ग्वालियर में एक शख्स ने रील वायरल करने के लिए कार पर अपनी 3 महिला मित्रों से 3400 किस के निशान बनवाए। वीडियो को 55 लाख से ज्यादा व्यूज मिले लेकिन ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर पुलिस ने जुर्माना भी लगा दिया।

rahul gandhi _ kirti senon
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को अभिनेत्री कृति सेनन का समर्थन किया। रक्षाबंधन के एक ज्वेलरी ब्रांड के विज्ञापन में कृति सेनन के पहनावे को लेकर सोशल मीडिया पर हुई आलोचना और ट्रोलिंग के बाद राहुल गांधी ने कहा कि किसी महिला के कपड़े और उसकी जीवनशैली को ऑनलाइन नियंत्रित नहीं किया जाना चाहिए।
राहुल गांधी ने कृति सेनन के बयान को अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर शेयर करते हुए लिखा कि एक महिला क्या पहनती है, क्या करती है और कहां जाती है, यह उसकी अपनी पसंद है। महिलाओं को अपनी स्वतंत्रता का इस्तेमाल करने के लिए ट्रोल करना बंद किया जाना चाहिए।

रक्षाबंधन विज्ञापन से शुरू हुआ विवाद
विवाद उस समय शुरू हुआ जब ज्वेलरी ब्रांड के रक्षाबंधन विज्ञापन में कृति सेनन को आइवरी रंग के ब्रालेट और स्कर्ट के साथ केप पहने हुए दिखाया गया। विज्ञापन में वह राखी बांधती नजर आईं। इसके बाद सोशल मीडिया पर उनके पहनावे को लेकर बहस शुरू हो गई। कुछ यूजर्स ने इसे पारंपरिक त्योहार के अनुरूप नहीं बताया, जबकि कुछ लोगों ने विज्ञापन में कृति द्वारा कुत्ते को राखी बांधने पर भी आपत्ति जताई।
धीरे-धीरे विवाद केवल विज्ञापन तक सीमित नहीं रहा और महिलाओं के पहनावे, सांस्कृतिक परंपराओं तथा व्यक्तिगत स्वतंत्रता को लेकर बहस तेज हो गई।
कृति सेनन ने ट्रोलिंग पर दिया जवाब
मंगलवार को कृति सेनन ने सोशल मीडिया पर हो रही आलोचना का जवाब देते हुए सवाल उठाया कि किसी महिला के अपनी संस्कृति के प्रति सम्मान को उसके कपड़ों से ही क्यों आंका जाता है। उन्होंने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर लिखा कि संस्कृति और परंपराएं महिला के दिल में होती हैं, उसकी नेकलाइन में नहीं। उन्होंने यह भी सवाल किया कि महिलाओं को यह बताना आखिर कब बंद किया जाएगा कि उन्हें क्या पहनना चाहिए। कृति ने कहा कि समय के साथ एथनिक फैशन में काफी बदलाव आया है, लेकिन सांस्कृतिक परंपराओं की बात आते ही महिलाओं को आज भी उनके पहनावे के आधार पर परखा जाता है।

कंगना रनौत ने भी कृति के लुक पर साधा निशाना
इस विवाद में अभिनेत्री और बीजेपी सांसद कंगना रनौत की भी प्रतिक्रिया सामने आई। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए विज्ञापन में कृति सेनन के लुक की आलोचना की और इसे “जानबूझकर अजीब” बताया। वहीं कृति सेनन ने विज्ञापन का बचाव करते हुए कहा कि त्योहारों को उनके कपड़ों के बजाय उनसे जुड़े भावनात्मक मूल्यों और परंपराओं के आधार पर समझा जाना चाहिए।
‘रक्षाबंधन सुरक्षा का बंधन है’
कृति ने रक्षाबंधन के अपने पारिवारिक मायने भी बताए। उन्होंने कहा कि उनके परिवार में यह भाई-बहन के बीच सुरक्षा और आपसी प्रेम का बंधन है। उन्होंने बताया कि वह और उनकी बहन एक-दूसरे को राखी बांधती हैं और दोनों मानती हैं कि वे एक-दूसरे की उसी तरह रक्षा कर सकती हैं, जैसे कोई भाई करता है। कृति के मुताबिक, दोनों बहनें एक-दूसरे के अच्छे स्वास्थ्य, खुशहाली और लंबी उम्र की प्रार्थना करती हैं। उन्होंने अपने पालतू जानवरों को भी परिवार का हिस्सा बताते हुए कहा कि उनके लिए वही भावना उनके पालतू जानवरों के प्रति भी है।
विज्ञापन में कुत्ते को राखी बांधने पर भी आपत्ति
विज्ञापन में कृति सेनन अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती दिखाई देती हैं। इसके बाद वह अपने पालतू कुत्ते के पैर पर भी राखी बांधती नजर आती हैं। सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने जहां कृति के पहनावे को लेकर सवाल उठाए, वहीं कुछ लोगों ने कुत्ते को राखी बांधने के दृश्य पर भी आपत्ति जताई। विवाद बढ़ने के साथ ही चर्चा महिलाओं के कपड़ों से लेकर संस्कृति, परंपरा और व्यक्तिगत पसंद की स्वतंत्रता तक पहुंच गई। राहुल गांधी के समर्थन में उतरने के बाद इस पूरे विवाद को राजनीतिक रंग भी मिल गया है।
अमेरिका में रह रहे बिहार मूल के भारतीय अरहम इश्तियाक ने विदेश जाने और भारत लौटने के अनुभव को लेकर अपने विचार साझा किए हैं। उन्होंने बताया कि उम्र और आर्थिक स्थिति के आधार पर भारत वापस लौटना कितना अलग अनुभव हो सकता है।
सितंबर में होने वाले लोकप्रीय iPhone 18 लॉन्च इवेंट से पहले, Apple ने मंगलवार को अचानक भारत में अपने नए Mac mini और Mac Studio मॉडल लॉन्च कर दिए। कंपनी ने बिना किसी बड़े ऐलान के इन नए Mac मॉडल्स को पेश किया है। नया Mac mini बिल्कुल नए M6 और M5 Pro चिप्स से लैस है, जबकि नया Mac Studio M5 Max बिल्कुल नए M5 Ultra के साथ आता है।
Apple ने अपने बयान में बताया कि नए Mac में AI पर भी खास फोकस किया गया है। कंपनी के मुताबिक, ये डिवाइस AI डेवलपमेंट, वीडियो एडिटिंग, गेम डेवलपमेंट और दूसरे प्रोफेशनल काम जैसे भारी टास्क को पहले के मुकाबले ज्यादा आसानी से संभाल सकते हैं।
M6 और M5 Pro वाले Apple Mac mini की भारत में कीमत
भारत में M6 चिप वाले Mac mini की शुरुआती कीमत 99,900 रुपये है। वहीं, छात्रों के लिए इसकी कीमत 88,990 रुपये से शुरू होती है। इसके अलावा, M5 Pro चिप वाले Mac mini की शुरुआती कीमत 2,09,900 रुपये रखी गई है। एजुकेशन प्राइस की बात करें तो इसे 1,97,900 रुपये में खरीदा जा सकता है।
ये दोनों मॉडल Wi-Fi 7 और Bluetooth 6 के साथ आते हैं। इनमें अपग्रेडेड 2.5Gb ईथरनेट भी है, और 10Gb ईथरनेट का ऑप्शन भी उपलब्ध है।
M6 चिप वाले नए Mac mini के बारे में दावा किया गया है कि यह पिछली जनरेशन की तुलना में 4 गुना तेज AI परफॉर्मेंस, 2 गुना तेज ग्राफिक्स और 2 गुना तेज स्टोरेज देता है। Apple का यह भी कहना है कि CPU परफॉर्मेंस 40% तक तेज है।
M5 Max और M5 Ultra के साथ Apple Mac Studio
क्यूपर्टिनो की टेक कंपनी ने प्रोफेशनल यूजर्स के लिए अपना नया Mac Studio पेश किया है। यह M5 Max और M5 Ultra चिप्स के साथ आता है और इसे AI, वीडियो प्रोडक्शन, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट और दूसरे मुश्किल कामों में लगे यूजर्स के लिए डिजाइन किया गया है।
Apple का दावा है कि नया Mac Studio 4.3 गुना तक तेज AI परफॉर्मेंस, 2 गुना तक तेज स्टोरेज, 1.8 गुना तेज ग्राफिक्स और 1.3 गुना तेज CPU परफॉर्मेंस दे सकता है।
भारत में M5 Max वाले Mac Studio की शुरुआती कीमत ₹2,79,900 है, जबकि M5 Ultra मॉडल की शुरुआती कीमत ₹6,29,900 है।
फीचर्स की बात करें तो Mac Studio में 6 Thunderbolt 5 पोर्ट तक दिए गए हैं। यह एक साथ 8 डिस्प्ले तक सपोर्ट कर सकता है। इसमें Wi-Fi 7 और Bluetooth 6 का भी सपोर्ट मिलता है।
Apple M6 और M5 Ultra चिप्स
बता दें कि M6, Apple की पहली 2nm चिप है और इसमें 12-कोर CPU, 12-कोर GPU और 16-कोर न्यूरल इंजन है। यह 170GB/s तक का यूनिफाइड मेमोरी बैंडविड्थ देता है।
वहीं, M5 Ultra को Apple के सबसे ज्यादा डिमांड वाले प्रोफेशनल और AI वर्कलोड के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसमें 36-कोर तक का CPU, 80-कोर GPU और 1.2TB/s तक का यूनिफाइड मेमोरी बैंडविड्थ है।
कंपनी ने कहा, “M5 Ultra, जो प्रो और AI वर्कलोड के लिए एक जबरदस्त पावरहाउस है, क्वाड-डाई आर्किटेक्चर बनाने के लिए अगली जनरेशन की UltraFusion टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करता है – Apple सिलिकॉन के लिए ऐसा पहली बार हुआ है।”
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RSS प्रमुख मोहन भागवत मंगलवार, 25 अगस्त को अमेरिका के न्यूयॉर्क पहुंचे। यह अमेरिका, कनाडा और ब्रिटेन के तीन देशों के वैश्विक संपर्क दौरे का पहला पड़ाव है। यह दौरा विदेशी स्थानीय संगठनों के निमंत्रण पर RSS के शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों के तहत हो रहा है। न्यूयॉर्क पहुंचने पर भागवत का तिलक लगाकर स्वागत किया गया। भागवत भारतीय मूल के लोगों और स्थानीय संगठनों के प्रतिनिधियों से बातचीत करेंगे। यह दौरा RSS के शताब्दी वर्ष के दौरान हो रहा है। मैडिसन स्क्वायर गार्डन में होगा कार्यक्रम भागवत शनिवार को न्यूयॉर्क सिटी के मैडिसन स्क्वायर गार्डन में ‘यूनिवर्सल ऑननेस सेलिब्रेशंस’ कार्यक्रम में शामिल होंगे। यह सबसे बड़े और सबसे विविध सामुदायिक कार्यक्रमों में से एक होगा। कार्यक्रम का आयोजन अमेरिकन हिंदूज फॉर इंगेजमेंट एंड डायलॉग (AHEAD) फोरम कर रहा है। भागवत के संबोधन में देश-विदेश की काफी दिलचस्पी रहने की उम्मीद है। यह कार्यक्रम हिंदू त्योहार रक्षाबंधन के पारंपरिक आयोजन के साथ होगा। इसका आधुनिक संदेश एकता, नागरिक जिम्मेदारी और वैश्विक सद्भाव पर केंद्रित रहेगा। आयोजकों ने बताया कि कार्यक्रम में दिन की थीम से जुड़े सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। प्रमुख धार्मिक वक्ता भी इसमें शामिल होंगे। 25 अगस्त से तीन देशों का दौरा RSS के प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने इससे पहले X पर एक पोस्ट में बताया था कि भागवत 25 अगस्त से अमेरिका, कनाडा और ब्रिटेन जाएंगे। यह दौरा विदेशी स्थानीय संघों और संगठनों के निमंत्रण पर हो रहा है। पोस्ट में लिखा था, “राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत 25 अगस्त 2026 से अमेरिका, कनाडा और ब्रिटेन का दौरा करेंगे। उन्हें विदेशी स्थानीय संघों और संगठनों ने आमंत्रित किया है। यह दौरा RSS के चल रहे शताब्दी वर्ष के अवसर पर हो रहा है।” USCIRF की टिप्पणी पर विदेश मंत्रालय का जवाब शुक्रवार को विदेश मंत्रालय ने RSS को लेकर अमेरिका के अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता आयोग (USCIRF) की हालिया टिप्पणियों पर जवाब दिया। मंत्रालय ने अमेरिकी संस्था को पक्षपाती बताया और कहा कि उसकी विश्वसनीयता नहीं है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि USCIRF भारत के बारे में बार-बार गलत और उकसाने वाले बयान देता रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे बयानों को नजरअंदाज करना चाहिए। जायसवाल ने कहा, “हम सभी जानते हैं कि यह एक पक्षपाती संस्था है। कई वर्षों से यह भारत के बारे में गलत और उकसाने वाले बयान देती रही है। हमें ऐसी संस्थाओं को नजरअंदाज करना चाहिए, क्योंकि उनका अपना एजेंडा है और उनमें विश्वसनीयता नहीं है।” विदेश मंत्रालय का यह बयान USCIRF के अधिकारियों की उस अपील के बाद आया, जिसमें RSS पर प्रतिबंध लगाने की मांग की गई थी। अधिकारियों ने अमेरिकी सरकार से RSS नेताओं को उच्चस्तरीय राजनयिक सम्मान नहीं देने और उनसे बैठक नहीं करने को भी कहा था। मार्च की रिपोर्ट में RSS और RAW का नाम USCIRF की हालिया टिप्पणियां मार्च में जारी उसकी सालाना रिपोर्ट के बाद आईं। रिपोर्ट में आयोग ने भारत पर धार्मिक स्वतंत्रता के कथित उल्लंघन को लेकर आलोचना की थी। आयोग ने RSS और रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (RAW) समेत व्यक्तियों और संस्थाओं पर लक्षित प्रतिबंध लगाने का समर्थन किया था। भारत ने इस रिपोर्ट को पूरी तरह खारिज किया था। भारत ने रिपोर्ट को “तथ्यों को तोड़-मरोड़कर और चुनिंदा तरीके से पेश करने वाला” बताया था। भारत ने कहा था कि यह रिपोर्ट “संदिग्ध स्रोतों और वैचारिक कथाओं” पर आधारित है।
पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के बेटे सुलैमान ईसा खान ने दावा किया है कि पाकिस्तान तानाशाही की तरफ बढ़ रहा है। उन्होंने अपने पिता के लंबे समय से जेल में होने को इसका उदाहरण बताया। न्यूज एजेंसी ANI के साथ वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस में सुलैमान ने कहा कि पिछले कई साल से उनके पिता के साथ अमानवीय व्यवहार किया जा रहा है और इसमें सेना की बड़ी भूमिका है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में इमरान खान की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर चर्चा की गई। सुलैमान के साथ उनके भाई कासिम खान, अंतरराष्ट्रीय वकील जेरेड जेनसर और अंतरराष्ट्रीय मामलों तथा मीडिया के सलाहकार सैयद बुखारी भी शामिल हुए। इमरान के बेटे बोले- पिता से नहीं मिल पा रहे इमरान के बेटों ने कहा कि वे जेल में बंद अपने पिता से मिलने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उनकी कोशिशें लगातार नाकाम हो रही हैं। उनका कहना है कि पाकिस्तानी अधिकारियों ने उनके वीजा आवेदन को बार-बार टाला या खारिज किया है। कासिम खान ने कहा, “उन्हें देखने का कोई भी मौका मिले तो हम तुरंत जाना चाहेंगे। हम पाकिस्तान आना चाहते हैं, लेकिन अब हालात और निराशाजनक होते जा रहे हैं। हमारे वीजा आवेदन खारिज किए गए, टाले गए और बार-बार अटकाए गए।” कासिम ने कहा, “मेरे पिता को लगातार एकांत कारावास में रखा जा रहा है। उन्हें 6×8 फुट की एक ऐसी कोठरी में 23 घंटे तक बंद रखा जाता है, जिसमें न खिड़की है और न ही रोशनी। उनकी उम्र 73 साल है और उनकी एक आंख की 85 फीसदी नजर जा चुकी है। वह आज भी अपने सिद्धांतों पर मजबूती से कायम हैं, लेकिन अब इसकी कीमत उनका शरीर चुका रहा है।” वकील का आरोप- जनरल मुनीर मनमाना शासन चला रहे इमरान खान के अंतरराष्ट्रीय वकील जेरेड जेनसर ने पाकिस्तान में लोकतंत्र की स्थिति पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने देश के सैन्य नेतृत्व को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया और सेना प्रमुख असीम मुनीर पर ‘ऑथॉरिटेरियनिज्म’ यानी दमनकारी शासन का आरोप लगाया। जेनसर ने कहा, इमरान खान और उनकी पत्नी के खिलाफ जिस तरह कार्रवाई हो रही है, वह किसी लोकतांत्रिक सरकार के तरीके जैसी नहीं है। उन्होंने दावा किया कि इमरान खान के खिलाफ सैकड़ों मामले मनगढ़ंत आरोपों के आधार पर दर्ज किए गए हैं। यह मामला अब सिर्फ उनकी जेल तक सीमित नहीं है। जेनसर के मुताबिक, उनकी गिरफ्तारी उन लोगों के लिए भी एक चेतावनी है, जो पाकिस्तान में सत्ता को चुनौती देने की कोशिश कर सकते हैं। जेनसर ने आगे कहा, उन्हें जेल में रखकर शासन पाकिस्तान के लोगों को साफ संदेश देने की कोशिश कर रहा है कि उन्हें सत्ता के खिलाफ खड़ा होने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। जेनसर ने कहा, “कल्पना कीजिए कि अगर हम इमरान खान के साथ ऐसा कर सकते हैं, जिन्हें पूरी दुनिया जानती है, तो उस व्यक्ति के साथ क्या किया जा सकता है, जिसे दुनिया नहीं जानती?” इमरान खान के इलाज को लेकर भी विवाद इमरान खान की सेहत और जेल में उनके इलाज को लेकर भी विवाद बना हुआ है। 18 अगस्त को पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट की तीन जजों की पीठ ने अधिकारियों को निर्देश दिया था कि इमरान खान को इलाज के लिए 48 घंटे के भीतर अदियाला जेल से इस्लामाबाद के शिफा इंटरनेशनल अस्पताल ले जाया जाए। अदालत ने यह भी निर्देश दिया था कि इमरान खान की जांच एक स्वतंत्र मेडिकल पैनल करे। इसमें हृदय रोग विशेषज्ञ, आंखों के डॉक्टर, सामान्य चिकित्सक और उनके निजी डॉक्टर डॉ. फैसल सुल्तान को शामिल किया जाना था। हालांकि, 20 अगस्त को अधिकारियों ने इमरान खान को शिफा इंटरनेशनल अस्पताल ले जाने के बजाय पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (PIMS) पहुंचाया। वहां कई घंटों तक उनकी मेडिकल जांच की गई। इसके बाद उन्हें चिकित्सकीय रूप से फिट घोषित कर वापस अदियाला जेल भेज दिया गया। इमरान खान की टीम का आरोप है कि जेल से शिफा अस्पताल की दिशा में एक ‘डमी काफिला’ भेजा गया, ताकि ऐसा लगे कि इमरान खान को वहां ले जाया जा रहा है। टीम ने यह भी दावा किया कि उनके निजी डॉक्टर डॉ. फैसल सुल्तान शिफा अस्पताल में उनका इंतजार कर रहे थे, लेकिन उन्हें इमरान खान की जांच करने का मौका नहीं दिया गया। इमरान से फिर मिलीं बहन नूरीन नियाजी इमरान खान की बहन नूरीन नियाजी ने मंगलवार को अदियाला जेल में उनसे मुलाकात की। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद यह लगातार दूसरे हफ्ते है, जब नूरीन ने अपने भाई से मुलाकात की है। सुप्रीम कोर्ट ने 18 अगस्त को आदेश दिया था कि कैदी इमरान खान की उनके परिवार के सदस्यों से सप्ताह में एक बार मुलाकात कराई जाए। अदालत ने यह भी निर्देश दिया था कि सरकार उनके बेटों से सप्ताह में दो बार फोन पर बात कराने की व्यवस्था करे। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद इमरान खान के परिवार ने अदालत को भरोसा दिलाया था कि वे मीडिया से बात नहीं करेंगे। PTI के वकील अवैस यूनुस चौधरी के मुताबिक, मंगलवार को नूरीन नियाजी की इमरान खान से मुलाकात करीब 45 मिनट चली। उन्होंने कहा कि इमरान की दो और बहनें भी जेल के बाहर गाड़ी में इंतजार कर रही थीं। नूरीन नियाजी के जेल से बाहर आने के बाद तीनों बहनें बिना मीडिया से बात किए वहां से चली गईं। ———————————- यह खबर भी पढ़ें… इमरान खान अस्पताल से फिर जेल भेजे गए:डॉक्टर बोले- पूर्व पीएम को जेल में रखना सुरक्षित; देर रात हॉस्पिटल में भर्ती किया था
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को मेडिकल जांच के बाद शुक्रवार को इस्लामाबाद के शिफा इंटरनेशनल हॉस्पिटल से वापस अडियाला जेल भेज दिया गया। पूरी खबर यहां पढ़ें…
Kriti Sanon Controversy: रक्षाबंधन के एक विज्ञापन में कपड़ों को लेकर सोशल मीडिया पर आलोचनाओं का सामना कर रहीं कृति सेनन के सपोर्ट में आए लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक बयान शेयर किया है। जिसमें उन्होंने कहा है कि किसी महिला के कपड़ों और उसकी जीवनशैली को लेकर सोशल मीडिया पर निगरानी या रोक-टोक नहीं की जानी चाहिए।
राहुल गांधी ने लिखा, “महिलाएं क्या पहनती हैं, क्या करती हैं और कहां जाती हैं – यह उनकी अपनी पसंद है। अपनी आजादी का इस्तेमाल करने वाली महिलाओं को ट्रोल करना बंद करें।”
आलोचना पर कृति सेनन का जवाब
कृति सेनन ने मंगलवार को ही इस आलोचना का जवाब दिया था। उन्होंने सवाल उठाया कि किसी महिला के कपड़ों से ही उसकी संस्कृति के प्रति सम्मान को क्यों आंका जाता है।
सेनन ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरीज पर शेयर किए गए एक नोट में कहा, “संस्कृति और परंपराएं दिल में होती हैं, कपड़ों की नेकलाइन में नहीं!… और हम महिलाओं को यह बताना कब बंद करेंगे कि उन्हें क्या पहनना चाहिए?”
उन्होंने आगे कहा कि एथनिक फैशन में समय के साथ बदलाव आया है, लेकिन जब सांस्कृतिक परंपराओं की बात आती है, तो महिलाओं को अक्सर उनके कपड़ों के आधार पर आंका जाता है।
कृति सेनन की यह प्रतिक्रिया एक ज्वेलरी ब्रांड के रक्षाबंधन विज्ञापन को लेकर हुई ऑनलाइन आलोचना के एक दिन बाद आई।
कंगना रनौत ने भी प्रतिक्रिया दी
इस विवाद पर एक्टर और बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने भी प्रतिक्रिया दी और विज्ञापन में सानन की पोशाक की आलोचना की।
विज्ञापन में सानन राखी बांधते हुए आइवरी रंग का ब्रैलेट और स्कर्ट पहने और साथ में केप ओढ़े हुए दिखाई देती हैं। रनौत ने सोशल मीडिया पोस्ट में इस लुक को “जानबूझकर अजीब” बताया।
कृति सेनन ने उस विज्ञापन के बारे में क्या कहा?
विज्ञापन का बचाव करते हुए सेनन ने कहा कि त्योहारों का महत्व कपड़ों के बजाय परंपराओं से जुड़ी भावनाओं और मूल्यों के जरिए समझा जाना चाहिए।
उन्होंने लिखा, “संस्कृति और परंपराएं दिल में होती हैं, कपड़ों के गले के डिजाइन में नहीं!”
सेनन ने अपने परिवार के लिए रक्षाबंधन के महत्व के बारे में भी बताया और कहा कि यह त्योहार भाई-बहनों के बीच सुरक्षा के बंधन का प्रतीक है।
उन्होंने कहा, “रक्षाबंधन सुरक्षा का बंधन है। मैं और मेरी बहन एक-दूसरे को राखी बांधते हैं। हम जानते हैं कि हम एक-दूसरे की सुरक्षा वैसे ही कर सकते हैं जैसे कोई भाई करता।”
उन्होंने आगे कहा कि वह और उनकी बहन एक-दूसरे की सेहत, खुशी और लंबी उम्र के लिए प्रार्थना करते हैं, और यही भावना उनके पालतू जानवरों के लिए भी है।
सेनन ने कहा, “आखिरकार, वे भी परिवार का ही हिस्सा हैं।”
विज्ञापन में सेनन को अपने भाई की कलाई पर राखी बांधते हुए दिखाया गया है, जबकि उनका पालतू कुत्ता उन्हें देख रहा है। बाद में वह कुत्ते के पैर पर भी एक राखी बांधती हैं।
विज्ञापन की आलोचना क्यों हुई?
इस विज्ञापन के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई। कुछ यूजर्स ने सेनन के पहनावे की आलोचना करते हुए कहा कि पारंपरिक त्योहार के हिसाब से यह ठीक नहीं था। वहीं, कुछ लोगों ने इस बात पर भी आपत्ति जताई कि विज्ञापन में एक्ट्रेस एक कुत्ते को राखी बांध रही थीं।
इस आलोचना के कारण विज्ञापन का फोकस त्योहार के संदेश से हटकर महिलाओं के पहनावे, सांस्कृतिक परंपराओं और निजी पसंद से जुड़ी व्यापक बहस पर केंद्रित हो गया।
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अमेरिका और कनाडा के बीच ट्रेड वॉर फिर तेज हो गया है। कनाडा ने अमेरिकी सामान पर नए जवाबी टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। साथ ही कनाडा सरकार ने प्रभावित कर्मचारियों और कारोबारियों के लिए C$5.4 अरब का राहत पैकेज भी घोषित किया है।
कनाडा की सरकार अमेरिकी सामान पर 15% से 50% तक के जवाबी टैरिफ लगाने की तैयारी कर रही है। ये टैरिफ 8 सितंबर से लागू होंगे। सरकार का कहना है कि इससे अमेरिकी टैरिफ से प्रभावित कंपनियों और कर्मचारियों को राहत देने में मदद मिलेगी।
अमेरिका ने कनाडा के सामान पर 50% तक टैरिफ लगाया
अमेरिका ने शनिवार से कनाडा के कई सामान पर 50% तक के नए टैरिफ लागू कर दिए हैं। इससे करीब 20 अरब डॉलर के कनाडाई एक्सपोर्ट पर असर पड़ने का अनुमान है। यह अमेरिका को कनाडा के कुल एक्सपोर्ट का करीब 5.5% है।
अमेरिका के इस कदम के बाद कनाडा ने जवाबी कार्रवाई का फैसला किया है। Oxford Economics के मुताबिक, नए अमेरिकी टैरिफ से कनाडा के अमेरिका को होने वाले एक्सपोर्ट पर प्रभावी टैरिफ रेट 5.1% से बढ़कर 6.9% हो सकता है।
किन सेक्टर पर ज्यादा असर?
इस ट्रेड विवाद का असर कई इंडस्ट्री पर पड़ सकता है। प्लास्टिक, इलेक्ट्रिकल मशीनरी, लकड़ी और पेपर प्रोडक्ट्स पर इसका बड़ा असर होने की उम्मीद है। Quebec, New Brunswick और Ontario के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर पर भी दबाव बढ़ सकता है। कंपनियों के लिए लागत और सप्लाई चेन को लेकर अनिश्चितता बढ़ रही है।
ऑटो सेक्टर भी निशाने पर
ट्रेड विवाद अब ऑटो सेक्टर तक भी पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अगले साल कनाडा से आने वाली कारों पर टैरिफ बढ़ाकर 50% किया जा सकता है। फिलहाल गैर-अमेरिकी कंटेंट पर 25% टैरिफ है। इस प्रस्ताव के बाद कनाडाई ऑटो इंडस्ट्री पर दबाव और बढ़ सकता है।
अमेरिका पर कनाडा की बड़ी निर्भरता
कनाडा के लिए यह ट्रेड वॉर इसलिए ज्यादा अहम है क्योंकि उसकी अर्थव्यवस्था अमेरिका के साथ कारोबार पर काफी निर्भर है। कनाडा के कुल एक्सपोर्ट में अमेरिका की हिस्सेदारी करीब 70% है। वहीं कनाडा इस साल अमेरिका का दूसरा सबसे बड़ा गुड्स ट्रेडिंग पार्टनर है।
विवाद अब सिर्फ टैरिफ तक सीमित नहीं
दोनों देशों के बीच तनाव अब ट्रेड से आगे राजनीतिक मुद्दों तक पहुंच गया है। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने आरोप लगाया कि अमेरिकी वार्ताकारों ने कनाडा के दूसरे देशों के साथ ट्रेड समझौतों और फ्रेंच भाषा व Quebec की संस्कृति से जुड़े मुद्दों पर भी दबाव बनाया।
ट्रंप ने इन आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि वह कनाडाई लोगों के फ्रेंच बोलने के मामले में कभी दखल नहीं देंगे।
USMCA पर भी नजर
अब दोनों देशों के बीच USMCA यानी US-Mexico-Canada Agreement का भविष्य भी अहम हो गया है। ट्रंप पहले ही संकेत दे चुके हैं कि वह मौजूदा समझौते को उसी रूप में आगे बढ़ाने के पक्ष में नहीं हैं।

भारत और चीन के रिश्तों को लेकर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने मंगलवार को बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने दोनों देशों के संबंधों को “स्पष्ट और सकारात्मक दिशा” दी है। डोभाल के मुताबिक, भारत-चीन संबंध लगातार सामान्य स्थिति की ओर लौट रहे हैं। डोभाल मंगलवार को बीजिंग में चीन के विदेश मंत्री और पोलित ब्यूरो के सदस्य वांग यी के साथ व्यापक बातचीत कर रहे थे। दोनों देशों के बीच सीमा विवाद से जुड़े मुद्दों पर विशेष प्रतिनिधियों की 25वें दौर की वार्ता हुई।
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90 मिनट से ज्यादा चली छोटी समूह की बैठक
बैठक के दौरान डोभाल और वांग यी ने कई घंटे एक-दूसरे के साथ बातचीत की। पहले दोनों पक्षों के बीच छोटे समूह में चर्चा हुई, जिसे दोनों देशों ने विस्तृत बातचीत बताया। यह बैठक 90 मिनट से अधिक समय तक चली। इसके बाद दोनों पक्षों के प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता हुई। बैठक में भारत-चीन सीमा से जुड़े मुद्दों के साथ-साथ द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हुई।
चीन के उपराष्ट्रपति से भी मिले डोभाल
विशेष प्रतिनिधियों की वार्ता से पहले मंगलवार को अजीत डोभाल ने चीन के उपराष्ट्रपति हान झेंग से भी मुलाकात की। इस दौरान दोनों देशों के बीच संबंधों और आपसी सहयोग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।

सामान्य स्थिति की ओर लौट रहे भारत-चीन संबंध
डोभाल का यह बयान ऐसे समय आया है जब भारत और चीन के बीच लंबे समय से चले आ रहे सीमा तनाव के बाद द्विपक्षीय संबंधों को सामान्य बनाने की कोशिशें जारी हैं। भारत और चीन के विशेष प्रतिनिधियों के बीच सीमा मुद्दे पर बातचीत का यह 25वां दौर है। डोभाल ने कहा कि दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व ने संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए स्पष्ट और सकारात्मक दिशा तय की है। उन्होंने संकेत दिया कि भारत-चीन संबंध धीरे-धीरे सामान्य स्थिति की ओर बढ़ रहे हैं।

भारत की महिला डबल्स जोड़ी ट्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद ने हाल ही में यहाँ हुई वर्ल्ड चैंपियनशिप में ऐतिहासिक ब्रॉन्ज़ मेडल जीतने के बाद बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड रैंकिंग में बड़ी छलांग लगाई है। भारतीय जोड़ी 12 स्थान ऊपर चढ़कर वर्ल्ड नंबर 39 से नंबर 27 पर पहुँच गई है। उनके रैंकिंग पॉइंट्स भी 33,692 से बढ़कर 44,192 हो गए हैं।
ट्रीसा और गायत्री ने घरेलू वर्ल्ड चैंपियनशिप में भारत के लिए एकमात्र मेडल जीता। सेमीफाइनल तक पहुँचने के साथ ही वे 2011 में ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा के बाद इस इवेंट में मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला डबल्स जोड़ी बन गईं।
भारतीय जोड़ी ने क्वार्टर फाइनल में टूर्नामेंट का एक बड़ा उलटफेर करते हुए चौथी वरीयता प्राप्त चीनी जोड़ी जिया यी फैन और झांग शू जियान को 16-21, 21-15, 21-13 से हराया, जबकि वे पहला गेम हार गई थीं।
इसके बाद सेमीफाइनल में उनका सामना वर्ल्ड नंबर 1 और मौजूदा चैंपियन लियू शेंग शू और टैन निंग से हुआ। ट्रीसा और गायत्री ने पहला गेम तो जीता, लेकिन अपनी बढ़त बनाए नहीं रख सकीं और अगले दो गेम हारकर उन्हें ब्रॉन्ज़ मेडल से संतोष करना पड़ा। इस नतीजे के साथ ही 2011 से वर्ल्ड चैंपियनशिप के हर संस्करण में कम से कम एक मेडल जीतने का भारत का सिलसिला भी जारी रहा।
पुरुष सिंगल्स रैंकिंग में भी शीर्ष पर बड़ा बदलाव हुआ। इंडोनेशिया के जोनाथन क्रिस्टी दो स्थान ऊपर चढ़कर नए वर्ल्ड नंबर 1 बन गए, जबकि वे केवल राउंड ऑफ़ 16 तक ही पहुँच पाए थे।
शी यूकी, जो शीर्ष स्थान पर थे, भारत के आयुष शेट्टी से शुरुआती दौर में हारने के बाद पाँच स्थान गिरकर नंबर 6 पर आ गए। वहीं, शानदार प्रदर्शन के बाद भारतीय खिलाड़ी आयुष शेट्टी दो स्थान ऊपर चढ़कर नंबर 20 पर पहुँच गए। लक्ष्य सेन भी एक स्थान ऊपर चढ़कर नंबर 13 पर आ गए।
अन्य खिलाड़ियों में, कुनलावुत वितिदसर्न और एंडर्स एंटोनसेन भी एक-एक स्थान गिरकर क्रमशः नंबर 3 और नंबर 5 पर आ गए। क्रिस्टो पोपोव तीन स्थान ऊपर चढ़कर दूसरे नंबर पर आ गए, जबकि चाउ टिएन चेन दो स्थान ऊपर चढ़कर चौथे नंबर पर पहुंच गए। वर्ल्ड चैंपियन एलेक्स लैनियर तीन स्थान ऊपर चढ़कर सातवें नंबर पर आ गए।



