Petrol Diesel Price Today: हर दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की किरणों से नहीं होती, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों से भी होती है, जो आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालती हैं। सुबह 6 बजे देश की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) ताजा दरें जारी करती हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपए की विनिमय दर में आए बदलावों पर आधारित होती हैं। ये बदलाव रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करते हैं, चाहे वो ऑफिस जाने वाला व्यक्ति हो या फल-सब्जी बेचने वाला व्यापारी।
ऐसे में हर दिन की कीमतों की जानकारी रखना सिर्फ जरूरी ही नहीं, बल्कि समझदारी भी है। सरकार की यह प्रणाली पारदर्शिता सुनिश्चित करती है ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की भ्रमित जानकारी न मिले।
आपके शहर में आज का पेट्रोल-डीजल का भाव
ये रहे 18 अक्टूबर 2026 के प्रमुख शहरों के पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट
नई दिल्ली: पेट्रोल ₹102.12 प्रति लीटर और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर।
मुंबई: पेट्रोल ₹111.18 और डीजल ₹97.83 प्रति लीटर।
कोलकाता: पेट्रोल ₹113.47 जबकि डीजल ₹99.82 प्रति लीटर।
चेन्नई: पेट्रोल ₹107.77 और डीजल ₹99.55 प्रति लीटर।
गुरुग्राम: पेट्रोल ₹102.77 तथा डीजल ₹95.44 प्रति लीटर।
नोएडा: पेट्रोल ₹102.12 और डीजल ₹95.56 प्रति लीटर।
बेंगलुरु: पेट्रोल ₹110.93 जबकि डीजल ₹98.80 प्रति लीटर।
भुवनेश्वर: पेट्रोल ₹109.92 और डीजल ₹100.92 प्रति लीटर।
चंडीगढ़: पेट्रोल ₹98.10 तथा डीजल ₹86.09 प्रति लीटर।
हैदराबाद: पेट्रोल ₹115.69 और डीजल ₹103.82 प्रति लीटर।
जयपुर: पेट्रोल ₹112.66 जबकि डीजल ₹97.78 प्रति लीटर।
लखनऊ: पेट्रोल ₹102.05 और डीजल ₹95.55 प्रति लीटर।
पटना: पेट्रोल ₹113.35 तथा डीजल ₹99.36 प्रति लीटर।
तिरुवनंतपुरम: पेट्रोल ₹115.49 और डीजल ₹104.40 प्रति लीटर।
पिछले दो साल से स्थिर क्यों हैं कीमतें?
मई 2022 के बाद से केंद्र और कई राज्यों द्वारा टैक्स में कटौती की गई, जिसके बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव होता रहता है, फिर भी भारतीय उपभोक्ताओं के लिए कीमतें तुलनात्मक रूप से स्थिर बनी हुई हैं।
किन कारणों से तय होती हैं ईंधन की कीमतें?
कच्चे तेल की कीमतें:
पेट्रोल और डीजल का उत्पादन मुख्य रूप से कच्चे तेल से होता है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ता है।
डॉलर के मुकाबले रुपया:
भारत अधिकतर कच्चा तेल आयात करता है, और यह डॉलर में खरीदा जाता है। यदि रुपया कमजोर होता है, तो ईंधन महंगा हो जाता है।
सरकारी टैक्स और शुल्क:
केंद्र और राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स लगाती हैं, जो खुदरा मूल्य का बड़ा हिस्सा होते हैं। यही कारण है कि राज्यों में कीमतों में अंतर होता है।
रिफाइनिंग की लागत:
कच्चे तेल को इस्तेमाल लायक बनाने की प्रक्रिया (रिफाइनिंग) में भी खर्च होता है। ये लागत कच्चे तेल की गुणवत्ता और रिफाइनरी की क्षमता पर निर्भर करती है।
मांग और आपूर्ति का संतुलन:
बाजार में ईंधन की मांग अगर बढ़ जाती है, तो कीमतें भी ऊपर जाने लगती हैं। खासकर त्योहारों, गर्मी या सर्दी के मौसम में ईंधन की खपत ज्यादा होती है।
कैसे करें अपने शहर की कीमतें SMS से चेक?
अगर आप मोबाइल से ईंधन की कीमत जानना चाहते हैं, तो ये प्रक्रिया आसान है:
Indian Oil ग्राहक: अपने शहर का कोड टाइप करें और उसे “RSP” के साथ 9224992249 पर भेजें।
BPCL ग्राहक: “RSP” लिखकर 9223112222 पर भेजें।
HPCL ग्राहक: “HP Price” लिखकर 9222201122 पर भेजें।
इसी महीने संसद का विशेष सत्र बुलाने की तैयारी की जा रही है। सरकार के जानकार सूत्रों की कहना है कि ‘इंडियन एक्सप्रेस’ की खोजी रिपोर्ट ने विशेष सत्र बुला कर महिला आरक्षण कानून में संशोधन और परिसीमन बिल पास कराने के सरकार के प्रयास को धीमा कर दिया। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर आई रिपोर्ट के बाद से लगातार विपक्ष हमलावर है। विपक्ष की पार्टियों के साथ साथ कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन भी चल रहा है। सरकार के प्रबंधकों का मानना है कि इससे राजनीतिक माहौल में गर्मी बनी हुई है।
ऐसे समय में चुनाव से जुड़ा हुआ कोई भी सुधार करने की कोशिश समस्या पैदा कर सकती है। सरकार और भाजपा के संसदीय प्रबंधकों को यह भी लग रहा है कि इस समय कोई भी पार्टी सरकार का साथ देने से हिचकेगी। तभी सवाल है कि अचानक सरकार ने यह विचार कैसे शुरू कर दिया कि इसी महीने यानी बचे हुए 12 दिन में संसद का विशेष सत्र बुला कर महिला आरक्षण कानून में संशोधन करा लिया जाए और परिसीमन बिल भी पास हो जाए?
ध्यान रहे परिसीमन से जुड़े दो बिल हैं, एक राज्यों के लिए और एक केंद्र शासित प्रदेशों के लिए। इनको साधारण बहुमत से पास किया जा सकता है। लेकिन महिला आरक्षण कानून में बदलाव संविधान संशोधन के जरिए होगा, जिसके लिए दोनों सदनों में अलग अलग दो तिहाई बहुमत की जरुरत है। वास्तविक स्थिति यह है कि अब भी सरकार के पास दो तिहाई बहुमत नहीं है। दो तिहाई बहुमत नहीं होने के कारण ही 16 से 18 अप्रैल के विशेष सत्र में यह बिल पास नहीं हो पाया था।
पिछले कई दशक में पहली बार ऐसा हुआ था कि सरकार का बिल गिर गया। नरेंद्र मोदी और अमित शाह के लिए भी यह शर्मिंदगी की बात थी। कहा जा रहा है कि उसके बाद दोनों ने इसे प्रतिष्ठा का मुद्दा बनाया है। इसी वजह से संसद के मानसून सत्र का सत्रावसान नहीं किया जा रहा है। पिछले 65 दिन से सत्रावसान नहीं हुआ है। ऐसा इसलिए किया गया है कि सात दिन के अंदर नोटिस देकर फिर सत्र बुला लिया जाए।
जब से दूसरे विशेष सत्र की चर्चा शुरू हुई है तब से भाजपा के नेता भी परेशान हैं। उनको लग रहा है कि इस बार भी संख्या पूरी नहीं हो पाएगी। इसका कारण यह है कि सरकार को लोकसभा में हर हाल में 360 सांसदों की जरुरत है। इस समय विपक्ष के साथ 178 सांसद लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। राहुल गांधी और कांग्रेस नेताओं ने 30 सितंबिर की ‘इंडिया’ ब्लॉक की बैठक में शामिल पार्टियों और उनके सांसदों की यह संख्या बताई है। विपक्ष की यह ताकत स़ड़कों पर भी दिख रही है। राज्यसभा में जरूर विपक्ष के साथ सिर्फ 62 सांसद हैं।
लेकिन लोकसभा में 178 सांसद हैं। इनके अलावा कई और पार्टियां हैं, जो विपक्ष के साथ नहीं हैं लेकिन सरकार के साथ भी नहीं हैं। जगन मोहन रेड्डी अब खुल कर भाजपा का विरोध कर रहे हैं। के चंद्रशेखर राव की पार्टी सरकार के खिलाफ है। अरविंद केजरीवाल और ओवैसी की पार्टी सरकार के खिलाफ है। ममता बनर्जी और उद्धव ठाकरे की पार्टी टूटने के बाद भी एनडीए के पास 318 ही सांसद हैं, जबकि ‘इंडिया’ ब्लॉक के पास 178 सांसद हैं। डीएमके सहित तटस्थ सांसदों की संख्या इस समय 45 है। इनमें से कम से कम 40 लोग सरकार को वोट करें तभी दो तिहाई बहुमत पूरा होगा। इसकी संभावना बहुत कम दिख रही है।
देश में सोने की कीमत में वीकली बेसिस पर गिरावट दर्ज की गई है। अलग-अलग शहरों में एक सप्ताह में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 3760 रुपये तक फिसली है। वहीं 22 कैरेट गोल्ड 3450 रुपये तक सस्ता हुआ है। आज 18 अक्टूबर को राजधानी दिल्ली में सुबह के वक्त 24 कैरेट गोल्ड 147810 रुपये प्रति 10 ग्राम पर है। मुंबई में कीमत 147660 रुपये प्रति 10 ग्राम है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना 4,165.12 डॉलर प्रति औंस पर है। इस सप्ताह सोने का वैश्विक भाव 0.7 प्रतिशत कमजोर हुआ।
शनिवार को इंदौर के सराफा बाजार में सोना 400 रुपये चढ़ा। औसत भाव 1,48,200 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया। सोने और चांदी की देश के अंदर कीमतें डोमेस्टिक फैक्टर्स के साथ-साथ ग्लोबल फैक्टर्स से भी प्रभावित होती हैं।
देश के कुछ बड़े शहरों में गोल्ड रेट
दिल्ली में सोने की कीमत: दिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत 147810 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 135500 रुपये प्रति 10 ग्राम है।
मुंबई और कोलकाता: मुंबई और कोलकाता में 22 कैरेट सोने की कीमत 135350 रुपये प्रति 10 ग्राम, जबकि 24 कैरेट सोने की कीमत 147660 रुपये प्रति 10 ग्राम है।
चेन्नई में सोने की कीमत: 24 कैरेट सोने की कीमत 147660 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 135350 रुपये प्रति 10 ग्राम है।
पुणे और बेंगलुरु में कीमत: इन दोनों शहरों में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 147660 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट गोल्ड की कीमत 135350 रुपये प्रति 10 ग्राम है।
शहर
22 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)
24 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)
दिल्ली
135500
147810
मुंबई
135350
147660
अहमदाबाद
135400
147710
चेन्नई
135350
147660
कोलकाता
135350
147660
हैदराबाद
135350
147660
जयपुर
135500
147810
भोपाल
135400
147710
लखनऊ
135500
147810
चंडीगढ़
135500
147810
चांदी की चाल
सोने की तरह चांदी भी वीकली बेसिस पर सस्ती हुई है। एक सप्ताह में भाव 10000 रुपये फिसला है। 18 अक्टूबर की सुबह चांदी की कीमत 230000 रुपये प्रति किलोग्राम है। शनिवार को इंदौर के सराफा बाजार में चांदी का औसत भाव 200 रुपये की गिरावट के साथ 2,13,800 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर चांदी यानि कि स्पॉट सिल्वर की कीमत 57.05 डॉलर प्रति औंस है। इस साल जनवरी में देश के अंदर चांदी की कीमत 4 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गई थी।
नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर में हुई कथित गड़बड़ियों के खिलाफ कई दिन तक प्रदर्शन के बाद अब कांग्रेस पार्टी ने बड़ी रैली का ऐलान किया है। एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में इसे लेकर एक महारैली का आय़ोजन किया जाएगा। कांग्रेस पार्टी ने इस रैली के लिए दिल्ली पुलिस की अनुमति हासिल कर ली है।
शनिवार को दिल्ली पुलिस ने कांग्रेस पार्टी को रामलीला मैदान में एक नवंबर को होने वाली रैली के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र यानी एनओसी जारी कर दिया। सेंट्रल दिल्ली के डीसीपी रोहित राजबीर सिंह ने बताया कि पार्टी ने मैदान की बुकिंग के लिए 25 अक्टूबर से तीन नवंबर तक की तारीखें मांगी थी। उसे एक नवंबर को रैली करने की इजाजत मिल गई है। इससे पहले कांग्रेस पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे को लेकर छह अक्टूबर से लेकर 12 अक्टूबर तक लगातार प्रदर्शन किया।
गौरतलब है कि पिछले दिनों गृह मंत्रालय ने जंतर मंतर पर प्रदर्शनों पर रोक लगाते हुए रामलीला मैदान सहित तीन जगहों को प्रदर्शन स्थल घोषित किया। इन तीन जगहों में रामलीला मैदान एक है, जहां 50 हजार लोगों तक की रैली हो सकती है। अभी यह तय नहीं है कि रैली सिर्फ कांग्रेस पार्टी की होगी या उसमें विपक्षी पार्टियों के नेताओं को भी बुलाया जाएगा। गौरतलब है कि मुख्य चुनाव आयुक्त और एसआईआर के खिलाफ कांग्रेस के आंदोलन में ‘इंडिया’ ब्लॉक की सभी पार्टियां शामिल रही हैं।
How to Buy Home: अपना घर खरीदने का सपना हर कोई देखता है। लेकिन महीने की सैलरी ₹30,000 के आसपास हो, तो लगता है कि आज के जमाने में घर खरीदना शायद मुमकिन नहीं है। किराया, राशन, बिजली का बिल और बच्चों की फीस देने के बाद बचता ही कितना है? ऐसे में होम लोन की EMI चुकाना बड़ी जिम्मेदारी लगती है।
हालांकि, कम सैलरी में भी घर खरीदा जा सकता है। इसके लिए जरूरी है कि आप अपनी कमाई के हिसाब से घर चुनें। बड़ा लोन लेने के बजाय ऐसी EMI रखें, जिसे हर महीने आसानी से चुका सकें। आइए, उदाहरण से समझते हैं कि ₹30,000 की सैलरी में घर खरीदने का प्लान कैसे बना सकते हैं।
₹30,000 की सैलरी पर कितना होम लोन लें?
BASIC Home Loan के CEO और को-फाउंडर अतुल मोंगा का कहना है कि अगर आप ₹10 लाख का होम लोन लेते हैं, तो ब्याज दर और लोन की अवधि के हिसाब से EMI करीब ₹10,000 हो सकती है। मोंगा के मुताबिक, अगर आपकी सैलरी ₹30,000 है, तो घर खरीदना सिर्फ कमाई पर निर्भर नहीं करता। ये भी जरूरी है कि आप घर खरीदने की कितनी अच्छी तैयारी करते हैं। घर
इसे एक उदाहरण से समझते हैं। मान लीजिए कि आपकी सैलरी ₹30,000 है। इसमें से ₹8,000 घर और किराने, ₹3,000 बिजली और दूसरे बिलों, ₹4,000 आने-जाने और ₹5,000 परिवार के अन्य खर्चों में जाते हैं। इस तरह कुल खर्च ₹20,000 हुआ। अब आपके पास ₹10,000 बचते हैं।
सैलरी के हिसाब से खर्च का पूरा हिसाब समझें
महीने का हिसाब
रकम
कुल सैलरी
₹30,000
राशन और घर का खर्च
₹8,000
बिजली, मोबाइल और दूसरे बिल
₹3,000
आने-जाने का खर्च
₹4,000
परिवार के दूसरे खर्च
₹5,000
कुल खर्च
₹20,000
खर्च के बाद बची रकम
₹10,000
ये सिर्फ उदाहरण है। आप अपने परिवार के खर्च के हिसाब से इसमें बदलाव कर सकते हैं। जैसे कि कुछ पैसे बचाकर इमरजेंसी के लिए रख सकते हैं।
डाउन पेमेंट के लिए पैसे कैसे जुटाएं?
बैंक आमतौर पर घर की पूरी कीमत का लोन नहीं देते। घर खरीदते समय आपको भी कुछ पैसा लगाना पड़ता है। इसी को डाउन पेमेंट कहते हैं। इसके अलावा रजिस्ट्री और स्टांप ड्यूटी जैसे खर्च भी हो सकते हैं।
मान लीजिए, आपको ₹15 लाख का घर पसंद आया। बैंक ₹12 लाख का लोन देने को तैयार है। ऐसे में बाकी ₹3 लाख आपको अपनी तरफ से लगाने होंगे। रजिस्ट्री और दूसरे खर्चों के लिए अलग से पैसा भी चाहिए हो सकता है।
इसलिए घर खरीदने से पहले बचत शुरू करें। हर महीने ₹5,000 बचाने पर एक साल में ₹60,000 जमा होंगे। इसी तरह, तीन साल में ब्याज को छोड़कर ₹1.80 लाख जमा हो सकते हैं। अगर परिवार से आर्थिक मदद मिले या बोनस की रकम बचा सकें, तो डाउन पेमेंट का लक्ष्य जल्दी पूरा हो सकता है।
होम लोन लेने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
अतुल मोंगा के मुताबिक, होम लोन लेने से पहले सबसे पहले अलग-अलग बैंकों की ब्याज दरें और प्रोसेसिंग फीस देखें। सिर्फ कम ब्याज दर देखकर लोन लेने से बचना चाहिए। लोन की अवधि और दूसरी शर्तें भी समझना जरूरी है।
कमाई और बैंकिंग रिकॉर्ड व्यवस्थित रखने से आवेदन की प्रक्रिया आसान हो सकती है। अगर भविष्य में आपकी कमाई बढ़ती है और आपके पास अतिरिक्त पैसा आता है, तो लोन की कुछ रकम पहले चुकाने पर भी विचार कर सकते हैं। इसे पार्ट-प्रीपेमेंट कहते हैं। इससे बकाया लोन और कुल ब्याज घट सकता है।
मोंगा का कहना है कि आखिरकार मकसद सिर्फ होम लोन लेना नहीं होना चाहिए। जरूरी यह है कि लोन की रकम इतनी हो, जिसकी EMI परिवार लंबे समय तक आसानी से चुका सके। इसके लिए परिवार के दूसरे जरूरी खर्चों और भविष्य के वित्तीय लक्ष्यों से समझौता नहीं करना पड़े।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।
Mercedes has taken the wraps off the AMG GT SUV which, according to the German marque, is the first full-size SUV it has developed completely in-house. The five-seat performance EV shares its underpinnings with the fully electric GT 4-Door Coupe, and will be available in GT 53, GT 55 and GT 63 guises, the last of which makes up to 1,169hp. The GT 53 will be the first to go on sale, with the more powerful variants joining the line-up in spring 2027.
Star-shaped DRLs, illuminated badging, active aero and more.
Personalisation options from the Manufaktur programme.
Three digital displays, built-in AI assistants, AMG-specific apps and more.
Claimed WLTP range of up to 700km, with DC fast charging of up to 710kW.
Mercedes-AMG GT SUV exterior
Illuminated badging, sloping roofline, active aerodynamics, Manufaktur paint options and more
The Mercedes-AMG GT SUV comes in at 5,084mm long, 2,001mm wide and 1,656mm tall, and it has a wheelbase of 3,040mm. The front fascia sports AMG’s vertical-slat grille and Mercedes star, both of which can be optionally illuminated, flanking which are LED headlamps with star-shaped DRLs (daytime running lights). The front bumper features active slats, which only open when components need extra cooling.
The profile showcases a low-slung roofline that slopes towards the rear along with pronounced wheel arches. Other details here include frameless side windows and compact wing mirrors. Moving to the rear of the AMG GT SUV reveals six circular tail-lamps as seen on the GT 4-Door Coupe, and customers can also opt for a full-width light strip.
Stepping up to the GT 55 and GT 63 means an active rear spoiler that remains flush with the roof until 150kph, changing its angle depending on the driving scenario. Mercedes-AMG also claims a drag coefficient of 0.28 for the GT 53, while the other two are rated at 0.27. The main boot has a claimed capacity of 607 litres, with the frunk capable of accommodating 78 litres worth of luggage.
Buyers can personalise the GT SUV through the brand’s Manufaktur programme, which presents over 60 paint options. Customers can also opt for AMG’s forged wheels in colour accents, which includes Matt Vanadium Silver and Matt Copper, Matt Black with a rim flange in Angel Blue, Sunny Lime, or Orange Flame.
Mercedes-AMG GT SUV interior and features
Stand-out tech includes dual 14-inch screens, AI assistants and AMG-specific apps
Just like the exterior, the interior of the Mercedes-AMG GT SUV can be personalised using the Manufaktur catalogue. Some of the options that will be offered to customers include accent colours and seatbelts trimmed in Fjord Blue, Green Hell or Orange Flame. The automaker claims that the seating position here is akin to that of a sports car rather than an SUV. Providing comfort up front are multi-way power-adjustable seats, while the three-seat rear bench gets power-folding headrests.
The dashboard pairs a 10.2-inch digital instrument cluster with a 14-inch touchscreen that’s angled towards the driver, while a 14-inch screen is optional for the front occupant. The AMG Performance steering wheel is equipped with paddles to adjust brake-regen levels, while adding to the design are door panels with floating armrests and diamond-pattern stitching. There’s also multi-colour ambient lighting whose colours can be matched to the bevy of displays and controls.
The infotainment system features the German brand’s latest MBUX software, which is based on the MB.OS (Mercedes-Benz Operating System). It integrates AI agents such as ChatGPT, Microsoft Bing and Google Gemini. This luxury SUV also comes with three AMG-specific apps. Firstly, there’s ‘AMG Performance Menu’, which displays real-time data on power, tyre temperatures and active aero status.
Second is ‘AMG Set-up’ – this lets the driver customise the buttons on the steering wheel as well as aero settings. Finally, there’s ‘AMG Track Pace’, which records lap times and telemetry. Drivers can also use it to show optimal braking points and the ideal racing line in the head-up display. Meanwhile, the optional dashcam allows laps to be recorded with data overlays. The AMG GT SUV is also available with an electrically dimming panoramic glass roof, AMG lighting effects, AMG Performance seats and a Burmester 4D audio system, among many optional features.
Mercedes-AMG GT SUV powertrain and performance
The EV gets up to three electric motors and a WLTP range of up to 700km
The entry-level GT 53 variant of the Mercedes-AMG GT SUV uses two synchronous motors – one on each axle – with a two-speed gearbox located at the rear. Its output is rated at 544hp and 800Nm, with Mercedes-AMG claiming a 0-100kph time of 4.2 seconds and a top speed of 250kph. Then there are the mid-spec GT 55 and the top-spec GT 63. These come with two axial flux motors at the rear and one at the front, the latter disengaging when not needed to save energy.
The tri-motor setup of the GT 55 outputs 816hp and 1,860Nm, allowing for a claimed 0-100kph time of 3.1 seconds. Sitting at the top of the Mercedes-AMG GT SUV line-up is the GT 63, which is rated at 1,169hp and 2,000Nm and does 0-100kph in 2.7 seconds. Regardless, the all-wheel-drive GT 55 and GT 63 have a claimed top speed of 270kph with the optional Driver’s Package.
The GT 53’s 106kWh battery pack offers a claimed WLTP range of up to 668km, while the 128kWh battery of the GT 55 and GT 63 is rated at up to 700km. These 800V packs offer DC fast charging of 600kW and 710kW, respectively. Mercedes-AMG claims that charging these batteries from 10-80 percent takes 11-12 minutes, though it also says that these figures are preliminary.
The GT SUV gets rear-wheel steering as standard while also debuting AMG’s new ‘Active Ride Control+’ suspension. The latter, which is standard on the top-spec GT 63, replaces traditional anti-roll bars with hydraulic units that, according to the automaker, curb body roll and pitch. The top-spec variant also gets carbon-ceramic brakes as standard.
In the tri-motor variants, drivers can adjust the throttle response, cornering behaviour and traction control using dials on the centre console. Mercedes-AMG also said that the ‘AMGForce Sport+’ mode recreates the sound of an AMG V8 (or a six-cylinder in the GT 53) along with simulated gearshifts. As for India, the German marque is yet to reveal its plans for the AMG GT SUV.
Rahul Gandhi Female Journalist Complaint: मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विपक्ष के विरोध मार्च की कवरेज कर रही एक महिला पत्रकार के साथ अभद्रता और धक्का-मुक्की का मामला अब कानूनी रूप से तूल पकड़ता जा रहा है। पत्रकार ऋचा पाराशर ने नई दिल्ली के डीसीपी कार्यालय पहुंचकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। वहीं, दूसरी ओर यह मामला कोर्ट के दरवाजे तक पहुंच गया है।
क्या हैं महिला पत्रकार के आरोप?
पत्रकार ऋचा पाराशर ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में बताया कि 12 अक्तूबर 2026 को जब वह इंडिया ब्लॉक के सुप्रीम कोर्ट मार्च को कवर कर रही थीं, तब कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने उनका हाथ या कंधा पकड़कर पीछे की तरफ खींचा। इसके तुरंत बाद उनके सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें धक्का दे दिया, जिससे वह सड़क पर गिर गईं और उनका मोबाइल फोन भी क्षतिग्रस्त हो गया। पत्रकार ने अपनी शिकायत में दावा किया है कि वह तीन महीने की गर्भवती हैं। अचानक गिर जाने के कारण उन्हें पेट में गंभीर दर्द उठा और शरीर पर अन्य चोटें आईं, जिसके चलते उन्हें इलाज के लिए तत्काल अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। ALSO READ: गर्भवती पत्रकार ने राहुल गांधी पर लगाए गंभीर आरोप, मेरा हाथ पकड़ा, मुझे धक्का दिया
क्या कहना है कांग्रेस का?
दूसरी तरफ, कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी के समर्थकों ने इन तमाम आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे बेबुनियाद और राजनीति से प्रेरित बताया है। कांग्रेस का कहना है कि विरोध मार्च के दौरान किसी भी वीडियो फुटेज में यह साबित नहीं होता कि पत्रकार को राहुल गांधी या उनके सुरक्षाकर्मियों द्वारा जानबूझकर निशाना बनाया गया या धक्का दिया गया। पार्टी के अनुसार, शिकायतकर्ता द्वारा किए जा रहे दावों और उपलब्ध तथ्यों में कई तकनीकी विसंगतियां साफ नजर आती हैं। ALSO READ: राहुल गांधी के घर चाय पर चर्चा की इनसाइड स्टोरी? CJP से नेहा बोरा तक कौन किसके साथ, कौन किसके खिलाफ?
अब हाईकोर्ट में होगी सुनवाई
इस पूरे घटनाक्रम को लेकर भाजपा ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। भाजपा नेता और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील गौरव भाटिया ने पीड़ित महिला पत्रकार की ओर से इस मुद्दे को देश की शीर्ष अदालत के समक्ष उठाया। गौरव भाटिया ने CJI जस्टिस सूर्यकांत के सामने मामले की त्वरित सुनवाई की मांग रखी। मामले की गंभीरता को देखते हुए अब इस याचिका पर 26 अक्टूबर को हाईकोर्ट में सुनवाई तय की गई है।
पूरा मामला क्या है?
12 अक्तूबर 2026 को मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) के खिलाफ विपक्षी गठबंधन (इंडिया ब्लॉक) ने दिल्ली में संसद से सुप्रीम कोर्ट की ओर विरोध मार्च निकाला था। इस मार्च की कवरेज के दौरान एक निजी चैनल की महिला पत्रकार ऋचा पाराशर के साथ कथित तौर पर धक्का-मुक्की और अभद्रता हुई। पत्रकार का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने उनका हाथ या कंधा पकड़कर खींचा और उनके सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें जोर से धक्का दिया, जिससे वह जमीन पर गिर गईं और उनका फोन टूट गया। यह मामला अब कोर्ट तक पहुंच गया है।
Q2 Results: दिग्गज सीमेंट कंपनी UltraTech Cement की सब्सिडियरी India Cements का सितंबर तिमाही में मुनाफा करीब 340% यानी चार गुना से ज्यादा बढ़ गया। कंपनी ने ₹38.8 करोड़ का नेट प्रॉफिट कमाया। पिछले साल इसी तिमाही में मुनाफा ₹8.8 करोड़ था।
कंपनी की कमाई यानी रेवेन्यू भी बढ़ी है। सितंबर तिमाही में यह 2.2% बढ़कर ₹1,142 करोड़ रहा। पिछले साल इसी दौरान रेवेन्यू ₹1,117 करोड़ था।
India Cements की कमाई में कैसे आया उछाल?
इंडिया सीमेंट्स का EBITDA सालाना आधार पर 78% बढ़कर ₹145 करोड़ हो गया। पिछले साल यह ₹81 करोड़ था। वहीं, EBITDA मार्जिन भी 7.3% से बढ़कर 12.7% हो गया।
कंपनी के मुताबिक, प्लांट में कामकाज बेहतर होने और मशीनों का ज्यादा इस्तेमाल होने से मुनाफा बढ़ा है। आसान भाषा में कहें तो कंपनी पहले के मुकाबले अपने संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल कर रही है।
₹2,000 करोड़ खर्च करने की तैयारी
इंडिया सीमेंट्स ने कारोबार बढ़ाने के लिए ₹2,000 करोड़ के निवेश को मंजूरी दी है। सितंबर 2026 तक इसमें से करीब ₹1,728 करोड़ खर्च करने की प्रतिबद्धता जताई जा चुकी थी।
कंपनी हर साल सीमेंट बनाने की क्षमता 28 लाख टन बढ़ाना चाहती है। इसके अलावा, बिजली का खर्च घटाने के लिए भी कदम उठाए जा रहे हैं। कंपनी 24 मेगावाट का ऐसा सिस्टम लगाने की योजना पर काम कर रही है, जो सीमेंट बनाने के दौरान निकलने वाली गर्मी से बिजली बनाने में मदद करेगा। साथ ही, 263 मेगावाट की रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता भी डेवलपम की जाएगी।
इंडिया सीमेंट्स के शेयरों का हाल
नतीजों की घोषणा से पहले शुक्रवार को BSE पर इंडिया सीमेंट्स का शेयर 1.78% चढ़कर ₹302.50 पर बंद हुआ। पिछले 1 साल में स्टॉक 23% गिरा है।
India Cements सीमेंट और इससे जुड़े प्रोडक्ट बनाती है। इसका इस्तेमाल निर्माण और इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में होता है। कंपनी UltraTech Cement की सब्सिडियरी है, जो आदित्य बिड़ला ग्रुप का हिस्सा है।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।
Shardiya Navratri 2026: शारदीय नवरात्रि का पर्व अब अपने समापन की ओर आ गया है। इस पर्व में महाअष्टमी और महानवमी तिथि का विशेष महत्व है। नवरात्रि में पूरे नौ दिन व्रत करने वाले भक्त इस दिन छोटी कन्याओं को मां दुर्गा का स्वरूप मानकर उनकी पूजा करते हैं, जिसे कन्या पूजन या कंजक पूजन कहा जाता है। लेकिन इस साल शारदीय नवरात्रि में महाअष्टमी और महानवमी तिथि की तारीख को लेकर असमंजस की स्थिति बन रही है कि यह दोनों अहम पर्व किस तारीख को मनाए जाएंगे?
श्री कैलख ज्योतिष एवं वैदिक संस्थान ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं ज्योतिषाचार्य महंत रोहित शास्त्री ने बताया कि पंचांग के अनुसार, आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि 18 अक्टूबर, 2026 को प्रातः 8 बजकर 29 मिनट पर प्रारंभ होगी तथा 19 अक्टूबर को प्रातः 10 बजकर 52 मिनट पर समाप्त होगी।
इसी तरह, शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि 19 अक्टूबर, 2026 को प्रातः 10 बजकर 53 मिनट पर प्रारंभ होकर 20 अक्टूबर को दोपहर 12 बजकर 51 मिनट पर समाप्त होगी। सूर्योदय व्यापिनी अष्टमी 19 अक्टूबर को तथा सूर्योदय व्यापिनी नवमी 20 अक्टूबर को है।
अष्टमी और नवमी का व्रत और कन्या पूजन कब?
महंत रोहित शास्त्री ने बताया कि जो श्रद्धालु अष्टमी के दिन व्रत, पूजन, साख विसर्जन एवं कन्या पूजन करना चाहते हैं, वे 19 अक्टूबर, सोमवार को ये धार्मिक कार्य कर सकते हैं। वहीं, नवमी के दिन व्रत, पूजन, साख विसर्जन एवं कन्या पूजन करने वाले श्रद्धालु 20 अक्टूबर, मंगलवार को ये अनुष्ठान कर सकते हैं।
विजयदशमी का पर्व 20 अक्टूबर को मनाया जाएगा। शस्त्र पूजन का समय 20 अक्टूबर को दोपहर 12 बजकर 52 मिनट के बाद करना शुभ होगा।
कन्या पूजन का धार्मिक महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, 3 से 9 वर्ष तक की कन्याओं को मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों का प्रतीक माना जाता है। कन्या पूजन को नवरात्रि के अनुष्ठान का महत्वपूर्ण अंग माना गया है। इस दिन श्रद्धालु कन्याओं का पूजन कर उन्हें भोजन कराते हैं और भेंट देकर विदा करते हैं। नौ कन्याओं के साथ एक बालक को भी भोजन कराने की परंपरा है। इस अवसर पर उन्हें खीर, पूड़ी, हलवा और काले चने का भोग लगाया जाता है।
कन्याओं से इन मंत्रों द्वारा करें प्रार्थना
मंत्र 1
मन्त्राक्षरमयीं लक्ष्मीं मातृणां रूपधारिणीम्।
नवदुर्गात्मिकां साक्षात् कन्यामावाहयाम्यहम्॥
मंत्र 2
जगत्पूज्ये जगद्वन्द्ये सर्वशक्तिस्वरूपिणि।
पूजां गृहाण कौमारि जगन्मातर्नमोऽस्तु ते॥
कन्या पूजन के नौ मंत्र
ॐ कुमार्यै नमः।
ॐ त्रिमूर्त्यै नमः।
ॐ कल्याण्यै नमः।
ॐ रोहिण्यै नमः।
ॐ कालिकायै नमः।
ॐ चण्डिकायै नमः।
ॐ शाम्भव्यै नमः।
ॐ दुर्गायै नमः।
ॐ सुभद्रायै नमः।
नवरात्रि व्रत का पारण
कन्या पूजन एवं अन्य धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होने के बाद नवरात्रि व्रत का पारण किया जाता है। व्रत खोलने की इस प्रक्रिया को व्रत पारण कहा जाता है। श्रद्धालुओं को अपनी पारिवारिक परंपरा, धार्मिक मान्यताओं तथा पंचांग के अनुसार उचित समय पर व्रत का पारण करना चाहिए।
UPESSC PRT Recruitment 2026: उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) ने असिस्टेंट टीचर प्राइमरी भर्ती 2026 के लिए आवेदन करने की आखिरी तारीख बढ़ाकर 28 अक्टूबर, 2026 कर दी है। जिन उम्मीदवारों ने अभी तक अपना आवेदन जमा नहीं किया है, वे आयोग की आधिकारिक वेबसाइट upessc.up.gov.in के जरिए पंजीकरण प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।
पहले आवेदन की आखिरी तारीख 15 अक्टूबर, 2026 तय की गई थी। एक्सटेंशन के बाद, उम्मीदवारों के पास अपने जमा किए गए आवेदन फॉर्म में करेक्शन करने के लिए अतिरिक्त समय भी होगा। आयोग द्वारा जारी शॉर्ट नोटिस के अनुसार, आवेदन विवरण में बदलाव करने की आखिरी तारीख 31 अक्टूबर, 2026 है। इस भर्ती प्रक्रिया का मकसद उत्तर प्रदेश में असिस्टेंट टीचर की 12,405 वैकेंसी को भरना है। इसमें उत्तर प्रदेश बेसिक एजुकेशन काउंसिल के तहत प्राइमरी स्कूल और उससे जुड़े नॉन-गवर्नमेंट एडेड प्राइमरी स्कूल शामिल हैं।
UPESSC PRT भर्ती 2026: पदवार बंटवारा
आयोग ने प्राथमिक शिक्षक के पोस्ट की दो श्रेणी में 12,405 पदों की घोषणा की है। कुल पदों में से 11,508 उत्तर प्रदेश बेसिक एजुकेशन काउंसिल के तहत शहरी प्राइमरी स्कूलों में असिस्टेंट टीचर के लिए हैं। बाकी 897 पोस्ट लड़कों और लड़कियों के लिए मान्यता प्राप्त एडेड प्राइमरी स्कूलों में असिस्टेंट टीचर के लिए हैं। श्रेणी के हिसाब से बंटवारा इस तरह है:
पोस्ट कैटेगरी वैकेंसी
यूपी बेसिक एजुकेशन काउंसिल के तहत शहरी प्राइमरी स्कूलों में असिस्टेंट टीचर 11,508
लड़कों और लड़कियों के लिए एफिलिएटेड नॉन-गवर्नमेंट एडेड प्राइमरी स्कूलों में असिस्टेंट टीचर 897
कुल 12,405
विज्ञापित पदों के लिए पे स्केल लेवल 6 है, जो Rs 35,400 से Rs 1,12,400 तक है। उम्मीदवारों को लागू योग्यता आवश्यकताओं, चयन प्रक्रिया और दूसरी सेवा शर्तों के लिए विस्तृत भर्ती नोटिफिकेशन देखना चाहिए।
UPESSC PRT भर्ती 2026: जरूरी तारीखें
जानकारी पिछली तारीख बढ़ी हुई तारीख
अप्लाई करने की आखिरी तारीख 15 अक्टूबर, 2026 28 अक्टूबर, 2026
एप्लीकेशन में सुधार की आखिरी तारीख दी गई जानकारी में नहीं बताई गई है 31 अक्टूबर, 2026
UPESSC PRT भर्ती 2026: अप्लाई करने के स्टेप्स
ऑफिशियल वेबसाइट, upessc.up.gov.in पर जाएं।
विज्ञापन संख्या 05/2026 के तहत असिस्टेंट टीचर प्राइमरी भर्ती 2026 लिंक खोलें।
रिक्रूटमेंट नोटिफिकेशन पढ़ें और एलिजिबिलिटी शर्तें चेक करें।
अगर जरूरी हो, तो ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रोसेस पूरा करें।
आवेदन फॉर्म में बताई गई पर्सनल, एजुकेशनल और दूसरी जानकारी भरें। जरूरी डॉक्यूमेंट्स बताए गए फॉर्मेट में अपलोड करें।
अगर लागू हो, तो ऑफिशियल नोटिफिकेशन में बताए अनुसार एप्लीकेशन फीस भरें।
भरी गई डिटेल्स देखें और आवेदन फॉर्म जमा करें।
आगे के लिए कन्फर्मेशन पेज डाउनलोड या प्रिंट करें।
अपना आवेदन जमा कर चुके उम्मीदवारों को अपना फॉर्म चेक कर लेना चाहिए। अगर उसमें किसी सुधार की जरूरत है, तो बदलाव करने की विंडो 31 अक्टूबर, 2026 को बंद हो जाएगी।
UPESSC PRT लिखित परीक्षा 3 और 4 दिसंबर को होगी
असिस्टेंट टीचर प्राइमरी भर्ती 2026 के लिए लिखित परीक्षा 3 और 4 दिसंबर, 2026 को होगी। एप्लीकेशन की आखिरी तारीख बढ़ने के साथ, जिन कैंडिडेट्स ने अभी तक अप्लाई नहीं किया है, उन्हें 28 अक्टूबर, 2026 तक प्रोसेस पूरा कर लेना चाहिए।