कभी Nano खरीदने पर उड़ाया गया था मजाक, आज मां को गिफ्ट की 1.5 करोड़ की कार, देखें वीडियो

आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर होने के बाद, कई बच्चे अपने माता-पिता को आरामदायक जिंदगी देने और उनके सपने को पूरा करना चाहते हैं। एक व्यक्ति के लिए यह सपना एक लग्जरी कार के रूप में सच हुआ, जबकि एक समय ऐसा भी था जब सिर्फ ‘Nano’ कार खरीदने की इच्छा रखने पर उनके परिवार का मजाक उड़ाया गया था।

माता-पिता को आराम की जिंदगी देना और उनके सपनों को पूरा करना हर बच्चे की इच्छा होती है। आर्थिक रूप से मजबूत होने के बाद कई बच्चे अपने माता-पिता के लिए कुछ खास करना चाहते हैं।

यह वीडियो ट्रेडर और कंटेंट क्रिएटर हर्षित पटेल ने इंस्टाग्राम पर शेयर किया है। क्लिप में पटेल अपनी मां को 1.5 करोड़ रुपये की कार में टेस्ट ड्राइव पर ले जाते हुए दिख रहे हैं। जब उनकी मां कार में बैठती हैं, तो वह उन्हें उन दिनों की याद दिलाते हैं जब परिवार के लिए कार का मालिक बनना ही एक बहुत बड़ा लक्ष्य हुआ करता था।

ड्राइव के दौरान, पटेल अपनी मां से कहते हैं, “वो दिन याद है मम्मी जब मैं कह रहा था कि नैनो खरीद लेते हैं क्योंकि एक गाड़ी होनी चाहिए अपने पास। और आज देखो मम्मी 1.5 करोड़ रुपये की गाड़ी में बैठी हैं आप और आपको ये गिफ्ट मिलने वाली है। डिपेंड करता है आपको कौन सी पसंद आती है।”

बेटे की यह बात सुनकर उनकी मां कार के अंदर भावुक होती नजर आती हैं। हर्षित उन्हें बताते हैं कि यह कार उनके लिए एक गिफ्ट हो सकती है।

हर्षित ने वीडियो के कैप्शन में लिखा, “जब हम Nano खरीदने की बात करते थे, तब लोग हमारा मजाक उड़ाते थे। आज वही मां 1.5 करोड़ रुपये की कार में बैठी हैं।”

पटेल कहते हैं कि जब उनका परिवार आर्थिक रूप से मजबूत नहीं था और उनके करियर के प्लान भी पक्के नहीं थे, तब उन्हें आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। उन्होंने लिखा, “जब आपकी शुरुआत साधारण होती है, तो लोग हमेशा आपके विजन पर शक करते हैं। वे आपसे सुरक्षित रास्ता चुनने, ‘नॉर्मल’ नौकरी करने और इतने बड़े सपने न देखने के लिए कहेंगे। जब हम उस छोटे से कमरे में रह रहे थे, तो ताने कभी खत्म नहीं होते थे। लेकिन उन सभी शक और तानों ने मेरे अंदर कुछ कर दिखाने की आग को और भड़काया।”

एक और वीडियो में उन्होंने कहा, “उन्होंने मेरे माता-पिता से कहा कि मैं अपना समय बर्बाद कर रहा हूं, मुझे ‘असली पढ़ाई’ पर ध्यान देना चाहिए और मैं जिंदगी में कुछ नहीं कर पाऊंगा। हमने यह सफर एक सेकंड-हैंड होंडा सिटी कार से शुरू किया था और चुपचाप लोगों के मजाक और शक को सहते रहे। आज, मेरी मां 1.5 करोड़ रुपये की कार में बैठी हैं और गर्व के आंसू बहा रही हैं।”

जैसे ही यह वीडियो ऑनलाइन वायरल हुआ, लोगों ने मां-बेटे के इस इमोशनल पल पर अपनी प्रतिक्रिया दी।

एक यूजर ने कमेंट किया, “मेरी तरफ से बहुत-बहुत बधाई।” दूसरे ने लिखा, “सच में रोंगटे खड़े हो गए।” एक ने कहा, “सबसे बेहतरीन पल।”

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MG Hector Tomahawk EV vs PHEV: Differences explained

MG Hector Tomahawk EV vs PHEV: Differences explained
MG Hector Tomahawk EV vs PHEV

JSW MG Motor has launched the Hector Tomahawk with two electrified powertrains: a fully electric version and a plug-in hybrid. Although the two share the same basic dimensions and cabin design, there are several differences in their exterior detailing, equipment, seating configuration, battery and charging systems. Here’s how the two versions compare.

MG Hector Tomahawk EV vs PHEV: Price and variants

VariantSeatingEV price (ex-showroom)EV BaaS*PHEV price (ex-showroom)PHEV BaaS*
Excite7-seatRs 19.49 lakhRs 13.99 lakh
Exclusive7-seatRs 21.99 lakhRs 15.99 lakhRs 25.70 lakhRs 21.79 lakh
Essence7-seatRs 23.49 lakhRs 17.49 lakhRs 27.80 lakhRs 23.89 lakh
Essence5-seatRs 22.99 lakhRs 16.99 lakh

*For the EV, the battery rental is Rs 4.90 per km, while for the PHEV it is Rs 3.20 per km.

The Hector Tomahawk EV is priced from Rs 19.49 lakh to Rs 23.49 lakh (ex-showroom). It is available in Excite, Exclusive and Essence trims in the seven-seat configuration, while the five-seat version is offered only in the Essence trim at Rs 22.99 lakh.

The PHEV is positioned higher in the range, with prices starting at Rs 25.70 lakh for the Exclusive seven-seater and going up to Rs 27.80 lakh for the Essence seven-seater. Unlike the EV, however, a 5-seat configuration is not available here. 

MG Hector Tomahawk EV vs PHEV: Exterior

EV
PHEV
 

 

Both versions measure 4,745mm in length, 1,850mm in width and 1,770mm in height, with a 2,810mm wheelbase. They share the rectangular LED projector headlamps with LED DRLs and an illuminated MG logo, but the front-end treatment is completely different. 

The PHEV versions gets a conventional three-dimensional grille with chrome inserts, gloss-black elements below the headlamps and a chunky bull bar-like silver trim piece on the lower bumper. Meanwhile, the EV gets a closed-off fascia, lending it a more minimalistic look than the PHEV version. The PHEV also gets red brake callipers on the higher-spec version.

EV
PHEV
 

 

The two versions use different wheel designs for the 18-inch dual-tone alloys. There is also a difference in the dual-tone treatment. The EV gets a black roof, while the PHEV gets a white roof. Both, however, get roof rails, a powered tailgate and wraparound LED tail-lamps.

MG Hector Tomahawk EV vs PHEV: Interior

The two versions have the same basic cabin layout, but differ in colour. The EV gets a beige interior, while the PHEV gets a brown interior. Both get a panoramic sunroof, ventilated front seats, 256-color ambient lighting, wireless charging and an 8.8-inch digital driver’s display. The top versions of both get the 15.6-inch infotainment screen. Both versions also use a stalk-type drive selector, positioned behind the steering wheel.

The more significant difference is the seating configuration. The EV is available as a five- or seven-seater, while the PHEV is offered only as a seven-seater. The five-seat EV has 610 litres of boot space, expanding to 1,053 litres with the second row folded. The seven-seat EV offers 192 litres with all three rows in use and 528 litres with the third row folded. The PHEV, being seven-seat only, has 604 litres of boot space in the Exclusive and 579 litres in the Essence with the third row folded.

The EV also has a slightly different seating position because of its battery packaging, with occupants sitting in a more knees-up position than in the PHEV.

MG Hector Tomahawk EV vs PHEV: Powertrain

EV
PHEV
 

 

The Hector Tomahawk EV uses a 204hp electric motor that produces 310Nm. It is powered by a 69.2kWh battery and has a claimed MIDC range of 517km. The EV supports up to 90kW DC fast charging, with MG claiming a 30-80 percent charge time of around 35 minutes.

The PHEV combines a 1.5-litre naturally aspirated petrol engine, electric motor and 20.5kWh battery, with a dedicated hybrid transmission with an e-clutch. The powertrain produces a combined 198hp and 230Nm. MG claims an electric-only range of over 115km and around 40kpl combined fuel efficiency. A full tank of fuel and a fully charged battery can take it more than 1100km. 

The PHEV supports up to 25kW DC charging and is claimed to take around 35 minutes to charge from 30-80 percent. It can also be charged using a 3.3kW AC charger, which takes around 7.5 hours for a 10-100 percent charge.

The key difference is that the EV is powered solely by its battery and electric motor, while the PHEV combines a smaller battery and electric motor with a petrol engine, allowing it to operate on electric power or use the engine when required.

Gold Silver Prices Today: दिल्ली में सोने में चार सत्रों से जारी तेजी पर ब्रेक, चांदी ₹500 उछली

Gold Silver Prices Today: दिल्ली सर्राफा बाजार में लगातार चार सत्रों से सोने में जारी तेजी पर 26 अगस्त को ब्रेक लग गया। सोना 600 रुपये गिरकर 1,65,500 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। चांदी में तेजी देखने को मिली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने में कमजोरी का असर घरेलू बाजार में इसकी कीमतों पर पड़ा।

चांदी की कीमतों में 500 रुपये का उछाल

चांदी में 500 रुपये का उछाल आया। इससे इसकी कीमतें 2,50,500 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। इनवेस्टमेंट प्लेटफॉर्म मडरेक्स में लीड क्वांट एनालिस्ट अक्षत सिद्धांत ने कहा कि लगातार तेजी के बाद सोने में प्रॉफिट बुकिंग हुई, जिससे इसकी कीमतों में गिरावट आई। उन्होंने कहा कि हालिया तेजी के गोल्ड का भाव बीते कई महीनों की उंचाई पर पहुंच गया है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में गिरे सोना और चांदी

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी दोनों में गिरावट देखने को मिली। स्पॉट गोल्ड 0.66 फीसदी गिरकर 4,627 डॉलर प्रति औंस पर चल रहा था। चांदी 0.27 फीसदी की कमजोरी के साथ 68.39 प्रति औंस पर चल रही थी। ब्रेंट क्रूड की कीमतों में भी गिरावट दिखी। इसका भाव 1.22 फीसदी गिरकर 87.51 डॉलर प्रति बैरल पर चल रहा था।

क्रूड ऑयल की कीमतों में भी गिरावट 

मिरै एसेट शेयरखान में कमोडिटीज के हेड प्रवीण सिंह ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने में गिरावट दिखी। इसकी वजह लगातार पांच सत्रों की तेजी के बाद कंसॉलिडेशन है। उन्होंने कहा कि क्रूड ऑयल में भी गिरावट आई है। इसकी वजह इसकी सप्लाई को लेकर चिंता में कमी है। ईरान और ओमान अस्थायी रूप से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को ओपन करने के तरीकों पर बातचीत कर रहे हैं।

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फेड चेयरमैन की स्पीच पर इनवेस्टर्स की नजरें 

एचडीएफसी सिक्योरिटीज में सीनियर कमोडिटीज एनालिस्ट सौमिल गांधी ने कहा कि इनवेस्टर्स की नजरें अमेरिकी केंद्रीय बैंक के चेयरमैन केविन वॉर्श की स्पीच पर लगी हैं। वह 28 अगस्त यानी शुक्रवार को जैक्सन होल में स्पीच देने वाले हैं। उनकी स्पीच से फेड की पॉलिसी के संकेत मिलेंगे। सितंबर में फेड के इंटरेस्ट रेट बढ़ाने की उम्मीद कम है। अगर वह इंटरेस्ट रेट को अपरिवर्तित रखता है तो यह सोने की कीमतों के लिए पॉजिटिव होगा।

Kanpur News: गुटखा चबाते हुए शस्त्र लाइसेंस लेने पहुंचा युवक, कानपुर DM ने कहा- पहले पान मसाला छोड़ो

Kanpur District Magistrate: उत्तर प्रदेश के कानपुर में जिलाधिकारी के जनता दर्शन के दौरान एक ऐसा मामला सामने आया, जिसने वहां मौजूद लोगों का ध्यान खींच लिया। एक युवक अपने दादा के नाम दर्ज रिवॉल्वर का लाइसेंस वरासत के आधार पर अपने नाम कराने की मांग लेकर पहुंचा था। बातचीत के दौरान जिलाधिकारी की नजर उसके पान मसाला खाने पर पड़ी। इसके बाद डीएम ने लाइसेंस की प्रक्रिया के साथ एक ऐसी शर्त जोड़ दी, जिसकी चर्चा अब हो रही है।

Sugar Price: भाव में आ सकती है नरमी, सरकार ने विदेश भेजी जाने वाली चीनी को घरेलू बाजार में बेचने की मंजूरी दी

भारत में चीनी की कमी को देखते हुए रिफाइनर करीब 3.5 लाख टन चीनी घरेलू बाजार में बेच सकते हैं। यह चीनी पहले विदेश भेजी जानी थी। ब्लूमबर्ग ने सूत्रों के हवाले से बताया कि सरकार ने इसकी मंजूरी दे दी है।

यह स्टॉक करीब एक हफ्ते के भीतर घरेलू बाजार में आ सकता है। इतनी चीनी देश की करीब पांच दिन की कुल खपत के बराबर है। इससे हाल में तेजी से बढ़ी चीनी की कीमतों पर दबाव कम हो सकता है।

इस साल चीनी की कमी क्यों हुई?

भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा चीनी उत्पादक है। लेकिन इस साल उत्पादन उम्मीद से कम रहने का अनुमान है। कई प्रमुख गन्ना उत्पादक इलाकों में बारिश सामान्य नहीं रही। फसलों में बीमारी का असर भी पड़ा है।

दूसरी तरफ अब देश में त्योहारी सीजन शुरू हो रहा है। अगस्त के आखिर से जनवरी तक चीनी की खपत आमतौर पर काफी बढ़ जाती है। मिठाइयों से लेकर पैकेज्ड फूड तक में चीनी की मांग बढ़ती है। यानी इस समय बाजार में चीनी की जरूरत बढ़ रही है और सप्लाई पर दबाव है।

सरकार ने दो बड़े फैसले लिए

सरकार ने हाल में चीनी की सप्लाई बढ़ाने के लिए दो कदम उठाए हैं। पहला, 10 लाख टन चीनी के ड्यूटी फ्री इंपोर्ट की अनुमति दी गई है।

दूसरा, रिफाइनर्स को कुछ ऐसी रिफाइंड चीनी घरेलू बाजार में बेचने की इजाजत दी गई है, जिसे पहले एक्सपोर्ट के लिए रखा गया था। अब इसी फैसले के तहत करीब 3.5 लाख टन चीनी घरेलू बाजार में आ सकती है।

चीनी के दाम में पहले ही आई नरमी

सरकार के कदम का असर कीमतों पर दिखने लगा है। नेशनल फेडरेशन ऑफ कोऑपरेटिव शुगर फैक्ट्रीज लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर प्रकाश नाइकनावरे के मुताबिक, देश में एक्स-मिल चीनी की औसत कीमत पिछले हफ्ते ₹67 प्रति किलो तक पहुंच गई थी।

अब कीमत घटकर करीब ₹54 से ₹55 प्रति किलो रह गई है। 20 अगस्त को ड्यूटी फ्री इंपोर्ट की घोषणा के बाद बाजार में राहत देखने को मिली है। नाइकनावरे का कहना है कि सरकार के समय पर उठाए गए कदमों से कीमतों में और नरमी आ सकती है। इससे त्योहारी सीजन में ग्राहकों को राहत मिलेगी।

कितना इंपोर्ट हो सकता है?

सरकार ने भले ही 10 लाख टन ड्यूटी फ्री इंपोर्ट की अनुमति दी है, लेकिन पूरा कोटा इस्तेमाल होने की संभावना कम है। Bloomberg ने पांच ट्रेडर्स, एनालिस्ट्स और मिलर्स से बातचीत के आधार पर अनुमान लगाया है कि अक्टूबर के अंत तक करीब 3 लाख से 6 लाख टन चीनी का इंपोर्ट हो सकता है।

घरेलू कीमतों में नरमी आने से मिलर्स और रिफाइनर्स के लिए ज्यादा चीनी इंपोर्ट करने का फायदा कम हो गया है। इसलिए पूरा 10 लाख टन कोटा इस्तेमाल होने की संभावना कम बताई जा रही है।

ब्राजील से चीनी आने तक मिलेगी राहत

जानकारों के मुताबिक, घरेलू बाजार में एक्सपोर्ट वाली चीनी उतारने से फिलहाल राहत मिल सकती है। बाद में भारत को इंपोर्ट की जरूरत फिर भी पड़ेगी। इसका मकसद घरेलू बाजार में सप्लाई बनाए रखना है, जब तक ब्राजील से चीनी की खेप भारत पहुंचना शुरू नहीं हो जाती।

भारत में रिफाइनर्स को Advance Authorisation के तहत कच्ची चीनी ड्यूटी फ्री इंपोर्ट करने की अनुमति भी है। हालांकि, प्रोसेसिंग के बाद इस चीनी को तय नियमों के तहत एक्सपोर्ट करना होता है।

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MG Hector Tomahawk EV 7-seater vs rivals: Price, specs compared

MG Hector Tomahawk EV 7-seater vs rivals: Price, specs compared
MG Hector Tomahawk EV 7-seater vs rivals

The MG Hector Tomahawk EV is the latest entrant in the mass-market three-row EV segment, going up against the Mahindra XEV 9S, Kia Carens Clavis EV, Vinfast VF MPV 7, and BYD eMax 7. Below, we’ve compared the 7-seat version of the Hector Tomahawk EV to see how it fares against its rivals on paper.

MG Hector Tomahawk EV 7-seater vs rivals: dimensions

 Hector Tomahawk EVXEV 9S

Carens Clavis EV

VF MPV 7

eMax 7

Length (mm)4,7454,737

4,550

4,740

4,710

Width (mm)1,8501,900

1,800

1,872

1,810

Height (mm)1,7701,747

1,730

1,734

1,690

Wheelbase (mm)2,8102,762

2,780

2,840

2,800

Wheel size (inches)1818

17

19

17

Boot space (litres)*192126180
Frunk space (litres)N/A15025N/AN/A

*With all three rows up.

The Hector Tomahawk EV is the longest among its rivals, and wins out in the wheelbase and height departments as well. However, the XEV 9S and VF MPV 7 have the Hector Tomahawk EV beat in terms of width. Its 18-inch wheels are in line with class standards. Coming to boot space, the Hector Tomahawk EV claims the largest volume with all three rows up, though it’s worth noting that neither Mahindra nor Kia disclose similar figures. That said, the XEV 9S and Carens Clavis EV are the only ones here to offer frunks for additional storage.

MG Hector Tomahawk EV 7-seater vs rivals: battery and motor

 Hector Tomahawk EVXEV 9S

Carens Clavis EV

VF MPV 7

eMax 7

Battery size (kWh)69.259 / 70 / 79

42 / 51.4

60.13

71.8

Electric motor setupSingle, frontSingle, rearSingle, frontSingle, frontSingle, front
Power (hp)204231 / 245 / 286

135 / 171

204

163 / 204

Torque (Nm)310380

255

280

310

Gearbox1-speed AT1-speed AT1-speed AT1-speed AT1-speed AT
Drive layoutFWDRWD

FWD

FWD

FWD

The Hector Tomahawk EV does quite well on the battery capacity front, with its 69.2kWh pack falling short of only that of the eMax 7 and the higher versions of the XEV 9S. Power output is a similar story, with the Hector Tomahawk EV matching the e Max 7’s stronger state of tune and beating out the Carens Clavis EV and the VF MPV 7 – the latter by quite a slim margin. The XEV 9S remains the only EV in this space that’s not front-wheel drive.

MG Hector Tomahawk EV 7-seater vs rivals: range and charging

 Hector Tomahawk EVXEV 9SCarens Clavis EVVF MPV 7eMax 7
Battery capacity (kWh)69.259 / 70 / 79

42 / 51.4

60.13

71.8

MIDC range (km)517521 / 600 / 679404 / 490

517

485 / 530 (NEDC)

7.2kW AC charging time (hours)12.58.7 / 10.2 / 11.7
11.2kW AC charging time (hours)6 / 7 / 84 / 4.75
DC charging time (minutes)35 (90kW)20 (140kW) / 20 (160kW) / 20 (180kW)39 (100kW)30 (80kW)37 (80kW)

As far as range goes, the Hector Tomahawk EV surpasses the Carens Clavis EV and the lower-spec version of the eMax 7, matches the VF MPV 7 (even though the Vinfast has a smaller battery), and falls well short of the XEV 9S. Even the base version of the XEV 9S claims a higher range than the Hector Tomahawk EV despite its 10kWh capacity deficit. The Hector Tomahawk EV’s AC charging time is also higher than that of the 79kWh XEV 9S. Unlike the XEV 9S and Carens Clavis EV, the Hector Tomahawk EV does not support 11kW AC charging either.

MG Hector Tomahawk EV 7-seater vs rivals: price

 Price range (in Rs lakh)
Hector Tomahawk EV19.50-23.50 (13.99-17.49 w/ BaaS)
XEV 9S*20.65-29.95
Carens Clavis EV18.04-25.00
VF MPV 724.49
eMax 728.30-29.90

*Prices exclusive of home charger and installation costs.

MG has priced the Hector Tomahawk EV very competitively, with it undercutting the XEV 9S, VF MPV 7, and eMax 7. The Carens Clavis EV is the only one with a lower starting price than the Hector Tomahawk EV, but the Kia’s top-spec variant is Rs 1.5 lakh more expensive than that of the MG SUV. Moreover, MG offers the Hector Tomahawk EV with a battery-as-a-service (BaaS) scheme, which knocks up to Rs 6 lakh off the sticker price and introduces a monthly battery rental fee of Rs 4.9/km.

All prices are ex-showroom, India.

Shweta Tiwari ने बेटी Palak Tiwari को दी जिंदगी की सबसे जरूरी सीख | Shweta Tiwari Parenting lesson

Shweta Tiwari ने बेटी Palak Tiwari को दी जिंदगी की सबसे जरूरी सीख | Shweta Tiwari Parenting lesson

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हर माँ चाहती है कि उसका बच्चा मजबूत बने।
लेकिन मजबूती हमेशा समझाने से नहीं आती। कभी-कभी बच्चे अपने माता-पिता के फैसलों से सीखते हैं कि कहाँ समझौता करना है… और कहाँ अपने लिए खड़ा होना है।
श्वेता तिवारी और उनकी बेटी पलक की कहानी इसी रिश्ते का एक बेहद मानवीय पहलू दिखाती है।
शायद बच्चों के लिए हमारी सबसे बड़ी सीख, हमारी अपनी जिंदगी होती है।

@shweta.tiwari

Shweta Tiwari ने बेटी Palak Tiwari को दी जिंदगी की सबसे जरूरी सीख | Shweta Tiwari Parenting lesson for her Daughter | Shweta Tiwari in Traitors 2

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Nepal Flood : नेपाल बाढ़ की चपेट में कैलाश मानसरोवर तीर्थयात्रियों का ग्रुप, 77 लोग इमिग्रेशन सेंटर पर थे, 743 लोग तिब्बत, सद्गुरु जग्गी वासुदेव ने दिया बड़ा अपडेट

Nepal Flood : नेपाल बाढ़ की चपेट में कैलाश मानसरोवर तीर्थयात्रियों का ग्रुप, 77 लोग इमिग्रेशन सेंटर पर थे, 743 लोग तिब्बत, सद्गुरु जग्गी वासुदेव ने दिया बड़ा अपडेट

nepal flood

नेपाल-तिब्बत बॉर्डर पर बुधवार सुबह अचानक आई बाढ़ ने  भारी तबाही मचाई। आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु जग्गी वासुदेव ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर तिब्बत के ग्यिरोंग में आई भयावह फ्लैश फ्लड को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने अपने ग्रुप को लेकर जानकारी दी। एक्स पर ट्‍वीट कर बताया गया कि उनके कैलाश यात्रा समूहों में से एक समूह बाढ़ की चपेट में आ गया।

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सद्गुरु ने बताया कि यह घटना उस समय हुई जब समूह के सदस्य वापस लौट रहे थे और इमिग्रेशन कार्यालय में मौजूद थे। उनके मुताबिक, बाढ़ के दौरान इमिग्रेशन कार्यालय की इमारत और आसपास का काफी हिस्सा पानी में डूब गया।

उन्होंने कहा कि इमिग्रेशन कार्यालय में मौजूद लोगों के बारे में अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिल पाई है। उनकी टीम अधिकारियों के साथ मिलकर प्रभावित इलाके तक पहुंचने की कोशिश कर रही है और जोखिम के बावजूद राहत एवं बचाव कार्यों में सहयोग के लिए तैयार है।

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सद्गुरु ने बताया कि उनके Sojourn में शामिल 21 समूहों में से 495 लोग सुरक्षित वापस लौट चुके हैं। वहीं, 743 लोग इस समय तिब्बत में, 148 लोग नेपाल में और 77 लोग इमिग्रेशन सेंटर पर थे। इसके अलावा नेपाल के तिमुरे में उनके 3 स्वयंसेवक मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि उनकी टीम अधिकारियों के संपर्क में है और प्रभावित स्थान तक पहुंचने तथा बचाव अभियान में सहयोग करने के लिए तैयार है।

भारतीय दूतावास ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर

भारतीय नागरिकों की मदद और जानकारी के लिए काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास ने आपातकालीन नंबर जारी किए हैं। प्रभावित लोग +977 985 131 6807 और +977 970 910 7500 पर संपर्क कर सकते हैं। नेपाल टूरिज्म बोर्ड ने भी मदद के लिए टोल-फ्री नंबर 1234, हॉटलाइन 1144 और टूरिस्ट पुलिस नंबर 9851289445 जारी किया है।

MG Hector Tomahawk EV colours gallery

MG Hector Tomahawk EV colours gallery
MG Hector Tomahawk EV

The new MG Hector Tomahawk EV is offered in five monotone shades and one dual-tone shade. Monotone shades include Khaki Green, Aurora Silver, Starry Black, Celadon Blue and Pearl White. The Khaki Green paint can be had with a blacked out roof as well. 

The MG Hector Tomahawk EV’s price starts at Rs 19.49 lakh and goes up to Rs 23.49 lakh, ex-showroom. The carmaker is also offering a BaaS or battery-as-a-service option with the SUV.

नेपाल में भीषण बाढ़ से तबाही, 55 लोगों की मौत, सैकड़ों लापता, बिहार में भी दहशत

नेपाल में भीषण बाढ़ से तबाही, 55 लोगों की मौत, सैकड़ों लापता, बिहार में भी दहशत

Nepal flood

Nepal Floods Disaster: भारत के पड़ोसी देश नेपाल में मूसलाधार बारिश, भीषण बाढ़ और विनाशकारी भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई है। कुदरत के इस कहर के कारण नेपाल में अब तक 55 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 400 से ज्यादा लोग लापता है। इनमें 133 भारतीय शामिल हैं। अन्य देशों के लोगों के भी लापता होने की खबरें हैं। नेपाल की उफनती नदियों और बैराजों से छोड़े जा रहे पानी के चलते भारत के सीमावर्ती राज्यों— विशेषकर बिहार और उत्तर प्रदेश में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है, जिसके बाद दोनों राज्यों में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया गया है।

 

दरअसल, बुधवार सुबह मध्य नेपाल के पहाड़ी ज़िले रसुवा में भोटेकोशी नदी में अचानक आई बाढ़ ने नदी के किनारे बसे इलाकों में भारी तबाही मचाई है। रसुवा की बस्तियां सबसे ज़्यादा प्रभावित हुई हैं। बाढ़ ने एक पनबिजली परियोजना को बहा दिया और चिलिमे पनबिजली परियोजना सहित अन्य परियोजनाओं को भी नुकसान पहुचाया।

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सैकड़ों लोगों का अब तक पता नहीं है। इनमें 133 भारतीय बताए जा रहे हैं। 93 नेपाली, 3 अमेरिकी नागरिक और 12 ब्रिटिश नागरिक शामिल हैं। हाइड्रोपावर प्लांट में काम करने वाले 8 दक्षिण कोरियाई नागरिक भी लापता बताए जा रहे हैं। अन्य लापता लोगों में 17 मलेशियाई नागरिक, 4 दक्षिण अफ्रीकी और ऑस्ट्रेलिया व नीदरलैंड का एक-एक व्यक्ति शामिल है। करीब 400 मानसरोवर यात्रियों से भी संपर्क नहीं हो पा रहा है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक मरने वालों की संख्या बढ़कर 55 हो गई है। आशंका व्यक्त की जा रही है कि यह संख्या और बढ़ सकती है।


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भारतीय दूतावास ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर

भारतीय नागरिकों की मदद और जानकारी के लिए काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास ने आपातकालीन नंबर जारी किए हैं। प्रभावित लोग +977 985 131 6807 और +977 970 910 7500 पर संपर्क कर सकते हैं। नेपाल टूरिज्म बोर्ड ने भी मदद के लिए टोल-फ्री नंबर 1234, हॉटलाइन 1144 और टूरिस्ट पुलिस नंबर 9851289445 जारी किया है। 

 

काठमांडू पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक लगभग 400 मानसरोवर तीर्थयात्री रसुवागढ़ी में संपर्क से बाहर हो गए हैं। सुबह-सुबह आए अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) ने रसुवा में नेपाल-चीन सीमा के पास गांवों को अपनी चपेट में ले लिया और सड़कों व अन्य ज़रूरी बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाया। 

काठमांडू स्थित 'टच कैलाश ट्रैवल्स एंड टूर्स' के मैनेजिंग डायरेक्टर बाशु कुमार अधिकारी ने बताया कि बुधवार को 390 तीर्थयात्रियों (जिनमें 93 नेपाली शामिल थे) को सीमा पार करनी थी। अधिकारी ने कहा कि कुछ लोगों को छोड़कर, हम दोपहर 3 बजे तक तीर्थयात्रियों से संपर्क नहीं कर पाए हैं। ये तीर्थयात्री अलग-अलग ट्रैवल एजेंसियों के क्लाइंट हैं।

चीन-नेपाल का ट्रेड रूट तबाह

नेपाल के बेट्रावती से रसुवागढ़ी चीन सीमा तक जाने वाली करीब 42 किलोमीटर की सड़क बाढ़ में कई जगह से बह गई, कई पुल टूट गए। दरअसल, यह रास्ता नेपाल को चीन से जोड़ता है। भारत के लिए यह इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि अगर चीन वाला रास्ता लंबे समय तक बाधित रहता है तो नेपाल की सप्लाई जरूरतों में भारत की भूमिका और बढ़ सकती है।

बिहार में गहराया बाढ़ का खतरा

दूसरी ओर, नेपाल की नदियों का पानी भारतीय सीमा में प्रवेश करने से बिहार के सीमावर्ती इलाकों में दहशत का माहौल है। नेपाल में उफनती नदियों के जलस्तर को देखते हुए कोसी बैराज (वीरपुर) और वाल्मीकि नगर (गंडक) बैराज के सभी फाटक खोल दिए गए हैं, जिससे रिकॉर्ड मात्रा में पानी छोड़ा गया है। बिहार के पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, अररिया, सुपौल, सहरसा, मधेपुरा, मधुबनी और पूर्णिया जैसे जिलों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है। राज्य सरकार ने जल संसाधन विभाग और आपदा प्रबंधन टीम (SDRF/NDRF) को 24 घंटे सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। 

उत्तर प्रदेश में भी अलर्ट

नेपाल से सटे उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल और तराई इलाकों में भी प्रशासन पूरी तरह चौकस है। महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच और लखीमपुर खीरी जैसे जिलों में राप्ती और घाघरा नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तराई जिलों के जिलाधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं कि नदियों के जलस्तर की निरंतर निगरानी की जाए और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों या राहत शिविरों में पहुंचाने की व्यवस्था की जाए।