सीएम धामी ने दी महानवमी की बधाई, सरकारी नौकरियों में महिलाओं के 30% आरक्षण को लेकर कही बड़ी बात

सीएम धामी ने दी महानवमी की बधाई, सरकारी नौकरियों में महिलाओं के 30% आरक्षण को लेकर कही बड़ी बात

pushkar singh dhami

उत्तराखंड के मुख्‍यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को प्रदेशवासियों को महानवमी की बधाई दी। उन्होंने बताया कि राज्य में सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 30% क्षैतिज आरक्षण देने का फैसला किया गया है। ALSO READ: उत्तराखंड में महिलाओं को 5 लाख रुपए तक का ब्याजमुक्त लोन, सीएम धामी ने दी जानकारी

 

माँ सिद्धिदात्री से की सुख-समृद्धि की कामना

सीएम धामी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए लिखा, “समस्त प्रदेशवासियों को अष्ट सिद्धियों की दात्री माँ सिद्धिदात्री की आराधना को समर्पित पावन महानवमी पर्व की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। माँ सिद्धिदात्री से आप सभी के सुख-समृद्धि और आरोग्यपूर्ण जीवन की कामना करता हूँ।”

मातृशक्ति को 30% आरक्षण पर जोर

एक अन्य पोस्ट में मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि प्रदेश की मातृशक्ति को समान अवसर प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर व सशक्त बनाना हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 30% क्षैतिज आरक्षण देने का निर्णय इसी संकल्प का प्रमाण है। 

उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास है कि हर बहन को आगे बढ़ने, अपने सपनों को साकार करने और आत्मसम्मान के साथ जीवन जीने के पर्याप्त अवसर मिलें क्योंकि नारी सशक्त होगी, तभी विकसित उत्तराखंड का संकल्प साकार होगा।

“लॉरेंस बिश्नोई साहब…”: प्रेस कॉन्फ्रेंस में फिसली दिल्ली पुलिस के डीसीपी की जुबान, वायरल वीडियो पर बवाल

"लॉरेंस बिश्नोई साहब...": प्रेस कॉन्फ्रेंस में फिसली दिल्ली पुलिस के डीसीपी की जुबान, वायरल वीडियो पर बवाल

Lawrence Bishnoi

दिल्ली पुलिस के एक डीसीपी का खूंखार गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को ‘साहब’ कहना भारी पड़ गया। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उनके मुंह से गैंगस्टर के लिए सम्मानसूचक शब्द निकल जाने का एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह वायरल हो रहा है। इस क्लिप के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर दिल्ली पुलिस की जमकर किरकिरी हो रही है। ALSO READ: टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग, कौन है अनिल पंडित? क्या है लॉरेंस बिश्नोई गैंग से कनेक्शन?

 

सीजेपी के निशाने पर दिल्ली पुलिस

कॉकरोच जनता पार्टी ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर वीडियो पोस्ट कर कहा, सोचिए नाम कितने प्यार से लिया जा रहा है, लॉरेंस बिश्नोई साहब :- दिल्ली पुलिस इसका क्या मतलब समझा जाए?? 

 

एक अन्य पोस्ट में कहा गया है कि लॉरेंस बिश्नोई का नाम जिस तरह गैंगस्टर नेटवर्क, हाई-प्रोफाइल धमकियों, हत्याओं और मीडिया की सुर्खियों में बार-बार आता है, उससे यह सवाल उठ सकता है कि क्या उसकी वास्तविक आपराधिक ताकत से ज़्यादा उसकी छवि बनाई और प्रचारित की जा रही है? ALSO READ: टाइगर श्रॉफ फायरिंग मामला: अभिनेता के घर पहुंचे एकनाथ शिंदे, बोले- ’90 के दशक जैसा गैंगवार बर्दाश्त नहीं’

 

25 लाख रुपये की रंगदारी का मामला

हुआ यूं कि लॉरेंस के नाम से धमकी देकर कल्याणपुरी के एक ज्वेलर से 25 लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई थी। ईस्ट जिला पुलिस ने पंजाब से तीन आरोपियों को पकड़ा था। इसे लेकर DCP धानिया ने बुधवार दोपहर को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस अपने ऑफिस में बुलाई। एक सवाल के जवाब में उनके मुंह से निकल गया, ‘मैसेज और कॉल में लॉरेंस बिश्नोई ‘साहब’ का नाम लिया गया था।’

 

फोन करके डिलीट कराई क्लिप, लेकिन…

बताया जा रहा है कि DCP को अपनी गलती पता चली तो उन्होंने क्लिप पोस्ट करने वालों को खुद कॉल कर इसे हटाने का अनुरोध किया। कुछ ने पोस्ट डिलिट भी कर दी लेकिन तब तक यह इतनी बड़ी संख्या में शेयर की जा चुकी थी कि डीसीपी निशाने पर आ गए। डीसीपी का कहना था कि वह 2004 बैच के आईपीएस ओमवीर बिश्नोई के साथ काम कर चुके हैं, जिससे बिश्नोई सरनेम आते ही उनके मुंह से साहब निकल गया था।

 

कौन है लॉरेंस बिश्नोई?

लॉरेंस बिश्नोई एक भारतीय गैंगस्टर और बिश्नोई गैंग का सरगना है, जो वर्तमान में गुजरात की साबरमती जेल में बंद है। जेल में होने के बावजूद उसका सिंडिकेट भारत के अलावा अमेरिका, कनाडा और दुबई जैसे देशों में सक्रिय है। रविवार को फिल्म अभिनेता टाइगर श्राफ पर हुए जानलेवा हमले के पीछे भी लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम ही सामने आ रहा है।

जगन मोहन रेड्डी को 2023 के चुनाव आयोग के कानून पर क्यों है पछतावा? NDA को दे दी टेंशन!

चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति को लेकर अब YSR कांग्रेस पार्टी ने अपने पुराने रुख पर सवाल उठाए हैं। आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और पार्टी प्रमुख वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी ने रविवार को माना कि चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से जुड़े बिल पर NDA सरकार का समर्थन करना उनकी पार्टी की गलती थी। उन्होंने कहा कि पार्टी को अब अपने उस फैसले पर अफसोस है।

उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “हमें अब इस बात का पछतावा है… हमें एहसास हुआ है कि ऐसी चयन प्रक्रिया को मंजूरी देना हमारी गलती थी, जिसमें चुनाव आयुक्त का चुनाव तीन सदस्यीय पैनल द्वारा किया जाता है। इस पैनल में प्रधानमंत्री, प्रधानमंत्री द्वारा चुने गए एक मंत्री और विपक्ष के नेता शामिल होते हैं।” उन्होंने तर्क दिया कि मौजूदा व्यवस्था ने चुनाव आयोग (EC) के ढांचे को असंतुलित कर दिया है।

इस दौरान जगन ने कानून में संशोधन की भी मांग की, ताकि चयन समिति में भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) को फिर से शामिल किया जा सके। उन्होंने कहा, “अभी की प्रक्रिया इतनी एकतरफा है, जैसे कि छात्र खुद ही अपना परीक्षक चुन रहे हों। ऐसा नहीं होना चाहिए।”

बता दें कि यह बयान इसलिए अहम है क्योंकि 2023 के कानून का YSRCP ने लोकसभा और राज्यसभा, दोनों जगह समर्थन किया था, जबकि विपक्ष ने इसमें से CJI को हटाए जाने पर आपत्ति जताई थी।

‘सोच बदल गई है’

यह पहली बार नहीं है जब जगन मोहन रेड्डी ने चुनाव आयोग (EC) के कामकाज को लेकर चिंता जताई है। सितंबर में, चुनाव आयोग के भीतर मतभेदों पर ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की जांच पर प्रतिक्रिया देते हुए, उन्होंने ‘X’ पर लिखा कि “लोकतंत्र तभी कायम रह सकता है जब लोगों को चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्थाओं पर पूरा भरोसा हो”।

रिपोर्ट में मतदाता सूची के ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) से जुड़े फैसलों पर दो चुनाव आयुक्तों द्वारा जताई गई आपत्तियों का जिक्र किया गया था।

इस पर जगन ने लिखा था, “आरोप-प्रत्यारोप लगाने के बजाय, जनता को यह स्पष्ट रूप से पता होना चाहिए कि क्या आपत्तियां दर्ज की गईं, उन पर क्या कार्रवाई हुई, और मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने या बहाल करने की प्रक्रिया कितनी पारदर्शी तरीके से पूरी की गई।”

उन्होंने चुनावी प्रक्रिया में जनता का भरोसा बहाल करने, नागरिकों के मतदान के अधिकारों की रक्षा करने और यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाने की मांग की कि लोग बिना किसी डर के अपने इन अधिकारों का इस्तेमाल कर सकें।

YSRCP के एक नेता ने कहा, “हमने हमेशा कहा है कि (NDA) सरकार को हमारा समर्थन मुद्दों पर आधारित होगा। इस मामले में, हमें लगता है कि जनता को सरकार से और अधिक आश्वासन मिलने की जरूरत है।”

NDA को संसदीय समर्थन

कुछ विधायी मामलों में NDA को पार्टी का समर्थन मिलने का मतलब यह नहीं था कि BJP के साथ कोई औपचारिक गठबंधन हो गया है। हालांकि, संसद में पार्टी के रुख ने अक्सर सरकार को अपने गठबंधन के दायरे से बाहर भी समर्थन जुटाने में मदद की, जिससे जगन का बदला हुआ रुख राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हो जाता है।

YSRCP ने संसद में लगातार NDA का समर्थन किया है। 2020 में, पार्टी ने केंद्र सरकार को उन विवादास्पद कृषि कानूनों पर समर्थन दिया था, जिन्हें बाद में रद्द कर दिया गया। 2023 में, जब विपक्षी दलों ने नए संसद भवन के उद्घाटन समारोह का बहिष्कार किया था, तब भी YSRCP के विधायक उस कार्यक्रम में शामिल हुए थे।

साल 2019 से 2024 के बीच, जब आंध्र प्रदेश में YSRCP सत्ता में थी, तब पार्टी ने नागरिकता (संशोधन) अधिनियम, प्रस्तावित राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) और अनुच्छेद 370 को हटाए जाने के मुद्दों पर NDA का समर्थन किया था।

जानकारी के मुताबिक, 2024 के चुनावों के बाद, जब YSRCP के केवल चार लोकसभा सांसद ही जीत पाए और आंध्र प्रदेश में पार्टी सत्ता से बाहर हो गई, तब भी उसने स्पीकर पद के लिए NDA की पसंद का समर्थन किया था। इसके अलावा, 2025 में पार्टी ने सत्ताधारी गठबंधन की ओर से उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार सी.पी. राधाकृष्णन का भी समर्थन किया, और इस साल की शुरुआत में उसने परिसीमन विधेयक (डिलिमिटेशन बिल) पैकेज को अपना समर्थन देने की घोषणा की।

वाम दलों के साथ तालमेल

जगन के करीबी सूत्रों ने बताया कि YSRCP वाम दलों (जिसमें CPI(M) और CPI शामिल हैं) के साथ बातचीत कर रही है। यह बातचीत आंध्र प्रदेश में मतदाताओं के नाम बड़े पैमाने पर सूची से हटाए जाने के मुद्दे पर हो रही है।

एक सूत्र ने कहा, “आंध्र प्रदेश में विपक्ष की एक पार्टी होने के नाते, हमारा मानना ​​है कि हमें उन लोगों के साथ खड़ा होना चाहिए जो उन मतदाताओं के हितों का समर्थन कर रहे हैं, जिनके नाम अवैध रूप से हटा दिए गए हैं। TDP के नेतृत्व वाली आंध्र प्रदेश सरकार, राज्य चुनाव आयोग (EC) का पक्ष ले रही है और अपनी बात मानने वाले इस आयोग का फायदा उठा रही है।”

गौरतलब है कि जगन मोहन रेड्डी की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब YSRCP और सत्ताधारी TDP के नेतृत्व वाले गठबंधन (जिसमें BJP और जन सेना पार्टी भी शामिल हैं) के बीच राजनीतिक टकराव जारी है।

YSRCP ने सत्ताधारी गठबंधन पर अपने लोकसभा फ्लोर लीडर, पी.वी. मिथुन रेड्डी की हत्या की कोशिश करने का भी आरोप लगाया है। वहीं, TDP ने आरोप लगाया है कि आगामी स्थानीय निकाय चुनावों के लिए नामांकन दाखिल करने के दौरान, मिथुन ने भीड़ को आगजनी के लिए उकसाया था।

राज्य में TDP के नेतृत्व वाला गठबंधन पूरी तरह से सत्ता में है। ऐसे में, YSRCP मतदाता सूची में बदलाव और संवैधानिक संस्थाओं के कामकाज जैसे मुद्दों पर विपक्ष का समर्थन एकजुट करने की कोशिश कर रही है।

क्या एक व्यापक विपक्षी मोर्चा बनेगा?

जगन ने ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के नेताओं को सार्वजनिक रूप से अपना समर्थन दिया है। बता दें कि CJP के सदस्य सौरव दास और आशुतोष रंका को जंतर-मंतर पर तिरंगा फहराने के बाद गिरफ्तार किया गया था। इस पर जगन ने एक बार फिर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी प्रतिक्रिया दी।

उन्होंने एक पोस्ट में कहा, “व्यवस्था में एक खामी है जिसे ठीक करने की जरूरत है। चुनावी प्रक्रिया में लोगों का भरोसा फिर से बहाल होना चाहिए। सौरव दास और आशुतोष रांका की गिरफ्तारी से कोई समस्या हल नहीं होगी, बल्कि इससे हालात और बिगड़ेंगे।”

उनका यह कदम तब आया है जब पड़ोसी राज्य तेलंगाना की एक क्षेत्रीय पार्टी, ‘भारत राष्ट्र समिति’ (BRS) ने भी CJP का समर्थन किया है। इससे संकेत मिलता है कि क्षेत्रीय पार्टियों के राजनीतिक हित आपस में मेल खा सकते हैं।

बता दें कि जगन का यह बदला हुआ रुख ऐसे समय में सामने आया है, जब क्षेत्रीय पार्टियों को मिलाकर एक व्यापक विपक्षी मोर्चा बनाने की कोशिशों को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं।

वहीं तमिलनाडु में, इस साल हुए विधानसभा चुनावों के बाद कांग्रेस के विजय की पार्टी ‘TVK’ के साथ हाथ मिलाने से, कांग्रेस और DMK के रिश्तों में खटास आ गई है। DMK ने भी CJP का समर्थन किया है।

पार्टी सूत्रों के अनुसार, YSRCP के लिए इस तरह का कोई भी गठबंधन मुख्य रूप से आंध्र प्रदेश में उसकी राजनीतिक लड़ाई से प्रेरित होगा।

एक सूत्र ने बताया, “आंध्र प्रदेश में YSRCP को समर्थन देने वाले गठबंधनों के लिए जगन हमेशा तैयार रहे हैं। फिलहाल, राज्य में TDP के नेतृत्व वाले गठबंधन को रोकने के लिए ‘लेफ्ट फ्रंट’ (वाम मोर्चा) या क्षेत्रीय दलों का गठबंधन काफी लग रहा है।”

हालांकि, कांग्रेस के साथ गठबंधन की संभावना फिलहाल कम ही है, क्योंकि जगन और उनकी बहन YS शर्मिला के बीच रिश्ते तनावपूर्ण हैं। शर्मिला कांग्रेस की राज्य इकाई की प्रमुख हैं।

एक सूत्र ने कहा, “फिलहाल कांग्रेस के साथ गठबंधन की कोई संभावना नहीं है।”

यह भी पढ़ें: तेज विकास के बावजूद रुपये की कमजोरी दे रही दर्द, 5 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनने का लक्ष्य छिटका दूर

जब टाइगर श्रॉफ पर चल रही थी गोली तो वहीं खड़े ऑटो ड्राइवर राकेश ने क्या क्या देह लिया?

मुंबई{mumbai}। बॉलीवुड एक्टर टाइगर श्रॉफ पर रविवार शाम हुए फायरिंग हमले में अब चश्मदीद का बड़ा बयान सामने आया है। जुहू इलाके में हुई इस वारदात ने पूरे बॉलीवुड में हड़कंप मचा दिया है। ऑटो ड्राइवर राकेश कुमार ने ANI को बताया कि हमला पूरी प्लानिंग के साथ किया गया था।चश्मदीद ने क्या देखा?

बाल-बाल बचे टाइगर, ड्राइवर को लगी गोली

राकेश कुमार ने बताया, “मैं शाम करीब 7 बजे अपनी गाड़ी निकालने आया था। वहां तीन लोग थे – एक बाइक पर बैठा था और दो लोग गेट के बाहर खड़े थे। जैसे ही टाइगर श्रॉफ की कार फुटबॉल क्लब से बाहर निकली, सामने वाले ने सीधे उसी सीट पर फायरिंग शुरू कर दी, जहां टाइगर बैठे थे। गेट के पास खड़े दूसरे शख्स ने ड्राइवर पर गोली चलाई जो उसके हाथ में लगी।”5 राउंड फायरिंग, ड्राइवर घायल

मुंबई पुलिस के मुताबिक, DCP मोहित गर्ग ने बताया कि टाइगर श्रॉफ बाल-बाल बच गए। हमले में 5 राउंड गोलियां चलीं। टाइगर को सीधे गोली नहीं लगी लेकिन बारूद और कांच के टुकड़ों से उनके हाथ, कंधे और छाती पर चोटें आईं हैं। उनके ड्राइवर को हाथ में गोली लगी है। दोनों घायलों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया।पुलिस ने तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ BNS की धारा 109(1), 3(5) और आर्म्स एक्ट की धारा 3, 25 के तहत FIR दर्ज कर ली है। हमलावरों के खिलाफ BNS और आर्म्स एक्ट में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

घर पहुंचे एकनाथ शिंदे

घटना के बाद रविवार रात महाराष्ट्र के डिप्टी CM एकनाथ शिंदे टाइगर श्रॉफ के घर पहुंचे। तस्वीरों में टाइगर के कंधे, छाती और हाथ पर पट्टी बंधी दिख रही है। उनकी मां आयशा श्रॉफ भी काफी घबराई हुई थीं।शिंदे ने कहा, “यह बेहद निंदनीय घटना है। 90 के दशक में मुंबई में गैंगवार आम था, जिसे पुलिस ने खत्म किया था। पब्लिक फिगर को इस तरह धमकाना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार टाइगर के परिवार के साथ खड़ी है और आरोपियों को जल्द पकड़ा जाएगा।”

Disha Patani Meet Disha Patani: फायरिंग की घटना के बाद टाइगर से मिलने पहुंची एक्स गर्लफ्रेंड दिशा पाटनी, पैपराजी को किया इग्नोर

Disha Patani Meet Disha Patani: रविवार को मुंबई के जुहू इलाके में अज्ञात लोगों के गोलीबारी किए जाने के बाद बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ घायल हो गए। इस घटना के बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे अभिनेता के आवास पर उनसे मिलने पहुंचे। इस मुश्किल समय में उनके साथ रहने के लिए अभिनेत्री दिशा पाटनी भी उनके घर पहुंचीं।

दिशा पाटनी टाइगर श्रॉफ के आवास पर पहुंचीं

पैपराजी द्वारा शेयर किए गए एक वीडियो में दिशा को टाइगर के घर पहुंचते हुए देखा जा सकता है। वहां पहुंचने पर अभिनेत्री काफी परेशान नजर आ रही थीं। कार से उतरने के बाद उन्होंने पैपराजी की ओर ध्यान नहीं दिया और टाइगर से मिलने के लिए जल्दी से अंदर चली गईं।

टाइगर और दिशा कई सालों तक रिलेशनशिप में रहे हैं। हालांकि दोनों में से किसी ने भी कभी सार्वजनिक रूप से अपने रिश्ते की पुष्टि नहीं की। फिल्म इंडस्ट्री में काम करने के दौरान दोनों एक-दूसरे के करीब आए और 2018 की एक्शन फिल्म ‘बागी 2’ और म्यूजिक वीडियो ‘बेफिक्रा’ में साथ नजर आए। उन्हें अक्सर डिनर डेट, छुट्टियों और बाहर घूमते हुए एक साथ देखा जाता था, जिससे उनके रोमांस को लेकर अटकलें तेज हो गईं। जुलाई 2022 में ऐसी खबरें आईं कि लगभग छह साल तक डेट करने के बाद टाइगर और दिशा अलग हो गए हैं। सूत्रों ने ‘हिंदुस्तान टाइम्स’ को बताया था कि दोनों उसी साल की शुरुआत में अलग हो गए थे, लेकिन उनके बीच अभी भी अच्छे संबंध हैं।

रविवार को टाइगर जुहू के पुष्पा पार्क स्थित एक क्लब में फुटबॉल खेलकर लौट रहे थे, तभी बाइक पर सवार तीन लोगों ने उनकी कार पर कम से कम पांच राउंड फायरिंग की। इस घटना में टाइगर के ड्राइवर और एक ऑटो-रिक्शा चालक घायल हो गए। ड्राइवर के घायल होने के बाद टाइगर ने खुद गाड़ी की कमान संभाल ली।

नानावटी अस्पताल के सूत्रों ने बताया- “टाइगर के ड्राइवर के बाएं हाथ में गोली लगी है और शायद उन्हें सर्जरी की जरूरत पड़े। अभिनेता को मामूली खरोंचें आईं हैं। जांच के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।” एक फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल का दौरा किया, बैलिस्टिक सबूत जुटाए, गाड़ी का मुआयना किया और यह पता लगाने की कोशिश की कि कुल कितने राउंड फायरिंग हुई थी। पुलिस ने हमलावरों की पहचान करने के लिए आसपास की जगहों के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले। बाद में इस मामले के सिलसिले में सांताक्रूज से एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया।

गोलीबारी के तुरंत बाद लॉरेंस बिश्नोई गैंग के दो सदस्यों अनिल पंडित और हरमन संधू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट करके इस हमले की जिम्मेदारी ली। “हमने उसे (टाइगर श्रॉफ को) फोन करके समझाया था, लेकिन वह नहीं समझा। इसलिए आज हमने उसे अच्छे से समझा दिया है कि मुंबई फिल्म इंडस्ट्री में जो कोई भी हमारी बात नहीं मानेगा या सलमान खान के साथ काम करेगा, उसका नंबर अगला होगा। इंतजार करें और देखें।

Government bars sugar-based ethanol in 2026-27 tender: Report

Government bars sugar-based ethanol in 2026-27 tender: Report
Car being refuelled with petrol

Sugar-based ethanol has been left out of India’s ethanol tender for the 2026-27 supply year, according to a Reuters report. Citing the tender issued on October 16, the report states that the government has instructed state-run oil marketing companies (OMCs) to ensure no sugar is diverted towards ethanol production for this period. No bids have therefore been invited for ethanol produced using sugarcane juice, sugar or sugar syrup, or B-heavy molasses, the report adds.

  1. Oil firms invited bids for 11 billion litres of ethanol for 2026-27
  2. Tender allows bids for ethanol made from corn, broken rice and surplus FCI rice
  3. Incentive for corn-based ethanol cut from Rs 5.79/litre to Rs 2.79/litre

Tender details

It seeks 11 billion litres for the supply year starting in November 2026

The tender comes from Indian Oil, Bharat Petroleum and Hindustan Petroleum. “The Government of India has issued directions that sugar diversion for ethanol be reduced to zero for ethanol supply year 2026-27,” the tender document said, according to the report.

The companies are looking to procure 11 billion litres of ethanol for the supply year, which kicks off in November 2026. Distillers can submit bids for ethanol produced from corn, broken rice and surplus FCI (Food Corporation of India) rice. Corn-based ethanol will also fetch less this time. Its incentive has dropped by Rs 3 per litre to Rs 2.79 per litre, taking the procurement price from Rs 71.86 per litre to Rs 68.86 per litre, as per the report.

Ethanol blending and sugar supply

India is trying to rein in high sugar prices

Surplus sugar has been a key contributor to India’s ethanol-blending programme for several years. India also consumes more sugar than any other country, and has been trying to increase local production while easing prices.

Reuters had reported in August 2026 that limits on the use of sugarcane for ethanol were being considered for the season starting October 2026. Weaker rains in Maharashtra and Karnataka had already cast doubt on this year’s sugar production at the time.

Ethanol blending is aims to reduce India’s oil imports. E20 petrol, which became compulsory nationwide earlier this year, was introduced to cut emissions as well as the country’s dependence on imported crude. However, diverting sugarcane juice, sugar syrup and B-heavy molasses towards ethanol can lead to a reduction in the amount of sugar produced.

तेज विकास के बावजूद रुपये की कमजोरी दे रही दर्द, 5 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनने का लक्ष्य छिटका दूर

IMF के आंकड़ों के मुताबिक तेज विकास दर के बावजूद रुपये की कमजोरी के कारण भारत के 5 लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य 2029 तक टल सकता है। इसके पहले अनुमान थी कि 2027 में भारत जापान और UK को पीछे छोड़कर दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा। लेकिन IMF के पूर्वानुमानों के ‘मनीकंट्रोल’ द्वारा किए गए विश्लेषण से पता चलता है कि रुपये की गिरावट ने 5 लाख करोड़ डॉलर के टारगेट को एक साल और आगे के लिए टाल दिया है।

भारत 2027 में जापान और यूके को पीछे छोड़कर दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है, लेकिन 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का देश का यह लक्ष्य एक साल के लिए पिछड़ सकता है। इस टारगेट को रुपये की गिरती कीमत की वजह से झटका लग सकता है। जानकारों का कहना है कि रुपए के वैल्यू में कमी आने से डॉलर के हिसाब से देश के आर्थिक उत्पादन की वैल्यू में कमी आ रही है।

मनीकंट्रोल द्वारा इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) के नवीनतम ‘वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक’ (WEO) डेटाबेस के विश्लेषण से पता चलता है कि भारत की अर्थव्यवस्था के 2029 में 5 लाख करोड़ डॉलर के स्तर को पार करने का अनुमान है, जबकि अप्रैल में इसके 2028 तक इस स्तर को पार करने का अनुमान लगाया गया था।

IMF ने रुपये के संदर्भ में भारत के आर्थिक आउटपुट के अनुमान को तो बढ़ाया है, लेकिन 2028 के लिए भारत की नॉमिनल GDP के अपने अनुमान को 5.1 लाख करोड़ डॉलर से घटाकर 4.996 लाख करोड़ डॉलर कर दिया है।

5 लाख करोड़ डॉलर का टारगेट खिसका दूर

यह अंतर भारत की डॉलर-मूल्य वाली जीडीपी पर मुद्रा के अवमूल्यन (मूल्य में गिरावट) के बढ़ते प्रभाव को दिखाता है, जो ग्लोबल इकोनॉमिक रैंकिंग में देश की स्थिति तय करता है।

आईएमएफ (IMF) के अक्टूबर के अनुमानों के अनुसार, 2026 में भारत की अर्थव्यवस्था 4.06 लाख करोड़ डॉलर की होगी, जो 2027 में बढ़कर 4.52 लाख करोड़ डॉलर और 2029 में 5.54 लाख करोड़ डॉलर तक पहुंच जाएगी।

रुपये की गिरावट ने मजबूत घरेलू विकास के असर को किया बेअसर

ताजा अनुमान बताते हैं कि 5 लाख डॉलर के लक्ष्य तक पहुंचने में हो रही देरी की मुख्य वजह भारत की नॉमिनल आर्थिक ग्रोथ में आई गिरावट नहीं, बल्कि विनिमय दर (एक्सचेंज रेट) से जुड़े अनुमान में हुआ बदलाव है।

IMF का अब अनुमान है कि 2028 में रुपया प्रति डॉलर औसतन 95.5 के स्तर पर रहेगा, जबकि अप्रैल के अनुमानों में यह आंकड़ा 93.3 था। 2027 के लिए, एक्सचेंज रेट का अनुमान 93 से बदलकर 95 हो गया है।

साल की शुरुआत से अब तक भारतीय रुपया 5 प्रतिशत से ज्यादा कमजोर हो चुका है। शुक्रवार को रुपया 96.73 के स्तर पर बंद हुआ, जिसके बाद RBI ने इसमें और गिरावट को रोकने के लिए कदम उठाए।

इस बीच, घरेलू मुद्रा में भारत की नॉमिनल GDP के 2028 में 477.1 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है। अप्रैल में यह अनुमान 471.9 लाख करोड़ रुपये था, यानी इस अनुमान में 1.1 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। लेकिन, जब इसे डॉलर में बदला जाता है तो आर्थिक आउटपुट का यह अनुमान लगभग 63 अरब डॉलर कम हो जाता है।

मनीकंट्रोल की गणना से पता चलता है कि अप्रैल के 93.3 रुपए प्रति डॉलर के एक्सचेंज रेट अनुमान के आधार पर, 2028 के लिए भारत की रुपये में मापी गई GDP का IMF का ताजा अनुमान लगभग 5.11 लाख करोड़ डॉलर बैठता है, जो 5 लाख करोड़ डॉलर के आंकड़े से काफी ऊपर है। हालांकि, एक्सचेंज रेट के संशोधित अनुमान के आधार पर यह आंकड़ा घटकर लगभग 4.996 लाख करोड़ डॉलर रह जाता है।

इससे पता चलता है कि रुपये की कमजोरी, घरेलू नॉमिनल आउटपुट में हुई बढ़ोतरी के असर को पूरी तरह खत्म कर देती है। इससे यह भी साफ होता है कि भारत कब इस डॉलर-बेस्ड अहम इकोनॉमिक माइल स्टोन को हासिल करेगा, यह तय करने में विनिमय दर (एक्सचेंज रेट) में होने वाले बदलाव कितने अहम होते हैं।

2027 में भारत, जापान और UK को छोड़ सकता है पीछे

इस देरी के बावजूद, 2027 में भारत के ग्लोबल आर्थिक रैंकिंग में चौथे स्थान पर पहुंचने का अनुमान है। इस सूची में भारत अमेरिका, चीन और जर्मनी के बाद आएगा।

IMF के अक्टूबर के अनुमानों के अनुसार, 2027 में भारत की GDP 4.52 लाख करोड़ डॉलर तक पहुंच जाएगी। यह यूनाइटेड किंगडम की 4.49 लाख करोड़ डॉलर और जापान की अनुमानित 4.47 लाख करोड़ डॉलर की GDP से थोड़ी अधिक होगी। हालांकि, इन तीनों अर्थव्यवस्थाओं के बीच का अंतर काफी कम है, जिसका मतलब है कि विनिमय दरों (exchange rates) में उतार-चढ़ाव अंतिम नतीजों को बदल सकते हैं।

IMF के ताजा अनुमानों के अनुसार, भारत की अर्थव्यवस्था के और विस्तार करने की उम्मीद है। 2030 में यह 6.13 लाख करोड़ डॉलर और 2031 में 6.74 लाख करोड़ डॉलर तक पहुंच सकती है। इस स्तर पर भारत जर्मनी को पीछे छोड़कर दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा।

 

PM VBRY: पहली नौकरी पर ₹15,000 का तोहफा! जानिए EPFO की इस खास स्कीम के बारे में

इजराइल से ऑस्ट्रिया जा रही फ्लाइट को बम की धमकी:फाइटर जेट की निगरानी में इमरजेंसी लैंडिग हुई; 6 क्रू मेंबर समेत 57 सवार थे

इजराइल से ऑस्ट्रिया जा रही ऑस्ट्रियन एयरलाइंस की फ्लाइट को बम की धमकी के बाद बुल्गारिया में उतारा गया। एयरबस A320 रविवार रात तेल अवीव से वियना जा रहा था। खतरे की सूचना के बाद बुल्गारिया की वायुसेना ने विमान को एस्कॉर्ट करने के लिए MiG-29 लड़ाकू विमान भेजा। विमान में 51 यात्री और छह क्रू सदस्य सवार थे। सभी को सुरक्षित बाहर निकाला गया। किसी के घायल होने की खबर नहीं है। फ्लाइट तीन घंटे बाद बुल्गारिया में लैंड हुई फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक, ऑस्ट्रियन एयरलाइंस की फ्लाइट रविवार शाम 6:46 बजे तेल अवीव के बेन गुरियन एयरपोर्ट से रवाना हुई थी। विमान जब रोमानिया के ऊपर था तब इसे बुल्गारिया की राजधानी सोफिया की ओर मोड़ा गया। करीब तीन घंटे बाद 9:10 बजे यह सोफिया के वासिल लेव्स्की एयरपोर्ट पर उतरा। बुल्गारिया के परिवहन मंत्रालय के मुताबिक, अलर्ट मिलने के करीब 30 मिनट बाद विमान की सुरक्षा जांच शुरू हुई। बुल्गारिया और इजराइली मीडिया ने बताया कि विमान को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। ऑस्ट्रियन एयरलाइंस ने भी खतरे की पुष्टि की है, लेकिन ज्यादा जानकारी नहीं दी।