों में ही सभी सरकारी और निजी बैंक बंद रहेंगे। देश के बाकी सभी हिस्सों में बैंकों में सामान्य रूप से कामकाज जारी रहेगा।

आज किन शहरों और राज्यों में बंद रहेंगे बैंक?

आरबीआई की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, आज 16 जुलाई को इन राज्यों और उनके प्रमुख सर्कलों (जैसे- भुवनेश्वर, देहरादून और इंफाल) में बैंक शाखाएं पूरी तरह बंद रहेंगी:

ओडिशा (भुवनेश्वर): पवित्र जगन्नाथ पुरी रथ यात्रा (Ratha Yatra) उत्सव के कारण आज पूरे राज्य में बैंकों में सार्वजनिक अवकाश है।

उत्तराखंड (देहरादून): लोक पर्व ‘हरेला’ (Harela) के पावन अवसर पर आज राज्य के सभी बैंकों में छुट्टी रहेगी।

मणिपुर (इंफाल): पारंपरिक कांग रथयात्रा (Kang Rathajatra) उत्सव के चलते आज यहां भी बैंकों में कामकाज नहीं होगा।

बाकी राज्यों में क्या है स्थिति?

ऊपर बताए गए तीन राज्यों (ओडिशा, उत्तराखंड और मणिपुर) को छोड़कर उत्तर प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर, बिहार, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान समेत देश के अन्य सभी राज्यों में आज बैंक सामान्य दिनों की तरह खुले हुए हैं। अगर आप इन राज्यों में रहते हैं, तो बिना किसी हिचकिचाहट के बैंक जाकर अपने काम निपटा सकते हैं।

घर बैठे निपटाएं काम, चालू रहेंगी ये डिजिटल सेवाएं

भले ही आपके शहर या राज्य में आज बैंक की शाखाएं बंद हों, लेकिन आपको परेशान होने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। तकनीकी युग में बैंक बंद होने के बावजूद यूपीआई, नेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग और एटीएम (ATM) सेवाएं 24 घंटे काम करती हैं।

Stocks to Watch: 16 जुलाई को इन 12 शेयरों पर रखें नजर, मिल सकता है तगड़ी कमाई का मौका

Stocks to Watch: शेयर बाजार में 16 जुलाई के कारोबार के दौरान कई शेयरों में हलचल देखने को मिल सकती है। इसकी वजह तिमाही नतीजे, बड़े ऑर्डर, अहम नियुक्तियां और कारोबार से जुड़े नए अपडेट हैं। आइए जानते हैं कि गुरुवार के कारोबारी सत्र में कौन से 12 स्टॉक्स निवेशकों और ट्रेडर्स के रडार पर रहेंगे।

HDFC Bank

प्राइवेट सेक्टर के बैंक HDFC Bank के पार्टटाइम चेयरमैन के रूप में राजीव कुमार की नियुक्ति को RBI ने मंजूरी दे दी है। उनकी नियुक्ति 15 जुलाई 2026 से तीन साल के लिए प्रभावी होगी।

Adani Power

पावर कंपनी Adani Power ने महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी (MSEDCL) के साथ 25 साल के लिए 1,600 मेगावाट बिजली आपूर्ति का समझौता किया है। इससे कंपनी के लंबे समय के रेवेन्यू को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

Jana Small Finance Bank

स्मॉल फाइनेंस बैंक Jana Small Finance Bank का जून तिमाही में शुद्ध मुनाफा 52.3% बढ़कर ₹155 करोड़ हो गया। NII 33.6% बढ़कर ₹783 करोड़ रही। वहीं, ग्रॉस NPA 2.46% से घटकर 2.39% पर आ गया।

Sai Silks (Kalamandir)

रिटेल और एथनिक वियर कंपनी Sai Silks (Kalamandir) का जून तिमाही में शुद्ध मुनाफा 14.7% घटकर ₹26 करोड़ रह गया। रेवेन्यू 1% घटकर ₹375 करोड़ रहा। EBITDA मार्जिन भी 15% से घटकर 13.8% पर आ गया।

TVS Holdings

ऑटो और फाइनेंशियल सर्विसेज समूह TVS Holdings की सहायक कंपनी Home Credit India, Varthana Finance में 100% हिस्सेदारी ₹967 करोड़ में खरीदेगी। इस अधिग्रहण से कंपनी की वित्तीय सेवाओं के कारोबार का विस्तार होगा।

Himadri Speciality Chemical

स्पेशलिटी केमिकल कंपनी Himadri Speciality Chemical ने जून तिमाही में अब तक का सबसे ज्यादा तिमाही रेवेन्यू दर्ज किया। कंपनी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 26.3% बढ़कर ₹230 करोड़ हो गया। एक साल पहले यह ₹182 करोड़ था।

HDFC Life Insurance

लाइफ इंश्योरेंस कंपनी HDFC Life ने जून तिमाही में मजबूत प्रदर्शन किया। कंपनी का VNB और VNB मार्जिन बाजार के अनुमान से बेहतर रहा। प्रोटेक्शन बिजनेस और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क में भी अच्छी ग्रोथ देखने को मिली।

HDB Financial Services

NBFC कंपनी HDB Financial Services का जून तिमाही में शुद्ध मुनाफा 38.3% बढ़कर ₹785 करोड़ पहुंच गया। यह कंपनी का अब तक का सबसे ज्यादा तिमाही मुनाफा है।

Angel One

फिनटेक और ब्रोकिंग कंपनी Angel One का शुद्ध मुनाफा जून तिमाही में सालाना आधार पर 102% बढ़ गया। रेवेन्यू में भी अच्छी बढ़त रही। बेहतर ऑपरेटिंग प्रदर्शन से कंपनी का प्रॉफिट मजबूत हुआ।

Network18 Media & Investments

मीडिया कंपनी Network18 Media & Investments का कंसोलिडेटेड ऑपरेटिंग रेवेन्यू जून तिमाही में 10% बढ़कर ₹516 करोड़ हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹468 करोड़ था।

ICICI Lombard General Insurance

जनरल इंश्योरेंस कंपनी ICICI Lombard का जून तिमाही में शुद्ध मुनाफा 46% घटकर ₹403 करोड़ रह गया। एक साल पहले यह ₹747 करोड़ था। एकमुश्त खर्च (Exceptional Items) की वजह से कंपनी की कमाई पर असर पड़ा।

India Pesticides

एग्रोकेमिकल कंपनी India Pesticides को अपने एक फंगीसाइड प्रोडक्ट के लिए यूरोपीय संघ (EU) से Technical Equivalence (TEQ) की मंजूरी मिल गई है। इससे कंपनी को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कारोबार बढ़ाने में मदद मिलेगी।

HDFC Bank के पार्ट-टाइम चेयरमैन पद पर राजीव कुमार की नियुक्ति को आरबीआई की मंजूरी

Disclaimer: मनीकंट्रोल, नेटवर्क18 ग्रुप का हिस्सा है। नेटवर्क18 का नियंत्रण इंडिपेंडेट मीडिया ट्रस्ट करता है, जिसकी एकमात्र लाभार्थी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

HDFC Bank के पार्ट-टाइम चेयरमैन पद पर राजीव कुमार की नियुक्ति को आरबीआई की मंजूरी

आरबीआई ने एचडीएफसी बैंक के पार्ट-टाइम चेयरमैन पद पर राजीव कुमार की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। एचडीएफसी बैंक ने 15 जुलाई को यह बताया। कुमार का कार्यकाल तीन साल का होगा। एचडीएफसी ने बताया है कि उनकी नियुक्ति 15 जुलाई, 2026 से प्रभावी होगी।

राजीव कुमार मुख्य चुनाव आयुक्त रह चुके हैं

HDFC Bank ने कहा है कि केकी मिस्त्री बैंक के नॉन-एग्जिक्यूटिव नॉन-इंडिपेंडेट डायरेक्टर बने रहेंगे। राजीव कुमार देश के मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) और फाइनेंस सेक्रेटरी रह चुके हैं। वह 2017-2020 तक डिपार्टमेंट ऑफ फाइनेंशियल सर्विसे में सेक्रेटरी थे। इस दौरान उन्होंने सरकारी बैंकों और फाइनेंशियल सेक्टर को मजबूत बनाने के लिए कई उपाय किए थे।

बैंकिंग सेक्टर को मजबूत बनाने के लिए उठाए थे कदम

कुमार के डिपार्टमेंट ऑफ फाइनेंशियल सर्विसेज ज्वाइन करने के दो हफ्ते के अंतर करीब 3.38 शेल कंपनियों के अकाउंट्स फ्रिज कर दिए गए थे। इससे ब्लैक मनी पर शिकंजा कसने में मदद मिली थी। बाद में पोंजी स्कीम के खिलाफ भी सख्ती शुरू हुई थी। कुमार ने बैंकों की बैलेंसशीट मजबूत करने के लिए भी कई कदम उठाए थे।

बैंक के बोर्ड ने प्रस्ताव को 29 जून को दी थी मंजूरी

HDFC Bank के बोर्ड ने 29 जून को बैंक के अंश-कालिक चेयरमैन एवं अतिरिक्त (स्वतंत्र) डायरेक्टर के रूप में नियुक्ति के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। इससे ठीक तीन दिन पहले एक एक्सटर्नल लीगल रिव्यू में पूर्व चेयरमैन अतानु चक्रवर्ती की तरफ से लगाए गए आरोपों से बैंक को बरी कर दिया गया था।

मार्च में अतानु चक्रवर्ती ने एचडीएफसी बैंक से दिया था इस्तीफा

अतानु चक्रवर्ती ने इस साल मार्च में एचडीएफसी बैंक में पार्ट-टाइम चेयरमैन पद से इस्तीफ दे दिया था। उन्होंने बैंक में कामकाज के कुछ तरीकों को अपनी नैतिकता के खिलाफ बताया था। वह एचडीएफसी बैंक के चेयरमैन बनने वाले पहले पूर्व आईएएस अफसर थे। वह गुजरात कैडर के 1985 बैच के आईएएस अफसर थे, जबकि राजीव कुमार 1984 बैच के झारखंड कैडर के पूर्व आईएएस अफसर हैं।

यह भी पढ़ें: HDB Financial Q1 Results: प्रॉफिट 38% उछला, अब तक के सबसे ज्यादा तिमाही मुनाफे का रिकॉर्ड

एचडीएफसी बैंक का शेयर इस साल 18 फीसदी गिरा

एचडीएफसी बैंक देश का सबसे बड़ा प्राइवेट बैंक है। इसका शेयर 15 जुलाई को 0.69 फीसदी चढ़कर 815 रुपये पर बंद हुआ। इस साल बैंक का शेयर करीब 18 फीसदी गिरा है। इस दौरान शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक निफ्टी में 7.91 फीसदी गिरावट आई है।

Retail Inflation: महंगाई का झटका! जून में बढ़कर 4.38% पहुंची, RBI के लक्ष्य से ऊपर निकली

Retail Inflation: जून महीने में खुदरा महंगाई बढ़कर 4.38% पर पहुंच गई। मई में यह 3.93% थी। सरकार की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, खाने-पीने की चीजों और ट्रांसपोर्ट का खर्च बढ़ने से महंगाई में फिर तेजी आई है। यह पिछले 6 महीनों का सबसे ऊंचा स्तर है और RBI के 4% के लक्ष्य से भी ऊपर निकल गई है।

खाने-पीने की चीजों ने बढ़ाई महंगाई

जून में महंगाई बढ़ने की सबसे बड़ी वजह खाने-पीने की चीजों के दाम रहे। फूड इंफ्लेशन मई के 4.78% से बढ़कर जून में 5.32% हो गई। चूंकि कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) में खाने-पीने की चीजों का हिस्सा सबसे ज्यादा होता है, इसलिए इनके दाम बढ़ने का असर सीधे कुल महंगाई पर पड़ा।

होटल और रेस्तरां में खाने-पीने की सेवाएं भी 6.94% महंगी हुईं। वहीं, निजी गाड़ी चलाने का खर्च 7.35% और माल ढुलाई सेवाओं की लागत 7.70% बढ़ गई। इससे साफ है कि ईंधन और लॉजिस्टिक्स का खर्च भी बढ़ा है।

गहनों की कीमतों में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी

‘अन्य व्यक्तिगत सामान’ श्रेणी सबसे ज्यादा महंगी रही। इसमें सोने-चांदी और गहने शामिल हैं। इस श्रेणी में महंगाई दर 50.17% रही। हालांकि, मई में यह 56.35% थी, यानी बढ़ोतरी की रफ्तार पहले के मुकाबले थोड़ी कम हुई है।

कुछ चीजों के दाम घटे भी

हर चीज महंगी नहीं हुई। जून में कुछ टिकाऊ सामानों की कीमतों में गिरावट भी दर्ज की गई। गाड़ियों की खरीद पर महंगाई दर -4.59% रही। वहीं मनोरंजन से जुड़े टिकाऊ सामान और घर-बगीचे में इस्तेमाल होने वाले कुछ उपकरण भी सस्ते हुए। सरकार का कहना है कि GST में पहले की गई कटौती का असर इन प्रोडक्ट्स की कीमतों पर दिखा।

गांवों में ज्यादा बढ़ी महंगाई

महंगाई का असर ग्रामीण इलाकों में ज्यादा देखने को मिला। जून में ग्रामीण महंगाई 4.74% रही, जो मई में 4.25% थी। वहीं शहरी महंगाई 3.53% से बढ़कर 3.92% हो गई। इससे पता चलता है कि खाने-पीने की चीजों की बढ़ती कीमतों का असर गांवों में ज्यादा पड़ा।

इस साल के पहले पांच महीनों में महंगाई लगातार कम हो रही थी, लेकिन जून में इसमें फिर तेजी आ गई। इससे संकेत मिलता है कि आने वाले महीनों में खाद्य पदार्थों की कीमतें ही महंगाई की दिशा तय करने में सबसे बड़ी भूमिका निभा सकती हैं।

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आपका पैसा फंसा है और बैंक नहीं सुन रहा शिकायत? RBI की ये नई स्कीम करेगी आपकी मदद, जानें स्टेप-बाई-स्टेप हर बात

Bank News: अगर आपका पैसा किसी बैंक या वित्तीय संस्थान में फंसा है, या बैंक से जुड़ी किसी भी समस्या में बार-बार शिकायत करने के बाद भी आपकी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है तो आपके लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और राहत भरी खबर है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने ग्राहकों की शिकायतों के निवारण के लिए एक नई और इंटिग्रेटेड व्यवस्था की शुरुआत की है।

रिजर्व बैंक ने 1 जुलाई 2026 से रिजर्व बैंक एकीकृत लोकपाल योजना, 2026 को प्रभावी रूप से लागू कर दिया है। यह योजना रिजर्व बैंक से रेग्युलेट होने वाली संस्थाओें के खिलाफ ग्राहकों की शिकायतों के त्वरित और मुफ्त समाधान की सुविधा प्रदान करती है।

इस योजना की खास बातें, शिकायत दर्ज करने के स्टेप्स और जरूरी नियम नीचे डिटेल में बताए गए हैं:-

किन संस्थानों के खिलाफ की जा सकती है शिकायत?

RBI की इस नई एकीकृत लोकपाल योजना के दायरे में कई वित्तीय संस्थानों को लाया गया है। ग्राहक नीचे दिए गए संस्थानों के खिलाफ सेवा में कमी पाए जाने पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं:-

सभी बैंक

गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (NBFCs)

गैर-बैंक प्रीपेड भुगतान साधन जारीकर्ता (Non-bank Prepaid Payment Instruments Issuers)

क्रेडिट सूचना कंपनियां

इस योजना के तहत आने वाली शिकायतों की प्रोसेसिंग रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया लोकपाल के कार्यालयों में की जाती है। ये शिकायतें इस योजना के दायरे से बाहर होती हैं उन्हें उपभोक्ता शिक्षा और संरक्षण प्रकोष्ठ (CEPCs) में प्रोसेस किया जाता है। इन विनियमित संस्थाओं और CEPCs की पूरी सूची https://cms।rbi।org।in पर उपलब्ध है।

RBI लोकपाल के पास शिकायत कैसे दर्ज करें: स्टेप-बाई-स्टेप प्रक्रिया

अगर संबंधित वित्तीय संस्थान आपकी शिकायत का आपकी संतुष्टि के अनुरूप समाधान नहीं करता है या योजना के अनुसार तय समयसीमा के भीतर आपको कोई जवाब नहीं मिलता है तो आप नीचे दिए गए 3 तरीकों से सीधे RBI लोकपाल के पास अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं:-

तरीका 1 (ऑनलाइन पोर्टल): आप रिजर्व बैंक के ऑनलाइन CMS पोर्टल https://cms।rbi।org।in पर जाकर अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं।

तरीका 2 (ई-मेल के जरिए): आप अपनी शिकायत को ई-मेल आईडी crpc@rbi।org।in पर भेज सकते हैं।

तरीका 3 (पोस्ट या कूरियर द्वारा): आप अपनी शिकायत को लिखित रूप में इस पते पर डाक या कूरियर के जरिए भेज सकते हैं:-

सेंट्रलाइज्ड रसीद एंड प्रोसेसिंग सेंटर (CRPC), भारतीय रिजर्व बैंक, सेंट्रल विस्टा, सेक्टर 17, चंडीगढ़ – 160 017

क्या करें और क्या न करें (Do’s and Don’ts)

RBI ने शिकायत दर्ज करते समय ग्राहकों को कुछ जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह दी है:-

क्या करें (Do’s)

शिकायत दर्ज करने के लिए CMS पोर्टल का इस्तेमाल करें क्योंकि इससे आपको तुरंत पावती मिलती है, स्टेटस ट्रैक करना आसान होता है और प्रोसेसिंग तेजी से होती है।

ई-मेल या फिजिकल (डाक) माध्यम से शिकायत दर्ज करने के लिए https://cms।rbi।org।in पर उपलब्ध आधिकारिक शिकायत फॉर्म का ही इस्तेमाल करें।

शिकायत के साथ संबंधित वित्तीय संस्थान में पहले दर्ज की गई शिकायत की कॉपी, संस्थान से प्राप्त जवाब की कॉपी (अगर मिला हो) और शिकायत से जुड़े अन्य प्रासंगिक दस्तावेज जरूर संलग्न करें।

फॉर्म में अपना संपर्क नंबर और ई-मेल आईडी (अगर उपलब्ध हो) जरूर दर्ज करें।

क्या न करें (Don’ts)

सीधे लोकपाल के पास न जाएं: संबंधित बैंक या विनियमित संस्थान से संपर्क किए बिना सीधे RBI लोकपाल के पास शिकायत दर्ज न करें। ऐसी शिकायतों को स्वीकार नहीं किया जा सकता है। लोकपाल के पास जाने से पहले आपको पहले उस संस्थान के पास अपनी शिकायत उठानी होगी।

अधिक जानकारी और टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर

अगर आप इस योजना और शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया के बारे में अधिक जानना चाहते हैं तो:-

वेबसाइट पर जाएं: RBI की आधिकारिक वेबसाइट https://rbi।org।in पर जाकर FAQs → Consumer Education and Protection → Reserve Bank – Integrated Ombudsman Scheme, 2026 पाथ पर क्लिक करके ‘अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न’ पढ़ सकते हैं।

टोल-फ्री नंबर पर कॉल करें: आप सीधे आरबीआई के संपर्क केंद्र से टोल-फ्री नंबर: 14448 पर संपर्क कर सकते हैं।

कॉल सेंटर की टाइमिंग: इंटरएक्टिव वॉयस रिस्पांस सिस्टम (IVRS) की सुविधा 24×7 (चौबीसों घंटे) उपलब्ध है। संपर्क केंद्र के कर्मचारियों से सीधे बात करने की सुविधा राष्ट्रीय अवकाशों को छोड़कर सोमवार से शनिवार सुबह 8:00 बजे से रात 10:00 बजे तक उपलब्ध है। यह सुविधा अंग्रेजी, हिंदी और 10 क्षेत्रीय भाषाओं (असमिया, बंगाली, गुजराती, कन्नड़, मलयालम, मराठी, ओडिया, पंजाबी, तेलुगु और तमिल) में काम करती है।

DICGC के खिलाफ शिकायत के लिए विशेष नियम

अगर आपकी शिकायत डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन (DICGC) के खिलाफ है तो इसे नीचे दिए गए पते या ई-मेल आईडी पर दर्ज कराया जा सकता है:-

पता: द जनरल मैनेजर, डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन, कंप्लेंट रिड्रेसल सेल, भारतीय रिजर्व बैंक, दूसरी मंजिल, मुंबई सेंट्रल रेलवे स्टेशन के सामने, भायखला, मुंबई – 400008

ई-मेल: dicgc।complaints@rbi।org।in

संपर्क नंबर: 022-2301 9645

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HDFC Bank के सीईओ की बैसिक सैलरी ₹3.31 करोड़, बैठक में शामिल होने पर नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर को ₹1.20 करोड़

HDFC Bank News: प्राइवेट सेक्टर के सबसे बड़े लेंडर एचडीएफसी बैंक की एनुअल रिपोर्ट से यह बात सामने आई है कि बैंक के एमडी और सीईओ समेत इसके एगीक्यूटिव्स और नॉन-एग्जीक्यूटिव्स डायरेक्टर्स की वित्त वर्ष 2026 में कितनी कमाई हुई। इसमें सैलरी, एलाउंसेज, परफॉरमेंस बोनस, रिटायरमेंट बेनेफिट्स, स्टॉक ऑप्शंस और सिटिंग फीस शामिल हैं। स्टॉक ऑप्शंस एंप्लॉयीज को दिया जाने वाला एक्स्ट्रा बेनेफिट है जिसके तहत एंप्लॉयी को कंपनी के शेयर भविष्य में एक तय कीमत यानी एक्सरसाइज प्राइस पर खरीदने का हक मिलता है।

HDFC Bank के टॉप एग्जीक्यूटिव्स की FY26 में कितनी कमाई

पहले बैंक के सीईओ शशिधर जगदीशन की बात करें तो उन्हें वित्त वर्ष 2025-26 में ₹3.31 करोड़ की बेसिक सैलरी, ₹3.63 करोड़ भत्ते और अन्य सुविधाओं के रूप में, ₹39.70 लाख पीएफ कॉन्ट्रिब्यूशन और ₹49.64 लाख सुपरएन्युएशन बेनेफिट्स के रूप में मिले। इसके अलावा उन्हें ₹7.29 करोड़ का परफॉरमेंस बोनस मिला और वित्त वर्ष 2026 के दौरान 4,28,405 स्टॉक ऑप्शंस भी एलॉट हुए।

एचडीएफसी बैंक के डिप्टी एमडी कैजाद भरूचा को ₹3.60 करोड़ की बेसिक सैलरी और ₹4 करोड़ भत्ते और अन्य सुविधाएं मिलीं। उन्हें ₹43.16 लाख पीएफ कॉन्ट्रिब्यूशन और ₹53.95 लाख सुपरएन्युएशन बेनेफिट्स भी मिला तो उनका परफॉरमेंस बोनस ₹8.57 करोड़ रहा। कैजाद भरूचा को 6,23,651 स्टॉक ऑप्शंस मिले, जो बैंक के सभी पूर्णकालिक डायरेक्टर्स में सबसे अधिक था।

बैंक के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर वी श्रीनिवास रंगन को ₹4.03 करोड़ की बेसिक सैलरी, ₹2.98 करोड़ भत्ते और अन्य सुविधाएं, ₹48.32 लाख पीएफ कॉन्ट्रिब्यूशन और ₹60.40 लाख सुपरएन्युएशन बेनेफिट्स मिले। इसके अलावा उन्हें ₹3.18 करोड़ का परफॉरमेंस बोनस मिला तथा वित्त वर्ष 2026 में 2,93,538 स्टॉक ऑप्शंस एलॉट हुए।

बैंक के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर भावेश जावेरी का कार्यकाल 18 अप्रैल 2026 को समाप्त हो चुका है। उन्हें वित्त वर्ष 2026 में ₹2.02 करोड़ की बेसिक सैलरी, ₹2.53 करोड़ भत्ते और अन्य सुविधाएं, ₹24.26 लाख पीएफ कॉन्ट्रिब्यूशन और ₹30.33 लाख सुपरएन्युएशन बेनेफिट्स मिला। उन्हें ₹2.02 करोड़ का परफॉरमेंस बोनस भी मिला और 1,38,542 स्टॉक ऑप्शंस मिला। बैंक की सालाना रिपोर्ट के मुताबिक परफॉरमेंस बोनस में एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और ग्रुप हेड के रूप में उनके परफॉरमेंस के लिए नकद बोनस भी शामिल था।

नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर्स में सबसे अधिक संदीप पारेख को ₹1.20 करोड़ की सिटिंग फीस मिली। इसके बाद एमडी रंगनाथ को ₹96 लाख, रेणु कर्नाड को ₹83 लाख, हर्ष कुमार भनवाला ₹79 लाख, लिली वडेरा को ₹69 लाख, अतनु चक्रवर्ती को ₹59 लाख, सुनीता महेश्वरी को ₹45 लाख, संतोष केशवन को ₹40 लाख और अंतरिम चेयरमैन केकी मिस्त्री को ₹35 लाख की सिटिंग फीस मिली। सिटिंग फीस के अलावा पार्ट-टाइम चेयरमैन को छोड़कर सभी नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर्स को आरबीआई के कॉरपोरेट गवर्नेंस फ्रेमवर्क के हिसाब से ₹30 लाख का फिक्स्ड पारिश्रमिक भी मिला।

पार्ट टाइम चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती को ₹30 लाख की बजाय ₹48.25 लाख का फिक्स्ड पारिश्रमिक मिला। बैंक की सालाना रिपोर्ट के हिसाब से आरबीआई ने पूरे वित्तीय वर्ष के लिए उन्हें ₹50 लाख के फिक्स्ड पारिश्रमिक को मंजूरी दी थी लेकिन चूंकि चक्रवर्ती ने 18 मार्च 2026 को इस्तीफा दे दिया था, इसलिए उन्हें प्रो-राटा बेसिस यानी अनुपातिक आधार पर ₹48.25 लाख का पेमेंट मिला। बोर्ड और कमेटी की बैठकों में हिस्सा लेने के लिए मिले ₹59 लाख के सिटिंग फीस को जोड़कर वित्त वर्ष 2026 में उन्हें ₹1.07 करोड़ मिले। इसके अलावा इस्तीफे की तारीख तक उन्हें आधिकारिक और व्यक्तिगत इस्तेमाल के लिए एक कार भी दी गई थी।

सालाना रिपोर्ट के मुताबिक 30 मार्च 2026 को फिर से स्वतंत्र निदेशक के तौर पर चुनी गईं सुनीता माहेश्वरी को वित्त वर्ष 2026 के दौरान आनुपातिक आधार पर निश्चित पारिश्रमिक मिला। बैंक के अनुसार उनके कार्यकाल के बाकी अवधि का पारिश्रमिक शेयरहोल्डर्स और आरबीआई की मंजूरी के हिसाब से अगले वित्तीय वर्ष यानी FY2027 में दिया जाएगा।

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