होमगार्ड भर्ती परीक्षा के मेडिकल घूस मामले में बचे हुए आरोपियों पर भी पुलिस का शिकंजा कसता जा रहा है। पुलिस बचे उसे दबोचने के लिए बैंक ट्रांजेक्शन की मदद लेगी। उधर, जेल भेजे गए डॉक्टरों को बचाने की पेशबंदी पूरी तरह से फेल रही।
Bank Nifty Trend : 19 अक्टूबर को बैंक निफ्टी इंडेक्स में 0.5% की गिरावट आई। एक्सिस बैंक और एचडीएफसी बैंक जैसे प्राइवेट बैंकों के कारण बैंक निफ्टी पर सबसे ज्यादा दबाव पड़ा है। जुलाई-सितंबर तिमाही के मुनाफे के अनुमानों पर खरे न उतरने के बाद प्राइवेट बैंकों में 1.7% की गिरावट आई है। इसमें HDFC बैंक और एक्सिस बैंक के शेयरों में 2% और 4.1% की गिरावट आई है।
HDFC बैंक पर ट्रेजरी आय में गिरावट और बैड लोन के लिए किए गए ज्यादा प्रावधान का दबाव दिखा है। जबकि एक्सिस बैंक के ऑपरेटिंग एक्सपेंस अधिक रहे हैं वहीं, अन्य आय कम रही है। दोनों ही बैंकों के नेट इंटरेस्ट मार्जिन में गिरावट आई है।
दूसरी ओर पब्लिक सेक्टर बैंकों में आज 2.2% की तेजी आई है। इसमें पंजाब नेशनल बैंक सबसे आगे रहा है। आज इसके शेयरों में 5.4% का उछाल आया है। सरकारी बैंको के नेट इंटरेस्ट मार्जिन में बढ़ोतरी देखने को मिली है।
अरिहंत कैपिटल मार्केट्स में इंस्टीट्यूशनल बिजनेस हेड अनीता गांधी ने कहा कि तिमाही नतीजों के बाद निवेशक साफ तौर पर PSU बैंकों के शेयरों को प्राथमिकता देते दिख रहे हैं। मजबूत FCNR डिपॉजिट का असर निजी बैंकों के नेट इंटरेस्ट मार्जिन पर पड़ रहा है।
19 अक्टूबर को सुबह 11 बजे, बैंक निफ्टी 0.5% गिरकर 55,571.3 पर ट्रेड कर रहा था। दूसरी ओर, निफ्टी PSU बैंक इंडेक्स 2.5% बढ़कर सबसे ज्यादा बढ़त वाला (टॉप गेनर) इंडेक्स बना हुआ था।
पंजाब नेशनल बैंक, केनरा बैंक और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के शेयरों में 3-6% की तेजी आई है। PNB के शेयरों में 6% की बढ़त दिख रही है। यह निफ्टी 200 इंडेक्स का सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला शेयर रहा। बैंक के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी अशोक चंद्र ने शुक्रवार को नतीजों के बाद आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि दिसंबर तिमाही में बैंक के नेट इंटरेस्ट मार्जिन में 6-7 बेसिस पॉइंट्स का सुधार होने की उम्मीद है। सितंबर तिमाही में PNB का घरेलू नेट इंटरेस्ट मार्जिन 2.74% रहा था, जो पिछली तिमाही के मुकाबले 10 बेसिस पॉइंट्स अधिक था।
मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर बैंक निफ्टी में गुरुवार के 56,065 के हाई के ऊपर एक निर्णायक ब्रेकआउ देखने को मिलता है तो इसकी तेजी 56,500 और 56,900 के स्तर तक जा सकती है। ये लेवल 58,706 से 53,785 तक की पूरी गिरावट का 50% और 61.8% रिट्रेसमेंट हैं। हालांकि, अगर यह इस लेवल के ऊपर टिक नहीं पाता है, तो इंडेक्स 54,500–56,000 की रेंज में कंसोलिडेट हो सकता है।
बजाज ब्रोकिंग के पाबित्रो मुखर्जी का कहना है कि बैंक निफ्टी के लिए 54,000-54,500 के स्तर पर एक अहम शॉर्ट-टर्म सपोर्ट है। यह लेवल हाल के निचले स्तर और पिछली बढ़ के अहम रिट्रेसमेंट का संगम है। वीकली चार्ट पर बैंक निफ्टी अपने ‘लोअर हाई’ और ‘लोअर लो’ स्ट्रक्चर को नकार रहा है और पिछले वीक के आई के ऊपर ट्रेड कर रहा है, जिससे इसमें रिकवरी का रुझान बरकरार है। लगातार 56,000–56,065 के अहम रेजिस्टेंस जोन के ऊपर बने रहने से तेजी का रुख और मजबूत होगा जिससे आगे इसके और ऊपर जाने के रास्ते खुलेंगे।
प्रभुदास लीलाधर की वैशाली पारेख ने कहा कि निवेशकों का भरोसा कायम रखने और आने वाले दिनों में और तेजी के लिए, 56900 के स्तर पर स्थित 200-पीरियड MA (मूविंग एवरेज) के ऊपर एक निर्णायक बढ़त जरूरी है। वहीं दूसरी ओर, 54000 का जोन एक अहम सपोर्ट का काम करेगा। कुल मिलाकर बाजार का रुख अच्छा बनाए रखने के लिए इस स्तर का कायम रहना जरूरी है।
डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।
PNB Bank Share Price: पीएसयू बैंक पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के शेयर आज 8% उछलकर 7 महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गए। स्टॉक में यह तेजी कंपनी के तिमाही नतीजों के ऐलान के बाद आई। हालांकि स्टॉक में अच्छी तेजी देखी जा रही है, लेकिन ग्लोबल इन्वेस्टमेंट बैंकिंग फर्मों CLSA और Citi की इस पर अलग-अलग राय है। CLSA इसे लेकर बुलिश है, जबकि Citi ने इस स्टॉक पर Sell की रेटिंग दी है।
कैसे रहे तिमाही नतीजे
PNB ने सितंबर 2024 को समाप्त तिमाही के लिए अपने नेट प्रॉफिट में 145% की बढ़ोतरी की जानकारी दी। सितंबर 2023 की तिमाही में 1756 करोड़ रुपये के मुकाबले, Q2 में नेट प्रॉफिट बढ़कर 4303.5 करोड़ रुपये हो गया। Q2 में ग्रॉस NPA, जून 2024 की तिमाही के 4.98% से घटकर 4.48% रह गए। नेट NPA भी जून 2024 की तिमाही के 0.60% से घटकर 0.46% पर आ गए।
जुलाई-सितंबर तिमाही के दौरान बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) 5.99% बढ़कर 10,517 करोड़ रुपये हो गई, जबकि पिछले साल की इसी तिमाही में यह 9923 करोड़ रुपये थी। प्रॉफिटेबिलिटी (मुनाफे) का एक अहम पैमाना, नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) पिछली तिमाही में 2.92% रहा।
स्टॉक पर क्या है ब्रोकरेज की राय
CLSA
CLSA ने PNB को “आउटपरफॉर्म” रेटिंग दी है और इसका टारगेट प्राइस ₹140 प्रति शेयर तय किया है। यह पिछले क्लोजिंग प्राइस से 20.4% की बढ़त की संभावना दिखाता है। फर्म के अनुसार, बैंक का दूसरी तिमाही का टैक्स के बाद मुनाफा (PAT) अनुमानों से 20% अधिक रहा। इसकी मुख्य वजह नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) का बेहतर प्रदर्शन और कुछ विशेष रिकवरी रही, हालांकि अन्य आय (other income) में कमी ने इस बढ़त को कुछ हद तक कम कर दिया।
CLSA ने बताया कि बैंक की लोन ग्रोथ पिछले साल के मुकाबले बढ़कर 16% हो गई है, जबकि कुछ तिमाहियों पहले यह दहाई के निचले स्तर (low double-digits) पर थी। वहीं, डिपॉजिट ग्रोथ पिछले साल के मुकाबले 10% पर स्थिर बनी हुई है।
पंजाब नेशनल बैंक के नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) में 8 बेसिस पॉइंट्स का सुधार हुआ है, जो मुख्य रूप से लोन यील्ड (loan yields) और डिपॉजिट कॉस्ट (deposit cost) में बदलाव के कारण हुआ है।
बैंक प्रबंधन ने संकेत दिया है कि NIM में आगे और सुधार हो सकता है। CLSA के अनुसार, बैंक की एसेट क्वालिटी स्थिर रही है और ग्रॉस स्लिपेज रेशियो 0.8% है।
Citi
Citi ने पंजाब नेशनल बैंक के शेयरों पर “Sell” की सलाह दी है। Citi का कहना है कि FCNR इनफ्लो के जरिए होलसेल डिपॉजिट कम होने से डिपॉजिट पर कैश 5 बेसिस पॉइंट्स घट गया। वहीं, रिटेल IBPC और कम रिटर्न देने वाले कॉर्पोरेट एक्सपोजर को कम करने से यील्ड (yields) में 8 बेसिस पॉइंट्स का इजाफा हुआ। सिटी (Citi) के अनुसार, स्टैंडर्ड एसेट प्रोविज़निंग से मिली राशि ने नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NPA) और फ्लोटिंग प्रोविज़न बफ़र्स की भरपाई कर दी, जिससे बैंक की क्रेडिट कॉस्ट लगभग शून्य हो गई।
PNB का ‘रिटर्न ऑन एसेट्स’ 1% से ऊपर स्थिर रहा। बैंक के ग्लोबल एडवांसेज (कर्ज) में पिछले साल के मुकाबले 14.7% और पिछली तिमाही के मुकाबले 5.3% की बढ़ोतरी हुई। यह FY27 के लिए तय 12% – 13% के लक्ष्य से भी अधिक है। इसमें FCNR-फंडेड ओवरसीज एक्सपोजर का भी योगदान रहा, जो बैंक की कुल बुक का 1.5% है।
पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के शेयर पर नजर रखने वाले 23 एनालिस्ट्स में से 14 ने इसे buy , 3 ने hold करने और 6 ने sell की रेटिंग दी है।
(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

शारदीय नवरात्र की पावन महाष्टमी तिथि पर रविवार रात गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरक्षपीठ की विशिष्ट परंपरा के अनुसार वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधि विधान से महानिशा पूजन व हवन किया। महानिशा पूजन अनुष्ठान से पूर्व उन्होंने जगतजननी मां आदिशक्ति के अष्टम स्वरूप मां महागौरी की आराधना की। दो घंटे से अधिक समय तक चले अनुष्ठान में मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि और चराचर जगत के कल्याण की प्रार्थना की।
रविवार को गोरखपुर आगमन के उपरांत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सीधे गोरखनाथ मंदिर पहुंचे। परंपरा का निर्वहन करते हुए उन्होंने सबसे पहले शिवावतार बाबा गोरखनाथ के मुख्य मंदिर में जाकर विधि-विधान से दर्शन-पूजन किया। इसके बाद उन्होंने अपने गुरुदेव ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की समाधि स्थल पर शीश नवाकर उनका आशीर्वाद लिया। देर शाम से रात तक वह महानिशा पूजा में लीन रहे।

गोरखनाथ मंदिर के शक्तिपीठ में महानिशा पूजा का अनुष्ठान गोरक्षपीठाधीश्वर के नेतृत्व में प्रारंभ हुआ। उनके गर्भगृह में प्रवेश करते ही शक्तिपीठ वैदिक मंत्रोच्चार और मां भगवती के जयकारों से गुंजायमान हो उठा। दो घंटे से अधिक चले अनुष्ठान में गोरक्षपीठाधीश्वर ने गौरी गणेश पूजन, वरुण पूजन, पीठ पूजन, यंत्र पूजन, मां दुर्गा का विधिवत् पूजन, भगवान राम-माता सीता-लक्ष्मण जी का षोडशोपचार पूजन, भगवान कृष्ण एवं गोमाता का पूजन, नवग्रह पूजन, विल्व पूजन,अधिष्ठात्री देवता पूजन, शस्त्र पूजन, द्वादश ज्योर्तिलिंग-अर्धनारीश्वर एवं शिव-शक्ति पूजन, बटुक भैरव, काल भैरव तथा त्रिशूल पर्वत पूजन किया। साथ ही हवन की वेदी पर ब्रह्मा, विष्णु, रुद्र और अग्नि देवता का आह्वान कर पूजन किया और शक्तिपीठ में स्थापित वेदी पर उगे जौ के पौधों को काटकर आदिशक्ति मां दुर्गा से समस्त नागरिकों के सुखमय जीवन की प्रार्थना की।
गोरक्षपीठाधीश्वर ने हवन के साथ महानिशा पूजा का अनुष्ठान पूर्ण किया। सम्पूर्ण अनुष्ठान श्रीदुर्गासप्तसती के पाठ एवं वैदिक मंत्रों के साथ संपन्न हुआ। अंत में आरती एवं क्षमा याचना के बाद प्रसाद वितरित हुआ। इस अवसर पर बड़ी संख्या में गोरखनाथ मंदिर में भक्तगण भी उपस्थित रहे।
आलीशान घर, शानदार लोकेशन, स्विमिंग पूल और प्राइवेट गार्डन लग्जरी घर खरीदते समय लोग आमतौर पर इन्हीं सुविधाओं पर ध्यान देते हैं। लेकिन हैदराबाद में कुछ लग्जरी होमबायर्स की प्राथमिकताएं अब कुछ अलग नजर आ रही हैं। वे घर पसंद करने से पहले यह भी जानना चाहते हैं कि आसपास किसी बड़े नेता का घर तो नहीं है। वजह घर की कीमत या सुविधाएं नहीं, बल्कि शांति, निजता और रोजमर्रा की जिंदगी में होने वाली संभावित परेशानियां हैं। हैदराबाद के एक रियल एस्टेट कारोबारी की सोशल मीडिया पोस्ट ने इस दिलचस्प ट्रेंड को चर्चा में ला दिया है।
विला खरीदने पहुंचे ग्राहक ने सबसे पहले पूछा ये सवाल
हैदराबाद के रियल एस्टेट कारोबारी सतीश रेड्डी ने 19 अक्टूबर 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट साझा की। उन्होंने बताया कि हाल ही में एक प्रीमियम विला प्रोजेक्ट में ग्राहक के साथ जाने पर उन्हें एक दिलचस्प सवाल सुनने को मिला। रेड्डी के मुताबिक, ग्राहक ने सेल्स हेड से सबसे पहले पूछा, “ई विलास लो पेद्दा पॉलिटिशियंस एवरु तीस्कोलेदु कदा?” यानी इन विला में किसी बड़े नेता ने तो घर नहीं खरीदा है?
लग्जरी प्रॉपर्टी खरीदने के दौरान इस तरह का सवाल आमतौर पर सुनने को नहीं मिलता। लेकिन रेड्डी के मुताबिक, यह कोई पहला मौका नहीं था, जब किसी ग्राहक ने आसपास रहने वाले लोगों और उनके प्रभाव के बारे में ऐसी चिंता जताई हो।
बड़े नेताओं के आसपास घर होने से क्या हो सकती है परेशानी?
रेड्डी ने अपनी पोस्ट में बताया कि किसी प्रमुख राजनीतिक हस्ती के आसपास रहने पर कुछ परिस्थितियों में आम निवासियों की दिनचर्या प्रभावित हो सकती है। किसी खास घर पर लोगों की आवाजाही बढ़ना, आगंतुकों की भीड़ जुटना और आसपास हलचल बने रहना ऐसी संभावित परेशानियां हैं।
उन्होंने जन्मदिन या अन्य अवसरों पर राजनीतिक समर्थकों की ओर से लगाए जाने वाले बड़े-बड़े बैनरों का भी जिक्र किया। उनके अनुसार, कुछ आवासीय परिसरों में ऐसे बैनर कई दिनों तक लगे रह सकते हैं और कभी-कभी लंबे समय तक भी दिखाई देते हैं।
रेड्डी ने इस संदर्भ में हैदराबाद के NCC Urban One का उदाहरण दिया। हालांकि, ये अनुभव और टिप्पणियां उनकी पोस्ट पर आधारित हैं, न कि सभी आवासीय परिसरों की स्थिति का प्रमाण।
Last evening, I was with a client at a premium villa project, and the first question he asked the sales head was:
“Ee villas lo pedda politicians evvaru teesukoledu kada” (No big politicians have bought villas here, right?)
Apart from occasional bursts of visitors and the regular high volume of visitors at certain homes, residents also have to deal with ugly banners put up by sycophants at the entrance and sometimes all along the lanes on birthdays and other occasions.
At some places, like NCC Urban One, these banners remain for days or even most part of the year too.
This is increasingly becoming an important factor for homebuyers looking for privacy, peace and exclusivity.
And this isn’t the first time I’ve heard this. Someone who moved from a community in Financial district to another villa community in Gandipet told me the same thing.
— Satish Reddy | Hyderabad Real Estate & Infra (@HydREGuide) October 19, 2026
फाइनेंशियल डिस्ट्रिक्ट से गांडीपेट तक सामने आई ऐसी चिंता
रेड्डी ने बताया कि उन्हें पहले भी ऐसा अनुभव सुनने को मिला था। उनके अनुसार, हैदराबाद के फाइनेंशियल डिस्ट्रिक्ट स्थित एक आवासीय समुदाय से गांडीपेट के दूसरे विला समुदाय में शिफ्ट हुए एक व्यक्ति ने भी इसी तरह की चिंता जाहिर की थी।
यह उदाहरण दिखाता है कि प्रीमियम घर खरीदने या बदलने के दौरान कुछ लोगों के लिए सिर्फ प्रॉपर्टी की खूबसूरती और सुविधाएं ही अहम नहीं हैं। वे यह भी देखना चाहते हैं कि वहां रहने के बाद उनकी रोजमर्रा की जिंदगी कितनी शांत और निजी रहेगी।
लग्जरी घर का मतलब सिर्फ महंगी प्रॉपर्टी नहीं
सतीश रेड्डी की पोस्ट पर सोशल मीडिया यूजर्स ने भी चर्चा की। कुछ लोगों ने माना कि घर के आसपास का माहौल, लोगों की आवाजाही और निजता किसी प्रॉपर्टी को चुनने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
दरअसल, महंगा घर खरीदने वाले कई लोगों के लिए लग्जरी का मतलब केवल बड़ा घर या शानदार सुविधाएं नहीं, बल्कि सुकून से रह पाना भी है। हैदराबाद में सामने आया यह मामला इसी बदलती सोच की ओर इशारा करता है, जहां घर खरीदने से पहले लोग सिर्फ यह नहीं पूछ रहे कि प्रॉपर्टी कितनी शानदार है, बल्कि यह भी जानना चाहते हैं कि वहां उनकी निजी जिंदगी कितनी प्रभावित हो सकती है।
लाखों युवाओं का सपना सरकारी नौकरी, फिर महिला ने क्यों दिया इस्तीफा? अब हो रहा पछतावा!
Drishyam 3 Box Office Collection Day 17: अजय देवगन अभिनीत ‘दृश्यम 3 द कन्क्लूजन’ ने अपने तीसरे रविवार को भी सिनेमाघरों में शानदार प्रदर्शन जारी रखा। फिल्म ने 17वें दिन भारत में लगभग 6.15 करोड़ रुपये (नेट) की कमाई की, जिससे इसकी कुल घरेलू नेट कमाई 347.25 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। अभिषेक पाठक द्वारा निर्देशित इस क्राइम थ्रिलर ने दुनिया भर में 538.15 करोड़ रुपये की कमाई की है। अब यह 550 करोड़ रुपये के वैश्विक आंकड़े के करीब पहुंच गई है।
17वें दिन की कमाई और बॉक्स ऑफिस के आंकड़े
शुक्रवार को 3.10 करोड़ रुपये और शनिवार को 5 करोड़ रुपये की कमाई के बाद रविवार 18 अक्टूबर 2026 को फिल्म ने भारत में 6.15 करोड़ रुपये (नेट) की कमाई की। तीसरे वीकेंड के इस प्रदर्शन ने फिल्म की स्थिति को और मजबूत कर दिया है, क्योंकि अब यह घरेलू स्तर पर 350 करोड़ रुपये (नेट) के आंकड़े के करीब पहुंच रही है।
रिपोर्ट के अनुसार फिल्म का भारत में कुल ग्रॉस कलेक्शन 416.15 करोड़ रुपये है, जबकि दुनिया भर में इसका कुल ग्रॉस कलेक्शन 538.15 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। इसमें से लगभग 122 करोड़ रुपये की कमाई विदेशों से हुई है।
हफ्ते-दर-हफ्ते बॉक्स ऑफिस और विदेशी प्रदर्शन
इस थ्रिलर फिल्म की शुरुआत शानदार रही और इसने अपने पहले हफ्ते में 245.50 करोड़ रुपये (नेट) की कमाई की। दूसरे हफ्ते में इसने 87.50 करोड़ रुपये और जोड़े, जिससे 14वें दिन के अंत तक भारत में इसकी कुल नेट कमाई 333 करोड़ रुपये हो गई।
इसके बाद, फिल्म ने 15वें दिन 3.10 करोड़ रुपये और 16वें दिन 5 करोड़ रुपये की कमाई की। वहीं, तीसरे रविवार को फिल्म ने 6.15 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया। वीकेंड पर कमाई में आया यह उछाल दिखाता है कि दर्शकों की दिलचस्पी अभी भी बनी हुई है। हालांकि, वीकडे (सप्ताह के दिनों) की कमाई से ही यह तय होगा कि फिल्म कितनी जल्दी अपने अगले घरेलू माइलस्टोन तक पहुंचती है।
फिल्म के कुल बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन में अंतरराष्ट्रीय बाजारों का बड़ा योगदान रहा है। रिपोर्ट के अनुसार फिल्म ने पहले हफ्ते में विदेशों से 89 करोड़ रुपये और दूसरे हफ्ते में 27 करोड़ रुपये की कमाई की। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, फिल्म की कुल विदेशी कमाई लगभग 122 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। दुनिया भर में कुल 538.15 करोड़ रुपये की कमाई के साथ, अब यह फिल्म 550 करोड़ रुपये के आंकड़े तक पहुंचने के करीब है।
कलाकार और कहानी
फिल्म में अजय देवगन विजय सलगांवकर के रूप में और तब्बू मीरा देशमुख के रूप में नज़र आएंगी। इनके साथ ही श्रिया सरन, इशिता दत्ता, मृणाल जाधव और रजत कपूर भी वापसी कर रहे हैं, और साथ में जयदीप अहलावत और प्रकाश राज भी शामिल हैं। यह क्राइम थ्रिलर विजय के उस संघर्ष को आगे बढ़ाती है, जिसमें वह अपने परिवार को बचाने की कोशिश करता है, जबकि उनके इर्द-गिर्द जांच का दायरा और तेज हो जाता है।

दक्षिण-पश्चिमी इक्वाडोर से एक बेहद चौंकाने वाला और दर्दनाक मामला सामने आया है। यहां एक चर्च में शाम की प्रार्थना करा रहे रोमन कैथोलिक पादरी पैट्रिसियो सांचेज (Patricio Sanchez) की उस समय मौत हो गई, जब उनके ठीक पीछे दीवार पर लगा भारी-भरकम क्रूस (ईसा मसीह की सूली) अचानक उखड़कर उनके सिर पर आ गिरा।
लाइव प्रसारण के दौरान हुआ हादसा
यह दुर्घटना राजधानी क्विटो से करीब 265 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में स्थित तटीय शहर ग्वायाकिल के ‘परपेतुओ सोकोरो चर्च’ में शनिवार शाम को हुई। पादरी पैट्रिसियो सांचेज जब प्रार्थना करा रहे थे, तभी यह हादसा हुआ। घटना के वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि पादरी के पीछे दीवार पर टंगा भारी क्रूस अचानक नीचे आ गिरा और सीधे उनके सिर पर जा लगा। वीडियो देखकर ऐसा बिल्कुल नहीं लगा कि पादरी को क्रूस के गिरने का ज़रा भी आभास हुआ था या उन्हें वह गिरता हुआ दिखाई दिया था।
मृत्यु की बात कर रहे थे पादरी
हैरानी की बात यह है कि हादसे से ठीक पहले पादरी मृत्यु और ईश्वर के साथ बिताए समय के महत्व पर उपदेश दे रहे थे। क्रॉस गिरते ही चर्च में मौजूद लोग घबरा गए और उन्हें बचाने की कोशिश की गई, लेकिन उनकी जान नहीं बच सकी। चर्च प्रशासन ने उनकी मौत की पुष्टि की है, हालांकि क्रॉस गिरने की वजह अभी स्पष्ट नहीं हुई है।
Ecuador के एक चर्च में बड़ा क्रॉस गिरने से कैथोलिक पादरी फादर पैट्रिसियो अल्फ्रेडो सांचेज मोलिनारी की मौत हो गई। 17 अक्टूबर को प्रार्थना सभा के दौरान यह हादसा हुआ, जिसका लाइवस्ट्रीम भी किया जा रहा था। हैरानी की बात यह है कि हादसे से ठीक पहले पादरी मृत्यु और ईश्वर के साथ बिताए समय के महत्व पर उपदेश दे रहे थे। क्रॉस गिरते ही चर्च में मौजूद लोग घबरा गए और उन्हें बचाने की कोशिश की गई, लेकिन उनकी जान नहीं बच सकी। चर्च प्रशासन ने उनकी मौत की पुष्टि की है, हालांकि क्रॉस गिरने की वजह अभी स्पष्ट नहीं हुई है। #eduador #father #priest #catholic #cross #crucifix #trendingnow #trendingreelsvideo #trendingvideo #trendingreels
— Webdunia Hindi (@WebduniaHindi) October 19, 2026
चर्च में मची चीख-पुकार
घटना के तुरंत बाद इंटरनेट मीडिया पर लाइव चल रहे वीडियो में चर्च में मौजूद श्रद्धालुओं की चीख-पुकार और मदद के लिए चिल्लाने की आवाजें सुनाई देने लगीं। स्थानीय अधिकारियों ने फिलहाल इस दुर्घटना पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है।
मृतक पादरी पैट्रिसियो सांचेज ‘मोस्ट होली रिडीमर’ धर्मसभा से जुड़े हुए थे। आपको बता दें कि यह रोमन कैथोलिक धार्मिक संघ साल 1732 में स्थापित हुआ था और वर्तमान में दुनिया के 80 देशों में सक्रिय है। इस अप्रत्याशित हादसे से धार्मिक समुदाय और उनके अनुयायियों में गहरे शोक की लहर दौड़ गई है।

Jeep is mulling a revival of its iconic Willys military off-roader for an affordable electric SUV after 2030. The proposed model is part of Jeep’s plans to develop compact EVs and strengthen its position against growing competition from Chinese carmakers, particularly in Europe.
Speaking to Autocar UK, Xavier Peugeot, the head of Jeep Europe, said that the Willys is the brand’s “key attention” for the future, and that its electric revival is one of several “new ideas” that could be realised in the coming years. He described Jeep’s heritage as a key advantage in countering new rivals, especially from China, stating: “One of our main assets to counter this offensive is our DNA.”
Jeep Willys revival: All we know so far

A recent teaser image released by Stellantis shows the original Willys MB military Jeep parked in front of the silhouette of a larger, closed-roof SUV with a bootlid-mounted spare wheel. The boxy design of this SUV looks to draw heavily from the original Willy’s utilitarian trappings, and the “Not Fragile” lettering on the crate implies ruggedness, and perhaps a focus on off-road prowess.
Specifics about the proposed Willys revival are yet to be finalised, but Peugeot noted “BEV affordability” as an important attribute, suggesting the EV could be aimed at the more attainable end of the price spectrum. To that end, the electric Willys may use a new low-cost EV architecture being developed by Stellantis for models that comply with the European Union’s proposed ‘E-car’ regulations – the production version of the recently-revealed Citroen 2CV concept is also expected to use this platform.
Peugeot additionally said that “each model in [Jeep’s] future range will be 4×4-compatible,” which could help set the electric Willys revival apart from the rest of Stellantis’s upcoming EVs. The project is expected to move forward after Jeep completes its current ‘Road to 2030’ strategy.
That said, Peugeot did remark that Jeep is “not confirming any concrete launch for this year or that year,” and that “ideas around Willys [will be] confirmed” by the end of this decade.

यूरोप के कई देशों में आसमान छूती महंगाई, बेरोजगारी और खस्ताहाल सरकारी सेवाओं के खिलाफ आम जनता का गुस्सा अब सड़कों पर हिंसक रूप में फूट पड़ा है। फ्रांस, स्पेन, इटली, अल्बानिया, पुर्तगाल और बेल्जियम में इन दिनों बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन देखने को मिल रहे हैं, हालांकि हिंसा और आगजनी का सबसे भयावह रूप फ्रांस में देखने को मिला है। ALSO READ: यूरोप में सड़कों पर संग्राम, फ्रांस में बवाल, आगजनी-लूटपाट के बाद 1,200 से ज्यादा गिरफ्तार, 60 पुलिसकर्मी घायल
फ्रांस में तांडव: 143 साल पुराना टाउन हॉल फूंका
राजधानी पेरिस के अलावा लिमोझ, स्ट्रासबर्ग, लियोन और मर्सिले जैसे प्रमुख शहरों में भारी तोड़फोड़, लूटपाट और आगजनी की घटनाएं सामने आई हैं। लिमोझ शहर में उग्र प्रदर्शनकारियों ने 143 साल पुराने ऐतिहासिक टाउन हॉल को आग के हवाले कर दिया, जिससे इस ऐतिहासिक इमारत का एक बड़ा हिस्सा ढह गया। कई जगहों पर उपद्रवियों ने दुकानों को लूटा, पुलिस के वाहनों को निशाना बनाया और सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया।
सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई खूनी झड़पों में लगभग 1,000 पुलिसकर्मी घायल हो चुके हैं, जबकि पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अब तक करीब 2,400 लोगों को गिरफ्तार किया है। ALSO READ: इटली में महंगाई के खिलाफ प्रदर्शन हिंसक, मिलान में दुकानों में लूटपाट और आगजनी, 50 लोग हिरासत में
https://t.co/WwMiHGJNNg
— Brian Roemmele (@BrianRoemmele) October 17, 2026
राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की शांति की अपील
देश में बेकाबू होते हालात को देखते हुए फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने राष्ट्र को संबोधित किया। उन्होंने हिंसा की कड़ी निंदा करते हुए लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। मैक्रों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि इस तरह की हिंसा को किसी भी हाल में सही नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने सवाल उठाया कि फ्रांस के नागरिक अपने ही देश और उसकी संपत्तियों के खिलाफ ऐसी बर्बर हरकतें कैसे कर सकते हैं।
फ्रांस में हिंसा पर क्या बोले ट्रंप?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने फ्रांस में फैली हिंसक अशांति के लिए इमिग्रेशन को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने फ्रांस से अपनी सीमाएं बंद करने की अपील की है, क्योंकि जीवन-यापन की बढ़ती लागत और सार्वजनिक सेवाओं को लेकर हो रहे विरोध-प्रदर्शन अब हिंसक झड़पों, लूटपाट और आगजनी में बदल गए हैं।
ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में ट्रंप ने लिखा, ‘फ्रांस जल रहा है। एक बिल्कुल अलग दुनिया से आए लोगों के आप्रवासन ने, जिसके दिलों में नफरत भरी है, इस कभी महान रहे देश को तबाह कर दिया है। बहुत देर होने से पहले अपनी सीमाएं बंद करें और नियंत्रण अपने हाथ में लें।’
France is burning! The immigration of people from an entirely different world, people with hatred in their hearts, has shattered that once great country. Close your Borders and take control, before it is too late! President DONALD J. TRUMP ( TS: Oct 18 2026, 8:11 AM ET )
— Commentary Donald J. Trump Truth Social Posts On X (@TrumpTruthOnX) October 18, 2026
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी फ्रांस में हिंसा के लिए आव्रजन को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि फ्रांस और अन्य पश्चिमी देश, लोगों को समाज में शामिल करने और उनके बीच तालमेल बिठाने के मुद्दे को सुलझाने में विफल रहे हैं।
Tiger Shroff Attack: मुंबई में अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर कथित हमले के मामले में लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम सामने आया है। गैंग से जुड़े बताए जा रहे अनिल पंडित ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर इस हमले की जिम्मेदारी ली है। पोस्ट में यह भी कहा गया कि टाइगर श्रॉफ को सलमान खान के साथ काम न करने की चेतावनी दी गई थी, लेकिन उन्होंने इस पर ध्यान नहीं दिया। हालांकि, पुलिस अभी इस सोशल मीडिया पोस्ट और एक वॉयस नोट की जांच कर रही है।
कौन है अनिल पंडित?
32 वर्षीय पंडित के अमेरिका से काम करने का संदेह है। जांचकर्ताओं ने उसे हरियाणा, दिल्ली और पुणे में हुई गोलीबारी और जबरन वसूली (एक्सटॉर्शन) के मामलों से जोड़ा है।
मूल रूप से हरियाणा के पानीपत जिले के एक गांव का रहने वाला अनिल पंडित, 2023 में भारत छोड़कर कनाडा गया था और बाद में अमेरिका चला गया। वहां गैंगस्टर रणदीप मलिक के संपर्क में आने के बाद, वह कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग में शामिल हो गया।
आरोप है कि पिछले छह महीनों में पंडित ने भारत में मौजूद शूटर्स के एक नेटवर्क का इस्तेमाल करके कई आपराधिक घटनाओं को अंजाम दिया है। हरियाणा, दिल्ली और पुणे की घटनाओं सहित गोलीबारी के कई मामलों की जांच में भी उसका नाम सामने आया है।
पानीपत से अमेरिका तक
सूत्रों के अनुसार, पंडित का सफर हरियाणा के पानीपत जिले से शुरू हुआ। बताया जाता है कि वह 2023 में भारत छोड़कर कनाडा चला गया था। बाद में, लॉरेंस बिश्नोई से जुड़े गैंगस्टर बताए जाने वाले रणदीप मलिक के संपर्क में आने के बाद, वह अमेरिका के कैलिफोर्निया पहुंच गया।
जांचकर्ताओं को शक है कि विदेश में रहते हुए भी पंडित भारत में मौजूद शूटर्स के साथ तालमेल बिठाता रहा। उससे जुड़ी कुछ घटनाओं में हरियाणा में गोलीबारी और जबरन वसूली (एक्सटॉर्शन) के मामले शामिल हैं, जिनमें पुलिस और स्पेशल टास्क फोर्स ने इसमें शामिल होने के शक में शूटर्स को गिरफ्तार किया था।
दिल्ली के जिम में हुई गोलीबारी मामले में नाम सामने आया
पंडित पर दिल्ली के पश्चिम विहार स्थित एक जिम में गोलीबारी की साजिश रचने का भी आरोप है। इस जिम में अक्सर गायक गुरु रंधावा आते-जाते थे। बताया जा रहा है कि इस घटना का संबंध गायक के सलमान खान के साथ जुड़ाव से है।
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच और स्पेशल सेल ने इस मामले में पंडित से जुड़े चार शूटरों को गिरफ्तार किया है। जांचकर्ताओं के अनुसार, आरोपी पंडित से बातचीत करने के लिए ‘सिग्नल’ ऐप का इस्तेमाल करते थे और उनके पास से विदेशी हथियार बरामद हुए हैं।
मिली जानकारी के मुताबिक, जिम के बाहर हुई इस गोलीबारी की जिम्मेदारी पहले ही पंडित ले चुका था।
पुणे के ज्वेलरी स्टोर पर गोलीबारी में भी आया नाम
दिल्ली में हुई घटना के करीब 15 दिन बाद पुणे में एक ज्वेलरी स्टोर पर गोलीबारी की खबर सामने आई। इस मामले की जांच के दौरान एक बार फिर अनिल पंडित का नाम सामने आया।
महाराष्ट्र पुलिस ने इस घटना में कथित तौर पर शामिल शूटरों को गिरफ्तार किया। जांच में उनके तार अनिल पंडित और लॉरेंस बिश्नोई के करीबी बताए जाने वाले शुभम लोनकर से जुड़े होने की बात सामने आई।
रिपोर्ट के मुताबिक, गोलीबारी के तीनों आरोपी राजस्थान के हनुमानगढ़ के रहने वाले थे। उन पर शक है कि वे खास तौर पर इस वारदात को अंजाम देने के लिए पुणे पहुंचे थे।
टाइगर श्रॉफ पर हमले का दावा
यह नया घटनाक्रम तब सामने आया जब लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने सोशल मीडिया पर टाइगर श्रॉफ पर हुए हमले की जिम्मेदारी ली। पंडित द्वारा पोस्ट किए गए संदेश में, उसने और हरमन संधू ने अभिनेता के खिलाफ की गई इस कार्रवाई की जिम्मेदारी ली है।
पोस्ट में आरोप लगाया गया है कि श्रॉफ ने सलमान खान के साथ काम न करने की चेतावनियों को नजरअंदाज किया था। साथ ही, मुंबई फिल्म इंडस्ट्री के उन अन्य लोगों को भी धमकी दी गई है जो इस सुपरस्टार के साथ काम करना जारी रखे हुए हैं। इसमें विरोधी गैंग के सदस्यों को भी धमकी दी गई है।
सूत्रों के अनुसार, हमलावरों ने कथित तौर पर कई दिनों तक श्रॉफ की गतिविधियों पर नजर रखी थी। पुलिस जांच के हिस्से के रूप में इस सोशल मीडिया पोस्ट और एक वॉयस नोट की पुष्टि कर रही है।
अलग-अलग राज्यों के मामलों में पंडित की कथित भूमिका ने भारत में सक्रिय आपराधिक नेटवर्क और विदेशों में मौजूद गैंग के सदस्यों के बीच संभावित संबंधों की ओर ध्यान खींचा है। सोशल मीडिया पोस्ट में किए गए दावे और पंडित को अलग-अलग घटनाओं से जोड़ने वाले आरोप अभी भी पुलिस जांच के दायरे में हैं।





