50000 हजार बेटियों को अक्टूबर-नवंबर में मिलेगी स्कूटी, महिलाओं को फ्री बस यात्रा का तोहफा, रक्षाबंधन पर CM योगी ने खोला सौगातों का पिटारा

50000 हजार बेटियों को अक्टूबर-नवंबर में मिलेगी स्कूटी, महिलाओं को फ्री बस यात्रा का तोहफा, रक्षाबंधन पर CM योगी ने खोला सौगातों का पिटारा

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रक्षाबंधन से ठीक पहले नारी शक्ति को कई सौगातें दीं। उन्होंने घोषणा की कि स्नातक में पढ़ने वाली 50 हजार बेटियों को अक्टूबर-नवंबर में स्कूटी दी जाएंगी। सीएम ने ‘लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति यात्रा’ योजना का शुभारंभ किया, जिसके तहत उप्र राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों में 60 वर्ष व उससे अधिक आयु की प्रदेश की महिलाएं निःशुल्क यात्रा कर सकेंगी।

सीएम ने रक्षाबंधन के उपलक्ष्य में 27 से 29 अगस्त तक महिला व एक सहकर्मी को निःशुल्क बस यात्रा की सुविधा दिए जाने का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की महिलाएं अब चूल्हे से चेक, चेक से कारोबार और कारोबार से टेक्नोलॉजी तक पहुंच रही हैं।

 

यूपी में साढ़े 12 करोड़ आधी आबादी

इंदिरा प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी में लगभग साढ़े 12 करोड़ आधी आबादी है। सरकार महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान, स्वावलंबन व नेतृत्व की यात्रा में सहभागी है। हर बेटी-बहन-माता आत्मनिर्भर महसूस करे, यही हमारी नीति है। डबल इंजन सरकार ने बेटी के जन्म से लेकर उसकी पढ़ाई, सुरक्षा, रोजगार, आय और उसके सपनों की उड़ान को ईकोसिस्टम से जोड़ने का काम किया है। सीएम ने बहनों से अपील की कि रक्षाबंधन पर अपने भाई के साथ ही सैनिकों, पूर्व सैनिकों व पुलिस के जवानों को रक्षासूत्र बांधकर सुरक्षा के ईकोसिस्टम को मजबूती प्रदान करने में योगदान दें।

 

महिला स्वावलंबन की मिसाल हैं ‘लोकमाता’ 

सीएम ने कहा कि देश जब मुगल आक्रांताओं की चपेट में था, उस समय लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर ने सुशासन, आध्यात्मिक/सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण व महिला स्वावलंबन का आदर्श उदाहरण प्रस्तुत किया था। काशी विश्वनाथ, सोमनाथ समेत देश में सैकड़ों मंदिर का पुनरुद्धार लोकमाता ने किया था। लखनऊ, कानपुर, आगरा, गाजियाबाद, मुरादाबाद, बरेली, प्रयागराज, अयोध्या, गोरखपुर, वाराणसी, झांसी सभी जनपदों में अहिल्याबाई होल्कर के नाम पर कामकाजी महिलाओं के लिए छात्रावास का निर्माण किया जा रहा है। प्रत्येक हॉस्टल में 500 कामकाजी महिलाओं के निःशुल्क रहने की व्यवस्था रहेगी।

 

सरकार ने आधी आबादी का प्रतिनिधित्व बढ़ाया 

सीएम योगी ने कहा कि पीएम मोदी जी के कारण पहली बार आधी आबादी को शासन की योजनाओं से जोड़ने के लिए व्यापक कार्ययोजना बनी। जीवन के हर पड़ाव पर सुरक्षा, सम्मान व स्वावलंबन की गारंटी दी है। सरकार का हर निर्णय, योजना व बजट इन्हीं उद्देश्यों की पूर्ति के लिए समर्पित है। आधी आबादी को पर्याप्त प्रतिनिधित्व मिले, सरकार ने इसे सुनिश्चित किया। 

 

पहले हर योजना पर मंडराती थी कमीशन की 'काली छाया' 

सीएम ने कहा कि 2017 के पहले ‘देख सपाई-बिटिया घबराई’ का नारा तत्कालीन गवर्नेंस मॉडल का नाम था, जब हर बेटी की सुरक्षा पर संकट था। सुरक्षा, सम्मान नहीं था तो स्वावलंबन कहां से होता। इंटीग्रेटेड हेल्पलाइन, कमांड सिस्टम, सीसीटीवी नेटवर्क, महिला बीट सिस्टम, महिला हेल्पडेस्क भी नहीं थी। पेंशन व छात्रवृत्ति बिचौलिए तय करते थे। पुष्टाहार पर माफिया का कंट्रोल था। उत्सव से पहले उपद्रव होते थे। कर्फ्यू लगने पर माताओं-बहनों को सर्वाधिक परेशानी होती थी।

 

लैंड, सैंड, वन, पशु, नकल व भू-माफिया प्रदेश की पहचान थे। माफिया सिंडिकेट की समानांतर सत्ता चलती थी। बुंदेलखंड में माताओं की जिंदगी मटके में पानी ढोते-ढोते व्यतीत हो जाती थी। गरीबों के घर में शौचालय नहीं था। वृद्धावस्था, निराश्रित महिला पेंशन, छात्रवृत्ति समेत हर योजना पर कमीशन की ‘काली छाया’ मंडराती थी। योजनाओं के पैसे बीच में ही गायब हो जाते थे। बेटी के जन्मदिन पर खुशी नहीं, बल्कि चिंता होती थी क्योंकि परिवार को पढ़ाई और शादी का बोझ दिखता था।

 

50 फीसदी तक पहुंचाएंगे वीमेन पार्टिसिपेशन 

सीएम ने कहा कि आधी आबादी घर पर बैठ जाएगी तो यूपी को बीमारू होना ही था। पहले यूपी में महिला कार्यबल महज 12 फीसदी था, अब यह 36 फीसदी हो गया है। हमारा प्रयास है कि वीमेन पार्टिसिपेशन 50 फीसदी तक पहुंचना चाहिए। अब बेटियां बेफिक्र होकर नाइट शिफ्ट कर रही हैं। अब हर योजना की केंद्रबिंदु आधी आबादी है। हमने बेटी को फिजिकल, मेंटल और हेल्थ सिक्योरिटी दी। आज मिशन शक्ति केंद्र, हर शहर में एआई बेस्ड सेफ सिटी नेटवर्क, 1090 व 112 का इंटीग्रेटेड रिस्पांस सिस्टम है। बेटी की सुरक्षा में सेंध लगाने वाले के लिए जेल या जहन्नुम ही एकमात्र जगह है। 

 

कभी सपना देखने से भी डरती थीं बेटियां

सीएम ने कहा कि 2017 के पहले नकल उद्योग बन चुका था। मेधावी बेटी मेहनत करती थी, लेकिन पैसे वाला माफिया डिग्री नीलाम करता था। बेटी सिर्फ बस पकड़ने से ही नहीं, बल्कि सपना देखने से भी डरती थी। उस दौर को याद कर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। तब दंगा, कर्फ्यू, उपद्रव, असुरक्षा, योजनाओं में बेईमानी व भ्रष्टाचार होता था, लेकिन धर्मचक्र बदला और यूपी में डबल इंजन सरकार आई तो उपद्रव उत्सव में बदल गया। 

 

नई भर्ती के बाद यूपी में होंगी 50,000 महिला पुलिसकर्मी 

सीएम ने कहा कि देश में पहली बार उत्तर प्रदेश में महिला बीट पुलिस की तैनाती हुई। यूपी में 2017 में 10,000 महिला पुलिसकर्मी थीं, अब यह संख्या 45,000 हो गई है। हमने पुलिस भर्ती में 20 फीसदी बेटियों की भर्ती अनिवार्य की। अभी 32 हजार भर्ती प्रक्रिया में हैं। नई भर्ती के बाद पुलिस बल में महिलाओं की संख्या 50,000 हो जाएगी। पिछली सरकारों ने पीएसी की 54 कंपनियां समाप्त कर दी थीं। हमने उनके गठन के साथ ही तीन महिला पीएसी बटालियनें (लखनऊ में उदा देवी, गोरखपुर में झलकारी बाई, बदायूं में अवंती बाई) स्थापित कीं। पिंक बूथ, वन स्टॉप सेंटर की अब समुचित व्यवस्था है। शिकायत दर्ज होने के बाद ट्रैकिंग, टाइमलाइन व जवाबदेही भी है। पहले बेटी की सुरक्षा किस्मत पर निर्भर थी, आज सिस्टम, डेटा व टेक्नोलॉजी पर है। बेटी घर से निकले, काम/कारोबार करे और रात में सुरक्षित घर लौट आए, सरकार यह गारंटी दे रही है।

 

‘उज्ज्वला’ योजना ने बीमारियों से दी मुक्ति

मुख्यमंत्री ने कहा कि सम्मान तब आता है, जब महिला के घर में शौचालय, बिजली, रसोई में धुआंमुक्त ईंधन, नल में जल और खाते में सीधे पैसा पहुंचे और विपत्ति में सरकार साथ खड़ी हो। हर घर शौचालय माताओं, बहनों की गरिमा का आधार था। ‘उज्ज्वला’ ने केवल धुएं से राहत नहीं दी, बल्कि फेफड़े खराब होने वाली बीमारियों से भी मुक्ति दी। पक्के घरों ने परिवारों को सुरक्षा दी तो जल जीवन मिशन ने समय व श्रम की दिशा में बड़ा बदलाव किया है। डीबीटी ने बिचौलियों को हटाकर सीधे लाभार्थियों के खाते में पैसा देना प्रारंभ किया। 

 

महिला के जीवन में अलग-अलग पड़ावों को पॉलिसी सपोर्ट 

सीएम ने कहा कि हमने महिला के जीवन में अलग-अलग पड़ावों को भी पॉलिसी सपोर्ट से जोड़ा है। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना जन्म से स्नातक तक की पढ़ाई की सुविधा का प्लेटफॉर्म बना। सामूहिक विवाह योजना ने पिता की चिंताओं को दूर किया। सरकार बेटी की शादी के लिए एक लाख रुपये उपलब्ध करा रही है। निराश्रित, वृद्धावस्था, दिव्यांगजन पेंशन में 1.10 करोड़ परिवारों को 12 हजार रुपये वार्षिक मिल रहा है। सपा 300 रुपये देती थी, इसमें आधा खा भी लेती थी। हमने सपाइयों की डकैती को रोका। एक करोड़ से अधिक महिलाओं को ग्रामीण क्षेत्र में जहां उनका मकान है, उसका घरौनी के रूप में मालिकाना अधिकार दिया है। 65 लाख परिवारों को आवास, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना व मुख्यमंत्री सुपोषण योजना से मां-बच्चे के पोषण को सुनिश्चित किया जा रहा है। संस्थागत प्रसव में रिकॉर्ड वृद्धि हुई है, जिसने मातृ-शिशु मृत्यु दर को न्यूनतम किया है। हमने आधी आबादी को सुविधा व ओनरशिप दी है। 

 

डिजिटल इंटरप्रेन्योर में आधी संख्या महिलाओं की होगी

सीएम ने कहा कि आय करने वाली महिला के निर्णय लेने की क्षमता और पहचान बनाने वाली महिला का आत्मविश्वास बढ़ता है। जिस महिला का आर्थिक योगदान है, उसके कारण गांव व परिवार की अर्थव्यवस्था मजबूत होती है। 8000 न्याय पंचायतों में डिजिटल इंटरप्रेन्योर की आधी संख्या महिलाओं की होगी। सरकार आधी आबादी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करेगी। महिलाएं स्वयं सहायता समूह के माध्यम से खेती, पशुपालन, फूड प्रोसेसिंग, रिटेल, हैंडीक्रॉफ्ट आदि स्थानीय गतिविधियों का संचालन कर रही हैं। बीसी सखी गांव-गांव में बैंकिंग सेवाएं प्रदान कर रही हैं। नमो ड्रोन दीदी कृषि क्षेत्र में नई क्रांति ला रही हैं। 

 

फैसले लेने वाली मेज पर भी बैठेंगी महिलाएं

सीएम ने कहा कि 31 जनपदों में काम कर रही बलिनी-काशी, सामर्थ्य, सृजिनी, बाबा गोरखनाथ मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी में कार्यरत 4 लाख से अधिक बहनें आर्थिक स्वावलंबन की दिशा में अग्रसर हुई हैं। एफपीओ में महिला किसानों की भागीदारी बढी है। ओडीओपी व एमएसएमई में हजारों महिला उद्यमी बनी हैं। स्टार्टअप ईकोसिस्टम में 50 फीसदी भागीदारी महिलाओं की है। स्वावलंबन तभी पूर्ण होगा, जब महिलाओं के पास उत्पाद ही नहीं, बल्कि मार्केट भी हो। महिला समूहों को ब्रॉडिंग, पैकेजिंग, मार्केटिंग, प्रदर्शनियों में उत्पाद को ले जाने और डिजिटल कॉमर्स से जोड़ने की भी व्यवस्था की गई है। शी-मार्ट जैसे मॉडल एसएचजी उत्पादों के लिए डेडिकेटेड रिटेल प्लेटफॉर्म व बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में बढ़ रहे हैं। महिला उद्यमियों के उत्पाद गांव में बनें, उनकी ब्रांडिंग व डिलीवरी प्रदेश व देश-दुनिया तक हो, हमने यह मॉडल बनाया है। आधी आबादी की आर्थिक आत्मनिर्भरता तभी पूरी होगी, जब फैसले लेने वाली मेज पर भी बहनें बैठेंगी। 

 

प्रतिनिधित्व चैरिटी नहीं, बल्कि इकॉनमिक इंटीग्रेशन 

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को प्रतिनिधित्व मिलना चैरिटी नहीं, बल्कि इकॉनमिक इंटीग्रेशन है। पंचायत व स्थानीय निकायों में महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ा है। बेटियां ओलंपिक, एशियन गेम्स, कॉमनवेल्थ, विश्व, नेशनल चैंपियनशिप में पदक जीत रही हैं। हाल में कॉमनवेल्थ गेम्स में उत्तर प्रदेश की सब इंस्पेक्टर अस्मिता डे ने स्वर्ण पदक जीता। त्रिपुरा में जन्मी इस बेटी को यूपी में सही माहौल व प्लेटफॉर्म मिला।

प्रशासन, सेना, शिक्षा, स्टार्टअप समेत हर क्षेत्र में आधी आबादी नेतृत्व दे रही है। प्रयास है कि आधी आबादी को उसी अनुपात में प्रतिनिधित्व प्राप्त हो। सीएम ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम का भी जिक्र करते हुए कहा कि सपा व कांग्रेस ने इसका विरोध कर दिया।  समारोह में परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह, महापौर सुषमा खर्कवाल, राज्यसभा सांसद ब्रजलाल, विधान परिषद सदस्य लालजी प्रसाद निर्मल, अवनीश सिंह, उमेश द्विवेदी, विधायक नीरज बोरा, अमरेश कुमार, ओपी श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।

अचानक आई बाढ़ ने नेपाल में मचाया कहर:हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट डूबा, 42 किमी सड़क बही; 11 फोटो-वीडियो में देखें नेपाल में सैलाब

नेपाल में बुधवार को तिब्बत से आई अचानक बाढ़ ने रसुवा जिले में भारी तबाही मचा दी। टिमुरे से त्रिशूली बाजार और बेत्रावती तक बाढ़ के पानी और मलबे ने घर, सड़कें और पुल तबाह कर दिए, जबकि एक हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट भी बह गया। कई इलाकों में बाढ़ का मंजर ऐसा था कि हेलिपैड तक बह गया और रेस्क्यू हेलिकॉप्टर को बिना उतरे लौटना पड़ा। 11 फोटो-वीडियो में देखिए, नेपाल में बाढ़ से तबाही नेपाल-तिब्बत बॉर्डर के पास 216 मेगावाट क्षमता वाला अपर त्रिशुली-1 जल विद्युत परियोजना का बांध पानी के तेज बहाव में टूट गया। बांध टूटने के बाद त्रिशूली बेसिन पर तेजी से पानी का बहाव आया। बाढ़ में फंसे एक युवक ने अपनी टीशर्ट लहराकर इशारा किया तो सेना के हेलिकॉप्टर ने उसका रेस्क्यू किया। बाढ़ के तेज बहाव में लोगों के घरों का सामान बह गया। कई लोग उसे निकालने के लिए नदी में कूद गए। नेपाल सरकार के आपदा प्रबंधन विभाग ने बाढ़ से तबाह हुए इलाकों का हवाई सर्वे किया। इसमें कई इलाकों में नुकसान दिखाई दिया। ————– ये खबर भी पढ़ें… नेपाल में बाढ़ से तबाही, 8 मौतें, 384 लापता:इनमें 105 भारतीय, तिब्बत में ग्लेशियर झील फटने की आशंका; बिहार के 8 जिलों में अलर्ट तिब्बत से आई अचानक बाढ़ ने नेपाल के रसुवा जिले में भारी तबाही मचाई है। भोटेकोशी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से टिमुरे और स्याब्रुबेसी इलाके में कई घरों को नुकसान पहुंचा है। बाढ़ की चपेट में रसुवा का एक हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट भी आ गया और वह बह गया। न्यूज एजेंसी AP के मुताबिक, अब तक 8 लोगों की मौत की खबर है। बाढ़ के बाद बड़ी संख्या में लोग लापता हैं। नेपाल के पर्यटन विभाग के मुताबिक, 384 लोगों का पता नहीं चल रहा है। इनमें 291 विदेशी पर्यटक हैं जिसमें 105 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। पूरी खबर पढ़ें…

UP Expressway Projects: यूपी में ₹24,000 करोड़ का मेगा इंफ्रास्ट्रक्चर बूस्ट! दो नए एक्सप्रेसवे को मिली मंजूरी, इंडस्ट्रियल प्रोजेक्ट्स पर भी बड़ा दांव

UP Expressway Projects: उत्तर प्रदेश में सड़क कनेक्टिविटी और औद्योगिक विकास को लेकर योगी आदित्यनाथ सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सीएम योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 24,000 करोड़ रुपये से अधिक के इंफ्रास्ट्रक्चर और औद्योगिक निवेश से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इसमें दो बड़े एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट सुल्तानपुर में मैन्युफैक्चरिंग-लॉजिस्टिक्स क्लस्टर और राज्य के अलग-अलग जिलों में 11 बड़े औद्योगिक प्रोजेक्ट्स के लिए प्रोत्साहन शामिल हैं। योगी सरकार का फोकस अब सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं है। नए फैसलों के जरिए उभरते औद्योगिक क्षेत्रों को बेहतर सड़क नेटवर्क से जोड़ने और प्रदेश के अलग-अलग जिलों में बड़े निवेश को आकर्षित करने की तैयारी है।

‘गंगा एक्सप्रेसवे’ पहुंचेगा हरिद्वार, 10,761 करोड़ होंगे खर्च

कैबिनेट ने 10,761 करोड़ रुपये की लागत से गंगा एक्सप्रेसवे को हरिद्वार तक बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इसके तहत छह लेन का ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे बनाया जाएगा, जिसे भविष्य में आठ लेन तक विस्तारित करने का प्रावधान होगा। इस परियोजना का पूरा खर्च उत्तर प्रदेश सरकार उठाएगी। इसमें केंद्र की वित्तीय भागीदारी प्रस्तावित नहीं है।

इस एक्सप्रेसवे से बिजनौर और हरिद्वार के बीच कनेक्टिविटी काफी बेहतर होने की उम्मीद है। फिलहाल बिजनौर से हरिद्वार जाने के लिए मुख्य रूप से NH-34 यानी मेरठ-बिजनौर-हरिद्वार हाईवे पर निर्भरता है। नया एक्सप्रेसवे बनने के बाद बिजनौर की लखनऊ से कनेक्टिविटी भी गंगा एक्सप्रेसवे नेटवर्क के जरिए और मजबूत होगी।

प्रयागराज से हरिद्वार तक बनेगा तेज कॉरिडोर

गंगा एक्सप्रेसवे का हरिद्वार तक विस्तार केवल सड़क परियोजना नहीं। बल्कि पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हरिद्वार जुड़ने के बाद एक्सप्रेसवे नेटवर्क प्रयागराज और हरिद्वार जैसे गंगा तट पर बसे दो प्रमुख कुंभ शहरों को एक्सेस-कंट्रोल्ड सड़क कनेक्टिविटी से जोड़ देगा।

यूपी सरकार को उम्मीद है कि इससे धार्मिक पर्यटन, व्यापार, निवेश और अन्य आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। इसका फायदा बिजनौर, हरिद्वार और आसपास के इलाकों को मिलने की उम्मीद है। अब इस परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट यानी DPR तैयार की जाएगी।

झांसी लिंक एक्सप्रेसवे पर 7,968 करोड़

योगी कैबिनेट ने 7,968.30 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाले झांसी लिंक एक्सप्रेसवे को भी मंजूरी दी है। इसका मुख्य उद्देश्य बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण यानी BIDA क्षेत्र और झांसी के आसपास के डिफेंस कॉरिडोर को बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना है। इस परियोजना का पूरा खर्च भी उत्तर प्रदेश सरकार उठाएगी। केंद्र से किसी वित्तीय भागीदारी का प्रस्ताव नहीं है। ॉ

सरकार का मानना है कि एक्सप्रेसवे बनने के बाद बुंदेलखंड के उभरते औद्योगिक क्षेत्रों से उत्तर प्रदेश के दूसरे हिस्सों और देश के अन्य क्षेत्रों तक सड़क संपर्क तेज होगा। निर्माण के दौरान प्रत्यक्ष रोजगार के साथ-साथ औद्योगिक गतिविधियां बढ़ने पर अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी पैदा होने की उम्मीद है।

सुल्तानपुर में 272 करोड़ का इंडस्ट्रियल-लॉजिस्टिक्स क्लस्टर

कैबिनेट ने सुल्तानपुर में 272.25 करोड़ रुपये के निवेश से इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक्स क्लस्टर यानी IMLC के इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट को भी मंजूरी दी है। यह क्लस्टर पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के नजदीक विकसित किया जाएगा। इससे यहां आने वाली औद्योगिक इकाइयों को पहले से मौजूद तेज सड़क नेटवर्क का सीधा फायदा मिलेगा।

इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े काम का खर्च राज्य सरकार उठाएगी और निर्माण एजेंसी के चयन के लिए ग्लोबल बिड आमंत्रित की जाएगी। सरकार को उम्मीद है कि यह क्लस्टर मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स से जुड़े निवेश को आकर्षित करेगा तथा सुल्तानपुर और आसपास के क्षेत्रों में रोजगार पैदा करेगा।

11 बड़े प्रोजेक्ट्स को भी मंजूरी

इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ-साथ कैबिनेट ने 11 बड़े औद्योगिक प्रोजेक्ट्स के लिए भी प्रोत्साहन को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं में कुल प्रस्तावित निवेश 5,500 करोड़ रुपये से अधिक है। इनमें से आठ परियोजनाओं के लिए करीब 2,901.97 करोड़ रुपये के निवेश पर उत्तर प्रदेश इंडस्ट्रियल इन्वेस्टमेंट एंड एम्प्लॉयमेंट प्रमोशन पॉलिसी-2022 के तहत लेटर ऑफ कंफर्ट जारी करने को मंजूरी दी गई है। इन परियोजनाओं का विस्तार गौतम बुद्ध नगर (नोएडा), हमीरपुर, हाथरस, बाराबंकी, लखीमपुर खीरी, मथुरा और उन्नाव जैसे जिलों तक है।

इनमें प्रमुख निवेश इस प्रकार हैं:-

  • सूर्या ग्लोबल सुपर फ्लेक्सिफिल्म्स, गौतम बुद्ध नगर- 605.37 करोड़ रुपये
  • शाल्विस स्पेशियलिटीज, हमीरपुर- 297.30 करोड़ रुपये
  • साउंड कास्टिंग्स, हाथरस – 225 करोड़ रुपये
  • वृंदावन बॉटलर्स, बाराबंकी – 436.12 करोड़ रुपये
  • जुआरी एनविएन बायोएनर्जी, लखीमपुर खीरी- 294.72 करोड़ रुपये
  • पसवारा पेपर्स, हाथरस- 315 करोड़ रुपये
  • CRD फूड्स एंड बेवरेजेज, मथुरा- 363.94 करोड़ रुपये
  • माउंट एवरेस्ट ब्रेवरीज, उन्नाव- 363.52 करोड़ रुपये

(नोट- इन परियोजनाओं को पात्रता के आधार पर नीति के तहत नेट SGST और कैपिटल सब्सिडी समेत विभिन्न प्रोत्साहन मिल सकेंगे।)

तीन और प्रोजेक्ट्स में 2,606 करोड़ का निवेश

कैबिनेट ने तीन और परियोजनाओं के लिए लेटर ऑफ कम्फर्ट को मंजूरी दी है। इनका कुल प्रस्तावित निवेश 2,606.04 करोड़ रुपये है। ये परियोजनाएं बिजनौर, उन्नाव और कानपुर देहात में लगाई जाएंगी।

उन्नाव में एल्युमिनियम कैन फैक्ट्री

Canpack India उन्नाव में करीब 1,573.62 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। कंपनी एल्युमिनियम बेवरेज कैन बनाने की इकाई स्थापित करेगी। यह प्लांट करीब 26 हेक्टेयर क्षेत्र में UPEIDA द्वारा विकसित IMLC इंडस्ट्रियल कॉरिडोर क्षेत्र में लगाया जाएगा। इसकी अनुमानित वार्षिक उत्पादन क्षमता 130 करोड़ यूनिट होगी।

बिजनौर में फ्रेंच फ्राइज प्लांट

इसके अलावा Agristo Masa बिजनौर में 794.27 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। यह कंपनी मौजूदा पोटैटो फ्लेक्स कारोबार का विस्तार करने के साथ फ्रेंच फ्राइज बनाने की यूनिट स्थापित करेगी। प्रस्तावित प्लांट की अधिकतम स्थापित क्षमता हर साल 75,000 टन होगी। इसके मुकाबले कंपनी की मौजूदा पोटैटो फ्लेक्स उत्पादन क्षमता करीब 7,332 टन सालाना बताई गई है।

कानपुर देहात में प्लास्टिक प्रोडक्ट्स का होगा उत्पादन

एक बयान के मुताबिक, Supreme Industries कानपुर देहात में 238.15 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। यहां वैल्यू-एडेड प्लास्टिक बिल्डिंग सॉल्यूशन उत्पाद बनाए जाएंगे। कंपनी की स्थापना 1942 में हुई थी। यह भारत की प्रमुख प्लास्टिक प्रोसेसिंग कंपनियों में शामिल है।

एक्सप्रेसवे और उद्योग को एक साथ जोड़ने की रणनीति

यूपी सरकार के इन फैसलों से साफ संकेत मिलता है कि उत्तर प्रदेश अब एक्सप्रेसवे नेटवर्क को सीधे औद्योगिक विकास से जोड़ने की रणनीति पर आगे बढ़ रहा है। झांसी लिंक एक्सप्रेसवे को बुंदेलखंड के औद्योगिक और डिफेंस कॉरिडोर से जोड़ा जा रहा है। जबकि सुल्तानपुर का IMLC पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का फायदा उठाएगा। वहीं, गंगा एक्सप्रेसवे के हरिद्वार तक विस्तार से पश्चिमी उत्तर प्रदेश और हरिद्वार के बीच आर्थिक संपर्क मजबूत होने की उम्मीद है।

उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि कैबिनेट के फैसले एक्सप्रेसवे विस्तार और औद्योगिक विकास को एक साथ आगे बढ़ाने की कोशिश को दिखाते हैं। सरकार का लक्ष्य बेहतर कनेक्टिविटी के जरिए निवेश, व्यापार, रोजगार और पर्यटन को बढ़ावा देना है।

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उन्होंने कहा कि 24 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा के इन प्रस्तावों को उत्तर प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर और औद्योगिक नक्शे में बड़ा बदलाव लाने वाली पहल के तौर पर देखा जा रहा है। खास बात यह है कि इसका असर सिर्फ लखनऊ, नोएडा या दूसरे बड़े औद्योगिक केंद्रों तक सीमित न रहकर बुंदेलखंड, पूर्वांचल और पश्चिमी यूपी के कई जिलों तक पहुंचने की उम्मीद है।

पीला पड़ने से पहले बचा लें धनिया! मानसून में इन 4 टिप्स से करें सही स्टोरेज

बारिश के मौसम में हरा धनिया खरीदकर रखना थोड़ा मुश्किल हो जाता है। नमी ज्यादा होने की वजह से धनिया जल्दी मुरझाने लगता है और कुछ ही दिनों में इसकी पत्तियां पीली या खराब होने लगती हैं। ऐसे में कई बार फ्रिज में रखने के बाद भी धनिया ज्यादा दिन तक ताजा नहीं रह पाता और उसे फेंकना पड़ता है।

आप भी मानसून में धनिया को लंबे समय तक हरा और फ्रेश रखना चाहती हैं, तो इसे स्टोर करने का सही तरीका जानना जरूरी है। कुछ आसान से किचन टिप्स अपनाकर धनिया को जल्दी खराब होने से बचाया जा सकता है और जरूरत पड़ने पर कई दिनों तक आराम से इस्तेमाल किया जा सकता है।

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1. नमी को ऐसे करें कंट्रोल

धनिया को ताजा रखने के लिए टिश्यू पेपर का इस्तेमाल किया जा सकता है। सबसे पहले खराब पत्तियों को अलग करके धनिया को अच्छी तरह सुखा लें। इसके बाद एक एयरटाइट डिब्बे में नीचे और ऊपर टिश्यू पेपर रखें। यह एक्स्ट्रा मॉइस्चर को सोखने में मदद करता है, जिससे धनिया जल्दी खराब नहीं होता।

2. पहले सुखाएं, फिर रखें

बाजार से धनिया लाने के तुरंत बाद उसे धोकर फ्रिज में रखने से बचें। पत्तियों में पानी रह जाने पर वे जल्दी गल सकती हैं। पहले खराब और पीली पत्तियां हटा दें और धनिया को बिना धोए स्टोर करें। जब इस्तेमाल करना हो, तभी इसे अच्छी तरह धो लें।

3. जार में खड़ा करके रखें

धनिया को कांच के जार में भी आसानी से रखा जा सकता है। इसकी डंडियों को थोड़ा काटकर जार में थोड़ा पानी भरें और धनिया को उसमें खड़ा कर दें। ऊपर से ढीला प्लास्टिक बैग लगाकर जार को फ्रिज में रख दें। इस तरीके से धनिया कई दिनों तक फ्रेश रह सकता है।

4. नमी से बचाकर करें स्टोर

धनिया को अच्छी तरह सुखाने के बाद एयरटाइट डिब्बे में रखना भी आसान तरीका है। डिब्बे में ज्यादा नमी नहीं होनी चाहिए। इसे फ्रिज के वेजिटेबल सेक्शन में रखें, ताकि धनिया ज्यादा समय तक ताजा बना रहे।

5. आइस क्यूब्स में करें सेव

हफ्तेभर धनिया को संभालकर रखने के लिए इसे फ्रीज किया जा सकता है। धनिया को बारीक काटकर आइस ट्रे में डालें और थोड़ा पानी भरकर जमा दें। क्यूब्स जमने के बाद इन्हें फ्रीजर बैग में रख लें। जरूरत पड़ने पर इन्हें सीधे दाल, सब्जी या दूसरी डिश में इस्तेमाल कर सकते हैं।

6. पेस्ट बनाकर रखें तैयार

धनिया को लंबे समय तक इस्तेमाल करने के लिए उसका पेस्ट भी बनाया जा सकता है। पत्तियों को पीसकर उसमें थोड़ा नमक और तेल मिला दें। इस पेस्ट को साफ कंटेनर में भरकर फ्रिज में रखें। खाना बनाते समय इसे आसानी से निकालकर इस्तेमाल किया जा सकता है।

बारिश के मौसम में धनिया को ताजा रखने के लिए बस थोड़ी सी सावधानी और सही स्टोरेज की जरूरत होती है। मॉइस्चर से बचाकर और सही तरीके से रखने पर धनिया कई दिनों तक हरा और फ्रेश रह सकता है। इससे उसका टेस्ट और खुशबू भी लंबे समय तक बनी रहती है और आपको बार-बार नया धनिया खरीदने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

यूपी में 60 से अधिक उम्र की महिलाओं को CM योगी का रक्षाबंधन पर बड़ा उपहार, कर सकेंगी फ्री बस यात्रा

यूपी में 60 से अधिक उम्र की महिलाओं को CM योगी का रक्षाबंधन पर बड़ा उपहार, कर सकेंगी फ्री बस यात्रा

cm yogi

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रक्षाबंधन के अवसर पर प्रदेश की माताओं, बेटियों और बहनों को विशेष उपहार दिया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम व सिटी बसों में 27 अगस्त की सुबह 6 बजे से 29 अगस्त की मध्यरात्रि तक की निःशुल्क यात्रा जा सकेगी। निगम की बसों में महिला यात्री एक सहयोगी के साथ निःशुल्क यात्रा कर सकेंगी। इस अवसर पर सीएम ने ‘लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति यात्रा’ का शुभारंभ करते हुए विशेष बसों को झंडी दिखाकर रवाना किया। इन बसों में 60 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं ने निशुल्क यात्रा की।

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विशेष बसों को दिखाई झंडी, महिलाओं के साथ ली सेल्फी 

इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में बुधवार को आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने बारिश के बीच झंडी दिखाकर विशेष बसों को रवाना किया। बसों में बैठी महिलाओं ने इस उपहार के लिए हाथ जोड़कर सीएम का अभिनंदन किया तो सीएम योगी ने भी हाथ हिलाकर उनके प्रति आभार जताया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने बस में यात्रा करने वाली महिलाओं के साथ सेल्फी भी ली।

 

मुख्यमंत्री ने महिलाओं को दिए स्मार्ट कार्ड, बैग, साड़ी व मिठाई

मुख्यमंत्री ने रक्षाबंधन से पहले आयोजित कार्यक्रम में मंच पर ‘लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति यात्रा’ योजना के तहत 60 वर्ष या इससे अधिक आयु की महिलाओं को स्मार्ट कार्ड प्रदान किए। सीएम ने उपहार स्वरूप इन महिलाओं को बैग, साड़ी व मिठाई भी दी। मुख्यमंत्री ने महिलाओं से संवाद कर उनका हालचाल जाना, सभी को रक्षाबंधन की बधाई भी दी। सीएम के हाथों उपहार पाने वाली महिलाओं में राजरानी, गणेश देवी, कलावती, मिठाना, प्रभुदेई, शम्मी, शांति देवी, मंजूलता, शिवकली, द्रौपदी व मीरा आदि शामिल रहीं।

HDFC Bank में CEO पद को लेकर हलचल बढ़ी, RBI गवर्नर से मिले चेयरमैन राजीव कुमार

HDFC Bank CEO Appointment: देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक HDFC Bank के एमडी और सीईओ शशिधर जगदीशन का मौजूदा कार्यकाल 26 अक्टूबर 2026 को खत्म हो रहा है। अब इसमें दो महीने से थोड़ा ज्यादा समय बचा है। इसी बीच बैंक के चेयरमैन राजीव कुमार ने पिछले हफ्ते RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा से मुलाकात की है।

सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में सबसे अहम बात जगदीशन के अगले कार्यकाल को लेकर हुई। RBI यह समझना चाहता है कि बैंक बोर्ड जगदीशन को दोबारा एमडी और सीईओ बनाने के पक्ष में है या नहीं।

बोर्ड में जगदीशन के नाम पर कितनी सहमति?

RBI यह भी जानना चाहता था कि राजीव कुमार के चेयरमैन बनने के बाद बोर्ड में किसी दूसरे नाम पर भी चर्चा हुई है या नहीं। एक वरिष्ठ सूत्र ने कहा कि अभी तक HDFC Bank बोर्ड ने एमडी और सीईओ की नियुक्ति को लेकर RBI को कोई सिफारिश नहीं भेजी है।

RBI अब जल्द फैसला चाहता है

राजीव कुमार 30 जून 2026 को HDFC Bank के बोर्ड में शामिल हुए थे। इसके बाद से RBI अधिकारियों के साथ उनकी यह चौथी औपचारिक बातचीत बताई जा रही है।

शुरुआत में RBI ने बोर्ड को कुछ समय दिया। इसकी वजह यह थी कि राजीव कुमार ने 15 जुलाई को औपचारिक रूप से चेयरमैन का पद संभाला था। अब उन्हें पद संभाले करीब एक महीना हो चुका है। ऐसे में RBI चाहता है कि बैंक के नेतृत्व को लेकर तस्वीर जल्द साफ हो।

आमतौर पर छह महीने पहले शुरू हो जाती है प्रक्रिया

बैंकों में आम तौर पर एमडी और सीईओ का कार्यकाल खत्म होने से करीब छह महीने पहले दोबारा नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू हो जाती है। बोर्ड अपनी सिफारिश RBI को भेजता है।

अगर नया सीईओ चुनना हो, तो पसंदीदा उम्मीदवारों के नाम आम तौर पर कार्यकाल खत्म होने से कम से कम चार महीने पहले RBI को भेजे जाते हैं।

HDFC Bank का मामला इसलिए अलग दिख रहा है। जगदीशन का कार्यकाल खत्म होने में अब करीब दो महीने बचे हैं। लेकिन बोर्ड ने अभी तक RBI को कोई नाम नहीं भेजा है।

जगदीशन के सामने क्या संभावनाएं?

पहले की रिपोर्टों के मुताबिक, इस पद को लेकर चार संभावनाएं हैं। जगदीशन को फिर से तीन साल का कार्यकाल मिल सकता है। उन्हें इससे छोटा कार्यकाल भी दिया जा सकता है। बैंक बोर्ड किसी दूसरे आंतरिक उम्मीदवार का नाम भी भेज सकता है।

इसके अलावा किसी बाहरी उम्मीदवार के नाम पर भी विचार हो सकता है। यानी फिलहाल यह तय नहीं है कि अक्टूबर के बाद HDFC Bank की कमान किसके हाथ में होगी।

AT-1 बॉन्ड मामले पर भी बात

RBI गवर्नर और राजीव कुमार की बातचीत सिर्फ सीईओ की नियुक्ति तक सीमित नहीं रही। सूत्रों के मुताबिक, AT-1 बॉन्ड की मिस-सेलिंग से जुड़े मामले पर भी चर्चा हुई।

कुछ नाराज बॉन्डधारक इस मामले को लेकर बहरीन में कानूनी कार्रवाई कर रहे हैं। RBI इस मामले को लेकर भी बैंक की स्थिति समझना चाहता है।

कुछ महीनों में बदला बैंक का नेतृत्व

HDFC Bank में पिछले कुछ महीनों में नेतृत्व स्तर पर काफी बदलाव हुए हैं। पूर्व चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती ने मार्च में अचानक बोर्ड छोड़ दिया था।

इसके बाद नॉन-एग्जीक्यूटिव बोर्ड सदस्य केकी मिस्त्री को अंतरिम चेयरमैन बनाया गया। करीब तीन महीने की तलाश के बाद राजीव कुमार को नया नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन चुना गया। उन्हें पहले अतिरिक्त निदेशक बनाया गया था। RBI की मंजूरी के बाद 15 जुलाई को उन्होंने चेयरमैन का पद संभाला।

HDFC Bank का शेयर बुधवार को 0.02% की मामूली गिरावट के साथ 727.35 रुपये पर बंद हुआ। हालांकि, पिछले 1 साल में यह 25.28% टूट चुका है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

KTM is bringing Dakar Champion Matthias Walkner to India

KTM is bringing Dakar Champion Matthias Walkner to India
Official KTM poster showing the details of the event.

If you’ve been looking to start exploring trails near you or improve your off-road riding, you now have the opportunity to be trained by 2018 Dakar champion and four-time Dakar Stage Winner Matthias Walkner. KTM is bringing Matthias to India to mentor their Adventure Rally Extreme events in Mumbai and Bengaluru, slated to happen in September.

  1. Face to face meeting in Mumbai on September 11; in Bengaluru on September 15
  2. Ride and train in Mumbai on September 12-13; in Bengaluru on September 16-17
  3. Ride and train event limited to KTM owners only

Two events over three days

Registrations open now

There are two separate events requiring separate registrations, a face to face meeting and a ride and train event. During the face to face event, riders will have the opportunity to meet and interact with Matthias as well as a photo opportunity. Registration to this is open to everybody and costs Rs 500.

The ride and train event on the other hand, is far more hands-on, or hands and feet on, if you will. Riders will get to ride and train alongside Matthias and train on off-roading skills through practical drills and real rally techniques. This event has two batches over two days, and registration is exclusive to KTM owners for Rs 5,000.

The events are slated to happen back-to-back in Mumbai from September 11-13 and in Bengaluru from September 15-17. Further details and registration(s) are available on KTM India’s website now.

चक दे गर्ल्स ने उठाई महिला हॉकी लीग को बचाने के लिए आवाज

हॉकी विश्वकप में अपना सबसे सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के करीब खड़ी भारतीय महिला हॉकी टीम ने गुहार लगाई है कि महिला हॉकी लीग को बंद ना किया जाए और उसे चलते रहने दिया जाए। गौरतलब है कि ऐसी खबरें आ रही थी कि यह लीग व्यवसायिक कारणों के चलते बंद की जा सकती है।

गौरतलब है कि भारतीय महिला हॉकी टीम 1974 के बाद विश्वकप के दूसरे दौर में प्रवेश कर चुकी है। हालांकि खिताब जीतने की आशा धूमिल हो चुकी हैं लेकिन टीम ने बड़ी टीमों को बराबरी पर रोका है। पहले मैच में चीन के खिलाफ 2-2 की बराबरी और फिर ऑस्ट्रेलिया से 0-0 की बराबरी। टीम नीदरलैंड्स से भी सिर्फ 2 गोल से हारी।

वहीं टीम ने पहली बार दक्षिण अफ्रीका को ना केवल हराया बल्कि विश्वकप की सबसे बड़ी जीत अर्जित की। यह सब भारत ने तब किया जब दल में 11 युवा खिलाड़ी थे और अपना पहला विश्वकप खेल रहे थे।

मिडफील्डर नेहा ने कहा  “मुझे लगता है कि हमने भारत में लड़कियों को हॉकी स्टिक पकड़ने के लिए प्रेरित करने की पूरी कोशिश की है। लोग अपने बच्चों को अलग-अलग खेल खेलना पसंद करते हैं, लेकिन इससे उन्हें उम्मीद मिलनी चाहिए।”

“पिछले दो सालों में, महिलाओं के लिए HIL से हमें बहुत फायदा हुआ है। जूनियर और सीनियर नेशनल्स में इस लेवल का कॉम्पिटिशन नहीं होता है। महिलाओं के HIL ने हमें बलजीत, साक्षी और रुतुजा जैसे खिलाड़ी दिए हैं, जो इस वर्ल्ड कप टीम का हिस्सा हैं। आने वाले खिलाड़ियों के लिए भी, हमें इस लीग की ज़रूरत है। इसे बंद नहीं किया जाना चाहिए।”

नवनीत कौर ने कहा “हम पिछले दो साल से HIL खेल रहे हैं और उससे हमें कॉन्फिडेंस मिला है। हमने इंटरनेशनल हॉकी के कुछ सबसे बड़े नामों के साथ खेला है और उनके साथ ड्रेसिंग रूम शेयर करने के बाद, डर और झिझक खत्म हो गई। इससे हमें सेल्फ-बिलीफ मिला। हम अक्सर बात करते हैं कि वे हमारी तरह हैं और हम उन्हें हरा सकते हैं क्योंकि हम उनके साथ खेले हैं।” नवनीत ने टीमों और कॉर्पोरेट हाउस से भी लीग को सपोर्ट करने की अपील की, ऐसे समय में जब इसका भविष्य खतरे में है। हमने सुना है कि कुछ टीमें विमेंस HIL से हट रही हैं, लेकिन ऐसे समय में जब हमारा परफॉर्मेंस ग्राफ ऊपर जा रहा है, हम उनसे रिक्वेस्ट करना चाहते हैं कि वे हमें सपोर्ट करें। यह विमेंस हॉकी और आने वाले प्लेयर्स के लिए एक बड़ा झटका होगा।”

Tukaram Mundhe: ‘मैं कोई सेलिब्रिटी नहीं हूं’, छापेमारी से देशभर में फेमस हुए तुकाराम मुंढे ने अपनी पॉपुलैरिटी पर क्या कहा

इन दिनों पूरे देश में महाराष्ट्र के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) चीफ तुकाराम मुंढे छाए हुए हैं। तुकाराम मुंढे ने फूड एंड सेफ्टी को लेकर सख्त कदम उठाते हुए अबतक कई फेमस रेस्ट्रां पर शिकंजा कसा है। वहीं हाल ही में एफडीए चीफ तुकाराम मुंढे ने कहा कि उनका मुख्य उद्देश्य फूड सेफ्टी से जुड़े नियमों को सख्ती से लागू करना है। उन्होंने साफ किया कि विभाग की कार्रवाई का मकसद फूड बिजनेस को निशाना बनाना नहीं, बल्कि लोगों को सुरक्षित और सही क्वालिटी वाला खाना उपलब्ध कराना सुनिश्चित करना है।

3,000 से ज्यादा जगहों पर हुई छापेमारी

तुकाराम मुंढे ने न्यूज एजेंसी रॉयटर्स से कहा, “मुझे नहीं लगता कि मैं कोई सेलिब्रिटी हूं। मैं सिर्फ़ एक फ़ूड सेफ़्टी कमिश्नर हूं।” उन्होंने कहा कि जो कारोबारी खाद्य सुरक्षा के नियमों का पालन नहीं करेंगे, उन्हें नियमों के तहत कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। रॉयटर्स के अनुसार, महाराष्ट्र FDA ने तुकाराम मुंढे के फूड सेफ्टी कमिश्नर बनने के बाद से खाद्य कारोबारियों पर कार्रवाई तेज कर दी है। मई से अब तक विभाग की टीमों ने 3,000 से ज्यादा जगहों पर जांच और छापेमारी की है। इस दौरान कुछ बड़े फूड ब्रांड के आउटलेट भी कार्रवाई की चपेट में आए हैं। चार डोमिनोज आउटलेट और एक पिज्जा हट आउटलेट के लाइसेंस भी निलंबित किए गए हैं।

अयूब समेत चार रेस्टोरेंट के लाइसेंस निलंबित

महाराष्ट्र FDA ने 23 अगस्त को साउथ मुंबई के मशहूर रेस्टोरेंट अयूब का फूड लाइसेंस सस्पेंड कर दिया। विभाग की टीम ने 22 अगस्त को फोर्ट स्थित रेस्टोरेंट की जांच की थी। जांच में खाने-पीने की चीजों को सही तरीके से न रखने, कच्चे और पके भोजन को अलग नहीं रखने, मक्खियों की मौजूदगी और गंदगी जैसी कई कमियां मिलीं। इसके अलावा नालियों की सफाई, पानी जमा होने, पेस्ट कंट्रोल और कर्मचारियों की स्वच्छता में भी खामियां पाई गईं। महाराष्ट्र में खाद्य सुरक्षा नियमों के तहत चलाए गए अभियान में अयूब समेत चार रेस्टोरेंट के लाइसेंस निलंबित किए गए। इनमें कुर्ला का एक रेस्टोरेंट और नागपुर के दो आउटलेट भी शामिल हैं।

31 अन्य प्रतिष्ठानों को जारी किया नोटिस

FDA ने राज्य के 31 अन्य प्रतिष्ठानों को कमियां दूर करने के लिए नोटिस जारी किए। इसके अलावा विभाग ने 2.24 करोड़ रुपये से ज्यादा के फूड प्रोडक्ट्स भी जब्त किए। ये कार्रवाई राज्य में खुले खाद्य तेल की बिक्री पर रोक को लेकर चल रहे विवाद के बीच हुई है। महाराष्ट्र में फूड सुरक्षा अभियान के बीच खुले खाने के तेल की बिक्री पर रोक को लेकर भी विवाद सामने आया। FDA ने पहले पूरे राज्य में इस रोक को सख्ती से लागू करने की बात कही और दुकानदारों की छूट की मांग को खारिज कर दिया। वहीं करीब एक घंटे बाद विभाग ने अपना यह बयान वापस ले लिया, जिससे मामले को लेकर असमंजस की स्थिति बन गई। महाराष्ट्र में खुले खाने के तेल की बिक्री पर आगे कोई फैसला लेने से पहले राज्य सरकार नियमों को स्पष्ट करने के लिए एक बैठक करेगी।

Gen Alpha मैदान में, पटना BPSC प्रदर्शन में 6 साल के आदित्य आया सुर्खियों में, CM सम्राट चौधरी के इस्तीफे की कर दी मांग

Gen Alpha मैदान में, पटना BPSC प्रदर्शन में 6 साल के आदित्य आया सुर्खियों में, CM सम्राट चौधरी के इस्तीफे की कर दी मांग

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बिहार की राजधानी पटना में मंगलवार को बीपीएससी परीक्षा से जुड़ी मांगों को लेकर छात्रों और नौकरी के अभ्यर्थियों के प्रदर्शन के बीच एक झुग्गी बस्ती में रहने वाला 6 साल का बच्चा आदित्य अचानक चर्चा का केंद्र बन गया। टी-शर्ट, डेनिम की पैंट और माथे पर तिलक लगाए आदित्य ने प्रदर्शन में शामिल होने के बाद पत्रकारों से बातचीत में राजनीतिक टिप्पणी करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के इस्तीफे की मांग कर दी। आदित्य ने पत्रकारों से कहा, “मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को इस्तीफा देना चाहिए और लाठीचार्ज का आदेश देने वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।”

 

पुलिस ने हिरासत में लेने की बात से किया इनकार

प्रदर्शन के बाद पुलिस आदित्य को थाने ले गई और उसकी मां को सौंप दिया। पुलिस ने स्पष्ट किया कि बच्चे को गिरफ्तार नहीं किया गया था, बल्कि उसकी सुरक्षा को देखते हुए कुछ समय के लिए थाने में रखा गया था। इससे पहले सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा था कि पुनाईचक इलाके के रहने वाले आदित्य को प्रदर्शन में शामिल होने के कारण गिरफ्तार कर लिया गया है। हालांकि, पुलिस ने इन दावों को खारिज कर दिया। PTI के मुताबिक, पुलिस ने बताया कि बच्चे को केवल सुरक्षा के लिहाज से अस्थायी तौर पर थाने लाया गया था।

 

एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि बच्चे की मां और दिहाड़ी मजदूर पिता को भी बच्चे को लेकर अधिक सावधानी बरतने की सलाह दी गई। अधिकारी के मुताबिक, जिस इलाके में तनाव की स्थिति थी, वहां बच्चे को अकेले घूमने नहीं देना चाहिए था।

प्रदर्शनकारियों ने लगाए ‘Gen Alpha’ के नारे

 

जब आदित्य को थाने से छोड़ा गया तो प्रदर्शनकारियों ने “Gen Alpha” के नारे लगाने शुरू कर दिए। देखते ही देखते बच्चा प्रदर्शनकारियों के बीच आकर्षण का केंद्र बन गया।

 

आदित्य के माता-पिता और उसे जानने वाले लोगों के मुताबिक, प्रदर्शन स्थल पर उसकी मौजूदगी के पीछे मुख्य वजह आसपास हो रही घटनाओं को लेकर उसकी जिज्ञासा थी। हालांकि, पत्रकारों से बातचीत में आदित्य ने कहा कि वह “भविष्य को लेकर चिंतित एक नागरिक के तौर पर अपने अधिकारों का इस्तेमाल कर रहा है।”

 

CM आवास की ओर बढ़ रहे छात्रों की पुलिस से झड़प

 

मंगलवार को बीपीएससी परीक्षा से जुड़ी मांगों को लेकर छात्रों और नौकरी के अभ्यर्थियों का प्रदर्शन उस समय तनावपूर्ण हो गया, जब प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ने लगे। इस दौरान उनकी पुलिस से झड़प हो गई। प्रदर्शनकारियों द्वारा बैरिकेड तोड़ने और पुलिस पर पत्थरबाजी किए जाने के बाद पुलिस ने वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया और कथित तौर पर लाठीचार्ज भी किया। झड़प में कई लोगों को हिरासत में लिया गया, जबकि कुछ प्रदर्शनकारियों और पुलिसकर्मियों के घायल होने की भी खबर है।