Market Outlook: इस हफ्ते किस ओर मुड़ेगा बाजार; पश्चिम एशिया के हालात, कच्चे तेल की कीमत समेत इन फैक्टर्स से होगा तय

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और अमेरिका के महंगाई के आंकड़े इस सप्ताह भारतीय शेयर बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे। इसके अलावा विदेशी निवेशकों की गतिविधियां और वैश्विक बाजारों की चाल भी बाजार की दिशा को प्रभावित करेगी। पिछले सप्ताह सेंसेक्स 749.08 अंक या 0.96 प्रतिशत के नुकसान में रहा। वहीं निफ्टी 277.95 अंक या 1.14 प्रतिशत नीचे आया। शुक्रवार, 4 सितंबर को सेंसेक्स 362.57 अंक चढ़कर 76,515.43 पर और निफ्टी 24.25 अंकों की बढ़त के साथ 23,897.70 पर बंद हुआ था।

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, रेलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट (रिसर्च) अजीत मिश्रा का कहना है, ‘‘इस सप्ताह बाजार वैश्विक मौद्रिक नीति, कच्चे तेल की कीमतों और भू-राजनीतिक घटनाक्रमों को लेकर संवेदनशील रह सकता है। अमेरिका के उम्मीद से बेहतर रोजगार आंकड़ों के बाद अब निवेशकों की नजर फेडरल रिजर्व की सितंबर में होने वाली मौद्रिक नीति बैठक को लेकर बदलती उम्मीदों पर रहेगी।’’

घरेलू मोर्चे पर विदेशी संस्थागत निवेशकों के रुख, रुपये की चाल, कच्चे तेल की कीमतों और घरेलू बाजार में नकदी की स्थिति पर नजर रहेगी। मिश्रा के मुताबिक, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जुड़े घटनाक्रम भी महत्वपूर्ण रहेंगे, क्योंकि इनका भारत की महंगाई, बाहरी संतुलन और कंपनियों की प्रॉफिटेबिलिटी पर सीधा असर पड़ सकता है।

बीते सप्ताह 8 प्रतिशत महंगा हुआ ब्रेंट क्रूड

एनरिच मनी के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) पोनमुडी आर का कहना है कि पिछले सप्ताह ब्रेंट कच्चे तेल की कीमत में 8 प्रतिशत से अधिक और वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) की कीमत में 9 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई। अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर चिंताओं ने वैश्विक ऊर्जा बाजार में भू-राजनीतिक जोखिम बढ़ा दिया है। नए हफ्ते में भी तेल की कीमतों पर फोकस रहेगा। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण कच्चे तेल की ऊंची कीमतें बाजार की धारणा पर लगातार दबाव डाल सकती हैं।

बाजार की नजर अमेरिका के आने वाले महंगाई आंकड़ों पर भी होगी। ये आंकड़े फेडरल रिजर्व की पॉलिसी और ग्लोबल मार्केट के सेंटीमेंट को लेकर उम्मीदें तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। अमेरिकी बॉन्ड पर यील्ड भी महंगाई के आंकड़ों से प्रभावित होगी।

नए हफ्ते में निफ्टी 50 के 23600-23500 के नीचे जाने की संभावना ज्यादा, ये शेयर करा सकते हैं अच्छी कमाई

FPI फिर बने सेलर

भारतीय शेयर बाजार में लगातार 2 महीने बायर रहने के बाद विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPI) सितंबर के पहले सप्ताह में फिर से सेलर बन गए। इस दौरान उन्होंने भारतीय शेयर बाजार से 7,443 करोड़ रुपये निकाले। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और डॉलर के मजबूत होने से विदेशी निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता प्रभावित हुई है। FPI ने इससे पहले जुलाई में भारतीय शेयरों में 20,200 करोड़ रुपये और अगस्त में 30,919 करोड़ रुपये का निवेश किया था। इससे पहले मार्च से जून तक लगातार 4 महीने सेलिंग की थी।

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

JLR Layoffs: टाटा मोटर्स की जगुआर लैंड रोवर में जाएंगी 4000 नौकरियां

टाटा मोटर्स की जगुआर लैंड रोवर ऑटोमोटिव पीएलसी (JLR) अगले दो सालों में 4,000 नौकरियां कम करने जा रही है। कंपनी बढ़ती लागत, गिरती बिक्री और अमेरिकी टैरिफ के असर जैसी चुनौतियों का सामना कर रही है। JLR ब्रिटेन की सबसे बड़ी कार कंपनी है। ‘द टाइम्स’ की रिपोर्ट के अनुसार, शुक्रवार देर रात कर्मचारियों को चेतावनी दी गई कि सोमवार को रिडंडेंसी प्रोग्राम (छंटनी) की घोषणा हो सकती है।

ब्लूमबर्ग के मुताबिक, एक बयान में कंपनी ने कहा है कि वह एक स्वैच्छिक छंटनी कार्यक्रम (वॉलंटरी रिडंडेंसी प्रोग्राम) शुरू कर रही है। कंपनी दो सालों में लगभग 2.3 अरब डॉलर की बचत करना चाहती है। बयान के अनुसार, JLR वैश्विक बाजार की स्थितियों को देखते हुए अपने ब्रेक-ईवन पॉइंट को घटाकर 300,000 गाड़ियां करना चाहती है। साथ ही अपने कारोबार को आसान बनाना चाहती है।

JLR दिए हुए है 33000 लोगों को रोजगार

JLR ब्रिटेन में लगभग 33,000 लोगों को रोजगार दिए हुए है। कंपनी की मालिक भारत की टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स लिमिटेड है। हाल की तिमाही में JLR का रेवेन्यू लगभग 10 प्रतिशत गिर गया। प्रॉफिट बिफोर टैक्स 69 प्रतिशत घटकर 10.9 करोड़ पाउंड रह गया। कंपनी की पहली इलेक्ट्रिक रेंज रोवर इस महीने की शुरुआत में बिक्री के लिए आई। यह बाजार की सबसे महंगी इलेक्ट्रिक SUV में से एक है।

PayPal Layoffs: फिनटेक कंपनी में छंटनी, भारत में निकाले 600 कर्मचारी

Volkswagen में और 50000 लोगों की छंटनी को मंजूरी

जर्मनी की फॉक्सवैगन में जल्द ही और 50000 नौकरियां जा सकती हैं। कंपनी के सुपरवाइजरी बोर्ड ने एक बदलाव योजना ‘फ्यूचर प्लान 2030’ को मंजूरी दी है। इसमें 50,000 और नौकरियां खत्म करना, 2035 तक अपने व्हीकल मॉडल लाइनअप को आधा करना और 2027-2031 के दौरान कैपिटल खर्च को 16 प्रतिशत तक कम करना जैसी 12 पहलें शामिल हैं। 50,000 नौकरियां कम करने पर सहमति पहले ही बन चुकी थी और प्रक्रिया चल रही है। अब दुनियाभर में लगभग और 50,000 नौकरियां कम करने के प्लान को मंजूरी मिल गई है।

इसके अलावा फॉक्सवैगन ग्रुप की भारतीय यूनिट अपने 3 साल के रीस्ट्रक्चरिंग प्लान को तेज कर रही है। इसके कारण कंपनी की लगभग 12 प्रतिशत वर्कफोर्स कम हो जाएगी। स्कोडा ऑटो फॉक्सवैगन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने 2025 में बदलाव की प्रक्रिया शुरू की थी। अब 2027 तक तेजी से छंटनी करने की तैयारी है।

Upcoming IPOs: इस हफ्ते मेनबोर्ड सेगमेंट में 12 नए इश्यू, ₹7100 करोड़ से ज्यादा जुटाने की होगी कोशिश

7 सितंबर से शुरू हो रहा हफ्ता IPO के लिहाज से ब्लॉकबस्टर होने वाला है। नए हफ्ते में 16 नए पब्लिक इश्यू खुलने जा रहे हैं। इनमें से 12 मेनबोर्ड सेगमेंट से हैं। ये 12 कंपनियां 7100 करोड़ रुपये से ज्यादा जुटाने की कोशिश करेंगी। लिस्ट में रेंटोमोजो, कनोहर इलेक्ट्रिकल्स, करमतारा इंजीनियरिंग, मणिपाल पेमेंट, एसेट रीकंस्ट्रक्शन कंपनी जैसे नाम भी शामिल हैं। अकेले 9 सितंबर को मेनबोर्ड सेगमेंट में 6 नए IPO खुलने वाले हैं।

Pranav Constructions IPO: ₹351.03 करोड़ का इश्यू 7 सितंबर को खुलेगा और 9 सितंबर को बंद होगा। इसमें ₹118-₹124 प्रति शेयर के भाव पर बोली लगा सकते हैं। लॉट साइज 120 शेयर है। कंपनी की लिस्टिंग NSE और BSE पर 15 सितंबर को हो सकती है।

Kanohar Electricals IPO: कंपनी ₹1,055.74 करोड़ जुटाना चाहती है। IPO 8 सितंबर को ओपन होगा। इसमें 10 सितंबर तक ₹601-₹632 प्रति शेयर के भाव पर और 23 शेयरों के लॉट में 10 सितंबर तक पैसे लगा सकेंगे। कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 16 सितंबर को लिस्ट होने की उम्मीद है।

Glass Wall Systems IPO: ₹427.89 करोड़ का यह इश्यू भी 8 सितंबर को खुल रहा है। क्लोजिंग 10 सितंबर को होगी। इसमें ₹172-₹182 प्रति शेयर के भाव पर और 82 शेयरों के लॉट में निवेश कर सकते हैं। कंपनी NSE और BSE पर 16 सितंबर को लिस्ट हो सकती है।

Prasol Chemicals IPO: यह 8 सितंबर को खुलेगा और 10 सितंबर को बंद होगा। कंपनी का इरादा ₹500 करोड़ जुटाने का है। बोली लगाने के लिए प्राइस बैंड ₹643-₹676 प्रति शेयर और लॉट साइज 22 शेयर है। शेयर NSE और BSE पर 16 सितंबर को शुरुआत कर सकते हैं।

Rentomojo IPO: ₹1,255.57 करोड़ का पब्लिक इश्यू 9 सितंबर को खुलेगा और 11 सितंबर को बंद होगा। प्राइस बैंड ₹384-₹404 प्रति शेयर और लॉट साइज 37 शेयर है। कंपनी NSE और BSE पर 17 सितंबर को लिस्ट होने वाली है।

Manipal Payment & Identity Solutions IPO: कंपनी ₹805 करोड़ जुटाना चाहती है। यह इश्यू भी 9 सितंबर को खुल रहा है और 11 सितंबर को बंद होगा। बोली ₹322-₹339 प्रति शेयर के भाव पर और 44 शेयरों के लॉट में लगा सकते हैं। कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 17 सितंबर को शुरुआत कर सकते हैं।

LCC Projects IPO: यह इश्यू 9 सितंबर को खुल रहा है। साइज ₹427.14 करोड़ है। प्राइस बैंड ₹139-₹146 प्रति शेयर और लॉट साइज 102 शेयर है। इश्यू की क्लोजिंग 11 सितंबर को होगी, जिसके बाद शेयरों की लिस्टिंग NSE और BSE पर 17 सितंबर को होने वाली है।

Asset Reconstruction Company IPO: यह 9 सितंबर को ओपन होगा। प्राइस बैंड ₹132-₹139 प्रति शेयर है। लॉट साइज 107 शेयर है। इश्यू की क्लोजिंग 11 सितंबर को होने वाली है। कंपनी ₹732.97 करोड़ जुटाना चाहती है। शेयर NSE और BSE पर 17 सितंबर को लिस्ट होने की उम्मीद है।

Steamhouse IPO: 9 सितंबर को खुलने जा रहा यह इश्यू ₹414 करोड़ का है। इसके लिए अभी प्राइस बैंड तय नहीं हुआ है। इश्यू की क्लोजिंग 11 सितंबर को होगी, जिसके बाद शेयरों की लिस्टिंग NSE और BSE पर 17 सितंबर को होगी।

Karamtara Engineering IPO: ₹875 करोड़ के इश्यू में 9 सितंबर से लेकर 11 सितंबर तक पैसे लगाए जा सकेंगे। निवेश ₹241-₹254 प्रति शेयर के भाव पर और 59 शेयरों के लॉट में कर सकते हैं। कंनी NSE और BSE पर 17 सितंबर को लिस्ट होगी।

Veegaland Developers IPO: यह 10 सितंबर को खुलेगा। साइज ₹210 करोड़ है। 15 सितंबर तक ₹130-₹140 प्रति शेयर के प्राइस बैंड में निवेश कर सकेंगे। लॉट साइज 107 शेयर है। शेयर NSE और BSE पर 18 सितंबर को शुरुआत कर सकते हैं।

Manika Plastech IPO: यह 11 सितंबर को खुलेगा और 16 सितंबर को बंद होगा। इसमें ₹92.50 करोड़ के नए शेयर जारी होंगे। साइज, प्राइस बैंड, लॉट साइज अभी फाइनल नहीं है। कंपनी NSE और BSE पर 21 सितंबर को लिस्ट हो सकती है।

मेनबोर्ड सेगमेंट में 3 कंपनियों की होगी लिस्टिंग

नए सप्ताह में शेयर बाजार में 9 कंपनियों के शेयर लिस्ट होने वाले हैं। इनमें से 3 कंपनियां मेनबोर्ड सेगमेंट की हैं। 7 सितंबर को NSE और BSE पर Purple Style Labs के शेयर लिस्ट होंगे। इसके बाद 8 सितंबर को NSE और BSE पर Deepa Jewellers, Rays of Belief के शेयर अपनी शुरुआत करेंगे।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

FPI फिर बने सेलर, सितंबर के पहले हफ्ते में भारतीय शेयरों से निकाले ₹7443 करोड़

भारतीय शेयर बाजार में लगातार 2 महीने बायर रहने के बाद विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPI) सितंबर के पहले सप्ताह में फिर से सेलर बन गए। इस दौरान उन्होंने भारतीय शेयर बाजार से 7,443 करोड़ रुपये निकाले। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और डॉलर के मजबूत होने से विदेशी निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता प्रभावित हुई है। FPI ने इससे पहले जुलाई में भारतीय शेयरों में 20,200 करोड़ रुपये और अगस्त में 30,919 करोड़ रुपये का निवेश किया था। इससे पहले मार्च से जून तक लगातार 4 महीने सेलिंग की थी।

सेंट्रल डिपॉजिटरी सर्विसेज (इंडिया) लिमिटेड (CDSL) के आंकड़ों के अनुसार, सितंबर के पहले सप्ताह में की गई सेलिंग के बाद 2026 में भारतीय शेयर बाजार में FPI की कुल सेलिंग बढ़कर 2.32 लाख करोड़ रुपये हो गई है। साल 2025 में उन्होंने 1.66 लाख करोड़ रुपये की सेलिंग की थी।

एक्सपर्ट्स की राय

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, यस सिक्योरिटीज के चीफ इनवेस्टमेंट ऑफिसर राजकुमार राठी का कहना है कि हाल में FPI की बिकवाली के पीछे कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी प्रमुख कारकों में से एक है। इससे भारत में महंगाई और चालू खाते की स्थिति को लेकर चिंता बढ़ी है। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड बढ़ने और डॉलर सूचकांक के मजबूत बने रहने से उभरते बाजारों के प्रति विदेशी निवेशकों की जोखिम लेने की धारणा कमजोर हुई है।

जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इनवेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वी के विजयकुमार का कहना है कि आने वाले समय में वैश्विक बॉन्ड यील्ड FPI के रुख को तय करने वाला प्रमुख फैक्टर होगी। बजाज ब्रोकिंग के डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट (रिसर्च) पबित्रो मुखर्जी के मुताबिक, ब्रेंट कच्चे तेल की कीमतें, अमेरिका-ईरान के बीच बदलते भू-राजनीतिक घटनाक्रम और अमेरिकी महंगाई के आगामी आंकड़े विदेशी निवेशकों के फ्लो को प्रभावित करेंगे। अमेरिका के केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की सितंबर के मध्य में होने वाली मौद्रिक नीति बैठक भी बाजार के लिए महत्वपूर्ण होगी।

नए हफ्ते में निफ्टी 50 के 23600-23500 के नीचे जाने की संभावना ज्यादा, ये शेयर करा सकते हैं अच्छी कमाई

बॉन्ड मार्केट में भी की सेलिंग

सितंबर के पहले सप्ताह में FPI ने ऋण या बॉन्ड बाजार में भी बिकवाली की है। इस दौरान उन्होंने फुली एक्सेसिबल रूट (FAR) के तहत 377 करोड़ रुपये और वॉलंटरी रिटेंशन रूट (VRR) के जरिए 231 करोड़ रुपये निकाले। वहीं, जनरल रूट के तहत 217 करोड़ रुपये का निवेश किया।

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Mobiles Ban in temple: तमिलनाडु के मंदिरों में मोबाइल बैन का असर! फोन जमा कराने के बाद युवाओं ने बनाई दूरी, श्रद्धालुओं की संख्या 20% तक घटी

Mobiles Ban in Tamil Nadu temple: तमिलनाडु के प्रमुख मंदिरों में मोबाइल बैन का एक हैरान करने वाला नतीजा सामने आया है। फोन पर रोक का असर अब युवा श्रद्धालुओं की संख्या पर दिखाई देने लगा है। 1 सितंबर से राज्य के 52 प्रमुख मंदिरों में स्मार्टफोन ले जाने पर बैन लगाया गया है। इसके बाद कांचीपुरम स्थित देवराजस्वामी मंदिर में युवाओं की संख्या कम होने और कुल श्रद्धालुओं की संख्या में करीब 20 फीसदी तक गिरावट की बात सामने आई है। एक रिसर्च रिपोर्ट में एक बात सामने आई है कि सेल्फी और कॉन्टेंट क्रिएशन के लिए जाने वाले तमिलनाडु के युवाओं ने मंदिर जाना कम कर दिया है

‘दैनिक भास्कर’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, मंदिर प्रशासन का कहना है कि वह अपनी ओर से कोई नया नियम लागू नहीं कर रहा। बल्कि मद्रास हाई कोर्ट के पुराने आदेश को लागू कर रहा है। मंदिर परिसर में मोबाइल फोन जमा कराने के लिए काउंटर बनाए गए हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि पहले जहां युवाओं की अच्छी संख्या नजर आती थी, अब बुजुर्ग श्रद्धालु ज्यादा दिखाई दे रहे हैं।

फोन बैन के बाद बदला मंदिर का नजारा

कांचीपुरम के देवराजस्वामी मंदिर में पहले कई युवा दर्शन के साथ-साथ सेल्फी, वीडियो और सोशल मीडिया के लिए कंटेंट बनाने आते थे। मोबाइल जमा कराने की व्यवस्था लागू होने के बाद युवाओं की मौजूदगी कम दिखाई देने लगी है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि मोबाइल जमा कराने वाले काउंटर पर शुरुआती दिनों में लंबी कतारें भी लगीं। हालांकि, अब वहां भी युवाओं की तुलना में बुजुर्ग श्रद्धालुओं की संख्या अधिक दिखाई दे रही है। मंदिर प्रशासन के अनुसार, श्रद्धालुओं की संख्या में करीब 20 फीसदी तक कमी देखी गई है।

‘हाई कोर्ट के आदेश का कर रहे पालन’

मंदिर प्रशासन के अधिकारी आर. गणेशन ने फोन बैन का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि मंदिरों में भक्तों की संख्या कम होने की एक वजह युवाओं का कम आना हो सकती है। लेकिन मंदिर की पवित्रता के साथ समझौता नहीं किया जा सकता। उनके मुताबिक, यह फैसला मंदिर प्रशासन ने अपनी तरफ से नहीं लिया है। मद्रास हाई कोर्ट के दिसंबर 2022 के आदेश के तहत मंदिरों में मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर रोक लागू की जा रही है।

क्यों लगाया गया मोबाइल पर प्रतिबंध?

मंदिरों में मोबाइल फोन के इस्तेमाल को लेकर लंबे समय से शिकायतें सामने आती रही हैं। खासतौर पर सेल्फी, फोटो, वीडियो और रील्स बनाने को लेकर मंदिर प्रशासन और श्रद्धालुओं की आपत्तियां रही हैं। सरकार और मंदिर प्रशासन का तर्क है कि मोबाइल फोन की वजह से मंदिरों का आध्यात्मिक माहौल प्रभावित होता है। कई श्रद्धालु दर्शन के बजाय फोटो और सोशल मीडिया कंटेंट बनाने में व्यस्त रहते हैं। इसी वजह से मंदिरों की पवित्रता और शांत वातावरण बनाए रखने के लिए यह व्यवस्था लागू की गई है।

23 साल के अरुण ने कहा- फोन के बिना अनुभव अधूरा

भास्कर की रिपोर्ट में 23 वर्षीय अरुण कुमार का उदाहरण दिया गया है। वह तीन दोस्तों के साथ मंदिर पहुंचे थे। उन्हें मंदिर में मोबाइल जमा कराने के नियम की जानकारी थी। लेकिन उन्होंने इसे लेकर असहमति जताई। अरुण के मुताबिक, मंदिर और परंपरा को समझने के लिए सिर्फ दर्शन ही काफी नहीं हैं।

आज के दौर में लोग मंदिरों की वास्तुकला और माहौल की तस्वीरें लेकर उन्हें सोशल मीडिया पर शेयर करते हैं। उनका कहना था कि फोन के बिना उन्हें मंदिर आने का अनुभव अधूरा लगता है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर फोन रखने के लिए कुछ रुपये देने पड़ें और उसके बाद फोटो या रिकॉर्डिंग भी न कर सकें तो वे ऐसे मंदिर जाना पसंद करेंगे जहां मोबाइल को लेकर इतने सख्त नियम न हों।

19 साल की प्रिया को भी हुई परेशानी

रिपोर्ट में 19 वर्षीय प्रिया राजेश का भी जिक्र है। वह अपने परिवार के साथ मंदिर पहुंची थीं। मोबाइल जमा कराने के लिए काउंटर पर देने के बाद वह मंदिर के अंदर चली गईं। प्रिया के मुताबिक, वह दर्शन के लिए आई थीं। लेकिन मंदिर के अंदर फोन ले जाने की अनुमति नहीं थी। उन्होंने कहा कि अगर फोन अंदर ले जाने की इजाजत होती तो वह मंदिर की तस्वीरें ले सकती थीं और बाद में उन्हें सोशल मीडिया पर शेयर कर सकती थीं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब मंदिर इतना सुंदर है तो उसकी तस्वीरें क्यों नहीं ली जा सकतीं? साथ ही उन्होंने कहा कि आज के दौर में युवाओं को मंदिरों से जोड़ने के बजाय इस तरह के नियम उन्हें दूर कर सकते हैं।

5 रुपये में जमा हो रहा है मोबाइल

52 मंदिरों में मोबाइल लेकर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए जमा काउंटर बनाए गए हैं। कई जगह प्रति मोबाइल 5 रुपये शुल्क लिया जा रहा है। हालांकि यह शुल्क हर मंदिर में अनिवार्य नहीं है। इसे लेकर मंदिरों को व्यवस्था के अनुसार निर्णय लेने की छूट दी गई है। मोबाइल फोन की सुरक्षा के लिए मंदिरों में लॉकर/डिपॉजिट काउंटर बनाए गए हैं। अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया है कि मोबाइल जमा कराने या वापस लेने के लिए श्रद्धालुओं को बहुत देर तक कतार में न खड़ा होना पड़े।

एक अहम छूट भी लागू

मोबाइल बैन पूरी तरह हर तरह के फोन पर लागू नहीं है। बिना कैमरे वाले सामान्य मोबाइल फोन को लेकर अलग व्यवस्था है। ऐसे फोन अंदर ले जाने की अनुमति दी गई है। प्रतिबंध मुख्य रूप से कैमरा वाले स्मार्टफोन पर है। इसके अलावा बाद में तमिलनाडु के HR&CE मंत्री एस. रमेश ने स्पष्ट किया कि गर्भवती महिलाओं, छोटे बच्चों को साथ लेकर चलने वाली महिलाओं, बुजुर्गों और दिव्यांग लोगों को इस प्रतिबंध से छूट दी जाएगी। भारी भीड़ वाले त्योहारों के दिनों में भी मोबाइल जमा कराने को लेकर अलग व्यवस्था की जा सकती है।

क्या दूसरे मंदिरों में भी दिखेगा असर?

तमिलनाडु के कई बड़े मंदिरों में पहले से ही मोबाइल फोन पर प्रतिबंध या सीमाएं लागू थीं। अब 52 प्रमुख मंदिरों में इस व्यवस्था को लागू किया गया है। तिरुचि में भी श्रद्धालुओं ने नियम का स्वागत किया। हालांकि उन्होंने अधिक डिपॉजिट काउंटर और बेहतर व्यवस्था की मांग की है। तमिलनाडु सरकार ने राज्य भर के 52 मंदिरों में भक्तों के स्मार्टफोन ले जाने पर रोक लगा दी है। यह रोक मंगलवार, 1 सितंबर से लागू हो गई है।

ये भी पढ़ें- Iran-America War Update: अमेरिका-ईरान की जंग ने लिया खतरनाक मोड़! ईरानी सेना ने बैलिस्टिक मिसाइलों से अमेरिकी युद्धपोतों को बनाया निशाना

क्यों लगाया गया बैन?

हिंदू धार्मिक और धर्मार्थ बंदोबस्ती (HR&CE) विभाग ने यह आदेश इसलिए जारी किया ताकि भक्त मंदिर परिसर के अंदर फोटो और वीडियो न ले सकें। HR&CE मंत्री रमेश ने पिछले सप्ताह इस रोक की घोषणा करते हुए कहा था कि जिन भक्तों को मंदिर के अंदर स्मार्टफोन ले जाने की जरूरत है, उन्हें प्रति फोन 5 रुपये का चार्ज देना होगा। जो भक्त अपने फोन जमा करना चाहेंगे, उनके लिए मंदिरों में लॉकर की सुविधा दी जाएगी। बिना कैमरे वाले फोन को बिना किसी रोक-टोक के मंदिर के अंदर ले जाने की अनुमति होगी।

मंत्री के अनुसार, यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि भक्त शांति से प्रार्थना कर सकें। HR&CE विभाग ने साफ किया कि 5 रुपये का शुल्क कमाई करने के लिए नहीं है। बल्कि इसका इस्तेमाल लॉकर और उससे जुड़ी सुविधाओं के रखरखाव के लिए किया जाएगा। हालांकि, इस रोक से मंदिर के कर्मचारियों के मन में भक्तों द्वारा जमा किए गए फोन की सुरक्षा की जिम्मेदारी को लेकर चिंता पैदा हो गई है।

Swiggy में BNP पारिबा और गोल्डमैन सैक्स ने खरीदे ₹1041 करोड़ के शेयर, सोमवार को बड़े उछाल की उम्मीद

ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म स्विगी के शेयरों में सोमवार, 6 सितंबर को बड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। इसकी वजह है बड़ी संख्या में हुई शेयरों की खरीद-फरोख्त। शुक्रवार, 4 सितंबर को BNP पारिबा और गोल्डमैन सैक्स ने स्विगी में 1,041 करोड़ रुपये से ज्यादा के शेयर खरीदे। ट्रांजेक्शन ओपन मार्केट के जरिए हुए। शेयरों को 276.10 रुपये प्रति शेयर के भाव पर खरीदा गया।

BNP पारिबा फाइनेंशियल मार्केट्स ने 491.99 करोड़ रुपये में 1.78 करोड़ शेयर खरीदे, जबकि गोल्डमैन सैक्स इनवेस्टमेंट्स मॉरीशस I ने 549.01 करोड़ रुपये में 1.98 करोड़ शेयर खरीदे। दोनों की ओर से स्विगी में कुल मिलाकर 1.36 प्रतिशत हिस्सेदारी की खरीद की गई। स्विगी के शेयर की कीमत शुक्रवार को BSE पर 276.20 रुपये पर बंद हुई।

कंपनी का मार्केट कैप 76200 करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर की फेस वैल्यू 1 रुपये है। यह BSE 200 इंडेक्स का हिस्सा है। शेयर साल 2026 में अब तक 29 प्रतिशत नीचे आया है। एक साल में कीमत लगभग 35 प्रतिशत गिरी है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक पब्लिक शेयरहोल्डर्स के पास 94.92 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।

Swiggy पर ब्रोकरेज की राय

ब्रोकरेज CLSA ने स्विगी के स्टॉक के लिए रेटिंग को “एक्युमुलेट” से घटाकर “होल्ड” कर दिया है। टारगेट प्राइस 357 रुपये से घटाकर 318 रुपये प्रति शेयर कर दिया है। JM फाइनेंशियल ने भी रेटिंग को “रिड्यूस” से घटाकर “सेल” कर दिया है। प्राइस टारगेट 250 रुपये रखा है। मैक्वेरी ने शेयर के लिए 230 रुपये के टारगेट प्राइस के साथ “अंडरपरफॉर्म” रेटिंग बरकरार रखी है। मोतीलाल ओसवाल ने ‘बाय’ रेटिंग के साथ 350 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है।

HSBC ने स्विगी के शेयर के लिए “होल्ड” रेटिंग और 300 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। मॉर्गन स्टेनली ने “इक्वलवेट” रेटिंग दी है। टारगेट 322 रुपये सेट किया है। नोमुरा ने स्विगी के लिए “बाय” रेटिंग दी है और प्राइस टारगेट 435 रुपये प्रति शेयर है।

Dividend Stock: केबल और कंडक्टर कंपनी देगी ₹60 का डिविडेंड, 14 सितंबर रिकॉर्ड डेट; 2026 में अब तक कीमत डबल

जून तिमाही में घाटे में 34 प्रतिशत की कमी

स्विगी का अप्रैल-जून 2026 तिमाही में कंसोलिडेटेड बेसिस पर शुद्ध घाटा सालाना आधार पर 34 प्रतिशत घटकर 791 करोड़ रुपये रहा। ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 37 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 6,812 करोड़ रुपये हो गया। खर्च बढ़कर 7,813 करोड़ रुपये के हो गए। फूड डिलीवरी बिजनेस की ग्रॉस ऑर्डर वैल्यू पिछले साल के मुकाबले 17.4 प्रतिशत बढ़ी। इंस्टामार्ट की नेट ऑर्डर वैल्यू साल-दर-साल 38.9 प्रतिशत बढ़ी।

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Karamtara Engineering IPO: ₹875 करोड़ के इश्यू में 9 सितंबर से लगा सकेंगे पैसे; चेक करें प्राइस बैंड, GMP जैसी डिटेल

करमतारा इंजीनियरिंग अपना ₹875 करोड़ का IPO ला रही है। यह 9 सितंबर को खुलने वाला है। क्लोजिंग 11 सितंबर को होगी। इसमें ₹675 करोड़ के 2.66 करोड़ नए शेयर जारी होंगे। साथ ही ₹200 करोड़ के 78.74 लाख शेयरों का ऑफर फॉर सेल (OFS) रहेगा। OFS में कंपनी के प्रमोटर तनवीर सिंह और राजीव सिंह शेयरों को बिक्री के लिए रखेंगे। एंकर निवेशक 8 सितंबर को बोली लगा सकेंगे। इस पब्लिक इश्यू में ₹241-₹254 प्रति शेयर के प्राइस बैंड में और 59 शेयरों के लॉट में पैसे लगा सकते हैं।

IPO बंद होने के बाद अलॉटमेंट 15 सितंबर को फाइनल होगा। कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 17 सितंबर को शुरुआत करेंगे। करमतारा इंजीनियरिंग लिमिटेड रिन्यूएबल एनर्जी और ट्रांसमिशन लाइंस के लिए प्रोडक्ट बनाती है। कंपनी कई तरह के प्रोडक्ट्स की पेशकश करती है। यह सोलर स्ट्रक्चर (फिक्स्ड-टिल्ट और ट्रैकर); सोलर एनर्जी और ट्रांसमिशन सेक्टर के लिए फास्टनर; और ओवरहेड ट्रांसमिशन लाइन हार्डवेयर फिटिंग्स के लिए वन-स्टॉप शॉप के तौर पर काम करती है।

कंपनी विंड टर्बाइन के लिए ट्यूबलर टावर बनाने की मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी के साथ विंड एनर्जी सेक्टर में भी कदम रख रही है। करमतारा इंजीनियरिंग उत्तरी अमेरिका, यूरोप, एशिया, अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और लैटिन अमेरिका के 50 से ज्यादा देशों को एक्सपोर्ट भी करती है। कंपनी के प्रमोटर तनवीर सिंह, राजीव सिंह, इंद्रजीत सिंह, इंद्रजीत तनवीर सिंह ट्रस्ट और इंद्रजीत राजीव सिंह ट्रस्ट हैं।

IPO के पैसे कैसे होंगे इस्तेमाल

IPO में 50 प्रतिशत हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए, 15 प्रतिशत हिस्सा नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए और 35 प्रतिशत हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व है। कंपनी IPO में नए शेयर जारी कर होने वाली कमाई का इस्तेमाल कर्ज चुकाने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए करेगी। JM फाइनेंशियल, ICICI सिक्योरिटीज और IIFL कैपिटल सर्विसेज इस इश्यू के लिए बुक रनिंग लीड मैनेजर हैं। रजिस्ट्रार MUFG इनटाइम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड है।

Kanohar Electricals IPO: ट्रांसफॉर्मर कंपनी की 16 साल बाद शेयर बाजार में वापसी, ₹1056 करोड़ का IPO 8 सितंबर से

Karamtara Engineering की वित्तीय सेहत

वित्त वर्ष 2025-26 में करमतारा इंजीनियरिंग का रेवेन्यू 36 प्रतिशत बढ़कर ₹4,316.36 करोड़ हो गया। शुद्ध मुनाफा 64 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ ₹228.75 करोड़ हो गया। इस बीच कंपनी पर ₹1,030.13 करोड़ की उधारी थी। एक साल पहले रेवेन्यू ₹3,165.36 करोड़ और शुद्ध मुनाफा ₹139.33 करोड़ था। ग्रे मार्केट में कंपनी का शेयर 19.69 प्रतिशत प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। ग्रे मार्केट एक अनऑथराइज्ड मार्केट है, जहां​ किसी कंपनी के शेयर उसकी लिस्टिंग तक ट्रेड करते हैं।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Iran-America War Update: अमेरिका-ईरान की जंग ने लिया खतरनाक मोड़! ईरानी सेना ने बैलिस्टिक मिसाइलों से अमेरिकी युद्धपोतों को बनाया निशाना

Iran-America War Update: ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध एक बार फिर बेहद गंभीर स्तर पर पहुंच गया है। ईरान ने दावा किया है कि उसकी सेना इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने एक अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर और अमेरिकी नौसेना के डिस्ट्रॉयर पर कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागी है। इस खतरनाख हमले से ईरान के आसपास के समुद्री इलाकों में तेहरान और वाशिंगटन के बीच तनाव और बढ़ गया है। ‘अल जजीरा’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, IRGC ने कहा कि दो अमेरिकी युद्धपोतों को इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि वे ईरानी जहाजों को परेशान कर रहे थे। ईरानी नौसैनिक नाकेबंदी में शामिल थे।

ईरानी सेना ने दावा किया कि मिसाइल हमले से जहाजों को नुकसान पहुंचा और उसके बाद दोनों युद्धपोत उस इलाके से चले गए। ‘अल जजीरा’ के हवाले से तस्नीम न्यूज एजेंसी ने IRGC के दावे की रिपोर्ट दी कि दोनों जहाज नुकसान पहुंचने और आगे के हमलों के डर से संघर्ष वाले इलाके से भागने को मजबूर हुए। ईरान का यह दावा उस समय आया है जब इस इलाके में सैन्य और कमर्शियल जहाजों के बीच हमलों का दौर चल रहा है, जो ईरानी तेल टैंकरों पर अमेरिकी हमलों के बाद शुरू हुआ।

IRGC ने और कड़े हमले की चेतावनी दी

IRGC ने अमेरिकी सेंट्रल कमांड के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर की पहले की चेतावनी का भी जिक्र किया, जिन्होंने कहा था, “अगर आप हमारे दो जहाजों पर गोली चलाते हैं, तो हम और भी भारी आर्थिक कीमत वसूलेंगे। आपके तीन जहाजों को नष्ट कर देंगे।” IRGC ने इस बयान का हवाला देते हुए चेतावनी दी कि अगर ईरानी शिपिंग के खिलाफ अमेरिकी सैन्य कार्रवाई जारी रहती है, तो इसका और भी जोरदार जवाब दिया जा सकता है।

अल जजीरा की रिपोर्ट मुताबिक, IRGC ने कहा, “अगर अमेरिका अपनी दुश्मनी भरी और आक्रामक कार्रवाई जारी रखता है, तो अमेरिकी सरकार को इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान की सशस्त्र सेनाओं से कड़े जवाब की उम्मीद करनी चाहिए। हम पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हैं।”

अमेरिका का पलटवार

अमेरिकी सैन्य अधिकारियों के अनुसार, अमेरिका की सेना ने ईरान के तीन तेल टैंकरों को निशाना बनाकर उन्हें नष्ट कर दिया है। जारी किए गए वीडियो में अमेरिकी लड़ाकू विमान ईरानी टैंकर KYLO पर अटैक कर रहे हैं। इसके बाद टैंकर में भीषण आग और भारी क्षति होती दिखती है। रविवार सुबह US सेंट्रल कमांड ने एक वीडियो जारी किया जिसमें अमेरिकी सेना ओमान की खाड़ी में ईरान के एक ऑयल टैंकर को डुबोती हुई दिखाई दे रही है।

यह दशकों में ईरान के पेट्रोलियम इंफ्रास्ट्रक्चर के खिलाफ की गई सबसे अहम सैन्य कार्रवाइयों में से एक है। US सेंट्रल कमांड ने पुष्टि की कि कोमोरोस के झंडे वाले M/T काइलो (जिसे नॉक्सन के नाम से भी जाना जाता है) को तब नष्ट कर दिया गया, जब उसके क्रू ने जहाज को छोड़ दिया था।

अमेरिकी हमलों के बाद ईरान ने जहाजों को निशाना बनाया

ईरान के ये ताजा दावे तीन ईरानी तेल टैंकरों पर अमेरिकी हमलों के बाद आए हैं। अमेरिकी सेना ने कहा कि अमेरिकी नौसेना के जहाजों पर बैलिस्टिक मिसाइल से हमले के बाद उसकी सेना ने उन जहाजों पर हमला किया। न्यूज एजेंसी ‘रॉयटर्स’ की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने बाद में कहा कि उसने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरने वाले तीन टैंकरों को निशाना बनाया, जिन्हें उसने अनधिकृत रास्तों पर चलने वाला बताया था।

साथ ही तीन अन्य जहाजों को भी निशाना बनाया जिनके बारे में उसने आरोप लगाया कि वे अमेरिका से जुड़े थे। ईरानी सेना ने यह भी चेतावनी दी है कि अगर वाशिंगटन ईरानी शिपिंग में दखल देना जारी रखता है, तो अमेरिकी सैन्य जहाजों पर हमले और भी गंभीर हो जाएंगे।

अमेरिका का कहना है कि जहाज ईरानी हमलों से बच निकले

वहीं, अमेरिकी सेना ने दावा किया है कि इलाके में काम करते समय एक अमेरिका का एयरक्राफ्ट कैरियर और डिस्ट्रॉयर ईरान के कई हमलों से बच निकले। ‘एसोसिएटेड प्रेस’ की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि इस झड़प में कोई भी अमेरिकी कर्मी घायल नहीं हुआ। इसके बाद अमेरिका ने कहा कि ईरान के तीन तेल टैंकरों को बेकार या नष्ट कर दिया गया है। एडमिरल कूपर ने चेतावनी दी कि वॉशिंगटन अमेरिकी सेना की रक्षा करेगा और जरूरत पड़ने पर ईरान के खुले में मौजूद तेल टैंकरों को निशाना बनाएगा।

पीएम मोदी ने की युद्ध खत्म करने की अपील

इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले सप्ताह ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान से कहा कि भारत पश्चिम एशिया में संघर्ष समाप्त करने के उद्देश्य से किए जा रहे सभी प्रयासों का समर्थन करता है। उन्होंने क्षेत्र में जहाजों की आवाजाही की स्वतंत्रता और नागरिकों तथा नागरिक बुनियादी ढांचे की सुरक्षा के महत्व पर भी जोर दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के शिखर सम्मेलन से इतर पेजेश्कियान के साथ बैठक की। फरवरी में ईरान-अमेरिका संघर्ष शुरू होने के बाद दोनों नेताओं के बीच यह पहली द्विपक्षीय वार्ता थी।

बैठक में PM मोदी ने ईरानी नेता से यह भी कहा कि भारत आने वाले समय में ईरान के साथ व्यापार के दायरे को बढ़ाना और उसमें विविधता लाना चाहता है। पेजेश्कियान ने पीएम मोदी से आग्रह किया कि वह अलग-अलग पक्षों के साथ भारत के व्यापक संपर्कों का इस्तेमाल करके उन्हें युद्ध और खून-खराबे के रास्ते से हटाकर बातचीत और समझौते के रास्ते पर लौटने में मदद करें।

विदेश मंत्रालय ने कहा कि दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया के संघर्ष पर चर्चा की और उभरती स्थिति पर अपने विचार साझा किए। मंत्रालय ने कहा कि प्रधानमंत्री ने क्षेत्र में बढ़ते तनाव पर चिंता जताई और भारत के इस रुख को दोहराया कि सभी मुद्दों को बातचीत और कूटनीति के ज़रिये सुलझाया जाना चाहिए।

प्रधानमंत्री मोदी ने इस क्षेत्र में स्थायी शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए लगातार कोशिशें जारी रखने की जरूरत पर भी ज़ोर दिया। एक बयान में कहा गया है कि प्रधानमंत्री ने ब्रिक्स और एससीओ जैसे बहुपक्षीय संगठनों में ईरान के साथ मिलकर काम करने के भारत के इरादे को दोहराते हुए कहा कि उन्हें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए राष्ट्रपति पेजेश्कियान का भारत में स्वागत करने का इंतजार है।

Volkswagen Layoffs: और 50000 लोगों की छंटनी को मंजूरी, भारतीय यूनिट 12% नौकरियों पर चलाएगी कैंची

जर्मनी की फॉक्सवैगन में जल्द ही और 50000 नौकरियां जा सकती हैं। कंपनी के सुपरवाइजरी बोर्ड ने एक बदलाव योजना ‘फ्यूचर प्लान 2030’ को मंजूरी दी है। इसमें 50,000 और नौकरियां खत्म करना, 2035 तक अपने व्हीकल मॉडल लाइनअप को आधा करना और 2027-2031 के दौरान कैपिटल खर्च को 16 प्रतिशत तक कम करना जैसी 12 पहलें शामिल हैं। कंपनी ने इसके पीछे ग्लोबल कॉम्पिटीशन, बदलती मांगों और टेक्नोलॉजी में बदलाव का हवाला दिया है।

फॉक्सवैगन यूरोप की सबसे बड़ी कार मेकर है। यह AG, Porsche और Audi की भी मालिक है। ब्लूमबर्ग के मुताबिक, यह फॉक्सवैगन के 89 साल के इतिहास में सबसे बड़ा रीस्ट्रक्चरिंग प्लान है। इसमें जर्मनी के उन 4 प्लांट के लिए दूसरे विकल्पों पर विचार करना भी शामिल है, जिनके मॉडल अगले दशक में खत्म हो जाएंगे। कंपनी के CEO ओलिवर ब्लूम ने एक बयान में कहा, “यह फॉक्सवैगन ग्रुप के भविष्य के लिए एक मजबूत संकेत है। हम अपने सभी कर्मचारियों, अपने पार्टनर्स और दुनिया भर में इंडस्ट्रियल जॉब्स के लिए जिम्मेदारी ले रहे हैं।”

AFP की रिपोर्ट के मुताबिक, फॉक्सवैगन के मैनेजमेंट और यूनियनों के बीच इस दशक के आखिर तक कुल 1,00,000 नौकरियां कम करने पर सहमति बन गई है। 50,000 नौकरियां कम करने पर सहमति पहले ही बन चुकी थी और प्रक्रिया चल रही है। अब दुनियाभर में लगभग और 50,000 नौकरियां कम करने के प्लान को मंजूरी मिल गई है।

तगड़ा दबाव झेल रही है Volkswagen

यह फ्यूचर प्लान ऐसे समय में आया है, जब फॉक्सवैगन पर हर तरफ से दबाव है। कंपनी एक ओर अमेरिका के इंपोर्ट टैरिफ और दूसरी तरफ कमजोर चीनी बाजार के बीच फंसी हुई है। फॉक्सवैगन का कहना है कि ग्लोबल वर्कफोर्स क्षमता में और बुनियादी बदलाव की जरूरत है।

Volkswagen India 12% जॉब करने वाली है कट

ब्लूमबर्ग की एक दूसरी रिपोर्ट में मामले की जानकारी रखने वालों के हवाले से कहा गया है कि फॉक्सवैगन ग्रुप की भारतीय यूनिट अपने 3 साल के रीस्ट्रक्चरिंग प्लान को तेज कर रही है। इसके कारण कंपनी की लगभग 12 प्रतिशत वर्कफोर्स कम हो जाएगी। कंपनी भारत में अपने अगले इन्वेस्टमेंट साइकिल से पहले लागत कम करना चाहती है। स्कोडा ऑटो फॉक्सवैगन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने 2025 में बदलाव की प्रक्रिया शुरू की थी। अब 2027 तक तेजी से छंटनी करने की तैयारी है। इसके तहत कुछ सौ व्हाइट-कॉलर और शॉप-फ्लोर नौकरियां खत्म हो सकती हैं।

PayPal Layoffs: फिनटेक कंपनी में छंटनी, भारत में निकाले 600 कर्मचारी

कहा जा रहा है कि इस बदलाव का मकसद फॉक्सवैगन के भारत में नेक्स्ट जनरेशन गाड़ियां लॉन्च करने से पहले कामकाज में करोड़ों डॉलर बचाना है। रिपोर्ट के मुताबिक, स्कोडा ऑटो फॉक्सवैगन इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO पीयूष अरोड़ा का कहना है, “वैसे तो हम अपनी वर्कफोर्स के बारे में अनुमानित आंकड़ों पर कोई टिप्पणी नहीं करते हैं, लेकिन अपनी भारतीय बिजनेस यूनिट्स में कामकाज को बेहतर बनाने की हमारी कोशिशें तेज हो रही हैं।”

यह भी कहा कि आगे चलकर कंपनी अपनी लोकल इंजीनियरिंग टीम को बढ़ा सकती है। साथ ही ग्रुप के लिए एक प्रमुख मैन्युफैक्चरिंग, इंजीनियरिंग और एक्सपोर्ट हब के तौर पर भारत में निवेश भी बढ़ा सकती है। भारत में दो दशक यानि कि 20 साल से ज्यादा समय बिताने के बाद भी फॉक्सवैगन की मौजूदगी अपेक्षाकृत कम है।

IPOs This Week: 7 सितंबर से शुरू हफ्ते में प्राइमरी मार्केट में सुनामी, खुलेंगे 15 नए इश्यू; साथ में 9 लिस्टिंग

7 सितंबर से शुरू हो रहे हफ्ते में IPO मार्केट में जबरदस्त एक्शन देखने को मिलेगा। ऐसा इसलिए क्योंकि 15 नए पब्लिक इश्यू खुलने जा रहे हैं। इनमें से 11 मेनबोर्ड सेगमेंट से हैं। अकेले 9 सितंबर को 9 IPO खुलने वाले हैं। इसके अलावा नए सप्ताह में पहले से खुले एक IPO में भी पैसे लगाने का मौका रहेगा। जहां तक स्टॉक मार्केट में नई लिस्ट होने वाली कंपनियों की बात है तो नए शुरू हो रहे सप्ताह में 9 कंपनियों के शेयर अपनी शुरुआत करने वाले हैं। इनमें से 3 कंपनियां मेनबोर्ड सेगमेंट की हैं। आइए जानते हैं डिटेल…

नए खुल रहे IPO

Pranav Constructions IPO: ₹351.03 करोड़ का इश्यू 7 सितंबर को खुलेगा और 9 सितंबर को बंद होगा। इसमें ₹118-₹124 प्रति शेयर के भाव पर बोली लगा सकते हैं। लॉट साइज 120 शेयर है। कंपनी की लिस्टिंग NSE और BSE पर 15 सितंबर को हो सकती है।

Apana Logistics IPO: ₹34.14 करोड़ का इश्यू 7 सितंबर को खुल रहा है। फाइनल इश्यू प्राइस ₹60 प्रति शेयर है। लॉट साइज 2000 शेयर है। इश्यू की क्लोजिंग 9 सितंबर को होगी। कंपनी के शेयर BSE SME पर 15 सितंबर को लिस्ट होंगे।

Kanohar Electricals IPO: कंपनी ₹1,055.74 करोड़ जुटाना चाहती है। IPO 8 सितंबर को ओपन होगा। इसमें 10 सितंबर तक ₹601-₹632 प्रति शेयर के भाव पर और 23 शेयरों के लॉट में 10 सितंबर तक पैसे लगा सकेंगे। कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 16 सितंबर को लिस्ट होने की उम्मीद है।

Prasol Chemicals IPO: यह 8 सितंबर को खुलेगा और 10 सितंबर को बंद होगा। कंपनी का इरादा ₹500 करोड़ जुटाने का है। बोली लगाने के लिए प्राइस बैंड ₹643-₹676 प्रति शेयर और लॉट साइज 22 शेयर है। शेयर NSE और BSE पर 16 सितंबर को शुरुआत कर सकते हैं।

Glass Wall Systems IPO: ₹427.89 करोड़ का यह इश्यू भी 8 सितंबर को खुल रहा है। क्लोजिंग 10 सितंबर को होगी। इसमें ₹172-₹182 प्रति शेयर के भाव पर और 82 शेयरों के लॉट में निवेश कर सकते हैं। कंपनी NSE और BSE पर 16 सितंबर को लिस्ट हो सकती है।

Rentomojo IPO: ₹1,255.57 करोड़ का पब्लिक इश्यू 9 सितंबर को खुलेगा और 11 सितंबर को बंद होगा। प्राइस बैंड ₹384-₹404 प्रति शेयर और लॉट साइज 37 शेयर है। कंपनी NSE और BSE पर 17 सितंबर को लिस्ट होने वाली है।

Asset Reconstruction Company IPO: यह 9 सितंबर को ओपन होगा। प्राइस बैंड ₹132-₹139 प्रति शेयर है। लॉट साइज 107 शेयर है। इश्यू की क्लोजिंग 11 सितंबर को होने वाली है। कंपनी ₹732.97 करोड़ जुटाना चाहती है। शेयर NSE और BSE पर 17 सितंबर को लिस्ट होने की उम्मीद है।

Manipal Payment & Identity Solutions IPO: कंपनी ₹805 करोड़ जुटाना चाहती है। यह इश्यू भी 9 सितंबर को खुल रहा है और 11 सितंबर को बंद होगा। बोली ₹322-₹339 प्रति शेयर के भाव पर और 44 शेयरों के लॉट में लगा सकते हैं। कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 17 सितंबर को शुरुआत कर सकते हैं।

LCC Projects IPO: यह इश्यू 9 सितंबर को खुल रहा है। साइज ₹427.14 करोड़ है। प्राइस बैंड ₹139-₹146 प्रति शेयर और लॉट साइज 102 शेयर है। इश्यू की क्लोजिंग 11 सितंबर को होगी, जिसके बाद शेयरों की लिस्टिंग NSE और BSE पर 17 सितंबर को होने वाली है।

Karamtara Engineering IPO: ₹875 करोड़ के इश्यू में 9 सितंबर से लेकर 11 सितंबर तक पैसे लगाए जा सकेंगे। निवेश ₹241-₹254 प्रति शेयर के भाव पर और 59 शेयरों के लॉट में कर सकते हैं। कंनी NSE और BSE पर 17 सितंबर को लिस्ट होगी।

Infrax Renewable IPO: यह 9 सितंबर को खुलेगा। फाइनल इश्यू प्राइस ₹104 प्रति शेयर और लॉट साइज 1,200 शेयर है। इश्यू का साइज ₹40.88 करोड़ रुपये है। 11 सितंबर को IPO बंद होने के बाद शेयर BSE SME पर 17 सितंबर को लिस्ट हो सकते हैं।

Amtech Esters IPO: कंपनी ₹17.88 करोड़ जुटाना चाहती है। यह IPO भी 9 सितंबर को खुलेगा और 11 सितंबर को बंद होगा। प्राइस बैंड ₹71-₹75 प्रति शेयर और लॉट साइज 1,600 शेयर है। BSE SME पर कंपनी की लिस्टिंग की तारीख 17 सितंबर है।

Vinod Texworld IPO: इश्यू ₹42.83 करोड़ का है। ओपनिंग 9 सितंबर को और क्लोजिंग 11 सितंबर को होगी। फाइनल इश्यू प्राइस ₹94 प्रति शेयर है। लॉट साइज 1,200 शेयर है। लिस्टिंग NSE SME पर होगी, जिसके लिए तारीख 17 सितंबर है।

Steamhouse IPO: 9 सितंबर को खुलने जा रहा यह इश्यू ₹414 करोड़ का है। इसके लिए अभी प्राइस बैंड तय नहीं हुआ है। इश्यू की क्लोजिंग 11 सितंबर को होगी, जिसके बाद शेयरों की लिस्टिंग NSE और BSE पर 17 सितंबर को होगी।

Veegaland Developers IPO: यह 10 सितंबर को खुलेगा। साइज ₹210 करोड़ है। 15 सितंबर तक ₹130-₹140 प्रति शेयर के प्राइस बैंड में निवेश कर सकेंगे। लॉट साइज 107 शेयर है। शेयर NSE और BSE पर 18 सितंबर को शुरुआत कर सकते हैं।

NSE के आईपीओ को सेबी की हरी झंडी, जानें किस तारीख को लिस्ट होंगे शेयर

पहले से खुला IPO

Qualiance International IPO: ₹45.11 करोड़ का पब्लिक इश्यू 4 सितंबर को खुला था। इसमें 8 सितंबर तक पैसे लगाने का मौका है। IPO अभी तक 13.78 गुना भरा है। प्राइस बैंड ₹120-₹127 प्रति शेयर और लॉट साइज 1,000 शेयर है। कंपनी NSE SME पर 11 सितंबर को लिस्ट हो सकती है।

इन कंपनियों की होगी लिस्टिंग

नए सप्ताह में 7 सितंबर को NSE और BSE पर Purple Style Labs के शेयर लिस्ट होंगे। इसी दिन NSE SME पर Ashutosh Fibre, Shanti Inorganics और BSE SME पर Phychem Technologies की लिस्टिंग हो सकती है। 8 सितंबर को NSE और BSE पर Deepa Jewellers, Rays of Belief के शेयर अपनी शुरुआत करेंगे। इसी दिन BSE SME पर Fly-Hi Maritime Travels और Farm Peace के शेयरों की लिस्टिंग होने की उम्मीद है। 11 सितंबर को NSE SME पर Qualiance International लिस्ट हो सकती है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।