DDA का रक्षाबंधन पर बड़ा तोहफा! नरेला में 1,287 HIG और MIG फ्लैट्स पर 25% डिस्काउंट, 28 अगस्त से बुकिंग शुरू

दिल्ली में घर खरीदने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने एक बड़ी खुशखबरी दी है। रक्षाबंधन के मौके पर DDA ने नागरिक आवास योजना 2026 में बदलाव करते हुए नरेला में 1,287 और नए फ्लैट जोड़े हैं। इन घरों की कीमत पर 25 फीसदी की छूट दी जाएगी। रक्षा बंधन से पहले की गई इस घोषणा से कम कीमत में घर खरीदने की योजना बना रहे लोगों को फायदा मिल सकता है। फ्लैट खरीदने के इच्छुक लोग 28 अगस्त 2026 से बुकिंग कर सकेंगे। आइए जानते है डीडीए की इस योजना के बारे में

डीडीए ने जोड़े 1,287 फ्लैट

DDA ने 18 अगस्त 2026 को एक सर्कुलर जारी कर ये जानकारी दी है। इस सर्कुलर में नरेला के सेक्टर A1-A4 के पॉकेट 3 और 4 में 1,287 फ्लैट जोड़ने की बात कही गई है। अथॉरिटी ने इन फ्लैटों की पूरी जानकारी के साथ उनकी छूट वाली कीमतों की लिस्ट भी जारी कर दी है। DDA की इस नई सूची में नरेला के सेक्टर A1-A4 के पॉकेट 3 और 4 के फ्लैट शामिल किए गए हैं। इनमें कुल 1,287 घर हैं, जिनमें 790 फ्लैट मिडिल इनकम ग्रुप (MIG) के लिए और 497 फ्लैट हाई इनकम ग्रुप (HIG) के लिए रखे गए हैं। इससे अलग-अलग आय वर्ग के लोगों को घर खरीदने का ऑप्शन मिलेगा।

कब से कर सकेंगे बुकिंग

DDA के नए फ्लैटों की बुकिंग 28 अगस्त को दोपहर 12 बजे से शुरू होगी। इन फ्लैटों का आवंटन ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर किया जाएगा। यानी जो पात्र लोग बुकिंग प्रक्रिया सबसे पहले पूरी करेंगे, उन्हें फ्लैट मिलने में प्राथमिकता दी जाएगी। ऐसे में घर खरीदने के इच्छुक लोगों के लिए बुकिंग शुरू होते ही आवेदन करना फायदेमंद रहेगा।

25% की मिलेगी छूट

DDA ने नए फ्लैटों की पूरी जानकारी जारी कर दी है। इसमें फ्लैट की मंजिल, उसका आकार और 25 फीसदी छूट के बाद की कीमत बताई गई है। कई MIG फ्लैट 126 से 140 वर्ग मीटर के हैं, जिनकी छूट के बाद कीमत करीब 73.7 लाख से 81.8 लाख रुपये तक है। अथॉरिटी की जारी सूची में हर फ्लैट की छूट के बाद वाली कीमत अलग-अलग बताई गई है। इन फ्लैटों पर नागरिक आवास योजना 2026 के सभी नियम और शर्तें लागू होंगी।

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33.4 लाख के 1 BHK सरकारी फ्लैट की बुकिंग सिर्फ 50k में! DDA की इस धांसू स्कीम में 2-3 बीएचके का भी ऑप्शन

दिल्ली में अपना घर खरीदने का सपना देखने वाले लाखों लोगों के लिए दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने ‘कर्मजीवी आवास योजना 2026’ शुरू की है। इस योजना का मकसद सरकारी कर्मचारियों, सेवानिवृत्त कर्मियों और विभिन्न पेशों से जुड़े लोगों को रियायती दर पर तैयार फ्लैट उपलब्ध कराना है। सबसे बड़ी बात यह है कि योजना के तहत सभी श्रेणियों के फ्लैटों पर 25 फीसदी की सीधी छूट दी जा रही है। ये सभी फ्लैट दिल्ली के नरेला स्थित पॉकेट-11, सेक्टर ए1-ए4 में बने हैं और पूरी तरह तैयार हैं, यानी खरीदते ही इनमें रहने की सुविधा मिलेगी।

जानें कब शुरु होगा रजिस्ट्रेशन 

योजना की शुरुआत 24 जुलाई 2026 से हो चुकी है। इसी दिन से पंजीकरण भी शुरू हो गया है। फ्लैटों की बुकिंग 15 अगस्त 2026 दोपहर 12 बजे से ‘पहले आओ, पहले पाओ’ (First Come First Serve) के आधार पर शुरू होगी। योजना 30 अक्टूबर 2026 तक या सभी फ्लैट बिकने तक चलेगी।इस योजना के तहत कुल 1,224 फ्लैट बिक्री के लिए उपलब्ध हैं।

जानें कितनी होगी फ्लैट की कीमत

इनमें 384 एक बेडरूम (1-बीएचके), 432 दो बेडरूम (2-बीएचके) और 408 तीन बेडरूम (3-बीएचके) फ्लैट शामिल हैं। 25 फीसदी छूट के बाद 1-बीएचके फ्लैट की कीमत लगभग 33.40 लाख से 33.66 लाख रुपये, 2-बीएचके की कीमत 75.55 लाख से 83.58 लाख रुपये और 3-बीएचके की कीमत 1.06 करोड़ से 1.19 करोड़ रुपये के बीच होगी। हालांकि अंतिम कीमत फ्लैट के क्षेत्रफल के अनुसार तय होगी।

इस इलाके में बन हैं फ्लैट

योजना की एक और खासियत इसकी लोकेशन है। नरेला का यह इलाका तेजी से विकसित हो रहा है। यहां से प्रस्तावित रिठाला-नरेला-कुंडली मेट्रो कॉरिडोर का मेट्रो स्टेशन करीब 1.5 किलोमीटर दूर होगा। प्रस्तावित रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) स्टेशन भी करीब 1.9 किलोमीटर की दूरी पर है। इसके अलावा यूईआर-1, यूईआर-2 और जीटी करनाल रोड जैसी प्रमुख सड़कें भी पास हैं। आसपास शिक्षा केंद्र, खेल परिसर और हरियाली की अच्छी व्यवस्था है, जिससे यह इलाका भविष्य में और अधिक आकर्षक माना जा रहा है।

किन्हें मिलेगा फायदा

यह योजना सिर्फ सरकारी कर्मचारियों तक सीमित नहीं है। इसके लिए केंद्र और राज्य सरकार के कर्मचारी, सेवानिवृत्त कर्मचारी, सार्वजनिक उपक्रमों के कर्मचारी, सरकारी विश्वविद्यालयों और अस्पतालों के कर्मचारी आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा डॉक्टर, वकील, चार्टर्ड अकाउंटेंट, इंजीनियर, आर्किटेक्ट, शिक्षक, प्रोफेसर, वैज्ञानिक और निजी क्षेत्र के पेशेवर भी इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। आवेदन के समय संबंधित नौकरी या पेशे से जुड़े दस्तावेज जमा करना अनिवार्य होगा।

आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन होगा। इच्छुक लोगों को डीडीए के आवास पोर्टल पर जाकर पंजीकरण करना होगा। इसके लिए 2,500 रुपये का गैर-वापसी योग्य पंजीकरण शुल्क देना होगा। जो लोग पहले से डीडीए आवास पोर्टल पर पंजीकृत हैं, उन्हें दोबारा शुल्क नहीं देना पड़ेगा। फ्लैट चुनने के बाद आवेदक को ऑनलाइन भुगतान के लिए 15 मिनट का समय मिलेगा। इस दौरान चुना गया फ्लैट किसी दूसरे व्यक्ति के लिए उपलब्ध नहीं रहेगा।

बुकिंग के लिए इतनी जमा करानी होगी राशि

बुकिंग के लिए भी अलग-अलग राशि तय की गई है। 3-बीएचके फ्लैट के लिए 10 लाख रुपये, 2-बीएचके के लिए 4 लाख रुपये और 1-बीएचके के लिए 50 हजार रुपये जमा करने होंगे। यह राशि फ्लैट की कुल कीमत में समायोजित कर दी जाएगी। लेकिन यदि आवेदक बाद में फ्लैट छोड़ता है या तय समय पर बाकी भुगतान नहीं करता, तो यह राशि जब्त हो सकती है। डीडीए के अनुसार, बुकिंग के बाद डिमांड-कम-अलॉटमेंट लेटर जारी किया जाएगा। इसके बाद फ्लैट की बाकी कीमत 60 दिनों के भीतर जमा करनी होगी। जरूरत पड़ने पर 30 दिन की अतिरिक्त मोहलत मिलेगी, लेकिन उस पर 10 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देना होगा। तय समय के बाद भुगतान नहीं करने पर फ्लैट का आवंटन रद्द किया जा सकता है।

योजना में दिव्यांग (पीडब्ल्यूबीडी) आवेदकों के लिए विशेष सुविधा भी दी गई है। उन्हें फ्लैट की कीमत पर 5 प्रतिशत तक की छूट (अधिकतम 1 लाख रुपये) मिलेगी। साथ ही वे पूरी राशि एक साथ देने के बजाय 15 साल की आसान किस्तों में भी भुगतान कर सकते हैं। डीडीए ने यह भी स्पष्ट किया है कि फ्लैट केवल रिहायशी उपयोग के लिए होंगे। कब्जा मिलने के बाद फ्लैट मालिकों को संबंधित रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) का सदस्य बनना होगा और रखरखाव शुल्क भी देना होगा। फ्लैट का स्वामित्व पूरी प्रक्रिया पूरी होने और कन्वेयंस डीड बनने के बाद ही मिलेगा।

कुल मिलाकर, डीडीए कर्मजीवी आवास योजना 2026 उन लोगों के लिए बड़ा अवसर है जो दिल्ली में अपना घर खरीदना चाहते हैं। 25 प्रतिशत की छूट, तैयार फ्लैट, बेहतर कनेक्टिविटी और पूरी तरह ऑनलाइन प्रक्रिया इस योजना को खास बनाती है। खासकर सरकारी कर्मचारियों, पेशेवरों और सेवानिवृत्त लोगों के लिए यह कम कीमत में दिल्ली में घर खरीदने का एक अच्छा मौका माना जा रहा है।

DDA ने नई स्कीम का किया ऐलान! 25% डिस्काउंट पर मिलेंगे रेडी-टू-मूव 1, 2 & 3 BHK फ्लैट, जानें कौन उठा सकता है फायदा

DDA New Housing Scheme: देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस से ठीक पहले दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने घर खरीदने की चाहत रखने वालों को एक बड़ा तोहफा दिया है। प्राधिकरण ने एक विशेष हाउसिंग स्कीम कर्मजीवी आवास योजना 2026 की शुरुआत की है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य कामकाजी पेशेवरों के लिए दिल्ली में घर खरीदना आसान और किफायती बनाना है।

कर्मजीवी आवास योजना 2026 को खास तौर पर उन लोगों के लिए डिजाइन किया गया है जो देश के निर्माण और आर्थिक विकास में लगातार अपना योगदान दे रहे हैं। सरकारी सेवाओं में कार्यरत व सेवानिवृत्त कर्मचारियों के साथ-साथ कॉर्पोरेट, बिजनेस, उद्यमी और प्रोफेशनल सेक्टर से जुड़े कामकाजी पेशेवर इस योजना का फायदा उठा सकते हैं।

क्या है DDA की नई हाउसिंग स्कीम? ये रहे सारे डिटेल्स

इस योजना के तहत नरेला के पॉकेट-11, सेक्टर A1-A4 में स्थित 1200 से अधिक रेडी-टू-मूव फ्लैटों पर फ्लैट 25 प्रतिशत की भारी छूट दी जा रही है। 25% डिस्काउंट के बाद 1 BHK फ्लैट की शुरुआती कीमत ₹33.40 लाख, 2 BHK फ्लैट की शुरुआती कीमत ₹75.55 लाख और 3 BHK फ्लैट की शुरुआती कीमत ₹1.065 करोड़ तय की गई है।

योजना में शामिल होने के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की शुरुआत 24 जुलाई से हो रही है। वहीं, फ्लैटों की बुकिंग 15 अगस्तसे डीडीए आवास पोर्टल पर पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर खोली जाएगी। यह आवासीय परियोजना नरेला सब-सिटी के पॉकेट-11 (सेक्टर A1-A4) में स्थित है। ये इलाका दिल्ली के तेजी से उभरते ग्रोथ कॉरिडोर में शामिल है। यह पूरा परिसर मामूरपुर जंगल के सामने और हरे-भरे माहौल के बीच बना हुआ है।

कनेक्टिविटी के लिहाज से कैसा है ये इलाका?

डीडीए के मुताबिक कनेक्टिविटी के लिहाज से यह जगह काफी बेहतर है। यह प्रोजेक्ट अर्बन एक्सटेंशन रोड (UER)-I से सिर्फ 500 मीटर और जीटी करनाल रोड से 1.1 किमी की दूरी पर है। इसके अलावा आने वाले मेट्रो स्टेशन से यह करीब 1.2 किमी, प्रस्तावित RRTS स्टेशन से 1.9 किमी, नरेला स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स से 2 किमी, आगामी एजुकेशन हब से 5 किमी, UER-II से 6.15 किमी और आगामी इंटीग्रेटेड स्पोर्ट्स स्टेडियम से 9.2 किमी की दूरी पर स्थित है।

नरेला सब-सिटी की बढ़ती लोकप्रियता का अंदाजा डीडीए के हालिया बिक्री आंकड़ों से भी लगाया जा सकता है। डीडीए की प्रेस रिलीज के मुताबिक चालू वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में डीडीए ने कुल 1284 फ्लैट बेचे। इससे ₹1020 करोड़ से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ। इनमें से अकेले नरेला सब-सिटी से ही 1153 फ्लैटों की बिक्री हुई। ये कुल बिक्री का करीब 90 प्रतिशत है।

टैक्स छूट की भी व्यवस्था?

खरीदारों की सहूलियत के लिए इस योजना में कई छूट और विशेष नियम दिए गए हैं। योजना के तहत दिए जा रहे सभी फ्लैट फ्रीहोल्ड आधार पर हैं। अगर किसी आवेदक के पास पहले से कोई आवासीय संपत्ति है तब भी वह इस योजना में आवेदन कर सकता है। इसके अलावा डीडीए के तय मानकों के अनुसार पास-पास मौजूद दो फ्लैटों को आपस में जोड़ने का विकल्प भी उपलब्ध रहेगा। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए पूरी बुकिंग प्रक्रिया ऑनलाइन होगी और खरीदार खरीदारी से पहले सैंपल फ्लैट्स का निरीक्षण भी कर सकते हैं।

इच्छुक आवेदक इस योजना, पात्रता मानदंड, मूल्य, बुकिंग प्रक्रिया और अन्य नियम-शर्तों की विस्तृत जानकारी के लिए डीडीए की आधिकारिक वेबसाइट www।dda।gov।in या डीडीए आवास पोर्टल (https://eservices।dda।org।in) पर जा सकते हैं। किसी भी तरह की सहायता के लिए डीडीए के टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800-110-332 पर भी संपर्क किया जा सकता है।

DDA फ्लैट में अब बिना अनुमति क्या-क्या बदल सकते हैं? जानिए रिनोवेशन के नए नियम

DDA renovation norms: राजधानी दिल्ली में दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) के फ्लैट मालिकों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर है। DDA ने अपने फ्लैट्स में मरम्मत और रिनोवेशन से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए कई तरह के संशोधनों को मंजूरी प्रक्रिया से मुक्त कर दिया है। इसी महीने से लागू हुई इस नई नीति के तहत अब फ्लैट मालिक बालकनी की रेलिंग/पैरापेट बढ़ाने, घर के अंदर की गैर-लोड-बेयरिंग दीवार हटाने, दरवाजे शिफ्ट करने, लॉफ्ट बनाने, वाटरप्रूफिंग के साथ फ्लोरिंग बदलने और पीवीसी पानी की टंकी लगाने जैसे काम बिना DDA या नगर निगम की पूर्व अनुमति के करा सकेंगे।

अब बिना अनुमति के कर सकेंगे ये बदलाव

DDA अधिकारियों के मुताबिक संशोधित नीति के तहत ऐसे बदलावों को Condonable यानी स्वीकार्य कैटेगरी में रखा गया है। इनके लिए पहले से अनुमति लेने की जरूरत नहीं है।

बालकनी और सुरक्षा: बेहतर सुरक्षा के लिए बालकनी के पैरापेट (रेलिंग) की ऊंचाई को ग्रिल या ग्लेजिंग लगाकर 5 फीट तक बढ़ाया जा सकता है।

बाउंड्री वॉल: वेंटिलेशन को बनाए रखते हुए फ्रंट और रियर आंगन की दीवारों को वायर फेंसिंग यानी जाली के जरिए 7 फीट तक ऊंचा किया जा सकता है।

दरवाजे बदलना या शिफ्ट करना: फ्रंट या रियर आंगन में नए दरवाजे लगाए जा सकते हैं या मौजूदा दरवाजों की जगह बदली जा सकती है, बशर्ते इससे आम रास्ता बाधित न हो।

दीवारें हटाना: रहने के लिए बड़ी जगह बनाने के उद्देश्य से घर के अंदर की गैर-लोड-बेयरिंग इंटरनल पार्टिशन वॉल (लगभग 4.5 इंच मोटी दीवार) को बिना अनुमति के हटाया जा सकता है।

इंटीरियर और यूटिलिटी अपग्रेड: इसके तहत सामान रखने के लिए लॉफ्ट बनाना, वाटरप्रूफिंग ट्रीटमेंट के साथ फ्लोरिंग (फर्श) बदलना और ग्राउंड फ्लोर या गैरेज लेवल पर अतिरिक्त पीवीसी (PVC) पानी की टंकियां लगाना शामिल है। इनके लिए अब पूर्व अनुमति की जरूरत नहीं है।

DDA ने क्यों बदले 2007 से चले आ रहे नियम?

DDA अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली की कई हाउसिंग सोसायटी दशकों पहले बनी थीं। तब परिवारों की जरूरतें आज से अलग थीं। समय के साथ इनमें रहने वाले लोगों को स्टोरेज, वेंटिलेशन या स्पेस का सही इस्तेमाल करने के लिए मामूली बदलाव करने पड़ते थे लेकिन छोटे-छोटे काम के लिए भी मंजूरी लेने में लंबा समय लगता था और शिकायतें बढ़ती थीं।

एक वरिष्ठ DDA अधिकारी ने बताया कि DDA फ्लैटों में बदलाव और रिनोवेशन को नियंत्रित करने वाली नीति में लगभग दो दशकों से कोई बदलाव नहीं हुआ था। 2007 के बाद यह पहला मौका है जब प्राधिकरण ने नीति में संशोधन किया है ताकि स्ट्रक्चरल सेफ्टी को नुकसान पहुंचाए बिना घर मालिकों को सहूलियत दी जा सके।

उन्होंने कहा कि इस नई नीति का मकसद अस्पष्टता को खत्म करना है ताकि DDA का प्रवर्तन दल रूटीन होम इम्प्रूवमेंट की बजाय अवैध कब्जों और असुरक्षित निर्माण पर कार्रवाई पर ध्यान केंद्रित कर सके।

किन बदलावों के लिए अभी भी अनिवार्य होगी मंजूरी?

DDA ने साफ किया है कि इस नीति का मतलब अनियंत्रित या अवैध निर्माण की छूट नहीं है। नीचे दिए गए बड़े और स्ट्रक्चरल बदलावों के लिए औपचारिक अनुमति और प्रमाणन अनिवार्य रहेगा-

स्ट्रक्चरल बदलाव: फ्लैट के मुख्य ढांचे, एक्सटेंशन (विस्तार), बालकनी/छत को पूरी तरह ढकने या स्ट्रक्चरल सेफ्टी को प्रभावित करने वाले किसी भी काम के लिए DDA की मंजूरी लेनी होगी।

किचन और बाथरूम: रसोई या शौचालय में किया जाने वाला ऐसा बदलाव जो इमारत के ढांचे को प्रभावित करता हो।

ऐसे प्रस्तावों के लिए रजिस्टर्ड आर्किटेक्ट और स्ट्रक्चरल इंजीनियर से प्रमाण पत्र, निर्धारित शुल्क और कई मामलों में प्रभावित पड़ोसियों की सहमति जमा करनी होगी। कॉमन एरिया (साझा रास्तों) पर अवैध कब्जा करना, अतिरिक्त मंजिलें बनाना या लोड-बेयरिंग दीवारों से छेड़छाड़ करना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा और ऐसा करने पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

दिल्ली के प्रॉपर्टी मार्केट पर क्या पड़ेगा असर?

रियल एस्टेट विशेषज्ञों और बाजार विश्लेषकों का मानना है कि DDA के इस फैसले से दिल्ली के पुराने आवासीय क्षेत्रों के फ्लैट मालिकों और संभावित खरीदारों को सबसे बड़ा फायदा होगा। द्वारका, वसंत कुंज, रोहिणी, पीतमपुरा, मयूर विहार और जनकपुरी जैसे प्रमुख इलाकों में स्थित पुराने DDA फ्लैटों की रीसेल वैल्यू और मांग में सुधार देखने को मिल सकता है। पहले खरीदार कानूनी मंजूरी के झंझट के कारण पुराने फ्लैट खरीदने से कतराते थे लेकिन अब वे कानूनी रूप से अपने हिसाब से फ्लैट को आधुनिक बना सकेंगे।

रियल एस्टेट कंसल्टेंसी फर्म राइज इंफ्रावेंचर्स लिमिटेड के वाइस प्रेसिडेंट मोहित गावरी ने बताया कि, ‘पहले DDA फ्लैटों में हर छोटे बदलाव के लिए मंजूरी की जरूरत होती थी जिससे समय और लागत दोनों बढ़ते थे और खरीदार हिचकिचाते थे। ये नए नियम उस अड़चन को दूर करते हैं और DDA घरों को बाजार में अधिक बिक्री योग्य बनाते हैं। स्थापित DDA कॉलोनियों में जहां नई हाउसिंग सप्लाई सीमित है, यह फ्लेक्सिबिलिटी बेहतर रीसेल डिमांड और अच्छी कीमतें दिलाने में मदद करेगी।’

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नियमों में ढील मिलने के बाद विशेषज्ञों को उम्मीद है कि फ्लैट मालिकों द्वारा रेनोवेशन कराने से आर्किटेक्ट्स, ठेकेदारों, इंटीरियर डिजाइनरों और रिनोवेशन कंपनियों के काम और गतिविधियों में तेजी आएगी।