Bajaj has been having an eventful August with four launches, the freshly updated Pulsar 125/150 and the new Pulsar N160 S and SS. Seems like they aren’t planning to slow down any time soon. The company has said two of the 10 models would be all-new Pulsars, while the rest would comprise new variants and product upgrades. “Our 150 and 125 are the second launch in this journey,” said Sumeet Narang, President, Marketing, Bajaj Auto. “We will meet you soon again. There’s a lot of stuff that we will still be coming up with in the coming days.”
Bajaj Pulsar was the third best-selling motorcycle range in July 2026
After original and N Pulsars, NS line is expected to be updated
Bajaj dual-sport and Triumph Bonneville 400 will also arrive soon
Pulsar portfolio takes shape
All models are expected to get updates
The launch comes as the Pulsar nameplate remains one of India’s largest-selling motorcycle ranges. It ranked third in the July motorcycle sales chart with 66,156 units dispatched, according to AutoPunditz. Bajaj’s sports motorcycle segment, meanwhile, grew about 50% year on year in the April-June quarter, with Pulsar, Avenger and Dominar recording double-digit growth.
The company has also said upgrades are planned across its 125-160cc motorcycle range. Narang said the refreshed range will be organised around the three Pulsar platforms. “Three very clear distinct platforms, the original, the N and the NS,” he said, with each aimed at a different customer and riding use case.
Triumph Bonneville 400 and Bajaj’s first dual-sport also in the works
Bajaj is also looking to expand manufacturing capacity
We had just reported that Bajaj’s first dual-sport motorcycle was spotted testing again. Our reports indicate that the motorcycle will launch in Brazil before the end of this year, making its way to India at a later time. Currently, it’s unclear if Bajaj is counting that as a part of this 10-Model portfolio. Besides that, Bajaj is also expected to launch the Triumph Bonneville 400, long awaited retro cousin of the existing Triumph 400s. Speaking of which, the launches come ahead of Bajaj’s planned expansion of annual manufacturing capacity from about 72 lakh vehicles to more than 90 lakh. The company has said the additional capacity will support growing demand across the board. It is evaluating brownfield expansion and a greenfield facility, with the location and investment yet to be finalised. The company has not yet declared any dispatch dates, but clearly they’re looking at a packed schedule inching closer to the festive season.
Mohan Bhagwat US Visit: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत के अमेरिका दौरे और मैडिसन स्क्वायर गार्डन में होने वाले उनके कार्यक्रम को लेकर समंदर पार शुरू हुआ विवाद अब भारत के राजनीतिक गलियारों में पूरी तरह गरमा चुका है। न्यूयॉर्क के भारतीय मूल के मेयर जोहरान ममदानी द्वारा इस कार्यक्रम का विरोध किए जाने के बाद भारत में विपक्षी 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन के घटक दलों के बीच ही दरार और विरोधाभासी सुर देखने को मिल रहे हैं। दूसरी ओर, अमेरिकी सिंगर मैरी बिलमेन ने ममदानी पर निशाना साधते हुए कहा है कि वे भाजपा और मोदी विरोध के चलते ऐसा कर रहे हैं।
मेयर ममदानी का कड़ा रुख
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत संगठन के शताब्दी वर्ष के वैश्विक संपर्क कार्यक्रम के तहत 'यूनिवर्सल वननेस' इवेंट में हिस्सा लेने अमेरिका पहुंचे हैं, जहां वे मैडिसन स्क्वायर गार्डन में 5 हजार से अधिक भारतीय प्रवासियों को संबोधित करने वाले हैं। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए न्यूयॉर्क शहर के मेयर जोहरान ममदानी ने साफ कहा कि वे इस रैली या कार्यक्रम का समर्थन नहीं करते हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह एक निजी कार्यक्रम है, इसलिए नगर प्रशासन के पास इसे रद्द करने का अधिकार शायद नहीं है। ALSO READ: USCIRF ने RSS पर प्रतिबंध की मांग की, मोहन भागवत के अमेरिकी दौरे से पहले बढ़ा विवाद
शिवसेना-UBT ने किया भागवत का समर्थन
ममदानी के बयान पर शिवसेना (यूबीटी) ने सख्त आपत्ति जताई है। पार्टी नेता आनंद दुबे ने कहा कि आरएसएस से करोड़ों लोगों की आस्था जुड़ी है और उनकी पार्टी के भी संघ से हमेशा अच्छे रिश्ते रहे हैं। उन्होंने दो टूक कहा कि घरेलू राजनीति में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन विदेश में भारतीय नेता या नागरिक का विरोध पूरे देश का अपमान है। ममदानी को मेहमानों का सम्मान करना सीखना चाहिए।
कांग्रेस ने संघ के रजिस्ट्रेशन और फंड पर दागे सवाल
वहीं, दूसरी ओर महाराष्ट्र कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नाना पटोले ने इस मामले पर सीधे संघ को ही आड़े हाथों लिया है। पटोले ने आरोप लगाया कि आरएसएस भारत में कहीं भी पंजीकृत संगठन नहीं है और एनजीओ के मुखौटे में काम कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि दुनिया के 36 देशों में इनके बिना किसी ऑडिट के बैंक खाते चल रहे हैं। पटोले ने सवाल उठाया कि भारी विरोध के बीच भागवत अमेरिका क्यों गए और इस पूरे मामले की जांच होनी चाहिए। ALSO READ: 20 जुलाई को कहां थे भागवत? RSS के Gen-Z संवाद पर CJP प्रमुख दीपके का हमला, बोले- अब बहुत देर हो गई!
कौन हैं जोहरान ममदानी?
भागवत के कार्यक्रम का विरोध करने वाले जोहरान ममदानी भारतीय मूल के अमरीकी नेता हैं और वर्तमान में न्यूयॉर्क शहर के मेयर हैं। जोहरान ममदानी मशहूर भारतीय मूल की फिल्म निर्देशक मीरा नायर (फिल्म 'सलाम बॉम्बे' और 'मानसून वेडिंग' की डायरेक्टर) और प्रसिद्ध युगांडा-भारतीय शिक्षाविद महमूल ममदानी के बेटे हैं। वे न्यूयॉर्क शहर के इतिहास में पहले भारतीय-अमेरिकी मेयर हैं। ममदानी की मां मीरा का पूरा परिवार आज भी भारत में ही निवास करता है।
भारत का UPI पिछले कुछ सालों में लोगों की रोज की जिंदगी का हिस्सा बन गया है। चाय की दुकान से लेकर ऑनलाइन शॉपिंग तक, कुछ सेकंड में पेमेंट करने की सुविधा ने डिजिटल पेमेंट को काफी आसान बना दिया है। अब इसकी पहुंच सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि धीरे-धीरे दूसरे देशों में भी बढ़ रही है। ऐसे में विदेश जाने वाले भारतीयों के लिए भी UPI एक सुविधाजनक पेमेंट ऑप्शन बनता जा रहा है।
UPI की बढ़ती पॉपुलैरिटी का अंदाजा इसके बढ़ते इस्तेमाल से लगाया जा सकता है। जुलाई 2026 में इसके जरिए बड़े लेवल पर ट्रांजैक्शन हुए और अब इसकी इंटरनेशनल पहुंच 11 देशों तक हो गई है। ग्रीस और मालदीव के जुड़ने के बाद यह विस्तार और खास हो गया है।
1. दुनियाभर में बढ़ी UPI की पहचान
पिछले करीब एक दशक में UPI का इस्तेमाल लगभग 12,000 गुना बढ़ा है। अब यह भारत के डिजिटल पेमेंट सिस्टम का एक जरुरी भाग बन चुका है। इसकी पॉपुलैरिटी सिर्फ भारत तक नहीं है, बल्कि दूसरे देशों में भी लोग इसे पेमेंट के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक, 2024 में दुनियाभर में हुए रियल-टाइम पेमेंट ट्रांजैक्शन में UPI की हिस्सेदारी करीब 49% थी।
2. 11 देशों तक पहुंचा UPI
UPI अब भारत के अलावा 11 देशों में क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट की फैसिलिटी दे रहा है। भूटान, नेपाल, सिंगापुर, UAE और फ्रांस के साथ श्रीलंका, मॉरीशस, कतर, कंबोडिया, ग्रीस और मालदीव भी इस लिस्ट में शामिल हैं। ग्रीस और मालदीव UPI से जुड़ने वाले सबसे नए देश हैं। इससे विदेश जाने वाले भारतीयों के लिए डिजिटल पेमेंट का एक आसान ऑप्शन बढ़ा है।
3. UPI में जुड़े नए फीचर्स
2020 से 2022 के बीच UPI में कई नए बदलाव किए गए। UPI AutoPay की मदद से EMI और दूसरे नियमित पेमेंट आसान हुए, जबकि UPI 123PAY से फीचर फोन इस्तेमाल करने वालों को भी डिजिटल पेमेंट की सुविधा मिली। इसी दौरान UPI Lite आया और बाद में क्रेडिट कार्ड को UPI से जोड़ने का ऑप्शन भी दिया गया। इस दौरान भूटान में UPI की इंटरनेशनल शुरुआत भी हुई।
4. इजी और सिक्योर पेमेंट
2024 में UPI Circle जैसे फीचर की शुरुआत हुई, जिससे कोई भी लिमिट के अंदर दूसरे व्यक्ति को अपने UPI अकाउंट से पेमेंट करने की परमिशन दे सकता है। टैक्स पेमेंट और UPI से जुड़े दूसरे ट्रांजैक्शन की लिमिट में भी बदलाव किए गए। इसके बाद 2025 में ऑन-डिवाइस बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन और फेस बेस्ड फेस ऑथेंटिकेशन जैसे ऑप्शन जोड़े गए। इन चेंज का मकसद UPI को लोगों के लिए ज्यादा आसान, सुविधाजनक और सिक्योर बनाना है।
UPI की बढ़ती पहुंच से साफ है कि भारत का डिजिटल पेमेंट सिस्टम अब देश की बॉर्डर से आगे भी पहचान बना रहा है। नए देशों और नए फीचर्स के जुड़ने से लोगों के लिए पेमेंट करना आसान और कनविनिएंट हो रहा है। आने वाले समय में UPI की पहुंच और बढ़ने की उम्मीद है।
अगर किसी कंपनी के शेयर की कीमत 5-6 साल में 22 गुनी हो जाए तो इनवेस्टर को कैसा लगेगा? हम सीजी पावर के शेयरों की बात कर रहे हैं। अगर आपने इस शेयर में जनवरी 2021 में एक लाख रुपये का निवेश किया होता तो आज आपका पैसा बढ़कर 22 लाख रुपये हो गया होता। सिर्फ सीजी पावर ही नहीं, चोलामंडलम इनवेस्टमेंट ग्रुप की दूसरी कंपनियों के शेयरों ने भी इस दौरान निवेशकों का पैसा कई गुना कर दिया है।
नए चेयरमैन के कमान संभालने के बाद शेयरों ने किया कमाल
वेलियन सुब्बैया (Vellayan Subbiah) ने इस ग्रुप की कमान 20 नवंबर 2020 को संभाली थी। वह चोलामंडल इनवेस्टमेंट के एग्जिक्यूटिव चेयरमैन बने थे। उसके बाद से ग्रुप की कंपनियों के शेयरों ने कमाल किया है। वह चोलामंडलम इनवेस्टमेंट के एग्जिक्यूटिव चेयरमैन हैं, सीजी पावर के चेयरमैन हैं और Tube Investments के वाइस-चेयरमैन हैं। उनके समूह का नेतृत्व संभालने के बाद से इन कंपनियों के शेयरों को पंख लग गए हैं।
सीजी पावर के शेयर की कीमत साढ़े पांच साल में 22 गुनी
CG Power के शेयर की औसत कीमत जनवरी 2021 में 39.32 रुपये थी। 26 अगस्त को इस शेयर की कीमत 1 बजे 872 रुपये चल रही थी। इसका मतलब है कि साढ़े पांच साल में इस शेयर का भाव 22 गुना हो गया है। अगर आपने इस शेयर में जनवरी 2021 में 5 लाख रुपये निवेश किया होता तो आज आपके पास एक करोड़ रुपये से ज्यादा होते।
इस शेयर ने जनवरी 2021 में निवेश करने वालों को किया मालामाल
Cholamandalam Investment के शेयर का एवरेज प्राइस जनवरी 201 में 394.77 रुपये था। आज इस शेयर का प्राइस 1878.70 रुपये है। इसका मतलब है कि इस दौरान इस शेयर का प्राइस 4.76 गुना हो गया है। इस शेयर ने भी सिर्फ साढ़ें पांच साल में निवेशकों का पैसा करीब पांच गुना कर दिया है। यह रिटर्न तब है जब बीते 1.5-2 साल से शेयर बाजार का प्रदर्शन काफी कमजोर है।
ट्यूब इनवेस्टमेंट्स ने भी साढ़े पांच साल में निवेशकों का पैसा 3.7 गुना किया
Tube Investments के शेयर की औसत कीमत जनवरी 2021 में 771 रुपये थी। आज इस शेयर की कीमत 2,876 रुपये है। इसका मतलब है कि इस शेयर ने इस दौरान निवेशकों का पैसा 3.7 गुना कर दिया है। जनवरी 2021 में इन तीनों कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन 54,800 करोड़ रुपये था। आज यह बढ़कर 3.5 लाख करोड़ रुपये हो गया है। ऐसा जोरदार रिटर्न देने वाले शेयरों की संख्या बहुत कम है।
26 अगस्त को शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों पर दिखा दबाव
26 अगस्त को शेयर बाजारों पर दबाव देखने को मिला। निफ्टी 1 बजे 0.27 फीसदी यानी 65 अंक गिरकर 24,270 रुपये पर चल रहा था। सेंसेक्स 0.04 फीसदी यानी 29 अंक गिरकर 77,632 पर चल रहा था। बैंक निफ्टी में तेजी देखने को मिली। यह सूचकांक 0.71 फीसदी मजबूत था।
कर्नल सोफिया कुरैशी पर विवादित टिप्पणी करने वाले कैबिनेट मंत्री विजय शाह के खिलाफ केस चलाने की मंजूरी नहीं जाने के सरकार के फैसले को लेकर प्रदेश में सियासी पारा गर्मा गया है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर इससे सेना का अपमान बताकर प्रदेश सरकार को बर्खास्त करने की मांग की है।
जीतू पटवारी ने की सरकार को बर्खास्त करने की मांग- प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने राष्ट्रपति को लिखे पत्र में संवैधानिक एवं न्यायिक व्यवस्था की गरिमा की रक्षा और प्रदेश सरकार की जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की है। जीतू पटवारी ने अपने पत्र में लिखा कि “आज मैं यह पत्र राजनीतिक दल के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में नहीं, भारतीय सेना, संविधान और न्याय की गरिमा में विश्वास रखने वाले एक नागरिक के रूप में लिख रहा हूँ! मध्य प्रदेश के मंत्री विजय शाह ने देश की जांबाज बेटी और भारतीय सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी के संबंध में आपत्तिजनक टिप्पणी कर जिस मर्यादा को तार-तार किया, वह एक व्यक्ति ही नहीं, देश की सेना का भी अपमान था”।
उन्होंने आगे लिखा कि “लेकिन, आज प्रश्न उससे भी गंभीर हो गया है! मध्य प्रदेश सरकार द्वारा विजय शाह के विरुद्ध अभियोजन की स्वीकृति नहीं देने का निर्णय एक बड़ेबोल मंत्री को राजनीतिक संरक्षण देने के साथ, उस व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न है, जिसमें सत्ता अपने राजनीतिक व्यक्ति को जवाबदेही से बचाने के लिए न्यायिक प्रक्रिया के सामने दीवार बनकर खड़ी हो रही है! सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित SIT ने अभियोजन की स्वीकृति की मांग की है। ऐसे में सरकार का रुख देश के सामने एक गंभीर संवैधानिक प्रश्न खड़ा करता है, क्या सत्ता में बैठे व्यक्ति कानून से ऊपर हैं।“
उन्होंने आगे लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अनेक अवसरों पर भारतीय सेना, सैनिकों और उनकी शहादत के सम्मान को राष्ट्र के सर्वोच्च गौरव से जोड़ा है! यदि वे अपने ही शब्दों की गरिमा बनाए रखना चाहते हैं, तो उन्हें इस मामले में तत्काल और स्पष्ट हस्तक्षेप करना चाहिए! मेरा यह भी मानना है कि मध्य प्रदेश मंत्रिमंडल का असंवैधानिक निर्णय प्रधानमंत्री की राजनीतिक सहमति के बिना संभव नहीं था। यदि ऐसा नहीं है, तो प्रधानमंत्री को स्वयं आगे आकर देश के सामने स्पष्ट करना चाहिए कि वे विजय शाह को संरक्षण देने वाले इस निर्णय से “असहमत हैं।” इसलिए, आज देश प्रधानमंत्री से भी जवाब चाहता है! यह आपराधिक घटनाक्रम उस कथित 'डबल इंजन सरकार' के अहंकार को उजागर करता है, जिसमें एक मंत्री के राजनीतिक संरक्षण के लिए लोकतांत्रिक, संवैधानिक और न्यायिक मर्यादाओं को चुनौती देने तक की स्थिति पैदा हो रही है! विजय शाह ने पहले सेना का अपमान किया! अब उन्हें बचाने की कोशिश उस अपमान और अपराध को संस्थागत संरक्षण देने जैसी है! मध्य प्रदेश के राजनीतिक इतिहास का यह एक अत्यंत शर्मनाक अध्याय है, जहां सवाल अब केवल विजय शाह के आचरण का नहीं, मुख्यमंत्री और पूरे मंत्रिमंडल की संवैधानिक एवं नैतिक जवाबदेही का है! इसलिए, मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री सहित अब पूरे मंत्रिमंडल को तत्काल बर्खास्त किया जाना चाहिए!
विजय शाह का बचाव क्यों कर रही सरकार?- मोहन सरकार में सीनियर मंत्री विजय शाह आदिवासी वर्ग से आते है और उनकी आदिवासी वोट बैंक पर मजबूत पकड़ है। बालाघाट में 25 बैगा आदिवासी बच्चों की मौत के बाद सरकार पूरी तरह बैकफुट पर है। हरसूद से भाजपा विधायक विजय शाह आदिवासी वर्ग में गोंड जाति से आते है। प्रदेश में 21.5 फीसदी वोट बैंक रखने वाले आदिवासी वर्ग के लिए 47 विधानसभा सीट आरक्षित भी है। विधानसभा और लोकसभा चुनाव के परिणाम बताते है कि आदिवासी वोटर पूरी तरह भाजपा के साथ है। दिसंबर 2023 के विधानसभा चुनाव की बात करें तो तो प्रदेश में आदिवासी वर्ग के लिए आरक्षित 47 विधानसभा सीटों पर भाजपा ने 24 सीटों पर जीत हासिल की है वहीं कांग्रेस ने 22 सीटों पर जीत हासिल की है।
खंडवा की हरसूद विधानसभा सीट से ढाई दशक से विधायक चुने जा रहे विजय शाह के मालवा-निमाड़ के आदिवाली बाहुल्य इलाके में गहरी पैठ है। खासकर निमाड़ के आदिवासियों के बीच उन्हें आज भी राजा के तौर पर माना जाता है। ऐसे में भाजपा के इस बात का डर है कि अगर विजय शाह पर केस चलाने की अनुमति दी जाती है उनको मंत्रिमंडल से भी बाहर करना होगा। इससे आदिवासी वर्ग में गलत मैसेज जाएगा और इसका नुकसान उसको चुनाव में उठाने पड़ेगा। भाजपा को शंका है कि विजय शाह के इस्तीफा का सीधा असर निमाड़ की 10 विधानसभा सीटों पर पड़ेगा, और भाजपा को आने वाले वक्त पर इन सीटों पर मुश्किलों का सामना करना पड़ा सकता है।
क्या है पूरा मामला?-मध्यप्रदेश के आदिवासी नेता और मोहन सरकार कैबिनेट मंत्री विजय शाह से जुडा यह पूरा मामला मई 2025 का है। पहलगाम आतंकी हमले के बाद ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और पीओके में आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई की थी। इस ऑपरेशन की जानकारी मीडिया को देने वाली सैन्य अधिकारियों की टीम में कर्नल सोफिया कुरैशी भी शामिल थीं। 11 मई 2025 को महू के रायकुंडा गांव में आयोजित एक कार्यक्रम में विजय शाह ने कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर ऐसी टिप्पणी की, जिसे उनके धर्म और पहलगाम हमले के आतंकियों के समुदाय से जोड़कर देखा गया। इस पूरे मामले मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने मामले का स्वत: संज्ञान लिया और शाह के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया। हाईकोर्ट ने टिप्पणी को बेहद आपत्तिजनक माना था। इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा।
सुप्रीम कोर्ट ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल यानी SIT गठित की। SIT ने जांच पूरी करने के बाद विजय शाह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 196(1)(a) के तहत अभियोजन की अनुमति मांगी। यही अनुमति लंबे समय से राज्य सरकार के पास लंबित है। जनवरी 2026 में सुप्रीम कोर्ट ने मध्यप्रदेश सरकार को अभियोजन स्वीकृति पर दो सप्ताह के भीतर निर्णय लेने का निर्देश दिया था। इसके बाद भी फैसला नहीं हुआ। मई में सुप्रीम कोर्ट ने फिर सरकार के रुख पर नाराजगी जताई और आदेश के पालन के लिए समय दिया। जुलाई की स्थिति रिपोर्ट में भी सरकार की ओर से जरूरी दस्तावेज दाखिल नहीं किए जाने की बात सामने आई थी।
सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की सुनवाई 31 अगस्त को होनी है। वहीं इससे पहले गत मंगलवार को मंत्रालय में हुई कैबिनेट बैठक में मंत्री विजय शाह पर केस चलाने के लिए सरकार के स्तर पर अभियोजन स्वीकृति देने के प्रस्ताव की चर्चा थी लेकिन कैबिनेट बैठक मे यह प्रस्ताव नहीं आया है।
Uttarakhand Cabinet Decision: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई उत्तराखंड कैबिनेट बैठक में 17 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट ने 'उत्तराखंड राज्य सहकारिता नीति-2026' और सेवानिवृत्त अग्निवीरों के लिए 'अग्निवीर रोजगार सेल' के गठन समेत उपनल कर्मचारियों के समान कार्य समान वेतन और बिजली खरीद से जुड़े बड़े फैसले लिए गए।
सचिवालय में आयोजित कैबिनेट बैठक में सहकारिता, परिवहन, स्वास्थ्य, ऊर्जा और कार्मिक विभाग से जुड़े 17 अहम प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अलग-अलग राज्यों की इलेक्ट्रिक वाहन नीतियों का अध्ययन कर उत्तराखंड के लिए नई ईवी नीति बनाने के भी निर्देश दिए।
राज्य सहकारिता नीति-2026 को मंजूरी
कैबिनेट ने राष्ट्रीय सहकारिता नीति-2025 के अनुरूप 'उत्तराखंड राज्य सहकारिता नीति-2026' को स्वीकृति दी है। इस नीति में सात रणनीतिक मिशन तय किए गए हैं, जिनका उद्देश्य ग्रामीण नींव का सशक्तिकरण, सहकारिता का विस्तार, सहकारी संस्थाओं को भविष्य के लिए तैयार करना और युवा पीढ़ी को सहकारी विकास से जोड़ना है।
अग्निवीरों के लिए 'रोजगार सेल' का गठन
कैबिनेट ने सेवानिवृत्त अग्निवीरों के लिए समर्पित 'अग्निवीर रोजगार सेल' के गठन को मंजूरी प्रदान की है। इस सेल के जरिए सेवानिवृत्त अग्निवीरों को राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ और उनकी योग्यता व कौशल के अनुसार रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। सेल के संचालन के लिए संविदा के आधार पर छह पदों (उपनिदेशक, सहायक निदेशक, कनिष्ठ सहायक आदि) के सृजन को स्वीकृति दी गई है। उत्तराखंड देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है, जहां अग्निवीरों के लिए ऐसा सेल बनाया गया है।
1320 मेगावाट बिजली खरीदेगा राज्य
ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कैबिनेट ने अडानी पावर लिमिटेड से 5.746 रुपए प्रति यूनिट की दर से 25 साल के लिए 1320 मेगावाट कोयला आधारित बिजली की खरीद को मंजूरी दी है। छत्तीसगढ़ स्थित अडानी पॉवर के इस बिजलीघर से उत्तराखंड को वर्ष 2029-30 से 1320 मेगावाट बिजली मिलने लगेगी।
JSW MG Motor India has launched the Hector Tomahawk PHEV at a price of Rs 25.69 lakh (ex-showroom) alongside the all-electric version of this brand-new SUV. This becomes the first mainstream plug-in hybrid SUV in our market. It is powered by a 1.5-litre, naturally aspirated petrol engine paired to a 20.5kWh battery for a claimed fuel economy of around 40kpl and an electric-only range of over 115km. MG claims that the Hector Tomahawk can deliver over 1100km of range with a full tank of fuel and a fully charged battery. Bookings for the Tomahawk PHEV have commenced today and deliveries will begin in November this year.
Unlike the Hector Tomahawk EV that’s available in both 5- and 7-seater configurations, the PHEV is only available in a 7-seater configuration. MG is also offering the Tomahawk PHEV under the BaaS program, where prices start from Rs 21.79 lakh and Rs 3.20 is charged additionally on the battery rental.
बिहारीजी की कृपा और पापा के आशीर्वाद से ” ” प्राप्त हुआ, उत्तरप्रदेश पूर्व उप-मुख्य मंत्री डॉ दिनेश शर्मा व
देश के श्रेष्ट ज्योतिष विद्वानों के बीच आइकॉनिक ज्योतिषीय इंदु प्रकाश जी, पवन सिन्हा जी, शैलेंद्र पांडे जी की उपस्थिति रही
पूर्व मुंबई अंडर-19 क्रिकेटर अनाया बांगर (Anaya Bangar) के लिए महिला क्रिकेट में वापसी का रास्ता खुल गया है। मार्च में जेंडर-अफर्मिंग सर्जरी (Gender Affirming Surgery) कराने वाली अनाया को क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने ऑस्ट्रेलिया में महिला कम्युनिटी क्रिकेट खेलने की मंजूरी दे दी है। हालांकि, अगर वह विमेंस बिग बैश लीग (WBBL) जैसी एलीट क्रिकेट प्रतियोगिताओं में खेलना चाहती हैं, तो उन्हें क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की टेस्टोस्टेरोन से जुड़ी पात्रता शर्तें पूरी करनी होंगी।
अनाया मुंबई की एज-ग्रुप क्रिकेट में खेल चुकी हैं। वह टेस्ट क्रिकेट खेल चुके सरफराज खान और उनके भाई मुशीर खान के साथ भी मुंबई के लिए क्रिकेट खेल चुकी हैं।
'मुझे लगा था कि मैं फिर कभी क्रिकेट नहीं खेल पाऊंगी'
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया से मंजूरी मिलने के बाद अनाया ने द इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में इसे अपने लिए बेहद खास दिन बताया। उन्होंने कहा कि एक समय उन्हें लगा था कि वह शायद दोबारा क्रिकेट नहीं खेल पाएंगी।
“यह मेरे लिए बहुत खास दिन है, खासकर यह जानने के बाद कि मैं दोबारा क्रिकेट खेल सकती हूं। एक समय ऐसा भी था जब मुझे लगा था कि मैं फिर कभी क्रिकेट नहीं खेल पाऊंगी। लेकिन क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया का शुक्रिया, जिसने मुझे एक और मौका दिया।”
अनाया ने जून में क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया से संपर्क किया था। इसके जवाब में 20 जुलाई को उन्हें बताया गया कि वह तुरंत कम्युनिटी क्रिकेट खेल सकती हैं। हालांकि, एलीट क्रिकेट में खेलने के लिए उन्हें टेस्टोस्टेरोन से जुड़े पात्रता मानदंड पूरे करने होंगे।
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की हेड ऑफ इंटीग्रिटी जैकी पार्ट्रिज ने अनाया को भेजे पत्र में स्पष्ट किया कि वह मार्च 2027 तक ऑस्ट्रेलिया के किसी भी राज्य या क्षेत्र में प्रीमियर क्रिकेट प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले सकती हैं।
“मार्च 2027 तक आप ऑस्ट्रेलिया के किसी भी राज्य या क्षेत्र में प्रीमियर क्रिकेट प्रतियोगिताओं में खेलने के लिए पात्र हैं। चूंकि प्रीमियर क्रिकेट को इस नीति के तहत एलीट क्रिकेट के बजाय कम्युनिटी क्रिकेट की श्रेणी में रखा गया है, इसलिए इस फैसले का आपकी इन प्रतियोगिताओं में भागीदारी पर कोई असर नहीं पड़ेगा।”
यानी अनाया मार्च 2027 तक ऑस्ट्रेलिया में कम्युनिटी लेवल पर महिला क्रिकेट खेल सकती हैं। हालांकि, इसके बाद एलीट क्रिकेट में उनकी पात्रता टेस्टोस्टेरोन टेस्ट समेत अन्य शर्तों पर निर्भर होगी।
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के अनुसार, खिलाड़ी का सीरम टेस्टोस्टेरोन स्तर कम से कम 12 महीनों तक 10 nmol/L से नीचे होना चाहिए। मार्च 2027 से एलीट क्रिकेट में खेलने के लिए अनाया को ऑस्ट्रेलिया पहुंचने पर ब्लड टेस्ट भी कराना होगा।
“मार्च 2027 से एलीट क्रिकेट में आपकी पात्रता इस बात पर निर्भर करेगी कि आप ऑस्ट्रेलिया पहुंचने पर एक ब्लड टेस्ट उपलब्ध कराएं, जिसमें यह पुष्टि हो कि आपके सीरम टेस्टोस्टेरोन का स्तर 10 nmol/L से कम है और आप नीति में तय पात्रता की अन्य सभी शर्तों को पूरा करना जारी रखती हैं।”
ICC का ट्रांसजेंडर खिलाड़ियों को लेकर क्या नियम है?
इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने 2023 में ट्रांसजेंडर खिलाड़ियों की एलीट महिला क्रिकेट में भागीदारी को लेकर अपनी नीति स्पष्ट की थी। इसके तहत ऐसे ट्रांसजेंडर खिलाड़ी, जिन्होंने पुरुष यौवन यानी मेल प्यूबर्टी का अनुभव किया है, एलीट महिला इंटरनेशनल क्रिकेट में हिस्सा नहीं ले सकते।
भारत में हालांकि इस तरह के मामले को लेकर BCCI की अभी कोई स्पष्ट नीति नहीं है। BCCI के एक शीर्ष अधिकारी ने *द इंडियन एक्सप्रेस* से कहा कि बोर्ड ने ट्रांस महिलाओं के महिला क्रिकेट खेलने को लेकर अभी कोई फैसला नहीं लिया है।
“जहां तक ICC की बात है, उसने ट्रांसजेंडर खिलाड़ियों को लेकर अपना फैसला स्पष्ट कर दिया है। BCCI ने अभी यह तय नहीं किया है कि ऐसे मामलों में क्या किया जाना चाहिए। चूंकि यह पहली बार है जब इस तरह का मामला सामने आया है, इसलिए बोर्ड ने अभी इस पर कोई रुख तय नहीं किया है। खास तौर पर घरेलू क्रिकेट में उन्हें खेलने की अनुमति देने को लेकर।”
अनाया ने बताया, कैसे मिली क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया से मंजूरी
अनाया ने बताया कि क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने उनके मामले को विस्तार से देखा। उनकी मेडिकल हिस्ट्री, टेस्ट रिपोर्ट और सर्जरी से जुड़े दस्तावेजों की समीक्षा की गई।
उन्होंने कहा कि क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने उनकी एथलीट टेस्टिंग रिपोर्ट और मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी से जुड़ी रिपोर्ट भी देखी। अनाया के मुताबिक, बोर्ड ने उनकी स्थिति का आकलन करने के लिए एक पूरी टीम के जरिए उनके मामले की समीक्षा की।
“मेरी एथलीट टेस्टिंग रिपोर्ट और बाकी सभी जानकारी सामने आने के बाद भी BCCI की ओर से इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। वहीं, क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने वास्तव में मेरी रिपोर्ट पढ़ी, मेरी पूरी मेडिकल हिस्ट्री देखी और मेरी स्थिति का आकलन करने के लिए एक पूरी टीम बनाई।”
“मैंने क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया से संपर्क किया और उन्होंने निष्पक्षता और समावेशिता को ध्यान में रखते हुए मुझे खेलने की मंजूरी दी। उन्होंने मुझसे मेरी ब्लड टेस्ट रिपोर्ट और टेस्टोस्टेरोन टेस्ट की रिपोर्ट मांगी। उन्होंने मेरी सर्जरी से जुड़े दस्तावेज भी मांगे। इसके अलावा, उन्होंने मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी की वह रिपोर्ट भी मांगी, जिसे मैंने एक साल से ज्यादा समय पहले सार्वजनिक किया था।”
अनाया ने आगे कहा कि अगर वह अच्छा प्रदर्शन करती हैं और बाकी पात्रता शर्तें पूरी करती हैं, तो उनके पास WBBL में खेलने का मौका हो सकता है।
“अगर सब कुछ ठीक रहा और मैं अच्छा प्रदर्शन करती हूं, तो मेरे पास WBBL में खेलने का मौका होगा।”
हार्मोन थेरेपी पर रिसर्च का भी हिस्सा बनी थीं अनाया
अनाया इससे पहले मैनचेस्टर मेट्रोपॉलिटन यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट के एक रिसर्च प्रोजेक्ट का हिस्सा रही हैं। इस प्रोजेक्ट में हार्मोन थेरेपी के दौरान उनकी स्ट्रेंथ, स्टैमिना, हार्मोन और ग्लूकोज लेवल में होने वाले बदलावों का अध्ययन किया गया था।
उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए BCCI और ICC के प्रतिनिधियों से भी ट्रांसजेंडर खिलाड़ियों को लेकर स्पष्ट नीति बनाने की अपील की थी। अनाया का कहना रहा है कि ऐसी नीतियां पुराने विचारों के बजाय वैज्ञानिक डेटा और रिसर्च पर आधारित होनी चाहिए।
अभी क्लब की तलाश में अनाया
जेंडर-अफर्मिंग सर्जरी के बाद अनाया फिलहाल रिकवरी कर रही हैं। इसके साथ ही वह ऑस्ट्रेलिया में अपने लिए एक क्लब की तलाश भी कर रही हैं, जहां से वह कम्युनिटी क्रिकेट में अपनी नई पारी शुरू कर सकें।
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया से मिली मंजूरी को अनाया ने सिर्फ अपने लिए ही नहीं, बल्कि दूसरे खिलाड़ियों के लिए भी बड़ा कदम बताया।
“मैं सच में यकीन नहीं कर पा रही थी कि मैं दोबारा क्रिकेट खेल पाऊंगी। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया और उसकी प्रगतिशील व समावेशी नीतियों की वजह से यह संभव हुआ है। ये नीतियां ट्रांस महिलाओं के लिए महिला खेलों में निष्पक्षता और समावेश पर ध्यान देती हैं।”
“यह सिर्फ मेरे लिए ही नहीं, बल्कि मेरे जैसे दूसरे खिलाड़ियों के लिए भी एक बहुत बड़ा पड़ाव है, जो खेल में आगे बढ़ना चाहते हैं, लेकिन ऐसा नहीं कर पा रहे हैं क्योंकि उन्हें या तो खेल चुनना पड़ता है या फिर जेंडर ट्रांजिशन का विकल्प चुनना पड़ता है।”
दो बार के ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा, जापान के आइची-नागोया में 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक होने वाले एशियन गेम्स 2026 में 73 सदस्यों वाली भारतीय एथलेटिक्स दल की अगुवाई करेंगे। भारत के स्टार जैवलिन थ्रोअर (भाला फेंकने वाले खिलाड़ी) नीरज चोपड़ा एशियन गेम्स में दो बार के डिफेंडिंग चैंपियन के तौर पर हिस्सा लेंगे। उन्होंने जकार्ता 2018 और हांगझोऊ 2023 में गोल्ड मेडल जीता था। भारतीय जैवलिन थ्रोअर के साथ रोहित यादव भी होंगे, जिन्होंने शनिवार को भुवनेश्वर में वर्ल्ड एथलेटिक्स कॉन्टिनेंटल टूर सिल्वर मीट में जीत हासिल करते हुए अपना पर्सनल बेस्ट 87.68 मीटर किया।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के कांस्य पदक विजेता यश वीर सिंह इसमें शामिल नहीं हो पाए हैं, क्योंकि इस प्रतियोगिता के लिए केवल दो भारतीयों को चुना गया है। आइची-नागोया 2026 के लिए चुनी गई भारत की एथलेटिक्स टीम के 16 खिलाड़ी हांगझोऊ में हुए पिछले एशियन गेम्स में मेडलिस्ट रहे थे।
नीरज के अलावा, अविनाश साबले, तजिंदरपाल सिंह तूर, पारुल चौधरी और अन्नू रानी उन खिताबों को बचाने के लिए वापसी करेंगे जो उन्होंने तीन साल पहले व्यक्तिगत इवेंट्स में जीते थे।राजेश रमेश, जो हांगझोऊ में भारत की गोल्ड मेडल जीतने वाली पुरुषों की 4×400 मीटर रिले टीम का हिस्सा थे, वे भी वापसी करने वाले चैंपियंस में शामिल हैं।
साबले ने हांगझोऊ में 3000 मीटर स्टीपलचेज में स्वर्ण और 5000 मीटर में रजत पदक जीता था। नेशनल रिकॉर्ड होल्डर साबले को पिछले साल अपने दाहिने घुटने की सर्जरी के बाद चोटों से जूझना पड़ा और वे ग्लासगो में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में हिस्सा नहीं ले पाए थे।
वहीं, दो बार के डिफेंडिंग चैंपियन तजिंदरपाल सिंह तूर लगातार तीसरी बार शॉट पुट का खिताब जीतने की कोशिश करेंगे; उन्होंने जकार्ता 2018 और हांगझोऊ 2023, दोनों में टॉप स्थान हासिल किया था। पारुल चौधरी, जिन्होंने तीन साल पहले 5000 मीटर में स्वर्ण और 3000 मीटर स्टीपलचेज में रजत पदक जीता था, उन्हें 1500 मीटर, 5000 मीटर और 3000 मीटर स्टीपलचेज़ के लिए चुना गया है।
ज्योति याराजी ग्लासगो में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में हिस्सा नहीं ले पाई थीं, लेकिन वे एशियन गेम्स में 100 मीटर हर्डल्स (बाधा दौड़) में हिस्सा लेंगी। उन्होंने हांगझोऊ में इस स्पर्धा में रजत पदक जीता था। ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में लॉन्ग जंप में दूसरा रजत पदक जीतने के बाद मुरली श्रीशंकर जापान जा रहे हैं। उन्होंने पिछले एशियन गेम्स में भी रजत पदक जीता था।
तेजस्विन शंकर, गुलवीर सिंह, मोहम्मद अफसल, एंसी सोजन, प्रवीण चित्रवेल और विथ्या रामराज एशियन गेम्स में पदक जीतने वाले वे अन्य खिलाड़ी हैं जिन्हें आइची-नागोया के लिए चुना गया है। ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स के दौरान बाएं पैर में दो स्ट्रेस फ्रैक्चर होने के बावजूद तेज शिर्से को 110 मीटर हर्डल्स स्पर्धा में शामिल किया गया है।
झगझोऊ में हुए एशियन गेम्स में भारत का एथलेटिक्स में अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन रहा, जिसमें उसने कुल 29 पदक जीते – छह स्वर्ण, 14 रजत और नौ कांस्य। कुल मेडल की संख्या के हिसाब से 2023 के गेम्स में एथलेटिक्स भारत का सबसे सफल खेल रहा।
एशियाई खेल 2026 के लिए भारतीय एथलेटिक्स टीम इस प्रकार है:-
पुरुषों:-गुरिंदरवीर सिंह (100मी), अनिमेष कुजूर (100 मीटर, 200 मीटर, मिश्रित 4×100 मीटर रिले), राजेश रमेश (400 मीटर, 4×400 मीटर रिले), विशाल थेनारासु कयालविझी (400 मीटर, 4×400 मीटर रिले), कृष्ण कुमार (800 मी), मोहम्मद अफसल पुलिककलाकथ (800मी), यूनुस शाह (1500 मी), अभिषेक पाल (5000 मी, 10000 मी), गुलवीर सिंह (1500 मीटर, 5000 मीटर, 10000 मीटर)। सावन बरवाल (मैराथन), कार्तिक कारकेरा (मैराथन), तेजस शिरसे (110 मीटर बाधा दौड़), यशस पलाक्ष (400 मीटर बाधा दौड़), संतोष कुमार तमिलारासन (400 मीटर बाधा दौड़), अविनाश साबले (3000 मीटर स्टीपलचेज), प्रणव प्रमोद गुरव (मिश्रित 4×100 मीटर रिले), मोहम्मद अशफाक (4×400 मीटर रिले), धर्मवीर चौधरी (4×400 मीटर रिले), जय कुमार (4×400 मीटर रिले, मिश्रित 4×400 मीटर रिले), मनु थेक्किनालिल साजी (4×400 मीटर रिले, मिश्रित 4×400 मीटर रिले), आदर्श राम ज्योति शंकर (ऊंची कूद), सर्वेश कुशारे (ऊंची कूद) , कुलदीप कुमार (पोल वॉल्ट), देव मीना (पोल वॉल्ट), मुरली श्रीशंकर (लंबी कूद), शाहनवाज खान (लंबी कूद), प्रवीण चित्रवेल (ट्रिपल जंप) कार्तिक उन्नीकृष्णन (ट्रिपल जंप), करणवीर सिंह (गोला फेंक), तजिंदरपाल सिंह तूर (गोला फेंक), दमनीत सिंह (हथौड़ा फेंक), नीरज चोपड़ा (भाला फेंक), रोहित यादव (भाला फेंकने का खेल), तौफीक नौशाद (डेकाथलॉन), तेजस्विन शंकर (डेकाथलॉन)
(Image Source : X/Athletics Federation of India)
महिला:– प्राची चौधरी (400 मी), गौतमी जयारमन (800 मी), पूजा (800मी, 1500मी), पारुल चौधरी (1500 मीटर, 5000 मीटर, 3000 मीटर स्टीपलचेज़), सीमा (5000 मी, 10000 मी), प्रियंका गोस्वामी (मैराथन रेस वॉक), मंजू रानी (मैराथन रेस वॉक), ज्योति याराजी (100 मीटर बाधा दौड़), नंदिनी कोंगन (100 मीटर बाधा दौड़), उन्नति अयप्पा बोलैंड (200मी), अनु राघवन (400 मीटर बाधा दौड़), विथ्या रामराज (400 मीटर बाधा दौड़), अंकिता ध्यानी (3000 मीटर स्टीपलचेज), तमन्ना (4×100 मीटर रिले, मिश्रित 4×100 मीटर रिले), नित्या गंधे (4×100 मीटर रिले), सरबानी नंदा (4×100 मीटर रिले), अबिनया राजराजन (4×100 मीटर रिले) स्नेहा सत्यनारायण (4×100 मीटर रिले, मिश्रित 4×100 मीटर रिले), सुदेशना शिवंकर (4×100 मीटर रिले), रशदीप कौर (4×400 मीटर रिले, मिश्रित 4×400 मीटर रिले), अनसा बाबू (4×400 मीटर रिले, मिश्रित 4×400 मीटर रिले),