Stock Market Holiday: रक्षाबंधन पर खुलेगा या बंद रहेगा शेयर बाजार? ट्रेडर्स के लिए ये है बड़ा अपडेट

Raksha Bandhan Stock Market Holiday 2026: रक्षाबंधन के पावन पर्व पर अगर आप शेयर बाजार में ट्रेडिंग या निवेश की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके काम की है। 28 अगस्त को देशभर में रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जाएगा। ऐसे में निवेशकों के मन में सवाल है कि क्या इस दिन बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) में कारोबार होगा या छुट्टी रहेगी।

बीएसई और एनएसई के ऑफिशियल ट्रेडिंग हॉलिडे कैलेंडर के मुताबिक, 28 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन शेयर बाजार पूरी तरह खुला रहेगा। इस दिन इक्विटी, इक्विटी डेरिवेटिव्स और करंसी सेगमेंट में सामान्य दिनों की तरह ही ट्रेडिंग होगी।

MCX और कमोडिटी मार्केट का क्या है शेड्यूल?

इक्विटी मार्केट के साथ-साथ मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) और नेशनल कमोडिटी एंड डेरिवेटिव्स एक्सचेंज (NCDEX) पर भी रक्षाबंधन के दिन काम-काज सामान्य रूप से जारी रहेगा। कमोडिटी एक्सचेंज में सुबह और शाम दोनों सेशंस में रेगुलर ट्रेडिंग होगी। चूंकि यह ट्रेडिंग या रेगुलर सेटलमेंट हॉलिडे नहीं है, इसलिए रोलिंग सेटलमेंट साइकिल पर भी कोई असर नहीं पड़ेगा।

बैंकों की छुट्टी का पड़ सकता है असर

हालांकि शेयर बाजार और कमोडिटी मार्केट खुले रहेंगे, लेकिन भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के हॉलिडे कैलेंडर के अनुसार 28 अगस्त को कई राज्यों और शहरों (जैसे- लखनऊ, कानपुर, अहमदाबाद, जयपुर आदि) में बैंक बंद रहेंगे।

ऐसे में अगर आप इस दिन ट्रेडिंग के लिए बैंक ट्रांसफर या फंड्स ऐड/विड्रॉ करने की योजना बना रहे हैं, तो अपने स्थानीय बैंक की वर्किंग स्थिति और डिजिटल बैंकिंग ऑप्शन्स की जांच पहले से कर लें।

2026 में शेयर बाजार की अगली छुट्टियां कब हैं?

रक्षाबंधन के बाद अब शेयर बाजार में अगली आधिकारिक छुट्टी सितंबर महीने में होगी। आने वाले महीनों की प्रमुख हॉलिडे लिस्ट इस प्रकार है:

  • 14 सितंबर: गणेश चतुर्थी
  • 2 अक्टूबर: महात्मा गांधी जयंती
  • 20 अक्टूबर: दशहरा
  • 10 नवंबर: दिवाली (बलिप्रतिपदा)
  • 24 नवंबर: प्रकाश गुरुपर्व (श्री गुरु नानक देव जयंती)
  • 25 दिसंबर: क्रिसमस

(नोट: दीपावली के दिन 8 नवंबर को शेयर बाजार में एक घंटे के लिए पारंपरिक ‘मुहूर्त ट्रेडिंग’ सेशन का आयोजन किया जाएगा।)

रक्षाबंधन के दिन यानी 28 अगस्त को शेयर बाजार में किसी भी तरह की बंदी नहीं है। निवेशक सुबह 9:15 बजे से शाम 3:30 बजे तक अपनी ट्रेडिंग सामान्य रूप से कर सकते हैं। हालांकि, बैंक हॉलिडे की वजह से फंड ट्रांसफर से जुड़े काम पहले से प्लान कर लें।

West Bengal SIR: ‘क्या हम नए चुनाव कराने का निर्देश दे सकते हैं?’; बंगाल SIR पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा सवाल

West Bengal SIR: सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) मामले की सुनवाई के दौरान एक अहम कानूनी सवाल उठाए। शीर्ष अदालत ने पूछा कि क्या न्यायपालिका नए चुनाव का आदेश दे सकती है, जब ऐसे दावे किए जा रहे हों कि कई विधानसभा क्षेत्रों में हटाए गए वोटरों की संख्या जीत के अंतर (victory margin) से ज्यादा थी। न्यूज 18 के मुताबिक, चीफ जस्टिस सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) सदस्य की ओर से सीनियर एडवोकेट कल्याण बंदोपाध्याय द्वारा दायर याचिका पर विचार-विमर्श किया।

TMC याचिकाकर्ता का पक्ष रखते हुए, सीनियर एडवोकेट कल्याण बंदोपाध्याय ने 31 विधानसभा क्षेत्रों का ब्योरा पेश किया। इन क्षेत्रों में जीतने वाले BJP उम्मीदवारों की जीत का अंतर, SIR प्रक्रिया के दौरान हटाए गए कुल वोटरों की संख्या से कम था। एक विधानसभा क्षेत्र (AC-145) में हार का अंतर सिर्फ 401 वोट था। जबकि 8,785 वोटर हटाए गए थे। एक और सीट पर SIR के तहत बहुत ज्यादा वोटर हटाए जाने के बावजूद उम्मीदवार 316 वोटों से हार गया।

नतीजों पर असर

याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया कि इतने बड़े पैमाने पर वोटर हटाने से चुनाव के नतीजों पर असर पड़ा। हजारों वैध नागरिकों को वोट देने के अधिकार से वंचित कर दिया गया। सार्वजनिक डेटा की कमी: TMC के वकील ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि विधानसभा-वार अपील डेटा का हिसाब लगाना मुश्किल है क्योंकि भारत के चुनाव आयोग (ECI) ने ये आंकड़े सार्वजनिक नहीं किए हैं।

सुप्रीम कोर्ट की बड़ी टिप्पणी

इन दलीलों के जवाब में चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्य कांत ने मौखिक रूप से टिप्पणी की, “आप इस पर याचिका दायर कर सकते हैं, लेकिन क्या कोर्ट इस तरह नए चुनाव का आदेश दे सकता है?” चीफ जस्टिस ने पूछा कि क्या प्रभावित उम्मीदवारों ने उन 31 विधानसभा क्षेत्रों में जीते हुए उम्मीदवारों को चुनौती देने के लिए औपचारिक चुनाव याचिकाएं दायर की थीं। इस पर वकील ने जवाब दिया कि कुछ सीटों पर चुनाव याचिकाएं दायर की गई थीं, लेकिन सभी पर नहीं। इस पर जस्टिस जॉयमाल्य बागची ने इस बात पर जोर दिया कि यह पता लगाना जरूरी है कि वोटर लिस्ट से नाम हटाए जाने के बाद कितने लोगों ने असल में अपील दायर की थी।

देश की सबसे बड़ी अदालत ने कहा कि अगर नाम हटाए जाने वाले किसी वोटर ने अपील दायर किए बिना इसे स्वीकार कर लिया, तो उनकी ओर से नतीजों को चुनौती देना केवल सैद्धांतिक बात रह जाती है। हालांकि, अगर 100 लोगों के नाम हटाए गए, जीत का अंतर 50 था। हटाए गए वोटरों में से 60 या 70 ने अपील दायर की जो अभी भी लंबित है, तो नाम हटाने की इस प्रक्रिया को चुनौती देना एक अहम और बहुत जरूरी मामला बन जाता है।

लंबित अपील का आंकड़ा मांगा

इससे एक दिन पहले सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को चुनाव आयोग (ECI) को पश्चिम बंगाल में SIR के बाद मतदाता सूची से नाम हटाए जाने या नाम शामिल किए जाने को चुनौती देने वाली विभिन्न अपील पर अधिकारियों द्वारा निपटाए गए मामलों और लंबित मामलों का आंकड़ा पेश करने का निर्देश दिया। अदालत ने कहा कि इन मामलों का समयबद्ध तरीके से निपटारा किया जाना जरूरी है। पीठ ने निर्वाचन आयोग से यह बताने को कहा कि लंबित अपील के निपटारे की प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कल्याण बनर्जी ने कहा कि लोगों को यह जानकारी नहीं मिल रही है कि न्यायाधिकरणों के समक्ष कितनी अपील लंबित हैं या कितनी अपील का निपटारा हो चुका है, क्योंकि यह जानकारी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है। बनर्जी ने कहा कि नगर निकाय और पंचायत चुनाव होने वाले हैं। इस सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह मामले को केवल 31 विधानसभा क्षेत्रों तक सीमित नहीं रखेगा।

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24 अप्रैल को शीर्ष अदालत ने अपीलीय न्यायाधिकरणों को निर्देश दिया था कि पश्चिम बंगाल में एसआईआर के बाद मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के खिलाफ तत्काल सुनवाई की जरूरत साबित करने वाले मामलों की प्राथमिकता के आधार पर सुनवाई की जाए। करीब 60 लाख दावों और आपत्तियों के निपटारे के लिए पश्चिम बंगाल एवं पड़ोसी राज्यों ओडिशा और झारखंड के करीब 700 न्यायिक अधिकारियों को तैनात किया गया था।

कोलंबो टेस्ट में फॉलोऑन के बाद श्रीलंका ने खुद को पारी की हार से बचाया

INDvsSL कोलंबो टेस्ट में फॉलोऑन ना बचाने के बाद श्रीलंका ने मैच को अंतिम दिन तक खींच लिया है। श्रीलंका ने आज सुबह 290 रनों पर सिमट जाने के बाद फॉलोऑन बचाने के लिए 14 रन पीछे रह गई। इसके बाद चौथे दिन स्टंप्स तक 6 विकेट खोकर 229 रन बना गई। श्रीलंका कुल 213 रनों से पीछे थी लेकिन उसने सुनिश्चित किया कि घरेलू दर्शकों के सामने पारी की हार ना मिले।

पहली पारी में 290 रन पर सिमटने वाली श्रीलंका के लिए स्टंप तक सोनल दिनुशा सात रन और केशारा नुवांथा तीन रन बनाकर क्रीज पर मौजूद थे।भारतीय गेंदबाजों में मानव सुथार ने दो जबकि प्रसिद्ध कृष्णा, मोहम्मद सिराज, सारांश जैन और रविंद्र जडेजा ने एक एक विकेट झटका।

श्रीलंका की दूसरी पारी की शुरुआत भी अच्छी नहीं रही। उदारा एक गैरजिम्मेदार शॉट खेलकर जल्द रवाना हो गए। मिशारा भी 32 रन पर आउट हो गए। इसके बाद पसिंदू और कमिंडू ने श्रीलंकाई पारी को संभाला अंत में फॉर्म में आए कमिंडू की विकेट प्रसिद्ध कृष्णा ने चटकाया और 115 रनों की साझेदारी पर विराम लगाया।

चायकाल तक श्रीलंका 190 रनों पर 3 विकेट खोकर बड़े स्कोर की ओर बढ़ रही थी लेकिन 9 रनों के भीतर 3 विकेटों से भारत को जीत की सुगंध आने लग गई। अपना दूसरा ही टेस्ट खेल रहे पसिंदु सूर्यबंदारा पहली पारी की तरह दूसरी पारी में भी शतक के पास पहुंचकर आउट हो गए। 82 रन बनाने वाले पसिंदू इस बार 92 रनों पर स्टंप्स आउट हुए। 

Which variant of the MG Hector Tomahawk EV should you buy?

Which variant of the MG Hector Tomahawk EV should you buy?
MG Hector Tomahawk EV

The MG Hector Tomahawk EV is a three-row SUV available in Excite, Exclusive and Essence trims. All three use the same battery pack and electric motor, with the main differences being the features and seating layouts on offer. If you’re considering the Hector Tomahawk EV, here’s a detailed look at which variant makes the most sense.

MG Hector Tomahawk EV: Prices, powertrain specs

TrimBaaS price (Rs)Non-BaaS price (Rs)Difference (Rs)
Excite 7 seater13.99 lakh + 4.9 per km*19.5 lakh5.51 lakh
Exclusive 7 seater15.99 lakh + 4.9 per km*22 lakh6.01 lakh
Essence 5 seater16.99 lakh + 4.9 per km*23 lakh6.01 lakh
Essence 7 seater17.49 lakh + 4.9 per km*23.5 lakh6.01 lakh

*Battery rental fee.

The MG Hector Tomahawk EV, like all MG EVs sold in India (excluding the M9 and the Cyberster), is available with a Battery-as-a-Service (BaaS) scheme that lowers the upfront cost. Notably, buyers opting for BaaS have to pay a battery rental fee of Rs 4.9 per kilometre. For the Hector Tomahawk EV, the scheme reduces the upfront price by up to Rs 6.01 lakh.

All trims feature a 69.2kWh battery pack, which powers a 204hp, 310Nm electric motor mounted on the front axle. The sprint from 0-100kph takes 8.2 seconds. On the Modified Indian Driving Cycle (MIDC), the SUV can go up to 517km on a single charge. As per MG, it takes about 35 minutes to charge the battery from 30 percent to 80 percent with a 90kW DC fast charger. With a 7.4kW AC unit, the carmaker claims a charging time of about 12.5 hours for a 10 percent to 100 percent top-up.

MG Hector Tomahawk EV: Features

Excite

Rs 19.5 lakh

  • Six airbags
  • Electronic stability program (ESP)
  • Traction control system (TCS)
  • Hill hold control
  • ABS and EBD
  • All four disc brakes
  • Electronic parking brake with auto hold
  • TPMS
  • Front and rear defogger
  • Rear wiper and washer
  • Three-point seatbelts for all seats
  • Reverse parking camera
  • 8.8-inch driver’s display
  • 12.8-inch touchscreen
  • Wireless Android Auto, Apple CarPlay
  • AI voice assistant
  • OTA updates
  • Six speakers
  • Steering-mounted controls
  • Leatherette seat upholstery
  • Pro Pet mode
  • Eco, Normal, Sports, Custom drive modes
  • Powered adjustment for front seats
  • Push button start/stop system
  • Powered ORVMs with auto fold and integrated turn indicators 
  • Tilt and telescopic adjustment for steering wheel
  • Cruise control
  • Slide function for second-row seats (7-seater version)
  • Second and third row AC vents
  • 60:40 split seats in the second row with recline function
  • 50:50 split seats in the third row (7-seater version)
  • Front armrest with storage for the driver
  • Type-A and fast charging Type-C ports at the front
  • Fast charging Type-C, Type-A ports in the second row
  • Height-adjustable headrests 
  • LED projector headlights, LED tail lamps
  • LED daytime running lights (DRLs)
  • Illuminated MG logo at the front
  • 18-inch alloy wheels
  • Roof rails

Exclusive

Rs 22 lakh

In addition to Excite

  • 360-degree camera with Transparent Chassis view
  • Rain-sensing wipers
  • Ambient lighting (blue colour only)
  • Panoramic sunroof
  • Ventilated seats at the front
  • 50W wireless charger with cooling
  • Chrome-finish on select exterior trims
  • Automatic headlights
  • Powered tailgate

Essence

Rs 23 lakh-23.5 lakh

In addition to Exclusive

  • Level 2 ADAS
  • Adaptive cruise control
  • Front parking sensors
  • Auto-dimming IRVM
  • Memory function for the driver’s seat
  • Rear window sunshade
  • 15.6-inch touchscreen
  • 10-speaker Infinity sound system
  • Multi-colour ambient lights (256 colours)
  • Rear parcel tray (5-seater version only)
  • Vehicle to load (V2L), vehicle to vehicle (V2V) charging support
  • Vehicle to home (V2H) charging support
  • Red-coloured brake callipers

Which variant of the MG Hector Tomahawk EV should you buy?

The mid-spec Exclusive trim, priced at Rs 22 lakh, ex-showroom, is the one we recommend for the MG Hector Tomahawk EV. Compared to the base Excite, it adds front ventilated seats, a 50W wireless charger with cooling and a powered tailgate, features that should appeal to buyers of such an EV. With the BaaS option, the upfront cost can be reduced by Rs 6.1 lakh (as on August 26, 2026), making for a significant initial saving. Buyers who want the five-seat version will have to choose the top-spec Essence trim, as it is the only one available with this seating configuration. 

What’s good is that there is no difference in performance or range across the lineup. All trims use the same 69.2kWh battery pack and 204hp electric motor, while the MIDC-rated range remains identical at 517km.

Solar Stock: रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी को ₹455 करोड़ का ऑर्डर मिला, 1 लाख घरों की छत पर सोलर पैनल लगाएगी

पुणे की रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी GK Energy को बड़ा ऑर्डर मिला है, जो राज्य सरकार की बिजली वितरण कंपनी ने दिया है। इसके तहत कंपनी को 1 लाख घरों की छत पर सोलर सिस्टम लगाना है। हर घर में 1 किलोवाट का सिस्टम लगेगा। यानी पूरे प्रोजेक्ट की क्षमता 100 MW होगी।

ऑर्डर की कुल कीमत करीब ₹454.5 करोड़ है। इसमें GST भी शामिल है। कंपनी को हर किलोवाट के लिए ₹45,450 मिलेंगे।

1 लाख घरों पर लगेगा सोलर

GK Energy को 1 लाख घरों की छत पर सोलर सिस्टम लगाना है। हर घर पर 1 kW का सिस्टम होगा। कंपनी का काम सिर्फ पैनल लगाने तक नहीं है। उसे पूरा काम संभालना होगा। इसमें डिजाइन, इंजीनियरिंग, सामान की सप्लाई, इंस्टॉलेशन, टेस्टिंग और सिस्टम शुरू करना शामिल है।

इन सोलर सिस्टम का 5 साल तक ऑपरेशन और मेंटेनेंस करना होगा। हर प्रोजेक्ट को संबंधित वर्क ऑर्डर मिलने के 60 दिनों के अंदर पूरा करना होगा।

जून तिमाही के नतीजे

GK Energy का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट पहली तिमाही में 54% बढ़कर ₹57 करोड़ हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में मुनाफा ₹37 करोड़ था। कंपनी का रेवेन्यू भी तेजी से बढ़ा। यह 55.4% बढ़कर ₹505 करोड़ हो गया। एक साल पहले रेवेन्यू ₹325 करोड़ था।

EBITDA 44% बढ़कर ₹82.4 करोड़ हो गया। हालांकि, यहां एक छोटी चिंता भी है। EBITDA मार्जिन 17.6% से घटकर 16.3% रह गया। यानी बिक्री बढ़ी, लेकिन खर्च भी बढ़े। प्रॉफिट बिफोर टैक्स भी बढ़कर ₹80.3 करोड़ हो गया। पिछले साल यह ₹50.5 करोड़ था।

कंपनी करती क्या है?

GK Energy का मुख्य कारोबार सोलर से जुड़ा है। कंपनी दो बड़े काम करती है। पहला है सोलर प्रोजेक्ट्स का EPC कारोबार। यानी डिजाइन से लेकर निर्माण और इंस्टॉलेशन तक पूरा काम। दूसरा कारोबार सोलर सेल और दूसरे सोलर प्रोडक्ट्स की ट्रेडिंग का है। पहली तिमाही में कंपनी के रेवेन्यू में EPC कारोबार की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा रही।

शेयर में 6.83% से ज्यादा तेजी

बुधवार को GK Energy के शेयर 6.83% बढ़कर ₹134.81 पर बंद हुए। पिछले 6 महीने में स्टॉक 18.62% चढ़ा है। हालांकि, 1 साल में यह 19.63% टूटा है। कंपनी का मार्केट कैप 2.73 हजार करोड़ रुपये है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

MG Hector Tomahawk PHEV लॉन्च, 1100 KM से ज्यादा की रेंज, जानिए कीमत और फीचर्स

MG Hector Tomahawk PHEV लॉन्च, 1100 KM से ज्यादा की रेंज, जानिए कीमत और फीचर्स

MG Hector Tomahawk PHEV

MG Hector Tomahawk PHEV

JSW MG Motor India ने भारतीय बाजार में अपनी नई 7-सीटर प्लग-इन हाइब्रिड SUV Hector Tomahawk PHEV लॉन्च कर दी है। इसकी शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 25.70 लाख रुपये रखी गई है। कंपनी ने इसे Battery-as-a-Service (BaaS) विकल्प के साथ भी पेश किया है, जिसमें SUV की शुरुआती कीमत 21.79 लाख रुपये है और बैटरी के लिए 3.20 रुपये प्रति किलोमीटर का रेंट देना होगा।

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115 KM से ज्यादा चलेगी सिर्फ इलेक्ट्रिक मोड में

MG Hector Tomahawk PHEV को कंपनी के ADAPT प्लेटफॉर्म पर तैयार किया गया है। इसमें 1.5-लीटर नैचुरली एस्पिरेटेड Atkinson Cycle पेट्रोल इंजन दिया गया है, जो 101 BHP की पावर और 125 Nm का टॉर्क पैदा करता है। इसके साथ 20.5 kWh बैटरी पैक और इलेक्ट्रिक मोटर मिलती है। इलेक्ट्रिक मोटर 198 BHP की पावर और 237 Nm का टॉर्क जनरेट करती है। कंपनी के मुताबिक, SUV प्योर इलेक्ट्रिक मोड में 115 किलोमीटर से ज्यादा की दूरी तय कर सकती है। वहीं, फुल टैंक पेट्रोल और पूरी तरह चार्ज बैटरी के साथ इसकी कुल ड्राइविंग रेंज 1100 किलोमीटर से ज्यादा हो सकती है।

 

चार ड्राइविंग मोड मिलेंगे

 

Hector Tomahawk PHEV में चार ड्राइविंग मोड दिए गए हैं—

 

EV Mode: इलेक्ट्रिक मोटर पहियों को पावर देती है।

Series Hybrid: पेट्रोल इंजन बैटरी को चार्ज करता है।

Parallel Hybrid: इंजन और इलेक्ट्रिक मोटर दोनों मिलकर पहियों को पावर देते हैं।

Engine Direct Drive: इंजन सीधे पहियों को पावर देता है, जिससे पावर लॉस कम करने में मदद मिलती है।

 

SUV ड्राइविंग कंडीशन के हिसाब से अपने आप सबसे उपयुक्त मोड का चयन कर सकती है।

 

चार्जिंग में कितना समय लगेगा?

MG Hector Tomahawk PHEV के साथ 3.3 kW AC चार्जर दिया गया है। इससे बैटरी को 10 से 100 प्रतिशत तक चार्ज करने में करीब 7.5 घंटे लगते हैं। वहीं, 25 kW DC चार्जर की मदद से बैटरी को 30 से 80 प्रतिशत तक चार्ज करने में लगभग 35 मिनट लगते हैं।

 

नवंबर से शुरू होगी डिलीवरी

 

Hector Tomahawk PHEV की बुकिंग शुरू हो गई है, जबकि इसकी डिलीवरी नवंबर 2026 से शुरू होगी।

 

  • MG Hector Tomahawk PHEV की कीमत
  • वेरिएंट कीमत
  • Exclusive 7S ₹25.70 लाख
  • Exclusive 7S BaaS ₹21.79 लाख + ₹3.20/km
  • Essence 7S ₹27.80 लाख
  • Essence 7S BaaS ₹23.89 लाख + ₹3.20/km

 

सभी कीमतें एक्स-शोरूम हैं।

Raksha Bandhan 2026: रक्षा बंधन पर्व कब है और इसका शुभ मुहूर्त कब है? महंत रोहित शास्त्री से जानें किस समय राखी बांधने से बचें

Raksha Bandhan 2026: रक्षा बंधन का पर्व भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक पर्व है। इस दिन बहनें अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती हैं और उनकी सुरक्षा के लिए भगवान से प्रार्थना करती हैं। भाई अपनी बहनों का ध्यान रखने और उनकी सुरक्षा करने का वचन देते हैं। हिंदू धर्म में इस पर्व को काफी उत्साह और धूमधाम से मनाया जाता है। रक्षा बंधन का पर्व हर साल सावन माह की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है। श्री कैलख ज्योतिष एवं वैदिक संस्थान ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं स्टेट अवॉर्डी महंत रोहित शास्त्री ज्योतिषाचार्य ने बताया कि रक्षाबंधन का पावन पर्व इस वर्ष 28 अगस्त, शुक्रवार को मनाया जाएगा।

कब से लग रही सावन पूर्णिमा तिथि

महंत रोहित शास्त्री के अनुसार, श्रावण पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त, गुरुवार को सुबह 09:09 बजे प्रारंभ होकर 28 अगस्त, शुक्रवार को सुबह 09:49 बजे समाप्त होगी। चूंकि 28 अगस्त को सूर्योदय-व्यापिनी पूर्णिमा है, इसलिए रक्षाबंधन का पर्व इसी दिन मनाया जाएगा।

राहुकाल में नहीं बाधें रखी

महंत रोहित शास्त्री ने बताया कि राहुकाल सुबह 10:45 बजे से दोपहर 12:22 बजे तक रहेगा। अतः इस इस बहनों का भाई का राखी बांधना अशुभ होगा। इस अवधि को छोड़कर पूरे दिन राखी बांध सकते हैं।

रक्षा बंधन में नहीं होगा चंद्रग्रहण का भेद

महंत रोहित शास्त्री ने बताया कि इस दिन चंद्रग्रहण अवश्य है, लेकिन यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। इसलिए भारत में रहने वाले लोगों के लिए इससे संबंधित किसी प्रकार की विशेष धार्मिक या सामाजिक नियम करने की आवश्यकता नहीं है। मंदिरों के कपाट बंद करने अथवा पूजा-पाठ रोकने जैसी कोई आवश्यकता नहीं होगी। जब ग्रहण भारत में दिखाई ही नहीं देगा, तो सूतक आदि को लेकर अनावश्यक भय या तनाव पालना उचित नहीं है। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि गर्भवती महिलाओं को घबराने अथवा किसी प्रकार के नियमों का पालन करने की जरूरत नहीं है। गर्भवती महिलाएं अपनी सामान्य दिनचर्या जारी रखें और बेवजह की पाबंदियों से स्वयं को परेशान न करें।

उन्होंने कहा कि धार्मिक आस्थाओं का सम्मान अपनी जगह है, लेकिन आस्था के साथ विवेक और वैज्ञानिक दृष्टिकोण भी आवश्यक है। किसी भी प्राकृतिक खगोलीय घटना को लेकर डर, भ्रम या अफवाह फैलाने के बजाय सही जानकारी को समझना और दूसरों तक पहुंचाना बेहतर है। अतः इस दिन लोग सामान्य रूप से अपना कार्य करें। गर्भवती महिलाएं निश्चिंत रहें, मंदिरों के कपाट सामान्य रूप से खुले रहें और चंद्रग्रहण को लेकर किसी प्रकार का अनावश्यक भय या भ्रम न रखा जाए।

पूरे दिन मना सकते हैं रक्षा बंधन का पर्व

महंत रोहित शास्त्री ने कहा कि 28 अगस्त को सूर्योदय व्यापिनी तिथि पूरे दिन है, इसलिए रक्षा बंधन का पर्व पूरे दिन मनाया जा सकेगा। पूर्णिमा तिथि के सुबह 9.49 बजे तक ही रहने का कोई प्रभाव नहीं होगा।

पूर्णिमा व्रत को लेकर भी दूर किया भ्रम

श्री कैलख ज्योतिष एवं वैदिक संस्थान ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं स्टेट अवॉर्डी महंत रोहित शास्त्री ज्योतिषाचार्य ने सावन पूर्णिमा के व्रत को लेकर भी भ्रम दूर किया है। उन्होंने कहा कि जो लोग पूर्णिमा तिथि पर रात के समय पूजा करते हैं वे 27 अगस्त को व्रत करेंगे, जबकि दिन में पूर्णिमा व्रत की पूजा करने वाले श्रद्धालु 28 अगस्त 2026 को उपवास करेंगे।

राखी बांधने की पारंपरिक विधि

  • बहन सर्वप्रथम भाई को तिलक लगाए, आरती करें और अक्षत अर्पित करें।
  • इसके बाद भाई की दाहिनी कलाई पर राखी बांधे और उसका पूजन करे।
  • भाई को मिठाई खिलाएं।
  • इसके पश्चात भाई बहन के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद प्राप्त करें।
  • भाई अपनी बहन को उपहार भेंट करें।
  • यह संपूर्ण प्रक्रिया व्रत अथवा उपवास रखकर संपन्न करना श्रेष्ठ माना गया है।

अगर पास में न हो भाई, तो क्या करें?

यदि भाई-बहन एक स्थान पर उपस्थित न हो सकें, तो बहन भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमा को राखी बांधकर पूजा करें और भाई की मंगलकामना करें। भाई भी राखी को भगवान से स्पर्श कर रक्षा का संकल्प ले सकता है। श्रद्धापूर्वक किया गया यह प्रतीकात्मक राखी बंधन भी धार्मिक दृष्टि से फलदायी माना जाता है।

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What is Flash Flood: पहाड़ों पर जब मौसम बदलता है, तो तबाही का मंज़र आने में कुछ मिनट भी नहीं लगते। हाल ही में नेपाल में भूस्खलन और उफनती नदियों ने जिस तरह से तबाही मचाई है, उसने एक बार फिर पूरे भारतीय उपमहाद्वीप को दहला दिया है। नेपाल में आई इस प्रलय के बाद भारत के सीमावर्ती राज्यों— विशेषकर बिहार, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल—में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है।

 

इस पूरी तबाही के पीछे सबसे बड़ा कारण 'फ्लैश फ्लड' (Flash Flood) यानी अचानक आने वाली बाढ़ है। आइए आसान भाषा में समझते हैं कि यह फ्लैश फ्लड क्या होती है, पहाड़ों पर यह इतनी खौफनाक क्यों हो जाती है और नेपाल के संकट से भारत पर क्या खतरा मंडरा रहा है। ALSO READ: नेपाल में बाढ़ का सैलाब, 5 जिलों में हाई अलर्ट, 105 भारतीय पर्यटक लापता, हाई-रिस्क एडवाइजरी जारी

क्या होती है फ्लैश फ्लड (Flash Flood)?

फ्लैश फ्लड का सीधा अर्थ है—अत्यंत कम समय में आने वाली भीषण बाढ़। सामान्य बाढ़ में नदियों का जलस्तर धीरे-धीरे घंटों या दिनों में बढ़ता है, जिससे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने का समय मिल जाता है। लेकिन फ्लैश फ्लड में:

पहाड़ों से अचानक क्यों आता है बर्बादी का सैलाब?

मैदानी इलाकों की तुलना में पहाड़ों पर फ्लैश फ्लड कहीं अधिक विनाशकारी होती है। इसके पीछे मुख्य भौगोलिक और प्राकृतिक कारण निम्नलिखित हैं:

  • तीव्र ढलान (Steep Slopes): पहाड़ों की ढलान बहुत तेज होती है। जब बारिश का पानी नीचे गिरता है, तो गुरुत्वाकर्षण के कारण उसकी गति और शक्ति कई गुना बढ़ जाती है।
  • भूस्खलन और प्राकृतिक बांध (Landslides & Debris Damming): मूसलाधार बारिश के कारण पहाड़ों पर बड़े-बड़े चट्टान और मिट्टी खिसककर नदियों या संकरे नालों का रास्ता रोक लेते हैं। इससे एक अस्थायी 'प्राकृतिक बांध' बन जाता है। जब पानी का दबाव बढ़ता है, तो यह बांध अचानक टूट जाता है और करोड़ों लीटर पानी, मलबा व पत्थरों के साथ नीचे की ओर तबाही बनकर दौड़ पड़ता है।
  • संकरे नदी-घाटी रास्ते : पहाड़ों में नदियों के बहने के रास्ते संकरे होते हैं। जब अत्यधिक पानी आता है, तो नदियां अपनी सीमाओं को तोड़कर विकराल रूप ले लेती हैं।
  • अनियंत्रित निर्माण व जलवायु परिवर्तन : पहाड़ों पर निर्माण कार्य, जंगलों की कटाई और ग्लोबल वार्मिंग के कारण मौसम का मिजाज अप्रत्याशित हो गया है, जिससे ऐसी घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं।

नेपाल प्रलय से भारत में क्यों बजा खतरे का सायरन?

नेपाल में हुई भीषण बारिश और फ्लैश फ्लड का सीधा असर भारत पर पड़ता है, क्योंकि भौगोलिक रूप से दोनों देश एक-दूसरे से गहरे जुड़े हुए हैं:

  • साझा नदियां (Cross-Border Rivers) : नेपाल से बहने वाली प्रमुख नदियां—कोसी (Kosi), गंडक (Gandak), बागमती (Bagmati) और कर्णाली (घाघरा)—सीधे भारत के बिहार और उत्तर प्रदेश में प्रवेश करती हैं।
  • पानी छोड़ने का दबाव : जब नेपाल के बैराजों और बांधों में पानी क्षमता से ऊपर चला जाता है, तो वहां से लाखों क्यूसेक पानी भारत की ओर छोड़ना पड़ता है।
  • 'बिहार का शोक' कोसी नदी : कोसी नदी को बिहार का शोक कहा जाता है। नेपाल में जब भी फ्लैश फ्लड आती है, तो उत्तर बिहार के दर्जनों जिलों (जैसे सुपौल, सहरसा, मधेपुरा, मधुबनी) में रातों-रात बाढ़ का पानी घुस जाता है।

 

इसी वजह से नेपाल में आए संकट के बाद भारतीय गृह मंत्रालय, एनडीआरएफ (NDRF) और राज्य आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट मोड पर रखा गया है, ताकि निचले इलाकों को समय रहते खाली कराया जा सके।

फ्लैश फ्लड से बचाव के लिए क्या जरूरी है?

  • आधुनिक अर्ली वार्निंग सिस्टम : पहाड़ी क्षेत्रों और सीमावर्ती नदियों पर रीयल-टाइम वेदर और वाटर-लेवल मॉनिटरिंग सिस्टम लगाना।
  • पहाड़ों पर अनियंत्रित निर्माण पर रोक : संवेदनशील इको-जोन में बड़े पैमाने पर खोदाई और वनों की कटाई को नियंत्रित करना।
  • नदी तटबंधों की मजबूती : मानसून से पहले भारत-नेपाल सीमा पर स्थित बैराजों और तटबंधों (Embankments) की मरम्मत और निगरानी सुनिश्चित करना।

 

फ्लैश फ्लड प्रकृति की वह चेतावनी है जिसे नजरअंदाज करना जानलेवा साबित होता है। नेपाल में आई तबाही यह सबक देती है कि पहाड़ों पर बुनियादी ढांचे के विकास के साथ-साथ पर्यावरण संतुलन और सटीक आपदा प्रबंधन व्यवस्था का होना कितना अनिवार्य है।

 

‘अब जब चाहे अयोध्या-काशी जाएंगे’, CM योगी की सौगात से भावुक हुईं बुजुर्ग महिलाएं, बोलीं- अब किसी पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा

'अब जब चाहे अयोध्या-काशी जाएंगे', CM योगी की सौगात से भावुक हुईं बुजुर्ग महिलाएं, बोलीं- अब किसी पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा

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निशुल्क बस यात्रा की सुविधा मिलने के शुभारंभ कार्यक्रम में पहुंचीं महिलाओं का उत्साह देखते ही बना। मुख्यमंत्री से संवाद के दौरान कई महिलाएं भावुक हो गईं और बोलीं कि अब उन्हें यात्रा के लिए किसी पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। अयोध्या, काशी या प्रदेश में कहीं और जाने के लिए किराये की चिंता नहीं करनी होगी। इस दौरान उत्साहित बेटियों ने कहा कि हमें योगी जी पर गर्व है। सीएम को देखते ही सभी महिलाओं ने हर-हर महादेव का उद्घोष किया।

‘अब जहां चाहेंगे, वहां जाएंगे’

 

गोसाईंगंज की गणेश देवी ने मुख्यमंत्री की इस पहल पर खुशी जताते हुए कहा कि अब वह निश्चिंत होकर यात्रा कर सकेंगी। वहीं, राजरानी ने कहा कि अब जहां जाने की इच्छा होगी, वहां जा सकेंगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने माताओं को बड़ा उपहार दिया है। लखनऊ के निजामपुर की मिठाना देवी ने कहा कि योगी सरकार ने ऐसी सुविधा दी है कि अब यात्रा के लिए किसी दूसरे पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

 

महिलाओं के लिए यह सुविधा केवल पारिवारिक यात्राओं तक सीमित नहीं रहेगी। कार्यक्रम में आईं कई बुजुर्ग महिलाओं ने अयोध्या और काशी जैसे धार्मिक स्थलों की यात्रा की इच्छा जताई। उनका कहना था कि किराये की चिंता खत्म होने से अब तीर्थयात्रा करना भी आसान होगा।

 

छात्राओं में रक्षाबंधन के सफर को लेकर उत्साह

 

मुंशी पुलिया की रहने वाली और नारी शिक्षा निकेतन पीजी कॉलेज में बीएससी द्वितीय वर्ष की छात्रा अंजली श्रीवास्तव ने कहा कि वह रक्षाबंधन पर अपने भाई को राखी बांधने जाएंगी और मुफ्त यात्रा सुविधा का लाभ लेंगी। जानकीपुरम की आस्था राजपूत ने बताया कि वह अपनी मां के साथ राखी बांधने जाएंगी और दोनों इस सुविधा का लाभ उठाएंगी।

 

खदरा की शगुन निषाद भी योजना को लेकर उत्साहित दिखीं। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में महिलाओं को साड़ी और मिठाई का उपहार भी दिया गया। अहमामऊ की रचना रावत ने कहा कि पहली बार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर उन्हें बहुत अच्छा लगा। महिलाओं के लिए मुख्यमंत्री की योजनाओं के बारे में सुनना उत्साह बढ़ाने वाला है।

 

‘महिलाओं और बच्चों की चिंता करते हैं मुख्यमंत्री’

 

फैजुल्लागंज की हिना परवीन ने कहा कि महिलाओं और बच्चों के लिए मुख्यमंत्री की सोच और योजनाएं देखकर गर्व महसूस होता है। वहीं, सिद्धार्थनगर की दिव्या पाठक ने कहा कि महिलाओं को लेकर मुख्यमंत्री की सम्मान देने वाली सोच है। युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक के लिए योजनाएं चलाई जा रही हैं।

 

कार्यक्रम में सरोजनीनगर की कृष्णावती, जनक दुलारी और उबराजा समेत बड़ी संख्या में बुजुर्ग महिलाएं भी पहुंचीं। उम्र के इस पड़ाव पर भी उनका उत्साह युवाओं जैसा था। इनमें कई महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हैं और योगी सरकार के सहयोग से सिलाई, कताई-बुनाई जैसे काम कर आत्मनिर्भर बन रही हैं।

 

महिलाओं को दी जा रही सुविधाओं को लेकर सीएम का जताया आभार 

 

महिलाओं ने संवाद के दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ के समक्ष अपने मन की बात रखी और अपने अनुभव साझा किए। उन्नाव की सुनीता अवस्थी ने योगी सरकार की ओर से महिलाओं को दी जा रही सुविधाओं को लेकर सीएम का आभार जताया। बेहद भावुक होकर उन्होंने सीएम से कहा कि आपने इतनी बड़ी सौगात दी है कि अगर परिवार वाले पैसा रुपया न भी दें, तो भी हम लोग मुफ्त में यात्रा कर सकेंगे। आपने महिलाओं के लिए बहुत अच्छा काम किया है। हम यही चाहेंगे कि आपकी सरकार बार-बार आए। वहीं, उन्नाव की ही पुष्पा ने कहा कि मुख्यमंत्री के प्रयास से मुफ्त बस सेवा की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। बहुत अच्छा लग रहा है।

 

लखनऊ की उषा पाल ने कहा कि अब महिलाओं को कहीं आने-जाने के लिए किसी का मोहताज नहीं रहना पड़ेगा। वे जब चाहें, निश्चिंत होकर यात्रा कर सकेंगी। उन्होंने सीएम से कहा कि जो महिलाएं सफर करेंगी, वे आपका ही नाम लेंगी। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जब आप अच्छे लोगों को चुनते हैं तो अच्छा ही होता है।

 

वहीं, सीतापुर की रीता सक्सेना ने महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा की सुविधा देने पर मुख्यमंत्री को बधाई दी। उन्होंने कहा कि अब सीतापुर से लखनऊ आना जाना आसान हो जाएगा। रीता ने खुशी जताते हुए योजना को महिलाओं के लिए बड़ी सहूलियत बताया। उन्होंने कहा कि अब किसी के आश्रित नहीं रहना पड़ेगा। जब भी इच्छा करेगी मंदिर, अयोध्या, बनारस अब कहीं भी जा सकते हैं। इसके बाद गाजीपुर की रहने वाली लायका खातून ने भी मुख्यमंत्री का आभार जताया। उन्होंने कहा कि अब हमारा सफर आसान हो गया है। इस पर सीएम ने कहा कि जब अच्छी सरकार चुनी जाती है तो ढेर सारी सुविधाओं का लाभ ऐसे ही सभी को प्राप्त होता है।