बिना बारिश कैसे बह गए पुल और गांव? नेपाल बाढ़ पर बड़ा खुलासा, जानिए चीन-नेपाल बॉर्डर पर क्या हुआ था!

Nepal Flash Flood: नेपाल की भोटकोशी नदी में आई अचानक और भीषण बाढ़ ने काफी तबाही मचाई है। इस आपदा को लेकर नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि तिब्बती क्षेत्र में आए भूकंप की वजह से संभवतः हिमस्खलन हुआ, जिसने आगे चलकर इस विनाशकारी बाढ़ का रूप ले लिया। शुरुआती जानकारियों के आधार पर माना जा रहा है कि भूकंप के झटकों की वजह से पहले हिमस्खलन हुआ और उसके बाद भोटकोशी नदी का जलस्तर अचानक बेकाबू हो गया।

तिब्बत में आया था 4.4 तीव्रता का भूकंप

यूएस जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) के आंकड़ों के मुताबिक गोसाईंकुंड से करीब 47 किलोमीटर उत्तर में स्थित तिब्बती क्षेत्र में सुबह करीब 8:37 बजे 4.4 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था। इस भूकंप, हिमस्खलन और नदी में आई अचानक बाढ़ के बीच के संबंधों को लेकर अब एक्सपर्ट अपनी जांच कर रहे हैं।

बर्फ गिरने से रुका था ल्हेन्दे नदी का प्रवाह

काठमांडू यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर और जलवायु शोधकर्ता रिजान भक्त कायस्थ के शुरुआती आकलन के मुताबिक एक बड़े हिमस्खलन की वजह से ल्हेन्दे नदी का रास्ता अवरुद्ध हो गया था। इससे भारी मात्रा में पानी इकट्ठा होता गया और जैसे ही यह रुकावट या प्राकृतिक बांध टूटा, पानी का एक बहुत बड़ा सैलाब नीचे की ओर बहा और भोटकोशी नदी में भीषण बाढ़ आ गई। कायस्थ ने बताया कि नेपाल की ओर से गिरे बर्फ के पहाड़ ने ल्हेन्दे नदी को रोक दिया था जबकि उसी समय के आसपास तिब्बत की तरफ भूकंप भी महसूस किया गया था। अधिकारी अब इस बात की कड़ियां जोड़ रहे हैं कि क्या भूकंप ने ही इस हिमस्खलन को उकसाया था।

2025 में भी घटी थी ऐसी ही घटना

भोटकोशी नदी में इस तरह की अचानक बाढ़ की घटना पहली बार नहीं हुई है। इससे पहले 8 जुलाई 2025 को भी नदी में इसी तरह का अचानक उफान आया था। उस समय जल विज्ञान और मौसम विज्ञान विभाग ने पुष्टि की थी कि रसुवा में नेपाल-चीन सीमा के पास ल्हेन्दे नदी में हिमनद झील के फटने की वजह से बाढ़ की स्थिति पैदा हुई थी।

31 लोगों की मौत, सैकड़ों लापता और भारी तबाही

बागमती प्रांत की स्थानीय पुलिस के मुताबिक इस भीषण बाढ़ में मरने वालों की संख्या बढ़कर कम से कम 31 हो चुकी है जबकि सैकड़ों लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। प्रभावित इलाकों में बड़े पैमाने पर खोज और बचाव अभियान चलाए जा रहे हैं। पानी के अचानक और तेज बहाव ने भोटकोशी नदी के किनारे बसे कई गांवों और बस्तियों को पूरी तरह तबाह कर दिया है।

जलविद्युत परियोजनाओं को पहुंचा बड़ा नुकसान

इस प्राकृतिक आपदा का सबसे बड़ा असर इलाके के इंफ्रास्ट्रक्चर पर पड़ा है। रिपोर्टों के मुताबिक बाढ़ की वजह से इस क्षेत्र की कम से कम एक दर्जन जलविद्युत परियोजनाएं क्षतिग्रस्त हो गई हैं। जारी राहत और बचाव कार्यों के बीच इस स्तर की तबाही ने नदी के तटीय इलाकों में रहने वाले समुदायों और अहम इंन्फ्रा स्ट्रक्चर की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं।

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Nepal Flash Flood: नेपाल में सैलाब के बीच कैलाश मानसरोवर जा रहे 400 लोगों के साथ क्या हुआ?

Nepal Flash Flood: नेपाल और चीन सीमा से सटे इलाकों में अचानक आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। नेपाल के रसुवा जिले में स्थित भोटे कोशी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से सीमावर्ती गांव और बस्तियां पानी के तेज बहाव में बह गईं। इस आपदा में कई लोगों की जान जाने की खबर है जबकि कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए तिब्बत की ओर जा रहे करीब 400 श्रद्धालु रसुवागढ़ी क्षेत्र में लापता या संपर्क से बाहर हो गए हैं। प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री पहुंचाने के साथ-साथ लापता लोगों की तलाश में जुट गया है।

93 नेपाली नागरिकों सहित 390 से अधिक यात्री फंसे

काठमांडू स्थित ‘टच कैलाश ट्रेवल्स एंड टूर्स’ के प्रबंध निदेशक बासु कुमार अधिकारी के मुताबिक बुधवार 26 अगस्त को कुल 390 यात्रियों को सीमा पार करना था। इनमें 93 नेपाली नागरिक भी शामिल थे। ये सभी श्रद्धालु अलग-अलग ट्रेवल एजेंसियों के माध्यम से यात्रा पर निकले थे। उन्होंने बताया कि दोपहर 3 बजे तक इनमें से कुछ ही लोगों से संपर्क हो पाया था जबकि अधिकांश श्रद्धालुओं के बारे में फिलहाल कोई जानकारी नहीं मिल सकी है।

लापता यात्रियों में सम्राट टूर्स एंड ट्रेवल्स के 71, लीफ हॉलीडेज के 55, काठमांडू हॉलीडेज के 17, कैलाश जर्नी के 31, एक्सप्लोर वेकेशन के 7, ट्रेकर्स सोसाइटी के 92, रिचा टूर्स के 12, फिशटेल टूर एंड ट्रेवल्स के 27, हिमालयन ग्लेशियर के 62 और अल्पाइन इको ट्रेक के 16 ग्राहक शामिल हैं। ट्रेकिंग एजेंसीज एसोसिएशन ऑफ नेपाल के अध्यक्ष सागर पांडे ने बताया कि लापता श्रद्धालुओं से संपर्क साधने और उनकी स्थिति का आकलन करने के लिए लगातार कोशिश की जा रही है।

भोटे कोशी नदी में अचानक उछाल से 19 लोगों की मौत

नेपाल पुलिस के प्रवक्ता अबी नारायण काफ्ले ने एएफपी को बताया कि तिब्बत की ओर से अचानक आए पानी के तेज बहाव की वजह से सुबह करीब 9 बजे रसुवा जिले की भोटे कोशी नदी में भीषण बाढ़ आ गई। इस बाढ़ ने टिमुरे और स्याप्रु बेसी इलाकों में जबरदस्त तबाही मचाई है। पुलिस प्रवक्ता के मुताबित अब तक 19 शव बरामद किए जा चुके हैं। बचाव और राहत के काम चल रहे हैं।

बाढ़ के असर के कारण पुलिस बल के कई जवान भी संपर्क से बाहर हो गए हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने मंत्रिपरिषद के साथ एक अहम बैठक की अध्यक्षता की और प्रभावित क्षेत्रों में खोज व बचाव अभियानों में तेजी लाने के निर्देश जारी किए।

भारत ने जताया दुख, हर संभव मदद का दिया आश्वासन

नेपाल में आई इस प्राकृतिक आपदा पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह से फोन पर बात कर इस त्रासदी में हुई जनहानि पर संवेदना प्रकट की। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि उन्होंने नेपाल के प्रधानमंत्री से बात की है और भारत इस कठिन घड़ी में नेपाल के भाइयों और बहनों के साथ एकजुटता से खड़ा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारत नेपाल को हर संभव मानवीय सहायता प्रदान करने के लिए तैयार है और दोनों देशों की टीमें राहत व बचाव कार्यों में आपस में गहरा समन्वय बना रही हैं।

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सोने और चांदी पर घट सकती है इंपोर्ट ड्यूटी, सरकार प्रस्ताव पर कर रही विचार

सोने और चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी जल्द घट सकती है। सरकार इस बारे में विचार कर रही है। सरकार को ऐसा लग रहा है अनऑफिशियल चैनल से सोने और चांदी के इंपोर्ट की वजह ज्यादा इंपोर्ट ड्यूटी हो सकती है। हालांकि, अभी इस बारे में अंतिम फैसला होना बाकी है। तीन सूत्रों ने मनीकंट्रोल को यह जानकारी दी है।

इंपोर्ट ड्यूटी घटाने से सोने की स्मगलिंग में आ सकती है कमी

सरकार से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि सरकार में एक वर्ग इस पर विचार कर रहा है कि क्या इंपोर्ट ड्यूटी घटाने से सोने की स्मगलिंग पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी और फॉर्मल चैनल से सोने के आयात को बढ़ावा मिलेगा। बुलियन ट्रेडर्स के प्रतिनिधियों और ज्वेलर्स पहले से इंपोर्ट ड्यूटी को 15 फीसदी से घटाकर 6 फीसदी करने की मांग कर रहे हैं।

सरकार ने इस साल मई में इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाने का ऐलान किया था

सरकार ने 13 मई, 2026 को इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाने का ऐलान किया था। सरकार का मानना था कि ड्यूटी बढ़ाने से सोने और चांदी के इंपोर्ट में कमी आएगी। इससे विदेश मुद्रा भंडार पर दबाव कम होगा। दरअसल, भारत सोने की अपनी जरूरत का ज्यादातर हिस्सा आयात से पूरी करता है। इस पर सरकार को डॉलर खर्च करने पड़ते हैं।

इंडस्ट्री के प्रतिनिधि इंपोर्ट ड्यूटी घटाने की कर रहे हैं मांग

इस बारे में कमेंट के लिए फाइनेंस मिनिस्ट्री को भेजे गए ईमेल का जवाब नहीं मिला। इंडस्ट्री के प्रतिनिधियों का कहना है कि इंपोर्ट ड्यूटी घटाने से कानूनी तरीके से आयातित गोल्ड और स्मगलिंग से लाए गए गोल्ड की कॉस्ट के बीच का फर्क कम हो सकता है। इससे स्मगलिंग में दिलचस्पी कम हो सकती है।

भारत सालाना 700-800 टन सोने का आयात करता है

भारत दुनिया में सोने का सबसे ज्यादा इंपोर्ट करने वाले देशों में शामिल है। हर साल भारत करीब 700-800 टन सोने का इंपोर्ट करता है। भारत यूएई, थाइलैंड और सिंगापुर जैसे देशों को गोल्ड ज्वेलरी का एक्सपोर्ट भी करता है। इस साल इंपोर्ट ड्यूटी से पहले अप्रैल में गोल्ड का आयात साल दर साल आधार पर करीब 82 फीसदी बढ़ा था।

सोने के ज्यादा आयात से विदेशी मुद्रा भंडार पर बढ़ता है दबाव

सोने का आयात बढ़ने से देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव बढ़ता है। साथ ही करेंट अकाउंट डेफिसिट (CAD) में भी इजाफा होता है। इसका सीधा असर डॉलर के मुकाबले रुपये के एक्सचेंज रेट पर पड़ता है। इस साल मई के मध्य तक डॉलर के मुकाबले रुपया 6 फीसदी कमजोर हो चुका था।

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इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाने के बाद देश में बढ़ी है सोने की स्मगलिंग 

इस साल मई में सोने का आयात करीब 34 फीसदी बढ़ा। इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाने के पहले दो महीनों में इंपोर्ट पर देखने को मिला। जून और जुलाई में यह सिर्फ 5.5 फीसदी बढ़कर 6.13 अरब डॉलर रहा। लेकिन, इंडस्ट्री के एक सूत्र ने बताया कि ड्यूटी बढ़ने से सोने की स्मगलिंग काफी बढ़ी है।

Mercedes-Benz reveals long-wheelbase GLE L in China

Mercedes-Benz reveals long-wheelbase GLE L in China
Mercedes-Benz reveals long-wheelbase GLE L in China

Mercedes-Benz has revealed the long-wheelbase version of the GLE SUV, called the GLE L, at the 2026 Chengdu Auto Show in China. Currently built in China, the Mercedes-Benz GLE L has a 120mm longer wheelbase than the standard-wheelbase model and is offered with two turbo-petrol engine options. 

  1. Engine options include 2.0L 4-cyl turbo-petrol and 3.0L 6-cyl turbo-petrol mills
  2. Gets a boss mode feature that tilts the front passenger seat by 10.91 degrees
  3. Also features new rear seat entertainment screens and a China-specific AI assistant

Mercedes-Benz GLE L: All you need to know

Gets a new boss mode and rear entertainment screens 

What’s new is a boss mode feature, which tilts the front passenger seat by 10.91 degrees for enhanced rear-seat comfort. Mercedes states that this feature is derived from the more opulent Maybach GLS. The GLE L also gets new rear seat entertainment screens and an indigenous AI assistant.

Offers two turbo-petrol engines, which are the same as the standard-wheelbase model

Mercedes-Benz will offer the GLE L in two trim levels: 350 L 4Matic and 450 L 4Matic, with the same turbo-petrol engine options as the standard-wheelbase model. The ‘350’ has a 2.0-litre four-cylinder turbo-petrol engine producing 258hp and 400Nm, while the ‘450’ has a 3.0-litre inline-six turbo-petrol engine that produces 381hp and 560Nm. Both the engines are available with a 45V mild-hybrid assist and are mated to a 9-speed automatic transmission that sends power to all four wheels (AWD). 

Notably, the standard-wheelbase GLE is also offered in a ‘580’ version with a 537hp, 4-litre twin-turbo V8, a plug-in-hybrid ‘450e’, and two diesel versions: 350d and 450d. 

Everything else is similar to the standard-wheelbase model

Save for the additional wheelbase and redesigned alloy wheels, there is no difference in how the Mercedes-Benz GLE LWB looks compared to the standard-wheelbase model. It continues with a gloss-black grille with a chrome surround and a plethora of tristar elements, and the same dual-barrel headlights with tristar-shaped LED DRLs. The rear design is also identical, with wraparound taillights sporting triangular LED elements, joined by a black trim and dual exhaust tips.

The interior design of the China-spec GLE L is identical to the standard-wheelbase SUV. It features three 12.3-inch screens on the dashboard, one each for the instrumentation, infotainment and front passenger entertainment, and a 3-spoke steering wheel with touch-enabled buttons and physical rocker and roller toggles.

There is no word from Mercedes-Benz about the long-wheelbase GLE’s India launch. The manufacturer offers the E-Class and the V-Class in their respective long-wheelbase avatars in the country. Moreover, there is a growing interest in long-wheelbase cars in the luxury segment, which could make the GLE L an interesting proposition in India. Interestingly, the GLE’s prime rival, the BMW X5, is slated to launch in India in 2027 in a long-wheelbase avatar. 

Urban Company Share: BofA ने रेटिंग घटाई, शेयर में तीन दिन की तेजी पर भी ब्रेक लगा

Urban Company Share: टेक्नोलॉजी से जुड़े होम-सर्विस प्लेटफॉर्म Urban Company के शेयर में बुधवार को गिरावट आई। इसके साथ लगातार तीन दिन से चल रही तेजी भी थम गई। इसकी वजह है ग्लोबल ब्रोकरेज Bank of America यानी BofA की नई रिपोर्ट।

BofA ने Urban Company की रेटिंग ‘न्यूट्रल’ से घटाकर ‘अंडरपरफॉर्म’ कर दी है। ब्रोकरेज को शेयर की मौजूदा कीमत ज्यादा लग रही है। कंपनी को घाटा भी हो रहा है। ऊपर से Instant Help कारोबार में मुकाबला बढ़ रहा है।

शेयर 0.69% गिरा

बुधवार को NSE पर Urban Company का शेयर 0.69% गिरकर ₹168.12 पर बंद हुआ। हालांकि, इससे पहले तीन कारोबारी दिनों में शेयर करीब 16% चढ़ चुका था।

जून तिमाही के नतीजों के बाद शेयर करीब 30% ऊपर जा चुका था। इसी तेजी के बाद BofA ने अपना रुख बदला है। ब्रोकरेज ने शेयर का टारगेट ₹155 रखा है। यानी मौजूदा भाव से करीब 8% नीचे जाने का अनुमान है।

Instant Help कारोबार चिंता बढ़ा रहा

BofA की सबसे बड़ी चिंता Urban Company का Instant Help कारोबार है। कंपनी इस सेगमेंट में तेजी से पैसा लगा रही है। लेकिन अभी यहां घाटा काफी बढ़ गया है।

ब्रोकरेज का मानना है कि इस कारोबार में मुकाबला और बढ़ेगा। इससे कंपनी की कमाई पर दबाव आ सकता है। Urban Company को Snabbit और Pronto जैसी कंपनियों से टक्कर मिल रही है। दोनों ने हाल में पैसा भी जुटाया है। इसका मतलब है कि मुकाबला आगे और तेज हो सकता है।

InstaHelp का घाटा 13 गुना बढ़ा

InstaHelp का EBITDA घाटा तेजी से बढ़ा है। FY26 की पहली तिमाही में यह करीब ₹10 करोड़ था। FY27 की पहली तिमाही में घाटा बढ़कर करीब ₹130 करोड़ हो गया। यानी कंपनी इस कारोबार को तेजी से बढ़ाने के लिए पैसा लगा रही है। लेकिन फिलहाल इसका असर मुनाफे पर नहीं दिख रहा है।

BofA ने इसी वजह से Urban Company के कमाई अनुमान भी घटाए हैं। FY28 के लिए अब उसे प्रति शेयर ₹0.73 का घाटा होने का अनुमान है। पहले यह अनुमान ₹0.59 के घाटे का था। FY29 के लिए EPS अनुमान भी ₹2.27 से घटाकर ₹1.41 कर दिया गया है।

UBS और Emkay की राय अलग

Urban Company पर सभी ब्रोकरेज की राय एक जैसी नहीं है। इससे पहले UBS ने शेयर पर कवरेज शुरू की थी। उसने इसे ‘Buy’ रेटिंग दी थी। UBS का मानना है कि भारत का ऑनलाइन होम सर्विस बाजार तेजी से बढ़ सकता है। UBS ने इस बदलाव को भारत के क्विक कॉमर्स में आए ‘Blinkit मोमेंट’ जैसा बताया था।

इसके बाद Emkay ने भी शेयर पर कवरेज शुरू की। उसने ‘Buy’ रेटिंग दी और ₹190 का टारगेट दिया। Emkay को उम्मीद है कि FY26 से FY29 के बीच भारत का कंज्यूमर सर्विस मार्केट करीब 19.8% CAGR से बढ़ सकता है।

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WhatsApp में आया बड़ा सिक्योरिटी अपग्रेड, अब हैकर्स और स्कैम कॉल्स से मिलेगी छुट्टी

WhatsApp Security Features: WhatsApp तीन नए सिक्योरिटी फीचर ला रहा है, जिनका मकसद यूजर अकाउंट को ज्यादा सुरक्षित बनाना और लोगों को संभावित स्कैम कॉल की पहचान करने में मदद करना है। Meta के मालिकाना हक वाले इस मैसेजिंग प्लेटफॉर्म ने बताया कि अब 1 अरब से ज्यादा यूजर passkeys से अपने अकाउंट सुरक्षित रखते हैं, जो बिना पासवर्ड वाले ऑथेंटिकेशन के बढ़ते इस्तेमाल को दिखाता है। इस उपलब्धि के साथ-साथ, कंपनी ने अपने टू-स्टेप वेरिफिकेशन सिस्टम को अपग्रेड किया है और Android पर अनजान नंबरों के लिए कॉलर से जुड़ी अतिरिक्त जानकारी (कॉलर कॉन्टेक्स्ट) देने की सुविधा भी शुरू की है।

अब 1 अरब से ज्यादा यूजर्स passkeys का इस्तेमाल करते हैं

Passkeys WhatsApp के सबसे जरूरी सिक्योरिटी फीचर्स में से एक बन गया है। इसमें यूजर्स को पासवर्ड डालने या SMS से वेरिफिकेशन कोड आने का इंतजार करने की जरूरत नहीं पड़ती। इसके बजाय, वे अपने फोन के फिंगरप्रिंट स्कैनर, Face ID या स्क्रीन लॉक की मदद से साइन इन कर सकते हैं।

WhatsApp के अनुसार, एक अरब से ज्यादा लोगों ने पहले ही Passkeys को इनेबल कर लिया है, जिससे यह किसी भी मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर बिना पासवर्ड वाले ऑथेंटिकेशन के सबसे बड़े रोल-आउट में से एक बन गया है।

वहीं, कंपनी ने इस फीचर को और बेहतर बनाते हुए यूजर्स को एक ही अकाउंट पर कई Passkeys रजिस्टर करने की सुविधा दी है। यह उन लोगों के लिए खास तौर पर फायदेमंद है जो Android और iPhone दोनों डिवाइस का इस्तेमाल करते हैं, क्योंकि अब वे वन-टाइम वेरिफिकेशन कोड पर निर्भर हुए बिना किसी भी प्लेटफॉर्म से सुरक्षित रूप से WhatsApp का इस्तेमाल कर सकते हैं।

यूजर्स Settings > Account > Passkeys पर जाकर इस फीचर को इनेबल कर सकते हैं।

टू-स्टेप वेरिफिकेशन में बड़ा अपग्रेड

WhatsApp अपने टू-स्टेप वेरिफिकेशन सिस्टम को भी मजबूत कर रहा है। पहले, यूजर्स अपने अकाउंट को सिर्फ छह अंकों के PIN से सुरक्षित रख सकते थे। अब कंपनी इसमें पूरा पासवर्ड सेट करने का ऑप्शन दे रही है।

नए पासवर्ड में अक्षर, नंबर और स्पेशल कैरेक्टर हो सकते हैं, जिससे साधारण छह अंकों वाले कोड की तुलना में इनका अंदाजा लगाना काफी मुश्किल हो जाता है। सुरक्षा की यह अतिरिक्त परत अकाउंट को तब भी सुरक्षित रखने में मदद करती है, जब कोई यूजर का वन-टाइम वेरिफिकेशन कोड हासिल कर ले।

इसके साथ ही, WhatsApp उन यूजर्स को मजबूत पासवर्ड अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है जो अभी भी कमजोर PIN का इस्तेमाल करते हैं, ताकि वे अपने अकाउंट की सुरक्षा को बेहतर बना सकें।

अनजान कॉलर के बारे में अब ज्यादा जानकारी मिलेगी

यूजर्स को स्कैम कॉल्स से बचाने के लिए, WhatsApp Android डिवाइस के लिए कॉलर की जानकारी देने वाला एक नया फीचर ला रहा है।

जब किसी ऐसे नंबर से कॉल आएगा जो यूज़र के कॉन्टैक्ट्स में सेव नहीं है, तो WhatsApp कॉल उठाने से पहले ही उसके बारे में कुछ और जानकारी दिखाएगा। इसमें यह जानकारी शामिल होगी कि क्या कॉलर किसी दूसरे देश से है और क्या यूजर और वह व्यक्ति किसी कॉमन WhatsApp ग्रुप में शामिल हैं।

इस अतिरिक्त जानकारी का मकसद यूजर्स को यह तय करने में मदद करना है कि कॉल उठाने से पहले उन्हें वह कॉल असली लग रहा है या नहीं। चूंकि स्कैमर्स अक्सर जल्दबाजी और अनजान नंबरों का इस्तेमाल करते हैं, इसलिए ये अतिरिक्त डिटेल्स लोगों को संदिग्ध कॉल्स की पहचान आसानी से करने में मदद कर सकती हैं।

WhatsApp अकाउंट की सुरक्षा को और मजबूत कर रहा है

हाल की घोषणाओं से पता चलता है कि WhatsApp अकाउंट की सुरक्षा और यूजर की प्राइवेसी को बेहतर बनाने पर लगातार ध्यान दे रहा है। एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन से बातचीत पहले से ही सुरक्षित है; इसके अलावा, Passkeys, मजबूत पासवर्ड-बेस्ड टू-स्टेप वेरिफिकेशन और बेहतर कॉलर जानकारी जैसे फीचर्स यूजर्स को अकाउंट हैक होने और स्कैम की कोशिशों से बचाने के लिए सुरक्षा की कई परतें देते हैं।

ये नए फीचर्स दुनिया भर के यूजर्स के लिए जारी किए जा रहे हैं। इससे WhatsApp की उस कोशिश को और बल मिलता है जिसके तहत वह सुविधा से समझौता किए बिना अपने मैसेजिंग प्लेटफॉर्म को और ज्यादा सुरक्षित बनाना चाहता है।

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MG Hector Tomahawk PHEV exterior and interior image gallery

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MG Hector Tomahawk PHEV Front Quarter

Alongside the fully electric model, JSW MG Motor has also launched the plug-in hybrid version of the Hector Tomahawk. Called the MG Hector Tomahawk PHEV, it too is based on the company’s ADAPT platform. The plug-in hybrid option pairs a 1.5-litre Atkinson-cycle petrol engine with a single electric motor and a 20.5kWh battery pack. The brand claims a maximum range of over 1,100km (on a full tank and charge), while the quoted 0-100kph time of the MG Hector Tomahawk PHEV is 9 seconds.

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Meerut : मेरठ पुलिस लाइन में बनेगा कैंसर स्क्रीनिंग सेंटर, 60 लाख रुपए होंगे खर्च, आम लोगों को भी मिलेगी सुविधा, AIIMS के एक्सपर्ट्‍स देंगे परामर्श

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मेरठ पुलिस लाइन परिसर स्थित नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में जल्द ही कैंसर स्क्रीनिंग एवं रेफरल सेंटर आकार लेता नजर आएगा। करीब 60 लाख रुपए की सांसद निधि से बनने वाले इस केंद्र का उद्देश्य आम लोगों के मन से कैंसर का भय खत्म करना, रोग की प्रारंभिक अवस्था में पहचान करते हुए मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध करना है। इस केंद्र पर पुलिसकर्मियों के साथ आम नागरिकों को भी स्क्रीनिंग की सुविधा मिलेगी। जांच के दौरान कैंसर की आशंका या पुष्टि होने पर मरीजों को आवश्यकता के अनुसार उच्च चिकित्सा संस्थानों के लिए रेफर किया जाएगा।

 

 आज इस सेंटर के नवीन भवन के निर्माण के लिए भूमिपूजन किया गया। राज्यसभा सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी की सांसद निधि से भवन और उपकरणों की व्यवस्था की जाएगी। कार्यक्रम के दौरान अतिथियों को तुलसी के पौधे भेंट कर सम्मानित किया गया। ममता, गुड्डी समेत कई आशा कार्यकर्ताओं को कैंसर की चिकित्सा किट भी वितरित की गईं।

 

 प्रदेश की पहली पुलिस लाइन में कैंसर स्क्रीनिंग सेंटर

राज्यसभा सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने कहा कि मेरठ पुलिस लाइन प्रदेश की पहली पुलिस लाइन होगी, जहां कैंसर स्क्रीनिंग सेंटर स्थापित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार और प्रदेश सरकार आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं। उन्होंने स्वास्थ्यकर्मियों से कैंसर मरीजों का मनोबल बढ़ाने और उन्हें समय पर जांच व उपचार के लिए प्रेरित करने की अपील की।

 

अपर पुलिस महानिदेशक भानु भास्कर ने कहा कि जागरूकता की कमी और समय पर जांच नहीं कराने के कारण कई मामलों में कैंसर की पहचान देर से होती है। स्क्रीनिंग सेंटर शुरू होने के बाद शुरुआती अवस्था में बीमारी की पहचान करने में मदद मिलेगी। इससे मरीज को समय रहते विशेषज्ञ उपचार के लिए भेजा जा सकेगा।

 

मंडलायुक्त भानु चंद्र गोस्वामी ने कहा कि केंद्र का लाभ पुलिसकर्मियों के साथ आम नागरिकों को भी मिलेगा। कैंसर की समय रहते पहचान होने पर उपचार की प्रक्रिया जल्द शुरू कराने में मदद मिलेगी और मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा तक पहुंचाने का रास्ता आसान होगा। 

 

राज्यसभा सांसद लक्ष्मीकांत ने कहा कि मेरठ पुलिस लाइन प्राथमिक चिकित्सा केन्द्र के इंचार्ज डाक्टर अंकुर त्यागी का विशेष योगदान है, इस कैंसर स्कैनिंग सेंटर खोलने के लिए। वह हमेशा कहते थे कि इस बीमार से लड़ने के लिए और सुलभ इलाज के लिए सेंटर होना चाहिए, आज भूमिपूजन कर दिया गया है, चार महीने में यह सेंटर अपना रूप ले लेगा, लेकिन तब तक अस्थायी सेंटर द्वारा सैंपल लेकर इलाज शुरू कर दिया जायेगा। 

 

भवन और उपकरणों पर खर्च होंगे करीब 60 लाख रुपये

 

प्रस्ताव के अनुसार सेंटर के नए भवन के निर्माण पर 36.65 लाख रुपये और उपकरणों की खरीद पर 23.05 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे। इस तरह भवन और उपकरणों पर कुल करीब 59.70 लाख रुपए की राशि खर्च होगी।

 

केंद्र शुरू होने के बाद लोगों को प्रारंभिक जांच के लिए निजी संस्थानों या दूसरे शहरों में जाने की जरूरत कम होगी। जांच के बाद जरूरत के अनुसार मरीजों को जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों के साथ समन्वय करते हुए आगे के उपचार के लिए भेजा जाएगा।

 

एम्स के विशेषज्ञों से मिलेगा परामर्श

 

सेंटर की एक खास सुविधा यह होगी कि जांच में कैंसर की पुष्टि होने या जटिल स्थिति सामने आने पर एम्स नई दिल्ली और झज्जर के विशेषज्ञ चिकित्सकों से दूरभाष के माध्यम से परामर्श लिया जा सकेगा। जरूरत पड़ने पर मरीजों को उच्च चिकित्सा संस्थानों में रेफर किया जाएगा।

 

सभी मरीजों की जांच और उपचार से संबंधित जानकारी डिजिटल रूप से सुरक्षित रखने की भी व्यवस्था की जाएगी। इससे मरीज के फॉलोअप और आगे के उपचार में चिकित्सकों को जरूरी जानकारी उपलब्ध कराने में सुविधा होगी।

 

मुंह से लेकर स्तन और प्रोस्टेट कैंसर तक की होगी स्क्रीनिंग

 

इस केंद्र में विभिन्न प्रकार के कैंसर की प्रारंभिक स्क्रीनिंग की जाएगी। इनमें प्रमुख रूप से मुंह का कैंसर, स्तन कैंसर, गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) कैंसर, प्रोस्टेट कैंसर, हड्डियों से संबंधित कैंसर अन्य संदिग्ध कैंसर की प्रारंभिक जांच शामिल हैं। जांच के दौरान संदिग्ध मामला मिलने पर मरीज को आवश्यकतानुसार आगे की जांच और उपचार के लिए रेफर किया जाएगा।

 

चार स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती का प्रस्ताव

 

सेंटर के संचालन के लिए एक पुरुष स्टाफ नर्स, दो महिला स्टाफ नर्स, एक एक्स-रे तकनीशियन और एक लैब तकनीशियन की तैनाती का प्रस्ताव है। इससे स्क्रीनिंग, जांच और मरीजों को आगे रेफर करने की प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से संचालित करने में मदद मिलेगी। कार्यक्रम में एडीजी भानु भास्कर, डीआईजी कलानिधि नैथानी, मंडलायुक्त भानु चंद्र गोस्वामी, एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राम प्रसाद, मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आरसी गुप्ता समेत स्वास्थ्य विभाग और पुलिस विभाग के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।

Meerut : मेरठ पुलिस लाइन में बनेगा कैंसर स्क्रीनिंग सेंटर, 60 लाख रुपए होंगे खर्च, आम लोगों को भी मिलेगी सुविधा, AIIMS के एक्सपर्ट्‍स देंगे परामर्श

Meerut : मेरठ पुलिस लाइन में बनेगा कैंसर स्क्रीनिंग सेंटर, 60 लाख रुपए होंगे खर्च, आम लोगों को भी मिलेगी सुविधा, AIIMS के एक्सपर्ट्‍स देंगे परामर्श

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मेरठ पुलिस लाइन परिसर स्थित नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में जल्द ही कैंसर स्क्रीनिंग एवं रेफरल सेंटर आकार लेता नजर आएगा। करीब 60 लाख रुपए की सांसद निधि से बनने वाले इस केंद्र का उद्देश्य आम लोगों के मन से कैंसर का भय खत्म करना, रोग की प्रारंभिक अवस्था में पहचान करते हुए मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध करना है। इस केंद्र पर पुलिसकर्मियों के साथ आम नागरिकों को भी स्क्रीनिंग की सुविधा मिलेगी। जांच के दौरान कैंसर की आशंका या पुष्टि होने पर मरीजों को आवश्यकता के अनुसार उच्च चिकित्सा संस्थानों के लिए रेफर किया जाएगा।

 

 आज इस सेंटर के नवीन भवन के निर्माण के लिए भूमिपूजन किया गया। राज्यसभा सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी की सांसद निधि से भवन और उपकरणों की व्यवस्था की जाएगी। कार्यक्रम के दौरान अतिथियों को तुलसी के पौधे भेंट कर सम्मानित किया गया। ममता, गुड्डी समेत कई आशा कार्यकर्ताओं को कैंसर की चिकित्सा किट भी वितरित की गईं।

 

 प्रदेश की पहली पुलिस लाइन में कैंसर स्क्रीनिंग सेंटर

राज्यसभा सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने कहा कि मेरठ पुलिस लाइन प्रदेश की पहली पुलिस लाइन होगी, जहां कैंसर स्क्रीनिंग सेंटर स्थापित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार और प्रदेश सरकार आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं। उन्होंने स्वास्थ्यकर्मियों से कैंसर मरीजों का मनोबल बढ़ाने और उन्हें समय पर जांच व उपचार के लिए प्रेरित करने की अपील की।

 

अपर पुलिस महानिदेशक भानु भास्कर ने कहा कि जागरूकता की कमी और समय पर जांच नहीं कराने के कारण कई मामलों में कैंसर की पहचान देर से होती है। स्क्रीनिंग सेंटर शुरू होने के बाद शुरुआती अवस्था में बीमारी की पहचान करने में मदद मिलेगी। इससे मरीज को समय रहते विशेषज्ञ उपचार के लिए भेजा जा सकेगा।

 

मंडलायुक्त भानु चंद्र गोस्वामी ने कहा कि केंद्र का लाभ पुलिसकर्मियों के साथ आम नागरिकों को भी मिलेगा। कैंसर की समय रहते पहचान होने पर उपचार की प्रक्रिया जल्द शुरू कराने में मदद मिलेगी और मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा तक पहुंचाने का रास्ता आसान होगा। 

 

राज्यसभा सांसद लक्ष्मीकांत ने कहा कि मेरठ पुलिस लाइन प्राथमिक चिकित्सा केन्द्र के इंचार्ज डाक्टर अंकुर त्यागी का विशेष योगदान है, इस कैंसर स्कैनिंग सेंटर खोलने के लिए। वह हमेशा कहते थे कि इस बीमार से लड़ने के लिए और सुलभ इलाज के लिए सेंटर होना चाहिए, आज भूमिपूजन कर दिया गया है, चार महीने में यह सेंटर अपना रूप ले लेगा, लेकिन तब तक अस्थायी सेंटर द्वारा सैंपल लेकर इलाज शुरू कर दिया जायेगा। 

 

भवन और उपकरणों पर खर्च होंगे करीब 60 लाख रुपये

 

प्रस्ताव के अनुसार सेंटर के नए भवन के निर्माण पर 36.65 लाख रुपये और उपकरणों की खरीद पर 23.05 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे। इस तरह भवन और उपकरणों पर कुल करीब 59.70 लाख रुपए की राशि खर्च होगी।

 

केंद्र शुरू होने के बाद लोगों को प्रारंभिक जांच के लिए निजी संस्थानों या दूसरे शहरों में जाने की जरूरत कम होगी। जांच के बाद जरूरत के अनुसार मरीजों को जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों के साथ समन्वय करते हुए आगे के उपचार के लिए भेजा जाएगा।

 

एम्स के विशेषज्ञों से मिलेगा परामर्श

 

सेंटर की एक खास सुविधा यह होगी कि जांच में कैंसर की पुष्टि होने या जटिल स्थिति सामने आने पर एम्स नई दिल्ली और झज्जर के विशेषज्ञ चिकित्सकों से दूरभाष के माध्यम से परामर्श लिया जा सकेगा। जरूरत पड़ने पर मरीजों को उच्च चिकित्सा संस्थानों में रेफर किया जाएगा।

 

सभी मरीजों की जांच और उपचार से संबंधित जानकारी डिजिटल रूप से सुरक्षित रखने की भी व्यवस्था की जाएगी। इससे मरीज के फॉलोअप और आगे के उपचार में चिकित्सकों को जरूरी जानकारी उपलब्ध कराने में सुविधा होगी।

 

मुंह से लेकर स्तन और प्रोस्टेट कैंसर तक की होगी स्क्रीनिंग

 

इस केंद्र में विभिन्न प्रकार के कैंसर की प्रारंभिक स्क्रीनिंग की जाएगी। इनमें प्रमुख रूप से मुंह का कैंसर, स्तन कैंसर, गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) कैंसर, प्रोस्टेट कैंसर, हड्डियों से संबंधित कैंसर अन्य संदिग्ध कैंसर की प्रारंभिक जांच शामिल हैं। जांच के दौरान संदिग्ध मामला मिलने पर मरीज को आवश्यकतानुसार आगे की जांच और उपचार के लिए रेफर किया जाएगा।

 

चार स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती का प्रस्ताव

 

सेंटर के संचालन के लिए एक पुरुष स्टाफ नर्स, दो महिला स्टाफ नर्स, एक एक्स-रे तकनीशियन और एक लैब तकनीशियन की तैनाती का प्रस्ताव है। इससे स्क्रीनिंग, जांच और मरीजों को आगे रेफर करने की प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से संचालित करने में मदद मिलेगी। कार्यक्रम में एडीजी भानु भास्कर, डीआईजी कलानिधि नैथानी, मंडलायुक्त भानु चंद्र गोस्वामी, एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राम प्रसाद, मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आरसी गुप्ता समेत स्वास्थ्य विभाग और पुलिस विभाग के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।

Nepal Flash Flood: नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ चीन से किए गए एकतरफा प्यार का नतीजा! लोकल पत्रकार ने किया सनसनीखेज दावा

Nepal Flash Flood: नेपाल और चीन के सीमावर्ती इलाकों में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद दोनों देशों के कूटनीतिक संबंधों में एक नया विवाद खड़ा हो गया है। तिब्बत की तरफ से आई इस अचानक बाढ़ ने नेपाल के सीमावर्ती गांवों में भारी तबाही मचाई है। इस भीषण आपदा के बीच नेपाल के एक प्रमुख पत्रकार ने बीजिंग पर समय रहते अर्ली वार्निंग न देने का आरोप लगाते हुए कड़ा हमला बोला है। उन्होंने सवाल उठाया है कि आखिर काठमांडू को चीन के साथ अपने संबंधों में इस एकतरफा प्यार का खामियाजा क्यों भुगतना पड़ रहा है।

नेपाली पत्रकार का बीजिंग पर सीधा निशाना

विदेश और सामरिक मामलों के वरिष्ठ नेपाली पत्रकार परशुराम काफ्ले ने बीजिंग द्वारा पूर्व चेतावनी न दिए जाने पर अप्रत्यक्ष लेकिन बेहद तीखा हमला बोला है। उन्होंने चीन का नाम लिए बिना उसे नेपाल का उत्तरी पड़ोसी कहकर संबोधित किया और आरोप लगाया कि समय पर अलर्ट न भेजकर उसने नेपाल की स्थिति को गंभीर रूप से कमजोर किया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट शेयर करते हुए काफ्ले ने लिखा कि ‘नेपाल अपने पड़ोसियों की जायज सुरक्षा चिंताओं का लगातार समाधान करता रहा है। हालांकि बेहद दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि हमारे उत्तरी पड़ोसी ने हमें काफी नुकसान पहुंचाया है। इतनी बड़ी आपदा की समय पर पूर्व चेतावनी न देकर उन्होंने हमारे यहां बड़े पैमाने पर जन-धन की हानि की वजह तैयार की।’

एकतरफा प्यार की कीमत अकेला नेपाल क्यों चुकाए?

अपनी पोस्ट में काफ्ले ने नेपाल और चीन के बीच के इस द्विपक्षीय रिश्ते के स्वरूप पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि चीनी क्षेत्र से उत्पन्न होने वाले संकटों का सामना नेपाल को बार-बार करना पड़ता है जबकि काठमांडू बीजिंग की हर छोटी-बड़ी मांग और चिंताओं का ख्याल रखता है। काफ्ले ने आगे लिखा कि ‘हम लगातार उनके क्षेत्र (चीन) से शुरू होने वाले संकटों का सामना करते आ रहे हैं जबकि हम उनकी सभी जरूरतों और अनावश्यक-आवश्यक चिंताओं को पूरा करते रहते हैं। आखिर इस एकतरफा प्यार की कीमत अकेले नेपाल को ही क्यों चुकानी पड़े?’

सीमा पर भारी तबाही, भोटेकोशी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ा

यह विवाद उस समय शुरू हुआ जब बुधवार सुबह तिब्बत सीमा से लगे नेपाल के रसुवा जिले में अचानक विनाशकारी बाढ़ आ गई। तिब्बती क्षेत्र से अचानक पानी के भारी सैलाब ने करीब सुबह 9 बजे नेपाल की भोटेकोशी नदी में प्रवेश किया। इस जल प्रलय के चलते सीमावर्ती टिमुरे और स्याप्रु बेसी इलाकों में तबाही देखने को मिली। नदी के तेज बहाव ने कई रिहायशी बस्तियों, इंफ्रास्ट्रक्चर, गाड़ियों और सड़कों को अपनी चपेट में ले लिया और भारी नुकसान पहुंचाया।

सेना और पुलिस के साथ युद्ध स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन

आपदा की गंभीरता को देखते हुए नेपाल सरकार ने तुरंत राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं। नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने प्रभावित इलाकों में तुरंत राहत कार्य चलाने और खोज अभियान को गति देने के निर्देश दिए हैं। आधिकारिक बयानों के मुताबिक प्रभावित बस्तियों में राहत पहुंचाने और लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए नेपाली सेना, सशस्त्र पुलिस बल और नेपाल पुलिस के जवानों को तैनात किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि नुकसान का आकलन अभी किया जा रहा है और हताहतों व मौतों की सटीक संख्या अभी स्पष्ट होना बाकी है।

क्रॉस-बॉर्डर अर्ली वार्निंग सिस्टम पर उठे सवाल

इस भीषण बाढ़ ने दो पड़ोसी देशों के बीच सीमा पार सूचना साझा करने के तंत्रकी पोल खोलकर रख दी है। संवेदनशील और आपदा-संभावित सीमावर्ती क्षेत्रों में अचानक जलस्तर बढ़ने जैसी आपदाओं की जानकारी साझा करना बेहद जरूरी माना जाता है। इस घटना ने काठमांडू और बीजिंग के बीच कूटनीतिक और सामरिक विश्वास पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है।

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