NEET PG 2026 Admit Card: 30 अगस्त को परीक्षा से पहले जारी हुए नीट पीजी के एडमिट कार्ड, जानें कैसे डाउनलोड करें अपना हॉल टिकट

NEET PG 2026 Admit Card: नीट पीजी 2026 के लिए पंजीकृत उम्मीदवार अपने एडमिट कार्ड का इंतजार कर रहे थे। इन छात्रों का इंतजार खत्म करते हुए नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) ने नेशनल एलिजिबिलिटी-कम-एंट्रेंस टेस्ट फॉर पोस्टग्रेजुएट (NEET PG) 2026 का एडमिट कार्ड जारी कर दिया है। पंजीकृत उम्मीदवार अपनी यूजर आईडी और पासवर्ड का इस्तेमाल करके आधिकारिक वेबसाइट nbe.edu.in से नीट पीजी परीक्षा का हॉल टिकट डाउनलोड कर सकते हैं।

नीट पीजी 2026, एमडी, एमएस और पोस्टग्रेजुएट डिप्लोमा प्रोग्राम में एडमिशन के लिए होता है। नीट पीजी 2026 परीक्षा 30 अगस्त को एक ही शिफ्ट में सुबह 9 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक होगा। एडमिट कार्ड में कैंडिडेट की जरूरी डिटेल्स होंगी, जैसे उनका नाम, रोल नंबर, एप्लीकेशन नंबर, जन्म तिथि, फोटो, एग्जाम की तारीख और समय, रिपोर्टिंग टाइम, एग्जाम सेंटर की डिटेल्स और एग्जाम के दिन की गाइडलाइंस।

नीट पीजी 2026: पेपर पैटर्न

पोस्टग्रेजुएट मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम कंप्यूटर-बेस्ड टेस्ट (CBT) मोड में होगा। नीट पीजी 2026 प्रश्न पत्र में 180 मल्टीपल-चॉइस सवाल (MCQs) होंगे। यह परीक्षा 3 घंटे 30 मिनट की होगी। क्वेश्चन पेपर में एमबीबीएस करिकुलम के विषय होंगे।

नीट पीजी 2026: मार्किंग स्कीम

उम्मीदवारों को हर सही जवाब के लिए चार मार्क्स दिए जाएंगे, जबकि हर गलत जवाब के लिए एक मार्क्स काटा जाएगा। बिना जवाब वाले सवालों के लिए कोई मार्क्स नहीं दिए जाएंगे या काटे नहीं जाएंगे।

नीट पीजी 2026: एडमिट कार्ड डाउनलोड करने के स्टेप्स

कैंडिडेट्स नीचे दिए गए स्टेप्स की मदद से नीट पीजी 2026 एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं:

  • ऑफिशियल वेबसाइट natboard.edu.in पर जाएं।
  • होमपेज पर, नीट पीजी एग्जामिनेशन सेक्शन चुनें।
  • नीट पीजी एडमिट कार्ड लिंक पर क्लिक करें। एक नई विंडो खुलेगी।
  • अपनी यूजर आईडी और पासवर्ड के साथ अपनी लॉगिन डिटेल्स डालें और सबमिट करें।
  • नीट पीजी परीक्षा हॉल टिकट स्क्रीन पर दिखाई देगा।
  • सभी डिटेल्स वेरिफाई करें और एडमिट कार्ड डाउनलोड करें।

कैंडिडेट्स को परीक्षा केंद्र पर नीट पीजी 2026 एडमिट कार्ड की एक प्रिंटेड कॉपी, एक वैध मूल फोटो पहचान पत्र साथ ले जाना होगा।

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iPhone 18 Series की कीमत लीक! भारत से दुबई तक इतने में मिलेंगे Pro, Pro Max और Ultra

अगर Apple अपने पुराने ट्रेंड के हिसाब से 8 से 12 सितंबर के बीच फोन लॉन्च करती है, तो लॉन्च इवेंट में बस कुछ ही हफ्ते बचे हैं। अफवाहों की मानें तो इस बार हमें तीन नए फोन देखने को मिल सकते हैं – iPhone 18 Pro Max, iPhone 18 Pro और iPhone Ultra। हालांकि, Apple के ज्यादातर फैन्स के लिए सबसे बड़ी चिंता अलग-अलग बड़े मार्केट में इन डिवाइस की कीमत है। इसलिए, हमने यहां तीनों फोन की बड़े मार्केट में अनुमानित कीमत और उनके बेसिक स्पेसिफिकेशन की जानकारी दी है।

Apple iPhone 18 Pro, 18 Pro Max और iPhone Ultra: भारत, USA, दुबई और जापान में अनुमानित कीमत

सबसे पहले बात करते हैं Apple iPhone 18 Pro की। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसके 256GB स्टोरेज वेरिएंट की कीमत भारत में 1,44,900 रुपये हो सकती है। वहीं, अमेरिका में इसकी कीमत 1,299 डॉलर, दुबई में 4,499 AED और जापान में करीब 1,89,900 येन हो सकती है।

इसी तरह, iPhone 18 Pro Max के 256GB वेरिएंट की कीमत भारत में 1,69,900 रुपये होने की उम्मीद है। अमेरिका में इसकी कीमत 1,499 डॉलर, दुबई में 5,199 AED और जापान में करीब 2,19,000 येन हो सकती है।

वहीं, सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाले iPhone Ultra की बात करें तो इसके 256GB स्टोरेज वेरिएंट की कीमत भारत में 2,49,900 रुपये हो सकती है। अमेरिका में इसकी कीमत करीब 2,400 डॉलर, दुबई में 7,349 AED और जापान में करीब 3,00,000 येन होने की उम्मीद है।

Apple iPhone 18 Pro, 18 Pro Max और iPhone Ultra के स्पेसिफिकेशन्स

कहा जा रहा है कि यह डिवाइस Apple A20 Pro चिपसेट पर चलेगा, जो अलग-अलग स्थितियों में बेहतरीन परफॉर्मेंस देगा। इसके अलावा, iPhone Ultra में बिना क्रीज वाला (creaseless) डिस्प्ले देखने को मिलेगा, जो इसे सबसे अलग बनाएगा। साथ ही, ऐसी भी खबरें हैं कि 18 सीरीज के मॉडल्स में नए कलर ऑप्शन भी मिलेंगे।

फिलाहल, बाकी सभी जानकारी अभी गुप्त रखी गई है, और हो सकता है कि लॉन्च से पहले आने वाले दिनों में हमें इनके बारे में कुछ और जानकारी मिले।

यह भी पढ़ें: iPhone 18 से पहले Apple का बड़ा सरप्राइज! Mac Mini M6 और Mac Studio M5 Ultra भारत में लॉन्च, जानें कीमत

Rajni Raman Sharma: सृजन का एक सुनहरा सितारा अस्त हुआ

Rajni Raman Sharma: सृजन का एक सुनहरा सितारा अस्त हुआ

Rajni Raman Sharma

इंदौर। जनवादी लेखक संघ, इंदौर के अध्यक्ष रजनी रमण शर्मा का आज तड़के उनके पैतृक शहर बीकानेर में निधन हो गया। वे साहित्य और रंगकर्म के जाने-माने मर्मज्ञ थे। मूलतः राजस्थान के निवासी होने के बावजूद उनके हृदय में उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश की संस्कृति एक साथ धड़कती थी।

 

साहित्य क्षेत्र में 'तुम्हारे आस-पास' (उपन्यास), अनेक कविताओं और आलेखों के साथ-साथ आकाशवाणी के राजस्थान, दिल्ली तथा मध्य प्रदेश केंद्रों से ब्रज भाषा में लिखे उनके साहित्य का प्रसारण होता रहा। इसके अतिरिक्त, इन राज्यों के आकाशवाणी और दूरदर्शन केंद्रों के विभिन्न कार्यक्रमों में उनकी सहभागिता अत्यंत महत्वपूर्ण रही। साहित्य अकादमियों से लेकर देश की कई प्रतिष्ठित संस्थाओं के मंचों पर एक कुशल संचालक और सहभागी के रूप में उन्हें हमेशा याद रखा जाएगा। उनकी आवाज़ में एक खास किस्म का जादू और कसक थी, जो श्रोताओं को बाँधकर रखती थी।

 

रजनी रमण जी ने घासीराम कोतवाल, मशीन, जुलूस, पूस की एक रात, सुन लड़की दबे पाँव आते हैं सभी मौसम, थैंक यू मिस्टर ग्लाड, शम्बूक की हत्या, हम रोशनी बाँटते हैं, भस्मासुर अभी जिंदा है, अंधेर नगरी, मेघदूत, ढोला-मारू, हाउस ऑफ मैड, आमार सोनार बांग्ला, रक्तदीप और नया युग जैसे लगभग तीन दर्जन नाटकों में अपने अभिनय का लोहा मनवाया। उनके अभिनय को न केवल व्यापक सराहना मिली, बल्कि उन्हें कई 'सर्वश्रेष्ठ अभिनेता' (बेस्ट एक्टर) के पुरस्कारों से भी नवाजा गया।

 

उनके द्वारा निर्देशित नृत्य-नाटिका 'मेघदूत', 'श्री कृष्ण पारिजातम्' और 'तोड़ो राव' में उनकी विलक्षण रंग-दृष्टि दर्शकों को हतप्रभ कर देती थी। अफ़सर हुसैन और अलका जी जैसे दिग्गज रंगकर्मियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करने वाले रजनी रमण जी को राजस्थान संगीत नाटक अकादमी द्वारा भी सम्मानित किया गया था। वे नाटक लेखन, अभिनय, तकनीकी निर्देशन, मंच सज्जा और प्रकाश व्यवस्था—रंगमंच की हर विधा में प्रवीण थे। उन्होंने जिस भी क्षेत्र में कार्य किया, वहाँ अपनी अमिट छाप छोड़ी।

 

वर्ष 2013 से वे जनवादी लेखक संघ, इंदौर के अध्यक्ष पद पर आसीन थे। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने अनवरत 150 मासिक रचना-पाठों का सफल आयोजन कराया और इंदौर इकाई को देश की सबसे सक्रिय इकाइयों में से एक के रूप में स्थापित किया।

 

जनवादी लेखक संघ, इंदौर की ओर से उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि!

नितिन गडकरी का संन्यास वाला बयान संगठन के बाद सरकार में पीढ़ी परिवर्तन का संकेत?

नितिन गडकरी का संन्यास वाला बयान संगठन के बाद सरकार में पीढ़ी परिवर्तन का संकेत?

Nitin Gadkari

दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी और जेन-जी के बड़े विरोध प्रदर्शन के बाद पहली बार जिस तरह से मोदी सरकार बैकफुट पर दिखाई दे रही है, उससे अब मोदी सरकार में बड़े बदलाव की अटकलें लगाई जा रही है।  संसद से मानसून सत्र के बाद अब कभी मोदी कैबिनेट का विस्तार हो सकता है।

सियासी गलियारों में इस बात की अटकलें लगाई जा रही है कि मोदी कैबिनेट के इस विस्तार में कई सीनियर मंत्रियों को बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता  है। इन अटकलों को मंगलवार को उस वक्त और हवा मिल गई जब मोदी कैबिनेट में शामिल सीनियर मंत्री नितिन गडकरी ने इशारों ही इशारों  में राजनीति  से संन्यास के संकेत दे दिए है। हलांकि नितिन गडकरी के बयान के बाद जिस तरह नागपुर से लेकर दिल्ली तक सियासी हलचल दिखाई दी उसके बाद गडकरी के दफ्तर से सफाई भी आई।
 
पहले बयान, फिर सफाई- रविवार को नागपुर में एक कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा था कि वे तीन दशकों से ज्यादा समय से सक्रिय सार्वजनिक जीवन में हैं और अपने राजनीतिक सफ़र के दौरान उन्होंने कई उतार-चढ़ाव देखे हैं, कई जिम्मेदारियां निभाई हैं और कई सम्मान हासिल किए हैं। लेकिन अब मैं ज्यादा काम नहीं कर सकता. नई पीढ़ी को काम करने का मौका मिलना चाहिए।
 
गडकरी के इस बयान को उनके राजनीति के संन्यास के नजरिए से देखा जाने लगा और इस पर कई तरह की प्रतिक्रिया आने लगी। इसके बाद गडकरी के दफ्तर से बयान पर स्पष्टीकरण आया कि
उनकी इस टिप्पणी का गलत मतलब निकाला गया कि युवा पीढ़ी को ज्यादा जिम्मेदारी दी जानी चाहिए।  उनकी बात साफ तौर पर ट्रस्ट के कामकाज और भविष्य के नेतृत्व से जुड़ी थी। हालांकि, कुछ टेलीविजन चैनल इस बयान को राजनीतिक टिप्पणी के तौर पर पेश कर रहे हैं और इसे इसके असली संदर्भ से अलग दिखा रहे हैं।
 
भाजपा में पीढी परिवर्तन का दौर- भाजपा अब पीढी परिवर्त के दौर से गुजर रही है। नितिन नबीन के रूप में सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाने  के बाद पिछले दिनों पार्टी की नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी में कई नए  चेहरों को जगह दी गई। इसमें स्मृति ईरानी, कवित पाटीदार, राममाधव, वीडी शर्मा जैसे नाम है जिनको भाजपा में युवा पीढ़ी का प्रतिनिधित्व माना जाता है। ऐसे में जब भाजपा का झुकाव अब जेन-जी वोटर्स की तरफ तेजी से  हो रहा है तब 2029 के लोकसभा चुनाव को देखते हुए मोदी कैबिनेट में कई नए चेहरों को जगह मिल सकती है।
 
दरअसल केंद्र और राज्यों की भाजपा सरकारों को जिस तरह से सरकारी परीक्षा प्रणाली में भ्रष्टाचार और सरकारी स्कूलों की खराब हालत को लेकर छात्रों के भारी गुस्से का सामना करना पड़ा उससे पार्टी बैकफुट पर दिखाई दे रही है। इसलिए अब भाजपा युवा वर्ग (जेन-जी) को साधन के लिए सरकार और संगठन स्तर पर बड़े बदलाव की तरफ आगे बढ़ रही है।
 

नेपाल में बाढ़ का सैलाब, 5 जिलों में हाई अलर्ट, हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट और कई परियोजनाएं ध्वस्‍त, हाई-रिस्क एडवाइजरी जारी

नेपाल में बाढ़ का सैलाब, 5 जिलों में हाई अलर्ट, हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट और कई परियोजनाएं ध्वस्‍त, हाई-रिस्क एडवाइजरी जारी

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तिब्बत की ओर से अचानक आई भीषण बाढ़ ने नेपाल के रसुवा जिले में भारी तबाही मचाई है। लेन्दे खोला (भोटेकोशी नदी) में अचानक आई बाढ़ से टिमुरे बाजार और रसुवा सीमा नाके के कस्टम क्षेत्र को व्यापक नुकसान पहुंचा है। बड़ी संख्या में वाहन और अन्य सामान बाढ़ के तेज बहाव में बह गए हैं। कई जलविद्युत परियोजनाओं और बस्तियों को भी नुकसान पहुंचने की भी खबर है।

5 जिलों में हाई अलर्ट : हालात की गंभीरता को देखते हुए 5 जिलों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। पीएम बालेन शाह के निर्देश पर सेना ने मोर्चा संभाल लिया है और हेलीकॉप्टर्स के जरिए उफनते पानी के बीच फंसी जिंदगियों को बचाने के लिए युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।

रिपोर्ट के मुताबिक बुधवार सुबह तिब्बत से अचानक आई ज़बरदस्त बाढ़ ने उत्तरी नेपाल में भारी तबाही मचाई है और नदी के बहाव की दिशा में पड़ने वाले कई जिलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। पानी का यह अचानक बहाव सुबह करीब 9:00 बजे भोटे कोशी नदी में आया और फिर आगे बढ़कर त्रिशूली नदी में नुवाकोट की ओर बढ़ा।

9 पुलिसकर्मी लापता : तेज बहाव में वाहन और सामान बह गए, जबकि एक पुल भी टूट गया। बाढ़ के बाद टिमुरे बॉर्डर पोस्ट पर तैनात 9 पुलिसकर्मी लापता बताए जा रहे हैं। अधिकारियों के मुताबिक, बाढ़ के बाद से इनसे संपर्क नहीं हो पाया है। हालांकि, बॉर्डर पोस्ट पर मौजूद 25 से 30 दूसरे लोग सुरक्षित बताए जा रहे हैं।

बाढ़ के असर को देखते हुए बिहार में भी अलर्ट जारी किया गया है। पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर, वैशाली, सीतामढ़ी और शिवहर जिला हाई अलर्ट पर हैं। आपदा प्रबंधन विभाग ने गंडक नदी में करीब 3 मीटर ऊंची फ्लैश फ्लड वेव आने की आशंका जताई है।

तिब्बत से आई बाढ़ से तबाही : शुरुआती जानकारी के मुताबिक उत्तरी रसुवा में बड़े पैमाने पर तबाही हुई है खासकर तिमुरे बाजार इलाके, तिमुरे कस्टम ऑफिस और स्याब्रुबेसी में नुकसान हुआ है। वहीं जिला अधिकारी जान-माल और बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान की विस्तृत जानकारी जुटा रहे हैं। हाइड्रोलॉजी के विशेषज्ञों का मानना ​​है कि पानी का यह अचानक बहाव स्थानीय बारिश के कारण नहीं बल्कि तिब्बत में ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड यानी ग्लेशियर झील के फटने से आया है।

हाइड्रोलॉजी और मौसम विज्ञान विभाग, स्थानीय प्रशासनिक कार्यालयों के साथ मिलकर चीनी अधिकारियों से संपर्क कर रहा है और घटना के स्रोत का पता लगाने के लिए सैटेलाइट डेटा की जांच कर रहा है। इस बीच रसुवा, नुवाकोट, धाडिंग, गोरखा और चितवन में नदी के किनारे वाले इलाकों के लिए हाई-रिस्क एडवाइजरी जारी की गई है। अनुमान है कि बुधवार शाम तक पानी का स्तर मुग्लिंग में मार्श्यांगडी नदी के संगम तक पहुंच जाएगा। नेपाल आपदा प्रबंधन अधिकारी प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोगों को तुरंत सुरक्षा उपाय करने की सलाह दे रहे हैं।

रेस्क्यू हेलिकॉप्टर को लौटना पड़ा : रसुवा के टिमुरे में फंसे लोगों को निकालने के लिए भेजा गया हेलिकॉप्टर बिना उतरे काठमांडू लौट आया। बाढ़ के पानी में स्थानीय हेलिपैड बह गया था, इसलिए पायलट को उतरने के लिए सुरक्षित जगह नहीं मिली। पायलट ने काठमांडू पोस्ट को बताया कि ऊपर से देखने पर टिमुरे गांव का बड़ा हिस्सा नजर ही नहीं आ रहा था। उन्होंने कहा कि त्रिशूली नदी का पानी अचानक बहुत तेजी से बढ़ा, जैसे अचानक किसी बंद नदी का पानी बाहर निकल आया हो।

ग्लेशियल झील फटने की आशंका : रसुवा में पिछले 24 घंटे में 7 मिमी से ज्यादा बारिश नहीं हुई, इसलिए बाढ़ की वजह स्थानीय बारिश नहीं मानी जा रही। अधिकारियों को शक है कि तिब्बत में ग्लेशियल झील फटने (GLOF) से अचानक पानी भोटे कोशी में आया। ICIMOD-UNDP की 2020 की स्टडी के मुताबिक, भोटे कोशी बेसिन में 122 ग्लेशियल झीलें हैं। कौन-सी झील फटी, इसकी अभी पुष्टि नहीं हुई है; सैटेलाइट इमेज और तकनीकी जांच से स्रोत का पता लगाया जा रहा है।

जेपी मॉर्गन ने Nifty 50 के लिए 27000 का टारेगट दिया, भारतीय शेयर बाजार के बुरे दिन खत्म

शेयर बाजार में आने वाली तेजी को लेकर क्या आपके मन में संदेह है? अगर हां तो आपको जेपी मॉर्गन की रिपोर्ट पर गौर करने की जरूरत है। जेपी मॉर्गन ने निफ्टी 50 के लिए 27,000 का टारगेट बताया है। उसका मानना है कि वैल्यूएशन में इम्प्रूवमेंट है। साध ही घरेलू इकोनॉमी से जु़ड़े बेहतर डेटा की वजह से भारतीय शेयर बाजार फिर से अट्रैक्टिव हो गया है।

भारतीय बाजार के लिए ग्लोबल रिस्क बरकरार

जेपी मॉर्गन में इंडिया इक्विटी रिसर्च के हेड संजय मोकिम ने ग्लोबल स्थितियों खासकर अमेरिकी बॉन्ड यील्ड को भारतीय शेयर बाजार के लिए बड़ा रिस्क बताया है। उनका मानना है कि इससे भारतीय शेयर बाजार में तेजी पर असर पड़ सकता है। इसका असर भारत में विदेशी निवेशकों के निवेश पर भी पड़ सकता है।

घरेलू स्थितियां बाजार में तेजी के लिए अनुकूल

मोकिम ने कहा कि इंडिया की इकोनॉमी की स्थितियां शेयर बाजार के लिए अनुकूल हैं। अप्रैल-जून तिमाही के नतीजे उम्मीद से बेहतर रहे हैं। वैल्यूएशंस खासकर लार्जकैप शेयरों की वैल्यूएशन कम हुई है। उन्होंने कहा, “भारतीय शेयरों में वैल्यू ट्रेड पिछले तीन सालों के मुकाबले अब बेहतर हैं।” उन्होंने कहा कि विदेशी निवेशकों के रुख में बदलाव से भी स्थिति अनुकूल हुई है।

निवेशक फिर से भारतीय बाजार को लेकर उत्साहित

उन्होंने कहा कि नॉर्थ एशियन टेक्नोलॉजी स्टॉक्स में उतार-चढ़ाव और भारत में लार्जकैप शेयरों की सही वैल्यूएशंस से इनवेस्टर्स एक बार फिर भारत में निवेश को लेकर उत्साहित हैं। हालांकि, उनका मानना है कि भारतीय बाजारों में विदेशी निवेश तुरंत बढ़ने नहीं जा रहा है। उनका मानना है कि वैश्विक स्थितियों को लेकर ज्यादा चिंता है।

अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में उछाल से डॉलर का विकल्प मिला

मोकिम ने अमेरिकी बॉन्ड यील्ड के बारे में कहा कि इसके बढ़ने से निवेशकों के पास अपेक्षाकृत सुरक्षित डॉलर एसेट्स का एक विकल्प मिल गया है। उन्होंने कहा, “जब 10 साल के बॉन्ड्स की यील्ड इस लेवल पर हैं तो आपको इमर्जिंग मार्केट्स एसेट्स में निवेश करने की क्या जरूरत है।” उन्होंने भारत में आईपीओ, क्वालिफायड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट्स (QIP) और ब्लॉक डील्स का भी जिक्र किया।

आआईपीओ, क्यूआईपी और ब्लॉक डील में काफी पैसा जा रहा

उन्होंने कहा कि आईपीओ, क्यूआईपी और ब्लॉक डील में काफी पैसा जा रहा है। अभी बाजार में नए शेयरों की सप्लाई म्यूचुअल फंड्स में हर महीने होने वाले निवेश के मुकाबले ज्यादा है। उन्होंने कहा कि इसका असर छोटी अवधि में लिक्विडिटी पर पड़ेगा। लेकिन, मीडियम टर्म में यह अच्छा है, क्योंकि इससे बाजार का दायरा बढ़ेगा और निवेश के नए मौके बनेंगे।

अंडे अच्छी तरह पकाने को कहा था, टेबल पर मिला ऐसा नोट कि परिवार ने खाना ही छोड़ दिया!

इटली के एक रेस्टोरेंट में नाश्ता करने पहुंचे परिवार के साथ कुछ ऐसा हुआ, जिसकी उन्होंने शायद कल्पना भी नहीं की होगी। एक महिला ने बस इतना कहा था कि उसके स्क्रैम्बल्ड एग्स अच्छी तरह पकाए जाएं। लेकिन खाने के ऑर्डर से जुड़ा एक कथित निजी नोट गलती से ग्राहकों की नजर में आ गया। नोट में लिखी आपत्तिजनक बात पढ़कर परिवार ने अंडे खाने से ही इनकार कर दिया। मामला बढ़ा तो रेस्टोरेंट मैनेजमेंट को सामने आकर माफी मांगनी पड़ी और संबंधित कर्मचारी पर भी कार्रवाई की गई। इसके बाद घटना सोशल मीडिया तक पहुंच गई, जहां लोगों ने इसे लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दीं।

दिलचस्प बात यह है कि रेस्टोरेंट ने बाद में इसी विवाद पर एक मजाकिया वीडियो भी पोस्ट कर दिया, जिससे मामला और चर्चा में आ गया। अब सवाल यह है कि आखिर उस नोट में ऐसा क्या लिखा था और रेस्टोरेंट ने इस पूरे विवाद पर क्या सफाई दी?

रसोई के लिए लिखा संदेश पहुंच गया ग्राहक की टेबल तक

यह मामला 19 अगस्त को इटली के लोकप्रिय रिसॉर्ट शहर रिक्चोने के Victor Lab रेस्टोरेंट का बताया जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ऑर्डर में अंडों को अच्छी तरह पकाने और सलाद न देने की बात लिखी गई थी।लेकिन ऑर्डर के नीचे कथित तौर पर वेटर ने रसोई के लिए एक बेहद आपत्तिजनक टिप्पणी लिख दी थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, नोट में लिखा था कि “इस महिला ने मुझे परेशान कर दिया है… अंडे जला दो और उनमें थूक दो।” Toxic (3)

नोट पढ़ते ही परिवार ने खाने से किया इनकार

परिवार ने जब कथित संदेश देखा तो उन्होंने अंडे खाने से मना कर दिया। उन्होंने रेस्टोरेंट स्टाफ से इस बारे में सवाल किया। इसके बाद रेस्टोरेंट के डायरेक्टर ने मामले में दखल दिया और परिवार से माफी मांगी। बताया गया कि संबंधित आइटम बिल से हटा दिए गए और अतिरिक्त खाना देने की पेशकश भी की गई, लेकिन परिवार वहां से चला गया।

मामला सोशल मीडिया तक पहुंचा

परिवार ने कथित ऑर्डर की तस्वीर के साथ रेस्टोरेंट को लेकर नकारात्मक समीक्षा भी पोस्ट की। इसके बाद यह अजीबोगरीब घटना सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई। लोगों के बीच सबसे बड़ा सवाल यही रहा कि आखिर ग्राहक के लिए रसोई में लिखा गया निजी संदेश टेबल तक पहुंचा कैसे।

रेस्टोरेंट ने कर्मचारी को हटाया

रेस्टोरेंट मैनेजमेंट ने संदेश को अनुचित बताते हुए माफी मांगी। स्थानीय रिपोर्ट्स के अनुसार, संबंधित कर्मचारी एक युवा कर्मचारी था, जो वहां कुछ ही हफ्तों से काम कर रहा था। रेस्टोरेंट के मालिक ने बताया कि उसे तुरंत सर्विस से हटा दिया गया।

मैनेजमेंट ने यह भी स्पष्ट किया कि खाने में वास्तव में किसी तरह की गंदगी मिलाने का कोई सबूत नहीं था। रेस्टोरेंट ने अपने ओपन किचन का हवाला देते हुए भी कहा कि ऐसी हरकत वहां आसानी से छिप नहीं सकती थी।

माफी मांगने के लिए बनाई वीडियो, फिर बढ़ा विवाद

मामला यहीं खत्म नहीं हुआ। रेस्टोरेंट ने बाद में सोशल मीडिया पर एक मजाकिया वीडियो शेयर किया, जिसमें अच्छी तरह पके अंडों की मांग को लेकर उसी घटना का मजाकिया अंदाज में जिक्र किया गया। वीडियो में मालिक ग्राहक से मजाक में पूछता नजर आया कि अंडे “उस चीज के साथ या बिना” चाहिए।रेस्टोरेंट ने लोगों से यह सवाल भी पूछा कि युवा कर्मचारी को नौकरी से निकालना चाहिए या उसे दूसरा मौका मिलना चाहिए।

ग्राहक ने कहा- मजाक उड़ाया जा रहा है

इस वीडियो से संबंधित महिला नाराज हो गई। एक स्थानीय रिपोर्ट में उसने कहा कि वह घटना से वास्तव में परेशान हुई थी और रेस्टोरेंट की सोशल मीडिया पोस्ट उसे मामले को हल्का बनाती हुई लगी। उसने यह भी बताया कि विवाद वायरल होने के बाद उसे ऑनलाइन आपत्तिजनक और नस्लभेदी टिप्पणियों का सामना करना पड़ा। वहीं, रेस्टोरेंट का कहना था कि वीडियो का मकसद ग्राहक का मजाक उड़ाना नहीं, बल्कि माफी मांगते हुए माहौल को शांत करना था।

एक प्लेट अंडे से शुरू हुआ बड़ा विवाद

जो मामला एक साधारण नाश्ते और अच्छी तरह पके अंडों की मांग से शुरू हुआ था, वह देखते ही देखते वेटर के नोट, ग्राहक की नाराजगी, कर्मचारी पर कार्रवाई और सोशल मीडिया विवाद में बदल गया। अब इंटरनेट पर यह बहस भी चल रही है कि युवा कर्मचारी को सख्त सजा मिलनी चाहिए या गलती मानकर उसे दूसरा मौका दिया जाना चाहिए।

पाकिस्तान ने LoC पर तैनात किए तुर्की के ‘घातक’ Bayraktar TB2 ड्रोन, जानें कितने खतरनाक है ये

Pak Bayraktar Drones Near LoC: भारत और पाकिस्तान के बीच एलओसी पर एक बार फिर तनाव गहराता दिख रहा है। शीर्ष खुफिया सूत्रों के हवाले से खबर है कि पाकिस्तानी सेना ने भारत से सटी अपनी पश्चिमी सीमा पर तुर्की में बने Bayraktar TB2 ड्रोन की गश्त काफी बढ़ा दी है।

मई 2025 में हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ सैन्य संघर्ष के बाद से ही दोनों देश अपनी सीमाओं पर ड्रोन और UAV का इस्तेमाल बढ़ा रहे हैं। लेकिन एलओसी के बेहद करीब तुर्की के इस कॉम्बैट-प्रूवन ड्रोन का देखा जाना भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी चिंता का विषय बन गया है।

क्यों खतरनाक है तुर्की का Bayraktar TB2 Drone?

बायराकतार टीबी2 केवल एक सामान्य जासूसी ड्रोन नहीं है, बल्कि यह एक मीडियम-एल्टीट्यूड, लॉन्ग-एंड्योरेंस स्ट्राइक-सक्षम यूएवी है। इसमें लगे इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल और इन्फ्रारेड सेंसर पैकेजेस रियल-टाइम इमेजरी भेजते हैं। इससे पाकिस्तानी ऑपरेटर्स भारतीय सीमा के दुर्गम इलाकों, सैन्य हलचल और पोस्टों की विस्तृत मैपिंग कर सकते हैं।

यह ड्रोन सिर्फ रेकी नहीं करता, बल्कि प्रिसिजन-गाइडेड हथियारों से हमला करने में भी सक्षम है। यानी जासूसी के लिए उड़ने वाला ड्रोन जरूरत पड़ने पर तुरंत स्ट्राइक मिशन में बदला जा सकता है।

मुरीद एयरबेस बना ड्रोन ऑपरेशन्स का मुख्य अड्डा

सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, पाकिस्तान अपने ड्रोन नेटवर्क को मजबूत करने के लिए 3 प्रमुख ठिकानों का इस्तेमाल कर रहा है:

मुरीद एयरबेस (चकवाल): यह पाकिस्तान का मुख्य यूएवी हब बन चुका है, जहां से TB2 ड्रोन संचालित हो रहे हैं।

नूर खान एयरबेस (चकाला, रावलपिंडी): यह रावलपिंडी के पास पाकिस्तान का प्रमुख सैन्य विमानन केंद्र है।

रहीम यार खान एयरबेस: यह पाकिस्तान के दक्षिणी सेक्टर में फॉरवर्ड ऑपरेशन्स बेस के रूप में काम करता है।

खुफिया इनपुट यह भी बताते हैं कि पाकिस्तान ने मुजफ्फराबाद और कोटली (PoJK) के आसपास ग्राउंड-कंट्रोल इंफ्रास्ट्रक्चर और मोबाइल लॉन्च सिस्टम तैनात किए हैं। इससे ड्रोन का ट्रांजिट टाइम घट जाता है और वे भारतीय सीमा के पास ज्यादा देर तक मंडरा सकते हैं।

‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद बदला सीमा का माहौल

मई 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए सैन्य टकराव के दौरान भी पाकिस्तान ने टोही, आत्मघाती ड्रोन और सशस्त्र यूएवी का भारी इस्तेमाल किया था। उस दौरान भारतीय सेना ने मुरीद, चकाला और रहीम यार खान समेत कई पाकिस्तानी एयरबेस को निशाना बनाकर उनके ड्रोन नेटवर्क को करारा जवाब दिया था।

भारत का ‘काउंटर-ड्रोन’ सुरक्षा कवच तैयार

पाकिस्तानी ड्रोनों की इस नई हलचल का मुकाबला करने के लिए भारतीय रक्षा बलों ने सीमा पर अपनी सुरक्षा ग्रिड को बेहद मजबूत कर लिया है। एलओसी और अंतरराष्ट्रीय सीमा के संवेदनशील इलाकों में स्वदेशी और आधुनिक एंटी-ड्रोन तकनीक तैनात की गई है। रात और खराब मौसम में भी सीमा पार की हर हरकत पर पैनी नजर रखी जा रही है। ड्रोनों को हवा में ही जाम करने या मार गिराने के लिए त्वरित एक्शन ग्रिड सक्रिय है।

रोजर फेडरर ने अंतरराष्ट्रीय टेनिस टूर्नामेंट में वापसी के सवाल पर क्या कहा

Roger Federer

रोजर फ़ेडरर इस हफ़्ते यूएस ओपन में लौट रहे हैं। स्विस टेनिस स्टार मंगलवार को फ़्लशिंग मीडोज़ में एक मैत्री मैच के लिए लौट रहे हैं। इस मैच में उनके साथ ओलंपिक चैंपियन आंद्रे अगासी और यूएस ओपन विजेता एंडी रॉडिक और जॉन मैकेनरो भी शामिल होंगे।

2022 में रिटायर होने से पहले 2019 में यूएस ओपन में आखिरी बार खेलने वाले 45 साल के फ़ेडरर की न्यूयॉर्क में यह वापसी सुखद होगी। लेकिन उन्होंने साफ़ किया कि आर्थर ऐश स्टेडियम में यह सिर्फ़ एक दोस्ताना मैच है।

प्रोफ़ेशनल गेम में वापसी के बारे में पूछे जाने पर फ़ेडरर ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कहा, “नहीं, बिल्कुल नहीं।” “पूछने के लिए धन्यवाद। मुझे पक्का नहीं था कि यह सवाल पूछा जाएगा, लेकिन मुझे खुशी है कि आपने पूछा ताकि अगर किसी को ऐसा लगा हो, तो मैं साफ़ कर सकूँ। वैसे भी, आपको डोपिंग पूल में शामिल होना पड़ता है। इसमें बहुत सारी रुकावटें हैं। मैं बहुत व्यस्त हूँ।

“मुझे एग्ज़िबिशन मैच खेलने के लिए भी मुश्किल से समय मिल पाता है, तो टूर के बारे में सोचिए, और शरीर अब साथ नहीं देता। लेकिन मैं जैसा महसूस कर रहा हूँ, उससे बहुत खुश हूँ। अब मैं बस एक फ़ैन हूँ और मैच देखने का मज़ा ले रहा हूँ।”

फेडरर ने 24 वर्षों में 1500 से अधिक मैच खेले हैं, हालांकि पिछले तीन साल उनके टेनिस जीवन के लिये काफी संघर्षपूर्ण साबित हुये। फेडरर ने 2003 में सिर्फ 21 साल की उम्र में विंबलडन के रूप में अपना पहला ग्रैंड स्लैम खिताब जीता था जबकि आखिरी बार उन्होंने 2021 के फ्रेंच ओपन में हिस्सा लिया था, जहां वह तीसरे राउंड की जीत के बाद रिटायर हो गए थे। इसके बाद से वह लगातार कोर्ट में वापसी का प्रयास कर रहे थे।

पिछले कुछ वर्षों में, फेडरर ने पुरुष एकल टेनिस में कई रिकॉर्ड तोड़े हैं। फेडरर ने 20 ग्रैंड स्लैम जीते हैं और 103 करियर एटीपी खिताब हासिल किए हैं। 2018 में फेडरर को 36 साल की उम्र में सबसे उम्रदराज होने के बावजूद विश्व नंबर 1 बनने का गौरव हासिल हुआ। स्विस आइकन ने अपने करियर में 223 युगल मैच खेले हैं। फेडरर ने 2018 में ऑस्ट्रेलियन ओपन में अपना आखिरी ग्रैंड स्लैम खिताब जीता था. इसके बाद वह 2019 के विंबलडन के फाइनल में पहुंचे थे, जहां एक रोमांचक मुकाबले में नोवाक जोकोविच ने उन्हें शिकस्त दी थी।

Tempsens में लिस्टिंग पर हो जाएगा पैसा डबल! ग्रे मार्केट से मिल रहे ये संकेत

Tempsens Listing: आईपीओ को 184 गुना से अधिक बोली मिलने के बाद अब टेंपसेंस इंस्ट्रूमेंट्स के शेयरों की लिस्टिंग का इंतजार है। ग्रे मार्केट से बात करें तो इसके शेयरों की लिस्टिंग को लेकर ऐसे शानदार संकेत मिल रहे हैं कि आईपीओ निवेशकों का पैला लिस्टिंग पर ही डबल हो जाएगा। ग्रे मार्केट में इसकी GMP (ग्रे मार्केट प्रीमियम) इश्यू प्राइस से ₹300 यानी 100% है यानी कि आईपीओ निवेशकों को पैसा डबल हो सकता है। हालांकि मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक यह ग्रे मार्केट से मिले संकेतों की बजाय कंपनी की कारोबारी सेहत और लिस्टिंग के दिन मार्केट की परिस्थिति पर निर्भर रहेगा। इसके शेयर आईपीओ निवेशकों को ₹300 के भाव पर जारी हुए हैं। इसका अलॉटमेंट फाइनल हो चुका है जिसका स्टेटस बीएसई या रजिस्ट्रार केफिनटेक की साइट पर देख सकते हैं, जिसका स्टेपवाइज प्रोसेस नीचे दिया जा रहा है।

BSE की साइट पर ऐसे करें चेक

https://www.bseindia.com/investors/appli_check.aspx, इस लिंक पर जाएं।

इश्यू टाइप ‘Equity’ चुनें। इश्यू नाम Tempsens चुनें।

एप्लीकेशन नंबर या पैन भरें।

फिर I’m not a robot पर क्लिक करें।

सर्च पर क्लिक करें।

शेयरों का अलॉटमेंट स्टेटस स्कीन पर दिखने लगा कि कितने शेयर अलॉट हुए।

रजिस्ट्रार की साइट पर ऐसे करें स्टेटस चेक

https://ipostatus.kfintech.com/, लिंक पर क्लिक करें।

सेलेक्ट आईपीओ पर क्लिक करके Tempsens चुनें।

एप्लीकेशन नंबर, डीमैट अकाउंट या पैन में से कोई भी चुनें। फिर जो विकल्प चुना है, उसके मुताबिक डिटेल्स दें। जैसे कि पैन चुना है तो पैन भरें।

सबमिट करें।

शेयरों का अलॉटमेंट स्टेटस स्कीन पर दिखने लगा कि कितने शेयर अलॉट हुए।

Tempsens IPO को मिला था तगड़ा रिस्पांस

टेंपसेंस का ₹650 करोड़ का आईपीओ 20-24 अगस्त तक खुला था। इसे हर कैटेगरी के निवेशकों का जबरदस्त रिस्पांस मिला और ओवरऑल यह 184.22 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 302.88 गुना, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 314.44 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 61.00 गुना और एंप्लॉयीज का हिस्सा 124.95 गुना भरा था।

इस आईपीओ के तहत ₹95 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹4 की फेस वैल्यू वाले 1.85 करोड़ शेयरों की ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिक्री हुई है। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹18.13 करोड़ कर्ज हल्का करने कैपिटल एक्सपेंडिचर, ₹55.00 करोड़ कर्ज हल्का करने, ₹14.18 करोड़ आम कॉरपोरेट उद्देश्यों और ₹50.65 करोड़ आईपीओ से जुड़े एक्सपेंसेज पर खर्च होंगे।

Tempsens के बारे में

टेंपसेंस इंस्ट्रूमेंट्स फैक्ट्रियों और बड़ी इंडस्ट्रीज के लिए तापमान से जुड़े प्रोडक्ट्स बनाती है। यह तापमान नापने वाले सेंसर, मशीनों/प्रोसेस को गर्म करने वाले हीटर और खास तरह के इंडस्ट्रियल केबल बनाती है। मार्च 2026 में टेंपरेचर सेंसर सेगमेंट में इसकी करीब 10.5% हिस्सेदारी है। रेवेन्यू के हिसाब से यह देश में कॉन्टैक्ट और नॉन-कॉन्टैक्ट टेंपरेचर सेंसर बनाने वाली सबसे बड़ी कंपनी है तो इलेक्ट्रिकल हीटर्स के मामले में सबसे बड़ी कंपनियों में शुमार है। यह MRO (मेटेंनेंस, रिपेयर एंड ऑपरेशंस) का भी काम देखती है। इसका कारोबार भारत के अलावा 80 से अधिक देशों में फैला हुआ है।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना करीब 32% की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹71.07 करोड़ और टोटल इनकम करीब 28% के सीएजीआर से ₹455.86 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹77.95 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹465.16 करोड़ पड़े थे।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।