UP में बच्चों को मिलेगा पोषण का कवच! आंगनबाड़ी केंद्रों पर 32.88 लाख नौनिहालों को रोज मिल रहा गर्म और पौष्टिक भोजन

UP में बच्चों को मिलेगा पोषण का कवच! आंगनबाड़ी केंद्रों पर 32.88 लाख नौनिहालों को रोज मिल रहा गर्म और पौष्टिक भोजन

प्रदेश में बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और मजबूत पोषण की दिशा में योगी सरकार की ओर से लगातार किए जा  रहे प्रयासों का असर आंगनबाड़ी केंद्रों पर दिखाई दे रहा है। सक्षम आंगनबाड़ी एवं पोषण-2.0 की गाइडलाइन के तहत संचालित हॉट  कुक्ड मील योजना के जरिए 3 से 6 वर्ष तक के बच्चों को नियमित रूप से ताजा, गर्म और पौष्टिक पका हुआ भोजन उपलब्ध  कराया जा रहा है। यूपी में करीब 1.45 लाख को-लोकेटेड और 0.44 लाख नॉन को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों पर आने वाले लगभग  32.88 लाख बच्चे नियमित लाभान्वित हो रहे हैं।

 

साप्ताहिक मेन्यू में पौष्टिक व विविध भोजन

 

बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के साप्ताहिक मेन्यू के अनुसार, बच्चों को अलग-अलग दिनों में रोटी-सब्जी, चावल-दाल, मौसमी  सब्जियों से तैयार तहरी और अन्य पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाता है। योगी सरकार आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से छोटे  बच्चों को नियमित गर्म भोजन उपलब्ध कराकर सरकार एक ओर उनके पोषण स्तर को बेहतर बनाने का प्रयास कर रही है, वहीं  दूसरी ओर कम उम्र से ही संतुलित आहार की आदत विकसित करने की दिशा में भी काम कर रही है।

 

भोजन की गुणवत्ता पर खास नजर, स्वच्छता के मानकों का पालन अनिवार्य

 

योगी सरकार ने बच्चों के भोजन की गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर भी स्पष्ट मानक तय किए हैं। कोटेदार से मिलने वाला  खा‌द्यान्न उत्तम गुणवत्ता का होना अनिवार्य है। भोजन तैयार करने से पहले अनाज की अच्छी तरह सफाई और हरी सब्जियों को  दो से तीन बार पानी से धोने की व्यवस्था है। इससे बच्चों को स्वच्छ और सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है।

 

परोसने से पहले दो वयस्क करते हैं भोजन की जांच

 

भोजन बच्चों को परोसने से पहले कम से कम दो वयस्क व्यक्तियों जैसे शिक्षक, रसोइया या माता समिति के सदस्य द्वारा  रोस्टर के आधार पर भोजन की जांच की जाती है। इसमें भोजन के स्वाद और गुणवत्ता को परखा जाता है। विभागीय व्यवस्था  का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बर्चा तक पहुंचने वाला भोजन पौष्टिक होने के साथ-साथ गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित भी हो।

 

32.88 लाख बच्चों को मिल रहा पौष्टिक आहार

 

अपर मुख्य सचिव (महिला कल्याण, बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग) लीना जौहरी ने बताया कि इसके जरिए नियमित 32.88  लाख बच्चों को गर्म और पौष्टिक आहार मिल रहा है। प्रत्येक बच्चे को प्रतिदिन 70 ग्राम खा‌द्यान्न से तैयार भोजन दिया जाता  है। को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों पर भोजन प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में संचालित पीएम पोषण योजना की रसोई और  संसाधनों का उपयोग कर तैयार किया जाता है। वहीं नॉन-को-लोकेटेड केंद्रों पर स्थानीय निकार्यों या ग्राम पंचायतों की ओर से  उपलब्ध कराए गए बर्तनों, गैस चूल्हे आदि की मदद से भोजन तैयार कराया जाता है।

August 2026 car sales: Tata widens monthly lead over Mahindra

August 2026 car sales: Tata widens monthly lead over Mahindra
August

India’s passenger vehicle market remained on a strong growth path in August 2026, with most carmakers reporting higher domestic wholesales compared with the same month last year. Maruti Suzuki retained the top spot, while Tata Motors remained ahead of Mahindra for second place. Hyundai held fourth position, while Kia overtakes Toyota for the fifth spot.

July 2026 carmaker-wise sales in India
CarmakerAug 2026 salesJul 2026 salesMoM changeAug 2025 salesYoY change
Maruti Suzuki1,76,9711,96,203-9.80%1,31,27834.8%
Tata Motors67,75362,6114.22%43,315 56%
Mahindra

59,257

60,048

-1.32%

39,399

50%

Hyundai

54,396

54,210

0.3%

43,966

23.6%

Kia

29,042

28,200

3%

19,608

48.1%

Toyota

28,410 

30,516

-7%

29,302

-3%

MG 

7,508

8,158

-8%

6,687

12.3%

Nissan

3,426

3,006

14%

1,384

147% 

Renault

2,842 

3,293

-14%

3,015 

-5.7%

Maruti Suzuki

Sales: 1,76,971 units. Change: 34.8 percent YoY

Maruti Suzuki retained its position as India’s largest carmaker in August, with domestic passenger vehicle sales rising 34.8 percent year on year. Utility vehicless, including the Brezza, Ertiga, e Vitara, Fronx, Grand Vitara, Invicto, Jimny, Victoris and XL6, accounted for 79,045 units, while compact and mid-size segment, led by the Baleno, Swift, Dzire and WagonR, contributed 77,166 units. The mini segment, comprising the Alto and S-Presso, added 8,799 units, while the Eeco contributed 11,961 units.

The carmaker also crossed one million total sales in the first five months of FY2026-27. Its total August sales, including exports and sales to other OEMs, stood at 2,19,220 units.

Tata Motors

Sales: 67,753 units. Change: 56 percent YoY

Tata Motors retained second place with 67,753 domestic passenger vehicle sales in August, up 56 percent from the same month last year. Electric vehicle sales, including domestic and international volumes, stood at 16,549 units, almost doubling from 8,540 units in August 2025. Tata also announced a price hike across its passenger vehicle range from September 1.

Mahindra

Sales: 59,257 units. Change: 50 percent YoY

Mahindra remained in third place, recording domestic SUV sales of 59,257 units in August, a 50 percent increase over the 39,399 units sold in August 2025. Its overall vehicle sales, including exports, stood at 1,07,648 units, up 42 percent year on year.

During the month, Mahindra launched the updated Scorpio-N and BE 6 SporteQ, and also introduced its Battery-as-a-Service option for the XEV 9e and XEV 9S.

Hyundai

Sales: 54,396 units. Change: 23.6 percent YoY

Hyundai recorded 54,396 domestic sales in August, up 23.6 percent year on year. The company said this was its highest-ever domestic sales figure for an August. Hyundai has introduced an assured buyback programme for the Creta Electric, while the carmaker is also set to increase prices from this September 2026.

Kia

Sales: 29,042 units, Change: 48.1 percent YoY

Kia recorded 29,042 units in August, up 48.1 percent from 19,608 units in the same month last year. This was the carmaker’s highest-ever August wholesale volume since entering India. The Seltos and Sonet continued to account for a large share of Kia’s volumes, while the newly launched Syros EV also contributed to the brand’s performance.

Toyota

Sales: 28,410 units, Change: -3 percent YoY

Toyota recorded domestic sales of 28,410 units in August 2026, down 3 percent from 29,302 units in the same month last year. The company remains optimistic about demand during the upcoming festive season, with the Innova Hycross, Urban Cruiser Hyryder and Glanza continuing to drive sales.

JSW MG Motor India

Sales: 7,508 units. Change: 12.3 percent YoY

JSW MG Motor recorded sales of 7,508 units in August, up 14 percent year on year. The company launched the Hector Tomahawk in both EV and PHEV forms during the month. Bookings for both versions are open, while deliveries of the Tomahawk EV are scheduled to begin in September. PHEV test drives and deliveries are scheduled to start in November.

Nissan

Sales: 3,426 units. Change: 147 percent YoY

Nissan recorded domestic wholesale sales of 3,426 units in August, up 147 percent year on year. The company attributed the performance to demand for the Magnite and Gravite, along with the response to the recently launched Tekton. Nissan also began exporting the Tekton to South Africa, Bhutan and Nepal during the month, with the first batch comprising more than 1,300 units.

Renault

Sales: 2,842 units, Change: -5.7 percent YoY

Renault recorded sales of 2,842 units in August 2026, down 5.7 percent from 3,015 units in August 2025. The carmaker’s cumulative domestic wholesales for January-August 2026 stood at 31,979 units, up 47.9 percent from 21,621 units in the same period last year. The company will add another powertrain option to the Triber range with the Triber Turbo, which is scheduled to arrive in late September 2026.

Gold Silver Prices Today: दिल्ली में सोना लगातार 5वें सत्र गिरा, चांदी एक दिन में ₹5000 फिसली

Gold Silver Prices Today: सोने में गिरावट का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। 1 सितंबर को दिल्ली सर्राफा बाजार में लगातार पांचवें सत्र सोने में गिरावट आई। यह 2,700 रुपये गिरकर 1,58,200 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। यह करीब दो हफ्ते में सोने का सबसे कम भाव है। चांदी में भी बड़ी गिरावट आई।

बीते 5 सत्रों में सोना करीब 9000 रुपये सस्ता हुआ

बीते पांच सत्रों में दिल्ली सर्राफा बाजार में सोना 5.3 फीसदी यानी 8,900 रुपये तक सस्ता हो चुका है। 25 अगस्त को सोने का भाव 1,67,100 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया था, जो बीते तीन महीनों में सोने का सबसे हाई लेवल था। लेकिन, उसके बाद से सोने में लगातार गिरावट दिख रही है।

दिल्ली में चांदी एक दिन में 5000 रुपये फिसली

दिल्ली सर्राफा बाजारर में चांदी में भी 1 सितंबर को बड़ी गिरावट आई। यह 5,000 रुपये गिरकर 2,40,500 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई। कमोडिटी एक्सपर्ट्स का कहना है कि सोने और चांदी में लगातार गिरावट की वजह मध्यपूर्व में बढ़ता तनाव है। एक बार फिर से दोनों देशों के बीच हमले और जवाबी हमले की सूरत बनती दिख रही है।

मध्यपूर्व में तनाव बढ़ने का असर बुलियन पर पड़ रहा

अमेरिका-ईरान में टेंशन बढ़ने का असर क्रूड ऑयल की कीमतों पर दिखा है। ब्रेंट क्रूड का प्राइस 1 सितंबर को 92 डॉलर प्रति बैरल पार कर गया। अगर क्रूड की कीमतें इस लेवल पर बनी रहती हैं तो इस महीने अमेरिका में इंटरेस्ट रेट बढ़ सकता है। फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वॉर्श पहले ही कह चुके हैं कि उनकी प्राथमिकता महंगाई को बढ़ने से रोकना है।

क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल से महंगाई बढ़ने का डर

आनंदराठी शेयर एंड स्टॉक ब्रोकर्स में रिसर्च एनालिस्ट (कमोडिटीज एंड करेंसीज) वेदिका नार्वेकर ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर भारत में भी सोने और चांदी की कीमतों पर पड़ रहा है। दरअसल इससे क्रूड ऑयल की कीमतें बढ़ रही है, जो महंगाई बढ़ा सकती हैं।

पीएम मोदी ने सोना नहीं खरीदने की अपील लोगों से की

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के लोगों से तब तक सोना नहीं खरीदने की अपील की है, जब तक ऐसा करना बहुत जरूरी नहीं हो जाता। उन्होंने लोगों से बेवजह विदेश यात्रा नहीं करने की भी अपील की है। देश में लोगों के ज्यादा सोना खरीदने से सरकार को गोल्ड का ज्यादा आयात करना पड़ता है। इससे सरकार का इंपोर्ट बिल बढ़ता है। इसका असर विदेशी मुद्रा भंडार पर भी पड़ता है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी में बड़ी गिरावट 

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी 1 सितंबर को सोने और चांदी में बड़ी गिरावट देखने को मिली। स्पॉट गोल्ड 2.42 फीसदी गिरकर 4,334 डॉलर प्रति औंस चल रहा था। स्पॉट सिल्वर 3.02 फीसदी गिरकर 64.52 डॉलर प्रति औंस पर चल रहा था। एक्सपर्ट्स का कहना है कि शॉर्ट टर्म में सोने और चांदी पर दबाव जारी रह सकता है।

Janmashtami Puja Samagri List: जन्माष्टमी पर लड्डू गोपाल को सजाने और पूजा में जरूरी होगी ये सामग्री, यहां देखें जन्माष्टमी पूजा की पूरी सामग्री लिस्ट

Janmashtami Puja Samagri List: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, द्वापर युग में भगवान विष्णु के आठवें अवतार श्रीकृष्ण ने देवकी और वासुदेव के पुत्र के रूप में जन्म लिया था। इस दिन दुनिया भर के कृष्ण भक्त विशेष पूजा-अर्चना करते हैं। भगवान कृष्ण की लीलाओं की झांकियां सजाते हैं, उनके मोहक बाल रूप का कीर्तन-भजन करते हैं। माना जाता है कि ऐसा करने से भगवान विष्णु की कृपा से सभी दुख दूर होते हैं और जीवन में खुशहाली आती है। यह पर्व हर साल भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है। इस साल यह पर्व 4 सितंबर 2026 को मनाया जाएगा। इस दिन लोग उपवास करते हैं और विभिन्न प्रकार से श्रीकृष्ण की पूजा करते हैं। माना जाता है विधि-विधान से जन्माष्टमी की पूजा करने वाले भक्तों से भगवान प्रसन्न होते हैं। आइए जानें जन्माष्टमी की पूजा में क्या चीजें शामिल करना बेहद जरूरी है और जिनके बिना यह पूजा अधूरी मानी जाती है।

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पूजा के लिए आवश्यक सामग्री की सूची नीचे दी गई है:

भगवान श्री कृष्ण के श्रृंगार और प्रतिमा हेतु

बाल गोपाल (लड्डू गोपाल) की पीतल या मिट्टी की मूर्ति

नए वस्त्र : मोरपंख से सजे सुंदर वस्त्र या पोशाक

श्रृंगार सामग्री : मुकुट, बांसुरी, मोरपंख, वैजयंती माला, कुंडल, कड़े, और पायल

झूला : बाल गोपाल को बैठाने के लिए छोटा झूला और सजावट का सामान

मुख्य पूजा की सामग्री

  • अक्षत (चावल), रोली (कुमकुम), हल्दी, और चंदन (सफेद व पीला)
  • अबीर, गुलाल, और सिंदूर
  • धूपबत्ती, अगरबत्ती, और दूर्वा (दूब घास)
  • दीपक (घी या तिल के तेल का) और आल की बत्ती/रेशमी बत्ती
  • कपूर (आरती के लिए)
  • सुपारी, पान के पत्ते, और लौंग-इलायची
  • कलावा (मौली) और गंगाजल
  • ताजे फूल (विशेषकर कमल या गेंदे के फूल) और तुलसी के पत्ते (भोग के लिए अत्यंत अनिवार्य)

पंचामृत और भोग सामग्री

पंचामृत : दूध, दही, देसी घी, शहद, और शक्कर (या बुरा) का मिश्रण

माखन और मिस्री : श्रीकृष्ण का सबसे प्रिय भोग

धनिया पंजीरी : भुने हुए धनिये के पाउडर, घी, चीनी और सूखे मेवों से बनी

मखाना और मेवे (पंचमेवा): काजू, बदाम, किशमिश, मखाना, और चिरौंजी

ताजे फल : केला, सेब, संतरा, और विशेष रूप से खीरा (डंठल और पत्ती वाला, जो जन्मोत्सव की प्रक्रिया के लिए आवश्यक है)

पूजा के बर्तन और अन्य वस्तुएं

  • पूजा की चौकी और लाल या पीला कपड़ा (चौकी पर बिछाने के लिए)
  • अर्घ्य और अभिषेक के लिए दक्षिणावर्ती शंख
  • छोटी घंटी और आरती की थाली
  • जल का कलश और आचमनी (तांबे या पीतल का छोटा लोटा)

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पूजा विधि

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की पूजा मध्यरात्रि (रात 12 बजे) में की जाती है, क्योंकि भगवान श्री कृष्ण का जन्म रोहिणी नक्षत्र में मध्यरात्रि को हुआ था। सरल और प्रामाणिक पूजा विधि:

  • सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें और हाथ में जल, अक्षत व फूल लेकर व्रत का संकल्प लें।
  • दिनभर सात्विक रहें और ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ या ‘हरे कृष्णा’ मंत्र का जाप करते रहें।
  • शाम को पूजा के स्थान को साफ करें और उत्तर या पूर्व दिशा में एक चौकी स्थापित करें।
  • चौकी पर लाल या पीला कपड़ा बिछाएं और उस पर बाल गोपाल (लड्डू गोपाल) का झूला या प्रतिमा स्थापित करें।
  • चौकी के पास जल से भरा कलश रखें और दीपक व धूप जलाएं।
  • रात 12 बजे खीरे को सिक्के या डंठल से काटकर बाल गोपाल का प्रतीकात्मक जन्म कराएं।
  • इसके बाद शंख में गंगाजल और पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, शक्कर) भरकर लड्डू गोपाल का अभिषेक करें।
  • अभिषेक के बाद उन्हें शुद्ध जल से स्नान कराकर साफ कपड़े से पोंछें।
  • बाल गोपाल को सुंदर पोशाक, मुकुट, बांसुरी, वैजयंती माला और मोरपंख से सजाएं।
  • उन्हें रोली और चंदन का तिलक लगाएं और अक्षत अर्पित करें।
  • इसके बाद उन्हें प्यार से झूले में बैठाएं और झूला झुलाएं।
  • बाल गोपाल को उनका सबसे प्रिय भोग माखन-मिस्री और धनिया पंजीरी अर्पित करें।
  • पंचामृत, पंचमेवा, फल और मिठाइयों का भोग लगाएं।
  • सभी भोग सामग्रियों में तुलसी का पत्ता अवश्य रखें, क्योंकि इसके बिना श्री कृष्ण भोग स्वीकार नहीं करते।
  • धूप-दीप जलाकर ‘जय देव जय देव जय श्री कृष्णा’ या ‘कुंजबिहारी जी की आरती’ गाएं।
  • आरती के बाद हाथ जोड़कर जाने-अनजाने में हुई गलतियों के लिए क्षमा मांगें।
  • अंत में सभी सदस्यों में प्रसाद बांटें और अपना व्रत (धनिया पंजीरी व पंचामृत से) खोलें।

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पहले नेहरू स्‍टेडियम, फिर डेली कॉलेज, क्‍यों नहीं मिल रही राहुल गांधी को अनुमति, छात्रों की गूंज के लिए बीजेपी ने दी ये सलाह

पहले नेहरू स्‍टेडियम, फिर डेली कॉलेज, क्‍यों नहीं मिल रही राहुल गांधी को अनुमति, छात्रों की गूंज के लिए बीजेपी ने दी ये सलाह

Rahul Gandhi

इंदौर में राहुल गांधी के छात्रों की गूंज आयोजन को लेकर राजनीति तेज हो गई है। जेन जी के साथ होने वाले इस आयोजन के लिए पहले कांग्रेस ने यहां के नेहरू स्‍टेडियम की अनुमति मांगी थी, लेकिन महापौर पुष्‍यमित्र भार्गव ने नियम देखकर अनुमति देने की बात कहकर मामला टाल दिया। इसके बाद चर्चा चली कि रीजनल पार्क में यह आयोजन किया जा सकता है, इसके बाद डेली कॉलेज में भी आयोजन करने की बात चली। लेकिन अब तक कुछ भी तय नहीं हो पाया है।

बता दें कि 12 सितंबर को इंदौर में राहुल गांधी का छात्रों की गूंज आयोजन होना है। इसके लिए जगह की तलाश हो रही है, लेकिन इसे लेकर राजनीति शुरू हो गई है। शहर कांग्रेस अध्‍यक्ष चिंटू चौकसे ने वेबदुनिया को बताया कि अब तक जगह को लेकर कुछ तय नहीं हो पाया है।

बता दें कि 12 सितंबर को राहुल गांधी के प्रस्तावित कार्यक्रम का स्थल अब तक तय नहीं हो पाया है। कांग्रेस ने नेहरू स्टेडियम में कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति मांगी है, लेकिन नगर निगम की ओर से अभी अनुमति नहीं मिल सकी है।

नेहरू स्‍टेडियम में सिर्फ खेल की अनुमति : इस सिलसिले में कांग्रेस शहर अध्यक्ष चिंटू चौकसे सहित अन्य कांग्रेस नेता सोमवार को निगमायुक्त क्षितिज सिंघल से मिले। उधर, मेयर पुष्यमित्र भार्गव का कहना है कि हाईकोर्ट ने नेहरू स्टेडियम में खेल अनुमति के अलावा अन्य कार्यक्रम आयोजित करने पर रोक लगा रखी है। इस कारण अभी तक अनुमति नहीं मिल पाई है। इसे देखते हुए कांग्रेस अब चिमनबाग मैदान, खेल प्रशाल सहित अन्य विकल्पों पर भी विचार कर रही है।

शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे का कहना है कि अफसर बेवजह भाजपा के दबाव में नेहरू स्टेडियम में आयोजन की अनुमति नहीं दे रहे हैं। स्टेडियम में पहले भी कई सभाएं हुई हैं। चौकसे ने कहा कि राहुल गांधी जेन-जी के पसंदीदा नेता हैं। वे युवाओं से चर्चा कर रहे हैं। इससे भाजपा में भय का माहौल है। इस कारण आयोजन की अनुमति देने में आनाकानी की जा रही है। उधर, राहुल गांधी के आयोजन के लिए दिल्ली से भी एक टीम दौरा करने आएगी। यदि स्टेडियम की अनुमति नहीं मिलती है तो फिर दूसरे विकल्पों पर कांग्रेस विचार कर सकती है।

राहुल गांधी ने चार साल पहले भारत जोड़ो यात्रा निकाली थी तो इंदौर में उन्हें युवाओं की सभा लेनी थी और एक दिन का विश्राम इंदौर में था। इसके लिए खालसा स्टेडियम तय किया गया था, लेकिन तब स्टेडियम नहीं मिल पाया। इसके बाद चिमनबाग मैदान में कार्यक्रम आयोजित किया गया। चिमनबाग मैदान में राहुल गांधी ने विद्यार्थियों को संबोधित किया था। तब भी कांग्रेस ने काफी भीड़ जुटाई थी।

बीजेपी ने पत्र लिखकर दे डाली सलाह : दूसरी तरफ बीजेपी के इंदौर नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी को पत्र लिखकर आयोजन के लिए 3 विकल्प सुझाए हैं। मिश्रा ने कहा कि कांग्रेस जगह को लेकर भ्रम न फैलाए। जवाब में कांग्रेस के पूर्व संभागीय प्रवक्ता विवेक खंडेलवाल ने भी पलटवार करते हुए सुमित मिश्रा को पत्र लिखा और कहा कि राहुल गांधी के संवाद से बीजेपी को गहरी बेचैनी हो रही है।

बीजेपी ने 3 जगहों की दी सलाह : भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने पत्र में लिखा कि मीडिया से जानकारी मिली है कि कांग्रेस को राहुल गांधी के कार्यक्रम के लिए जगह ढूंढने में दिक्कत आ रही है। उन्होंने इंदौर की सौहार्दपूर्ण राजनीतिक परंपरा का हवाला देते हुए 3 विकल्पों की सलाह दे डाली है।

सुपर कॉरिडोर: कांग्रेस के 50 हजार विद्यार्थियों से संवाद के दावे पर उन्होंने कहा कि इतने युवाओं के लिए सुपर कॉरिडोर सबसे बेहतर रहेगा, जहां संवाद के साथ भोजन और पार्किंग की अच्छी व्यवस्था हो सकती है।

दशहरा मैदान: यदि कांग्रेस केवल दो से तीन हजार युवाओं को ही जुटा पाती है, तो दशहरा मैदान उपयुक्त रहेगा।

अभय प्रशाल: कम संख्या में आयोजन के लिए अभय प्रशाल सभागृह का सुझाव दिया और बताया कि 2003 में सोनिया गांधी का कार्यक्रम भी यहीं हुआ था। अब इस पर राजनीति तो शुरू हो चुकी है, लेकिन आगे इसे लेकर क्‍या होता है, यह देखने वाली बात होगी, क्‍योंकि 12 सितंबर को राहुल गांधी का आयोजन तो तय है।

30 वर्ष से कम के 50 हजार युवाओं को एंट्री : जिलाध्यक्ष विपिन वानखेड़े ने बताया कि पूरी बागडौर राहुल गांधी के दिल्ली स्थित कार्यालय के हाथों में ही हैं, वे ही तय करते हैं कि कार्यक्रम की रूपरेखा कैसी हो? फिलहाल तय हुआ है कि राहुल गांधी के मंच पर आने के पहले प्रसिद्ध सिंगर का लाइव कंसर्ट भी होगा। इसमें शामिल होने वाले प्रत्येक युवा का पंजीकरण अनिवार्य रखा गया है। इसके लिए स्थानीय और प्रांतीय टीमें यूनिवर्सिटी, कॉलेज तथा हॉस्टलों में जाकर सीधे छात्रों से संवाद करेंगी। प्रवेश केवल 30 वर्ष से कम उम्र के युवाओं तक सीमित रहेगा। कार्यक्रम में युवाओं के वैश्विक और राष्ट्रीय मुद्दों के साथ-साथ राज्य स्तर के विषयों पर भी चर्चा की जाएगी। फिलहाल अनुमति का इंतजार किया जा रहा है, जिसके मिलते ही मैदान पर काम शुरू कर दिया जाएगा।

एथर एनर्जी ने टेस्ला और BYD को पीछे छोड़ा, इस साल शेयर 130% उछला; आगे और तेजी की उम्मीद

Ather Energy Share Price: इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर कंपनी Ather Energy ने इस साल शेयर बाजार में Tesla, BYD और Xiaomi जैसी दिग्गज कंपनियों को भी पीछे छोड़ दिया है। कंपनी के शेयर 2026 में अब तक करीब 130% चढ़ चुके हैं। विश्लेषकों को बढ़ते मार्केट शेयर की वजह से स्टॉक में आगे भी तेजी की उम्मीद है।

Ather के शेयर में तेजी ने ग्लोबल निवेशकों का भी ध्यान खींचा है। सोमवार को BlackRock Global Funds ने ओपन मार्केट से कंपनी में 1% से कम हिस्सेदारी खरीदी है।

इसके उलट EV कंपनियों से जुड़े 104 शेयरों को ट्रैक करने वाला ब्लूमबर्ग इंडेक्स इस साल करीब 1% गिरा है। Tesla, BYD और Xiaomi जैसी बड़ी कंपनियों के कमजोर प्रदर्शन का असर इस इंडेक्स पर पड़ा है।

पिछले महीने शेयर 36% से ज्यादा चढ़ा

Hero MotoCorp की हिस्सेदारी वाली Ather Energy इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर की डिजाइनिंग, मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसिंग करती है। कंपनी का अपना चार्जिंग नेटवर्क भी है। भारत में EV की बढ़ती मांग का कंपनी को फायदा मिल रहा है।

बेंगलुरु की कंपनी का शेयर पिछले महीने 36% से ज्यादा चढ़ा। मई 2025 में लिस्टिंग के बाद यह किसी एक महीने में कंपनी की सबसे बड़ी तेजी है। बाजार में कंपनी की ग्रोथ को लेकर भरोसा बढ़ा है।

FY28 तक 26% मार्केट शेयर का अनुमान

Emkay Global Financial Services का अनुमान है कि FY28 तक Ather Energy का मार्केट शेयर बढ़कर 26% हो सकता है। मार्च के अंत में कंपनी का मार्केट शेयर करीब 17% था।

ब्रोकरेज का मानना है कि नए प्रोडक्ट लॉन्च और कंपनी की इन-हाउस टेक्नोलॉजी से Ather को फायदा मिल सकता है। इससे कंपनी घरेलू प्रतिद्वंद्वी Ola Electric को कड़ी टक्कर दे सकती है। पिछले हफ्ते Ather ने Konarc इलेक्ट्रिक स्कूटर लॉन्च किया था। इसे कंपनी की अपनी EV आर्किटेक्चर पर बनाया गया है। यह मास मार्केट सेगमेंट के लिए तैयार किया गया है।

Konarc से दोगुना हो सकता है बाजार

Nomura Holdings के एनालिस्ट्स का कहना है कि Konarc की वजह से Ather का एड्रेसेबल मार्केट दोगुना हो सकता है। यानी कंपनी के पास पहले के मुकाबले ज्यादा ग्राहकों तक पहुंचने का मौका होगा।

एनालिस्ट्स का कहना है कि भारत में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर का बाजार अब अहम मोड़ पर पहुंच रहा है। इस सेगमेंट में लंबी अवधि के लिए Ather को सबसे मजबूत विकल्पों में शामिल माना जा रहा है।

लिस्टिंग के बाद 440% चढ़ा शेयर

लिस्टिंग के बाद से Ather Energy का शेयर करीब 440% चढ़ चुका है। पिछले पांच साल में ₹2,500 करोड़ या उससे ज्यादा का IPO लाने वाली भारतीय कंपनियों में Ather Energy का प्रदर्शन सबसे बेहतर रहा है।

तेजी के बावजूद एनालिस्ट्स अभी भी स्टॉक को लेकर बुलिश हैं। ब्लूमबर्ग के मुताबिक, कंपनी को कवर करने वाले सभी 14 एनालिस्ट्स शेयर पर खरीदारी की सलाह दे रहे हैं।

Axis Capital ने Ather Energy का टारगेट प्राइस ₹2,100 रखा है। सोमवार के क्लोजिंग प्राइस के मुकाबले इसमें करीब 22% की तेजी की संभावना बताई गई है।

अगले 3-4 साल में शेयर दोगुना हो सकता है

Emkay के एनालिस्ट चिराग जैन का मानना है कि अगले तीन से चार साल में मौजूदा स्तर से भी Ather Energy का शेयर दोगुना हो सकता है।

उनका कहना है कि Ather सिर्फ फीचर्स हटाकर कीमत कम करने के पक्ष में नहीं है। कंपनी लागत कम करके कीमत घटाने की रणनीति पर काम कर रही है, ताकि ब्रांड और प्रोडक्ट क्वालिटी पर असर न पड़े।

एथर एनर्जी का शेयर मंगलवार को 1.07% की तेजी के साथ 1,736 रुपये पर बंद हुआ।

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Gold Price: PM मोदी की अपील के बाद सोना-चांदी हुआ सस्ता, इतने गिरे दाम, निवेशकों के लिए क्या मायने

Gold Price: PM मोदी की अपील के बाद सोना-चांदी हुआ सस्ता, इतने गिरे दाम, निवेशकों के लिए क्या मायने

PM Modi appeal on Gold

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोगों से गैर-जरूरी सोने की खरीदारी से बचने की अपील के बीच घरेलू सर्राफा बाजार में आज सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिली। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के ताजा आंकड़ों के अनुसार मंगलवार 1 सितंबर को 24 कैरेट सोने की कीमत में 1,037 रुपए प्रति 10 ग्राम की गिरावट दर्ज की गई है।

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इस गिरावट के बाद 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का भाव 1,55,000 रुपए पर आ गया है। इससे पहले सोना 1,56,037 रुपए प्रति 10 ग्राम के स्तर पर था।  चांदी की कीमत में भी आज बड़ी गिरावट आई है। एक किलोग्राम चांदी 1,711 रुपए सस्ती होकर 2,35,000 रुपए पर पहुंच गई है।

 

सोने की कीमत में 1,000 रुपये से ज्यादा की गिरावट

IBJA के मुताबिक आज सोने की कीमत में एक दिन में 1,000 रुपए से ज्यादा की गिरावट आई है। 24 कैरेट सोना 10 ग्राम के हिसाब से 1,55 लाख रुपए के स्तर पर कारोबार कर रहा है। सोने की कीमतों में यह बदलाव ऐसे समय में आया है जब कीमती धातुओं के बाजार में निवेशकों की नजर वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों, डॉलर की चाल और अंतरराष्ट्रीय बाजार के रुख पर बनी हुई है।

 

चांदी भी ₹1,711 हुई सस्ती

सोने के साथ-साथ चांदी के भाव में भी गिरावट दर्ज की गई है। IBJA के मुताबिक, एक किलो चांदी की कीमत 2,35,000 रुपए रह गई है। इसमें पिछले भाव के मुकाबले 1,711 रुपए प्रति किलोग्राम की कमी आई है। चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर ज्वेलरी के साथ-साथ इंडस्ट्रियल डिमांड और निवेशकों की खरीदारी पर भी पड़ता है।

 

PM मोदी ने गैर-जरूरी सोना खरीदने से किया था आगाह

 

सोने की कीमतों में आज की गिरावट को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया अपील के संदर्भ में भी देखा जा रहा है। पीएम मोदी ने लोगों से गैर-जरूरी सोने की खरीदारी से बचने की अपील की थी। प्रधानमंत्री की अपील के बाद सोने की कीमतों में आई आज की गिरावट ने बाजार का ध्यान खींचा है। हालांकि, सोने और चांदी के दाम कई घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कारकों से प्रभावित होते हैं और किसी एक बयान को कीमतों में बदलाव का एकमात्र कारण नहीं माना जा सकता।

 

निवेशकों और ग्राहकों के लिए क्या मायने?

 

सोने की कीमत 1.55 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास होने के बावजूद यह आम खरीदार के लिए अब भी महंगी धातु बनी हुई है। ऐसे में कीमतों में मामूली गिरावट भी बड़े निवेश या शादी-ब्याह के लिए खरीदारी करने वाले ग्राहकों के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है। दूसरी ओर, निवेशकों के लिए सोने और चांदी की कीमतों में रोजाना होने वाले बदलाव पर नजर रखना जरूरी है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर, ब्याज दरों और घरेलू मांग जैसे कई फैक्टर इनके भाव को प्रभावित करते हैं।

राम मंदिर को कल मिल सकता है पहला CEO! 5500 लोगों ने किया था आवेदन, सेलेक्शन कमेटी ने 3 नाम किए शॉर्टलिस्ट

Ayodhya Ram Temple CEO Update: श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से अयोध्या स्थित राम मंदिर के प्रशासनिक प्रबंधन को लेकर एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। राम मंदिर को बुधवार को अपना पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) मिल सकता है। चयन समिति ने मंगलवार को इस पद के लिए तीन शीर्ष उम्मीदवारों के नामों का एक पैनल तैयार कर सिफारिश दी है। राम मंदिर के पहले सीईओ की दौड़ में रिटायर ब्यूरोक्रेट सबसे आगे बताए जा रहे हैं। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक राम मंदिर के नए सीईओ का चयन बुधवार को मणिरामदास छावनी स्थित राम मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष नृत्य गोपाल दास के आवास पर आयोजित होने वाली बैठक में किया जाएगा।

3 सदस्यीय सर्च कमेटी ने छांटे नाम, 5,500 आवेदनों की हुई स्क्रीनिंग

तीन सदस्यीय सर्च कमेटी अयोध्या पहुंच चुकी है और उम्मीद है कि वह बैठक से पहले ट्रस्ट को अपनी अंतिम शॉर्टलिस्ट सौंप देगी। इस समिति में रिटायर जस्टिस प्रमोद कोहली, लेफ्टिनेंट जनरल विष्णु कांत चतुर्वेदी और उद्योगपति सुरेश हावरे शामिल हैं। बुधवार को दोपहर 2 बजे से प्रस्तावित ट्रस्ट की बैठक में सीईओ की नियुक्ति पर अंतिम फैसला लिए जाने की संभावना है।

मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने पीटीआई से बात करते हुए कहा कि इतने बड़े और विश्व प्रसिद्ध मंदिर का श्रेष्ठ प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए हम एक उत्कृष्ट सीईओ की तलाश में थे। इसके लिए हमने जस्टिस (प्रमोद) कोहली, सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी और सुरेश हावरे से मार्गदर्शन मांगा था। इस तीन सदस्यीय चयन समिति ने सुबह से शाम तक अथक परिश्रम करते हुए साक्षात्कार लिए।

गोविंद देव गिरि ने बताया कि देश भर से लगभग 5500 आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें आईएएस और आईपीएस अधिकारी, वरिष्ठ सैन्य अधिकारी और एनजीओ से जुड़े प्रोफेशनल शामिल थे। चयन समिति ने चरणबद्ध प्रक्रिया के तहत पहले 3500, फिर 1500 और अंत में 300 उम्मीदवारों को छांटा। प्रारंभिक स्क्रीनिंग के बाद 16 उम्मीदवारों के साक्षात्कार लिए गए। इसके बाद 3 अंतिम शॉर्टलिस्ट किए गए नामों का पैनल तैयार किया गया।

दान के पैसों की चोरी के आरोपों के बाद लिया गया फैसला

राम मंदिर में चंदे के प्रबंधन और दान की चोरी से जुड़े वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों के बाद ट्रस्ट की वित्तीय देखरेख पर सवाल खड़े हुए थे। ट्रस्ट ने खुद माना था कि दान की चोरी से उसकी छवि को नुकसान पहुंचा है। इसके बाद 6 जुलाई को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मंदिर के दैनिक कामकाज और दैनिक संचालन की देखरेख के लिए एक पूर्णकालिक सीईओ नियुक्त करने का निर्णय लिया था।

सेक्रेटरी और अन्य पदों का भी हो सकता है आधिकारिक ऐलान

बुधवार को होने वाली इस महत्वपूर्ण बैठक में सीईओ के अलावा दो सदस्यों और जनरल सेक्रेटरी (महासचिव) के पदों के लिए भी नामों की घोषणा की जा सकती है। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक मंदिर ट्रस्ट की बैठक में ट्रस्ट के सचिव के पद पर भी आधिकारिक घोषणा की जाएगी। जगदीश आफले मंदिर ट्रस्ट के पहले सचिव होंगे। जब गोविंद देव गिरि से पूछा गया कि क्या बुधवार को नए सीईओ के नाम की घोषणा होगी तो उन्होंने कहा कि यह तय करना ट्रस्ट पर निर्भर है। मुझे उम्मीद है कि ऐसा होगा, लेकिन ट्रस्टी बोर्ड तय करेगा कि इसे अभी करना है या नहीं।

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3 reasons to buy the Toyota Hyryder and 2 reasons not to

3 reasons to buy the Toyota Hyryder and 2 reasons not to
Toyota Urban Cruiser Hyryder

Introduced in 2022, the Urban Cruiser Hyryder and Maruti Grand Vitara were the first products co-developed through the partnership between Toyota and Maruti Suzuki. Currently, the Hyryder is Toyota’s bestselling SUV in India, averaging 7,000-9,000 units a month. If you are considering the Hyryder, we will help you decide whether this midsize SUV is suitable for you or whether you should look elsewhere.  

Reasons to buy the Toyota Hyryder

Efficient strong hybrid engine

The petrol engine in the strong hybrid version runs on the Atkinson cycle that prioritises efficiency. Coupled with the battery and motor, the Hyryder can run temporarily on pure electric power, which helps curb fuel consumption. In our real-world fuel efficiency tests, the Hyryder strong hybrid delivered much higher efficiencies than the mild hybrid petrol automatic version: 20.28kpl in the city and 22.85kpl on the highway compared to 10.83kpl and 15.67kpl, respectively. Do note that this test was done before the rollout of E20 fuel.

Well-judged ride and handling

A combination of tough underpinnings and well-judged suspension helps the Hyryder have a balanced ride and handling setup. It handles tough roads with ease, and even the sharp surfaces are absorbed quite well. At higher speeds, the Hyryder remains glued to the road and composed, while direction changes and cornering abilities are predictable. Even when cornering, body roll is kept to a minimum despite its high 210mm ground clearance, which is remarkable.

AWD availability

The Hyryder is among the few models in the very crowded midsize SUV space to offer AWD. Available solely with an automatic gearbox, it comes with Suzuki’s AllGrip Select all-wheel-drive system, bringing decent off-road capability for the Hyryder, especially for those who regularly drive in snowy or slushy conditions. With the help of terrain modes and the ability to send 50 percent of its power to the rear wheels, it can tackle challenging roads.

Reasons not to buy the Toyota Hyryder

Engines lack outright performance

Strong-hybrid versions of the Hyryder are optimised for fuel efficiency over outright performance. Thus, drivers looking for a turbo-petrol-like exhilaration won’t be satisfied, as it lacks midrange punch. Apart from the strong hybrid, there’s also a mild hybrid version that utilises a 103hp, 139Nm 1.5-litre naturally aspirated petrol engine. Though it has enough pep in the city, as with the strong hybrid, you’ll find yourself longing for more power on the highway. Overtakes will require careful planning and working your way through the gears. At 14.01 seconds, the mild-hybrid’s 0-100kph time is slow by segment standards.

Limited boot space

With a capacity of 355 litres, the mild hybrid-powered Toyota Hyryder has one of the smallest trunks in the segment. Additionally, the Hyryder strong hybrid’s high fuel efficiency comes at the cost of boot space, which is reduced further to 255 litres because of the lithium-ion battery pack placed beneath it. This could be a dealbreaker for those who carry large suitcases on road trips.

नवी एएमसी ने लॉन्च किया नया इंडेक्स फंड, REITs और रियल्टी शेयरों में करेगा इनवेस्ट

नवी एसेट मैनेजमेंट कंपनी (नवी एएमसी) ने एक नया इंडेक्स फंड लॉन्च किया है। इसका नाम नवी निफ्टी रीट्स एंड रियल्टी इंडेक्स फंड है। यह एक ओपन-एंडेड स्टॉक्स है, जो निफ्टी रीट्स एंड रियल्टी टोटल रिटर्न इंडेक्स को ट्रैक करेगा। यह फंड निवेश के लिए 1 सितंबर को खुल गया है।

कम से कम 100 रुपये से निवेश किया जा सकता है

Navi Nifty REITs & Realty Index Fund में कम से कम 100 रुपये से निवेश किया जा सकता है। यह फंड उन सिक्योरिटीज में निवेश करेगा, जो Nifty REITs & Realty Index में शामिल हैं। जो इनवेस्टर्स लिस्टेड रियल एस्टेट इनवेस्टमेंट ट्रस्ट्स (REITs) और रियल एस्टेट कंपनियों के शेयरों में निवेश करना चाहते हैं, वे इस फंड में निवेश कर सकते हैं।

Nifty REITs & Realty Index में 15 तक सिक्योरिटीज शामिल

Nifty REITs & Realty Index एक फ्री-फ्लोच मार्केट-कैपिटलाइजेशन वेटेड इंडेक्स है, जिसमें 15 तक सिक्योरिटीज शामिल हैं। इस इंडेक्स में REITs का कम से कम 60 फीसदी वेट होना जरूरी है, जबकि एक इंडिविजुअल सिक्योरिटी का वेट 15 फीसदी से ज्यादा नहीं होना चाहिए। NSE Indices की तरफ से हर तिमाही इस इंडेक्स का रिव्यू किया जाता है।

रियल एस्टेट्स में निवेश से कमाई करने का मौका 

नवी एएमसी के मुताबिक, इस फंड का मकसद निफ्टी रीट्स एंड रियल्टी इंडेक्स के जितना रिटर्न जेनरेट करना है। इस फंड के पोर्टफोलियो में लिस्टेड रीट्स होंगे। इससे इनवेस्टर्स को इनकम देने वाले रियल एस्टेट्स में निवेश करने का मौका मिलेगा। साथ ही पोर्टफोलियो में रियल एस्टेट कंपनियों के शेयर भी शामिल होंगे।

क्या होता है रियल एस्टेट इनवेस्टमेंट ट्रस्ट?

REITs का मतलब रियल एस्टेट इनवेस्टमेंट ट्रस्ट है। यह ट्रस्ट इनकम के लिए रियल एस्टेट खरीदता है और ऑपरेट करता है। इसमें हाई-वैल्यू रियल एस्टेट प्रॉपर्टीज और मॉर्टगेजेज शामिल होते हैं। यह प्रॉपर्टीज लीज पर देते हैं और उससे किराया लेते हैं। इस तरह वसूला गया पूरा रेंट पहले इकट्ठा किया जाता है। फिर उसे शेयरहोल्डर्स के बीच बतौर इनकम या डिविडेंड बांट दिया जाता है।

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आर्थिक गतिविधियां बढ़ने से रियल एस्टेट में बढ़ रहा किराया

नवी एएमसी का यह नया इंडेक्स फंड उन इनवेस्टर्स के लिए अच्छा है, जो रीट्स में निवेश करना चाहते हैं और रियल एस्टेट्स के तेजी से बढ़ते किराए का फायदा उठाना चाहते हैं। भारत जैसे देश में रीट्स के अच्छे रिटर्न कमाने की काफी गुंजाइश है, क्योंकि इकोनॉमी में आर्थिक गतिविधियां तेजी से बढ़ रही हैं। हालांकि, इनवेस्टर्स को किसी फंड में निवेश करने से पहले अपने फाइनेंशियल एडवाइजर की सलाह लेनी चाहिए।