Tempsens IPO Listing: 111% का लिस्टिंग गेन, पैसा डबल, ₹300 का शेयर ₹634 पर लिस्ट

Tempsens IPO Listing: आईपीओ को 184 गुना से अधिक बोली मिलने के बाद अब टेंपसेंस इंस्ट्रूमेंट्स के शेयरों की आज घरेलू मार्केट में धांसू एंट्री हुई और आईपीओ निवेशकों का पैसा डबल से ज्यादा हो गया। इसके आईपीओ के तहत निवेशकों को ₹300 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE पर इसकी ₹634.00 और NSE पर ₹631.20 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को करीब 111% का लिस्टिंग गेन (Tempsens Listing Gain) मिला। हालांकि आईपीओ निवेशकों की खुशी थोड़ी ही देर में हल्की फीकी हो गई जब शेयर टूट गए। मुनाफावसूली के चलते टूटकर BSE पर यह ₹600.10 (Tempsens Share Price)  पर आ गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 100.03% मुनाफे में हैं।

Tempsens IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

टेंपसेंस का ₹650 करोड़ का आईपीओ 20-24 अगस्त तक खुला था। इसे हर कैटेगरी के निवेशकों का जबरदस्त रिस्पांस मिला और ओवरऑल यह 184.22 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 302.88 गुना, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 314.44 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 61.00 गुना और एंप्लॉयीज का हिस्सा 124.95 गुना भरा था।

इस आईपीओ के तहत ₹95 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹4 की फेस वैल्यू वाले 1.85 करोड़ शेयरों की ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिक्री हुई है। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹18.13 करोड़ कर्ज हल्का करने कैपिटल एक्सपेंडिचर, ₹55.00 करोड़ कर्ज हल्का करने, ₹14.18 करोड़ आम कॉरपोरेट उद्देश्यों और ₹50.65 करोड़ आईपीओ से जुड़े एक्सपेंसेज पर खर्च होंगे।

Tempsens Instruments के बारे में

टेंपसेंस इंस्ट्रूमेंट्स फैक्ट्रियों और बड़ी इंडस्ट्रीज के लिए तापमान से जुड़े प्रोडक्ट्स बनाती है। यह तापमान नापने वाले सेंसर, मशीनों/प्रोसेस को गर्म करने वाले हीटर और खास तरह के इंडस्ट्रियल केबल बनाती है। मार्च 2026 में टेंपरेचर सेंसर सेगमेंट में इसकी करीब 10.5% हिस्सेदारी है। रेवेन्यू के हिसाब से यह देश में कॉन्टैक्ट और नॉन-कॉन्टैक्ट टेंपरेचर सेंसर बनाने वाली सबसे बड़ी कंपनी है तो इलेक्ट्रिकल हीटर्स के मामले में सबसे बड़ी कंपनियों में शुमार है। यह MRO (मेटेंनेंस, रिपेयर एंड ऑपरेशंस) का भी काम देखती है। इसका कारोबार भारत के अलावा 80 से अधिक देशों में फैला हुआ है।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना करीब 32% की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹71.07 करोड़ और टोटल इनकम करीब 28% के सीएजीआर से ₹455.86 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹77.95 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹465.16 करोड़ पड़े थे।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Weather Update: अगले 5 दिन संभलकर रहें! एमपी, यूपी समेत इन राज्यों में मंडराया भारी बारिश का खतरा, IMD ने जारी किया अलर्ट

IMD Heavy Rain Alert: देश भर में मानसूनी प्रणालियां एक बार फिर बेहद सक्रिय हो गई हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपने ताजा बुलेटिन में अगले 5 दिनों के लिए कई राज्यों में मूसलाधार बारिश, आंधी-तूफान और वज्रपात की चेतावनी जारी की है। दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश और उसके आसपास बने कम दबाव के क्षेत्र के असर से मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड समेत देश के बड़े हिस्से में मौसम का मिजाज बिगड़ा हुआ है। मौसम विभाग ने नागरिकों को सतर्क रहने की हिदायत देते हुए पहाड़ी और निचले इलाकों में विशेष सावधानी बरतने को कहा है।

बीते 24 घंटों के दौरान पूर्वी मध्य प्रदेश में बेहद भारी बारिश (21 सेमी या उससे अधिक) दर्ज की गई। उत्तर प्रदेश और पश्चिमी मध्य प्रदेश में बहुत भारी बारिश (12 से 20 सेमी) हुई जबकि पंजाब, उत्तराखंड, पूर्वी राजस्थान, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, केरल, तमिलनाडु और पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश (7 से 11 सेमी) दर्ज की गई है।

मध्य भारत: मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में गरज-चमक के साथ भारी बारिश का अलर्ट

मध्य भारत में चक्रवाती प्रणालियों का असर साफ देखने को मिल रहा है। 27 अगस्त को पश्चिमी मध्य प्रदेश में व्यापक बारिश और मध्य प्रदेश में अलग अलग जगहों पर बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 27 से 29 अगस्त और 1 से 2 सितंबर तक व्यापक बारिश का दौर जारी रहेगा। 28-29 अगस्त और 1-2 सितंबर को पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी बारिश होगी।

छत्तीसगढ़ में 27 अगस्त से 2 सितंबर तक लगातार भारी बारिश की संभावना है। विदर्भ में 28 अगस्त और 2 सितंबर को बारिश की गतिविधियां तेज रहेंगी। इसके साथ ही छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 27 से 31 अगस्त के दौरान गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है।

उत्तर-पश्चिम भारत: यूपी और उत्तराखंड में 27 अगस्त को बहुत भारी बारिश फिर 2 सितंबर तक का दौर

उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में 27 अगस्त को मूसलाधार बारिश देखने को मिलेगी। पश्चिम उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में 27 अगस्त को अलग-अलग जगहों पर बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 27 अगस्त को भारी बारिश होगी जबकि 28 अगस्त और 31 अगस्त से 2 सितंबर के दौरान दोबारा भारी बारिश का दौर लौटेगा। 2 सितंबर को पूरे उत्तर प्रदेश में व्यापक बारिश का अनुमान है।

उत्तराखंड में 27 अगस्त से 2 सितंबर तक लगातार व्यापक बारिश और आकाशीय बिजली चमकने का अलर्ट रहेगा। हिमाचल प्रदेश में 30 अगस्त से 2 सितंबर तक व्यापक बारिश होगी जिसमें 31 अगस्त से 2 सितंबर के बीच भारी बारिश की संभावना है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में 31 अगस्त से 1 सितंबर के दौरान व्यापक बारिश होगी।

पूर्वी भारत: ओडिशा में 31 अगस्त तक बहुत भारी बारिश, बिहार और झारखंड में भी अलर्ट

पूर्वी भारत में 29 अगस्त को बनने वाले कम दबाव के क्षेत्र के कारण बारिश की गतिविधियां और तेज होंगी। ओडिशा में 27 से 31 अगस्त के दौरान अलग-अलग जगहों पर बहुत भारी बारिश होने की संभावना है जबकि 1 और 2 सितंबर को भी भारी बारिश जारी रहेगी।

गांगेय पश्चिम बंगाल और झारखंड में 27 से 31 अगस्त के दौरान भारी बारिश और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। 27 अगस्त को झारखंड में मध्यम से गंभीर बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है। बिहार में 28 और 29 अगस्त को व्यापक बारिश होगी और 27 से 30 अगस्त तक भारी बारिश का अलर्ट रहेगा। 28 और 29 अगस्त को बिहार में आकाशीय बिजलीॉ गिरने की आशंका जताई गई है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 27 और 28 अगस्त को 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलेंगी।

पूर्वोत्तर भारत: असम और अरुणाचल में 30 अगस्त को बहुत भारी बारिश का अनुमान

पूर्वोत्तर के राज्यों में मानसून पूरी तरह मेहरबान रहेगा। अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 27 अगस्त से 2 सितंबर तक व्यापक वर्षा होगी। अरुणाचल प्रदेश और असम व मेघालय में 27 से 29 अगस्त और 31 अगस्त से 2 सितंबर तक भारी बारिश दर्ज की जाएगी जबकि 30 अगस्त को अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान है।

नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 27 से 31 अगस्त और 2 सितंबर को भारी बारिश होगी। पूर्वोत्तर के इन सभी राज्यों में 31 अगस्त तक गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने को लेकर अलर्ट जारी किया गया है।

पश्चिम और दक्षिण भारत: कोंकण-गोवा में व्यापक बारिश, प्रायद्वीपीय भारत में सुस्ती कायम

पश्चिम भारत की बात करें तो कोंकण और गोवा में 27 अगस्त से 2 सितंबर तक लगातार व्यापक बारिश का दौर बना रहेगा। गुजरात क्षेत्र, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और सौराष्ट्र व कच्छ में छिटपुट से हल्की बारिश ही होने का अनुमान है। दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में अगले एक सप्ताह के दौरान बारिश की गतिविधियों में सुस्ती जारी रहने की संभावना है।

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तटीय कर्नाटक में 27 अगस्त से 2 सितंबर तक और केरल व माहे और लक्षद्वीप में 27 से 30 अगस्त के बीच व्यापक बारिश होगी। 27 अगस्त को केरल और माहे में भारी बारिश हो सकती है। तमिलनाडु, पुडुचेरी, तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा और कर्नाटक के विभिन्न इलाकों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली चमकने का अलर्ट जारी किया गया है।

Aaj ka Mausam: आज तूफानी मौसम: आज यूपी-बिहार संग इन 15 राज्यों में IMD ने दिया भारी बारिश का अलर्ट, 40 kmph की रफ्तार से आएगा अंधड़

IMD Weather Update: देश के अलग-अलग हिस्सों में मानसून का उग्र रूप देखने को मिल रहा है। इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज यानी 27 अगस्त के लिए मौसम का बुलेटिन जारी करते हुए देश के 13 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों में तेज आंधी, वज्रपात और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से अंधड़ चलने की चेतावनी जारी की गई है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने का अनुमान जताया गया है। इसे लेकर स्थानीय प्रशासन और आम जनता को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं।

उत्तर भारत का मौसम: यूपी में मूसलाधार बारिश का अलर्ट, उत्तराखंड और राजस्थान में बिजली कड़कने की चेतावनी

उत्तर भारत के राज्यों में आज मानसून काफी सक्रिय रहने वाला है। मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर प्रदेश में अलग अलग जगहों पर मूसलाधार बारिश होने की पूरी संभावना है। यूपी के कई जिलों में बारिश के चलते जलभराव और नदियों के जलस्तर पर असर पड़ सकता है। पहाड़ी राज्य उत्तराखंड और पश्चिमी भारत के पूर्वी राजस्थान में आज अलग-अलग स्थानों पर गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने और गिरने का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों में लोगों को खराब मौसम के दौरान पेड़ों या खुले स्थानों के नीचे जाने से बचने की सलाह दी है।

पूर्वी भारत: बिहार, झारखंड, बंगाल और ओडिशा में भारी बारिश और 40 kmph की रफ्तार से चलेगा अंधड़

पूर्वी भारत के मैदानी इलाकों के लिए आज का दिन मौसम के लिहाज से काफी संवेदनशील माना जा रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक आज बिहार, झारखंड, ओडिशा और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश होने की संभावना है।

बारिश के साथ-साथ इन पूर्वी राज्यों में मौसम का मिजाज काफी बिगड़ा रहेगा। बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने, अंधड़ आने और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है।

पूर्वोत्तर और मध्य भारत: असम, मेघालय, एमपी और छत्तीसगढ़ में बरसेगी आफत

पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में मूसलाधार बारिश का दौर लगातार जारी है। आईएमडी के अलर्ट के मुताबिक अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में आज अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। इसके साथ ही नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी भारी बारिश का अनुमान जताया गया है।

इन सभी सातों पूर्वोत्तर राज्यों में बारिश के दौरान गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाएं दर्ज की जा सकती हैं। मध्य भारत की बात करें तो मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में आज भारी बारिश होने के आसार हैं। इसके अलावा इन दोनों ही राज्यों में आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी भी दी गई है।

दक्षिण भारत का हाल: केरल में भारी बारिश, आंध्र और तमिलनाडु में तेज हवाओं का प्रकोप

दक्षिण भारत में भी मानसूनी गतिविधियां जोर पकड़ रही हैं। केरल और माहे के अलग-अलग हिस्सों में आज भारी बारिश का अनुमान जताया गया है। दक्षिण के अन्य राज्यों में तेज हवाओं का असर देखने को मिलेगा। आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने और बिजली चमकने का अलर्ट है। इसके साथ ही आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में अलग-अलग जगहों पर तेज सतही हवाएं चलने का भी पूर्वानुमान है।

अंडमान में तूफानी हवाएं, समुद्र में मछुआरों के लिए रेड अलर्ट जारी

द्वीपीय इलाकों की बात करें तो अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में आज 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है। समुद्री क्षेत्रों में उथल-पुथल को देखते हुए मौसम विभाग ने मछुआरों के लिए विशेष चेतावनी जारी की है। अरब सागर में सोमालिया व ओमान तटों के साथ-साथ उत्तर, पूर्व-मध्य और पश्चिम-मध्य अरब सागर के कई हिस्सों में 45 से 55 किमी प्रति घंटे की गति से हवाएं चल सकती हैं, जो बढ़कर 65 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं।

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बंगाल की खाड़ी में दक्षिण तमिलनाडु तट, मन्नार की खाड़ी, कोमोरिन क्षेत्र और श्रीलंका तट से सटे दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में भी 45 से 55 किमी प्रति घंटे से लेकर 65 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने का अनुमान है। आईएमडी ने मछुआरों को इन खतरनाक समुद्री क्षेत्रों में न जाने की सख्त सलाह दी है।

UP Expressway Projects: यूपी में ₹24,000 करोड़ का मेगा इंफ्रास्ट्रक्चर बूस्ट! दो नए एक्सप्रेसवे को मिली मंजूरी, इंडस्ट्रियल प्रोजेक्ट्स पर भी बड़ा दांव

UP Expressway Projects: उत्तर प्रदेश में सड़क कनेक्टिविटी और औद्योगिक विकास को लेकर योगी आदित्यनाथ सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सीएम योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 24,000 करोड़ रुपये से अधिक के इंफ्रास्ट्रक्चर और औद्योगिक निवेश से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इसमें दो बड़े एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट सुल्तानपुर में मैन्युफैक्चरिंग-लॉजिस्टिक्स क्लस्टर और राज्य के अलग-अलग जिलों में 11 बड़े औद्योगिक प्रोजेक्ट्स के लिए प्रोत्साहन शामिल हैं। योगी सरकार का फोकस अब सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं है। नए फैसलों के जरिए उभरते औद्योगिक क्षेत्रों को बेहतर सड़क नेटवर्क से जोड़ने और प्रदेश के अलग-अलग जिलों में बड़े निवेश को आकर्षित करने की तैयारी है।

‘गंगा एक्सप्रेसवे’ पहुंचेगा हरिद्वार, 10,761 करोड़ होंगे खर्च

कैबिनेट ने 10,761 करोड़ रुपये की लागत से गंगा एक्सप्रेसवे को हरिद्वार तक बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इसके तहत छह लेन का ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे बनाया जाएगा, जिसे भविष्य में आठ लेन तक विस्तारित करने का प्रावधान होगा। इस परियोजना का पूरा खर्च उत्तर प्रदेश सरकार उठाएगी। इसमें केंद्र की वित्तीय भागीदारी प्रस्तावित नहीं है।

इस एक्सप्रेसवे से बिजनौर और हरिद्वार के बीच कनेक्टिविटी काफी बेहतर होने की उम्मीद है। फिलहाल बिजनौर से हरिद्वार जाने के लिए मुख्य रूप से NH-34 यानी मेरठ-बिजनौर-हरिद्वार हाईवे पर निर्भरता है। नया एक्सप्रेसवे बनने के बाद बिजनौर की लखनऊ से कनेक्टिविटी भी गंगा एक्सप्रेसवे नेटवर्क के जरिए और मजबूत होगी।

प्रयागराज से हरिद्वार तक बनेगा तेज कॉरिडोर

गंगा एक्सप्रेसवे का हरिद्वार तक विस्तार केवल सड़क परियोजना नहीं। बल्कि पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हरिद्वार जुड़ने के बाद एक्सप्रेसवे नेटवर्क प्रयागराज और हरिद्वार जैसे गंगा तट पर बसे दो प्रमुख कुंभ शहरों को एक्सेस-कंट्रोल्ड सड़क कनेक्टिविटी से जोड़ देगा।

यूपी सरकार को उम्मीद है कि इससे धार्मिक पर्यटन, व्यापार, निवेश और अन्य आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। इसका फायदा बिजनौर, हरिद्वार और आसपास के इलाकों को मिलने की उम्मीद है। अब इस परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट यानी DPR तैयार की जाएगी।

झांसी लिंक एक्सप्रेसवे पर 7,968 करोड़

योगी कैबिनेट ने 7,968.30 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाले झांसी लिंक एक्सप्रेसवे को भी मंजूरी दी है। इसका मुख्य उद्देश्य बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण यानी BIDA क्षेत्र और झांसी के आसपास के डिफेंस कॉरिडोर को बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना है। इस परियोजना का पूरा खर्च भी उत्तर प्रदेश सरकार उठाएगी। केंद्र से किसी वित्तीय भागीदारी का प्रस्ताव नहीं है। ॉ

सरकार का मानना है कि एक्सप्रेसवे बनने के बाद बुंदेलखंड के उभरते औद्योगिक क्षेत्रों से उत्तर प्रदेश के दूसरे हिस्सों और देश के अन्य क्षेत्रों तक सड़क संपर्क तेज होगा। निर्माण के दौरान प्रत्यक्ष रोजगार के साथ-साथ औद्योगिक गतिविधियां बढ़ने पर अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी पैदा होने की उम्मीद है।

सुल्तानपुर में 272 करोड़ का इंडस्ट्रियल-लॉजिस्टिक्स क्लस्टर

कैबिनेट ने सुल्तानपुर में 272.25 करोड़ रुपये के निवेश से इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक्स क्लस्टर यानी IMLC के इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट को भी मंजूरी दी है। यह क्लस्टर पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के नजदीक विकसित किया जाएगा। इससे यहां आने वाली औद्योगिक इकाइयों को पहले से मौजूद तेज सड़क नेटवर्क का सीधा फायदा मिलेगा।

इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े काम का खर्च राज्य सरकार उठाएगी और निर्माण एजेंसी के चयन के लिए ग्लोबल बिड आमंत्रित की जाएगी। सरकार को उम्मीद है कि यह क्लस्टर मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स से जुड़े निवेश को आकर्षित करेगा तथा सुल्तानपुर और आसपास के क्षेत्रों में रोजगार पैदा करेगा।

11 बड़े प्रोजेक्ट्स को भी मंजूरी

इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ-साथ कैबिनेट ने 11 बड़े औद्योगिक प्रोजेक्ट्स के लिए भी प्रोत्साहन को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं में कुल प्रस्तावित निवेश 5,500 करोड़ रुपये से अधिक है। इनमें से आठ परियोजनाओं के लिए करीब 2,901.97 करोड़ रुपये के निवेश पर उत्तर प्रदेश इंडस्ट्रियल इन्वेस्टमेंट एंड एम्प्लॉयमेंट प्रमोशन पॉलिसी-2022 के तहत लेटर ऑफ कंफर्ट जारी करने को मंजूरी दी गई है। इन परियोजनाओं का विस्तार गौतम बुद्ध नगर (नोएडा), हमीरपुर, हाथरस, बाराबंकी, लखीमपुर खीरी, मथुरा और उन्नाव जैसे जिलों तक है।

इनमें प्रमुख निवेश इस प्रकार हैं:-

  • सूर्या ग्लोबल सुपर फ्लेक्सिफिल्म्स, गौतम बुद्ध नगर- 605.37 करोड़ रुपये
  • शाल्विस स्पेशियलिटीज, हमीरपुर- 297.30 करोड़ रुपये
  • साउंड कास्टिंग्स, हाथरस – 225 करोड़ रुपये
  • वृंदावन बॉटलर्स, बाराबंकी – 436.12 करोड़ रुपये
  • जुआरी एनविएन बायोएनर्जी, लखीमपुर खीरी- 294.72 करोड़ रुपये
  • पसवारा पेपर्स, हाथरस- 315 करोड़ रुपये
  • CRD फूड्स एंड बेवरेजेज, मथुरा- 363.94 करोड़ रुपये
  • माउंट एवरेस्ट ब्रेवरीज, उन्नाव- 363.52 करोड़ रुपये

(नोट- इन परियोजनाओं को पात्रता के आधार पर नीति के तहत नेट SGST और कैपिटल सब्सिडी समेत विभिन्न प्रोत्साहन मिल सकेंगे।)

तीन और प्रोजेक्ट्स में 2,606 करोड़ का निवेश

कैबिनेट ने तीन और परियोजनाओं के लिए लेटर ऑफ कम्फर्ट को मंजूरी दी है। इनका कुल प्रस्तावित निवेश 2,606.04 करोड़ रुपये है। ये परियोजनाएं बिजनौर, उन्नाव और कानपुर देहात में लगाई जाएंगी।

उन्नाव में एल्युमिनियम कैन फैक्ट्री

Canpack India उन्नाव में करीब 1,573.62 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। कंपनी एल्युमिनियम बेवरेज कैन बनाने की इकाई स्थापित करेगी। यह प्लांट करीब 26 हेक्टेयर क्षेत्र में UPEIDA द्वारा विकसित IMLC इंडस्ट्रियल कॉरिडोर क्षेत्र में लगाया जाएगा। इसकी अनुमानित वार्षिक उत्पादन क्षमता 130 करोड़ यूनिट होगी।

बिजनौर में फ्रेंच फ्राइज प्लांट

इसके अलावा Agristo Masa बिजनौर में 794.27 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। यह कंपनी मौजूदा पोटैटो फ्लेक्स कारोबार का विस्तार करने के साथ फ्रेंच फ्राइज बनाने की यूनिट स्थापित करेगी। प्रस्तावित प्लांट की अधिकतम स्थापित क्षमता हर साल 75,000 टन होगी। इसके मुकाबले कंपनी की मौजूदा पोटैटो फ्लेक्स उत्पादन क्षमता करीब 7,332 टन सालाना बताई गई है।

कानपुर देहात में प्लास्टिक प्रोडक्ट्स का होगा उत्पादन

एक बयान के मुताबिक, Supreme Industries कानपुर देहात में 238.15 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। यहां वैल्यू-एडेड प्लास्टिक बिल्डिंग सॉल्यूशन उत्पाद बनाए जाएंगे। कंपनी की स्थापना 1942 में हुई थी। यह भारत की प्रमुख प्लास्टिक प्रोसेसिंग कंपनियों में शामिल है।

एक्सप्रेसवे और उद्योग को एक साथ जोड़ने की रणनीति

यूपी सरकार के इन फैसलों से साफ संकेत मिलता है कि उत्तर प्रदेश अब एक्सप्रेसवे नेटवर्क को सीधे औद्योगिक विकास से जोड़ने की रणनीति पर आगे बढ़ रहा है। झांसी लिंक एक्सप्रेसवे को बुंदेलखंड के औद्योगिक और डिफेंस कॉरिडोर से जोड़ा जा रहा है। जबकि सुल्तानपुर का IMLC पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का फायदा उठाएगा। वहीं, गंगा एक्सप्रेसवे के हरिद्वार तक विस्तार से पश्चिमी उत्तर प्रदेश और हरिद्वार के बीच आर्थिक संपर्क मजबूत होने की उम्मीद है।

उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि कैबिनेट के फैसले एक्सप्रेसवे विस्तार और औद्योगिक विकास को एक साथ आगे बढ़ाने की कोशिश को दिखाते हैं। सरकार का लक्ष्य बेहतर कनेक्टिविटी के जरिए निवेश, व्यापार, रोजगार और पर्यटन को बढ़ावा देना है।

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उन्होंने कहा कि 24 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा के इन प्रस्तावों को उत्तर प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर और औद्योगिक नक्शे में बड़ा बदलाव लाने वाली पहल के तौर पर देखा जा रहा है। खास बात यह है कि इसका असर सिर्फ लखनऊ, नोएडा या दूसरे बड़े औद्योगिक केंद्रों तक सीमित न रहकर बुंदेलखंड, पूर्वांचल और पश्चिमी यूपी के कई जिलों तक पहुंचने की उम्मीद है।

Tempsens में लिस्टिंग पर हो जाएगा पैसा डबल! ग्रे मार्केट से मिल रहे ये संकेत

Tempsens Listing: आईपीओ को 184 गुना से अधिक बोली मिलने के बाद अब टेंपसेंस इंस्ट्रूमेंट्स के शेयरों की लिस्टिंग का इंतजार है। ग्रे मार्केट से बात करें तो इसके शेयरों की लिस्टिंग को लेकर ऐसे शानदार संकेत मिल रहे हैं कि आईपीओ निवेशकों का पैला लिस्टिंग पर ही डबल हो जाएगा। ग्रे मार्केट में इसकी GMP (ग्रे मार्केट प्रीमियम) इश्यू प्राइस से ₹300 यानी 100% है यानी कि आईपीओ निवेशकों को पैसा डबल हो सकता है। हालांकि मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक यह ग्रे मार्केट से मिले संकेतों की बजाय कंपनी की कारोबारी सेहत और लिस्टिंग के दिन मार्केट की परिस्थिति पर निर्भर रहेगा। इसके शेयर आईपीओ निवेशकों को ₹300 के भाव पर जारी हुए हैं। इसका अलॉटमेंट फाइनल हो चुका है जिसका स्टेटस बीएसई या रजिस्ट्रार केफिनटेक की साइट पर देख सकते हैं, जिसका स्टेपवाइज प्रोसेस नीचे दिया जा रहा है।

BSE की साइट पर ऐसे करें चेक

https://www.bseindia.com/investors/appli_check.aspx, इस लिंक पर जाएं।

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शेयरों का अलॉटमेंट स्टेटस स्कीन पर दिखने लगा कि कितने शेयर अलॉट हुए।

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शेयरों का अलॉटमेंट स्टेटस स्कीन पर दिखने लगा कि कितने शेयर अलॉट हुए।

Tempsens IPO को मिला था तगड़ा रिस्पांस

टेंपसेंस का ₹650 करोड़ का आईपीओ 20-24 अगस्त तक खुला था। इसे हर कैटेगरी के निवेशकों का जबरदस्त रिस्पांस मिला और ओवरऑल यह 184.22 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 302.88 गुना, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 314.44 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 61.00 गुना और एंप्लॉयीज का हिस्सा 124.95 गुना भरा था।

इस आईपीओ के तहत ₹95 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹4 की फेस वैल्यू वाले 1.85 करोड़ शेयरों की ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिक्री हुई है। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹18.13 करोड़ कर्ज हल्का करने कैपिटल एक्सपेंडिचर, ₹55.00 करोड़ कर्ज हल्का करने, ₹14.18 करोड़ आम कॉरपोरेट उद्देश्यों और ₹50.65 करोड़ आईपीओ से जुड़े एक्सपेंसेज पर खर्च होंगे।

Tempsens के बारे में

टेंपसेंस इंस्ट्रूमेंट्स फैक्ट्रियों और बड़ी इंडस्ट्रीज के लिए तापमान से जुड़े प्रोडक्ट्स बनाती है। यह तापमान नापने वाले सेंसर, मशीनों/प्रोसेस को गर्म करने वाले हीटर और खास तरह के इंडस्ट्रियल केबल बनाती है। मार्च 2026 में टेंपरेचर सेंसर सेगमेंट में इसकी करीब 10.5% हिस्सेदारी है। रेवेन्यू के हिसाब से यह देश में कॉन्टैक्ट और नॉन-कॉन्टैक्ट टेंपरेचर सेंसर बनाने वाली सबसे बड़ी कंपनी है तो इलेक्ट्रिकल हीटर्स के मामले में सबसे बड़ी कंपनियों में शुमार है। यह MRO (मेटेंनेंस, रिपेयर एंड ऑपरेशंस) का भी काम देखती है। इसका कारोबार भारत के अलावा 80 से अधिक देशों में फैला हुआ है।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना करीब 32% की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹71.07 करोड़ और टोटल इनकम करीब 28% के सीएजीआर से ₹455.86 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹77.95 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹465.16 करोड़ पड़े थे।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Mopshop IPO Listing: खुदरा निवेशकों ने खूब खरीदे थे ₹138 के शेयर, अब लिस्टिंग पर झटका

Mopshop IPO Listing: साफ-सफाई से जुड़े प्रोडक्ट्स मुहैया कराने वाली मॉपशॉप डिस्ट्रीब्यूशन के शेयरों की BSE SME पर डिस्काउंट पर एंट्री हुई। आईपीओ की बात करें तो खुदरा निवेशकों के दम पर इसे ओवरऑल डेढ़ गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹138 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE SME पर इसकी ₹137.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को कोई लिस्टिंग गेन नहीं मिला बल्कि 0.72% पूंजी ही घट गई। आईपीओ निवेशकों को और झटका तब लगा, जब शेयर में फिलहाल कोई मूवमेंट नहीं आया। फिलहाल यह ₹137.00 (Mopshop Share Price)  पर आ गया यानी कि आईपीओ निवेशक 0/72% घाटे में हैं।

Mopshop IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

मॉपशॉप का ₹27 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 19-21 अगस्त तक खुला था। खुदरा निवेशकों के दम पर यह आईपीओ ओवरऑल 1.59 गुना सब्सक्राइब हुआ था। वहीं नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा आधा भी नहीं भर पाया और 0.27 गुना सब्सक्राइब हुआ जबकि खुदरा निवेशकों का हिस्सा 2.91 गुना भरा था।

इस आईपीओ के तहत ₹22 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹10 की फेस वैल्यू वाले 3.75 लाख शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिके हैं। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹11.98 करोड़ कर्ज हल्का करने, ₹2.60 करोड़ कमर्शियल गाड़ियों की खरीदारी, ₹1.05 करोड़ रूफटॉप ग्रिड सोलर पावर प्लांट के सेटअप, ₹3.31 करोड़ आम कॉरपोरेट उद्देश्यों और 3.13 करोड़ आईपीओ से जुड़े एक्सपेंसेज पर खर्च होंगे।

Mopshop के बारे में

मॉपशॉप डिस्ट्रीब्यूशन फैसिलिटी मैनेजमेंट सप्लाईज (FMS) मुहैया करने के बिजनेस में है। इसके प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में माइक्रोफाइबर कपड़े, सर्फेस डिसइंफेक्ट्स, सेंसर वाले डिस्पेंसर्स, बॉयो-डिग्रेडेबल गार्बेज बैग, टिश्यू पेपर, पेडल बिन्स, रिंजर बकेट्स, वैक्यूम क्लीनर्स, एयर फ्रेशनर्स, टूल किट्स और इनसे जुड़ी एक्सेसरीज हैं।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2023-25 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना करीब 75% की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹2.48 करोड़ और टोटल इनकम 18% के सीएजीआर से ₹42.00 करोड़ पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्षष 2026 की बात करें तो 11 महीने में इसे ₹5.18 करोड़ का नेट प्रॉफिट और ₹44.66 करोड़ का टोटल इनकम हासिल हुआ था। फरवरी 2026 के आखिरी में कंपनी पर ₹12.21 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹6.32 करोड़ पड़े थे।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

मंत्रियों, सांसदों और विधायकों को नहीं मिलेगी बागवानी सब्सिडी; केंद्र सरकार ने बदले NHB के नियम, कितनी मिलती थी सब्सिडी, क्या था नियम?

Horticulture subsidy rules: केंद्र सरकार ने नेशनल हॉर्टिकल्चर बोर्ड (NHB) की कमर्शियल हॉर्टिकल्चर और कोल्ड स्टोरेज स्कीम के तहत आर्थिक मदद पाने के लिए योग्यता के नियमों को और सख्त कर दिया है। अब संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों के अलावा मौजूदा मंत्रियों, सांसद (MP), विधायक (MLA), मेयर और जिला पंचायत अध्यक्षों समेत कई कैटेगरी के लोग योजना के लाभ से बाहर होंगे। नई गाइडलाइंस 21 अगस्त को जारी की गईं। इसी के साथ ये तुरंत लागू हो गई हैं।

बदली हुई गाइडलाइंस के अनुसार, केंद्र और राज्य सरकार के मंत्रालयों और विभागों, पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग्स, ऑटोनॉमस बॉडीज और लोकल बॉडीज के कर्मचारियों को भी NHB से आर्थिक मदद पाने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया गया है।

हालांकि, मल्टी-टास्किंग स्टाफ (MTS) और क्लास IV कर्मचारियों को इस नियम से छूट दी गई है। इसके अलावा, ₹10,000 या उससे अधिक की मासिक पेंशन पाने वाले रिटायर्ड कर्मचारी या पेंशनभोगी भी इस स्कीम के तहत योग्य नहीं होंगे।

बदली हुई गाइडलाइंस के तहत, इन कैटेगरी में आने वाले लोगों के परिवार के सदस्य स्कीम के तहत एक बार आर्थिक मदद ले सकते हैं, बशर्ते वे परिवार की नई परिभाषा के तहत योग्यता के नियमों को पूरा करते हों।

‘परिवार’ की इस परिभाषा में आवेदक के जीवनसाथी, माता-पिता, बेटे और बेटियाँ शामिल हैं। NHB स्कीम के तहत आर्थिक मदद के लिए प्रति परिवार केवल एक सदस्य ही योग्य है। गाइडलाइंस के अनुसार, परिवार के किसी भी सदस्य को दी गई आर्थिक मदद को पूरे परिवार को दी गई मदद माना जाएगा।

नियमों में क्यों करने पड़े बदलाव?

NHB ने कहा कि इन बदलावों का मकसद आर्थिक मदद को तर्कसंगत बनाना, फायदों का समान वितरण सुनिश्चित करना, सब्सिडी के दोहराव को रोकना और स्कीम को लागू करने की प्रक्रिया को ज़्यादा पारदर्शी और असरदार बनाना है। ये बदलाव कुछ हफ्ते पहले यह पता चलने के बाद किए गए हैं कि केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी और BJP सांसद लुंबा राम ने NHB स्कीम के तहत फायदा उठाया था।

मंत्री ने सब्सिडी लौटाया

कृषि राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर ने 28 जुलाई को संसद को बताया था कि चौधरी ने संबंधित बैंक को सब्सिडी की रकम लौटा दी थी। बैंक को निर्देश दिया गया था कि वह फंड NHB को वापस भेज दे। ‘हॉर्टिकल्चर फसलों के उत्पादन और कटाई के बाद के मैनेजमेंट के जरिए कमर्शियल हॉर्टिकल्चर का विकास’ नाम की इस स्कीम का मकसद बड़े पैमाने पर हॉर्टिकल्चर फसलों की कमर्शियल खेती (मुनाफे के लिए) को बढ़ावा देना है।

इस स्कीम में तीन तरह की सब्जियां जैसे शिमला मिर्च, खीरा और टमाटर और आठ तरह के फूल जैसे गुलाब, लिली और गुलदाउदी शामिल हैं। इस स्कीम के तहत प्रोजेक्ट की लागत का 50% सब्सिडी के तौर पर दिया जाता था, जिसकी अधिकतम सीमा प्रति परिवार 1 करोड़ रुपये तय की गई थी।

केंद्र सरकार की बागवानी सब्सिडी स्कीम का पूरा नाम Mission for Integrated Development of Horticulture (MIDH) है। यह केंद्र की अहम योजना है। यह फल, सब्जी, फूल, मसाले, मशरूम, नर्सरी आदि बागवानी गतिविधियों को कवर करती है। सब्सिडी काम और फसल के हिसाब से अलग होती है।

DK Shivakumar-Adani meeting: कर्नाटक में अदाणी-शिवकुमार की मुलाकात को लेकर सियासी घमासान! BJP ने कांग्रेस पर दोहरे मापदंड को लेकर साधा निशाना

DK Shivakumar-Adani meeting: दिग्गज उद्योगपति गौतम अदाणी ने रविवार 24 अगस्त को कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार से मुलाकात की। दोनों के बीच करीब एक घंटे तक बातचीत हुई। मुख्यमंत्री शिवकुमार ने इस मुलाकात को एक शिष्टाचार भेंट बताया। अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी के साथ मुलाकात को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) की प्रदेश इकाई ने सत्तारूढ़ कांग्रेस पर ‘दोहरा मापदंड’ अपनाने का आरोप लगाते हुए निशाना साधा।

सूत्रों के अनुसार, अदाणी ‘आर्ट ऑफ लिविंग’ गए थे। एयरपोर्ट लौटते समय सदाशिवनगर स्थित मुख्यमंत्री आवास पर शिवकुमार से मिले। मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) ने भी इसे एक शिष्टाचार भेंट बताया। यह मुलाकात हेब्बाल से सिल्क बोर्ड तक प्रस्तावित सुरंग सड़क परियोजना के बीच हुई है। सूत्रों के मुताबिक, इस परियोजना के लिए अदाणी एंटरप्राइजेज सबसे कम बोली लगाने वाली कंपनी के रूप में उभरी है। हालांकि, टेंडर को अभी आधिकारिक रूप से अंतिम रूप नहीं दिया गया है।

यह तत्काल पता नहीं चल सका कि शिवकुमार और अदाणी के बीच बातचीत में सुरंग सड़क परियोजना का मुद्दा उठा या मुलाकात केवल औपचारिक शिष्टाचार तक सीमित रही। शिवकुमार ने बेंगलुरु में पत्रकारों से बातचीत में कहा, “मुख्यमंत्री बनने के बाद यह पहली बार था जब वह (अदाणी) यहां मुझसे मिलने आना चाहते थे। वे यहां कई कारोबार कर रहे हैं। वह शिष्टाचारवश मुझसे मिलने आए थे।”

BJP हुई हमलावर

इस बीच, BJP के वरिष्ठ नेता आर अशोक ने इस मुलाकात की आलोचना करते हुए सवाल किया कि क्या कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शिवकुमार को अदाणी से मिलने की अनुमति दी थी। कर्नाटक विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अशोक ने कहा, “कांग्रेस दिल्ली में अदाणी का विरोध करती है, जबकि कर्नाटक में उसके पक्ष में है। क्या यह दोहरा मापदंड नहीं है?” उन्होंने कहा कि कर्नाटक सरकार ने अदाणी के लिए ‘लाल कालीन बिछा दी’ है।

अशोक ने शिवकुमार से राहुल गांधी को यह बताने को कहा कि अदाणी एक कारोबारी हैं। वह केवल कारोबार कर रहे हैं। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर पर्यावरण संरक्षण को लेकर तंज कसते हुए अशोक ने उनसे बेंगलुरु आने और लालबाग या सैंकी टैंक में किसी पेड़ को गले लगाने को कहा जो प्रस्तावित सुरंग सड़क परियोजना से प्रभावित होंगे। BJP सुरंग सड़क परियोजना का विरोध कर रही है। भगवा पार्टी के युवा सांसद तेजस्वी सूर्या ने भी इस मुद्दे को लेकर कर्नाटक हाई कोर्ट का रुख किया है।

प्रियांक खड़गे की आई सफाई

कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने सीएम डीके शिवकुमार की गौतम अदाणी के साथ हुई मीटिंग का बचाव किया। उन्होंने कहा कि यह उद्योगपति राज्य सरकार के लिए सिर्फ एक कॉन्ट्रैक्टर है। टेंडर प्रोसेस पर कोई असर नहीं डाला गया है। खड़गे ने पत्रकारों से कहा, “हमारे लिए अदाणी एक कॉन्ट्रैक्टर हैं। वे कुछ प्रोजेक्ट्स में सबसे कम बोली लगाने वाले हैं। ये कर्नाटक सरकार के लिए अहम प्रोजेक्ट्स हैं। हमने टेंडर प्रोसेस को प्रभावित नहीं किया है। कोई भी L1 बन सकता है।”

BJP से पूछा सवाल

उन्होंने कहा कि अदाणी ग्रुप पर कांग्रेस का राजनीतिक रुख नहीं बदला है। लेकिन साथ ही कहा कि राजनीतिक मतभेदों से यह तय नहीं हो सकता कि सरकारी टेंडर की प्रक्रिया कैसे होगी। खड़गे ने कहा, “अगर अदाणी कानूनी तरीके से टेंडर हासिल करते हैं, तो ठीक है।” उन्होंने टनल रोड प्रोजेक्ट पर बीजेपी के रुख पर भी सवाल उठाया। साथ ही पूछा कि क्या विपक्ष अब भी इसका विरोध करेगा, जब अदाणी ग्रुप की एक कंपनी सबसे कम बोली लगाने वाली कंपनी बनकर उभरी है।

राज्य सरकार द्वारा बताई गई बोली की जानकारी के अनुसार, अदाणी एंटरप्राइजेज ने 16.75 किलोमीटर लंबे टनल रोड प्रोजेक्ट के लिए 22,267 करोड़ रुपये की बोली लगाई। यह बोली सरकार की शुरुआती अनुमानित प्रोजेक्ट लागत 17,698 करोड़ रुपये से ज्यादा है।

वहीं, शिवकुमार की अदाणी से मुलाकात पर कांग्रेस सांसद और प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा, “हमने साफ तौर पर कहा है कि हम एकाधिकार के खिलाफ हैं। हम किसी उद्योगपति के खिलाफ नहीं हैं। लेकिन हम हमेशा कहते हैं कि अगर किसी एक उद्योगपति का एकाधिकार हो जाए, तो यह देश के लिए अच्छा नहीं है।”

‘ईरान ने मेरे बेटे की हत्या की कोशिश की…’; नेतन्याहू का सनसनीखेज दावा, बोले- सुरक्षा हटती तो हमलावर सफल हो जाते

Benjamin Netanyahu: इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान को लेकर एक बेहद ही सनसनीखेज दावा किया है। नेतन्याहू ने कहा है कि ईरान ने उनके एक बेटे की हत्या की साजिश रची थी। उन्होंने कहा कि उसे निशाना बनाकर हत्या की कोशिश की गई। प्रधानमंत्री के इस बयान के बाद इजरायल की राजनीति और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा तेज हो गई है। नेतन्याहू ने सोमवार (24 अगस्त) को एक इंटरव्यू में कहा, “ईरान ने मेरे परिवार को निशाना बनाया।” उन्होंने यह बात इजरायली चैनल 14 को फोन पर दिए इंटरव्यू में कही।

इजरायली टेलीविजन चैनल चैनल 14 को दिए एक इंटरव्यू में नेतन्याहू ने कहा कि ईरान ने उनके एक बेटे को निशाना बनाया था। उन्होंने दावा किया कि यह केवल धमकी नहीं थी। बल्कि उनके बेटे की हत्या करने की कोशिश की गई थी। नेतन्याहू ने इंटरव्यू में कहा, “ईरान ने मेरे एक बेटे को निशाना बनाया। ईरान ने मेरे एक बेटे की हत्या करने की कोशिश की। उसने उसकी हत्या की साजिश रची और उसे मारने की कोशिश की।”

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी किया बड़ा दावा

नेतन्याहू से पूछा गया कि क्या उनके बेटे को निशाना बनाने की जानकारी किसी खुफिया सूचना के लीक होने के कारण सामने आई थी। इसके जवाब में उन्होंने दोबारा स्पष्ट तौर पर कहा कि ईरान ने उनके एक बेटे की हत्या की कोशिश की थी। इसके बाद नेतन्याहू ने अपने परिवार को दी जा रही कड़ी सुरक्षा व्यवस्था का बचाव किया।

उन्होंने कहा कि उनके परिवार की सुरक्षा किसी दिखावे या विशेष सुविधा के लिए नहीं है, बल्कि वास्तविक खतरे को देखते हुए जरूरी है। नेतन्याहू ने कहा कि अगर यह सुरक्षा व्यवस्था नहीं होती, तो उनके बेटे को निशाना बनाने वाले लोग अपने मकसद में सफल हो सकते थे। उनके मुताबिक, परिवार के सदस्यों को सुरक्षा देना मौजूदा परिस्थितियों में एक आवश्यक कदम है।

किस बेटे को बनाया गया निशाना?

नेतन्याहू ने अपने बयान में यह स्पष्ट नहीं किया कि कथित हत्या की कोशिश में उनके किस बेटे को निशाना बनाया गया था। उनके दो बेटे याइर नेतन्याहू और अवनेर नेतन्याहू हैं। इसलिए यह अभी स्पष्ट नहीं है कि कथित ईरानी साजिश का निशाना याइर थे या अवनेर। नेतन्याहू ने इंटरव्यू के दौरान इस बारे में कोई अतिरिक्त जानकारी शेयर नहीं की।

परिवार की सुरक्षा पहले ही बढ़ाई जा चुकी है

नेतन्याहू का यह दावा ऐसे समय में सामने आया है जब उनके परिवार की सुरक्षा को लेकर पहले ही अतिरिक्त कदम उठाए जा चुके हैं। जुलाई में शिन बेट मामलों से संबंधित मंत्रीस्तरीय समिति ने नेतन्याहू की पत्नी सारा नेतन्याहू और उनके दोनों बेटों याइर तथा अवनेर के लिए व्यक्तिगत सुरक्षा बढ़ाने को मंजूरी दी थी। यह फैसला प्रधानमंत्री के परिवार को लेकर बढ़ती सुरक्षा चिंताओं के बीच लिया गया था। हालांकि, उस समय सुरक्षा बढ़ाने के पीछे कथित तौर पर किस विशेष खतरे का आकलन किया गया था, इसकी पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई थी।

लंबे समय से सुरक्षा मामलों पर गोपनीयता

नेतन्याहू का ताजा बयान ऐसे समय आया है जब सुरक्षा से जुड़े कई मामलों को लेकर लंबे समय से सख्त गोपनीयता और प्रतिबंध लागू रहे हैं। इजरायल में प्रधानमंत्री और उनके परिवार की सुरक्षा से संबंधित खुफिया जानकारी को आम तौर पर सार्वजनिक नहीं किया जाता। ऐसे में नेतन्याहू द्वारा खुद अपने एक बेटे को ईरान की कथित हत्या की कोशिश का निशाना बताए जाने को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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हालांकि, उनके बयान में कथित हमले की तारीख, स्थान, हमले के तरीके या उसे विफल करने वाली सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई के बारे में कोई डिटेल्स जानकारी नहीं दी गई। नेतन्याहू के इस दावे से एक बार फिर यह सवाल उठ खड़ा हुआ है कि इजरायल और ईरान के बीच जारी गंभीर तनाव अब प्रधानमंत्री के परिवार तक कितनी दूर पहुंच चुका है। हालांकि, कथित हत्या की कोशिश से जुड़े विस्तृत तथ्य और खुफिया जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।

लो प्रेशर सिस्टम से अगले 4 दिन भारी! यूपी, बिहार, MP समेत इन राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट, मौसम को लेकर IMD ने दी ये चेतावनी

IMD Heavy Rain Alert: देश के कई हिस्सों में मानसूनी सिस्टम एक बार फिर बेहद एक्टिव हो गया है। गांगेय पश्चिम बंगाल, झारखंड और उत्तरी ओडिशा के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र के असर की वजह से मौसम विभाग (IMD) ने अगले तीन से चार दिनों के दौरान देश के अलग अलग राज्यों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी जारी की है। IMD के मुताबिक इस नए मौसमी तंत्र के उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने से उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा और झारखंड में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। इसके उलट दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में अगले एक सप्ताह के दौरान बारिश की गतिविधियां काफी सुस्त रह सकती हैं।

बीते 24 घंटों में बदला मौसम का मिजाज

आपको बता दें कि पिछले 24 घंटों के दौरान देश के कई राज्यों में भीषण बारिश दर्ज की गई है। ओडिशा, छत्तीसगढ़ और पश्चिमी मध्य प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में 12 से 20 सेंटीमीटर तक की बहुत भारी बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, पूर्वी राजस्थान, केरल, कर्नाटक, अरुणाचल प्रदेश, असम, नागालैंड, झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, तमिलनाडु और तेलंगाना में 7 से 11 सेंटीमीटर तक भारी बारिश दर्ज की गई है।

उत्तर भारत का मौसम: यूपी और उत्तराखंड में तेज बारिश की संभावना

उत्तर भारत में मानसून की ट्रफ रेखा अपने सामान्य स्थान से उत्तर की ओर बनी हुई है। इसके असर से उत्तराखंड में 24 से 30 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश होगी जबकि 24 अगस्त तथा 29 से 30 अगस्त के दौरान भारी बारिश की संभावना है।

उत्तर प्रदेश की बात करें तो 24 से 26 अगस्त के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश में व्यापक बारिश और भारी बौछारें पड़ने की उम्मीद है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 25 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में भी 24 अगस्त को अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश के इलाकों में भी 30 अगस्त तक हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक का सिलसिला जारी रहेगा।

मध्य भारत का हाल: मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में मूसलाधार बारिश का अलर्ट

मध्य भारत में कम दबाव का क्षेत्र सीधा असर डाल रहा है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 24 से 26 अगस्त तक व्यापक बारिश के साथ-साथ अत्यंत भारी बारिश होने की चेतावनी दी गई है। इसके बाद 27 अगस्त को भी भारी बारिश की संभावना है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 24 से 26 अगस्त तक भारी से बहुत भारी बारिश होगी और यह सिलसिला 29 से 30 अगस्त तक जारी रहेगा। छत्तीसगढ़ में 24 और 25 अगस्त को बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है जबकि विदर्भ क्षेत्र में 24 से 26 अगस्त के बीच भारी बारिश और बिजली कड़कने की आशंका जताई गई है।

पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत: ओडिशा और बिहार में आंधी-तूफान के साथ बारिश

पूर्वी भारत में बने इस सिस्टम के चलते 24 अगस्त को ओडिशा और झारखंड के अलग-अलग हिस्सों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। बिहार में अगले 3 से 4 दिनों यानी 24 से 27 अगस्त तक भारी बारिश होने का अनुमान है। इसके साथ ही अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, गांगेय पश्चिम बंगाल, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 30 अगस्त तक तेज हवाओं के साथ बारिश जारी रहेगी।

अंडमान में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। पूर्वोत्तर भारत के राज्यों जैसे अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 24 से 30 अगस्त के दौरान भारी बारिश और आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी दी गई है।

पश्चिमी और दक्षिण भारत का पूर्वानुमान

पश्चिम भारत के कोंकण और गोवा में 30 अगस्त तक व्यापक बारिश जारी रहेगी जबकि मध्य महाराष्ट्र में 24 से 26 अगस्त के बीच भारी बारिश का अनुमान है। दक्षिण भारत की स्थिति देखें तो तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु और तेलंगाना में 24 और 25 अगस्त को भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। केरल और माहे में 24 अगस्त को बहुत भारी बारिश तथा 25 व 26 अगस्त को भारी बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटक और केरल के तटीय क्षेत्रों में 24 से 28 अगस्त के दौरान तेज सतही हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है।

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