Mopshop IPO Listing: खुदरा निवेशकों ने खूब खरीदे थे ₹138 के शेयर, अब लिस्टिंग पर झटका

Mopshop IPO Listing: साफ-सफाई से जुड़े प्रोडक्ट्स मुहैया कराने वाली मॉपशॉप डिस्ट्रीब्यूशन के शेयरों की BSE SME पर डिस्काउंट पर एंट्री हुई। आईपीओ की बात करें तो खुदरा निवेशकों के दम पर इसे ओवरऑल डेढ़ गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹138 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE SME पर इसकी ₹137.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को कोई लिस्टिंग गेन नहीं मिला बल्कि 0.72% पूंजी ही घट गई। आईपीओ निवेशकों को और झटका तब लगा, जब शेयर में फिलहाल कोई मूवमेंट नहीं आया। फिलहाल यह ₹137.00 (Mopshop Share Price)  पर आ गया यानी कि आईपीओ निवेशक 0/72% घाटे में हैं।

Mopshop IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

मॉपशॉप का ₹27 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 19-21 अगस्त तक खुला था। खुदरा निवेशकों के दम पर यह आईपीओ ओवरऑल 1.59 गुना सब्सक्राइब हुआ था। वहीं नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा आधा भी नहीं भर पाया और 0.27 गुना सब्सक्राइब हुआ जबकि खुदरा निवेशकों का हिस्सा 2.91 गुना भरा था।

इस आईपीओ के तहत ₹22 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹10 की फेस वैल्यू वाले 3.75 लाख शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिके हैं। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹11.98 करोड़ कर्ज हल्का करने, ₹2.60 करोड़ कमर्शियल गाड़ियों की खरीदारी, ₹1.05 करोड़ रूफटॉप ग्रिड सोलर पावर प्लांट के सेटअप, ₹3.31 करोड़ आम कॉरपोरेट उद्देश्यों और 3.13 करोड़ आईपीओ से जुड़े एक्सपेंसेज पर खर्च होंगे।

Mopshop के बारे में

मॉपशॉप डिस्ट्रीब्यूशन फैसिलिटी मैनेजमेंट सप्लाईज (FMS) मुहैया करने के बिजनेस में है। इसके प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में माइक्रोफाइबर कपड़े, सर्फेस डिसइंफेक्ट्स, सेंसर वाले डिस्पेंसर्स, बॉयो-डिग्रेडेबल गार्बेज बैग, टिश्यू पेपर, पेडल बिन्स, रिंजर बकेट्स, वैक्यूम क्लीनर्स, एयर फ्रेशनर्स, टूल किट्स और इनसे जुड़ी एक्सेसरीज हैं।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2023-25 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना करीब 75% की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹2.48 करोड़ और टोटल इनकम 18% के सीएजीआर से ₹42.00 करोड़ पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्षष 2026 की बात करें तो 11 महीने में इसे ₹5.18 करोड़ का नेट प्रॉफिट और ₹44.66 करोड़ का टोटल इनकम हासिल हुआ था। फरवरी 2026 के आखिरी में कंपनी पर ₹12.21 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹6.32 करोड़ पड़े थे।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

दुनिया का सबसे बड़ा रॉकेट लॉन्च कॉम्प्लेक्स बनाएंगे मस्क:ये मैनहट्टन शहर से 8 गुना बड़ी जमीन पर बनेगा, हर साल हजारों स्टारशिप रॉकेट लॉन्च होंगे

इलॉन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स अमेरिका के दक्षिणी लुइसियाना में दुनिया का सबसे बड़ा रॉकेट लॉन्च कॉम्प्लेक्स बना रही है। इस प्रोजेक्ट पर कंपनी 100 बिलियन डॉलर यानी करीब ₹9.50 लाख करोड़ का निवेश करेगी। ‘स्टारबेस, लुइसियाना’ स्पेसएक्स का दूसरा ‘स्टारबेस’ कैंपस होगा। यह नया स्पेसपोर्ट लुइसियाना के पिकान आइलैंड पर 1.25 लाख एकड़ में फैला होगा, जो कि न्यूयॉर्क के मैनहट्टन शहर से भी आठ गुना बड़ा है। यहां से स्पेसएक्स के नेक्स्ट-जनरेशन रॉकेट ‘स्टारशिप’ और AI बेस्ड सैटेलाइट्स को अंतरिक्ष में भेजा जाएगा। कंस्ट्रक्शन साल 2029 से शुरू होने की उम्मीद है। 3,000 नई नौकरियां मिलेंगी, औसत सैलरी ₹88 लाख सालाना होगी लुइसियाना के गवर्नर जेफ लैंड्री ने इसे राज्य की इकोनॉमी के लिए बड़ा कदम बताया है। लैंड्री के मुताबिक, इस स्पेसपोर्ट से क्षेत्र में कम से कम 3 हजार से ज्यादा डायरेक्ट नौकरियां पैदा होंगी। यहां काम करने वाले कर्मचारियों की औसत सालाना सैलरी 92,600 डॉलर यानी करीब 88 लाख रुपए होगी, जो वर्मिलियन पैरिश की मौजूदा औसत इनकम से लगभग दोगुनी है। गवर्नर ने कहा, “यह प्रोजेक्ट रोजगार, समुदायों के लिए प्रगति और हमारे तटीय इलाकों के लिए सुरक्षा लेकर आएगा।” ‘सेल्फ-सस्टेनिंग’ होगा कैंपस, खुद बनाएगा ईंधन और बिजली स्पेसएक्स की प्रेसिडेंट ग्विन शॉटवेल ने बताया कि यह कैंपस पूरी तरह ‘सेल्फ-सस्टेनिंग’ होगा। खुद का ईंधन और बिजली: कॉम्प्लेक्स के भीतर ही रॉकेट प्रोपेलेंट के लिए मीथेन गैस का उत्पादन होगा और इलेक्ट्रिसिटी जनरेशन फैसिलिटी लगाई जाएगी। शिपिंग और ट्रांसपोर्ट: स्टारशिप रॉकेट्स को लाने-ले जाने के लिए डीप-वॉटर शिपिंग पोर्ट और व्हीकल प्रोसेसिंग यूनिट्स बनाई जाएंगी। एक डेडिकेटेड एयरपोर्ट भी बनाया जा सकता है। शॉटवेल ने कहा कि इस फैसिलिटी का लक्ष्य हर साल स्टारशिप के हजारों उड़ानों को सपोर्ट करना है, हालांकि यह इंजीनियरिंग और रेग्युलेटरी अप्रूवल पर निर्भर करेगा। रॉकेट मैन्युफैक्चरिंग नहीं सिर्फ लॉन्चिंग होगी यह लुइसियाना कैंपस स्पेसएक्स के टेक्सास स्थित ‘स्टारबेस’ से काफी अलग होगा। टेक्सास में रॉकेट्स का निर्माण और असेंबली की जाती है, जबकि लुइसियाना फैसिलिटी में रॉकेट की मैन्युफैक्चरिंग नहीं होगी। इसका मुख्य फोकस केवल हाई-फ्रीक्वेंसी यानी तेज गति से लॉन्चिंग पर रहेगा। पिकान आइलैंड की भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि यहां से रॉकेट्स को सन-सिंक्रोनस ऑर्बिट में आसानी से भेजा जा सकता है। यह ऑर्बिट सोलर-पावर्ड सैटेलाइट्स के लिए सबसे मुफीद मानी जाती है। लुइसियाना स्पेसपोर्ट के जरिए मस्क दो बड़े लक्ष्य… नॉलेज पार्ट: क्या होता है ‘सन-सिंक्रोनस ऑर्बिट’? यह पृथ्वी का एक ऐसा ऑर्बिटहै जिसमें सैटेलाइट हमेशा सूर्य के एक ही कोण के साथ यात्रा करती है। यानी सैटेलाइट जिस जगह से भी गुजरती है, वहां हमेशा धूप होती है। सोलर-पावर्ड सैटेलाइट्स और अर्थ-ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट्स के लिए यह ऑर्बिट सबसे बेस्ट मानी जाती है।

दुनिया का सबसे बड़ा रॉकेट लॉन्च कॉम्प्लेक्स बनाएंगे मस्क:ये मैनहट्टन से 8 गुना बड़ी जमीन पर बनेगा, हर साल हजारों स्टारशिप रॉकेट लॉन्च होंगे

इलॉन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स अमेरिका के दक्षिणी लुइसियाना में दुनिया का सबसे बड़ा रॉकेट लॉन्च कॉम्प्लेक्स बना रही है। इस प्रोजेक्ट पर कंपनी 100 बिलियन डॉलर यानी करीब ₹9.50 लाख करोड़ का निवेश करेगी। ‘स्टारबेस, लुइसियाना’ स्पेसएक्स का दूसरा ‘स्टारबेस’ कैंपस होगा। यह नया स्पेसपोर्ट लुइसियाना के पिकान आइलैंड पर 1.25 लाख एकड़ में फैला होगा, जो कि न्यूयॉर्क के मैनहट्टन शहर से भी आठ गुना बड़ा है। यहां से स्पेसएक्स के नेक्स्ट-जनरेशन रॉकेट ‘स्टारशिप’ और AI बेस्ड सैटेलाइट्स को अंतरिक्ष में भेजा जाएगा। कंस्ट्रक्शन साल 2029 से शुरू होने की उम्मीद है। 3,000 नई नौकरियां मिलेंगी, औसत सैलरी ₹88 लाख सालाना होगी लुइसियाना के गवर्नर जेफ लैंड्री ने इसे राज्य की इकोनॉमी के लिए बड़ा कदम बताया है। लैंड्री के मुताबिक, इस स्पेसपोर्ट से क्षेत्र में कम से कम 3 हजार से ज्यादा डायरेक्ट नौकरियां पैदा होंगी। यहां काम करने वाले कर्मचारियों की औसत सालाना सैलरी 92,600 डॉलर यानी करीब 88 लाख रुपए होगी, जो वर्मिलियन पैरिश की मौजूदा औसत इनकम से लगभग दोगुनी है। गवर्नर ने कहा, “यह प्रोजेक्ट रोजगार, समुदायों के लिए प्रगति और हमारे तटीय इलाकों के लिए सुरक्षा लेकर आएगा।” ‘सेल्फ-सस्टेनिंग’ होगा कैंपस, खुद बनाएगा ईंधन और बिजली स्पेसएक्स की प्रेसिडेंट ग्विन शॉटवेल ने बताया कि यह कैंपस पूरी तरह ‘सेल्फ-सस्टेनिंग’ होगा। खुद का ईंधन और बिजली: कॉम्प्लेक्स के भीतर ही रॉकेट प्रोपेलेंट के लिए मीथेन गैस का उत्पादन होगा और इलेक्ट्रिसिटी जनरेशन फैसिलिटी लगाई जाएगी। शिपिंग और ट्रांसपोर्ट: स्टारशिप रॉकेट्स को लाने-ले जाने के लिए डीप-वॉटर शिपिंग पोर्ट और व्हीकल प्रोसेसिंग यूनिट्स बनाई जाएंगी। एक डेडिकेटेड एयरपोर्ट भी बनाया जा सकता है। शॉटवेल ने कहा कि इस फैसिलिटी का लक्ष्य हर साल स्टारशिप के हजारों उड़ानों को सपोर्ट करना है, हालांकि यह इंजीनियरिंग और रेग्युलेटरी अप्रूवल पर निर्भर करेगा। रॉकेट मैन्युफैक्चरिंग नहीं सिर्फ लॉन्चिंग होगी यह लुइसियाना कैंपस स्पेसएक्स के टेक्सास स्थित ‘स्टारबेस’ से काफी अलग होगा। टेक्सास में रॉकेट्स का निर्माण और असेंबली की जाती है, जबकि लुइसियाना फैसिलिटी में रॉकेट की मैन्युफैक्चरिंग नहीं होगी। इसका मुख्य फोकस केवल हाई-फ्रीक्वेंसी यानी तेज गति से लॉन्चिंग पर रहेगा। पिकान आइलैंड की भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि यहां से रॉकेट्स को सन-सिंक्रोनस ऑर्बिट में आसानी से भेजा जा सकता है। यह ऑर्बिट सोलर-पावर्ड सैटेलाइट्स के लिए सबसे मुफीद मानी जाती है। लुइसियाना स्पेसपोर्ट के जरिए मस्क दो बड़े लक्ष्य… नॉलेज पार्ट: क्या होता है ‘सन-सिंक्रोनस ऑर्बिट’? यह पृथ्वी का एक ऐसा ऑर्बिटहै जिसमें सैटेलाइट हमेशा सूर्य के एक ही कोण के साथ यात्रा करती है। यानी सैटेलाइट जिस जगह से भी गुजरती है, वहां हमेशा धूप होती है। सोलर-पावर्ड सैटेलाइट्स और अर्थ-ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट्स के लिए यह ऑर्बिट सबसे बेस्ट मानी जाती है।

तेलंगाना में भीषण हादसा, ट्रक से टकराई बस, 6 की मौत और 20 घायल

तेलंगाना में भीषण हादसा, ट्रक से टकराई बस, 6 की मौत और 20 घायल

हैदराबाद-विजयवाड़ा नेशनल हाईवे पर बुधवार तड़के एक दिल दहला देने वाला हादसा हो गया। यात्रियों से भरी एक प्राइवेट बस खड़े कंटेनर ट्रक से टकरा गई, जिससे छह लोगों की मौत हो गई। वहीं कम से कम बीस लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। यह भयानक हादसा तेलंगाना के सूर्यपेट जिले के कोडद मंडल में द्वारकुंटा के पास हुआ, जो ऐसी घटनाओं के लिए कुख्यात है। बस हैदराबाद से एलुरु जा रही थी, तभी वह लोहे की छड़ों से लदे कंटेनर से टकरा गई।

टक्कर इतनी ज़ोरदार थी कि कंटेनर से बाहर निकली लोहे की छड़ें बस के अगले हिस्से को चीरती हुई अंदर घुस गईं, जिससे शीशे टूट गए और छड़ें यात्रियों की सीटों तक पहुंच गईं, आगे बैठे लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।

शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, बस में लगभग 42 यात्री सवार थे और हादसा सुबह 4:30 से 5 बजे के बीच हुआ, जब अक्सर ड्राइवर की थकान एक वजह होती है। मौके पर अफरातफरी का माहौल था, घायल बुरी तरह क्षतिग्रस्त बस के मलबे में फंसे हुए थे और मदद के लिए चिल्ला रहे थे।

पुलिस और स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और बचाव अभियान शुरू किया, जो एक घंटे से ज़्यादा समय तक चला। गैस कटर और अन्य उपकरणों की मदद से, उन्होंने बुरी तरह क्षतिग्रस्त वाहन में फंसे यात्रियों को बाहर निकाला और उन्हें इमरजेंसी इलाज के लिए पास के अस्पतालों में पहुंचाया।

पुलिस अधिकारियों ने पुष्टि की कि मरने वालों की संख्या छह है, जबकि बीस अन्य घायल हुए हैं, जिनमें से कुछ की हालत गंभीर है। हालांकि कुछ रिपोर्टों में शुरू में पांच मौतों का ज़िक्र था, लेकिन बुधवार सुबह अधिकारियों की आधिकारिक गिनती में छह मौतों की पुष्टि हुई।

क्या है हादसे का कारण : इस हादसे के कारण व्यस्त नेशनल हाईवे पर ट्रैफिक पूरी तरह ठप हो गया और गाड़ियां कई किलोमीटर तक फंसी रहीं, बाद में पुलिस ने क्रेन की मदद से मलबा हटाया। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। हालांकि सटीक वजह का अभी पता नहीं चल पाया है, लेकिन शुरुआती शक तेज़ रफ़्तार या ड्राइवर के स्टीयरिंग पर झपकी आने की ओर इशारा करता है।

गुजरात में यात्रियों के लिए खुशखबरी, ST निगम चलाएगा 6,500 बसें, 101 नई बसों को हरी झंडी, बहनों और बच्चों के लिए मुफ्त यात्रा

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gujrat

रक्षाबंधन के पवित्र त्योहार पर बहनें आसानी और सुरक्षित तरीके से यात्रा करके अपने भाई के घर पहुंच सकें, इसके लिए गुजरात एसटी निगम के बेड़े में 101 नई बसों को शामिल किया जा रहा है। गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी इन नई बसों को हरी झंडी दिखाकर यात्रियों की सेवा के लिए रवाना करेंगे। नई बसों के आने से राज्य के यात्रियों की सुविधाओं में बढ़ोतरी होगी और त्योहारों के दौरान बस सेवा अधिक सुदृढ़ बनेगी।

वडोदरा में महिलाओं और बच्चों के लिए सिटी बस में मुफ्त यात्रा
रक्षाबंधन के अवसर को ध्यान में रखते हुए वडोदरा महानगर पालिका द्वारा शहर की बहनों के लिए एक विशेष उपहार की घोषणा की गई है। त्योहार के दिन वडोदरा शहर में चलने वाली सभी 150 इलेक्ट्रिक (EV) सिटी बसों में बहनों और बच्चों के लिए यात्रा पूरी तरह से मुफ्त रहेगी। मनपा के इस फैसले से शहर की हजारों महिलाएं बिना किसी खर्च के आसानी से अपने भाई के घर पहुंच सकेंगी।

त्योहारों की भीड़ को संभालने के लिए चलेंगी 6,500 अतिरिक्त एसटी बसें
रक्षाबंधन और आगामी त्योहारों के दौरान यात्रियों की भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए गुजरात सरकार द्वारा 26 से 30 अगस्त के दौरान 6,500 अतिरिक्त एसटी बसों का संचालन किया जाएगा। ये विशेष बसें अहमदाबाद, गोधरा, वडोदरा, पालनपुर, नडियाद जैसे प्रमुख शहरों के अलावा पावागढ़, सूरत, राजकोट, जूनागढ़, पोरबंदर और वलसाड जैसे पर्यटन एवं तीर्थ स्थलों के रूटों पर चलाई जाएंगी।

पिछले साल का रिस्पॉन्स और एडवांस बुकिंग की सुविधा
पिछले साल भी रक्षाबंधन के दौरान एसटी निगम द्वारा 6,402 अतिरिक्त ट्रिप चलाई गई थीं, जिसका 3.33 लाख से अधिक यात्रियों ने लाभ उठाया था। इस साल भी यात्रियों को बस स्टैंड पर लंबी लाइनों में न खड़ा होना पड़े और उनकी यात्रा आरामदायक रहे, इसके लिए निगम द्वारा एडवांस बुकिंग की विशेष सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

DDA का रक्षाबंधन पर बड़ा तोहफा! नरेला में 1,287 HIG और MIG फ्लैट्स पर 25% डिस्काउंट, 28 अगस्त से बुकिंग शुरू

दिल्ली में घर खरीदने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने एक बड़ी खुशखबरी दी है। रक्षाबंधन के मौके पर DDA ने नागरिक आवास योजना 2026 में बदलाव करते हुए नरेला में 1,287 और नए फ्लैट जोड़े हैं। इन घरों की कीमत पर 25 फीसदी की छूट दी जाएगी। रक्षा बंधन से पहले की गई इस घोषणा से कम कीमत में घर खरीदने की योजना बना रहे लोगों को फायदा मिल सकता है। फ्लैट खरीदने के इच्छुक लोग 28 अगस्त 2026 से बुकिंग कर सकेंगे। आइए जानते है डीडीए की इस योजना के बारे में

डीडीए ने जोड़े 1,287 फ्लैट

DDA ने 18 अगस्त 2026 को एक सर्कुलर जारी कर ये जानकारी दी है। इस सर्कुलर में नरेला के सेक्टर A1-A4 के पॉकेट 3 और 4 में 1,287 फ्लैट जोड़ने की बात कही गई है। अथॉरिटी ने इन फ्लैटों की पूरी जानकारी के साथ उनकी छूट वाली कीमतों की लिस्ट भी जारी कर दी है। DDA की इस नई सूची में नरेला के सेक्टर A1-A4 के पॉकेट 3 और 4 के फ्लैट शामिल किए गए हैं। इनमें कुल 1,287 घर हैं, जिनमें 790 फ्लैट मिडिल इनकम ग्रुप (MIG) के लिए और 497 फ्लैट हाई इनकम ग्रुप (HIG) के लिए रखे गए हैं। इससे अलग-अलग आय वर्ग के लोगों को घर खरीदने का ऑप्शन मिलेगा।

कब से कर सकेंगे बुकिंग

DDA के नए फ्लैटों की बुकिंग 28 अगस्त को दोपहर 12 बजे से शुरू होगी। इन फ्लैटों का आवंटन ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर किया जाएगा। यानी जो पात्र लोग बुकिंग प्रक्रिया सबसे पहले पूरी करेंगे, उन्हें फ्लैट मिलने में प्राथमिकता दी जाएगी। ऐसे में घर खरीदने के इच्छुक लोगों के लिए बुकिंग शुरू होते ही आवेदन करना फायदेमंद रहेगा।

25% की मिलेगी छूट

DDA ने नए फ्लैटों की पूरी जानकारी जारी कर दी है। इसमें फ्लैट की मंजिल, उसका आकार और 25 फीसदी छूट के बाद की कीमत बताई गई है। कई MIG फ्लैट 126 से 140 वर्ग मीटर के हैं, जिनकी छूट के बाद कीमत करीब 73.7 लाख से 81.8 लाख रुपये तक है। अथॉरिटी की जारी सूची में हर फ्लैट की छूट के बाद वाली कीमत अलग-अलग बताई गई है। इन फ्लैटों पर नागरिक आवास योजना 2026 के सभी नियम और शर्तें लागू होंगी।

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Awarapan 2 box office collection day 12: दूसरे हफ्ते में भी धमाकेदार कमाई, 143 करोड़ पार हुआ कलेक्शन, 150 करोड़ से बस इतनी दूर फिल्म

‘आवारापन 2’ बॉक्स ऑफिस पर लगातार शानदार प्रदर्शन कर रही है। स्वतंत्रता दिवस से पहले रिलीज हुई इस फिल्म का मुकाबला ‘बटवारा 1947’ से हुआ, लेकिन इसका असर फिल्म की कमाई पर खास नहीं पड़ा। करीब 45 करोड़ रुपये के बजट में बनी इस फिल्म ने कमाई के मामले में जबरदस्त रफ्तार पकड़ी है। शुरुआती दिनों में शानदार कलेक्शन के बाद फिल्म ने पहले हफ्ते में ही अपनी पकड़ मजबूत कर ली। खास बात यह है कि अब तक फिल्म अपने बजट से कई गुना ज्यादा कमाई कर चुकी है और 200 फीसदी से अधिक मुनाफा दर्ज कर चुकी है।

दूसरे हफ्ते में भी दर्शकों का साथ मिलने से फिल्म की कमाई जारी है। अब सबकी नजर इसके अगले पड़ाव पर है। सवाल यही है कि क्या ‘आवारापन 2’ जल्द ही 150 करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर बॉक्स ऑफिस पर एक और बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर पाएगी?

पहले दिन से दिखा दम

‘Awarapan 2’ ने सिनेमाघरों में पहले दिन 22 करोड़ रुपये की कमाई के साथ शुरुआत की। इसके बाद दूसरे दिन फिल्म की कमाई में जबरदस्त उछाल देखने को मिला और इसने 33.75 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया। पहले हफ्ते के अंत तक फिल्म ने भारत में 113.50 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन कर लिया था, जबकि इसका वर्ल्डवाइड ग्रॉस 161.67 करोड़ रुपये पहुंच गया।

दूसरे वीकेंड में भी दर्शकों ने नहीं छोड़ा साथ

पहला हफ्ता पूरा होने के बाद भी फिल्म की रफ्तार कमजोर नहीं पड़ी। आठवें दिन ‘Awarapan 2’ ने 5.75 करोड़ रुपये कमाए। नौवें दिन कमाई बढ़कर 8.25 करोड़ और दसवें दिन 8.75 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। हालांकि 11वें दिन कलेक्शन गिरकर 2.75 करोड़ रुपये रहा।

मंगलवार को फिर दिखी कमाई में तेजी

दिलचस्प बात यह रही कि दूसरे मंगलवार को फिल्म ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ी। 12वें दिन ‘Awarapan 2’ ने करीब 4 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया। टिकटों की कीमतों में मिली छूट ने दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने में मदद की। Sacnilk के मुताबिक, फिल्म का भारत में कुल नेट कलेक्शन अब 143 करोड़ रुपये हो चुका है।

अब सामने है असली बॉक्स ऑफिस चुनौती

फिल्म के लिए आगे का सफर इतना आसान नहीं रहने वाला है। जहां ‘Batwara 1947’ दर्शकों पर खास असर नहीं छोड़ पाई, वहीं ‘Hanuman Ansh’ तीसरे हफ्ते में भी मजबूत बना हुआ है। इसके अलावा Toxic की रिलीज के साथ ‘Awarapan 2’ को कई सिनेमाघरों में स्क्रीन कम होने का सामना करना पड़ सकता है।

₹150 करोड़ क्लब के लिए थोड़ा और इंतजार?

स्क्रीन की संख्या घटने और बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच ‘Awarapan 2’ की कमाई की रफ्तार आने वाले दिनों में धीमी पड़ सकती है। फिल्म ने पहले 12 दिनों में मजबूत आधार जरूर तैयार कर लिया है, लेकिन अब 150 करोड़ रुपये के भारत नेट कलेक्शन तक पहुंचने के लिए इसे थोड़ा और वक्त लग सकता है।

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महिला की मौत के बाद इंदौर के सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल में हंगामा, ICU में तोड़फोड़, जान बचाकर भागा स्टाफ

महिला की मौत के बाद इंदौर के सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल में हंगामा, ICU में तोड़फोड़, जान बचाकर भागा स्टाफ

Super Speciality

इंदौर के सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल में मंगलवार रात करीब साढे 10 बजे जमकर हंगामा हुआ। इस दौरान उपकरणों में तोड़फोड़ की गई। बड़ी संख्या में लोग अस्पताल के आईसीयू में घुस आए। यह घटना एक महिला मरीज की मौत के बाद हुआ।

दहशत में अस्पताल का स्टाफ बाहर निकलकर भाग गया। बाद में पुलिस को बुलाना पड़ा। सवाल यह है कि सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल में इतनी संख्या में लोग कैसे घुस आए। गुस्साए परिजनों ने आईसीयू में लगे जीवन रक्षक उपकरण तक फेंक दिए, जिससे अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई।

बता दें कि परिजनों ने डॉक्टरों व मेडिकल स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया और आईसीयू में लगे जीवन रक्षक उपकरण निकाल कर फेंक दिए। विवाद से बचने के लिए आईसीयू के स्टाफ को भी सुरक्षित जगह जाना पड़ा। स्थिति संभालने के लिए आईसीयू के बाहर पुलिस बल लगाया गया। इसके बाद दूसरे मरीजों के इलाज के लिए कर्मचारी ड्यूटी देने पहुंचे। विवाद के कारण काफी देर तक शव आईसीयू वार्ड में ही रखा रहा। पुलिस अफसरों के समझाने के बाद परिजन शांत हुए।

डॉक्टरों का कहना है कि जिस मरीज की मौत हुई है, उसकी हालत पहले से गंभीर थी। इलाज में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरती गई। डॉक्टरों की देखरेख में मरीज का इलाज जारी था, लेकिन मंगलवार दोपहर मरीज की हालत बिगड़ने लगी और शाम को मौत हो गई। इसकी जानकारी मिलने के बाद मरीज के परिजन अस्पताल में एकत्र होने लगे और इलाज में लापरवाही का आरोप लगाना शुरू कर दिया। कुछ ही देर में विवाद बढ़ गया और कर्मचारियों से परिजनों ने विवाद शुरू कर दिया।

पहले एमवाय पुलिस चौकी के पुलिस जवान मौके पर पहुंचे, लेकिन विवाद गहराता देख फिर पुलिस बल को अस्पताल बुलाना पड़ा। तब जाकर स्थिति नियंत्रण में रही। नाराज परिजनों से जब डॉक्टरों व कर्मचारियों ने बातचीत शुरू की तो वे मानने को तैयार नहीं हुए। इस दौरान एक डॉक्टर के साथ युवक ने बदसलूकी भी की। आक्रोशित युवक ने आईसीयू में रखे उपकरण भी फेंक दिए। इसके बाद वार्ड में ड्यूटी दे रहे दूसरे कर्मचारी भी बाहर हो गए, ताकि वे परिजनों के गुस्से का शिकार न हो सकें। आईसीयू में भर्ती अन्य मरीजों के उपचार में परेशानी न हो, इसलिए पुलिस बल बाहर लगाया गया और स्टाफ फिर ड्यूटी देने पहुंचा।

Ganga Expressway to Haridwar: प्रयागराज से हरिद्वार तक बनेगा गंगा एक्सप्रेसवे! ₹10,761 करोड़ की योजना को यूपी कैबिनेट की मंजूरी

Ganga Expressway to Haridwar: उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल ने प्रयागराज और हरिद्वार के बीच गंगा एक्सप्रेसवे को विस्तार देने के प्रस्ताव को मंगलवार (25 अगस्त) को मंजूरी दे दी। प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे को छह-लेन हाईवे के तौर पर बनाया जाएगा, जिसमें भविष्य में इसे आठ-लेन तक बढ़ाने की गुंजाइश होगी। एक बयान में कहा गया है कि यूपी का सबसे लंबा गंगा एक्सप्रेसवे (594 किमी, मेरठ से प्रयागराज) हरिद्वार तक बढ़ाया जाएगा। इसके विस्तार की कुल लंबाई 130 किमी होगी (100 किमी यूपी में और 30 किमी उत्तराखंड में)। इस प्रोजेक्ट पर ₹10,761 करोड़ का खर्च आएगा, जिसे पूरा राज्य सरकार वहन करेगी।

गंगा एक्सप्रेसवे दो कुंभ नगरियों (प्रयागराज और हरिद्वार) के बीच सीधी कनेक्टिविटी बनेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार, प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे छह लेन का होगा, जिसे भविष्य में आठ लेन तक विस्तारित किया जा सकेगा। परियोजना पर करीब 10,761 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। अधिकारियों के मुताबिक, परियोजना में केंद्र सरकार की किसी तरह की वित्तीय भागीदारी अपेक्षित या प्रस्तावित नहीं है।

मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने समेत आगे की आवश्यक कार्यवाही की जाएगी। राज्य सरकार की ओर से जारी बयान के अनुसार, उत्तराखंड सीमा से लगे बिजनौर जिले से हरिद्वार जाने के लिए फिलहाल प्रमुख रूप से मेरठ-बिजनौर-हरिद्वार नेशनल हाईवे उपलब्ध है।

प्रयागराज-हरिद्वार के बीच एक्सप्रेसवे कॉरिडोर बनेगा

बयान में बताया गया कि गंगा एक्सप्रेसवे के हरिद्वार तक विस्तार से बिजनौर से हरिद्वार तक आवागमन बेहतर एवं तेज होगा। बयान के मुताबिक, प्रस्ताव के तहत प्रयागराज-हरिद्वार के बीच एक्सप्रेसवे गलियारा विकसित किया जाएगा।

बयान में बताया गया कि गंगा एक्सप्रेसवे के हरिद्वार तक पहुंचने से प्रयागराज और हरिद्वार के बीच एक्सेस कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे नेटवर्क के जरिए तेज एवं सुगम ट्रैफिक सुविधा विकसित होगी। अधिकारियों ने बताया कि इससे धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों के लिए दोनों धार्मिक नगरियों के बीच आवागमन अधिक सुविधाजनक होने की उम्मीद है।

₹10,761 करोड़ का आएगा खर्च

गंगा एक्सप्रेसवे को हरिद्वार तक बढ़ाने पर राज्य सरकार का अनुमानित खर्च 10,761 करोड़ रुपये होगा। इस प्रोजेक्ट के लिए केंद्र सरकार से किसी वित्तीय मदद की उम्मीद या प्रस्ताव नहीं है। कैबिनेट की मंजूरी के बाद, आगे की जरूरी कार्रवाई की जाएगी। इसमें डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार करना भी शामिल है। अभी उत्तराखंड की सीमा से सटे बिजनौर जिले से हरिद्वार जाने के लिए मुख्य रूप से NH-34 (मेरठ-बिजनौर-हरिद्वार नेशनल हाईवे) का इस्तेमाल किया जाता है।

गंगा एक्सप्रेसवे को हरिद्वार तक बढ़ाने से बिजनौर को शहर से बेहतर और तेज कनेक्टिविटी मिलेगी। साथ ही गंगा एक्सप्रेसवे से बिजनौर और राज्य की राजधानी लखनऊ के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी। यूपी सरकार ने एक बयान में कहा कि इस विकास से क्षेत्र में व्यापार, निवेश, उद्योग और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

तेज और आसान कनेक्टिविटी मिलेगी

गंगा एक्सप्रेसवे को हरिद्वार तक बढ़ाने से प्रयागराज और हरिद्वार के बीच एक्सेस-कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे नेटवर्क के जरिए तेज और आसान कनेक्टिविटी मिलेगी। इस पहल से धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। साथ ही तीर्थयात्रियों और पर्यटकों के लिए इन दो पवित्र शहरों के बीच यात्रा करना ज्यादा सुविधाजनक हो जाएगा।

एक्सप्रेसवे के विस्तार से धार्मिक पर्यटन में काफी बढ़ोतरी होने की संभावना है। बेहतर कनेक्टिविटी से हरिद्वार, बिजनौर और गंगा एक्सप्रेसवे से जुड़े अन्य क्षेत्रों में पर्यटन-आधारित आर्थिक गतिविधियों में भी तेज़ी आ सकती है।

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प्रोजेक्ट के निर्माण और उससे जुड़ी आर्थिक गतिविधियों से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोज़गार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है। बयान में कहा गया है कि इससे क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को भी नई गति मिलेगी। 29 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरदोई में 594 किलोमीटर लंबे एक्सेस-कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया था। यह एक्सप्रेसवे मेरठ को प्रयागराज से जोड़ता है।

जॉब में प्रमोशन से लेकर सैलरी हाइक तक, अंकुर वारिकू के 5 लाइफ-चेंजिंग मंत्र आएंगे काम!

ऑफिस में काम करते समय हर परेशानी खुलकर सामने नहीं आती। कई बार कुछ बातें ऐसी होती हैं, जिन्हें समझना थोड़ा मुश्किल होता है। किसी सीनियर का अचानक अजीब काम दे देना, जरूरी जानकारी आपसे शेयर न करना, किसी कलीग का आपको गॉसिप में शामिल करना या किसी गलती के लिए बिना पूरी बात बताए आपको जिम्मेदार ठहराना जैसी छोटी-छोटी बातें भी आगे चलकर परेशानी बढ़ा सकती हैं। ऐसे में हर बात पर बहस करना सही नहीं होता।

एंटरप्रेन्योर और कंटेंट क्रिएटर अंकुर वारिकू ने ऑफिस में ऐसी सिचुएशन से बचने के लिए पांच आसान और काम के तरीके बताए हैं। उनकी सलाह का मकसद ऑफिस पॉलिटिक्स में उलझकर अपना समय और एनर्जी खराब करने के बजाय अपने काम पर ध्यान देना है। इन तरीकों से ऑफिस में बेहतर तरीके से काम करने के साथ-साथ अपने करियर पर भी फोकस बनाए रखना आसान होता है।

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1. डॉक्यूमेंटेशन है जरूरी

अगर ऑफिस में कोई सीनियर या मैनेजर आपसे ऐसा काम करने के लिए कहता है, जिससे आपको थोड़ी असहजता महसूस हो रही है, तो तुरंत बहस करने या मना करने की जरूरत नहीं है। आप शांति से उनसे कह सकते हैं कि वे उस काम को ईमेल या मैसेज में भेज दें, ताकि आपको बात ठीक से समझ आ सके। इससे बातचीत साफ रहती है और बाद में यह गलतफहमी नहीं होती कि किसने क्या कहा था।

2. इंडिपेंडेंट बनें

ऑफिस में कई बार एक ऐसा व्यक्ति होता है जिसे हर छोटी-बड़ी खबर पता रहती है। लेकिन यदि आप हर जानकारी के लिए उसी एक व्यक्ति पर डिपेंड रहते हैं, तो आपको चीजों की पूरी तस्वीर नहीं मिल पाती। बेहतर है कि टीम के अलग-अलग लोगों से अच्छे प्रोफेशनल रिश्ते बनाएं रखें।

3. गॉसिप से दूरी बेहतर

किसी कलीग के बारे में कोई आपसे राय पूछे तो तुरंत अपनी राय बताने से बचें। ऑफिस में कही गई बात प्राइवेट नहीं रहती। हो सकता है आपकी कही बात आगे किसी और तक पहुंच जाए और फिर बात का मतलब भी बदल जाए। इसलिए किसी के काम को लेकर सही मायने में कोई फीडबैक देना जरूरी है, तो उसे सही व्यक्ति के सामने और प्रोफेशनल तरीके से दें।

4. काम का बोझ न लें

यदि आप पहले से कई जरूरी काम कर रहे हैं और मैनेजर अचानक कोई नया काम दे देते हैं, तो बिना कुछ कहे सबकुछ अपने ऊपर लेने की जरूरत नहीं है। आप यह कह सकते हैं कि आप नया काम करने के लिए तैयार हैं, लेकिन पहले से X और Y काम चल रहे हैं, इसलिए बताएं कि इनमें से किस काम को कम प्रायोरिटी दी जाए।

5. सहे नहीं सवाल पूछे

यदि ऑफिस में किसी गलती के लिए आपको जिम्मेदार ठहराया जाता है, तो तुरंत गुस्सा करने या यह कहने के बजाय कि यह मेरी गलती नहीं है, पहले शांत रहें। आप सामने वाले से पूछ सकते हैं कि असल में गलती कहां हुई, ताकि आगे उसे दोबारा न दोहराया जाए। इससे बातचीत बेवजह की बहस बनने के बजाय परेशानी समझने पर आ जाती है। सामने वाले को भी बताना पड़ेगा कि क्या गलत हुआ और आपसे आगे क्या उम्मीद की जा रही है।

इन तरीकों को अपनाकर आप ऑफिस में बेवजह की उलझनों से बच सकते हैं। समझदारी से बात करना, अपनी लिमिट तय रखना और हर सिचुएशन में प्रोफेशनल तरीका अपनाना आपको ऑफिस पॉलिटिक्स से दूर रखने में मदद कर सकता है। इस तरह आप बिना किसी ड्रामे में पड़े अपने काम पर फोकस कर पाएंगे।