JSW MG Motor India has launched the Hector Tomahawk PHEV at a price of Rs 25.69 lakh (ex-showroom) alongside the all-electric version of this brand-new SUV. This becomes the first mainstream plug-in hybrid SUV in our market. It is powered by a 1.5-litre, naturally aspirated petrol engine paired to a 20.5kWh battery for a claimed fuel economy of around 40kpl and an electric-only range of over 115km. MG claims that the Hector Tomahawk can deliver over 1100km of range with a full tank of fuel and a fully charged battery. Bookings for the Tomahawk PHEV have commenced today and deliveries will begin in November this year.
Unlike the Hector Tomahawk EV that’s available in both 5- and 7-seater configurations, the PHEV is only available in a 7-seater configuration. MG is also offering the Tomahawk PHEV under the BaaS program, where prices start from Rs 21.79 lakh and Rs 3.20 is charged additionally on the battery rental.
बिहारीजी की कृपा और पापा के आशीर्वाद से ” ” प्राप्त हुआ, उत्तरप्रदेश पूर्व उप-मुख्य मंत्री डॉ दिनेश शर्मा व
देश के श्रेष्ट ज्योतिष विद्वानों के बीच आइकॉनिक ज्योतिषीय इंदु प्रकाश जी, पवन सिन्हा जी, शैलेंद्र पांडे जी की उपस्थिति रही
पूर्व मुंबई अंडर-19 क्रिकेटर अनाया बांगर (Anaya Bangar) के लिए महिला क्रिकेट में वापसी का रास्ता खुल गया है। मार्च में जेंडर-अफर्मिंग सर्जरी (Gender Affirming Surgery) कराने वाली अनाया को क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने ऑस्ट्रेलिया में महिला कम्युनिटी क्रिकेट खेलने की मंजूरी दे दी है। हालांकि, अगर वह विमेंस बिग बैश लीग (WBBL) जैसी एलीट क्रिकेट प्रतियोगिताओं में खेलना चाहती हैं, तो उन्हें क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की टेस्टोस्टेरोन से जुड़ी पात्रता शर्तें पूरी करनी होंगी।
अनाया मुंबई की एज-ग्रुप क्रिकेट में खेल चुकी हैं। वह टेस्ट क्रिकेट खेल चुके सरफराज खान और उनके भाई मुशीर खान के साथ भी मुंबई के लिए क्रिकेट खेल चुकी हैं।
'मुझे लगा था कि मैं फिर कभी क्रिकेट नहीं खेल पाऊंगी'
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया से मंजूरी मिलने के बाद अनाया ने द इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में इसे अपने लिए बेहद खास दिन बताया। उन्होंने कहा कि एक समय उन्हें लगा था कि वह शायद दोबारा क्रिकेट नहीं खेल पाएंगी।
“यह मेरे लिए बहुत खास दिन है, खासकर यह जानने के बाद कि मैं दोबारा क्रिकेट खेल सकती हूं। एक समय ऐसा भी था जब मुझे लगा था कि मैं फिर कभी क्रिकेट नहीं खेल पाऊंगी। लेकिन क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया का शुक्रिया, जिसने मुझे एक और मौका दिया।”
अनाया ने जून में क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया से संपर्क किया था। इसके जवाब में 20 जुलाई को उन्हें बताया गया कि वह तुरंत कम्युनिटी क्रिकेट खेल सकती हैं। हालांकि, एलीट क्रिकेट में खेलने के लिए उन्हें टेस्टोस्टेरोन से जुड़े पात्रता मानदंड पूरे करने होंगे।
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की हेड ऑफ इंटीग्रिटी जैकी पार्ट्रिज ने अनाया को भेजे पत्र में स्पष्ट किया कि वह मार्च 2027 तक ऑस्ट्रेलिया के किसी भी राज्य या क्षेत्र में प्रीमियर क्रिकेट प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले सकती हैं।
“मार्च 2027 तक आप ऑस्ट्रेलिया के किसी भी राज्य या क्षेत्र में प्रीमियर क्रिकेट प्रतियोगिताओं में खेलने के लिए पात्र हैं। चूंकि प्रीमियर क्रिकेट को इस नीति के तहत एलीट क्रिकेट के बजाय कम्युनिटी क्रिकेट की श्रेणी में रखा गया है, इसलिए इस फैसले का आपकी इन प्रतियोगिताओं में भागीदारी पर कोई असर नहीं पड़ेगा।”
यानी अनाया मार्च 2027 तक ऑस्ट्रेलिया में कम्युनिटी लेवल पर महिला क्रिकेट खेल सकती हैं। हालांकि, इसके बाद एलीट क्रिकेट में उनकी पात्रता टेस्टोस्टेरोन टेस्ट समेत अन्य शर्तों पर निर्भर होगी।
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के अनुसार, खिलाड़ी का सीरम टेस्टोस्टेरोन स्तर कम से कम 12 महीनों तक 10 nmol/L से नीचे होना चाहिए। मार्च 2027 से एलीट क्रिकेट में खेलने के लिए अनाया को ऑस्ट्रेलिया पहुंचने पर ब्लड टेस्ट भी कराना होगा।
“मार्च 2027 से एलीट क्रिकेट में आपकी पात्रता इस बात पर निर्भर करेगी कि आप ऑस्ट्रेलिया पहुंचने पर एक ब्लड टेस्ट उपलब्ध कराएं, जिसमें यह पुष्टि हो कि आपके सीरम टेस्टोस्टेरोन का स्तर 10 nmol/L से कम है और आप नीति में तय पात्रता की अन्य सभी शर्तों को पूरा करना जारी रखती हैं।”
ICC का ट्रांसजेंडर खिलाड़ियों को लेकर क्या नियम है?
इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने 2023 में ट्रांसजेंडर खिलाड़ियों की एलीट महिला क्रिकेट में भागीदारी को लेकर अपनी नीति स्पष्ट की थी। इसके तहत ऐसे ट्रांसजेंडर खिलाड़ी, जिन्होंने पुरुष यौवन यानी मेल प्यूबर्टी का अनुभव किया है, एलीट महिला इंटरनेशनल क्रिकेट में हिस्सा नहीं ले सकते।
भारत में हालांकि इस तरह के मामले को लेकर BCCI की अभी कोई स्पष्ट नीति नहीं है। BCCI के एक शीर्ष अधिकारी ने *द इंडियन एक्सप्रेस* से कहा कि बोर्ड ने ट्रांस महिलाओं के महिला क्रिकेट खेलने को लेकर अभी कोई फैसला नहीं लिया है।
“जहां तक ICC की बात है, उसने ट्रांसजेंडर खिलाड़ियों को लेकर अपना फैसला स्पष्ट कर दिया है। BCCI ने अभी यह तय नहीं किया है कि ऐसे मामलों में क्या किया जाना चाहिए। चूंकि यह पहली बार है जब इस तरह का मामला सामने आया है, इसलिए बोर्ड ने अभी इस पर कोई रुख तय नहीं किया है। खास तौर पर घरेलू क्रिकेट में उन्हें खेलने की अनुमति देने को लेकर।”
अनाया ने बताया, कैसे मिली क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया से मंजूरी
अनाया ने बताया कि क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने उनके मामले को विस्तार से देखा। उनकी मेडिकल हिस्ट्री, टेस्ट रिपोर्ट और सर्जरी से जुड़े दस्तावेजों की समीक्षा की गई।
उन्होंने कहा कि क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने उनकी एथलीट टेस्टिंग रिपोर्ट और मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी से जुड़ी रिपोर्ट भी देखी। अनाया के मुताबिक, बोर्ड ने उनकी स्थिति का आकलन करने के लिए एक पूरी टीम के जरिए उनके मामले की समीक्षा की।
“मेरी एथलीट टेस्टिंग रिपोर्ट और बाकी सभी जानकारी सामने आने के बाद भी BCCI की ओर से इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। वहीं, क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने वास्तव में मेरी रिपोर्ट पढ़ी, मेरी पूरी मेडिकल हिस्ट्री देखी और मेरी स्थिति का आकलन करने के लिए एक पूरी टीम बनाई।”
“मैंने क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया से संपर्क किया और उन्होंने निष्पक्षता और समावेशिता को ध्यान में रखते हुए मुझे खेलने की मंजूरी दी। उन्होंने मुझसे मेरी ब्लड टेस्ट रिपोर्ट और टेस्टोस्टेरोन टेस्ट की रिपोर्ट मांगी। उन्होंने मेरी सर्जरी से जुड़े दस्तावेज भी मांगे। इसके अलावा, उन्होंने मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी की वह रिपोर्ट भी मांगी, जिसे मैंने एक साल से ज्यादा समय पहले सार्वजनिक किया था।”
अनाया ने आगे कहा कि अगर वह अच्छा प्रदर्शन करती हैं और बाकी पात्रता शर्तें पूरी करती हैं, तो उनके पास WBBL में खेलने का मौका हो सकता है।
“अगर सब कुछ ठीक रहा और मैं अच्छा प्रदर्शन करती हूं, तो मेरे पास WBBL में खेलने का मौका होगा।”
हार्मोन थेरेपी पर रिसर्च का भी हिस्सा बनी थीं अनाया
अनाया इससे पहले मैनचेस्टर मेट्रोपॉलिटन यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट के एक रिसर्च प्रोजेक्ट का हिस्सा रही हैं। इस प्रोजेक्ट में हार्मोन थेरेपी के दौरान उनकी स्ट्रेंथ, स्टैमिना, हार्मोन और ग्लूकोज लेवल में होने वाले बदलावों का अध्ययन किया गया था।
उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए BCCI और ICC के प्रतिनिधियों से भी ट्रांसजेंडर खिलाड़ियों को लेकर स्पष्ट नीति बनाने की अपील की थी। अनाया का कहना रहा है कि ऐसी नीतियां पुराने विचारों के बजाय वैज्ञानिक डेटा और रिसर्च पर आधारित होनी चाहिए।
अभी क्लब की तलाश में अनाया
जेंडर-अफर्मिंग सर्जरी के बाद अनाया फिलहाल रिकवरी कर रही हैं। इसके साथ ही वह ऑस्ट्रेलिया में अपने लिए एक क्लब की तलाश भी कर रही हैं, जहां से वह कम्युनिटी क्रिकेट में अपनी नई पारी शुरू कर सकें।
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया से मिली मंजूरी को अनाया ने सिर्फ अपने लिए ही नहीं, बल्कि दूसरे खिलाड़ियों के लिए भी बड़ा कदम बताया।
“मैं सच में यकीन नहीं कर पा रही थी कि मैं दोबारा क्रिकेट खेल पाऊंगी। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया और उसकी प्रगतिशील व समावेशी नीतियों की वजह से यह संभव हुआ है। ये नीतियां ट्रांस महिलाओं के लिए महिला खेलों में निष्पक्षता और समावेश पर ध्यान देती हैं।”
“यह सिर्फ मेरे लिए ही नहीं, बल्कि मेरे जैसे दूसरे खिलाड़ियों के लिए भी एक बहुत बड़ा पड़ाव है, जो खेल में आगे बढ़ना चाहते हैं, लेकिन ऐसा नहीं कर पा रहे हैं क्योंकि उन्हें या तो खेल चुनना पड़ता है या फिर जेंडर ट्रांजिशन का विकल्प चुनना पड़ता है।”
दो बार के ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा, जापान के आइची-नागोया में 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक होने वाले एशियन गेम्स 2026 में 73 सदस्यों वाली भारतीय एथलेटिक्स दल की अगुवाई करेंगे। भारत के स्टार जैवलिन थ्रोअर (भाला फेंकने वाले खिलाड़ी) नीरज चोपड़ा एशियन गेम्स में दो बार के डिफेंडिंग चैंपियन के तौर पर हिस्सा लेंगे। उन्होंने जकार्ता 2018 और हांगझोऊ 2023 में गोल्ड मेडल जीता था। भारतीय जैवलिन थ्रोअर के साथ रोहित यादव भी होंगे, जिन्होंने शनिवार को भुवनेश्वर में वर्ल्ड एथलेटिक्स कॉन्टिनेंटल टूर सिल्वर मीट में जीत हासिल करते हुए अपना पर्सनल बेस्ट 87.68 मीटर किया।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के कांस्य पदक विजेता यश वीर सिंह इसमें शामिल नहीं हो पाए हैं, क्योंकि इस प्रतियोगिता के लिए केवल दो भारतीयों को चुना गया है। आइची-नागोया 2026 के लिए चुनी गई भारत की एथलेटिक्स टीम के 16 खिलाड़ी हांगझोऊ में हुए पिछले एशियन गेम्स में मेडलिस्ट रहे थे।
नीरज के अलावा, अविनाश साबले, तजिंदरपाल सिंह तूर, पारुल चौधरी और अन्नू रानी उन खिताबों को बचाने के लिए वापसी करेंगे जो उन्होंने तीन साल पहले व्यक्तिगत इवेंट्स में जीते थे।राजेश रमेश, जो हांगझोऊ में भारत की गोल्ड मेडल जीतने वाली पुरुषों की 4×400 मीटर रिले टीम का हिस्सा थे, वे भी वापसी करने वाले चैंपियंस में शामिल हैं।
साबले ने हांगझोऊ में 3000 मीटर स्टीपलचेज में स्वर्ण और 5000 मीटर में रजत पदक जीता था। नेशनल रिकॉर्ड होल्डर साबले को पिछले साल अपने दाहिने घुटने की सर्जरी के बाद चोटों से जूझना पड़ा और वे ग्लासगो में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में हिस्सा नहीं ले पाए थे।
वहीं, दो बार के डिफेंडिंग चैंपियन तजिंदरपाल सिंह तूर लगातार तीसरी बार शॉट पुट का खिताब जीतने की कोशिश करेंगे; उन्होंने जकार्ता 2018 और हांगझोऊ 2023, दोनों में टॉप स्थान हासिल किया था। पारुल चौधरी, जिन्होंने तीन साल पहले 5000 मीटर में स्वर्ण और 3000 मीटर स्टीपलचेज में रजत पदक जीता था, उन्हें 1500 मीटर, 5000 मीटर और 3000 मीटर स्टीपलचेज़ के लिए चुना गया है।
ज्योति याराजी ग्लासगो में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में हिस्सा नहीं ले पाई थीं, लेकिन वे एशियन गेम्स में 100 मीटर हर्डल्स (बाधा दौड़) में हिस्सा लेंगी। उन्होंने हांगझोऊ में इस स्पर्धा में रजत पदक जीता था। ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में लॉन्ग जंप में दूसरा रजत पदक जीतने के बाद मुरली श्रीशंकर जापान जा रहे हैं। उन्होंने पिछले एशियन गेम्स में भी रजत पदक जीता था।
तेजस्विन शंकर, गुलवीर सिंह, मोहम्मद अफसल, एंसी सोजन, प्रवीण चित्रवेल और विथ्या रामराज एशियन गेम्स में पदक जीतने वाले वे अन्य खिलाड़ी हैं जिन्हें आइची-नागोया के लिए चुना गया है। ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स के दौरान बाएं पैर में दो स्ट्रेस फ्रैक्चर होने के बावजूद तेज शिर्से को 110 मीटर हर्डल्स स्पर्धा में शामिल किया गया है।
झगझोऊ में हुए एशियन गेम्स में भारत का एथलेटिक्स में अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन रहा, जिसमें उसने कुल 29 पदक जीते – छह स्वर्ण, 14 रजत और नौ कांस्य। कुल मेडल की संख्या के हिसाब से 2023 के गेम्स में एथलेटिक्स भारत का सबसे सफल खेल रहा।
एशियाई खेल 2026 के लिए भारतीय एथलेटिक्स टीम इस प्रकार है:-
पुरुषों:-गुरिंदरवीर सिंह (100मी), अनिमेष कुजूर (100 मीटर, 200 मीटर, मिश्रित 4×100 मीटर रिले), राजेश रमेश (400 मीटर, 4×400 मीटर रिले), विशाल थेनारासु कयालविझी (400 मीटर, 4×400 मीटर रिले), कृष्ण कुमार (800 मी), मोहम्मद अफसल पुलिककलाकथ (800मी), यूनुस शाह (1500 मी), अभिषेक पाल (5000 मी, 10000 मी), गुलवीर सिंह (1500 मीटर, 5000 मीटर, 10000 मीटर)। सावन बरवाल (मैराथन), कार्तिक कारकेरा (मैराथन), तेजस शिरसे (110 मीटर बाधा दौड़), यशस पलाक्ष (400 मीटर बाधा दौड़), संतोष कुमार तमिलारासन (400 मीटर बाधा दौड़), अविनाश साबले (3000 मीटर स्टीपलचेज), प्रणव प्रमोद गुरव (मिश्रित 4×100 मीटर रिले), मोहम्मद अशफाक (4×400 मीटर रिले), धर्मवीर चौधरी (4×400 मीटर रिले), जय कुमार (4×400 मीटर रिले, मिश्रित 4×400 मीटर रिले), मनु थेक्किनालिल साजी (4×400 मीटर रिले, मिश्रित 4×400 मीटर रिले), आदर्श राम ज्योति शंकर (ऊंची कूद), सर्वेश कुशारे (ऊंची कूद) , कुलदीप कुमार (पोल वॉल्ट), देव मीना (पोल वॉल्ट), मुरली श्रीशंकर (लंबी कूद), शाहनवाज खान (लंबी कूद), प्रवीण चित्रवेल (ट्रिपल जंप) कार्तिक उन्नीकृष्णन (ट्रिपल जंप), करणवीर सिंह (गोला फेंक), तजिंदरपाल सिंह तूर (गोला फेंक), दमनीत सिंह (हथौड़ा फेंक), नीरज चोपड़ा (भाला फेंक), रोहित यादव (भाला फेंकने का खेल), तौफीक नौशाद (डेकाथलॉन), तेजस्विन शंकर (डेकाथलॉन)
(Image Source : X/Athletics Federation of India)
महिला:– प्राची चौधरी (400 मी), गौतमी जयारमन (800 मी), पूजा (800मी, 1500मी), पारुल चौधरी (1500 मीटर, 5000 मीटर, 3000 मीटर स्टीपलचेज़), सीमा (5000 मी, 10000 मी), प्रियंका गोस्वामी (मैराथन रेस वॉक), मंजू रानी (मैराथन रेस वॉक), ज्योति याराजी (100 मीटर बाधा दौड़), नंदिनी कोंगन (100 मीटर बाधा दौड़), उन्नति अयप्पा बोलैंड (200मी), अनु राघवन (400 मीटर बाधा दौड़), विथ्या रामराज (400 मीटर बाधा दौड़), अंकिता ध्यानी (3000 मीटर स्टीपलचेज), तमन्ना (4×100 मीटर रिले, मिश्रित 4×100 मीटर रिले), नित्या गंधे (4×100 मीटर रिले), सरबानी नंदा (4×100 मीटर रिले), अबिनया राजराजन (4×100 मीटर रिले) स्नेहा सत्यनारायण (4×100 मीटर रिले, मिश्रित 4×100 मीटर रिले), सुदेशना शिवंकर (4×100 मीटर रिले), रशदीप कौर (4×400 मीटर रिले, मिश्रित 4×400 मीटर रिले), अनसा बाबू (4×400 मीटर रिले, मिश्रित 4×400 मीटर रिले),
JSW MG Motor India has launched the Hector Tomahawk EV at a starting price of Rs 19.49 lakh (ex-showroom), while prices under its Battery-as-a-Service (BaaS) programme start at Rs 13.99 lakh. The electric SUV gets a 69.2kWh battery and is available in five and seven-seat configurations. The Tomahawk EV is the first MG model in India based on the brand’s ADAPT architecture.
Deliveries to commence in September
Gets a 15.6-inch touchscreen and 8.8-inch digital driver’s display
204hp electric motor develops 310Nm
90kW DC charging; 30-80 percent in 35 minutes
MG Hector Tomahawk EV: price and variants
Variant
Seating
Ex-showroom price
Excite
7-seat
Rs 19.49 lakh
Exclusive
7-seat
Rs 21.99 lakh
Essence
7-seat
Rs 23.49 lakh
Essence
5-seat
Rs 22.99 lakh
The Hector Tomahawk EV is priced from Rs 19.49 lakh to Rs 23.49 lakh (ex-showroom). The five-seat version is offered only in the Essence variant and is priced at Rs 22.99 lakh, while the seven-seat version is available in Excite, Exclusive and Essence trims.
MG is also offering the Hector Tomahawk EV under its Battery-as-a-Service (BaaS) programme, with prices starting at Rs 13.99 lakh. Buyers opting for BaaS pay a separate battery rental of Rs 4.90 per km. MG has not disclosed variant-wise BaaS prices.
The prices are introductory and applicable to limited units only.
In terms of rivals, the Hector Tomahawk EV will primarily face the Mahindra XEV 9S and Kia Carens Clavis EV, both of which are available with three-row seating. The Tomahawk EV’s five-seat version also broadens its competition to other electric SUVs in this price range.
MG Hector Tomahawk EV: exterior
The Hector Tomahawk EV gets LED projector headlamps with LED daytime running lights with an illuminated MG logo positioned between them. The front bumper has a blacked out, closed-off lower front fascia, while the SUV rides on 18-inch dual-tone alloy wheels. It also gets roof rails, black cladding around the wheel arches and lower doors and an automatic powered tailgate.
At the rear, the Tomahawk EV features wraparound LED tail-lamps and a sculpted rear bumper. The SUV measures 4,745mm long, 1,850mm wide and 1,770mm tall, with a 2,810mm wheelbase and 230mm ground clearance. The Hector Tomahawk EV gets a 610-litre boot for the five-seat version, while the seven-seat version offers 192 litres with all three rows in use and 528 litres with the third row folded.
MG Hector Tomahawk EV: interior and features
The Hector Tomahawk EV gets a 15.6-inch infotainment touchscreen, a 8.8-inch digital drivers display, wireless Apple CarPlay and Android Auto, wireless phone charging and gesture controls for functions such as the air-conditioning and audio system.
Other features include a panoramic sunroof, ventilated front seats, 256-colour ambient lighting, a 10-speaker Infinity sound system, a powered tailgate, connected car tech, rear window sunshades and a driver’s seat with memory and auto-retract functionality. The SUV also gets several cabin modes, including Nap, Camp, Energise, Pro Pet, Valet and Quiet modes.
The Hector Tomahawk EV is available with five or seven seats. The five-seat version has 610 litres of boot space, which increases to 1,053 litres with the second row folded. The seven-seat version offers 192 litres with all three rows in use and 528 litres with the third row folded.
MG Hector Tomahawk EV: battery and range
The Tomahawk EV gets a 69.2kWh battery paired with a permanent-magnet synchronous motor producing 204hp and 310Nm. MG claims a 517km MIDC range and a 0-100kph time of 8.2sec.
The EV uses a CCS2 charging connection and supports DC fast charging at up to 90kW. MG claims a 30-80 percent charge in around 35 minutes using a 90kW DC charger. With a 7.4kW AC charger, a 10-100 percent charge takes around 12.5 hours. A portable charger that plugs into a 15A socket is also offered.
The Tomahawk EV also supports vehicle-to-load (V2L) and vehicle-to-vehicle (V2V) functions. MG says V2L can power compatible external devices and appliances, while V2V allows the SUV to charge another electric vehicle. It also claims the Tomahawk EV is India’s first vehicle-to-home (V2H) vehicle, allowing its battery to supply power to household appliances through two-way charging.
इंदौर की खराब सड़कों के लिए अब लोगों को तरह तरह के विरोध करना पड़ रहा है। हाल ही में इंदौर में एक सड़क की बदहाल हालत को सुधारने की मांग के साथ शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे लोगों के साथ कीचड़भरी सड़क पर बैठ गए। यह सड़क बॉम्बे हॉस्पिटल की सर्विस रोड है।
शहर की बदहाल सड़कों और गड्ढों के कारण हो रही जन परेशानी की ओर ध्यान आकर्षित करने के लिए कांग्रेस नगर अध्यक्ष चिंटू चौकसे बुधवार सुबह 10 बजे कीचड़ से भरी सड़क पर धरने पर बैठ गए। रहवासियों का आरोप है कि पिछले 2 वर्षों से वे इस दयनीय स्थिति का सामना कर रहे हैं, क्योंकि ड्रेनेज लाइन बिछाने के लिए खोदी गई सड़क की मरम्मत अब तक नहीं कराई गई है।
कांग्रेस नगर अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने बताया कि नगर निगम प्रशासन और महापौर को नींद से जगाने के लिए अनूठा प्रदर्शन किया। चिंटू चौकसे ने कहा कि बॉम्बे हॉस्पिटल के पास स्थित यह सर्विस रोड बीते कई समय से बेहद खराब स्थिति में है। यहां से गुजरने वाले आम नागरिकों और वाहन चालकों को हर दिन दुर्घटनाओं और भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने बताया कि 2 वर्ष पूर्व ड्रेनेज लाइन डालने के लिए इस सड़क की खुदाई की गई थी, जिसके बाद से इसे अपने हाल पर छोड़ दिया गया। बारिश के मौसम में यह सड़क कीचड़ और बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील हो चुकी है, जिससे आए दिन लोग गाड़ियों समेत गिरकर चुटिल हो रहे हैं। चौकसे ने कहा कि यह केवल एक क्षेत्र की बात नहीं है, बल्कि इंदौर शहर के कई इलाकों में सड़कों का यही हाल है।
कांग्रेस नेताओं ने नगर निगम प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि अगले 5 दिनों के भीतर इस सड़क की स्थिति को सुधार कर निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया, तो कांग्रेस पार्टी उग्र आंदोलन करेगी और शहर में चक्का जाम करने के लिए बाध्य होगी। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि शहर भर की सभी खस्ताहाल सड़कों की अविलंब मरम्मत की जाए।
इस साल रक्षाबंधन (Shravan Purnima) की तारीख और भद्रा काल को लेकर कई लोगों के मन में उलझन है। अगर आप भी सोच रहे हैं कि राखी 27 अगस्त को बांधनी है या 28 अगस्त को, तो आपकी उलझन को दूर करने के लिए शास्त्रों और पंचांग के अनुसार सटीक जानकारी यहाँ दी गई है।
27 अगस्त को क्यों न बांधें राखी? (भद्रा का साया)
पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त 2026 (गुरुवार) को सुबह 09:08 बजे से शुरू हो जाएगी। लेकिन, तिथि के साथ ही भद्रा काल भी शुरू हो जाएगा जो रात तक रहेगा। शास्त्रों के अनुसार, भद्रा में राखी बांधना वर्जित और अशुभ माना जाता है। इसलिए 27 अगस्त को रक्षाबंधन मनाना श्रेष्ठ नहीं है।
28 अगस्त को ही क्यों मनाएं रक्षाबंधन? (उदया तिथि का महत्व)
पूर्णिमा तिथि 28 अगस्त 2026 (शुक्रवार) को सुबह 09:48 बजे तक रहेगी। सनातन धर्म में उदया तिथि (सूर्योदय के समय जो तिथि हो) को ही पूरे दिन के लिए मान्य माना जाता है।
इस दिन भद्रा का कोई साया नहीं रहेगा।
आप 28 अगस्त को पूरे दिन हर्षोल्लास के साथ रक्षाबंधन का पर्व मना सकते हैं।
क्या 28 अगस्त के चंद्रग्रहण का असर पड़ेगा?
28 अगस्त को चंद्रग्रहण भी लग रहा है, लेकिन घबराने की कोई बात नहीं है! यह ग्रहण भारत में दिखाई (दृश्य) नहीं देगा। इस कारण से भारत में इसका कोई सूतक काल मान्य नहीं होगा और आपके रक्षाबंधन के पर्व पर इसका कोई भी नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा।
राखी बांधनेका सबसे श्रेष्ठ और शुभ मुहूर्त (Best Muhurat)
चूंकि पूर्णिमा तिथि सुबह 09:48 बजे समाप्त हो रही है, इसलिए शास्त्रों के अनुसार सुबह का समय सबसे उत्तम है:
सर्वोत्तम मुहूर्त (सुबह): सुबह 05:57 बजे से सुबह 09:48 बजे तक
दोपहर का शुभ समय (अभिजीत मुहूर्त): दोपहर 12:24 बजे से दोपहर 12:53 बजे तक।
सावधानी (राहुकाल): सुबह 10:46 बजे से दोपहर 12:22 बजे तक राहुकाल रहेगा। इस समय के दौरान राखी बांधने से बचें।
CTET Exam Postponed 2026: सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद 22वें केंद्रीय शिक्षक अर्हता परीक्षा (CTET) को टाल दिया है। साथ ही, बोर्ड ने सीटेट परीक्षा के लिए आवेदन विंडो फिर से खोल दी है। इससे उन उम्मीदवारों को आवेदन करने का एक और मौका मिल गया है जो पहले पंजीकरण नहीं कर पाए थे। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार अब 1 सितंबर, 2026 तक आवेदन जमा कर सकते हैं।
सीबीएसई बोर्ड द्वारा जारी आधिकारिक नोटिस के मुताबिक, योग्य शिक्षकों के लिए जरूरी शिक्षक अर्हता परीक्षा (TET) क्वालिफिकेशन पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को देखते हुए आवेदन विंडो फिर से खोली गई है। बोर्ड ने कहा कि यह अतिरिक्त मौका इसलिए दिया गया है ताकि योग्य शिक्षकों के पास क्वालिफिकेशन की जरूरत को पूरा करने के लिए पर्याप्त समय हो। सीबीएसई 22वां सेंट्रल टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (CTET) आयोजित कर रहा है। अब तक सीटेट के कुल 21 संस्करण हो चुके हैं। सीटेट के 21वें संस्करण का रिजल्ट 30 मार्च को घोषित किया गया था।
सीबीएसई ने अपने आधिकारिक नोटिस में कहा, “सुप्रीम कोर्ट ने योग्य शिक्षकों को तय टीईटी योग्यता हासिल करने की कानूनी जरूरत को पूरा करने के लिए एक सही मौका देने की जरूरत पर जोर दिया है। इसे देखते हुए और उम्मीदवारों के व्यापक हित में, यह तय किया गया है कि 25 अगस्त से 1 सितंबर, 2026 तक ऑनलाइन आवेदन पोर्टल खोलकर उन सभी योग्य उम्मीदवारों को एक मौका दिया जाए जो पहले की आवेदन विंडो का फायदा नहीं उठा सके थे।” 22वें सीटेट का नोटिफिकेशन 8 मई को जारी किया गया था, और ऑनलाइन आवेदन 11 मई से 10 जून तक लिए गए थे।
सीटेट 2026 परीक्षा कब होगी?
आवेदन विंडो फिर से खुलने के साथ, कैंडिडेट सीटेट परीक्षा की संशोधित तारीख भी जानना चाहते हैं। सीबीएसई ने कहा है कि 1 सितंबर को एप्लीकेशन पोर्टल बंद होने के बाद परीक्षा की बदली हुई तारीख बताई जाएगी। बता दें, यह परीक्षा पहले सितंबर में होने वाली थी।
KTM has launched a new Arctic Flare colourway for the 349cc 390 Adventure, priced at Rs 2.88 lakh (ex-showroom). The colour was spotted just a day or two ago, and we reported on it at the time. It has now officially been added to the lineup replaces the earlier colour.
New colour priced at Rs 2.88 lakh
349cc 390 Adventure gets unique colourways and graphics
Only two colours on offer, both priced identically
When the 349cc 390 Adventure was launched, it came with the same body panels as the 399cc 390 Adventure S, while using the 19-inch alloy wheels from the 390 Adventure X. That is no longer the case now, the 349cc 390 Adventure now gets colourways unique to the model, helping distinguish it from the full-fat 399cc 390 Adventure range.
There are only two colours available: Ebony Black and the new Arctic Flare. Both are priced at Rs 2.88 lakh (ex-showroom).
The differentiation extends to the graphics as well. The ‘Adventure’ lettering is in a completely different style on the 349cc bike, giving it a distinct visual identity rather than simply making it look like a smaller-capacity version of the 399cc 390 Adventure.
There are no mechanical changes to the motorcycle. It continues with its 349cc single-cylinder engine and 19-inch front and 17-inch rear alloy wheels.
With the new colourways and graphics, KTM has now given the 349cc 390 Adventure a clearer identity of its own, setting it apart from the 399cc 390 Adventure X, R and S.
सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। वीडियो में एक शख्स कथित तौर पर गंगा नदी की डॉल्फिन को साइकिल से बांधकर उसके साथ रील बनाता नजर आ रहा है। फुटेज सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। कई यूजर्स ने इस घटना को बेहद शर्मनाक बताते हुए वन्यजीवों के साथ इस तरह के व्यवहार पर सवाल उठाए हैं। दावा किया जा रहा है कि मामला बिहार का है और वीडियो में दिख रहा व्यक्ति डॉल्फिन के साथ रील बना रहा था। घटना से जुड़े एक अन्य वीडियो को लेकर डॉल्फिन के मृत होने की बात भी कही जा रही है।
हालांकि, वायरल वीडियो और उससे जुड़े सभी दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। लोगों ने संबंधित अधिकारियों से मामले की जांच करने और आरोप सही पाए जाने पर जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
पहले जिंदा नजर आई डॉल्फिन
वायरल पोस्ट में दो वीडियो का जिक्र है। पहले फुटेज में डॉल्फिन जिंदा दिखाई देती है और कथित तौर पर उसे साइकिल से बांधा गया है। इसके बाद सामने आए दूसरे वीडियो में वही जानवर मृत नजर आने का दावा किया गया है। इस दौरान शख्स के उसके साथ रील बनाने की बात कही जा रही है।
तेल निकालने के लिए पकड़ने का भी दावा
सोशल मीडिया पोस्ट्स में दावा किया गया है कि यह घटना बिहार की है और इसमें नेटालाल कुमार नाम के एक व्यक्ति का कथित तौर पर शामिल होना बताया जा रहा है। पोस्ट में यह भी दावा किया गया कि डॉल्फिन को कथित रूप से उसका तेल निकालने के लिए पकड़ा गया था और बाद में घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाला गया।
‘रील के लिए लुप्तप्राय जीव को क्यों बनाया कंटेंट?’
वीडियो सामने आने के बाद यूजर्स ने सवाल उठाया कि सोशल मीडिया पर कुछ सेकेंड की लोकप्रियता के लिए किसी दुर्लभ वन्यजीव के साथ इस तरह का व्यवहार कैसे किया जा सकता है। कई लोगों ने बिहार पुलिस और वन विभाग से मामले की जांच कर दोष साबित होने पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
Only about 5,000 Ganga river dolphins are left in the world.
This guy caught and killed one and is now making reels about it.
Absolutely shameful.
Bihar Govt must take strict action. Endangered wildlife is not content for social media. pic.twitter.com/RSQJxPmZgJ
गंगा नदी की डॉल्फिन एक लुप्तप्राय प्रजाति है और इसके संरक्षण को लेकर लंबे समय से प्रयास किए जा रहे हैं। वायरल पोस्ट में दावा किया गया है कि दुनिया में इनकी संख्या करीब 5,000 ही रह गई है। ऐसे में एक डॉल्फिन की कथित मौत ने संरक्षण को लेकर चिंता और बढ़ा दी है।
यूजर्स ने पुलिस और वन विभाग को किया टैग
मामले को लेकर कई सोशल मीडिया यूजर्स ने बिहार पुलिस, पर्यावरण मंत्रालय और वन्यजीव संरक्षण संगठनों को टैग किया। एक यूजर ने मांग की कि अगर किसी व्यक्ति ने जानबूझकर संरक्षित जीव को नुकसान पहुंचाया है, तो उसके खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
कानूनी कार्रवाई की उठी मांग
कुछ यूजर्स ने दावा किया कि भारत में गंगा डॉल्फिन को कानूनी संरक्षण प्राप्त है और इसे नुकसान पहुंचाने पर जेल व जुर्माने का प्रावधान है। हालांकि, वायरल वीडियो से जुड़े दावों की आधिकारिक पुष्टि स्वतंत्र रूप से नहीं हुई है। इसलिए घटना की वास्तविक परिस्थितियों और जिम्मेदार व्यक्ति की भूमिका की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर यूज़र द्वारा शेयर किए गए कंटेंट पर आधारित है। मनीकंट्रोल इन दावों की न तो स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है और न ही इनका समर्थन करता है।