नेपाल में तबाही के बाद यूपी अलर्ट पर! सीमावर्ती जिलों में बढ़ाई गई निगरानी, राकेश टिकैत भी बाढ़ में फंसे

Nepal Flood: बुधवार को उत्तर प्रदेश प्रशासन ने महाराजगंज और कुशीनगर जैसे सीमावर्ती जिलों में निगरानी बढ़ा दी है। साथ ही, नेपाल में आई भयानक अचानक बाढ़ के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए किसी भी आपात स्थिति से निपटने की तैयारी शुरू कर दी है। अधिकारियों ने बताया कि नेपाल में आई बाढ़ से इन दोनों जिलों में गंडक और नारायणी नदियों का जलस्तर बढ़ने की संभावना है।

वहीं, राहत आयुक्त कार्यालय ने नेपाल में बाढ़ से प्रभावित उत्तर प्रदेश के निवासियों के लिए एक एडवाइजरी जारी की है। इसमें कहा गया है कि अगर राज्य का कोई व्यक्ति नेपाल में फंसा है या उसे किसी मदद की जरूरत है, तो उनके रिश्तेदार तुरंत राज्य के हेल्पलाइन नंबर 1070 पर संपर्क करें।

माना जा रहा है कि उत्तर प्रदेश के कई लोग पड़ोसी देश में फंसे हुए हैं। किसान नेता राकेश टिकैत, जो अपने साथियों के साथ सड़क मार्ग से नेपाल गए थे, पोखरा में फंस गए।

बता दें कि बाढ़ ने चितवा, रसुवा, नुवाकोट और धाडिंग जिलों में कई सड़कों और पुलों को बहा दिया है।

भाकियू के नेता जारी किया वीडियो संदेश

भारतीय किसान यूनियन के नेता ने एक वीडियो संदेश में कहा, “हालात को देखते हुए हम कल फ्लाइट से काठमांडू पहुंचेंगे और वहां से फ्लाइट से दिल्ली जाएंगे। हम अपनी गाड़ियां वहीं छोड़ देंगे क्योंकि सड़क मार्ग से यात्रा करना संभव नहीं होगा।”

उन्होंने कहा कि यूपी के किसान संगठनों के सदस्य नेपाल में हैं और उनसे कहा गया है कि वे वहां फंसे भारतीयों और स्थानीय लोगों की मदद करें।

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नेपाल में अचानक आई बाढ़ से हुए नुकसान को गंभीर चिंता का विषय बताया और प्रभावित सभी लोगों की सुरक्षा और भलाई के लिए भगवान पशुपतिनाथ से प्रार्थना की। साथ ही स्थानीय प्रशासन को निर्देश दिया कि वे नदी के जलस्तर पर कड़ी नजर रखें और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क रहें।

महराजगंज में अलर्ट, गंडक नदी की 24 घंटे निगरानी

वहीं, महाराजगंज में जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है और गंडक नदी की चौबीसों घंटे निगरानी के आदेश दिए हैं, क्योंकि पानी का बढ़ा हुआ बहाव भोटेकोशी-त्रिशूली नदी प्रणाली के जरिए निचले इलाकों को प्रभावित कर सकता है।

जिला मजिस्ट्रेट गौरव सिंह सोगरवाल ने राजस्व विभाग, पुलिस, SDRF और अन्य एजेंसियों को अलर्ट पर रहने और जरूरत पड़ने पर निचले और नदी के किनारे बसे जोखिम वाले इलाकों से लोगों को सुरक्षित, ऊंचे स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था करने का निर्देश दिया है।

प्रशासन ने निवासियों से अपील की है कि वे नदियों, नालों और पानी से भरे इलाकों के पास न जाएं और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें, साथ ही बच्चों, बुज़ुर्गों और मवेशियों को जोखिम वाले इलाकों से दूर रखें।

कुशीनगर में गांवों को खाली कराने का आदेश, प्रशासन अलर्ट

कुशीनगर में जिला प्रशासन ने मर्चहवा, शिवपुर समेत कई गांवों को खाली कराने का आदेश दिया है। साथ ही लोगों को सुरक्षित जगहों पर जाने की सलाह देने के लिए लगातार लाउडस्पीकर से ऐलान भी किया जा रहा है।

अधिकारियों के मुताबिक, नारायणी नदी का जलस्तर अगले दो घंटे में और बढ़ सकता है। इसे देखते हुए प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने को कहा है।

जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने बताया कि नेपाल में हुई भारी बारिश से पैदा हुई स्थिति को देखते हुए सभी संबंधित विभागों को अलर्ट कर दिया गया है।

उन्होंने आगे कहा कि खड्डा तहसील में नारायणी नदी के किनारे बाढ़ की आशंका वाले इलाकों में रहने वाले लोगों को खास तौर पर सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

गांव वालों से कहा गया है कि वे सुरक्षित और ऊंचे स्थानों पर जाने के लिए तैयार रहें, क्योंकि नदी का जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में बाढ़ आ सकती है।

खड्डा तहसील के दियारा इलाके में शिवपुर, हरिहरपुर, नारायणपुर, मरचहवा और बसंतपुर गांवों में खास निगरानी रखी जा रही है, क्योंकि नेपाल में बारिश से नारायणी नदी का जलस्तर प्रभावित हो सकता है।

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Welspun Corp में ₹1433 करोड़ की ब्लॉक डील, प्रमोटर ग्रुप और CEO ने बेची 2.4% हिस्सेदारी

पाइप और स्टील मैन्युफैक्चरिंग कंपनी Welspun Corp में बुधवार यानी 26 अगस्त को बड़ी ब्लॉक डील हुई। NSE पर करीब ₹1,433 करोड़ के शेयरों की खरीद-बिक्री हुई। इस डील में प्रमोटर ग्रुप की कंपनी Welspun Investments and Commercials और कंपनी के MD और CEO विपुल माथुर ने मिलकर करीब 63 लाख शेयर बेचे।

NSE के आंकड़ों के मुताबिक, ये शेयर औसतन ₹2,275.30 प्रति शेयर के भाव पर बिके। कुल शेयर कंपनी की करीब 2.4% हिस्सेदारी के बराबर हैं।

Capital Group ने खरीदे ज्यादातर शेयर

इस ब्लॉक डील में Capital Group की तीन कंपनियां बड़ी खरीदार बनकर सामने आईं। तीनों ने मिलकर करीब 42.3 लाख शेयर खरीदे। यह Welspun Corp की करीब 1.64% हिस्सेदारी है।

Euro Pacific Growth Fund सबसे बड़ा खरीदार रहा। उसने करीब 29.5 लाख शेयर खरीदे। यह कंपनी की करीब 1.12% हिस्सेदारी है। इस खरीद के लिए फंड ने करीब ₹670.3 करोड़ खर्च किए।

New World Fund ने करीब 8.4 लाख शेयर खरीदे। यह करीब 0.32% हिस्सेदारी है। इसके लिए करीब ₹191.51 करोड़ खर्च किए गए। Capital Group Europacific Growth Trust ने करीब 4.4 लाख शेयर खरीदे। इसकी हिस्सेदारी करीब 0.2% है और डील की वैल्यू करीब ₹100.9 करोड़ रही।

इन तीनों फंड ने मिलकर करीब ₹963 करोड़ के शेयर खरीदे। बाकी करीब 20.7 लाख शेयर किसने खरीदे, इसकी जानकारी फिलहाल उपलब्ध आंकड़ों में नहीं है।

कंपनी को नहीं मिलेगा डील का पैसा

यह डील सेकेंडरी शेयर सेल है। यानी इसमें कंपनी नए शेयर जारी नहीं कर रही है। शेयर मौजूदा शेयरधारकों ने बेचे हैं। इसलिए डील से मिला पैसा Welspun Corp के खाते में नहीं जाएगा। यह रकम Welspun Investments and Commercials और विपुल माथुर को मिलेगी।

2026 में बढ़ी ब्लॉक डील

Welspun Corp की यह डील इस साल भारतीय बाजार में बढ़ी सेकेंडरी शेयर सेल्स की बड़ी तस्वीर का हिस्सा है। Prime Database के आंकड़ों के मुताबिक, 2026 में अब तक प्रमोटर्स, फाउंडर्स और प्राइवेट इक्विटी निवेशकों ने 9,616 ब्लॉक और बल्क डील के जरिए करीब ₹3.63 लाख करोड़ के शेयर बेचे हैं।

इस दौरान घरेलू म्यूचुअल फंड और इंश्योरेंस कंपनियों ने बाजार में आई इस सप्लाई का कुछ हिस्सा खरीदा है। वहीं विदेशी निवेशक भारतीय शेयरों को लेकर अभी भी सावधानी बरत रहे हैं।

Welspun Corp का शेयर बुधवार को NSE पर 1.49% गिरकर ₹2,310.50 पर बंद हुआ।

पैकेजिंग कंपनी 1:1 बोनस शेयर का देगी, ₹3 डिविडेंड का डिविडेंड; जानिए पूरी डिटेल

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

आस्था स्पिनटेक्स ने डिविडेंड के लिए 9 सितंबर को तय की रिकॉर्ड डेट, 1:1 बोनस पर 16 सितंबर को फैसला

गुजरात की इंटीग्रेटेड कॉटन यार्न कंपनी आस्था स्पिनटेक्स लिमिटेड ने शेयरधारकों के लिए कई बड़े ऐलान किए हैं। कंपनी ने FY26 के डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड डेट तय की है। वहीं 1:1 बोनस शेयर के प्रस्ताव पर 16 सितंबर को होने वाली AGM में शेयरधारकों की मंजूरी ली जाएगी।

कंपनी का बोर्ड पहले ही बोनस, डिविडेंड और कारोबार को यार्न से फैब्रिक तक ले जाने की योजना को मंजूरी दे चुका है। अब AGM में इन प्रस्तावों पर अंतिम मंजूरी की प्रक्रिया पूरी होगी।

9 सितंबर रिकॉर्ड डेट

आस्था स्पिनटेक्स ने FY26 के फाइनल डिविडेंड के लिए बुधवार, 9 सितंबर 2026 को रिकॉर्ड डेट तय की है। यानी इस तारीख को कंपनी के रिकॉर्ड में जिन निवेशकों के शेयर होंगे, वे डिविडेंड के लिए पात्र होंगे।

कंपनी के बोर्ड ने ₹10 फेस वैल्यू वाले प्रत्येक शेयर पर ₹0.10 के फाइनल डिविडेंड की सिफारिश की है। हालांकि, डिविडेंड का भुगतान शेयरधारकों की AGM में मंजूरी मिलने के बाद ही होगा।

1:1 बोनस शेयर पर भी फैसला

कंपनी की 13वीं AGM 16 सितंबर 2026 को होगी। इसमें 1:1 बोनस शेयर के प्रस्ताव पर शेयरधारकों की मंजूरी ली जाएगी। इसका मतलब है कि आपके पास कंपनी का एक शेयर है, तो बोनस के तौर पर एक और शेयर मिलेगा।

कंपनी ₹10 फेस वैल्यू वाले पूरी तरह पेड-अप बोनस शेयर जारी करेगी। इसके लिए कंपनी अपने फ्री रिजर्व, सिक्योरिटीज प्रीमियम और कैपिटल रिडेम्पशन रिजर्व से ₹44.14 करोड़ तक की राशि का इस्तेमाल करेगी।

शेयर कैपिटल भी बढ़ेगा

बोनस इश्यू के लिए कंपनी की अधिकृत शेयर पूंजी बढ़ाने का प्रस्ताव भी रखा गया है। इसे ₹45 करोड़ से बढ़ाकर ₹100 करोड़ किया जाएगा। इससे कंपनी के पास भविष्य में ज्यादा शेयर जारी करने की गुंजाइश बढ़ेगी।

कंपनी का कहना है कि यह कदम उसके कारोबार को आगे बढ़ाने की योजना का हिस्सा है। कंपनी अब सिर्फ कॉटन यार्न तक सीमित नहीं रहना चाहती।

यार्न से फैब्रिक कारोबार में जाएगी कंपनी

आस्था स्पिनटेक्स ने अपनी थ्री-पिलर ग्रोथ स्ट्रेटेजी पेश की है। इसमें वित्तीय प्रदर्शन मजबूत करना, शेयरधारकों को रिवॉर्ड देना और यार्न से फैब्रिक तक कारोबार को बढ़ाना शामिल है।

कंपनी अब ग्रे फैब्रिक और दूसरे वैल्यू-एडेड फैब्रिक प्रोडक्ट्स पर भी फोकस करेगी। इसके लिए अपने ब्रांड के तहत फॉरवर्ड इंटीग्रेशन किया जाएगा। आसान भाषा में कहें तो कंपनी यार्न बनाने के बाद उससे जुड़े अगले कारोबार में भी उतरना चाहती है।

Falcon Yarns का ₹51.46 करोड़ का ऑर्डर बुक

कंपनी की हाल में अधिग्रहित Falcon Yarns Private Limited के पास भी मजबूत ऑर्डर बुक है। अगस्त से अक्टूबर 2026 के बीच पूरा किए जाने वाले ऑर्डर्स की कुल वैल्यू करीब ₹51.46 करोड़ है।

इस ऑर्डर बुक में घरेलू बाजार के 10 से ज्यादा ग्राहकों के 38 ऑर्डर शामिल हैं। इनके तहत करीब 17.35 लाख किलोग्राम कॉटन यार्न की सप्लाई की जाएगी। इन ग्राहकों में Fair Deal, Elkins Tradlinks, A M Trading और Ventex Textile शामिल हैं।

पैकेजिंग कंपनी 1:1 बोनस शेयर का देगी, ₹3 डिविडेंड का डिविडेंड; जानिए पूरी डिटेल

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

एशियन जूनियर क्लासिकल चेस चैंपियनशिप 2026 में भारत की एतिहासिक डबल जीत

भारत ने एशियन जूनियर क्लासिकल चेस चैंपियनशिप 2026 में यादगार ‘डबल’ जीत हासिल की। यहाँ आईटीसी मराठा शेरेटन में मयंक चक्रवर्ती और प्रतीति बोरदोलोई ने क्रमशः ओपन और गर्ल्स कैटेगरी के खिताब जीते।

टॉप सीड मयंक ने अपनी उम्मीदों पर खरा उतरते हुए नौ राउंड की ओपन चैंपियनशिप में 7.5 पॉइंट के साथ गोल्ड मेडल जीता। रूस के आर्टेम पिंगिन ने 7 पॉइंट के साथ सिल्वर मेडल हासिल किया, जबकि भारत के दक्ष गोयल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 6.5 पॉइंट के साथ ब्रॉन्ज़ मेडल जीता।

प्रतीति ने नौ राउंड में 7.5 पॉइंट के साथ गर्ल्स चैंपियनशिप जीतकर भारत के लिए ‘गोल्डन डबल’ पूरा किया। कजाकिस्तान की मारिया खोल्यावको 7 पॉइंट के साथ (आधे पॉइंट से पीछे रहकर) सिल्वर मेडल की हकदार बनीं, जबकि भारत की निवेदिता वी सी ने 6.5 पॉइंट के साथ ब्रॉन्ज़ मेडल हासिल किया।

मेडल के अलावा, यह चैंपियनशिप कई खिलाड़ियों के लिए बहुत फायदेमंद रही, जिन्होंने प्रतिष्ठित फिडे खिताब और नॉर्म्स हासिल किए। ओपन चैंपियन मयंक चक्रवर्ती, जो पहले से ही जीएम-इलेक्ट (ग्रैंडमास्टर बनने की राह पर) हैं, ने खिताब जीतने वाले अपने प्रदर्शन से एक और ग्रैंडमास्टर नॉर्म हासिल किया। ब्रॉन्ज़ मेडल जीतने वाले दक्ष गोयल ने फिडे मास्टर खिताब और इंटरनेशनल मास्टर नॉर्म हासिल किया।

गर्ल्स चैंपियन प्रतीति बोरदोलोई को दोहरा फायदा हुआ। गोल्ड मेडल के अलावा, उन्होंने वुमन इंटरनेशनल मास्टर खिताब और वुमन ग्रैंडमास्टर नॉर्म भी हासिल किया।

सिल्वर मेडल जीतने वाली कजाकिस्तान की मारिया खोल्यावको ने वुमन इंटरनेशनल मास्टर नॉर्म हासिल किया, जबकि ब्रॉन्ज़ मेडल जीतने वाली भारत की निवेदिता वी सी ने भी वुमन इंटरनेशनल मास्टर नॉर्म हासिल किया।

ओवरऑल मेडल टैली में भारत का दबदबा दिखा; मेजबान देश ने क्लासिकल चैंपियनशिप में दांव पर लगे छह में से चार मेडल (दो गोल्ड और दो ब्रॉन्ज़) जीते। रूस और कजाकिस्तान ने बाकी मेडल (एक-एक सिल्वर) आपस में बांटे।

एशियन चेस फेडरेशन के सेक्रेटरी हिशाम अल-ताहेर ने एक शानदार क्लोजिंग सेरेमनी में पुरस्कार प्रदान किए, जिसके साथ चैंपियनशिप का शानदार समापन हुआ।एशियन जूनियर चेस चैंपियनशिप 2026 का आयोजन महाराष्ट्र चेस एसोसिएशन ने ऑल इंडिया चेस फेडरेशन और एशियन चेस फेडरेशन की ओर से किया था।

पैकेजिंग कंपनी 1:1 बोनस शेयर का देगी, ₹3 डिविडेंड का डिविडेंड; जानिए पूरी डिटेल

पैकेजिंग कंपनी Mold-Tek Packaging के बोर्ड ने 1:1 बोनस शेयर जारी करने को मंजूरी दे दी है। यानी आपके पास कंपनी का जितना शेयर है, उतने ही बोनस शेयर और मिलेंगे। हालांकि, इसके लिए शेयरधारकों की मंजूरी जरूरी होगी। कंपनी ने बुधवार यानी 26 अगस्त को एक्सचेंज फाइलिंग में इसकी जानकारी दी है। बोनस शेयर की रिकॉर्ड डेट बाद में घोषित की जाएगी।

1:1 बोनस शेयर का मतलब क्या है?

अगर आपके पास कंपनी के 100 शेयर हैं, तो बोनस इश्यू के बाद आपके पास 200 शेयर हो जाएंगे। कंपनी कुल 3.32 करोड़ नए शेयर जारी करेगी। हर शेयर की फेस वैल्यू ₹5 होगी। इसके लिए 31 मार्च 2026 तक मौजूद फ्री रिजर्व और रिटेन अर्निंग्स में से ₹16.61 करोड़ का इस्तेमाल किया जाएगा।

बोनस के बाद कंपनी के कुल शेयर करीब 3.32 करोड़ से बढ़कर 6.65 करोड़ हो जाएंगे। वहीं पेड-अप शेयर कैपिटल भी ₹16.61 करोड़ से बढ़कर ₹33.23 करोड़ हो जाएगा। कंपनी को उम्मीद है कि बोर्ड की मंजूरी के बाद दो महीने के भीतर बोनस इश्यू की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।

बोनस से पैसा दोगुना नहीं होता

यहां एक बात समझना जरूरी है। 1:1 बोनस का मतलब ये नहीं है कि निवेशक का पैसा सीधे दोगुना हो जाएगा। मान लीजिए आपके पास 100 शेयर हैं और शेयर की कीमत ₹700 है। आपकी कुल निवेश वैल्यू ₹70,000 हुई। बोनस के बाद शेयरों की संख्या 200 हो जाएगी, लेकिन शेयर की कीमत आम तौर पर एडजस्ट होकर करीब आधी हो जाती है।

यानी बोनस के तुरंत बाद आपकी कुल वैल्यू करीब उतनी ही रहती है। असली फायदा आगे हो सकता है। अगर कंपनी का कारोबार और मुनाफा बढ़ता है, तो ज्यादा शेयर होने का फायदा निवेशक को मिल सकता है।

कंपनी के पास ₹655 करोड़ से ज्यादा रिजर्व

31 मार्च 2026 तक Mold-Tek Packaging के पास कैपिटलाइजेशन के लिए ₹655.12 करोड़ के फ्री रिजर्व और शेयर प्रीमियम उपलब्ध थे। यानी बोनस इश्यू के लिए कंपनी के पास पर्याप्त रिजर्व मौजूद है। कंपनी ने अपने अधिकृत शेयर कैपिटल को भी बढ़ाने का फैसला किया है।

अधिकृत शेयर कैपिटल को ₹20 करोड़ से बढ़ाकर ₹40 करोड़ किया जाएगा। इसके लिए भी शेयरधारकों की मंजूरी जरूरी होगी। इससे कंपनी के पास भविष्य में ज्यादा शेयर जारी करने की गुंजाइश बढ़ जाएगी।

₹3 का फाइनल डिविडेंड भी मिलेगा

बोनस शेयर के साथ कंपनी ने डिविडेंड की भी घोषणा की है। बोर्ड ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ₹3 प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड की सिफारिश की है। कंपनी के शेयर की फेस वैल्यू ₹5 है। यानी यह डिविडेंड फेस वैल्यू का 60% है।

इस डिविडेंड को AGM में शेयरधारकों की मंजूरी मिलनी बाकी है। यहां एक बात ध्यान रखें। ₹3 का डिविडेंड मौजूदा शेयरों पर है और यह प्रस्तावित बोनस शेयर से अलग है।

Mold-Tek Packaging के शेयर का हाल

Mold-Tek Packaging के शेयर में बुधवार को 0.26% की बढ़त के साथ 708.65 रुपये बंद हुए। पिछले 6 महीने में स्टॉक 23.79% का रिटर्न दिया है। हालांकि, 1 साल में यह 10.18% गिरा है। कंपनी का मार्केट कैप 2.36 हजार करोड़ है।

Vedanta Aluminium share Price: मोतीलाल ओसवाल ने दी खरीदने की सलाह, शेयर 3 फीसदी उछला

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

पूर्वी यूपी के 21 व बुंदेलखंड के 7 जनपदों में कृषि उत्पादकता व अन्नदाताओं की आय में होगी वृद्धि : योगी

पूर्वी यूपी के 21 व बुंदेलखंड के 7 जनपदों में कृषि उत्पादकता व अन्नदाताओं की आय में होगी वृद्धि : योगी

Yogi Adityanath Agriculture MoU: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गूगल एवं ग्लोबल एंड नेटवर्क फॉर ह्यूमैनिटी, आईटीसी, एक्वाब्रिज के साथ हुए एमओयू एग्रीकल्चर प्रोडक्टिविटी, किसान की आय और यूपी में कृषि के भविष्य को नई दिशा देने का संकल्प हैं। यूपीएग्रीज प्रदेश के एग्रीकल्चर को प्रोडक्टिविटी से प्रॉस्पैरिटी व फ्यूचर इकॉनमी की ओर ले जाने की महत्वपूर्ण पहल है। इसका लक्ष्य केवल उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि किसान की आय, फॉर्मिंग की क्लाईमेट रेजिलिएंट कैपिसिटी (जलवायु अनुकूलन क्षमता) को वैल्यू एडिशन व रूरल एंटरप्रेन्योरशिप को एक साथ मजबूत करना भी है। ये एमओयू पूर्वी उत्तर प्रदेश के 21 तथा बुंदेलखंड के 7 जनपदों में कृषि उत्पादकता व अन्नदाताओं की आय में वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

 

मुख्यमंत्री की उपस्थिति में बुधवार को विश्व बैंक वित्तपोषित उत्तर प्रदेश एग्रीकल्चर ग्रोथ एंड रूरल एंटरप्राइज इकोसिस्टम स्ट्रेंथनिंग (यूपी-एग्रीज) परियोजना के अंतर्गत यूपीडीएएसपी (उत्तर प्रदेश विविधीकृत कृषि सहायता परियोजना) के साथ ये एमओयू हस्ताक्षरित किए गए।

 

इस अवसर पर सीएम योगी ने कहा कि गत वर्ष विश्व बैंक के अध्यक्ष का आगमन हुआ था। उप्र के वे क्षेत्र, जो उस समय कृषि प्रोडक्टिविटी में अत्यंत पिछड़े थे। वहां क्या होना चाहिए, इस पर उनसे चर्चा हुई, फिर यूपीएग्रीज की इस योजना को हमने आगे बढ़ाया। यूपीएग्रीज पीएम मोदी जी और विश्व बैंक के अध्यक्ष के विजन के अनुरूप यूपी में धरातल पर कार्य करते दिख रहा है। यह एमओयू उसी कड़ी को मजबूत तरीके से बढ़ाने के लिए किया गया है। हम दशकों तक यही सुनते रहे कि अन्नदाता किसानों की जय-जयकार होती थी। देश में अन्न उत्पादन बढ़ाने के दावे किए जाते थे। पैदावार बढ़ती भी थी, लेकिन किसान वहीं का वहीं खड़ा था। किसान को कभी नहीं बताया गया कि लागत कैसे घटेगी, उसकी फसल को कौन खरीदेगा और उसका माल मंडी तक कैसे जाएगा।

विश्व बैंक समर्थित इस परियोजना का फोकस पूर्वी उत्तर प्रदेश व बुंदेलखंड 

मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग 4000 करोड़ की विश्व बैंक समर्थित इस परियोजना का फोकस पूर्वी उत्तर प्रदेश व बुंदेलखंड है। जहां पोटेंशियल भी है और परिवर्तन की आवश्यकता भी। इन क्षेत्रों को पिछड़ेपन का पर्याय मानकर दशकों तक उपेक्षित छोड़ दिया गया था। जो क्षेत्र कभी सरकार के लिए चिंता व तनाव का कारण होता था, आज वही क्षेत्र सरकार की प्राथमिकता व प्रदेश के प्रोडक्टिविटी का कारण भी बन रहा है। हम पूर्वी उप्र व बुंदेलखंड के 28 जनपदों के 123 विकास खंडों में इस परियोजना को लागू कर रहे हैं।

इसका लक्ष्य लगभग 6 लाख हेक्टेयर क्षेत्र को कवर करते 10 लाख किसानों, 35 हजार मत्स्य उत्पादक किसानों व 3 लाख महिलाओं को लाभ पहुंचाना है। परियोजना के अंतर्गत खरीफ 2026 में 1.75 लाख हेक्टेयर क्षेत्र को आच्छादित किया गया है। रबी फसल (2026-27) में भी 1.75 लाख हेक्टेयर में गेहूं, मटर, चना, मसूर व सरसों आदि की उत्पादकता बढ़ाने का लक्ष्य है। हमें किसान को केवल प्रोड्यूसर नहीं, बल्कि आधुनिक कृषि व अर्थव्यवस्था का प्रॉस्पैरिटी पार्टनर भी बनाना है। 

साइंटिफिक व क्लाईमेटिक विजिलेंट

सीएम ने कहा कि ईरी के साथ पार्टनरशिप के माध्यम से साइंटिफिक व क्लाईमेटिक विजिलेंट जैसी पद्धतियों को खेतों तक पहुंचाया जा रहा है। खरीफ सत्र 2026 में 3000 हेक्टेयर क्षेत्र में डायरेक्ट सीडेड राइस (डीएसआर) का प्रयोग किया जा रहा है। धान के साथ मक्का, बाजरा, ज्वार, अरहर, तिल, उरद व मूंगफली जैसी फसलों को भी कार्ययोजना में सम्मिलित किया है। उप्र की कृषि परंपरा की शक्ति व आधुनिक विज्ञान के संगम से इसे बढ़ाने में मदद मिलेगी। ग्लोबल साइंस अब लोकल फॉर्म तक पहुंच रहा है। 

सीएम ने कहा कि गूगल एवं नेटवर्क फॉर ह्यूमैनिटी के साथ साझेदारी में ओपन नेटवर्क फॉर एग्रीकल्चर विकसित करने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। यह कृषि के लिए ऐसा डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर होगा, जिसका कॉन्सेप्ट यूपीआई और ओएनडीसी जैसे ओपन डिजिटल नेटवर्क मॉडल से भी प्रेरित है। इससे किसानों को अलग-अलग सेवाओं के लिए अलग ऐप व प्लेटफॉर्म की आवश्यकता नहीं होगी, बल्कि हमारा लक्ष्य एक ही इंटरफेस से मौसम, बाजार-मूल्य, मृदा, कृषि सलाह तथा विभिन्न एग्रीटेक सेवाओं तक उनकी पहुंच बनाना है। 

एग्रीटेक स्टार्टअप व कंपनियां किसानों तक सेवाएं पहुंचा सकेंगी

सीएम ने कहा कि एग्रीटेक स्टार्टअप व कंपनियां भी खुले नेटवर्क के माध्यम से बड़ी संख्या में किसानों तक सेवाएं पहुंचा सकेंगी। हमारा लक्ष्य लागत को कम करना, कम संसाधन व अधिक आय के साथ ही वैश्विक बाजार के अनुरूप गुणवत्ता उपलब्ध कराना भी है। यूपीएग्रीज के अंतर्गत धान और गेहूं के क्लाईमेट रेजिलिएंट कमोडिटी कलस्टर विकसित करने के लिए आईटीसी के साथ भी साझेदारी की जा रही है। दो लाख एकड़ से अधिक क्षेत्र में क्लाईमेट स्मार्ट एग्रीकल्चर का विस्तार प्रस्तावित है। इसमें आधुनिक पद्धति यानी शून्य जुताई, डायरेक्ट सीडेड राइस, क्लाईमेट रेजिलिएंट उन्नत बीज, डिसिजन न्यूट्रेंट मैनेजमेंट सम्मिलित होगा। 

 

सीएम ने कहा कि बहराइच में 1500 एकड़ का डीयू कंप्लाइन एंड एमआरएल मानकों के अनुरूप धान कलस्टर विकसित करने का प्रस्ताव है। किसान की प्रति एकड़ आय में 20-30 प्रतिशत वृद्धि, यूरिया के उपयोग को 25 फीसदी कम करने तथा श्रम व सिंचाई में 25-30 प्रतिशत की बचत का भी लक्ष्य रखा गया है। अब यूपी का किसान केवल अनाज उत्पादक नहीं रहेगा, बल्कि क्वालिटी, कैपेबिलिटी व एक्सपोर्ट स्टैंडर्ड से जुड़ी नई एग्री इकॉनमी का भी भागीदार बनेगा। 

 

सीएम ने कहा कि यूपीएग्रीज के अंतर्गत धान, गेहूं, मिर्च, मक्का, हरी मटर व टमाटर जैसी फसलों के लिए भी प्रमुख निजी कंपनियों के साथ साझेदारी की जा रही है, जिससे किसानों को बाजार व बेहतर खरीद की व्यवस्था उपलब्ध हो पाएगी। इसके अंतर्गत वैल्यू चेन के प्रत्येक चरण में उत्पादन, संग्रहण, भंडारण, प्रसंस्करण व बाजार को और मजबूत किया जाएगा। हम उत्तर प्रदेश में एक्वा कल्चर को साइंस, टेक्नोलॉजी, प्रोसेसिंग व एंटरप्रेन्योरशिप से जोड़कर पूर्ण ब्लू इकॉनमी इकोसिस्टम विकसित करना चाहते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए एक्वाब्रिज के साथ मत्स्य पालन को ट्रेडिशनल एक्टिविटी से टेक्नोलॉजी ड्रिवेन एंटरप्राइज की ओर बढ़ाने जा रहे हैं। एक्वाब्रिज के साथ साझेदारी के माध्यम से मत्स्य किसानों, सहकारिता समितियों व उद्यमियों को आधुनिक तकनीक व प्रशिक्षण से जोड़ा जाएगा। इसमें एआई आधारित एक्वाकल्चर मैनेजमेंट, ऑटोमैटिक फीडिंग टेक्नोलॉजी, आधुनिक प्रशिक्षण व कैपिसिटी बिल्डिंग पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

60 एकड़ क्षेत्र में इंटीग्रेटेड एक्वाकल्चर परियोजना

सीएम ने कहा कि यूपीएग्रीज के अंतर्गत उन्नाव में आईएमसी इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के तहत 60 एकड़ क्षेत्र में इंटीग्रेटेड एक्वाकल्चर परियोजना विकसित की जा रही है। इसमें हेचरी, फीड मैन्यूफेक्चरिंग, प्रोसेसिंग फैसिलिटी, डेडिकेटेड ट्रेनिंग सेंटर भी प्रस्तावित है। कृषि को खेत से फूड प्रोसेसिंग, एक्सपोर्ट एवं ग्लोबल वैल्यू चेन तक ले जाने की तैयारी है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के निकट मेगा फूड पार्क एवं एग्री एक्सपोर्ट सेंटर विकसित करने का प्रस्ताव है। इसका उद्देश्य यूपी की कृषि उपज को मंडी से आगे प्रोसेसिंग, वैल्यू एडिशन, लॉजिस्टिक व एक्सपोर्ट से जोड़ना है। यूपीएग्रीज का नया सूत्र व मूलदर्शन प्रोडक्टिविटी, टेक्नोलॉजी, क्लाईमेट रेजिलिएंट, मार्केट, एंटरप्राइज, फॉर्मर प्रॉस्पैरिटी है। हमारा लक्ष्य किसानों को बेहतर बीज और तकनीक से प्रोडक्टिविटी, क्लाईमेट स्मार्ट फॉर्मिंग से सस्टेनबिलिटी, डिजिटल नेटवर्क से इन्फॉर्मेशन एंड सर्विस तक पहुंच, कमोडिटी कलस्टर से बाजार, प्रोसेसिंग व इंफ्रास्ट्रक्चर से वैल्यू एडिशन, एफपीओ व निजी निवेशक के माध्यम से रूलर एंटरप्रेन्योरशिप और ग्रामीण विकास तक ले जाना है।

 

सीएम ने कहा कि 21वीं सदी मिट्टी व मौसम के साथ डेटा साइंस, साइंस टेक्नोलॉजी और मार्केट इंटेलिजेंस से भी संचालित होगी। यूपीएग्रीज के साथ प्रदेश सरकार कृषि को इस भविष्य के लिए तैयार कर रही है। हमारा लक्ष्य किसान को एग्री इनोवेशन की नई इकॉनमी का सक्रिय भागीदार बनाना है। यूपी कृषि का अगला चरण प्रोडक्टिविटी, सस्टेनबिलिटी व प्रॉस्पेरिटी को साथ लेकर चलने वाली स्मार्ट एग्री रेगुलेशन का केंद्र बनना है। जब खेत डिजिटल होंगे, खेती क्लाईमेट स्मार्ट होगी, उत्पादन क्वालिटी ड्रिवेन व बाजार ग्लोबल होगा तो किसान की आय में वृद्धि होगी। इससे कृषि मॉडल का स्वाभाविक परिणाम भी आएगा।

 

सीएम ने अतिथियों को ओडीओपी का स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया। इस अवसर पर श्रम व सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर, उप्र ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन के सीईओ मनोज कुमार सिंह, कृषि उत्पादन आयुक्त दीपक कुमार, प्रमुख सचिव (कृषि) रविंद्र, प्रमुख सचिव पंधारी यादव, विश्व बैंक के अनूप जगवानी, गूगल के सिद्धार्थ प्रकाश, एक्वाब्रिज से मो. ताबिश, नेटवर्क फॉर ह्यूमैनिटी से राधा किझनट्टम, आईटीसी के सचिन शर्मा, सीआईपी के निदेशक डॉ. सुधांशु सिंह, सिद्धि नायक एग्रो. लि. के हेमंत गौर आदि मौजूद रहे।

 

Nepal Flood Live Updates : नेपाल बाढ़ से तबाही, 92 की मौत, भारत ने भेजी मानवीय सहायता, 108 भारतीय लापता

Nepal Flood Live Updates : नेपाल बाढ़ से तबाही, 92 की मौत, भारत ने भेजी मानवीय सहायता, 108 भारतीय लापता

nepal floods

तिब्बत की सीमा से लगे मध्य नेपाल के जिलों में बुधवार सुबह अचानक आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचाई और कम से कम 95 लोगों की मौत हो गई वहीं 133 भारतीय नागरिक समेत करीब 500 लोग लापता हैं। बाढ़ से शहरों और गांवों में तबाही हुई, पुल बह गए और कम से कम एक दर्जन जलविद्युत परियोजनाएं क्षतिग्रस्त हो गईं। स्थानीय समयानुसार, सुबह करीब 9 बजे भोटेकोशी नदी में अचानक बाढ़ आई, जिससे तिब्बत की सीमा से लगे रसुवा और धादिंग जिले प्रभावित हुए। रसुवा, काठमांडू से करीब 125 किलोमीटर उत्तरपूर्व में स्थित है। नेपाल बाढ़ से जुड़ा पल-पल का अपडेट-

अयोध्या में रामलला को 10000, कर्मचारियों के लिए 4 करोड़ का दान

अयोध्या में रामलला को 10000, कर्मचारियों के लिए 4 करोड़ का दान

Ayodhya Ram Mandir

Nagalakshmi Donation Ayodhya: राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद भी श्रद्धालुओं की आस्था रत्ती भर नहीं डिगी है। तमिलनाडु के कोयंबटूर से अयोध्या आईं महिला श्रद्धालु एस. नागलक्ष्मी ने अटूट श्रद्धा की मिसाल पेश करते हुए रामलला के दर्शन किए और 10 हजार रुपए का चढ़ावा दिया। इसके साथ ही, मंदिर में दिन-रात सेवा देने वाले कर्मचारियों के लिए उन्होंने 4 करोड़ रुपए का चेक सौंपकर सभी को चकित कर दिया।

 

​बिड़ला धर्मशाला पर कटवाई रसीद, रखी विशेष शर्त

​महिला श्रद्धालु ने बिड़ला धर्मशाला के सामने स्थित यात्री सेवा केंद्र पर दान की प्रक्रिया पूरी की। इसके बाद वे रामघाट स्थित ट्रस्ट के अकाउंट कार्यालय पहुंचीं। उन्होंने लिखित अनुरोध करते हुए अपनी मंशा स्पष्ट की कि 4 करोड़ रुपए के इस विशाल दान का उपयोग राम मंदिर के कर्मचारियों की सुविधाओं को बेहतर बनाने और उनके वेतन में वृद्धि करने के लिए किया जाए।

 

​मंदिर व्यवस्था सुधारने के लिए दिए महत्वपूर्ण सुझाव

​दानवीर एस. नागलक्ष्मी ने मंदिर ट्रस्ट के अधिकारियों से भेंट कर व्यवस्थाओं को सुचारु बनाने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए। उन्होंने कहा कि रामलला की सेवा और परिसर की व्यवस्था संभालने वाले कर्मचारियों की सुविधाओं और उनके वेतन का ध्यान रखना भी भगवान की प्रत्यक्ष सेवा का ही एक हिस्सा है। ​दिन भर पूरे राम जन्मभूमि परिसर और तीर्थक्षेत्र में इस दानवीर महिला श्रद्धालु की उदारता की चर्चा होती रही।

हर 1,000 व्यूज पर ₹60! इस चीनी प्लेटफॉर्म ने क्रिएटर्स का खींचा ध्यान, YouTube को देगा कड़ी टक्कर

चीनी वीडियो-शेयरिंग प्लेटफॉर्म Bilibili अपने घरेलू बाजार से बाहर तेजी से विस्तार कर रहा है। ऐसे में एक खास कमाई के आंकड़े ने दुनिया भर के क्रिएटर्स का ध्यान अपनी ओर खींचा है। X पर RT की एक पोस्ट के अनुसार, Bilibili क्रिएटर्स को हर 1,000 व्यूज के लिए लगभग $0.70 (करीब 60 रुपये) का भुगतान कर रहा है। अगर यह दावा सही है, तो यह कदम प्लेटफॉर्म को कंटेंट क्रिएटर्स को आकर्षित करने में मदद कर सकता है क्योंकि यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर YouTube को टक्कर दे रहा है। हालांकि, कंपनी ने खुद इस पेमेंट की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

Bilibili की रिपोर्टेड पेमेंट

यह जानकारी RT के जरिए सामने आई, जिसने Bilibili के क्रिएटर प्रोग्राम पर चर्चा करते हुए यह आंकड़ा बताया। अगर यह सही है, तो एक मिलियन व्यूज पाने वाले क्रिएटर्स टैक्स और प्लेटफॉर्म के किसी भी एडजस्टमेंट से पहले लगभग $700 कमा सकते हैं। हालांकि, Bilibili के ऑफिशियल क्रिएटर प्रोग्राम डॉक्यूमेंटेशन में किसी तय CPM या RPM का जिक्र नहीं है।

इसके बजाय, प्लेटफॉर्म का कहना है कि कमाई ऑडियंस की लोकेशन, एडवर्टाइजर की डिमांड, कंटेंट कैटेगरी और मॉनेटाइजेशन प्रोडक्ट्स जैसी चीजों के आधार पर अलग-अलग हो सकती है। इसमें यह भी बताया गया है कि अनुमानित रेवेन्यू को इनवैलिड ट्रैफिक, रिफंड, फ्रॉड का पता लगाने, टैक्स और पॉलिसी लागू करने के आधार पर एडजस्ट किया जा सकता है।

मॉनेटाइजेशन के लिए जरूरी शर्तें

Bilibili के क्रिएटर प्रोग्राम की पॉलिसी के अनुसार, मॉनेटाइजेशन के लिए अप्लाई करने से पहले क्रिएटर्स के पास कम से कम 100 सब्सक्राइबर और 2,000 वैलिड पब्लिक व्यूज होने चाहिए। हालांकि, इन शर्तों को पूरा करने के बाद भी मोनेटाइजेशन मिलना तय नहीं है। क्योंकि प्लेटफॉर्म हर चैनल की जांच करता है। इसमें कंटेंट ओरिजिनल है या नहीं, कॉपीराइट नियमों का पालन हो रहा है या नहीं, कम्युनिटी गाइडलाइंस का उल्लंघन तो नहीं हुआ और अकाउंट की स्थिति जैसी चीजें देखी जाती हैं।

यह प्लेटफॉर्म खरीदे गए व्यूज, फेक सब्सक्राइबर, ऑटोमेटेड एंगेजमेंट और दूसरे तरह के बनावटी ट्रैफिक पर भी रोक लगाता है। इसके अलावा, क्रिएटर्स को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके द्वारा अपलोड किए गए सभी कंटेंट के मालिकाना हक उनके पास हों या उन्हें उस कंटेंट से कमाई करने की अनुमति मिली हो।

Bilibili का ग्लोबल विस्तार जारी है

यह पेमेंट की जानकारी तब सामने आई है जब Bilibili अपने इंटरनेशनल प्लान को तेजी से आगे बढ़ा रही है। सेमाफोर (Semafor) की एक पुरानी रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी ने अपना इंटरनेशनल ऐप फिर से लॉन्च किया है। इसके अलावा, वह इंग्लिश भाषा की वेबसाइट बना रही है और अमेरिका, यूरोप, जापान और लैटिन अमेरिका जैसे मार्केट में कम्युनिटी मैनेजर की भर्ती शुरू कर दी है।

बता दें कि Bilibili खुद को ऐसे क्रिएटर्स के लिए एक डेस्टिनेशन के तौर पर भी पेश कर रही है, जो नए ऑडियंस तक पहुंचना चाहते हैं और साथ ही कमाई का नए जरिया बनाना चाहते हैं। विज्ञापन के अलावा, कंपनी एक मार्केटप्लेस भी बना रही है जो स्पॉन्सरशिप के मौकों के लिए क्रिएटर्स को ब्रांड्स से जोड़ेगा।

हालांकि, प्रति 1,000 व्यूज पर $0.70 के पेमेंट की जानकारी ने काफी दिलचस्पी पैदा की है, लेकिन क्रिएटर्स को यह ध्यान रखना चाहिए कि Bilibili ने अभी तक आधिकारिक तौर पर स्टैंडर्ड पेमेंट रेट की पुष्टि नहीं की है। फिलहाल, प्लेटफॉर्म की पब्लिश्ड पॉलिसी में सिर्फ यह बताया गया है कि कमाई कई बातों पर निर्भर करेगी और जैसे-जैसे इसका ग्लोबल क्रिएटर इकोसिस्टम विकसित होगा, इसमें बदलाव हो सकता है।

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Nepal Flood: यूपी के कुशीनगर, महराजगंज, सरयू और घाघरा के तटीय इलाकों पर मंडराया बाढ़ का खतरा

Nepal Flood: यूपी के कुशीनगर, महराजगंज, सरयू और घाघरा के तटीय इलाकों पर मंडराया बाढ़ का खतरा

Saryu River Ayodhya

Nepal Flash Flood: ​नेपाल के रसुवा जिले में तिब्बत की ओर से आए अचानक सैलाब (फ्लैश फ्लड) और भोटेकोशी नदी के उफान ने नेपाल से लेकर भारत के सीमावर्ती राज्यों तक हड़कंप मचा दिया है। इस प्राकृतिक आपदा का सीधा असर उत्तर प्रदेश और बिहार के मैदानी इलाकों पर पड़ने की आशंका है, जिसके चलते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जनपदों को हाई अलर्ट पर रहने के कड़े निर्देश दिए हैं।

​तबाही का प्रमुख केंद्र और नेपाल में स्थिति

  • भीषण जन-धन की हानि : रसुवा और आसपास के क्षेत्रों में बाढ़ व भूस्खलन के कारण 384 से अधिक लोग लापता हैं, जिनमें 105 भारतीय नागरिकों सहित कई विदेशी पर्यटक शामिल हैं।
  • ​अवसंरचना को भारी नुकसान : टिमुरे और स्याब्रुबेसी इलाकों में कई घर, बाजार और नदियां पार करने वाले पुल बह गए हैं। रसुवा का एक प्रमुख हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट पूरी तरह तबाह हो गया है, जबकि कई अन्य जलविद्युत परियोजनाओं को भारी क्षति पहुंची है।

​​उत्तर प्रदेश पर असर व प्रभावित नदियां

  • ​गंडक एवं नारायणी नदी : महराजगंज और कुशीनगर जिले मुख्य रूप से प्रभावित हैं। नेपाल से लगभग 3 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने की आशंका है, जिससे सोहगीबरवा, भोतियाही और शिकारपुर गांवों पर बाढ़ का सीधा खतरा बना हुआ है।
  • ​सरयू और घाघरा नदी : अयोध्या (सदर, सुहावल और रुदौली तहसील), बाराबंकी तथा बस्ती जिले जोखिम में हैं। नदियों का जलस्तर खतरे के निशान के करीब और ऊपर पहुंच रहा है, जिसके कारण निचले और माझा क्षेत्रों में हाई अलर्ट जारी किया गया है।
  • गंगा नदी : पश्चिमी उत्तर प्रदेश, प्रयागराज और वाराणसी के तटीय इलाके प्रभावित हैं। पहाड़ों पर और स्थानीय स्तर पर लगातार हो रही बारिश के कारण तटीय बस्तियों में जलभराव का खतरा बढ़ गया है।

प्रशासनिक सतर्कता और मुख्यमंत्री के निर्देश

​मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नेपाल में हुए हादसे पर चिंता व्यक्त करते हुए स्थानीय प्रशासन को 24 घंटे पूरी मुस्तैदी और सतर्कता बरतने के आदेश दिए हैं। जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने संवेदनशील इलाकों व बस्तियों का दौरा शुरू कर दिया है। नागरिकों को नदियों के करीब न जाने की सख्त सलाह दी गई है।

 

मुख्यमंत्री ने महाराजगंज और कुशीनगर में स्थानीय प्रशासन को सभी जरूरी तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। महाराजगंज और कुशीनगर में गंडक एवं नारायणी नदियों का जलस्तर बढ़ने की आशंका है। इसे लेकर मुख्यमंत्री ने स्थानीय प्रशासन को नदियों के जलस्तर पर नजर रखते हुए पूरी सतर्कता बरतने को कहा है। न्होंने भगवान पशुपतिनाथ से सभी के सकुशल रहने की प्रार्थना की है।