BSE का शेयर एनएसई के आईपीओ के ऐलान से 3% फिसला, क्या यह इसे खरीदने का सही मौका है?

एनएसई के आईपीओ के ऐलान का सीधा असर बीएसई के शेयरों पर पड़ा है। बीएसई के शेयर में 11 सितंबर को 3 फीसदी तक गिरावट दिखी। बीते चार कारोबारी सत्रों में से 3 में यह शेयर गिरा है। यह अपने सपोर्ट जोन के करीब आ गया है। एनालिस्ट्स का कहना है कि सपोर्ट लेवल टूटने पर इस शेयर पर बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है। सवाल है कि क्या यह बीएसई के शेयरों को खरीदने का सही समय है?

शेयर 17 अगस्त से कंसॉलिडेशन में

SBI Securities में टेक्निकल एंड डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड सुदीप शाह ने कहा कि बीएसई का शेयर 3,474-3,132 रुपये की रेंज में कंसॉलिडेट कर रहा है। 17 अगस्त से ऐसा दिख रहा है। उन्होंने कहा, “गिरता एडीएक्स इस बात का संकेत है कि शेयर में ट्रेंड स्ट्रेंथ की कमी है। एमएसीडी लाइन जीरो लाइन के नीचे बनी हुई है। यह कमजोर मोमेंटम का संकेत है।”

सपोर्ट जोन टूटने पर आएगी बड़ी गिरावट

उन्होंने कहा कि बीएसई के शेयरों के लिए अगला सपोर्ट 3,130-3,100 जोन में है। अगर यह इस रेंज को तोड़ देता है तो इस पर बिकवाली का नया दबाव दिख सकता है। इससे यह शेयर गिरकर 2,970 रुपये के अगले सपोर्ट लेवल तक जा सकता है। तेजी की स्थिति में 3,350-3,370 रुपये पर इसे अगला सपोर्ट मिलेगा।

CAS का असर ट्रेडिंग वॉल्यूम पर पड़ा

इससे पहले विदेशी ब्रोकरेज फर्म बर्नस्टीन ने बीएसई के शेयर पर ‘अंडरपरफॉर्म’ की रेटिंग दी थी। बीएसई के शेयर पर एनालिस्ट्स की चिंता की वजह इसका ट्रेडिंग वॉल्यूम है। एक्सचेंज के मैनेजमेंट ने कहा है कि हाल में लागू क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) का असर इंडेक्स ऑप्शंस वॉल्यूम पर पड़ा है। ऑक्शन सेशन में सीमित लिक्विडिटी का असर पार्टिसिपेशन पर पड़ा है।

बीएसई का मार्केट कैपिटलाइजेशन 1.31 लाख करोड़

BSE का मार्केट कैपिटलाइजेशन अभी 1.31 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है। एनएसई के आईपीओ का ऐलान हो जाने से इनवेस्टर्स दोनों एक्सचेंजों की वैल्यूएशन और प्रॉफिट बनाने की क्षमता की तुलना कर रहे हैं। एनएसई का मार्केट कैपिटलाइजेशन प्राइस बैंड के ऊपरी लेवल पर करीब 4.46 लाख करोड़ रुपये होगा।

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एनएसई का प्रॉफिट बीएसई के प्रॉफिट का चार गुना

एनएसई का FY26 में टैक्स बाद प्रॉफिट 10,302 करोड़ रुपये था, जबकि प्राइस-टू-अर्निंग्स मल्टीपल करीब 42.5 गुना है। इसके मुकाबले बीएसई का मार्केट कैपिटलाइजेशन करीब 1.31 लाख करोड़ रुपये है। इसका FY26 का टैक्स बाद प्रॉफिट 2,497 करोड़ रुपये था। इसका पी/ई मल्टीपल करीब 49 गुना है। एनएसई की वैल्यूएशन बीएसई की करीब 3.2 गुनी है, जबकि प्रॉफिट चार गुना से ज्यादा है।

Market Insight : अनुज सिंघल से जाने कहां तक गिर सकता है निफ्टी, NSE के IPO में क्या करें

Market Insight : बढ़ती US बॉन्ड यील्ड और कच्चे तेल की आग में बाजार झुलसता दिख रहा है। निफ्टी ने इंट्राडे में आज 23250 का अहम लेवल भी तोड़ दिया तो बैंक निफ्टी 1 फीसदी टूटकर 56000 के नीचे चला गया। मिड और स्मॉलकैप में भी भारी बिकवाली आई है। क्रूड 108 डॉलर के पार चला गया है। उधर इंडिया VIX 6 फीसदी उछला है। US में दरे बढ़ने की आशंका से रेट सेंसटिव शेयरों के सेंटिमेंट बिगड़ गए हैं। रियल्टी,ऑटो और फाइनेंशियल सेक्टर में सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिल रहा है। रियल्टी इंडेक्स करीब 4 फीसदी नीचे है। गोदरेज और प्रेस्टीज 5 फीसदी तक गिरे हैं। हालांकि IT शेयर संभलने की कोशिश कर रहे हैं।

US में 10 साल की बॉन्ड यील्ड 5 फीसदी के करीब पहुंचने से मेटल और गोल्ड फाइनेंस कंपनियों पर प्रेशर है। मेटल इंडेक्स करीब 2.5 फीसदी टूटा है। HINDALCO, HIND ZINC, हिंद कॉपर, NALCO 5 फीसदी तक नीचे आए हैं। सोने में गिरावट से मुथूट और मणप्पुरम भी टूटे हैं।

क्या आज होगा टोटल ब्रेक डाउन ?

बाजार पर बात करते हुए CNBC-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि उनका लगातार इंडेक्स पर शॉर्ट रहने का नजरिया रहा है। बाजार इस समय एक बड़े मैक्रो दिक्कत में है। इसीलिए निफ्टी और बैंक निफ्टी में बड़ी गिरावट आ रही है। लेकिन ऐसा नहीं है कि बाजार खराब है। मिडकैप,स्मॉलकैप और IPOs में पैसा बन रहा है। आज सुबह-सुबह बॉन्ड बाजार और कच्चे तेल से डराने वाले संकेत मिले हैं। आज शाम को US रिटेल महंगाई डाटा भी आना है। ऐसे में बड़ा सवाल ये कि बाजार दरों में बढ़ोतरी को कितना पचा चुका है और अगर वाकई US में दरों में बढ़ोतरी हुई तो क्या हम और गिरेंगे या ये भाव में शामिल हो चुका है?

निफ्टी: कहां तक गिर सकते हैं हम?

निफ्टी में इस साल 2 बड़े बॉटम बने थे। युद्ध के तुरंत बाद 22,331 और मई में 23,123 (क्लोजिंग लेवल)। क्लोजिंग आधार पर हम 24,774 तक चले थे। मई के स्तर से जो रैली हुई उसका हम 81% गिर चुके हैं। ऐसे में वापस 23,100-23,200 जाने का रिस्क होगा। युद्ध के बाद वाले लो की रैली का भी हम 55% रिट्रेस हो चुके हैं और उसका 61.8% रिट्रेसमेंट लेवल आएगा करीब 23,264 पर। यानी कि कुल मिला कर 23,100-23,300 पत्थर की लकीर है। अगर 23,100-23,300 टूटा तो 22,300 भी रिस्क पर होगा।

बाजार: आज का दांव

आज बैंक और IT दोनों के गिरने के संकेत हैं। निफ्टी IT पर हमने एकदम सही समय पर Bullish नजरिया खत्म किया। इस महीने निफ्टी IT 7% से ज्यादा गिर चुका है और वापस निफ्टी IT में अब पैसा बेच कर बन रहा है। बैंक और NBFCs में आज कच्चे तेल और बॉन्ड यील्ड की दोहरी मार है। HDFC बैंक अब इस साल 30% गिर चुका है। अब तो HDFC बैंक के पक्के निवेशक भी उम्मीद छोड़ रहे हैं। दिक्कत यह है कि ICICI बैंक और SBI भी साथ नहीं दे रहे हैं। आज मेटल की रैली भी बुरी तरह से फेल हो सकती है। गोल्ड फाइनेंस कंपनियों में फिर बड़ी गिरावट का रिस्क रहेगा। हिंद जिंक पर कल हमने इंट्राडे में मुनाफावसूली का नजरिया रखा था। आज बाकी मेटल शेयरों में भी तेज गिरावट आ सकती है। छुपने की जगह इस समय सिर्फ फार्मा और हेल्थकेयर में है। इसके अलावा आज NSE के IPO पर नजर रहेगी।

NSE IPO डिटेल्स

NSE IPO 17-21 सितंबर के बीच खुला रहेगा। इसका प्राइस बैंड 1,700-1,785 रुपए और इश्यू साइज 22,569 करोड़ (पूरी तरह OFS) तय किया गया है। कंपनी का मार्केट कैप 4.42 लाख करोड़ रुपए है। NSE के वैल्युएशन की बात करें तो 1,785 रुपए प्रति शेयर पर वैल्युएशन करीब 42.9x Trailing FY26 P/E होता है। SE का मौजूदा P/E करीब 54x FY26 EPS पर है। NSE के फाइनेंशियल पर नजर डालें तो FY26 में इसकी आय 16,601 करोड़ रुपए, EBITDA मार्जिन 76% और मुनाफा 10,302 करोड़ रुपए रहा।

NSE IPO में बोली लगाने की सोच रहे हैं? पहले जान लीजिए शेयर पर कितना चल रहा GMP

NSE में क्या करें?

NSE कैपिटल मार्केट सेक्टर का सबसे बड़ा शेयर है। ध्यान रहे इसमें लगभग 6 महीने तक फ्लोटिंग स्टॉक काफी सीमित रहेगा। प्री-IPO निवेशकों के लिए 6 महीने का Lock In है और 4.5% इश्यू में से करीब 1.5% एंकर निवेशकों का होगा। एंकर निवेशक भी 1 महीने तक नहीं बेच पाएंगे। NSE का असली टेस्ट लिस्टिंग के 6 महीने बाद होगा। NSE का सबसे बड़ा रिस्क है F&O वॉल्यूम का तेजी से नीचे आना और यही कारण है कि BSE अपने हाई से काफी गिर चुका है। NSE भी Unlisted मार्केट में 2200 रुपए तक गया था और वहां से गिरा है।

 

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NSE IPO में बोली लगाने की सोच रहे हैं? पहले जान लीजिए शेयर पर कितना चल रहा GMP

एनएसई का आईपीओ 17 सितंबर को खुलेगा। प्राइस बैंड सहित इश्यू की दूसरी जानकारियां सामने आ गई हैं। अगर आप देश के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज के आईपीओ में बोली लगाने की सोच रहे हैं तो पहले यह जान ले कि इस शेयर पर ग्रे मार्केट प्रीमियम (जीएमपी) कितना चल रहा है।

शेयर के जीएमपी में आई है गिरावट 

NSE के शेयर के जीएमपी में 11 सितंबर को गिरावट आई। ग्रे मार्केट की गतिविधियों को ट्रैक करने वाले प्लेटफॉर्म्स के मुताबिक, एनएसई के शेयर पर 10-11 फीसदी जीएमपी चल रहा है। इनवेस्टरगेन ने प्रति शेयर 180 रुपये का जीएमपी बताया है। इसका मतलब है कि इस शेयर की लिस्टिंग पर 10.08 फीसदी कमाई हो सकती है।

10-11 फीसदी लिस्टिंग गेंस के संकेत

आईपीओवॉच ने एनएसई के शेयर पर जो जीएमपी बताया है, उसके हिसाब से इस शेयर से 10.53 लिस्टिंग गेंस हो सकता है। इस हफ्ते की शुरुआत में शेयर का जीएमबी 285 रुपये था। तब एनएसई ने प्राइस बैंड का ऐलान नहीं किया था। 285 रुपये जीएमपी का मतलब था कि इस शेयर की लिस्टिंग से 15.97 का गेंस हो सकता था।

21 सितंबर तक लगा सकते हैं बोली

एनएसई के आईपीओ में 21 सितंबर तक बोली लगाई जा सकती है। यह इश्यू एंकर इनवेस्टर्स के लिए 16 सितंबर को खुल जाएगा। एनएसई ने 1,700-1,785 रुपये का प्राइस बैंड तय किया है। देश के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज का यह आईपीओ 22,561.5 करोड़ रुपये का है। प्राइस बैंड के ऊपरी लेवल पर एक्सचेंज 4.42 लाख करोड़ रुपये की वैल्यूएशन चाहता है।

देश का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज 

एनएसई का मुकाबला बीएसई यानी बॉम्बे स्टॉक एक्सेंचज से है। एनएसई देश का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है, जबकि BSE न सिर्फ भारत बल्कि एशिया का सबसे पुराना स्टॉक एक्सचेंज है। Redseer की रिपोर्ट के मुताबिक, कैश मार्केट में एनएसई का मार्केट शेयर 93.05 फीसदी था, इक्विटी फ्यूचर्स में मार्केट शेयर 99.72 फीसदी और इक्विटी ऑप्शंस में 68.48 फीसदी था। यह डेटा जून 2026 में खत्म तीन महीनों के टोटल प्रीमियम टर्नओवर पर आधारित है।

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आईपीओ मार्केट में बढ़ी है हलचल

पिछले कुछ हफ्तों में आईपीओ मार्केट में गतिविधियां काफी बढ़ी हैं। इस हफ्ते कुल 16 आईपीओ बाजार में हैं। हाल में कई आईपीओ को इनवेस्टर्स का स्ट्रॉन्ग रिस्पॉन्स मिला है। कुछ कंपनियों के शेयर काफी ज्यादा प्रीमियम पर लिस्ट हुए हैं। कुछ शेयरों में तो लिस्टिंग के बाद लगातार तेजी दिखी है। मिल्की मिस्ट का शेयर इसका उदाहरण है।

Stocks to Watch: 11 सितंबर को Vodafone Idea, HDFC Bank, Premier Energies समेत इन शेयरों पर रहेगी नजर, बड़ी उठापटक के आसार

शुक्रवार, 11 सितंबर को कई शेयरों में बड़ा उतारचढ़ाव देखने को मिल सकता है। इनमें वोडाफोन आइडिया, HDFC Bank, प्रीमियर एनर्जीस, संकेश ज्वेलर्स, Canara HSBC Life Insurance Company जैसे नाम प्रमुख हैं। वजह हैं- तिमाही नतीजे, कारोबार से जुड़े डेवलपमेंट्स, नई डील या कॉन्ट्रैक्ट, आदि। इसके अलावा शुक्रवार को SME सेगमेंट में एक लिस्टिंग होने वाली है। साथ ही 100 से ज्यादा कंपनियों के शेयर एक्स-डिविडेंड ट्रेड करने वाले हैं। एक स्टॉक एक्स-बोनस ट्रेड भी करेगा। आइए डिटेल में जानते हैं किन प्रमुख शेयरों पर रहेगी नजर…

आज इन कंपनियों के नतीजे

होराइजन इंडस्ट्रियल पार्क्स, ललिता ज्वेलरी मार्ट, CMI, नोवा आयरन एंड स्टील

इन शेयरों पर रहेगी नजर

Shankesh Jewellers: अप्रैल-जून 2026 तिमाही में स्टैंडअलोन बेसिस पर मुनाफा सालाना आधार पर डबल होकर 43.2 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू 55.1% बढ़कर 423.6 करोड़ रुपये हो गया।

Vodafone Idea: ब्लूमबर्ग की ​एक रिपोर्ट के मुताबिक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की अगुवाई में कर्ज देने वालों का एक ग्रुप वोडाफोन आइडिया लिमिटेड को लगभग 3.5 अरब डॉलर की डेट फाइनेंसिंग देने पर सहमत हो गया है। इस ग्रुप में यूनियन बैंक ऑफ इंडिया लिमिटेड और नेशनल बैंक फॉर फाइनेंसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट जैसे अन्य लेंडर भी शामिल हैं।

Neogen Chemicals: कंपनी ने अपना क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) लॉन्च किया है और फ्लोर प्राइस 2,189.73 रुपये प्रति शेयर तय किया है। यह फ्लोर प्राइस पर 5 प्रतिशत तक की छूट दे सकती है।

Canara HSBC Life Insurance Company: इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (IRDAI) ने केनरा HSBC लाइफ इंश्योरेंस पर 1 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। यह जुर्माना पॉलिसीहोल्डर के हितों से जुड़े कुछ मामलों को लेकर है।

Premier Energies: कंपनी ने जर्मनी के RCT ग्रुप की कंपनी RCT इंडिया के साथ एक बाइंडिंग टर्म शीट पर साइन किया है। इसके तहत तेलंगाना में 12 GWh का बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाने के लिए एक जॉइंट वेंचर (JV) बनाया जाएगा। प्लांट प्रीमियर एनर्जीज की सब्सिडियरी, प्रीमियर बैटरी टेक्नोलॉजीज के जरिए बनाया जाएगा।

Kotak Mahindra Bank: मनीष कोठारी ने ग्रुप प्रेसिडेंट और हेड- कमर्शियल बैंक के साथ-साथ बैंक के सीनियर मैनेजमेंट पर्सनल के पद से इस्तीफा दे दिया है। यह इस्तीफा 30 सितंबर से लागू होगा।

Bharat Forge: कंपनी की स्टेप-डाउन सब्सिडियरी, भारत फोर्ज होल्डिंग GmbH (BFH) का भारत फोर्ज ग्लोबल होल्डिंग GmbH के साथ विलय हो गया है। भारत फोर्ज ग्लोबल होल्डिंग GmbH, भारत फोर्ज की सब्सिडियरी और BFH की इमीडिएट होल्डिंग कंपनी है।

HDFC Bank: बैंक ने कहा कि बहरीन की एक अदालत ने क्रेडिट सुइस एडिशनल टियर 1 (CS AT1) बॉन्ड के इनवेस्टर्स द्वारा बैंक के खिलाफ दायर 2 दावों को खारिज कर दिया है। इस साल जुलाई और अगस्त के बीच, बहरीन की अदालत ने CS AT1 बॉन्ड में निवेश करने वालों के 5 और ऐसे ही मामलों को खारिज कर दिया था, जिससे बैंक के पक्ष में आए फैसलों की कुल संख्या 7 हो गई।

NSE IPO: इंतजार खत्म, प्राइस बैंड ₹1700-₹1785 प्रति शेयर हुआ तय; इश्यू का साइज घटकर ₹22562 करोड़

बल्क और ब्लॉक डील

Sri Lotus Developers and Realty: स्मॉलकैप वर्ल्ड फंड इंक ने 1.94 प्रतिशत हिस्सेदारी वाले 95.05 लाख इक्विटी शेयर 190.01 करोड़ रुपये में खरीदे हैं। प्रमोटर आनंद कमल नयन पंडित ने 97.7 लाख शेयर या 2 प्रतिशत हिस्सेदारी 195.3 करोड़ रुपये में बेची है।

Computer Age Management Services: सोसाइटे जेनरल ODI ने 253.05 करोड़ रुपये में 37.11 लाख शेयर खरीदे हैं। गोल्डमैन सैक्स इनवेस्टमेंट्स मॉरीशस I ने 245.16 करोड़ रुपये में 35.96 लाख शेयर खरीदे हैं। दूसरी ओर, फिडेलिटी रटलैंड स्क्वायर ट्रस्ट II स्ट्रैटेजिक एडवाइजर्स FIDEMG मार्केट्स फंड और FMRC फिडेलिटी इमर्जिंग मार्केट्स फंड ने 456.64 करोड़ रुपये में 66.97 लाख शेयर बेचे हैं।

ESDS Software Solution: मैथन अलॉयज ने 0.54 प्रतिशत हिस्सेदारी वाले 6.34 लाख शेयर 93.98 करोड़ रुपये में खरीदे हैं।

Spectrum Electrical Industries: मोतीलाल ओसवाल म्यूचुअल फंड ने अजय भीकमचंद जैन से 30.48 करोड़ रुपये में 1.15 लाख शेयर खरीदे हैं।

Corona Remedies: प्राइवेट इक्विटी फर्म ChrysCapital की सहयोगी कंपनी सेपिया इनवेस्टमेंट्स ने 4.06 प्रतिशत हिस्सेदारी वाले 24.85 लाख शेयर 509.6 करोड़ रुपये में बेचे हैं। इन शेयरों में से SBI म्यूचुअल फंड ने 2.51 प्रतिशत हिस्सेदारी वाले 15.4 लाख शेयर 315.7 करोड़ रुपये में खरीदे। अमुंडी फंड्स एशिया इक्विटी कंसंट्रेटेड ने 3.12 लाख शेयर 63.96 करोड़ रुपये में खरीदे।

Marble City India: सालसेट विनिमय ने 8.57 प्रतिशत हिस्सेदारी वाले 22 लाख शेयर VPS कंस्ट्रक्शन्स से 25.74 करोड़ रुपये में खरीदे हैं।

SME लिस्टिंग

क्वालियंस इंटरनेशनल

Market cues : मार्केट पर मंदड़ियों का कंट्रोल कायम, 23070 के लेवल तक गिर सकता है निफ्टी

ये स्टॉक्स करेंगे एक्स-डिविडेंड ट्रेड

आरती इंडस्ट्रीज

अबिरामी फाइनेंशियल सर्विसेज इंडिया

अमीन्स एंड प्लास्टिसाइजर्स

अपार इंडस्ट्रीज

असाही इंडिया ग्लास

अद्वैत एनर्जी ट्रांजिशंस

एस्ट्रा माइक्रोवेव प्रोडक्ट्स

अल्फाजियो (इंडिया)

एक्सिस सॉल्यूशंस

अक्सिता कॉटन

अमृतंजन हेल्थ केयर

अरिहंत सुपरस्ट्रक्चर्स

अशिका ग्लोबल सिक्योरिटीज

अतुल ऑटो

बजाज हेल्थकेयर

मिसेज बेक्टर्स फूड स्पेशलिटीज

बामर लॉरी इन्वेस्टमेंट्स

बामर लॉरी एंड कंपनी

बैंको प्रोडक्ट्स (इंडिया)

ब्लू जेट हेल्थकेयर

भारत पैरेंटेरल्स

सीगल इंडिया

शैलेट होटल्स

ब्राइट ब्रदर्स

सीजे फाइनेंस

CMS इन्फो सिस्टम्स

कम्फर्ट इनटेक

कम्फर्ट फिनकैप

CSL फाइनेंस

डेटामैटिक्स ग्लोबल सर्विसेज

DC इन्फोटेक एंड कम्युनिकेशन

कॉम्पिटेंट ऑटोमोबाइल्स कंपनी

DAPS एडवरटाइजिंग

DHP इंडिया

डूट्रॉन पॉलिमर्स

धनलक्ष्मी रोटो स्पिनर्स

डायनामिक इंडस्ट्रीज

एडेलवाइस फाइनेंशियल सर्विसेज

फिनोलेक्स इंडस्ट्रीज

डायनेमिक प्रोडक्ट्स

गुजरात स्टेट फर्टिलाइजर्स एंड केमिकल्स

गुजरात इंडस्ट्रीज पावर कंपनी

गुजरात एनर्जी

GSP क्रॉप साइंस

हरियाणा लेदर केमिकल्स

HBL इंजीनियरिंग

इंडो थाई सिक्योरिटीज

इंडियन रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी

हीडलबर्गसीमेंट इंडिया

जोस्ट्स इंजीनियरिंग कंपनी

JTL इंडस्ट्रीज

IRM एनर्जी

क्रिस्टल इंटीग्रेटेड सर्विसेज

कृष्णवीर फोर्ज

कल्याण ज्वेलर्स इंडिया

लिंकन फार्मास्यूटिकल्स

श्री लोटस डेवलपर्स एंड रियल्टी

मेडी असिस्ट हेल्थकेयर सर्विसेज

मंगल क्रेडिट एंड फिनकॉर्प

मनोरमा इंडस्ट्रीज

मेट्रोग्लोबल

नाथ बायो-जीन्स (इंडिया)

M लखामसी इंडस्ट्रीज

मोल्ड-टेक टेक्नोलॉजीज

नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी

पैसालो डिजिटल

मोल्ड-टेक पैकेजिंग

नेशनल प्लास्टिक टेक्नोलॉजीज

NCL इंडस्ट्रीज

नेशनल फर्टिलाइजर्स

नितिन स्पिनर्स

PPAP ऑटोमोटिव

द फीनिक्स मिल्स

पिट्टी इंजीनियरिंग

RJ शाह एंड कंपनी

रूपा एंड कंपनी

पोद्दार पिगमेंट्स

सनरिया टेक्निकल टेक्सटाइल्स

सवेरा इंडस्ट्रीज

पिरामिड टेक्नोप्लास्ट

Rhi मैग्नेसाइट इंडिया

साल ऑटोमोटिव

संधार टेक्नोलॉजीज

सूरतवाला बिजनेस ग्रुप

शैली इंजीनियरिंग प्लास्टिक्स

वेंचुरा गारंटी

साइनपोस्ट इंडिया

SKM एग प्रोडक्ट्स एक्सपोर्ट (इंडिया)

शंकर लाल रामपाल डाई-केम

सुयोग टेलीमैटिक्स

टैलब्रोस ऑटोमोटिव कंपोनेंट्स

सुब्रोस

सनफ्लैग आयरन एंड स्टील कंपनी

तत्व चिंतन फार्मा केम

टेक्नो इलेक्ट्रिक एंड इंजीनियरिंग कंपनी

टेगा इंडस्ट्रीज

उत्तम शुगर मिल्स

वेंकीज (इंडिया)

टेक्समैको रेल एवं इंजीनियरिंग

ट्रांसरेल लाइटिंग

वारी ऊर्जा

जुआरी इंडस्ट्रीज

ये शेयर करेगा एक्स-बोनस ट्रेड

पर्ल ग्लोबल इंडस्ट्रीज

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : GIFT Nifty के संकेतों को देखते हुए लगता है कि 11 सितंबर को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स में गैप-डाउन शुरुआत हो सकती है। GIFT Nifty शुरुआती कारोबार में 23,356.50 के आसपास कमजोर के साथ ट्रेड कर रहा था। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

10 सितंबर को भारतीय इक्विटी इंडेक्स में तीन दिन से जारी गिरावट थमती दिखी और सीमित दायरे में कारोबार के बीच सेंसेक्स-निफ्टी बढ़त के साथ बंद हुए। मीडिया और फाइनेंशियल शेयरों में खरीदारी के चलते निफ्टी 23,400 के स्तर के ऊपर बंद होने में कामयाब रहा। धीमी शुरुआत के बाद,मिडिल ईस्ट में जारी जियोपॉलिटिकल तनाव और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के चलते निवेशकों के सतर्क रहने से बाज़ार पूरे सेशन के दौरान सीमित दायरे में ही रहा। अमेरिका के महंगाई के आंकड़ों से पहले बाज़ार का मूड भी सुस्त रहा, हालांकि आखिरी घंटे में हुई खरीदारी से दिन भर के सारे नुकसान भरपाई हो गई और बाज़ार बढ़त के साथ बंद हुआ। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 138.36 अंक या 0.19 प्रतिशत बढ़कर 74,902.59 पर और निफ्टी 46.30 अंक या 0.20 प्रतिशत बढ़कर 23,477.80 पर बंद हुआ।

GIFT निफ्टी

शुरुआती कारोबार में GIFT निफ्टी लगभग 23,356.50 के निचले स्तर पर ट्रेड कर रहा था,जो घरेलू इक्विटी मार्केट में कमजोर शुरुआत का संकेत है।

एशियाई इक्विटी

तेल की कीमतों में उछाल के कारण अमेरिकी बाजारों में बिकवाली आई है। अधिकांस एशियाई शेयर बाजारों में गिरावट आई है। वहीं,महंगाई के ताजा आंकड़ों ने फेडरल रिजर्व द्वारा जल्द ही ब्याज दरें बढ़ाने की उम्मीदों को और मजबूत कर दिया है।

अमेरिकी बाजार

गुरुवार को US के शेयर बाज़ार गिरावट के साथ बंद हुए। S&P 500 में 0.58% की गिरावट आई और यह 7,591.75 पर बंद हुआ। नैस्डैक (Nasdaq) 0.65% गिरकर 26,081.73 पर आ गया,जबकि डाओ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 0.60% गिरकर 52,064.10 पॉइंट्स पर बंद हुआ।

डॉलर इंडेक्स सपाट

शुक्रवार को एशियाई ट्रेडिंग की शुरुआत में डॉलर पिछले हफ़्ते के अपने सबसे ऊंचे स्तर के आस-पास बना रहा और येन लगातार दूसरे दिन नीचे आया। मिडिल ईस्ट में एनर्जी सप्लाई में रुकावट की नई आशंकाओं के कारण बॉन्ड यील्ड और तेल की कीमतें बढ़ गईं। फिलहाल US डॉलर इंडेक्स 99.04 पर दिख रहा है।

US बॉन्ड यील्ड

शुक्रवार को ग्लोबल बॉन्ड यील्ड नए हाई पर पहुंच गए है और शेयर बाजार गिर गए हैं। तेल की बढ़ती कीमतों ने महंगाई का खतरा बढ़ा दिया है। इससे दुनिया भर के सेंट्रल बैंकों की ओर से पॉलिसी को और सख्त किए जाने की आशंका के चलते निवेशक घबराए दिख रहे हैं।

अमेरिका में 10 ईयर ट्रेजरी यील्ड बढ़कर 5% के लेवल के करीब पहुच गई है। 30-साल के यील्ड 2007 के बाद के सबसे ऊंचे स्तर पर हैं और 2-साल के यील्ड 4.5% से ऊपर चले गए हैं। बाज़ार में इस बात की उम्मीदें बढ़ गई हैं कि महंगाई को काबू में करने के लिए US फ़ेडरल रिज़र्व को इस महीने ब्याज दरें बढ़ानी पड़ेंगी। अभी इसकी संभावना 72% मानी जा रही है। इसी के चलते ट्रेजरी यील्ड में बढ़त हुई है।

एशियन करेंसी

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले एशियाई करेंसीज में मिला-जुला कारोबार दिख रहा है। दक्षिण कोरियाई वॉन में सबसे ज़्यादा 0.32% की बढ़त हुई है। इसके बाद सिंगापुर डॉलर और जापानी येन में 0.06% की मज़बूती आई है। दूसरी ओर फिलीपीन पेसो में 0.34% की गिरावट आई है। जबकि ताइवान डॉलर, मलेशियाई रिंगित और इंडोनेशियाई रुपिया में 0.24%, 0.22% और 0.21% की गिरावट दर्ज की गई है। चीनी रेनमिनबी और थाई बहत में भी मामूली गिरावट आई है।

क्रूड में उबाल, ब्रेंट $108/bbl के पार

कच्चे तेल और बॉन्ड यील्ड का आज भी रेड अलर्ट है। वेस्ट एशिया टेंशन से क्रूड में जुलाई के बाद सबसे बड़ा उछाल आया है। यह 6 फीसदी चढ़कर 108 डॉलर के पार निकल गया है। गिफ्ट निफ्टी करीब 125 प्वाइंट फिसला है। एशिया में भी गिरावट है। अमेरिकी बाजारों में भी लगातार चौथे दिन गिरावट रही। 4 दिनों में डाओ 1600 अंक लुढ़का है।

सोना-चांदी में तेज गिरावट

अमेरिका में इंफ्लेशन की भी टेंशन है। अगस्त होलसोल महंगाई अनुमान से ज्यादा निकली है। इससे 0.25% ब्याज दरें बढ़ने की आशंका 72% पर पहुंच गई है। सोने-चांदी में बड़ी गिरावट आई है। गोल्ड 2 फीसदी तो चांदी 6 फीसदी लुढ़की। अब बाजार की नजरें आज आने वाले अमेरिकी रिटेल महंगाई आंकड़ों पर है।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी

10 सितंबर को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने भारतीय बाज़ार में 438 करोड़ रुपये के शेयर बेचे,जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने इस दौरान 1,000 करोड़ रुपये से ज़्यादा के शेयर खरीदे।

NSE IPO का प्राइस बैंड 1700-1785/Sh तय

NSE IPO का प्राइस बैंड 1700-1785 रुपए प्रति शेयर तय किया गया है। यह आईपीओ 17 सितंबर से 21 सितंबर तक खुलेगा। यह 4.42 लाख करोड़ के वैल्युएशन में आएगा। आज ढ़ाई बजे कंपनी की प्रेस कॉन्फ्रेंस है।

HDFC बैंक को बहरीन कोर्ट से बड़ी राहत मिली

HDFC बैंक की बड़ी कानूनी जीत हुई है। इसे Credit Suisse AT1 बॉन्ड मामले में बहरीन कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने निवेशकों के सभी 7 दावे खारिज कर दिए हैं।

ग्रेन्यूल्स इंडिया में 1,500 करोड़ रुपए की ब्लॉक डील संभव

ग्रेन्यूल्स इंडिया में आज 1,500 करोड़ रुपए की ब्लॉक डील संभव है। प्रोमोटर कृष्ण प्रसाद 6.9% हिस्सेदारी बेच सकते हैं। 2.5 फीसदी डिस्काउंट पर करीब 872 रुपए प्रति शेयर फ्लोर प्राइस तय की गई है।

BRICS समिट के लिए दिल्ली पहुंचे रूसी राष्ट्रपति पुतिन

BRICS समिट के लिए रूसी राष्ट्रपति पुतिन दिल्ली पहुंच गए हैं। आज PM मोदी से उनकी मुलाकात होगी। भारत-रुस के बीच बड़े रक्षा समझौते हो सकते हैं। उधर चीन के राष्ट्रपति शी चिनपिंग ने भी भारत आने की पुष्टि की है। कल से दिल्ली में BRICS समिट शुरू होगा।

 

Market cues : मार्केट पर मंदड़ियों का कंट्रोल कायम, 23070 के लेवल तक गिर सकता है निफ्टी

SS Retail IPO: मोबाइल फोन रिटेल चेन का इश्यू 16 सितंबर से, जुटाए जाएंगे ₹500 करोड़; चेक करें प्राइस बैंड, लिस्टिंग डेट

SS रिटेल अपना ₹500.75 करोड़ का IPO ला रही है। यह 16 सितंबर को खुलने वाला है। इसमें ₹360.75 करोड़ के 85.08 लाख नए शेयर जारी होंगे। साथ ही ₹140 करोड़ के 33.02 लाख शेयरों का ऑफर फॉर सेल (OFS) रहेगा। OFS में कंपनी के प्रमोटर सिद्धार्थ गुणवंत शाह, दीपा सिद्धार्थ शाह, हर्षल किशोर पारेख, भाविनी हर्षल पारेख और शेयरहोल्डर राखी नरेंद्र फिरोदिया शेयरों को बिक्री के लिए रखेंगे।

IPO में एंकर निवेशक 15 सितंबर को बोली लगा सकेंगे। प्राइस बैंड ₹403-₹424 प्रति शेयर है। लॉट साइज 35 शेयर है। इश्यू की क्लोजिंग 18 सितंबर को होने वाली है। इसके बाद अलॉटमेंट 21 सितंबर को फाइनल होगा। कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 23 सितंबर को लिस्ट होंगे।

IPO के लिए आनंद राठी एडवाइजर्स लिमिटेड और एमके ग्लोबल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड बुक रनिंग लीड मैनेजर हैं। रजिस्ट्रार Kfin Technologies Ltd. है। IPO में 50 प्रतिशत हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए, 35 प्रतिशत हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए और 15 प्रतिशत हिस्सा नॉन इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व है।

क्या करती है SS Retail

कंपनी मोबाइल फोन, एक्सेसरीज और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक सामान बेचने वाली एक मल्टी-ब्रांड रिटेल चेन है। यह महाराष्ट्र, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, गोवा और गुजरात में काम करती है। इसका फोकस मुख्य रूप से टियर II, टियर III और उससे छोटे शहरों पर है। कंपनी अपने खुद के ब्रांड SS Mobile, Mobile Exchange Wala और The Mobile Space के तहत स्टोर चलाती है।

कंपनी खुद के स्टोर और फ्रेंचाइजी वाले स्टोर, दोनों तरह के मॉडल के तहत काम करती है। इसके प्रोडक्ट्स में मोबाइल फोन, पहले इस्तेमाल किए जा चुके स्मार्टफोन, एक्सेसरीज, टेलीविजन, लैपटॉप और टैबलेट शामिल हैं। साथ ही यह मोबाइल प्रोटेक्शन प्लान, EMI सुविधा, एंटी-थेफ्ट सॉफ्टवेयर और मोबाइल रिचार्ज जैसी सर्विसेज भी देती है।

SS Retail का वित्त वर्ष 2025-26 में रेवेन्यू 47 प्रतिशत बढ़कर ₹2,352.85 करोड़ रहा। शुद्ध मुनाफा 49 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ ₹59.28 करोड़ दर्ज किया गया। इस बीच कंपनी पर ₹162.59 करोड़ की उधारी थी। एक साल पहले रेवेन्यू ₹1,599.96 करोड़ और शुद्ध मुनाफा ₹39.86 करोड़ रहा था।

IPO के पैसे कैसे होंगे इस्तेमाल

SS रिटेल अपने पब्लिक इश्यू में नए शेयरों को जारी कर होने वाली कमाई का इस्तेमाल वित्त वर्ष 2027 और 2028 के दौरान नए स्टोर्स खोलने के लिए ‘फिट-आउट’ (सजावट और जरूरी साजो-सामान) को लेकर, वर्किंग कैपिटल जरूरतों को पूरा करने के लिए और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए करेगी।

NSE IPO: ये 5 कंपनियां आईपीओ में बेचेगी की हिस्सेदारी, शेयरों पर रहेगी नजर

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

NSE IPO के बारे में बड़ा अपडेट, 11 सितंबर को होगा शेयर के प्राइस बैंड का ऐलान

एनएसई के आईपीओ में बोली लगाने की सोच रहे हैं तो तैयार रहें। एक्सचेंज 11 सितंबर यानी शुक्रवार को शेयर के प्राइस बैंड का ऐलान करेगा। सीएनबीसी-टीवी18 ने सूत्रों के हवाले से यह खबर दी है। एनएसई ने 9 सितंबर को सेबी के पास अपेडेटेड ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस फाइल किया। यह इस बात का संकेत है कि एक्सचेंज आईपीओ का प्रोसेस जल्द पूरा करना चाहता है।

इस आईपीओ में कुछ पुराने इनवेस्टर्स बेच रहे शेयर

NSE के आईपीओ के अब 23,000 करोड़ रुपये के रहने का अनुमान है। पहले एक्सचेंज का प्लान 30,0000 करोड़ रुपये का आईपीओ पेश करने का था। कुछ पुराने शेयरहोल्डर्स ने अब आईपीओ के जरिए पहले से कम शेयर बेचने का फैसला किया है। इस वजह से आईपीओ का साइज कम रहेगा। यह आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल है।

एक्सचेंज की वैल्यूएशन 4.42 लाख करोड़ रह सकती है

इनवेस्टर्स को इस आईपीओ के बारे में कुछ बातें समझ लेने की जरूरत है। शेयर का प्राइस बैंड 1,700-1,785 रुपये रह सकता है। एक्सचेंज अब 5.5 फीसदी शेयर बेच रहा है, जिसके लिए एनएसई की वैल्यूएशन 4.42 लाख करोड़ रुपये हो सकती है। पहले एक्सचेंज की वैल्यूएशन 5.26 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान था।

ट्रेडिंग वॉल्यूम के मामले में बीएसई से काफी आगे हैं एनएसई

एनएसई देश का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है। इसका मुकाबला बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) से है। लेकिन, NSE बीएसई से काफी आगे है। कैश और फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) दोनों में ही इसकी हिस्सेदारी बीएसई से काफी ज्यादा है। हालांकि, बीएसई न सिर्फ भारत बल्कि एशिया का सबसे पुराना स्टॉक एक्सचेंज है। एनएसई के शेयर सिर्फ बीएसई पर लिस्ट होंगे। बीएसई के शेयर भी सिर्फ एनएसई पर लिस्ट होंगे। किसी एक्सचेंज को अपने ही प्लेटफॉर्म पर शेयर लिस्ट कराने की इजाजत नहीं है।

बीएसई के शेयर ने लिस्टिंग के बाद दिया है छप्परफाड़ रिटर्न

बीएसई के शेयरों ने लिस्टिंग के बाद से जिस तरह का रिटर्न दिया है, उससे इनवेस्टर्स की दिलचस्पी एनएसई के आईपीओ में बढ़ी है। इनवेस्टर्स लंबे समय से एनएसई के आईपीओ का इंतजार कर रहे हैं। हालांकि, लिस्टिंग के बाद एनएसई के शेयरों का प्रदर्शन कैसा रहेगा, इस बारे में अभी कुछ कहना मुश्किल है। लेकिन, यह तय है कि बीएसई और एनएसई देश के दो सबसे बड़े एक्सचेंज हैं। देश में स्टॉक मार्केट्स में पार्टिसिपेशन बढ़ने का फायदा दोनों ही एक्सचेंजों को होगा।

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बीएसई का शेयर 2017 में एनएसई पर लिस्ट हुआ था

बीएसई का आईपीओ 2017 की शुरुआत में आया था। कंपनी ने 806 रुपये प्रति शेयर की कीमत पर इनवेस्टर्स को शेयर एलॉट किए थे। शेयर की लिस्टिंग करीब 33 फीसदी प्रीमियम के साथ 1,085 रुपये पर हुई थी। तब बीएसई की वैल्यूएशन करीब 4,400 करोड़ रुपये लगाई गई थी। लिस्टिंग के बाद से इस शेयर ने निवेशकों को मालामाल किया है। स्टॉक की कीमत 3,273 रुपये चल रही है। इसका मतलब है कि इस शेयर ने निवेशकों का पैसा सिर्फ 9 साल में करीब 32 गुना किया है।

NSE IPO: तो क्या अब हुंडई का रिकॉर्ड नहीं तोड़ पाएगा एनएसई का आईपीओ? जानिए क्या है अपडेट

NSE IPO: एनएसई के आईपीओ का इंतजार कर रहे लोगों के लिए बड़ी खबर है। एनएसई ने 9 सितंबर को अपडेटेड ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस फाइल किया। इससे आईपीओ को लेकर एनएसई के प्लान में बदलाव के बारे में पता चला है। एनएसई देश का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है। इसका मुकाबला बीएसई से है, जो पहले से शेयर बाजार में सूचीबद्ध है। बीएसई के शेयर ने लिस्टिंग के बाद से इनवेस्टर्स को मालामाल किया है।

NSE का आईपीओ अब 23,000 करोड़ का हो सकता है

NSE ने आईपीओ का साइज घटा दिया है। पहले एक्सचेंज के आईपीओ का आकार 30,000 करोड़ रुपये का होने का अनुमान था। अब इसके 23,000 करोड़ रुपये के होने का अनुमान है। एक्सचेंज ने आईपीओ के अपडेटेड ड्राफ्ट पेपर्स में यह बताया है। इसका मतलब है कि अब एनएसई का आईपीओ Hyundai Motor India के आईपीओ का रिकॉर्ड नहीं तोड़ पाएगा।

सबसे बड़े आईपीओ का रिकॉर्ड हुंडई के नाम बना रहेगा

Hyundai Motor India ने करीब दो साल पहले IPO पेश किया था। यह आईपीओ 27,870 करोड़ रुपये का था। यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ है। इससे पहले LIC ने 2022 में करीब 21000 करोड़ रुपये का आईपीओ पेश किया था, जो देश का सबसे बड़ा आईपीओ था। पहले लग रहा था कि NSE का आईपीओ हुंडई के आईपीओ का रिकॉर्ड तोड़ देगा। लेकिन, अब ऐसा नहीं होगा। सबसे बड़ा आईपीओ पेश करने का रिकॉर्ड हुंडई के नाम बना रहेगा।

यह आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल होगा

एनएसई के आईपीओ का आकार घटने की वजह यह है कि कुछ पुराने इनवेस्टर्स अब आईपीओ में पहले के प्लान से कम शेयर बेचेंगे। यह आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) होगा। इसका मतलब है कि इस आईपीओ में एनएसई इनवेस्टर्स को नए शेयर इश्यू नहीं करेगी। इसलिए उसे आईपीओ से कोई पैसा नहीं मिलेगा। सिर्फ कुछ पुराने शेयरहोल्डर्स अपने शेयर इस इश्यू में बेचेंगे।

कुछ पुराने इनवेस्टर्स ने कम शेयर बेचने का लिया फैसला

GIC Re का पहले एनएसई के 1.066 करोड़ शेयर बेचने का प्लान था। न्यू इंडिया एश्योरेंस का 1.05 करोड़ शेयर बेचने का प्लान था। नेशनल इंश्योरेंस कंपनी और यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी में से प्रत्येक ने 60-60 लाख शेयर बेचने का प्लान बनाया था। कुल मिलाकर ये चारों इंश्योरेंस कंपनियां एनएसई के करीब 3.37 करोड़ शेयर बेचने वाली थी। लेकिन, अब इन कंपनियों ने कम शेयर बेचने का फैसला किया है।

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प्राइस बैंड भी पहले के अनुमान से कम रह सकता है

तीसरा बदलाव यह है कि अब एनएसई के शेयर का प्राइस बैंड 1,700-1,785 रुपये रहने का अनुमान है। पहले इसके करीब 2000 रुपये का अंदाजा लगाया गया था। हालांकि, कंपनी ने अभी इस बारे में औपचारिक ऐलान नहीं किया है। अगर कंपनी प्राइस बैंड घटाती है तो इसका मतलब है कि इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए जिस मिनिमम अमाउंट की जरूरत होगी, वह कम हो जाएगी। NSE आईपीओ का ऐलान एक-दो दिन के अंदर कर सकता है। इस महीने के आखिर में शेयरों के स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्ट हो जाने की उम्मीद है।

NSE IPO पर आई सबसे बड़ी खबर! तगड़ी डिमांड, फिर भी क्यों घटा आईपीओ का साइज? जानिए क्या है माजरा

NSE IPO Latest News: ‘नेशनल स्टॉक एक्सचेंज’ (NSE) के आईपीओ का इंतजार कर रहे निवेशकों के लिए एक बेहद बड़ी खबर आई है। NSE ने मार्केट रेगुलेटर SEBI के पास अपना अपडेटेड ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (UDRHP) जमा कर दिया है।

हालांकि, इस बार आईपीओ से जुड़ा एक बड़ा ट्विस्ट सामने आया है। कंपनी के इस मेगा आईपीओ का कुल साइज घटकर लगभग ₹23,000 करोड़ रह गया है, जबकि पहले इसके ₹30,000 करोड़ के आसपास रहने का अनुमान था।

आइए समझते हैं कि आईपीओ का साइज क्यों घटा, कौन-कौन से बड़े निवेशक अपने शेयर बेच रहे हैं और इसका बाजार पर क्या असर होगा।

क्यों घटा NSE के IPO का साइज?

एनएससी का यह आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) होगा। इसका मतलब है कि एनएसई खुद कोई नए शेयर जारी नहीं कर रही है और आईपीओ से मिलने वाला पूरा पैसा उन मौजूदा शेयरधारकों के पास जाएगा जो अपने शेयर बेच रहे हैं।

जून में दाखिल किए गए ओरिजिनल DRHP में 14.89 करोड़ शेयर यानी NSE की कुल इक्विटी का लगभग 6% बेचने का प्रस्ताव था। लेकिन नए ड्राफ्ट के मुताबिक, कुछ प्रमुख सरकारी बीमा कंपनियों और वैश्विक वित्तीय दिग्गज मॉर्गन स्टेनली ने आईपीओ के जरिए बेचे जाने वाले अपने शेयरों की संख्या कम कर दी है।

किन-किन दिग्गजों ने घटाया अपना स्टेक सेल?

सूत्रों के मुताबिक, जिन प्रमुख संस्थागत निवेशकों ने बेचे जाने वाले शेयरों की संख्या घटाई है, उनमें ये प्रमुख कंपनियां शामिल हैं:

सरकारी बीमा कंपनियां:

GIC Re (General Insurance Corp): पहले 1.066 करोड़ शेयर बेचने का प्रस्ताव था।

New India Assurance: पहले 1.05 करोड़ शेयर बेचने की योजना थी।

National Insurance Company: पहले 60 लाख शेयर।

United India Insurance: पहले 60 लाख शेयर।

(शुरुआती ड्राफ्ट में ये चारों कंपनियां मिलकर कुल 3.37 करोड़ शेयर बेचने वाली थीं, जिसमें अब कटौती की गई है।)

मॉर्गन स्टेनली: मॉर्गन स्टेनली से जुड़ी संस्था MS Strategic (Mauritius) Ltd ने भी अपनी हिस्सेदारी बिक्री कम की है। मूल प्रॉस्पेक्टस में यह संस्था 1.60 करोड़ शेयर बेचने वाली थी।

संस्थागत निवेशकों में बंपर क्रेज

भले ही मौजूदा शेयरधारकों ने बेचे जाने वाले शेयरों की संख्या कम कर दी हो, लेकिन NSE के आईपीओ को लेकर बाजार में गजब का उत्साह है। सूत्रों का कहना है कि एंकर और संस्थागत निवेशकों की ओर से लगभग ₹85,000 करोड़ की डिमांड आ चुकी है। इससे यह साफ पता चलता है कि बड़े डोमेस्टिक और विदेशी निवेशकों (FIIs) के बीच भारत के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज में हिस्सेदारी खरीदने की जबरदस्त होड़ मची हुई है।

एक दशक लंबे इंतजार के बाद ऐतिहासिक कदम

यह कदम नेशनल स्टॉक एक्सचेंज की लिस्टिंग की दिशा में एक बहुत बड़ा और ऐतिहासिक मील का पत्थर है। एनएसई ने लगभग 10 साल पहले पहली बार आईपीओ की प्रक्रिया शुरू की थी, जो कई तरह की विनियामक और कानूनी प्रक्रियाओं के कारण रुकी हुई थी। UDRHP दाखिल होना यह संकेत देता है कि अब जल्द ही यह मेगा आईपीओ दलाल स्ट्रीट पर दस्तक देने वाला है।

क्या हो सकता है प्राइस बैंड, कब से खुलेगा और क्या चल रहा GMP?

बाजार सूत्रों के अनुसार एनएसई आईपीओ का अनुमानित प्राइस बैंड ₹1,700 से ₹1,785 प्रति शेयर रहने की उम्मीद है। यह आईपीओ 18 सितंबर 2026 से खुलने और 22 सितंबर को बंद होने की संभावना जताई जा रही है। ग्रे मार्केट में इसे लेकर बाजार का माहौल गरम है। अनऑफिशियल ग्रे मार्केट में इसका GMP फिलहाल ₹225 से ₹250 के प्रीमियम के आसपास ट्रेड कर रहा है। वैसे बीते कुछ दिनों में इसमें थोड़ी गिरावट देखने को मिली है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।