FD vs SCSS: रिटायरमेंट के बाद नियमित आय सबसे बड़ी जरूरत होती है। सीनियर सिटिजन के लिए FD और SCSS दो मशहूर विकल्प हैं। दोनों में पैसा सुरक्षित रखने के साथ ब्याज से कमाई होती है। हालांकि, ब्याज दर और भुगतान के तरीके में अंतर है।
फिलहाल SCSS पर 8.2% सालाना ब्याज मिल रहा है। वहीं, SBI की 5 साल तक की FD पर वरिष्ठ नागरिकों को 7.05% ब्याज मिल रहा है। ये बैंक के हिसाब से अलग-अलग भी हो सकता है। ऐसे में ₹10 लाख के निवेश पर दोनों विकल्पों की कमाई में अंतर साफ नजर आता है।
SCSS में ₹10 लाख पर कितनी कमाई?
SCSS में ₹10 लाख लगाने पर 8.2% की दर से सालाना ₹82,000 ब्याज बनेगा। इसका भुगतान हर तिमाही किया जाता है। यानी हर तीन महीने में करीब ₹20,500 मिलेंगे।
इस तरह सालभर में कुल ब्याज ₹82,000 होगा। मूल निवेश ₹10 लाख बना रहेगा। SCSS की अवधि 5 साल है। इसे नियमों के तहत आगे बढ़ाया भी जा सकता है।
FD में ₹10 लाख पर कितना ब्याज?
SBI की 5 साल तक की FD पर वरिष्ठ नागरिकों को 7.05% ब्याज मिल रहा है। ₹10 लाख पर इस दर से सालाना ब्याज करीब ₹70,500 होगा।
यानी समान ₹10 लाख के निवेश पर SCSS की तुलना में FD से करीब ₹11,500 कम सालाना ब्याज मिलेगा। हालांकि, FD की दर बैंक और अवधि के हिसाब से अलग हो सकती है।
| निवेश | ब्याज दर | ₹10 लाख पर सालाना ब्याज | भुगतान |
| SCSS | 8.20% | ₹82,000 | तिमाही |
| SBI Senior Citizen FD | 7.05% | ₹70,500 | बैंक के विकल्प के अनुसार |
| अंतर | 1.15% | ₹11,500 | SCSS में ज्यादा |
टैक्स का भी रखें ध्यान
₹10 लाख के निवेश पर SCSS से सालाना ₹82,000 और SBI सीनियर सिटिजन FD से ₹70,500 ब्याज मिलेगा। अगर निवेशक 20% टैक्स स्लैब में है, तो 4% सेस सहित SCSS पर करीब ₹17,056 कटेगा। वहीं और FD पर करीब ₹14,664 टैक्स जाएगा। यानी टैक्स के बाद ब्याज SCSS में करीब ₹64,944 और FD में ₹55,836 रहेगा।
SCSS की ब्याज दर सरकार हर तिमाही तय करती है। इसलिए मौजूदा 8.2% की दर भविष्य में बदल सकती है। दूसरी ओर, FD की ब्याज दर भी बैंक और निवेश की अवधि के अनुसार बदलती रहती है।
₹10 लाख के निवेश में कौन कितना देगा?
मौजूदा दरों के आधार पर ₹10 लाख पर SCSS से सालाना ₹82,000 और SBI सीनियर सिटिजन FD से करीब ₹70,500 ब्याज बनता है। यानी अंतर ₹11,500 सालाना है।
हालांकि, सिर्फ ब्याज दर के आधार पर फैसला नहीं करना चाहिए। निवेश की अवधि, नियमित आय की जरूरत, लिक्विडिटी और टैक्स को भी ध्यान में रखना जरूरी है।
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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।


