कल का मौसम: 2 सितंबर को होगी मूसलाधार बारिश! IMD ने दिल्ली, यूपी, बिहार समेत 15 से ज्यादा राज्यों के लिए जारी किया अलर्ट

Weather update for September 2nd: देश के अलग अलग इलाकों में मानसून के एक्टिव होने की वजह से भारी बारिश का दौर देखने को मिल रहा है। इसी बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 2 सितंबर के लिए मौसम का ताजा पूर्वानुमान जारी किया है। IMD ने देश के 15 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मध्यम से मूसलाधार बारिश का अलर्ट दिया है। कम दबाव के क्षेत्र और सक्रिय मानसूनी प्रणालियों के चलते देश के मैदानी, पहाड़ी और तटीय इलाकों में 2 सितंबर को बारिश, आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली कड़कने का खतरा बना रहेगा।

उत्तराखंड, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में बहुत भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग के मुताबिक 2 सितंबर को उत्तराखंड, छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश का प्रकोप सबसे अधिक रहेगा। IMD ने इन तीनों राज्यों में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की चेतावनी जारी की है। इसके साथ ही इन क्षेत्रों में बिजली कड़कने और गरज-चमक के साथ तेज बौछारें पड़ने की पूरी संभावना है। इसे देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

दिल्ली, यूपी, बिहार और झारखंड समेत मैदानी राज्यों का हाल

दिल्ली समेत उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में भी 2 सितंबर को बारिश की गतिविधियां तेजी पकड़ेंगी। मौसम विभाग ने दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, ओडिशा, विदर्भ और पश्चिमी मध्य प्रदेश में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया है। इसके अलावा बिहार, झारखंड, गांगेय पश्चिम बंगाल और पूर्वी राजस्थान में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं के साथ बिजली गिरने की आशंका व्यक्त की गई है।

पहाड़ी राज्यों और पूर्वोत्तर भारत में कैसा रहेगा मौसम

पहाड़ी क्षेत्रों की बात करें तो उत्तराखंड के अलावा हिमाचल प्रदेश तथा जम्मू-कश्मीर-लद्दाख के इलाकों में भारी बारिश के साथ-साथ 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी दी गई है। वहीं पूर्वोत्तर भारत में भी मानसूनी बारिश का तांडव जारी रहेगा। मौसम विभाग के मुताबिक अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश के साथ गरज-चमक का दौर बना रहेगा।

तटीय क्षेत्रों में तूफानी हवाओं की चेतावनी और समुद्र का हाल

दक्षिण भारत और तटीय इलाकों में भी मौसम का मिजाज बदला रहेगा। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, ओडिशा और रायलसीमा में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने और आकाशीय बिजली कड़कने का अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा तटीय आंध्र प्रदेश, आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं और मजबूत सतही हवाएं चलने का अनुमान है।

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समुद्री गतिविधियों को लेकर IMD ने बताया है कि अरब सागर में सोमालिया व ओमान के तटों के साथ-साथ पश्चिम-मध्य, दक्षिण-पश्चिम और उत्तर व पूर्व-मध्य अरब सागर में 45 से 55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं, जो बढ़कर 65 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं। इसी तरह बंगाल की खाड़ी में दक्षिण तमिलनाडु तट, मन्नार की खाड़ी और दक्षिण श्रीलंका से सटे दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में भी 45 से 55 किमी प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने की संभावना है। मौसम विभाग ने मछुआरों को इन तटीय और समुद्री क्षेत्रों में न जाने की सलाह दी है।

Share Market Holiday: 4 सितंबर को कृष्ण जन्माष्टमी पर शेयर बाजार बंद या होगी ट्रेडिंग, क्या कहती है छुट्टियों की लिस्ट

इस साल देश में कृष्ण जन्माष्टमी (Krishna Janmashtami 2026) शुक्रवार, 4 सितंबर की है। इस दिन पूरा देश भगवान श्रीकृष्ण के जन्मदिन को बड़ी ही धूमधाम से मनाएगा। इस त्योहार के चलते कई जगहों पर छुट्टी रहेगी। लेकिन शेयर बाजार में इस मौके पर कारोबार बंद नहीं होगा। BSE और NSE पर जन्माष्टमी के दिन भी बाकी कारोबारी दिनों की तरह ही शेयरों की ट्रेडिंग होगी। इसके अलावा कमोडिटीज में ट्रेडिंग का प्लेटफॉर्म MCX (Multi Commodity Exchange) भी खुला रहने वाला है।

वैसे तो शेयर बाजार और MCX हर शनिवार और रविवार को बंद रहते हैं। लेकिन इसके अलावा कुछ दूसरे खास मौकों और सार्वजनिक अवकाशों पर भी इनमें छुट्टी रहती है। शनिवार और रविवार के अलावा सितंबर महीने में अब शेयर बाजार में अगली छुट्टी 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी के मौके पर होगी। BSE पर इक्विटी सेगमेंट, इक्विटी डेरिवेटिव सेगमेंट, करेंसी डेरिवेटिव्स सेगमेंट्स, NDS-RST, ट्राई पार्टी रेपो सेगमेंट्स में ट्रेडिंग हॉलिडे है।वहीं कमोडिटी डेरिवेटिव्स सेगमेंट और इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीप्ट्स (EGR) सेगमेंट में शाम का सेशन (शाम 5 बजे से 11:30/11:55 बजे तक) ओपन रहने वाला है।

NSE पर भी 14 सितंबर को इक्विटीज, इक्विटी डेरिवेटिव्स, कॉरपोरेट बॉन्ड्स, न्यू डेट सेगमेंट्स, निगोशिएटेड ट्रेड रिपोर्टिंग प्लेटफॉर्म, इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीप्ट्स, म्यूचुअल फंड्स, सिक्योरिटी लेंडिंग एंड बॉरोइंग स्कीम्स, करेंसी डेरिवेटिव्स और इंट्रेस्ट रेट डेरिवेटिव्स सेगमेंट्स में छुट्टी रहेगी। वहीं कमोडिटी डेरिवेटिव्स में सुबह के सेशन में ट्रेडिंग बंद रहेगी लेकिन शाम के सेशन (शाम 5 बजे से 11:30/11:55 बजे तक) में ट्रेडिंग चालू रहेगी।

बाकी बचे साल में शनिवार-रविवार के अलावा और कब बाजार रहेगा बंद

2 अक्टूबर: महात्मा गांधी जयंती

20 अक्टूबर: दशहरा

10 नवंबर: दिवाली-बलिप्रतिपदा

24 नवंबर: प्रकाश पर्व श्री गुरु नानक देव

25 दिसंबर: क्रिसमस

शनिवार/रविवार को पड़ रही छुट्टियां

8 नवंबर: दिवाली लक्ष्मी पूजन

दिवाली के मौके पर मुहूर्त ट्रेडिंग रविवार, 8 नवंबर 2026 को होगी। मुहूर्त ट्रेडिंग का समय बाद में घोषित किया जाएगा।

TBZ Share Price: ज्वेलरी कंपनी में खरीद का तूफान, 20% बढ़त के साथ अपर सर्किट; प्रमोटर बेचेंगे 74% हिस्सा

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

TBZ Share Price: ज्वेलरी कंपनी में खरीद का तूफान, 20% बढ़त के साथ अपर सर्किट; प्रमोटर बेचेंगे 74% हिस्सा

जेम्स एंड ज्वेलरी कंपनी त्रिभुवनदास भीमजीदास झवेरी (TBZ) के शेयरहोल्डर्स के लिए 1 सितंबर का दिन बेहद शानदार रहा। शेयर 20 प्रतिशत उछला और बीएसई पर 366.50 रुपये पर अपर सर्किट लगा। यह शेयर का 52 सप्ताह का नया उच्च स्तर भी है। दरअसल GRT ज्वेलर्स इंडिया, TBZ के प्रमोटर्स से कंपनी में 74.12 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीद रही है। इसके लिए एक शेयर परचेज एग्रीमेंट साइन किया गया है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 74.12 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।

शेयर बाजारों को दी गई जानकारी के मुताबिक, यह खरीद 209 रुपये प्रति शेयर के भाव पर की जाएगी। इसके चलते डील की वैल्यू 1,033.71 करोड़ रुपये रहेगी। इस खरीद के पूरा होने के बाद GRT ज्वेलर्स TBZ के पब्लिक शेयरहोल्डर्स से लगभग 26 प्रतिशत की अतिरिक्त हिस्सेदारी की खरीद के लिए एक ओपन ऑफर भी लेकर आएगी। इस हिस्सेदारी को 249.60 रुपये प्रति शेयर के भाव पर खरीदा जाएगा। GRT Jewellers के अभी भारत में 68 स्टोर हैं। एक स्टोर सिंगापुर में भी है।

TBZ का शेयर 3 महीनों में 111 प्रतिशत मजबूत

शेयर में आई तेजी के बाद त्रिभुवनदास भीमजीदास झवेरी का मार्केट कैप बढ़कर 2400 करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया है। शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। शेयर एक सप्ताह में 30 प्रतिशत, 2 सप्ताह में 46 प्रतिशत और 3 महीनों में 111 प्रतिशत चढ़ा है। 6 महीनों में शेयर की कीमत करीब 150 प्रतिशत और 2 साल में 212 प्रतिशत उछली है।

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कंपनी की वित्तीय सेहत

त्रिभुवनदास भीमजीदास झवेरी का अप्रैल-जून 2026 तिमाही में स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 840.97 करोड़ रुपये रहा। इस बीच शुद्ध मुनाफा 32.85 करोड़ रुपये और प्रति शेयर अर्निंग करीब 5 करोड़ रुपये दर्ज की गई। पूरे वित्त वर्ष 2026 के दौरान कंपनी का स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 3,202.95 करोड़ रुपये, शुद्ध मुनाफा 200.49 करोड़ रुपये और प्रति शेयर अर्निंग 30 करोड़ रुपये रही। वित्त वर्ष 2026 तक TBZ पर 886 करोड़ रुपये का कर्ज था और फाइनेंस कॉस्ट 77 करोड़ रुपये थी।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Nepal Floods: बाढ़ से भयानक तबाही के बाद भारत-अमेरिका-चीन से मुआवजा क्यों मांगने लगा नेपाल?

Nepal Floods: नेपाल ने विनाशकारी बाढ़ के बाद अब इंटरनेशनल मदद की मांग का अपना रुख बदलते हुए ‘क्लाइमेट मुआवजे’ की मांग उठाई है। नेपाल का कहना है कि जलवायु संकट पैदा करने में उसका योगदान बेहद कम है। लेकिन ग्लेशियरों के तेजी से पिघलने और चरम मौसम की घटनाओं का सबसे ज्यादा खामियाजा हिमालयी देश को भुगतना पड़ रहा है। ‘द काठमांडू पोस्ट’ की एक रिपोर्ट के अनुसार, नेपाल ने मानवीय सहायता मांगने के बजाय विनाशकारी अचानक आई बाढ़ के लिए ‘क्लाइमेट मुआवजे’ की मांग करने का अपना कूटनीतिक रुख बदल लिया है।

नेपाल का तर्क है कि यह हिमालयी देश उस जलवायु संकट का खामियाजा भुगत रहा है, जिसे पैदा करने में उसकी भूमिका बहुत कम थी ‘द काठमांडू पोस्ट’ के मुताबिक, नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने कहा कि उनका देश अब सहायता को महज मानवीय मदद के तौर पर नहीं देख रहा, बल्कि इसे जलवायु जिम्मेदारी और मुआवजे के मुद्दे से जोड़ रहा है। यह विनाशकारी बाढ़ 26 अगस्त को नेपाल-तिब्बत सीमा के पास बर्फ और चट्टानों के गिरने या हिमस्खलन के कारण आई थी।

‘यह दान नहीं, न्याय और मुआवजे का मामला’

विदेश मंत्री ने कहा कि वैश्विक ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में नेपाल का योगदान लगभग नगण्य है। इसके बावजूद जलवायु परिवर्तन के कारण ग्लेशियरों के तेजी से पिघलने और हिमालयी आपदाओं का सामना नेपाल को करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि नेपाल अपनी कूटनीतिक रणनीति को ‘मदद’ से ‘न्याय और मुआवजे’ की ओर ले जा रहा है। उनके मुताबिक यह किसी देश की ओर से दी जाने वाली चैरिटी नहीं, बल्कि जलवायु संकट के लिए जिम्मेदारी और मुआवजे का सवाल है।

भारत, चीन और अमेरिका को बताया बड़ा प्रदूषक

नेपाल के विदेश मंत्री ने चीन, अमेरिका और भारत को दुनिया के प्रमुख इंडस्ट्रियल एमिटर्स में शामिल बताते हुए कहा कि इन देशों की ऐतिहासिक जिम्मेदारी है कि वे नेपाल जैसे जलवायु संवेदनशील देशों को मुआवजा दें। खनाल ने कहा कि चीन दुनिया का सबसे बड़ा एमिटर्स है, उसके बाद अमेरिका और भारत का स्थान आता है। उन्होंने दावा किया कि नेपाल ने इस संबंध में अंतरराष्ट्रीय साझेदारों को औपचारिक क्लाइमेट कंपेंसेशन क्लेम लेटर भी भेजा है।

‘यह बाढ़ नहीं, हिमालयी सुनामी थी’

विदेश मंत्री ने हालिया आपदा की भयावहता बताते हुए इसे सामान्य बाढ़ मानने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि पानी की लहरें 20 से 30 मीटर तक ऊंची थीं। उनकी रफ्तार करीब 180 किलोमीटर प्रति घंटे तक बताई गई। इसी वजह से उन्होंने इसे ‘हिमालयी सुनामी’ करार दिया। बाढ़ के पानी ने घरों, गाड़ियों, सड़कों और पुलों को बहा दिया। जबकि कई हाइड्रोपावर परियोजनाओं को भी भारी नुकसान पहुंचा।

नेपाल ने UN से मांगी 5 अरब डॉलर की मदद

आपदा के बाद नेपाल ने पुनर्निर्माण और रिकवरी की लागत करीब 5 अरब डॉलर आंकी है। साथ ही, देश ने जलवायु आपदाओं से उबरने के लिए संयुक्त राष्ट्र (UN) से जुड़े विशेष फंड से तत्काल वित्तीय सहायता की मांग की है। नेपाल के जलवायु अधिकारियों का कहना है कि मानव जनित जलवायु परिवर्तन ने उन परिस्थितियों को और गंभीर बनाया, जिनके बीच यह भयावह आपदा सामने आई।

नेपाल का तर्क है कि जो देश जलवायु परिवर्तन के लिए सबसे कम जिम्मेदार हैं, वे ही अक्सर इसकी सबसे बड़ी कीमत चुका रहे हैं। विदेश मंत्री ने चेतावनी दी है कि यदि हिमालय के ग्लेशियर लगातार पिघलते रहे तो गंगा और त्रिशूली जैसी नदियों पर निर्भर दक्षिण एशिया के अरबों लोगों की जल सुरक्षा भी गंभीर खतरे में पड़ सकती है।

नेपाल में मौतों का आंकड़ा 1,000 के करीब

नेपाल में अचानक आई विनाशकारी बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर मंगलवार को 987 हो गई> सुरक्षा बल देश के अलग-अलग हिस्सों में तलाश एवं बचाव अभियान के दौरान और शव बरामद कर रहे हैं। अधिकारियों के अनुमान के मुताबिक, 3,916 लोग अब भी लापता हैं, जिनमें 583 विदेशी नागरिक शामिल हैं। प्रभावित इलाकों में नेपाल सेना समेत सुरक्षा बलों ने तलाश और बचाव अभियान तेज कर दिया है।

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नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेमेंट अथॉरिटी (NDRRMA) के अनुसार, चितवन से 321 शव, नवलपरासी पूर्व से 216, नवलपरासी पश्चिम से 170 और नुवाकोट से 95 शव बरामद किए गए हैं।इसी तरह, गोरखा से 65, धादिंग से 55, तनहूं से 38 और रसुवा से 27 शव बरामद किए गए हैं। NDRRMAए ने बताया कि अचानक आई बाढ़ से आठ जिले प्रभावित हुए हैं।

VIDEO: नंगे पांव दौड़ी 47 साल की मां, बेटियों की पढ़ाई के लिए जीती मैराथन रेस; ₹3000 की इनामी राशि बनी उम्मीद की किरण

Maharashtra News: कहते हैं कि मां अपने बच्चों के भविष्य के लिए किसी भी हद तक जा सकती है। महाराष्ट्र के बीड़ जिले की 47 वर्षीय रामाबाई रणवीर ने इस बात को सिर्फ साबित ही नहीं किया। बल्कि अपनी मेहनत और हौसले से एक ऐसी मिसाल पेश की है, जिसे देखकर हर कोई उन्हें सलाम कर रहा है। महिला ने नंगे पैर महाराष्ट्र के मैराथन रेस में हिस्सा लिया और पहला स्थान हासिल किया। इस जीत से मिली 3000 रुपये की इनामी रकम उनकी बेटियों की पढ़ाई में मदद करेगी।

‘इंडिया टुडे’ की रिपोर्ट के मुताबिक अंबाजोगाई की रहने वाली रामाबाई एक अकादमी में रसोइया के तौर पर काम करती हैं। पति की मुंबई में एक हादसे में मौत के बाद उनके सामने जिंदगी की सबसे बड़ी चुनौती खड़ी हो गई। दो बेटियों की परवरिश और उनकी पढ़ाई की पूरी जिम्मेदारी रामाबाई के कंधों पर आ गई। आर्थिक मुश्किलें थीं, लेकिन उन्होंने अपनी बेटियों की पढ़ाई को कभी रुकने नहीं दिया।

₹3 हजार उनके लिए सिर्फ इनाम नहीं, बेटियों के सपनों की उम्मीद थी

रामाबाई को जब स्थानीय स्तर पर आयोजित ‘अमृत दौड़’ मैराथन के बारे में पता चला तो उन्होंने इसमें हिस्सा लेने का फैसला किया। प्रतियोगिता में जीतने वाले को ₹3,000 की पुरस्कार राशि मिलनी थी। किसी के लिए शायद ₹3,000 बहुत बड़ी रकम न हो। लेकिन रामाबाई के लिए यह राशि बेहद मायने रखती थी। उनके लिए यह सिर्फ मैराथन की पुरस्कार राशि नहीं थी। बल्कि बेटियों की फीस, किताबों और पढ़ाई से जुड़ी जरूरतों में मदद करने वाली रकम थी। इसी उम्मीद को लेकर वह दौड़ में शामिल होने पहुंचीं।

न स्पोर्ट्स शूज, न महंगे कपड़े, साड़ी और चप्पल में पहुंचीं

रामाबाई के पास न कोई प्रोफेशनल रनिंग शूज थे, न स्पोर्ट्स ड्रेस और न ही किसी तरह की विशेष ट्रेनिंग। वह साधारण साड़ी और चप्पल पहनकर दौड़ में पहुंचीं। दौड़ में उनके आसपास कई युवा प्रतिभागी थे। दूसरे धावक स्पोर्ट्स कपड़ों और रनिंग शूज के साथ पूरी तैयारी में नजर आ रहे थे। लेकिन रामाबाई के पास इन सुविधाओं की कमी जरूर थी, हौसले की नहीं। उनके मन में सिर्फ एक बात थी।उन्हें हर हाल में अपनी बेटियों के भविष्य के लिए दौड़ना है और रेस को जीतना है।

चप्पल बनी रुकावट तो उतार दी और नंगे पांव दौड़ पड़ीं

रेस शुरू हुई तो चप्पल के साथ दौड़ना रामाबाई के लिए मुश्किल होने लगा। चप्पल उनकी रफ्तार में बाधा बन रही थी। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। उन्होंने अपनी चप्पल उतारकर हाथ में पकड़ ली और नंगे पांव दौड़ना शुरू कर दिया। 47 साल की एक मां, साधारण साड़ी में, बिना जूतों के सड़क पर दौड़ रही थीं। सामने उनसे कम उम्र के कई धावक थे, जिनके पास बेहतर जूते और तैयारी थी। लेकिन रामाबाई के कदमों को आगे बढ़ाने वाली ताकत किसी ट्रेनिंग सेंटर से नहीं आई थी।

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फिनिश लाइन पर सबसे पहले पहुंचीं रामाबाई

दौड़ के दौरान हर कदम उनके लिए चुनौती रहा होगा। लेकिन उन्होंने अपनी रफ्तार कम नहीं होने दी। आखिरकार उनकी मेहनत रंग लाई और रामाबाई रणवीर ने सबसे पहले फिनिश लाइन पार कर मैराथन जीत ली। उनके हाथ में अब ₹3,000 की पुरस्कार राशि थी।

रकम भले ही छोटी हो, लेकिन उसके पीछे छिपी कहानी बहुत बड़ी है। यह एक ऐसी मां की जीत थी, जिसने पति को खोने के बाद अकेले अपने परिवार को संभाला और बेटियों की पढ़ाई जारी रखने के लिए हर संभव कोशिश की।

एक मां की दौड़, जिसने बता दिया कि हौसले के आगे मुश्किलें छोटी हैं

रामाबाई की कहानी सिर्फ एक मैराथन जीतने की कहानी नहीं है। यह उस मां की कहानी है, जिसने आर्थिक तंगी के बावजूद अपनी बेटियों के सपनों को टूटने नहीं दिया। जहां कुछ लोग सुविधाओं के अभाव को आगे बढ़ने में बाधा मान लेते हैं। वहीं रामाबाई ने चप्पल तक छोड़ दी। लेकिन अपनी मंजिल नहीं छोड़ी।

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उनके लिए यह दौड़ सिर्फ सड़क पर तय किया गया कुछ किलोमीटर का सफर नहीं था। यह अपनी बेटियों के भविष्य के लिए संघर्ष का एक और कदम था। रामाबाई रणवीर की यह जीत उन तमाम मांओं को समर्पित है, जो अपने बच्चों के सपनों के लिए खुद की जरूरतों को पीछे छोड़ देती हैं। महिला का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। उसकी बहादुरी के चर्चे हर तरफ छाई हुई हैं।

नोएडा सेक्टर 148 और 150 को जोड़ने के लिए एक्सप्रेसवे पर बनेगा नया फ्लाईओवर, संकरे अंडरपास से मिलेगी मुक्ति, फुल डिटेल जानिए

Noida News: राजधानी दिल्ली से सटे नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के आसपास तेजी से बढ़ती आबादी और लगातार बढ़ते ट्रैफिक को देखते हुए नोएडा अथॉरिटी ने एक अहम योजना तैयार की है। नोएडा सेक्टर-148 और सेक्टर-150 को जोड़ने के लिए करीब 500 मीटर लंबा फ्लाईओवर बनाया जाएगा। इस प्रोजेक्ट पर लगभग 85 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इसका उद्देश्य एक्सप्रेसवे के दोनों ओर स्थित सेक्टरों के बीच आवाजाही आसान करना और मौजूदा संकरे अंडरपास पर वाहनों का दबाव कम करना है।

148 से 150 के बीच बनेगा 500 मीटर का फ्लाईओवर

नोएडा अथॉरिटी एक्सप्रेसवे के किनारे स्थित सेक्टर-148, 149, 150, 151, 152 और 153 के बीच कनेक्टिविटी बेहतर करने की तैयारी में है। प्रस्तावित फ्लाईओवर करीब 500 मीटर लंबा होगा और मुख्य रूप से सेक्टर-148 तथा सेक्टर-150 को आपस में जोड़ेगा। अथॉरिटी ने इस परियोजना की डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। परियोजना की अनुमानित लागत करीब 85 करोड़ रुपये बताई गई है।

मौजूदा अंडरपास बना परेशानी का कारण

फिलहाल, इस एक्सप्रेसवे के नीचे बने अंडरपास के जरिए आसपास के सेक्टरों के लोग एक तरफ से दूसरी तरफ आते-जाते हैं। लेकिन यह अंडरपास काफी संकरा है। खासकर सुबह और शाम के पीक आवर्स में यहां वाहनों की लंबी कतार लग जाती है। भारी ट्रैफिक जाम की स्थिति बन जाती है।

समस्या सिर्फ जाम तक सीमित नहीं है। मानसून के दौरान अंडरपास में पानी भरने से आवाजाही और ज्यादा प्रभावित होती है। ऐसे में फ्लाईओवर बनने के बाद स्थानीय वाहन चालकों को अंडरपास पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। साथ ही एक्सप्रेसवे के दोनों ओर आने-जाने के लिए एक वैकल्पिक और सीधा रास्ता उपलब्ध होगा।

करीब 2 लाख लोगों को होगा फायदा

अथॉरिटी के अधिकारियों के मुताबिक इस परियोजना से आसपास के सेक्टरों में रहने वाले करीब दो लाख लोगों को फायदा मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा आसपास के करीब 20 गांवों के लोगों के लिए भी स्थानीय आवागमन आसान होगा। फ्लाईओवर का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि स्थानीय ट्रैफिक को एक्सप्रेसवे के नीचे बने संकरे अंडरपास से गुजरने की मजबूरी कम होगी। इससे पीक आवर्स में जाम की समस्या कम करने में मदद मिल सकती है।

स्पोर्ट्स सिटी में बढ़ने वाली गतिविधियों को ध्यान में रखकर फैसला

नोएडा अथॉरिटी के अधिकारियों के मुताबिक, सेक्टर-150 में स्पोर्ट्स सिटी से जुड़े विकास कार्य भी तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। आने वाले समय में यहां खेल सुविधाओं और अन्य परियोजनाओं के विकसित होने के साथ ट्रैफिक का दबाव बढ़ने की संभावना है। इसी को देखते हुए अथॉरिटी ने अभी से कनेक्टिविटी मजबूत करने की योजना बनाई है। नोएडा अथॉरिटी के जनरल मैनेजर ए.के. अरोड़ा ने बताया कि क्षेत्र में तेजी से हो रहे विकास को ध्यान में रखते हुए सेक्टर-148 और सेक्टर-150 को जोड़ने वाला फ्लाईओवर बनाने का निर्णय लिया गया है।

स्पोर्ट्स सिटी की परियोजनाओं को भी मिली राहत

इसी बीच नोएडा जनरल मैनेजर बोर्ड ने स्पोर्ट्स सिटी के संशोधित लेआउट को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही वर्ष 2022 में स्पोर्ट्स सिटी परियोजनाओं पर लगाया गया व्यापक प्रतिबंध भी हटा दिया गया है।इस फैसले से लंबे समय से अटके प्रोजेक्टों में फंसे करीब 20,000 होमबायर्स को अपने फ्लैटों का कब्जा और रजिस्ट्री मिलने की उम्मीद जगी है।

यह कदम नवंबर 2025 में जारी सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुपालन में उठाया गया है। इससे उन परियोजनाओं से जुड़े नक्शे की मंजूरी, बिल्डिंग प्लान के दोबारा सत्यापन और ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट जैसी प्रक्रियाओं का रास्ता साफ हुआ है, जो लंबे समय से अटकी हुई थीं।

एक्सप्रेसवे पर पहले से हैं दो प्रमुख फ्लाईओवर

नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर फिलहाल महामाया फ्लाईओवर और सेक्टर-128 का फ्लाईओवर प्रमुख क्रॉस-एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी देते हैं। प्राधिकरण ने एक्सप्रेसवे के आसपास ट्रैफिक व्यवस्था बेहतर करने के लिए कई अंडरपास भी बनाए हैं। इनमें सेक्टर-94, कोंडली गांव, एडवांट और सेक्टर-148 के अंडरपास शामिल हैं। इसके अलावा झट्टा और सुल्तानपुर गांव में भी अंडरपास का निर्माण कार्य चल रहा है।

फ्लाईओवर से स्थानीय ट्रैफिक को मिलेगा सीधा रास्ता

नए फ्लाईओवर के बनने के बाद नोएडा के प्रमुख सेक्टर-148 और 150 के बीच आने-जाने वाले गाड़ियों को मौजूदा संकरे अंडरपास से होकर गुजरने की जरूरत काफी हद तक कम हो जाएगी। इससे जाम, मानसून में जलभराव और पीक आवर्स में ट्रैफिक दबाव जैसी समस्याओं से राहत मिलने की उम्मीद है। नोएडा में एक्सप्रेसवे के आसपास तेजी से हो रहे आवासीय और कमर्शियल डेवलपमेंट के बीच यह फ्लाईओवर भविष्य में बढ़ने वाले ट्रैफिक को देखते हुए एक महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट साबित हो सकता है।

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कल का मौसम: 1 सितंबर को इन राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट! दिल्ली-यूपी समेत इन 15 राज्यों में मौसम की चेतावनी

India Weather Update: देश भर के अलग-अलग इलाकों में इस वक्त जोरदार बारिश और इसकी वजह से खासकर पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की घटनाएं देखने को मिल रही हैं। इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 1 सितंबर के लिए मौसम का विस्तृत पूर्वानुमान जारी करते हुए कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश और आंधी-तूफान की चेतावनी जारी की है। दक्षिण-पश्चिम मानसून की सक्रियता की वजह से उत्तर, मध्य, पूर्व और पूर्वोत्तर भारत के अलग-अलग हिस्सों में एक सितंबर को मूसलाधार बारिश का दौर देखने को मिलेगा। मौसम विभाग के अनुसार 1 सितंबर को 15 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में बारिश और बिजली कड़कने की चेतावनी दी गई है।

छत्तीसगढ़ में अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट

मौसम विभाग के अलर्ट के मुताबिक 1 सितंबर को छत्तीसगढ़ के अलग-अलग इलाकों में मूसलाधार बारिश का सबसे ज्यादा असर देखने को मिलेगा। IMD ने छत्तीसगढ़ में कई जगहों पर गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की भी चेतावनी जारी की है।

यूपी, बिहार, झारखंड और MP में बहुत भारी बारिश की चेतावनी

उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और मध्य प्रदेश के निवासियों के लिए भी 1 सितंबर का दिन काफी संभलकर रहने वाला है। IMD के बुलेटिन के मुताबिक पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पूर्वी मध्य प्रदेश और ओडिशा में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। इसके अलावा बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के आसार हैं।

दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और पहाड़ी राज्यों का मौसम

दिल्ली समेत आसपास के मैदानी और पहाड़ी राज्यों में भी मानसूनी बारिश का असर बना रहेगा। IMD के मुताबिक हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में 1 सितंबर को गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना व्यक्त की गई है। पहाड़ी राज्यों की बात करें तो उत्तराखंड में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है जबकि हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख के इलाकों में भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।

पूर्वोत्तर राज्यों और दक्षिण भारत में मौसम की स्थिति

पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में भी एक सितंबर को बारिश की रफ्तार तेज रहेगी। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है जबकि असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश होने के आसार हैं। इसके अलावा अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, तटीय आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, तेलंगाना और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, बिजली कड़कने और तेज सतही हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है।

Weather update for September 1: देश के करीब 15 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी हुआ है

समुद्री क्षेत्र की बात करें तो 1 सितंबर को अरब सागर में सोमालिया और ओमान के तटीय इलाकों के साथ-साथ पश्चिम-मध्य और उत्तर-पूर्वी अरब सागर के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाएं 65 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं। मछुआरों और तटीय क्षेत्रों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

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Rain Forecast: अगले 48 घंटे 5 राज्यों पर भारी! यूपी, बिहार, झारखंड से MP तक IMD ने जारी किया मूसलाधार बारिश का अलर्ट, जानिए कैसा रहेगा मौसम

IMD Heavy Rain Alert: देश के कई हिस्सों में मानसूनी बारिश का दौर एक बार फिर बेहद उग्र होता नजर आ रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 31 अगस्त से अगले कुछ दिनों के लिए मौसम का विस्तृत पूर्वानुमान जारी करते हुए चेतावनी जारी की है कि अगले 48 घंटे देश के 5 प्रमुख राज्यों ओडिशा, झारखंड, छत्तीसगढ़, बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए बेहद भारी साबित हो सकते हैं। गांगेय पश्चिम बंगाल और उससे सटे ओडिशा तट पर बने गहरे कम दबाव के क्षेत्र के असर से इन इलाकों में मूसलाधार बारिश होने की प्रबल संभावना है।

ओडिशा और छत्तीसगढ़ में बेहद भारी बारिश का रेड अलर्ट

मौसम विभाग के मुताबिक गांगेय पश्चिम बंगाल और उससे सटे उत्तर तटीय ओडिशा व उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना गहरा कम दबाव का क्षेत्र अगले 24 घंटों के दौरान पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ेगा। इसके असर से ओडिशा में 31 अगस्त को और छत्तीसगढ़ में 31 अगस्त से 1 सितंबर तक अलग-अलग जगहों पर बेहद भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। छत्तीसगढ़ में बीते 24 घंटों में भी 20 सेमी से अधिक की भारी बारिश दर्ज की जा चुकी है। छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश में 31 अगस्त से 5 सितंबर तक लगातार बारिश का दौर जारी रहेगा।

यूपी, बिहार और झारखंड में मूसलाधार बारिश का अलर्ट

पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड के निवासियों के लिए भी 31 अगस्त और 1 सितंबर का दिन काफी संभलकर रहने वाला है। IMD ने इन तीनों राज्यों में 31 अगस्त और 1 सितंबर के दौरान अत्यंत से बहुत भारी बारिश होने की आशंका जताई है। उत्तर प्रदेश में मध्य ट्रोपोस्फीयर स्तर पर बनी एक ट्रफ लाइन के असर से पूर्वी और पश्चिमी यूपी में 1 सितंबर से 6 सितंबर तक गरज-चमक के साथ बारिश का सिलसिला बना रहेगा। बिहार और झारखंड में भी 4 सितंबर तक 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली कड़कने की चेतावनी दी गई है।

पहाड़ी राज्यों और पूर्वोत्तर भारत में कैसा रहेगा मौसम

उत्तरी और पहाड़ी क्षेत्रों में पश्चिमी विक्षोभ और मानसूनी ट्रफ की वजह से मौसम बदला हुआ रहेगा। उत्तराखंड में 31 अगस्त से 6 सितंबर तक और हिमाचल प्रदेश में 4 सितंबर तक अधिकांश जगहों पर बारिश होगी। उत्तराखंड में 31 अगस्त से 1 सितंबर के बीच बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है। वहीं पूर्वोत्तर भारत में असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 31 अगस्त और 1 सितंबर को भारी से बहुत भारी बारिश जारी रहने की संभावना है।

मध्य प्रदेश, पश्चिम भारत और दक्षिण भारत का पूर्वानुमान

मध्य भारत के राज्यों में पूर्वी मध्य प्रदेश में 31 अगस्त से 5 सितंबर के बीच बहुत भारी बारिश देखने को मिलेगी जबकि पश्चिम मध्य प्रदेश में 3 से 5 सितंबर के दौरान मूसलाधार बारिश देखने को मिल सकती है। कोंकण और गोवा में 6 सितंबर तक लगातार व्यापक बारिश का दौर बना रहेगा। दक्षिण भारत के प्रायद्वीपीय हिस्सों में अगले एक सप्ताह के दौरान मानसूनी गतिविधियां थोड़ी धीमी बनी रहेंगी। हालांकि तटीय कर्नाटक और केरल में कुछ दिनों तेज हवाओं के साथ बारिश होने के आसार हैं।

HDFC Bank Share Price: MD और CEO पर नए ऐलान से दिखी 3% तक तेजी, अब ब्रोकरेज का क्या है नजरिया

HDFC Bank के मौजूदा मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) और चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) शशिधर जगदीशन अपना कार्यकाल (टर्म) खत्म होने के बाद फिर से नियुक्ति नहीं चाहते हैं। उनका टर्म 26 अक्टूबर 2026 को खत्म हो रहा है। इस ऐलान के बाद 31 अगस्त को दिन में बैंक के शेयर में करीब 3 प्रतिशत तक की बढ़त दिखी। बीएसई पर शेयर 739.50 रुपये के हाई तक गया। कई ब्रोकरेज फर्मों ने मैनेजमेंट में संभावित बदलाव को लेकर सकारात्मक रुख बरकरार रखा है। लेकिन नए CEO की नियुक्ति को लेकर निकट भविष्य की अनिश्चितता के कारण सावधान भी हैं।

HDFC Bank ने नए MD और CEO की तलाश शुरू कर दी है। कहा है कि उसका बोर्ड उत्तराधिकारी चुनने की प्रक्रिया में तेजी लाएगा। मनीकंट्रोल की एक रिपोर्ट के अनुसार, बैंक को उम्मीद है कि वह जगदीशन के 26 अक्टूबर को रिटायर होने से पहले ही अपने नए CEO की नियुक्ति कर लेगा। HDFC Bank के नए MD और CEO के रोल के लिए इंटरनल और एक्सटर्नल दोनों तरह के कैंडिडेट्स पर विचार किया जा रहा है।

HDFC Bank स्टॉक पर ब्रोकरेज की राय

ब्रोकरेज फर्मों के रुख की बात करें तो HDFC Bank पर कवरेज करने वाले एनालिस्ट्स इस डेवलपमेंट को लेकर बंटे हुए हैं। बर्नस्टीन ने बैंक के स्टॉक के लिए ‘आउटपरफॉर्म’ रेटिंग बरकरार रखी है। टारगेट प्राइस 1,150 रुपये प्रति शेयर तय किया है। ब्रोकरेज लीडरशिप में बदलाव को सकारात्मक मानता है। उसका कहना है कि नया CEO बैंक की कहानी को नए सिरे से पेश करने का स्वाभाविक मौका दे सकता है।

जेपी मॉर्गन ने भी स्टॉक पर अपनी ‘ओवरवेट’ रेटिंग बरकरार रखी है। टारगेट प्राइस 990 रुपये तय किया है। ब्रोकरेज का कहना है कि इस घटनाक्रम का असर निकट भविष्य में स्टॉक पर पड़ सकता है, लेकिन समय पर उत्तराधिकार की प्रक्रिया पूरी होने से नेतृत्व को लेकर बनी अनिश्चितता कम हो सकती है। निवेशकों का भरोसा बहाल करने के लिए नेट इंटरेस्ट इनकम (शुद्ध ब्याज आय) में बढ़ोतरी का फिर से शुरू होना काफी मायने रखता है है।

एक्सिस कैपिटल ने ‘बाय’ कॉल के साथ 1,030 रुपये का टारगेट प्राइस बरकरार रखा है। ब्रोकरेज का कहना है कि जगदीशन के फैसले से दूसरे कार्यकाल के छोटा होने की आशंका खत्म हो गई है। नए उत्तराधिकारी को पूरे 3 साल का कार्यकाल मिल सकता है।

IIFL, जेफरीज, ICICI सिक्योरिटीज की क्या राय

IIFL ने जगदीशन के फैसले को न्यूट्रल से थोड़ा पॉजिटिव बताया है। तर्क है कि इससे रेगुलेटरी मंजूरी मिलने पर अगला कार्यकाल छोटा होने का जोखिम खत्म हो जाता है। हालांकि कैजाद भरूचा एक संभावित इंटरनल कैंडिडेट (अंदरूनी उम्मीदवार) हो सकते हैं, लेकिन IIFL का कहना है कि कार्यकाल की पाबंदियों के कारण उन्हें काम करने के लिए कम समय मिल सकता है। भरूचा का HDFC Bank के बोर्ड में फुल-टाइम डायरेक्टर के तौर पर 15 साल का कार्यकाल 2029 में खत्म होगा। इसके चलते उन्हें टॉप पोजिशन पर बहुत कम मौका मिलेगा। कहा जा रहा है कि यह उनके नाम पर विचार करने में रुकावट बन सकता है। IIFL के मुताबिक, इसके उलट कोई भरोसेमंद बाहरी उम्मीदवार लीडरशिप में एक नई शुरुआत और लंबा कार्यकाल दे सकता है।

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अन्य ब्रोकरेज ने इस बदलाव को लेकर ज्यादा सावधानी भरा रुख अपनाया है। जेफरीज ने ‘बाय’ रेटिंग तो बनाए रखी है, लेकिन टारगेट प्राइस को 1,050 रुपये से घटाकर 880 रुपये कर दिया है। FY27-29 के लिए कमाई के अनुमानों में भी 3-3 प्रतिशत की कटौती की है। ब्रोकरेज का मानना है कि नेतृत्व में बदलाव से बैंक के रेवेन्यू की रफ्तार, खासकर डिपॉजिट जुटाने और फीस से होने वाली आय पर असर पड़ सकता है। साथ ही बढ़ती अनिश्चितता से बैंक की कॉस्ट ऑफ इक्विटी बढ़ सकती है और वैल्यूएशन पर दबाव पड़ सकता है।

जेफरीज का कहना है कि इन सबके बावजूद HDFC Bank की वैल्यूएशन इतनी ज्यादा नहीं है कि रेटिंग घटाई जाए। ICICI सिक्योरिटीज ने भी अपनी ‘बाय’ रेटिंग बरकरार रखी है, लेकिन टारगेट प्राइस 1,020 रुपये से घटाकर 920 रुपये प्रति शेयर कर दिया है।

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